iPhone 18 Pro Max में क्या होगा खास? जानें कीमत, कैमरा, कलर और स्पेसिफिकेशन्स की पूरी डिटेल

Apple का ‘Surprise and Shine’ इवेंट बस कुछ ही दिनों में शुरू होने वाला है और इसमें iPhone 18 Pro, iPhone 18 Pro Max और Apple का पहला फोल्डेबल फोन ‘iPhone Ultra’ शामिल हो सकता है। अगर iPhone 18 Pro Max की बात करें, तो यह अपने पिछले मॉडल के मुकाबले UI और स्पेसिफिकेशन्स के मामले में एक बहुत बड़ा अपग्रेड होगा। इससे जुड़ी कई खबरें और अफवाहें इंटरनेट पर तेजी से फैल रही हैं। तो आइए, इस सीरीज के Pro Max मॉडल के बारे में वो सब कुछ जानते हैं जो आपको पता होना चाहिए।

iPhone 18 Pro Max का डिजाइन, कैमरा और स्पेसिफिकेशन्स

iPhone 18 Pro Max में 6.9-इंच का Super Retina XDR OLED डिस्प्ले हो सकता है, जिसमें 120Hz रिफ्रेश रेट और 3000 निट्स की पीक ब्राइटनेस मिलेगी। इसमें Apple का A20 Pro चिपसेट हो सकता है जो 2nm प्रोसेस पर आधारित होगा और इसके साथ Apple का सिक्स-कोर ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट (GPU) दिया जाएगा। फोन में 5400mAh की बैटरी और 25W वायरलेस MagSafe चार्जिंग का सपोर्ट भी मिल सकता है।

कैमरे की बात करें तो, Apple iPhone 18 Pro Max में ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप हो सकता है, जिसमें 48MP का प्राइमरी कैमरा, 48MP का अल्ट्रा-वाइड-एंगल कैमरा और 48MP का पेरिस्कोप टेलीफोटो कैमरा शामिल होगा। फोन के फ्रंट में सेल्फी और वीडियो कॉल के लिए 24MP का कैमरा हो सकता है। हालांकि, Apple की तरफ से अभी तक कुछ भी कन्फर्म नहीं किया गया है, इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे इस जानकारी को पूरी तरह सच न मानें।

भारत में Apple iPhone 18 Pro Max की कीमत, कलर ऑप्शन और रिलीज डेट

Apple ने पहले ही कन्फर्म कर दिया है कि ‘Surprise and Shine’ इवेंट 9 सितंबर, 2026 को होगा। यह इवेंट इंडियन स्टैंडर्ड टाइम (IST) के हिसाब से रात 10:30 बजे लाइव-स्ट्रीम किया जाएगा। यह भी कहा जा रहा है कि यह डिवाइस चार कलर ऑप्शन – Dark Cherry, Sky Blue, Black और Silver – में उपलब्ध होगा। वहीं अगर कीमत की बात करें, तो लीक के अनुसार, 256GB इंटरनल स्टोरेज वाला 12GB RAM वेरिएंट मार्केट में ₹1,69,900 की कीमत पर उपलब्ध होगा।

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Volkswagen Layoffs: और 50000 लोगों की छंटनी को मंजूरी, भारतीय यूनिट 12% नौकरियों पर चलाएगी कैंची

जर्मनी की फॉक्सवैगन में जल्द ही और 50000 नौकरियां जा सकती हैं। कंपनी के सुपरवाइजरी बोर्ड ने एक बदलाव योजना ‘फ्यूचर प्लान 2030’ को मंजूरी दी है। इसमें 50,000 और नौकरियां खत्म करना, 2035 तक अपने व्हीकल मॉडल लाइनअप को आधा करना और 2027-2031 के दौरान कैपिटल खर्च को 16 प्रतिशत तक कम करना जैसी 12 पहलें शामिल हैं। कंपनी ने इसके पीछे ग्लोबल कॉम्पिटीशन, बदलती मांगों और टेक्नोलॉजी में बदलाव का हवाला दिया है।

फॉक्सवैगन यूरोप की सबसे बड़ी कार मेकर है। यह AG, Porsche और Audi की भी मालिक है। ब्लूमबर्ग के मुताबिक, यह फॉक्सवैगन के 89 साल के इतिहास में सबसे बड़ा रीस्ट्रक्चरिंग प्लान है। इसमें जर्मनी के उन 4 प्लांट के लिए दूसरे विकल्पों पर विचार करना भी शामिल है, जिनके मॉडल अगले दशक में खत्म हो जाएंगे। कंपनी के CEO ओलिवर ब्लूम ने एक बयान में कहा, “यह फॉक्सवैगन ग्रुप के भविष्य के लिए एक मजबूत संकेत है। हम अपने सभी कर्मचारियों, अपने पार्टनर्स और दुनिया भर में इंडस्ट्रियल जॉब्स के लिए जिम्मेदारी ले रहे हैं।”

AFP की रिपोर्ट के मुताबिक, फॉक्सवैगन के मैनेजमेंट और यूनियनों के बीच इस दशक के आखिर तक कुल 1,00,000 नौकरियां कम करने पर सहमति बन गई है। 50,000 नौकरियां कम करने पर सहमति पहले ही बन चुकी थी और प्रक्रिया चल रही है। अब दुनियाभर में लगभग और 50,000 नौकरियां कम करने के प्लान को मंजूरी मिल गई है।

तगड़ा दबाव झेल रही है Volkswagen

यह फ्यूचर प्लान ऐसे समय में आया है, जब फॉक्सवैगन पर हर तरफ से दबाव है। कंपनी एक ओर अमेरिका के इंपोर्ट टैरिफ और दूसरी तरफ कमजोर चीनी बाजार के बीच फंसी हुई है। फॉक्सवैगन का कहना है कि ग्लोबल वर्कफोर्स क्षमता में और बुनियादी बदलाव की जरूरत है।

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ब्लूमबर्ग की एक दूसरी रिपोर्ट में मामले की जानकारी रखने वालों के हवाले से कहा गया है कि फॉक्सवैगन ग्रुप की भारतीय यूनिट अपने 3 साल के रीस्ट्रक्चरिंग प्लान को तेज कर रही है। इसके कारण कंपनी की लगभग 12 प्रतिशत वर्कफोर्स कम हो जाएगी। कंपनी भारत में अपने अगले इन्वेस्टमेंट साइकिल से पहले लागत कम करना चाहती है। स्कोडा ऑटो फॉक्सवैगन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने 2025 में बदलाव की प्रक्रिया शुरू की थी। अब 2027 तक तेजी से छंटनी करने की तैयारी है। इसके तहत कुछ सौ व्हाइट-कॉलर और शॉप-फ्लोर नौकरियां खत्म हो सकती हैं।

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कहा जा रहा है कि इस बदलाव का मकसद फॉक्सवैगन के भारत में नेक्स्ट जनरेशन गाड़ियां लॉन्च करने से पहले कामकाज में करोड़ों डॉलर बचाना है। रिपोर्ट के मुताबिक, स्कोडा ऑटो फॉक्सवैगन इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO पीयूष अरोड़ा का कहना है, “वैसे तो हम अपनी वर्कफोर्स के बारे में अनुमानित आंकड़ों पर कोई टिप्पणी नहीं करते हैं, लेकिन अपनी भारतीय बिजनेस यूनिट्स में कामकाज को बेहतर बनाने की हमारी कोशिशें तेज हो रही हैं।”

यह भी कहा कि आगे चलकर कंपनी अपनी लोकल इंजीनियरिंग टीम को बढ़ा सकती है। साथ ही ग्रुप के लिए एक प्रमुख मैन्युफैक्चरिंग, इंजीनियरिंग और एक्सपोर्ट हब के तौर पर भारत में निवेश भी बढ़ा सकती है। भारत में दो दशक यानि कि 20 साल से ज्यादा समय बिताने के बाद भी फॉक्सवैगन की मौजूदगी अपेक्षाकृत कम है।

Guru Purnima vs Teachers Day Difference: शिक्षक को समर्पित हैं गुरु पूर्णिमा और शिक्षक दिवस, जानें दोनों में क्या है अंतर और क्या है इतिहास

Guru Purnima vs Teachers Day Difference: शिक्षक का स्थान भगवान से भी ऊपर माना गया है, क्योंकि शिक्षक सिर्फ अक्षर ज्ञान नहीं देता, वह हमें जीने का, अपने उसूलों पर चलने और सही-गलत में फर्क करने की समझ भी देता है। इसलिए हमारे देश में दो खास दिन गुरु को समर्पित हैं। एक है गुरु पूर्णिमा और दूसरा है टीचर्स डे। अक्सर लोग ‘गुरु पूर्णिमा’ और ‘शिक्षक दिवस’ को एक ही मानते हैं। लेकिन असल में इन दोनों में मूल अर्थ में बहुत अंतर है। भारतीय संस्कृति और इतिहास में इन दोनों पर्वों के भाव और मायने में बहुत दिलचस्प फर्क है।

गुरु पूर्णिमा हजारों साल पुरानी आध्यात्मिक साधना और ‘अंधकार से प्रकाश’ की तरफ ले जाने वाले गुरु को समर्पित है। वहीं शिक्षक दिवस आधुनिक भारत के शैक्षणिक योगदान और महान दार्शनिक राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिन का सम्मान है। एक पर्व तिथि और पंचांग से चलता है तो दूसरा कैलेंडर की तय तारीख से यानी 5 सितंबर को मनाया जाता है। शिक्षक दिवस 2026 के खास अवसर पर जनरल नॉलेज में जानिए ‘शिक्षक’ और ‘गुरु’ के बीच अंतर।

गुरु पूर्णिमा और शिक्षक दिवस के बीच अंतर

बहुत से लोग गुरु पूर्णिमा और शिक्षक दिवस को एक ही समझते हैं। लेकिन इनका मूल अर्थ एक-दूसरे से बिलकुल भिन्न है। आइए आज समझें गुरु पूर्णिमा और शिक्षक दिवस के बीच कुछ प्रमुख अंतर।

प्राचीन परंपरा और आधुनिक इतिहास

गुरु पूर्णिमा हमारे देश और हिंदू धर्म की प्राचीन संस्कृति से जुड़ा पर्व है। यह आषाढ़ मास की पूर्णिमा को मनाई जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन महाभारत और चारों वेदों की रचना करने वाले महर्षि वेदव्यास का जन्म हुआ था। इसीलिए इसे ‘व्यास पूर्णिमा’ भी कहा जाता है।

शिक्षक दिवस (5 सितंबर) आधुनिक भारत के इतिहास से जुड़ा है। यह दिन भारत के पूर्व राष्ट्रपति, महान शिक्षाविद और दार्शनिक डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के रूप में मनाया जाता है। जब डॉ. राधाकृष्णन के छात्रों ने उनका जन्मदिन मनाने की इच्छा जताई तो उन्होंने कहा कि इसे देश के सभी शिक्षकों के सम्मान में समर्पित किया जाए।

‘शिक्षक’ और ‘गुरु’ की भूमिका में अंतर

‘शिक्षक’ शब्द का सीधा संबंध शिक्षा, किताबी ज्ञान और जीवन में इस्तेमाल आने वाले हुनर से है। शिक्षक गणित, विज्ञान, भाषा या कोई विषय सिखाते हैं जो प्रैक्टिकल लाइफ चलाने और आजीविका कमाने योग्य बनाता है। वे बौद्धिक विकास की नींव रखते हैं।

वहीं, ‘गुरु’ का अर्थ बहुत व्यापक और गहरा है। संस्कृत में ‘गु’ का अर्थ है अंधकार (अज्ञान) और ‘रु’ का अर्थ है प्रकाश (ज्ञान)। गुरु आपकी चेतना को जगाते हैं, जीवन दर्शन समझाते हैं और आत्मानुभूति करवाते हैं। शिक्षक साक्षर बनाते हैं, जबकि गुरु जीवन जीने का दृष्टिकोण बदल देते हैं। शिक्षक और छात्र का संबंध मुख्य रूप से औपचारिक होता है। वहीं, गुरु और शिष्य का नाता जीवनभर का और आत्मिक होता है।

मनाने का तरीका और पंचांग का नियम

गुरु पूर्णिमा का त्योहार हिंदू पंचांग के अनुसार आषाढ़ पूर्णिमा को पड़ता है। इसलिए अंग्रेजी कैलेंडर में इसकी तारीख हर साल बदलती रहती है। इस दिन मंदिरों और आश्रमों में गुरु पूजन, चरण स्पर्श और आध्यात्मिक अनुष्ठान होते हैं। लेकिन, शिक्षक दिवस हर साल 5 सितंबर को ही आता है। यह स्कूल और कॉलेजों में सांस्कृतिक कार्यक्रमों, शिक्षकों को कार्ड या उपहार देने और उनका आभार व्यक्त करने का शानदार दिन होता है।

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उत्तर भारत में एक्टिव हुआ लो-प्रेशर सिस्टम! अगले 6 दिनों तक दिल्ली-यूपी समेत इन राज्यों में होगी मूसलाधार बारिश, यहां-यहां बदलेगा मौसम

IMD Weather Alert: उत्तर भारत में मानसूनी गतिविधियों ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है। उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश के ऊपर एक नया लो प्रेशर सक्रिय हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा 5 सितंबर को जारी वेदर बुलेटिन के अनुसार, इस मौसमी तंत्र की वजह से अगले दो दिनों के दौरान यह प्रणाली पूर्व-उत्तर-पूर्व दिशा की ओर बढ़ेगी। इसके प्रभाव से दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश और बिहार सहित कई राज्यों में अगले छह से सात दिनों तक व्यापक रूप से गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। इस दौरान दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में मानसूनी बारिश की गतिविधियां काफी सुस्त बनी रहेंगी।

पिछले 24 घंटों का हाल और राज्यों में दर्ज की गई रिकॉर्ड बारिश

मौसम विभाग के मुताबिक 24 घंटों के दौरान देश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की गई है। इस दौरान पूर्वी राजस्थान, पश्चिमी मध्य प्रदेश और अरुणाचल प्रदेश में अलग-अलग जगहों 12 से 20 सेंटीमीटर तक बहुत भारी बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा दिल्ली, उत्तराखंड, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, असम, नागालैंड और तमिलनाडु में 7 से 11 सेंटीमीटर तक भारी बारिश दर्ज की गई है।

दिल्ली-एनसीआर, यूपी और उत्तर-पश्चिम भारत का वेदर अपडेट

उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में 5 सितंबर से मानसूनी हवाएं काफी मजबूत रहने वाली हैं। पश्चिमी मध्य प्रदेश और उससे सटे उत्तर प्रदेश पर बने लो-प्रेशर सिस्टम के चलते दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 5 और 6 सितंबर को अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम तथा कुछ इलाकों में भारी बारिश होने की संभावना है। इसके बाद 6 से 8 सितंबर के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश में व्यापक स्तर पर बारिश और बिजली कड़कने की गतिविधियां बनी रहेंगी।

उत्तराखंड में 5 से 11 सितंबर तक लगातार बारिश, आंधी और बिजली चमकने का अलर्ट जारी किया गया है, जहां 5 से 7 सितंबर और 10 व 11 सितंबर को भारी बारिश हो सकती है। पूर्वी राजस्थान में 5 सितंबर को बहुत भारी बारिश की संभावना है, जबकि 6 सितंबर को भी भारी बारिश की स्थिति बनी रहेगी। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद में 5 सितंबर को तेज आंधी और बारिश का अनुमान है।

मध्य भारत: मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में झमाझम बारिश के आसार

मध्य भारत में लो-प्रेशर एरिया के सीधे असर के कारण पश्चिमी मध्य प्रदेश में 5 सितंबर को अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इसके बाद 6 और 7 सितंबर को भी इस इलाके में भारी बारिश जारी रहेगी। पूर्वी मध्य प्रदेश में 5 से 8 सितंबर के दौरान अधिकांश स्थानों पर बादल बरसेंगे और भारी बारिश दर्ज की जाएगी। छत्तीसगढ़ में 8 से 11 सितंबर के बीच मानसूनी बारिश में तेजी आएगी और भारी बारिश होने का अनुमान है, जबकि विदर्भ क्षेत्र में 11 सितंबर को भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

बिहार, झारखंड और पूर्वी भारत में कैसा रहेगा मौसम

पूर्वी भारत के राज्यों में मानसूनी हलचल बनी रहेगी। बिहार में 5 सितंबर को बहुत भारी बारिश का अलर्ट है, जिसके बाद 6 से 8 सितंबर और 11 सितंबर को भी अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश दर्ज हो सकती है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 5 से 7 सितंबर और 11 सितंबर को मूसलाधार बारिश का अनुमान है। इसके अलावा गांगेय पश्चिम बंगाल में 8 और 9 सितंबर, झारखंड में 9 सितंबर तथा ओडिशा में 9 से 11 सितंबर के बीच भारी बारिश की संभावना है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 5 से 11 सितंबर के दौरान मध्यम से तेज बारिश का दौर लगातार जारी रहेगा।

पूर्वोत्तर भारत: अरुणाचल, असम समेत सभी 7 राज्यों में मूसलाधार बारिश

पूर्वोत्तर भारत में मानसून का असर अगले एक हफ्ते तक बेहद मजबूत रहने वाला है। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 5 से 11 सितंबर के दौरान लगातार बारिश, आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया है। इन सभी राज्यों के अलग-अलग हिस्सों में 5 से 11 सितंबर के बीच भारी से बहुत भारी बारिश होने की पूरी संभावना जताई गई है।

पश्चिमी और दक्षिण भारत का हाल: तेज हवाओं का दौर, बारिश धीमी

पश्चिम भारत में कोंकण और गोवा के इलाकों में 5 से 9 सितंबर तक अधिकांश स्थानों पर बारिश जारी रहेगी जबकि गुजरात, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और सौराष्ट्र व कच्छ में 5 से 11 सितंबर के दौरान हल्की से मध्यम छिटपुट बारिश देखने को मिलेगी। दक्षिण भारत की बात करें तो प्रायद्वीपीय हिस्सों में बारिश काफी सुस्त रहेगी।

तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, केरल, माहे, कर्नाटक, रायलसीमा, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल और तेलंगाना में 5 से 11 सितंबर तक हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 5 सितंबर को भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा, तमिलनाडु और आंतरिक कर्नाटक में 5 और 6 सितंबर को 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज सतही हवाएं चलने और तूफानी झोंके आने की चेतावनी जारी की गई है।

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मोहनलाल स्टारर ‘L367’ का हुआ बड़ा ऐलान, नेशनल अवॉर्ड विनिंग डायरेक्टर विष्णु मोहन की फिल्म का नाम होगा ‘ऑपरेशन गंगा’

Operation Ganga: भारत की इंटरनेशनल बॉर्डर पर किए गए सबसे साहसी और दिलचस्प ऑपरेशन्स में से एक पर ‘ऑपरेशन गंगा – ए नेशन्स प्रॉमिस’ बनी है। मलयालम सुपरस्टार मोहनलाल इस फिल्म में लीड रोल में नजर आने वाले हैं, जबकि उनके साथ अर्जुन रामपाल, भाग्यश्री बोर्से, पार्थिबन और आदिल हुसैन भी स्क्रीन शेयर करते दिखेंगे। फिल्म का डायरेक्शन नेशनल अवॉर्ड विनर फिल्ममेकर विष्णु मोहन द्वारा किया जा रहा है।

मलयालम सुपरस्टार मोहनलाल स्टारर अप कमिंग फिल्म L367 के नाम से आखिरकार पर्दा उठ गया है। बता दें कि फिल्म का आधिकारिक नाम मेकर्स ने ‘ऑपरेशन गंगा’ रखा है। नेशनल अवॉर्ड जीत चुके डायरेक्टर विष्णु मोहन ने फिल्म के डायरेक्शन की कमान अपने हाथों में ली है। यह फिल्म अपने अनोखी टाइटल के साथ एक दिलचस्प कहानी कहने के लिए तैयार है जिसे कभी नहीं सुनाया गया है। फिल्म की कहानी बेहद खास है जिसे हर भारतीय को जरूर जानना चाहिए।

फिल्म का टाइटल भारत के एक बड़े रेस्क्यू मिशन पर रखा गया है। रेस्क्यू मिशन उन भारतीयों को देश वापस लाने को लेकर था जो रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद यूक्रेन में फंस गए थे। इन फंसे हुए लोगों में सबसे ज्यादा छात्र और कुछ वहां रहने वाले लोग थे और उन्हीं की वापसी के लिए इस अभियान को चलाया गया था। यह फिल्म एक ऐसी शानदार कहानी है, जो दर्शकों को भारत द्वारा किए गए एक अहम मिशन से रूबरू कराएगी। यह विदेशी धरती पर किया गया एक सफल मिशन है, जिसे ऐतिहासिक जीत के साथ पूरा किया गया।

इसके अलावा इस प्रोजेक्ट को सबसे खास बनाती है फिल्म मेकिंग से जुड़ी एक बहुत टैलेंटेड टीम। फिल्म की टेक्निकल क्रू की बात करे तो इसमें ‘पुष्पा 1’ और ‘पुष्पा 2’ के लिए जाने जानें वाले सिनेमैटोग्राफर मिरोस्लाव कुबा ब्रोजेक शामिल हैं। वहीं, ‘गोट’, ‘मेयाझगन’, ‘अमरन’ और ‘कथनार’ जैसी फिल्मों पर काम कर चुके राजीवन प्रोडक्शन डिजाइनर के रूप में प्रोजेक्ट में जुड़े हैं। जबकि एक्शन को अलग लेवल पर लाकर जाने के लिए एक्शन डायरेक्टर सी यंग ओह जुड़े हैं, जिन्होंने सुपर हिट फिल्म्स ‘धुरंधर’ और ‘किल’ के एक्शन को डायरेक्ट किया है।

फिल्म ‘ऑपरेशन गंगा’ को गोकुलम गोपालन द्वारा श्री गोकुलम मूवीज के बैनर तले प्रोड्यूस किया जा रहा है। फिल्म में मोहनलाल लीड रोल में हैं, जबकि अन्य कलाकारों की बात करें तो अर्जुन रामपाल, भाग्यश्री बोर्से, आदिल हुसैन और पार्थिबन भी अहम भूमिका निभाते नजर आने वाले हैं। सुपरहिट पैन-इंडियन फिल्म ‘धुरंधर’ में जबरदस्त म्यूजिक का तड़का लगाने वाले म्यूजिक कंपोजर शाश्वत सचदेव अब ‘ऑपरेशन गंगा’ का म्यूजिक कंपोज कर रहे हैं।

फिल्म की क्रू में एडिटर शमीर मोहम्मद, साउंड डिजाइनर बिश्वदीप चटर्जी शामिल हैं, जो ‘धुरंधर’, ‘उरी’, ‘3 इडियट्स’ और ‘पद्मावत’ के लिए जाने जाते हैं। वीएफएक्स सुपरवाइजर के. वी. संजीत ‘कांतारा’ के लिए जाने जाते हैं। मिलिट्री एडवाइजर स्क्वाड्रन लीडर वरलिन पंवार ने ‘सेफेद सागर’, ‘बॉर्डर 2’ और ‘फाइटर’ पर काम किया है। इसके अलावा लोका कॉस्ट्यूम डायरेक्टर मेल्वी जे, मेकअप आर्टिस्ट रोनेक्स जेवियर और प्रोडक्शन कंट्रोलर रिन्नी दिवाकर भी टीम का हिस्सा हैं।

फिल्म को गोकुलम गोपालन ने प्रोड्यूस किया है, जबकि बैजू गोपालन और वी. सी. प्रवीण इसके को-प्रोड्यूसर हैं, जबकि कृष्णमूर्ति ने एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर की कमान संभाली है।

अकेले कचरे से भरी नदी साफ करने वाले ‘बिट्टू तबाही’ की बदली किस्मत, डच CEO ने दिया नौकरी का ऑफर

मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के ब्यावरा के 20 वर्षीय सुरेंद्र सिंह चौधरी, जिन्हें सोशल मीडिया पर ‘Bittu Tabahi’ के नाम से पहचान मिली है, इन दिनों अपनी मेहनत के कारण सुर्खियों में हैं। सुरेंद्र ने कचरे से भरी अजनार नदी की सफाई का बीड़ा खुद उठाया और कई महीनों तक लगातार वहां से प्लास्टिक, गंदगी और जमा मलबा हटाते रहे। उनके इस काम के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए, जिसके बाद उनकी कोशिशों की चर्चा दूर तक पहुंची। अब उनकी इसी पहल ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी ध्यान खींचा है।

नीदरलैंड की पर्यावरण संस्था The Ocean Cleanup के संस्थापक और CEO बॉयन स्लैट ने सोशल मीडिया पर सुरेंद्र के काम को देखते हुए उन्हें अपने साथ काम करने का सीधा ऑफर दिया है। इस खबर के सामने आने के बाद सुरेंद्र की कहानी को लेकर सोशल मीडिया पर लोग उत्साहित हैं। एक छोटे से शहर का यह युवा अब नदी सफाई के अपने जुनून के कारण वैश्विक मंच तक पहुंचने की ओर बढ़ रहा है।

सोशल मीडिया पोस्ट पर CEO ने कहा- हमारे साथ काम करो

अजनार नदी की सफाई के दौरान सुरेंद्र के काम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। एक यूजर ने X पर उनकी तस्वीरों के साथ पोस्ट शेयर की, जिसमें नदी की सफाई से पहले और बाद की तस्वीरें दिखाई गई थीं।

पोस्ट पर बॉयन स्लैट की नजर पड़ी। उन्होंने बिना ज्यादा कुछ कहे सीधे लिखा, “Come work for us.”

डच के CEO का यह छोटा-सा जवाब सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा का विषय बन गया।

लोगों ने कहा- जिंदगी का सबसे बड़ा मौका

बॉयैन स्लैट के ऑफर के बाद यूजर्स ने सुरेंद्र को बधाई देना शुरू कर दिया। कई लोगों ने इसे उनके लिए शानदार अवसर बताया। एक यूजर ने लिखा कि उम्मीद है यह ऑफर गंभीर है और सुरेंद्र को यह मौका जरूर हासिल करना चाहिए।

दूसरे यूजर ने इसे ‘ऑफर ऑफ ए लाइफटाइम’ तक बता दिया।

कौन हैं Bittu Tabahi?

सुरेंद्र सिंह चौधरी ब्यावरा, राजगढ़, मध्य प्रदेश से आते हैं। उनके सोशल मीडिया वीडियो में उन्हें अजनार नदी से प्लास्टिक, कचरा, गंदगी और जमा हुआ मलबा खुद निकालते देखा जा सकता है।बताया जाता है कि उन्होंने इस सफाई अभियान की शुरुआत जनवरी में की थी। लगातार मेहनत के बाद नदी के एक हिस्से का पूरा रूप बदल गया और वहां जमा कचरा काफी हद तक साफ हो गया।

सफाई अभियान में अपनी जेब से लगाए पैसे

एक डिजिटल कंटेंट क्रिएटर के मुताबिक, सुरेंद्र अब तक इस सफाई अभियान पर करीब ₹30,000 खर्च कर चुके हैं। यानी सोशल मीडिया पर लोकप्रियता हासिल करने से पहले उन्होंने इस काम में अपना समय, मेहनत और पैसा लगाया।

आनंद महिंद्रा भी कर चुके हैं तारीफ

सुरेंद्र के काम की चर्चा इससे पहले उद्योगपति आनंद महिंद्रा तक भी पहुंच चुकी है। उन्होंने मार्च में सोशल मीडिया पर सुरेंद्र की तारीफ करते हुए कहा था कि अगर सोशल मीडिया पर मिलने वाले ‘लाइक्स’ किसी अच्छे काम की वजह बनते हैं, तो इसमें कोई बुराई नहीं है।

उन्होंने सुरेंद्र को अपनी #MondayMotivation पोस्ट का हिस्सा भी बनाया था।

कौन हैं बॉयन स्लैट?

बॉयैन स्लैट नीदरलैंड के इनोवेटर और उद्यमी हैं और The Ocean Cleanup के संस्थापक हैं। उनकी संस्था समुद्रों और नदियों में जमा प्लास्टिक को हटाने के लिए तकनीकी समाधान विकसित करती है।

संस्था का लक्ष्य 2040 तक समुद्र में मौजूद तैरते प्लास्टिक का 90 फीसदी हिस्सा हटाना है। ऐसे में नदी की सफाई में जुटे एक युवा भारतीय को खुद CEO की ओर से मिला ऑफर उसके काम की अंतरराष्ट्रीय पहचान के तौर पर देखा जा रहा है।

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Asian Games 2026: एशियन गेम्स में भारतीय क्रिकेटरों को मिलेंगे अलग होटल? IOA ने BCCI के सामने रखी ये शर्त

जापान के आइची-नागोया में होने वाले एशियन गेम्स 2026 से पहले भारतीय क्रिकेट टीमों के ठहरने और सुविधाओं को लेकर मामला चर्चा में है। आयोजकों ने दोनों टीमों के लिए होटल तय कर दिए हैं, लेकिन BCCI अभी इन व्यवस्थाओं को लेकर अंतिम फैसला नहीं किया है। वहीं इसी बीच भारतीय ओलिंपिक संघ (IOA) ने साफ किया कि भारतीय क्रिकेट टीम के लिए अलग से होटल की व्यवस्था नहीं किया जाएगा।

अगर BCCI अपने खिलाड़ियों के लिए अलग जगह चाहता है, तो खिलाड़ियों की पूरी व्यवस्था बोर्ड को खुद संभालनी होगी। इसमें होटल का खर्च, खाने-पीने, आने-जाने और मैच स्थल तक खिलाड़ियों को पहुंचाने जैसी जिम्मेदारियां शामिल होंगी। ये व्यवस्था जापान के आइची-नागोया में होने वाले एशियन गेम्स के दौरान लागू हो सकती है।

BCCI को लेनी होगा जिम्मेदारी

रिपोर्ट के अनुसार, IOA ने साफ किया कि वह एशियन गेम्स के दौरान क्रिकेट टीम के लिए अलग होटल की व्यवस्था नहीं करेगा। अगर BCCI को आयोजन समिति की ओर से दिया गया होटल सुविधाजनक नहीं लगता है, तो वह खिलाड़ियों के लिए अपनी पसंद की जगह बुक कर सकता है। लेकिन, होटल चुनने से लेकर खिलाड़ियों के खाने और आने-जाने जैसी सभी व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी BCCI को ही संभालनी होगी।

CEO रघुराम अय्यर ने क्या कहा

TOI से बात करते हुए IOA के CEO रघुराम अय्यर ने कहा, “BCCI के CEO हेमांग अमीन ने हमसे संपर्क किया और हमारी अच्छी बातचीत हुई। वे सुविधाओं का आकलन करने के लिए जापान में एक एडवांस टीम भेजने पर विचार कर रहे हैं। IOA को इससे कोई दिक्कत नहीं है। अपने आकलन के आधार पर, वे तय कर सकते हैं कि वे आयोजक की सुविधाओं का इस्तेमाल करना चाहते हैं या अपना इंतजाम खुद करना चाहते हैं।”

एक कमरे में होंगे दो खिलाड़ी

फिलहाल एशियन गेम्स के आयोजकों ने भारतीय पुरुष और महिला क्रिकेट टीमों के लिए होटल तय कर दिए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, पुरुष टीम को तीन स्टार APA होटल नागोया एकिमाए और महिला टीम को चार स्टार मेइतेत्सु ग्रैंड होटल में ठहराया जाएगा। दोनों होटलों में जरूरी सुविधाएं मौजूद हैं, लेकिन भारतीय क्रिकेटरों को आमतौर पर मिलने वाली पांच स्टार सुविधा के मुकाबले ये एक स्तर नीचे हैं। इसके अलावा खिलाड़ियों के लिए दो लोगों के एक कमरे में रहने की व्यवस्था की गई है, जिस पर भी सवाल उठ रहे हैं।

BCCI एक टीम भेजेगी नेपाल

हरमनप्रीत कौर की कप्तानी वाली भारतीय महिला टीम के लिए एशियन गेम्स से पहले यात्रा और ठहरने से जुड़ी कुछ चुनौतियां सामने आ सकती हैं। टीम 13 सितंबर को दुबई में एशिया कप खत्म करने के बाद 14 सितंबर को जापान के नागोया के लिए रवाना होगी, जहां उसका अभियान 17 सितंबर से शुरू होना है। इससे पहले BCCI एक टीम को जापान भेजेगा, जो होटल, क्रिकेट मैदान और खिलाड़ियों के लिए उपलब्ध दूसरी सुविधाओं की जांच करेगी। इसके बाद ही खिलाड़ियों के ठहरने की व्यवस्था को लेकर अंतिम फैसला लिया जाएगा।

RBI ने 5 कंपनियों पर लगाया ₹27 लाख तक का जुर्माना; लिस्ट में ट्रांसयूनियन सिबिल, हिंदुजा लेलैंड फाइनेंस भी शामिल

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने नियमों के उल्लंघन को लेकर 5 कंपनियों पर जुर्माना लगाया है। लिस्ट में ट्रांसयूनियन सिबिल, CRIF हाई मार्क क्रेडिट इन्फॉर्मेशन सर्विसेज, इक्विफैक्स क्रेडिट इन्फॉर्मेशन सर्विसेज, सम्मान फिनसर्व और हिंदुजा लेलैंड फाइनेंस शामिल हैं। जुर्माने का अमाउंट 26.82 लाख रुपये तक है। RBI ने अलग-अलग बयानों में इस बारे में जानकारी दी है। शेयर की गई डिटेल के मुताबिक, केंद्रीय बैंक ने ट्रांसयूनियन सिबिल पर 26,82,800 रुपये का जुर्माना लगाया है।

इसी तरह CRIF हाई मार्क क्रेडिट इन्फॉर्मेशन सर्विसेज पर 6,89,600 रुपये, इक्विफैक्स क्रेडिट इन्फॉर्मेशन सर्विसेज पर 1,19,400 रुपये, सम्मान फिनसर्व पर 4.20 लाख रुपये और हिंदुजा लेलैंड फाइनेंस पर 6.20 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।

भारतीय रिजर्व बैंक ने कहा है कि ट्रांसयूनियन सिबिल, CRIF हाई मार्क क्रेडिट इन्फॉर्मेशन सर्विसेज और इक्विफैक्स क्रेडिट इन्फॉर्मेशन सर्विसेज निर्धारित अवधि के अंदर कुछ पात्र शिकायतकर्ताओं के बैंक खातों में मुआवजे की राशि जमा करने में विफल रहीं। इसके चलते उन पर यह मौद्रिक जुर्माना लगाया गया है।

बाकी 2 कंपनियों पर क्यों लगा जुर्माना

भारतीय रिजर्व बैंक के मुताबिक, सम्मान फिनसर्व ने अपने कर्जदार की ऋण संबंधी जानकारी सेंट्रल रिपॉजिटरी ऑफ इनफॉर्मेशन ऑन लार्ज क्रेडिट्स (CRILC) को नहीं दी थी। इसलिए उस पर जुर्माने का एक्शन हुआ। वहीं हिंदुजा लीलैंड फाइनेंस ने माइक्रोफाइनेंस लोन्स की प्राइसिंग को लेकर बोर्ड से मंजूर नीति लागू नहीं की।

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केंद्रीय बैंक ने यह भी कहा है कि जुर्माने की यह कार्रवाई रेगुलेटरी नियमों के पालन में कमियों पर बेस्ड है। इसका मकसद कंपनी और उसके ग्राहकों के बीच हुए किसी भी लेन-देन या समझौते की वैधता पर कोई राय देना नहीं है। साथ ही, यह मौद्रिक जुर्माना लगाने का मतलब यह नहीं है कि RBI कंपनी के खिलाफ कोई और कार्रवाई नहीं कर सकता।

Taapsee Pannu: हम और पैसे कैसे कमाएंगे? फिल्मों में महिलाओं को ‘ऑब्जेक्ट’ की तरह दिखाए जाने पर बोलीं तापसी पन्नू

Taapsee Pannu: तापसी पन्नू ने भारतीय सिनेमा में महिलाओं के किरदारों को लेकर हो रही चर्चा पर अपनी राय रखी है। हाल ही में राम चरण की ‘पेड्डी’ और यश की ‘टॉक्सिक’ जैसी दो बड़े बजट की फिल्मों में महिला किरदारों को दिखाए जाने के तरीके की ऑनलाइन काफी आलोचना हुई। इस विवाद पर बात करते हुए तापसी ने कहा कि फिल्म इंडस्ट्री अक्सर यह कहकर आलोचना से बचती है कि ऐसा कंटेंट सिर्फ दर्शकों की मांग पर बनाया जाता है।

जूम टीवी के साथ बातचीत में तापसी ने बताया कि इंडस्ट्री अक्सर ऐसे किरदारों के लिए दर्शकों को जिम्मेदार ठहराती है और इसे एक ऐसी लड़ाई बताया जिसे एक्टर्स दर्शकों के सपोर्ट के बिना नहीं जीत सकते। “आप चाहे कितना भी शोर मचा लें, आपको सोशल मीडिया पर उतने ही लोग मिल जाएंगे जो वही तस्वीर इस्तेमाल कर रहे होंगे, उसे जूम कर रहे होंगे, अजीब एंगल से अलग-अलग तरह के वीडियो और तस्वीरें बना रहे होंगे और उसे वायरल कर रहे होंगे। तो सोशल मीडिया पर इसके लिए दर्शक मौजूद हैं।”

इस पूरी प्रक्रिया को “मांग और आपूर्ति” (demand and supply) बताते हुए तापसी ने कहा, “लोगों को लगता है कि जनता मांग रही है तो हमें देना चाहिए, वरना हम पैसे कैसे कमाएंगे? इसलिए कला पीछे छूट जाती है, हुनर ​​पीछे छूट जाता है। कोविड से पहले हमने काफी तरक्की की थी और हम बेहतरीन फिल्मों के स्तर तक पहुंच रहे थे। लेकिन अब हम फिर से पीछे छूट रहे हैं। सभी मेकर्स दर्शकों पर दोष मढ़ देंगे और यहीं पर हम सभी एक्टर्स कोई ठोस जवाब नहीं दे पाते। यह एक ऐसी लड़ाई है जिसे हम हार जाएंगे, और सिर्फ दर्शक ही हमें इसे जीतने में मदद कर सकते हैं।”

तापसी की ये बातें ‘पेड्डी’ और ‘टॉक्सिक’ दोनों फिल्मों को लेकर सोशल मीडिया पर हो रही आलोचना के बीच सामने आईं। फिल्म में जाह्नवी कपूर के किरदार के बहुत ज़्यादा hypersexualised चित्रण की आलोचना हुई। सोशल मीडिया यूज़र्स ने कैमरा वर्क, रोमांटिक सीन और जाह्नवी के किरदार की असलियत के बजाय उसके शारीरिक दिखावे पर ज़्यादा ज़ोर देने को लेकर सवाल उठाए। बाद में डायरेक्टर ने फ़िल्म से ये सीन हटा दिए और माफ़ी भी मांगी।

दूसरी ओर, ‘टॉक्सिक ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स’ में महिलाओं के चित्रण को लेकर फ़िल्म के रिलीज़ होने से पहले ही बहस शुरू हो गई थी। रिलीज़ के बाद आलोचना और बढ़ गई। कुछ दर्शकों ने मेकर्स पर महिला किरदारों को सिर्फ़ एक ‘वस्तु’ (object) की तरह दिखाने और उन्हें सिर्फ़ ग्लैमर, कामुकता और मुख्य पुरुष किरदार के साथ उनके रिश्तों के ज़रिए पेश करने का आरोप लगाया।

तापसी पन्नू हाल ही में नेटफ़्लिक्स फ़िल्म ‘गांधारी’ में नज़र आईं। देवाशीष मखीजा की डायरेक्ट की गई इस एक्शन थ्रिलर फ़िल्म में इशवाक सिंह, छाया कदम, स्वस्तिका मुखर्जी और मीता वशिष्ठ भी अहम भूमिकाओं में हैं। यह फ़िल्म अभी नेटफ़्लिक्स पर स्ट्रीम हो रही है।

Teachers’ Day 2026: आज शिक्षक दिवस पर राष्ट्रपति करेंगी देश के 82 शिक्षकों का सम्मान, शिक्षा मंत्रालय हर साल करता है खास आयोजन

Teachers’ Day 2026: एक छात्र के जीवन में शिक्षक का स्थान भगवान से भी ऊपर होता है। शिक्षक सिर्फ पढ़ना-लिखना ही नहीं सिखाता है, वह सही-गलत की पहचान करना और अपने सपनों को हकीकत में बदलने की राह भी दिखाता है। इस असाधरण काम को पूरी निष्ठा और ईमानदारी से करने वाले ऐसे योग्य शिक्षकों को हर साल राष्ट्रीय शिक्षक दिवस के मौके पर राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया जाता है। इस साल भी शिक्षा के क्षेत्र में अपने जज्बे से ज्ञान की अलख जगाने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया जाएगा।

भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज, 5 सितंबर को, टीचर्स डे के मौके नई दिल्ली के विज्ञान भवन में 82 बेहतरीन टीचर्स को नेशनल टीचर्स अवार्ड्स 2026 देंगी। अवार्ड पाने वालों में 48 स्कूल टीचर, 21 हायर एजुकेशन टीचर और मिनिस्ट्री ऑफ स्किल डेवलपमेंट एंड एंटरप्रेन्योरशिप (MoSDE) के 13 ट्रेनर शामिल हैं। इस समारोह में सम्मानित शिक्षकों के शानदार काम को दिखाने वाली छोटी डॉक्यूमेंट्री भी दिखाई जाएंगी। ये अवार्ड शिक्षकों के शिक्षा में खास योगदान और छात्रों की जिंदगी पर उनके लंबे समय तक चलने वाले असर को पहचान देते हैं। हर साल 5 सितंबर को डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती मनाई जाती है, जो एक जाने-माने फिलॉसफर, स्कॉलर और राजनेता थे। वह भारत के दूसरे राष्ट्रपति रहे और उन्हें सम्मानित करने के लिए उनकी जयंति पर शिक्षक दिवस मनाया जाता है।

केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने कहा, “ये बेहतरीन टीचर शिक्षा के क्षेत्र में लगन और बेहतरीन काम दिखाते हैं। एक टीचर सिर्फ ज्ञान देने से कहीं ज्यादा करता है। वे दिमाग को आकार देते हैं, अच्छे और सच्चे मूल्यों को बढ़ावा देते हैं और हर छात्र के संपूर्ण विकास में योगदान देते हैं।” राष्ट्रपति ने टीचर्स डे से एक दिन पहले देश भर के टीचर्स को भी बधाई दी।

अपने संदेश में उन्होंने कहा, “शिक्षक दिवस के मौके पर, मैं देश भर के सभी टीचर्स को दिल से बधाई देती हूं। शिक्षक दिवस भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिन के मौके पर मनाया जाता है, जो एक महान लेखक और फिलॉसफर थे। वे एक बहुत अच्छे टीचर भी थे। इस मौके पर, मैं उन्हें अपनी विनम्र श्रद्धांजलि देती हूं।” राष्ट्रपति ने कहा कि शिक्षक अपने मार्गदर्शन के जरिए प्रतिभा को निखारने और चरित्र को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों को अच्छा इंसान बनाने के लिए गाइड करना उनका फर्ज है।

शिक्षा मंत्रालय का स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग, देश के बेहतरीन शिक्षकों को सम्मानित करने के लिए हर साल टीचर्स डे (5 सितंबर) पर एक राष्ट्रीय स्तर का समारोह आयोजित करता है। सम्मान पाने वाले शिक्षकों को एक सख्त, पारदर्शी और ऑनलाइन चयन प्रक्रिया से चुना जाता है।

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