गौतम बुद्ध नगर में लगेंगे 4 बड़े ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर! 1710 करोड़ की इन 4 GCC परियोजनाओं को मिली मंजूरी

उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने मंगलवार को गौतम बुद्ध नगर में चार कंपनियों के ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) खोलने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। इनमें हैवेल्स इंडिया, अमेरिप्राइज इंडिया LLP, मेटलाइफ ग्लोबल ऑपरेशंस सपोर्ट सेंटर प्राइवेट लिमिटेड और LG सॉफ्ट इंडिया प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं। इन केंद्रों को स्थापित करने के लिए कुल 1,709.84 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। इसके लिए चारों कंपनियों को लेटर ऑफ कम्फर्ट जारी करने की मंजूरी दी गई है। इन कंपनियों की योजना गौतम बुद्ध नगर में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) स्थापित करने की है। सरकार के इस फैसले से जिले में निवेश को बढ़ावा देने और कंपनियों के विस्तार के लिए नए अवसर मिलने की उम्मीद है।

इन चारों कंपनियों के प्रोजेक्ट शुरू होने से उत्तर प्रदेश में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) के कामकाज को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इससे तकनीकी और बिजनेस से जुड़े काम बढ़ेंगे और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो सकते हैं।

चार कंपनियों को निवेश की मिली मंजूरी

उत्तर प्रदेश ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर नीति-2024 के तहत चार कंपनियों के निवेश प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। गौतम बुद्ध नगर में निवेश करने वाली चारों कंपनियों ने अपनी योजनाओं के तहत अलग-अलग रकम लगाने का प्रस्ताव दिया है। इनमें हैवेल्स इंडिया सबसे ज्यादा 879 करोड़ रुपये का निवेश करेगी, जबकि LG सॉफ्ट इंडिया ने 634 करोड़ रुपये लगाने की योजना बनाई है। वहीं, अमेरिप्राइज इंडिया 112.84 करोड़ रुपये और मेटलाइफ ग्लोबल ऑपरेशंस सपोर्ट सेंटर 84 करोड़ रुपये का निवेश करेगा। इन सभी कंपनियों के प्रस्तावित निवेश से जिले में कुल 1,709.84 करोड़ रुपये की राशि आएगी।

जगह की बात करें तो हैवेल्स इंडिया और LG सॉफ्ट इंडिया नोएडा अथॉरिटी के तहत अपने सेंटर खोलेंगी। वहीं, अमेरिप्राइज इंडिया और मेटलाइफ़ गौतम बुद्ध नगर के एम्बेसी ऑक्सीजन बिजनेस पार्क में निजी जमीन पर अपने सेंटर स्थापित करने की योजना बना रही हैं। उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने हैवेल्स इंडिया और LG सॉफ्ट इंडिया को उनके प्रोजेक्ट्स के लिए अलग-अलग मामलों के आधार पर विशेष छूट और आर्थिक सहायता देने की मंजूरी दी है। वहीं, अमेरिप्राइज इंडिया और मेटलाइफ को राज्य की तय नीति के अनुसार निवेश पर मिलने वाली सुविधाओं और प्रोत्साहनों का लाभ मिल सकेगा।

कंपनियों के निवेश के लिए बेहतर जगह बनाना

उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि राज्य सरकार ने 7 मई 2025 को ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) नीति-2024 लागू की थी। इसका मकसद उत्तर प्रदेश को देश और विदेश की बड़ी कंपनियों के निवेश के लिए एक बेहतर जगह बनाना है। इस नीति के जरिए सरकार राज्य में निवेश बढ़ाने और कंपनियों को कारोबार स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित करना चाहती है। इसके बाद, नीति को सही तरीके से लागू करने के लिए सरकार ने 7 जनवरी 2026 को GCC से जुड़े नियम भी जारी किए।

जानें GCC सेंटर के बारे में

चारों कंपनियों के निवेश प्रस्तावों पर 10 जुलाई 2026 को राज्य के मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय समिति की बैठक में चर्चा की गई थी। अब कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद इन कंपनियों को लेटर ऑफ कम्फर्ट जारी करने का रास्ता साफ हो गया है। इससे गौतम बुद्ध नगर में प्रस्तावित ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर स्थापित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी। सरकार के अनुसार, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) ऐसे केंद्र हैं, जहां बड़ी और विदेशी कंपनियां तकनीक, रिसर्च, वित्तीय सेवाओं, डिजिटल कामकाज और इंजीनियरिंग से जुड़े जरूरी कार्य करती हैं। यहां कंपनियों के अंतरराष्ट्रीय कारोबार से जुड़े काम भी संभाले जाते हैं।

भास्कर अपडेट्स:नितिन नवीन कल दिल्ली में निकालेंगे मार्च, CM रेखा गुप्ता समेत दूसरे नेता भी होंगे शामिल

भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन कल चांदनी चौक में ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ नारे के साथ मार्च का नेतृत्व करेंगे। दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, सांसद और पार्टी के अन्य पदाधिकारी भी मार्च में शामिल होंगे। आज की अन्य बड़ी खबरें… जर्मनी में शख्स ने BMW कार से लोगों को रौंदा, 5 घायल जर्मनी में सोमवार देर रात हनोवर के पास एक शख्स ने BMW कार से लोगों को रौंद दिया। हादसे में 5 लोग घायल हुए। पुलिस ने बताया कि कार चालक ने जानबूझकर लोगों को टक्कर मारी। पास में ट्रैफिक जांच कर रही पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। इस दौरान पुलिस ने कार पर गोलियां चलाईं। BMW में सवार लोग मौके से भाग गए। फिलहाल, यह साफ नहीं है कि उन्होंने ऐसा क्यों किया। बेंगलुरु में 2 दिन बाद मिले दंपती के जले हुए शव, लुब्रिकेंट की दुकान में लगी थी आग बेंगलुरु में लुब्रिकेंट की दुकान में आग लगने के दो दिन बाद एक दंपती के जले हुए शव मिले हैं। पुलिस के मुताबिक, मृतकों की पहचान आकाश और उनकी पत्नी नागरत्ना के रूप में हुई है। दोनों KG हॉलि इलाके में एक पेट्रोल पंप पर काम करते थे। पुलिस के मुताबिक, 24 अक्टूबर को KG हॉलि के कामगोंडनहल्ली स्थित एक छोटी लुब्रिकेंट दुकान में आग लगी थी। दुकान एक पुरानी इमारत में थी, जहां लुब्रिकेंट, तेल और दूसरी चीजें बेची जाती थीं। आग लगने की सूचना पर दमकल और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं और आग बुझाई। आग बुझाने के बाद इमारत के कमरों की जांच की गई थी। उस समय माना गया कि सभी लोग बाहर निकल चुके हैं। किसी की मौत की जानकारी भी नहीं मिली थी। सोमवार को इमारत से बदबू आने की सूचना मिलने पर पुलिस ने दोबारा तलाशी ली। इस दौरान दंपती के जले हुए शव मिले। बंगाल की कोयला खदान में फंसे सभी 14 मजदूरों को सुरक्षित निकाला गया, 50 मीटर नीचे अटके थे पश्चिम बंगाल के पश्चिम बर्धमान जिले में कोयला खदान के अंदर फंसे सभी 14 मजदूरों को बचा लिया गया है। ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ECL) के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर सतीश झा ने मंगलवार को इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हादसे में किसी की मौत नहीं हुई है। यह घटना सोमवार को ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड की कुमारडीही-ए भूमिगत खदान में हुई थी। खदान में मजदूरों को ऊपर-नीचे ले जाने वाले पुली सिस्टम में तकनीकी खराबी आ गई थी। इसके कारण मजदूर बाहर नहीं निकल सके। अधिकारियों के मुताबिक, पुली ड्रम से रस्सी फिसलने के कारण मजदूरों को ले जाने वाली व्यवस्था बाधित हो गई थी। उस समय 14 मजदूर करीब 50 मीटर की गहराई पर दो लिफ्टिंग केज में फंसे हुए थे। बचाव अभियान के बाद सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। जम्मू-कश्मीर में आतंकी संगठनों से जुड़े लोगों को संवेदनशील सुरक्षा जानकारी देने के आरोप में 2 गिरफ्तार जम्मू-कश्मीर के जम्मू जिले के आरएस पुरा सीमावर्ती इलाके में पुलिस ने संवेदनशील सुरक्षा जानकारी विदेशी खुफिया एजेंटों और आतंकी संगठनों से जुड़े लोगों तक पहुंचाने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान अखनूर के मथवार निवासी अरुण कुमार और मोखे गांव निवासी गौरव शर्मा के रूप में हुई है। पुलिस ने आरएस पुरा थाने में दोनों के खिलाफ आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम, 1923 की धारा 3 और 5 तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 152 और 61(2) के तहत मामला दर्ज किया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी कथित तौर पर एन्क्रिप्टेड संचार माध्यमों के जरिए राज्य की सुरक्षा से जुड़ी तस्वीरें और इलेक्ट्रॉनिक डेटा विदेशी खुफिया एजेंटों तथा आतंकी संगठनों से जुड़े लोगों के साथ साझा कर रहे थे। इनमें पाकिस्तान स्थित संगठनों से जुड़े लोग भी शामिल बताए गए हैं। ₹100 करोड़ का घोटाला मामले में तमिलनाडु के पूर्व मंत्री को 6 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में भेजा गया तमिलनाडु के पूर्व स्कूल शिक्षा मंत्री और DMK नेता अनबिल महेश को 100 करोड़ रुपये के निजी स्कूल से जुड़े मामले में 6 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। महेश पर आरोप है कि उन्होंने 2021 से 2026 तक स्कूल शिक्षा मंत्री रहने के दौरान 1,000 से ज्यादा प्राइवेट स्कूलों के प्रबंधन से ‘पार्टी फंड’ के नाम पर पैसे वसूले। आरोप है कि इसके बदले स्कूलों को स्थायी मान्यता और अन्य प्रशासनिक मंजूरियां दी गईं। महेश ने मद्रास हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत भी लगाई थी। सोमवार को उनकी याचिका खारिज कर दी गई। कुछ घंटे बाद ही ग्रेटर चेन्नई पुलिस की सेंट्रल क्राइम ब्रांच (CCB) ने उन्हें अरेस्ट कर लिया। दिल्ली के हर्ष विहार में ढही पुरानी इमारत के मलबे से पिता-पुत्र के शव बरामद उत्तर-पूर्वी दिल्ली के हर्ष विहार थाना क्षेत्र के मिलन गार्डन में रविवार शाम ढही इमारत के मलबे से सोमवार को पिता-पुत्र के शव बरामद हुए। मृतकों की पहचान चंद्रपाल (60) और विजय कुमार (33) के रूप में हुई है। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजन को सौंप दिए हैं। मामला दर्ज कर जांच की जा रही है। डीसीपी राहुल अलवाल ने बताया कि रविवार शाम 6:46 बजे सेवा धाम रोड स्थित मिलन गार्डन के ए-4 में इमारत ढह गई थी। पुरानी इमारत के भूतल पर गोदाम था और उसके ऊपर का पहला तल भी ढह गया था। दमकल की 2 गाड़ियां, 2 एंबुलेंस, क्रेन, सिविल डिफेंस कर्मी और एनडीआरएफ की टीमें रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी हुई थीं।

LTCG Tax: शेयर बाजार में LTCG टैक्स बदलने की तैयारी? बजट से पहले फैसला ले सकती है सरकार

LTCG Tax: शेयर बाजार में निवेश करने वालों के लिए बड़ी खबर है। सरकार शेयरों से होने वाले मुनाफे पर लगने वाले LTCG टैक्स के नियम बदल सकती है। इस पर अगले कुछ हफ्तों में फैसला हो सकता है। सूत्रों के मुताबिक, सरकार बजट से पहले इस पर फैसला ले सकती है।

फिलहाल, लिस्टेड शेयरों को बेचने पर एक वित्त वर्ष में 1.25 लाख रुपये से ज्यादा के लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) पर 12.5% टैक्स लगता है। इस टैक्स में इंडेक्सेशन का फायदा नहीं मिलता। वहीं, अनलिस्टेड शेयरों पर ये छूट सीमा लागू नहीं होती।

मामले की जानकारी रखने वाले एक सरकारी अधिकारी ने Moneycontrol को बताया कि टैक्स व्यवस्था में बदलाव पर जल्द फैसला हो सकता है। सरकार दूसरे बड़े देशों में लागू टैक्स दरों से भारतीय व्यवस्था की तुलना कर रही है।

विदेशी निवेशकों की निकासी से बढ़ी चिंता

सरकार ने LTCG टैक्स के मौजूदा नियमों और उनके असर पर कई बैठकें की हैं। इनमें उद्योग जगत, SEBI, CBDT, बैंकों और दूसरे संबंधित पक्षों के प्रतिनिधि शामिल हुए। चर्चा में विदेशी निवेशकों की ओर से बाजार से पैसा निकालने का मुद्दा भी उठा।

सेंट्रल डिपॉजिटरी सर्विसेज लिमिटेड (CDSL) के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (FPI) 2026 में अब तक भारतीय शेयर बाजार से 3.1 लाख करोड़ रुपये निकाल चुके हैं। यह रकम पूरे 2025 में निकाले गए 1.7 लाख करोड़ रुपये से भी ज्यादा है।

कई देशों में LTCG टैक्स का सिस्टम नहीं

चर्चा से जुड़े एक वरिष्ठ बैंक अधिकारी के मुताबिक, सरकार को लगता है कि भारतीय शेयर बाजार को विदेशी निवेशकों के लिए ज्यादा आकर्षक बनाने की जरूरत है। इसके लिए टैक्स व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है।

अमेरिका, ब्रिटेन, सिंगापुर, हांगकांग, UAE, जापान और कनाडा में विदेशी निवेशकों को शेयरों से होने वाले लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स पर आम तौर पर टैक्स नहीं देना पड़ता। हालांकि, कुछ शर्तें लागू होती हैं। चीन में कुछ शेयरों पर छूट है, जबकि कुछ पर 10% टैक्स लगता है।

13 अक्टूबर को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी कहा था कि सरकार LTCG टैक्स हटाने को लेकर लोगों के विचार सुनने के लिए तैयार है।

डॉलर में मुनाफे के हिसाब से टैक्स पर भी विचार

सरकार एक और विकल्प पर विचार कर रही है। यह है विदेशी निवेशकों के मुनाफे की गणना डॉलर में करना। अभी कैपिटल गेन्स की गणना रुपये में होती है।

Trifecta Capital के को-फाउंडर राहुल खन्ना ने Moneycontrol से कहा था कि रुपये में गिरावट आने पर विदेशी निवेशकों का वास्तविक डॉलर रिटर्न घट सकता है। ऐसे में टैक्स की कैलकुलेशन में रुपये और डॉलर की एक्सचेंज रेट में आए बदलाव को भी ध्यान में रखना चाहिए।

उदाहरण से समझिए

राहुल खन्ना के मुताबिक- मान लीजिए किसी विदेशी निवेशक ने 90 रुपये प्रति डॉलर की दर पर भारतीय शेयरों में पैसा लगाया। जब वह निवेश बेचता है, तब डॉलर की दर 100 रुपये हो जाती है। ऐसी स्थिति में रुपये में दिखने वाला मुनाफा और डॉलर में मिलने वाला वास्तविक रिटर्न अलग हो सकता है।

विदेशी निवेशक अक्सर मुद्रा में होने वाले उतार-चढ़ाव से बचने के लिए हेजिंग नहीं करते। इसकी लागत ज्यादा हो सकती है। ऐसे में रुपये में मुनाफा दिखने के बावजूद डॉलर के हिसाब से उनका वास्तविक रिटर्न काफी कम रह सकता है।

फिलहाल, सरकार ने LTCG टैक्स में बदलाव को लेकर कोई अंतिम फैसला नहीं किया है। मनीकंट्रोल ने वित्त मंत्रालय से भी इस बारे में प्रतिक्रिया मांगी थी, लेकिन खबर छपने तक जवाब नहीं मिला था।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

चार दिन की गिरावट के बाद शेयर बाजार में सुधार, सेंसेक्स 483 अंक चढ़ा

Indian Stock Market

आकर्षक कीमतों पर खरीदारी तथा धातु, दूरसंचार और स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र की कंपनियों के शेयरों में तेजी के चलते सोमवार को मानक सूचकांक सेंसेक्स करीब 483 अंक चढ़ गया। वहीं निफ्टी 22,750 अंक के ऊपर बंद हुआ। इसके साथ ही बाजार में लगातार चार कारोबारी सत्रों से जारी गिरावट का सिलसिला थम गया।

शुरुआती नुकसान से उबरते हुए 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 482.92 अंक या 0.66 प्रतिशत की बढ़त के साथ 73,606.75 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान इसने 73,606.75 का उच्च स्तर और 72,514.57 का निचला स्तर छुआ। एनएसई का 50 शेयरों वाला निफ्टी 153.20 अंक या 0.68 प्रतिशत की तेजी के साथ 22,753.20 अंक पर बंद हुआ।

सेंसेक्स की कंपनियों में अदाणी पोर्ट्स, इटर्नल, कोटक महिंद्रा बैंक, ट्रेंट, टाटा स्टील, भारती एयरटेल, इंटरग्लोब एविएशन और आईटीसी में उल्लेखनीय बढ़त हुई। दूसरी ओर बजाज फाइनेंस, एचडीएफसी बैंक, मारुति, एचसीएल टेक और पावर ग्रिड नुकसान में रहने वाले शेयरों में शामिल थे।

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जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा भारतीय शेयर बाजार को शुरुआती नुकसान से उबरने में मूल्य आधारित खरीदारी और धातु, ऊर्जा तथा स्वास्थ्य सेवा क्षेत्रों की मजबूती का समर्थन मिला। हालांकि, कच्चे तेल के ऊंचे दाम, भू-राजनीतिक अनिश्चितता और प्रमुख केंद्रीय बैंकों के नीतिगत फैसलों के इंतजार ने बाजार की धारणा को नपा-तुला रखा।”

उन्होंने कहा कि पिछले सप्ताह की तेज गिरावट के बाद मझोली और छोटी कंपनियों के शेयरों में भी कुछ सुधार देखने को मिला। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 1.60 प्रतिशत गिरकर 114.8 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।

एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी और जापान का निक्की गिरावट के साथ बंद हुए, जबकि चीन का शंघाई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग लाभ में रहे।

यूरोप के बाजार दोपहर के कारोबार में बढ़त में थे। अमेरिकी बाजार शुक्रवार को गिरावट के साथ बंद हुए थे। शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने शुक्रवार को 887.65 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे थे।

Pic Credit : UNI

Market Outlook : बढ़त के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए 27 अक्टूबर को कैसी रह सकती है इसकी चाल

Market Outlook : 26 अक्टूबर को भारतीय इक्विटी इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए। निफ्टी 22,750 के आसपास सेटल हुआ है। बाजार बंद होने पर, सेंसेक्स 482.92 अंक या 0.66 प्रतिशत की बढ़त के साथ 73,606.75 पर और निफ्टी 153.20 अंक या 0.68 प्रतिशत की बढ़त के साथ 22,753.20 पर बंद हुआ। आज दौरान 2262 शेयरों में तेजी आई, 1895 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 186 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

निफ्टी में सबसे ज्यादा तेजी दिखाने वाले शेयरों में डॉ. रेड्डीज लैब्स, बीएसई लिमिटेड, जेएसडब्ल्यू स्टील, मैक्स हेल्थकेयर और एटरनल शामिल रहे, जबकि श्रीराम फाइनेंस, टाटा कंज्यूमर, एचडीएफसी लाइफ, बजाज फाइनेंस और एचडीएफसी बैंक के शेयरों में गिरावट देखी गई।

एफएमसीजी (FMCG), मीडिया और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स को छोड़कर अन्य सभी सेक्टोरल इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए। फार्मा, मेटल और ऑयल एंड गैस सेक्टर में 1-2 प्रतिशत की तेजी रही, जबकि इंफ्रा, आईटी, प्राइवेट बैंक और एनर्जी सेक्टर में 0.5 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। निफ्टी मिडकैप सूचकांक में 1.2 प्रतिशत और स्मॉलकैप सूचकांक में 1.4 प्रतिशत की बढ़त हुई।

बोनान्ज़ा में रिसर्च एनालिस्ट अभिनव तिवारी का कहना है कि भारतीय बाज़ार तेजी के साथ बंद हुए। सेंसेक्स पिछले सत्र के मुकाबले 483 अंक बढ़कर लगभग 73,607 पर बंद हुआ। यह अपने दिन के निचले स्तर से लगभग 1,000 अंक सुधरा। वहीं, निफ्टी 153 अंक की बढ़त के साथ 22,753 पर बंद हुआ। पिछले हफ्ते आई भारी गिरावट के बाद, ‘वैल्यू बाइंग’ (सस्ते शेयरों की खरीदारी) से बाज़ार को रिकवरी में मदद मिली।

वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही के नतीजों ने कई शेयरों में तेज़ी लाने का काम किया। कोटक महिंद्रा बैंक का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 29.5% बढ़ा, जिसके बाद इसके शेयरों में 2% से ज़्यादा की उछाल आया। डॉ. रेड्डीज़ लैबोरेटरीज के शेयरों में 7.51% की तेज़ी आई, जबकि इंडियन ओवरसीज़ बैंक का नेट प्रॉफिट 56% बढ़ने के बाद इसके शेयरों में लगभग 6% की बढ़त देखी गई। एथर एनर्जी के तिमाही प्रदर्शन में आए बड़े सुधार के चलते इसके शेयरों में भी जबरदस्त तेजी आई।

सेक्टर के हिसाब से देखें तो मेटल शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी रही, और मेटल इंडेक्स 1.91% ऊपर चढ़ा। फार्मा और हेल्थकेयर शेयरों ने भी अच्छा प्रदर्शन किया।

बाजार में रिकवरी के बावजूद, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें, पश्चिम एशिया में तनाव और रुपये की कमजोरी जैसे कारण अभी भी बाजार पर दबाव बनाए हुए हैं। बाजार की नजर आने वाले कॉर्पोरेट नतीजों, अमेरिकी फेडरल रिजर्व के फैसलों और कच्चे तेल की कीमतों पर रहेगी। इसके अलावा, जियो प्लेटफॉर्म्स की लिस्टिंग भी एक अहम घटना होगी जिस पर सबकी नजर रहेगी।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के रिसर्च हेड विनोद नायर का कहना है कि भारतीय शेयर बाजार शुरुआती गिरावट से उबर कर हरे निशान में बंद हुए। इसमें वैल्यू बाइंग और मेटल, पावर और हेल्थ सेक्टर के शेयरों में आई खरीदारी का योगदान रहा। हालांकि, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों, भू-राजनीतिक अनिश्चितता और फेड, ईसीबी और बैंक ऑफ जापान के नीतिगत फैसलों से पहले बरती जा रही सतर्कता ने बाजार के रुख को संतुलित बनाए रखा। पिछले सप्ताह की तेज गिरावट के बाद मिड-कैप और स्मॉल-कैप शेयरों में भी कुछ सुधार देखने को मिला, हालांकि निवेशक चुनिंदा शेयरों में ही बने रहे और उन्होंने मुनाफे में मजबूती और बेहतर वैल्यूएशन वाले शेयरों को प्राथमिकता दी।

तिमाही नतीजों से संकेत मिलता है कि पावर प्रोडक्शन, मेटल और रिफाइनिंग जैसे क्षेत्रों में कमोडिटी-आधारित मुनाफे में बढ़ होगी, लेकिन एनर्जी की ऊंची लागत और ब्याज दरों से आने वाली तिमाहियों में कंपनियों की ग्रोथ में कमी आने का अनुमान है।

मोनार्क नेटवर्थ कैपिटल का कहना है कि निफ्टी 50 के लिए 21,800 – 22,000 पर सपोर्ट और 23,100 – 23,300 पर रेजिस्टेंस है। बैंक निफ्टी की तरह ही, आने वाले हफ्ते में भी इस बेंचमार्क में उतार-चढ़ाव (वोलैटिलिटी) देखने को मिल सकती है। पिछले हफ्ते बैंक निफ्टी का प्रदर्शन बेंचमार्क के मुकाबले कमजोर रहा और वीकली चार्ट पर यह ‘बेयरिश कैंडलस्टिक’ पैटर्न के साथ बंद हुआ। बैंक निफ्टी के लिए 52,200 – 52,700 पर सपोर्ट और 56,300 – 55,800 पर रेजिस्टेंस है।

PL कैपिटल में एडवाइजरी और डीलिंग के चीफ बिजनेस ऑफिसर, विक्रम कसाट ने कहा कि बाजार में आई रिकवरी यह दिखाती है कि मेटल, फार्मास्यूटिकल्स और हेल्थकेयर सेक्टर में चुनिंदा खरीदारी हुई है, न कि पूरे बाजार के सेंटीमेंट में कोई बड़ा सुधार आया है। कच्चे तेल की ऊंची कीमतें (ब्रेंट क्रूड लगभग 115 डॉलर प्रति बैरल) और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये का गिरकर 95.19 के स्तर पर पहुंचना, महंगाई, कंपनियों के मार्जिन और विदेशी निवेशकों के निवेश के लिए जोखिम पैदा कर रहे हैं। हालांकि सोना और चांदी वैश्विक लेवल पर जोखिम लेने की इच्छा (रिस्क एपेटाइट) के अहम इंडीकेटर बने हुए हैं, लेकिन निवेशकों को करेंसी में होने वाले उतार-चढ़ाव और एनर्जी की कीमतों में अस्थिरता पर भी नजर रखनी चाहिए। आगे चलकर, बाजार में आई यह तेजी कितनी टिकेगी, यह कंपनियों के तिमाही नतीजों, पश्चिम एशिया की घटनाओं और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के रुख पर निर्भर करेगा। निवेशकों को सोच-समझकर चुनाव करना चाहिए और ऐसी कंपनियों को प्राथमिकता देनी चाहिए जिनकी कमाई का आउटलुक मजबूत हो, बैलेंस शीट टिकाऊ हो और वैल्यूएशन सही हो।

SBI सिक्योरिटीज में टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च के हेड सुदीप शाह का कहना है कि सोमवार को बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी में रिकवरी आने से पहले इसने इंट्राडे में 22387 का निचला स्तर छुआ। अंत में, यह इंडेक्स 0.68% की बढ़त के साथ 22750 के स्तर के ऊपर बंद हुआ। डेली चार्ट पर इसने एक ‘बुलिश कैंडल’ बनाई है, जिसमें नीचे की तरफ एक छोटी ‘शैडो’ है।

तकनीकी रूप से, निफ्टी अभी भी अपने शॉर्ट-टर्म और लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेज के नीचे ट्रेड कर रहा है, जो यह दिखाता है कि बड़ा ट्रेंड अभी भी कमजोर है। हालांकि, मोमेंटम इंडिकेटर और ऑसिलेटर ‘कंसोलिडेशन’ (consolidation) के संकेत दे रहे हैं, जिसका मतलब है कि निकट भविष्य में बाजार एक दायरे में (sideways) रह सकता है।

आगे चलकर, 22880-22900 का दायरा इंडेक्स के लिए एक तात्कालिक रेजिस्टेंस का काम कर सकता है। अगर इंडेक्स 22900 के स्तर के ऊपर टिक जाता है तो मौजूदा पुलबैक रैली 23050 के स्तर तक जा सकती है। वहीं दूसरी ओर, 22630-22600 का दायरा एक मजबूत सपोर्ट का काम कर सकता है।

बैंक निफ्टी

सुदीप शाह के मुताबिक बैंक निफ्टी’ को अपने पिछले स्विंग लो के पास सपोर्ट मिला, जिसके बाद इसमें एक पुलबैक देखने को मिला। यह इंडेक्स 0.15% की बढ़त के साथ 54366 पर बंद हुआ। डेली चार्ट पर, इसने ‘हैमर’ जैसी कैंडल बनाई है, जो निचले स्तरों से खरीदारी आने का संकेत है।

आगे बैंक निफ्टी के लिए 53800-53700 का जोन एक अहम सपोर्ट एरिया का काम कर सकता है, क्योंकि पिछला ‘स्विंग लो’ इसी दायरे में है। जब तक इंडेक्स 53700 के ऊपर बना रहता है, तब तक शॉर्ट-टर्म में रुझान पॉजिटिव रहने की संभावना है। ऊपर की तरफ, बैंक निफ्टी में शुरुआती दौर में 55000 के स्तर तक एक पुलबैक देखने को मिल सकता है और इसके बाद निकट भविष्य में यह 55600 के स्तर तक जा सकता है।

 

 

Stock Market View : अगले हफ्ते से बाजार की दिशा होगी साफ, निफ्टी के दिग्गज शेयरों पर रहे नजर

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हुंडई ने भारतीय बाजार में उतारा इंटेलिजेंट एसयूवी बेयॉन

हुंडई मोटर इंडिया (एचएमआईएल) ने सोमवार को इंटेलिजेंट यूटिलिटी व्हीकल ‘हुंडई बेयॉन’ बाजार में पेश की। इसकी शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 9,99,900 रुपये रखी गई है।

कंपनी ने बताया कि हुंडई बेयॉन में भविष्योन्मुखी कनेक्टिविटी, अत्याधुनिक सुरक्षा प्रणाली और दमदार प्रदर्शन मिलता है। यह वास्तव में एक इंटेलिजेंट यात्रा का अनुभव प्रदान करता है।

हुंडई मोटर इंडिया लिमिटेड के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी और मुख्य कार्यकारी अधिकारी तरुण गर्ग ने कहा हुंडई बेयॉन का लॉन्च भारत में हुंडई के अगले ‘गोल्डन प्रोडक्ट साइकिल’ की शुरुआत है। यह सिर्फ एक नया एसयूवी नहीं है, यह हमारी उस प्रतिबद्धता का प्रतीक है, जिसके तहत हम ऐसे इंटेलिजेंट और भविष्योन्मुखी परिवहन समाधान पेश करते हैं जो भारतीय ग्राहकों की उम्मीदों पर खरे उतरते हैं। हमारी ‘इंटेलिजेंस दैट मूव्स’ फिलॉसफी पर बनी बेयॉन में बेहतरीन नवाचार, अत्याधुनिक सुरक्षा, सहज प्रौद्योगिकी और आधुनिक डिजाइन का ऐसा मेल है, जो रोजमर्रा की जिंदगी को और बेहतर बनाता है।

इन-बिल्ट जेनरेटिव एआई वॉयस असिस्टेंट और हुंडई स्मार्टसेंस लेवल 2 प्रो एडीएएस के साथ आने वाली यह हुंडई मोटर्स की पहली एसयूवी है। श्री गर्ग ने कहा कि यह इंटेलिजेंट परिवहन के लिए एक नया मानक स्थापित करता है। इसे 50 से अधिक देशों में निर्यात भी किया जाएगा।

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बेयॉन में एनवीडिया द्वारा संचालित ‘कनेक्टेड कार नेविगेशन कॉकपिट’ में बेहतरीन ग्राफिक्स, नेविगेशन, कनेक्टेड सेवाएं और आसान कंट्रोल मिलते हैं। इसमें 62.5 सेंटीमीटर के कर्व्ड पैनोरमिक डिस्प्ले दिए गए हैं। इसमें 70 से अधिक हुंडई ब्लूलिंक कनेक्टेड फीचर्स, गाड़ी के सॉफ्टवेयर को वायरलेस तरीके से अपडेट करने के लिए 19 तक कंट्रोलर, 500 से अधिक इनबिल्ट वॉयस कमांड, 10 भारतीय और दो अंतरराष्ट्रीय भाषाओं को समर्थन देने वाला बहु-भाषाई इंटरफेस और वायरलेस एंड्रॉइड ऑटो तथा एप्पल कारप्ले दिया गया है। ग्राहकों को तीन साल का मुफ्त हुंडई ब्लूलिंक सब्सक्रिप्शन दिया जाएगा।

इसमें 80 से अधिक अत्याधुनिक सुरक्षा फीचर दिए गए हैं। ‘हुंडई स्मार्टसेंस लेवल 2 प्रो एडीएएस’ में ड्राइवर की मदद के लिए 23 एडवांस फीचर मौजूद हैं। इसका इंटेलिजेंट सेफ्टी इकोसिस्टम कैमरा, रडार और नेविगेशन-आधारित तकनीकों को मिलाकर काम करता है, ताकि ड्राइवर को शहर की सड़कों, हाइवे, जंक्शन और पार्किंग जैसी स्थितियों में मदद मिल सके। सभी पहियों में डिस्क ब्रेक दिया गया है।

हुंडई बेयॉन में चार-सिलेंडर वाला 1.5लीटर का एमपीआई पेट्रोल इंजन दिया गया है, जो 84.4 किलोवाट (115 पीएस) की अधिकतम शक्ति और 143.8 न्यूटन मीटर का अधिकतम टॉर्क उत्पन्न करता है।

ग्राहक 6-स्पीड मैनुअल ट्रांसमिशन और हुंडई के इंटेलिजेंट वेरिएबल ट्रांसमिशन में से चुन सकते हैं, जिससे वे अपनी पसंद के हिसाब से ड्राइविंग का अनुभव ले सकते हैं।

‘डैश बूस्ट मोड’ में ओवरटेकिंग के समय तुरंत पावर बूस्ट और बेहतर रिस्पॉन्स मिलता है। इसमें इको, नॉर्मल और स्पोर्ट जैसे ड्राइव मोड दिए गए हैं, जिन्हें स्टीयरिंग पर लगे बटन से चुना जा सकता है। बेयॉन की लंबाई 4,245 मिमी, चौड़ाई 1,810 मिमी, ऊंचाई 1,605 मिमी, ग्राउंड क्लीयरेंस 205 मिमी और टर्निंग रेडियस 5.16 मीटर का है।

Pic Credit : UNI

Shriram Finance share price: ब्रोकरेज ने घटाया टारगेट प्राइस, शेयर 11 महीने के निचले स्तर पर फिसला

Shriram Finance share price: सोमवार के इंट्राडे कारोबार में, श्रीराम फाइनेंस का शेयर भाव 7% गिरकर ₹810.20 पर आ गया, जो BSE पर पिछले 11 महीनों का निचला स्तर है। इस गिरावट की वजह यह है कि इस नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनी (NBFC) ने बाहरी मैक्रो-इकोनॉमिक चुनौतियों का हवाला देते हुए, पूरे साल के लिए अपने ‘एसेट अंडर मैनेजमेंट’ (AUM) की ग्रोथ का अनुमान घटाकर 15-17% कर दिया है।

यह शेयर नवंबर 2025 के बाद अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है। 6 अगस्त 2026 को यह अपने 52-सप्ताह के उच्चतम स्तर ₹1,153.65 पर था, जहां से अब इसमें 30% की गिरावट आई है। पिछले दो कारोबारी दिनों में, इस शेयर में 10% की गिरावट दर्ज की गई है। अक्टूबर महीने में अब तक यह 18% तक गिर चुका है।

निफ्टी 50 में शामिल श्रीराम फाइनेंस लिमिटेड पर नजर रखने वाले कई विश्लेषकों ने, शुक्रवार को कंपनी के सितंबर तिमाही के नतीजे आने के बाद, इसके लिए अपने ‘प्राइस टारगेट’ को कम कर दिया है। शुक्रवार को नतीजे आने के बाद, शुरुआती प्रतिक्रिया के तौर पर शेयर में 6.5% तक की गिरावट आई थी और अंत में यह 4% नीचे बंद हुआ। सोमवार को इसमें 6% की और गिरावट देखी गई।

कंपनी ने पूरे साल के लिए अपनी ग्रोथ गाइडेंस को भी 18% से घटाकर 15-17% कर दिया है। कंपनी ने पश्चिमी एशिया (West Asia) के हालात से लेकर देश में कमजोर मानसून तक, कई कारकों को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया है। यह गाइडेंस कंपनी की ‘अर्निंग्स कॉल’ (कमाई संबंधी चर्चा) के दौरान दी गई।

क्या है ब्रोकरेजेज फर्मों की राय

CLSA ने श्रीराम फाइनेंस को “आउटपरफॉर्म” (outperform) रेटिंग दी है, लेकिन इसके प्राइस टारगेट को पहले के ₹1,200 से घटाकर ₹1,100 कर दिया है।

कंपनी ने बताया कि उनका ‘प्रॉफिट आफ्टर टैक्स’ (PAT) उनके अनुमानों से 4% कम रहा। इसका मुख्य कारण क्रेडिट लागत में बढ़ोतरी थी, हालांकि ‘प्री-प्रोविज़निंग ऑपरेटिंग प्रॉफिट’ (pre-provisioning operating profit) मजबूत रहने से कुछ हद तक इसकी भरपाई हुई।

सिटी

सिटी (Citi) ने अपनी “बाय” (buy) रेटिंग तो बरकरार रखी है, लेकिन CLSA की तरह ही प्राइस टारगेट को ₹1,200 से घटाकर ₹1,100 कर दिया है। सिटी के अनुसार, कुछ इलाकों में सूखे की स्थिति और कच्चे तेल की कीमतों के दबाव को देखते हुए, प्रबंधन ने अगले दो-तीन तिमाहियों में क्रेडिट लागत अधिक रहने की बात कही है। साथ ही, वित्तीय वर्ष 2027 के लिए AUM (एसेट अंडर मैनेजमेंट) ग्रोथ का अनुमान 15% से 17% के बीच रखा है, जबकि अब तक (साल की शुरुआत से) इसमें केवल 9% की ही ग्रोथ देखी गई है। इन्वेस्टमेंट बैंकिंग फर्म के अनुसार, श्रीराम फाइनेंस के पास मौजूद इक्विटी बफर कंपनी के मार्जिन को सामान्य होने से पहले, निकट भविष्य में ऊंचे स्तर पर बनाए रखने में मदद करेगा।

जेपी मॉर्गन

जेपी मॉर्गन ने श्रीराम फाइनेंस पर अपना “ओवरवेट” रुख तो बरकरार रखा है, लेकिन इसका प्राइस टारगेट ₹1,215 से घटाकर ₹1,095 कर दिया है। इसके पीछे एसेट क्वालिटी के निराशाजनक रुझान, ज्यादा प्रोविजन्स, अधिक क्रेडिट कॉस्ट, और ग्रॉस स्टेज 2 तथा ग्रॉस स्टेज 3 एसेट्स में हुई बढ़ोतरी को कारण बताया गया है।

फर्म ने कहा कि नतीजों के बाद मैनेजमेंट की टिप्पणी से यह साफ हुआ है कि क्रेडिट कॉस्ट के ऊंचे स्तर अभी कम से कम एक या दो तिमाहियों तक बने रह सकते हैं। इसका मतलब यह है कि कंपनी इस साल के लिए अपने क्रेडिट कॉस्ट गाइडेंस को हासिल नहीं कर पाएगी।

हालांकि मैनेजमेंट का कहना है कि यह एक अस्थायी समस्या है और स्थिति में आई गिरावट व्यापक नहीं है, बल्कि यह केवल कुछ चुनिंदा प्रोडक्ट्स तक ही सीमित है।

फिलहाल 41 एनालिस्ट्स श्रीराम फाइनेंस को कवर कर रहे हैं। प्राइस टारगेट में कई बार कटौती होने के बावजूद, इनमें से किसी ने भी इस स्टॉक पर “सेल” (बेचने) की रेटिंग नहीं दी है। इनमें से 38 एनालिस्ट्स की रेटिंग “बाय” (खरीदने) की है, जबकि 3 ने “होल्ड” (बनाए रखने) की सलाह दी है। सभी एनालिस्ट्स के प्राइस टारगेट का औसत यह संकेत देता है कि इस स्टॉक में 34.4% तक की तेजी आने की संभावना है।

सोमवार को श्रीराम फाइनेंस के शेयर 5.6% गिरकर ₹815 पर आ गए। इस साल अब तक स्टॉक में 15% की गिरावट आई है, और यह अपने 52-हफ्तों के उच्च स्तर ₹1,153 से 25% नीचे आ चुका है।

 

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

FPI Selling: विदेशी निवेशकों की अंधाधुंध बिकवाली जारी, अक्टूबर में ₹48056 करोड़ निकाले

FPI Selling: विदेशी निवेशक भारतीय शेयर बाजार से लगातार पैसा निकाल रहे हैं। अक्टूबर में अब तक उन्होंने ₹48,056 करोड़ की बिकवाली की है। कच्चे तेल की ऊंची कीमतें, मिडिल ईस्ट में तनाव, महंगाई की चिंता और कंपनियों के कमजोर नतीजे इसकी बड़ी वजह हैं। हालांकि, पिछले हफ्ते बिकवाली का दबाव कुछ कम हुआ। विदेशी निवेशक दो कारोबारी दिनों में शुद्ध खरीदार भी बने।

2026 में निकासी ₹3 लाख करोड़ के पार

सेंट्रल डिपॉजिटरी सर्विसेज लिमिटेड (CDSL) के आंकड़ों के मुताबिक, सितंबर में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) ने भारतीय शेयरों से ₹35,861 करोड़ निकाले थे। इससे पहले जुलाई में ₹20,200 करोड़ और अगस्त में ₹29,631 करोड़ का निवेश किया था। अक्टूबर की निकासी के बाद 2026 में अब तक कुल निकासी ₹3.08 लाख करोड़ पहुंच गई है। यह पूरे 2025 में निकाले गए ₹1.66 लाख करोड़ से काफी ज्यादा है।

कच्चे तेल और महंगाई की चिंता

Choice Wealth के धीरज गौर के मुताबिक, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और मिडिल ईस्ट का तनाव बिकवाली की बड़ी वजह हैं। तेल की कीमत करीब 114 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थी। कंपनियों के नतीजों और महंगाई को लेकर चिंता भी बनी हुई है। इसके अलावा, ₹30,213 करोड़ के Jio Platforms IPO ने बाजार की नकदी को कुछ समय के लिए अपनी ओर खींचा।

MIRA Money के आनंद के. राठी ने कहा कि तेल और लॉजिस्टिक्स की बढ़ती लागत आने वाली तिमाहियों में कंपनियों की कमाई पर दबाव डाल सकती है। अमेरिका में ऊंची ब्याज दरें भी विदेशी निवेशकों को वहां निवेश के लिए आकर्षित कर रही हैं। हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशकों और SIP के निवेश से बाजार को सहारा मिल रहा है।

पिछले हफ्ते बिकवाली में कमी

Geojit Investments के वीके विजयकुमार के मुताबिक, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट, रुपये में मजबूती और बड़े शेयरों के आकर्षक वैल्यूएशन से बिकवाली कम हुई। अमेरिका की 10 साल की बॉन्ड यील्ड 5.36% से घटकर करीब 5% रह गई।

आने वाले हफ्ते में अमेरिकी फेडरल रिजर्व और बैंक ऑफ जापान के ब्याज दर संबंधी फैसले अहम होंगे। अमेरिका की GDP, ब्रेंट क्रूड की कीमतें, वैश्विक संघर्ष और कंपनियों के तिमाही नतीजे भी बाजार की दिशा तय कर सकते हैं।

Swiggy Share Target: स्विगी के शेयरों में 127% तेजी की उम्मीद, ICICI Securities ने ₹400 का टारगेट दिया

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Anant Ambani Gifts Bike: साइकिल से डिलीवरी करने वाले Blinkit राइडर को अनंत अंबानी ने गिफ्ट की स्कूटी तो छलक पड़े आंसू; वीडियो ने जीता लोगों का दिल

Anant Ambani Gifted Scooty to Blinkit Delivery Partner: कहते हैं कि किसी की छोटी-सी मदद भी उसके लिए एक बड़ी खुशी की वजह बन सकती है। ऐसा ही एक भावुक कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां रिलायंस इंडस्ट्रीज के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अनंत अंबानी ने साइकिल से सामान की डिलीवरी करने वाले एक Blinkit डिलीवरी पार्टनर को स्कूटी गिफ्ट की। नई स्कूटी देखकर डिलीवरी पार्टनर सुजीत सिंह इतना भावुक हो गए कि उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े।

सोशल मीडिया पर इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद लोग इस पहल की तारीफ कर रहे हैं। हमारे सहयोगी CNBC Awaaz के मुताबिक यह तोहफा अनंत अंबानी के फाउंडेशन की एक पहल का हिस्सा था। सुजीत के लिए यह सरप्राइज इतना भावुक कर देने वाला था कि उसकी आंखों में आंसू आ गए।

साइकिल से करता था डिलीवरी, अब मिला स्कूटी का तोहफा

Blinkit जैसे क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर डिलीवरी पार्टनर्स को कम समय में ग्राहकों तक सामान पहुंचाना होता है। ऐसे में साइकिल से डिलीवरी करना शारीरिक रूप से चुनौतीपूर्ण हो सकता है, खासकर जब दिनभर कई ऑर्डर पूरे करने हों। इसी चुनौती के बीच एक डिलीवरी पार्टनर के लिए उस समय खुशी का ठिकाना नहीं रहा, जब उसे पता चला कि उसे नई स्कूटी मिलने वाली है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसकी खबर मिलते ही अनंत अंबानी ने इस डिलीवरी पार्टनर को स्कूटी गिफ्ट की, ताकि उसके लिए रोजमर्रा के काम और डिलीवरी करना आसान हो सके। साइकिल से ग्राहकों तक सामान पहुंचाने वाले इस राइडर के लिए यह तोहफा सिर्फ एक स्कूटी नहीं। बल्कि उसके काम में मदद करने वाला एक बड़ा सहारा भी साबित हो सकता है।

आंखों पर पट्टी बांधी, फिर सामने आया सरप्राइज

सोशल मीडिया पर शेयर किए गए वीडियो में इस खास पल को दिखाया गया है। वीडियो में मशहूर समाजसेवी और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हुसैन मंसूरी डिलीवरी पार्टनर की आंखों पर पट्टी बांधते नजर आते हैं। इसके बाद उसे सरप्राइज दिया जाता है। फिर नई स्कूटी सामने लाई जाती है। जैसे ही डिलीवरी पार्टनर को इस तोहफे के बारे में पता चलता है, वह भावुक हो जाता है।

उसकी आंखों से आंसू निकलने लगते हैं। वह हुसैन मंसूरी को गले लगा लेता है। वीडियो में उसकी खुशी और भावुकता साफ नजर आ रही है। यह पल सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींच रहा है। कई यूजर्स इस बात की तारीफ कर रहे हैं कि डिलीवरी जैसे मेहनत भरे काम में जुटे एक व्यक्ति की जरूरत को समझते हुए उसकी मदद की गई।

सोशल मीडिया पर क्यों हो रही है इस पहल की चर्चा?

इस घटना को लेकर सोशल मीडिया पर सकारात्मक प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। लोग कह रहे हैं कि डिलीवरी पार्टनर्स अक्सर तेज धूप, बारिश, ट्रैफिक और समय पर ऑर्डर पहुंचाने के दबाव के बीच काम करते हैं। ऐसे में उनके काम को आसान बनाने वाली मदद उनके लिए काफी मायने रख सकती है। साइकिल से डिलीवरी करने वाले किसी व्यक्ति के लिए स्कूटी मिलने का मतलब केवल आने-जाने का साधन मिलना नहीं है।

इससे लंबी दूरी तय करने में आसानी हो सकती है। काम के दौरान लगने वाली शारीरिक मेहनत भी कम हो सकती है। हालांकि, वास्तविक लाभ उसके काम के क्षेत्र, डिलीवरी की दूरी और स्कूटी के रखरखाव जैसे पहलुओं पर निर्भर करेगा। इसलिए यह तोहफा लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। सोशल मीडिया यूजर्स इसे जरूरतमंद व्यक्ति की मदद करने और मेहनतकश लोगों की परिस्थितियों को समझने से जोड़कर देख रहे हैं।

डिलीवरी पार्टनर्स की मेहनत फिर चर्चा में

इस घटना ने क्विक कॉमर्स और ऑनलाइन डिलीवरी सेवाओं में काम करने वाले लोगों की रोजमर्रा की चुनौतियों की ओर भी ध्यान खींचा है। ग्राहक कुछ ही मिनटों में सामान मिलने की उम्मीद करते हैं। लेकिन इस सुविधा को संभव बनाने के लिए डिलीवरी पार्टनर्स को लगातार सड़क पर रहकर काम करना पड़ता है। साइकिल से काम करने वाले राइडर्स के लिए यह चुनौती और बढ़ सकती है। उन्हें ऑर्डर पहुंचाने के साथ-साथ समय, दूरी और शारीरिक थकान का भी ध्यान रखना पड़ता है।

ऐसे में स्कूटी मिलने से उनकी कार्यक्षमता और रोजमर्रा के काम में मदद मिल सकती है। हालांकि, एक व्यक्ति को मिला यह तोहफा डिलीवरी पार्टनर्स की सभी समस्याओं का समाधान नहीं है। लेकिन इस घटना ने उनके काम और मेहनत को लेकर चर्चा जरूर शुरू कर दी है। अनंत अंबानी की ओर से Blinkit डिलीवरी पार्टनर को स्कूटी दिए जाने की खबर ने सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींचा है।

वीडियो में राइडर की भावुक रिएक्शन इस बात को दिखाती है कि किसी के लिए उपयोगी साबित होने वाला गिफ्ट कितनी बड़ी खुशी दे सकता है। साइकिल से डिलीवरी करने से लेकर नई स्कूटी मिलने तक का यह सफर उस डिलीवरी पार्टनर के लिए यादगार बन गया। 

(डिस्क्लेमर: नेटवर्क 18 मीडिया एंड इनवेस्टमेंट लिमिटेड पर इंडिपेंडेंट मीडिया ट्रस्ट का मालिकाना हक है। इसकी बेनफिशियरी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।)

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