Teachers’ Day 2026: आज शिक्षक दिवस पर राष्ट्रपति करेंगी देश के 82 शिक्षकों का सम्मान, शिक्षा मंत्रालय हर साल करता है खास आयोजन

Teachers’ Day 2026: एक छात्र के जीवन में शिक्षक का स्थान भगवान से भी ऊपर होता है। शिक्षक सिर्फ पढ़ना-लिखना ही नहीं सिखाता है, वह सही-गलत की पहचान करना और अपने सपनों को हकीकत में बदलने की राह भी दिखाता है। इस असाधरण काम को पूरी निष्ठा और ईमानदारी से करने वाले ऐसे योग्य शिक्षकों को हर साल राष्ट्रीय शिक्षक दिवस के मौके पर राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया जाता है। इस साल भी शिक्षा के क्षेत्र में अपने जज्बे से ज्ञान की अलख जगाने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया जाएगा।

भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज, 5 सितंबर को, टीचर्स डे के मौके नई दिल्ली के विज्ञान भवन में 82 बेहतरीन टीचर्स को नेशनल टीचर्स अवार्ड्स 2026 देंगी। अवार्ड पाने वालों में 48 स्कूल टीचर, 21 हायर एजुकेशन टीचर और मिनिस्ट्री ऑफ स्किल डेवलपमेंट एंड एंटरप्रेन्योरशिप (MoSDE) के 13 ट्रेनर शामिल हैं। इस समारोह में सम्मानित शिक्षकों के शानदार काम को दिखाने वाली छोटी डॉक्यूमेंट्री भी दिखाई जाएंगी। ये अवार्ड शिक्षकों के शिक्षा में खास योगदान और छात्रों की जिंदगी पर उनके लंबे समय तक चलने वाले असर को पहचान देते हैं। हर साल 5 सितंबर को डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती मनाई जाती है, जो एक जाने-माने फिलॉसफर, स्कॉलर और राजनेता थे। वह भारत के दूसरे राष्ट्रपति रहे और उन्हें सम्मानित करने के लिए उनकी जयंति पर शिक्षक दिवस मनाया जाता है।

केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने कहा, “ये बेहतरीन टीचर शिक्षा के क्षेत्र में लगन और बेहतरीन काम दिखाते हैं। एक टीचर सिर्फ ज्ञान देने से कहीं ज्यादा करता है। वे दिमाग को आकार देते हैं, अच्छे और सच्चे मूल्यों को बढ़ावा देते हैं और हर छात्र के संपूर्ण विकास में योगदान देते हैं।” राष्ट्रपति ने टीचर्स डे से एक दिन पहले देश भर के टीचर्स को भी बधाई दी।

अपने संदेश में उन्होंने कहा, “शिक्षक दिवस के मौके पर, मैं देश भर के सभी टीचर्स को दिल से बधाई देती हूं। शिक्षक दिवस भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिन के मौके पर मनाया जाता है, जो एक महान लेखक और फिलॉसफर थे। वे एक बहुत अच्छे टीचर भी थे। इस मौके पर, मैं उन्हें अपनी विनम्र श्रद्धांजलि देती हूं।” राष्ट्रपति ने कहा कि शिक्षक अपने मार्गदर्शन के जरिए प्रतिभा को निखारने और चरित्र को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों को अच्छा इंसान बनाने के लिए गाइड करना उनका फर्ज है।

शिक्षा मंत्रालय का स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग, देश के बेहतरीन शिक्षकों को सम्मानित करने के लिए हर साल टीचर्स डे (5 सितंबर) पर एक राष्ट्रीय स्तर का समारोह आयोजित करता है। सम्मान पाने वाले शिक्षकों को एक सख्त, पारदर्शी और ऑनलाइन चयन प्रक्रिया से चुना जाता है।

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Kartik Aaryan: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्वतंत्रता दिवस पर ‘एट होम रिसेप्शन’ के लिए कार्तिक आर्यन को किया इनाइट

Kartik Aaryan: बॉलीवुड एक्टर कार्तिक आर्यन को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 15 अगस्त को नई दिल्ली के राष्ट्रपति भवन में होने वाले खास ‘एट होम रिसेप्शन’ में शामिल होने के लिए बुलाया है। ‘भूल भुलैया 3’ के एक्टर, 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर राष्ट्रपति द्वारा आयोजित इस खास कार्यक्रम का हिस्सा बनेंगे।

खास बात यह है कि कार्तिक बॉलीवुड के इकलौते एक्टर हैं जिन्हें इस प्रतिष्ठित कार्यक्रम में शामिल होने के लिए बुलाया गया है और वे खास मेहमानों में शामिल होंगे, जो लोग नहीं जानते, उन्हें बता दें कि ‘एट होम रिसेप्शन’ भारत के राष्ट्रपति द्वारा आयोजित एक औपचारिक कार्यक्रम होता है, जिसमें अलग-अलग क्षेत्रों की जानी-मानी हस्तियां-जैसे राष्ट्रीय नेता, सेना के जवान, खिलाड़ी, कलाकार और खास उपलब्धियां हासिल करने वाले लोग—एक साथ इकट्ठा होते हैं।

कार्तिक को यह निमंत्रण तब मिला है जब उन्हें हाल ही में कबीर खान की खूब पसंद की गई स्पोर्ट्स ड्रामा फिल्म ‘चंदू चैंपियन’ में उनकी एक्टिंग के लिए 72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स में ‘बेस्ट एक्टर’ का अवॉर्ड मिला है। जुलाई में, जब नेशनल अवॉर्ड जीतने वाले के तौर पर कार्तिक के नाम का ऐलान हुआ, तो उन्होंने सोशल मीडिया पर परिवार के साथ एक खास पल शेयर किया था।

उन्होंने अपने ऑफिशियल इंस्टाग्राम हैंडल पर एक वीडियो शेयर किया, जिसमें वे अपने परिवार के साथ नेशनल फ़िल्म अवॉर्ड्स की लाइव घोषणा देखते हुए नजर आ रहे हैं। जैसे ही ‘चंदू चैंपियन’ के लिए ‘बेस्ट एक्टर’ के तौर पर उनके नाम की घोषणा हुई, कार्तिक खुशी से चिल्ला पड़े। वीडियो में आगे कार्तिक के माता-पिता को अपने बेटे को गले लगाकर और उनकी इस नई कामयाबी पर बधाई देते हुए, इस गर्व भरे पल को उनके साथ साझा करते हुए दिखाया गया है।

कार्तिक की मां ने खुशी के उस पल में प्यार से उनके गाल पर किस भी किया।

अपनी खुशी ज़ाहिर करते हुए कार्तिक ने फ़ोटो-शेयरिंग ऐप पर लिखा, “अभी भी यकीन नहीं हो रहा… कुछ पल शब्दों से कहीं बड़े होते हैं, और यह उन्हीं में से एक है। बरसों से देखा गया मेरा सपना आखिरकार सच हो गया है। हमेशा विनम्र, हमेशा आभारी… बेस्ट एक्टर नेशनल अवॉर्ड #ChanduChampion”

16 अगस्त से खुल रहा है राष्ट्रपति भवन का खूबसूरत अमृत उद्यान! बिल्कुल फ्री मिलेगी एंट्री, ऐसे करें ऑनलाइन बुकिंग!

भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने 14 अगस्त अमृत उद्यान समर एनुअल्स एडिशन, 2026 का उद्घाटन किया। राष्ट्रपति भवन परिसर में स्थित यह विश्व प्रसिद्ध और बेहद खूबसूरत उद्यान 16 अगस्त से आम जनता के दर्शन के लिए खोला जा रहा है। अगर आप भी प्राकृतिक सुंदरता, मौसमी फूलों और ऐतिहासिक स्थापत्य कला का आनंद लेना चाहते हैं तो 15 सितंबर 2026 तक अमृत उद्यान घूमने जा सकते हैं। खास बात यह है कि यहां एंट्री बिल्कुल फ्री है। आइए आपको यहां जाने की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से बताते हैं-

जानिए कब और किस समय मिलेगी एंट्री

राष्ट्रपति भवन द्वारा जारी समय सारणी के मुताबिक अमृत उद्यान 16 अगस्त से 15 सितंबर 2026 तक जनता के लिए खुला रहेगा। उद्यान सुबह 10:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक खुलेगा। दर्शकों को शाम 5 बजे तक ही अंतिम प्रवेश दिया जाएगा। रखरखाव के लिए सारे सोमवार को अमृत उद्यान आम जनता के लिए बंद रहेगा। यहां आने वाले लोगों की एंट्री और एग्जिट नॉर्थ एवेन्यू रोड के पास स्थित गेट नंबर 35 से होगा।

फ्री में मिलेगी एंट्री, लेकिन ऑनलाइन बुकिंग है अनिवार्य

अमृत उद्यान में प्रवेश पूरी तरह से निःशुल्क है। हालांकि यहां आने वाले दर्शकों के लिए अग्रिम ऑनलाइन बुकिंग कराना अनिवार्य किया गया है। दर्शकों को राष्ट्रपति भवन की आधिकारिक वेबसाइट visit.rashtrapatibhavan.gov.in पर जाकर अपना स्लॉट पहले से बुक करना होगा। किसी खास दिन के भ्रमण के लिए स्लॉट की बुकिंग उस दिन से ठीक एक दिन पहले सुबह 10:00 बजे बंद हो जाएगी। ध्यान रहे कि ऑन द स्पॉट कोई भी बुकिंग सुविधा यहां उपलब्ध नहीं है, इसलिए बिना ऑनलाइन स्लॉट बुक किए न जाएं।

अमृत उद्यान की खास बनावट के बारे में जानिए

राष्ट्रपति भवन की मुख्य इमारत से सटा 15 एकड़ में फैला अमृत उद्यान वास्तुकला का अद्भुत नमूना है। इस उद्यान को तीन टेरेस के रूप में डिजाइन किया गया है:

1- आयताकार उद्यान

मुख्य इमारत से सटे इस हिस्से में उत्तर से दक्षिण और पूर्व से पश्चिम की ओर जाने वाली दो-दो समानांतर जल नहरें इसे वर्गाकार ग्रिड में बांटती हैं। नहरों के क्रॉसिंग पर बने कमल के पत्तों के आकार के तीन-स्तरीय बलुआ पत्थरों के फव्वारों से पानी बहता है। दिन के एक खास समय में इन जल नहरों में राष्ट्रपति भवन की भव्य इमारत और खिलते फूलों का प्रतिबिंब दिखाई देता है। यह हिस्सा मौलसिरी, सरू, चाइना ऑरेंज और गार्डेनिया से सदाबहार दिखता है।

2- लंबा उद्यान

मुख्य उद्यान के पश्चिम में मौजूद यह लंबा उद्यान उस केंद्रीय मार्ग के दोनों ओर फैला है जो सर्कुलर गार्डन की ओर जाता है। यह करीब 12 फीट ऊंची दीवारों से घिरा हुआ है, जिसमें छोटी झाड़ियों से सजी गुलाब की क्यारियां हैं। दीवारों पर चाइना ऑरेंज के सजावटी फल लगे हैं जो पत्तियों से भी अधिक संख्या में दिखते हैं।

3- वृत्ताकार उद्यान

इसे पर्ल, बटरफ्लाई या सनकेन गार्डन भी कहा जाता है। यह सबसे पश्चिमी हिस्से में स्थित है और यहां सुगंधित किस्म के फूल लगाए गए हैं। इसके चारों ओर ऊंची दीवारें हैं और एम्फीथिएटर की तरह उतरती हुई सीढ़ियां हैं। इसके केंद्र में एक जल कुंड और फव्वारे मौजूद हैं।

अमृत उद्यान की तीनों छते और पूरे परिसर के अन्य उद्यान इस समय गर्मियों के मौसमी फूलों, झाड़ियों, लताओं और पुष्पित वृक्षों के शानदार रंगों से सजे हुए हैं। देशी पेड़-पौधे, फव्वारे और पानी की नहरें वातावरण में शीतलता बढ़ाती हैं। शाम के समय मोर यहां आराम से टहलते हुए देखे जा सकते हैं।

Anti Paper Leak Bill 2026 : पेपर लीक विरोधी बिल पास होने पर इंस्टाग्राम पर PM मोदी का संदेश, पेपर लीक गैंग पर होगी सख्त कार्रवाई

pm modi paper leak

संसद में पेपर लीक विरोधी विधेयक पारित होने का स्वागत करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि सरकार देश की परीक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाएगी। उन्होंने दोहराया कि पेपर लीक गिरोहों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट्स पर जारी एक वीडियो संदेश में कहा कि पेपर लीक विरोधी विधेयक का संसद से पारित होना भारत के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है।

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उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली को और मजबूत करने के लिए आने वाले समय में कई और कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने देशवासियों से विकसित भारत के सपने को साकार करने के लिए मिलकर आगे बढ़ने का आह्वान किया। पीएम मोदी ने कहा कि दशकों से केंद्र और राज्य की अलग-अलग सरकारें पेपर लीक की घटनाओं से निपटती रही हैं। ऐसे में परीक्षा व्यवस्था में सुधार करना जरूरी हो गया था। उन्होंने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाओं से निपटने के लिए सख्त कानून की आवश्यकता थी।

 

प्रधानमंत्री ने अपने करीब 2 मिनट 26 सेकंड के वीडियो में कहा कि सरकार ने संसद में विधेयक पेश किया था और उनके वादे के मुताबिक दोनों सदनों में बड़ी संख्या में सांसदों ने इस पर विस्तार से चर्चा की। अब दोनों सदनों ने सख्त प्रावधानों वाले इस विधेयक को पारित कर दिया है।

 

पीएम मोदी ने कहा कि विश्वसनीय परीक्षा व्यवस्था की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है और यह काम आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसी स्थिति को लंबे समय तक बने नहीं रहने देगी। प्रधानमंत्री ने देशवासियों से विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ने की अपील की।

राज्यसभा में ध्वनिमत से पास हुआ बिल

'Public Examination (Prevention of Unfair Means) Amendment Bill, 2026' को गुरुवार को राज्यसभा में ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। इस दौरान कई विपक्षी दलों ने सदन से वॉकआउट किया। इससे पहले बुधवार को लोकसभा ने इस विधेयक को मंजूरी दी थी। अब विधेयक को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।

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पेपर लीक पर 5 से 10 साल तक की सजा

 

संशोधन विधेयक में पेपर लीक या परीक्षा में अनुचित साधनों के इस्तेमाल में शामिल लोगों के लिए कड़े प्रावधान किए गए हैं। ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने पर कम से कम 5 साल और अधिकतम 10 साल तक की जेल और 50 लाख रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। वहीं, संगठित अपराध के मामलों में कम से कम 7 साल की सजा का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा ऐसे मामलों में कम से कम 10 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया जा सकता है।

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यह विधेयक ऐसे समय में पारित हुआ है जब देश में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। सरकार का दावा है कि नए कड़े प्रावधान परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और विश्वसनीयता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

पीएम मोदी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से की मुलाकात, किन मुद्दों पर हुई चर्चा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति भवन पहुंचकर राष्ट्रपति से भेंट की। राष्ट्रपति कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर मुलाकात की तस्वीरें शेयर कीं।

राष्ट्रपति कार्यालय ने पोस्ट में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से राष्ट्रपति भवन में मुलाकात की। 

प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति की यह मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू एक सप्ताह के सफल विदेश दौरे के बाद रविवार को भारत लौटी हैं। इस दौरान उन्होंने मोल्दोवा, नॉर्थ मैसेडोनिया और रोमानिया का दौरा किया था।  राष्ट्रपति के इस दौरे को भारत के इन यूरोपीय देशों के साथ द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना गया।

Dharmendra Pradhan: प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय की कमान, धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मंजूर

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मंजूर कर लिया है। केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय की अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गयी है। बता दें कि, शनिवार को धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफा देने के बाद केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी को फिलहाल शिक्षा मंत्रालय की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है।

 

शनिवार को जारी आधिकारिक बयान में कहा गया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री की सलाह पर धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। बयान के अनुसार, प्रधानमंत्री की सलाह पर राष्ट्रपति ने फैसला किया है कि प्रह्लाद जोशी अपने मौजूदा मंत्रालयों के साथ-साथ अब शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार भी संभालेंगे। प्रह्लाद जोशी कर्नाटक के धारवाड़ से सांसद हैं। वह अभी उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के केंद्रीय मंत्री हैं। इसके अलावा वह इंटरनेशनल सोलर अलायंस के अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी निभा रहे हैं।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा देने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि यह फैसला छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए और दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे बड़े छात्र आंदोलन का कथित तौर पर राष्ट्र-विरोधी ताकतों द्वारा फायदा उठाने से रोकने के लिए लिया गया है। धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मोदी सरकार में एक बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम माना जा रहा है। किसी वरिष्ठ केंद्रीय मंत्री का लगातार हो रहे सड़क विरोध और बढ़ते राजनीतिक दबाव के बीच पद छोड़ना बेहद कम देखने को मिलता है।

प्रधान का इस्तीफा केंद्र सरकार और कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के बीच होने वाली तीसरे दौर की बातचीत से कुछ घंटे पहले आया। बैठक से पहले सीजेपी नेताओं ने साफ कहा था कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा उनकी सबसे बड़ी मांग है और इस पर किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।

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Ravneet Singh: केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू का इस्तीफा मंजूर, छोड़ा रेल राज्यमंत्री का पद

केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। जानकारी के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह का इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है। राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस्तीफा तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को पंजाब भाजपा के वरिष्ठ नेता रवनीत सिंह का इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया। हालांकि, उनके इस्तीफे की आधिकारिक वजह अभी सामने नहीं आई है। माना जा रहा है कि पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले उनकी राज्य की राजनीति में सक्रिय वापसी की अटकलों के बीच यह फैसला लिया गया है। रवनीत सिंह का राज्यसभा सांसद के रूप में कार्यकाल जून में ही समाप्त हो गया था। वह केंद्र सरकार में रेल मंत्रालय और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय में राज्य मंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।

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R Madhavan Watch: 40 लाख की घड़ी पहनकर पद्म श्री लेने ने पहुंचे माधवन, दुनियाभर में सिर्फ 10 पीस मौजूद

R Madhavan Watch: 23 जून को नई दिल्ली के राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आर. माधवन को भारतीय सिनेमा में उनके शानदार और बड़े योगदान के लिए पद्म श्री से सम्मानित किया। यह सम्मान उन्हें उनकी पत्नी सरिता और बेटे वेदांत की मौजूदगी में दिया गया, जो उनके लिए खुशी ज़ाहिर करते हुए दिखे। इस बीच, एक्टर के पहनावे ने भी लोगों का ध्यान खींचा।

‘रहना है तेरे दिल में’ फ़िल्म के स्टार ने क्लासिक नेवी-ब्लू एथनिक आउटफिट पहना था, लेकिन सबकी नज़र उनकी लिमिटेड-एडिशन घड़ी पर टिकी रह गई। एक्टर ने टाइटन की ‘जलसा नेबुला’ घड़ी पहनकर भारत की विरासत को शान से दिखाया; इस घड़ी में 18-कैरेट रोज़ गोल्ड का केस लगा है।

घड़ी के मार्बल डायल पर जयपुर के हवा महल से प्रेरित एक मिनिएचर पेंटिंग बनी है। कहा जा रहा है कि इस लिमिटेड-एडिशन घड़ी की कीमत 40 लाख है और रिपोर्ट्स के मुताबिक, दुनिया भर में ऐसी सिर्फ़ 10 घड़ियां ही उपलब्ध हैं।

अवार्ड मिलने के बाद आर. माधवन ने दिल से एक नोट लिखा। उन्होंने लिखा, “पद्म श्री मिलने पर मैं बहुत विनम्र और आभारी महसूस कर रहा हूं और सच में सम्मानित महसूस कर रहा हूं। देश के सबसे बड़े नागरिक सम्मानों में से एक से मुझे सम्मानित करने के लिए मैं भारत सरकार का दिल से शुक्रिया अदा करता हूं। मैं महाराष्ट्र सरकार का भी उतना ही आभारी हूं कि उन्होंने मेरा नाम आगे बढ़ाया और मेरे सफ़र पर भरोसा जताया। यह सम्मान मेरे लिए हमेशा यादगार रहेगा। जिन लोगों ने मेरी फ़िल्में देखीं, मेरे किरदारों को पसंद किया, मेरी कामयाबियों का जश्न मनाया, मेरी कमियों को नज़रअंदाज़ किया और इतने सालों तक मेरा साथ दिया—यह सम्मान जितना मेरा है, उतना ही आपका भी है। आपके प्यार ने ही मेरे जीवन और करियर के हर पड़ाव पर मुझे आगे बढ़ने की प्रेरणा दी है।”

उन्होंने आगे कहा, “आज मुझे ज़िम्मेदारी का गहरा एहसास भी हो रहा है। यह सम्मान मुझे याद दिलाता है कि हर विशेषाधिकार के साथ एक बड़ी ज़िम्मेदारी भी आती है—ईमानदारी, विनम्रता और उत्कृष्टता के मूल्यों को बनाए रखना; सिनेमा की उस दुनिया में सार्थक योगदान देना जिसने मुझे सब कुछ दिया है; और जिस भी तरह से हो सके, अपने देश की सेवा करना। मैं यह सम्मान सिनेमा की जादुई दुनिया, मेरे साथ काम करने वाले हर कलाकार और टेक्नीशियन, और अपने परिवार को समर्पित करता हूँ जो मेरी ताकत रहे हैं… दिल से धन्यवाद। जय हिंद। साथ ही @varoinmarwah का भी धन्यवाद, जो हमेशा सभी खास मौकों पर मुझे इतना शानदार लुक देते हैं..”

आर. माधवन आखिरी बार ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘धुरंधर’ में नज़र आए थे। इसके बाद वे तमिल फ़िल्मों ‘GDN’, ‘अधिरष्टसाली’ और ‘सर्कल’ में दिखाई देंगे।

इंग्लैंड दौरे से पहले रोहित शर्मा को मिला बड़ा सम्मान, राष्ट्रपति ने दिया पद्म श्री अवॉर्ड , देखें वीडियो

भारत के पूर्व कप्तान रोहित शर्मा को आज देश के प्रतिष्ठित नागरिक सम्मानों में से एक पद्म श्री से सम्मानित किया। नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक सम्मान समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने रोहित शर्मा को पद्म श्री से सम्मानित किया। रोहित शर्मा को भारतीय क्रिकेट के सबसे सफल और प्रभावशाली खिलाड़ियों में गिना जाता है। रोहित की कप्तानी में भारत ने टी-20 विश्व कप 2024 और चैंपियंस ट्रॉफी 2025 जैसे बड़े खिताब अपने नाम किए। रोहित शर्मा अगले महीने 3 मैचों की वनडे सीरीज के लिए इंग्लैंड दौरे पर जाएंगे।

वहीं, भारत के दिग्गज टेनिस खिलाड़ी विजय अमृतराज को उनके खेल जगत में लंबे और उल्लेखनीय योगदान के लिए पद्म भूषण पुरस्कार प्रदान किया गया। इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली कई अन्य हस्तियों को भी सम्मानित किया गया।

रोहित को मिला पद्म श्री 

सीमित ओवरों के क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन करने वाले रोहित ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 20 हजार से अधिक रन बनाए हैं और उनके नाम 50 शतक भी दर्ज हैं। लंबे समय से भारतीय टीम की बल्लेबाजी की रीढ़ रहे रोहित ने अपनी शानदार पारियों और नेतृत्व क्षमता से क्रिकेट जगत में खास पहचान बनाई है। रोहित शर्मा टेस्ट और टी20 से रियायरमेंट ले चुके हैं। रोहित अब केवल वनडे मैच खलते हैं।

विजय अमृतराज को मिला पद्म भूषण

वहीं दूसरी ओर विजय अमृतराज भारत के सबसे सम्मानित खेल सितारों में शामिल हैं। टेनिस के अलावा उन्होंने कमेंट्री, एक्टिंग और सामाजिक कार्यों के क्षेत्र में भी अपनी अलग पहचान बनाई है। अपने करियर के दौरान वह दुनिया के शीर्ष खिलाड़ियों में शामिल रहे और एक समय उनकी विश्व रैंकिंग 16वें स्थान तक पहुंची थी। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय टेनिस में कई एकल और युगल खिताब जीते, जबकि विंबलडन और यूएस ओपन जैसे प्रतिष्ठित ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंटों में भी शानदार प्रदर्शन किया। इसके अलावा, उन्होंने भारत को दो बार डेविस कप के फाइनल तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

65 लोगों को मिला सम्मान

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आयोजित सम्मान समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली कई हस्तियों को पद्म पुरस्कार प्रदान किए। इस चरण में कुल 65 पुरस्कार दिए गए, जिनमें पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री सम्मान शामिल थे। सम्मान पाने वालों में प्रसिद्ध अभिनेता ममूटी और मशहूर गायिका अलका याज्ञनिक भी शामिल रहीं। ये पुरस्कार उन 131 पद्म सम्मानों का हिस्सा हैं, जिनकी घोषणा गणतंत्र दिवस 2026 की पूर्व संध्या पर की गई थी। इन सम्मानों के जरिए कला, खेल, संगीत, साहित्य, विज्ञान और समाज सेवा जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले लोगों को सम्मानित किया जाता है।

कब शुरू हुआ था अवॉर्ड

पद्म पुरस्कार देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में गिने जाते हैं। इन्हें तीन श्रेणियों पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री में प्रदान किया जाता है। ये सम्मान उन लोगों को दिए जाते हैं जिन्होंने कला, साहित्य, शिक्षा, खेल, चिकित्सा, विज्ञान, इंजीनियरिंग, समाज सेवा, उद्योग, लोक प्रशासन और अन्य क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दिया हो। वर्ष 1954 में शुरू हुए ये पुरस्कार हर साल गणतंत्र दिवस के अवसर पर घोषित किए जाते हैं और विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली हस्तियों को सम्मानित करने के लिए प्रदान किए जाते हैं।