SAIL Q2 Results: सरकारी कंपनी स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) का मुनाफा सितंबर तिमाही में 318.1% बढ़कर ₹1,750.5 करोड़ हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी को ₹418.7 करोड़ का मुनाफा हुआ था।
हालांकि, कंपनी का मुनाफा बाजार के अनुमान से कम रहा। CNBC-TV18 ने ₹2,200 करोड़ के मुनाफे का अनुमान लगाया था। कंपनी के मुताबिक, बिक्री बढ़ने और लागत घटाने के उपायों से मुनाफे को सहारा मिला।
रेवेन्यू और EBITDA में बढ़ोतरी
SAIL का रेवेन्यू सालाना आधार पर 19.8% बढ़कर ₹31,998 करोड़ हो गया। पिछले साल सितंबर तिमाही में यह ₹26,704.2 करोड़ था। रेवेन्यू बाजार के ₹31,855 करोड़ के अनुमान से थोड़ा ज्यादा रहा।
कंपनी का EBITDA भी 66.8% बढ़कर ₹4,216 करोड़ पहुंच गया। एक साल पहले यह ₹2,528 करोड़ था। हालांकि, यह आंकड़ा बाजार के ₹4,765 करोड़ के अनुमान से कम रहा।
EBITDA मार्जिन में भी सुधार हुआ। यह पिछले साल के 9.47% से बढ़कर 13.2% हो गया। यानी इसमें 3.73 प्रतिशत पॉइंट की बढ़ोतरी हुई। फिर भी मार्जिन बाजार के 14.96% के अनुमान से नीचे रहा।
बिक्री बढ़ी, कर्ज घटा
SAIL की बिक्री की मात्रा दूसरी तिमाही में सालाना आधार पर 5% बढ़ी। कंपनी ने खुदरा ग्राहकों और दूसरे खरीदारों तक अपनी पहुंच बढ़ाई। इससे बिक्री को सहारा मिला।
कंपनी ने अपना कर्ज घटाने में भी कामयाबी हासिल की। तिमाही के दौरान कर्ज घटकर ₹20,583 करोड़ रह गया।
कंपनी ने क्या कहा?
SAIL के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. ए. के. पांडा ने कहा कि वैश्विक बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद कंपनी का प्रदर्शन मजबूत रहा। भारत में इंफ्रास्ट्रक्चर पर बढ़ते खर्च और स्टील की मांग से कारोबार को मदद मिल रही है।
उन्होंने बताया कि कंपनी अब लागत घटाने, स्टॉक पर नियंत्रण रखने और बेहतर क्वालिटी वाले स्टील उत्पादों की बिक्री बढ़ाने पर जोर दे रही है। इससे मुनाफा बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
SAIL का शेयर मंगलवार को BSE पर 0.94% की तेजी के साथ ₹171.50 पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में स्टॉक 6.87% गिरा है। लेकिन, एक साल में इसने 31% से अधिक का रिटर्न दिया है।
Q2 Results: स्पेशियलिटी ऑयल कंपनी का प्रॉफिट 365% बढ़ा, रेवेन्यू में भी तगड़ा उछाल
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