Bonus Share: 3 साल में पैसा हुआ डबल, अब हर शेयर पर 1 नया शेयर मिलेगा फ्री; रिकॉर्ड डेट 1 अक्टूबर

मैस्ट्रोस इलेक्ट्रॉनिक्स एंड टेलीकम्युनिकेशंस सिस्टम्स के शेयरहोल्डर्स को जल्द ही 1:1 के रेशियो में बोनस शेयर मिलने वाले हैं। इसका मतलब है कि शेयरहोल्डर्स को उनके पास मौजूद कंपनी के हर एक शेयर पर एक नया शेयर बोनस के तौर पर मिलेगा। रिकॉर्ड डेट 1 अक्टूबर 2026 है। इस तारीख तक जिन लोगों के नाम शेयरों के लाभार्थी मालिकों के तौर पर रजिस्टर ऑफ मेंबर्स ऑफ द कंपनी या डिपॉजिटरीज के रिकॉर्ड्स में दर्ज होंगे, वे बोनस शेयर के हकदार होंगे।

कंपनी के शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। बोनस शेयरों के अलॉटमेंट की तारीख 5 अक्टूबर है। इनमें ट्रेडिंग अगले दिन यानि कि 6 अक्टूबर से की जा सकेगी। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 63.90 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।

मैस्ट्रोस इलेक्ट्रॉनिक्स एंड टेलीकम्युनिकेशंस सिस्टम्स मेडिकल इक्विपमेंट बनाने और टे​लीमेडिसिन के कारोबार में है। कंपनी के प्रोडक्ट्स और सर्विसेज की एडवांस्ड रेंज में पेशेंट मॉनिटर, इलेक्ट्रोकार्डियोग्राफ, डिफिब्रिलेटर, पल्स ऑक्सीमीटर, फीटल मॉनिटर, स्ट्रेस टेस्ट सिस्टम आदि शामिल हैं।

Maestros Electronics का शेयर 6 महीने में 50 प्रतिशत मजबूत

मैस्ट्रोस इलेक्ट्रॉनिक्स एंड टेलीकम्युनिकेशंस सिस्टम्स के शेयरों में 28 सितंबर को दिन में लगभग 17 प्रतिशत तक की बढ़त दिखी। BSE पर शेयर ने 52 सप्ताह का नया हाई 205 रुपये क्रिएट किया। शेयर के लिए अपर प्राइस बैंड 210.70 रुपये और लोअर प्राइस बैंड 140.50 रुपये है। सर्किट लिमिट 20 प्रतिशत है। शेयर एक महीने में 26 प्रतिशत और 3 महीने में 40 प्रतिशत से ज्यादा चढ़ा है। 6 महीनों में कीमत 50 प्रतिशत से ज्यादा मजबूत हुई है। शेयर 3 साल में निवेशकों का पैसा डबल कर चुका है। 5 साल में कीमत करीब 230 प्रतिशत बढ़ी है।

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कंपनी की वित्तीय सेहत

मैस्ट्रोस इलेक्ट्रॉनिक्स एंड टेलीकम्युनिकेशंस सिस्टम्स का अप्रैल-जून 2026 तिमाही में रेवेन्यू 9.66 करोड़ रुपये रहा। इस बीच शुद्ध मुनाफा 1.53 करोड़ रुपये और प्रति शेयर अर्निंग 2.77 करोड़ रुपये रही। पूरे वित्त वर्ष 2026 के दौरान कंपनी का रेवेन्यू 39.18 करोड़ रुपये, शुद्ध मुनाफा 7.13 करोड़ रुपये और प्रति शेयर अर्निंग 12.93 करोड़ रुपये दर्ज की गई।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stock Split: 6 महीनों में 30% चढ़ा शेयर, अब 5 टुकड़ों में बंटेगा

बिल्डिंग मैटीरियल्स उपलब्ध कराने वाली कंपनी शंकरा बिल्डप्रो लिमिटेड का स्टॉक, स्प्लिट होने जा रहा है। कंपनी का 10 रुपये फेस वैल्यू वाला एक शेयर, 2 रुपये फेस वैल्यू वाले 5 शेयरों में टूट जाएगा। इस कॉरपोरेट एक्शन की घोषणा अगस्त में हुई थी। रिकॉर्ड डेट 8 अक्टूबर 2026 है। कंपनी हर तरह के बिल्डिंग मैटीरियल और कंस्ट्रक्शन जरूरतों के लिए वन स्टॉप सॉल्यूशन के तौर पर काम करती है। इसका दावा है कि स्टील ट्यूब और पाइप के मामले में यह भारत की सबसे बड़ी डिस्ट्रीब्यूटर और रिटेलर है।

शंकरा बिल्डप्रो 1,00,000 से ज्यादा तरह के बिल्डिंग मैटीरियल उपलब्ध कराती है, जिनमें घर बनाने से लेकर रेनोवेशन तक की आपकी हर जरूरत का सामान शामिल है। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 40.18 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।

स्टॉक स्प्लिट में एक कंपनी अपने मौजूदा शेयरों को छोटे टुकड़ों में तोड़ देती है। इससे निवेशकों के पास शेयरों की संख्या बढ़ जाती है लेकिन उसी अनुपात में प्रति शेयर कीमत घट जाती है। निवेशकों के निवेश की कुल वैल्यू नहीं बदलती। इस कदम का मकसद शेयरों को किफायती बनाना होता है। बहुत ज्यादा कीमत वाले शेयर छोटे निवेशकों की पहुंच से बाहर हो जाते हैं। स्प्लिट के बाद शेयर सस्ते हो जाते हैं, जिससे अधिक नए निवेशक जुड़ने की संभावना रहती है।

Shankara Buildpro का शेयर 6 महीनों में 30 प्रतिशत मजबूत

शंकरा बिल्डप्रो के शेयर की कीमत वर्तमान में BSE पर 1273.10 रुपये है। कंपनी का मार्केट कैप 3000 करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर 3 महीनों में 20 प्रतिशत से ज्यादा उछला है। 6 महीनों में यह लगभग 30 प्रतिशत की तेजी देख चुका है। शेयर का BSE पर 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 1,379.80 रुपये और एडजस्टेड लो 633.40 रुपये है।

Stock Split: 6 महीनों में पैसा हुआ डबल, अब दो टुकड़ों में टूटेगा शेयर

कंपनी की वित्तीय सेहत

अप्रैल-जून 2026 ​तिमाही में शंकरा बिल्डप्रो का रेवेन्यू 1,888.61 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 35.43 करोड़ रुपये रहा। इस बीच प्रति शेयर अर्निंग 14.61 करोड़ रुपये दर्ज की गई। पूरे वित्त वर्ष 2026 के दौरान कंपनी का रेवेन्यू 6,824.65 करोड़ रुपये, शुद्ध मुनाफा 127.56 करोड़ रुपये और प्रति शेयर अर्निंग 52.60 करोड़ रुपये रही।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

NSE share Price : लिस्टिंग के बाद NSE के शेयरों में बढ़त जारी, ब्रोकरेज भी हुए बुलिश, जानिए क्या हैं इनके टारगेट

NSE share Price : नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ़ इंडिया (NSE) के शेयरों में गुरुवार के ट्रेडिंग सेशन में 5.21 प्रतिशत तक की बढ़त देखने को मिली है। इश्यू प्राइस से ज़्यादा कीमत पर लिस्ट होने के बाद भी शेयरों में तेज़ी जारी है। आज BSE पर NSE के शेयरों की ट्रेडिंग ₹1,800 प्रति शेयर के भाव से शुरू हुई,जो इसके ₹1,785 के इश्यू प्राइस से 0.84 प्रतिशत ज़्यादा थी। बाद में यह स्टॉक बढ़कर ₹1,878 पर पहुंच गया, जो इश्यू प्राइस से 5.21 प्रतिशत ज़्यादा है। इस बढ़त के साथ NSE दुनिया के 10 सबसे बड़े लिस्टेड एक्सचेंजों और मार्केट वैल्यू के हिसाब से भारत की 10 सबसे बड़ी कंपनियों में शामिल हो गया है।

मार्केट एक्सपर्ट्स को उम्मीद है कि इस स्टॉक में और बढ़त होगी। ब्रोकरेज फर्मों ने इसके लिए ₹1,965 प्रति शेयर तक का प्राइस टारगेट दिया है।

NSE पर पीएल कैपिटल की राय

PL Capital ने NSE को एक्युमुलेट (accumulate) रेटिंग देते हुए ₹1,950 प्रति शेयर का प्राइस टारगेट तय किया है। इसका मतलब है कि इश्यू प्राइस के मुकाबले इसमें लगभग 9.2 प्रतिशत की बढ़त की संभावना है। PL Capital ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि NSE का कैश और फ्यूचर्स मार्केट में दबदबा बना रहेगा। लेकिन इंडेक्स ऑप्शंस में हिस्सेदारी घटने से असर पड़ सकता है। FY26-29E के दौरान रेवेन्यू और PAT में लगभग 11 प्रतिशत सालाना ग्रोथ की उम्मीद है। वन-ऑफ खर्चों के एडजस्ट होने के बाद EBITDA मार्जिन 76 प्रतिशत पर आ सकती है।

ब्रोकरेज का कहना है रि NSE का एक्सचेंज मार्केट पर दबदबा है। कैश मार्केट में इसकी हिस्सेदारी 93 प्रतिशत से ज़्यादा है और स्टॉक व इंडेक्स फ्यूचर्स में यह लगभग 100 प्रतिशत हिस्से पर काबिज है। हालांकि रेगुलेटरी दिक्कतों की वजह से इंडेक्स ऑप्शंस में NSE की मार्केट हिस्सेदारी घटकर लगभग 65 प्रतिशत रह गई है। इसके साथ ही CAS और प्रोप्राइटरी ट्रेडिंग नियमों के लागू होने से वॉल्यूम पर भी असर पड़ा है।

हालांकि FY21-26 के दौरान रेवेन्यू में 25% सालाना की दर से बढ़ोतरी हुई, लेकिन PL Capital का अनुमान है कि इंडेक्स ऑप्शंस में हिस्सेदारी घटने के कारण FY26-29E के दौरान यह ग्रोथ धीमी होकर 11% सालाना पर आ जाएगी।

ब्रोकरेज को उम्मीद है कि NSE का EBITDA मार्जिन FY26 के 71% से बढ़कर FY29 तक 76% हो जाएगा,क्योंकि वन-ऑफ खर्चों का असर कम हो जाएगा। उम्मीद है कि इस दौरान कर बाद मुनाफे में 11% सालाना की दर से बढ़ोतरी होगी।

PL Capital ने अपनी रिपोर्ट में आगे कहा है कि NSE के IPO में कंपनी की वैल्यूएशन ₹4.4 लाख करोड़ आंकी गई है,जो FY29E की अर्निंग के आधार पर 32 गुना प्राइस-टू-अर्निंग्स मल्टीपल है। कंपनी का कहना है कि इस वैल्यूएशन में प्रीमियम का बड़ा हिस्सा शामिल है।

इस रिपोर्ट में भारतीय एक्सचेंज मार्केट में NSE की लीडरशिप पोजीशन,इसके अलग-अलग तरह से हो रहे विकास और वन-टाइम खर्चों का असर कम होने के साथ EBITDA मार्जिन में सुधार की उम्मीद पर ज़ोर दिया गया है।

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NSE पर मैक्वेरी की राय

मैक्वेरी (Macquarie) ने NSE के लिए आउटपरफॉर्म रेटिंग और ₹1,965 प्रति शेयर के टारगेट प्राइस के साथ कवरेज शुरू की है। इस टारगेट प्राइस का मतलब है कि IPO के ₹1,785 के इश्यू प्राइस के मुकाबले इसमें लगभग 10 प्रतिशत की बढ़त की संभावना है।

मैक्वेरी ने NSE को द डोमिनेटर (बाज़ार पर दबदबा रखने वाली कंपनी) बताया है। इसके पीछे कंपनी का बड़ा मार्केट शेयर,सेवाओं की व्यापक रेंज, टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर और मज़बूत लिक्विडिटी जैसे कारण बताए गए हैं।

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Coal India Share Price : ब्रोकरेज रिपोर्ट ने भरा जोश, 3% से ज्यादा भागा शेयर, जानिए क्या जारी रहेगी तेजी

Coal India Share Price : ब्रोकरेज रिपोर्ट के चलते आज बाजार कोल इंडिया में जोरदार एक्शन है। फिलहाल यह शेयर एनएसई पर 12.20 यानी 2.94% की तेजी के साथ 427 रुपए के आसपास कारोबार कर रहा है। इंट्राडे में इसने 428.75 रुपए का हाई छुआ है। स्टॉक का 52 वीक हाई 491.25 रुपए है। स्टॉक में भारी वॉल्यूम के साथ तेजी आई है। फिलहाल इसका ट्रेडिंग वॉल्यूम 10,406,503 शेयर और मार्केट कैप 263,025 करोड़ रुपए पर दिख रहा है। 1 हफ्ते में यह शेयर 1.80 फीसदी और 1 महीने में 5.33 फीसदी बढ़ा है। वहीं, 1 साल में इसमें 8.13 फीसदी की तेजी देखने को मिली है।

मॉर्गन स्टेनली ने स्टॉक को किया अपग्रेड

CNBC-TV18 के मुताबिक ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म मॉर्गन स्टेनली ने इस स्टॉक को अपग्रेड किया है और इसका टारगेट प्राइस बढ़ाया है। ब्रोकरेज ने स्टॉक की रेटिंग बढ़ाकर ओवरवेट कर दी है और इसका लक्ष्य 480 रुपए सेट किया है। इस टारगेट का मतलब है कि स्टॉक के सोमवार के क्लोजिंग लेवल से इसमें 15.75% की बढ़त हो सकती है। मॉर्गन स्टेनली को उम्मीद है कि थर्मल पावर की बढ़ती मांग, प्लांट में इन्वेंट्री का तेज़ी से कम होना और ग्लोबल स्तर पर थर्मल कोयले की बढ़ती कीमतें वॉल्यूम ग्रोथ और ई-ऑक्शन प्रीमियम में बढ़ोतरी को सपोर्ट करेंगी।

ब्रोकरेज के मुताबिक इन वजहों से कंपनी की अर्निंग में अच्छी बढ़ोतरी होनी चाहिए और इससे आने वाले कुछ महीनों में स्टॉक के प्रदर्शन में भी मजबूती देखने को मिल सकती है। मॉर्गन स्टेनली ने वॉल्यूम और ई-ऑक्शन प्रीमियम के अपने अनुमानों में बदलाव किया है। इसके चलते वित्त वर्ष 2027 का EPS (प्रति शेयर आय) अनुमान 20% बढ़ गया है।

वन ईयर फारवर्ड P/E (प्राइस-टू-अर्निंग्स) अनुपात के हिसाब से 6.6 गुने पर,कोल इंडिया का स्टॉक अपने लॉन्ग टर्म औसत के आसपास ट्रेड कर रहा है। मॉर्गन स्टेनली को उम्मीद है कि अच्छे नतीजों के कारण यह मल्टीपल बना रहेगा।

कंपनी के प्रदर्शन पर एक नजर

इस महीने की शुरुआत में कोल इंडिया ने अगस्त के लिए अपना शुरुआती बिज़नेस अपडेट जारी किया था। अगस्त में कोल इंडिया का प्रोडक्शन पिछले साल के मुकाबले 5.7% घटकर 47.5 MT रह गया। हालांकि,ऑफटेक 5.5% बढ़कर 60.6 MT हो गया। इस साल अब तक, अप्रैल-अगस्त की अवधि में कोल इंडिया का प्रोडक्शन 267.5 MT रहा जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 4.5% कम है। कोल इंडिया ने वित्त वर्ष 2027 के लिए अपना प्रोडक्शन टारगेट 815 MT तय किया है।

अप्रैल-अगस्त की अवधि में कोयले की सप्लाई सालाना आधार पर 6.7% बढ़कर 322.9 MT हो गई। कोल इंडिया के ई-ऑक्शन प्रीमियम में पिछली समान अवधि की तुलना में 59% की बढ़ोतरी देखी गई। अप्रैल-अगस्त 2026 की अवधि के लिए ई-ऑक्शन प्रीमियम 46% बढ़ा है, जबकि अप्रैल-अगस्त 2025 में यह 35% था।

CNBC-TV18 के मुताबिक कोल इंडिया पर नजर रखने वाले 26 एनालिस्ट में से 16 ने इसे ‘बाय’ रेटिंग दी है,जबकि पांच-पांच एनालिस्ट ने स्टॉक पर ‘होल्ड’ और ‘सेल’रेटिंग दी है।

 

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Protean eGov Tech Share Price: खरीद की सुनामी, शेयर 20% भागा; लगा अपर सर्किट

Protean eGov Technologies Ltd के शेयरों में 21 सितंबर को ​20 प्रतिशत की तेजी दिखी। BSE पर शेयर 588.05 रुपये पर अपर सर्किट लगा। कंपनी IT सेवाएं देती है। यह कंपनी नागरिकों, निगमों और सरकार के लिए सिटीजन सर्विसेज, ई-गवर्नेंस सॉल्यूशंस, सिस्टम इंटीग्रेशन, बिजनेस प्रोसेस री-इंजीनियरिंग, डेटा सेंटर को-लोकेशन और IT कंसल्टिंग सर्विसेज देती है। कंपनी में पूरी 100 प्रतिशत हिस्सेदारी पब्लिक शेयरहोल्डर्स के पास है।

Protean eGov Technologies नवंबर 2023 में BSE पर लिस्ट हुई थी। इसका IPO ₹489.95 करोड़ का था। IPO के लिए फाइनल इश्यू प्राइस ₹792 प्रति शेयर था। कंपनी का शेयर IPO प्राइस से करीब 26 प्रतिशत नीचे है। कंपनी का मार्केट कैप बढ़कर 2300 करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया है।

Protean eGov Tech का शेयर 2 साल में 71 प्रतिशत गिरा

शेयर की कीमत एक साल में 35 प्रतिशत नीचे आई है। यह 2 साल में 71 प्रतिशत कमजोर हुआ है। शेयर का बीएसई पर 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 940 रुपये और एडजस्टेड लो 445 रुपये है। शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। लोअर प्राइस बैंड 20 प्रतिशत की सर्किट लिमिट के साथ 392.05 रुपये है।

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कंपनी की वित्तीय सेहत

Protean eGov Technologies का अप्रैल-जून 2026 तिमाही में रेवेन्यू 250.45 करोड़ रुपये रहा। शुद्ध मुनाफा 5.98 करोड़ रुपये रहा। इस बीच प्रति शेयर अर्निंग 1.47 करोड़ रुपये रही। पूरे वित्त वर्ष 2026 के दौरान कंपनी का रेवेन्यू 996.43 करोड़ रुपये, शुद्ध मुनाफा 94.32 करोड़ रुपये और प्रति शेयर अर्निंग 23.24 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Solar Industries India में 25% तक उछाल का दम! ICICI Securities ने दी खरीद की सलाह

एक्सप्लोसिव बनाने वाली कंपनी सोलर इंडस्ट्रीज इंडिया ने हाल ही में घोषणा की कि वह दक्षिण अफ्रीका की ओम्निया होल्डिंग्स को लगभग 1.36 अरब डॉलर की पूरी तरह कैश वाली डील में खरीदेगी। कंपनी की स्टेप डाउन सब्सिडियरी सोलर SA इनवेस्टमेंट्स प्रोपराइटरी लिमिटेड और सब्सिडियरी सोलर ओवरसीज मॉरीशस लिमिटेड ने इसके लिए ओम्निया होल्डिंग्स के साथ एक डेफिनिटिव एग्रीमेंट साइन किया है। इस डेवलपमेंट के बाद सोलर इंडस्ट्रीज के​ लिए ICICI Securities का व्यू सामने आया है।

ब्रोकरेज ने शेयर के लिए ‘बाय’ रेटिंग बरकरार रखते हुए 23,500 रुपये प्रति शेयर का टारगेट प्राइस दिया है। यह बीएसई पर शेयर के मौजूदा भाव 18830 रुपये से करीब 25 प्रतिशत ज्यादा है। सोलर इंडस्ट्रीज की इस नई डील के लिए अभी रेगुलेटर्स और ओम्निया के शेयरधारकों की मंजूरी लिया जाना बाकी है।

सोलर इंडस्ट्रीज को उम्मीद है कि इस विस्तार से अफ्रीका में माइनिंग से होने वाली कमाई वित्त वर्ष 2028 से कई गुना बढ़ जाएगी। यह खरीद 2027 की शुरुआत या मध्य तक पूरी होने की उम्मीद है। सोलर इंडस्ट्रीज माइनिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर, कंस्ट्रक्शन, डिफेंस और स्पेस सेक्टर के लिए इंडस्ट्रियल एक्सप्लोसिव और इनीशिएटिंग सिस्टम बनाती है। कंपनी की दुनिया भर में 40 से ज्यादा मैन्युफैक्चरिंग यूनिट हैं।

Solar Industries India पर ब्रोकरेज के तर्क

ICICI Securities का कहना है कि ओम्निया होल्डिंग्स में 100 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदने से सोलर इंडस्ट्रीज को माइनिंग एक्सप्लोसिव्स और ब्लास्टिंग के लिए पहले से स्थापित इंटरनेशनल प्लेटफॉर्म तक पहुंच मिलेगी। इससे कंपनी का एक्सप्लोसिव्स का मौजूदा मजबूत कारोबार और बढ़ेगा। सोलर इंडस्ट्रीज इस 1.36 अरब डॉलर के कैश बायआउट के लिए कर्ज और इंटरनल फंडिंग का इस्तेमाल करने की योजना बना रही है। कंपनी को उम्मीद है कि दोनों कंपनियों के मिलने से वित्त वर्ष 2027-28 में 330–340 अरब रुपये का रेवेन्यू और 65 अरब रुपये का EBITDA (ब्याज, टैक्स, डेप्रिसिएशन और अमॉर्टाइजेशन से पहले की कमाई) हासिल होगा।

ICICI Securities का अनुमान है कि डील पूरी होने पर सोलर इंडस्ट्रीज इंडिया का कर्ज बढ़कर 110–120 अरब रुपये के पीक पर पहुंच जाएगा। ब्रोकरेज ने यह भी उम्मीद जताई कि यह डील वित्त वर्ष 2029 से ही सोलर इंडस्ट्रीज की प्रति शेयर अर्निंग बढ़ाने लगेगी।

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ओम्निया होल्डिंग्स के बारे में

ओम्निया होल्डिंग्स लिमिटेड एक ग्लोबल, डायवर्सिफाइड केमिकल कंपनी है जो माइनिंग, एग्रीकल्चर और केमिकल एप्लीकेशन इंडस्ट्रीज को केमिकल्स और स्पेशलाइज्ड सर्विस व सॉल्यूशंस की सप्लाई करती है। इसकी मौजूदगी 23 से ज्यादा देशों में है। यह 70 से ज्यादा डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर्स के जरिए 40 से ज्यादा देशों में कस्टमर्स को सर्विस देती है। कंपनी के शेयर जोहान्सबर्ग स्टॉक एक्सचेंज और A2X मार्केट्स सिक्योरिटीज एक्सचेंज पर लिस्टेड हैं। सोलर इंडस्ट्रीज इंडिया के साथ ट्रांजेक्शन कंप्लीट होने के बाद ओम्निया, जोहान्सबर्ग स्टॉक एक्सचेंज और A2X मार्केट्स सिक्योरिटीज एक्सचेंज से डीलिस्ट हो जाएगी।

Solar Industries India का शेयर 2026 में अब तक 55 प्रतिशत मजबूत

कंपनी का मार्केट कैप 1.70 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर की फेस वैल्यू 2 रुपये है। यह BSE 200 इंडेक्स का हिस्सा है। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 73.15 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। शेयर एक सप्ताह में 15 प्रतिशत नीचे आया है। वहीं 6 महीनों में 37 प्रतिशत और साल 2026 में अब तक 55 प्रतिशत उछला है। 2 साल में 75 प्रतिशत और 3 साल में 300 प्रतिशत की तेजी देख चुका है। 5 साल में करीब 870 प्रतिशत मजबूत हुआ है।

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stock Split: शेयर 2 साल में 5200% और 3 साल में 10600% चढ़ा; अब 10 टुकड़ों में बंटेगा; 25 सितंबर रिकॉर्ड डेट

मिडवेस्ट एनर्जी लिमिटेड का शेयर छोटे टुकड़ों में टूटने वाला है। अभी एक शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। स्टॉक स्प्लिट के तहत यह 1 रुपये फेस वैल्यू वाले 10 शेयरों में बंट जाएगा। रिकॉर्ड डेट 25 सितंबर 2026 है। इस कॉरपोरेट एक्शन की घोषणा जून महीने में हुई थी। शेयर की वर्तमान कीमत BSE पर 3531.70 रुपये है। कंपनी का मार्केट कैप 4500 करोड़ रुपये से ज्यादा है।

स्टॉक स्प्लिट में कंपनी अपने मौजूदा शेयरों को छोटे टुकड़ों में तोड़ देती है। इससे निवेशकों के पास शेयरों की संख्या बढ़ जाती है लेकिन उसी अनुपात में प्रति शेयर कीमत घट जाती है। निवेशकों के निवेश की कुल वैल्यू नहीं बदलती। इस कदम का मकसद शेयरों को किफायती बनाना होता है। बहुत ज्यादा कीमत वाले शेयर छोटे निवेशकों की पहुंच से बाहर हो जाते हैं। स्प्लिट के बाद शेयर सस्ते हो जाते हैं, जिससे अधिक नए निवेशक जुड़ने की संभावना रहती है।

मिडवेस्ट एनर्जी, मिडवेस्ट बिजनेस हाउस की टेक्नोलॉजी और क्लीन एनर्जी शाखा है। मिडवेस्ट बिजनेस हाउस हैदराबाद में स्थित एक इंडस्ट्रियल ग्रुप है, जिसकी शुरुआत 1981 में हुई थी। यह मिनरल एक्सप्लोरेशन, माइनिंग, मिनरल प्रोसेसिंग, इंजीनियरिंग और एडवांस्ड मैटीरियल्स जैसे कई क्षेत्रों में काम करता है। मिडवेस्ट एनर्जी बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम्स, रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट्स और क्रिटिकल मैटीरियल्स के लिए मैन्युफैक्चरिंग क्षमताएं विकसित कर रही है। ये सभी इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, रिन्यूएबल एनर्जी, ग्रिड इंफ्रास्ट्रक्चर और रणनीतिक उद्योगों को सपोर्ट करते हैं।

Midwest Energy शेयर 5 साल में हुआ 20000 प्रतिशत महंगा

मिडवेस्ट एनर्जी की सालाना आम बैठक 30 सितंबर को होने वाली है। कंपनी का पुराना नाम मिडवेस्ट गोल्ड लिमिटेड था। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 58.45 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। शेयर एक साल में 50 प्रतिशत से ज्यादा चढ़ा है। 2 साल में कीमत 5200 प्रतिशत और 3 साल में 10600 प्रतिशत बढ़ी है। 5 साल में शेयर 20000 प्रतिशत और 10 साल में 30400 प्रतिशत मजबूत हो चुका है। शेयर का BSE पर 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 5,900 रुपये और एडजस्टेड लो 1,989.05 रुपये है।

Dividend Stock: बजाज ग्रुप की कंपनी देगी ₹160 का डिविडेंड, शेयर 21 सितंबर को करेगा एक्स-ट्रेड

कंपनी की वित्तीय सेहत

मिडवेस्ट एनर्जी का अप्रैल-जून 2026 ​तिमाही में रेवेन्यू 4.63 करोड़ रुपये रहा। शुद्ध मुनाफा 3.15 करोड़ रुपये और प्रति शेयर अर्निंग 2.43 करोड़ रुपये दर्ज की गई। पूरे वित्त वर्ष 2026 के दौरान कंपनी का रेवेन्यू 24.46 करोड़ रुपये, शुद्ध मुनाफा 2.80 करोड़ रुपये और प्रति शेयर अर्निंग 2.47 करोड़ रुपये रही।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Dividend Stock: बजाज ग्रुप की कंपनी देगी ₹160 का डिविडेंड, शेयर 21 सितंबर को करेगा एक्स-ट्रेड

बजाज ग्रुप की कंपनी महाराष्ट्र स्कूटर्स लिमिटेड वित्त वर्ष 2026-27 के लिए प्रति शेयर 160 रुपये का डिविडेंड देने वाली है। कंपनी के बोर्ड ने इसे 15 सितंबर को मंजूरी दी थी। रिकॉर्ड डेट 21 सितंबर 2026 ​तय की गई है, यानि कि सोमवार को शेयर एक्स-डिविडेंड ट्रेड करेगा। इस तारीख तक जिन लोगों के नाम शेयरों के लाभार्थी मालिकों के तौर पर रजिस्टर ऑफ मेंबर्स ऑफ द कंपनी या डिपॉजिटरीज के रिकॉर्ड्स में दर्ज होंगे, वे डिविडेंड के हकदार होंगे।

कंपनी ने कहा है कि अंतरिम डिविडेंड का पेमेंट पात्र शेयरहोल्डर्स को 13 अक्टूबर 2026 को या उससे पहले कर दिया जाएगा। शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। इससे पहले महाराष्ट्र स्कूटर्स ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 160 रुपये का अंतरिम और 60 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड दिया था।

महाराष्ट्र स्कूटर्स लिमिटेड (MSL), बजाज होल्डिंग्स एंड इनवेस्टमेंट लिमिटेड की एक सब्सिडियरी कंपनी है। यह एक कोर इनवेस्टमेंट कंपनी (CIC) है, जिसके लिए RBI के पास रजिस्ट्रेशन की जरूरत नहीं है। एक CIC के तौर पर इसके कम से कम 90 प्रतिशत एसेट्स बजाज ग्रुप में इनवेस्टेड हैं। बाकी बची हुई रकम, जो जमा हुआ सरप्लस है, को डेट और दूसरे इंस्ट्रूमेंट्स में लगाया जाता है।

Maharashtra Scooters का शेयर एक साल में 22 प्रतिशत कमजोर

महाराष्ट्र स्कूटर्स के शेयर की कीमत वर्तमान में BSE पर 13738.75 रुपये है। यह शुक्रवार, 18 सितंबर को 4 प्रतिशत से ज्यादा बढ़त के साथ बंद हुआ। कंपनी का मार्केट कैप 15700 करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर BSE 1000 इंडेक्स का हिस्सा है। शेयर एक साल में 22 प्रतिशत नीचे आया है। 2 साल में कीमत 200 प्रतिशत से ज्यादा उछली है। शेयर का BSE पर 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 18,400 रुपये और एडजस्टेड लो 10,921 रुपये है। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 51 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।

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कंपनी की वित्तीय सेहत

महाराष्ट्र स्कूटर्स का अप्रैल-जून 2026 तिमाही में रेवेन्यू 5.41 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 3.32 करोड़ रुपये रहा। इस बीच प्रति शेयर अर्निंग 2.91 करोड़ रुपये दर्ज की गई। पूरे वित्त वर्ष 2026 के दौरान कंपनी का रेवेन्यू 312.76 करोड़ रुपये, शुद्ध मुनाफा 310.56 करोड़ रुपये और प्रति शेयर अर्निंग 271.70 करोड़ रुपये रही।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Market Outlook : आज मिलाजुला रहा शेयर बाजार का रुख, जानिए 21 सितंबर को कैसी रह सकती है सेंसेक्स-निफ्टी की चाल

Market Outlook : शुक्रवार को भारतीय शेयर बाज़ार में मिलाजुला रुख रहा। निफ्टी में 75.80 अंकों की बढ़त हुई, जबकि सेंसेक्स लगभग सपाट बंद हुआ। मेटल,सीमेंट, मीडिया,रियल्टी और फाइनेंशियल शेयरों में खरीदारी से बाज़ार को सहारा मिला,जबकि इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (IT) शेयरों पर दबाव बना रहा। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 19.63 अंक यानी 0.03 प्रतिशत गिरकर 74,294.96 पर बंद हुआ। जबकि,निफ्टी 50 75.80 अंक यानी 0.33 प्रतिशत बढ़कर 23,346.40 पर बंद हुआ।

निफ्टी में लगातार तीसरे सत्र में बढ़त दर्ज की गई। हालांकि,सप्ताह के दौरान इसमें 0.22 प्रतिशत की गिरावट आई,जो लगातार छठी वीकली गिरावट है। ब्रॉडर मार्केट ने बेंचमार्क इंडेक्स से बेहतर प्रदर्शन किया। निफ्टी स्मॉलकैप 50 में 1.73 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 1.74 प्रतिशत की बढ़त हुई। निफ्टी मिडकैप 50 में 0.87 प्रतिशत की तेजी आई।

आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल

HDFC सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट नागराज शेट्टी ने कहा कि उतार-चढ़ाव के बावजूद बाजार में रिकवरी का सिलसिला तीसरे सेशन में भी जारी रहा। डेली चार्ट पर एक छोटी पॉजिटिव कैंडल बनी है,जिसमें ऊपर और नीचे की तरफ छोटी शैडो हैं। बाजार की चाल सुस्त बनी हुई है।

शेट्टी ने बताया कि निफ्टी लगातार छठे हफ्ते गिरावट के साथ बंद हुआ है और इसमें वीकली बेसिस पर 0.22% की गिरावट आई है। उनके मुताबिक,हालांकि शॉर्ट-टर्म में थोड़ी रिकवरी दिख रही है,लेकिन ओवरऑल स्थिति अभी भी कमजोर है।

उन्होंने कहा निफ्टी 23100-23000 के अहम निचले सपोर्ट लेवल से मजबूत रिकवरी करने में नाकाम रहा। अब कोई तेजी आने पर निफ्टी के 23,500-23,600 के लेवल पर रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ सकता है। जबकि, गिरावट की स्थिति में 23,100-23,000 के लेवल पर सपोर्ट मिल सकता है।

स्टॉक्सकार्ट के डायरेक्टर और CEO प्रणय अग्रवाल ने कहा कि फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दरों में 25-बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी और 2026 में और सख्ती के संकेतों से यह बात पक्की हो गई है कि ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची बनी रहेंगी। इससे निकट भविष्य में ग्लोबल फाइनेंशियल मार्केट में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। अमेरिका में ऊंची यील्ड और मजबूत डॉलर का असर डॉलर एसेट्स में कैपिटल एलोकेशन पर पड़ सकता है, जिससे भारत समेत तमाम उभरते बाजारों में FII का निवेश कुछ हद तक सतर्कता भरा रह सकता है।

उन्होंने आगे कहा कि विदेशी निवेश की निकासी और ग्लोबल स्तर पर ऊंची यील्ड के कारण भारतीय इक्विटी मार्केट पर भी बीच-बीच में दबाव बन सकता है। उन सेक्टरों पर ज्यादा दबाव देखने को मिल सकता है जो ब्याज दरों के प्रति संवेदनशील हैं या जिनका वैल्यूएशन बहुत ज्यादा है। हालांकि,घरेलू मांग में मजबूती,घरेलू संस्थागत निवेशकों की भागीदारी और कंपनियों की अर्निंग को लेकर स्पष्टता से ब्रॉडर मार्केट को कुछ सहारा मिल सकता है।

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर ने कहा कि निफ्टी हाल के निचले स्तरों से रिकवरी की कोशिश को जारी रखते हुए 23,335 के स्तर के पास थोड़ी बढ़त के साथ खुला। हालांकि,बड़ा तकनीकी ढांचा अभी भी कमजोर बना हुआ है। मोमेंटम इंडिकेटर में कोई खास बदलाव नहीं आया है और वे अभी भी खरीदारी में सुस्ती ही दिखा रहे हैं। इंडेक्स को 23,500–23,600 की ओर बढ़ने के लिए लगातार 23,400 के ऊपर टिके रहना होगा।

उन्होंने आगे कहा कि निफ्टी के लिए नीचे की तरफ 23,200 का लेवल तत्काल सपोर्ट का काम कर सकता है। उसके बाद 23,100–23,070 का ज़ोन ज़्यादा मज़बूत सपोर्ट के तौर पर काम करेगा। कुल मिलाकर नियर टर्म में बाजार में सतर्कता का रुख बने रहने की उम्मीद है। बाजार के सेंटीमेंट में और सुधार के लिए निफ्टी को 23,400 के ऊपर एक मजबूत चाल की जरूरत है। जबकि, नीचे की तरफ इसके लिए 23,100–23,070 पर सपोर्ट है। यह सपोर्ट टूटने पर बाजार में गिरावट का ट्रेंड फिर से शुरू हो सकता है।

 

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