Angel One Q1 Results: एंजल वन का मुनाफा 102% बढ़ा, डिविडेंड का भी ऐलान

Angel One Q1 Results: फिनटेक और ब्रोकिंग कंपनी Angel One ने जून तिमाही (Q1FY27) के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 102% यानी दोगुने से ज्यादा बढ़कर ₹231 करोड़ हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी ने ₹114 करोड़ का मुनाफा कमाया था।

रेवेन्यू और ऑपरेटिंग मुनाफा दोनों बढ़े

जून तिमाही में एंजल वन का ऑपरेटिंग रेवेन्यू 25.3% बढ़कर ₹1,430 करोड़ पहुंच गया। एक साल पहले यह ₹1,141 करोड़ था।

वहीं, EBITDA 76.5% बढ़कर ₹485 करोड़ हो गया। EBITDA मार्जिन भी 24% से बढ़कर 34% पहुंच गया। यानी कंपनी पहले के मुकाबले ज्यादा मुनाफे के साथ कारोबार कर रही है।

लोन कारोबार में रिकॉर्ड ग्रोथ

इस तिमाही में एंजल वन का क्लाइंट फंडिंग बुक रिकॉर्ड ₹6,140 करोड़ पर पहुंच गया। यह पिछले साल के मुकाबले 45.9% ज्यादा है।

वहीं, क्रेडिट डिस्ट्रीब्यूशन 129.7% बढ़कर ₹530 करोड़ हो गया। यानी कंपनी ने पहले से कहीं ज्यादा लोन बांटे।

वेल्थ मैनेजमेंट बिजनेस भी तेजी से बढ़ा

एंजल वन का वेल्थ मैनेजमेंट AUM 165.3% बढ़कर ₹13,440 करोड़ हो गया। जून 2026 तक इस कारोबार से 2,400 से ज्यादा ग्राहक जुड़े थे। वहीं, एसेट मैनेजमेंट AUM 81.4% बढ़कर ₹620 करोड़ पहुंच गया।

SIP में थोड़ी कमजोरी दिखी। जून तिमाही में कंपनी के जरिए 17 लाख यूनिक SIP रजिस्टर हुए। यह पिछले साल के मुकाबले 10.3% कम है।

एंजल वन ने क्या कहा?

Angel One के चेयरमैन और एमडी दिनेश ठक्कर ने कहा कि भारत में तेजी से बढ़ रहे निवेश और डिजिटल फाइनेंस का फायदा कंपनी को मिल रहा है।

उन्होंने कहा कि कंपनी का लक्ष्य लोगों की हर वित्तीय जरूरत के लिए सबसे भरोसेमंद फिनटेक प्लेटफॉर्म बनना है। कंपनी यूजर्स की भागीदारी बढ़ाने और लंबे समय में बेहतर वैल्यू देने पर फोकस कर रही है।

₹1 का अंतरिम डिविडेंड

एंजल वन के बोर्ड ने FY27 के लिए ₹1 प्रति शेयर का पहला अंतरिम डिविडेंड घोषित किया है।

  • रिकॉर्ड डेट: 21 जुलाई 2026
  • भुगतान: 14 अगस्त 2026 या उससे पहले

Angel One का शेयर बुधवार को नतीजों से पहले 3.13% चढ़कर ₹344 पर बंद हुआ। इस साल यानी 2026 में स्टॉक अब तक 45.59% का रिटर्न दे चुका है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stocks to Watch: 15 जुलाई को फोकस में रहेंगे ये 15 स्टॉक्स, दिख सकती है बड़ी हलचल

Stocks to Watch: बुधवार, 15 जुलाई के कारोबार में कई शेयर खबरों के चलते फोकस में रह सकते हैं। कुछ कंपनियों ने जून तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। वहीं कुछ को बड़े ऑर्डर, नई मंजूरी और अहम कॉरपोरेट अपडेट मिले हैं। इसके अलावा विदेशी बाजारों से आए संकेत भी कुछ सेक्टरों में हलचल बढ़ा सकते हैं। बाजार खुलने से पहले जानिए किन शेयरों पर रहेगी निवेशकों की नजर।

IT Stocks

आईटी सेक्टर की कंपनियों Infosys और Wipro के ADR में मंगलवार को गिरावट देखने को मिली। इसकी वजह अमेरिकी टेक कंपनी IBM के कमजोर तिमाही नतीजे रहे। इसका असर बुधवार को घरेलू बाजार में Infosys, Wipro, TCS, HCLTech जैसी भारतीय आईटी कंपनियों के शेयरों पर दिख सकता है।

Tata Elxsi

टाटा ग्रुप की कंपनी Tata Elxsi का जून तिमाही में शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 18.2% बढ़कर ₹170.6 करोड़ हो गया। रेवेन्यू भी पहली बार ₹1,000 करोड़ के पार पहुंच गया। इससे पहले कंपनी ने तिमाही नतीजों में बेहतर ग्रोथ दर्ज की थी।

L&T Technology Services

आईटी कंपनी L&T Technology Services (LTTS) ने जून तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का रेवेन्यू, मार्जिन और कॉन्स्टेंट करेंसी ग्रोथ बाजार के अनुमान से थोड़ा बेहतर रहा। वहीं, मुनाफा अनुमान के लगभग बराबर रहा।

Anand Rathi Shares & Stock Brokers

ब्रोकिंग और वेल्थ मैनेजमेंट कंपनी Anand Rathi Shares & Stock Brokers ने FY27 की शुरुआत अच्छी की है। जून तिमाही में कंपनी का शुद्ध मुनाफा 2.2% बढ़ा। वहीं, नेट इंटरेस्ट इनकम, मार्जिन फंडिंग और एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) में मजबूत बढ़ोतरी दर्ज की गई।

ICICI Bank

प्राइवेट सेक्टर के ICICI Bank ने कहा है कि 18 जुलाई को होने वाली बोर्ड बैठक में विदेशी बाजारों से फंड जुटाने की सीमा बढ़ाने पर विचार होगा। इसके तहत बैंक बॉन्ड, नोट्स और ऑफशोर सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट जारी कर पूंजी जुटा सकेगा।

IDBI Bank

सरकारी बैंक IDBI Bank ने कहा है कि वह Fairfax Financial की संशोधित बोली से जुड़ी मीडिया रिपोर्ट की पुष्टि या खंडन नहीं कर सकता। बैंक ने कहा कि रणनीतिक विनिवेश (Strategic Disinvestment) की प्रक्रिया गोपनीय है। यह सफाई शेयर कीमत में हलचल के बाद NSE की ओर से मांगे गए जवाब के बाद दी गई।

Axis Bank

प्राइवेट सेक्टर के Axis Bank ने बताया कि उसकी सब्सिडियरी Axis Finance में प्रेफरेंशियल इश्यू पूरा हो गया है। इसके बाद बैंक की हिस्सेदारी घटकर 94.92% रह गई है। हालांकि, हिस्सेदारी कम होने के बावजूद Axis Bank कंपनी की होल्डिंग कंपनी बना रहेगा।

Capacit’e Infraprojects

इंजीनियरिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी Capacit’e Infraprojects को मुंबई के महालक्ष्मी इलाके में सुपर हाई-राइज टावर T5 के निर्माण का ₹482 करोड़ का ऑर्डर मिला है। इस प्रोजेक्ट में बेसमेंट, पोडियम, क्लबहाउस, सर्विस फ्लोर, पेंटहाउस और टेरेस समेत सिविल निर्माण का काम शामिल है।

DEN Networks

केबल टीवी और ब्रॉडबैंड कंपनी DEN Networks ने जून तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर ₹54 करोड़ से घटकर ₹37 करोड़ रह गया। हालांकि, रेवेन्यू में मामूली बढ़त रही और यह ₹241.3 करोड़ से बढ़कर ₹242.8 करोड़ हो गया।

Delhivery

लॉजिस्टिक्स कंपनी Delhivery को बड़ी मंजूरी मिली है। RBI ने उसकी सब्सिडियरी Delhivery Financial Services को NBFC-ND (Type II) के तौर पर काम करने की अनुमति दे दी है। इससे कंपनी अब फाइनेंशियल सर्विसेज कारोबार को आगे बढ़ा सकेगी।

Kirloskar Brothers

पंप बनाने वाली इंजीनियरिंग कंपनी Kirloskar Brothers की ब्रिटेन स्थित सब्सिडियरी SPP Pumps को बड़ा अंतरराष्ट्रीय ऑर्डर मिला है। कंपनी को Saipem Offshore Construction से 11.67 मिलियन पाउंड (करीब ₹149.59 करोड़) का ऑर्डर मिला है। इसके तहत वर्टिकल पंप और स्पेयर पार्ट्स की सप्लाई की जाएगी।

IOL Chemicals and Pharmaceuticals

फार्मा कंपनी IOL Chemicals and Pharmaceuticals को चीन से बड़ी मंजूरी मिली है। कंपनी के Clopidogrel Bisulfate API को चीन की National Medical Products Administration (NMPA) से मंजूरी मिल गई है। इससे कंपनी के निर्यात कारोबार को मजबूती मिल सकती है।

Easy Trip Planners

ऑनलाइन ट्रैवल कंपनी Easy Trip Planners (EaseMyTrip) ने झारखंड सरकार के पर्यटन विभाग के साथ समझौता किया है। इस साझेदारी के तहत डिजिटल कैंपेन के जरिए राज्य के पर्यटन को बढ़ावा दिया जाएगा। साथ ही देशभर के यात्रियों के बीच झारखंड की पहचान मजबूत करने पर काम होगा।

Jain Resource Recycling

मेटल रीसाइक्लिंग कंपनी Jain Resource Recycling के तमिलनाडु प्लांट में भट्टी में विस्फोट हो गया। इस हादसे में एक कर्मचारी की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हुए हैं। घटना के बाद प्लांट के प्रभावित हिस्से का काम अस्थायी रूप से रोक दिया गया है।

NBCC

सरकारी निर्माण कंपनी NBCC (India) के बोर्ड ने उसकी सब्सिडियरी HSCC (India) के कंपनी में विलय को मंजूरी दे दी है। यह विलय ‘गोइंग कंसर्न’ आधार पर किया जाएगा।

Netweb Share Price: डेटा सेंटर स्टॉक के लिए ₹5000 का टारगेट, BofA ने खरीदने की सलाह दी

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

SBI Funds Management IPO: खुल गया ₹9813 करोड़ का इश्यू, ग्रे मार्केट में गिरी सेहत, निवेश से पहले जान लें ये 10 अहम बातें

SBI Funds Management IPO: देश की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट का ₹9813 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए आज खुल चुका है। पहले यह आईपीओ ₹11,693 करोड़ का था लेकिन प्री-आईपीओ राउंड में 30 बड़े निवेशकों से ₹1880 करोड़ जुटाने के बाद यह आईपीओ अब ₹9813 करोड़ है। यहां इस आईपीओ से जुड़ी 10 अहम बातें बताई जा रही है, जिसे जान लें और फिर आईपीओ में निवेश से जुड़ा फैसला लें।

1. प्राइस बैंड और लॉट साइज

एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के ₹9813 करोड़ के आईपीओ में ₹545-₹574 के प्राइस बैंड और 26 शेयरों के लॉट में पैसे लगा सकते हैं। एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट और एसबीआई के एंप्लॉयीज को हर शेयर ₹54 के डिस्काउंट पर मिलेगा। एसबीआई के शेयरहोल्डर्स के लिए कोई छूट नहीं है।

2. अहम डेट्स

एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट का आईपीओ आज 14 जुलाई को खुला है और 16 जुलाई को बंद होगा। आईपीओ के तहत शेयरों का अलॉटमेंट 17 जुलाई को फाइनल होगा। फिर बीएसई और एनएसई पर 21 जुलाई को एंट्री होगी।

3. एंकर बुक

आईपीओ खुलने से पहले कंपनी ने 129 एंकर निवेशकों से ₹2663 करोड़ जुटाए। इसके तहत ब्लैकरॉक, अबूधाबी इंवेस्टमेंट अथॉरिटी, मॉर्गन स्टैनले, गोल्डमैन सैक्स, सिटीग्रुप और गवर्नमेंट ऑफ सिंगापुर समेत अन्य एंकर निवेशकों को ₹574 के भाव पर 17.09 करोड़ शेयर जारी हुए हैं। इसमें से ₹991 करोड़ के 1.72 करोड़ शेयर एचडीएफसी एएमसी, एक्सिस म्यूचुअल फंड, टाटा म्यूचुअल फंड और मोतीलाल ओसवाल एएमसी समेत 23 घरेलू म्यूचुअल फंड्स को 70 स्कीम्स के जरिए जारी हुए हैं।

4. ग्रे मार्केट में स्थिति यानी GMP

ग्रे मार्केट में एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के शेयरों की स्थिति कमजोर हुई है और आईपीओ खुलने से पहले इसकी जीएमपी ₹110 तक चली गई थी। हालांकि अब यह आईपीओ के अपर प्राइस बैंड से ₹93 यानी 16.20% की GMP (ग्रे मार्केट प्रीमियम) पर है। हालांकि मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक ग्रे मार्केट से मिले संकेतों की बजाय कंपनी के फंडामेंटल्स और फाइनेंशियल के आधार पर ही निवेश का फैसला लेना चाहिए।

5. आईपीओ में कितने शेयर होंगे जारी

एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के आईपीओ के तहत कोई नया शेयर नहीं जारी होगा बल्कि ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत ₹1 की फेस वैल्यू वाले 17,09,56,631 शेयरों की बिक्री हो रही है। इसमें से 12,83,34,397 शेयर एसबीआई और 7,53,74,842 शेयर एमुंडी इंडिया होल्डिंग बेच रहा है।

6. रजिस्ट्रार

एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के आईपीओ का रजिस्ट्रार केफिन टेक है यानी कि शेयरों का अलॉटमेंट फाइनल होने के बाद इसकी साइट पर जारी अलॉटमेंट स्टेटस देख सकेंगे कि कितने शेयर मिले। इसके अलावा बीएसई की साइट पर भी स्टेटस देख सकेंगे।

7. कैसे होगा आईपीओ के पैसों का इस्तेमाल?

चूंकि यह इश्यू पीरी तरह से ऑफर फॉर सेल का है तो आईपीओ का पैसा कंपनी को नहीं मिलेगा बल्कि शेयर बेचने वाले प्रमोटर्स एसबीआई और एमुंडी इंडिया को मिलेगा।

8. कंपनी के बारे में?

AUM (एसेट्स अंडर मैनेजमेंट) के हिसाब से देश की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट एसबीआई म्यूचुअल फंड को मैनेज करती है। यह एसबीआई और एमुंडी का ज्वाइंट वेंचर है। यह इक्विटी फंड्स, डेट फंड्स, हाइब्रिड फंड्स, ईटीएफ और PMS (पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सर्विसेज) जैसे निवेश प्रोडक्ट्स ऑफर करती है। 2025 तक के आंकड़ों के मुताबिक यह र्16.32 लाख करोड़ के एसेट्स मैनेज कर रही है जोकि म्यूचुअल फंड्स को कुल एयूएम का करीब 15.5% है। दिसंबर 2025 तक के आंकड़ों के हिसाब से इंडिविजुअल और इंस्टीट्यूशनल मिलाकर इसके 1.60 करोड़ सब्सक्राइबर्स हैं। इसके पोर्टफोलियो में 126 म्यूचुअल फंड स्कीम्स हैं।

9. कैसी है कारोबारी सेहत?

एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के वित्तीय सेहत की बात करें तो वित्त वर्ष 2024-26 के दौरान इसका शुद्ध मुनाफा सालाना 21% से अधिक की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹3,067.38 करोड़ और टोटल इनकम भी इस दौरान 20% के सीएजीआर से उछलकर ₹4,976.11 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 के आखिरी में कंपनी के रिजर्व और सरप्लस में ₹326.73 करोड़ पड़े थे।

10. क्या है ब्रोकरेजेज का रुझान

एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के आईपीओ पर ब्रोकरेजेज का रुझान पॉजिटिव है। म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री में लीडरशिप पोजिशन, एसबीआई के दमदार डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क के सपोर्ट, मजबूत प्रॉफिटेबिलिटी और हाई ऑपरेटिंग मार्जिन के चलते ब्रोकरेजेज इसे लेकर बुलिश हैं। स्वास्तिक इंवेस्टमार्ट ने इसे सब्सक्राइब रेटिंग दी है तो अरिहंत कैपिटल ने भी लॉन्ग टर्म के लिए इसे सब्सक्राइब करने की सलाह दी है।

अनलिस्टेड मार्केट में निवेश आपकी पॉकेट पर पड़ सकता है भारी

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