63 Moons Tech Share Price: सब्सिडियरी ने FY27 के लिए रेवेन्यू अनुमान बढ़ाया, शेयर ने लगाई 12% तक की छलांग

63 मून्स टेक्नोलॉजीस के शेयरों में 12 अक्टूबर को दिन में जबरदस्त खरीद देखने को मिली। BSE पर शेयर पिछले बंद भाव से लगभग 12.5 प्रतिशत तक उछलकर 860.30 रुपये के हाई तक गया। कंपनी का मार्केट कैप 3800 करोड़ रुपये के करीब पहुंच गया है। कंपनी ने एक दिन पहले शेयर बाजारों को अप्रैल-सितंबर 2026 छमाही के लिए अपनी सब्सिडियरी 63SATS Cybertech Ltd का बिजनेस अच्छा रहने की जानकारी दी थी। सब्सिडियरी ने बिलिंग में जबरदस्त बढ़ोतरी के बारे में बताया है और वित्त वर्ष 2026-27 के लिए बिल किए गए रेवेन्यू का अनुमान बढ़ा दिया है।

इनवेस्टर अपडेट के अनुसार, सितंबर 2026 ​छमाही के लिए 63SATS Cybertech का प्रोविजनल बिल्ड रेवेन्यू 218 करोड़ रुपये रहा। यह पूरे वित्त वर्ष 2026 के दौरान बिल किए गए 87 करोड़ रुपये के रेवेन्यू से लगभग 2.5 गुना ज्यादा है। बिलिंग जून 2026 तिमाही में 102.57 करोड़ रुपये थी। सितंबर 2026 तिमाही में यह 115.64 करोड़ रुपये हो गई।

FY27 में अब कितने रेवेन्यू का अनुमान

63SATS Cybertech ने वित्त वर्ष 2027 के लिए अपने बिल किए गए रेवेन्यू का अनुमान 350 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 600 करोड़ रुपये कर दिया है। कंपनी ने अपने क्लाइंट बेस में भी बढ़ोतरी की जानकारी दी है। एंटरप्राइज क्लाइंट्स की संख्या वित्त वर्ष 2026 में 72 थी। सितंबर 2026 छमाही में यह 107 हो गई।

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63 Moons Technologies शेयर 6 महीनों में 50 प्रतिशत चढ़ा

शेयर की फेस वैल्यू 2 रुपये है। यह BSE 1000 इंडेक्स का हिस्सा है। शेयर 3 महीनों में 20 प्रतिशत और 6 महीनों में करीब 50 प्रतिशत मजबूत हुआ है। 2 साल में यह लगभग 90 प्रतिशत और 3 साल में 230 प्रतिशत की बढ़त देख चुका है। 5 साल में कीमत 680 प्रतिशत उछली है। जून 2026 के आखिर तक कंपनी में प्रमोटर्स के पास 45.63 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। शेयर का BSE पर 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 957.70 रुपये और एडजस्टेड लो 465.55 रुपये है।

BSE पर मौजूद डेटा के मुताबिक, 63 मून्स टेक्नोलॉजीस का जून 2026 तिमाही में स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 36.12 करोड़ रुपये रहा। शुद्ध मुनाफा 3.15 करोड़ रुपये और प्रति शेयर अर्निंग 68 लाख रुपये दर्ज की गई। पूरे वित्त वर्ष 2026 के दौरान कंपनी का स्टैंडअलोन रेवेन्यू 108.96 करोड़ रुपये, शुद्ध मुनाफा 174.66 करोड़ रुपये और प्रति शेयर अर्निंग 37.91 करोड़ रुपये रही।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Bonus Share: एंटरटेनमेंट कंपनी बांट रही है बोनस शेयर, रिकॉर्ड डेट 12 अक्टूबर; 3 महीने में पैसा हुआ डबल से ज्यादा

JOJO Ltd बोनस शेयर देने वाली है। शेयरहोल्डर्स को उनके पास मौजूद हर 1 शेयर पर 1 नया शेयर बोनस के तौर पर मिलेगा। रिकॉर्ड डेट 12 अक्टूबर है। इस तारीख तक जिन लोगों के नाम शेयरों के लाभार्थी मालिकों के तौर पर रजिस्टर ऑफ मेंबर्स ऑफ द कंपनी या डिपॉजिटरीज के रिकॉर्ड्स में दर्ज होंगे, वे बोनस शेयर के हकदार होंगे।

शेयर की फेस वैल्यू 5 रुपये है। बोनस शेयरों के अलॉटमेंट की तारीख भी 12 अक्टूबर है। JOJO Ltd का पुराना नाम मधुवीर कॉम l8 नेटवर्क लिमिटेड था। यह गुजरात की एंटरटेनमेंट और मीडिया कंपनी है। इसका एक गुजराती OTT स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म है, यह फिल्में बनाती है, साथ ही लाइव इवेंट्स भी आयोजित करती है। कंपनी फार्मा ट्रेडिंग के बिजनेस में भी है। जोजो के फाउंडर और मैनेजिंग डायरेक्टर ध्रुविन शाह हैं।

कंपनी के 70 लाख से ज्यादा ग्लोबल गुजराती यूजर हैं। जोजो के कंटेंट में फिल्में, शोज, वेब सीरीज, माइक्रो ड्रामा; बच्चों के लिए एनिमेटेड, एजुकेशन कंटेंट आदि शामिल है। इसके कुछ गेम्स भी हैं। कंपनी की ​सब्सिडियरीज में जोजो स्टूडियोज, जोजो ग्लोबल इंक और प्रीमियर एड्स वर्ल्ड शामिल हैं।

JOJO का शेयर 5 साल में 17500 प्रतिशत मजबूत

जोजो लिमिटेड के शेयर की कीमत वर्तमान में BSE पर 228 रुपये है। कंपनी का मार्केट कैप 1100 करोड़ रुपये है। कंपनी में 7 अगस्त 2026 तक प्रमोटर्स के पास 67.79 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। शेयर की कीमत 3 महीनों में 110 प्रतिशत और एक साल में 160 प्रतिशत चढ़ी है। 2 साल में शेयर 200 प्रतिशत, 3 साल में 1000 प्रतिशत और 5 साल में 17500 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़त देख चुका है। शेयर का BSE पर 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 235.10 रुपये और एडजस्टेड लो 72 रुपये है।

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कंपनी की वित्तीय सेहत

अप्रैल-जून 2026 तिमाही में जोजो लिमिटेड का रेवेन्यू 4.16 करोड़ रुपये रहा। इस बीच शुद्ध मुनाफा 1 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। प्रति शेयर अर्निंग 32 लाख रुपये रही। वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान कंपनी का रेवेन्यू 22.53 करोड़ रुपये, शुद्ध मुनाफा 5.89 करोड़ रुपये और प्रति शेयर अर्निंग 2.31 करोड़ रुपये रही।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Market Outlook : बाजार में दिखी जोरदार तेजी, जानिए 12 अक्टूबर को कैसी रह सकती है इसकी चाल

Market Outlook : शुक्रवार को भारतीय शेयर बाज़ार में ज़बरदस्त तेज़ी देखने को मिली है। क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) के बाद सेंसेक्स 879 अंक यानी 1.23%) बढ़कर 72,472 पर और निफ्टी 289 अंक यानी 1.30% बढ़कर 22,520 पर बंद हुआ। बाज़ार का रुख पॉजिटिव रहा। 2,344 शेयरों में बढ़त हुई जबकि 1,686 शेयरों में गिरावट आई। सेक्टर के हिसाब से देखें तो IT सेक्टर में सबसे ज़्यादा 3.02% की तेज़ी रही, जबकि FMCG में 2.25% और PSU बैंकों में 1.62% की बढ़त दर्ज की गई। मिडकैप शेयरों में 1.46% और स्मॉलकैप शेयरों में 0.55% की बढ़त हुई, वहीं इंडिया VIX में 6.09% की गिरावट आई। TCS, ITC और अपोलो हॉस्पिटल्स में से हर एक में 4% से ज़्यादा की बढ़त हुई और ये निफ्टी में सबसे ज़्यादा बढ़त वाले शेयरों में शामिल रहे।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ़ रिसर्च, विनोद नायर का कहना है कि हाल ही में आई भारी गिरावट के बाद, वैल्यू बाइंग और शॉर्ट कवरिंग के दम पर घरेलू इक्विटी मार्केट में राहत भरी रैली देखने को मिली। Q2 अर्निंग्स सीज़न की मज़बूत शुरुआत और AI-आधारित रेवेन्यू के मौकों पर बढ़ते भरोसे के कारण IT शेयरों ने बेहतर प्रदर्शन किया। ईरान के ख़िलाफ़ किसी भी संभावित अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के मिड-टर्म चुनावों से पहले होने की संभावना कम होने के संकेतों से भू-राजनीतिक चिंताएं कम हुईं। इससे कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आई और बाज़ार के सेंटीमेंट में सुधार हुआ। हालांकि, लगातार हो रही FII की बिकवाली और ग्लोबल बॉन्ड यील्ड में तेजी, रिकवरी की उम्मीदों पर दबाव बनाए हुए है। RBI के ‘कैलिब्रेटेड टाइटनिंग’ (सोच-समझकर सख्ती) के रुख के बाद, निवेशक अब ब्याज दरों की चाल के बारे में और संकेतों के लिए सोमवार को आने वाले घरेलू CPI डेटा का इंतज़ार कर रहे हैं। आगे चलकर, Q2 के नतीजे (जिसके सालाना आधार पर अच्छा रहने का अनुमान है) बाज़ार में आई तेज़ी के बने रहने के लिहाज़ से अहम होंगे।

LKP सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे का कहना है कि आज शुक्रवार को निफ्टी में अच्छी रिकवरी दिखी और इसमें 1% से ज़्यादा की बढ़त हुई। हालांकि, यह 22,600 के आसपास बने 50EMA के लेवल को पार नहीं कर पाया। अगर इंडेक्स 22,600–22,650 के रेजिस्टेंस ज़ोन के ऊपर जाता है तो शॉर्ट-टर्म ट्रेंड में सुधार हो सकता है और रिकवरी जारी रह सकती है। लेकिन, अगर यह इस ज़ोन को पार नहीं कर पाता है, तो बाज़ार में फिर से कमज़ोरी आ सकती है। निचले स्तर पर इसके लिए 22,450, 22,350 और 22,100 पर सपोर्ट हैं।

360 ONE वेल्थ की प्रेसिडेंट अनु जैन ने एक अहम टेक्निकल गड़बड़ी की ओर इशारा करते हुए कहा कि मार्केट अपने 200 वीक के मूविंग एवरेज (जो एक लॉन्ग-टर्म सपोर्ट लेवल है) से नीचे आ गया है। इससे पता चलता है कि एडजस्टमेंट का दौर अभी और चल सकता है। या तो कीमतें और गिर सकती हैं या फिर लंबे समय तक कंसोलिडेशन का दौर रह सकता है। इससे पता चलता है कि अभी और मुश्किल दौर आ सकता है। टेक्निकल इंडीकेटर बताते हैं कि बाजार में अभी और गिरावट की गुंजाइश है।

बजाज ऑल्ट्स की ग्रुप प्रेसिडेंट (इन्वेस्टमेंट्स) और मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO लक्ष्मी अय्यर ने हाल में आई गिरावट को मार्केट में बनी अस्वाभाविक तेजी ज़रूरी सफ़ाई बताते हुए कहा है कि मोमेंटम इंडिकेटर कमज़ोर हुए हैं और मार्केट के मज़बूत स्थिति में आने से पहले निवेशकों को और उतार-चढ़ाव के लिए तैयार रहना चाहिए। अय्यर ने मौजूदा दौर की तुलना समुद्र मंथन से करते हुए कहा क पहले ज़हर मिलेगा, लेकिन आपको अमृत का इंतज़ार करना होगा। यानी असल वैल्यू सामने आने से पहले उथल-पुथल का दौर देखने को मिलेगा।

अभी हर जगह वैल्यूएशन की स्थिति सही नहीं है। अय्यर ने कहा कि वैल्यूएशन अब धीरे-धीरे सही स्तर की ओर बढ़ रहे हैं और बाज़ार के कुछ हिस्सों में ये लंबे समय के औसत से नीचे आ गए हैं। लार्ज-कैप की वैल्यूएशन ठीक लग रही है, लेकिन कई सालों की ज़बरदस्त री-रेटिंग के बाद मिड-कैप और स्मॉल-कैप में अभी भी बहुत ज़्यादा राहत की गुंजाइश नहीं दिख रही है।

उन्होंने आगे कहा कि मिड कैप स्टॉक लार्जकैप के मुकाबले 55-60% प्रीमियम पर ट्रेड कर रहे हैं और स्मॉल-कैप में भी लगभग इतना ही प्रीमियम मिल रहा है। फिर भी, उनका कहना है कि कई मिड साइज़ कंपनियों की अर्निंग में मज़बूती बनी हुई है, इसलिए यह बिना सोचे-समझे खरीदारी करने के बजाय सोच-समझकर निवेश करने वालों का बाज़ार है। यह स्टॉक पिकर्स) का बाज़ार है।

नुवामा एसेट मैनेजमेंट के प्रेसिडेंट और हेड, अंशु कपूर की राय है कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स के लिए भारत अभी भी पसंदीदा मार्केट नहीं है, क्योंकि दूसरे मार्केट में तुलनात्मक रूप से बेहतर मौके मिल रहे हैं। उनका कहना यह नहीं है कि भारत का स्ट्रक्चरल आकर्षण खत्म हो गया है, बल्कि यह है कि मार्केट में उतार-चढ़ाव की वजह से निकट भविष्य में कुछ और मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market View : बाजार का ढ़ांचा कमजोर, एक्सपर्ट्स जानिए अब क्या होनी चाहिए निवेश रणनीति

Market View : ग्लोबल मार्केट में बिकवाली का असर भारतीय इक्विटी इंडेक्स पर भी पड़ा। US बॉन्ड यील्ड में तेजी और इंटरनेशनल क्रूड ऑयल की कीमतें बढ़कर $102 प्रति बैरल से ऊपर पहुंचने के कारण बेंचमार्क निफ्टी 52-हफ्ते के नए निचले स्तर पर आ गया। FII द्वारा घरेलू शेयरों की भारी बिकवाली और RBI द्वारा ब्याज दरों में और बढ़ोतरी की आशंका से भी लोकल इन्वेस्टर्स में घबराहट है,क्योंकि ऊंची ब्याज दरों से लॉन्ग-टर्म ग्रोथ की संभावनाओं पर बुरा असर पड़ेगा। इसके चलते 8 अक्टूबर को भारतीय इक्विटी इंडेक्स में भारी गिरावट देखी गई और निफ्टी 22,250 के स्तर से नीचे आ गया। सेंसेक्स 1,045.46 अंक यानी 1.44% गिरकर 71,593.24 पर बंद हुआ,जबकि निफ्टी 371.25 अंक यानी 1.64% गिरकर 22,231.80 पर आ गया।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स में हेड ऑफ़ रिसर्च,विनोद नायर का कहना है कि घरेलू बाजार में आज भारी बिकवाली का दौर जारी रहा। RBI की सख़्त पॉलिसी का असर उन सेक्टर्स पर पड़ा जो ब्याज दरों में बदलाव के प्रति संवेदनशील हैं, जिससे शॉर्ट-टर्म वैल्यूएशन मल्टीपल्स में बदलाव आया। FII की लगातार निकासी,बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और रुपये की गिरती कीमत ने इस दबाव को और बढ़ा दिया।

इसके अलावा,कच्चे तेल की कीमतों में वोलैटिलिटी,जो लगातार $100 के स्तर से ऊपर बनी हुई हैं,देश की अर्थव्यवस्था के लिए एक चुनौती बनी हुई हैं। अच्छे हाई-फ़्रीक्वेंसी डेटा से मजबूत घरेलू अर्थव्यवस्था का पता चलता है, जबकि ब्याज दरों में और बढ़ोतरी की संभावना इक्विटी वैल्यूएशन को दबाए हुए है।

मार्जिन से जुड़ी चिंताओं और टैक्टिकल प्रॉफ़िट बुकिंग के बीच मिड-कैप और स्मॉल-कैप शेयरों में सुस्ती रही। आगे बाज़ार का फोकस अब Q2 अर्निंग्स सीज़न पर है,जहां डिमांड की स्थिरता और इनपुट कॉस्ट को संभालने के बारे में मैनेजमेंट की कमेंट्री शॉर्ट-टर्म के लिए बाजार की दिशा तय करेंगी।

रेलिगेयर ब्रोकिंग के SVP-रिसर्च,अजीत मिश्रा का कहना है कि गुरुवार को बाजार में भारी बिकवाली का दबाव देखा गया और बाजार लगभग 1.5 फीसदी नीचे आ गया। कमजोर शुरुआत के बाद बेंचमार्क इंडेक्स ज्यादातर समय दबाव में रहे और अंत में दिन के निचले स्तर के करीब बंद हुए। बाजार में चौतरफा बिकवाली रही।

सेक्टर के लिहाज से देखें तो बिकवाली हर तरफ थी। मेटल, रियल्टी और एनर्जी सेक्टर में सबसे ज़्यादा गिरावट देखी गई,जबकि IT एकमात्र ऐसा सेक्टर था जिसने कुछ हद तक मजबूती दिखाई।

ब्रॉडर मार्केट में और भी तेज बिकवाली हुई इससे मिडकैप और स्मॉलकैप दोनों इंडेक्स 2% से ज्यादा गिरे। इससे साफ पता चलता है कि बाजार में जोखिम लेने से बचा जा रहा है और बाजार का दायरा (मार्केट ब्रेड्थ) कमजोर हो रहा है।

घरेलू और ग्लोबल मैक्रो चिंताओं का बाजार के सेंटीमेंट पर भारी असर रहा। RBI के रेपो रेट को 25 bps बढ़ाकर 5.50% करने और ‘कैलिब्रेटेड टाइटनिंग’ (सोच-समझकर सख्ती) की ओर रुख करने के फैसले से वित्तीय हालात के और सख्त होने की चिंता बढ़ गई है। साथ ही,भू-राजनीतिक तनाव और सप्लाई से जुड़ी चिंताओं के बीच ब्रेंट क्रूड की कीमत $102–103 प्रति बैरल के स्तर से ऊपर चली गई। जबकि US 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड 5.3% के आसपास ऊंचे स्तर पर बनी हुई है। TCS के तिमाही नतीजों से पहले सावधानी का माहौल और IT सेक्टर में घबराहट ने भी बाजार पर असर डाला।

तकनीकी तौर पर,मामूली सुधार (पुलबैक) के बाद निफ़्टी ने एक बार फिर अप्रैल 2026 के निचले स्तर 22,182.55 को टेस्ट किया है जो मौजूदा ढांचे में और कमजोरी का संकेत है। अगर यह स्तर निर्णायक रूप से टूटता है तो बाजार 21,700–22,000 के जोन की ओर जा सकता है।

ऊपर की तरफ़,22,400 का स्तर तत्काल रेजिस्टेंस का काम कर सकता है और उसके बाद 22,700–22,800 अगला बड़ा रेजिस्टेंस हो सकता है। मौजूदा गिरावट के दौर में इंडेक्स के नए निचले स्तर बनाने और बाजार के दायरे में तेजी से गिरावट के कारण,निकट भविष्य के लिए सतर्क रहने की ज़रूरत है।

बाजार में अपनी पोजीशन उसी हिसाब से बनानी चाहिए और हेज्ड अप्रोच (जोखिम कम करने वाला तरीका) अपनाना चाहिए, खासकर इसलिए क्योंकि अर्निंग सीजन के दौरान बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ने की संभावना है।

LKP सिक्योरिटीज में सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे का कहना है कि इंडेक्स में गिरावट जारी रही और यह पिछले सेशन के निचले स्तर से भी नीचे चला गया। पूरे सेशन के दौरान मंदड़ियों का दबदबा बना रहा और तेजड़ियों को कोई राहत नहीं मिली।

चाहे वह आवरली चार्ट हो या वीकली चार्ट, इंडेक्स क्रिटिकल मूविंग एवरेज से नीचे बना हुआ है। यह लगातार बनी कमजोरी का संकेत है। हालात निराशाजनक लग रहे हैं और यह माहौल कुछ और दिनों तक ऐसा ही बना रह सकता है।

RSI बेयरिश क्रॉसओवर में है और ओवरसोल्ड जोन में बना हुआ है। निचले स्तर पर निफ्टी के लिए 22180 पर सपोर्ट है। इसके नीचे जाने पर इंडेक्स में और गिरावट आ सकती है और यह 22000 के स्तर तक जा सकता है। ऊपर की तरफ 22350 पर रेजिस्टेंस है।

 

Market Outlook : कमजोर नोट पर बंद हुए सेंसेक्स-निफ्टी, जानिए 9 सितंबर को कैसी रह सकती है इनकी चाल

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

RBI पॉलिसी के दिन क्या बाजार बनाएगा बॉटम या फिर होगा ट्रैप, जानें गिफ्ट निफ्टी से कैसे मिल रहे है संकेत

Gity Nifty Indicator: बुधवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी के निचले स्तर पर खुलने की संभावना है। GIFT निफ्टी में लगभग 100 अंकों की गिरावट आई है, जो लगातार 2 सत्रों की बढ़त के बाद कमजोर शुरुआत का संकेत है। एशियाई बाजारों में गिरावट और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल बाजार की धारणा पर असर डाल सकते हैं, भले ही वॉल स्ट्रीट के S&P 500 और नैस्डैक ने रात भर रिकॉर्ड ऊंचाई पर कारोबार बंद किया हो। निवेशक आज बाद में आने वाले भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति के फैसले से पहले भी सतर्क रहेंगे।

GIFT निफ्टी सुबह 8 बजे के आसपास 22,677 पर कारोबार कर रहा था, जो 97 अंक या 0.43 फीसदी नीचे था। मंगलवार को भारतीय इक्विटी ने लगातार दूसरे सत्र में अपनी बढ़त जारी रखी, जिसमें व्यापक खरीदारी और सकारात्मक वैश्विक संकेतों ने मदद की। सेंसेक्स 685.34 अंक या 0.95 प्रतिशत बढ़कर 73,067.81 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 220.35 अंक या 0.98 प्रतिशत बढ़कर 22,776.10 पर पहुंच गया।

वैश्विक स्थिति मिली-जुली है। अमेरिकी शेयरों में रिकॉर्ड तेजी आई क्योंकि ट्रेजरी यील्ड में कमी आई और निवेशकों ने अपना ध्यान आगामी अर्निंग सीजन की ओर लगाया, लेकिन एशियाई इक्विटी वॉल स्ट्रीट की तरह ऊपर नहीं जा सकीं। इस बीच, आपूर्ति संबंधी चिंताओं के कारण ब्रेंट क्रूड की कीमत फिर से $101 प्रति बैरल से ऊपर चली गई।

हालांकि, विदेशी संस्थागत निवेशक लगातार आठवें सत्र में बिकवाली करते रहे, हालांकि बिकवाली की गति धीमी रही। FII ने 2,961 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 5,000 करोड़ रुपये से अधिक के शेयर खरीदे।

वॉल स्ट्रीट के रिकॉर्ड के बावजूद एशियाई बाजारों में गिरावट

प्रमुख अमेरिकी सूचकांकों के रिकॉर्ड स्तर पर बंद होने के बावजूद बुधवार को एशियाई इक्विटी में गिरावट के साथ कारोबार हुआ, जिसमें MSCI एशिया पैसिफिक इंडेक्स 0.4 फीसदी गिर गया। जापानी और दक्षिण कोरियाई इक्विटी में गिरावट आई, जबकि ताइवान में बढ़त के साथ कारोबार हुआ। जापान का Topix 0.3 फीसदी गिरा, हांगकांग का Hang Seng 0.6 फीसदी नीचे आया, और ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200 लगभग स्थिर रहा। Nikkei 225 फ्यूचर्स में 0.5 फीसदी की गिरावट आई। US इक्विटी फ्यूचर्स काफी हद तक स्थिर रहे, एशियाई कारोबार में S&P 500 फ्यूचर्स में कोई खास बदलाव नहीं हुआ।

S&P 500 और Nasdaq रिकॉर्ड ऊंचाई पर बंद हुए

मंगलवार को US शेयरों में तेजी आई क्योंकि कच्चे तेल की कीमतें स्थिर हो गईं और ट्रेजरी यील्ड में कमी आई, जिससे निवेशकों का ध्यान तीसरी तिमाही के आने वाले अर्निंग्स सीज़न की ओर गया। हाल के हफ्तों में कर्ज लेने की ऊंची लागत ने जोखिम लेने की इच्छा पर असर डाला था, ऐसे में US ट्रेजरी यील्ड में कमी से कुछ राहत मिली।

इस व्यापक तेजी ने S&P 500 और Nasdaq को रिकॉर्ड क्लोजिंग ऊंचाई पर पहुंचा दिया। S&P 500 में 0.58 प्रतिशत की बढ़त के साथ यह 7,818.95 पर पहुंच गया, जबकि Nasdaq Composite 0.45 फीसदी बढ़कर 27,599.79 पर बंद हुआ। Dow Jones Industrial Average में 0.49 फीसदी की बढ़त हुई और यह 51,521.04 पर पहुंच गया।

RBI की पॉलिसी पर नजर

आज बाद में आने वाला भारतीय रिजर्व बैंक की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी का फैसला घरेलू बाजार के लिए मुख्य कारक होगा। Enrich Money के CEO पोनमुडी आर ने कहा कि भारतीय इक्विटी में रिकवरी वैश्विक मैक्रो-इकोनॉमिक और जियो-पॉलिटिकल माहौल में बदलाव के प्रति संवेदनशील बनी हुई है। उन्होंने कहा कि जियो-पॉलिटिकल जोखिम ऊंचे बने हुए हैं, जबकि कच्चे तेल की कीमतें हाल के निचले स्तरों से थोड़ी सुधरी हैं।

इंडेक्स पर कहां रखें नजर

पोनमुडी Nifty के लिए 22,800 को तत्काल रेजिस्टेंस (बाधा) मानते हैं; अगर लगातार ब्रेकआउट होता है, तो रिकवरी 23,000 तक बढ़ सकती है। नीचे की ओर, 22,600 तत्काल सपोर्ट है, जिसके बाद 22,400 का स्तर आता है। हालिया उछाल के बाद निकट-अवधि का टेक्निकल आउटलुक ‘सावधानी के साथ सकारात्मक’ (cautiously positive) हो गया है, हालांकि रिकवरी को मजबूत करने के लिए 22,800 और उसके बाद 23,000 के स्तर से ऊपर लगातार बने रहने की जरूरत होगी।

निफ्टी 50 के आउटलुक पर, LKP सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे ने कहा कि मंगलवार को इंडेक्स ने 22,600 के रेजिस्टेंस लेवल को पार करते हुए अच्छी रिकवरी दिखाई। इसके अलावा, CAS क्लोजिंग की वजह से इंडेक्स 22,800 के करीब बंद हुआ। डेली RSI ओवरसोल्ड ज़ोन से बाहर आ गया है और डेली RSI पर एक मज़बूत पॉजिटिव डाइवर्जेंस भी बना है। डे ने आगे कहा, “शॉर्ट टर्म में, जब तक इंडेक्स 22,600 के ऊपर बना रहता है, तब तक सेंटीमेंट पॉजिटिव रह सकता है, जिसमें 22,850 पर रेजिस्टेंस है। अगर यह 22,850 के ऊपर लगातार बना रहता है, तो और रिकवरी हो सकती है। हालांकि, अगर यह 22,850 के पार नहीं जा पाता है, तो मार्केट में करेक्शन आ सकता है।”

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, कमजोर हो सकती है भारतीय बाजार की शुरुआत 

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Shakti Pumps Share Price: कंपनी को मिला ₹112 करोड़ का नया ऑर्डर, शेयर 1% चढ़कर बंद

कंप्रेसर, पंप और डीजल इंजन बनाने वाली शक्ति पंप्स इंडिया को 112.18 करोड़ रुपये का एक नया ऑर्डर मिला है। यह कॉन्ट्रैक्ट महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड ने दिया है। यह वर्क ऑर्डर पूरे महाराष्ट्र के लिए 3 हॉर्सपावर (HP), 5 HP, 7.5 HP के 4755 ऑफ ग्रिड सोलर फोटोवॉल्टिक वॉटर पंपिंग सिस्टम्स (SPWPS) पंप्स के लिए है। ऑर्डर ‘मागेल त्याला सौर कृषी पंप योजना’ के तहत दिया गया है। इस काम को वर्क ऑर्डर जारी होने के 60 दिनों के अंदर पूरा किया जाना है।

कंपनी ने शेयर बाजारों को बताया है कि शक्ति पंप्स पर इन SPWPS पंपों की डिजाइनिंग, मैन्युफैक्चरिंग, सप्लाई, ट्रांसपोर्ट, इंस्टॉलेशन, टेस्टिंग और कमीशनिंग की जिम्मेदारी है। ऑर्डर की वैल्यू GST के बिना 103.01 करोड़ रुपये और GST के साथ 112.18 करोड़ रुपये है। यह रिलेटेड पार्टी ट्रांजेक्शन नहीं है।

6 अक्टूबर को शक्ति पंप्स के शेयर में दिन में 1.64 प्रतिशत तक की बढ़त दिखी। BSE पर शेयर 451.15 रुपये के हाई तक गया। बाद में 450.95 रुपये पर बंद हुआ। कंपनी का मार्केट कैप 5500 करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर BSE 1000 इंडेक्स का हिस्सा है।

3 साल में Shakti Pumps India 266 प्रतिशत चढ़ा

शक्ति पंप्स इंडिया के शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 50.36 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। शेयर 3 महीनों में 25 प्रतिशत और एक साल में करीब 45 प्रतिशत नीचे आया है। 3 साल में लगभग 195 प्रतिशत और 5 साल में 285 प्रतिशत की तेजी देख चुका है। BSE पर शेयर का 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 834.85 रुपये और एडजस्टेड लो 441 रुपये है। 6 अक्टूबर को सेंसेक्स 685.34 अंकों की बढ़त के साथ 73,067.81 पर और निफ्टी 220.35 अंकों की बढ़त के साथ 22,776.10 पर बंद हुआ।

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कंपनी की वित्तीय सेहत

शक्ति पंप्स इंडिया का अप्रैल-जून 2026 तिमाही में रेवेन्यू 816.28 करोड़ रुपये रहा। इस बीच शुद्ध मुनाफा करीब 43 करोड़ रुपये और प्रति शेयर अर्निंग 3.48 करोड़ रुपये दर्ज की गई। पूरे वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान कंपनी का रेवेन्यू 2,643.11 करोड़ रुपये, शुद्ध मुनाफा 243.79 करोड़ रुपये और प्रति शेयर अर्निंग 19.89 करोड़ रुपये रही।

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Market Next Week : मिड और स्मॉल कैप्स में लगातार चौथे हफ्ते दिखी गिरावट, जानिए अगले हफ्ते कैसी रह सकती है बाजार की चाल

Market Next Week: बाजार के एक बड़े हिस्से पर दबाव बना रहा और मिड कैप और स्मॉल कैप इंडेक्स लगातार चौथे हफ्ते भी गिरावट का शिकार रहे। इस हफ्ते निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 3.5% और निफ़्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 3.3% की गिरावट आई, जिससे इनका प्रदर्शन बेंचमार्क इंडेक्स के मुकाबले कमजोर रहा। बीते हफ्ते BSE सेंसेक्स 1,986.04 अंक या 2.68% गिरकर 71,909.70 पर बंद हुआ,जबकि निफ़्टी 50 में 3.10% या 718.55 अंकों की गिरावट आई और यह 22,421.95 पर बंद हुआ।

निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सबसे ज्यादा टूटा

सेक्टोरल इंडेक्सों पर नजर डालें तो निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में सबसे ज्यादा 6% की गिरावट आई। इसके बाद निफ्टी ऑटो में 5.8% की गिरावट दर्ज की गई। निफ्टी मेटल, FMCG और PSU बैंक इंडेक्स में 4% से ज़्यादा की गिरावट हुई, जबकि निफ्टी रियल्टी, हेल्थकेयर, इंफ्रा और ऑयल एंड गैस इंडेक्स में 3% से ज़्यादा की गिरावट आई। हालांकि, निफ्टी IT में 0.5% की बढ़त हुई।

निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 3.5% की गिरावट

निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में इस हफ्ते 3.5% की गिरावट आई। इसमें लगातार चौथे हफ्ते भी इसमें गिरावट का सिलसिला जारी रहा। सबसे ज्यादा गिरावट वाले शेयरों में PB फिनटेक, पतंजलि फूड्स, वोडाफोन आइडिया, कोरोमंडल इंटरनेशनल, स्विगी, LIC हाउसिंग फाइनेंस, जुबिलेंट फूडवर्क्स, SBI कार्ड्स एंड पेमेंट सर्विसेज़, यस बैंक, कल्याण ज्वैलर्स इंडिया, हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन और रैडिको खेतान शामिल रहे।

निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में भी लगातार चौथे हफ्ते गिरावट

निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में भी लगातार चौथे हफ्ते गिरावट जारी रही। यह इस हफ्ते 3.3% गिर गया। इस गिरावट की वजह IFCI, आदित्य बिड़ला रियल एस्टेट, फ़िज़िक्सवाला, गुजरात मिनरल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन, गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स, आइनॉक्स विंड, वॉकहार्ट और वेल्सपन कॉर्प के शेयरों में आई गिरावट रही।

विदेशी संस्थागत निवेशकों की बिकवाली बढ़ी

बीते हफ्ते विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने अपनी बिकवाली बढ़ा दी और लगातार छठे हफ़्ते निकासी की। उन्होंने कुल 34,966.07 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। वहीं,घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने बाज़ार को सपोर्ट करना जारी रखा और इस हफ़्ते 33,455.30 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

इस हफ्ते बाजार में आई गिरावट से BSE पर लिस्टेड कंपनियों की कुल मार्केट वैल्यू में लगभग 15 लाख करोड़ रुपये की कमी आई।

जानें आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल

कोटक सिक्योरिटीज के VP टेक्निकल रिसर्च,अमोल अठावले ने कहा कि छोटे ट्रेडिंग वीक में बेंचमार्क इंडेक्स में भारी गिरावट आई। निफ्टी 3.10 प्रतिशत गिरकर बंद हुआ, जबकि सेंसेक्स में लगभग 2000 अंकों की गिरावट आई। सेक्टरों की बात करें तो लगभग सभी प्रमुख सेक्टर इंडेक्स में ऊपरी स्तरों पर प्रॉफिट बुकिंग देखने को मिली। कंज्यूमर और ऑटो इंडेक्स में सबसे ज्यादा गिरावट आई। कंज्यूमर इंडेक्स 6.15 प्रतिशत और ऑटो इंडेक्स 5.85 प्रतिशत नीचे बंद हुआ।

इस हफ्ते मार्केट में ऊपरी लेवल पर लगातार बिकवाली का दबाव बना रहा। वीकली चार्ट पर एक लॉन्ग ‘बेयरिश कैंडल’ बनी। इंट्राडे चार्ट पर ‘लोअर हाई’ और ‘लोअर लो’ बनने का सिलसिला जारी रहा,जो काफी हद तक नेगेटिव ट्रेंड का संकेत है।

अमोल अठावले का मानना ​​है कि शॉर्ट-टर्म में मार्केट का मिजाज कमज़ोर रहेगा, लेकिन यह ‘ओवरसोल्ड’ स्थिति में है। इसलिए, मौजूदा लेवल से ‘पुलबैक रैली’ की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। नीचे की तरफ, 22,200/71,300 एक अहम सपोर्ट जोन है, जबकि 22,500/72,200 तत्काल रेजिस्टेंस लेवल है। अगर मार्केट 22,500/72,200 के ऊपर जाता है तो पुलबैक बढ़कर 22,700–22,800/73,000-73,200 तक जा सकता है। इसके विपरीत अगर यह 22,200/71,300 के नीचे जाता है तो बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है और मार्केट 22,000–21,950/71,000-70,700 तक गिर सकता है।

बैंक निफ्टी पर अपनी राय साझा करते हुए अमोल अठावले ने कहा कि इसके लिए 54,000 एक अहम सपोर्ट ज़ोन है। अगर यह इस लेवल के ऊपर बना रहता है तो इंडेक्स वापस 55,000–55,500 तक जा सकता है। हालांकि, 54,000 के नीचे जाने पर बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है और इसके 53,500–53,200 तक गिरने की संभावना बढ़ सकती है।

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज़ के हेड ऑफ़ रिसर्च,वेल्थ मैनेजमेंट सिद्धार्थ खेमका का कहना है कि आने वाले समय में भारतीय शेयर बाजार पर दबाव बने रहने की संभावना है,क्योंकि ग्लोबल बॉन्ड मार्केट में भारी गिरावट,कच्चे तेल की कीमतों में फिर से तेजी और पिछले छह महीनों में विदेशी निवेशकों की सबसे ज्यादा बिकवाली का असर बाजार के सेंटीमेंट पर पड़ रहा है। US 10-ईयर ट्रेजरी बॉन्ड का यील्ड 2007 के अपने उच्चतम स्तर को पार करके 5.3% पर पहुंच गया है,जो अप्रैल 2002 के बाद सबसे ज्यादा है,जबकि 30-साल के बॉन्ड का यील्ड 5.6% पर है।

निफ्टी की अर्निंग यील्ड अब अमेरिकी बॉन्ड पर मिलने वाले ब्याज से कम होने हो गई है। इसके कारण,ग्लोबल यील्ड के स्थिर होने, कच्चे तेल की कीमतों में कमी आने और विदेशी निकासी में कमी आने तक बाजार में तेजी की संभावना नहीं है।

रेलिगेयर ब्रोकिंग के SVP रिसर्च अजीत मिश्रा का कहना है कि टेक्निकल नजरिए से देखें तो निफ्टी अपने अहम लॉन्ग टर्म सपोर्ट लेवल यानी 22,600 और 22,400 के आसपास 200-हफ्ते के SMA और EMA से साफ तौर पर नीचे आ गया और 22,180 के लेवल (जो अप्रैल 2026 का निचला स्तर था) की ओर बढ़ गया है। इससे बाजार में मंदी का माहौल और मज़बूत हुआ है।

निफ्टी के लिए 22,000–22,200 का जोन अगले अहम सपोर्ट के तौर पर काम कर सकता है, जबकि 22,500–22,600 का लेवल सबसे नजदीकी रेजिस्टेंस बन सकता है। इसके बाद 22,800 पर अगला बड़ा रेजिस्टेंस होगा। इंडेक्स में करेक्शन का दौर जारी रहने और उतार-चढ़ाव बढ़ने के कारण,निकट भविष्य में सतर्क रहने की जरूरत है और चुनिंदा शेयरों में ही मौके तलाशने की सलाह है।

LKP सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे का कहना है कि बाजार का मूड अभी भी कमजोर बना हुआ है क्योंकि कोविड के समय आई गिरावट के बाद पहली बार इंडेक्स अपने 200-हफ्ते के मूविंग एवरेज के नीचे बंद हुआ है। निचले स्तर पर,22,200 पर सपोर्ट है। अगर इंडेक्स इसके नीचे जाता है तो 22,060 तक और गिरावट आ सकती है।

ऊपर की तरफ 22,600 पर रेजिस्टेंस है। जब तक इंडेक्स 22,600 के नीचे रहेगा,तब तक उछाल पर बिकवाली का ट्रेंड बना रहेगा।

 

त्योहारी सीजन से पहले AC और TV की कीमतें 5-8% बढ़ीं, अप्लायंस बनाने वाली कंपनियों को बिक्री में डबल डिजिट ग्रोथ की उम्मीद

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Daily Voice : अमेरिका के मिड टर्म चुनावों के बाद बाजार में आएगी तेजी, इंडस्ट्रियल और मैन्युफैक्चरिंग शेयरों में बनेगा पैसा

Daily Voice: ओमनीसाइंस कैपिटल के प्रेसिडेंट और चीफ पोर्टफोलियो मैनेजर अश्विनी शमी को उम्मीद है कि US के मिड टर्म चुनावों के बाद जियोपॉलिटिकल हालात बेहतर होंगे। इससे कच्चे तेल की कीमतों में कमी आएगी,महंगाई के अनुमानों में गिरावट होगी,US ट्रेजरी यील्ड में नरमी आएगी, कंपनियों की मार्जिन बेहतर होगी और भारतीय इक्विटी में फंड विदेशी पैसा आना शुरू होगा। इन सबसे मार्केट को सपोर्ट मिल सकता है।

उनका मानना ​​है कि जब मार्केट FY28 की अर्निंग और रेवेन्यू ग्रोथ पर ध्यान देना शुरू करेगा तो मौजूदा लेवल से बाजार में तेजी आने की संभावना है। उनको उम्मीद है कि RBI अपनी अगली MPC मीटिंग में ब्याज दरों में 25 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी करेगा। वे इसे ब्याज दरें बढ़ाने के दौर की शुरुआत के तौर पर नहीं,बल्कि महंगाई के कुछ समय के दबाव को संभालने और US ट्रेजरी यील्ड बढ़ने के बीच रुपये को सहारा देने के लिए मॉनेटरी कदम के तौर पर देखते हैं।

क्या आपको उम्मीद है कि Q2 के नतीजे कोई पॉजिटिव सरप्राइज लेकर आएंगे?

दूसरी तिमाही के ज्यादातर हिस्से में महंगाई ऊंचे स्तर पर बनी रही है,इसलिए इनपुट कॉस्ट बढ़ने से मार्जिन पर दबाव पड़ने और Q2 की अर्निंग पर असर पड़ने की आशंका है। सर्विस सेक्टर,खासकर फाइनेंशियल सर्विस सेक्टर के अच्छा प्रदर्शन करने की उम्मीद है,क्योंकि पिछले 2-3 क्वार्टर में क्रेडिट ग्रोथ मजबूत रही है।

क्या हालिया गिरावट के बाद लार्ज-कैप शेयरों के भाव अच्छे हो गए हैं?

लार्ज-कैप कंपनियों की कमाई में बढ़ोतरी को लेकर निकट भविष्य की कमजोरी या अनिश्चितता पर बहुत ज़्यादा फोकस किया गया है। FII की बिकवाली के दबाव के साथ मिलकर लार्ज-कैप कंपनियों का वैल्यूएशन मल्टीपल आकर्षक स्तर पर आ गया है। मौजूदा फाइनेंशियल ईयर में जियोपॉलिटिकल उथल-पुथल,कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव,करेंसी में दबाव से इनपुट कॉस्ट का बढ़ना और सप्लाई चेन में रुकावट जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। लेकिन अगर आप मौजूदा फाइनेंशियल ईयर के बाद डबल-डिजिट ग्रोथ की संभावना को ध्यान में रखें,तो 19.1 के P/E और 2.87 के P/B पर निफ्टी 100 निश्चित रूप से अच्छे भाव पर है।

इन चुनौतियों के बावजूद,हमने पिछली तिमाही में रेवेन्यू और अर्निंग्स में ज़बरदस्त बढ़ोतरी देखी है। संभावना है कि US के मध्यावधि चुनावों के बाद ये हालात सामान्य हो सकते हैं।

क्या नए नियमों की वजह से हाल ही में आई भारी गिरावट के बाद आपने इंश्योरेंस सेक्टर में अपना निवेश बढ़ाया है,या आप अभी भी इस सेक्टर को लेकर सतर्क हैं?

पारंपरिक इंश्योरेंस कंपनियां अभी भी ऊंचे वैल्यूएशन पर ट्रेड कर रही हैं और उन पर डिजिटल इंटरमीडियरीज जैसा असर नहीं पड़ा है। इनमें काफी गिरावट आई है। बाजार ने पारंपरिक इंश्योरेंस कंपनियों के लिए वॉल्यूम ग्रोथ और क्लाइंट हासिल करने की बढ़ती लागत से जुड़ी चुनौतियों को अभी पूरी तरह से नहीं समझा है।

डिजिटल इंटरमीडियरीज की बात करें तो इनकी कीमतों में काफी करेक्शन हुआ है,लेकिन इनमें निवेश से पहले कारोबार पर नए नियमों से पड़ने वाले असर को पूरी तरह से समझना जरूरी है।

क्या आपको बैंकिंग सेक्टर में नेट इंटरेस्ट मार्जिन के बढ़ने और री-रेटिंग की उम्मीद है? क्या बैंकों के भाव आकर्षक हो गया है?

पब्लिक बैंक इंडेक्स 7.1 के P/E पर और प्राइवेट बैंक इंडेक्स 16.5 के P/E पर ट्रेड कर रहे हैं। ये दोनों इंडेक्स लार्ज-कैप इंडेक्स की तुलना में भी ज़्यादा आकर्षक कीमत पर हैं। हमें उम्मीद है कि आगे चलकर नेट इंटरेस्ट मार्जिन स्थिर हो जाएंगे।

पहले,क्रेडिट ग्रोथ के मुकाबले डिपॉज़िट ग्रोथ के पीछे रहने को लेकर चिंता थी,जिससे नेट इंटरेस्ट मार्जिन पर दबाव पड़ा। अभी चिंता FCNR डिपॉज़िट के रूप में आने वाले बड़े फंड को लेकर है,जिसे इस्तेमाल में लाने में समय लगेगा। हालांकि,आने वाली तिमाहियों में इन फंड्स के इस्तेमाल होने की उम्मीद है, जिससे नेट इंटरेस्ट मार्जिन में स्थिरता आएगी।

क्या आपको मैन्युफैक्चरिंग स्टॉक्स में वैल्यूएशन से जुड़े जोखिम दिख रहे हैं?

इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस्ड बड़े इंडस्ट्रियल और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर पर पॉजिटिव नजरिया है। इसमें पावर,लॉजिस्टिक्स,मशीनरी और EPC सेगमेंट शामिल हैं। दूसरी ओर निवेशकों को कैपिटल गुड्स और मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों के वैल्यूएशन लेवल को लेकर सतर्क रहना चाहिए क्योंकि इनमें ग्रोथ की उम्मीदें पहले ही पूरी तरह से कीमत में शामिल हो चुकी हैं।

 

सेलिब्रिटी एस्ट्रोलॉजर चिराग दारूवाला से जाने अक्टूबर में कैसा रहेगा बाजार, राशियों के हिसाब से कहां बनेगा पैसा

 

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Top Trades For Monday: सोमवार को इन शेयरों में बनेगा बंपर कमाई का मौका, इनसे न चूके नजर

Top Trades For Monday : महात्मा गांधी जयंती के कारण आज,2 अक्टूबर को भारतीय शेयर बाज़ार बंद हैं और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) तथा नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) दोनों के प्रमुख सेगमेंट में ट्रेडिंग बंद रहेगी। NSE और BSE पर मार्केट की गतिविधियां सोमवार 5 अक्तूबर को फिर से शुरू होंगी। उधर 1 अक्टूबर को काफी उतार-चढ़ाव वाले सेशन में भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए। यह लगातार चौथा सेशन था जब इनमें गिरावट देखी गई और निफ्टी 22,400 के आसपास बंद हुआ। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 570.59 अंक यानी 0.79 प्रतिशत गिरकर 71,909.70 पर और निफ्टी 198.50 अंक यानी 0.88 प्रतिशत गिरकर 22,421.95 पर बंद हुआ।

अब सवाल ये है कि लंबे वीकेंड के बाद सोमवार 5 अक्टूबर को कैसी रह सकती है बाजार की चाल और किन शेयरों में हो सकती है कमाई? आइए इस पर जानते हैं एक्सपर्ट्स की राय।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड में रिसर्च हेड विनोद नायर ने कहा कि इक्विटी में हालिया गिरावट मुख्य रूप से ग्लोबल वजहों से आई है। भारतीय इक्विटी मार्केट के लिए यह छोटा कारोबारी हफ़्ता मुश्किल भरा रहा। ग्लोबल हालात बिगड़ने से घरेलू निवेशकों से मिला सपोर्ट बेअसर हो गया और बेंचमार्क इंडेक्स एक अहम साइकोलॉजिकल लेवल से नीचे आ गए। कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने और फेड के और सख्त कदम उठाने की उम्मीदों के चलते US ट्रेजरी यील्ड दो दशक के उच्चतम स्तर के करीब पहुंच गई। इससे इंडिया-US यील्ड का अंतर कम हुआ और रुपया कमजोर हुआ। पूरे हफ्ते FIIs ने बिकवाली की। जबकि DIIs की लगातार खरीदारी ने इस बिकवाली की काफी भरपाई होती जिससे गिरावट की रफ़्तार तो कम हुई लेकिन वह पूरी तरह रुकी नहीं। आगे बाजार की नजर RBI की पॉलिसी पर रहोगी। रुपये को सपोर्ट करने और इंपोर्टेड महंगाई को काबू में रखने के दबाव के कारण ब्याज दरें बढ़ने की उम्मीद मजबूत हो रही हैं।

उन्होंने आगे कहा कि अगर वेस्ट एशिया में तनाव कम होता है,तो मार्केट में एक रिलीफ़ रैली आ सकती है। तब तक,इन्वेस्टर्स को सोच-समझकर निवेश करना चाहिए और ऐसी कंपनियों को प्राथमिकता देनी चाहिए जिनकी अर्निंग का आउटलुक साफ हो और बैलेंस शीट मजबूत हो। वहीं,लॉन्ग-टर्म इन्वेस्टर्स मार्केट की कमजोरी का फायदा उठाकर धीरे-धीरे अच्छी कंपनियों के शेयर खरीद सकते हैं।

सोमवार को इस शेयरों पर रहे नजर

prakashgaba.com के प्रकाश गाबा की पिक

प्रकाश गाबा की सीमेंस एनर्जी में खरीदारी की सलाह है। इस स्टॉक में उनकी 3250 रुपए के स्टॉप-लॉस के साथ, 3400 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है।

manasjaiswal.com के मानस जायसवाल की टॉप पिक

मानस जायसवाल की आरईसी पर एक सेल रेमेंडेशन है। उनका कहना है कि कल इस शेयर में एक फ्रेश ब्रेकडाउन देखने को मिला। एक दिन के पॉज के बाद कल इसमें वापस लोअर टॉप लोअर बॉटम बनने लगे। इसके फ्यूचर में बिकवाली करने की राय रहेगी। 287 रुपए के आसपास के प्राइस चल रहे हैं। 292 रुपए के स्टॉप लॉस से इसमें बिकवाली करेंगे। REC के फ्यूचर में 276 रुपए तक के टारगेट्स पॉसिबल है। चाहें तो 285 रुपए वाला पुट ऑप्शन जो 8 रुपए पर ट्रेड हो रहा है। वहां पर खरीदारी करें। 5.5 रुपए का स्टॉप लॉस लगा लें। इसमें 15 रुपए के टारगेट्स मिल सकते हैं।

www.sethamit.com के अमित सेठ की पसंद

इनकी बैंक ऑफ इंडिया के फ्यूचर्स में बिकवाली की सलाह है। यह स्टॉक 200 डेमा के नीचे ट्रेड कर रहा है। वीकली चार्ट पर इसका 134-135 रुपए का स्विंग सपोर्ट भी कल ब्रेक हो गया है। इसमें प्रीवियस लो भी ब्रेक किया है। लगभग 128 रुपए का इसका प्राइस। फ्यूचर्स में इसे शॉर्ट करें, टारगेट रहेगा 123 रुपए का,स्टॉप लॉस रखेंगे 130 रुपए पर।

मिरे एसेट शेयरखान (Mirae Asset Sharekhan) के सोमिल मेहता की पसंद

सोमिल मेहता का कहना है कि PNB में बिकवाली की सलाह होगी। इसमें लो टॉप लो बॉटम फॉर्मेशंस बनने शुरू हुए हैं। यह शेयर 20, 40 और 200 डेली मूविंग एवरेज के नीचे चला गया है। अब इसमें एक मीडियम टर्म डाउन ट्रेंड शुरू हुआ है। ऐसे में PNB में बिकवाली की सलाह होगी।। यहां पर शॉर्ट टर्म नजरिए से 114 रुपए के स्टॉप लॉस के साथ 100 रुपए के टारगेट के लिए बिकवाली करेंगे।

राकेश बंसल वेंचर्स के राकेश बंसल की पसंद

इनकी हिंडाल्को में बिकवाली की सलाह है। 944 रुपए के स्टॉप-लॉस के साथ,900 रुपए के टारगेट के लिए इस शेयर में बिकवाली करें। उनका कहना है कि हिंडाल्को में कल 935 रुपए की नेक लाइन टूटी है। यह बाजार वहीं है कि जहां पर नेकलाइन टूटी है वहां पर बिकवाली करो। ऐसे में इस शेयर में बिकवाली करके पैसा बन सकता है।

EQUINOX रिसर्च एंड एडवाइजर्स के पंकज रांदड़ की पसंद

पंकज रांदड़ का कहना है कि कल के सेशन में इटरनल में क्लीन ब्रेकडाउन देखने मिला है। आरएसआई भी नेगेटिव जा रहा है। इस शेयर में शॉर्ट करने की सलाह है। इस शेयर में 312.50 के आसपास, 317.80 रुपए के स्टॉप-लॉस के साथ, 305 रुपए के टारगेट के लिए बिकवाली की सलाह है।

जेएम फाइनेंशियल के आशीष चतुरमोहता की टॉप पिक

आशीष चतुरमोहता ने कहा की बाजार में इस समय बहुत चैलेंजिंग माहौल बना हुआ है। बढ़ती बॉन्ड यील्ड, इंटरेस्ट रेट में बढ़त, क्रूड और डॉलर इंडेक्स की तेजी है बाजार को काफी परेशआन रही है। ऐसे में हमें खास थीम्स पर ही फोकस करने की जरूरत है। ब्रॉडर मार्केट्स अभी भी थोड़ा एवॉइड करना चाहिए। इस समय लंबे नजरिए से स्पेस थीम काफी अच्छी दिख रही है। स्पेस एक बहुत बढ़िया थीम हो जिसको प्ले किया जा सकता है। 2016 में इंडिया में प्राइवेट स्पेस सेक्टर में स्पेस टेक्नोलॉजी पर का करने वाली इक्का-दुक्का कंपनियां ही थीं। आज 2026 में इस सेगमेंट में 400 कंपनियां हैं जो स्पेस टेक्नोलॉजी में काम कर रही हैं। इस स्पेस में करीब करीब 40 से 45 अरब डॉलर की अपॉर्च्युनिटी आने वाले चार पांच सालों में देखने को नजर आएगी। इस सेगमेंट में एक बड़ी अच्छी ग्रोथ देखने को मिल सकती है।

इसको प्ले करने के लिए हमें लगता है आईनोक्स इंडिया एक ऐसी कंपनी होगी जो कि क्रायोजिक केन्स गैसेस के अंदर में काम कर रही है और स्पेस एक्स के साथ इसकी काफी अच्छी ऑर्डर बुक भी बनी हुई है। ये कंपनी आगे काफी अच्छी ग्रोथ कर सकती है। टेक्निकली भी देखेंगे तो स्टॉक लगातार और कल भी 20 डे मूविंग एवरेज को क्रॉस करता दिखा। यह 50 डे एवरेज के ऊपर सपोर्ट ले रहा है। इस स्टॉक ने 2040-2050 पर एक अच्छा बेस बना लिया है। अगर स्टॉक यह बेस होल्ड करता है तो इसमें मीडियम टर्म में 2500 रुपए तक की तेजी देखने को नजर आ सकती है। लेकिन, क्योंकि बाजार का माहौल खराब है, इसलिए अभी थोड़ा सा अक्यूमुलेट कीजिए। एक साथ पोजीशन बनाने के बजाय स्टॉक में धीरे-धीरे अलग-अलग प्राइस पर पोजीशन बनानी चाहिए ताकि अगर बाजार में कोई गिरावट भी हो तो उसका एडवांटेज देखने को मिल सकता है।

 

Silver Price Today: 2 अक्टूबर गांधी जयंती के दिन सस्ती हुई चांदी, जानिए देश के बड़े शहरों में आज का ताजा रेट

 

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