New Voter ID Rules Explained: नए वोटर आईडी कार्ड के लिए अब माता-पिता की SIR जानकारी जरूरी, चुनाव आयोग के नए नियम को जानें

New Voter ID Rules Explained: देश में मतदाता सूची में नाम शामिल कराने और वोटर आईडी कार्ड बनवाने के नियमों में बड़ा बदलाव हुआ है। चुनाव आयोग के अधिकारियों के मुताबिक अब सिर्फ उन मौजूदा मतदाताओं को ही मतदाता सूची में बने रहने के लिए अपने माता-पिता की विशेष गहन समीक्षा (Special Intensive Revision – SIR) की जानकारी जमा नहीं करनी है जो पिछली एसआईआर में शामिल नहीं थे बल्कि वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने के लिए आवेदन करने वाले नए आवेदकों के लिए भी अपने माता-पिता की SIR डिटेल्स देना अनिवार्य कर दिया गया है।

पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक चुनाव आयोग ने इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए हैं। इसके तहत मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए फॉर्म 6 भरने वाले नए मतदाताओं के लिए अपने माता-पिता की SIR डिटेल्स को अटैच करना अनिवार्य बना दिया गया है।

बिहार में पिछले साल से लागू हुआ यह नियम

चुनाव आयोग के एक अधिकारी ने बताया कि इस घोषणा को पिछले साल जून में शुरू किए गए बिहार SIR में जोड़ा गया था। वहां नए मतदाताओं से फॉर्म 6 के साथ यह डिक्लेरेशन भरवाया जा रहा था। अधिकारी ने जानकारी दी कि बिहार के डेली एसआईआर बुलेटिन से पता चलता है कि वहां घोषणापत्र के साथ ही यह फॉर्म भरा गया था। उन्होंने इस बात को भी रेखांकित किया कि इस घोषणापत्र को निर्देशों के जरिए जोड़ा गया है और इसके लिए मूल फॉर्म 6 में कोई संशोधन नहीं किया गया है।

ऑनलाइन आवेदन में डिक्लेरेशन भरना जरूरी

चुनाव आयोग के अधिकारियों के मुताबिक इस नए नियम के कई फायदे हैं-

वोटर्स की मैपिंग: यह व्यवस्था मतदाताओं की सटीक मैपिंग करने में मदद करती है।

दस्तावेजों की कम जरूरत: इसके लागू होने से नए मतदाताओं को आवेदन के साथ जमा करने वाले दस्तावेजों की संख्या कम हो जाती है।

ऑनलाइन आवेदन करने वालों के लिए नियम

अगर कोई व्यक्ति ऑनलाइन माध्यम से फॉर्म 6 भरता है तो वह तब तक प्रक्रिया में आगे नहीं बढ़ सकता जब तक कि वह इस घोषणापत्र को पूरा नहीं भर देता। इसके साथ ही निर्वाचन प्राधिकरण ने मतदाता सूची के SIR की प्रक्रिया का पुरजोर बचाव किया है। संयुक्त राष्ट्र (UN) के रैपोर्टर्स द्वारा उठाई गई चिंताओं को खारिज करते हुए आयोग ने स्पष्ट किया है कि यह पूरी प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी, संवैधानिक और सुप्रीम कोर्ट द्वारा समर्थित है।

SIR का मुख्य उद्देश्य

चुनाव आयोग के अधिकारियों ने कहा कि SIR का उद्देश्य सभी पात्र भारतीय नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल करना है। इसके साथ ही सूची में से डुप्लीकेट, मृत, शिफ्टेड, गैर मौजूद और विदेशी मतदाताओं के नामों को हटाना है।

अल्पसंख्यक मतदाताओं के नाम हटाने के आरोपों पर दिया ये जवाब

पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम सहित अन्य जगहों पर बड़े पैमाने पर अल्पसंख्यक मतदाताओं के नाम हटाए जाने के आरोपों का जवाब देते हुए चुनाव आयोग के अधिकारियों ने कहा कि मतदाताओं के पास सूची से बाहर किए जाने के खिलाफ चुनौती देने के पर्याप्त अवसर थे। उन्होंने इस प्रक्रिया में किसी भी प्रकार के पक्षपात से साफ इनकार किया है। गौरतलब है कि हाल ही में सरकार को भेजे एक पत्र में संयुक्त राष्ट्र के विशेष रैपोर्टर्स ने इस एसआईआर प्रक्रिया पर चिंता व्यक्त की थी और आरोप लगाया था कि इस प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी है।

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Bank Holiday: इस सप्ताह 4 दिन बंद रहेंगे बैंक! तुरंत निपटा लें जरूरी काम, SBI-HDFC और PNB समेत सभी बैंकों की छुट्टियों की पूरी लिस्ट देखें

Bank Holiday: अगर आप इस हफ्ते बैंक ब्रांच जाकर कोई जरूरी काम निपटाने की योजना बना रहे हैं, तो पहले छुट्टियों की लिस्ट जरूर देख लें। 13 से 19 जुलाई 2026 के बीच SBI, HDFC Bank, PNB, Bank of Baroda, ICICI Bank, Axis Bank समेत सरकारी और प्राइवेट सेक्टर के कई बैंक अलग-अलग राज्यों में चार दिन बंद रहेंगी। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के हॉलिडे कैलेंडर के अनुसार, जुलाई 2026 में राष्ट्रीय, धार्मिक और क्षेत्रीय त्योहारों के अलावा दूसरे और चौथे शनिवार तथा सभी रविवार को भी बैंक बंद रहेंगे।

इस हफ्ते बैंक कब-कब बंद रहेंगे?

  • 16 जुलाई (गुरुवार): भुवनेश्वर (ओडिशा), देहरादून (उत्तराखंड) और इंफाल (मणिपुर) में रथ यात्रा/कांग (रथजात्रा)/हरेला के अवसर पर सभी बैंक बंद रहेंगे।
  • 17 जुलाई (शुक्रवार): शिलांग (मेघालय) में यू तिरोत सिंह की पुण्यतिथि के कारण बैंक बंद रहेंगे।
  • 18 जुलाई (शनिवार): गंगटोक (सिक्किम) में द्रुकपा त्शे-जी (Drukpa Tshe-zi) पर्व के अवसर पर बैंक बंद रहेगा।
  • 19 जुलाई (रविवार): इस दिन साप्ताहिक छुट्टी होने के कारण पूरे देश में सभी बैंक बंद रहेंगे।

(आपको बता दें कि ये छुट्टियां सभी राज्यों में लागू नहीं हैं। संबंधित राज्यों में ही बैंक शाखाएं बंद रहेंगी। जबकि रविवार को पूरे देश में बैंक बंद रहेंगे।)

जुलाई 2026 में कुल 12 दिन की छुट्टियां

RBI ने जुलाई 2026 के महीने में कुल 12 दिन बैंकों के बंद रहने की घोषणा की है। इसमें महीने के सभी रविवार, दूसरे और चौथे शनिवार भी शामिल हैं।

जुलाई के बचे हुए दिनों में वीकेंड की छुट्टियां:-

19 जुलाई: रविवार (पूरे भारत में बंद)

25 जुलाई: चौथा शनिवार (पूरे भारत में बंद)

26 जुलाई: रविवार (पूरे भारत में बंद)

इसके अलावा 22 जुलाई को खारची पूजा के चलते अगरतला में भी बैंक बंद रहेंगे।

ऑनलाइन बैंकिंग रहेगी चालू

बैंक शाखाएं बंद रहने के बावजूद ग्राहकों को डिजिटल सेवाओं में कोई परेशानी नहीं होगी। छुट्टियों के दौरान भी ऑनलाइन सेवाएं चालू रहेंगी।

बंद होने पर कैसे होंगे आपके काम?

भले ही अगले हफ्ते बैंकों के शटर गिरे रहेंगे। लेकिन ग्राहकों को परेशान होने की ज़रूरत नहीं है। डिजिटल इंडिया के इस दौर में आपकी बैंकिंग से जुड़ी कई ऑनलाइन सेवाएं 24×7 चालू रहेंगी:-

ऑनलाइन और मोबाइल बैंकिंग: आप घर बैठे अपने फोन से Google Pay, PhonePe, Paytm या बैंक के ऑफिशियल ऐप के ज़रिए UPI ट्रांजैक्शन कर सकते हैं।

फंड ट्रांसफर: पैसे भेजने या मंगाने के लिए नेट बैंकिंग के ज़रिए IMPS, NEFT और RTGS की सुविधाएं बिना किसी रुकावट के काम करेंगी।

ATM सेवाएं: कैश निकालने या जमा करने के लिए एटीएम मशीनें खुली रहेंगी।

अन्य डिजिटल काम: क्रेडिट/डेबिट कार्ड के लिए अप्लाई करना, चेकबुक रिक्वेस्ट डालना या लॉकर के लिए आवेदन करने जैसे काम भी ऑनलाइन पोर्टल के ज़रिए किए जा सकेंगे।

(नोट: कभी-कभी बैंकों के शेड्यूल्ड मेंटेनेंस (Scheduled Maintenance) के कारण कुछ समय के लिए ऑनलाइन सेवाएं बाधित हो सकती हैं, जिसकी जानकारी बैंक पहले ही दे देते हैं।)

International Physics Olympiad: इंटरनेशनल फिकक्स ओलंपियाड में बजा भारत का डंका, 8 साल बाद झटके 5 गोल्ड मेडल

International Physics Olympiad: भारत के नौनिहालों ने पूरी दुनिया में एक बार फिर नाम रोशन किया है। इस बार मंच 56वें इंटरनेशनल फिजिक्स ओलंपियाड का था, जहां अपने ऐतिहासिक प्रदर्शन से भारत के 5 छात्रों ने स्वर्ण पदक झटके। खास बात यह है कि भारत को यह उपलबधि 2018 के बाद मिली है। इस ओलंपियाड प्रतियोगिता में भारत के इन छात्रों ने अपनी बुद्धिमानी का लोहा मनवाया है। इन छात्रों ने अपने जबरदस्त प्रदर्शन से न सिर्फ गोल्ड मेडल झटका, बल्कि अपने देश को मेडल टैली में सबसे ऊपर पहुंचा दिया।

यह एक वैश्विक प्रतियोगिता थी जिसमें 85 देशों के 381 छात्रों ने हिस्सा लिया। यह प्रतियोगिता कोलंबिया में 5 से 12 जुलाई 2026 के बीच आयोजित की गई थी। भारत ने इस बार चीन, रूस, कजाकिस्तान, दक्षिण कोरिया और ताइवान जैसे दिग्गज देशों के साथ शीर्ष स्थान पर भी कब्जा जमाया है। फिजिक्स ओलंपियाड के मंच पर डंका बजाने का यह भारत के इतिहास में दूसरा मौका है। इससे पहले साल 2018 में भारत ने यह कमाल किया था, जब पूरी टीम के सभी पांचों सदस्य एक साथ गोल्ड मेडल लेकर स्वदेश लौटे थे।

देश के 5 ‘गोल्डन बॉयज’

इस अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का तिरंगा लहराने वाले पांचों छात्र भारत के अलग-अलग शहरों से ताल्लुक रखते हैं। इनमें मुंबई के श्रेष्ठ सुरैया, पुणे के कनिष्ठ जैन, इंदौर के ऋद्धेश अनंत बेंदले, दिल्ली के ऋषित गर्ग और अहमदाबाद के स्वरित जोशी शामिल हैं। इन छात्रों ने दुनियाभर से आए 85 देशों के 381 दिग्गज छात्रों के बीच अपनी जगह बनाई। प्रतियोगिता में कुल 51 गोल्ड, 80 सिल्वर और 97 ब्रॉन्ज मेडल बांटे गए थे।

5 घंटे की मैराथन प्रतियोगिता

भारतीय छात्रों को जीत के ताज तक पहुंचने के लिए 5 घंटे का लंबा थ्योरी एग्जाम देना पड़ा। इसमें फिजिक्स के बेहद पेचीदा सवाल पूछे गए थे। इसमें पैरामैग्नेटिक कूलिंग की थर्मोडायनामिक्स, चाय के कप के अंदर रोशनी के रिफ्लेक्शन से बनने वाले पैटर्न (कॉस्टिक्स और कस्प्स), ओजोन का फोटोआयोनाइजेशन और इलेक्ट्रॉन-पॉजिट्रॉन जोड़ों के मूवमेंट जैसे मुश्किल विषय शामिल थे। सिर्फ थ्योरी ही नहीं, भारतीय दल ने प्रैक्टिकल के मोर्चे पर भी तगड़ा स्कोर हासिल किया। 5 घंटे तक चले मैराथन प्रैक्टिकल (एक्सपेरिमेंटल) एग्जाम में भी भारतीय टीम ने अपना पूरा दम दिखाया।

काम आई होमी भाभा सेंटर की ट्रेनिंग

इस जीत के पीछे छात्रों की मेहनत के साथ-साथ उनके मेंटर्स का भी बड़ा हाथ रहा. भारतीय दल की अगुवाई मुंबई के होमी भाभा सेंटर फॉर साइंस एजुकेशन (HBSCE) के अन्वेष मजूमदार और सेंट जेवियर्स कॉलेज की लीना जोशी कर रही थीं। वहीं कोलकाता के IISER से आनंद दासगुप्ता और रत्नागिरी के गोगटे-जोगलेकर कॉलेज की निशा केलकर साइंटिफिक ऑब्जर्वर के रूप में टीम के साथ थे। इन सभी ने मुंबई के होमी भाभा सेंटर में कई दिनों तक बेहद कठिन और स्पेशल ट्रेनिंग ली थी, जिसका नतीजा पूरी दुनिया के सामने है।

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ITR 2026: सैलरी स्लैब के हिसाब से न्यू टैक्स रिजीम में सीधे बचा सकते हैं करीब 1.5 लाख रुपये का टैक्स! ये रहा पूरा कैलकुलेशन

Income Tax Return 2026: हर साल जब इनकम टैक्स रिटर्न यानी ITR फाइल करने का सीजन शुरू होता है तो टैक्स पेयर्स के सामने सबसे पहला और बड़ा सवाल यही होता है कि ओल्ड टैक्स रिजीम को चुनें या न्यू टैक्स रिजीम के साथ जाएं। हर कोई अपने हिसाब से टैक्स की देनदारी को कैलकुलेट कर रहा हैं। लेकिन कुछ थंब रूल ऐसे सामने आए हैं जो टैक्स की देनदारी का मामला काफी हद तक साफ कर दे रहे हैं। पर इंडिविजुअल टैक्स पेयर्स को हमेशा इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि सैलरी पर्सन टू पर्सन वैरी करती है और कोई एक रूल आपकी टैक्स देनदारी का पूरा असल खाका नहीं खींच सकता।

इसके लिए आपको एक्सपर्ट अडवाइस की हमेशा जरूरत पड़ती है। एक बात और ध्यान देने वाली है कि अब न्यू टैक्स रिजीम डिफॉल्ट विकल्प है। यानी अगर आप आईटीआर फाइल करते समय कोई विकल्प नहीं चुनते हैं तो आपका रिटर्न अपने आप न्यू टैक्स रिजीम के तहत प्रोसेस किया जाएगा। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या एक्टिव रूप से ओल्ड टैक्स रिजीम को चुनना अब भी फायदेमंद है? इसके पीछे के गणित को समझने की कोशिश करते हैं।

क्या कहता है टैक्स का गणित?

ग्रांट थॉर्नटन भारत (Grant Thornton Bharat) द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए की गई एक तुलनात्मक गणना के मुताबिक न्यू टैक्स रिजीम कई सैलरी स्लैब में भारी बचत दे रही है। इस कैलकुलेशन में 60 वर्ष से कम उम्र के एक ऐसे सैलरडी पर्सन को आधार बनाया गया है जो ओल्ड रिजीम के तहत कुल 4.25 लाख रुपये के डिडक्शन (छूट) का दावा करता है। इसमें नीचे दिए गए डिडक्शन शामिल हैं:-

धारा 80C के तहत: 150000 रुपये (1961 के अधिनियम की धारा 80C / 2025 के अधिनियम की धारा 123)

धारा 80D के तहत: 25000 रुपये (1961 के अधिनियम की धारा 80D / 2025 के अधिनियम की धारा 126)

HRA (हाउस रेंट अलाउंस): 200000 रुपये

स्टैंडर्ड डिडक्शन (Standard Deduction): 50000 रुपये

इसके मुकाबले न्यू टैक्स रिजीम में केवल 75000 रुपये का स्टैंडर्ड डिडक्शन शामिल किया गया है। इस गणना में लागू सरचार्ज और 4% हेल्थ एंड एजुकेशन सेस को भी जोड़ा गया है।

विभिन्न सैलरी लेवल पर टैक्स लायबिलिटी

25 लाख रुपये की सैलरी पर: ओल्ड टैक्स रिजीम के तहत 452400 रुपये का टैक्स बनता है जबकि न्यू टैक्स रिजीम में यह बिल सिर्फ 319800 रुपये आता है। यानी न्यू टैक्स रिजीम चुनने पर सीधे 132600 रुपये की बचत होती है।

50 लाख रुपये की सैलरी पर: यहां भी दोनों रिजीम के टैक्स का अंतर 132600 रुपये ही रहता है और न्यू टैक्स रिजीम जीतती है।

75 लाख और 1 करोड़ रुपये की सैलरी पर: इस लेवल पर 10 फीसदी का सरचार्ज भी लागू हो जाता है। इसके बावजूद न्यू टैक्स रिजीम में टैक्सपेयर्स को करीब 1.46 लाख रुपये की सीधी बचत मिलती है।

तो क्या ओल्ड टैक्स रिजीम पूरी तरह खत्म हो चुकी है?

ऐसा सभी टैक्स पेयर्स के केस में नहीं कहा जा सकता। ओल्ड टैक्स रिजीम न्यू टैक्स रिजीम को केवल तभी टक्कर दे पाती है जब आपके डिडक्शंस (कटौतियां) इस सामान्य बास्केट से काफी ज्यादा हों। अगर आपके पास बड़े डिडक्शंस हैं जैसे:-

  • धारा 24(b) के तहत होम लोन के ब्याज पर 2 लाख रुपये तक की छूट।
  • मेट्रो शहरों में रहने के कारण मिलने वाला ज्यादा HRA
  • धारा 80CCD(1B) के तहत NPS (नेशनल पेंशन सिस्टम) में योगदान।
  • सीनियर सिटीजन माता-पिता के लिए चुकाया गया बड़ा 80D हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम।

अदर आप इन सभी को मिला देते हैं और आपका कुल डिडक्शन ब्रेक-ईवन थ्रेशोल्ड को पार कर जाता है तो ओल्ड रिजीम बेहतर हो सकती है। मौजूदा स्लैब के तहत अधिकांश इनकम लेवल के लिए यह ब्रेक-ईवन पॉइंट करीब 8 लाख रुपये के कुल डिडक्शन पर बैठता है। यानी भारी होम लोन और फुल HRA क्लेम करने वाला व्यक्ति इस लिमिट तक पहुंच सकता है लेकिन जो व्यक्ति सिर्फ 80C और एक सामान्य हेल्थ पॉलिसी के भरोसे है वह न्यू रिजीम का मुकाबला नहीं कर पाएगा।

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ग्रांट थॉर्नटन भारत की टैक्स पार्टनर ऋचा साहनी का कहना है कि पुराने और नए टैक्स रिजीम के बीच चयन कोई ऐसा फैसला नहीं है जो हर किसी पर फिट बैठे। हालांकि न्यू रिजीम कम टैक्स रेट्स और अधिक सरलता की पेशकश करती है लेकिन ओल्ड रिजीम उन खास कैटेगरी के टैक्सपेयर्स के लिए बेहतर परिणाम दे सकती है जो बड़े पैमाने पर डिडक्शंस और एग्जेंप्शन (छूट) का लाभ उठाते हैं। इसलिए टैक्सपेयर्स को केवल हेडलाइन टैक्स रेट्स पर भरोसा करने के बजाय अपना फैसला लेने से पहले एक पर्सनलाइज्ड टैक्स कैलकुलेशन जरूर करनी चाहिए।

सालाना रिजीम बदलने की फ्लेक्सिबिलिटी

सैलरीड करदाताओं के लिए एक अच्छी बात यह है कि वे किसी एक रिजीम में लॉक नहीं होते हैं। ऋचा साहनी के मुताबिक, सैलरीड टैक्सपेयर्स के पास हर साल दोनों रिजीम के बीच चयन करने की फ्लेक्सिबिलिटी होती है। वे अपनी इनकम प्रोफाइल, डिडक्शंस और एग्जेंप्शंस के आधार पर सालाना अपनी स्थिति का मूल्यांकन कर सकते हैं और जो अधिक फायदेमंद हो, उसे चुन सकते हैं।

इस सालाना बदलाव का व्यावहारिक महत्व भी है। आपके एम्प्लॉयर (कंपनी) ने TDS काटने के लिए किस रिजीम का इस्तेमाल किया था उससे आपका आईटीआर बाउंड नहीं होता है। अगर कंपनी ने न्यू टैक्स रिजीम के हिसाब से टीडीएस काटा है लेकिन कैलकुलेशन के बाद आपके लिए ओल्ड रिजीम ज्यादा फायदेमंद निकलती है तो आप आईटीआर फाइल करते समय ओल्ड रिजीम चुन सकते हैं और बची हुई रकम को रिफंड के रूप में क्लेम कर सकते हैं।

बिजनेस या प्रोफेशनल इनकम वाले टैक्सपेयर्स को ओल्ड रिजीम में वापस जाने का केवल एक ही मौका (Form 10-IEA के जरिए) मिलता है, इसलिए उन्हें अपना विकल्प चुनते समय अधिक सावधानी बरतनी चाहिए।

फाइल करने से पहले क्या करें?

रिटर्न दाखिल करने से पहले इनकम टैक्स पोर्टल पर मौजूद कैलकुलेटर का इस्तेमाल करें, जिसमें मुश्किल से 10 मिनट का समय लगता है। थंब रूल यह है कि अगर आपके डिडक्शंस कम हैं तो बिना किसी उलझन के न्यू टैक्स रिजीम चुनें और यदि डिडक्शंस ज्यादा हैं तो दोनों रिजीम में टैक्स कैलकुलेट करके तुलना कर लें। चूंकि ये दोनों रिजीम आने वाले भविष्य में एक साथ रहेंगी, इसलिए यह कोई वन-टाइम फैसला नहीं है बल्कि इसे अपनी सालाना आदत बना लें।

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Hot Stocks: दो दिन से जारी बढ़त का सिलसिला थमा, कमजोर बाजार में भी ये दो शेयर करा सकते हैं बंपर कमाई

Hot Stocks : 13 जुलाई को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्सों का दो दिन से जारी बढ़त का सिलसिला थम गया है। मीडिया शेयरों को छोड़कर बाकी सभी सेक्टर में बिकवाली के कारण निफ्टी 24,100 के नीचे आ गया है। सुबह 09:40 बजे के आसपास सेंसेक्स 603.92 अंक या 0.78% गिरकर 76,965.47 पर और निफ्टी 179.50 अंक या 0.74% गिरकर 24,027.40 पर दिख रहा था। लगभग 1,557 शेयरों में बढ़त आई थी। 1,604 शेयरों में गिरावट देखने को मिल रही थी और 196 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ था। निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.4% की गिरावट के साथ कारोबार हो रहा था।

निफ्टी पर रणनीति

बाजार पर अपनी रणनीति साझा करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के वीरेंद्र कुमार ने कहा कि निफ्टी के लिए पहला रजिस्टेंस 24273-24332 पर और बड़ा रजिस्टेंस 24378-24423/24456 पर है। इसके लिए पहला बेस 23988-24016/24066 पर और बड़ा बेस 23883-23939 पर है। शुक्रवार को निफ्टी ने मजबूत क्लोजिंग दी। FIIs और DIIs दोनों की ओर से खरीदारी रही। जियोपोलिटिकल तनाव फिर बढ़ा और क्रूड उछला है। रेट सेंसिटिव सेक्टर के लिए क्रूड बड़ा निगेटिव है। बेस-1 पर 10 DEMA और 24000 पुट राइटर्स हैं। इसके टूटने पर बेस-2 की ओर फिसल सकता है। ट्रेंड और लिक्विडिटी मजबूत रहे तो शॉर्ट से बचें। 57723-57520 टूटने पर ही बेस-2 दिख सकता है। बेस-1 बचा रहेगा तो अच्छा रिवर्सल भी मुमकिन है।

बैंक निफ्टी पर रणनीति

वीरेंद्र कुमार ने कहा कि बैंक निफ्टी के लिए पहला रजिस्टेंस 58267-58389/58532 पर और बड़ा रजिस्टेंस 58690-58839 पर है। इसके लिए पहला बेस 57520-57723 पर और बड़ा बेस 57010-57250 पर है। इंडियन बैंक के दमदार नतीजों PSU बैंकों में तेजी दिखी थी। PSU में ही एक्शन गायब था,शुक्रवार को तेजी में शामिल हुए। 58000 पर कॉल और पुट राइटर्स की मजबूत मौजूदगी देखने को मिली। शॉर्ट टर्म ट्रेडिंग बेस बेस-1 बना हुआ है। इसके टूटने पर बेस-2 की ओर फिसलने का खतरा है। कच्चे तेल की चाल सबसे अहम रहेगी। कच्चे तेल से ही आगे की दिशा तय होगी। बेस-1 बचा तो ऊपरी स्तरों की ओर वापसी संभव है। ऊपर की ओर 58267 पहली बड़ी रुकावट है। इसके ऊपर 58389-58532 तक तेजी की संभावना है।

चकाचक चार्ट वाले शेयर

चकाचक चार्ट वाले शेयर बताने के लिए हमारे साथ जुड़े हैं manasjaiswal.com के मानस जायसवाल। इनकी एपीएल अपोलो में 1814 रुपए के स्टॉप लॉस के साथ 1875 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है। बंधन बैंक में भी इनकी 205.90 रुपए के स्टॉप लॉस के साथ 218 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है।

Trading Plan: क्या US-ईरान तनाव और तेल की कीमतें बढ़ने के बावजूद निफ्टी 24000 और बैंक निफ्टी 57300 के स्तर को बनाए रख पाएगा?

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

IMD की चेतावनी 13 जुलाई: इन 13 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, बिहार-बंगाल में मूसलाधार बरसात, दिल्ली से यूपी तक ऐसा रहेगा मौसम

India Weather Today 13 July: देश के कई हिस्सों में मानसून पूरी तरह से सक्रिय है और कई राज्यों में बादलों ने डेरा डाल रखा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 13 जुलाई के लिए मौसम का ताजा बुलेटिन जारी कर दिया है। मौसम विभाग के मुताबिक उत्तर-पूर्वी बिहार, दक्षिण बांग्लादेश और उत्तर-पूर्वी असम के ऊपर अलग-अलग चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय हैं जबकि एक पश्चिमी विक्षोभ भी बना हुआ है। इन सभी प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव की वजह से आज बिहार, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश और असम समेत देश के लगभग 13 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश और तेज आंधी-तूफान का अलर्ट जारी किया गया है।

आइए जानते हैं मौसम विभाग के बुलेटिन के अनुसार आज देश के अलग-अलग राज्यों में मौसम का हाल कैसा रहेगा:

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इन राज्यों में मूसलाधार और बहुत भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, आज कुछ प्रमुख राज्यों के अलग-अलग हिस्सों में मूसलाधार और बहुत भारी बारिश होने की प्रबल आशंका है। इन राज्यों में शामिल हैं:

  • बिहार
  • गंगा तटीय पश्चिम बंगाल
  • असम और मेघालय

इन राज्यों में खराब मौसम को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने और जलभराव वाले क्षेत्रों से बचने की सलाह दी गई है।

यूपी-उत्तराखंड समेत इन राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी

बुलेटिन के मुताबिक, देश के कई अन्य हिस्सों में भी आज मानसूनी हवाओं की वजह से भारी बारिश होने की संभावना है। इन राज्यों और क्षेत्रों में शामिल हैं:

  • पूर्वी उत्तर प्रदेश
  • उत्तराखंड
  • उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम
  • ओडिशा
  • अरुणाचल प्रदेश
  • नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा (संयुक्त रूप से प्रभावित क्षेत्र)

आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और झोंकेदार हवाओं का पूर्वानुमान

बारिश के साथ-साथ मौसम विभाग ने कई राज्यों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और तेज रफ्तार से हवाएं चलने की चेतावनी दी है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के साथ जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में अलग-अलग जगहों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बिजली कड़कने की संभावना है। बिहार, झारखंड, ओडिशा, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में अलग-अलग जगहों पर आंधी-तूफान के साथ 30 से 40 किमी/घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं और बिजली गिर सकती है।

उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल और सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय तथा नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के कुछ हिस्सों में केवल गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी है। आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के अलग-अलग इलाकों में धरातल पर तेज हवाएं चलने की भी उम्मीद है।

तटीय आंध्र प्रदेश में लू और ओडिशा-तमिलनाडु में उमस का कहर

एक तरफ जहां देश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी है, वहीं कुछ तटीय इलाकों में सूरज की तपिश और उमस लोगों को परेशान करेगी। तटीय आंध्र प्रदेश के अलग-अलग पॉकेट्स में आज लू की स्थिति बनी रहने की संभावना है। ओडिशा और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल के कुछ हिस्सों में आज मौसम बेहद गर्म और उमस भरा रहने वाला है।

मछुआरों के लिए चेतावनी: अरब सागर और बंगाल की खाड़ी का हाल

समंदर में खराब मौसम को देखते हुए मछुआरों को तटीय इलाकों में न जाने की हिदायत दी गई है। पश्चिम-मध्य और उससे सटे पूर्वी-मध्य, उत्तरी और दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के अधिकांश हिस्सों में, सोमालिया और ओमान के तटों के साथ-साथ उत्तरी गुजरात के तटों पर 45-55 किमी/घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाएं 65 किमी/घंटे की रफ्तार तक पहुंच सकती हैं। उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटों से सटे समुद्र और अंडमान सागर में 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की आशंका है, जो बढ़कर 60 किमी/घंटे तक पहुंच सकती हैं।

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Stock Market Today: Bull या Bear बाजार पर आज किसकी होगी पकड़, जानें Gift Nifty से क्या मिल रहा संकेत

Stock Market Today: हफ्ते के पहले दिन सोमवार 13 जुलाई को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स-निफ्टी के गिरावट के साथ खुलने की संभावना है। GIFT निफ्टी लगभग 208.50 पॉइंट्स की गिरावट के साथ 24,024 के स्तर पर ट्रेड कर रहा है जो बड़े गैप -डाउन के संकेत दे रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच फिर से मिलिट्री तनाव बढ़ने से ग्लोबल एनर्जी सप्लाई को लेकर चिंताएं फिर से बढ़ गई हैं, जिससे कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ गई हैं और ग्लोबल मार्केट में रिस्क लेने की क्षमता कम हो गई है।

गिफ्ट निफ्टी लाइव चार्ट क्या संकेत देता है?

गिफ्ट निफ्टी सुबह करीब 8.20 बजे 24,024 पर ट्रेड कर रहा था, जो 210.50 पॉइंट्स या 0.88 प्रतिशत नीचे था, जिससे संकेत मिलता है कि निफ्टी 50 शुक्रवार के 24,206.90 के बंद होने से काफी नीचे खुल सकता है। यह कमज़ोर संकेत तब आया है जब पिछले हफ़्ते भारतीय इक्विटीज मजबूती के साथ बंद हुए थे। सेंसेक्स 827.6 पॉइंट्स या 1.08 प्रतिशत बढ़कर 77,569.4 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 244.1 पॉइंट्स या 1.02 प्रतिशत चढ़कर 24,206.9 पर पहुंच गया।

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर ने कहा कि भारतीय इक्विटी मार्केट सावधानी से खुलने की उम्मीद है क्योंकि अमेरिका और ईरान के बीच नए मिलिट्री हमलों के बाद जियोपॉलिटिकल टेंशन फिर से बढ़ गई है, जिससे ग्लोबल एनर्जी सप्लाई को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं और फाइनेंशियल मार्केट में रिस्क से बचने की सोच बढ़ गई है। इस बढ़ोतरी से कच्चे तेल की कीमतों में तेज़ी से उछाल आया है, जिससे कुल मिलाकर इन्वेस्टर सेंटिमेंट पर असर पड़ा है। गिफ्ट निफ्टी अभी 24,100 के आसपास ट्रेड कर रहा है, जो शुक्रवार के निफ्टी क्लोजिंग 24,206.90 से नीचे है, जो घरेलू इक्विटी के लिए गैप-डाउन शुरुआत का संकेत देता है।

निफ्टी के लिए क्या लेवल होंगे अहम

आज निफ्टी 50 के आउटलुक पर बात करते हुए, रेलिगेयर ब्रोकिंग के रिसर्च के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट, अजीत मिश्रा ने कहा कि निफ्टी 50 ने 23,800 सपोर्ट ज़ोन को बचाने के बाद तेजी से वापसी की है और एक बार फिर 24150 के आसपास 100 DEMA मार्क को वापस पा लिया है, जो निचले लेवल पर खरीदारी में नई दिलचस्पी का संकेत देता है। 24,150 जोन से ऊपर लगातार मूव करने से 24,400–24,600 रीजन की ओर बढ़ने का रास्ता बन सकता है। नीचे की तरफ, 24,000 मार्क से तुरंत सपोर्ट मिलने की उम्मीद है, इसके बाद 23,800 ज़ोन मिलेगा।

58,200–58,300 के ऊपर बैंक निफ्टी देगा मजबूती

आज बैंक निफ्टी के आउटलुक पर, एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर का मानना ​​है कि 58,000 के साइकोलॉजिकल लेवल को वापस पाने के बाद बैंक निफ्टी एक कंस्ट्रक्टिव टेक्निकल स्ट्रक्चर दिखाना जारी रखेगा। टेक्निकल नजरिए से, 58,200–58,300 ज़ोन अभी भी तुरंत रेजिस्टेंस बना हुआ है। इस रीजन से ऊपर लगातार मूव करने से बुलिश मोमेंटम मजबूत होगा और रिकवरी 58,600–58,700 ज़ोन की ओर बढ़ सकती है, इसके बाद 59,000 का साइकोलॉजिकल मार्क मिलेगा।

नीचे की तरफ, 58,000 लेवल से तुरंत सपोर्ट मिलने की उम्मीद है, इसके बाद 57,800–57,700 जोन मिलेगा। मौजूदा रिकवरी स्ट्रक्चर को बनाए रखने के लिए इन लेवल से ऊपर बने रहना जरूरी होगा। हालांकि, 57,700 से नीचे एक बड़ा ब्रेक प्रॉफिट बुकिंग को ट्रिगर कर सकता है और इंडेक्स को 57,500–57,300 सपोर्ट रीजन की ओर खींच सकता है।

मिडिल ईस्ट में तनाव फिर से बढ़ने से क्रूड ऑयल में उछाल

वीकेंड में यूनाइटेड स्टेट्स और ईरान के बीच नए दुश्मनी के बाद इन्वेस्टर्स का सेंटिमेंट तेज़ी से सतर्क हो गया, जिससे पिछले महीने हुए नाजुक शांति समझौते को खतरा पैदा हो गया। ईरान ने कहा कि उसने US सेना के साथ भारी मिसाइल और ड्रोन हमलों के बाद होर्मुज स्ट्रेट को फिर से बंद कर दिया है, जिससे दुनिया के सबसे ज़रूरी ऑयल शिपिंग रूट्स में से एक में संभावित रुकावटों को लेकर चिंता बढ़ गई है, जिसके ज़रिए ग्लोबल पेट्रोलियम का लगभग पांचवां हिस्सा…

ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 4 परसेंट से ज़्यादा बढ़कर लगभग $79 प्रति बैरल हो गया, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड $74 प्रति बैरल से ऊपर चढ़ गया, जिससे महंगाई और ग्लोबल इंटरेस्ट-रेट आउटलुक को लेकर चिंताएँ फिर से बढ़ गईं।

रिस्क लेने की क्षमता कम होने से एशियाई मार्केट में गिरावट

सोमवार को एशियाई इक्विटी में गिरावट आई क्योंकि क्रूड की कीमतों में उछाल और जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता के नए दौर ने इन्वेस्टर्स को रिस्क एसेट्स में अपना एक्सपोजर कम करने के लिए मजबूर किया। जापान का निक्केई 1.6 परसेंट गिरा, जबकि जापान के बाहर एशिया-पैसिफिक शेयरों का MSCI का सबसे बड़ा इंडेक्स 0.9 परसेंट गिरा।

US इक्विटी फ्यूचर्स भी कमजोर हुए, S&P 500 फ्यूचर्स 0.4 परसेंट और नैस्डैक फ्यूचर्स 0.9 परसेंट नीचे गिरे। यूरोपियन फ्यूचर्स ने नरम ओपनिंग का संकेत दिया, जिसमें यूरो स्टॉक्स 50 और DAX फ्यूचर्स दोनों 0.6 परसेंट नीचे थे।

 

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : 13 जुलाई को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स की शुरुआत खराब रहने की संभावना है। शुरुआती कारोबार में GIFT निफ्टी 0.79 फीसदी कमजोरी के साथ 24,045 के आसपास ट्रेड कर रह है। यह एक निगेटिव संकेत है। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

10 जुलाई को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स में लगातार दूसरे दिन भी रिकवरी जारी रही। अलग-अलग सेक्टर में हुई जबरदस्त खरीदारी के दम पर सेंसेक्स और निफ्टी,दोनों में लगभग 1 प्रतिशत की बढ़त देखी गई। ग्लोबल मार्केट से मिले अच्छे संकेतों के बीच बाजार मजबूती के साथ खुला और पूरे सेशन के दौरान बढ़त बनाए रखी। निफ्टी 50 ने इंट्राडे में 24,228.45 का हाई लेवल छुआ। इस तेज़ी में IT शेयरों का अहम योगदान रहा। वहीं,रियल्टी,मेटल और बैंकिंग शेयरों में खरीदारी ने सेंटीमेंट को और मजबूत किया। कारोबार के अंत में,सेंसेक्स 827.57 अंक या 1.08 प्रतिशत बढ़कर 77,569.39 पर और निफ्टी 244.10 अंक या 1.02 प्रतिशत बढ़कर 24,206.90 पर बंद हुआ।

ब्रेंट क्रूड 4% बढ़कर $79 प्रति बैरल के पार

हॉर्मुज स्ट्रेट में टेंशन से ब्रेंट क्रूड 4% बढ़कर $79 प्रति बैरल के पार चला गया है। डॉलर इंडेक्स भी 101 के ऊपर है। इधर ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका से सोना $4,100 के नीचे फिसल गया है।

LTM के उम्मीद से बेहतर नतीजे, L&T फाइनेंस का मुनाफा 28% बढ़ा

LTM ने पहली तिमाही में उम्मीद से बेहतर नतीजे पेश किए हैं। कंपनी की constant currency यानी CC रेवेन्यू ग्रोथ 0.3% रही है। कंपनी के मुनाफे में 9% से ज्यादा की बढ़त रही है। वहीं मार्जिन में भी सुधार दिखा है। ऑर्डर बुक भी मजबूत रही है। दूसरी ओर L&T Finance की प्रॉफिट और ब्याज से होने वाली कमाई यानी NII 28% से ज्यादा बढ़ी है। रिटेल लोन बुक गाइडेंस से कहीं बेहतर रही है।

डीमार्ट: Q1 मुनाफे में 11.3% का उछाल

पहली तिमाही में एवेन्यू सुपरमाट्स के नतीजे अनुमान के मुताबिक रहे हैं। कंपनी के मुनाफे में 11 परसेंट और रेवेन्यू में 15 परसेंट की ग्रोथ रही है। हालांकि मार्जिन बिल्कुल फ्लैट रहे हैं। मेट्रो शहरों के स्टोर्स की ग्रोथ में दबाव दिखा है।

आज आएंगे HCL TECH के नतीजे

निफ्टी में आज HCL TECH के नतीजे आएंगे। इसकी कॉन्सटेंट करेंसी में 1.1 परसेंट और डॉलर आय में 1.3% गिरावट का अनुमान है। हालांकि मार्जिन 30 Bps बढ़ने की उम्मीद है।

SBI फंड्स मैनेजमेंट का IPO का साइज घटा

SBI फंड्स मैनेजमेंट के IPO का साइज घटा है। इश्यू का साइज 11700 करोड़ रुपए से घटकर 9813 करोड़ रुपए हुआ है। इधर दिग्गजों को प्री-IPO स्टेक बेचकर SBI ने 1655 करोड़ रुपए जुटाए हैं। SBI के OFS का हिस्सा घटकर 6.30% से 4.89% पर आ गया है।

गिफ्ट निफ्टी

सुबह 07:50 बजे के आसपास गिफ्ट निफ्टी 195 अंक यानी 0.80 फीसदी की गिरावट के साथ 24,040.50 के आसपास कारोबार कर रहा था। ये सेंसेक्स-निफ्टी के लिए निगेटिव संकेत है।

एशियाई बाजार

एशियाई शेयर बाजारों में मिलाजुला कारोबार देखने को मिल रहा है। जापान के निक्केई में 1.20 फीसदी की कमजोरी देखने को मिल रही है। स्ट्रेट टाइम्स भी 0.20 फीसदी की गिरावट दिखा रहा है। हैंग सेंग में 0.85 फीसदी की तेजी दिख रही है। ताइवान के बाजार में भी 0.82 फीसदी की बढ़त नजर आ रही है। वहीं, कोस्पी करीब 4.75 फीसदी नीचे है। वहीं,शांघाई कंपोजिट में 0.71 फीसदी की कमजोरी नजर आ रही है।

अमेरिकी बाजार

शुक्रवार को S&P 500 में 0.42% की बढ़त हुई और यह 7,575.39 के लेवल पर बंद हुआ। यह 2 जून को बने रिकॉर्ड हाई क्लोज़ से अभी भी 0.45% नीचे है। Nasdaq भी 0.29% की बढ़त के साथ यह 26,281.61 के लेवल पर पहुंच गया। जबकि डाओ जोन्स में 0.29% की बढ़त हुई और यह 52,637.01 के स्तर पर बंद हुआ।

डॉलर इंडेक्स

मिडिल ईस्ट में फिर से शुरू हुए टकराव से महंगाई का डर बढ़ गया और सेंट्रल बैंकों द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की संभावना भी बढ़ गई है। जिसके चलते डॉलर अपनी ज़्यादातर प्रतिस्पर्धी मुद्राओं के मुकाबले मजबूत हुआ है। फिलहाल US डॉलर इंडेक्स 101.17 पर दिख रहा है।

US बॉन्ड यील्ड

अमेरिका में 10-साल और 2-साल के ट्रेजरी बॉन्ड पर यील्ड में 2 बेसिस पॉइंट से ज़्यादा की बढ़ोतरी हुई है, जिससे ये क्रमशः 4.58% और 4.23% पर पहुंच गए हैं।

एशियन करेंसी

सोमवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले एशियाई मुद्राओं में मिला-जुला कारोबार हुआ,रीजनल बाजारों में सतर्कता का माहौल दिखा। इंडोनेशियाई रुपया सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाली मुद्रा है। जिसमें 0.35% की बढ़त हुई। इसके बाद चीनी रेनमिनबी (+0.22%) और ताइवान डॉलर (+0.19%) का स्थान रहा। दूसरी तरफ,साउथ कोरियन वॉन इस इलाके की सबसे कमजोर करेंसी है,जिसमें 0.34% की गिरावट आई,जबकि जापानी येन 0.25% फिसला है जिससे पता चलता है कि नॉर्थ एशिया की मुख्य करेंसी के मुकाबले डॉलर में हल्की मज़बूती आई है। थाई बात(-0.21%),सिंगापुर डॉलर (-0.17%),मलेशियन रिंगिट (-0.17%) और फिलीपीन पेसो (-0.16%) भी नीचे ट्रेड कर रहे हैं।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी

10 जुलाई को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs)ने बिकवाली के एक दिन बाद ₹2,603 ​​करोड़ के शेयर खरीदे और वे नेट खरीदार बन गए। घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने भी लगातार तीसरे सेशन में खरीदारी जारी रखी और ₹2,019 करोड़ का निवेश किया।

Petrol Diesel Price Today: आज के पेट्रोल-डीजल के ताजा दाम जारी, जानें आपके शहर में क्या है कीमत

Petrol Diesel Price Today:  हर दिन की शुरुआत सिर्फ सूरज की किरणों से नहीं होती, बल्कि पेट्रोल और डीजल की नई कीमतों से भी होती है, जो आम आदमी की जेब पर सीधा असर डालती हैं। सुबह 6 बजे देश की तेल विपणन कंपनियां (OMCs) ताजा दरें जारी करती हैं, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर-रुपए की विनिमय दर में आए बदलावों पर आधारित होती हैं। ये बदलाव रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करते हैं, चाहे वो ऑफिस जाने वाला व्यक्ति हो या फल-सब्जी बेचने वाला व्यापारी।

ऐसे में हर दिन की कीमतों की जानकारी रखना सिर्फ जरूरी ही नहीं, बल्कि समझदारी भी है। सरकार की यह प्रणाली पारदर्शिता सुनिश्चित करती है ताकि उपभोक्ताओं को किसी तरह की भ्रमित जानकारी न मिले।

आपके शहर में आज का पेट्रोल-डीजल का भाव

ये रहे 12 जुलाई 2026 के प्रमुख शहरों के पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट —

नई दिल्ली: पेट्रोल 102.12 रुपये | डीजल 95.20 रुपये

मुंबई: पेट्रोल 111.18 रुपये | डीजल 97.83 रुपये

कोलकाता: पेट्रोल 113.47 रुपये | डीजल 99.82 रुपये

चेन्नई: पेट्रोल 107.77 रुपये | डीजल 99.55 रुपये

गुरुग्राम: पेट्रोल 102.77 रुपये | डीजल 95.44 रुपये

नोएडा: पेट्रोल 102.12 रुपये | डीजल 95.56 रुपये

बेंगलुरु: पेट्रोल 110.93 रुपये | डीजल 98.80 रुपये

भुवनेश्वर: पेट्रोल 109.92 रुपये | डीजल 100.92 रुपये

चंडीगढ़: पेट्रोल 98.10 रुपये | डीजल 86.09 रुपये

हैदराबाद: पेट्रोल 115.69 रुपये | डीजल 103.82 रुपये

जयपुर: पेट्रोल 112.66 रुपये | डीजल 97.78 रुपये

लखनऊ: पेट्रोल 102.05 रुपये | डीजल 95.55 रुपये

पटना: पेट्रोल 113.35 रुपये | डीजल 99.36 रुपये

तिरुवनंतपुरम: पेट्रोल 115.49 रुपये | डीजल 104.40 रुपये

पिछले दो साल से स्थिर क्यों हैं कीमतें?

मई 2022 के बाद से केंद्र और कई राज्यों द्वारा टैक्स में कटौती की गई, जिसके बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता देखी जा रही है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव होता रहता है, फिर भी भारतीय उपभोक्ताओं के लिए कीमतें तुलनात्मक रूप से स्थिर बनी हुई हैं।

किन कारणों से तय होती हैं ईंधन की कीमतें?

  1. कच्चे तेल की कीमतें:

पेट्रोल और डीजल का उत्पादन मुख्य रूप से कच्चे तेल से होता है। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका असर सीधे भारतीय बाजार पर पड़ता है।

  1. डॉलर के मुकाबले रुपया:

भारत अधिकतर कच्चा तेल आयात करता है, और यह डॉलर में खरीदा जाता है। यदि रुपया कमजोर होता है, तो ईंधन महंगा हो जाता है।

  1. सरकारी टैक्स और शुल्क:

केंद्र और राज्य सरकारें पेट्रोल-डीजल पर भारी टैक्स लगाती हैं, जो खुदरा मूल्य का बड़ा हिस्सा होते हैं। यही कारण है कि राज्यों में कीमतों में अंतर होता है।

  1. रिफाइनिंग की लागत:

कच्चे तेल को इस्तेमाल लायक बनाने की प्रक्रिया (रिफाइनिंग) में भी खर्च होता है। ये लागत कच्चे तेल की गुणवत्ता और रिफाइनरी की क्षमता पर निर्भर करती है।

  1. मांग और आपूर्ति का संतुलन:

बाजार में ईंधन की मांग अगर बढ़ जाती है, तो कीमतें भी ऊपर जाने लगती हैं। खासकर त्योहारों, गर्मी या सर्दी के मौसम में ईंधन की खपत ज्यादा होती है।

कैसे करें अपने शहर की कीमतें SMS से चेक?

अगर आप मोबाइल से ईंधन की कीमत जानना चाहते हैं, तो ये प्रक्रिया आसान है:

Indian Oil ग्राहक: अपने शहर का कोड टाइप करें और उसे “RSP” के साथ 9224992249 पर भेजें।

BPCL ग्राहक: “RSP” लिखकर 9223112222 पर भेजें।

HPCL ग्राहक: “HP Price” लिखकर 9222201122 पर भेजें।

Share Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, कमजोर हो सकती है भारतीय बाजार की शुरुआत

Share Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी करीब 200 प्वाइंट से ज्यादा की गिरावट दिखा रहा है। जो भारतीय बाजार के कमजोर खुलने के संकेत दे रहा है। 07.26 बजे गिफ्ट निफ्टी 24,026.00 पर ट्रेड कर रहा था। इधर  एशियाई बाजारों में भी दबाव दिख रहा है। निक्केई 1 फीसदी तो कोस्पी 3 फीसदी फिसला है।

इस बीच आज हफ्ते के पहले दिन सोमवार 13 जुलाई को कच्चे तेल की कीमतों में जोरदार उछाल देखने को मिला है। क्रूड की कीमतें 4% बढ़कर $79 प्रति बैरल के पार निकल गई है। क्रूड ऑयल में यह तेजी स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज पर कंट्रोल को लेकर पश्चिम एशिया में एक फिर तनाव बढ़ने के बाद देखने को मिली है।