Crude Oil Price: अमेरिका-ईरान के बीच फिर बढ़ा तनाव, ब्रेंट क्रूड 4% बढ़कर $79 प्रति बैरल के पार

Crude Oil Price: आज हफ्ते के पहले दिन सोमवार 13 जुलाई को कच्चे तेल की कीमतों में जोरदार उछाल देखने को मिला है। क्रूड की कीमतें 4% बढ़कर $79 प्रति बैरल के पार निकल गई है। क्रूड ऑयल में यह तेजी स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज पर कंट्रोल को लेकर पश्चिम एशिया में एक फिर तनाव बढ़ने के बाद देखने को मिली है।

बता दें कि साइप्रस के कमर्शियल जहाज पर हमले के बाद अमेरिका फिर भड़का। ईरान के करीब 140 ठिकानों पर अटैक किया। इधर ईरान ने भी खाड़ी देशों में अमेरिकी ठिकानों पर हमला किया है। ईरान ने हॉर्मुज को बंद करने का एलान किया। वहीं ट्रंप का दावा अभी भी स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज खुला है।

ब्रेंट क्रूड अब सितंबर में एक्सपायर होने वाले कॉन्ट्रैक्ट के लिए $79 प्रति बैरल के निशान से ऊपर ट्रेड कर रहा है। 4% से ज़्यादा की बढ़त तब हुई जब पिछले हफ्ते कॉन्ट्रैक्ट में 5.5% की बढ़त हुई थी, जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) या US क्रूड वेरिएंट भी $74 प्रति बैरल के निशान से ऊपर ट्रेड कर रहा था। वीकेंड ब्रेक के बाद यूरोपियन नेचुरल गैस फ्यूचर्स में भी 2.5% की बढ़त हुई।

होर्मुज स्ट्रेट खुला है या बंद?

हालांकि ईरान ने घोषणा की है कि स्ट्रेट, जो एक मुख्य जलमार्ग है, जो ग्लोबल एनर्जी सप्लाई का 20% कंट्रोल करता है, “अगली सूचना तक” बंद रहेगा, US सेंट्रल कमांड ने इस तरह के दावे से इनकार किया है, और कहा है कि सेना नेविगेशन की आज़ादी सुनिश्चित करने के लिए तैयार है।

सेंट्रल कमांड ने “X” पर लिखा, “होर्मुज स्ट्रेट उन सभी जहाजों के लिए खुला है जो कानूनी तौर पर इंटरनेशनल वॉटरवे से गुज़रना चाहते हैं।”

US सेंट्रल कमांड ने यह भी कहा कि उसने स्ट्रेट में कमर्शियल जहाजों पर हुए हमलों के लिए ईरान को ज़िम्मेदार ठहराने के लिए रविवार को शाम 5 PM ईस्टर्न टाइम पर हमलों का एक नया दौर शुरू किया है।

ईरान युद्ध के दौरान हुए सारे फ़ायदे गंवाने के बाद, कच्चे तेल की कीमतें फिर से बढ़ रही हैं। पिछले महीने फ्रांस में G7 समिट के दौरान US और ईरान दोनों ने एक MoU पर साइन किए थे। इसमें युद्ध खत्म करने और स्ट्रेट से कमर्शियल जहाजों का सुरक्षित रास्ता पक्का करने के पॉइंट शामिल थे।

हाल ही में हुए हमलों से पहले, शुक्रवार को इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी के बयान के मुताबिक, इस हालिया भड़कने से इस साल के आखिर में खत्म हुए तेल के भंडार को फिर से बनाने की कोशिशों पर असर पड़ने का खतरा है।

जॉइंट मैरीटाइम इन्फॉर्मेशन सेंटर के मुताबिक, रविवार को स्ट्रेट से लगभग कोई ट्रैफिक नहीं था, सिर्फ़ दो तेल प्रोडक्ट टैंकर चोकपॉइंट के पास आते देखे गए। हालांकि, JMIC ने आगे कहा कि ओमान द्वारा कोऑर्डिनेट किया गया दक्षिणी रूट अभी भी उपलब्ध है।

ईरान के पार्लियामेंट स्पीकर और टॉप नेगोशिएटर मोहम्मद बाघेर ग़ालिबफ़ ने ऐलान किया है कि “एकतरफ़ा डील” का ज़माना खत्म हो गया है, और ज़ोर देकर कहा है कि बातचीत फिर से शुरू होने से पहले वॉशिंगटन को होर्मुज़ ट्रांज़िट पर पहले किए गए कमिटमेंट को प्राथमिकता देनी चाहिए और ईरान से तेल एक्सपोर्ट को नॉर्मल करना चाहिए।

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अमेरिका ने ईरान में 140 ठिकानों पर हमले किए:ईरान बोला- होर्मुज दर्जनों परमाणु बमों से भी ज्यादा अहम, हर हाल में इसकी हिफाजत करेंगे

अमेरिका ने रविवार को ईरान में 140 ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक सेंटकॉम के मुताबिक हमलों की इस तीसरी कड़ी में ईरान को काफी नुकसान हुआ है। ये हमले किश्म, सीरिक, बंदर अब्बास, जास्क, बुशेहर, खोंदाब, बंदर महशहर, बेहबहान, अंदीमेश्क, देजफुल, अहवाज, अबादान और खुर्रमशहर जैसे इलाकों में किए गए। वहीं, ईरान के सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई के सलाहकार मोहसिन रेजाई ने कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट ईरान के लिए दर्जनों परमाणु बमों से भी ज्यादा अहम है। ISNA न्यूज एजेंसी के मुताबिक, रेजाई ने कहा कि ईरान होर्मुज की हर हाल में रक्षा करेगा। पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स 1. ओमान के पास जहाज पर हमला,1 भारतीय लापता: ‘GFS गैलेक्सी’ जहाज पर हुए हमले में 11 भारतीय सवार थे। 10 को सुरक्षित बचा लिया गया, जबकि एक भारतीय अब भी लापता है। भारत ने हमले की निंदा करते हुए नागरिक जहाजों पर हमले तुरंत रोकने की अपील की। 2. अमेरिका बोला- ईरान के 300 ठिकानों पर हमला किया: अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक अमेरिका ने इस सप्ताह 3 दिनों में ईरान के 300 से ज्यादा सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। 3. लेबनान पर इजराइल ने फिर हमले किए: इजराइली सेना ने दक्षिणी लेबनान के नबातियेह जिले के कफर तेबनित कस्बे पर गोलीबारी की। फिलहाल इन हमलों में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। 4. कुवैत के सीमा चौकियों को नुकसान: कुवैत की सेना ने रविवार को बताया कि हाल के हमलों में देश के उत्तरी हिस्से में स्थित तीन सीमा चौकियों को नुकसान पहुंचा है। 5. खुजेस्तान में वाटर प्रोजेक्ट पर हमला: ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA के मुताबिक, दक्षिणी ईरान के महशहर शहर में एक वाटर प्रोजेक्ट पर प्रोजेक्टाइल गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई और चार अन्य घायल हो गए। मिडिल ईस्ट के हालात से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

घोर कलयुग…पत्नी को घर लाने के लिए बेटे ने मां को दिया जहर! आगरा में दिल दहला देने वाली वारदात

उत्तर प्रदेश के आगरा से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक युवक पर अपनी मां को कथित तौर पर जहर देने का आरोप लगा है। इस घटना के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। पुलिस के अनुसार, युवक की पत्नी मायके में रह रही थी और सास ने उसे तब तक वापस भेजने से इनकार कर दिया था, जब तक उसकी मां की मौत नहीं हो जाती।

बेटे पर मां को मारने का आरोप

एफआईआर के मुताबिक, आरोपी रविंद्र पर आरोप है कि उसने दोपहर के समय छोले में कथित तौर पर जहरीला पदार्थ मिलाकर अपनी मां राममूर्ति को खिला दिया। खाना खाने के कुछ ही देर बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। ये मामला राममूर्ति के पति रणवीर सिंह की शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि पूछताछ के दौरान रविंद्र ने बताया कि उसे जहर उसकी सास फूलवती ने दिया था।

सास ने दिया पैकेट

इंडिया टुडे की रिपोर्ट्स के मुताबिक, दर्ज एफआईआर में ये भी आरोप है कि आरोपी की सास ने कथित तौर पर उसे जहर उपलब्ध कराया था। शिकायत के मुताबिक, फूलवती ने रविंद्र को गतपुरा गांव बुलाकर एक पैकेट दिया था। आरोप है कि उसने कहा था कि जब तक वह अपनी मां को रास्ते से नहीं हटाएगा, तब तक उसकी बेटी उसके साथ नहीं जाएगी। वहीं, पुलिस अभी इन आरोपों की जांच कर रही है और इनकी पुष्टि होना बाकी है।

इन धाराओं में दर्ज हुआ एफआईआर

इस मामले में रविंद्र के भाई मुकेश ने बताया कि परिवार में संपत्ति को लेकर काफी समय से विवाद चल रहा था। उनका दावा है कि इसी तनाव के कारण रविंद्र की पत्नी पिछले कुछ समय से अपने मायके में रह रही थी। पुलिस ने इस मामले में रविंद्र और फूलवती के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 61, 109 और 123 के तहत मामला दर्ज किया है। रविंद्र को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है, जबकि मामले की जांच अभी जारी है। पुलिस का कहना है कि आगे की कार्रवाई मेडिकल और फोरेंसिक रिपोर्ट के साथ-साथ जांच में सामने आने वाले सबूतों के आधार पर की जाएगी।

ईरान पर अमेरिका का भीषण हमला, इन सैन्य ठिकानों पर बरसाए बम! होर्मुज में चरम पर तनाव

अमेरिका ने ईरान पर सीजफायर खत्म होने के बाद तीसरे दौर की एयरस्ट्राइक शुरू कर दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि अमेरिका ने ईरान के मिसाइल ठिकानों और एयर डिफेंस सिस्टम पर कई हमले किए हैं। इसके अलावा होर्मुज के आसपास मौजूद ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स की कई बोट को भी निशाना बनाया गया। इससे पहले अमेरिका ने बुधवार और गुरुवार को भी एयरस्ट्राइक की थी।

ईरान की नई चेतावनी

इससे पहले ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई ने अपने पिता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के बाद पहली बार संदेश जारी किया। उन्होंने कहा- ‘मैं अपने पिता के बेगुनाह खून का बदला जरूर लूंगा, यही हमारे देश की भी इच्छा है।’

फिर शुरू हुआ हमलों का दौर

रविवार को ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में कई नए मिसाइल और ड्रोन हमले करने का दावा किया। इन हमलों में कुवैत, बहरीन और जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाए जाने की बात कही गई। इसके अलावा कतर और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से भी हमलों की खबरें सामने आई हैं, जिससे पूरे इलाके में तनाव और बढ़ गया है। ईरान की राजधानी तेहरान का दावा है कि विस्फोटक ड्रोन से कुवैत में पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम, गोला-बारूद के भंडार और अमेरिकी रडार स्टेशन को निशाना बनाया गया। वहीं एक अन्य हमले में बहरीन में अमेरिकी संचार और रडार सुविधाओं पर हमला करने का भी दावा किया गया है।

ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने यह भी दावा किया है कि उसने जॉर्डन के प्रिंस हसन एयर बेस पर मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों की ओर कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। इस बीच कतर की सेना ने दावा किया कि उसने देश को निशाना बनाकर दागी गई मिसाइल को बीच रास्ते में ही रोक दिया। वहीं बहरीन में एयर रेड सायरन बजाए गए और लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की गई। संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने भी कहा कि उसका एयर डिफेंस सिस्टम ईरान की ओर से आने वाली मिसाइलों और ड्रोन को रोकने की कार्रवाई कर रहा है। इस दौरान कई जगहों पर धमाकों की आवाजें भी सुनी गईं।

हमले के बाद एक भारतीय लापता

ओमान तट के पास एक व्यापारी जहाज ‘GFS गैलेक्सी’ पर हमला हुआ। भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने रविवार को बताया कि इस जहाज पर 11 भारतीय नागरिक सवार थे। इनमें से 10 को सुरक्षित बचा लिया गया है, जबकि एक भारतीय अब भी लापता है। भारत ने हमले की कड़ी निंदा की है।

गौतम गंभीर की कोचिंग टीम से खुश नहीं हैं BCCI? जल्द ले सकती है बड़ा फैसला

इंग्लैंड और आयरलैंड के खिलाफ लगातार टी20 सीरीज में मिली हार के बाद भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर और उनके सपोर्ट स्टाफ पर सवाल उठने लगे हैं। पहले आयरलैंड ने भारत को टी20 सीरीज में 2-0 से हराया और उसके बाद इंग्लैंड ने पांच मैचों की सीरीज 4-0 से अपने नाम कर ली। लगातार मिली इन हारों की वजह से टीम प्रबंधन पर दबाव बढ़ गया है। अब सभी की नजर 14 जुलाई से शुरू हो रही इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज पर होगी। वनडे सीरीज भारतीय टीम के लिए वापसी का बड़ा मौका मानी जा रही है। वहीं इसी बीच गौतम गंभीर की कोचिंग स्टॉफ को लेकर बड़ी खबर आई है।

TOI की रिपोर्ट के मुताबिक, असिस्टेंट कोच रेयान टेन डोएशेट और गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्कल इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली वनडे सीरीज के बाद अपना मौजूदा कॉन्ट्रैक्ट खत्म होने पर अपने पद छोड़ने पर विचार कर रहे हैं। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) दोनों कोचों से राष्ट्रीय टीम के साथ उनके भविष्य को लेकर बातचीत कर रहा है।

क्या जारी रखेंगे अपना कार्यकाल

रिपोर्ट में कहा गया कि, “रेयान टेन डोएशेट अभी इस जिम्मेदारी को आगे जारी रखने को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नहीं हैं। उन्होंने पूरे साल टीम के साथ लगातार यात्रा करने में आने वाली दिक्कतों का जिक्र किया है। वहीं, मोर्ने मोर्कल भी फिलहाल अपने ऑप्शनों पर विचार कर रहे हैं। बोर्ड दोनों कोचों से बातचीत कर रहा है और ये जानने की कोशिश कर रहा है कि क्या इस मामले का कोई समाधान निकाला जा सकता है।” रिपोर्ट के मुताबिक, रेयान टेन डोएशेट कथित तौर पर पहले से ही एक आईपीएल फ्रेंचाइजी के साथ बातचीत कर रहे हैं, जबकि मोर्ने मोर्कल ने अभी तक अपने भविष्य को लेकर अंतिम फैसला नहीं किया है।

रिपोर्ट में आगे कहा गया, “अगर रेयान टेन डोएशेट और मोर्ने मोर्कल के साथ बातचीत से कोई समाधान नहीं निकलता, तो बीसीसीआई को हाल ही में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) में फास्ट बॉलिंग कोच बनाए गए लक्ष्मीपति बालाजी को टीम के साथ श्रीलंका दौरे पर भेजना पड़ सकता है।”

कब से जुड़े हैं टीम इंडिया के साथ

डोएशेट और मोर्कल दोनों साल 2024 में भारतीय टीम के कोचिंग स्टाफ से जुड़े थे। हेड कोच बनने के बाद गौतम गंभीर ने खुद उन्हें अपनी टीम में शामिल किया था। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि हाल के महीनों में भारतीय टीम की खराब फील्डिंग को देखते हुए फील्डिंग कोच टी. दिलीप का भविष्य भी अनिश्चित माना जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, “बोर्ड टीम के गिरते फील्डिंग स्तर से संतुष्ट नहीं है। पिछले साल नायर के हटने के बाद टी. दिलीप को राहत मिली थी, लेकिन अब उनकी स्थिति फिर से सवालों के घेरे में है।”

Upcoming IPO: जुलाई के आखिर तक आएंगे 5 बड़े IPO, कंपनियां जुटाएंगी ₹15000 करोड़

Upcoming IPO: पिछले दो महीनों से रफ्तार पकड़ रहा भारत का IPO बाजार अब और गर्म होने वाला है। अगले हफ्ते SBI Funds Management का IPO खुलने के बाद जुलाई के अंत तक 5 और बड़ी कंपनियां शेयर बाजार में दस्तक दे सकती हैं। सूत्रों के मुताबिक, ये कंपनियां मिलकर करीब ₹15,000 करोड़ जुटाने की तैयारी में हैं।

कौन-कौन से IPO आएंगे?

जुलाई के अंत तक जिन कंपनियों के IPO आने की उम्मीद है, उनमें शामिल हैं…

  • Caliber Mining & Logistics
  • Milky Mist Dairy Foods
  • Juniper Green Energy
  • Lohia Corp
  • Manipal Health Enterprises

जून और जुलाई में बढ़ी रफ्तार

जून में 7 IPO आए थे, जिनके जरिए कंपनियों ने ₹2,718 करोड़ जुटाए। वहीं जुलाई में अब तक Knack Packaging, Kusumgar और Laser Power & Infra के IPO लॉन्च हो चुके हैं।

अगले हफ्ते SBI Funds Management और Alpine Texworld के IPO भी खुलने वाले हैं।

किस कंपनी का IPO कितना बड़ा होगा?

  • Caliber Mining & Logistics करीब ₹500-600 करोड़ जुटा सकती है। यह देश की शीर्ष 10 कोयला खनन सेवा कंपनियों में शामिल है।
  • Milky Mist Dairy Foods का IPO करीब ₹2,000 करोड़ का हो सकता है। यह तमिलनाडु की प्रमुख डेयरी कंपनी है।
  • Juniper Green Energy करीब ₹1,800 करोड़ जुटाने की तैयारी में है। पहले इसका IPO ₹3,000 करोड़ का प्रस्तावित था, लेकिन अब इसका आकार घटा दिया गया है।
  • Lohia Corp करीब ₹500 करोड़ का ऑफर फॉर सेल (OFS) लाएगी। कंपनी टेक्निकल टेक्सटाइल मशीनरी बनाने वाली दुनिया की प्रमुख कंपनियों में शामिल है।
  • Manipal Health Enterprises का IPO सबसे बड़ा हो सकता है। कंपनी करीब ₹9,500 करोड़ जुटाने की तैयारी में है। यह Manipal Hospitals चेन का संचालन करती है।

Zepto भी एंट्री कर सकती है

बेंगलुरु की Tonbo Imaging और मध्य प्रदेश की Symbiotec Pharmalab भी जुलाई के आखिरी या अगस्त के पहले हफ्ते में IPO ला सकती हैं। हालांकि, इनके इश्यू का साइज पहले की योजना से छोटा हो सकता है।

इसके अलावा Zepto भी IPO की कतार में शामिल हो सकती है। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि कंपनी पहले के मुकाबले कम वैल्यूएशन पर बाजार में आ सकती है।

IPO बाजार में क्यों लौटी रौनक?

मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि Jio Platforms और NSE के ड्राफ्ट पेपर दाखिल होने के बाद प्राइमरी मार्केट में फिर से उत्साह बढ़ा है। इसके अलावा अमेरिका-ईरान तनाव कम होने, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और विदेशी निवेशकों की भारतीय बाजार में बढ़ती खरीदारी से भी IPO बाजार को समर्थन मिल रहा है।

आमतौर पर जुलाई और अगस्त को IPO बाजार के लिए सबसे व्यस्त महीनों में गिना जाता है। ऐसे में आने वाले हफ्तों में निवेशकों को कई बड़े पब्लिक इश्यू देखने को मिल सकते हैं।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन के पहले सेक्शन के लॉन्चिंग की टाइमलाइन सामने आई, जानिए कब दौड़ेगी देश की पहली Bullet Train

केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना का पहला हिस्सा अगले साल शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि सबसे पहले सूरत और बिलिमोरा के बीच बुलेट ट्रेन शुरू होगा। इसके बाद पूरे हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर को फेज के हिसाब से तरीके से चालू किया जाएगा। समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, हैदराबाद में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अश्विनी वैष्णव ने कहा कि देश की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना पर तेजी से काम चल रहा है। उन्होंने कहा, “मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना का निर्माण तेजी से आगे बढ़ रहा है। अगले साल सूरत और बिलिमोरा के बीच इसका पहला सेक्शन शुरू किया जाएगा। इसके बाद बाकी हिस्सों को भी अलग-अलग चरणों में शुरू किया जाएगा।”

बुलेट ट्रेन के पहले सेक्शन के लॉन्चिंग की टाइमलाइन

केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के बाकी हिस्सों को भी चरणबद्ध तरीके से शुरू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि पहले वापी से सूरत, फिर वापी से अहमदाबाद, उसके बाद अहमदाबाद से ठाणे और आखिर में अहमदाबाद से मुंबई तक बुलेट ट्रेन सेवा शुरू की जाएगी। उनका कहना है कि अगले साल से परियोजना के अलग-अलग हिस्से एक-एक करके लोगों के लिए खोले जाएंगे। अश्विनी वैष्णव ने देशभर में रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास कार्य की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अब तक 261 रेलवे स्टेशनों का काम पूरा हो चुका है। सिकंदराबाद रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इस परियोजना पर काम ट्रेन सेवाएं जारी रखते हुए किया जा रहा है, ताकि यात्रियों को कम से कम परेशानी हो।

केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि दुनिया के कई देशों में रेलवे स्टेशनों के पुनर्निर्माण के दौरान ट्रेन सेवाएं रोक दी जाती हैं, लेकिन भारत में ऐसा करना संभव नहीं है। उन्होंने बताया कि यहां ट्रेनों का संचालन जारी रखते हुए ही निर्माण कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि रेलवे स्टेशन पर सभी प्लेटफॉर्म के ऊपर एक बड़ा एयर कॉनकोर्स (ऊपरी हॉल) बनाया जा रहा है। यह काम पूरी सावधानी के साथ किया जा रहा है ताकि यात्रियों की सुरक्षा और निर्माण की गुणवत्ता बनी रहे।

हैदराबाद को बनेगा बड़ा हब

हैदराबाद में एक कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत में अश्विनी वैष्णव ने कहा कि प्रस्तावित हाई-स्पीड बुलेट ट्रेन कॉरिडोर हैदराबाद के विकास में बड़ी भूमिका निभाएंगे। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हैदराबाद के लिए तीन हाई-स्पीड बुलेट ट्रेन कॉरिडोर की योजना दी है। इनमें पुणे-हैदराबाद, हैदराबाद-चेन्नई और हैदराबाद-बेंगलुरु बुलेट ट्रेन कॉरिडोर शामिल हैं। रेल मंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं से हैदराबाद हाई-स्पीड रेल का प्रमुख केंद्र बनेगा। साथ ही पूरे क्षेत्र में विकास को बढ़ावा मिलेगा और अलग-अलग शहरों की अर्थव्यवस्थाएं आपस में बेहतर तरीके से जुड़ सकेंगी।

तेलंगाना में इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग के विस्तार पर बात करते हुए केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि केंद्र सरकार की योजनाओं का राज्य को बड़ा लाभ मिल रहा है।

उन्होंने बताया कि भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग कार्यक्रम के तहत 100 से ज्यादा इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियों को बढ़ावा दिया गया है, जिससे तेलंगाना को भी काफी फायदा हुआ है। अश्विनी वैष्णव ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने तेलंगाना में रेलवे परियोजनाओं के लिए 5,400 करोड़ रुपये का बजट दिया है। उनके अनुसार, इस निवेश से राज्य में रेलवे के क्षेत्र में बड़े बदलाव देखने को मिल रहे हैं।

Viral Video: 40 किमी का सफर पड़ा 2,000 किमी की उड़ान पर भारी! बेंगलुरु ट्रैफिक का ये वीडियो हो रहा खूब वायरल

Viral Video: बेंगलुरु के एक व्यक्ति का सोशल मीडिया पोस्ट इन दिनों खूब चर्चा में है। उन्होंने बताया कि शहर से केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक पहुंचने में उन्हें लगभग उतना ही समय लगा, जितने समय में वह कोलकाता जैसी करीब 2,000 किलोमीटर दूर की यात्रा पूरी कर सकते थे। उनके इस पोस्ट के बाद बेंगलुरु के ट्रैफिक और शहर की व्यवस्था को लेकर फिर चर्चा शुरू हो गई। सोशल मीडिया पर ये पोस्ट तेजी से वायरल हो रहा है। फाइनेंस इन्फ्लुएंसर मनीष कुमार सिंह ने इस अनुभव को इंस्टाग्राम पर एक वीडियो के जरिए शेयर किया।

उन्होंने बताया कि वह कोलकाता जाने के लिए HSR लेआउट से कार में बैठकर बेंगलुरु के बेंगलुरु एयरपोर्ट की ओर जा रहे थे। इसी सफर के दौरान उन्होंने शहर के ट्रैफिक को लेकर अपना अनुभव लोगों के साथ शेयर किया।

सोशल मीडिया पर शेयर किया पोस्ट

वीडियो में उन्होंने कहा, “मैं आप लोगों के साथ एक दिलचस्प बात शेयर करना चाहता हूं। इसे सुनकर शायद आप भी हंस पड़ेंगे। बैंगलोर शहर से एयरपोर्ट पहुंचने में करीब 2.5 से 3 घंटे लग जाते हैं, जबकि बेंगलुरु से कोलकाता की फ्लाइट सिर्फ 2 घंटे 20 मिनट में पहुंचा देती है।” उन्होंने आगे कहा, “आप ही बताइए, क्या किसी शहर की प्लानिंग ऐसी होनी चाहिए कि एयरपोर्ट पहुंचने में ही इतना समय लग जाए? मैंने न्यूयॉर्क और शिकागो जैसे बड़े शहर भी देखे हैं। वहां भी आबादी और ट्रैफिक है, लेकिन एयरपोर्ट तक पहुंचने में इतना वक्त नहीं लगता। मेरे हिसाब से यह हमारे देश की सिटी प्लानिंग की एक बड़ी कमी है।”

 

एयरपोर्ट के लिए होनी चाहिए बेहतर कनेक्टिविटी

उन्होंने कहा कि, दुनिया के कई देशों में एयरपोर्ट शहर से कुछ दूरी पर बनाए जाते हैं, लेकिन वहां अच्छी सड़क और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था होने की वजह से लोग 30 से 40 मिनट में आसानी से एयरपोर्ट पहुंच जाते हैं। उनके मुताबिक, असली समस्या एयरपोर्ट का शहर से दूर होना नहीं है, बल्कि वहां तक बेहतर और तेज कनेक्टिविटी का अभाव है। उन्होंने नए बने नोएडा और नवी मुंबई एयरपोर्ट का उदाहरण देते हुए कहा, “सबसे पहले अच्छी ट्रैफिक व्यवस्था और बेहतर सिटी प्लानिंग पर ध्यान देना चाहिए। पहले एयरपोर्ट बना देना और बाद में उसकी कनेक्टिविटी के बारे में सोचना सही तरीका नहीं है।”

सोशल मीडिया पर लोगों ने दिए रिएक्शन

उन्होंने वीडियो के कैप्शन में लिखा, “हमारी सिटी प्लानिंग पूरी तरह गड़बड़ है। शहर लोगों की समस्याएं कम करने के बजाय कई बार उन्हें और बढ़ा रहे हैं।” वहीं इस वीडियो पर सोशल मीडिया यूजर्स ने भी जमकर रिएक्शन दिए है। कई लोगों ने भारतीय शहरों के ट्रैफिक और इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर उनकी बात से सहमति जताई। एक यूजर ने लिखा, “बैंगलोर की सिटी प्लानिंग सबसे खराब है।”

दूसरे ने कहा, “यहां सिटी प्लानिंग जैसी कोई चीज नहीं है, शहर पूरी तरह बिखर चुका है।” एक अन्य यूजर ने लिखा, “यह कोई नई बात नहीं है। कई जगहों पर एयरपोर्ट की फ्लाइट से कम समय एयरपोर्ट तक पहुंचने में लग जाता है।” एक और व्यक्ति ने कहा, “बैंगलोर एक बेहद अनप्लान्ड शहर है, जहां की सड़कें सबसे ज्यादा उलझी हुई हैं।” वहीं, एक अन्य यूजर ने सलाह दी, “मेट्रो जैसे पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करना बेहतर है, इससे ट्रैफिक से बचकर समय पर एयरपोर्ट पहुंचा जा सकता है।”

कतर के पूर्व अमीर शेख हमद बिन खलीफा अल थानी का निधन, भारत ने रखा 1 दिन का राष्‍ट्रीय शोक, PM मोदी ने जताया दुख

Former Emir of Qatar Sheikh Hamad bin Khalifa Al Thani passes away

Sheikh Hamad bin Khalifa Al Thani : कतर के 'फादर अमीर' शेख हमद बिन खलीफा अल थानी का रविवार को यानी आज 74 साल की उम्र में निधन हो गया। इसकी घोषणा कतर की सर्वोच्च सरकारी संस्था 'अमीरी दीवान' ने की है। 'फादर अमीर' शेख हमद बिन खलीफा अल थानी के निधन पर भारत सरकार ने 13 जुलाई को एक दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है। इस दौरान राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कतर के 'फादर अमीर' शेख हमद बिन खलीफा अल थानी के निधन पर दुख जताया है। उन्होंने इसे अत्यंत पीड़ादायक बताया है।

 

कतर के 'फादर अमीर' शेख हमद बिन खलीफा अल थानी का रविवार को यानी आज 74 साल की उम्र में निधन हो गया। इसकी घोषणा कतर की सर्वोच्च सरकारी संस्था 'अमीरी दीवान' ने की है। 'फादर अमीर' शेख हमद बिन खलीफा अल थानी के निधन पर भारत सरकार ने 13 जुलाई को एक दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है। इस दौरान राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा।

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कतर के 'फादर अमीर' शेख हमद बिन खलीफा अल थानी के निधन पर दुख जताया है। उन्होंने इसे अत्यंत पीड़ादायक बताया है। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, हम (भारत) कतर के फादर अमीर, शेख हमद बिन खलीफा अल थानी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हैं। वह एक दूरदर्शी नेता थे, जिनके नेतृत्व में कतर ने विकास और समृद्धि के नए आयाम हासिल किए।

 

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, हम उन्हें एक सच्चे मित्र के रूप में भी याद करते हैं, जिनसे मुझे फरवरी 2024 में अपनी कतर यात्रा के दौरान मिलने का सम्मान प्राप्त हुआ था। शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त करते हुए उन्होंने आगे लिखा, मैं कतर के अमीर महामहिम शेख तमीम बिन हमद अल थानी, पूरे शाही परिवार और कतर की जनता के प्रति अपनी हार्दिक संवेदनाएं व्यक्त करता हूं।

 

विदेश मंत्रालय ने कहा कि शेख हमद, कतर के मौजूदा अमीर के पिता थे। संसदीय कार्य और अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू के कतर जाने की संभावना है। वे भारत सरकार की ओर से कतर सरकार को शोक संवेदना प्रकट करेंगे। शेख हमद ने 1995 से 2013 तक कतर पर शासन किया। उन्हें देश के आधुनिक विकास का प्रमुख शिल्पकार माना जाता है।

 

उनके शासनकाल में कतर ने आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की पहचान और प्रभाव काफी बढ़ा। उन्होंने 2013 में सत्ता छोड़ दी और अपने बेटे शेख तमीम बिन हमद अल थानी को सत्ता सौंप दी जो उस समय 33 साल के थे।

वियतनाम में 15 भारतीयों की मौत के बाद बोट-कैप्टन गिरफ्तार:कंपनी की रिवॉर्ड ट्रिप पर गए थे पर्यटक; परिवारों को टीवी से मिली खबर

वियतनाम में शनिवार को भारतीय पर्यटकों से भरी स्पीडबोट पलटने से 15 भारतीयों की मौत के बाद स्पीडबोट कैप्टन को गिरफ्तार कर लिया गया है। उस पर केस दर्ज किया गया है। वहीं मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह भारतीय टूरिस्ट ‘लावा मोबाइल’ के चैनल पार्टनर और कर्मचारी थे। सभी कंपनी के टॉप परफॉर्मिंग डिस्ट्रीब्यूटर्स के लिए आयोजित रिवॉर्ड ट्रिप पर वियतनाम गए थे। कई पीड़ित परिवारों ने बताया कि उन्हें हादसे की पहली जानकारी टीवी चैनलों या दोस्तों के फोन से मिली। इसके बाद भारतीय दूतावास और स्थानीय प्रशासन ने उनसे संपर्क किया। कई परिवार अब भी अपने परिजन के पार्थिव शरीर के भारत पहुंचने का इंतजार कर रहे हैं। शुरुआती जांच में स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि मौसम अचानक खराब होने और ऊंची लहरों की वजह से यह हादसा हुआ। हालांकि, पूरे मामले की जांच जारी है। पलटी बोट के नीचे फंस गए थे पर्यटक भारतीय दूतावास के मुताबिक बोट में कुल 36 लोग सवार थे। इनमें 32 भारतीय पर्यटक और चार वियतनामी क्रू मेंबर थे। बोट माय रुट द्वीप से दूसरे द्वीप की ओर जा रही थी। तभी अचानक मौसम बदला और तेज लहरों के बीच बोट कुछ ही सेकेंड में पलट गई। बचे हुए यात्रियों ने बताया कि हादसा इतना तेजी से हुआ कि किसी को संभलने का मौका नहीं मिला। जो लोग बोट के आगे बैठे थे वे समुद्र में कूदकर बाहर निकल गए लेकिन अंदर बैठे कई यात्री उलटी हुई बोट के नीचे फंस गए और बाहर नहीं निकल सके। स्थानीय नाविक हा वान लोक ने बताया कि उन्होंने समुद्र में पलटी हुई बोट देखी, जिस पर कई लोग चिपके हुए थे। कुछ लोग बिना लाइफ जैकेट के समुद्र में बह रहे थे। उनकी टीम ने रस्सी फेंककर लोगों को बाहर निकाला और तुरंत दूसरी रेस्क्यू टीमों को सूचना दी। बाद में जेट स्की की मदद से घायलों को किनारे पहुंचाया गया। सर्वाइवर बोले- समय पर इलाज मिलता तो और जानें बच सकती थीं हादसे में बचे भारतीय पर्यटक निर्मल कुमार ने बताया कि स्थानीय रेस्क्यू टीम जल्दी पहुंच गई थी, लेकिन पास के द्वीप पर पर्याप्त मेडिकल उपकरण और जरूरी दवाइयां नहीं थीं। निर्मल कुमार के मुताबिक उनके साथ मौजूद एक डॉक्टर ने भी कहा कि अगर जरूरी दवाएं और मेडिकल सुविधाएं होतीं तो कुछ और लोगों की जान बचाई जा सकती थी। उन्होंने बताया कि करीब दो-तीन घंटे बाद वियतनाम एयर फोर्स पहुंची और घायलों का इलाज शुरू कराया। आंध्र प्रदेश के एक अन्य जीवित बचे यात्री ने PTI को बताया कि बोट द्वीप से केवल 300-400 मीटर ही आगे बढ़ी थी। सभी लोग तस्वीरें ले रहे थे, तभी अचानक बोट पलट गई। उन्होंने कहा, “हम सभी मदद के लिए चिल्ला रहे थे, लेकिन कुछ ही पलों में सब कुछ खत्म हो गया।” पार्थिव शरीरों को जल्द भारत लाने की तैयारी तमिलनाडु BJP के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने हादसे पर दुख जताया है। उन्होंने केंद्र और तमिलनाडु सरकार से अपील की कि तमिलनाडु के 10 मृतकों के शव जल्द राज्य लाए जाएं। साथ ही घायलों के बेहतर इलाज की भी मांग की। भारतीय दूतावास ने बताया कि सभी 15 मृतकों के पार्थिव शरीर ‘हो ची मिन्ह सिटी’ पहुंच चुके हैं। वहां कांसुलर और स्थानीय प्रशासन जरूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रहे हैं। औपचारिकताएं पूरी होते ही सभी पार्थिव शरीरों को भारत भेजा जाएगा। दूतावास और भारत के कॉन्सुलेट जनरल लगातार वियतनाम प्रशासन के संपर्क में हैं। अधिकारियों ने शवों को जल्द भारत भेजने और प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद देने का भरोसा दिया है। वहीं 15 घायल भी अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद भारत लौटने की तैयारी में हैं, जबकि एक घायल का इलाज अभी फू क्वोक के अस्पताल में चल रहा है। हादसे के बाद पर्यटन सेवाओं पर असर हादसे के बाद कई टूरिज्म कंपनियों ने फू क्वोक और आसपास के द्वीपों के बीच स्पीडबोट सेवाएं अस्थायी रूप से रोक दी हैं। माय रुट द्वीप अपनी साफ नीली समुद्री जलराशि, सफेद रेत और डाइविंग के लिए जाना जाता है। यहां बड़ी संख्या में पर्यटक स्पीडबोट से पहुंचते हैं। पिछले साल फू क्वोक में 18 लाख से ज्यादा विदेशी पर्यटक पहुंचे थे। हालांकि वियतनाम में खराब मौसम, बाढ़ और नावों के रखरखाव में लापरवाही की वजह से पहले भी कई नौका हादसे हो चुके हैं। —————— ये खबर भी पढ़ें… वियतनाम में टूरिस्ट बोट पलटी, 15 भारतीयों की मौत:इनमें 10 तमिलनाडु, 3 आंध्र प्रदेश और 2 केरलम् के पर्यटक; 32 भारतीय सवार थे वियतनाम के फु क्वोक द्वीप के पास शनिवार को बोट पलट गई। हादसे में 2 महिलाओं समेत 15 भारतीयों की मौत हो गई। मरने वालों में 10 टूरिस्ट तमिलनाडु, 3 आंध्र प्रदेश और 2 केरलम् से थे। बोट पर कुल 4 क्रू मेंबर्स समेत 36 लोग सवार थे, जिसमें 32 भारतीय थे। 21 लोगों को बचा लिया गया है। स्थानीय मीडिया के मुताबिक हादसा सुबह 10:30 बजे हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हादसे की वजह समुद्र की ऊंची लहरें हो सकती हैं। पूरी खबर पढ़ें…