Vietnam Boat Tragedy: वियतनाम से लौटे 15 भारतीयों के शव, मुंबई एयरपोर्ट पर लैंड हुआ विशेष विमान

वियतनाम के फु क्वोक द्वीप के पास 11 जुलाई को हुई दर्दनाक बोट हादसे में जान गंवाने वाले 15 भारतीय नागरिकों के शव लेकर एक विशेष विमान सोमवार को मुंबई पहुंच गया। हनोई स्थित भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी देते हुए बताया कि विशेष विमान मृतकों के शव लेकर सुरक्षित मुंबई पहुंच चुका है। दूतावास ने यह भी कहा कि हनोई में भारतीय दूतावास और हो ची मिन्ह सिटी स्थित भारतीय महावाणिज्य दूतावास संबंधित राज्य सरकारों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं, ताकि सभी शव जल्द से जल्द उनके परिजनों तक पहुंचाए जा सकें।

वियतनाम से लौटे 15 भारतीयों के शव

भारतीय दूतावास ने शोक जताते हुए कहा कि इस दुख की घड़ी में उसकी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं मृतकों के परिवारों के साथ हैं। भारतीय मिशन ने बताया कि मृतकों के गृह राज्यों की सरकारें उनके परिवारों के साथ मिलकर मुंबई हवाई अड्डे से शवों को उनके-अपने शहरों और गांवों तक पहुंचाने की व्यवस्था करेंगी। इस हादसे में जान गंवाने वाले 15 भारतीयों में 10 तमिलनाडु, 3 आंध्र प्रदेश और 2 केरल के रहने वाले थे।

मुंबई एयरपोर्ट पर लैंड हुआ विशेष विमान

भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि इस कठिन समय में वियतनाम के लोगों की ओर से मिली संवेदनाओं और प्रार्थनाओं के लिए वह आभारी है। दूतावास ने कहा कि लोगों का सहयोग, प्रार्थनाएं और समर्थन इस दुख की घड़ी में परिवारों और अधिकारियों के लिए बड़ी ताकत बना। इसके साथ ही भारतीय मिशन ने वियतनाम के सभी संबंधित सरकारी अधिकारियों और एजेंसियों का भी धन्यवाद किया, जिन्होंने राहत और अन्य जरूरी कार्यों में हर संभव मदद की।

11 जुलाई को वियतनाम के फु क्वोक द्वीप के पास होन मे रुट न्गोई इलाके में एक दर्दनाक नाव हादसा हुआ। यहां 32 भारतीय पर्यटकों और चार स्थानीय चालक दल के सदस्यों को लेकर जा रही एक स्पीडबोट अचानक पलट गई। इस हादसे में 15 भारतीय पर्यटकों की मौत हो गई, जबकि बाकी लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया। बचाए गए 16 भारतीय पर्यटकों में से कुछ स्वदेश लौट चुके हैं। वहीं, एक घायल भारतीय का अभी भी वियतनाम के फु क्वोक में इलाज चल रहा है।

हनोई स्थित भारतीय दूतावास ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि घायल भारतीय नागरिक का रविवार शाम सफलतापूर्वक एक जरूरी चिकित्सीय उपचार किया गया। इसके बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए हो ची मिन्ह सिटी के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दूतावास ने यह भी बताया कि घायल के परिवार के सदस्य भी हो ची मिन्ह सिटी पहुंच चुके हैं।

नाव हादसे में घायल एक भारतीय की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है। जानकारी के मुताबिक, 49 वर्षीय इस व्यक्ति के फेफड़ों को पानी में डूबने की वजह से गंभीर नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा उन्हें गहरा सदमा लगा है, शरीर पर कई चोटें हैं और मस्तिष्क में भी रक्तस्राव (ब्रेन ब्लीडिंग) हुआ है। डॉक्टर लगातार उनकी निगरानी कर रहे हैं। फु क्वोक वियतनाम का सबसे बड़ा द्वीप है और यह अपने सफेद रेतीले समुद्र तटों, खूबसूरत कोरल रीफ और आइलैंड टूर के लिए दुनिया भर के पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय है।

लावा कंपनी ने किया मुआवजे का ऐलान

घरेलू मोबाइल कंपनी लावा इंटरनेशनल ने इस दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वाले कर्मचारियों के परिवारों के लिए आर्थिक सहायता का ऐलान किया है। कंपनी ने कहा है कि प्रत्येक मृतक के परिवार को 25 लाख रुपये की मदद दी जाएगी। गौरतलब है कि शनिवार को वियतनाम के फु क्वोक द्वीप के पास नाव पलटने से लावा इंटरनेशनल के 14 सहयोगियों और एक कर्मचारी की मौत हो गई थी।

कार का माइलेज हो रहा है कम? मारुति, हुंडई, टाटा और Kia समेत हर पेट्रोल कार के लिए जानिए ईंधन बचाने के सबसे आसान तरीके

भारत में कार खरीदते समय लोग सबसे पहले उसके माइलेज पर ध्यान देते हैं। पेट्रोल और डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों के बीच अब अच्छी माइलेज पहले से भी ज्यादा जरूरी हो गई है। वहीं, देश में E20 पेट्रोल के इस्तेमाल के बढ़ने के बाद भी ईंधन की बचत को लेकर लोगों की चिंता बढ़ी है। हालांकि, कार कंपनियों का कहना है कि E20 पेट्रोल से माइलेज में थोड़ी कमी आ सकती है, लेकिन किसी भी कार का वास्तविक माइलेज काफी हद तक आपकी ड्राइविंग की आदत, गाड़ी की देखभाल और सड़क की स्थिति पर भी निर्भर करता है।

चाहे आपके पास मारुति सुजुकी स्विफ्ट, हुंडई क्रेटा, टाटा नेक्सन, महिंद्रा XUV 3XO या किआ सेल्टोस जैसी कोई भी कार हो, कुछ आसान टिप्स अपनाकर आप हर लीटर ईंधन में ज्यादा दूरी तय कर सकते हैं और अपनी ईंधन लागत को कम कर सकते हैं।

क्या E20 पेट्रोल से कार का माइलेज कम हो जाता है?

E20 पेट्रोल में 20% इथेनॉल और 80% पेट्रोल मिलाया जाता है। इथेनॉल में सामान्य पेट्रोल की तुलना में एनर्जी कम होती है। यही वजह है कि E20 पेट्रोल इस्तेमाल करने पर कार का माइलेज थोड़ा कम हो सकता है। 4 जुलाई को पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय, भारी उद्योग मंत्रालय और सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में मारुति सुजुकी इंडिया के वरिष्ठ अधिकारी राहुल भारती ने बताया कि E20 पेट्रोल की कैलोरीफिक वैल्यू, E10 पेट्रोल के मुकाबले करीब 3 से 3.5 प्रतिशत कम होती है। इसी कारण माइलेज में भी लगभग इतनी ही कमी देखने को मिल सकती है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि अगर कोई कार सामान्य तौर पर 20 किलोमीटर प्रति लीटर का माइलेज देती है, तो E20 पेट्रोल इस्तेमाल करने पर उसका माइलेज करीब 0.6 किलोमीटर प्रति लीटर तक कम हो सकता है।

कार का माइलेज कैसे बढ़ाएं?

चाहे आपकी कार E10 पेट्रोल पर चलती हो या E20 पेट्रोल पर, अच्छी माइलेज पाने का सबसे आसान तरीका है संतुलित और आराम से ड्राइविंग करना। तेज रफ्तार में अचानक एक्सीलेटर दबाने, बार-बार तेज ब्रेक लगाने और इंजन को बेवजह ज्यादा आरपीएम (स्पीड) पर चलाने से बचें। इससे ईंधन की खपत बढ़ जाती है। शहर के ट्रैफिक में गाड़ी चलाते समय धीरे-धीरे एक्सीलेटर दबाएं। इससे इंजन पर कम दबाव पड़ता है और ईंधन की बचत होती है। वहीं, हाईवे पर जहां संभव हो, एक समान गति बनाए रखकर गाड़ी चलाने से भी बेहतर माइलेज मिल सकता है।

क्या टायर का प्रेशर माइलेज पर असर डालता है?

टायर में सही हवा होना कार की माइलेज के लिए बहुत जरूरी है। अगर टायर में हवा कम होगी, तो सड़क पर उसका रोलिंग रेजिस्टेंस बढ़ जाएगा। ऐसे में इंजन को ज्यादा ताकत लगानी पड़ेगी और ईंधन की खपत भी बढ़ जाएगी। इसलिए कार मालिकों को कम से कम हर 15 दिन में एक बार टायर का प्रेशर जरूर जांचना चाहिए। हमेशा कंपनी द्वारा बताए गए तय प्रेशर के अनुसार ही टायर में हवा भरवाएं। इससे न सिर्फ माइलेज बेहतर होगी, बल्कि टायर की उम्र भी बढ़ेगी।

क्या समय पर सर्विस न कराने से कार का माइलेज कम हो जाता है?

अगर कार की सर्विस समय पर नहीं कराई जाती, तो उसका सीधा असर माइलेज पर पड़ सकता है। एयर फिल्टर गंदा या जाम होने, स्पार्क प्लग घिस जाने और इंजन ऑयल पुराना होने से इंजन पहले जितनी क्षमता से काम नहीं कर पाता। इससे ईंधन की खपत बढ़ जाती है और माइलेज कम हो जाती है। इसलिए कार की नियमित सर्विस कराना बहुत जरूरी है। समय पर सर्विस होने से इंजन बेहतर तरीके से काम करता है, ईंधन की बचत होती है और कार की परफॉर्मेंस भी अच्छी बनी रहती है। हर कार के साथ मिलने वाली ओनर मैनुअल में सर्विस का पूरा शेड्यूल दिया होता है। उसी के अनुसार समय-समय पर सर्विस कराते रहें। यह न सिर्फ कार को बेहतर स्थिति में रखता है, बल्कि कम ईंधन में ज्यादा दूरी तय करने में भी मदद करता है।

क्या ज्यादा सामान रखने से कार का माइलेज कम हो जाता है?

कार में जितना ज्यादा वजन होगा, इंजन को उसे चलाने के लिए उतनी ही ज्यादा मेहनत करनी पड़ेगी। इसलिए अगर आप डिग्गी में बिना जरूरत का भारी सामान रखते हैं, तो इससे ईंधन की खपत बढ़ सकती है और माइलेज कम हो सकती है। इसके अलावा, कार की छत पर लगाए जाने वाले रूफ कैरियर या रूफ बॉक्स भी हवा के प्रवाह में रुकावट पैदा करते हैं। खासकर हाईवे पर इनकी वजह से कार को आगे बढ़ने में ज्यादा ताकत लगती है, जिससे माइलेज पर असर पड़ता है।

क्या गाड़ी खड़ी होने पर इंजन चालू रखना सही है?

आज की पेट्रोल कारें खड़ी रहने पर भी ईंधन खर्च करती हैं। अगर आपको एक मिनट या उससे ज्यादा समय तक कहीं रुकना है, तो जहां संभव हो, इंजन बंद कर देना बेहतर होता है। इससे ईंधन की बचत होती है। आजकल कई नई कारों में ऑटो स्टार्ट-स्टॉप सिस्टम दिया जाता है। यह सुविधा ट्रैफिक सिग्नल या लंबे इंतजार के दौरान अपने आप इंजन बंद कर देती है और जरूरत पड़ने पर दोबारा चालू कर देती है, जिससे ईंधन की बचत होती है।

क्या एसी चलाने से कार का माइलेज कम हो जाता है?

जी हां, लेकिन इसका असर इस बात पर निर्भर करता है कि आप कार कैसे चला रहे हैं। अगर आप लंबे समय तक एसी को सबसे कम तापमान पर चलाते हैं, तो इंजन पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है और ईंधन की खपत बढ़ सकती है। बेहतर माइलेज के लिए एसी का तापमान 22 से 24 डिग्री सेल्सियस के बीच रखना अच्छा माना जाता है। इसके अलावा, रीसर्कुलेशन मोड का इस्तेमाल करने से भी एसी जल्दी ठंडा करता है और ईंधन की बचत में मदद मिलती है।

क्या प्रीमियम पेट्रोल से माइलेज बढ़ जाती है?

हर बार ऐसा नहीं होता। अगर आपकी कार बनाने वाली कंपनी ने खास तौर पर प्रीमियम पेट्रोल इस्तेमाल करने की सलाह नहीं दी है, तो केवल ज्यादा ऑक्टेन वाला पेट्रोल भरवाने से माइलेज में कोई बड़ा फर्क नहीं पड़ता। भारत में बिकने वाली ज्यादातर पेट्रोल कारें सामान्य पेट्रोल पर बेहतर तरीके से चलने के लिए बनाई जाती हैं। जिन कारों में E20 पेट्रोल की अनुमति है, वे भी सामान्य रूप से उसी ईंधन पर अच्छी तरह काम करती हैं। इसलिए बिना जरूरत सिर्फ माइलेज बढ़ाने के लिए प्रीमियम पेट्रोल पर अतिरिक्त खर्च करना जरूरी नहीं है।

वर्ल्ड कप 2027 में विराट-रोहित के खेलने को लेकर सस्पेंस खत्म! कप्तान का बड़ा बयान

इंग्लैंड और भारत के बीच 3 मैचों की वनडे सीरीज की शुरुआत 14 जुलाई से होगी। इस सीरीज में रोहित शर्मा और विराट कोहली की वापसी हो रही है। वहीं ये सीरीज अगले साल होने वाले वनडे विश्व कप 2027 की तैयारियों के लिहाज से भी अहम मानी जा रही है। वनडे टीम के कप्तान शुभमन गिल ने कहा कि टीम 2027 वनडे विश्व कप की तैयारी अभी से कर रही है। उन्होंने बताया कि वह विराट कोहली के साथ मिलकर टीम के सही कॉम्बिनेशन पर लगातार बात कर रहे हैं।

गिल के मुताबिक, विराट का अनुभव टीम के लिए बहुत अहम है और आने वाले विश्व कप की तैयारियों में उनकी भूमिका भी काफी महत्वपूर्ण रहने वाली है।

वर्ल्ड कप को लेकर कर रहे तैयारी

इंग्लैंड के खिलाफ पहले वनडे से पहले आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में शुभमन गिल ने बताया कि वह 2027 वनडे विश्व कप को लेकर विराट कोहली के साथ लगातार चर्चा कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “दो दिन पहले ही हमारी 2027 विश्व कप की तैयारियों को लेकर बातचीत हुई थी। हमने टीम के संयोजन पर विचार किया और यह भी चर्चा की कि कौन-कौन से खिलाड़ी भविष्य में टीम के लिए अहम साबित हो सकते हैं। साथ ही यह भी देखा कि कौन सा खिलाड़ी किस भूमिका में टीम के लिए सबसे बेहतर रहेगा, भले ही वह अभी टीम का हिस्सा न हो।”

रोहित-विराट ने किया शानदार प्रदर्शन

अगले साल होने वाले वर्ल्ड कप से पहले रोहित शर्मा और विराट कोहली की बढ़ती उम्र को लेकर लगातार चर्चा हो रही है, लेकिन शुभमन गिल ने कहा कि, दोनों खिलाड़ी अब भी भारतीय वनडे टीम के लिए बेहद अहम हैं। उन्होंने कहा, “रोहित शर्मा और विराट कोहली पिछले 10 साल से भारतीय बल्लेबाजी की सबसे मजबूत कड़ी रहे हैं। दोनों आज भी टीम के महत्वपूर्ण सदस्य हैं। उनके पास जो अनुभव और खेल की समझ है, वह टीम के लिए बहुत मूल्यवान है। हमने वर्षों से देखा है कि उन्होंने अलग-अलग परिस्थितियों में भारत के लिए शानदार प्रदर्शन किया है।”

भविष्य की योजना का हिस्सा है विराट

शुभमन गिल के बयान से साफ पता चलता है कि विराट कोहली अभी भी भारतीय टीम की भविष्य की योजनाओं का अहम हिस्सा हैं। हाल ही में विराट ने कहा था कि वह ऐसी टीम में नहीं खेलना चाहते, जहां उन्हें बार-बार खुद को साबित करना पड़े। ऐसे में गिल का उनके साथ टीम की रणनीति पर चर्चा करना दिखाता है कि टीम मैनेजमेंट विराट के अनुभव और सलाह को काफी महत्व दे रहा है।

कोहली का रिकॉर्ड

भारतीय टीम की कप्तानी छोड़ने के बाद कोहली नेतृत्व की भूमिका में कम नजर आए थे, लेकिन अब उनकी जिम्मेदारी फिर से बढ़ती हुई दिखाई दे रही है। वनडे क्रिकेट में विराट कोहली का कप्तानी रिकॉर्ड शानदार रहा है। उन्होंने भारत की कप्तानी करते हुए 95 मुकाबलों में टीम का नेतृत्व किया, जिनमें से 65 मैचों में भारत को जीत मिली। इस दौरान उनका जीत प्रतिशत 68.42 रहा, जो एक से अधिक वनडे मैचों में भारतीय टीम की कप्तानी करने वाले सभी कप्तानों में सबसे बेहतर माना जाता है।

Vaibhav Sooryavanshi: वैभव सूर्यवंशी के डेब्यू में टीम इंडिया ने कर दी जल्दबाजी? इंग्लैंड के सीरीज हारने के बाद फूटा इस पूर्व खिलाड़ी का गुस्सा

इंग्लैंड के खिलाफ 5 मैचों की टी20 सीरीज खत्म हो गई है। इस सीरीज को इंग्लैंड ने 4-0 से अपने नाम किया है। वहीं इस सीरीज के दूसरे मैच में इंग्लैंड के खिलाफ भारत के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने अपना इंटरनेशनल डेब्यू किया था। इस सीरीज में वैभव कुछ खास कमाल नहीं कर पाए। शुरुआती तीन मैचों में उन्होंने 14, 13 और 15 रन की ही पारी खेल सके। वहीं वैभव के डेब्यू पर पूर्व भारतीय वसीम जाफर ने अपनी राय रखी है। पूर्व भारतीय बल्लेबाज वसीम जाफर के मुताबिक कि, युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में थोड़ा और समय देकर मौका दिया जाना चाहिए था।

उनके अनुसार टीम मैनेजमेंट ने उनकी लोकप्रियता और पब्लिक हाइप को देखते हुए जल्दबाजी में फैसला लिया, जबकि पहले से टीम का बल्लेबाजी क्रम तय था। जाफर का कहना है कि किसी भी युवा खिलाड़ी को इंटरनेशनल स्तर पर उतारने से पहले उसे घरेलू और दूसरे स्तर पर पर्याप्त अनुभव हासिल करने का मौका मिलना चाहिए।

जल्द ही करवा दिया डेब्यू

वसीम जाफर ने कहा, “मुझे लगता है कि हमने वैभव सूर्यवंशी को टीम में शामिल करने में थोड़ी जल्दबाजी की। उनके आसपास काफी चर्चा और उत्साह था, इसलिए लोग उन्हें जल्द खेलते हुए देखना चाहते थे। लेकिन मेरा मानना है कि भारत को संजू सैमसन के साथ ही आगे बढ़ना चाहिए था।” उन्होंने आगे कहा, “वैभव अभी बहुत युवा हैं। अगर वह कुछ समय तक भारतीय टीम के साथ रहते, माहौल को समझते और सही मौके का इंतजार करते, तो उन्हें ज्यादा फायदा होता। इतनी जल्दी उन्हें अंतिम एकादश में जगह देना सही फैसला नहीं था।”

हाइप की वजह से किया गया शामिल

वसीम जाफर ने भारत के टॉप ऑर्डर में लगातार किए जा रहे बदलावों पर भी सवाल उठाए। उनका मानना है कि चयनकर्ता और टीम प्रबंधन वैभव सूर्यवंशी को खिलाने की बढ़ती मांग और उनके आसपास बने माहौल से प्रभावित नजर आए। उन्होंने कहा, “ऐसा लगा कि हम मीडिया में बनी चर्चा के साथ बह गए। जब भी वैभव प्लेइंग इलेवन में नहीं होते थे, तो इसे लेकर काफी बातें होती थीं। अगर टीम को लगता था कि संजू सैमसन फॉर्म में नहीं हैं, तो वह अलग बात है। लेकिन आखिर में ऐसा महसूस हुआ कि वैभव को टीम में शामिल करने का फैसला कुछ ज्यादा जल्दी कर लिया गया।”

संजू को लेकर कही ये बात

वसीम जाफर ने संजू सैमसन के साथ हुए व्यवहार पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि पांचवें टी20 मैच के लिए उन्हें दोबारा टीम में शामिल किया गया, लेकिन इसके बाद जिम्बाब्वे दौरे के लिए भारतीय टीम में जगह नहीं मिली। उन्होंने कहा, “संजू सैमसन भारत के लिए सिर्फ टी20 फॉर्मेट खेलते हैं, इसलिए उन्हें लगातार मौके मिलने चाहिए। मुझे लगता है कि वह अगले टी20 वर्ल्ड कप की योजनाओं का हिस्सा होंगे, लेकिन जिस तरह उनके साथ फैसले लिए गए, वह काफी हैरान करने वाला था।”

14 जुलाई Weather Update: बिहार-ओडिशा में बहुत भारी बारिश, IMD ने इन 10 राज्यों में दिया हैवी रेन का अलर्ट

देश के कई हिस्सों में मानसून पूरी तरह सक्रिय है और अगले 24 घंटे कई राज्यों के लिए भारी पड़ सकते हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 14 जुलाई के लिए ताजा मौसम बुलेटिन जारी करते हुए बिहार और ओडिशा में बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है। इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश, असम-मेघालय, झारखंड, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, सिक्किम और पूर्वोत्तर के कई राज्यों में भी भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने कई इलाकों में आंधी, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की भी संभावना जताई है।

बिहार और ओडिशा में बहुत भारी बारिश का अलर्ट

आईएमडी के मुताबिक 14 जुलाई को बिहार और ओडिशा के अलग-अलग इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। लगातार हो रही बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव, सड़कें डूबने और स्थानीय बाढ़ जैसी स्थिति बनने की आशंका है। लोगों को बिना जरूरी काम के घर से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है।

इन 10 राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग ने 14 जुलाई को निम्न राज्यों में भारी बारिश का अनुमान जताया है।

  • अरुणाचल प्रदेश
  • असम और मेघालय
  • पश्चिम बंगाल
  • सिक्किम
  • झारखंड
  • छत्तीसगढ़
  • नागालैंड
  • मणिपुर
  • मिजोरम
  • त्रिपुरा

इन राज्यों में कई जगह तेज बारिश के साथ बिजली चमकने और गरज के साथ बारिश होने की संभावना है।

इन राज्यों में चलेगी तेज हवा, गिर सकती है बिजली

आईएमडी के अनुसार बिहार, झारखंड, ओडिशा, कर्नाटक और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। वहीं अंडमान-निकोबार, आंध्र प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। इन इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश और बिजली गिरने की भी आशंका है।

उत्तर भारत में कैसा रहेगा मौसम?

उत्तराखंड में अगले कई दिनों तक बारिश जारी रहने की संभावना है। हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में भी हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। उत्तर प्रदेश में फिलहाल हल्की से मध्यम बारिश का दौर रहेगा, जबकि 17 से 19 जुलाई के बीच पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। हरियाणा, पंजाब और दिल्ली में भी छिटपुट बारिश का अनुमान है।

पूर्वोत्तर भारत में लगातार बारिश

पूर्वोत्तर भारत में मानसून का असर लगातार बना हुआ है। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अगले कई दिनों तक बारिश जारी रहने का अनुमान है। मेघालय और असम के कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। लगातार बारिश के कारण कुछ स्थानों पर अचानक बाढ़ और भूस्खलन का खतरा भी बना हुआ है।

मध्य और दक्षिण भारत का मौसम

छत्तीसगढ़ में 14 और 15 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है। वहीं मध्य प्रदेश और विदर्भ में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। दक्षिण भारत में आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहेगा। तटीय आंध्र प्रदेश में कुछ स्थानों पर लू चलने की भी चेतावनी दी गई है, जबकि ओडिशा, तमिलनाडु और रायलसीमा में उमस भरा मौसम बना रह सकता है।

मछुआरों के लिए चेतावनी

आईएमडी ने अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के कई हिस्सों में तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी है। समुद्र में हवा की रफ्तार 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटा और झोंकों के साथ 65 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। ऐसे में मछुआरों को अगले कुछ दिनों तक समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है।

लोगों के लिए जरूरी सलाह

मौसम विभाग ने भारी बारिश वाले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें, मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखें और बिजली चमकने के दौरान खुले स्थानों या पेड़ों के नीचे खड़े न हों। जिन इलाकों में लगातार भारी बारिश हो रही है, वहां भूस्खलन और स्थानीय बाढ़ का खतरा बना रह सकता है।

इंग्लैंड के खिलाफ एकदिवसीय सीरीज कल से शुरु, इन 3 भारतीय चेहरों पर रहेगी नजर

ENGvsIND इंग्लैंड के खिलाफ टी-20 सीरीज में सूपड़ा साफ होने के बाद भारतीय क्रिकेट प्रशंसको की उम्मीदें एकदिवसीय क्रिकेट में कुछ अच्छी खबर सुनने की तरफ होगी क्योंकि इस प्रारुप में वरिष्ठ खिलाड़ी फैंस को हार के सिलसिले को तोड़ने का माद्दा रखते हैं क्योंकि उन्होंने भरपूर आराम लिया है।कोहली, रोहित और जसप्रीत बुमराह उस प्रारूप में खेलने के लिए वापसी कर रहे हैं।

रोहित हाल ही में अफगानिस्तान सीरीज में शिरकत करते देखे गए थे। लेकिन विराट कोहली ने फरवरी में इंदौर में न्यूजीलैंड के खिलाफ अंतिम एकदिवसीय मैच खेला था। बुमराह की बात की जाए तो वह तो 2 साल से टी-20 विश्वकप के लिए तैयारी कर रहे थे। 2 बार टीम को कप जिताने के बाद अब वह अगले साल होने वाले एकदिवसीय विश्वकप की तैयारी कर रहे हैं। जसप्रीत बुमराह ने अंतिम एकदिवसीय मैच भी विश्वकप फाइनल 2023 खेला था।

रोहित और कोहली ने पिछले कई वर्षों में इंग्लैंड के गेंदबाजों की जमकर धुनाई की है और वह इस बात को अच्छी तरह से जानते हैं कि उनसे क्या उम्मीद की जा रही है।भारतीय टीम प्रबंधन ने रोहित और कोहली के लिए चीजें आसान बनाकर नहीं रखी हैं लेकिन अभी टीम जिस परिस्थिति से गुजर रही है उसे देखते हुए वह इन दोनों का खुले दिल से स्वागत करने के लिए विवश होगा। वनडे में जीत से टी20 की कमियों को छुपाया नहीं जा सकता लेकिन इससे खिलाड़ियों का मनोबल ज़रूर बढेगा।

कप्तान शुभमन गिल की वापसी और अनुभवी केएल राहुल की मौजूदगी से भारत के पास अनुभवी बल्लेबाजों की एक शानदार चौकड़ी है, जो किसी भी मैच का रुख पलट सकती है।अगर श्रेयस अय्यर को भी इसमें शामिल कर लिया जाए, तो बल्लेबाजी इकाई को लेकर ज्यादा चिंता की कोई बात नहीं होनी चाहिए। लेकिन गेंदबाजी इकाई के लिए ऐसा नहीं कहा जा सकता है जिसे बुमराह की वापसी से मजबूती मिलेगी।

भारत के नए तेज गेंदबाज गुरनूर बराड़ को इंग्लैंड की पिचों पर अपनी लेंथ को लेकर बिल्कुल अलग चुनौती का सामना करना पड़ेगा।अर्शदीप सिंह बाएं हाथ के तेज गेंदबाज के रूप में निश्चित रूप से टीम को एक नया आयाम देंगे, जबकि शिवम दुबे चौथे तेज गेंदबाज होंगे। दुबे को चोटिल हार्दिक पंड्या और नीतीश कुमार रेड्डी की अनुपस्थिति के कारण मजबूरी में टीम में शामिल किया गया है।

वॉशिंगटन सुंदर और अक्षर पटेल दोनों ने ही टी20 श्रृंखला में बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में निराशाजनक प्रदर्शन किया। लेकिन शायद ही उन्हें इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा क्योंकि भारतीय टीम प्रबंधन उनकी बल्लेबाजी को तवज्जो दे रहा है और वह बल्लेबाजी में टीम के सर्वश्रेष्ठ स्पिनर कुलदीप यादव से ज्यादा योगदान दे रहे हैं।

इंग्लैंड के खिलाफ भारत के लिए यह फायदे की बात होगी कि मेजबान टीम ने 27 जनवरी के बाद से कोई भी वनडे मैच नहीं खेला है।बहुत सारे टी20 और कुछ टेस्ट मैच (न्यूजीलैंड के खिलाफ) खेलने के बाद इंग्लैंड को इस प्रारूप के लिए अपनी लय में लौटना होगा हालांकि टी20 में शानदार जीत से उसके खिलाड़ियों का मनोबल काफी बढ़ा होगा।

बल्लेबाजी क्रम में जो रूट के शामिल होने से इंग्लैंड की बल्लेबाजी को और अधिक मजबूती मिलेगी। बल्लेबाजी में उसका दारोमदार हैरी ब्रूक, जैकब बेथेल और जोस बटलर पर टिका रहेगा।उपमहाद्वीप की पिचों की तुलना में अधिक चुनौतीपूर्ण पिचों पर जोफ्रा आर्चर और जोश टंग जैसे सटीक गेंदबाजी करने वाले तेज गेंदबाजों का सामना करना एक अलग ही चुनौती है।

भारतीय दल में अब दाएं हाथ के बल्लेबाज ज्यादा रहेंगें इस कारण सैम करन और लियाम डॉसन की भूमिका ज्यादा होगी। इंग्लैंड ने लगभग टी-20 का दल ही एकदिवसीय मैचों के लिए रखा है इस कारण कागज पर भारत बेहतर दल लग रहा है।फिल साल्ट की जगह बेन डकेट सलामी बल्लेबाजी संभालेंगे।

टीम इस प्रकार हैं:

भारत: शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर (उप-कप्तान), केएल राहुल (विकेटकीपर), इशान किशन (विकेटकीपर), वॉशिंगटन सुंदर, अक्षर पटेल, शिवम दुबे, कुलदीप यादव, जसप्रीत बुमराह, प्रसिद्ध कृष्णा, अर्शदीप सिंह, गुरनूर बराड़, प्रिंस यादव।

इंग्लैंड: हैरी ब्रूक (कप्तान), बेन डकेट, जोस बटलर (विकेटकीपर), टॉम बैंटन, जो रूट, जैकब बेथेल, विल जैक्स, रेहान अहमद, लियाम डॉसन, जेम्स कोल्स, सैम कुरेन, गस एटकिंसन, जोफ्रा आर्चर, जोश टंग, साकिब महमूद, आदिल राशिद।

समय: दोपहर 3:30 बजे

Housing Scheme: दिल्ली के पास अपना घर होने का सपना होगा सच! सिर्फ 2 लाख रुपये में मिल रहा है शानदार फ्लैट

गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई) के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के लोगों के लिए डासना गांव में किफायती फ्लैटों की योजना शुरू की है। इसके लिए रजिट्रेशन प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। दिल्ली-एनसीआर में लगातार बढ़ती प्रॉपर्टी की कीमतों के बीच यह योजना उन लोगों के लिए बड़ी राहत है, जो कम खर्च में अपना घर खरीदना चाहते हैं।

जीडीए की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, इस योजना के तहत एक घर की अनुमानित कीमत 4.49 लाख रुपये रखी गई है। पात्र लाभार्थियों को केंद्र सरकार की ओर से 1.50 लाख रुपये और उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से 1 लाख रुपये की सब्सिडी मिलेगी। यानी कुल 2.50 लाख रुपये की सहायता के बाद लाभार्थी को अपनी जेब से सिर्फ करीब 1.99 लाख रुपये ही चुकाने होंगे। योजना के तहत घरों का आवंटन लॉटरी के जरिए किया जाएगा। लॉटरी की तारीख और अन्य जानकारी समय-समय पर जीडीए की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी की जाएगी।

फ्लैट की कीमत कितनी है?

  • इस योजना के तहत एक फ्लैट की अनुमानित कीमत करीब 4.50 लाख रुपये रखी गई है। खास बात यह है कि केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से मिलने वाली सब्सिडी के बाद लाभार्थी को काफी कम रकम चुकानी पड़ेगी।
  • केंद्र सरकार की ओर से पात्र आवेदकों को 1.50 लाख रुपये की सब्सिडी मिलेगी।

    उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से 1 लाख रुपये की अतिरिक्त सहायता दी जाएगी।

  • इस तरह कुल 2.50 लाख रुपये की सब्सिडी मिलने के बाद आवेदक को अपनी जेब से करीब 1.99 लाख रुपये यानी लगभग 2 लाख रुपये ही देने होंगे।

आवेदन से पहले जान लें जरूरी बातें

अगर आप इस योजना का लाभ लेना चाहते हैं, तो आवेदन की अंतिम तिथि और पात्रता की शर्तों का ध्यान रखना जरूरी है।

कौन कर सकता है आवेदन?

इस योजना का लाभ केवल उन्हीं लोगों को मिलेगा, जो सरकार द्वारा तय की गई सभी शर्तों को पूरा करते हों।

  • आवेदक भारतीय नागरिक होना चाहिए।
  • आवेदक उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले का निवासी होना चाहिए।
  • 20 जुलाई तक आवेदन किया जा सकता है।
  • आवेदक की उम्र 18 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए।
  • आवेदक या उसके परिवार के किसी सदस्य के नाम पर देश में कहीं भी पक्का मकान नहीं होना चाहिए।
  • परिवार की आय आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) की निर्धारित सीमा के भीतर होनी चाहिए।
  • अगर कोई व्यक्ति इन शर्तों को पूरा किए बिना आवेदन करता है, तो उसका आवेदन रद्द किया जा सकता है।

आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज

आवेदन करते समय सभी जरूरी दस्तावेज सही होने चाहिए, ताकि प्रक्रिया में कोई परेशानी न आए।

  • आधार कार्ड
  • पैन कार्ड
  • तहसीलदार या सक्षम अधिकारी द्वारा जारी नया आय प्रमाण पत्र
  • गाजियाबाद का निवास प्रमाण पत्र
  • नोटरी से सत्यापित शपथ पत्र, जिसमें यह घोषणा हो कि आवेदक या उसके परिवार के नाम पर देश में कहीं भी कोई पक्का मकान नहीं है।

Delhi: महिलाओं को 2500 रुपये देने वाली सरकारी स्कीम के लिए आया नया अपडेट, जानें कब से होगा लागू?

Delhi Mahila Samridhi Yojna: दिल्ली में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाओं को हर महीने 2500 रुपये की वित्तीय सहायता देने वाली सरकारी योजना को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है। दिल्ली सरकार ने महिला समृद्धि योजना का नाम बदलकर दिल्ली लक्ष्मी योजना कर दिया है। इस योजना के तहत महिलाओं को 2500 प्रतिमाह दिए जाएंगे। दिल्ली की करीब 17 लाख महिलाओं को इस योजना का लाभ मिलेगा। दिल्ली लक्ष्मी योजना रक्षाबंधन पर लागू करने का लक्ष्य रखा गया है।

बता दें कि, इस योजना की घोषणा पहले आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार ने की थी, लेकिन उस समय इसे लागू नहीं किया जा सका। बाद में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने 2025 के दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए अपने चुनावी घोषणा पत्र में भी महिलाओं को आर्थिक सहायता देने का वादा किया था। हालांकि, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली सरकार ने अभी तक इस योजना को शुरू नहीं किया है।

दिल्ली लक्ष्मी योजना कब शुरू हो सकती है?

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, दिल्ली सरकार इस योजना की शुरुआत अगस्त में रक्षाबंधन के आसपास कर सकती है। हालांकि, सरकार की ओर से अभी इसकी आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की गई है।

कौन उठा सकेगा योजना का लाभ?

इस योजना का लाभ 21 से 60 साल की उन महिलाओं को मिलने की संभावना है, जो पिछले 10 साल से दिल्ली की निवासी हैं और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से आती हैं। इसके अलावा, लाभ पाने के लिए महिला का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं होना चाहिए और उसके परिवार की सालाना आय 2.5 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।

हर महीने कितनी आर्थिक सहायता मिलेगी?

योजना के तहत पात्र महिलाओं के बैंक खाते में हर महीने 2,500 रुपये की आर्थिक सहायता भेजी जाएगी।

किन दस्तावेजों की होगी जरूरत?

फिलहाल दिल्ली सरकार ने इस योजना के लिए आवेदन में लगने वाले जरूरी दस्तावेजों की आधिकारिक सूची जारी नहीं की है। सरकार की ओर से घोषणा होने के बाद ही इसकी पूरी जानकारी सामने आएगी।

1 अगस्त से लागू होगा ‘पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड’

दिल्ली सरकार ने महिलाओं के लिए 1 अगस्त से ‘पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड’ को अनिवार्य करने का फैसला किया है। इस तारीख के बाद जिन महिलाओं के पास यह कार्ड नहीं होगा, वे दिल्ली की मुफ्त बस यात्रा योजना का लाभ नहीं ले सकेंगी। सरकार ने साफ किया है कि अभी इस्तेमाल किए जा रहे पेपर वाले पिंक टिकट केवल 31 जुलाई तक ही मान्य रहेंगे। इसके बाद मुफ्त यात्रा के लिए सिर्फ पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड ही स्वीकार किया जाएगा। यह कार्ड केंद्र सरकार की ‘वन नेशन, वन कार्ड’ योजना के तहत जारी किया जा रहा है। इसके जरिए केवल दिल्ली की महिला निवासी ही दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) की बसों में मुफ्त यात्रा का लाभ उठा सकेंगी।