
Jio Platforms की IPO लिस्टिंग सेरेमनी में अनंत अंबानी के भाषण ने सबका ध्यान खींचा। कारोबार को पूजा बताते हुए उन्होंने जियो पर भरोसा जताने वाले लोगों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि एक्सचेंज की घंटी उनके लिए मंदिर की घंटी जैसी होगी और जियो को देश के साथ साझा करना प्रसाद बांटने जैसा है। भाषण के दौरान मुकेश अंबानी भी भावुक नजर आए। ALSO READ: जियो प्लेटफॉर्म्स की शेयर बाजार में धमाकेदार एंट्री, निवेशकों को मिला 21.36 फीसदी लिस्टिंग गेन
लिस्टिंग सेरेमनी के दौरान अनंत अंबानी ने जियो की सफलता का श्रेय उन लोगों को दिया जिन्होंने इस प्लेटफॉर्म पर भरोसा जताया। उन्होंने कारोबार को पूजा से जोड़ते हुए कहा कि उनके लिए बिजनेस भी आराधना की तरह है। उन्होंने अपने भाषण में कहा कि आज उनके लिए सबसे अहम शब्द ‘कृतज्ञता’ है। उन्होंने कहा कि आज एक्सचेंज में बजने वाली घंटी मेरे लिए मंदिर की घंटी जैसी होगी। मेरे लिए कारोबार पूजा है और हर पूजा का अंत प्रसाद से होता है।
Jio Platforms की ऐतिहासिक Stock Market Listing के दौरान Mukesh Ambani अपने बेटे Anant Ambani की भावुक स्पीच सुनकर आंसू पोंछते नजर आए। Anant ने अपने दादा Dhirubhai Ambani के संघर्ष और पेट्रोल पंप से Reliance साम्राज्य खड़ा करने के सफर को याद किया। उन्होंने पिता Mukesh Ambani के विजन की तारीफ करते हुए Jamnagar Refinery और Jio के जरिए भारत में सस्ता इंटरनेट पहुंचाने की बात कही। Anant ने Jio के सफर में साथ देने वाले करोड़ों भारतीयों का आभार जताया इस दौरान Isha Ambani ने भी पिता को याद किया Jio Platforms के शेयर ₹1,358 पर लिस्ट हुए, जो IPO प्राइस से करीब 21% ज्यादा थे। Reliance Industries Limited #anantambani #jio #ipo trending #mukeshambani #trendingreels
— Webdunia Hindi (@WebduniaHindi) October 28, 2026
उन्होंने कहा कि भारत की सबसे बड़ी पूंजी उसके सपने हैं। यहां हर किसी का एक सपना है। यहां हाथ खाली हो सकते हैं लेकिन आंख खाली नहीं हो सकती। बरसों पर चोरवाड के साधारण घर से भी एक सपना निकला था। एक लड़का पेट्रोल पंप पर नौकरी करता था ना पैसा, ना पहचान। हमारे दादा जी धीरू भाई अंबानी ने दिखाया कि एक साधारण आदमी भी असाधारण सपने देख सकता है।
पिता मुकेश अंबानी के सपने का किया जिक्र
अनंत ने अपने पिता मुकेश अंबानी के विजन की चर्चा करते हुए कहा कि उन्होंने ऐसे भारत का सपना देखा था जिसे आगे बढ़ने से कोई रोक न सके। उन्होंने जामनगर की बंजर जमीन पर दुनिया की सबसे बड़ी रिफाइनरी खड़े कर दिखाई। उन्होंने दिखाया कि जब भारत बनाता है तो दुनिया देखती है। उन्होंने कहा कि इसके बाद जियो का सपना आया। इस सपने के बीज को ईशा दीदी ने बोया और आकाश भाई ने उस बीज को अपना सपना बना लिया। जियो को पूरे देश ने दुआएं दी। मां ने कहा ‘जियो मेरे लाल’, दादी ने कहा ‘जुग जुग जियो’ और दोस्तों ने कहा ‘जियो यार’।

जियो पहला ऐसा नाम है जो खुद एक आशीर्वाद
उन्होंने कहा कि जियो दुनिया का पहला ऐसा नाम है जो खुद एक आशीर्वाद है। जब दुनिया रुक गई थी, स्कूल बंद हुए लेकिन पढ़ाई नहीं रूकी। बेटा घर छोड़कर शहर गया पर मां दूर नहीं हुई। सब्जी और कितनी देर पकानी है, मां ने वीडियो कॉल पर सब्जी का रंग देखकर बता दिया। आज भगवान का दिव्य दर्शन भी मोबाइल पर हो जाते हैं। उन्होंने अपने भाषण में सीमा पर तैनात जवान से लेकर अस्पताल में ड्यूटी कर रहे डॉक्टर का भी जिक्र अपने भाषण में किया।
अनंत ने ईशा और आकाश को लेकर क्या कहा?
उन्होंने कहा कि जियो दिखता नहीं लेकिन भारत के हर डिजिटल सपने में धड़कता है। उन्होंने जियो परिवार को 53 करोड़ लोगों को नमन करते हुए कहा कि जियो आपने बनाया। आपके सपनों को पूरा करना ही हमारा सपना है। उन्होंने ईशा, आकाश और खुद को एक कमिटमेंट के साथ 3 शरीर और 1 आत्मा बताया और कहा कि रिलायंस नए सपने देखते रहेगा और रुट्स सेम रहेगी। इस अवसर पर उन्होंने दादाजी के सपना, दादी का आशीर्वाद, पापा का मार्गदर्शन और मम्मी के संस्कारों का भी जिक्र किया। उन्होंने जियो की सफलता के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी धन्यवाद दिया।


