LPG Price Today: 14 जुलाई को LPG सिलेंडर सस्ता हुआ या महंगा? बुकिंग से पहले देखें अपने शहर का रेट

LPG Price Today: देशभर में घरेलू और कमर्शियल LPG सिलेंडर के उपभोक्ताओं के लिए राहत की खबर है। सरकारी तेल कंपनियों ने मंगलवार (14 जुलाई) को भी 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू LPG सिलेंडर के दामों में कोई नई बढ़ोतरी नहीं की है। जून में हुई ₹29 प्रति सिलेंडर की वृद्धि के बाद कीमतें फिलहाल स्थिर बनी हुई हैं। हालांकि, 1 जुलाई को 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत में 183.50 रुपये की कटौती की गई थी, जिससे होटल, रेस्तरां और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को बड़ी राहत मिली है।

जानें अपने शहर का रेट

शहरघरेलू एलपीजी सिलेंडर (14.2 किलो) कीमत (₹)कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर (19 किलो) कीमत (₹)
दिल्ली9422930
नोएडा939.502930
मुंबई941.502885.50
कोलकाता9683081.50
पटना1031.503227
लखनऊ979.503052.50
चेन्नई957.503106
चंडीगढ़951.502954.50
जयपुर945.502957.50
हरियाणा943.502932
असम9913173.50

इन कारणों से बदलते हैं दाम

तेल कंपनियां (इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम) आमतौर पर हर महीने की पहली तारीख को LPG सिलेंडर की कीमतों में बदलाव करते हैं। इसके बाद अंतरराष्ट्रीय एलपीजी कीमतों, डॉलर-रुपये की विनिमय दर और दूसरे लागतों को देखते हुए नई दरें लागू की जाती हैं।

कैसे जानें ताजा रेट?

आप Indane, Bharat Gas या HP Gas की ऑफिशियल वेबसाइट या मोबाइल ऐप पर जाकर अपने शहर का लेटेस्ट LPG रेट देख सकते हैं। गैस बुकिंग के समय भी अपडेटेड कीमत दिखाई जाती है।

क्यों स्थिर हैं घरेलू दाम?

तेल कंपनियों ने जून में अंतरराष्ट्रीय LPG कीमतों और पश्चिम एशिया में तनाव के कारण घरेलू सिलेंडर महंगा किया था। फिलहाल सरकार और कंपनियों ने घरेलू उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ नहीं डालने का फैसला किया है। इसलिए जुलाई संशोधन में कोई नई बढ़ोतरी नहीं की गई।

अगले महीने बढ़ सकते हैं दाम?

फिलहाल, घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतें पहले जैसी ही बनी हुई हैं, जिससे आम उपभोक्ताओं को अभी किसी अतिरिक्त खर्च का सामना नहीं करना पड़ेगा। हालांकि, अगले महीने अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार के रुख और सरकार की नियमित समीक्षा के बाद एलपीजी की कीमतों में बढ़ोतरी या कटौती की घोषणा की जा सकती है।

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US-Iran War: ईरान ने अमेरिका को दिया बड़ा झटका! मार गिराया 40 लाख डॉलर की कीमत वाला ये ड्रोन

Iran-US War: पश्चिम एशिया में तनाव फिर बढ़ गया है। कुछ दिनों से शांत स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में फिर से हाहाकार मच गया है। ईरान और अमेरिका में एक बार फिर तन गई है। अमेरिका ने सोमवार रात को फिर से ईरान पर सैन्य कार्रवाई की। वहीं अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान ने भी बड़ा एक्शन लिया है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड (आईआरजीसी) ने सोमवार को दावा किया कि उसने होर्मुज स्ट्रेट के ऊपर उड़ रहे अमेरिका के एमक्यू-1 ड्रोन को मार गिराया है।

ईरान ने अमेरिका को दिया बड़ा झटका 

ईरान के सरकारी टीवी नेटवर्क ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, “कुछ मिनट पहले ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट के ऊपर एक अमेरिकी एमक्यू-1 ड्रोन को मार गिराया है।” ईरान के कई सरकारी मीडिया संस्थानों ने भी इस खबर की जानकारी दी है। हालांकि, इस घटना से जुड़ी ज्यादा जानकारी अभी सामने नहीं आई है। वहीं, अमेरिका की सेना और व्हाइट हाउस की ओर से भी इस दावे पर फिलहाल कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

होर्मुज में लगातार बढ़ रहा है तनाव

अमेरिकी ड्रोन गिराए जाने का यह दावा ऐसे समय सामने आया है, जब अमेरिका ने लगातार तीसरी रात ईरान के ठिकानों पर हमला किया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक, इन हमलों का उद्देश्य ईरान की सैन्य ताकत को कमजोर करना और होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यापारिक जहाजों के लिए पैदा हो रहे खतरे को कम करना है। इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी बंदरगाहों की अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी दोबारा लागू करने का ऐलान किया है, जो मंगलवार से शुरू होगी। इसके अलावा, उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर 20 प्रतिशत फीस लगाने का प्लान बना रही है। इन फैसलों के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। इसका असर दुनिया भर के तेल बाजार पर भी पड़ा है और कच्चे तेल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी देखने को मिली है।

ईरानी हमले में एक भारतीय की मौत

होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ते तनाव के बीच संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने मंगलवार को बताया कि ओमान के समुद्री क्षेत्र के पास ईरानी क्रूज़ मिसाइलों के हमले में यूएई के दो टैंकर क्षतिग्रस्त हो गए। इस हमले में एक भारतीय चालक दल (क्रू) के सदस्य की मौत हो गई, जबकि आठ अन्य लोग घायल हुए हैं। वहीं, एमक्यू-1 प्रीडेटर अमेरिका का एक मानवरहित विमान (ड्रोन) है। इसका इस्तेमाल मुख्य रूप से खुफिया जानकारी जुटाने, निगरानी करने और सैन्य गतिविधियों पर नजर रखने के लिए किया जाता है। यह एजीएम-114 हेलफायर मिसाइलें दागने में भी सक्षम है। एक एमक्यू-1 ड्रोन की कीमत करीब 40 लाख डॉलर (लगभग 4 मिलियन डॉलर) बताई जाती है, जबकि इसके पूरे ऑपरेशनल सिस्टम की लागत करीब 2 करोड़ डॉलर (लगभग 20 मिलियन डॉलर) होती है।

Asian Market Today: एशिया बाजारों में गिरावट, नैस्डैक 1.55% फिसला, यूएस बॉन्ड यील्ड बढ़ी

Asian Market Today: US-ईरान युद्ध के बीच तेल की बढ़ती कीमतों से सेंटिमेंट पर असर पड़ने से मंगलवार को एशियाई बाज़ारों में गिरावट के साथ कारोबार हुआ। नैस्डैक 1.5 फीसदी से ज्यादा फिसला, डाओ और S&P में भी दबाव दिखा। जापान का निक्केई 225 0.58% गिरा, जबकि टॉपिक्स 0.30% बढ़ा। दक्षिण कोरिया का कोस्पी 1.46% और हांगकांग के हैंग सेंग इंडेक्स 1.11 फीसदी की गिरावट के साथ ट्रेड करता नजर आया। ताइवान का बाजार 2.24 फीसदी  गिरकर 44,338.19 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। जबकि  शंघाई कम्पोजिट 0.07 फीसदी की बढ़त के साथ फ्लैट कामकाज कर रहा है।

गिफ्ट निफ्टी 24,050 के लेवल के आसपास ट्रेड कर रहा था, जो निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले क्लोज से लगभग 168 पॉइंट्स का डिस्काउंट था, जो भारतीय स्टॉक मार्केट इंडेक्स के लिए नेगेटिव शुरुआत का संकेत देता है।

वॉल स्ट्रीट

US स्टॉक मार्केट सोमवार को नीचे बंद हुआ क्योंकि मिडिल ईस्ट युद्ध के हालिया बढ़ने से तेल की कीमतें बढ़ गईं और रिस्क लेने की क्षमता कम हो गई।

डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 138.31 पॉइंट्स या 0.26% गिरकर 52,498.70 पर आ गया, जबकि S&P 500 59.92 पॉइंट्स या 0.79% गिरकर 7,515.47 पर आ गया। नैस्डैक कंपोजिट 408.43 पॉइंट्स या 1.55% गिरकर 25,873.18 पर बंद हुआ।

एनवीडिया के शेयर की कीमत 3.52% गिरी, AMD के शेयर 4.21% गिरे, ब्रॉडकॉम के शेयर 3.98% गिरे, इंटेल के शेयर 6.12% फिसले, माइक्रोन टेक्नोलॉजी के शेयर 4.32% गिरे, माइक्रोसॉफ्ट के शेयर 1.53% बढ़े, मेटा के शेयर 1.86% गिरे, अल्फाबेट के शेयर 1.23% गिरे, टेस्ला के शेयर 3.19% टूटे, और स्पेसएक्स के शेयर 4.24% फिसले।

US-ईरान युद्ध

US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने ऑफिशियली सांसदों को बताया है कि देश एक बार फिर ईरान के साथ युद्ध में है, और अपने एडमिनिस्ट्रेशन को कांग्रेस की मंज़ूरी के बिना इस इलाके में मिलिट्री इस्तेमाल करने के लिए 60 दिन का समय दिया है। इस बीच, यमन में ईरान सपोर्टेड हूथियों ने कहा कि उन्होंने सऊदी अरब के आभा एयरपोर्ट को निशाना बनाकर मिसाइल और ड्रोन हमले किए।

बॉन्ड यील्ड

US ट्रेजरी यील्ड रातों-रात तेज़ी से बढ़ी क्योंकि तेल की बढ़ती कीमतों ने US-ईरान के बीच नए तनाव के बाद इन्फ्लेशन की आशंका बढ़ा दी। बेंचमार्क US 10-साल के ट्रेजरी नोट पर यील्ड 4.9 bps बढ़कर 4.618% हो गई, जबकि 30-साल के बॉन्ड पर यील्ड 3.3 bps बढ़कर 5.104% हो गई। दो-साल के US ट्रेजरी यील्ड 6.5 bps बढ़कर 4.273% हो गई।

बेंचमार्क जापानी सरकारी बॉन्ड (JGB) की यील्ड दूसरे दिन भी बढ़ी। 10-साल के JGB की यील्ड 1 bp बढ़कर 2.795% हो गई। दो-साल की यील्ड और पांच-साल की यील्ड दोनों स्थिर रहीं।

कच्चे तेल की कीमतें

US-ईरान युद्ध में नए सिरे से बढ़ोतरी के बाद होर्मुज स्ट्रेट से एनर्जी फ्लो को लेकर बढ़ती अनिश्चितता के बीच कच्चे तेल की कीमतें 2% बढ़कर चार हफ्तों में अपने सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गईं। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 2% बढ़कर $84.98 प्रति बैरल हो गया, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड 2.1% बढ़कर $79.79 प्रति बैरल हो गया। पिछले सेशन में ब्रेंट क्रूड 9.6% बढ़ा, जो मई 2020 के बाद से इसकी सबसे बड़ी डेली बढ़त है।

आज सोने का रेट

महंगाई को कंट्रोल करने के लिए इंटरेस्ट रेट बढ़ने की बढ़ती संभावना के कारण सोने की कीमतों में गिरावट जारी रही। स्पॉट गोल्ड की कीमतें 0.1% गिरकर $3,996.63 प्रति औंस हो गईं, जबकि चांदी की कीमत 0.3% गिरकर $57.50 प्रति औंस हो गई।

डॉलर

US महंगाई के डेटा से पहले डॉलर स्थिर हुआ। डॉलर इंडेक्स, जो येन और यूरो सहित कई करेंसी के मुकाबले डॉलर को मापता है, 101.27 पर फ्लैट था। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, यूरो डॉलर के मुकाबले $1.1383 पर और स्टर्लिंग $1.3347 पर ट्रेड कर रहा था। जापानी येन डॉलर के मुकाबले लगभग फ्लैट 162.40 प्रति डॉलर पर था।

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Delhi Weather Today: दिल्ली-NCR में सुबह-सुबह बारिश से मिली राहत, IMD ने अगले 24 घंटे के लिए जारी किया अलर्ट

Delhi Weather Today: कई दिनों की दमघोंटू गर्मी और चिपचिपी उमस के बीच मंगलवार (14 जुलाई) की सुबह दिल्ली दिल्ली-NCR के लोगों के लिए राहत भरा रहा। सोमवार देर रात से शुरू हुई ठंडी हवाओं के साथ बारिश सुबह तक जारी रही, जिससे तापमान में गिरावट आई और मौसम काफी सुहावना हो गया।

बता दें कि पूरी रात दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और आसपास के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हुई। सुबह भी आसमान में बादल छाए रहे और कई जगह हल्की बारिश होती रही, जिससे तापमान कम बना रहा और पिछले कुछ दिनों की तुलना में आने-जाने वालों का सफर काफी आरामदायक रहा।

हालांकि, रात भर हुई बारिश के कारण कुछ इलाकों में मामूली जलभराव और ट्रैफिक की गति धीमी होते दिखी।

IMD ने और बारिश का अनुमान जताया

दिल्ली-NCR के लोगों को आज दिन भर राहत मिलने की उम्मीद है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, अगले 24 घंटों में दिल्ली-NCR में हल्की बारिश, आंधी-तूफान और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। इससे अधिकतम तापमान सामान्य से कम रहेगा और इलाके में बनी उमस से और राहत मिलेगी।

यह स्थिति तब बनी है जब सोमवार को दिल्ली में अधिकतम तापमान 38.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3.1 डिग्री ज्यादा था।

IMD के मुताबिक, शहर के मुख्य मौसम केंद्र सफदरजंग में अधिकतम तापमान 38.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, पालम में 38 डिग्री सेल्सियस, लोधी रोड में 38.1 डिग्री सेल्सियस, रिज में 37.4 डिग्री सेल्सियस और आयानगर में 37.7 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।

दिल्ली का AQI ‘खराब’ कैटेगरी में

सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) के डेटा के अनुसार, सोमवार को दिल्ली की हवा की क्वालिटी ‘खराब’ कैटेगरी में रही। शाम 4 बजे 24 घंटे का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 246 दर्ज किया गया।

CPCB की एयर क्वालिटी कैटेगरी के अनुसार, 201 से 300 के बीच का AQI ‘खराब’ (Poor)कैटेगरी में आता है, जबकि 0-50 को ‘अच्छा’ (Good), 51-100 को ‘संतोषजनक’ (Satisfactory), 101-200 को ‘मध्यम’ (Moderate), 301-400 को ‘बहुत खराब’ (Very Poor) और 401-500 को ‘गंभीर’ (Severe) माना जाता है।

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Petrol Diesel Price Today: सुबह 6 बजे जारी हुए पेट्रोल-डीजल के नए रेट, जानें आपके शहर का भाव

Petrol Diesel Price Today:  हर दिन की शुरुआत सिर्फ सूरज की किरणों से नहीं होती, बल्कि पेट्रोल और डीजल की नई कीमतों से भी होती है, जो आम आदमी की जेब पर सीधा असर डालती हैं। सुबह 6 बजे देश की तेल विपणन कंपनियां (OMCs) ताजा दरें जारी करती हैं, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर-रुपए की विनिमय दर में आए बदलावों पर आधारित होती हैं। ये बदलाव रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करते हैं, चाहे वो ऑफिस जाने वाला व्यक्ति हो या फल-सब्जी बेचने वाला व्यापारी।

ऐसे में हर दिन की कीमतों की जानकारी रखना सिर्फ जरूरी ही नहीं, बल्कि समझदारी भी है। सरकार की यह प्रणाली पारदर्शिता सुनिश्चित करती है ताकि उपभोक्ताओं को किसी तरह की भ्रमित जानकारी न मिले।

आपके शहर में आज का पेट्रोल-डीजल का भाव

ये रहे 14 जुलाई 2026 के प्रमुख शहरों के पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट —

नई दिल्ली: पेट्रोल 102.12 रुपये | डीजल 95.20 रुपये

मुंबई: पेट्रोल 111.18 रुपये | डीजल 97.83 रुपये

कोलकाता: पेट्रोल 113.47 रुपये | डीजल 99.82 रुपये

चेन्नई: पेट्रोल 107.77 रुपये | डीजल 99.55 रुपये

गुरुग्राम: पेट्रोल 102.77 रुपये | डीजल 95.44 रुपये

नोएडा: पेट्रोल 102.12 रुपये | डीजल 95.56 रुपये

बेंगलुरु: पेट्रोल 110.93 रुपये | डीजल 98.80 रुपये

भुवनेश्वर: पेट्रोल 109.92 रुपये | डीजल 100.92 रुपये

चंडीगढ़: पेट्रोल 98.10 रुपये | डीजल 86.09 रुपये

हैदराबाद: पेट्रोल 115.69 रुपये | डीजल 103.82 रुपये

जयपुर: पेट्रोल 112.66 रुपये | डीजल 97.78 रुपये

लखनऊ: पेट्रोल 102.05 रुपये | डीजल 95.55 रुपये

पटना: पेट्रोल 113.35 रुपये | डीजल 99.36 रुपये

तिरुवनंतपुरम: पेट्रोल 115.49 रुपये | डीजल 104.40 रुपये

पिछले दो साल से स्थिर क्यों हैं कीमतें?

मई 2022 के बाद से केंद्र और कई राज्यों द्वारा टैक्स में कटौती की गई, जिसके बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता देखी जा रही है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव होता रहता है, फिर भी भारतीय उपभोक्ताओं के लिए कीमतें तुलनात्मक रूप से स्थिर बनी हुई हैं।

किन कारणों से तय होती हैं ईंधन की कीमतें?

  1. कच्चे तेल की कीमतें:

पेट्रोल और डीजल का उत्पादन मुख्य रूप से कच्चे तेल से होता है। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका असर सीधे भारतीय बाजार पर पड़ता है।

  1. डॉलर के मुकाबले रुपया:

भारत अधिकतर कच्चा तेल आयात करता है, और यह डॉलर में खरीदा जाता है। यदि रुपया कमजोर होता है, तो ईंधन महंगा हो जाता है।

  1. सरकारी टैक्स और शुल्क:

केंद्र और राज्य सरकारें पेट्रोल-डीजल पर भारी टैक्स लगाती हैं, जो खुदरा मूल्य का बड़ा हिस्सा होते हैं। यही कारण है कि राज्यों में कीमतों में अंतर होता है।

  1. रिफाइनिंग की लागत:

कच्चे तेल को इस्तेमाल लायक बनाने की प्रक्रिया (रिफाइनिंग) में भी खर्च होता है। ये लागत कच्चे तेल की गुणवत्ता और रिफाइनरी की क्षमता पर निर्भर करती है।

  1. मांग और आपूर्ति का संतुलन:

बाजार में ईंधन की मांग अगर बढ़ जाती है, तो कीमतें भी ऊपर जाने लगती हैं। खासकर त्योहारों, गर्मी या सर्दी के मौसम में ईंधन की खपत ज्यादा होती है।

कैसे करें अपने शहर की कीमतें SMS से चेक?

अगर आप मोबाइल से ईंधन की कीमत जानना चाहते हैं, तो ये प्रक्रिया आसान है:

Indian Oil ग्राहक: अपने शहर का कोड टाइप करें और उसे “RSP” के साथ 9224992249 पर भेजें।

BPCL ग्राहक: “RSP” लिखकर 9223112222 पर भेजें।

HPCL ग्राहक: “HP Price” लिखकर 9222201122 पर भेजें।

झरनों की आवाज और हरियाली, जहां हर बूंद के साथ बढ़ जाती है खूबसूरती, ऐसी है भारत की ये बेस्ट जगह!

मानसून का मौसम नेचर लवर और घूमने-फिरने के शौकीनों के लिए सबसे खास माना जाता है। पहाड़, जंगल और नदियां हरियाली से भर जाते हैं, जबकि झरने अपने पूरे वेग और खूबसूरती के साथ बहने लगते हैं। बारिश के बाद इन वॉटरफॉल्स का नज़ारा बहुत मनमोहक होता है। अगर आप भी इस मानसून यादगार नेचर ट्रिप की प्लानिंग बना रहे हैं, तो भारत के इन खूबसूरत झरनों को अपनी ट्रैवल लिस्ट में जरूर शामिल करें:

ओडिशा का बरेहीपानी फॉल्स

Majestic Barehipani Waterfall – Odisha's Tourist Gem

सिमलीपाल नेशनल पार्क में बरेहीपानी फॉल्स भारत के सबसे ऊंचे झरनों में से एक है। यह करीब 1,309 फीट की ऊंचाई से दो चरणों में गिरता है। मानसून में इसका तेज बहाव और चारों ओर फैले घने जंगल इसे बेहद अट्रैक्टिव बना देते हैं। वाइल्डलाइफ और नेचुरल ब्यूटी के कारण यह नेचर लवर की पसंदीदा जगह है।

महाराष्ट्र का कुने फॉल्स

7 Best Waterfalls near Pune Perfect for Summer Holidays

लोनावला के पास कुने फॉल्स तीन टियर में गिरने वाला बेहद खूबसूरत झरना है। मानसून में यहां चारों ओर हरियाली और बादलों का नज़ारा देखने लायक होता है। यह मुंबई और पुणे से वीकेंड ट्रिप के लिए पॉपुलर टूरिस्ट डेस्टिनेशन है। बारिश के मौसम में इसकी खूबसूरती कई गुना बढ़ जाती है।

कर्नाटक का शिवनसमुद्र फॉल्स

Shivanasamudra Falls, Karnataka - N Travel Advisor

कावेरी नदी से बनने वाला शिवनसमुद्र फॉल्स गगनचुक्की और भराचुक्की नाम के दो हिस्सों में बंटा हुआ है। बारिश के मौसम में दोनों झरनों का तेज फ्लो बेहद शानदार दिखाई देता है। आसपास की हरियाली और चट्टानों का दृश्य इसकी खूबसूरती बढ़ा देता है। यह दक्षिण भारत के सबसे फेमस झरनों में गिना जाता है।

छत्तीसगढ़ का चित्रकोट फॉल्स

Shivanasamudra Images – Browse 202 Stock Photos, Vectors, and Video | Adobe Stock

चित्रकोट फॉल्स को इसकी चौड़ाई के कारण ‘भारत का नियाग्रा’ कहा जाता है। यह इंद्रावती नदी पर है और मानसून में इसका विशाल रूप देखने लायक होता है। बारिश के दौरान पानी का बहाव कई गुना बढ़ जाता है। नेचुरल ब्यूटी और इंद्रधनुष जैसा व्यू इसे खास बनाता है।

हिमाचल प्रदेश का भागसू वॉटरफॉल

The Most Beautiful Places In Himachal Pradesh To Visit In 2024

मैक्लोडगंज के पास भागसू वॉटरफॉल मानसून में सबसे खूबसूरत दिखाई देता है। देवदार के जंगल, ठंडी हवाएं और पहाड़ों का नज़ारा यहां की खूबसूरती बढ़ा देते हैं। ट्रैकिंग के शौकीनों के लिए भी यह पसंदीदा जगह है। बारिश के मौसम में यहां का शांत माहौल सुकून का एहसास कराता है।

उत्तराखंड का केम्प्टी फॉल्स

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मसूरी के पास स्थित केम्प्टी फॉल्स उत्तराखंड के सबसे पॉपुलर झरनों में से एक है। मानसून में इसका वाटर फ्लो काफी बढ़ जाता है, जिससे इसका व्यू और भी मनमोहक हो जाता है। यहां टूरिस्ट झरने के पास नेचुरल माहौल का आनंद लेते हैं। परिवार और दोस्तों के साथ घूमने के लिए यह बेहतरीन जगह है।

मानसून ट्रिप पर निकलने से पहले रखें इन बातों का ध्यान

Banswara: राजस्थान का ये 'सीक्रेट' झरना मानसून में चुरा लेता है पर्यटकों का दिल

जर्नी शुरू करने से पहले मौसम का ताजा अपडेट जरूर देखें और भारी बारिश की चेतावनी होने पर ट्रिप टाल दें। फिसलन वाली जगहों पर ज्यादा सावधानी बरतें। झरनों के पास बने सुरक्षा बैरियर पार करने की कोशिश न करें, क्योंकि वाटर फ्लो खतरनाक हो सकता है। अपने साथ रेनकोट, वाटरप्रूफ जूते, जरूरी दवाइयां और मोबाइल को सेफ रखने के लिए वाटरप्रूफ बैग जरूर रखें।

होर्मुज में टैंकर पर हमले में एक भारतीय की मौत:अमेरिका ने लगातार तीसरी रात ईरान पर हमले किए; ईरानी बंदरगाहों की फिर नाकेबंदी करेगा

होर्मुज स्ट्रेट में हालिया हमलों में एक भारतीय क्रू मेंबर की मौत हो गई है। UAE के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक होर्मुज में ओमान के समुद्री क्षेत्र के पास उसके दो तेल टैंकरों पर ईरान की दो क्रूज मिसाइलों से हमला किया गया है। मोंबासा और अल बहिया नाम के टैंकरों पर हुए इस हमले में 8 लोग भी घायल हुए हैं। वहीं, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया कि सोमवार को ईरान पर लगातार तीसरी रात हवाई हमले किए गए। इन हमलों का उद्देश्य ईरानी सैन्य क्षमताओं को भारी नुकसान पहुंचाना और होर्मुज स्ट्रेट में आम नागरिकों और कॉमर्शियल जहाजों पर हमले करने की उसकी क्षमता को कमजोर करना है। साथ ही, CENTCOM ने कहा है कि मंगलवार से अमेरिकी नौसेना ईरानी बंदरगाहों में आने-जाने वाले समुद्री यातायात की नाकाबंदी फिर शुरू करेगा। जो जहाज इस नाकाबंदी का उल्लंघन नहीं करेंगे, उनके लिए क्षेत्रीय समुद्री मार्गों पर आवाजाही जारी रहेगी। CENTCOM ने अमेरिकी नाकेबंदी का यह फाइल फुटेज भी जारी किया… पिछले 24 घंटे के 4 बड़े अपडेट्स: ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

ब्रिटेन में मंदिर की जगह मुस्लिमों को बेचने पर विवाद:हिंदू समाज ने हाई कोर्ट में याचिका लगाई; नीलामी की प्रक्रिया गलत होने का आरोप

लंदन से 120 किमी दूर पीटरबरो में 40 साल पुराने मंदिर और कम्युनिटी सेंटर की बिक्री को पर विवाद हो गया है। पीटरबरो सिटी काउंसिल ने न्यू इंग्लैंड कॉम्प्लेक्स को नीलामी के बाद एक मुस्लिम संस्था, यूनाइटेड किंगडम इस्लामिक मिशन, को बेचने का फैसला किया है। इसी परिसर में भारत हिंदू समाज का मंदिर चलता है, जो शहर और आसपास रहने वाले हजारों हिंदुओं का प्रमुख पूजा और सांस्कृतिक केंद्र है। फैसले से नाराज भारत हिंदू समाज ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर बिक्री प्रक्रिया को चुनौती दी है। भारत हिंदू समाज संगठन का आरोप है कि काउंसिल ने मंदिर की करीब 40 साल पुरानी धार्मिक और सामुदायिक भूमिका को नजरअंदाज किया। नीलामी के मूल्यांकन में भी गंभीर खामियां रहीं। बता दें कि फरवरी 2026 में हाई कोर्ट ने अंतरिम रोक लगाते हुए काउंसिल को बिक्री पूरी करने जैसे किसी भी कदम से रोक दिया था। अब न्यायिक समीक्षा में यह जांच हो रही है कि फैसला लेने की प्रक्रिया कानून के मुताबिक थी या नहीं। मंदिर प्रबंधन ने साफ किया है कि उसका विरोध मुस्लिम संस्था से नहीं, बल्कि काउंसिल के फैसले और प्रक्रिया से है। अब कोर्ट जांच करेगा कि संपत्ति बेचने का फैसला कानून और समानता के नियमों के मुताबिक लिया गया था या नहीं। मंदिर बंद होने से 56 किमी दूर जाने को मजबूर होंगे हिंदू भारत हिंदू समाज का कहना है कि पीटरबरो का यह मंदिर केवल धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि इलाके के 4,000 हिंदुओं का एकमात्र सामाजिक-सांस्कृतिक केंद्र भी है। यदि यह परिसर बंद होता है, तो हिंदुओं को पूजा-अर्चना व त्योहारों के लिए निकटतम मंदिर (कैंब्रिज-56 किमी) या (लेस्टर-64 किमी) का रुख करना पड़ेगा। घाटे के चलते बेचने पड़ रहे हैं परिसर, स्पोर्ट्स सेंटर व क्लब पीटरबरो का विवाद ब्रिटेन में अकेला नहीं है। यहां की काउंसिलें बढ़ते खर्च व कम सरकारी मदद के कारण सामाजिक परिसर, स्पोर्ट्स सेंटर व कम्युनिटी भवन बेचकर बजट संभाल रही हैं। 2025 के ‘की सिटीज’ सर्वे में 60% काउंसिलों ने संपत्ति बिक्री को घाटा भरने का रास्ता बताया। बर्मिंघम को 24-25 का बजट संतुलित करने के लिए 2,883 करोड़ रु. की संपत्तियां बेचने का लक्ष्य रखना पड़ा। नॉटिंघम का 2025-26 घाटा 267 करोड़ और चार वर्षों का कुल अनुमानित अंतर 689 करोड़ रु. था। नीलामी में खामियां, समीक्षा बिना मंजूरी दी गई भारत हिंदू समाज का आरोप है कि बिक्री के दौरान दोनों पक्षों की बोलियों का ठीक मूल्यांकन नहीं हुआ। अदालत में संगठन ने कहा कि काउंसिल ने जांच और स्कोरिंग में गलतियां कीं। इसके बाद काउंसिल सदस्यों ने उन्हीं सिफारिशों को पड़ताल के बिना स्वीकार कर लिया। संगठन का कहना है कि मामला केवल ऊंची बोली का नहीं, बल्कि धार्मिक स्थल का भी है। ——————————————— ये खबर भी पढ़ें…

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लंदन से 120 किमी दूर पीटरबरो में 40 साल पुराने मंदिर और कम्युनिटी सेंटर की बिक्री को पर विवाद हो गया है। पीटरबरो सिटी काउंसिल ने न्यू इंग्लैंड कॉम्प्लेक्स को नीलामी के बाद एक मुस्लिम संस्था, यूनाइटेड किंगडम इस्लामिक मिशन, को बेचने का फैसला किया है। इसी परिसर में भारत हिंदू समाज का मंदिर चलता है, जो शहर और आसपास रहने वाले हजारों हिंदुओं का प्रमुख पूजा और सांस्कृतिक केंद्र है। फैसले से नाराज भारत हिंदू समाज ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर बिक्री प्रक्रिया को चुनौती दी है। भारत हिंदू समाज संगठन का आरोप है कि काउंसिल ने मंदिर की करीब 40 साल पुरानी धार्मिक और सामुदायिक भूमिका को नजरअंदाज किया। नीलामी के मूल्यांकन में भी गंभीर खामियां रहीं। बता दें कि फरवरी 2026 में हाई कोर्ट ने अंतरिम रोक लगाते हुए काउंसिल को बिक्री पूरी करने जैसे किसी भी कदम से रोक दिया था। अब न्यायिक समीक्षा में यह जांच हो रही है कि फैसला लेने की प्रक्रिया कानून के मुताबिक थी या नहीं। मंदिर प्रबंधन ने साफ किया है कि उसका विरोध मुस्लिम संस्था से नहीं, बल्कि काउंसिल के फैसले और प्रक्रिया से है। अब कोर्ट जांच करेगा कि संपत्ति बेचने का फैसला कानून और समानता के नियमों के मुताबिक लिया गया था या नहीं। मंदिर बंद होने से 56 किमी दूर जाने को मजबूर होंगे हिंदू भारत हिंदू समाज का कहना है कि पीटरबरो का यह मंदिर केवल धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि इलाके के 4,000 हिंदुओं का एकमात्र सामाजिक-सांस्कृतिक केंद्र भी है। यदि यह परिसर बंद होता है, तो हिंदुओं को पूजा-अर्चना व त्योहारों के लिए निकटतम मंदिर (कैंब्रिज-56 किमी) या (लेस्टर-64 किमी) का रुख करना पड़ेगा। घाटे के चलते बेचने पड़ रहे हैं परिसर, स्पोर्ट्स सेंटर व क्लब पीटरबरो का विवाद ब्रिटेन में अकेला नहीं है। यहां की काउंसिलें बढ़ते खर्च व कम सरकारी मदद के कारण सामाजिक परिसर, स्पोर्ट्स सेंटर व कम्युनिटी भवन बेचकर बजट संभाल रही हैं। 2025 के ‘की सिटीज’ सर्वे में 60% काउंसिलों ने संपत्ति बिक्री को घाटा भरने का रास्ता बताया। बर्मिंघम को 24-25 का बजट संतुलित करने के लिए 2,883 करोड़ रु. की संपत्तियां बेचने का लक्ष्य रखना पड़ा। नॉटिंघम का 2025-26 घाटा 267 करोड़ और चार वर्षों का कुल अनुमानित अंतर 689 करोड़ रु. था। नीलामी में खामियां, समीक्षा बिना मंजूरी दी गई भारत हिंदू समाज का आरोप है कि बिक्री के दौरान दोनों पक्षों की बोलियों का ठीक मूल्यांकन नहीं हुआ। अदालत में संगठन ने कहा कि काउंसिल ने जांच और स्कोरिंग में गलतियां कीं। इसके बाद काउंसिल सदस्यों ने उन्हीं सिफारिशों को पड़ताल के बिना स्वीकार कर लिया। संगठन का कहना है कि मामला केवल ऊंची बोली का नहीं, बल्कि धार्मिक स्थल का भी है। ——————————————— ये खबर भी पढ़ें…

अमेरिका बन गया होर्मुज का चौधरी? ट्रंप के एक ऐलान ने ईरान नहीं पूरी दुनिया की बढ़ा दी टेंशन, पेट्रोल-गैस के लिए फिर मच जाएगा कोहराम!

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को एक ऐसा ऐलान किया, जिसकी गूंज खाड़ी देशों से लेकर भारत के हर उस घर तक पहुंचेगी, जहां रसोई गैस सिलेंडर जलता है।ट्रंप ने खुद को “होर्मुज स्ट्रेट का गार्जियन” घोषित करते हुए कहा कि अब इस जलमार्ग से गुजरने वाले हर कमर्शियल कार्गो और तेल टै

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