Market Insight : RBI मॉनिटरी पॉलिसी के पहले ऑटो,बैंक,NBFC और रियल एस्टेट शेयरों पर करें फोकस, IT में करें मुनाफावसूली

Market Insight : बाजार की चाल पर बात करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि वीकेंड पर उम्मीद के मुताबिक ट्रंप फिर पीछे हटे। TACO ट्रेड अब सबसे आसान ट्रेड बन चुका है। जिस वीकेंड TACO नहीं होगा,उस सोमवार दिक्कत होगी। बता दें कि TACO ट्रेड का अर्थ है कि टैरिफ की घोषणा के बाद शेयरों की कीमत गिरने पर उन्हें सस्ते में खरीदना और फिर टैरिफ में देरी या कमी होने और बाजार के फिर से पटरी पर आने के बाद उन्हें मुनाफे पर बेचना।

अनुज सिंघल ने आगे कहा कि गुरुवार दोपहर को हमने IT में मुनाफावसूली का नजरिया लिया था। शुक्रवार दोपहर को न्यूट्रल रहने की सलाह थी। अब यहां से सबसे बड़ा फैक्टर होगा बैंक निफ्टी। आज बैंक निफ्टी में अच्छा गैपअप हुआ है। उसके बाद देखना होगा HDFC बैंक कैसे रिएक्ट करेगा। शुक्रवार को HDFC बैंक दिन के निचले स्तर पर बंद हुआ था। बैंक निफ्टी की बस दिक्कत यही है,क्योंकि यह सबसे बड़ा शेयर है। निफ्टी IT 200 DMA के करीब जाकर ठंडा पड़ा है और अब कच्चे तेल का नीचे आना और रुपये का मजबूत होना एल्गो निगेटिव है। ऐसे में शायद यहां से IT बेचें, बैंक फिर खरीदें ट्रेड वापस शुरू होगा।

बाजार: अच्छे संकेतों की भरमार

आज बाजार के पास चलने के लिए लगभग सब कुछ है। सबसे बड़ा पॉजिटिव है कच्चे तेल का नीचे आना। कच्चा तेल हमने $89 पर छोड़ा था,आज हम $84 के भी नीचे हैं। सऊदी अरब,रूस और पांच दूसरे सदस्य सितंबर उत्पादन बढ़ाएंगे। 1.88 लाख बैरल रोजाना उत्पादन बढ़ाया जाएगा। उत्पादन बढ़ाने का फैसला 2023 में हुई कटौती को खत्म करेगा।

GST का डाटा काफी मजबूत है। GST कलेक्शन 14 महीने की ऊंचाई पर है। जुलाई में GST कलेक्शन 15.4% बढ़कर 2.11 लाख करोड़ रुपए रहा है। 14 महीनों का सबसे तेज GST ग्रोथ दर्ज किया गया है। FY27 में दूसरी बार GST कलेक्शन 2 लाख करोड़ रुपए के पार रहा है। ऑटो बिक्री भी उम्मीद के मुताबिक शानदार रही है। FIIs ने काफी समय बाद लगातार खरीदारी की है।

एक बार फिर TACO से थके लोग?

ईरान पर नए हमले फिलहाल टाले गए हैं। तेहरान और वेस्ट एशिया के देशों ने जानकारी दी है। स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज दोबारा खोलने पर समझौते की कोशिश चल रही है। तेजी से समझौता होने की उम्मीद में ट्रंप ने हमला रद्द किया है।

ऑटो कंपनियों के लिए शानदार रहा जुलाई

ऑटो कंपनियों के लिए जुलाई का महीना शानदार रहा है। सभी सेगमेंट में डबल डिजिट ग्रोथ दर्ज की गई है। इस साल का जुलाई इतिहास में सबसे बेहतरीन रहा है। मारुति सुजुकी ने अनुमान से बेहतर प्रदर्शन किया है। एंट्री-लेवल सेगमेंट में लगातार दूसरे महीने 90% बढ़ोतरी दर्ज की गई है। Hyundai ने 100 महीनों में सबसे ज्यादा मंथली एक्सपोर्ट दर्ज किया है। टाटा मोटर्स (PV) की बिक्री 59% बढ़ी है। M&M ने पैसेंजर व्हीकल,ट्रैक्टर और 3-व्हीलर सभी सेगमेंट में दमदार प्रदर्शन किया है। रॉयल एनफील्ड की घरेलू बिक्री मजबूत रही है।

2 व्हीलर पॉकेट अभी भी सबसे मजबूत है। हीरो मोटो,बजाज ऑटो,TVS मोटर और आयशर मोटर्स सभी में ब्रेकआउट है। पैसेंजर व्हीकल स्पेस में सबसे मजबूत Hyundai है। मारुति यहां से भी शायद Hyundai से कमजोर प्रदर्शन करेगी। मारुति की बिक्री अच्छी है लेकिन नतीजों में मार्जिन पर दबाव है और मार्जिन पर दबाव आगे भी धीरे-धीरे ही कम होगा।

Market Trend: अच्छे ग्लोबल संकेतों के बीच 24500 के ऊपर पहुंचा निफ्टी, जानिए स्टॉक और इंडेक्स में क्या हो ट्रेडिंग रणनीति

3 फैक्टर्स जो मूड बिगाड़ सकते हैं

मारुति और मुथूट के नतीजे थोड़े फीके हैं। US बॉन्ड यील्ड इस बार 4.7% की रेखा पार कर गई है। निफ्टी का PCR अब 1.39 पर काफी ओवरबॉट है।

बाजार: अब क्या हो रणनीति?

शुक्रवार को निफ्टी के ब्रेकआउट का कन्फर्मेशन मिला है। सिर्फ वीकेंड था,इसीलिए हमने मुनाफावसूली का नजरिया लिया था। अब 24,350 निफ्टी के लिए सपोर्ट का काम करेगा। अब लॉन्ग पोजिशन लें तो 24,350 का स्टॉप होगा। सब ठीक रहा तो अब निफ्टी 24,750-24,800 यानी 200 DMA टेस्ट करेगा। सबसे दिलचस्प डाटा है 3 बड़े इंडेक्स और 200 DMA। निफ्टी और 200 DMA। निफ्टी बैंक और 200 DMA। निफ्टी IT और 200 DMA। यहां से वापस अब घरेलू अर्थव्यवस्था पर फोकस करें। इस हफ्ते RBI की मॉनिटरी पॉलिसी भी आनी है। उसके पहले ऑटो, बैंक, NBFCs, रियल एस्टेट चल सकते हैं। IT में अब मुनाफावसूली करें,सिर्फ मजबूत शेयरों में रहें। वीकेंड में परसिस्टेंट ने फिर बढ़िया तिमाही दिखाई। लेकिन शेयर पहले ही काफी चल चुका है,अब नीचे मिले तभी लें। परसिस्टेंट पर हमने 4300 में कॉन्ट्रा का नजरिया लिया था और सिर्फ CNBC-आवाज़ ने शॉर्ट करने से मना किया था। अब यहां से IT में वापस सिर्फ चुनिंदा शेयरों पर फोकस करेंगे।

निफ्टी पर रणनीति

निफ्टी के लिए पहला रजिस्टेंस 24,550-24,650 (ऑप्शंस जोन) पर और बड़ा रजिस्टेंस 24,750-24,800 (200 DMA) पर है। सबसे अहम सपोर्ट 24,350-24,400 (न्यूट्रल जोन)पर है। खरीदारी का सबसे अच्छा जोन 24,350-24,500 है। इसके लिए SL 24,300 पर होना चाहिए। 24,550-24,600 के रिजेक्शन पर बिकवाली करें। इसके लिए SL 24,650 पर रखें।

बैंक निफ्टी पर रणनीति

बैंक निफ्टी के लिए पहला रजिस्टेंस 57,450-57,500 (200 DMA)पर और बड़ा रजिस्टेंस 57,800-58,000 पर है। इसके लिए पहला सपोर्ट 57,200-57,300 पर और बड़ा सपोर्ट 56,800-57,000 पर है।

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

सेलेब्रिटीज के पीछे का सच काला भी!

समाज को चाहिए कि वह अपने आदर्श माने जाने वाली हस्तियों से उच्च नैतिक मानदंडों की अपेक्षा करे। फिर वो चाहे कोई प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता हो, आध्यात्मिक गुरु हो, उद्योगपति हो, या कोई अन्य मशहूर हस्ती, जांच एजेंसियों को बिना किसी दबाव के काम करने की स्वतंत्रता मिलनी चाहिए और अदालतों को समयबद्ध न्याय सुनिश्चित करना चाहिए।

आए दिन हमें यह देखने को मिलता है कि उद्योग जगत, मनोरंजन जगत, आध्यात्मिक संस्थाओं और खेल जगत के कुछ नामी-गिरामी हस्तियों के नाम बार-बार ‘मनी लॉन्ड्रिंग’, फर्जी सौदों और संदिग्ध वित्तीय लेन-देन के मामलों में चर्चा में आते हैं। ये वे लोग हैं जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्रों में अपनी मेहनत, प्रतिभा और लोकप्रियता से करोड़ों प्रशंसकों का दिल जीता है। फिर भी इनमें से कुछ लोग ऐसे हैं जो अपनी अच्छी छवि को दाव पर लगाकर काले धन के सौदों में उलझ जाते हैं। यह प्रवृत्ति न केवल उनके व्यक्तिगत पतन का संकेत है, बल्कि पूरे समाज में भ्रष्टाचार की जड़ों को और मजबूत करती है।

गौरतलब है कि इन हस्तियों के पास पहले से ही करोड़ों की अपार संपत्ति, ब्रांड एंडोर्समेंट, फिल्मों या मैचों से की गई कमाई और सामाजिक प्रतिष्ठा होती है। फिर भी वे अवैध गतिविधियों की ओर क्यों आकर्षित होते हैं? एक बड़ा कारण है लोभ। सफलता के बाद भी और अधिक धन और अधिक पावर की भूख कभी नहीं मिटती। कई बार वे सोचते हैं कि उनकी छवि इतनी मजबूत है कि कोई उन पर उंगली नहीं उठाएगा। कुछ लोग अपने व्यवसाय को ‘विविधीकरण’ का नाम देकर रियल एस्टेट, शेल कंपनियों, दान के नाम पर काले धन को सफेद करना या विदेशी खातों के जरिए धन छिपाने की कोशिश करते हैं। ऐसे में उन्हें अपनी बनाई हुई प्रतिष्ठा एक सुरक्षा कवच लगती है, लेकिन असल में यह उनके गिरने का कारण बन जाती है।

कई मामलों में यह भी देखने को मिलता है कि ये लोग अपने सरकारी संपर्कों और प्रभावशाली लोगों से परिचित होने के कारण अत्यधिक आत्मविश्वास महसूस करते हैं। उन्हें लगता है कि जांच एजेंसियां उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं करेंगी या मामला दबा दिया जाएगा। यह आत्मविश्वास अक्सर गलत साबित होता है, लेकिन तब तक नुकसान हो चुका होता है। लोकतंत्र में कोई भी व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं है, चाहे वह कितना भी लोकप्रिय क्यों न हो। फिर भी व्यवहार में कई बार प्रभावशाली लोगों के खिलाफ जांच धीमी पड़ जाती है या सबूतों की कमी का हवाला देकर मामले कमजोर हो जाते हैं।

भारत में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), आयकर विभाग और अन्य एजेंसियां जब ऐसे मामलों की जांच करती हैं, तो अक्सर आरोपियों को सजा नहीं दिला पाती। इसके कई कारण हो सकते हैं; जटिल कानूनी प्रक्रियाएं, सबूतों की कमी, गवाहों का दबाव में आना या लंबी अदालती सुनवाई। कभी-कभी राजनीतिक प्रभाव या संसाधनों की कमी भी जांच को प्रभावित करती है। लेकिन ऐसे ‘जाहिर कारणों’ से बरी होना या मामला रुक जाना समाज में गलत संदेश देता है। आम आदमी सोचता है कि कानून सिर्फ कमजोरों के लिए है। यह धारणा लोकतंत्र के लिए खतरनाक है।

इस स्थिति में अदालतें महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। स्वतंत्र न्यायपालिका को चाहिए कि वह ऐसे मामलों में तेजी से सुनवाई करे, सबूतों का निष्पक्ष मूल्यांकन करे और दोषियों को उचित सजा दे। विशेष अदालतें या फास्ट-ट्रैक प्रक्रियाएं मनी लॉन्ड्रिंग जैसे आर्थिक अपराधों के लिए बनाई जा सकती हैं। अदालतें एजेंसियों को स्पष्ट निर्देश दे सकती हैं कि जांच में देरी न की जाए और कोई भी प्रभाव जांच को बाधित न करे। साथ ही, अगर कोई व्यक्ति अपनी शक्ति का दुरुपयोग करके जांच को प्रभावित करने की कोशिश करे तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए। न्याय तभी प्रभावी होगा जब वह बिना भेदभाव के लागू हो।

ज़रूरत है तो इस मुद्दे पर जागरूकता फैलाना की। जनता को समझना चाहिए कि सेलेब्रिटीज की चमकदार जिंदगी के पीछे कई बार काले कारोबार की छाया होती है। मीडिया और जागरूक नागरिकों को ऐसे मामलों की लगातार निगरानी करनी चाहिए। एजेंसियों को चाहिए कि वे शिकायतों को गंभीरता से लें, चाहे आरोपी कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो। शिकायत दर्ज होने के बाद प्रारंभिक जांच तुरंत शुरू होनी चाहिए और सबूतों को सुरक्षित रखा जाना चाहिए। यदि शिकायत में गंभीर आरोप हों और उसके ठोस प्रमाण भी संलग्न हों तो जांच एजेंसियों जिम्मेदारी हो कि शिकायतकर्ता की पहचान को गुप्त रखा जाए।

कानून के जानकार मानते हैं कि शिकायत दर्ज कराने के लिए ठोस सबूत जरूरी होते हैं।

सामान्य दस्तावेजी सबूतों में बैंक स्टेटमेंट, प्रॉपर्टी दस्तावेज, कंपनी रजिस्ट्रेशन पेपर्स, इनकम टैक्स रिटर्न और संदिग्ध लेन-देन के रिकॉर्ड शामिल हो सकते हैं। डिजिटल सबूत आज के समय में सबसे महत्वपूर्ण हैं; ऑडी-वीडियो रिकॉर्डिंग, ईमेल, व्हाट्सएप या अन्य मैसेजिंग ऐप के चैट, सोशल मीडिया पोस्ट, डिजिटल वॉलेट के लेन-देन, क्रिप्टोकरेंसी ट्रांजेक्शन, क्लाउड स्टोरेज में सेव की गई फाइलें और सर्वर लॉग। ये सबूत समय-स्टैम्प के साथ उपलब्ध होने चाहिए और ‘चेन ऑफ कस्टडी’ बनाए रखते हुए पेश किए जाने चाहिए। इसके साथ ही गवाहों के बयान और फॉरेंसिक ऑडिट रिपोर्ट भी मजबूत आधार प्रदान करते हैं। शिकायतकर्ता को चाहिए कि वह सभी उपलब्ध जानकारी व्यवस्थित रूप से एजेंसी को सौंपे और जांच में सहयोग करे।

समाज को चाहिए कि वह अपने आदर्श माने जाने वाली हस्तियों से उच्च नैतिक मानदंडों की अपेक्षा करे। फिर वो चाहे कोई प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता हो, आध्यात्मिक गुरु हो, उद्योगपति हो, या कोई अन्य मशहूर हस्ती, जांच एजेंसियों को बिना किसी दबाव के काम करने की स्वतंत्रता मिलनी चाहिए और अदालतों को समयबद्ध न्याय सुनिश्चित करना चाहिए। तभी हम एक ऐसे समाज की ओर बढ़ सकेंगे जहां प्रतिष्ठा और धन किसी को कानून से ऊपर न रख सकें। काले धन और अवैध सौदों का चक्र तभी टूटेगा जब हर नागरिक, हर संस्था और हर अदालत अपनी जिम्मेदारी ईमानदारी से निभाए।

Rashifal Today: इन मूलांक वालों को मिलेगा आज आर्थिक लाभ! जानें क्या कहते हैं आपके सितारे

Aaj Ka Rashifal: अंक ज्योतिष के अनुसार, हर इंसान की जन्मतिथि का अपना खास महत्व होता है। ये न सिर्फ उनके स्वभाव और व्यक्तित्व को बताता है, बल्कि उनके भविष्य के बारे में भी संकेत देती है। आज के दिन आपकी आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी, लेकिन आय बनाए रखने के लिए मेहनत भी ज्यादा करनी पड़ेगी। नौकरीपेशा लोगों पर अतिरिक्त काम का बोझ आ सकता है, जिसका भविष्य में लाभ मिलेगा। आइए जानते हैं कैसा होगा मूलांक 1 से 9 तक के लोगों का दिन

मूलांक 1

अगर आपका जन्म 1, 10, 19 या 28 तारीख को हुआ है, तो आज पैसों के मामले में थोड़ा सतर्क रहने की जरूरत है। नौकरी में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं, जिससे काम का दबाव बढ़ेगा। हालांकि, यही जिम्मेदारियां आगे चलकर आर्थिक लाभ भी दिला सकती हैं। कारोबार करने वालों को पुराने ग्राहक के साथ लेन-देन को लेकर विवाद से बचना चाहिए। निवेश करने से पहले किसी जानकार की सलाह लें और फिजूल खर्च से दूरी बनाए रखें।

मूलांक 2

अगर आपका जन्म 2, 11, 20 या 29 तारीख को हुआ है, तो आज का दिन आर्थिक रूप से शुभ रहने वाला है। आपकी मेहनत का अच्छा परिणाम मिल सकता है और नौकरी में आपके काम की सराहना होने के योग हैं। पहले किया गया निवेश भी फायदा दे सकता है। घर के खर्च बढ़ सकते हैं, लेकिन आय भी अच्छी बनी रहेगी। किसी भरोसेमंद व्यक्ति की सलाह से नया आर्थिक अवसर मिल सकता है।

मूलांक 3

अगर आपका जन्म 3, 12, 21 या 30 तारीख को हुआ है, तो आज खर्च उम्मीद से ज्यादा हो सकते हैं, इसलिए बजट बनाकर चलना बेहतर रहेगा। शेयर बाजार या किसी भी जोखिम वाले निवेश से फिलहाल दूरी रखें। व्यापार में पुराने भुगतान करने पड़ सकते हैं, जिससे पैसों की कमी महसूस हो सकती है। जल्दबाजी में कोई बड़ा आर्थिक फैसला लेने से बचें।

मूलांक 4

अगर आपका जन्म 4, 13, 22 या 31 तारीख को हुआ है, तो आज आपकी आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी, लेकिन आय बनाए रखने के लिए मेहनत भी ज्यादा करनी पड़ेगी। नौकरीपेशा लोगों पर अतिरिक्त काम का बोझ आ सकता है, जिसका भविष्य में लाभ मिलेगा। व्यापारियों के लिए छोटी यात्रा फायदेमंद साबित हो सकती है। खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा।

मूलांक 5

अगर आपका जन्म 5, 14 या 23 तारीख को हुआ है, तो आज धन लाभ के अच्छे योग हैं। रुका हुआ पैसा वापस मिल सकता है और आमदनी बढ़ने की संभावना है। किसी नए प्रोजेक्ट में किया गया निवेश भविष्य में अच्छा फायदा दे सकता है। पुराने दोस्त या सहकर्मी की मदद से नया अवसर मिल सकता है। हालांकि, जरूरत से ज्यादा आत्मविश्वास में आकर अधिक खर्च करने से बचें।

मूलांक 6

अगर आपका जन्म 6, 15 या 24 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक मामलों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। एक तरफ कमाई के मौके मिलेंगे, तो दूसरी ओर अचानक कोई बड़ा खर्च सामने आ सकता है। नौकरी में आपके काम की तारीफ होगी, लेकिन परिवार की जरूरतों पर भी खर्च बढ़ेगा। संपत्ति या रियल एस्टेट में निवेश करने की योजना बना सकते हैं।

मूलांक 7

अगर आपका जन्म 7, 16 या 25 तारीख को हुआ है, तो आज का दिन सामान्य रहेगा। अगर आप फ्रीलांस या पार्ट-टाइम काम करते हैं, तो नई कमाई का रास्ता खुल सकता है। कोई ऐसा समझौता हो सकता है, जिससे भविष्य में लाभ मिलेगा। बेवजह लग्जरी चीजों पर खर्च करने से बचें। अगर किसी कर्ज को लेकर चिंता है, तो उसे कम करने की दिशा में अच्छी प्रगति हो सकती है।

मूलांक 8

अगर आपका जन्म 8, 17 या 26 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक मामलों में किस्मत आपका साथ देगी। पुराने निवेश से अच्छा लाभ मिलने की संभावना है। व्यापार में पहले लगाया गया पैसा अब फायदा दे सकता है। नौकरी करने वालों को बोनस या अतिरिक्त लाभ मिल सकता है। परिवार के खर्च बढ़ेंगे, लेकिन आपकी आर्थिक स्थिति मजबूत बनी रहेगी।

मूलांक 9

अगर आपका जन्म 9, 18 या 27 तारीख को हुआ है, तो आज पैसों के मामले में संतुलन बनाए रखना जरूरी होगा। किसी भी नए निवेश से पहले अच्छी तरह सोच-विचार करें। नौकरी में प्रमोशन या नई जिम्मेदारी मिलने की संभावना है, जिससे भविष्य में आय बढ़ सकती है। घर की मरम्मत या परिवार की किसी जरूरत पर अचानक खर्च हो सकता है। लेन-देन में पूरी पारदर्शिता रखें, ताकि आगे किसी तरह की परेशानी न हो।

डिस्क्लेमर: इस लेख की सामग्री पूरी तरह से ज्योतिषीय भविष्यवाणियों पर आधारित है। हम इसकी सत्यता और सटीकता का पूरी तरह दावा नहीं करते। यहां दी गई किसी भी जानकारी के आधार पर कोई वित्तीय, स्वास्थ्य या व्यावसायिक निर्णय लेने से पहले योग्य विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।

Mazagon Dock Q1 Results: सरकारी डिफेंस कंपनी का मुनाफा 22% बढ़ा, ऑर्डर बुक ₹18000 करोड़ के पार

Mazagon Dock Q1 Results: डिफेंस सेक्टर की सरकारी कंपनी मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स (Mazagon Dock Shipbuilders) ने जून तिमाही के मजबूत नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 21.5% बढ़कर ₹549.4 करोड़ रहा। पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹452.2 करोड़ था।

रेवेन्यू में 12% की बढ़त

मझगांव डॉक का ऑपरेशंस से रेवेन्यू 12.1% बढ़कर ₹2,943 करोड़ हो गया। पिछले साल इसी अवधि में यह ₹2,626 करोड़ था। कंपनी को अपने विभिन्न युद्धपोत और पनडुब्बी निर्माण प्रोजेक्ट्स में लगातार काम आगे बढ़ने का फायदा मिला।

मझगांव डॉक का जून तिमाही में EBITDA 48% बढ़कर ₹446.6 करोड़ पहुंच गया। वहीं, EBITDA मार्जिन 11.5% से बढ़कर 15.2% हो गया। इससे साफ है कि कंपनी की ऑपरेशनल एफिशिएंसी में अच्छी सुधार देखने को मिली। कंपनी की कुल आय ₹3,081 करोड़ रही, जो पिछले साल की समान तिमाही के ₹2,949 करोड़ से ज्यादा है।

ऑर्डर बुक ₹18,218 करोड़

30 जून 2026 तक मझगांव डॉक की ऑर्डर बुक ₹18,218 करोड़ रही। इससे आने वाली तिमाहियों में कंपनी के कारोबार और रेवेन्यू को अच्छी मजबूती मिलने की उम्मीद है।

मझगांव डॉक के शेयरों का हाल

मझगांव डॉक का शेयर गुरुवार को 0.79% बढ़कर ₹2,326 पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में स्टॉक 9.60% गिरा है। वहीं, 1 साल में यह 15.72% टूटा है। हालांकि, पिछले 5 साल में स्टॉक ने 1,692% का मल्टीबैगर रिटर्न दिया है। कंपनी का मार्केट कैप 93.62 हजार करोड़ रुपये हैय़

मझगांव डॉक का बिजनेस

मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स भारत की प्रमुख रक्षा शिपबिल्डिंग कंपनी है। यह भारतीय नौसेना और तटरक्षक बल के लिए युद्धपोत, पनडुब्बियां और अन्य रक्षा पोत बनाती है। यह देश की इकलौती सरकारी शिपयार्ड कंपनी है, जो डिस्ट्रॉयर और पनडुब्बियां दोनों बनाती है। साथ ही, इसमें एक साथ 11 पनडुब्बियां और 10 युद्धपोत बनाने की क्षमता है।

Vedanta Demerger: वेदांता अब रियल एस्टेट कारोबार भी अलग करेगी, शेयरधारकों को मिलेगा नया शेयर

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

बजाज हाउसिंग फाइनेंस में 44% तक तेजी की उम्मीद, ICICI सिक्योरिटीज ने ₹125 का टारगेट दिया

Bajaj Housing Finance : बजाज ग्रुप की बजाज हाउसिंग फाइनेंस का शेयर पिछले कुछ महीनों से दबाव में है। गुरुवार को भी यह 1% गिरकर ₹86.69 पर बंद हुआ। लेकिन ब्रोकरेज हाउस ICICI Securities का मानना है कि मौजूदा स्तर से इसमें अच्छी तेजी आ सकती है। ब्रोकरेज ने शेयर पर ‘Buy’ की रेटिंग बरकरार रखी है। साथ ही ₹125 का टारगेट दिया है। यानी मौजूदा भाव से शेयर में करीब 44% की तेजी की गुंजाइश बनती है।

आखिर ब्रोकरेज इतना भरोसा क्यों जता रहा है?

ICICI Securities का कहना है कि जून तिमाही में बजाज हाउसिंग फाइनेंस ने मजबूत प्रदर्शन किया। मुनाफा एक साल पहले के मुकाबले 23% बढ़ा। लोन बुक भी अच्छी रफ्तार से बढ़ी। सबसे बड़ी राहत यह रही कि खराब कर्ज पर होने वाला खर्च काफी कम रहा। यही वजह है कि ब्रोकरेज ने अपने टारगेट में कोई बदलाव नहीं किया।

रिकॉर्ड लोन बांटे, कारोबार तेजी से बढ़ा

जून तिमाही में बजाज हाउसिंग फाइनेंस ने ₹19,500 करोड़ के लोन बांटे। यह अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। इसी की बदौलत कंपनी का AUM बढ़कर करीब ₹1.50 लाख करोड़ पहुंच गया। यह पिछले साल के मुकाबले 24% ज्यादा है। ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी ने पूरे साल की ग्रोथ की अच्छी शुरुआत कर दी है।

लेकिन एक चिंता अभी भी बाकी है

हालांकि, बजाज हाउसिंग फाइनेंस में हर चीज अच्छी नहीं है। होम लोन मार्केट में मुकाबला लगातार बढ़ रहा है। इसका असर कंपनी के NIM पर दिख रहा है। जून तिमाही में मार्जिन 14 बेसिस प्वाइंट घटा। मैनेजमेंट को भी उम्मीद है कि आने वाली तिमाहियों में थोड़ा और दबाव रह सकता है। हालांकि, कंपनी का मानना है कि कम क्रेडिट कॉस्ट और खर्च पर कंट्रोल इस कमी की भरपाई कर देंगे।

एसेट क्वालिटी मजबूत बनी हुई है

ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी की सबसे बड़ी ताकत उसकी मजबूत एसेट क्वालिटी है। जून तिमाही में GNPA सिर्फ 0.29% रहा। वहीं, क्रेडिट कॉस्ट भी घटकर 4-5 बेसिस प्वाइंट पर आ गया। इससे आने वाले समय में मुनाफे को सहारा मिल सकता है।

आगे क्या है उम्मीद?

मैनेजमेंट को उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2027 में AUM 21-23% की दर से बढ़ेगा। साथ ही RoA 2.1-2.3% और RoE 12-13% के दायरे में रहने का अनुमान है। ब्रोकरेज का कहना है कि अगर लोन ग्रोथ मजबूत बनी रहती है और क्रेडिट कॉस्ट नियंत्रण में रहती है, तो शेयर में आगे भी अच्छी तेजी देखने को मिल सकती है।

Vedanta Demerger: वेदांता अब रियल एस्टेट कारोबार भी अलग करेगी, शेयरधारकों को मिलेगा नया शेयर

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Vedanta Demerger: वेदांता अब रियल एस्टेट कारोबार भी अलग करेगी, शेयरधारकों को मिलेगा नया शेयर

Vedanta Demerger: अनिल अग्रवाल के मालिकाना हक वाली मेटल और माइनिंग कंपनी वेदांता लिमिटेड ने अपने रियल एस्टेट कारोबार को भी अलग करने का ऐलान किया है। यह फैसला कंपनी के पावर, ऑयल एंड गैस, आयरन एंड स्टील और एल्युमिनियम कारोबार की अलग लिस्टिंग के करीब दो महीने बाद आया है।

कंपनी ने शेयर बाजार को दी जानकारी में कहा कि रियल एस्टेट बिजनेस को एक अलग लिस्टेड कंपनी बनाया जाएगा। यह डिमर्जर गोइंग कंसर्न आधार पर होगा। यानी कारोबार पहले की तरह चलता रहेगा, सिर्फ उसकी अलग कंपनी बन जाएगी।

शेयरधारकों को क्या मिलेगा?

वेदांता के मौजूदा शेयरधारकों को 20 शेयर पर 1 नया शेयर मिलेगा। यानी अगर आपके पास वेदांता के 20 शेयर हैं, तो डिमर्जर के बाद नई रियल एस्टेट कंपनी का 1 शेयर मिलेगा। हालांकि, इसके लिए रिकॉर्ड डेट का ऐलान अभी नहीं किया गया है।

क्या करती है रियल एस्टेट यूनिट?

वेदांता की यह यूनिट रिहायशी, कमर्शियल, रिटेल, इंडस्ट्रियल और हॉस्पिटैलिटी प्रोजेक्ट्स के विकास से जुड़ा काम करती है। इसके अलावा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स, टाउनशिप, लीजिंग, इंडस्ट्रियल एस्टेट और स्पेशल इकोनॉमिक जोन (SEZ) जैसे प्रोजेक्ट्स पर भी काम कर सकती है। 31 मार्च 2026 तक वेदांता के रियल एस्टेट कारोबार का टर्नओवर सिर्फ ₹1.26 करोड़ था। यह कंपनी के कुल स्टैंडअलोन टर्नओवर का महज 0.001% है।

डिमर्जर से क्या होगा फायदा?

वेदांता का कहना है कि अलग कंपनी बनने के बाद रियल एस्टेट कारोबार अपने सेक्टर पर पूरी तरह फोकस कर सकेगा। इससे कारोबार बढ़ाने में आसानी होगी। नई कंपनी अपने हिसाब से निवेशक, रणनीतिक साझेदार और कर्जदाता भी जोड़ सकेगी। इससे विस्तार की रफ्तार तेज होने की उम्मीद है।

वेदांता के शेयरों का हाल

डिमर्जर के ऐलान और जून तिमाही के नतीजों के बाद वेदांता का शेयर 0.8% की बढ़त के साथ ₹266.65 पर बंद हुआ। पिछले एक महीने में स्टॉक 5.02% गिरा है। कंपनी का मार्केट कैप 99.44 हजार करोड़ रुपये है।

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विराट कोहली और अनुष्का शर्मा ने खरीदा ₹18.29 करोड़ का सी-फेसिंग फ्लैट, जानिए क्या है इसमें खास

भारतीय क्रिकेटर विराट कोहली और एक्ट्रेस अनुष्का शर्मा ने मुंबई के पॉश इलाके वर्सोवा में एक शानदार अपार्टमेंट खरीदा है। इस आलीशान अपार्टमेंट की कीमत करीब 18.29 करोड़ रुपये बताई गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये फ्लैट ‘गोदरेज स्काईशोर’ प्रोजेक्ट में है, जिसका क्षेत्रफल 2,644 वर्ग फुट है। ये लग्जरी अपार्टमेंट मुंबई के अंधेरी पश्चिम स्थित वर्सोवा इलाके की एक प्रीमियम रिहायशी इमारत की ऊपरी मंजिलों में स्थित है। बड़े फ्लैट के साथ इस प्रॉपर्टी में तीन कार पार्किंग की सुविधा भी दी गई है। इसके अलावा करीब 316 वर्ग फुट का अतिरिक्त विशेष क्षेत्र भी शामिल है, जिससे यह घर और भी खास बन जाता है।

विराट-अनुष्का ने खरीदा फ्लैट

जैपकी को मिले प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन पेपर्स के मुताबिक, इस प्रॉपर्टी की खरीद का रजिस्ट्रेशन 21 जुलाई 2026 को पूरा हुआ। इस दौरान अनुष्का शर्मा और विराट कोहली ने रजिस्ट्रेशन फीस के रूप में 30,000 रुपये जमा किए, जबकि इस सौदे पर करीब 1.09 करोड़ रुपये की स्टाम्प ड्यूटी का भुगतान किया गया। रजिस्ट्रेशन पेपरवर्क के मुताबिक, ये अपार्टमेंट करीब 69,159 रुपये प्रति वर्ग फुट की दर से खरीदा गया है, जो मुंबई के पश्चिमी इलाकों में लग्जरी घरों की बढ़ती मांग को दर्शाता है।

इन जगहों पर है लग्जरी प्रॉपर्टी

मुंबई का ये नया अपार्टमेंट अनुष्का शर्मा और विराट कोहली की पहली लग्जरी प्रॉपर्टी नहीं है। इससे पहले भी दोनों देश के अलग-अलग शहरों में कई महंगे और आलीशान घर खरीद चुके हैं। समय-समय पर उनकी प्रॉपर्टी में किए गए निवेश सुर्खियों में रहे हैं और वे प्रीमियम रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स में निवेश करने के लिए भी जाने जाते हैं। मुंबई के अलावा विराट और अनुष्का के पास गुरुग्राम में भी एक आलीशान बंगला है। डीएलएफ फेज-1 में स्थित यह घर करीब 10,000 वर्ग फुट में फैला हुआ है, जिसमें निजी स्विमिंग पूल, आधुनिक जिम और कई लग्जरी सुविधाएं मौजूद हैं। इसकी अनुमानित कीमत करीब 80 करोड़ रुपये बताई जाती है।

अलीबाग में किया बड़ा निवेश

इसके अलावा, दोनों ने अलीबाग के जिराड गांव में आवास बीच के पास 5 एकड़ से अधिक जमीन भी खरीदी है, जिसकी कीमत करीब 37.86 करोड़ रुपये बताई गई है। कपल ने अलीबाग में भी पहले से बड़ा निवेश किया हुआ है। साल 2022 में दोनों ने करीब 19 करोड़ रुपये खर्च कर लगभग 8 एकड़ जमीन खरीदी थी। इस जमीन पर उन्होंने एक लग्जरी विला बनवाया है, जिसमें तापमान नियंत्रित स्विमिंग पूल, मॉडर्न किचन, चार बाथरूम, जकूजी, खूबसूरत गार्डन, कवर पार्किंग और स्टाफ के रहने की अलग व्यवस्था जैसी कई शानदार सुविधाएं मौजूद हैं।

कब हुई थी शादी

अनुष्का शर्मा और विराट कोहली ने साल 2017 में इटली में परिवार और करीबी दोस्तों की मौजूदगी में शादी की थी। दोनों की पहली मुलाकात 2013 में एक विज्ञापन की शूटिंग के दौरान हुई थी। आज इस कपल के दो बच्चे हैं, बेटी वामिका और बेटा अकाय। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जाता है कि दोनों भविष्य में बच्चों की परवरिश के लिए लंदन में बसने पर विचार कर रहे हैं। वहीं, अनुष्का शर्मा ने हाल के वर्षों में नेटफ्लिक्स फिल्म ‘काला’ में कैमियो भूमिका निभाई थी और इस फिल्म की सह-निर्माता भी रहीं।

Sell-off in chip stocks : चिप शेयरों में उधार लेकर की गई खरीदारी दक्षिण कोरिया पर पड़ रही भारी, जानिए भारत के लिए है कितना बड़ा खतरा

Sell-off in chip stocks : अमेरिका में चिप शेयरों में बिकवाली दक्षिण कोरिया पर भारी पड़ रही है। कॉस्पी में आज करीब 11% की भारी गिरावट दिख रही है। इस बिकवाली का एक बड़ा कारण कोस्पी में बढ़ती मार्जिन पोजिशन भी है। जब बाजार में बिकवाली बढ़ती है तो मार्जिन ट्रिगर होते हैं और ब्रोकर्स सौदे काट देते हैं। मार्जिन ट्रेडिंग की समस्या सिर्फ कोस्पी की नहीं,पूरी दुनिया में है। अमेरिका,चीन के साथ साथ भारत में भी मार्जिन पोजिशन रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई है। ये भारत और दुनिया भर के बाजारों के लिए कितनी बड़ी चुनौती है,इस पर खास चर्चा के लिए हमारे साथ हैं स्टॉकएज (Stockedge) के को-फाउंडर विवेक बजाज। लेकिन इसके पहले जान लेते हैं कि दुनिया के बड़े बाजारों में क्या है मार्जिन पोजिशन (लेवरेज पोजिशन) की स्थिति।

रिकॉर्ड स्तर पर लेवरेज पोजिशन

अमेरिका में लेवरेज पोजिशन 1.53 लाख करोड़ डॉलर पर है। वहीं, चीन में यह 3 लाख करोड़ यूआन, दक्षिण कोरिया में 39 अरब डॉलर और भारत में 1.38 लाख करोड़ रुपए पर है। भारत में MTF पोजिशन की बात करें तो यह FY23 में 0.25 लाख करोड़ रुपए,FY24 में 0.47 लाख करोड़ रुपए, FY 25 में 0.72 लाख करोड़ रुपए। सितंबर 2025 में 1 लाख करोड़ रुपए, दिसंबर 2025 में 1.16 लाख करोड़ रुपए और जुलाई 2026 में 1.38 लाख करोड़ रुपए थी।

मार्केट कैप में MTF पोजिशन का हिस्सा

मार्केट कैप में MTF पोजिशन के हिस्से की बात करें तो चीन में यह कुल मार्केट कैप का 2.4%, अमेरिका में कुल मार्केट कैप का 2%, दक्षिण कोरिया में कुल मार्केट कैप का 0.8% और भारत में कुल मार्केट कैप का 0.34% है।

कोस्पी की गिरावट का लेवरेज कनेक्शन

27 मई को कोरिया में सिंगल स्टॉक लेवरेज ETF लॉन्च किया गया। इस ETF में सिर्फ सैमसंग और SK Hynix शामिल हैं। AI चिप रैली में रिटेल ने अंधाधुंध पैसा लगाया। इसमें कुछ ही हफ्तों में 9.48 अरब डॉलर की खरीदारी हुई। इस ETF के 92 फीसदी होल्डर रिटेल निवेशक हैं। मई के अंत तक रिटेल मार्जिन लोन 39 अरब डॉलर तक पहुंच गया।

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कोस्पी: मार्जिन कॉल और फोर्स सेलिंग

कोस्पी में सैमसंग और SK Hynix की हिस्सेदारी 50% से ज्यादा है। सैमसंग और SK Hynix में सबसे ज्यादा लेवरेज पोजिशन है। चिप शेयरों में बिकवाली से सैमसंग और SK Hynix में तेज बिकवाली आई। एक महीने में सैमसंग 38% और SK Hynix 42% टूट गया। तेज बिकवाली से ब्रोकर्स ने मार्जिन पोजिशन काटी।

मार्जिन ट्रेडिंग भारत के लिए चुनौती?

भारत में भी मार्जिन ट्रेडिंग या MTF तेजी से बढ़ रही है। 27 जुलाई को MTF 1.38 लाख करोड़ रुपए के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए। हालांकि कुल मार्केट कैप में MTF का हिस्सा 0.34% ही है।

एक्सपर्ट की राय

स्टॉकएज (Stockedge) के को-फाउंडर विवेक बजाज ने कहा कि सालों से मार्जिन ट्रेडिंग चलती आ रही है। यह अमेरिका की उपज है। अमेरिकी लीवरेज पसंद करते है। वे हर तरह के इंस्ट्रूमेंट में लीवरेज क्रिएट करते हैं। वहां पर भी यह काफी बड़ा होता जा रहा है। टिपिकली जब भी किसी एसेट में बबल बनता है तो वह पूरे बाजार में बबल बनाने में अहम भूमिका निभाता है। उदाहरण के लिए जैसे 2008 में रियल एस्टेट बबल बना उसमें रियल एस्टेट लीवरेज बाजार में बबल बनने का कारण बना। जब बबल फटता है तो जहां भी लीवरेज होता है वहां असर पड़ता है।

हम सभी जानते हैं कि इस समय दुनिया में एआई ड्रिवेन बबल बन चुका है। लेकिन ये कब फटेगा हमें नहीं पता है। इस नजरिए से कोस्पी इस समय बहुत बड़ा केस स्टडी बन गया है। कोरियन मार्केट अपने हाई से 33 फीसदी टूट चुका है। लेकिन लीवरेज बबल फटने पर इसमें और बड़ी गिरावट देखने को मिल सकती है।

विवेक बजाज ने आगे कहा कि भारत में मार्जिन ट्रेडिंग या MTF 2000 शेयरों में हैं। वहीं, कोरिया में सिर्फ 20 शेयरों में भारत से कई गुना बड़ा लीवरेज्ड पोजीशन है। भारत में फ्री फ्लोट बेसिस पर MTF पोजीशन मार्केट कैप का 0.74 फीसदी है। ऐसे में भारत में मार्जिन ट्रेंडिंग का बड़ा रिस्क नहीं है।

उन्होंने आगे कहा कि कोरिया का बाजार एक ट्रिगर का काम करेगा। अगर वहां,लीवरेज्ड शेयरों में गिरावट आती है तो इसका असर भारत सहित पूरे ग्लोबल मार्केट पर देखने को मिलेगा। ऐसे में जहां भी लीवरेज ज्यादा होगा वहां दबाव दिखेगा।

MTF क्या है?

मार्जिन ट्रेडिंग फैसिलिटी ‘आज खरीदें,बाद में भुगतान करें’के मॉडल की तरह काम करता है। इसमें निवेशकों को ट्रेडिंग के लिए जरूरी पैसों का कुछ हिस्सा ही चुकाना पड़ता है और बाकी पैसा ब्रोकर लोन की तरह देता है। जैसे कि मान लें कि 100 रुपये के भाव वाले 1 हजार शेयरों की ट्रेडिंग करनी है तो 1 लाख रुपये की जरूरत पड़ेगी। अब या तो आप पूरे एक लाख रुपये अपने पास से लगाएं या 30 फीसदी यानी 30 हजार रुपये खुद का लगाएं और बाकी 70 फीसदी यानी 70 हजार रुपये ब्रोकर से लोन के रूप में मिल जाएगा।

मार्जिन ट्रेडिंग का फायदा ट्रेडर्स और ब्रोकर्स दोनों को मिलता है। ट्रेडर्स ज्यादा पैसा लगाने के लिए लोन ले सकते हैं और बड़ा मुनाफा कमाने की कोशिश कर सकते हैं, वहीं ब्रोकर्स दिए गए लोन पर ब्याज कमाते हैं।

 

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