गौतम बुद्ध नगर में लगेंगे 4 बड़े ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर! 1710 करोड़ की इन 4 GCC परियोजनाओं को मिली मंजूरी

उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने मंगलवार को गौतम बुद्ध नगर में चार कंपनियों के ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) खोलने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। इनमें हैवेल्स इंडिया, अमेरिप्राइज इंडिया LLP, मेटलाइफ ग्लोबल ऑपरेशंस सपोर्ट सेंटर प्राइवेट लिमिटेड और LG सॉफ्ट इंडिया प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं। इन केंद्रों को स्थापित करने के लिए कुल 1,709.84 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। इसके लिए चारों कंपनियों को लेटर ऑफ कम्फर्ट जारी करने की मंजूरी दी गई है। इन कंपनियों की योजना गौतम बुद्ध नगर में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) स्थापित करने की है। सरकार के इस फैसले से जिले में निवेश को बढ़ावा देने और कंपनियों के विस्तार के लिए नए अवसर मिलने की उम्मीद है।

इन चारों कंपनियों के प्रोजेक्ट शुरू होने से उत्तर प्रदेश में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) के कामकाज को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इससे तकनीकी और बिजनेस से जुड़े काम बढ़ेंगे और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो सकते हैं।

चार कंपनियों को निवेश की मिली मंजूरी

उत्तर प्रदेश ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर नीति-2024 के तहत चार कंपनियों के निवेश प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। गौतम बुद्ध नगर में निवेश करने वाली चारों कंपनियों ने अपनी योजनाओं के तहत अलग-अलग रकम लगाने का प्रस्ताव दिया है। इनमें हैवेल्स इंडिया सबसे ज्यादा 879 करोड़ रुपये का निवेश करेगी, जबकि LG सॉफ्ट इंडिया ने 634 करोड़ रुपये लगाने की योजना बनाई है। वहीं, अमेरिप्राइज इंडिया 112.84 करोड़ रुपये और मेटलाइफ ग्लोबल ऑपरेशंस सपोर्ट सेंटर 84 करोड़ रुपये का निवेश करेगा। इन सभी कंपनियों के प्रस्तावित निवेश से जिले में कुल 1,709.84 करोड़ रुपये की राशि आएगी।

जगह की बात करें तो हैवेल्स इंडिया और LG सॉफ्ट इंडिया नोएडा अथॉरिटी के तहत अपने सेंटर खोलेंगी। वहीं, अमेरिप्राइज इंडिया और मेटलाइफ़ गौतम बुद्ध नगर के एम्बेसी ऑक्सीजन बिजनेस पार्क में निजी जमीन पर अपने सेंटर स्थापित करने की योजना बना रही हैं। उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने हैवेल्स इंडिया और LG सॉफ्ट इंडिया को उनके प्रोजेक्ट्स के लिए अलग-अलग मामलों के आधार पर विशेष छूट और आर्थिक सहायता देने की मंजूरी दी है। वहीं, अमेरिप्राइज इंडिया और मेटलाइफ को राज्य की तय नीति के अनुसार निवेश पर मिलने वाली सुविधाओं और प्रोत्साहनों का लाभ मिल सकेगा।

कंपनियों के निवेश के लिए बेहतर जगह बनाना

उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि राज्य सरकार ने 7 मई 2025 को ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) नीति-2024 लागू की थी। इसका मकसद उत्तर प्रदेश को देश और विदेश की बड़ी कंपनियों के निवेश के लिए एक बेहतर जगह बनाना है। इस नीति के जरिए सरकार राज्य में निवेश बढ़ाने और कंपनियों को कारोबार स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित करना चाहती है। इसके बाद, नीति को सही तरीके से लागू करने के लिए सरकार ने 7 जनवरी 2026 को GCC से जुड़े नियम भी जारी किए।

जानें GCC सेंटर के बारे में

चारों कंपनियों के निवेश प्रस्तावों पर 10 जुलाई 2026 को राज्य के मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय समिति की बैठक में चर्चा की गई थी। अब कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद इन कंपनियों को लेटर ऑफ कम्फर्ट जारी करने का रास्ता साफ हो गया है। इससे गौतम बुद्ध नगर में प्रस्तावित ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर स्थापित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी। सरकार के अनुसार, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) ऐसे केंद्र हैं, जहां बड़ी और विदेशी कंपनियां तकनीक, रिसर्च, वित्तीय सेवाओं, डिजिटल कामकाज और इंजीनियरिंग से जुड़े जरूरी कार्य करती हैं। यहां कंपनियों के अंतरराष्ट्रीय कारोबार से जुड़े काम भी संभाले जाते हैं।