Teachers’ Day 2026: आज शिक्षक दिवस पर राष्ट्रपति करेंगी देश के 82 शिक्षकों का सम्मान, शिक्षा मंत्रालय हर साल करता है खास आयोजन

Teachers’ Day 2026: एक छात्र के जीवन में शिक्षक का स्थान भगवान से भी ऊपर होता है। शिक्षक सिर्फ पढ़ना-लिखना ही नहीं सिखाता है, वह सही-गलत की पहचान करना और अपने सपनों को हकीकत में बदलने की राह भी दिखाता है। इस असाधरण काम को पूरी निष्ठा और ईमानदारी से करने वाले ऐसे योग्य शिक्षकों को हर साल राष्ट्रीय शिक्षक दिवस के मौके पर राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया जाता है। इस साल भी शिक्षा के क्षेत्र में अपने जज्बे से ज्ञान की अलख जगाने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया जाएगा।

भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज, 5 सितंबर को, टीचर्स डे के मौके नई दिल्ली के विज्ञान भवन में 82 बेहतरीन टीचर्स को नेशनल टीचर्स अवार्ड्स 2026 देंगी। अवार्ड पाने वालों में 48 स्कूल टीचर, 21 हायर एजुकेशन टीचर और मिनिस्ट्री ऑफ स्किल डेवलपमेंट एंड एंटरप्रेन्योरशिप (MoSDE) के 13 ट्रेनर शामिल हैं। इस समारोह में सम्मानित शिक्षकों के शानदार काम को दिखाने वाली छोटी डॉक्यूमेंट्री भी दिखाई जाएंगी। ये अवार्ड शिक्षकों के शिक्षा में खास योगदान और छात्रों की जिंदगी पर उनके लंबे समय तक चलने वाले असर को पहचान देते हैं। हर साल 5 सितंबर को डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती मनाई जाती है, जो एक जाने-माने फिलॉसफर, स्कॉलर और राजनेता थे। वह भारत के दूसरे राष्ट्रपति रहे और उन्हें सम्मानित करने के लिए उनकी जयंति पर शिक्षक दिवस मनाया जाता है।

केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने कहा, “ये बेहतरीन टीचर शिक्षा के क्षेत्र में लगन और बेहतरीन काम दिखाते हैं। एक टीचर सिर्फ ज्ञान देने से कहीं ज्यादा करता है। वे दिमाग को आकार देते हैं, अच्छे और सच्चे मूल्यों को बढ़ावा देते हैं और हर छात्र के संपूर्ण विकास में योगदान देते हैं।” राष्ट्रपति ने टीचर्स डे से एक दिन पहले देश भर के टीचर्स को भी बधाई दी।

अपने संदेश में उन्होंने कहा, “शिक्षक दिवस के मौके पर, मैं देश भर के सभी टीचर्स को दिल से बधाई देती हूं। शिक्षक दिवस भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिन के मौके पर मनाया जाता है, जो एक महान लेखक और फिलॉसफर थे। वे एक बहुत अच्छे टीचर भी थे। इस मौके पर, मैं उन्हें अपनी विनम्र श्रद्धांजलि देती हूं।” राष्ट्रपति ने कहा कि शिक्षक अपने मार्गदर्शन के जरिए प्रतिभा को निखारने और चरित्र को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों को अच्छा इंसान बनाने के लिए गाइड करना उनका फर्ज है।

शिक्षा मंत्रालय का स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग, देश के बेहतरीन शिक्षकों को सम्मानित करने के लिए हर साल टीचर्स डे (5 सितंबर) पर एक राष्ट्रीय स्तर का समारोह आयोजित करता है। सम्मान पाने वाले शिक्षकों को एक सख्त, पारदर्शी और ऑनलाइन चयन प्रक्रिया से चुना जाता है।

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धर्मेंद्र प्रधान को बचाने की हुई थी आखिरी कोशिश! शिक्षा मंत्रालय बदलने का ऑफर ठुकराया, इस्तीफे पर अड़ा रहा CJP

Dharmendra Pradhan Resignation: पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से पहले केंद्र सरकार ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की थी। ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की एक रिपोर्ट के अनुसार, सरकार ने उन्हें शिक्षा मंत्रालय से हटाकर किसी दूसरे मंत्रालय की जिम्मेदारी देने का प्रस्ताव तैयार किया था। लेकिन आंदोलन का नेतृत्व कर रही कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने इसे पूरी तरह खारिज कर दिया। संगठन का साफ कहना था कि धर्मेंद्र प्रधान का सिर्फ मंत्रालय बदलना नहीं, बल्कि केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा ही स्वीकार होगा।

बताया गया है कि 25 जुलाई को धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से पहले पिछले कई सप्ताह से NEET-UG 2026 परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार तेज हो रहा था। दिल्ली के जंतर-मंतर पर शुरू हुआ यह विरोध प्रदर्शन धीरे-धीरे राष्ट्रीय स्तर के अभियान में बदल गया। रिपोर्ट के मुताबिक, प्रधान के पद छोड़ने से पहले केंद्र ने एक समझौता करने की कोशिश की थी, लेकिन सरकार CJP के नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका को मनाने में नाकाम रही।

सरकार ने निकाला था बीच का रास्ता

The Indian Express की रिपोर्ट के अनुसार, केंद्र सरकार ने विवाद को शांत करने के लिए एक समझौते का रास्ता तलाशने की कोशिश की। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने CJP के नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका से संपर्क कर यह जानने की कोशिश की थी कि यदि धर्मेंद्र प्रधान से शिक्षा मंत्रालय लेकर उन्हें किसी अन्य मंत्रालय में भेज दिया जाए तो क्या आंदोलन समाप्त किया जा सकता है।

हालांकि आंदोलनकारी नेताओं ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया। उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि उनकी मुख्य मांग धर्मेंद्र प्रधान का पूर्ण इस्तीफा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकार और आंदोलनकारियों के बीच प्रभावी संवाद समय पर स्थापित नहीं हो सका, जिससे दोनों पक्ष अपने-अपने रुख पर और अधिक अड़ गए। रिपोर्ट के अनुसार, सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच लगातार बातचीत का जरिया न बन पाने की वजह से गतिरोध बना रहा। फिर दोनों पक्षों का रुख और कड़ा हो गया।

NEET विवाद से शुरू हुआ था आंदोलन

यह आंदोलन NEET-UG 2026 परीक्षा में कथित गड़बड़ियों और पेपर लीक के आरोपों के बाद शुरू हुआ था। बाद में यह सिर्फ एक परीक्षा तक सीमित नहीं रहा। बल्कि भर्ती परीक्षाओं और प्रवेश परीक्षाओं में पारदर्शिता तथा जवाबदेही की मांग को लेकर व्यापक अभियान बन गया। CJP नेताओं ने इसे केवल एक मंत्री के खिलाफ विरोध नहीं। बल्कि परीक्षा प्रणाली में कथित खामियों और जवाबदेही की कमी के खिलाफ आंदोलन बताया।

बीजेपी के भीतर भी बढ़ी थी चिंता

रिपोर्ट के मुताबिक, इस्तीफे से करीब 48 घंटे पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) और सरकार के भीतर भी यह महसूस किया जाने लगा था कि बढ़ते जनाक्रोश और संसद में लगातार हो रहे हंगामे के बीच धर्मेंद्र प्रधान का शिक्षा मंत्री बने रहना राजनीतिक रूप से मुश्किल होता जा रहा है। सरकार ने बैक-चैनल बातचीत के जरिए संकट टालने की कोशिश की। लेकिन जंतर-मंतर पर बैठे आंदोलनकारी किसी भी समझौते के लिए तैयार नहीं हुए।

खबरों के मुताबिक, सरकार ने पर्दे के पीछे से बातचीत करके और प्रधान को कैबिनेट से हटाने के बजाय कुछ रियायतें देकर संकट को कम करने की कोशिश की थी। हालांकि, CJP का कहना था कि आंदोलन की मुख्य मांग तभी पूरी होगी जब वे इस्तीफा देंगे। सोशल मीडिया पर मजबूत लामबंदी और पहली बार वोट देने वालों एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले उम्मीदवारों के बीच अपील के कारण इस विरोध प्रदर्शन को असामान्य राजनीतिक महत्व भी मिला।

आखिरकार देना पड़ा इस्तीफा

करीब पांच सप्ताह तक चले आंदोलन के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। इस्तीफे के बाद CJP ने इसे छात्रों की जीत बताते हुए अपना आंदोलन स्थगित करने की घोषणा की। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद केंद्र सरकार ने प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया। ओडिशा के वरिष्ठ BJP नेता प्रधान ने पेट्रोलियम, स्टील और शिक्षा जैसे कई अहम मंत्रालय संभाले थे। लेकिन लगभग पांच सप्ताह के विरोध प्रदर्शन के बाद उन्हें अपनी कुर्सी छोड़नी पड़ी।

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