UP News: यूपी के BJP विधायक का आरोप, समधी ने धोखाधड़ी कर 25 महिलाओं से की शादी, करोड़ों की ठगी के दावे

UP Viral News: उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने बॉलीवुड फिल्म ‘Ladies V/S Ricky Bahl’ की कहानी की याद दिला दी है। फर्क सिर्फ इतना है कि यहां मामला फिल्मी कहानी नहीं, बल्कि एक भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक के परिवार से जुड़ा गंभीर आरोप है। सीतापुर जिले की सेवता विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक ज्ञान तिवारी ने अपने समधी अनुज त्रिवेदी के खिलाफ धोखाधड़ी और तथ्य छिपाने के आरोप में रेउसा थाने में FIR दर्ज कराई है।

पुलिस के अनुसार, विधायक की बेटी प्रज्ञा तिवारी की शादी वर्ष 2024 में मिश्रिख क्षेत्र के चंद्रवाल निवासी अनुज त्रिवेदी के बेटे प्रखर त्रिवेदी से हुई थी। विधायक द्वारा दर्ज कराई गई FIR के मुताबिक, शादी के समय आरोपी पक्ष ने खुद को मुंबई में बड़ा रियल एस्टेट कारोबारी बताया था। स्थानीय स्तर पर जांच एवं प्रतिष्ठित लोगों से मिली सकारात्मक प्रतिक्रिया के बाद यह रिश्ता तय किया गया था।

कैसे हुआ खुलासा?

यूपी पुलिस के अनुसार, शादी के करीब दो साल बाद सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से अनुज त्रिवेदी के खिलाफ लगाए गए कथित धोखाधड़ी के आरोप सामने आए। पुलिस ने बताया कि जांच में उसके खिलाफ महाराष्ट्र समेत देश के कई राज्यों में महिलाओं को कथित रूप से प्रेम जाल में फंसाकर उनसे धोखाधड़ी करने के आरोप सामने आए। पुलिस के मुताबिक, अनुज त्रिवेदी पर फर्जी पहचान के आधार पर करीब 25 शादियां करने और धोखाधड़ी करने के आरोप हैं।

बाप-बेटा गिरफ्तार

पुलिस ने बताया कि इन आरोपों और पीड़ित महिलाओं की शिकायतों के आधार पर अनुज त्रिवेदी और उसके बेटे प्रखर त्रिवेदी को गिरफ्तार किया गया। विधायक ज्ञान तिवारी ने अनुज त्रिवेदी और उसके परिवार से सभी संबंध खत्म करने की घोषणा की है। रेउसा थाने में दी गई शिकायत में विधायक ने आरोप लगाया कि अनुज त्रिवेदी ने अपना आपराधिक इतिहास और पूर्व के मुकदमों की जानकारी छिपाकर उनके परिवार को धोखे में रखा। इसी आधार पर शादी का रिश्ता तय हुआ।

उन्होंने बताया कि इस घटना से उनके परिवार को गहरा सदमा और एक जनप्रतिनिधि के रूप में उनकी सामाजिक छवि को नुकसान पहुंचा है। रेउसा थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) के तहत अनुज त्रिवेदी के खिलाफ मामला दर्ज कर किया गया है।

2024 में हुई थी विधायक की बेटी की शादी

शिकायत के अनुसार, विधायक ज्ञान तिवारी की बेटी प्रज्ञा की शादी वर्ष 2024 में प्रखर त्रिवेदी के साथ हुई थी। विधायक का आरोप है कि शादी के समय प्रखर के पिता अनुज त्रिवेदी ने खुद को मुंबई का एक प्रतिष्ठित और स्थापित रियल एस्टेट कारोबारी बताया था। परिवार की ओर से स्थानीय स्तर पर जानकारी भी जुटाई गई थी। कुछ प्रभावशाली लोगों से मिली सकारात्मक प्रतिक्रिया के बाद रिश्ता तय किया गया।

उस समय परिवार को कथित तौर पर ऐसी किसी जानकारी का पता नहीं था, जिसे अब शिकायत में गंभीर आरोपों के रूप में सामने रखा गया है। विधायक के मुताबिक, शादी के करीब ढाई साल बाद परिवार को सोशल मीडिया और दूसरे माध्यमों से प्रखर त्रिवेदी की कथित गतिविधियों के बारे में जानकारी मिलने लगी। आरोप लगाया गया कि प्रखर ने अलग-अलग राज्यों में कई महिलाओं के साथ कथित तौर पर फर्जी पहचान के आधार पर संबंध बनाए और उनसे बड़ी रकम हासिल की।

विधायक ने बेटी को वापस घर बुलाया

जब विधायक के परिवार को कथित गतिविधियों की जानकारी मिली, तो ज्ञान तिवारी ने कहा कि उन्होंने आरोपी परिवार से संबंध खत्म कर लिए और अपनी बेटी को वापस घर ले आए। विधायक ने इस पूरे घटनाक्रम से परिवार को हुए मानसिक और भावनात्मक नुकसान की भी बात कही। उन्होंने दावा किया कि इस मामले का असर उनकी सार्वजनिक छवि पर भी पड़ा है।

सोशल मीडिया वीडियो में ने खोला राज

ज्ञान तिवारी ने 6 अगस्त को सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर मामले को सार्वजनिक किया। वीडियो में वह अपनी बेटी के साथ नजर आए। उन्होंने आरोपी परिवार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की और कहा कि अगर उनके दामाद के खिलाफ लगाए गए आरोप जांच में साबित होते हैं, तो कानून के तहत उसे भी कठोरतम सजा मिलनी चाहिए। विधायक ने अपने बयान में अनुज त्रिवेदी के लिए तो मौत की सजा तक की मांग की।

आगे की जांच जारी

अब जांच एजेंसियां आरोपों से जुड़े दस्तावेज, कथित पहचान, पूर्व संबंधों, आर्थिक लेन-देन और अन्य महिलाओं से जुड़े दावों की पड़ताल कर सकती हैं। बॉलीवुड फिल्म में फर्जी पहचान के जरिए महिलाओं को कथित तौर पर धोखा देने वाले किरदार की कहानी दर्शकों के सामने आई थी। उत्तर प्रदेश का यह मामला भी पहली नजर में उसी तरह की कहानी जैसा दिखाई दे रहा है। लेकिन यहां सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि 25 शादियों और महिलाओं से ठगी के आरोप अभी आरोप ही हैं। इनकी वास्तविकता पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी।

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फिलहाल इस मामले ने इसलिए सनसनी मचा दी है क्योंकि शिकायतकर्ता कोई आम व्यक्ति नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के एक BJP विधायक हैं। आरोप सीधे उनके अपने परिवार में हुई शादी से जुड़े हैं। अब जांच का सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह वास्तव में कई महिलाओं को फर्जी पहचान के जरिए कथित तौर पर फंसाने का मामला है, या आरोपों के पीछे कोई अलग कहानी है? पुलिस जांच और अदालत की कार्यवाही से ही इसका अंतिम सच सामने आएगा।

8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग में अब सामने आईं ये 5 मांगें, पांच बड़े अपडेट जान लीजिए

8th Pay Commission: आठवें वेतन आयोग ने दिल्ली में 7 अगस्त को केंद्र सरकार के एंप्लॉयीज यूनियंस, पेंशनर्स और मामले से जुड़े दूसरे पक्षों के साथ चर्चा शुरू कर दी। आयोग दिल्ली में 10 अगस्त तक एंप्लॉयीज के प्रतिनिधिमंडलों से वेतन में संशोधन को लेकर उनकी राय जानने की कोशिश करेगा। इससे पहले आयोग कोलकाता सहित देश के कई शेयरों में वेतन में संशोधन को लेकर एंप्लॉयीज के प्रतिनिधिमंडलों के साथ चर्चा कर चुका है।

अगले हफ्तों में इन शहरों में प्रतिनिधिमंडलों की राय जानेगा आयोग

आयोग का कार्यक्रम आने वाले हफ्तों में चेन्नई, पुद्दुचेरी, चंडीगढ़ और जयपुर जाने का है। इन शेयरों में वह केंद्र सरकार के एंप्लॉयीज और पेंशनर्स के प्रतिनिधियों के साथ वेतन में संशोधन को लेकर उनकी राय जानने की कोशिश करेगा। आठवें वेतन आयोग का गठन नवंबर 2025 में हुआ था। इसे 18 महीनों में अपनी रिपोर्ट देनी है। मान जा रहा है कि अगले साल जून तक यह अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप देगा। सरकार रिपोर्ट पर विचार करने के बाद एंप्लॉयीज के वेतन में संशोधन का फैसला लेगी।

केंद्र सरकार के स्कूलों के शिक्षकों ने आयोग को बताई मांगें

सूत्रों ने बताया कि आयोग को दिल्ली में केंद्र सरकार के स्कूलों के शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडलों ने अपनी मांगों के बारे में बताया है। इनमें कुछ नई मांगें भी शामिल हैं। एक प्रमुख मांग शिक्षकों की रिटायरमेंट की उम्र बढ़ाने की है। उनका कहना है कि इसे बढ़ाकर 65 साल किया जाना चाहिए। अगर सरकार यह मांग मानती है तो इससे केंद्र सरकार के स्कूलों में नए शिक्षकों की भर्ती पर असर पड़ सकता है।

शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडलों की पांच सबसे प्रमुख मांगे

दूसरी मांग टीचर्स के प्रमोशन से जुड़ी है। प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि स्कूलों में 50 फीसदी डिपार्टमेंट टीचर्स का प्रमोशन प्रिंसिपल के पोस्ट पर होना चाहिए। इसके अलावा हर विषय के प्रमुख के लिए नया प्रमोशनल पोस्ट बनाया जाना चाहिए। इसका ग्रेड पे 5,400 होना चाहिए। वाइस-प्रिंसिपल का ग्रेड पे बढ़ाकर 6,600 रुपये किया जाना चाहिए। इसके अलावा टीचर्स एसोसिएशंस ने लीव की संख्या बढ़ाए जाने की भी मांग की है। उनका कहना है कि दिल्ली सरकार के शिक्षकों को भी सीजीएचएस मेडिकल सुविधा मिलनी चाहिए।

नए फिटमेंट फैक्टर पर लगी एंप्लॉयीज की नजरें  

इस बीच केंद्र सरकार के एंप्लॉयीज की सैलरी में होने वाली बढ़ोतरी को लेकर अलग-अलग अनुमान लगाए जा रहे हैं। कुछ जानकारों का कहना है कि आठवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने पर सैलरी में 30-34 फीसदी तक इजाफा हो सकता है। नजरें फिटमेंट फैक्टर पर टिकी हैं। आयोग की तरफ से तय फिटमेंट फैक्टर पर ही सैलरी में होने वाली बढ़ोतरी निर्भर करेगी।

1.83 से 2.46 के बीच रह सकता है फिटमेंट फैक्टर

सूत्रों का कहना है कि फिटमेंट फैक्टर 1.83 से 2.46 के बीच रह सकता है। जानकारों का कहना है कि केंद्र सरकार के एंप्लॉयीज को रूप में भी काफी पैसे मिलेंगे। इससे बाजार में कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, ऑटो और रियल एस्टेट सेक्टर में मांग बढ़ सकती है।

Siddhant Chaturvedi: सिद्धांत चतुर्वेदी ने खरीदा 12.63 करोड़ रुपये का अपार्टमेंट, कुछ वीक पहले भी 13.91 करोड़ की प्रॉर्पटी में कर चुके हैं इनवेस्ट

Siddhant Chaturvedi: खबरों के मुताबिक सिद्धांत चतुर्वेदी ने मुंबई में अपनी प्रॉपर्टी के कलेक्शन में एक और लग्ज़री अपार्टमेंट शामिल किया है। यह खरीदारी उन्होंने अपनी मां के साथ एक और महंगी चीज़ खरीदने के कुछ हफ़्ते बाद ही की है।

रियल एस्टेट कंसल्टेंसी फर्म ‘लियासेस फोरस’ (Liases Foras) को मिले प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन डॉक्यूमेंट्स के अनुसार, सिद्धांत और उनकी मां मीनल लक्ष्मण चतुर्वेदी ने मुंबई के विले पार्ले वेस्ट में 12.63 करोड़ रुपये में एक अपार्टमेंट खरीदा है। यह डील 31 जुलाई, 2026 को रजिस्टर हुई थी।

यह अपार्टमेंट विले पार्ले वेस्ट में 10 N S रोड पर स्थित ‘नमो कृष्णा’ नाम की एक रिहायशी इमारत की सातवीं मंज़िल पर है। इस घर का RERA कारपेट एरिया 1,640.63 स्क्वायर फ़ीट है, जबकि इसका कुल एरिया 1,804.67 स्क्वायर फ़ीट है। इस प्रॉपर्टी के साथ ऑटोमैटिक रोबोटिक कार पार्किंग की सुविधा भी मिलती है। सिद्धांत और मीनल ने यह अपार्टमेंट रेलकॉन इंफ्राप्रोजेक्ट्स लिमिटेड से खरीदा और स्टैम्प ड्यूटी के तौर पर 75.76 लाख रुपये का भुगतान किया।

इस हालिया खरीद की दिलचस्प बात यह है कि ‘गली बॉय’ एक्टर ने कुछ हफ़्ते पहले ही इसी इमारत में एक और अपार्टमेंट खरीदा था। 19 जून, 2026 को एक्टर और उनकी माँ ने 13.91 करोड़ रुपये में छठी मंज़िल पर एक अपार्टमेंट खरीदा। इस प्रॉपर्टी का कारपेट एरिया 2,173.87 स्क्वायर फ़ीट और बिल्ट-अप एरिया 222.24 स्क्वायर मीटर है। इसे सुचिता रमेश देवरा से ‘एग्रीमेंट फ़ॉर सेल’ (बिक्री के समझौते) के ज़रिए खरीदा गया था।

इस नई खरीद के साथ, सिद्धांत और उनकी मां ने दो महीने से भी कम समय में एक ही बिल्डिंग में दो अपार्टमेंट पर 26.5 करोड़ रुपये से ज़्यादा खर्च कर दिए हैं। सिद्धांत चतुर्वेदी ने सबसे पहले अमेज़न प्राइम वीडियो सीरीज़ ‘इनसाइड एज’ (2017–19) में एक टीनएज क्रिकेटर का रोल निभाया था।

इसके बाद उन्होंने म्यूज़िकल ड्रामा ‘गली बॉय’ (2019) में एक स्ट्रीट रैपर के सपोर्टिंग रोल के साथ फ़िल्मों में कदम रखा। अगले कुछ सालों में, चतुर्वेदी ने लीड रोल करने शुरू किए। कमर्शियल तौर पर कुछ मुश्किल दौर के बाद, उन्हें रोमांटिक ड्रामा ‘गहराइयां’ (2022) और ‘खो गए हम कहां’ (2023) जैसी स्ट्रीमिंग फ़िल्मों से सफलता मिली।

कभी टेलर की दुकान थी, आज 70000 करोड़ रुपये मार्केट कैपिटलाइजेशन, जानिए प्रेस्टीज ग्रुप के इरफान रज्जाक की कहानी

सत्तार रज्जाक ने 1956 में बेंगलुरु में टेलर की दुकान खोली थी। बाद में इरफान रज्जाक सहित उनके तीन बेटे भी दुकान में उनकी मदद करने लगे। बाद में परिवार खासकर इरफान ने प्रॉपर्टी के बिजनेस में हाथ आजमाने का फैसला लिया। यह बात 1980 के दशक की है। तब बेंगलुरु शहर का दायरा बढ़ रहा था। प्रॉपर्टी का धंधा जोर पकड़ रहा था। परिवार ने 1986 में प्रेस्टीज एस्टेट्स एंड कंस्ट्रक्शंस नाम से कंपनी शुरू की।

40000 रुपये से रियल एस्टेट बिजनेस की शुरुआत

Prestige Estates and Constructions की शुरुआत सिर्फ 40,000 रुपये की शुरुआती पूंजी से हुई थी। इसका पहला प्रोजेक्ट 10,000 वर्ग फीट की एक ऑफिस ब्लिडिंग था। जैसे-जैसे बेंगलुरु शहर की सीमाएं बढ़ती गई, वैसे-वैसे प्रेस्टीज का कारोबार बढ़ता गया। आज इस कंपनी का नाम कई प्रतिष्ठित और बड़े प्रोजेक्ट्स से जुड़ा है। इनमें Forum Mall, UB City और Kingfisher Towers शामिल हैं।

देश के कई बड़े शहरों में कंपनी के रियल एस्टेट प्रोजेक्टस

Prestige Estates Projects ने 2010 में अपना आईपीओ पेश किया। कंपनी ने इश्यू से करीब 1,200 करोड़ रुपये जुटाए। इस पैसे से कंपनी ने नए बाजारों में अपना कारोबार फैलाया। दक्षिण भारत के रियल एस्टेट मार्केट में कंपनी ने अपनी मजबूत पैठ बनाई। इनमें हैदराबाद, चेन्नई, कोच्चि जैसे शहर शामिल थे। बाद में कंपनी गोवा, पुणे और मुंबई के बाजार में दाखिल हुई। अब तक दिल्ली-एनसीआर में भी कंपनी आ चुकी है।

अगस्त में कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन 70000 करोड़ रुपये

अगस्त 2026 में प्रेस्टीज एस्टेट प्रोजेक्ट्स का मार्केट कैपिटलाइजेशन करीब 70,000 करोड़ रुपये पहुंच चुका है। यह कंपनी आज रेजिडेंशियल, कमर्शियल, रिटेल और हॉस्पिटैलिटी सेगमेंट्स में मौजूद है। देश के कई बड़े शहरों में कंपनी प्रोजेक्ट्स पूरे कर चुकी है। आज देश की सबसे बड़ी रियल एस्टेट कंपनियों की लिस्ट में प्रेस्टीज का नाम शामिल है।

कंपनी के एमडी इरफान रज्जाक का नेटवर्थ करीब 1.5 अरब डॉलर 

इरफान रज्जाक कंपनी के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर हैं। फॉर्ब्स बिलियनेयर्स लिस्ट 2026 के मुताबिक, उनका नेटवर्थ करीब 1.5 अरब डॉलर का है। कंपनी के कामकाज से परिवार के कई सदस्य करीबी रूप से जुड़े हैं। रज्जाक परिवार की दूसरी और तीसरी पीढ़ी के कई सदस्य आज कंपनी में बड़ी जिम्मेदारियां संभाल रहे हैं।

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शेयर ने पांच साल में निवेशकों का पैसा चार  गुना किया 

प्रेस्टीज एस्टेट्स प्रोजेक्ट्स का शेयर का प्राइस 5 अगस्त को 1:30 बजे 0.70 फीसदी चढ़कर 1,604 रुपये चल रहा था। बीते पांच साल में यह शेयर 345 फीसदी चढ़ा है। इसका मतलब है कि इस शेयर ने पांच साल में निवेशकों का पैसा चार गुना से ज्यादा कर दिया है।

YEIDA New Plan: जेवर एयरपोर्ट और फिल्म सिटी के बाद YEIDA का नया धमाका, अब बनेगा एनिमेशन और गेमिंंग पार्क

YEIDA AVGC XR Park Near Jewar Airport: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और इंटरनेशनल फिल्म सिटी के बाद अब यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) ने एक और महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट पर काम शुरू कर दिया है। उत्तर प्रदेश सरकार यमुना एक्सप्रेसवे कॉरिडोर को डिजिटल मीडिया और क्रिएटिव टेक्नोलॉजी का बड़ा हब बनाने की तैयारी में है।

इसी कड़ी में, YEIDA ने जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और आगामी फिल्म सिटी के पास एक अत्याधुनिक AVGC-XR (एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग, कॉमिक्स और एक्सटेंडेड रियल्टी) पार्क विकसित करने की योजना बनाई है।

हाई-टेक सुविधाओं से लैस होगा AVGC-XR पार्क

YEIDA अधिकारियों के अनुसार, इस प्रस्तावित पार्क में आधुनिक और अगली पीढ़ी के कंटेंट निर्माण से जुड़ी तमाम आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी:

एनिमेशन और VFX स्टूडियो: फिल्मों और शो के लिए हाई-एंड विजुअल इफेक्ट्स लैब।

गेम डेवलपमेंट एंड डिजाइन सेंटर्स: वीडियो गेमिंग और डिजाइनिंग के लिए एडवांस्ड इंफ्रास्ट्रक्चर।

मोशन कैप्चर और वर्चुअल प्रोडक्शन: फिल्मों और विजुअल मीडिया के लिए आधुनिक शूटिंग तकनीक।

AI और VR/AR लैब्स: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI)-पावर्ड कंटेंट निर्माण, एक्सटेंडेड रियल्टी (XR), वर्चुअल रियल्टी (VR) और ऑगमेंटेड रियल्टी (AR) लैब्स।

सेक्टर-21 की फिल्म सिटी के साथ मिलकर करेगा काम

यह AVGC-XR पार्क सेक्टर-21 में बन रही इंटरनेशनल फिल्म सिटी से महज 4 किलोमीटर की दूरी पर होगा, जो नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के बिल्कुल नजदीक स्थित है।

YEIDA के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘यह पार्क एक ऐसा एकीकृत इकोसिस्टम बनाएगा जहां फिल्म निर्माण, एनिमेशन, गेमिंग और विजुअल इफेक्ट्स एक ही जगह उपलब्ध होंगे। इससे भारतीय कंटेंट क्रिएटर्स को विदेशी प्रोडक्शन हाउस पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा और यह पार्क घरेलू व वैश्विक स्टूडियोज को भारत की ओर आकर्षित करेगा।’

केंद्र सरकार के विजन के अनुकूल है प्रोजेक्ट

यह परियोजना भारत सरकार की उस नीति से भी मेल खाती है, जिसके तहत देश को एनिमेशन, गेमिंग और विजुअल मीडिया (AVGC-XR) के क्षेत्र में ग्लोबल हब बनाने का लक्ष्य रखा गया है। डिजिटल कंटेंट, मोबाइल गेमिंग और AI क्रिएशन टूल्स की बढ़ती मांग के कारण भारत में AVGC-XR सेक्टर मीडिया और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री का सबसे तेजी से बढ़ता हुआ हिस्सा बन चुका है।

युवाओं के लिए खुलेंगे रोजगार के नए रास्ते

इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट से जेवर और आसपास के इलाकों का आर्थिक परिदृश्य पूरी तरह बदल जाएगा:

रोजगार के मौके: एनिमेशन, गेम डिजाइन, विजुअल इफेक्ट्स (VFX), एआई और डिजिटल कंटेंट क्रिएशन के क्षेत्र में युवाओं के लिए हजारों नौकरियों के अवसर पैदा होंगे।

इन्वेस्टमेंट हब: यमुना एक्सप्रेसवे कॉरिडोर पहले से ही सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, मेडिकल डिवाइसेज, लॉजिस्टिक्स और रियल एस्टेट का बड़ा केंद्र बन रहा है। इस पार्क के जुड़ने से यहां वैश्विक स्तर का टेक-क्रिएटिव इकोसिस्टम तैयार होगा।

Stocks to Watch: 5 अगस्त को फोकस में रहेंगे ये 19 स्टॉक्स, दिख सकती है बड़ी हलचल

Stocks to Watch: बुधवार, 5 अगस्त के कारोबारी सत्र में कई बड़े शेयर फोकस में रहने वाले हैं। कुछ कंपनियों ने जून तिमाही के दमदार नतीजे पेश किए हैं। कुछ के शेयर बड़े कॉरपोरेट ऐलान की वजह से चर्चा में रहेंगे। इसके अलावा HDFC Bank की AGM और RBI की मौद्रिक नीति का फैसला भी बाजार की दिशा तय कर सकता है। ऐसे में इन 19 शेयरों पर निवेशकों की खास नजर रहेगी।

HDFC Bank

प्राइवेट सेक्टर का सबसे बड़ा बैंक HDFC Bank की 32वीं सालाना आम बैठक (AGM) 5 अगस्त को होगी। बैठक में नए नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन राजीव कुमार की नियुक्ति पर मुहर लग सकती है। बैंक AT-1, Tier-II और लॉन्ग-टर्म बॉन्ड के जरिए फंड जुटाने की मंजूरी भी मांगेगा। नए CEO की नियुक्ति पर भी बाजार की नजर रहेगी।

Marico

FMCG कंपनी Marico का जून तिमाही का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा 27% बढ़कर ₹652 करोड़ हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹513 करोड़ था। कंपनी का रेवेन्यू 23% बढ़कर ₹3,957 करोड़ पहुंच गया। मुनाफा और रेवेन्यू दोनों बाजार के अनुमान से बेहतर रहे।

Bharti Airtel

टेलीकॉम कंपनी Bharti Airtel का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा तिमाही आधार पर 11.5% बढ़कर ₹8,167 करोड़ रहा। रेवेन्यू 5.7% बढ़कर ₹58,539 करोड़ और EBITDA 4.8% बढ़कर ₹33,599 करोड़ पहुंच गया। ARPU बढ़कर ₹264 हो गया। मुनाफा अनुमान से कम रहा, लेकिन रेवेन्यू, EBITDA और मार्जिन उम्मीद से बेहतर रहे।

LIC

सरकारी बीमा कंपनी LIC के OFS में सरकार ने 4% के ग्रीनशू ऑप्शन का इस्तेमाल करने का फैसला किया है। इसके बाद OFS का आकार बढ़कर 6.5% हिस्सेदारी के बराबर हो जाएगा। शुरुआती ऑफर 2.5% हिस्सेदारी का था। बेहतर मांग मिलने के बाद सरकार ने ओवरसब्सक्रिप्शन विकल्प का इस्तेमाल किया।

Nykaa

ब्यूटी और लाइफस्टाइल ई-कॉमर्स कंपनी Nykaa का जून तिमाही का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर करीब 3 गुना बढ़कर ₹79.7 करोड़ हो गया। पिछले साल यह ₹24.4 करोड़ था। रेवेन्यू 29.1% बढ़कर ₹2,782 करोड़ और EBITDA 67.8% बढ़कर ₹236 करोड़ रहा। EBITDA मार्जिन 6.5% से बढ़कर 8.5% हो गया।

ONGC

सरकारी महारत्न तेल एवं गैस कंपनी ONGC का स्टैंडअलोन शुद्ध मुनाफा तिमाही आधार पर 156% बढ़कर ₹17,034 करोड़ पहुंच गया। यह बाजार के अनुमान से भी काफी बेहतर रहा। कंपनी की कुल आय 29.3% बढ़कर ₹46,461 करोड़ और EBITDA 124% बढ़ा। कंपनी ने अब तक का सबसे ऊंचा प्री-टैक्स प्रॉफिट भी दर्ज किया।

NHPC

सरकारी पावर कंपनी NHPC का जून तिमाही का शुद्ध मुनाफा 2.9% बढ़कर ₹1,095.87 करोड़ हो गया। रेवेन्यू 18.5% बढ़कर ₹3,808.31 करोड़ रहा। EBITDA 30.6% बढ़कर ₹2,352.19 करोड़ पहुंच गया। EBITDA मार्जिन 56.1% से बढ़कर 61.8% हो गया।

Tata Investment Corporation

निवेश कंपनी Tata Investment Corporation का जून तिमाही का शुद्ध मुनाफा ₹139 करोड़ से बढ़कर ₹164 करोड़ हो गया। कंपनी की आय भी ₹170 करोड़ से बढ़कर ₹209 करोड़ पहुंच गई। तिमाही के दौरान निवेश से बेहतर कमाई का असर नतीजों में दिखा।

MCX

कमोडिटी एक्सचेंज MCX का शुद्ध मुनाफा तिमाही आधार पर 22% घटकर ₹413.4 करोड़ रह गया। कंपनी की आय 21% घटकर ₹702 करोड़ रही। EBITDA 26% घटकर ₹494 करोड़ और EBITDA मार्जिन 74.9% से घटकर 70.4% पर आ गया।

Bharti Hexacom

टेलीकॉम कंपनी Bharti Hexacom का शुद्ध मुनाफा 23.2% बढ़कर ₹482.4 करोड़ हो गया। रेवेन्यू 10.9% बढ़कर ₹2,510 करोड़ रहा। EBITDA 13.9% बढ़कर ₹1,322.2 करोड़ पहुंच गया। EBITDA मार्जिन 51.29% से बढ़कर 52.68% हो गया।

Sundram Fasteners

ऑटो कंपोनेंट्स कंपनी Sundram Fasteners का शुद्ध मुनाफा ₹138 करोड़ से बढ़कर ₹151 करोड़ हो गया। कंपनी की आय भी ₹1,350 करोड़ से बढ़कर ₹1,615 करोड़ पहुंच गई। मजबूत बिक्री से कंपनी के नतीजों में सुधार देखने को मिला।

Deepak Nitrite

केमिकल कंपनी Deepak Nitrite का जून तिमाही का शुद्ध मुनाफा ₹345 करोड़ रहा। पिछले साल यह ₹112.2 करोड़ था। रेवेन्यू 36.4% बढ़कर ₹2,577.6 करोड़ और EBITDA ₹189.4 करोड़ से बढ़कर ₹540.2 करोड़ हो गया। EBITDA मार्जिन 10.03% से बढ़कर 20.96% पहुंच गया।

Castrol India

लुब्रिकेंट कंपनी Castrol India का शुद्ध मुनाफा 42.5% बढ़कर ₹347 करोड़ हो गया। रेवेन्यू 25% बढ़कर ₹1,871 करोड़ और EBITDA 40.8% बढ़कर ₹599.4 करोड़ रहा। कंपनी ने ₹6.25 प्रति शेयर अंतरिम डिविडेंड का भी ऐलान किया है।

Dredging Corporation of India

सरकारी ड्रेजिंग कंपनी Dredging Corporation of India घाटे से मुनाफे में लौट आई है। कंपनी ने ₹11.23 करोड़ का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया। पिछले साल इसी तिमाही में ₹23.33 करोड़ का घाटा हुआ था। रेवेन्यू 46.7% बढ़कर ₹355.4 करोड़ और EBITDA 32% बढ़कर ₹62 करोड़ रहा।

BSE

स्टॉक एक्सचेंज BSE का शुद्ध मुनाफा तिमाही आधार पर 9.6% बढ़कर ₹874 करोड़ हो गया। रेवेन्यू ₹1,566 करोड़ रहा। कंपनी ने India International Bullion Holding (IIBH) में अपनी हिस्सेदारी 3.33% से बढ़ाकर 20% करने का भी फैसला किया है।

PNB Housing Finance

हाउसिंग फाइनेंस कंपनी PNB Housing Finance का शुद्ध मुनाफा 4.3% बढ़कर ₹554.5 करोड़ हो गया। नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) 7.5% बढ़कर ₹788.4 करोड़ पहुंच गई। कंपनी का लोन कारोबार लगातार बढ़ता रहा।

United Breweries

बीयर बनाने वाली कंपनी United Breweries का शुद्ध मुनाफा 9.5% घटकर ₹166 करोड़ रह गया। हालांकि, रेवेन्यू 7.1% बढ़कर ₹3,067 करोड़ पहुंच गया। EBITDA 9.1% घटकर ₹283 करोड़ रहा। EBITDA मार्जिन 10.9% से घटकर 9.2% हो गया।

ASK Automotive

ऑटो कंपोनेंट्स कंपनी ASK Automotive का शुद्ध मुनाफा 28.8% बढ़कर ₹85.12 करोड़ हो गया। रेवेन्यू 52.4% बढ़कर ₹1,358.1 करोड़ और EBITDA 34.3% बढ़कर ₹160.6 करोड़ रहा। हालांकि, EBITDA मार्जिन 13.42% से घटकर 11.83% रह गया।

Metropolis Healthcare

डायग्नोस्टिक कंपनी Metropolis Healthcare का शुद्ध मुनाफा 25.8% बढ़कर ₹57 करोड़ हो गया। रेवेन्यू 16.6% बढ़कर ₹450 करोड़ रहा। EBITDA 22% बढ़कर ₹217 करोड़ पहुंच गया। EBITDA मार्जिन बढ़कर 48.3% हो गया।

RBI की मौद्रिक नीति

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति बैठक के फैसले पर बुधवार को बाजार की नजर रहेगी। गवर्नर संजय मल्होत्रा रेपो रेट, महंगाई, GDP ग्रोथ और पॉलिसी रुख का ऐलान करेंगे। उनके बयान का असर बैंकिंग, ऑटो, रियल एस्टेट और हाउसिंग फाइनेंस शेयरों पर देखने को मिल सकता है।

तिमाही नतीजे

कई कंपनियां 5 अगस्त को जून तिमाही के नतीजे जारी करेंगी। इनमें Aegis Vopak Terminals, Allcargo Logistics, Arisinfra Solutions, Asahi India Glass, Aurobindo Pharma, Bikaji Foods International, Biocon और Cummins India जैसी कंपनियां शामिल हैं। इन शेयरों पर कारोबार के दौरान नजर रहेगी।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

आस्था स्पिनटेक्स की फाल्कन यार्न्स को ₹51 करोड़ के ऑर्डर, बोनस शेयर और डिविडेंड का भी किया है ऐलान

Aastha Spintex: गुजरात की इंटीग्रेटेड कॉटन यार्न निर्माता कंपनी आस्था स्पिनटेक्स लिमिटेड ने अपनी सहायक कंपनी Falcon Yarns Pvt. Ltd. के लिए ₹51.46 करोड़ की ऑर्डर बुक का ऐलान किया है। ये ऑर्डर अगस्त से अक्टूबर 2026 के बीच पूरे किए जाएंगे। कंपनी का कहना है कि इससे आने वाली तिमाहियों के रेवेन्यू को मजबूती मिलेगी।

10 से ज्यादा ग्राहकों से मिले ऑर्डर

कंपनी को 10 से अधिक ग्राहकों से 38 कन्फर्म ऑर्डर मिले हैं। इनके तहत 17.35 लाख किलोग्राम कॉटन यार्न की सप्लाई की जाएगी। यह ऑर्डर बुक कंपनी के वित्त वर्ष 2025-26 के कुल रेवेन्यू का करीब 20.62% है।

ऑर्डर देने वाले प्रमुख ग्राहकों में Fair Deal, Elkins TradeLinks, ACME Textile जैसी कंपनियां शामिल हैं। कंपनी ने इस दौरान A M Trading को नए ग्राहक के रूप में भी जोड़ा है।

बोनस शेयर और विस्तार की तैयारी

बोर्ड ने Aastha Spintexकी थ्री-पिलर ग्रोथ स्ट्रैटेजी को मंजूरी दी है। इसके तहत 1:1 बोनस शेयर, डिविडेंड और फैब्रिक मैन्युफैक्चरिंग में फॉरवर्ड इंटीग्रेशन शामिल है। कंपनी के मुताबिक, वो अब केवल यार्न निर्माता नहीं रहना चाहती, बल्कि इंटीग्रेटेड टेक्सटाइल कंपनी बनने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

23 जुलाई को हुई बोर्ड बैठक में 1:1 बोनस इश्यू को मंजूरी दी गई। साथ ही अधिकृत शेयर पूंजी ₹45 करोड़ से बढ़ाकर ₹100 करोड़ करने का प्रस्ताव भी रखा गया। कंपनी ने वित्त वर्ष 2026 के लिए ₹10 फेस वैल्यू वाले प्रत्येक शेयर पर ₹0.10 के फाइनल डिविडेंड की भी सिफारिश की है। इसे AGM में शेयरधारकों की मंजूरी मिलनी बाकी है।

पिछले साल कैसा रहा प्रदर्शन?

वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का रेवेन्यू ₹352 करोड़ और शुद्ध मुनाफा ₹23.8 करोड़ रहा। कंपनी के मुताबिक, पिछले चार वर्षों में उसका मुनाफा करीब 2,200% बढ़ा है। यह लगभग ₹1 करोड़ से बढ़कर ₹23.8 करोड़ हो गया।

मैनेजमेंट का कहना है कि मजबूत ऑर्डर बुक, ग्राहकों का भरोसा और वैल्यू-एडेड टेक्सटाइल कारोबार में विस्तार की रणनीति आने वाले समय में कंपनी की ग्रोथ को नई रफ्तार दे सकती है।

DLF Q1 Results: रियल एस्टेट कंपनी मुनाफा बढ़ा, लेकिन रेवेन्यू घटकर आधा हुआ; शेयरों पर रहेगी नजर

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Chavda Infra: बोनस शेयर और डिविडेंड की सिफारिश, विस्तार के लिए निवेश बढ़ाने का प्लान

Chavda Infra: इंटीग्रेटेड इंफ्रास्ट्रक्चर और कंस्ट्रक्शन कंपनी चावड़ा इंफ्रा लिमिटेड के बोर्ड ने बोनस शेयर जारी करने और डिविडेंड देने की सिफारिश की है। यह फैसला 3 अगस्त की बोर्ड मीटिंग में हुआ।

कंपनी ने बताया कि यह प्रस्ताव जरूरी रेगुलेटरी और शेयरधारकों की मंजूरी के बाद लागू होगा। कंपनी का कहना है कि यह फैसला शेयरधारकों को बेहतर रिटर्न देने और लंबी अवधि में वैल्यू क्रिएशन की रणनीति का हिस्सा है।

₹89.45 करोड़ का नया प्रोजेक्ट मिला

चावड़ा इंफ्रा को हाल ही में ADI Shantigram Abode LLP से ₹89.45 करोड़ का लेटर ऑफ एक्सेप्टेंस (LOA) मिला है। इसके तहत अहमदाबाद के अदाणी शांतिग्राम टाउनशिप में प्रस्तावित हाई-राइज रेजिडेंशियल बिल्डिंग का कोर और शेल निर्माण किया जाएगा। यह प्रोजेक्ट अगले 24 महीनों में पूरा किया जाना है। कंपनी का दावा है कि इससे उसके प्रीमियम प्रोजेक्ट पोर्टफोलियो को और मजबूती मिलेगी।

FY26 में मजबूत रही ग्रोथ

वित्त वर्ष 2025-26 में चावड़ा इंफ्रा का ऑपरेशन्स से रेवेन्यू 22.6% बढ़कर ₹320.6 करोड़ पहुंच गया। वहीं, मार्च तिमाही (Q4 FY26) में रेवेन्यू 49.8% की सालाना बढ़त के साथ ₹167.6 करोड़ रहा। कंपनी ने बताया कि रेजिडेंशियल, कमर्शियल और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में मजबूत कामकाज की वजह से यह ग्रोथ हासिल हुई।

विस्तार पर फोकस

चावड़ा इंफ्रा का बड़े और हाई-राइज प्रोजेक्ट्स के लिए अपनी क्षमता बढ़ाने का प्लान है। इसके लिए एडवांस्ड एल्युमीनियम फॉर्मवर्क सिस्टम में निवेश किया है। कंपनी का कहना है कि इससे निर्माण की रफ्तार बढ़ेगी और गुणवत्ता में भी सुधार होगा।

कंपनी ने यह भी बताया कि उसने वित्त वर्ष 2026 में अवनी आयाम, अभिषेक, राजश्री रेगलिया, मोंडील वन, राजुल ग्रीन्स और मनाली रीडेवलपमेंट जैसे कई प्रोजेक्ट सफलतापूर्वक पूरे किए हैं। इसके अलावा कंपनी AA+ कॉन्ट्रैक्टर क्लासिफिकेशन हासिल करने की प्रक्रिया में भी है। इससे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर और संस्थागत प्रोजेक्ट्स के लिए उसकी पात्रता बढ़ेगी।

कंपनी ने क्या कहा?

मैनेजिंग डायरेक्टर महेशकुमार चावड़ा ने कहा कि कंपनी का फोकस ऑपरेशनल एक्सीलेंस, मजबूत प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन और लॉन्ग टर्म ग्रोथ पर है।

उन्होंने कहा कि हालिया प्रोजेक्ट के साथ बोनस शेयर और डिविडेंड का प्रस्ताव कंपनी की मजबूत कारोबारी स्थिति और शेयरधारकों के साथ ग्रोथ का लाभ साझा करने की प्रतिबद्धता को दिखाता है।

DLF Q1 Results: रियल एस्टेट कंपनी मुनाफा बढ़ा, लेकिन रेवेन्यू घटकर आधा हुआ; शेयरों पर रहेगी नजर

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

DLF Q1 Results: रियल एस्टेट कंपनी मुनाफा बढ़ा, लेकिन रेवेन्यू घटकर आधा हुआ; शेयरों पर रहेगी नजर

DLF Q1 Results: रियल एस्टेट कंपनी DLF ने जून तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 4.1% बढ़कर ₹793.9 करोड़ हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹762.7 करोड़ था।

हालांकि, कंपनी का रेवेन्यू 52.9% घटकर ₹1,280.3 करोड़ रह गया। एक साल पहले यह ₹2,716.7 करोड़ था।

ऑपरेटिंग प्रदर्शन रहा कमजोर

जून तिमाही में DLF का EBITDA 58.7% घटकर ₹150.3 करोड़ रह गया, जो पिछले साल ₹364.2 करोड़ था। वहीं, EBITDA मार्जिन 13.4% से घटकर 11.7% पर आ गया।

इसके बावजूद कंपनी का ग्रॉस मार्जिन 51% रहा। तिमाही के दौरान DLF ने ₹1,317 करोड़ का ऑपरेटिंग कैश फ्लो बनाया। इससे कंपनी की नेट कैश पोजिशन बढ़कर ₹15,200 करोड़ हो गई।

लॉन्च में देरी से घटी बिक्री

जून तिमाही में DLF की नई सेल्स बुकिंग ₹657 करोड़ रही। DLF ने कहा कि कुछ प्रोजेक्ट्स के लॉन्च में देरी की वजह से यह आंकड़ा प्रभावित हुआ। कंपनी को उम्मीद है कि जरूरी मंजूरियां जल्द मिलेंगी और नए प्रोजेक्ट्स लॉन्च किए जाएंगे।

कंपनी का कहना है कि मजबूत ब्रांड, ग्राहकों की लगातार मांग और आने वाले प्रोजेक्ट्स की पाइपलाइन के दम पर वह मध्यम अवधि के ग्रोथ लक्ष्य हासिल करने को लेकर आश्वस्त है।

रेंटल कारोबार बना मजबूत

DLF का करीब 5 करोड़ वर्ग फुट का रेंटल पोर्टफोलियो 95% ऑक्यूपेंसी के साथ मजबूत बना हुआ है। कंपनी का फोकस लंबे समय में अपने रेंटल बिजनेस को और बढ़ाने पर है।

चालू वित्त वर्ष में DLF करीब 15 लाख वर्ग फुट के तीन नए रिटेल प्रोजेक्ट शुरू करेगी। इनमें DLF Midtown Plaza (नई दिल्ली), DLF Summit Plaza (गुरुग्राम) और DLF Promenade (गोवा) शामिल हैं।

DCCDL का प्रदर्शन भी मजबूत

DLF की सहयोगी कंपनी DLF Cyber City Developers Limited (DCCDL) का प्रदर्शन भी मजबूत रहा। जून तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू ₹1,917 करोड़ रहा। EBITDA 9% बढ़कर ₹1,474 करोड़ और शुद्ध मुनाफा 21% बढ़कर ₹717 करोड़ हो गया।

DLF ने क्या कहा?

DLF का कहना है कि मजबूत लैंड बैंक, नए प्रोजेक्ट्स की बड़ी पाइपलाइन, मजबूत बैलेंस शीट और लगातार बढ़ता कैश फ्लो कंपनी को रियल एस्टेट सेक्टर की तेजी का फायदा उठाने में मदद करेगा। कंपनी का फोकस आगे भी लाभदायक और टिकाऊ ग्रोथ पर रहेगा।

DLF का शेयर सोमवार को 0.62% की बढ़त के साथ ₹663 पर बंद हुआ।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।