Gold Price Today: और नीचे आया गोल्ड, दिल्ली से पटना तक इन 10 शहरों में यहां गहने बनवाना सबसे सस्ता

Gold Rate Today in India: कच्चे तेल में उबाल पर लगातार दूसरे दिन आज गोल्ड की चमक फीकी पड़ी है। 9 सितंबर को ₹1200 चढ़ने के बाद दो दिनों में 24 कैरट वाला 10 ग्राम गोल्ड ₹1050 नीचे आया तो 22 कैरट वाला गोल्ड 8 सितंबर को ₹1100 महंगा होने के बाद दो दिनों में ₹960 सस्ता हुआ। आज की बात करें तो फिलहाल 24 कैरट वाला 10 ग्राम गोल्ड और 22 कैरट वाला ₹10 नीचे आया है। वहीं दूसरी तरफ चांदी की बात करें तो लगातार छह दिनों की स्थिरता के बाद इंडस्ट्रियल डिमांड में सुस्ती के चलते आज इसके भाव कम हुए हैं। एक किलो चांदी आज ₹100 सस्ती हुई है।

सिटीवाइज गोल्ड के भाव

देश के 10 बड़े शहरों में 18 कैरट, 22 कैरट और 24 कैरट शुद्धता वाले 10 ग्राम सोने की कीमत क्या है, आइए जानते हैं…

शहर 24 कैरट 10 ग्राम गोल्ड भाव 22 कैरट 10 ग्राम गोल्ड भाव 18 कैरट 10 ग्राम गोल्ड भाव
दिल्ली₹1,54,450₹1,41,590₹1,15,870
मुंबई₹1,54,300₹1,41,440₹1,15,720
कोलकाता₹1,54,300₹1,41,440₹1,15,720
चेन्नई₹1,54,300₹1,41,440₹1,19,140
बेंगलुरू₹1,54,300₹1,41,440₹1,15,720
हैदराबाद₹1,54,300₹1,41,440₹1,15,720
लखनऊ₹1,54,450₹1,41,590₹1,15,870
पटना₹1,54,350₹1,41,490₹1,15,770
जयपुर₹1,54,450₹1,41,590₹1,15,870
अहमदाबाद₹1,54,350₹1,41,490₹1,15,770

छह दिनों की स्थिरता के बाद फिसली चांदी

चांदी की बात करें तो लगातार छह दिनों की स्थिरता के बाद आज इसकी चमक फीकी पड़ी है। इससे पहले महीने की शुरुआत में 1 और 2 सितंबर को एक किलो चांदी ₹5000-₹5000 सस्ती हुई थी और फिर 3 सितंबर को ₹5 हजार महंगी हुई थी। अब आज की बात करें तो दिल्ली में एक किलो चांदी ₹100 सस्ती होकर ₹2,49,900 के भाव में बिक रही है। बाकी अहम महानगरों की बात करें तो मुंबई और कोलकाता में भी यह इसी भाव पर बिक रही है। हालांकि चेन्नई में एक किलो चांदी का भाव ₹2,54,900 है यानी कि चारों बड़े महानगरों में सबसे महंगी चांदी चेन्नई में बिक रही है।

क्या कहना है एक्सपर्ट का

एचडीएफसी सिक्योरिटीज में कमोडिटीज के सीनियर एनालिस्ट सौमिल गांधी का कहना है कि गोल्ड एक सीमित दायरे में बना हुआ है, क्योंकि अमेरिका में इनफ्लेशन का डेटा आने से पहले इनवेस्टर्स सावधानी बरत रहे हैं। उनका कहना है कि क्रूड ऑयल में लगातार उछाल ने चिंता बढ़ा दी है। माना जा रहा है कि अगर क्रूड लंबे समय तक हाई लेवल पर बना रहता है तो महंगाई बढ़ेगी। इससे इंटरेस्ट रेट भी लंबे समय तक हाई लेवल पर बना रह सकता है। इसका खराब असर सोने-चांदी की कीमतों पर पड़ेगा। इंटरेस्ट रेट बढ़ने के माहौल में सोने की चमक घट जाती है।

कुछ दिनों बाद 16 सितंबर को अमेरिकी फेडरल रिजर्व मौद्रिक नीतियों का ऐलान करने वाला है। अमेरिकी केंद्रीय बैंक के चेयरमैन केविन वॉर्श यह संकेत दे चुके हैं कि फिलहाल उनका फोकस इनफ्लेशन को कंट्रोल करने पर है लेकिन वह अगस्त में इनफ्लेशन के डेटा को देखने के बाद ही इस बारे में फैसला लेंगे। अमेरिका में इनफ्लेशन के डेटा 11 सितंबर को आने वाले हैं।

Gold Return: सरकारी गोल्ड स्कीम ने निवेशकों को किया मालामाल

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Gold Silver Prices Today: दिल्ली में सोना लगातार तीसरे दिन गिरा, चांदी ₹2300 उछली

Gold Silver Prices Today: दिल्ली सर्राफा बाजार में 9 सितंबर को सोने में लगातार तीसरे दिन गिरावट आई। इसकी वजह लोकल मार्केट में सोने की कमजोर मांग बताई जा रही है। सोना 100 रुपये गिरकर 1,58,000 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। चांदी की कीमतों में उछाल दिखा। लगातार दूसरे चांदी की चमक बढ़ी। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी में तेजी दिखी।

चांदी में 2300 रुपये का उछाल

दिल्ली सर्राफा बाजार में चांदी 2,300 रुपये चढ़कर 2,43,400 रुपये प्रति किलो ग्राम पर पहुंच गई। एचडीएफसी सिक्योरिटीज में कमोडिटीज के सीनियर एनालिस्ट सौमिल गांधी ने कहा, “सोने की कीमतें सीमित दायरे में बनी हुई हैं, क्योंकि अमेरिका में इनफ्लेशन का डेटा आने से पहले इनवेस्टर्स सावधानी बरत रहे हैं।”

क्रूड में उछाल ने बढ़ाई चिंता

उन्होंने कहा कि क्रूड ऑयल में लगातार उछाल ने चिंता बढ़ा दी है। माना जा रहा है कि अगर क्रूड लंबे समय तक हाई लेवल पर बना रहता है तो महंगाई बढ़ेगी। इससे इंटरेस्ट रेट भी लंबे समय तक हाई लेवल पर बना रह सकता है। इसका खराब असर बुलियन की कीमतों पर पड़ेगा। इंटरेस्ट रेट बढ़ने के माहौल में सोने की चमक घट जाती है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने-चांदी में तेजी

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने में तेजी दिखी। यह 1 फीसदी चढ़कर 4,399.22 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। चांदी भी करीब 1 फीसदी की मजबूती के साथ 66.25 डॉलर प्रति औंस पर थी। अगले हफ्ते अमेरिकी केंद्रीय बैंक अपनी पॉलिसी का ऐलान करेगा। अगर 16 सितंबर को फेडरल रिजर्व इंटरेस्ट रेट बढ़ाता है तो इसका खराब असर सोने पर पड़ेगा। अगर वह इंटरेस्ट रेट में बदलाव नहीं करता है तो सोने की चमक बढ़ सकती है।

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11 सितंबर के अमेरिका में इनफ्लेशन डेटा पर नजर

अमेरिकी केंद्रीय बैंक के चेयरमैन केविन वॉर्श यह संकेत दे चुके हैं कि फिलहाल उनका फोकस इनफ्लेशन को कंट्रोल करने पर है। हालांकि, वह अगस्त में इनफ्लेशन के डेटा को देखने के बाद ही इस बारे में फैसला लेंगे। 11 सितंबर को अमेरिका में इनफ्लेशन के डेटा आने वाले हैं।

Mutual Funds: सोने ने दिया 9% रिटर्न, फिर भी निवेशकों ने इन फंड्स में लगाए ₹1.40 लाख करोड़

Mutual Funds: जुलाई 2026 में सोने ने करीब 9% का रिटर्न दिया। इसके बावजूद भारतीय निवेशकों ने सबसे ज्यादा भरोसा मनी मार्केट फंड्स पर जताया। Vallum Capital की अगस्त 2026 की Monthly Macro Grid Chartbook के मुताबिक, जुलाई में इन फंड्स में 1.40 लाख करोड़ रुपये का निवेश आया। दिलचस्प बात यह है कि जून में इसी कैटेगरी से 65,530 करोड़ रुपये निकल गए थे।

सिर्फ मनी मार्केट फंड ही नहीं, फिक्स्ड इनकम फंड्स में भी वापसी देखने को मिली। जुलाई में इनमें 5,947 करोड़ रुपये का निवेश आया, जबकि जून में 53,006 करोड़ रुपये की निकासी हुई थी। दूसरी तरफ, सोने की कीमत बढ़ने के बावजूद प्रेशियस मेटल फंड्स में निवेश घटकर 4,084 करोड़ रुपये रह गया, जो जून में 8,680 करोड़ रुपये था।

SIP में लगातार बढ़ रहा निवेश

सुरक्षित निवेश की तरफ झुकाव का मतलब यह नहीं था कि निवेशकों ने शेयर बाजार से दूरी बना ली। Franklin Templeton India की रिपोर्ट के मुताबिक, जुलाई में SIP योगदान 12% बढ़कर 31,961 करोड़ रुपये पहुंच गया। वहीं SIP खातों की संख्या भी 12.5% बढ़कर 10.63 करोड़ हो गई।

हालांकि, औसत मासिक SIP योगदान में मामूली गिरावट आई। यह 3,012 रुपये से घटकर 3,007 रुपये रह गया।

म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री ने बनाया नया रिकॉर्ड

जुलाई में म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री का कुल एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) बढ़कर रिकॉर्ड 85.8 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया। इस दौरान इक्विटी फंड्स का AUM 15.3% बढ़कर 38.40 लाख करोड़ रुपये हो गया। वहीं पैसिव फंड्स का AUM सालाना आधार पर 24% से ज्यादा बढ़ा।

सबसे ज्यादा पैसा कहां गया?

इक्विटी फंड्स के भीतर भी निवेशकों की पसंद साफ नजर आई। स्मॉलकैप फंड्स में जुलाई के दौरान 7,768 करोड़ रुपये आए, जबकि मिडकैप फंड्स में 6,192 करोड़ रुपये का निवेश हुआ। Vallum Capital के मुताबिक, जुलाई में माइक्रोकैप शेयर 4.6% और स्मॉलकैप शेयर 2.8% चढ़े।

निवेशकों ने क्यों सुरक्षित विकल्प चुने?

डेटा बताता है कि जुलाई में निवेशकों ने सिर्फ सबसे ज्यादा रिटर्न देने वाली एसेट क्लास का पीछा नहीं किया। एक तरफ SIP और इक्विटी में निवेश जारी रहा, तो दूसरी तरफ बड़ी रकम मनी मार्केट और फिक्स्ड इनकम फंड्स में गई। इससे साफ है कि निवेशक बेहतर रिटर्न के साथ-साथ लिक्विडिटी और कम जोखिम वाले विकल्पों को भी प्राथमिकता दे रहे थे।

Vallum Capital का कहना है कि जुलाई में सोने की तेजी की बड़ी वजह अमेरिका की उम्मीद से कमजोर जॉब्स रिपोर्ट रही। इससे फेडरल रिजर्व की अगली ब्याज दर बढ़ोतरी की उम्मीद कुछ कमजोर पड़ी। साथ ही अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में नरमी ने भी सोने की कीमतों को सहारा दिया।

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