158 साल बाद देश में दिखा यह दुर्लभ फूल; चीन, नेपाल और भूटान की लीग में शामिल

करीब 158 वर्षों बाद एक अत्यंत दुर्लभ हिमालयी फूल साइनैंथस हूकेरी (Cyananthus Hookeri) देश में दोबारा मिला है। इससे पहले आखिरी बार भारत में इसका रिकॉर्ड आधिकारिक तौर पर सिक्किम में 1867 में मिलता है और इस बार यह पौधा अरुणाचल प्रदेश के तवांग जिले में मिला है। यह पौधा पूर्वा हिमालय में लगभग 3,600 मीटर की ऊंचाई पर घास वाली और पथरीली अल्पाइन ढलान पर मिला है। इसके मिलने से यह तो तय हो गया कि यह पौधा अब भी भारत में मौजूद है। इसने देश की ऊंची जगहों पर बॉयो-डाईवर्सिटी को लेकर ध्यान खींचा है और इस बेहतर दुर्लभ पौधे को बचाने की मांग फिर तेज कर दी है।

कैसा दिखता है यह फूल

साइनैंथस हूकेरी के फूल पर्पल-ब्लू रंग के होते हैं और यह कैंपैनुलेसी (Campanulaceae) यानी बेलफ्लॉवर (Bellflower) फैमिली का सदस्य है। यह प्रजाति भारत में करीब 158 साल बाद फिर दिखा है लेकिन भूटान, नेपाल और चीन के कुछ हिस्सों में भी पाई जाती है। ऐसे में अब भारत में भी मिलने पर इसने देश के बॉटनिकल हिस्ट्री में अहम जगह भरी है।

कितनी अहम है यह खोज और अब आगे क्या

वैज्ञानिकों का मानना ​​है कि साइनैंथस हूकेरी की दोबारा खोज ऊंचे हिमालयी इलाकों के इकोलॉजिकल महत्व को दिखाती है, जहां कठिन माहौल और सीमित बॉटनिकल सर्वे के बावजूद कई दुर्लभ पौधों की प्रजातियां बची हुई हैं। ऐसे इलाकों में अक्सर खास तरह की वनस्पतियां पनपती हैं जो कठोर मौसम और ऊंचाई वाले इलाकों के हिसाब से ढल चुकी होती हैं। अब 158 साल बाद साइनैंथस हूकेरी मिला है तो रिसर्चर्स का कहना है कि रिकॉर्ड के हिसाब से दुर्लभ माने जा चुके कई हिमालयी प्रजातियां अभी भी कुछ इलाकों में मौजूद हो सकती हैं, जिनकी खोजबीन करने की जरूरत है। इस पौधे को इंटरनेशनल यूनियन फॉर कंजर्वेशन ऑफ नेचर (IUCN) के मानकों के तहत भारत में ‘लुप्तप्राय’ यानी एनडैंजर्ड की कैटेगरी में रखने की सिफारिश की गई है।

कंवर्जेशन एक्सपर्ट्स का मानना है कि जो पौधे हिमालयी इलाकों में बचे हुए हैं, उनकी पहचान करना तो सिर्फ पहला कदम है। इनके फैलाव को समझने और जंगल में इसके बचे रहने को पक्का करने के लिए विस्तार से इकोलॉजिकल स्टडी, पॉपुलेशन एसेसमेंट और इसके परिवेश की निगरानी जरूरी होगी। वैज्ञानिकों का कहना है कि इन इलाकों को बचाना उन दुर्लभ प्रजातियों की सुरक्षा के लिए जरूरी है जो पीढ़ियों से अलग-थलग और ज्यादा ऊंचाई वाले माहौल में बची हुई हैं।

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‘आमिर खान Love Jihad के ब्रांड एंबेसडर बन रहे हैं’; अभिनेता की तीसरी शादी पर भड़के महाराष्ट्र के मंत्री

Nitesh Rane on Aamir Khan: महाराष्ट्र सरकार के मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सीनियर नेता नितेश राणे ने बॉलीवुड सुपरस्टार आमिर खान की तीसरी शादी को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यह तय करना उनका काम नहीं है कि किसकी शादी में कौन जाए। लेकिन अब समय आ गया है कि हिंदू युवा, जो आमिर खान को अपना आदर्श मानते हैं, इस पर विचार करें कि उन्हें उनसे कैसी प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि आमिर खान ‘लव जिहाद’ के ब्रांड एंबेसडर बनते जा रहे हैं।

न्यूज एजेंसी IANS के मुताबिक, शिरडी में आमिर खान की तीसरी शादी पर पूछे गए एक सवाल के जवाब में मंत्री नितेश राणे ने कहा, “यह तय करना मेरा काम नहीं है कि कौन किसकी शादी में शामिल होगा। लेकिन, अब समय आ गया है कि हिंदू युवा, जो उन्हें एक सेलिब्रिटी मानते हैं, इस पर सोचें कि उन्हें इससे किस तरह की प्रेरणा लेनी चाहिए। मेरा मानना ​​है कि जब सेलिब्रिटी अपनी निजी जिंदगी के बारे में ऐसे फैसले लेते हैं, तो हिंदू समाज को इस पर सोचना चाहिए। आमिर खान असल में ‘लव जिहाद’ के ब्रांड एंबेसडर बन रहे हैं।”

राणे के इस बयान के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में नई बहस छिड़ गई है। हालांकि, आमिर खान की ओर से इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मंत्री का कहना है कि ‘लव जिहाद’ संबंधी आरोप उनका व्यक्तिगत राजनीतिक बयान है। आमिर खान ने इसी महीने गौरी स्प्रैट के साथ तीसरी शादी की थी। रीना दत्ता और किरण राव के बाद यह आमिर खान की तीसरी शादी है।

आमिर खान ने 1986 में रीना दत्ता से शादी की थी। दोनों के दो बच्चे अभिनेता जुनैद खान और इरा खान हैं। साल 2002 में दोनों अलग हो गए। इसके बाद आमिर ने 2005 में किरण राव से दूसरी शादी की। इस शादी से उनके बेटे आजाद राव खान का जन्म सरोगेसी के जरिए हुआ। हालांकि, साल 2021 में दोनों ने अलग होने का ऐलान कर दिया। अब आमिर ने तीसरी शादी की है।

मुस्लिम विरोधी बयानों को लेकर चर्चा में रहते हैं नितेश राणे

नितेश राणे पहले भी कई ऐसे सार्वजनिक बयान दे चुके हैं जिन्हें आलोचकों, विपक्षी दलों और नागरिक संगठनों ने मुस्लिम विरोधी या सांप्रदायिक बताया है। इनमें मुस्लिम समुदाय, मस्जिदों, हलाल, लव जिहाद और धार्मिक पहचान से जुड़े मुद्दों पर उनकी तीखी टिप्पणियां शामिल रही हैं। दूसरी ओर, राणे और उनके समर्थकों का कहना है कि वे हिंदू हितों की बात करते हैं और उनके बयान कानून या सुरक्षा संबंधी चिंताओं पर आधारित हैं।

Love Jihad क्या होता है?

‘लव जिहाद’ एक बेहद संवेदनशील और विवादित शब्द है। इसका इस्तेमाल मुख्य रूप से भारत में राजनीतिक, सामाजिक और कानूनी बहसों में किया जाता है। इस शब्द का उपयोग उन मामलों को परिभाषित करने के लिए किया जाता है, जहां कथित तौर पर कोई मुस्लिम पुरुष किसी गैर-मुस्लिम महिला (आमतौर पर हिंदू या ईसाई) को शादी के माध्यम से इस्लाम में परिवर्तित करने के इरादे से प्रेम जाल में फंसाता है।

इस विषय से जुड़े विभिन्न दृष्टिकोण और मुख्य बातें निम्नलिखित हैं:-

1. आरोप और चिंताएं (दावा करने वालों का पक्ष)

धर्मांतरण का आरोप: दक्षिणपंथी संगठनों और कुछ सामाजिक समूहों का आरोप है कि यह एक संगठित प्रयास है, जिसके तहत पहचान छिपाकर (जैसे गलत नाम बताकर) या शादी का झांसा देकर महिलाओं का जबरन या धोखाधड़ी से धर्म परिवर्तन कराया जाता है।

पारिवारिक और सांस्कृतिक चिंताएं: इन समूहों का मानना है कि इसके पीछे जनसांख्यिकीय (demographic) बदलाव या सांस्कृतिक पहचान को प्रभावित करने का इरादा होता है।

2. आलोचकों और कानूनी विशेषज्ञों का दृष्टिकोण

आरोप निराधार: आलोचकों, मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और कई विपक्षी दलों का कहना है कि ‘लव जिहाद’ जैसी कोई संगठित साजिश नहीं है। उनका मानना है कि इस शब्द का इस्तेमाल सांप्रदायिक विभाजन पैदा करने और वयस्कों की अपनी मर्जी से की जाने वाली अंतरधार्मिक (interfaith) शादियों को निशाना बनाने के लिए किया जाता है।

व्यक्तिगत स्वतंत्रता: आलोचकों का तर्क है कि भारतीय संविधान के आर्टिकल 21 के तहत हर वयस्क नागरिक को अपनी पसंद से जीवनसाथी चुनने का अधिकार है, चाहे वह किसी भी धर्म का हो।

3. अदालतों और जांच एजेंसियों का रुख

एनआईए (NIA) और पुलिस जांच: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) और विभिन्न राज्यों की पुलिस ने कुछ मामलों की जांच की है। जांच रिपोर्टों के अनुसार, व्यक्तिगत स्तर पर धोखाधड़ी या जबरन धर्मांतरण के मामले तो सामने आए हैं। लेकिन किसी केंद्रीयकृत या संगठित ‘लव जिहाद’ नेटवर्क या साजिश के पुख्ता सबूत नहीं मिले हैं।

संसद में बयान: भारत सरकार ने भी संसद में एक लिखित जवाब में स्पष्ट किया था कि मौजूदा कानूनों में ‘लव जिहाद’ जैसी कोई परिभाषा नहीं है और केंद्रीय एजेंसियों द्वारा ऐसा कोई संगठित मामला दर्ज नहीं किया गया है।

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4. राज्यों के कानून

पिछले कुछ वर्षों में उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, गुजरात और उत्तराखंड जैसे कई राज्यों ने ‘गैर-कानूनी धर्मांतरण निषेध कानून’ (Anti-Conversion Laws) पारित किए हैं। हालांकि, इन कानूनों में सीधे तौर पर ‘लव जिहाद’ शब्द का इस्तेमाल नहीं है। लेकिन इनमें शादी के लिए धोखाधड़ी, लालच या जबरन किए जाने वाले धर्म परिवर्तन को रोकने और इसके लिए सजा के कड़े प्रावधान किए गए हैं।

आज का मौसम 12 जुलाई: IMD ने यूपी संग इन 18 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट दिया, इन इलाकों में आएगी बवंडर वाली आंधी

India Weather today: देश भर में मानसून का असर लगातार देखने को मिल रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज यानी 12 जुलाई के लिए देश का ताजा मॉर्निंग वेदर बुलेटिन जारी कर दिया है। मौसम विभाग की ओर से जारी इस बुलेटिन के मुताबिक, उत्तर, मध्य और पूर्वी भारत समेत देश के कुल 18 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

इसके अलावा कई राज्यों में गरज-चमक के साथ बवंडर जैसी तेज आंधी-तूफान और बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है। जबकि दक्षिण के एक राज्य में लू का असर भी देखने को मिल सकता है। आइए जानते हैं मौसम विभाग के बुलेटिन के अनुसार आज देश के अलग-अलग राज्यों में मौसम का हाल कैसा रहने वाला है।

इन राज्यों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के मुताबिक आज देश के तीन प्रमुख राज्यों में मूसलाधार और बहुत भारी बारिश होने की प्रबल आशंका है। इन राज्यों में शामिल हैं:-

बिहार

असम और मेघालय

उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम

इन क्षेत्रों में अलग-अलग जगहों पर अत्यधिक बारिश दर्ज की जा सकती है, जिससे नदी जलस्तर बढ़ने और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा हो सकती है।

उत्तर प्रदेश और पंजाब समेत इन 12 राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी

IMD ने आज उत्तर प्रदेश सहित देश के कई अन्य राज्यों में भी भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इन राज्यों के अलग-अलग हिस्सों में आज तेज मानसूनी बारिश देखने को मिलेगी:-

पूर्वी उत्तर प्रदेश

पंजाब

उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश

जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फरराबाद

झारखंड और ओडिशा

छत्तीसगढ़

गंगा तटीय पश्चिम बंगाल

अरुणाचल प्रदेश

नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा

आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और तेज हवाओं का बवंडर

मौसम विभाग ने बारिश के साथ-साथ कई राज्यों में आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली गिरने का भी अलर्ट जारी किया है। इसे हवा की गति के आधार पर वर्गीकृत किया गया है:-

1. 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से आंधी और बिजली

आज जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, झारखंड, पूर्वी मध्य प्रदेश और अंडमान व निकोबार द्वीप समूह में अलग-अलग जगहों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार बवंडर वाली हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका है।

2. 30-40 किमी/घंटे की रफ्तार से धूलभरी हवाएं

गंगा तटीय पश्चिम बंगाल, ओडिशा और पश्चिमी मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों में आज 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और आंधी के साथ बिजली कड़कने की चेतावनी जारी की गई है।

3. इन राज्यों में केवल आकाशीय बिजली का अलर्ट

उत्तराखंड, बिहार, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के अलग-अलग हिस्सों में आज गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की संभावना जताई गई है।

तटीय आंध्र प्रदेश में लू का प्रकोप

एक तरफ जहां देश के अधिकांश हिस्सों में भारी बारिश और आंधी-तूफान का दौर जारी है, वहीं दूसरी तरफ मौसम विभाग ने दक्षिण भारत के एक इलाके के लिए गर्मी की चेतावनी दी है। IMD के अनुसार, आज तटीय आंध्र प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में लू की स्थिति बनी रहने की संभावना है, जिससे यहां के लोगों को भीषण गर्मी और उमस का सामना करना पड़ेगा।

कपड़ों पर लग गया हल्दी का जिद्दी पीला दाग? महंगे क्लीनर नहीं, घर की ये चीजें करेंगी कमाल

हल्दी भारतीय रसोई की पहचान मानी जाती है। खाने का स्वाद, रंग और खुशबू बढ़ाने वाली यही हल्दी कई बार कपड़ों के लिए बड़ी परेशानी बन जाती है। खाना बनाते समय या खाते वक्त हल्दी की एक छोटी-सी बूंद भी कपड़ों पर गिर जाए तो खासकर सफेद और हल्के रंग के कपड़ों पर गहरा पीला निशान दिखाई देने लगता है। कई लोग इन दागों को देखकर तुरंत कपड़े को रगड़ना शुरू कर देते हैं, लेकिन गलत तरीका अपनाने से दाग और जिद्दी हो सकता है।

अच्छी बात यह है कि घर में मौजूद कुछ आसान चीजों की मदद से हल्दी के दाग को काफी हद तक हल्का किया जा सकता है। कुछ आसान घरेलू उपायों और सही सफाई तकनीक से कपड़ों को दोबारा साफ और चमकदार बनाया जा सकता है।

दाग लगते ही न करें ये गलती

कई लोग हल्दी गिरते ही कपड़े को जोर से रगड़ना शुरू कर देते हैं, लेकिन इससे दाग फैल सकता है और कपड़े के रेशे भी खराब हो सकते हैं। सबसे पहले चम्मच, टिश्यू या सूखे कपड़े की मदद से अतिरिक्त हल्दी को धीरे-धीरे हटाएं। इसके बाद दाग वाली जगह पर ठंडा पानी डालें, ताकि पीला रंग कपड़े में ज्यादा गहराई तक न जाए।

बेकिंग सोडा और नींबू से हटाएं पीला निशान

हल्दी का दाग अगर नया है तो बेकिंग सोडा और नींबू का मिश्रण काफी मददगार हो सकता है। एक चम्मच बेकिंग सोडा में थोड़ा नींबू का रस मिलाकर पेस्ट तैयार करें और इसे दाग वाली जगह पर करीब 15 से 20 मिनट तक लगाएं। बाद में हल्के हाथों से साफ करके कपड़े को डिटर्जेंट से धो लें।

सिरका और डिटर्जेंट का आसान तरीका

सफेद सिरका और लिक्विड डिटर्जेंट का मिश्रण भी हल्दी के दाग को हल्का करने में मदद कर सकता है। एक चम्मच सिरका और एक चम्मच डिटर्जेंट मिलाकर दाग पर लगाएं। कुछ देर बाद इसे पानी से धो लें। यह तरीका कपड़े में फंसी गंदगी को ढीला करने में सहायक हो सकता है।

तेल के साथ लगी हल्दी के लिए अपनाएं यह उपाय

अगर हल्दी के साथ तेल या घी भी कपड़े पर गिर गया है, तो सबसे पहले डिशवॉश लिक्विड का इस्तेमाल करें। इसे दाग वाली जगह पर कुछ मिनट लगाकर छोड़ दें और फिर हल्के हाथों से साफ करें। इसके बाद सामान्य तरीके से कपड़ा धो सकते हैं।

दही भी कर सकता है कमाल

हल्दी के दाग हटाने के लिए दही का घरेलू उपाय भी अपनाया जा सकता है। दाग वाली जगह पर थोड़ा दही लगाकर 20 से 30 मिनट के लिए छोड़ दें। इसके बाद कपड़े को पानी और डिटर्जेंट से साफ करें। यह तरीका खासतौर पर नाजुक कपड़ों पर उपयोगी हो सकता है।

धूप से भी मिल सकती है मदद

कपड़ा धोने के बाद उसे हल्की धूप में सुखाने से कई बार दाग और फीका पड़ सकता है। हालांकि रंगीन कपड़ों को ज्यादा देर तेज धूप में रखने से बचें, क्योंकि रंग हल्का हो सकता है।

हल्दी के दाग हटाते समय इन बातों का रखें ध्यान

  • दाग लगने के तुरंत बाद गर्म पानी का इस्तेमाल न करें।
  • कपड़े को जोर-जोर से रगड़ने से बचें।
  • रंगीन कपड़ों पर बिना टेस्ट किए ब्लीच न लगाएं।
  • दाग वाले कपड़े को ड्रायर में डालने से पहले अच्छी तरह जांच लें।
  • किसी भी उपाय को अपनाने से पहले कपड़े के छिपे हिस्से पर टेस्ट कर लें।

थोड़ी सावधानी और घरेलू चीजों के सही इस्तेमाल से हल्दी के जिद्दी दागों को काफी हद तक हटाया जा सकता है।

Apple ने दो पूर्व एंप्लॉयीज और OpenAI पर किया केस, ट्रेड सीक्रेट चुराने का आरोप

आईफोन (iPhone) बनाने वाली एपल (Apple) ने शुक्रवार को चैटजीपीटी (ChatGPT) की पैरेंट कंपनी ओपनएआई (OpenAI) और अपने दो पूर्व एंप्लॉयीज के खिलाफ मुकदमा दायर किया है। एपल का आरोप है कि ओपनएआई ने उसके ट्रेड सीक्रेट्स का गलत तरीके से इस्तेमाल किया, ताकि यह एआई फोन या अन्य डिवाइस जैसे कंज्यूमर हार्डवेयर के अपने कारोबार को तेजी से आगे बढ़ा सके। एपल का आरोप है कि ओपनएआई ने उसके पूर्व एंप्लॉयीज की भर्ती, सप्लायर नेटवर्क और अन्य जरियों का इस्तेमाल करके उसकी गोपनीय तकनीकी जानकारी हासिल करने और उसका फायदा उठाने की बड़ी योजना बनाई। हालांकि ओपनएआई ने इन आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि उसे दूसरी कंपनियों के ट्रेड सीक्रेट्स में कोई दिलचस्पी नहीं है बल्कि नई तकनीक बनाने पर ध्यान है।

Apple vs OpenAI: मुकदमे का क्या असर?

एआई तकनीक की दौड़ तेज होने के साथ ही एपल और ओपनएआई के बीच कॉम्पटीशन बढ़ गई है। दोनों कंपनियां टैलेंट एंप्लॉयीज और नई तकनीकों के लिए मुकाबला कर रही हैं। न्यूज एजेंसी रायटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक पीपी फोरसाइट के एनालिस्ट पाओलो पेस्काटोर (Paolo Pescatore) का मानना है कि एपल अब ओपनएआई को सिर्फ एक साझेदार नहीं, बल्कि आने वाले समय के प्रतिद्वंद्वी के रूप में देख रही है। वहीं ओपनएआई आईफोन पर अपनी निर्भरता कम करके सीधे ग्राहकों तक पहुंचना चाहता है।

अब एपल के मुकदमे को लेकर उनका कहना है कि अगर आरोप सही नहीं भी साबित होते हैं तो इस मुकदमे से ओपनएआई की हार्डवेयर योजनाओं में देरी हो सकती है और दोनों कंपनियों की साझेदारी और कमजोर हो सकती है। दोनों कंपनियों के बीच साझेदारी की बात करें तो साल 2024 में एपल ने एपल इंटेलिजेंस लॉन्च किया था और सीरी समेत अपने सभी ऐप से इसे लैस किया। साथ ही अपने डिवाइसेज में ओपनएआई के चैटबॉट चैटजीपीटी को भी जगह दी।

Apple vs OpenAI: क्या और किन पर हैं आरोप

एपल के मुताबिक उसके 400 से अधिक एंप्लॉयीज अब ओपनएआई में काम कर रहे हैं और इनमें से कुछ की इस्तेमाल एपल की गोपनीय जानकारियां हासिल करने के लिए हो रहा है। एपल का कहना है कि उसके पूर्व एंप्लॉयीज के पास एपल की गोपनीय जानकारी होना स्वाभाविक है, लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि ओपनएआई उन जानकारियों का इस्तेमाल अपने हार्डवेयर प्रोजेक्ट्स को आगे बढ़ाने के लिए कर सकता है।

एपल ने अपने एक पूर्व सीनियर सिस्टम इलेक्ट्रिकल इंजीनियर चांग लियू (Chang Liu) और आईफोन और एपल वॉच के पूर्व वाइस प्रेसिडेंट (प्रोडक्ट डिजाइन) टैंग यू टैन (Tang Yew Tan) पर आरोप लगाया है। एपल का आरोप है कि चांग ने कंपनी का लैपटॉप वापस नहीं किया और बाद में एक ऑथेंटिकेशन बग का फायदा उठाकर एपल के इंटर्नल नेटवर्क में सेंध लगाकर हार्डवेयर से जुड़ी दर्जनों गोपनीय फाइलें डाउनलोड की।

वहीं एपल ने टैंग पर कंपनी छोड़ने से पहले सप्लायर्स से जुड़ी जानकारी, इटर्नल इंडस्ट्री रिपोर्ट और अन्य जरूरी डॉक्यूमेंट्स अपने प्राइवेट ईमेल पर भेजने का आरोप लगाया है। टैंग के लिंक्डइन प्रोफाइल के मुताबिक उन्होंने 24 साल तक एपल में काम किया और अधिकतर समय वह आईफोन प्रोजेक्ट्स से जुड़े रहे।

एपल का यह भी आरोप है कि टैंग ने कुछ एंप्लॉयीज से ओपनएआई के इंटरव्यू में एपल के हार्डवेयर पार्ट्स लाने के लिए कहा था ताकि उन्हें “Show and Tell” सेशन में दिखाया जा सके। मुकदमे में ऐसे ही एक कैंडिडेट का कथित बयान भी शामिल है, जिसमें उसका कहना है कि उसे तो यह भी नहीं पता था कि वे ये चीजें ऑफिस से बाहर ले जा सकते हैं।

एपल ने मुकदमे में ओपनएआई फाउंडेशन, ओपनएआई की कमर्शियल इकाई ओपनएआई ग्रुप पीबीसी और आईओ प्रोडक्ट्स पर आरोप लगाया है। बता दें कि आईओ प्रोडक्ट्स को एपल के पूर्व डिजाइनर जॉनी आइव ने शुरू किया था और इसे ओपनएआई ने $650 करोड़ में खरीदा है ताकि वह सॉफ्टवेयर के साथ-साथ एआई हार्डवेयर की फील्ड में भी एंट्री कर सके। हालांकि एपल ने मुकदमें में जॉनी आइव को आरोपी नहीं बनाया है।

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Silver Rate Today: 12 जुलाई को चांदी के भाव में हलचल, जानें देश के प्रमुख शहरों में ताजा रेट और कीमतों का गणित

Silver Rate Today: भारत में रविवार, 12 जुलाई को चांदी की कीमतों में मामूली उतार-चढ़ाव देखने को मिला। वायदा बाजार (एमसीएक्स) में जुलाई चांदी फ्यूचर्स में 0.01 प्रतिशत की हल्की बढ़त दर्ज की गई। जबकि आखिरी बंद भाव ₹2,22,680 प्रति किलोग्राम रहा। हालांकि, अलग-अलग शहरों में स्थानीय मांग, टैक्स और अन्य कारकों के कारण चांदी के खुदरा भाव में अंतर देखने को मिला। वैश्विक बाजारों में उतार-चढ़ाव के बीच घरेलू बाजार में चांदी की कीमतों में मिला-जुला रुख देखने को मिल रहा है।

जहां एक ओर वायदा बाजार में चांदी की कीमतों में बेहद मामूली तेजी आई है। वहीं देश के अलग-अलग शहरों में इसके दामों में बड़ा अंतर देखा जा रहा है। देश के प्रमुख शहरों में अहमदाबाद में चांदी सबसे महंगी रही, जहां इसकी कीमत ₹2,63,900 प्रति किलोग्राम दर्ज की गई। वहीं, कर्नाटक के यादगिर में चांदी का भाव सबसे कम ₹2,52,100 प्रति किलोग्राम रहा। यानी अहमदाबाद की तुलना में यादगिर में एक किलो चांदी ₹11,800 सस्ती बिक रही है।

चांदी खरीदने से पहले इन बातों का रखें ध्यान

विशेषज्ञों के अनुसार, ऑनलाइन या बाजार में दिखाई देने वाला चांदी का भाव केवल बेस प्राइस होता है। ज्वेलरी खरीदते समय इसमें मेकिंग चार्ज और 3 प्रतिशत जीएसटी अलग से जोड़ा जाता है, जिससे अंतिम कीमत बढ़ जाती है। यदि चांदी के आभूषण में पत्थर लगे हों, तो उनकी कीमत और वजन अलग से जोड़ा या घटाया जाता है।

चांदी की शुद्धता

चांदी की शुद्धता की बात करें तो 999 फाइन सिल्वर (99.9%) सबसे शुद्ध माना जाता है। जबकि 925 स्टर्लिंग सिल्वर (92.5%) का इस्तेमाल सबसे ज्यादा आभूषण और घरेलू सामान बनाने में होता है। खरीदारी के समय ग्राहकों को BIS हॉलमार्क और शुद्धता का निशान (999 या 925) जरूर जांचना चाहिए। ताकि असली चांदी की पहचान सुनिश्चित हो सके।

निवेशकों को सलाह

जो निवेशक बिना भौतिक चांदी खरीदे निवेश करना चाहते हैं, उनके लिए सिल्वर ETF, सिल्वर फंड ऑफ फंड्स और डिजिटल सिल्वर जैसे विकल्प उपलब्ध हैं। हालांकि, डिजिटल सिल्वर में निवेश करने से पहले यह ध्यान रखना चाहिए कि यह फिलहाल SEBI द्वारा विनियमित नहीं है, इसलिए निवेश से पहले जोखिमों का आकलन करना जरूरी है।

चांदी का भाव

अहमदाबाद: ₹2,63,900 प्रति किलोग्राम (सबसे अधिक)

यादगिर: ₹2,52,100 प्रति किलोग्राम (सबसे कम)

(यानी अहमदाबाद की तुलना में यादगिर में 1 किलो चांदी ₹11,800 सस्ती है।)

क्या सोना रिकॉर्ड ऊंचाई पर है?

फिलहाल सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी है। पिछले सप्ताह कीमतों में गिरावट आई है। लेकिन भू-राजनीतिक तनाव, अमेरिकी डॉलर की मजबूती, ब्याज दरें और भारत में त्योहारों व शादी के मौसम की मांग जैसे कारक आगे भी कीमतों को प्रभावित करेंगे।

भारत में सोने की कीमत किन बातों पर निर्भर करती है?

  • अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने का भाव
  • अमेरिकी डॉलर की मजबूती या कमजोरी
  • फेडरल रिजर्व की ब्याज दरें
  • भारत में त्योहारों और शादी के मौसम की मांग
  • आयात शुल्क और अन्य सरकारी नीतियां

यदि आप बिना चांदी खरीदे निवेश करना चाहते हैं, तो:-

डिजिटल सिल्वर

सिल्वर ETF

सिल्वर फंड ऑफ फंड्स

में निवेश कर सकते हैं। हालांकि, डिजिटल सिल्वर SEBI द्वारा विनियमित नहीं है, इसलिए निवेश से पहले जोखिमों को समझना जरूरी है।

एमसीएक्स (MCX) वायदा बाजार का हाल

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी के जुलाई वायदा में हल्की हलचल देखी गई। न्यूज एजेंसी आईएएनएस (IANS) के मुताबिक, चांदी का जुलाई वायदा 0.01 फीसदी की मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ। पिछले कारोबारी सत्र के बंद होने तक चांदी वायदा का भाव ₹2,22,680 प्रति किलोग्राम पर बना हुआ है।

शहरों के अनुसार चांदी के दाम: कहां महंगी, कहां सस्ती?

देश के प्रमुख शहरों और क्षेत्रों में चांदी की कीमतों में ₹11,000 से भी ज्यादा का अंतर देखने को मिल रहा है:-

सबसे महंगी चांदी (अहमदाबाद): देश के प्रमुख शहरों में गुजरात के अहमदाबाद में चांदी की कीमत सबसे ज्यादा दर्ज की गई है, जहां यह ₹2,63,900 प्रति किलोग्राम के स्तर पर है।

सबसे सस्ती चांदी (यादगीर): कर्नाटक के यादगीर में चांदी के दाम सबसे कम रहे, जहां इसका भाव ₹2,52,100 प्रति किलोग्राम दर्ज किया गया।

कीमतों में अंतर: अहमदाबाद के मुकाबले यादगीर में चांदी प्रति 10 ग्राम के अनुपात में ₹11,800 सस्ती मिल रही है।

निवेशकों को सलाह

ऑनलाइन दिखने वाला चांदी का यह रेट एक बेंचमार्क (आधार मूल्य) होता है। जब आप शोरूम से चांदी या ज्वेलरी खरीदते हैं, तो अंतिम कीमत में बेस सिल्वर प्राइस+ मेकिंग चार्जेस+ 3% जीएसटी (GST) जोड़ा जाता है। इसके अलावा, जो लोग बिना किसी मेकिंग चार्ज या स्टोरेज के झंझट के निवेश करना चाहते हैं, वे पेपर या डिजिटल विकल्पों जैसे सिल्वर ETFs (Exchange Traded Funds) का रुख कर रहे हैं।

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SBI Funds Management IPO: प्री-IPO राउंड के बाद साइज घटकर ₹9813 करोड़, SBI एंप्लॉयीज और शेयरहोल्डर के लिए भी शेयर रिजर्व

SBI फंड्स मैनेजमेंट के प्री-IPO राउंड के बाद इसके IPO का साइज घटकर ₹9812.9 करोड़ रह गया है। पहले यह ₹11692.91 करोड़ था। कंपनी ने प्री-IPO राउंड के दौरान 30 बड़े इनवेस्टर्स से ₹1880 करोड़ जुटाए। इस दौरान SBI ने 2.88 करोड़ शेयर (1.42 प्रतिशत हिस्सेदारी) ₹1655 करोड़ में और अमुंडी इंडिया होल्डिंग ने 39.19 लाख शेयर 225 करोड़ रुपये में बेचे। इस तरह कुल 3.27 करोड़ शेयरों या 1.6 प्रतिशत हिस्सेदारी को प्री-IPO राउंड में बेचा गया।

SBI फंड्स मैनेजमेंट देश की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी है। यह भारत की सबसे पुरानी एसेट मैनेजमेंट कंपनी भी है और SBI म्यूचुअल फंड के लिए इनवेस्टमेंट मैनेजर के तौर पर काम करती है। कंपनी के प्रमोटर SBI और अमुंडी इंडिया होल्डिंग हैं। SBI फंड्स मैनेजमेंट का पब्लिक इश्यू पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) होगा। इसमें नए शेयर जारी नहीं होंगे। लिहाजा IPO से होने वाली कमाई शेयर बेचने वालों के पास जाएगी।

OFS में पहले प्रमोटर्स की ओर से 20.37 करोड़ इक्विटी शेयरों को बिक्री के लिए रखे जाने का प्लान था। लेकिन अब प्री-IPO राउंड के बाद 17.09 करोड़ शेयरों की बिक्री होगी। अब OFS में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया 9,95,01,649 शेयर (4.8851 प्रतिशत हिस्सेदारी) और अमुंडी इंडिया होल्डिंग 7,14,54,982 शेयर (3.5082 प्रतिशत हिस्सेदारी) बेचेंगे। प्री-IPO राउंड के बाद अब SBI के पास SBI फंड्स मैनेजमेंट में 60.32 प्रतिशत हिस्सेदारी है, जबकि अमुंडी के पास 36.06 प्रतिशत हिस्सेदारी है। पहले इनके पास क्रमश: 61.76 प्रतिशत और 36.26 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।

प्री-IPO राउंड में किसने खरीदे शेयर

SBI Funds Management के प्री-IPO राउंड में SIG की कंपनी Susquehanna Asia Technology Pty Ltd और WhiteOak Capital India Opportunities Fund ने अमुंडी से SBI फंड्स मैनेजमेंट के 39.19 लाख शेयर खरीदे, जबकि बाकी 28 निवेशकों ने SBI से 2.88 करोड़ शेयर खरीदे। निवेशकों में अजीम प्रेमजी के निवेश वाला PI Opportunities Fund और आकाश मनेक भंसाली प्री-IPO राउंड में सबसे बड़े भागीदार रहे। दोनों ने 200 करोड़ रुपये मूल्य के 34.84 लाख शेयर खरीदे। प्रशांत जैन के निवेश वाले 3P India Equity Fund ने 150 करोड़ रुपये के 26.13 लाख शेयर खरीदे।

इसके अलावा, व्हाइटओक कैपिटल, Tata AIG General Insurance, Hara Global Capital Master Fund और Clarus Capital में से हर एक ने 99.9 करोड़ रुपये के 17.42 लाख शेयर खरीदे। प्री-IPO राउंड में भाग लेने वाले अन्य निवेशकों में मालाबार इंडिया फंड, 360 ONE, Carnelian, Dymon Asia, Bennett Coleman, गो डिजिट जनरल इंश्योरेंस, आनंद राठी ग्लोबल फाइनेंस और NEO Series शामिल थे।

14 जुलाई से इस भाव पर ओपनिंग

IPO 14 जुलाई को खुलने जा रहा है। इसमें 16 जुलाई तक निवेश किया जा सकेगा। प्राइस बैंड ₹545-574 प्रति शेयर और लॉट साइज 26 शेयर है। एंकर इनवेस्टर 13 जुलाई को बोली लगा सकेंगे। इश्यू बंद होने के बाद अलॉटमेंट 17 जुलाई को फाइनल हो सकता है और कंपनी BSE, NSE पर 21 जुलाई को लिस्ट हो सकती है।

SBI फंड्स मैनेजमेंट और SBI के कर्मचारियों को छूट पर मिलेंगे शेयर

SBI फंड्स मैनेजमेंट ने IPO में अपने कर्मचारियों के लिए 2.7 लाख शेयर, SBI के कर्मचारियों के लिए 29.87 लाख शेयर और SBI के शेयरहोल्डर्स के लिए 1.3 करोड़ शेयर रिजर्व रखे हैं। SBI फंड्स मैनेजमेंट और SBI, दोनों के कर्मचारियों को फाइनल ऑफर प्राइस पर प्रति शेयर 54 रुपये की छूट पर शेयर मिलेंगे। SBI के मौजूदा शेयरहोल्डर्स को कोई छूट नहीं मिलेगी। IPO में 50 प्रतिशत हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए, 35 प्रतिशत हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए और 15 प्रतिशत हिस्सा नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व है।

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ग्रे मार्केट में प्रीमियम गिरा

ग्रे मार्केट लिस्टिंग अच्छी रहने का संकेत दे रहा है, हालांकि प्रीमियम में थोड़ी गिरावट आई है। ग्रे मार्केट में SBI फंड्स मैनेजमेंट का शेयर IPO के अपर प्राइस बैंड 574 रुपये से 15.33 प्रतिशत के प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है। एक दिन पहले प्रीमियम 17.42 प्रतिशत तक चला गया था। ग्रे मार्केट एक अनऑथराइज्ड मार्केट है, जहां​ किसी कंपनी के शेयर उसकी लिस्टिंग तक ट्रेड करते हैं। इस पब्लिक इश्यू के लिए कोटक महिंद्रा कैपिटल, एक्सिस कैपिटल, जेफरीज इंडिया, ICICI सिक्योरिटीज, HSBC सिक्योरिटीज एंड कैपिटल मार्केट्स (इंडिया), मोतीलाल ओसवाल इनवेस्टमेंट एडवाइजर्स, JM फाइनेंशियल, SBI कैपिटल मार्केट्स और BofA सिक्योरिटीज, बुक-रनिंग लीड मैनेजर हैं। रजिस्ट्रार Kfin Technologies Ltd है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

LPG Price Today: घरेलू गैस सिलेंडर और कमर्शियल एलपीजी ग्राहकों को बड़ी राहत, जानिए देश के प्रमुख शहरों में नई कीमतें

LPG Price Today: देशभर में घरेलू और कमर्शियल रसोई गैस (LPG) उपभोक्ताओं के लिए राहत की खबर है। सरकारी तेल कंपनियों (इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम) ने जुलाई 2026 के लिए 14.2 किलो घरेलू LPG सिलेंडर के दामों में कोई नई बढ़ोतरी नहीं की है। जून में हुई ₹29 प्रति सिलेंडर की वृद्धि के बाद कीमतें फिलहाल स्थिर बनी हुई हैं। तेल कंपनियों ने जुलाई महीने में घरेलू 14.2 किलोग्राम गैस सिलेंडर की कीमतों में कोई नया बदलाव नहीं किया है।

हालांकि, इस महीने की शुरुआत में कमर्शियल 19 किलोग्राम LPG सिलेंडर की कीमत में 183.50 रुपये की कटौती की गई थी, जिससे होटल, रेस्तरां और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को बड़ी राहत मिली है। कमर्शियल सिलेंडर की इन कीमतों में 1 जुलाई को ₹183.50 की कटौती शामिल है। वहीं, जून के महीने में तेल कंपनियों द्वारा की गई ₹29 की बढ़ोतरी के बाद घरेलू गैस के दाम फिलहाल स्थिर बने हुए हैं।

उपभोक्ताओं को राहत

फिलहाल घरेलू और कमर्शियल LPG उपभोक्ताओं को राहत मिली हुई है क्योंकि सिलेंडर की कीमतों में कोई नई बढ़ोतरी नहीं हुई है। कमर्शियल LPG सस्ता होने से होटल, ढाबों और रेस्तरां कारोबार को लाभ मिलेगा। हालांकि अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार और पश्चिम एशिया की स्थिति आने वाले महीनों में LPG कीमतों की दिशा तय कर सकती है।

घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतें स्थिर

ताजा दरों के अनुसार, दिल्ली में 14.2 किलोग्राम घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत 942 रुपये है। जून में 29 रुपये की बढ़ोतरी के बाद से कीमतों में कोई नया बदलाव नहीं किया गया है। आम घरेलू उपभोक्ताओं के लिए यह स्थिरता राहत लेकर आई है।

प्रमुख महानगरों में घरेलू LPG के दाम

शहर                                                                                          14.2 किग्रा घरेलू LPG (रुपये)

दिल्ली                                                                                          942

मुंबई                                                                                            941.50

कोलकाता                                                                                     लगभग 939

चेन्नई                                                                                            लगभग 928.50

(ये दरें 1 जुलाई 2026 से प्रभावी हैं और इनमें आज तक कोई बदलाव नहीं हुआ है।)

कमर्शियल LPG सिलेंडर हुआ सस्ता

तेल कंपनियों ने हाल ही में 19 किलोग्राम कमर्शियल LPG सिलेंडर के दाम में 183.50 रुपये की कटौती की थी। नई दरों के बाद दिल्ली में कमर्शियल सिलेंडर 2,930 रुपये में उपलब्ध है। यह कटौती वर्ष 2026 की पहली बड़ी कमी मानी जा रही है।

प्रमुख शहरों में 19 किग्रा कमर्शियल LPG की कीमत

शहर                                                                                          कमर्शियल LPG (रुपये)

दिल्ली                                                                                         2,930

मुंबई                                                                                           2,885.50

कोलकाता                                                                                    3,072

चेन्नई                                                                                             3,100

पश्चिम एशिया संकट पर नजर

घरेलू LPG की कीमतें फिलहाल स्थिर हैं। लेकिन पश्चिम एशिया में जारी तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बढ़ती अनिश्चितता ऊर्जा बाजारों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। भारत अपनी LPG आपूर्ति को सुरक्षित रखने के लिए अमेरिका सहित वैकल्पिक स्रोतों से आयात बढ़ाने की दिशा में काम कर रहा है।

थाली पर भी पड़ा असर

हाल ही में जारी एक रिपोर्ट के अनुसार टमाटर, प्याज और LPG की बढ़ी हुई लागत के कारण जून में घरेलू थाली की लागत में 5 से 6 प्रतिशत तक वृद्धि दर्ज की गई। इससे साफ है कि रसोई गैस की कीमतों का सीधा असर आम परिवारों के मासिक बजट पर पड़ता है।

क्यों स्थिर हैं घरेलू दाम?

तेल कंपनियों ने जून में अंतरराष्ट्रीय LPG कीमतों और पश्चिम एशिया में तनाव के कारण घरेलू सिलेंडर महंगा किया था। फिलहाल सरकार और कंपनियों ने घरेलू उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ नहीं डालने का फैसला किया है। इसलिए जुलाई संशोधन में कोई नई बढ़ोतरी नहीं की गई।

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Petrol Diesel Price Today: पेट्रोल-डीजल के नए रेट जारी, चेक करें आपके शहर की कीमत

Petrol Diesel Price Today:  हर दिन की शुरुआत सिर्फ सूरज की किरणों से नहीं होती, बल्कि पेट्रोल और डीजल की नई कीमतों से भी होती है, जो आम आदमी की जेब पर सीधा असर डालती हैं। सुबह 6 बजे देश की तेल विपणन कंपनियां (OMCs) ताजा दरें जारी करती हैं, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर-रुपए की विनिमय दर में आए बदलावों पर आधारित होती हैं। ये बदलाव रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करते हैं, चाहे वो ऑफिस जाने वाला व्यक्ति हो या फल-सब्जी बेचने वाला व्यापारी।

ऐसे में हर दिन की कीमतों की जानकारी रखना सिर्फ जरूरी ही नहीं, बल्कि समझदारी भी है। सरकार की यह प्रणाली पारदर्शिता सुनिश्चित करती है ताकि उपभोक्ताओं को किसी तरह की भ्रमित जानकारी न मिले।

आपके शहर में आज का पेट्रोल-डीजल का भाव

ये रहे 12 जुलाई 2026 के प्रमुख शहरों के पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट —

नई दिल्ली: पेट्रोल 102.12 रुपये | डीजल 95.20 रुपये

मुंबई: पेट्रोल 111.18 रुपये | डीजल 97.83 रुपये

कोलकाता: पेट्रोल 113.47 रुपये | डीजल 99.82 रुपये

चेन्नई: पेट्रोल 107.77 रुपये | डीजल 99.55 रुपये

गुरुग्राम: पेट्रोल 102.77 रुपये | डीजल 95.44 रुपये

नोएडा: पेट्रोल 102.12 रुपये | डीजल 95.56 रुपये

बेंगलुरु: पेट्रोल 110.93 रुपये | डीजल 98.80 रुपये

भुवनेश्वर: पेट्रोल 109.92 रुपये | डीजल 100.92 रुपये

चंडीगढ़: पेट्रोल 98.10 रुपये | डीजल 86.09 रुपये

हैदराबाद: पेट्रोल 115.69 रुपये | डीजल 103.82 रुपये

जयपुर: पेट्रोल 112.66 रुपये | डीजल 97.78 रुपये

लखनऊ: पेट्रोल 102.05 रुपये | डीजल 95.55 रुपये

पटना: पेट्रोल 113.35 रुपये | डीजल 99.36 रुपये

तिरुवनंतपुरम: पेट्रोल 115.49 रुपये | डीजल 104.40 रुपये

पिछले दो साल से स्थिर क्यों हैं कीमतें?

मई 2022 के बाद से केंद्र और कई राज्यों द्वारा टैक्स में कटौती की गई, जिसके बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता देखी जा रही है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव होता रहता है, फिर भी भारतीय उपभोक्ताओं के लिए कीमतें तुलनात्मक रूप से स्थिर बनी हुई हैं।

किन कारणों से तय होती हैं ईंधन की कीमतें?

  1. कच्चे तेल की कीमतें:

पेट्रोल और डीजल का उत्पादन मुख्य रूप से कच्चे तेल से होता है। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका असर सीधे भारतीय बाजार पर पड़ता है।

  1. डॉलर के मुकाबले रुपया:

भारत अधिकतर कच्चा तेल आयात करता है, और यह डॉलर में खरीदा जाता है। यदि रुपया कमजोर होता है, तो ईंधन महंगा हो जाता है।

  1. सरकारी टैक्स और शुल्क:

केंद्र और राज्य सरकारें पेट्रोल-डीजल पर भारी टैक्स लगाती हैं, जो खुदरा मूल्य का बड़ा हिस्सा होते हैं। यही कारण है कि राज्यों में कीमतों में अंतर होता है।

  1. रिफाइनिंग की लागत:

कच्चे तेल को इस्तेमाल लायक बनाने की प्रक्रिया (रिफाइनिंग) में भी खर्च होता है। ये लागत कच्चे तेल की गुणवत्ता और रिफाइनरी की क्षमता पर निर्भर करती है।

  1. मांग और आपूर्ति का संतुलन:

बाजार में ईंधन की मांग अगर बढ़ जाती है, तो कीमतें भी ऊपर जाने लगती हैं। खासकर त्योहारों, गर्मी या सर्दी के मौसम में ईंधन की खपत ज्यादा होती है।

कैसे करें अपने शहर की कीमतें SMS से चेक?

अगर आप मोबाइल से ईंधन की कीमत जानना चाहते हैं, तो ये प्रक्रिया आसान है:

Indian Oil ग्राहक: अपने शहर का कोड टाइप करें और उसे “RSP” के साथ 9224992249 पर भेजें।

BPCL ग्राहक: “RSP” लिखकर 9223112222 पर भेजें।

HPCL ग्राहक: “HP Price” लिखकर 9222201122 पर भेजें।

RRC NCR Recruitment 2026: आरआरसी प्रयागराज में 1835 पदों पर 10वीं कर सकते हैं आवेदन, जानें लास्ट डेट और चयन प्रक्रिया

RRC NCR Recruitment 2026: रेलवे को देश की लाइफलाइन कहा जाता है। अगर आप भी देश की लाइफलाइन से जुड़ने का सपना देख रहे हैं तो ये खबर आपके लिए है। रेलवे रिक्रूटमेंट सेल (RRC), नॉर्थ सेंट्रल रेलवे (NCR) ने ट्रेनिंग वर्ष 2026-27 के लिए 1,853 अप्रेंटिस की भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। योग्य उम्मीदवार 8 जुलाई से 7 अगस्त तक आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

इस भर्ती के जरिए एनसीआर के तहत अलग-अलग डिवीजन और वर्कशॉप में अप्रेंटिसशिप की भर्ती की जाएगी। यह भर्ती अप्रेंटिस एक्ट, 1961 के तहत की जा रही है। खास बात यह है कि इस भर्ती प्रक्रिया 10वीं पास आईटीआई कर चुके युवा आवेदन कर सकते हैं। इन पदों पर चयन बिना लिखित परीक्षा और इंटरव्यू के शॉर्टलिस्टिंग के आधार पर किया जाएगा।

नॉर्थ सेंट्रल रेलवे अप्रेंटिस भर्ती 2026: जरूरी तारीखें

नोटिफिकेशन जारी : 7 जुलाई

ऑनलाइन एप्लीकेशन शुरू : 8 जुलाई

अप्लाई करने की आखिरी तारीख : 7 अगस्त (रात 11:59 बजे)

योग्यता की शर्तें

शैक्षिक योग्यता : आवेदकों को किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से कम से कम 50% कुल अंकों के साथ 10वीं कक्षा या इसके बराबर पास होना चाहिए। उनके पास एनसीवीटी या एससीवीटी द्वारा जारी संबंधित ट्रेड में आईटीआई सर्टिफिकेट भी होना चाहिए।

उम्र सीमा : कैंडिडेट की उम्र 7 जुलाई को 15 से 24 साल होनी चाहिए। आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों को सरकारी नियमों के हिसाब से उम्र में छूट मिलेगी।

चयन प्रक्रिया

चयन प्रक्रिया के तहत कोई लिखित परीक्षा या इंटरव्यू नहीं होगा। आरआरसी एनसीआर, 10वीं कक्षा में मिले अंकों के औसत प्रतिशत और आईटीआई क्वालिफिकेशन के आधार पर मेरिट लिस्ट तैयार करेगा। इसमें दोनों को बराबर वेटेज दिया जाएगा।

आवेदन शुल्क

जनरल, OBC और EWS कैटेगरी के कैंडिडेट को 100 रुपये की एप्लीकेशन फीस देनी होगी।

SC, ST, PwBD और महिला कैंडिडेट को एप्लीकेशन फीस देने से छूट है।

नॉर्थ सेंट्रल रेलवे अप्रेंटिस रिक्रूटमेंट 2026 के लिए अप्लाई कैसे करें

  • ऑफिशियल वेबसाइट, आरआरसी प्रयागराज पर जाएं।
  • अपरेंटिस रिक्रूटमेंट 2026 रजिस्ट्रेशन लिंक पर क्लिक करें।
  • रजिस्ट्रेशन प्रोसेस पूरा करें और लॉग इन करें।
  • जरूरी डिटेल्स के साथ ऑनलाइन एप्लीकेशन फॉर्म भरें।
  • जरूरी डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें।
  • अगर लागू हो तो एप्लीकेशन फीस दें।
  • एप्लीकेशन सबमिट करें और आगे के लिए कन्फर्मेशन पेज डाउनलोड करें।

Indian Army Recruitment 2026: भारतीय सेना में बिना लिखित परीक्षा अधिकारी बनने का मौका, महिला इंजीनियर के लिए निकली भर्ती