लेवरेज्ड ETF के लिए कोर्स करना जरूरी, दक्षिण कोरिया ने इस कारण बनाया नियम

दक्षिण कोरिया का $4.3 ट्रिलियन का स्टॉक मार्केट बहुत ही अधिक वोलेटाइल हो चुका है। सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स (Samsung Electronics) और एसके हीनिक्स (SK Hynix) से जुड़े सिंगल-स्टॉक लेवरेज्ड ईटीएफ में निवेश तेजी से घटा है। अगस्त में इनसे करीब $100 करोड़ की निकासी हो चुकी है। ऐसे कठिन समय में मॉक ट्रेडिंग कोर्स निवेशकों के डर को दूर करने का प्रभावी तरीका बनता जा रहा है। बता दें कि दक्षिण कोरिया ने लेवरेज्ड ईटीएफ में रिस्क वाली ट्रेडिंग को कम करने के लिए नियम काफी सख्त कर दिए हैं। सबसे अहम बात ये है कि लेवरेज्ड ईटीएफ खरीदने के लिए यह कोर्स अनिवार्य है। न्यूज एजेंसी ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक यह अनिवार्य नियम 19 अगस्त से लागू है।

क्या है मॉक ट्रेडिंग कोर्स में

अब निवेशकों को लेवरेज्ड ईटीएफ खरीदने से पहले पांच दिन का मॉक ट्रेडिंग कोर्स करना जरूरी होगा और हर दिन कम से कम 1 घंटे वर्चुअल मनी से ट्रेडिंग करनी होगी। इस कोर्स में विंडोज पीसी पर एक प्रोग्राम डाउनलोड करना जरूरी है, जिससे कई रिटेल इंवेस्टर्स इसे काफी झंझट वाला मान रहे हैं। यह ऐप सिर्फ पीसी पर ही डाउनलोड होगा और कोरियन एक्सचेंज का कहना है कि फिलहाल मोबाइल-बेस्ड प्लेटफॉर्म शुरू करने की कोई योजना नहीं है। सरकार का उद्देश्य खुदरा निवेशकों को हाई-रिस्क लेवरेज्ड प्रोडक्ट्स से दूर रखना है, और फिलहाल इन नियमों का असर साफ दिखाई दे रहा है।

क्या है Leveraged ETF की स्थिति

दक्षिण कोरियाई बाजार में लेवरेज्ड ईटीएफ का कुल AUM (एसेट अंडर मैनेजमेंट) जून के पीक $1140 करोड़ से घटकर 27 अगस्त तक करीब $500 करोड़ तक आ गया। सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स और हीनिक्स जैसे टेक स्टॉक्स में गिरावट ने मार्केट में कोहराम मचा दिया। अब सवाल उठता है कि इनमें इतनी तेज गिरावट क्यों आई तो इसका जवाब ये है कि सरकार के सख्त नियमों के साथ-साथ एआई सेक्टर में अधिक खर्च और उससे कमाई की संभावनाओं को लेकर चिंता ने भी टेक स्टॉक्स पर भी दबाव बनाया।

लेवरेज्ड ईटीएफ की स्थिति तो अब ऐसी है कि उनकी ट्रेडिंग वैल्यू जून के रिकॉर्ड हाई लेवल से सिर्फ 4% रह गई है तो इनमें पहली बार किसी महीने में निवेश से अधिक निकासी के आसार दिखने लगे हैं। इन ईटीएफ में ट्रेडिंग कम होने से वोलैटिलिटी कम हुई है। कोस्पी वोलैटिलिटी गॉज जून के 97 से गिरकर चार महीने के निचले स्तर लगभग 50 पर आ गया। दक्षिण कोरिया का इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्स इस साल अभी भी 61% ऊपर है, लेकिन अपने दो महीने पुराने रिकॉर्ड हाई से 25% नीचे है।

Tax-Saving Mutual Fund: टैक्स बचाने वाला इकलौता म्यूचुअल फंड प्लान, तो सबसे कम लॉक-इन वाला ऑप्शन भी

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

इस म्यूचुअल फंड ने ₹1 लाख के निवेश को ₹46 लाख बना दिया, जानिए इस स्कीम के बारे में

म्यूचुअल फंड में निवेश से जोरदार रिटर्न में फंड सेलेक्शन का बड़ा हाथ है। अगर निवेश के लिए सही फंड का चुनाव हो जाए तो फिर पैसे बढ़ना तय है। आईसीआईसीआई एएमसी के फंड ने निवेशकों को मालामाल किया है। इस फंड का नाम आईसीआआईसीआई वैल्यू प्रूडेंशियल फंड है। इस फंड ने सिर्फ 1 लाख रुपये के निवेश को 22 साल में 46.6 लाख रुपये बना दिया है।

इस फंड ने एकमुश्त और सिप दोनों निवेशकों को किया मालामाल

ICICI Prudential Asset Management Company ने अपने इस फंड के बारे में बताया है। ICICI Prudential Value Fund की शुरुआत 22 साल पहले हुई थी। इस फंड ने शुरुआत में पैसे लगाने वाले एकमुश्त और सिप दोनों निवेशकों को मालामाल किया है। इसका कंपाउंडेड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) 19.11 फीसदी है। इसने Nifty Total Return Index (TRI) के मुकाबले काफी ज्यादा रिटर्न दिया है। इस अवधि में निफ्टी 50 टीआरआई का सीएजीआर 14.63 फीसदी है।

वैल्यू इनवेस्टिंग की स्ट्रेटेजी का करता है इस्तेमाल 

आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल वैल्यू फंड की शुरुआत 16 अगस्त, 2004 को हुई थी। इस फंड ने हाल ही में 22 साल पूरे किए हैं। यह फंड वैल्यू ओरिएंटेड इक्विटी इनवेस्टमेंट स्ट्रेटेजी का इस्तेमाल करता है। इस फंड का फोकस उन कंपनियों के शेयरों में निवेश करने पर होता है, जिनमें उनके इंटिनसिक वैल्यू से कम पर ट्रेडिंग हो रही होती है। ऐसी कंपनी छोटी या बड़ी हो सकती है।

तीन साल और पांच साल के टाइम फ्रेम में भी अच्छा रिटर्न 

इस फंड का रिटर्न तीन साल और पांच साल के टाइम फ्रेम में भी बहुत अच्छा है। यह क्रमश: 13.44 फीसदी और 16.05 फीसदी है। अगर किसी निवेशक ने इस फंड की शुरुआत के समय इसमें हर महीने 10,000 रुपये का सिप शुरू किया होता तो उसका पैसा बढ़कर 2.37 करोड़ रुपये हो गया होता। यह 17.04 फीसदी का सीएजीआर रिटर्न है। 31 जुलाई को इस फंड का एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) 61,102.29 करोड़ रुपये था।

93 फीसदी पैसे का निवेश शेयरों में, फाइनेंशियल कंपनियों में ज्यादा निवेश 

इस फंड ने अपना 93.31 पैसा शेयरों में निवेश किया है। सबसे ज्यादा 38.10 फीसदी निवेश फाइनेंशियल सर्विसेज कंपनियों के शेयरों में है। इसके बाद 9.08 फीसदी का निवेश हेल्थकेयर सर्विसेज कंपनियों के शेयरों में है। उसके बाद 9 फीसदी का निवेश एफएमसीजी कंपनियों के शेयरों में है। इस फंड ने 2022 में अपने बेंचमार्क को निफ्टी 500 वैल्यू 50 टीआरआई से बदलकर निफ्टी 500 टीआरआई कर दिया था।

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निवेश से पहले अपने फाइनेंशियल एडवाइजर की राय जरूर लें

अगर आप इस फंड में निवेश करना चाहते हैं तो आपको पहले अपने फाइनेंशियल एडवाइजर की सलाह लेनी चाहिए। एक्सपर्ट्स का कहना है कि किसी फंड के पिछले रिटर्न को देख भविष्य में उसके रिटर्न का अंदाजा नहीं लगाया जा सकता। निवेशक को रिस्क लेने की अपनी क्षमता, निवेश की अवधि और निवेश के लक्ष्य को ध्यान में रख निवेश का फैसला करना चाहिए।

Zerodha का बड़ा ऐलान: अब एक ही ऐप पर मिलेंगे शेयर और म्यूचुअल फंड, Kite में ही शुरू होगी डायरेक्ट SIP

Zerodha Kite Mutual Fund Trading: देश के सबसे बड़े डिस्काउंट ब्रोकर्स में शामिल जेरोधा ने अपने करोड़ों यूजर्स के लिए बड़ा फैसला किया है। Zerodha बहुत जल्द अपने पॉपुलर स्टॉक ट्रेडिंग ऐप ‘Kite’ पर ही म्यूचुअल फंड में निवेश करने की सुविधा देने जा रहा है। यानी अब निवेशकों को शेयर खरीदने और म्यूचुअल फंड/SIP में पैसा लगाने के लिए अलग-अलग ऐप्स का इस्तेमाल नहीं करना पड़ेगा।

कंपनी के म्यूचुअल फंड हेड नीलेश वर्मा ने मनीकंट्रोल को दिए इंटरव्यू में बताया कि अगले कुछ ही महीनों में यह नया फीचर Kite ऐप पर लाइव कर दिया जाएगा।

अभी क्या है व्यवस्था और क्यों हो रहा है यह बड़ा बदलाव?

अब तक Zerodha अपने यूजर्स के लिए दो अलग-अलग ऐप्स का इस्तेमाल करता रहा है:

Kite App: एक्टिव ट्रेडिंग और शेयरों की खरीद-बिक्री के लिए।

Coin App: लॉन्ग-टर्म और पैसिव इन्वेस्टमेंट्स जैसे म्यूचुअल फंड्स, NPS और FD के लिए।

फिलहाल, जब यूजर्स Kite ऐप पर म्यूचुअल फंड्स देखते हैं, तो उन्हें खरीदारी करने के लिए ऑटोमैटिकली Coin ऐप पर रीडायरेक्ट कर दिया जाता है। लेकिन Groww जैसे प्रतिस्पर्धी ब्रोकर्स द्वारा एक ही ऐप पर सभी सुविधाएं देने के कारण यूजर्स काफी समय से Zerodha से भी ‘ऑल-इन-वन ऐप’ की मांग कर रहे थे।

Kite ऐप में मिलेंगे 2 सबसे खास और नए फीचर्स

सिंगल ऐप एक्सपीरियंस: अब यूजर्स अपने इक्विटी पोर्टफोलियो और म्यूचुअल फंड निवेश को एक ही स्क्रीन से मैनेज और ट्रैक कर पाएंगे।

पोर्टफोलियो इंपोर्ट करने की सुविधा: यूजर्स किसी दूसरे प्लेटफॉर्म (जैसे- Groww, PayTM Money आदि) पर चल रहे अपने पुराने म्यूचुअल फंड इन्वेस्टमेंट्स को भी आसानी से Zerodha Kite पर इंपोर्ट कर सकेंगे।

आपको बता दें कि Zerodha अपने ‘Coin’ ऐप को बंद नहीं करेगा। Coin ऐप पैसिव इन्वेस्टर्स के लिए अलग से काम करता रहेगा, लेकिन Kite यूजर्स को अब ऐप बदलने की मजबूरी नहीं होगी।

Zerodha के इस कदम के पीछे के आंकड़े

Zerodha के पास Coin ऐप पर लगभग 30 लाख म्यूचुअल फंड इन्वेस्टर्स और 56 लाख से ज्यादा एक्टिव SIP अकाउंट्स हैं। एसेट अंडर मैनेजमेंट(AUM) के मामले में Coin देश का दूसरा सबसे बड़ा डायरेक्ट म्यूचुअल फंड प्लेटफॉर्म है।

Kite App गूगल प्ले स्टोर पर 1 करोड़+ डाउनलोड्स है और करीब 65 लाख+ एक्टिव यूजर बेस है। वही Coin App के 50 लाख+ डाउनलोड्स और 30 लाख से ज्यादा एक्टिव यूजर है।

Kite का यूजर बेस Coin से दोगुना से भी ज्यादा है। ऐसे में Kite के भीतर ही म्यूचुअल फंड्स का विकल्प मिलने से Zerodha के म्यूचुअल फंड कारोबार में बड़ा उछाल आने की उम्मीद है।

डायरेक्ट म्यूचुअल फंड्स ही क्यों?

Zerodha अपने दोनों प्लेटफॉर्म्स पर सिर्फ डायरेक्ट म्यूचुअल फंड्स ही ऑफर करता है। इसमें निवेशकों को कोई डिस्ट्रीब्यूटर कमीशन या अतिरिक्त चार्ज नहीं देना पड़ता, जिससे लॉन्ग-टर्म में निवेशकों को रेगुलर फंड्स के मुकाबले बेहतर रिटर्न (CAGR) मिलता है।

Groww और Zerodha के बीच म्यूचुअल फंड और SIP ग्राहकों को जोड़ने की होड़ में, Zerodha का यह ‘ऑल-इन-वन’ दांव मार्केट में उसकी पकड़ को और मजबूत कर सकता है।

Mutual Funds: सोने ने दिया 9% रिटर्न, फिर भी निवेशकों ने इन फंड्स में लगाए ₹1.40 लाख करोड़

Mutual Funds: जुलाई 2026 में सोने ने करीब 9% का रिटर्न दिया। इसके बावजूद भारतीय निवेशकों ने सबसे ज्यादा भरोसा मनी मार्केट फंड्स पर जताया। Vallum Capital की अगस्त 2026 की Monthly Macro Grid Chartbook के मुताबिक, जुलाई में इन फंड्स में 1.40 लाख करोड़ रुपये का निवेश आया। दिलचस्प बात यह है कि जून में इसी कैटेगरी से 65,530 करोड़ रुपये निकल गए थे।

सिर्फ मनी मार्केट फंड ही नहीं, फिक्स्ड इनकम फंड्स में भी वापसी देखने को मिली। जुलाई में इनमें 5,947 करोड़ रुपये का निवेश आया, जबकि जून में 53,006 करोड़ रुपये की निकासी हुई थी। दूसरी तरफ, सोने की कीमत बढ़ने के बावजूद प्रेशियस मेटल फंड्स में निवेश घटकर 4,084 करोड़ रुपये रह गया, जो जून में 8,680 करोड़ रुपये था।

SIP में लगातार बढ़ रहा निवेश

सुरक्षित निवेश की तरफ झुकाव का मतलब यह नहीं था कि निवेशकों ने शेयर बाजार से दूरी बना ली। Franklin Templeton India की रिपोर्ट के मुताबिक, जुलाई में SIP योगदान 12% बढ़कर 31,961 करोड़ रुपये पहुंच गया। वहीं SIP खातों की संख्या भी 12.5% बढ़कर 10.63 करोड़ हो गई।

हालांकि, औसत मासिक SIP योगदान में मामूली गिरावट आई। यह 3,012 रुपये से घटकर 3,007 रुपये रह गया।

म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री ने बनाया नया रिकॉर्ड

जुलाई में म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री का कुल एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) बढ़कर रिकॉर्ड 85.8 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया। इस दौरान इक्विटी फंड्स का AUM 15.3% बढ़कर 38.40 लाख करोड़ रुपये हो गया। वहीं पैसिव फंड्स का AUM सालाना आधार पर 24% से ज्यादा बढ़ा।

सबसे ज्यादा पैसा कहां गया?

इक्विटी फंड्स के भीतर भी निवेशकों की पसंद साफ नजर आई। स्मॉलकैप फंड्स में जुलाई के दौरान 7,768 करोड़ रुपये आए, जबकि मिडकैप फंड्स में 6,192 करोड़ रुपये का निवेश हुआ। Vallum Capital के मुताबिक, जुलाई में माइक्रोकैप शेयर 4.6% और स्मॉलकैप शेयर 2.8% चढ़े।

निवेशकों ने क्यों सुरक्षित विकल्प चुने?

डेटा बताता है कि जुलाई में निवेशकों ने सिर्फ सबसे ज्यादा रिटर्न देने वाली एसेट क्लास का पीछा नहीं किया। एक तरफ SIP और इक्विटी में निवेश जारी रहा, तो दूसरी तरफ बड़ी रकम मनी मार्केट और फिक्स्ड इनकम फंड्स में गई। इससे साफ है कि निवेशक बेहतर रिटर्न के साथ-साथ लिक्विडिटी और कम जोखिम वाले विकल्पों को भी प्राथमिकता दे रहे थे।

Vallum Capital का कहना है कि जुलाई में सोने की तेजी की बड़ी वजह अमेरिका की उम्मीद से कमजोर जॉब्स रिपोर्ट रही। इससे फेडरल रिजर्व की अगली ब्याज दर बढ़ोतरी की उम्मीद कुछ कमजोर पड़ी। साथ ही अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में नरमी ने भी सोने की कीमतों को सहारा दिया।

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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : बाजार के लिए मिले-जुले संकेत हैं। गिफ्ट निफ्टी में हल्की नरमी देखने को मिल रही है। FIIs की कैश और वायदा मिलाकर 720 करोड़ की बिकवाली देखने को मिली है। FIIs की नेट शॉर्ट पोजिशन भी बढ़ी है। उधर स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज का मुद्दा सुलझाने की डिप्लोमैटिक कोशिशों की बीच कच्चे तेल में करीब दो फीसदी की गिरावट आई है। इसके भाव 87 डॉलर के नीचे आ गए हैं।

यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

13 अगस्त को उतार-चढ़ाव भरे सेशन में निचले स्तरों पर खरीदारी से बेंचमार्क इंडेक्स दिन के निचले स्तरों से उबर कर लगभग सपाट बंद हुए। निफ्टी 24,400 के स्तर के आसपास बंद हुआ। बैंकिंग,मेटल और फार्मा शेयरों में बिकवाली के दबाव की भरपाई FMCG,ITऔर रियल्टी शेयरों में खरीदारी से काफी हद तक हो गई। कारोबारी सेशन के अंत में सेंसेक्स 113.61 अंक या 0.15% बढ़कर 78,079.96 पर बंद हुआ। जबकि निफ्टी 40.10 अंक या 0.16% गिरकर 24,395.85 पर बंद हुआ। ब्रॉडर मार्केट ने बेहतर प्रदर्शन किया और निफ्टी मिडकैप व स्मॉलकैप,दोनों इंडेक्स मामूली बढ़त के साथ बंद हुए।

अमेरिकी बाजारों में अच्छी तेजी, एशिया में भी रौनक

टेक शेयरों में खरीदारी से अमेरिकी बाजारों में कल अच्छी तेजी दिखी। S&P 500 नए शिखर पर पहुंच गया। डाओ जोंस भी इंट्राडे में 54000 के ऊपर निकल गया। मेटा, माइक्रॉन और Netflix जैसे शेयरों में अच्छी खरीदारी से नैस्डैक ने आउटपरफॉर्म किया। उधर सुबह एशियाई बाजारों में भी रौनक देखने को मिली कोस्पी और निक्केई में करीब एक फीसदी की बढ़त के साथ कारोबार हो रहा है।

सोने और चांदी की तेजी पर ब्रेक, US बॉन्ड यील्ड में भी नरमी

फेडरल रिजर्व की ओर से सितंबर में ब्याज बढ़ोतरी की उम्मीदें कम होने से सोने और चांदी की तेजी पर ब्रेक लगा है। कल के शिखर से सोने और चांदी में तीन फीसदी की गिरावट आई है। उधर अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में भी नरमी दिखी है। डॉलर इंडेक्स 100 के करीब आ गया है।

टाटा मोटर्स PV के नतीजे मिलेजुले

टाटा मोटर्स PV के पहली तिमाही के नतीजे मिलेजुले रहे हैं। JLR के कमजोर प्रदर्शन के बावजूद आय 9 फीसदी बढ़ी है। लेकिन ऊंची रॉ मटेरियल कॉस्ट से मार्जिन 230 बेसिस प्वाइंट्स घटकर 6.5% पर रहे हैं। कंपनी को इस अवधि में 150 करोड़ का फॉरेक्स घाटा भी हुआ है। कंपनी के मैनेजमेंट ने कहा है कि EV मांग बढ़ने से कुल घरेलू डिमांड बहुत मजबूत रही है।

मैक्स फाइनेंशियल के Q1 नतीजे अच्छे

पहली तिमाही में मैक्स फाइनेंशियल ने अच्छे नतीजे पेश किए हैं। VNB यानी वैल्यू फॉर न्यू बिजनेस में उम्मीद से ज्यादा 33 फीसदी का उछाल देखने को मिला है। VNB मार्जिन भी अनुमान अधिक 20.1फीसदी से बढ़कर 23 फीसदी के पार निकल गया है। वहीं, इसकी AUM 2 लाख करोड़ रुपए पर पहुंच गई है।

वायदा की 8 कंपनियों के नतीजे आज

अशोक लेलैंड,वोल्टास,NMDC समेत वायदा की 8 कंपनियों के नतीजे आज आएंगे। वोल्टास का मुनाफा 59 फीसदी बढ़ सकता है। मार्जिन में भी सुधार की उम्मीद है।

पीरामल फार्मा में 1750 करोड़ रुपए की ब्लॉक डील संभव

पीरामल फार्मा में आज बड़ी ब्लॉक डील हो सकती है। 6% हिस्सेदारी के लिए 1750 करोड़ का सौदा हो सकता है।

 रेयर अर्थ मैग्नेट मैन्युफैक्चरिंग स्कीम को अच्छा रिस्पॉस

सरकार की 7,280 करोड़ रुपए की रेयर अर्थ मैग्नेट मैन्युफैक्चरिंग स्कीम को अच्छा रिस्पॉन्स मिला है। इसमें L&T और कोल इंडिया समेत 20 कंपनियों ने बोली लगाई है। इस योजना के जरिए हर साल 6,000 मीट्रिक टन इंटीग्रेटेड रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट (Integrated Rare Earth Permanent Magnet) बनाने की क्षमता विकसित करने का लक्ष्य है।

FII और DII फंड फ्लो

FIIs ने लगातार दूसरे सेशन में भी बिकवाली जारी रखी और 510 करोड़ रुपये के शेयर बेचे,जबकि DIIs ने भारतीय इक्विटी मार्केट में खरीदारी का सिलसिला तीसरे दिन भी जारी रखा और 4,353 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

 

पहली बार मार्केट में पैसा लगाने से पहले नोट कर लें ये 5 पॉइंट्स, नुकसान से बचाएगी समझदारी

First Time Investor Tips: शेयर बाजार या म्यूचुअल फंड में पहली बार निवेश करना काफी रोमांचक हो सकता है, लेकिन बिना तैयारी के बाजार में उतरा गया एक गलत कदम आपकी मेहनत की कमाई पर भारी पड़ सकता है। अगर आप भी एक नए निवेशक हैं और पहली बार मार्केट में पैसा लगाने का मन बना रहे हैं, तो शुरुआत करने से पहले वित्तीय विशेषज्ञों के ये 5 सबसे जरूरी नियम जरूर नोट कर लें।

1. सबसे पहले बनाएं अपना फाइनेंशियल गोल

निवेश केवल पैसा लगाने का नाम नहीं है, बल्कि यह आपके भविष्य की जरूरतों को पूरा करने का माध्यम है। पैसा लगाने से पहले यह स्पष्ट करें कि आप रिटायरमेंट, घर खरीदने, बच्चों की पढ़ाई या वेल्थ क्रिएशन में से किस उद्देश्य के लिए निवेश कर रहे हैं। आपका लक्ष्य अल्पकालिक या दीर्घकालिक ही यह तय करेगा कि आपको इक्विटी, डेट या हाइब्रिड फंड में से किसमें पैसा लगाना चाहिए।

2. इमरजेंसी फंड तैयार रखें और जल्दी शुरुआत करें

बाजार में बड़ा दांव लगाने से पहले अपने पास एक सुरक्षा कवच यानी इमरजेंसी फंड जरूर रखें। अपनी किसी भी बड़ी इन्वेस्टमेंट से पहले 3 से 6 महीने के लिविंग एक्सपेंस को किसी आसानी से निकलने वाले सेविंग्स या लिक्विड अकाउंट में रखें। इससे बाजार के उतार-चढ़ाव के दौरान आपको पैनिक में अपने शेयर बेचने नहीं पड़ेंगे। इसके साथ ही जितनी जल्दी संभव हो छोटे-छोटे अमाउंट से इन्वेस्ट करना शुरू कर दें। शुरुआती निवेश से आपको पावर ऑफ कंपाउंडिंग का ज्यादा समय तक फायदा मिलता है।

3. ‘डाइवर्सिफिकेशन’ अपनाएं, सारा पैसा एक जगह न लगाएं

शेयर बाजार का सबसे पहला नियम है कि, ‘कभी भी अपने सारे अंडे एक ही टोकरी में न रखें’। अपने पैसे को किसी एक कंपनी या सिर्फ एक सेक्टर में लगाने के बजाय अलग-अलग एसेट क्लासेज इक्विटी, गोल्ड, डेट और अलग-अलग सेक्टर्स में बांटें। अगर आपका एक इन्वेस्टमेंट खराब परफॉर्म करता है, तो दूसरे स्टॉक्स या फंड्स आपके पोर्टफोलियो को बैलेंस रखेंगे।

4. सोशल मीडिया की टिप्स से बचें, रीसर्च पर भरोसा करें

सोशल मीडिया फिनफ्लुएंसर्स, वॉट्सऐप टिप्स या मार्केट की अफवाहों के आधार पर कभी भी आंख बंद करके पैसा न लगाएं। किसी भी शेयर में निवेश करने से पहले कंपनी के बिजनेस मॉडल, बैलेंस शीट, कर्ज की स्थिति और वैल्यूएशन को समझें।म्यूचुअल फंड चुनते वक्त फंड मैनेजर के ट्रैक रिकॉर्ड, एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) और एक्सपेंस रेशियो की जांच करें।

5. मार्केट टाइम करने के बजाय SIP का रास्ता चुनें

मार्केट में ‘बॉटम’ पर खरीदना और ‘टॉप’ पर बेचना लगभग असंभव है। इसलिए मार्केट टाइमिंग के चक्कर में न पड़ें। बाजार की चाल का अंदाजा लगाने के बजाय SIP या नियमित पीरियोडिक इन्वेस्टमेंट का जरिया अपनाएं। इससे बाजार के उतार-चढ़ाव में आपकी खरीदारी की लागत औसतन कम हो जाती है और लंबी अवधि में बेहतर रिटर्न पाने की संभावना बढ़ती है।

अन्य महत्वपूर्ण बातें जिन पर ध्यान देना जरूरी है

ब्रोकरेज चार्ज, एक्सपेंस रेशियो, एसटीटी (STT) और कैपिटल गेन टैक्स जैसे खर्चों को नजरअंदाज न करें, क्योंकि ये आपके कुल रिटर्न को प्रभावित करते हैं। बाजार में गिरावट देखकर पैनिक में आकर अपने एसेट्स न बेचें और न ही ट्रेंडिंग शेयर्स के पीछे भागें। साथ ही साथ हर 6 महीने या एक साल में अपने पोर्टफोलियो को रीबैलेंस करें ताकि वह आपके फाइनेंशियल गोल्स के हिसाब से अलाइन रहे।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।