IRDAI New Rules: पॉलिसीधारकों की बल्ले-बल्ले, डिस्ट्रीब्यूटर्स को झटका! जानिए IRDAI के नए प्रस्ताव से आपको कैसे होगा फायदा

IRDAI Commission & Expense Cap Impact: देश में बीमा सेक्टर तेजी से बढ़ा है, लेकिन जिस रफ्तार से लोगों की जेब से प्रीमियम का पैसा निकला है, उस रफ्तार से असली बीमा कवरेज का विस्तार नहीं हुआ है। दूसरी ओर, बीमा बेचने का खर्च और बिचौलियों का कमीशन इतनी तेजी से बढ़ा है कि यह सवाल उठने लगा था कि क्या ग्राहकों को उनके प्रीमियम का सही मूल्य मिल रहा है या नहीं?

इसी समस्या से निपटने के लिए भारतीय बीमा नियामक और विकास प्राधिकरण (IRDAI) ने इंश्योरेंस डिस्ट्रीब्यूशन रिफॉर्म्स पर एक कंसल्टेशन पेपर जारी किया है। नियामक ने बीमा कंपनियों के मैनेजमेंट खर्च (EoM) को घटाने के लिए 5 साल का रोडमैप प्रस्तावित किया है, साथ ही एजेंटों और कॉर्पोरेट एजेंटों के भारी-भरकम कमीशन पर नकेल कसने की तैयारी की है।

आइए आसान भाषा में समझते हैं कि IRDAI के इन कड़े प्रस्तावों से इंश्योरेंस सेक्टर पर क्या असर पड़ेगा, क्यों पॉलिसीधारकों को इसका सीधा फायदा मिलेगा और कंपनियों-बिचौलियों के लिए यह कितना बड़ा झटका है।

क्यों पड़ी सुधारों की जरूरत?

IRDAI के आंकड़ों से साफ जाहिर होता है कि पिछले एक दशक में भारत में इंश्योरेंस की पैठ में कोई खास सुधार नहीं हुआ है:

पॉलिसी की संख्या जस की तस: वित्त वर्ष 2016 में देश में करीब 266 लाख नई इंडिविजुअल लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसियां बिकी थीं, जो वित्त वर्ष 2025 में मामूली बढ़कर केवल 270 लाख हो पाईं। कुल इन-फोर्स पॉलिसियां भी 3,270 लाख के आसपास ही स्थिर बनी हुई हैं।

जीडीपी के बराबर ही ग्रोथ: देश की जीडीपी ग्रोथ दर पिछले 10 सालों में औसतन 10% रही है। इसी अवधि में लाइफ इंश्योरेंस 10% और जनरल इंश्योरेंस बिजनेस 13% की दर से बढ़ा है। यानी बढ़ती आमदनी के बावजूद इंश्योरेंस सेक्टर अर्थव्यवस्था से आगे निकलने में नाकाम रहा है।

2047 तक ‘सबके लिए बीमा’ का लक्ष्य काफी दूर: जनरल इंश्योरेंस में पॉलिसियों की संख्या तो बढ़ी है, लेकिन ‘2047 तक सबके लिए बीमा’ के राष्ट्रीय लक्ष्य को हासिल करने के हिसाब से यह रफ्तार काफी धीमी है।

बिजनेस का खर्च और कमीशन में भारी उछाल

जहां एक तरफ ग्राहकों की संख्या नहीं बढ़ रही थी, वहीं दूसरी तरफ बीमा कंपनियों और उनके एजेंटों के खर्च आसमान छू रहे थे:

ऊंचा कॉस्ट ऑफ डूइंग बिजनेस: लाइफ इंश्योरेंस कंपनियों का कॉस्ट ऑफ डूइंग बिजनेस (CoDB) 18% से 39% तक पहुंच गया है (LIC और SBI Life को छोड़कर, जिनका CoDB 10-12% है)। जनरल इंश्योरेंस में यह 20% से 48% के बीच है।

कमीशन में 125% से 173% का उछाल: वित्त वर्ष 2023 से 2025 के बीच कॉर्पोरेट एजेंटों (जैसे- बैंक और ऑनलाइन एग्रीगेटर्स) के जरिए आने वाला नया प्रीमियम 28% बढ़ा, लेकिन उनका कुल कमीशन और पेआउट 125% बढ़ गया! जनरल इंश्योरेंस ब्रोकर्स का प्रीमियम 37% बढ़ा, जबकि उनका कमीशन 173% तक उछल गया।

30-60% एक्स्ट्रा रिवॉर्ड्स: बेस कमीशन के अलावा ब्रोकर्स और एजेंटों को 30% से 60% तक का अतिरिक्त इंसेंटिव/रिवॉर्ड दिया जा रहा था, जिसका पूरा बोझ सीधे ग्राहकों के प्रीमियम पर पड़ रहा था।

IRDAI का नया फॉर्मूला: कितना घटेगा कंपनियों का खर्च?

IRDAI ने कंपनियों के मैनेजमेंट खर्च की सीमा घटाने का 5 साल का रोडमैप तैयार किया है:

लाइफ इंश्योरेंस कंपनियां: मौजूदा 30% की सीमा को घटाकर 2 साल के अंदर 15% और 5 साल के अंदर 12.5% पर लाना होगा।

जनरल इंश्योरेंस कंपनियां: मौजूदा सीमा को घटाकर 2 साल में 25% और 5 साल में 20% तक सीमित करना होगा।

प्रीमियम पेइंग टर्म के हिसाब से तय होगा कमीशन

ग्राहकों के लिए राहत की बात यह है कि अब पॉलिसी की अवधि के हिसाब से पहले साल का कमीशन फिक्स करने का प्रस्ताव है:

5 साल से कम पीपीटी (PPT): एजेंसियों के लिए अधिकतम कमीशन 5% और एजेंटों के लिए 6.25%।

5 साल का पीपीटी: एजेंसियों के लिए 10% और एजेंटों के लिए 12.5%।

6 से 8 साल का पीपीटी: एजेंसियों के लिए 14% और एजेंटों के लिए 17.5%।

10 साल या उससे अधिक का पीपीटी: एजेंसियों के लिए अधिकतम 20% और एजेंटों के लिए 25% तय होगा।

कंपनियों और डिस्ट्रीब्यूटर्स पर असर: क्यों मची भगदड़?

कमीशन और ऑपरेटिंग खर्चों पर नकेल कसने के प्रस्तावों से इंश्योरेंस डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों की कमाई पर सीधा असर पड़ेगा।

शेयरों में भारी गिरावट: इस प्रस्ताव के सामने आते ही पीबी फिनटेक (पॉलिसीबाजार) और टर्टलमिंट जैसे फिनटेक प्लेटफॉर्म्स के शेयरों व वैल्यूएशन में 35% से ज्यादा का भारी क्रैश दर्ज किया गया।

एजेंटों का उत्साह घट सकता है: आईआईएफएल (IIFL) की रिपोर्ट के अनुसार, कमीशन घटने से डिस्ट्रीब्यूटर्स का रुझान कम हो सकता है, जिससे नए बिजनेस वॉल्यूम और फ्रेश कैपिटल इनफ्लो पर अल्पकालिक असर देखने को मिल सकता है।

पॉलिसीधारकों को कैसे मिलेगा सीधा फायदा?

भले ही यह प्रस्ताव कंपनियों और एजेंटों के मार्जिन के लिए झटका हो, लेकिन आम ग्राहकों के लिए यह एक बहुत बड़ा वरदान साबित हो सकता है:

कम प्रीमियम और बेहतर रिटर्न: जब डिस्ट्रीब्यूशन और मैनेजमेंट कॉस्ट घटेगा, तो सेविंग्स पॉलिसियों (जैसे- एंडोमेंट या यूलिप) में ग्राहकों के प्रीमियम का बड़ा हिस्सा सीधे इन्वेस्टमेंट में जाएगा। इससे मैच्योरिटी पर ज्यादा रिटर्न मिलेगा।

सस्ती हो सकती हैं पॉलिसियां: ऑपरेटिंग कॉस्ट कम होने से कंपनियां इंश्योरेंस प्रोडक्ट्स के दाम यानी प्रीमियम रेट्स घटा सकती हैं।

क्लेम और सर्विस पर फोकस बढ़ेगा: अभी तक एजेंटों का ध्यान केवल नई पॉलिसी बेचने पर रहता था। IRDAI का जोर अब पॉलिसी पर्सिस्टेंसी, बेहतर सलाह और सुचारू क्लेम सेटलमेंट पर है।

शिकायतों में कमी: जनरल इंश्योरेंस में ‘बीमा भरोसा’ पोर्टल पर दर्ज शिकायतें FY23 में 78,347 से बढ़कर FY25 में 1,37,361 हो गई थीं, जिनमें से 69% शिकायतें केवल क्लेम से जुड़ी थीं। खर्चों पर लगाम लगने से कंपनियां क्लेम सर्विसिंग पर ज्यादा ध्यान दे पाएंगी।

Stocks to Watch: 25 सितंबर को Nykaa, PB Fintech, ESDS Software Solution समेत इन शेयरों में बड़े उतार-चढ़ाव के आसार

शुक्रवार, 25 सितंबर को कई शेयरों पर फोकस रहेगा। लिस्ट में नाइका, पीबी फिनटेक, व्हील्स इंडिया, आइनॉक्स ग्रीन एनर्जी, पर्पल स्टाइल लैब्स जैसे कई नाम शामिल हैं। इन शेयरों में बड़ी उठापटक दिख सकती है। वजह हैं- तिमाही नतीजे, कारोबार से जुड़े डेवलपमेंट्स, नई डील या कॉन्ट्रैक्ट, आदि। इसके अलावा शुक्रवार को SME सेगमेंट में एक कंपनी की लिस्टिंग होने वाली है। साथ ही 4 कंपनियों के शेयर एक्स-डिविडेंड और 2 कंपनियों के शेयर एक्स-स्प्लिट ट्रेड करने वाले हैं। आइए डिटेल में जानते हैं किन प्रमुख शेयरों पर रहेगी नजर…

इन शेयरों पर रहेगी नजर

ESDS Software Solution: अप्रैल-जून 2026 तिमाही (Q1) में कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 14% बढ़कर 29.3 करोड़ रुपये हो गया। रेवेन्यू 7.3% बढ़कर 133.7 करोड़ रुपये हो गया।

Purple Style Labs: Q1 में कंसोलिडेटेड घाटा सालाना आधार पर कम होकर 88.1 करोड़ रह गया। रेवेन्यू 13% बढ़कर 119.4 करोड़ रुपये हो गया।

PB Fintech: Policybazaar प्लेटफॉर्म की पेरेंट कंपनी का शेयर 24 सितंबर को 36 प्रतिशत टूटा था। बंपर बिकवाली की वजह रही इंश्योरेंस रेगुलेटर IRDAI का डिस्ट्रीब्यूशन सुधारों पर नया ड्राफ्ट और उसके बाद बर्नस्टीन का व्यू। बर्नस्टीन का मानना है कि कमीशन को लेकर ड्राफ्ट पेपर में प्रस्तावित कटौती से PB Fintech को सबसे ज्यादा नुकसान होगा, क्योंकि इन टेक-रेट पर कॉल सेंटर की लागत नहीं निकल पाएगी। इस शेयर पर शुक्रवार को भी नजर रहेगी।

Wheels India: कंपनी का क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) 24 सितंबर को खुल गया। फ्लोर प्राइस ₹2,197.10 प्रति शेयर है।

Inox Green Energy Services: कंपनी ने 24 सितंबर को अपना QIP लॉन्च किया। फ्लोर प्राइस ₹174.36 प्रति शेयर तय किया गया है।

FSN E-Commerce Ventures (Nykaa): नाइका और L’Oréal के कॉर्पोरेट वेंचर कैपिटल फंड, BOLD (बिजनेस अपॉर्चुनिटीज फॉर L’Oréal डेवलपमेंट) ने तेजी से बढ़ रहे भारतीय ब्यूटी और पर्सनल केयर ब्रांड्स की अगली पीढ़ी में मिलकर निवेश करने के लिए एक सहयोग की घोषणा की है।

Waaree Energies: कंपनी की सब्सिडियरी, Waaree Clean Energy Solutions ने भारत के स्पेशिएलिटी गैस बिजनेस में उतरने की घोषणा की है। इसका मकसद देश की सेमीकंडक्टर और सोलर सेल बनाने वाली कंपनियों के लिए वन-स्टॉप सप्लायर बनना है।

LCC Projects: कंपनी राजस्थान के गंगधार में छोटी कालीसिंध और चाहुरनी नदियों पर सोलर पावर वाले स्प्रिंकलर सिस्टम पर बेस्ड ‘छोटी कालीसिंध मीडियम इरिगेशन प्रोजेक्ट’ के लिए L-1 बिडर (सबसे कम बोली लगाने वाली कंपनी) के तौर पर उभरी है। इस प्रोजेक्ट की कुल अनुमानित कीमत 653.34 करोड़ रुपये है।

Dr Lal PathLabs: कंपनी के बोर्ड ने SN Genelab में 70 प्रतिशत हिस्सेदारी मौजूदा शेयरधारकों से खरीदने को मंजूरी दे दी है। डील ₹168 करोड़ तक की होगी। इस अधिग्रहण के बाद SN Genelab, डॉ. लाल पैथलैब्स की सब्सिडियरी बन जाएगी। ट्रांजेक्शन के 30 नवंबर, 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है।

JSW Cement: कंपनी को बेलागावी ऑडिट कमिश्नरेट के एडिशनल कमिश्नर (सेंट्रल टैक्स) से एक ‘कारण बताओ नोटिस’ मिला है। यह नोटिस गलत क्लासिफिकेशन के कारण GST के कथित तौर पर कम भुगतान से संबंधित है। इसके चलते, डिपार्टमेंट ने अप्रैल 2022 से मार्च 2024 की अवधि के लिए 229.85 करोड़ रुपये के GST की मांग की है, जिसमें लागू ब्याज और 10 प्रतिशत जुर्माना भी शामिल है।

इस बीच, JSW स्टील और JSW सीमेंट द्वारा प्रमोटेड JSW वन प्लेटफॉर्म्स ने IPO के जरिए 3,054 करोड़ रुपये तक जुटाने के लिए SEBI, BSE और एनएसई के पास ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) दाखिल किया है।

L&T Technology Services: कंपनी ने इंडस्ट्रियल AI में ग्लोबल लीडर, कॉग्नाइट (Cognite) के साथ एक स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप की घोषणा की है। इसका मकसद एसेट-इंटेंसिव इंडस्ट्रीज के लिए जॉइंट इंडस्ट्रियल AI और डेटा सॉल्यूशन विकसित करना और उन्हें उपलब्ध कराना है।

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बल्क और ब्लॉक डील्स

PB Fintech: HDFC म्यूचुअल फंड ने लगभग 320.6 करोड़ रुपये के 25 लाख शेयर खरीदे।

Brainbees Solutions (FirstCry): प्री-IPO निवेशक न्यूक्वेस्ट एशिया इनवेस्टमेंट्स ने लगभग 202 करोड़ रुपये के 1.15 करोड़ शेयर बेचे। वहीं गोल्डमैन सैक्स ने लगभग 119 करोड़ रुपये के 68 लाख शेयर खरीदे।

Sedemac Mechatronics: एक ही ब्लॉक डील में लगभग 1,469 करोड़ रुपये के 48.8 लाख शेयरों का लेन-देन हुआ। A91 एमर्जिंग फंड II और एक्सपोन्शिया कैपिटल से जुड़े फंड्स सहित प्राइवेट इक्विटी निवेशकों ने अपनी हिस्सेदारी का कुछ हिस्सा बेचा। खरीदारों में सिंगापुर सरकार (GIC) और मॉनेटरी अथॉरिटी ऑफ सिंगापुर जैसे सॉवरेन फंड्स के साथ-साथ T रो प्राइस, अमांसा होल्डिंग्स और SBI, ICICI प्रूडेंशियल, एक्सिस, आदित्य बिड़ला सन लाइफ और इनवेस्टको सहित कई घरेलू म्यूचुअल फंड्स शामिल थे।

BlueStone Jewellery and Lifestyle: ब्लूस्टोन ज्वेलरी के लगभग 61.98 लाख शेयरों का लेन-देन 513.01 करोड़ रुपये में हुआ। बजाज लाइफ इंश्योरेंस, कुवैत इनवेस्टमेंट अथॉरिटी FD F238, सिटीग्रुप, गोल्डमैन सैक्स, निप्पॉन इंडिया म्यूचुअल फंड, मिरे एसेट म्यूचुअल फंड, बंधन म्यूचुअल फंड और SBI लाइफ इंश्योरेंस ने Accel और 360 ONE WAM से BlueStone के शेयर खरीदे।

SME लिस्टिंग

Axiom Gas Engineering

ये स्टॉक करेंगे एक्स-डिविडेंड ट्रेड

श्री लोटस डेवलपर्स एंड रियल्टी

LGT ग्लोबल हॉस्पिटैलिटी

A D S डायग्नोस्टिक्स

नोबल पॉलिमर्स

ये शेयर करेंगे एक्स-स्प्लिट ट्रेड

नेच्युराइट एग्रो प्रोडक्ट्स

मिडवेस्ट एनर्जी

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Market Insight : बाजार में हालात पलटे, इंश्योरेंस सेक्टर में होगा बड़ा एक्सीडेंट, ऑटो और रियल्टी शेयरों में भी गिरावट का डर

Market Insight : बाजार पर अपनी राय साझा करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि बाजार में हालात पलट गए हैं। कल अच्छी क्लोजिंग के बावजूद हमने लॉन्ग लेकर जाने से मना किया था। नजरिया यही था कि ट्रेड लेकर जाना जुआ खेलने जैसा होगा। परसों के आउटसाइड डे के बाद कल इनसाइड डे बना था। अगर गिफ्ट निफ्टी सही है तो आज हम 23,250-23,300 पर खुलेंगे। 23,100-23,150 का जोन बाजार के लिए लक्ष्मण रेखा है। आज इंश्योरेंस सेक्टर में बड़ा एक्सीडेंट होगा। IRDAI का कंसल्टेशन पेपर उम्मीद से एकदम उल्टा आया है।

बाजार: आज के संकेत

बॉन्ड यील्ड से कोहराम मच गया है। 10 साल की बॉन्ड यील्ड 5.135% पर आ गई है। जुलाई 2007 के बाद 10 साल की यील्ड सबसे ज्यादा ऊंचाई पर है।इसमें 7 अप्रैल 2025 के बाद एक-दिन की सबसे बड़ी तेजी आई है। 2 साल की यील्ड 4.947% पर पहुंच गई है। मई 2024 के बाद सबसे ऊंची 2 साल की यील्ड दिखी है। 30 साल की यील्ड 5.398% पर पहुंच गई है। 30 साल की यील्ड जून 2007 के बाद सबसे ऊंचे स्तर पर है।

यील्ड में तेजी के कारण

US के मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज PMI के आंकड़े मजबूत रहे हैं। सर्विसेज PMI 5 साल के हाई पर पहुंच गई है। S&P Global सितंबर सर्विसेज PMI 58.7 पर है। अगस्त में सर्विसेज PMI 56.5 पर थी। मैन्युफैक्चरिंग PMI 56.7 पर, 4 साल के हाई पर है। यह कोरोना के बाद 2015 से सबसे तेज उछाल है।

अभी और बढ़ेगी ब्याज दर?

फेड गवर्नर माइकल बार की हॉकिस चेतावनी आई है। उन्होंने कहा है कि महंगाई को समय पर नीचे लाने के लिए पॉलिसी में बदलाव जरूरी है। टिकाऊ ग्रोथ और ज्यादा रोजगार के लिए प्राइस स्टेबिलिटी अहम है। CME फेडवॉच टूल के मुताबिक Oct में 0.25% बढ़ोतरी की संभावना 70% है। पहले 0.25% बढ़ोतरी की संभावना 55% ही थी।

बॉन्ड की कमजोर नीलामी

5 साल के ट्रेजरी नोट की नीलामी में डिमांड कमजोर रही है। ऑप्शन 5.033% यील्ड पर पूरा हुआ। 6 ऑप्शन का औसत यील्ड 4.186% रहा।

कच्चे तेल में फिर तेजी

ईरान के राष्ट्रपति पेजेशकियान के UNGA में भाषण के बाद कच्चे तेल में तेजी आई। ब्रेंट $102 के ऊपर है। WTI भी $91/बैरल के पार चला गया है। UK मैरीटाइम एजेंसी का दावा है कि स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में एक कार्गो जहाज में आग लगी है।

पॉलिटिको की रिपोर्ट है कि US डीजल एक्सपोर्ट पर रोक लगा सकता है। प्रशासन रोक के प्रस्ताव पर विचार कर रहा है। 90 दिनों के लिए एक्सपोर्ट पर रोक की योजना है। अमेरिका के एनर्जी सेक्रेटरी हैं क्रिस राइट ने कहा है कि पूरा बैन नहीं होगा,कुछ पाबंदियों पर विचार किया जा रहा है। एक्सपर्ट्स की चेतावनी है कि डीजल एक्सपोर्ट पर रोक का फैसला गलत होगा। इससे US में रिटेल गैसोलीन महंगा हो सकता है।

ट्रंप पर बरसे मसूद पेजेशकियान

UNGA में ईरान के राष्ट्रपति पेजेशकियान ने सख्त रुख दिखाया। उन्होंने कहा कि स्ट्रेट में फ्रीडम ऑफ नेविगेशन की इजाजत नहीं। सबसे पहले प्रतिबंध और नेवल ब्लॉकेड हटना जरूरी है। अब तक हॉर्मुज से सभी ने फायदा उठाया है। लेकिन ईरान प्रतिबंध झेले,ये मंजूर नहीं है। किसी भी हाल में बल की भाषा स्वीकार नहीं है।

पेजेशकियान ने कहा कि ईरान की एटॉमिक हथियार बनाने में दिलचस्पी नहीं है। लेकिन विकास के लिए न्यूक्लियर टेक्नोलॉजी जरूरी है। न्यूक्लियर टेक्नोलॉजी विकसित करना ईरान का अधिकार है। किसी भी सूरत में अपना अधिकारी नहीं छोड़ेंगे। प्रोग्राम से जुड़े सवाल युद्ध के मैदान पर हल नहीं होंगे। पेजेशकियान ने आगे कहा कि स्ट्रेट से अमेरिकी नेवल ब्लॉकेड तुरंत हटे। ईरानी एसेट्स को अनफ्रीज करना जरूरी है। सभी मोर्चों पर युद्ध खत्म करना भी जरूरी है।

आज का एक्सीडेंट: PB Fintech

IRDAI का कंसल्टेशन पेपर उम्मीद से एकदम उल्टा है। PB Fintech आज 10% नीचे खुल सकता है और हो सकता है उसके बाद और भी गिरे। बाजार की उम्मीद से कहीं ज्यादा खराब कंसल्टेशन पेपर आया है।

इस कंसल्टेशन पेपर का सबसे ज्यादा असर PB Fintech, Turtlemint, Max Fin, HDFC Life, LTF, IndusInd Bank और IDFC First Bank पर पड़ेगा। वहीं, LIC और SBI Life पर इसका सबसे कम असर होगा।

आज कहां लगाएं दांव?

PB फिनटेक आज का एक्सीडेंट होगा। बाकी इंश्योरेंस शेयरों में भी आज गिरावट संभव है। ONGC और OIL में आज वापस रिकवरी आ सकती है। इंटरग्लोब और एशियन पेंट्स पर क्रूड में रैली का असर दिख सकता है। मुथूट,मणप्पुरम में आज सोने में गिरावट और NBFCs में दबाव का असर दिख सकता है। चांदी में गिरावट से हिंदुस्तान जिंक में दबाव संभव है। डॉलर इंडेक्स में मजबूती से मेटल शेयरों में गिरावट आ सकती है। बैंक और NBFCs में आज दबाव संभव है। लार्जकैप IT शेयरों में भी आज गिरावट का खतरा है। ऑटो और रियल्टी शेयरों में आज बड़ी गिरावट की आशंका है।

NSE की लिस्टिंग

NSE की लिस्टिंग शायद बहुत ज्यादा प्रीमियम पर ना हो। प्री-IPO निवेशकों का लॉक इन है लेकिन करीब 15,000 करोड़ के फ्लोट पर नहीं हैं। कुछ चुनिंदा AIFs पर लॉक इन लागू नहीं है। NSE में आज AIF की सप्लाई आएगी। 1 महीने के बाद एंकर निवेशकों की सप्लाई आएगी और 6 महीने बाद प्री-IPO निवेशकों की सप्लाई आएगी। NSE में डिमांड भी मजबूत रह सकती है। MSCI शायद फास्ट ट्रैक पर NSE को शामिल करे।

निफ्टी पर रणनीति

निफ्टी के लिए पहला सपोर्ट 23,300-23,350 पर और सबसे अहम सपोर्ट 23,100-23,150 पर है। इसके लिए पहला रजिस्टेंस 23,400-23,450 पर और बड़ा रजिस्टेंस 23,500-23,550 पर है। 200 पॉइंट नीचे खुलने के बाद थोड़ा रुकें। आज देखना होगा 23,100-23,150 बचता है या नहीं।

बैंक निफ्टी पर रणनीति

बैंक निफ्टी पर पहला सपोर्ट 56,000-56,200 पर और क्रिटिकल सपोर्ट 55,500-55,800 पर है। फिलहाल रजिस्टेंस की बात करना बेमानी है।

 

Trading Plan: बाजार के दायरे में रहने की उम्मीद, SBI सिक्योरिटीज के सुदीप शाह से जानें आज के लिए ट्रेडिंग रणनीति

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Trading Plan: बाजार के दायरे में रहने की उम्मीद, SBI सिक्योरिटीज के सुदीप शाह से जानें आज के लिए ट्रेडिंग रणनीति

Trading Plan: उम्मीद है कि बाज़ार में सतर्कता का रुख बना रहेगा और नीयर टर्म में सीमित दायरे में कारोबार होगा,क्योंकि निफ्टी सभी अहम मूविंग एवरेज से नीचे कारोबार कर रहा है और ये एवरेज नीचे की ओर जा रहे हैं। मोमेंटम इंडिकेटर्स में भी ट्रेंड में कोई बदलाव नहीं दिखा है। हालांकि वे मंदी के मोमेंटम में कुछ कमी आने का संकेत दे रहे हैं। इसके अलावा, US के 10 ईयर बॉन्ड यील्ड में तेज़ी आई है और यह 5.1 प्रतिशत के पार चला गया है। जबकि तेल की कीमतें फिर से $100 प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गईं। ऐसे में उम्मीद है कि मदड़िए 23,200 के सपोर्ट लेवल को चुनौती देंगे। अगर यह लेवल टूटता है तो निफ्टी गिरकर 23,100-23,000 के अहम सपोर्ट ज़ोन तक जा सकता है। वहीं,ऊपर की तरफ़ 23,500 का लेवल एक अहम रेजिस्टेंस बना रहेगा,जिस पर नजर रखनी होगी।

उधर बैंक निफ्टी को 56,000 के सपोर्ट लेवल को बनाए रखने की जरूरत है। इसके नीचे जाने पर यह 55,700 तक गिर सकता है। जानकारों के मुताबिक,ऊपर की तरफ़ 56,800-57,000 का जोन एक अहम रेजिस्टेंस एरिया का काम कर सकता है।

निफ्टी आउटलुक और रणनीति

SBI सिक्योरिटीज में टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च के हेड सुदीप शाह का कहना है कि 23,116 के निचले स्तर पर पहुंचने के बाद निफ्टी में 300 से ज्यादा अंकों की रिकवरी हुई है। इस रिकवरी के बावजूद,इंडेक्स अभी भी अपने अहम शॉर्ट टर्म और लॉन्गटर्म मूविंग एवरेज से नीचे ट्रेड कर रहा है। ये एवरेज अभी भी नीचे की ओर जा रहे हैं,जो इस बात का संकेत हैं कि ओवरऑल ट्रेंड अभी भी कमजोर है।

मोमेंटम इंडिकेटर और ऑसिलेटर निचले स्तरों से सुधार के संकेत दे रहे हैं। डेली RSI 22.23 से बढ़कर 40.25 पर आ गया है और अपने 9-दिन के औसत से ऊपर चला गया है,जो मोमेंटम में रिकवरी का संकेत है। इसके अलावा,फास्ट स्टोकेस्टिक ने स्लो स्टोकेस्टिक लाइन को पार कर लिया है,जो मंदी के दबाव में धीरे-धीरे कमी आने का संकेत है।

आगे 23,250-23,200 का जोन निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट का काम कर सकता है। अगर यह 23,200 के नीचे टूटता है तो बिकवाली का दबाव फिर से बढ़ सकता है और मौजूदा गिरावट का दौर फिर से शुरू हो सकता है।

ऊपर की तरफ,23,600-23,650 का 20-दिन का EMA जोन एक अहम रेजिस्टेंस एरिया के तौर पर काम कर सकता है। अगर यह 23,650 के ऊपर बना रहता है,तो इससे चल रही रिकवरी मज़बूत होगी और पुलबैक रैली के और आगे बढ़ने का रास्ता खुल सकता है।

अहम रेजिस्टेंस: 23,600, 23,650

अहम सपोर्ट: 23,250, 23,200

स्ट्रैटेजी: निफ्टी फ्यूचर्स को 23,450 के ऊपर खरीदें, स्टॉप-लॉस 23,280 और टारगेट 23,750 रखें।

बैंक निफ्टी आउटलुक और रणनीति

सुदीप शाह का कहना है कि बैंक निफ्टी पिछले 10 ट्रेडिंग सेशन से लगभग 1,300 अंकों के सीमित रेंज में ही घूम रहा है। कंसोलिडेशन के इस लंबे दौर की वजह से सभी अहम शॉर्ट टर्म और लॉन्ग टर्म मूविंग एवरेज सपाट हो गए हैं। इससे पता चलता है कि कोई साफ दिशा वाला ट्रेंड नहीं दिख रहा है। मोमेंटम इंडिकेटर और ऑसिलेटर भी ऐसा ही पैटर्न दिखा रहे हैं,जो इंडेक्स में अनिश्चितता का संकेत है।

आगे 56,900-57,000 का 100-दिन का EMA जोन एक अहम रेजिस्टेंस एरिया के तौर पर काम कर सकता है। नीचे की तरफ 55,800-55,700 का जोन एक अहम सपोर्ट एरिया होगा,क्योंकि यह पिछली अपवर्ड रैली के 50 प्रतिशत फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट से मेल खाता है।

57,000 के ऊपर एक मजबूत ब्रेकआउट या 55,700 के नीचे ब्रेकडाउन से नई दिशा के संकेत मिलने की उम्मीद है और इससे इंडेक्स में एक अहम ट्रेंडिंग चाल शुरू हो सकती है।

अहम रेजिस्टेंस: 56,900, 57,000

अहम सपोर्ट: 55,800, 55,700

स्ट्रैटेजी: 56,700 के ऊपर बैंक निफ्टी फ्यूचर्स खरीदें, जिसमें स्टॉप-लॉस 56,250 और टारगेट 57,400 रखें।

 

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stocks to Watch: Sensex की एक्सपायरी पर NSE की लिस्टिंग; Meesho, Ola Electric और Exide समेत 24 स्टॉक्स फोकस में

Stocks to Watch: एशियाई बाजारों से मिले-जुले रुझानों के बीच गिफ्ट निफ्टी से आज घरेलू स्टॉक मार्केट में लाल शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी फिलहाल 163.00 प्वाइंट्स यानी 0.70% की गिरावट के साथ 23,282.50 पर है। चूंकि आज सेंसेक्स समेत बीएसई के अन्य इंडेक्स के डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स की मंथली एक्सपायरी है तो मार्केट में तेज हलचल दिख सकती है। एक कारोबारी दिन पहले 23 सितंबर को सेंसेक्स (Sensex) 299.17 प्वाइंट्स यानी 0.40% की बढ़त के साथ 74,828.25 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 117.80 प्वाइंट्स यानी 0.50% की तेजी के साथ 23,446.80 पर बंद हुआ था। अब आज इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो अपनी खास कॉरपोरेट एक्टिविटीज के चलते कुछ स्टॉक्स में तेज हलचल दिख सकती है। यहां इन शेयरों के बारे में डिटेल्स दी जा रही है।

Stocks to Watch: आज इन स्टॉक्स पर फोकस

Sedemac Mechatronics

सीएनबीसी-टीवी18 को सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक इंस्टीट्यूशनल इंवेस्टर्स A91 एमर्जिंग फंड, एक्सपोनेंशिया अपॉर्च्यूनिटीज फंड, और एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस सेडमैक मेकेट्रॉनिक्स के 44.3 लाख शेयर (10% हिस्सेदारी) बेचने वाले हैं। ₹1329 करोड़ की इस डील के लिए फ्लोर प्राइस प्रति शेयर ₹3000 फिक्स किया गया है।

Ola Electric Mobility

राइट्स इश्यू के लिए ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी बोर्ड से मंजूरी की तलाश में है।

Pyramid Technoplast

पिरामिड टेक्नोप्लास्ट को गुजरात पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (GPCB) से संशोधित CCA (कंसोलिडेटेड कंसेंट एंड ऑथराइजेशन) मिला है। इससे यह दूसरी कंपनियों से निकलने वाले खतरनाक केमिकल/वेस्ट से दूषित खाली बैरल, कंटेनर और लाइनर जैसे इंडस्ट्रियल पैकेजिंग वेस्ट को लेकर इसे रीसाइकिल कर सकेगी।

Rainbow Children’s Medicare

रेनबो चिल्ड्रन्स मेडिकेयर के बोर्ड ने सुदर्शन पटोदिया को कंपनी का सीएफओ नियुक्त किया है और उन्हें 23 सितंबर से ग्रुप सीएफओ का पद सौंपा है।

Bharat Dynamics

भारत डायनामिक्स ने रक्षा मंत्रालय के साथ भारतीय वायु सेना को सैटेलाइट स्मार्ट एंटी-एयरफील्ड वेपन्स (SAT-SAAW) और उससे जुड़े इक्विपमेंट्स की सप्लाई करने के लिए ₹810.79 करोड़ का कॉन्ट्रैक्ट किया है।

Exide Industries

एक्साइड इंडस्ट्रीज की एक अहम सब्सिडियरी एक्साइड एनर्जी सॉल्यूशंस ने बेंगलुरु के देवनहल्ली में स्थित अपनी 6 GWh की लीथियम-आयन सेल मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी के पहले चरण का काम पूरा कर लिया है।

Avantel

एवांटेल को जेटवर्क मैन्युफैक्चरिंग के बिजनेस से सैटेलाइट कम्युनिकेशन इक्विपमेंट की सप्लाई के लिए ₹177.35 करोड़ का ऑर्डर मिला है।

Max Estates

मैक्स एस्टेट्स गाजियाबाद के इंदिरापुरम में लगभग 9.76 एकड़ ज़मीन के लिए एक जॉइंट डेवलपमेंट एग्रीमेंट करेगी। इस प्रोजेक्ट में लगभग 15 लाख स्केयर फीट का सुपर बिल्ट-अप डेवलपमेंट और ₹2,500-₹3,000 करोड़ के ग्रॉस डेवलपमेंट वैल्यू (GDV) की उम्मीद है।

Concord Biotech

कॉनकॉर्ड बायोटेक के बोर्ड ने हर एक शेयर पर एक बोनस इक्विटी शेयर जारी करने को मंजूरी दे दी है।

Zuari Industries, Texmaco Infrastructure

ज़ुआरी इंडस्ट्रीज ने टेक्समैको इंफ्रास्ट्रक्चर एंड होल्डिंग्स के 1.28 करोड़ इक्विटी शेयर ₹147.96 करोड़ में खरीदे हैं।

Meesho

वेंचर कैपिटल फर्म RPS वेंचर्स की कंपनी RPS WOS II LLC ने प्रति शेयर ₹233 के औसत भाव पर ₹899.7 करोड़ में मीशो के 3.86 करोड़ शेयर (0.83% हिस्सेदारी) बेच दी। जून 2026 तक इससे पास मीशो में 1.18% हिस्सेदारी थी। ये शेयर घिसालो मास्टर फंड, गवर्नमेंट ऑफ सिंगापुर सरकार, BNP पारिबास आर्बिट्रेज, सिटीग्रुप ग्लोबल, गोल्डमैन सैक्स, व्हाइटओक कैपिटल, मॉर्गन स्टेनले, मिरे एसेट MF, बजाज लाइफ इंश्योरेंस, फिडेलिटी एडवाइजर, सोसिएट जेनरेल और एडलवाइस MF समेत 14 निवेशकों ने खरीदे हैं।

Welspun Living

प्रमोटर वेल्सपन ग्रुप मास्टर ट्रस्ट ने ₹525.88 करोड़ में वेल्सपन लिविंग के 2.44 करोड़ इक्विटी शेयर (2.59% हिस्सेदारी) बेच दी है। ये सभी शेयर फिडेलिटी इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट फिडेलिटी इंटरनेशनल स्मॉल कैप फंड और क्वांट म्यूचुअल फंड ने खरीदे हैं। फिडेलिटी ने ₹477.97 करोड़ में 2.22 करोड़ शेयर (2.35% हिस्सेदारी) तो प्रति शेयर औसतन ₹214.9 के भाव पर क्वांट म्यूचुअल फंड ने ₹47.9 करोड़ में 22.29 लाख शेयर (0.23% हिस्सेदारी) खरीदी है

Allied Blenders and Distillers

प्रमोटर बीना किशोर छाबड़िया ने प्रति शेयर ₹650.17 के भाव पर ₹357.59 करोड़ में एलाइड ब्लेंडर्स एंड डिस्टिलर्स के 55 लाख शेयर (1.97% हिस्सेदारी) बेच दिए। वहीं अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी ने ₹97.72 करोड़ में 15.03 लाख शेयर और SBI म्यूचुअल फंड ने प्रति शेयर ₹650 की औसत भाव पर ₹221.04 करोड़ में 34 लाख शेयर खरीदे।

Escorts

एचडीएफसी म्यूचुअल फंड ने एस्कॉर्ट्स के 16.21 लाख शेयर ₹453 करोड़ में बेचे है तो निप्पॉन इंडिया म्यूचुअल फंड ने 12.94 लाख शेयर ₹361.7 करोड़ में खरीदे है। यह खरीद-बिक्री प्रति शेयर औसतन ₹2,794 के भाव पर हुआ।

MKVentures Capital

सुशील बहेती, पद्मा बहेती और अंकित बहेती एंड संस HUF ने मधुसूदन केला की कंपनी एमके वेंचर्स कैपिटल के 1.48 लाख शेयर (3.86% हिस्सेदारी) ₹14.85 करोड़ में खरीदे हैं तो थिंक इंडिया अपॉर्चुनिटीज मास्टर फंड ने अपने सभी 1.63 लाख शेयर (4.26% हिस्सेदारी) ₹16.35 करोड़ में बेच दी। ये सौदे प्रति शेयर ₹1,000 के औसत भाव पर हुए।

Molbio Diagnostics

कोटक महिंद्रा म्यूचुअल फंड ने मोलबायो डायग्नोस्टिक्स के 27.5 लाख शेयर (2.38% हिस्सेदारी) ₹361.62 करोड़ में खरीदे, तो मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज की बिजनेस एक्सीलेंस ट्रस्ट III ने 29.96 लाख शेयर (2.6% हिस्सेदारी) ₹394.07 करोड़ में बेचे। इस सौदे में प्रति शेयर ₹1,315 के भाव पर शेयरों का लेन-देन हुआ।

Optiemus Infracom

बैंक ऑफ इंडिया म्यूचुअल फंड ने ऑप्टिमस इन्फ्राकॉम के 17.69 लाख शेयर ₹144.3 करोड़ प्रति शेयर ₹815.68 के भाव पर खरीदे हैं।

Mazda

क्रॉल रेनॉल्ड्स इंटरनेशनल ने मजदा के 1.33 लाख शेयर (0.66% हिस्सेदारी) ₹3.38 करोड़ में प्रति शेयर ₹254.1 के भाव पर बेच दिए। जून 2026 तक मजदा में क्रॉल रेनॉल्ड्स इंटरनेशनल की हिस्सेदारी 7.23% थी। इसमें से इसने पिछले चार सेशन में 3.18% हिस्सेदारी बेच दी है।

Marine Electrical

एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट ने मरीन इलेक्ट्रिकल के 11.55 लाख शेयर ₹45.61 करोड़ में प्रति शेयर ₹394.79 के औसत भाव पर खरीदे। वहीं KDU एंटरप्राइजेज ने 42 लाख शेयर ₹162.32 करोड़ में औसतन ₹386.48 के भाव पर बेचे हैं।

NSE, Sonaselection India

आज एनएसई और सोनासेलेक्शन इंडिया के शेयर बीएसई और एनएसई पर लिस्ट होंगे।

SpectraA Technology Solutions, Kheria Autocomp

स्पेक्ट्रा टेक सॉल्यूशंस और खेरिया ऑटोकॉम्प के शेयरों की आज एनएसई एसएमई पर एंट्री होगी।

Stocks to Watch: इन पर भी रहेगी नजर

आज इन कंपनियों के आएंगे रिजल्ट: ESDS सॉफ्टवेयर सॉल्यूशन, पर्पल स्टाइल लैब्स, पलक टेक्नोलॉजीज

एक्स-डिविडेंड: इंजीनियर्स इंडिया, एडटेक सिस्टम्स, आरफिन इंडिया, श्री वेंकटेश रिफाइनरीज

F&O बैन: आज कीन्स टेक्नोलॉजी इंडिया, मणप्पुरम फाइनेंस, एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस, SAIL

स्टॉक मार्केट में आज की लाइव हलचल के लिए यहां जुड़ें

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Personal Loan: बैंकों के पास पैसा बढ़ा, क्या अब आसानी से मिलेगा पर्सनल लोन? जानिए ब्याज दर पर क्या असर होगा

Personal Loan: अगर आप आने वाले त्योहारी महीनों में पर्सनल लोन लेने का मन बना रहे हैं, तो आपके लिए अच्छी खबर हो सकती है। ब्रोकरेज फर्म UBS के मुताबिक, भारत में पर्सनल लोन की ग्रोथ फिर तेज हो सकती है। बैंकों के पास पर्याप्त लिक्विडिटी यानी नकदी है और वे आने वाले महीनों में इस पैसे को लोन के तौर पर इस्तेमाल कर सकते हैं।

पर्सनल लोन की ग्रोथ बढ़ने के संकेत

UBS के मुताबिक, भारत में अनसिक्योर्ड क्रेडिट का एक मजबूत दौर शुरू हो सकता है। इसमें पर्सनल लोन बड़ी भूमिका निभा सकते हैं। सितंबर की CIRF रिपोर्ट के मुताबिक, पर्सनल लोन का कुल बकाया पोर्टफोलियो करीब ₹17 लाख करोड़ है। इसमें सालाना आधार पर 13.8% की बढ़ोतरी हुई है।

देश के पांच बड़े बैंकों में पर्सनल लोन पोर्टफोलियो की ग्रोथ वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में औसतन 10% रही। SBI की ग्रोथ 15%, ICICI Bank की 12.9%, Axis Bank की 6% और Kotak Mahindra Bank की 5% रही।

क्या अब पर्सनल लोन मिलना आसान होगा?

बैंकों के पास अतिरिक्त पैसा होने से लोन बांटने की क्षमता जरूर बढ़ सकती है। UBS का मानना है कि आने वाले महीनों में बैंक इस अतिरिक्त रकम को खास तौर पर पर्सनल लोन जैसे सेगमेंट में लगा सकते हैं।

इसका फायदा उन ग्राहकों को मिल सकता है जिनकी प्रोफाइल मजबूत है। यानी अच्छा क्रेडिट स्कोर, स्थिर आय और पहले से कम कर्ज वाले लोगों के लिए लोन अप्रूवल का माहौल बेहतर हो सकता है।

क्या पर्सनल लोन सस्ता भी होगा?

यहां तस्वीर थोड़ी अलग है। UBS की रिपोर्ट बैंकों में बढ़ी नकदी और पर्सनल लोन की संभावित ग्रोथ की बात करती है। ज्यादा पैसा उपलब्ध होने से बैंक ज्यादा लोन देने के लिए तैयार हो सकते हैं। मगर इसका सीधा मतलब ब्याज दर में कटौती नहीं है।

अगर बैंक ग्राहकों को लुभाने के लिए प्रतिस्पर्धा बढ़ाते हैं, तो कुछ ग्राहकों को बेहतर ब्याज दर या ऑफर मिल सकते हैं। लेकिन यह बैंक और ग्राहक की प्रोफाइल पर निर्भर करेगा।

FCNR-B से बैंकों के पास आया ज्यादा पैसा

पर्सनल लोन की संभावित ग्रोथ के पीछे एक बड़ी वजह FCNR-B डिपॉजिट स्कीम से आई लिक्विडिटी है। 31 अगस्त को स्कीम बंद होने तक इस रास्ते से करीब $133 अरब का इनफ्लो आया। FCNR-B (Foreign Currency Non-Resident Bank Deposit) NRI लोगों के लिए बैंक में विदेशी मुद्रा में पैसा जमा करने की सुविधा है। इसमें जमा रकम और ब्याज उसी विदेशी मुद्रा में होता है, इसलिए रुपये की कीमत में बदलाव का असर सीधे नहीं पड़ता।

UBS के मुताबिक, इससे बैंकिंग सिस्टम में करीब ₹12-13 लाख करोड़ की अतिरिक्त लिक्विडिटी बन सकती है। बैंक इस पैसे का इस्तेमाल आने वाले महीनों में लोन देने के लिए कर सकते हैं। हालांकि, बैंकिंग अधिकारियों के मुताबिक अतिरिक्त पैसे को लोन में बदलने में 3-4 महीने लग सकते हैं।

आपके लिए क्या मतलब?

अगर आपका क्रेडिट प्रोफाइल मजबूत है, तो आने वाले महीनों में पर्सनल लोन के विकल्प बढ़ सकते हैं। बैंक ज्यादा आक्रामक तरीके से लोन ऑफर कर सकते हैं और कुछ ग्राहकों को बेहतर ब्याज दर भी मिल सकती है।

लेकिन ‘लोन आसानी से मिलेगा’ और ‘लोन सस्ता होगा’ दोनों एक ही बात नहीं हैं। फिलहाल संकेत पर्सनल लोन की उपलब्धता और ग्रोथ बढ़ने के हैं। ब्याज दर में कमी इस बात पर निर्भर करेगी कि RBI की पॉलिसी, बैंकों की फंडिंग कॉस्ट और ग्राहकों के क्रेडिट रिस्क में क्या बदलाव आता है।

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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

SBI Credit Card: अब योनो पर ऑनलाइन करें अप्लाई, 10 मिनट में बनेगा क्रेडिट कार्ड

एसबीआई कार्ड ने त्योहारों से पहले एसबीआई योनो पर डिजिटल अप्लिकेशन फैसिलिटी शुरू की है। इस सुविधा के इस्तेमाल से ऑनलाइन अप्लाई करने के बाद 10 मिनट में एसबीआई का क्रेडिट कार्ड बन जाएगा। यह सुविधा स्टेट बैंक के ऐसे ग्राहकों के लिए है, जिनका बैंक में फिक्स्ड डिपॉजिट है।

क्रेडिट कार्ड के चार वेरिएंट्स 

SBI Card ने 23 सितंबर को इस सुविधा का एलान किया। एसबीआई के एफडी ग्राहकों के लिए इस सुविधा के तहत क्रेडिट कार्ड के चार वेरिएंट्स उपलब्ध होंगे। इनमें SBI Card Elite, SBI Card Prime, SimplyClick SBI Card और SimplySAVE SBI Card शामिल हैं। SBI YONO स्टेट बैंक का बैंकिंग प्लेटफॉर्म है।

यह सुविधा बैंक में एफडी पर मिलेगी

ऊपर बताए गए सभी क्रेडिट कार्ड सेक्योर्ड क्रेडिट कार्ड कैटेगरी के तहत आते हैं। इसका मतलब है कि बैंक में ग्राहक का फिक्स्ड डिपॉजिट कोलैटरल का काम करेगा। एसबीआई कार्ड की यह सुविधा उन लोगों के लिए फॉर्मल क्रेडिट में एंट्री का बड़ा मौका है, जो अपनी क्रेडिट प्रोफाइल को स्ट्रॉन्ग बनाना चाहते हैं।

क्रेडिट कार्ड बनवाने का प्रोसेस काफी आसान

एसबीआई कार्ड ने अभी इन चारों क्रेडिट कार्ड्स के रिवॉर्ड्स, बेनेफिट्स और चार्जेज के बारे में नहीं बताया है। कंपनी की मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ सलिला पांडे ने कहा कि इस डिजिटल फैसिलिटी को अप्लिकेशन प्रोसेस को आसान बनाने के लिए शुरू किया गया है। उन्होंने कहा, “कस्टमर्स अब 100 फीसदी पेपरलेस डिजिटल जर्नी के जरिए आसानी से सेक्योर्ड क्रेडिट कार्ड बनवा सकते हैं।”

ज्वाइनिंग फीस और एनुअल फीस को लेकर असमंजस

एसबीआई कार्ड ने यह नहीं बताया है कि एसबीआई सेक्योर्ड क्रेडिट कार्ड बनवाने के लिए एसबीआई बैंक में मिनिमम कितने अमाउंट का फिक्स्ड डिपॉजिट होना चाहिए। ज्वाइनिंग फीस और एनुअल फीस के बारे में भी अभी कोई जानकारी नहीं दी गई है। एसबीआई देश का सबसे बड़ा बैंक है। इस सुविधा से उसके ग्राहकों के लिए क्रेडिट कार्ड बनवाने की एक आसान सुविधा उपलब्ध हो गई है।

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त्योहारी सीजन से पहले शुरू हुई यह सुविधा

कंपनी ने इस सुविधा की शुरुआत त्योहारी सीजन को देखते हुए की है। अगले महीने दशहरा है और उसके बाद दिवाली है। इस दौरान लोगों की खरीदारी बढ़ जाती है। एसबीआई का सेक्योर्ड क्रेडिट कार्ड शॉपिंग में हेल्पफुल होगा। सेक्योर्ड क्रेडिट कार्ड होने की वजह से एसबीआई के लिए भी यह कार्ड काफी सुरक्षित है।

Sunday Bank Open: अगले संडे 27 सितंबर को खुले रहेंगे ये सारे बैंक, नेशनल से लेकर रीजनल के लिए RBI ने दिया ये अप्रूवल

Sunday Bank Open: बैंकों से जुड़ी बड़ी खबर आ रही है। अगले रविवार यानी 27 सितंबर को बैंकों की सभी शाखाएं खुली रहेंगी। आरबीआई ने सभी सरकारी बैंकों और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (आरआरबी) को अपनी सभी शाखाएं संडे यानी 27 सितंबर को खुला रखने का निर्देश दिया है। यह ग्राहकों को बड़ी राहत देने वाली खबर है।

बैंकों में 28 सितंबर से 30 सितंबर तक हड़ताल

सरकारी बैंकों ने इस महीने 28 से लेकर 30 तारीख तक हड़ताल का ऐलान किया है। इसका मतलब है कि 28 सितंबर यानी सोमवार से लेकर 30 सितंबर बुधवार तक सरकारी बैंकों की सभी शाखाओं में कामकाज नहीं होगा। यह हड़ताल 3 दिन की है। इस वजह से बड़ी संख्या में लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है।

27 सितंबर यानी अगले रविवार को बैंकों में सामान्य कामकाज होगा

यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) ने इस हड़ताल का ऐलान किया है। चूंकि, 26 सितंबर को शनिवार और 27 सितंबर को रविवार है, जिससे औपचारिक रूप से दोनों दिन बैंक बंद रहेंगे। इसकी वजह यह है कि हर महीने के चौथे शनिवार को बैंकों की सभी शाखाओं में अवकाश होता है। फिर हर रविवार को बैंक बंद रहते हैं। अगर हड़ताल के तीन दिन शामिल कर लिए जाए तो इसका मतलब है कि बैंक लगातार पांच दिन तक बंद रहते।

RBI ने सरकारी बैंकों और RRB को अगले संडे को ब्रांच खुला रखने की दी इजाजत

बैंकों के ग्राहकों को असुविधा से बचाने के लिए RBI ने सभी सरकारी बैंकों (PSU Banks) और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (RRB) को अपनी सभी शाखाएं रविवार को खुला रखने की इजाजत दी है। इसका मतलब है कि अगले रविवार यानी 27 सितंबर को सभी सरकारी और आरआरबी बैंकों की शाखाओं में सामान्य कामकाज होगा।

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सरकार ने बैंक यूनियंस से हड़ताल टालने की अपील की है

इस बीच, सरकार और बैंकों के मैनेजमेंट ने बैंक यूनियंस को इस प्रस्तावित हड़ताल को टालने की अपील की है। साथ ही तीन दिन की हड़ताल से बैंकों के ग्राहकों को होने वाली दिक्कत को कम करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। हड़ताल के दौरान भी बैंकों के एटीएम खुले रहेंगे। साथ ही सभी सरकारी बैंकों की नेट बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध रहेंगी। इसके बावजूद भी अगर किसी ग्राहक को बैंक की शाखा में जाकर कोई काम कराना है तो वह अगले संडे यानी 27 सितंबर को अपने बैंक जाकर अपना काम करा सकता है।

Stocks to Watch: 3 लिस्टिंग्स; Hero Motors, IRB Infra और Lemon Tree समेत ये 11 स्टॉक्स फोकस में

Stocks to Watch: एशियाई बाजारों से मिले-जुले रुझानों के बीच गिफ्ट निफ्टी से आज घरेलू स्टॉक मार्केट में लाल शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी फिलहाल 47.00 प्वाइंट्स यानी 0.20% की गिरावट के साथ 23,353.00 पर है। एक कारोबारी दिन पहले 22 सितंबर को निफ्टी की वीकली एक्सपायरी के दिन सेंसेक्स (Sensex) 329.91 प्वाइंट्स यानी 0.44% की गिरावट के साथ 74,529.08 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 85.30 प्वाइंट्स यानी 0.36% की फिसलन के साथ 23,329.00 पर बंद हुआ था। अब आज इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो अपनी खास कॉरपोरेट एक्टिविटीज के चलते कुछ स्टॉक्स में तेज हलचल दिख सकती है। यहां इन शेयरों के बारे में डिटेल्स दी जा रही है।

Stocks to Watch: आज इन स्टॉक्स पर फोकस

Persistent Systems

पर्सिस्टेंट सिस्टम्स ने एक वॉलंटरी पब्लिक टेकओवर ऑफर के ज़रिए नागरो एसई की कुल शेयर कैपिटल का लगभग 61.15% हिस्सा यानी 75.68 लाख इक्विटी शेयर हासिल कर लिए हैं। कंपनी ने पहले ही Lantano Beteiligungen GmbH के साथ शेयर खरीद समझौते के तहत नागरो (Nagarro) में लगभग 22.10% हिस्सेदारी हासिल कर ली थी। ऐसे में 17 सितंबर तक ट्रेजरी शेयरों को छोड़कर नागरो में पर्सिस्टेंट सिस्टम्स की कुल हिस्सेदारी 83.25% हो गई है। पर्सिस्टेंट सिस्टम्स की योजना नागरो को फ्रैंकफर्ट स्टॉक एक्सचेंज से डीलिस्ट करने की है।

IRB Infrastructure Developers

आईआरबी इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपर्स के बोर्ड ने कंपनी को अपने नॉन-कोर एसेट्स से पैसे कमाने के लिए सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। इसके तहत यह पुणे जिले के ताजे और पिंपलोली गांवों में आर्यन इंफ्रास्ट्रक्चर इंवेस्टमेंट्स के मालिकाना हक वाली कुल 1,100 एकड़ जमीन में से लगभग 350 एकड़ जमीन को चरणबद्ध तरीके से डेवलप करेगी। इसमें मुंबई के चांदीवली में आइडियल रोड बिल्डर्स के मालिकाना हक वाली लगभग 3,500 स्क्वेयर मीटर जमीन के कुछ हिस्सों के रीडेवलपमेंट और रीहैबिलिटेशन का काम भी शामिल है। कंपनी के कॉरपोरेट सीईओ सतिंदर एस राणा का कहना है कि इससे कंपनी को बिना किसी अतिरिक्त लागत के कैश फ्लो में काफी मदद मिलेगी।

360 ONE WAM

360 वन डब्ल्यूएएम के बोर्ड ने 15 फरवरी 2027 से आशीष अग्रवाल को कंपनी का सीईओ बनाने की मंजूरी दे दी है। वहीं करण भगत कंपनी के एमडी बने रहेंगे और 26 जुलाई 2030 तक उनके मौजूदा कार्यकाल में कोई बदलाव नहीं होगा और इसके बाद उनकी नियुक्ति पर फिर से विचार किया जा सकता है। इसके अलावा बोर्ड ने 15 फरवरी, 2027 से करण भगत को वाइस चेयरमैन और एमडी के तौर पर भी नियुक्त किया है।

Lemon Tree Hotels

लेमन ट्री होटल्स ने नासिक में ‘कीज प्राइमा बाय लेमन ट्री होटल्स’ खोलने का ऐलान किया है। नासिक में यह ग्रुप का पहला होटल है। इसका मैनेजमेंट लेमन ट्री होटल्स के पूर्ण मालिकाना हक वाली सब्सिडियरी कार्नेशन होटल्स के पास है।

Pine Labs

अमेरिकी कंपनी मास्टरकार्ड इनकॉर्पोरेटेड की सब्सिडियरी मास्टरकार्ड एशिया/पैसिफिक प्राइवेट लिमिटेड ने पाइन लैब्स में अपनी पूरी 4.31% हिस्सेदारी (4.97 करोड़ शेयर) ₹933.57 करोड़ में बेच दी। 13 घरेलू और ग्लोबल इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स- ICICI प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस कंपनी, सोसिएट जेनरल, सिटीग्रुप ग्लोबल मार्केट्स सिंगापुर, घिसालो मास्टर फंड, BNP परिबास आर्बिट्रेज, NRSGVCC, गोल्डमैन सैक्स बैंक यूरोप, सस्क्वेहाना पैसिफिक, कोटक महिंद्रा AMC, मॉर्गन स्टेनली एशिया सिंगापुर, एडलवाइस MF, RAMS इक्विटीज पोर्टफोलियो फंड और फ्रैंकलिन टेम्पलटन MF ने इसे प्रति शेयर ₹187.75 के भाव पर खरीदा है।

RHI Magnesita India

डालमिया भारत रिफ्रैक्टरीज ने RHI मैग्नेसाइट इंडिया में अपनी 11.1% हिस्सेदारी (2.29 करोड़ इक्विटी शेयर) ₹825.88 करोड़ में बेच दी। जून 2026 तक कंपनी में इसकी 12.54% हिस्सेदारी थी। यह हिस्सेदारी चार इन्वेस्टर्स – SBI म्यूचुअल फंड, बंधन म्यूचुअल फंड, निप्पॉन इंडिया म्यूचुअल फंड और क्लारस कैपिटल 1 ने प्रति शेयर ₹360 प्रति शेयर के भाव पर खरीदी है।

Veegaland Developers

प्रमोटर और फाउंडर चिट्टिलापिल्ली थॉमस कोचुओसेफ ने ₹3.7 करोड़ में प्रति शेयर ₹138.46 के भाव पर वीगालैंड डेवलपर्स के अतिरिक्त 2.69 लाख शेयर (0.55% हिस्सेदारी) खरीद ली है।

Mazda

क्रॉल रेनॉल्ड्स इंटरनेशनल इंक ने मजदा में अपनी 1.21% हिस्सेदारी (2.42 लाख शेयर) ₹5.91 करोड़ में प्रति शेयर ₹243.51 के भाव पर बेच दिए। वहीं शर्मिन नासेर ने प्रति शेयर ₹243.23 के भाव पर ₹3.89 करोड़ में 1.6 लाख शेयर खरीदे हैं। जून 2026 तक मजदा में क्राल रेनॉल्ड्ल इंटरनेशनल की 7.23% हिस्सेदारी थी, जिसमें से इसने पिछले तीन सेशन में 2.52% हिस्सेदारी, यानी 5.05 लाख शेयर बेच दिए हैं।

Hero Motors, SS Retail, Jindal Supreme

आज हीरो मोटर्स, एसएस रिटेल और जिंदल सुप्रीम के शेयर बीएसई और एनएसई पर लिस्ट होंगे।

Stocks to Watch: इन पर भी रहेगी नजर

आज इन कंपनियों के आएंगे रिजल्ट: अन्नू प्रोजेक्ट्स, विनसम यार्न्स

एक्स-डिविडेंड: अपोलो माइक्रो सिस्टम्स, AAA टेक्नोलॉजीज, AGI इंफ्रा, एग्रीबायो स्पिरिट्स, एलाक्रिटी सिक्योरिटीज, अर्चित ऑर्गेनोसिस, असाही सोंगवोन कलर्स, ऑस्टियर सिस्टम्स, बसंत एग्रो टेक इंडिया, कॉन्फिडेंस फ्यूचुरिस्टिक एनर्जेटेक, क्रिएटिव न्यूटेक, कॉन्फिडेंस पेट्रोलियम इंडिया, धनश्री इलेक्ट्रॉनिक्स, देव इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, ढाबरिया पॉलीवुड, एमराल्ड फाइनेंस, गैलेंट इस्पात, गुजरात मिनरल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन, गुडलक इंडिया, गुजरात थेमिस बायोसिन, हेलियोस लैब्स, हरिओम पाइप इंडस्ट्रीज, हिम टेक्नोफोर्ज, HLE ग्लासकोट, इनानी मार्बल्स एंड इंडस्ट्रीज, जेजी केमिकल्स, केमिस्टार कॉर्पोरेशन, KMS मेडिसर्गी, KP ग्रीन इंजीनियरिंग, लास्ट माइल एंटरप्राइजेज, मिश्रा धातु निगम, ओडिसी कॉर्पोरेशन, पशुपति कॉटस्पिन, PNC इंफ्राटेक, प्रीमियर एक्सप्लोसिव्स, रिकोड स्टूडियोज, रेम्सन्स इंडस्ट्रीज, रिथविक फैसिलिटी मैनेजमेंट सर्विसेज, आरएम ड्रिप एंड स्प्रिंकलर सिस्टम्स, शालिभद्र फाइनेंस, सतिया इंडस्ट्रीज, सेरा इन्वेस्टमेंट्स एंड फाइनेंस इंडिया, सिग्नेट इंडस्ट्रीज, स्काईवेज एयर सर्विसेज, श्री केपीआर इंडस्ट्रीज, स्टील स्ट्रिप्स व्हील्स, न्यू स्वान मल्टीटेक, सिनकॉम फॉर्मूलेशन इंडिया, टालब्रोस इंजीनियरिंग, तनधन इंडस्ट्रीज, थेमिस मेडिकेयर, टीटागढ़ रेल सिस्टम्स, त्रिशक्ति इंडस्ट्रीज, टाइचे इंडस्ट्रीज,विंटेज कॉफी एंड बेवरेजेज, विपुल ऑर्गेनिक्स, Xtglobal इन्फोटेक,

एक्स-इनकम डिस्ट्रीब्यूशन: डिजिटल फाइबर इंफ्रास्ट्रक्चर ट्रस्ट, इंटेलिजेंट सप्लाई चेन इंफ्रास्ट्रक्चर ट्रस्ट

F&O बैन: आज कीन्स टेक्नोलॉजी इंडिया, मणप्पुरम फाइनेंस, एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस, SAIL

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Stock Market View : नियर टर्म में बाजार में और कमजोरी आने के संकेत, 23200 के नीचे जाने पर निफ्टी में बढ़ सकती है गिरावट

Stock Market View : बाजार पर बात करते हुए SBI सिक्योरिटीज में टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च के हेड सुदीप शाह का कहना है कि हफ़्ते की एक्सपायरी के दिन बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी मामूली बढ़त के साथ खुला लेकिन ऊंचे स्तरों पर टिक नहीं पाया और ज़्यादातर समय इसमें बिकवाली का दबाव देखने को। हालांकि,आखिरी घंटे में आई थोड़ी रिकवरी से इंडेक्स को नुकसान कुछ कम करने में मदद मिली। आखिरकार यह 0.36% गिरकर 23329 पर बंद हुआ। डेली चार्ट पर निफ्टी ने एक ‘बेयरिश कैंडल’ बनाई, जो निकट भविष्य में और कमजोरी आने का संकेत है।

तकनीकी रूप से देखें तो निफ्टी पर दबाव बना हुआ है क्योंकि यह अपने अहम शॉर्ट-टर्म और लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे ट्रेड कर रहा है। इसके अलावा,डेली RSI भी बेयरिश जोन में बना हुआ है,जो कमजोर मोमेंटम का संकेत है। निफ्टी में शामिल कंपनियों में कोल इंडिया और एटरनल सबसे ज्यादा बढ़त वाली कंपनियां रहीं,जबकि टाटा कंज्यूमर और नेस्ले इंडिया में सबसे ज्यादा गिरावट देखी गई। सेक्टर के हिसाब से देखें तो निफ्टी मीडिया और निफ्टी रियल्टी ने अच्छा प्रदर्शन किया,जबकि निफ्टी IT और निफ्टी सीमेंट में सबसे ज्यादा गिरावट रही।

सेंसेक्स-निफ्टी की तरह ही,ब्रॉडर मार्केट में भी कमजोरी दिखी और निफ्टी मिडकैप 100 और निफ़्टी स्मॉलकैप 100 दोनों ही गिरावट के साथ बंद हुए। बाजार का दायरा कमजोर रहा क्योंकि एडवांस/डिक्लाइन रेश्यो में गिरने वाले शेयरों की संख्या ज्यादा रही। निफ़्टी 500 में शामिल 306 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए, जिससे पूरे बाजार में बड़े पैमाने पर बिकवाली का दबाव साफ पता चलता है।

आगे 23450-23500 का जोन इंडेक्स के लिए एक अहम रेजिस्टेंस एरिया का काम कर सकता है। अगर इंडेक्स लगातार 23500 के ऊपर लगातार बना रहता है तो शॉर्ट टर्म में चल रही पुलबैक रैली 23650 के लेवल तक बढ़ सकती है।

दूसरी ओर 23230-23200 का जोन एक अहम सपोर्ट एरिया का काम करेगा। अगर इंडेक्स 23200 के नीचे जाता है तो शॉर्ट-टर्म स्ट्रक्चर कमजोर हो सकता है और इंडेक्स का करेक्टिव ट्रेंड फिर से शुरू हो सकता है।

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बैंक निफ्टी व्यू

बैंकिंग बेंचमार्क बैंक निफ्टी पिछले नौ ट्रेडिंग सेशन से लगभग 1300 पॉइंट्स की सीमित रेंज में ही घूम रहा है। यह इंडेक्स अपने शॉर्ट और मीडियम टर्म मूविंग एवरेज से नीचे ट्रेड कर रहा है। पिछले दो ट्रेडिंग सेशन में यह अपने 200-दिन के EMA लेवल को पार करने में नाकाम रहा है। मोमेंटम इंडिकेटर्स भी एक ही दायरे में चल रहे हैं और डेली RSI न्यूट्रल जोन में बना हुआ है।

आगे चलकर 56700-56800 के आसपास स्थित 200-डे EMA इंडेक्स के लिए एक अहम रेजिस्टेंस एरिया का काम कर सकता है। अगर इंडेक्स मजबूती से 56800 के ऊपर जाता है तो इससे रैली का एक नया दौर शुरू हो सकता है और शॉर्ट टर्म में 57400 के लेवल तक पहुंचने का रास्ता बन सकता है।

नीचे की तरफ,55800-55700 का जोन एक अहम सपोर्ट एरिया बना रहेगा। अगर यह 55700 के नीचे टिकता है तो इसमें गिरावट का दौर फिर से शुरू हो सकता है और यह शॉर्ट टर्म में 55200 के लेवल को टेस्ट कर सकता है।

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