बजाज हाउसिंग फाइनेंस में 44% तक तेजी की उम्मीद, ICICI सिक्योरिटीज ने ₹125 का टारगेट दिया

Bajaj Housing Finance : बजाज ग्रुप की बजाज हाउसिंग फाइनेंस का शेयर पिछले कुछ महीनों से दबाव में है। गुरुवार को भी यह 1% गिरकर ₹86.69 पर बंद हुआ। लेकिन ब्रोकरेज हाउस ICICI Securities का मानना है कि मौजूदा स्तर से इसमें अच्छी तेजी आ सकती है। ब्रोकरेज ने शेयर पर ‘Buy’ की रेटिंग बरकरार रखी है। साथ ही ₹125 का टारगेट दिया है। यानी मौजूदा भाव से शेयर में करीब 44% की तेजी की गुंजाइश बनती है।

आखिर ब्रोकरेज इतना भरोसा क्यों जता रहा है?

ICICI Securities का कहना है कि जून तिमाही में बजाज हाउसिंग फाइनेंस ने मजबूत प्रदर्शन किया। मुनाफा एक साल पहले के मुकाबले 23% बढ़ा। लोन बुक भी अच्छी रफ्तार से बढ़ी। सबसे बड़ी राहत यह रही कि खराब कर्ज पर होने वाला खर्च काफी कम रहा। यही वजह है कि ब्रोकरेज ने अपने टारगेट में कोई बदलाव नहीं किया।

रिकॉर्ड लोन बांटे, कारोबार तेजी से बढ़ा

जून तिमाही में बजाज हाउसिंग फाइनेंस ने ₹19,500 करोड़ के लोन बांटे। यह अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। इसी की बदौलत कंपनी का AUM बढ़कर करीब ₹1.50 लाख करोड़ पहुंच गया। यह पिछले साल के मुकाबले 24% ज्यादा है। ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी ने पूरे साल की ग्रोथ की अच्छी शुरुआत कर दी है।

लेकिन एक चिंता अभी भी बाकी है

हालांकि, बजाज हाउसिंग फाइनेंस में हर चीज अच्छी नहीं है। होम लोन मार्केट में मुकाबला लगातार बढ़ रहा है। इसका असर कंपनी के NIM पर दिख रहा है। जून तिमाही में मार्जिन 14 बेसिस प्वाइंट घटा। मैनेजमेंट को भी उम्मीद है कि आने वाली तिमाहियों में थोड़ा और दबाव रह सकता है। हालांकि, कंपनी का मानना है कि कम क्रेडिट कॉस्ट और खर्च पर कंट्रोल इस कमी की भरपाई कर देंगे।

एसेट क्वालिटी मजबूत बनी हुई है

ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी की सबसे बड़ी ताकत उसकी मजबूत एसेट क्वालिटी है। जून तिमाही में GNPA सिर्फ 0.29% रहा। वहीं, क्रेडिट कॉस्ट भी घटकर 4-5 बेसिस प्वाइंट पर आ गया। इससे आने वाले समय में मुनाफे को सहारा मिल सकता है।

आगे क्या है उम्मीद?

मैनेजमेंट को उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2027 में AUM 21-23% की दर से बढ़ेगा। साथ ही RoA 2.1-2.3% और RoE 12-13% के दायरे में रहने का अनुमान है। ब्रोकरेज का कहना है कि अगर लोन ग्रोथ मजबूत बनी रहती है और क्रेडिट कॉस्ट नियंत्रण में रहती है, तो शेयर में आगे भी अच्छी तेजी देखने को मिल सकती है।

Vedanta Demerger: वेदांता अब रियल एस्टेट कारोबार भी अलग करेगी, शेयरधारकों को मिलेगा नया शेयर

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Bajaj Housing Q1 Results: बजाज ग्रुप की कंपनी को ₹715 करोड़ का मुनाफा, शेयरों पर रहेगी नजर

Bajaj Housing Q1 Results: बजाज ग्रुप की दिग्गज कंपनी बजाज हाउसिंग फाइनेंस ने जून तिमाही में मजबूत नतीजे पेश किए हैं। हाउसिंग फाइनेंस कंपनी का शुद्ध मुनाफा 22.6% बढ़कर 715 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल की समान तिमाही में यह 583 करोड़ रुपये था। बेहतर कारोबार और लोन पर कम प्रावधान का फायदा नतीजों में दिखा।

NII और रेवेन्यू दोनों बढ़े

जून तिमाही में बजाज हाउसिंग फाइनेंस की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) 9% बढ़कर 968 करोड़ रुपये रही। एक साल पहले यह 887 करोड़ रुपये थी।

वहीं, नेट टोटल इनकम 16% बढ़कर 1,175 करोड़ रुपये हो गई। पिछले साल यह 1,009 करोड़ रुपये थी। इस हाउसिंग फाइनेंस कंपनी का रेवेन्यू भी 17.2% बढ़कर 3,063 करोड़ रुपये पहुंच गया। एक साल पहले यह 2,613 करोड़ रुपये था।

AUM 24% बढ़ा

30 जून 2026 तक बजाज हाउसिंग फाइनेंस का एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) 24% बढ़कर 1,49,624 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल यह 1,20,420 करोड़ रुपये था।

तिमाही के दौरान फर्म की ऑपरेटिंग एफिशिएंसी बेहतर हुई। ऑपरेटिंग खर्च और नेट टोटल इनकम का अनुपात घटकर 19.6% रह गया। पिछले साल यह 21.2% था। वहीं, लोन लॉस और प्रावधान घटकर 16 करोड़ रुपये रह गए। एक साल पहले यह 38 करोड़ रुपये थे।

एसेट क्वालिटी मजबूत रही

बजाज हाउसिंग फाइनेंस की ग्रॉस एनपीए (GNPA) 30 जून 2026 तक 0.29% रही। पिछले साल यह 0.30% थी। वहीं, नेट एनपीए (NNPA) घटकर 0.12% रह गया। एक साल पहले यह 0.13% था। स्टेज-3 एसेट्स पर प्रोविजनिंग कवरेज रेशियो 59% रहा।

जून तिमाही के आखिर में हाउसिंग फाइनेंस कंपनी का कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो (Tier-II पूंजी सहित) 21.59% रहा। यह मजबूत बैलेंस शीट की ओर इशारा करता है।

बजाज हाउसिंग फाइनेंस क्या करती है?

बजाज हाउसिंग फाइनेंस, बजाज फाइनेंस की सब्सिडियरी है। यह हाउसिंग लोन देने वाली नॉन-डिपॉजिट टेकिंग हाउसिंग फाइनेंस कंपनी है। इसे 2015 में नेशनल हाउसिंग बैंक (NHB) से रजिस्ट्रेशन मिला था।

इसने 2017 में कारोबार शुरू किया। बजाज हाउसिंग फाइनेंस के शेयर सितंबर 2024 से NSE और BSE पर लिस्टेड हैं। कंपनी का रेगुलेशन RBI, SEBI और IRDAI करते हैं, जबकि NHB इसकी निगरानी करता है।

बजाज हाउसिंग के शेयरों का हाल

जून तिमाही के नतीजों से पहले बजाज हाउसिंग फाइनेंस का शेयर 2.6% की बढ़त के साथ 87.89 रुपये पर बंद हुआ। हालंकि, पिछले 1 साल में स्टॉक 24.18% गिरा है। कंपनी का मार्केट कैप 72.94 हजार करोड़ रुपये है।

SML Mahindra Share Price: M&M का ट्रक-बस बिजनेस SML महिंद्रा के नाम होगा, शेयर में 20% का अपर सर्किट लगा

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

SIP Calculator: क्या ₹50,000 महीने की सैलरी में बन सकते हैं करोड़पति? जानें एक्सपर्ट का SIP वाला ये फॉर्मूला

Mutual Fund SIP Calculator: ₹1 करोड़ का फंड तैयार करना हर किसी का सपना होता है। ऐसा इसलिए क्योंकि पहला करोड़ बनने के बाद संपत्ति की रफ्तार तेजी से बढ़ती है। लेकिन क्या ₹50,000 महीने की कमाई करने वाला कोई सामान्य व्यक्ति ₹1 करोड़ का कॉर्पस बना सकता है?

फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह बिल्कुल संभव है, बशर्ते आप अनुशासन, धैर्य और सही रणनीति के साथ लंबी अवधि के लिए निवेशित रहें। आइए समझते हैं एसआईपी (SIP) के जरिए करोड़पति बनने का पूरा गणित।

₹50,000 की सैलरी में कैसे बनेगा ₹1 करोड़ का फंड?

KAARMIKA Wealth Mentors के डायरेक्टर किरण गांधी का कहना है कि अगर आप हर महीने ₹50,000 कमाते हैं, तो भी अनुशासित निवेश से करोड़पति बना जा सकता है। उन्होंने इसके लिए कुछ जरूरी नियम बताए हैं:

सैलरी का 20-30% निवेश: अपनी मासिक आय का कम से कम 20 से 30 फीसदी हिस्सा हर महीने म्यूचुअल फंड SIP में लगाएं।

स्टेप-अप एसआईपी: हर साल जब आपकी सैलरी बढ़े, तो अपने एसआईपी निवेश में भी 10% से 15% की बढ़ोतरी करें।

इमरजेंसी फंड तैयार रखें: अपने निवेश को बीच में टूटने से बचाने के लिए इमरजेंसी फंड अलग बनाकर रखें और बेवजह के कर्ज से बचें।

हाई रिटर्न का लालच न करें: केवल ज्यादा रिटर्न के पीछे भागने के बजाय एसेट एलोकेशन पर ध्यान दें और हर साल अपने पोर्टफोलियो का रिव्यू करें।

SIP Calculator: ₹12,000 प्रति महीने का गणित

किरण गांधी के अनुसार, अगर आप ₹12,000 महीने की एसआईपी शुरू करते हैं और इस पर औसतन 12% का सालाना रिटर्न मानकर चलते हैं, तो करीब 20 साल में आपका फंड लगभग ₹1 करोड़ हो जाएगा।

अगर आप हर साल अपनी एसआईपी की रकम में केवल 10% की बढ़ोतरी यानी स्टेप-अप SIP का रास्ता चुना, तो ₹1 करोड़ का यह लक्ष्य 20 साल से भी काफी पहले हासिल किया जा सकता है।

इस कैलकुलेशन के हिसाब से ₹50,000 महीने की सैलरी में करोड़पति बनना कोई नामुमकिन सपना नहीं है। इसके लिए सिर्फ एक सही रणनीति, अनुशासन और समय की जरूरत है। अगर आप 25-30 साल की उम्र से ही 15-20 सालों के लिए ₹10,000 से ₹12,000 की अनुशासित एसआईपी शुरू कर देते हैं, तो कंपाउंडिंग की ताकत से ₹1 करोड़ का लक्ष्य आसानी से हासिल किया जा सकता है।

भारत में SIP का नया रिकॉर्ड, जून में ₹31,781 करोड़ का निवेश

एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) के हालिया आंकड़ों के मुताबिक, देश में छोटे निवेशकों का भरोसा लगातार मजबूत हो रहा है। जून 2026 में मंथली एसआईपी योगदान ₹31,781 करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। यह मई 2026 के मुकाबले 2.7% और जून 2025 के मुकाबले 16.5% ज्यादा है। सक्रिय एसआईपी खातों की संख्या बढ़कर 9.78 करोड़ हो गई है, जो एक साल पहले 8.64 करोड़ थी। म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री का कुल SIP AUM बढ़कर ₹17.70 लाख करोड़ पर पहुंच गया है, जो पूरी इंडस्ट्री के कुल एसेट का 21.5% है।

Retirement Planning: रिटायरमेंट के लिए कितना फंड है पर्याप्त? एक्सपर्ट विवेक जैन से जानिए सही फॉर्मूला

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stocks Of The Day : नतीजों के बाद लॉरेस लैब्स लाइफ हाई पर, कॉनकॉल के बाद KFIN टेक को भी लगे पंख

Stock Of The Day : नतीजों के बाद लॉरेस लैब्स के शेयर आज अपने लाइफ हाई पर जाते दिखें हैं। नतीजों और कॉनकॉल के बाद KFIN टेक का शेयर भी जोर से दौड़ा है। फार्मा सेक्टर में आज सबसे ज्यादा फोकस लॉरेस लैब्स पर है। जिसमें जोरदार तेजी आई है। लॉरेस लैब्स की बात करें तो 1 महीने में इस शेयर ने 11 फीसदी रिटर्न दिया है। वहीं, इस साल अब तक इसने 50 फीसदी रिटर्न दिया है। वहीं, निफ्टी फार्मा इंडेक्स ने 1 महीने में 1 फीसदी और इस साल अब तक 15 फीसदी रिटर्न दिया है।

लॉरेस लैब्स में तेजी क्यों?

कंपनी ने लगातार शानदार नतीजे पेश किए हैं। अब तक का सबसे ज्यादा रेवेन्यू और EBITDA ग्रोथ देखने को मिली है। कंपनी के CDMO और फॉर्मूलेशन बिजनेस ने दम दिखाया है। सिंथेसिस (SYNTHESIS) बिजनेस में 69% की तगड़ी ग्रोथ देखने को मिली है।

लॉरेस लैब्स: कमेंट्री

कंपनी की मैनेजमेंट कमेंट्री में कहा गया है कि कैपेक्स बढ़ाकर 2000 करोड़ रुपए किया गया। यह पहले 1500 करोड़ रुपए था। विशाखापत्तनम का बड़ा पेप्टाइड प्लांट ट्रैक पर है।

लॉरेस लैब्स: वैल्युएशन

यह स्टॉक FY27 के EPS के 65 गुना वैल्यूएशन पर ट्रेड कर रहा है। FY26-28 में 24% CAGR अर्निंग संभव है।

लॉरेस लैब्स:शेयर प्राइस हिस्ट्री

3 बजे के आसपास एनएसई पर यह शेयर 121.90 रुपए यानी 7.61% फीसदी की बढ़त के साथ 1725 रुपए के आसपास कारोबार कर रहा था। आज का इसका दिन का हाई 1,734.50 रुपए और दिन का लो 1,617.10 रुपए है। स्टॉक का 52 वीक हाई 1,734.50 रुपए और 52 वीक लो 810.05 रुपए है। 1 हफ्ते में इस शेयर ने 10.49 फीसदी और 1 महीने में 18.76 फीसदी रिटर्न दिया है। 1 साल में इसने 105.42 फीसदी और 3 साल में 400.29 फीसदी रिटर्न दिया है।

KFIN (KFin Technologies) में भी रफ्तार

नतीजों और कॉनकॉल के बाद KFIN टेक भी दौड़ा है। कंपनी ने कॉनकॉल में बताया है कि बैंक बेस्ड वेल्थ मैनेजमेंट प्लेटफॉर्म डील जल्द संभव है। NPS बिजनेस ब्रेकइवेन पर पहुंच गया है। MF मार्केट शेयर 37% से बढ़ाकर 40% करने का लक्ष्य है। पहली तिमाही में कंपनी के साथ 10 करोड़ डॉलर से ज्यादा AUM वाले 6 नए फंड मैनेजर्स जुड़े है। FY27 के अंत तक 40% EBITDA मार्जिन का लक्ष्य है। इंटरनेशनल बिजनेस से मार्जिन में बढ़ोतरी की उम्मीद है।

शेयर की चाल पर एक नजर

3 बजे के आसपास एनएसई पर यह शेयर 92.25 रुपए यानी 10.75% की तेजी के साथ 950 रुपए के आसपास कारोबार कर रहा था। आज का इसका दिन का हाई 955.30 रुपए और दिन का लो 862 रुपए है। स्टॉक का 52 वीक हाई 1,215 रुपए है। 1 हफ्ते में इसने 7.51 फीसदी रिटर्न दिया है। वहीं, 1 महीने में इसने 8.40 फीसदी तेजी दिखाई है। 1 साल में शेयर 18.56 फीसदी टूटा है। वहीं, 3 साल में इसने 140.17 फीसदी रिटर्न दिया है।

 

 

Trading Plan : कच्चे तेल की नरमी और मजबूत रुपये के दम पर बाजार हुआ गुलजार, जानिए अब क्या हो इंडेक्स में कमाई की रणनीति

PMS के नए नियमों से जुड़े सेबी के प्रस्ताव में क्या है, इसके लागू होने के बाद क्या बदलाव आएगा?

सेबी पोर्टफोलियो मैनेजर्स रेगुलेशंस, 2020 में बदलाव की तैयारी में है। रेगुलेटर पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सर्विसेज (पीएमएस) इंडस्ट्री की तेज ग्रोथ को देखते हुए रेगुलेटरी फ्रेमवर्क को आज की जरूरतों को ध्यान में रख बदलना चाहता है। इस बारे में सेबी ने कंसल्टेशन पेपर इश्यू किया है। इस पर 13 अगस्त तक राय मांगी गई है।

पीएमएस के एयूएम में तेज उछाल

पिछले कुछ सालों में पीएमएस इंडस्ट्री की ग्रोथ तेज रही है। 31 मई, 2026 को पीएमएस का एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) बढ़कर 42.61 लाख करोड़ रुपये हो गया। अप्रैल 2019 में यह 18.07 लाख करोड़ रुपये था। पोर्टफोलियो मैनेजर्स की संख्या दोगुनी से ज्यादा हो गई है। 2020 में यह संख्या 226 थी, जो अब बढ़कर 515 हो गई है। पीएमएस क्लाइंट्स की संख्या बढ़कर 2.19 लाख हो गई है।

एसेट्स के  निवेश के विकल्प बढ़ेंगे

सेबी ने कहा है कि पीएमएस इंडस्ट्री की ग्रोथ और इस प्रोडक्ट में इनवेस्टर्स की बढ़ती दिलचस्पी को देखते हुए इससे जुड़े नियमों पर पुनर्विचार जरूर हो गया है। सबसे बड़ा प्रस्ताव पोर्टफोलियो मैनेजर्स के लिए निवेश के विकल्पों का विस्तार है। सेबी ने पोर्टफोलियो मैनेजर्स को ‘लिस्ट होने वाले’ सिक्योरिटीज में निवेश की इजाजत देने का प्रस्ताव दिया है।

विदेशी सिक्योरिटीज में निवेश की इजाजत

सेबी के प्रस्ताव में कहा गया है कि पोर्टफोलियो मैनेजर्स को क्लाइंट्स के एसेट का 10 फीसदी इनवेस्टमेंट-ग्रेड अनलिस्टेड डेट सिक्योरिटीज में निवेश की इजाजत मिलनी चाहिए। इसके अलावा पोर्टफोलियो मैनेजर्स क्लाइंट्स के एसेट्स को विदेशी सिक्योरिटीज में निवेश कर सकेंगे। विदेशी सिक्योरिटीज में विदेश में लिस्टेड शेयर्स, लिस्टेड डेट सिक्योरिटीज, ओवरसीज म्यूचुअल फंड्स आदि शामिल होंगे।

विदेश में निवेश FEMA के नियमों के तहत 

पीएमएस के फंड मैनेजर्स को FEMA के नियमों के तहत विदेश में निवेश की इजाजत होगी। फंड मैनेजर्स को विदेश में निवेश से पहले क्लाइंट्स की सहमति हासिल करनी होगी। सेबी का मानना है कि पीएमएस के नए नियमों के लागू होने के बाद निवेश के लिहाज से म्यूचुअल फंड्स और उसके बीच का फर्क कम हो जाएगा।

यह भी पढ़ें: Income Tax Return: खुद रिटर्न फाइल करें या टैक्स एक्सपर्ट की मदद लें? जानिए क्या हैं एक्सपर्ट्स के जवाब

मिनिमम निवेश 50 लाख से घटकर 25 लाख होगा

सेबी के कंसल्टेशन पेपर में म्यूचुअल फंड-ओनली पीएमएस (MF-PMS) कैटेगरी शुरू करने का भी प्रस्ताव है। इससे अमीर निवेशकों की पहुंच प्रोफेशनली मैनेज्ड पोर्टफोलियो तक बढ़ेगी। प्रस्तावित फ्रेमवर्क के तहत फंड मैनेजर्स को म्यूचुअल फंड्स, ईटीएफ और स्पेशियलाइज्ड इनवेस्टमेंट फंड में निवेश की इजाजत होगी। सेबी ने इस कैटेगरी के लिए मिनिमम निवेश को 50 लाख रुपये से घटाकर 25 लाख करने का प्रस्ताव पेश किया है।

Q1 Results: NBFC कंपनी का मुनाफा 189% उछला, शेयरों पर रहेगी नजर

IIFL Finance Q1 Results: NBFC कंपनी IIFL Finance ने जून तिमाही में शानदार नतीजे पेश किए हैं। अप्रैल-जून तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 189.3% बढ़कर ₹675.1 करोड़ हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी ने ₹233.4 करोड़ का मुनाफा कमाया था। बेहतर लोन ग्रोथ, बढ़ी ब्याज आय और कम प्रावधान (Provision) की वजह से कंपनी का प्रदर्शन मजबूत रहा।

NII में तगड़ा उछाल दिखा

तिमाही के दौरान IIFL Finance की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) 54.8% बढ़कर ₹2,003.9 करोड़ पहुंच गई, जो पिछले साल ₹1,294.7 करोड़ थी। वहीं, प्रावधान घटकर ₹294.2 करोड़ रह गया, जो एक साल पहले ₹512.5 करोड़ था।

कंपनी की कुल आय 34% बढ़कर ₹2,202.4 करोड़ रही। वहीं, Pre-Provision Operating Profit 50% बढ़कर ₹1,252.4 करोड़ और Profit Before Tax 161% बढ़कर ₹928.6 करोड़ हो गया।

गोल्ड लोन बिजनेस में तेजी

IIFL Finance की कुल Assets Under Management (AUM) 38% बढ़कर ₹1.15 लाख करोड़ हो गई। इसमें सबसे बड़ा योगदान गोल्ड लोन कारोबार का रहा। गोल्ड लोन AUM सालाना आधार पर 114% बढ़कर ₹58,406 करोड़ पहुंच गया। इस पोर्टफोलियो का GNPA सिर्फ 0.61% रहा।

होम फाइनेंस AUM बढ़कर ₹41,540 करोड़ और MSME लोन पोर्टफोलियो ₹10,808 करोड़ हो गया। माइक्रोफाइनेंस पोर्टफोलियो भी बढ़कर ₹9,473 करोड़ पहुंच गया।

एसेट क्वालिटी भी मजबूत

IIFL Finance का GNPA 1.6% और NNPA 0.8% रहा। दोनों में पिछली तिमाही के मुकाबले 9-9 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी हुई है। हालांकि, Provision Coverage Ratio बढ़कर 94% पहुंच गया।

कंपनी का RoA 3.1%, RoE 19.5%, बुक वैल्यू ₹333.9 और CRAR 24.3% रहा। कंपनी के पास ₹7,148 करोड़ की लिक्विडिटी भी मौजूद है।

FY27 के लिए क्या है लक्ष्य?

IIFL Finance ने FY27 में करीब 25% AUM ग्रोथ का लक्ष्य रखा है। कंपनी की योजना सिक्योर्ड लेंडिंग बढ़ाने, बैंकों के साथ को-लेंडिंग साझेदारी मजबूत करने, इक्विटी जुटाने और एसेट क्वालिटी बनाए रखने की है।

IIFL Finance का शेयर बुधवार को 0.97% गिरकर ₹566.55 पर बंद हुआ। इसने एक साल में 7.12% का रिटर्न दिया है।

IndusInd Bank Q1 Results: प्रॉफिट 47% बढ़कर 1003 करोड़ रुपये रहा, एसेट क्वालिटी बेहतर हुई

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Bajaj Finance पहुंचा आठ महीने के हाई पर, लगातार पांचवे दिन उछले शेयर, अब ये है अगला ट्रिगर

Bajaj Finance Share Price: बजाज ग्रुप की बजाज फाइनेंस के शेयर लगातार पांचवे कारोबारी दिन ऊपर चढ़ा है। इन पांच दिनों की तेजी के साथ आठ कारोबारी दिनों में यह 14 जुलाई को डेढ़ फीसदी से अधिक की गिरावट को छोड़ बाकी सात दिन यह मजबूत हुआ। आज की बात करें तो यह करीब 1% उछलकर आठ महीने के हाई पर पहुंच गया और अब रिकॉर्ड हाई से काफी करीब आ चुका है। अभी की बात करें तो बजाज फाइनेंस के शेयर बीएसई पर फिलहाल 0.29% की बढ़त के साथ ₹1067.00 पर है। इंट्रा-डे में यह 0.98% उछलकर ₹1,074.40 तक पहुंचा था।

जून में 11% से अधिक की बढ़त के बाद इस महीने अब तक यह 6% से अधिक उछल चुका है। इसके साथ ही पिछले साल सितंबर-अक्टूबर के बाद पहली बार लगातार दूसरे महीने यह मजबूती दिखा रहा है। हालांकि इस तेजी के साथ बजाज फाइनेंस का RSI (रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स) 71 हो गया यानी कि यह ओवरबॉट कैटेगरी में पहुंच गया। आरएसआई के 70 के ऊपर होने का मतलब स्टॉक का ओवरबॉट होना है।

क्यों चढ़ रहा Bajaj Finance का शेयर और अब आगे क्या है ट्रिगर?

बजाज फाइनेंस ने इस महीने की शुरुआत में जून 2026 तिमाही का बिजनेस अपडेट पेश किया था जिससे शेयरों को सपोर्ट मिल रहा है। इस वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में बजाज फाइनेंस का AUM (एसेट्स अंडर मैनेजमेंट) 23.9% बढ़कर ₹5.46 लाख करोड़ पर पहुंच गया तो डिपॉजिट्स भी करीब 15% उछलकर ₹72,109 करोड़ पर पहुंच गया। कंपनी ने जून तिमाही में रिकॉर्ड 51 लाख नए ग्राहक जोड़े और अब इसकी कस्टमर फ्रेंचाइजी 12.44 करोड़ पर पहुंच गई। जून तिमाही के आखिरी में कंपनी का डिपॉजिट बुक ₹68,500 करोड़ था।

बजाज फाइनेंस के लिए अब अगला ट्रिगर 30 जुलाई को आने वाला है, जिस दिन पूरी तिमाही के कारोबारी नतीजे पेश करेगी। नतीजे के साथ-साथ इस वित्त वर्ष 2027 के लिए गाइडेंस पर भी निवेशकों की नजर रहेगी। अपनी एसेट क्वालिटी पर ध्यान देने के लिए बजाज फाइनेंस ने वित्त वर्ष 2027 के लिए अपने ग्रोथ अनुमान को कम कर दिया था। कंपनी ने ग्रोथ के मामले में इस अनुमान को पहले के 25%-30% से घटाकर 22%-24% और नए कस्टमर जोड़ने के मामले में 1.5 करोड़-1.7 करोड़ कर दिया था।

एक साल में कैसी रही बजाज फाइनेंस की चाल

बजाज फाइनेंस के शेयरों ने निवेशकों को करारा झटका दिया। पिछले साल बीएसई पर 23 अक्टूबर 2025 को यह ₹1,102.45 के भाव पर था जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है। इस हाई लेवल से 5 ही महीने में यह 28.49% फिसलकर 23 मार्च 2026 को ₹788.40 पर आ गया था जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है।

Real Estate Stocks: रिकॉर्ड सेल्स और मुनाफे में 3 गुना का उछाल, 7% चढ़ गया इस रियल एस्टेट डेवलपर का शेयर

FII Buying: विदेशी ने इन सेक्टर्स में की ताबड़तोड़ खरीदारी, जुलाई के पहले हाफ में डाले ₹15559 करोड़

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।