Market Insight : अगले दो साल बाजार के लिए रहेंगे शानदार, बैंकिंग और फार्मा शेयर जोरदार तेजी के लिए तैयार

Market Insight : मार्केट आउटलुक पर बात करते हुए वैलेंटिस एडवाइजर्स (Valentis Advisors) के फाउंडर और मैनेजिंग डायरेक्टर ज्योतिवर्धन जयपुरिया ने कहा कि हाल के दिनों में स्टॉक मार्केट में काफी उथल-पुथल देखने को मिली। बाजार दो तरफा रहा है। लार्ज कैप इन्वेस्टर्स है को तो रिटर्न नहीं मिला है। लेकिन स्माल कैप और मिड कैप इन्वेस्टर्स के लिए बाजार बहुत अच्छा रहा है। अगर पिछले 6 महीनों पर नजर डालें तो स्माल कैप में करीब 25% की तेजी आई है। वहीं, लार्ज कैप फ्लैट रहा है। कंपनियों के नतीजे भी अच्छे रहे हैं। जून तिमाही के नतीजे काफी अच्छे थे। लार्ज कैप में भी अच्छे नतीजे देखने को मिले। स्मॉल और मिड कैप में काफी ग्रोथ देखने को मिला है। स्मॉल और मिड कैप में करीब 20 से 25 फीसदी ग्रोथ रही।

इकोनॉमी में अर्निंग्स ग्रोथ हो रही है। अनुमान है अगले दो साल में लार्ज कैप में भी 12-13% की अर्निंग ग्रोथ देखने को मिल सकती है। वहीं स्मॉल और मिड कैप में 18 से 20% ग्रोथ हो सकता है। ऐसे में अगले दो साल मार्केट के लिए अच्छे रहने चाहिए। दो साल तक बाजार कंसोलिडेट हुआ। पिछले दो साल में लार्ज कैप, स्माल कैप और मिड कैप में कहीं पैसा नहीं बना। लेकिन अगला 2 साल बेटर रहेगा।

लेकिन छोटी अवधि के नजरिए से देखें तो अगले दो-तीन महीने में बाजार में बॉन्ड डील का बहुत ज्यादा रिस्क रहेगा। बाजार बहुत हद तक कच्चे तेल से लिंक्ड है। अगर ईरान और यूएस का कोई समझौता हो जाता है और है और कच्चा तेल गिर जाता है तो फिर इनफ्लेशन वापस नीचे आ सकता है। इससे बॉन्ड ईल्ड में जो बड़ा स्पाइक देखने मिला है वह थम सकता है। कल रात को यूएस से कुछ अच्छे संकेत आए। अगर अगले कुछ दिनों में अमेरिका-ईरान के बीच बातचीत वापस चालू हो जाती है तो यह बाजार के लिए अच्छा रहेगा।

उन्होंने आगे कहा कि अगले दो-चार क्वार्टर में भी कॉर्पोरेट नतीजे अच्छे आने चाहिए और उसके कारण बाजार को थोड़ा सपोर्ट मिलेगा। हम ग्लोबल मार्केट के असर से पूरी तरह अछूते तो नहीं रह सकते। तो जब ग्लोबल मार्केट में करेक्शन आएगा तब भारत में भी करेक्शन आएगा। लेकिन यह करेक्शन दूसरे बाजारों की तुलना में कम रह सकता है। इसकी वजह ये है कि पिछले दो साल में भारत के बाजार ने दूसरे बाजारों की तुलना में बहुत खराब प्रदर्शन किया है। ऐसे में अब इसमें ग्लोबल मार्केट्स के हिसाब से शायद थोड़ा कम करेक्शन आएगा। आगे हमें बैंकिंग सेक्टर में अच्छी ग्रोथ देखने को मिल सकती है। वित्त वर्ष 2026 में बैंकिंग के नतीजे कमोबेश सपाट रहे थे। ग्रोथ कुछ नहीं आया था। अगले एक साल में इसमें ग्रोथ आएगी और इनको नेट इंटरेस्ट मार्जिन में बढ़त का फायदा मिलेगा। बैंकिंग सेक्टर में 15 से 17% के ग्रोथ का अनुमान है।

इसके अलावा फार्मा सेक्टर भी आगे अच्छा कर सकता है। फार्मा अब तक बेस्ट अल्फा परफॉर्मर रहा है। इसमें आगे भी ग्रोथ जारी रहने की उम्मीद है। इस सेक्टर में सीडीएमओ कंपनियां काफी अच्छी लग रही हैं। यहां पर अगले 4-5 सालों में 25 से 30% की अर्निंग ग्रोथ देखने को मिल सकती है। इस सेक्टर में यूएस जेनरिक्स पर फोकस करने वाली कंपनियां भी अच्छी लग रही हैं। अब अमेरिका में भाव में स्थिरता आ रही है। इस सेक्टर ने पिछले 5 साल में काफी खराब प्रदर्शन किया है। लेकिन अब यहां तेजी आ सकती है।

ऑटो सेक्टर पर बात करते हुए ज्योतिवर्धन जयपुरिया ने कहा कि पिछले साल GST कट से ऑटो में तेजी बढ़ी थी। अगले एक साल में ऑटो वॉल्यूम में नरमी संभव है। ब्याज दरें और कच्चे माल का भाव बढ़ने से ऑटो पर असर पड़ेगा।

Top Stock Picks : बाजार में क्रूड को देख कर ही करें ट्रेड, शॉर्ट टर्म में बंपर कमाई के लिए इन दो शेयरों पर रहे नजर

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Dividend Stock: ट्रैक्टर कंपनी देगी ₹25 का फाइनल डिविडेंड, 16 सितंबर है रिकॉर्ड डेट

VST टिलर्स ट्रैक्टर्स लिमिटेड अपने शेयरहोल्डर्स को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 25 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड देने वाली है। रिकॉर्ड डेट 16 सितंबर 2026 है। इस तारीख तक जिन लोगों के नाम शेयरों के लाभार्थी मालिकों के तौर पर रजिस्टर ऑफ मेंबर्स ऑफ द कंपनी या डिपॉजिटरीज के रिकॉर्ड्स में दर्ज होंगे, वे डिविडेंड के हकदार होंगे। शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है।

फाइनल डिविडेंड की घोषणा मई महीने में हुई थी। कंपनी की 23 सितंबर को होने वाली सालाना आम बैठक में इस डिविडेंड पर शेयरहोल्डर्स की मंजूरी ली जाएगी। मंजूरी मिलने पर पेमेंट 23 सितंबर को या उसके बाद किया जाएगा। कंपनी ने वित्त वर्ष 2025 के लिए 20 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड दिया था।

VST टिलर्स ट्रैक्टर्स लिमिटेड खेती के लिए उपकरण (Farm Equipment) बनाती है। कंपनी की शुरुआत 1967 में VST ग्रुप ऑफ कंपनीज ने की थी। यह कंपनी टिलर्स और 4WD कॉम्पैक्ट ट्रैक्टर्स की सबसे बड़ी भारतीय मैन्युफैक्चरर होने का दावा करती है। इसका अन्य तरह के ट्रैक्टर्स, इंजन, ट्रांसमिशन, पावर रीपर और प्रिसिजन कंपोनेंट्स बनाने में भी अच्छा खासा नाम है। VST अपने प्रोडक्ट्स को यूरोप, एशिया और अफ्रीका के बाजारों में एक्सपोर्ट भी करती है।

VST Tillers Tractors का शेयर इस साल अब तक 35 प्रतिशत गिरा

VST Tillers Tractors के शेयर की कीमत वर्तमान में BSE पर 4039.90 रुपये है। मार्केट कैप 3500 करोड़ रुपये के करीब है। शेयर BSE 1000 इंडेक्स का हिस्सा है। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 55.55 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। शेयर 6 महीनों में 20 प्रतिशत से ज्यादा गिरा है। साल 2026 में अब तक कीमत 35 प्रतिशत कमजोर हुई है। शेयर का BSE पर 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 6,371.15 रुपये और एडजस्टेड लो 4,032 रुपये है।

Dividend Stock: 6 महीनों में 75% रिटर्न, अब हर शेयर पर ₹30 का फाइनल डिविडेंड; रिकॉर्ड डेट 22 सितंबर

कंपनी की वित्तीय सेहत

VST टिलर्स ट्रैक्टर्स का अप्रैल-जून 2026 तिमाही में रेवेन्यू 313.40 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 48.73 करोड़ रुपये रहा। इस बीच प्रति शेयर अर्निंग 56.32 करोड़ रुपये रही। पूरे वित्त वर्ष 2026 के दौरान कंपनी का रेवेन्यू 1,240.36 करोड़ रुपये, शुद्ध मुनाफा 106 करोड़ रुपये और प्रति शेयर अर्निंग 122.64 करोड़ रुपये दर्ज की गई।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Market This Week : इस हफ्ते 2% टूटे सेंसेक्स-निफ्टी,जानिए अगले हफ्ते कैसी रह सकती है इनकी चाल

Market This Week : 11 सितंबर को मेटल,रियल्टी और PSU बैंक शेयरों में बिकवाली के बीच,उतार-चढ़ाव भरे सेशन में भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स दिन के निचले स्तर से तेजी से सुधरे और मामूली गिरावट के साथ बंद हुए। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के चलते ब्रेंट क्रूड का भाव बढ़कर लगभग $109 प्रति बैरल पर आ गया, जिससे मार्केट गैप-डाउन खुला और ज्यादातर समय नेगेटिव जोन में रहा। निफ्टी ने 23,231.40 का इंट्राडे लो बनाया,जबकि सेंसेक्स 740 अंक तक गिर गया। हालांकि, बाद में क्रूड ऑयल की कीमतों में नरमी से बिकवाली का दबाव कम हुआ,जिससे इंडेक्स दिन के निचले स्तर से रिकवर हुए और मामूली नुकसान के साथ बंद हुए।

कारोबार के अंत में सेंसेक्स 120.83 अंक या 0.16 प्रतिशत गिरकर 74,781.76 पर और निफ्टी 79.70 अंक या 0.34 प्रतिशत गिरकर 23,398.10 पर बंद हुआ। वीकली बेसिस पर देखें तो इस हफ्ते BSE सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में 2% की गिरावट आई।

बाजार की वीकली चाल पर एक नजर

कोटक सिक्योरिटीज में VP टेक्निकल रिसर्च, अमोल अठावले का कहना है कि आज खत्म हुए हफ्ते में बेंचमार्क इंडेक्स में तेज गिरावट आई। निफ़्टी लगभग 2 प्रतिशत नीचे बंद हुआ,जबकि सेंसेक्स 1,700 अंक गिर गया। सेक्टरों की बात करें तो लगभग सभी अहम सेक्टर इंडेक्स में ऊपरी स्तरों पर प्रॉफिट बुकिंग रही। लेकिन रियल्टी और IT इंडेक्स को सबसे अधिक नुकसान हुआ। रियल्टी 6.50 प्रतिशत और IT 5.75 प्रतिशत नीचे गिर कर बंद हुए।

इस हफ्ते मार्केट ने 23,800/76,000 के अहम सपोर्ट जोन को तोड़ा और इसके बाद बिकवाली का दबाव बढ़ गया। टेक्निकल तौर पर डेली और इंट्राडे चार्ट पर मार्केट लोअर हाई और लोअर लो का पैटर्न दिखा रहा है और वीकली चार्ट पर एक लंबी बेयरिश कैंडल बनी है,जो काफी हद तक नेगेटिव संकेत है।

अगले हफ्ते कैसा रह सकता है बाजार?

अमोल अठावले का मानना ​​है कि शॉर्ट-टर्म के लिए मार्केट का ट्रेंड कमजोर है,लेकिन ओवरसोल्ड लेवल से संकेत मिलता है कि मौजूदा लेवल से एक पुलबैक रैली की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है। ट्रेडर्स के लिए,तत्काल सपोर्ट जोन 23,200/74,200 के आसपास है। अगर मार्केट इस लेवल से ऊपर ट्रेड करने में कामयाब रहता है,तो 23,500/75,000 तक उछाल जारी रह सकता है। इसके बाद और तेजी आ सकती है,जिससे इंडेक्स 23,700–23,750/75,500–75,800 के आसपास पहुंच सकता है। इसके विपरीत अगर मार्केट 23,200/74,200 से नीचे गिरता है तो बिकवाली का दबाव बढ़ने की संभावना है। इस लेवल से नीचे जाने पर मार्केट 23,000–22,900/73,700–73,500 के लेवल को फिर से टेस्ट कर सकता है।

बैंक निफ्टी के लिए सबसे नजदीकी सपोर्ट 56,000 पर है। इस लेवल के ऊपर जाने पर यह 57,000–57,500 की ओर बढ़ सकता है। नीचे की तरफ, अगर यह 56,000 से नीचे गिरता है तो इसके 55,500–55,200 तक गिरने की संभावना बढ़ जाती है।

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज़ में हेड ऑफ़ रिसर्च,वेल्थ मैनेजमेंट सिद्धार्थ खेमका का कहना है कि भारतीय इक्विटी बाजार पर दबाव बने रहने की संभावना है। ब्रेंट क्रूड की कीमत US$100 प्रति बैरल के स्तर को पार कर US$110 प्रति बैरल की ओर बढ़ गई है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण सप्लाई में रुकावट की चिंताएं बढ़ गई हैं।

कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण ग्लोबल बॉन्ड यील्ड में बढ़त हुई है, जिससे US 10-ईयर ट्रेजरी यील्ड 5% के करीब पहुंच गई है। इससे इक्विटी वैल्यूएशन पर दबाव बढ़ रहा है और फेड के ज्यादा सख्त रुख अपनाने की उम्मीदें भी बढ़ रही हैं। रुपया गिरकर ₹95.6/US$ पर आ गया है। जबकि FII की लगातार बिकवाली ने दबाव को और बढ़ा दिया है।

अगले हफ्ते निवेशक भारत के अगस्त के CPI और WPI महंगाई के आंकड़ों, US फ़ेड की पॉलिसी से जुड़े फैसले,US में रिटेल बिक्री और इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन पर नजर रखेंगे। साथ ही कच्चे तेल की कीमतें,रुपये की चाल और ग्लोबल यील्ड भी बाजार के लिए अहम होंगे।

बोनान्जा में रिसर्च एनालिस्ट अभिनव तिवारी का कहना है कि निकट भविष्य में बाजार की दिशा तय करने में कच्चे तेल की कीमतें और पश्चिम एशिया में हो रही घटनाओं की बड़ी भूमिका होगी। हालांकि,घरेलू संस्थागत निवेशकों का मजबूत निवेश बाजार को सहारा दे रहा है। कच्चे तेल की कीमतों में कोई भी बड़ी गिरावट भारतीय इक्विटी बाजार को राहत दे सकती है। इसलिए, चुनिंदा और स्टॉक-स्पेसिफिक रणनीति अपना सही रहेगा। ऐसी कंपनियों पर फोकस करें जिनकी अर्निंग की संभावना मजबूत है और जिनका वैल्यूएशन सही है।

 

Market Outlook : गिरावट के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए 15 सितंबर को कैसी रह सकती है इसकी चाल

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stock Split: 6 महीनों में 85% और 3 साल में 160% तेजी, अब 5 टुकड़ों में टूटेगा शेयर; रिकॉर्ड डेट 22 सितंबर

इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी सॉल्यूशंस देने वाली कंपनी TAAL Tech Ltd का स्टॉक, स्प्लिट होने वाला है। इस कॉरपोरेट एक्शन के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाला एक शेयर, 2 रुपये फेस वैल्यू वाले 5 शेयरों में टूट जाएगा। रिकॉर्ड डेट 22 सितंबर 2026 है। इस तारीख तक जिन लोगों के नाम शेयरों के लाभार्थी मालिकों के तौर पर रजिस्टर ऑफ मेंबर्स ऑफ द कंपनी या डिपॉजिटरीज के रिकॉर्ड्स में दर्ज होंगे, उनके स्टॉक स्प्लिट हो जाएंगे।

कंपनी का पुराना नाम TAAL Enterprises Limited था। स्टॉक स्प्लिट की घोषणा अगस्त में हुई थी। यह कंपनी ग्लोबल ओरिजनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स, EPCs और ऑपरेटर्स के लिए इंजीनियरिंग डिजाइन पार्टनर है। इसका हेडक्वार्टर बेंगलुरु में है। इसके कस्टमर्स दुनिया भर में हैं। जिन प्रमुख इंडस्ट्रीज को कंपनी अपनी सर्विस देती है, उनमें आर्किटेक्चर, प्लांट इंजीनियरिंग, एयरोस्पेस, इंडस्ट्रियल मशीनरी, इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन, ऑटोमोटिव, ऑफ-हाइवे, ट्रेलर्स और ट्रक्स, रेल शामिल हैं।

शेयर की कीमत BSE पर 10 सितंबर को 6 प्रतिशत बढ़त के साथ 5188.30 रुपये पर बंद हुई। कंपनी का मार्केट कैप 1600 करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर का BSE पर 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 5,242 रुपये और एडजस्टेड लो 2,610 रुपये है।

TAAL Tech का शेयर 6 महीनों में 85 प्रतिशत मजबूत

कंपनी का शेयर एक सप्ताह में 15 प्रतिशत और 3 महीनों में 50 प्रतिशत उछला है। 6 महीनों में यह 85 प्रतिशत की तेजी देख चुका है। 3 साल में कीमत लगभग 160 प्रतिशत और 10 साल में 2200 प्रतिशत से ज्यादा चढ़ी है। TAAL Tech में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 50.80 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।

कंपनी की वित्तीय सेहत

अप्रैल-जून 2026 तिमाही में TAAL Tech का रेवेन्यू 63.23 करोड़ रुपये रहा। इस बीच शुद्ध मुनाफा 18.35 करोड़ रुपये और प्रति शेयर अर्निंग 58.87 करोड़ रुपये दर्ज की गई। पूरे वित्त वर्ष 2026 के दौरान कंपनी का रेवेन्यू 190.10 करोड़ रुपये, शुद्ध मुनाफा 53.75 करोड़ रुपये और प्रति शेयर अर्निंग 172.48 करोड़ रुपये रही।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Dividend Stock: रियल एस्टेट कंपनी हर शेयर पर दे रही है ₹50 का डिविडेंड, 18 सितंबर ​रिकॉर्ड डेट; शेयर एक महीने में 73% चढ़ा

रियल एस्टेट सेक्टर की कंपनी विक्टोरिया मिल्स लिमिटेड अपने शेयरहोल्डर्स को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 50 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड देने वाली है। रिकॉर्ड डेट 18 सितंबर 2026 है। इस तारीख तक जिन लोगों के नाम शेयरों के लाभार्थी मालिकों के तौर पर रजिस्टर ऑफ मेंबर्स ऑफ द कंपनी या डिपॉजिटरीज के रिकॉर्ड्स में दर्ज होंगे, वे डिविडेंड के हकदार होंगे। जिन लोगों के पास अभी शेयर नहीं हैं और फाइनल डिविडेंड पाना चाहते हैं, उन्हें 17 सितंबर को मार्केट क्लोज होने तक शेयर खरीद करनी होगी।

कंपनी के शेयर की फेस वैल्यू 100 रुपये है। विक्टोरिया मिल्स ने वित्त वर्ष 2025 के लिए भी इतने ही रुपये का फाइनल डिविडेंड दिया था। कंपनी की सालाना आम बैठक 25 सितंबर को होने वाली है। इसमें डिविडेंड पर शेयरहोल्डर्स की मंजूरी ली जाएगी। उसके बाद पेमेंट किया जाएगा।

Victoria Mills का शेयर एक महीने में 73 प्रतिशत मजबूत

कंपनी के शेयर में 10 सितंबर को गिरावट है। बीएसई पर शेयर 8590 रुपये पर ट्रेड कर रहा है। कंपनी का मार्केट कैप 85 करोड़ रुपये के करीब है। शेयर का 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 9,448.95 रुपये और एडजस्टेड लो 4,501 रुपये है। शेयर एक महीने में 73 प्रतिशत चढ़ा है। 3 साल में कीमत 140 प्रतिशत मजबूत हुई है। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 56.16 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।

कंपनी की वित्तीय सेहत

अप्रैल-जून 2026 तिमाही में विक्टोरिया मिल्स का रेवेन्यू 19.50 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 2.89 करोड़ रुपये रहा। इस बीच प्रति शेयर अर्निंग 293.67 करोड़ रुपये रही। पूरे वित्त वर्ष 2026 के दौरान रेवेन्यू 52.75 करोड़ रुपये, शुद्ध मुनाफा 6.66 करोड़ रुपये और प्रति शेयर अर्निंग 675.98 करोड़ रुपये दर्ज की गई।

Sensex-Nifty में छाई सुस्ती, 5 वजहों से किसी एक तरफ नहीं बढ़ पा रहा मार्केट

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Shakti Pumps Share Price: ₹236 करोड़ के ऑर्डर से खरीद का तूफान, शेयर 12% तक भागा

कंप्रेसर, पंप और डीजल इंजन बनाने वाली शक्ति पंप्स इंडिया के शेयरों में 10 सितंबर को दिन में 12 प्रतिशत तक की बढ़त दिखी। बीएसई पर शेयर 524.90 रुपये के हाई तक गया। कंपनी का मार्केट कैप बढ़कर 6100 करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया है। बंपर शेयर खरीद की वजह है कंपनी को 235.92 करोड़ रुपये का वर्क ऑर्डर मिलना। शक्ति पंप्स इंडिया ने एक दिन पहले शेयर बाजारों को बताया था कि उसे यह कॉन्ट्रैक्ट महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड से ​मिला है।

यह वर्क ऑर्डर पूरे महाराष्ट्र के लिए 3 हॉर्सपावर (HP), 5 HP, 7.5 HP की 10,000 ऑफ ग्रिड सोलर फोटोवॉल्टिक वॉटर पंपिंग सिस्टम्स (SPWPS) पंप्स के लिए है। ऑर्डर ‘मागेल त्याला सौर कृषी पंप योजना’ के तहत है। इस काम को वर्क ऑर्डर जारी होने के 60 दिनों के अंदर पूरा किया जाना है।

शक्ति पंप्स पर इन SPWPS पंपों की डिजाइनिंग, मैन्युफैक्चरिंग, सप्लाई, ट्रांसपोर्ट, इंस्टॉलेशन, टेस्टिंग और कमीशनिंग की जिम्मेदारी है। ऑर्डर की वैल्यू GST के बिना 216.64 करोड़ रुपये और GST के साथ 235.92 करोड़ रुपये है। यह रिलेटेड पार्टी ट्रांजेक्शन नहीं है।

3 साल में Shakti Pumps India 262 प्रतिशत चढ़ा

शक्ति पंप्स इंडिया के शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। शेयर BSE 1000 इंडेक्स का हिस्सा है। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 50.36 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। शेयर 3 साल में 262 प्रतिशत और 10 साल में 2000 प्रतिशत से ज्यादा चढ़ा है। वहीं एक साल में कीमत लगभग 40 प्रतिशत फिसली है। BSE पर शेयर का 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 914.95 रुपये और एडजस्टेड लो 457 रुपये है।

कंपनी की वित्तीय सेहत

शक्ति पंप्स इंडिया का अप्रैल-जून 2026 तिमाही में रेवेन्यू 816.28 करोड़ रुपये रहा। इस बीच शुद्ध मुनाफा करीब 43 करोड़ रुपये और प्रति शेयर अर्निंग 3.48 करोड़ रुपये दर्ज की गई। पूरे वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान कंपनी का रेवेन्यू 2,643.11 करोड़ रुपये, शुद्ध मुनाफा 243.79 करोड़ रुपये और प्रति शेयर अर्निंग 19.89 करोड़ रुपये रही।

IRB Infra Share Price: 25% बढ़ी टोल से कमाई, जोश में 8% उछल पड़े शेयर, इस एक्सप्रेसवे का रहा धमाल

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Market Outlook : बढ़त के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए 7 सितंबर को कैसी रह सकती है इसकी चाल

Market Outlook : कारोबारी हफ्ते के आखिरी दिन बाजार ने सीमित दायरे में कारोबार किया। सेंसेक्स और निफ्टी बढ़त पर बंद हुए। हालांकि,मिडकैप शेयरों पर दबाव देखने को मिला और मिडकैप इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुआ। वहीं,निफ्टी बैंक में लगभग फ्लैट क्लोजिंग रही। आज सेंसेक्स 363 प्वाइंट चढ़कर 76,515 पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 24 प्वाइंट चढ़कर 23,898 पर बंद हुआ। कैपिटल मार्केट और मेटल शेयरों में खरीदारी रही। रियल्टी,फार्मा और IT शेयरों पर दबाव रहा।

बैंक निफ्टी 11 प्वाइंट गिरकर 57,370 पर बंद हुआ। वहीं, मिडकैप 156 प्वाइंट गिरकर 63,079 पर बंद हुआ। निफ्टी के 50 में से 28 शेयरों में बिकवाली रही। सेंसेक्स के 30 में से 19 शेयरों में खरीदारी दिखी। बैंक निफ्टी के 14 में से 9 शेयरों में बिकवाली रही। रुपया बिना किसी बदलाव के 94.49/$ पर बंद हुआ।

बाजार पर एक्सपर्ट्स की राय

कोटक सिक्योरिटीज के हेड इक्विटी रिसर्च,श्रीकांत चौहान का कहना है कि शुक्रवार को भारतीय बेंचमार्क निफ्टी 50 और बीएसई सेंसेक्स ने लगातार चार दिनों की गिरावट का सिलसिला तोड़ा और मामूली रिकवरी की। पूरे हफ्ते बाजार का प्रदर्शन मिला-जुला रहा। निफ्टी मिडकैप 100 गिरावट के साथ बंद हुआ। जबकि निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स ने बेहतर मजबूती दिखाई। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते जियोपॉलिटिकल तनाव के कारण ग्लोबल इक्विटी मार्केट में बिकवाली का दबाव देखा गया। ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें बढ़ीं। इससे भारत के लिए फिस्कल और महंगाई से जुड़े जोखिम और बढ़ गए।

इसी दौरान,ग्लोबल बॉन्ड मार्केट में भारी बिकवाली हुई,जिससे सॉवरेन बॉन्ड यील्ड कई सालों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई। US ट्रेजरी यील्ड में हुई इस बढ़ोतरी ने भारत समेत दुनिया भर के इक्विटी मार्केट में उतार-चढ़ाव को बढ़ावा दिया।

घरेलू मैक्रो-इकोनॉमिक मोर्चे पर भारत की Q1FY27 रियल GDP ग्रोथ शानदार 7.8% पर रही। इसने एक्सपोर्ट और इन्वेस्टमेंट में मजबूत ग्रोथ के दम पर बाजार की उम्मीदों को पीछे छोड़ दिया। हालांकि हाई-फ्रीक्वेंसी इंडिकेटर्स उत्साहजनक बने हुए हैं,लेकिन त्योहारों के बाद की रफ्तार अहम बनी रहेगी।

इस हफ्ते भारतीय रुपये ने क्रूड ऑयल और यील्ड के दबाव के बावजूद मजबूती दिखाई,जिसे फॉरेन करेंसी नॉन-रेसिडेंट (FCNR) डिपॉजिट इनफ्लो का सहारा मिला।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ़ रिसर्च,विनोद नायर का कहना है कि अमेरिकी फ़ेडरल रिज़र्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की आशंका कम होने से भारतीय शेयर बाज़ार में तेजी रही। हालांकि,ऊंचे स्तरों पर मुनाफ़ा वसूली और मध्य पूर्व में जारी भू-राजनीतिक तनाव के कारण तेज़ी सीमित रही। निवेशकों की नज़र आज आने वाले अमेरिकी रोज़गार के आंकड़ों पर है,जबकि ब्याज दरों की आगे की चाल का अंदाज़ा लगाने के लिए अगले हफ़्ते आने वाले अमेरिकी CPI के आंकड़े अहम होंगे।

अगस्त में कोर महंगाई में मामूली गिरावट की उम्मीदों से फेड द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने में कुछ समय के लिए रोक लगने की संभावना मजबूत हो सकती है और इससे बॉन्ड यील्ड में उतार-चढ़ाव को काबू में रखने में मदद मिल सकती है।

घरेलू स्तर पर,पूरे बाजार में खास शेयरों और सेक्टरों में खरीदारी देखी गई और स्मॉल-कैप इंडेक्स ने इंट्राडे में अब तक के नए उच्चतम स्तर को छुआ। मजबूत अर्निंग ग्रोथ, टिकाऊ आर्थिक विकास और घरेलू स्तर पर मजबूत मांग से ब्रॉडर मार्केट में निवेशकों का भरोसा बना हुआ है।

निफ्टी टेक्निकल व्यू

SBI सिक्योरिटीज में टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च हेड सुदीप शाह का कहना है कि शुक्रवार को निफ्टी में 107 अंको की सीमित ट्रेडिंग रेंज देखी गई और यह 0.10% की बढ़त के साथ सपाट स्तर पर बंद हुआ। डेली टाइमफ्रेम पर इंडेक्स ने अपर शैडो के साथ एक छोटी बॉडी वाली बेयरिश कैंडल बनाई। यह बाजार में अनिश्चितता और किसी स्पष्ट दिशा के बारे में पक्के संकेत न होने का इशारा है। पिछले पांच सेशन में निफ्टी लगभग 348 अंको की रेंज में ट्रेड कर रहा है। यह जब तक कि किसी भी तरफ कोई निर्णायक ब्रेकआउट न हो जाए तब तक लगातार कंसोलिडेशन होने के संकेत दे रहा है।

टेक्निकल नजरिए से निफ्टी अभी भी अपने 20-डे और 50-डे EMA के नीचे ट्रेड कर रहा है,जिससे निकट अवधि का स्ट्रक्चर सतर्कता वाला बना हुआ है। डेली RSI 30–50 ज़ोन में बना हुआ है,जो स्पष्ट मोमेंटम की कमी को दिखाता है। जबकि MACD ज़ीरो लाइन के नीचे ट्रेड कर रहा है,जिससे नेगेटिव रुझान बना हुआ है। वहीं,बढ़ता ADX ट्रेंड की तेजी में धीरे-धीरे बढ़ोतरी का संकेत है,जिससे पता चलता है कि उतार-चढ़ाव अधिक रह सकता है और दोनों तरफ के उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है।

आगे 23750–23700 का जोन जो 61.8% फिबोनाची रिट्रेसमेंट लेवल के बराबर है, निफ्टी के लिए एक अहम सपोर्ट एरिया का काम कर सकता है। अगर यह लेवल 23700 टूटता है तो 23600–23570 के लेवल तक और गिरावट आ सकती है। ऊपर की तरफ,24050–24080 तत्काल रेजिस्टेंस का काम करेगा। लगातार 24080 के ऊपर बने रहने पर निफ्टी में 24200 के लेवल तक वापसी हो सकती है।

बैंक निफ्टी टेक्निकल व्यू

सुदीप शाह का कहना है कि बैंक निफ्टी लगभग 24 सेशन से एक ही दायरे में बना हुआ है,जिससे पता चलता है कि इसमें किसी खास दिशा में बढ़ने की गति की कमी है। इंडेक्स 0.02% की मामूली गिरावट के साथ बंद हुआ और डेली चार्ट पर एक छोटी बॉडी वाली ‘बेयरिश कैंडल’ बनाई,जिसके दोनों तरफ विक्स (wicks) थीं। यह बाजार में अनिश्चितता का संकेत है। डेली RSI 50 के स्तर के आसपास न्यूट्रल बना रहा, जो मजबूत डायरेक्शनल मोमेंटम की कमी को दिखाता है।

आगे 56900–56800 का जोन एक अहम सपोर्ट एरिया के तौर पर काम कर सकता है। अगर यह इस स्तर से ऊपर बना रहता है तो मौजूदा कंसोलिडेशन का दौर जारी रह सकता है। ऊपर की तरफ,57800–57900 का जोन तत्काल रेजिस्टेंस एरिया का काम कर सकता है। इस जोन से ऊपर ब्रेकआउट या 56800 से नीचे ब्रेकडाउन मौजूदा कंसोलिडेशन के दौर को खत्म कर सकता है और किसी खास दिशा में बड़ी चाल की शुरुआत हो सकती है।

 

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TBZ Share Price: ज्वेलरी कंपनी में खरीद का तूफान, 20% बढ़त के साथ अपर सर्किट; प्रमोटर बेचेंगे 74% हिस्सा

जेम्स एंड ज्वेलरी कंपनी त्रिभुवनदास भीमजीदास झवेरी (TBZ) के शेयरहोल्डर्स के लिए 1 सितंबर का दिन बेहद शानदार रहा। शेयर 20 प्रतिशत उछला और बीएसई पर 366.50 रुपये पर अपर सर्किट लगा। यह शेयर का 52 सप्ताह का नया उच्च स्तर भी है। दरअसल GRT ज्वेलर्स इंडिया, TBZ के प्रमोटर्स से कंपनी में 74.12 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीद रही है। इसके लिए एक शेयर परचेज एग्रीमेंट साइन किया गया है। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 74.12 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।

शेयर बाजारों को दी गई जानकारी के मुताबिक, यह खरीद 209 रुपये प्रति शेयर के भाव पर की जाएगी। इसके चलते डील की वैल्यू 1,033.71 करोड़ रुपये रहेगी। इस खरीद के पूरा होने के बाद GRT ज्वेलर्स TBZ के पब्लिक शेयरहोल्डर्स से लगभग 26 प्रतिशत की अतिरिक्त हिस्सेदारी की खरीद के लिए एक ओपन ऑफर भी लेकर आएगी। इस हिस्सेदारी को 249.60 रुपये प्रति शेयर के भाव पर खरीदा जाएगा। GRT Jewellers के अभी भारत में 68 स्टोर हैं। एक स्टोर सिंगापुर में भी है।

TBZ का शेयर 3 महीनों में 111 प्रतिशत मजबूत

शेयर में आई तेजी के बाद त्रिभुवनदास भीमजीदास झवेरी का मार्केट कैप बढ़कर 2400 करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया है। शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। शेयर एक सप्ताह में 30 प्रतिशत, 2 सप्ताह में 46 प्रतिशत और 3 महीनों में 111 प्रतिशत चढ़ा है। 6 महीनों में शेयर की कीमत करीब 150 प्रतिशत और 2 साल में 212 प्रतिशत उछली है।

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कंपनी की वित्तीय सेहत

त्रिभुवनदास भीमजीदास झवेरी का अप्रैल-जून 2026 तिमाही में स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 840.97 करोड़ रुपये रहा। इस बीच शुद्ध मुनाफा 32.85 करोड़ रुपये और प्रति शेयर अर्निंग करीब 5 करोड़ रुपये दर्ज की गई। पूरे वित्त वर्ष 2026 के दौरान कंपनी का स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 3,202.95 करोड़ रुपये, शुद्ध मुनाफा 200.49 करोड़ रुपये और प्रति शेयर अर्निंग 30 करोड़ रुपये रही। वित्त वर्ष 2026 तक TBZ पर 886 करोड़ रुपये का कर्ज था और फाइनेंस कॉस्ट 77 करोड़ रुपये थी।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Dividend Stock: हर शेयर पर ₹50 का डिविडेंड देगी ऑटोमोबाइल कंपनी, रिकॉर्ड डेट 9 सितंबर; 2 साल में पैसे हुए डबल

ऑटोमोबाइल कंपनी फोर्स मोटर्स के शेयरहोल्डर्स को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 50 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड मिलने वाला है। रिकॉर्ड डेट 9 सितंबर है। इस तारीख तक जिन लोगों के नाम शेयरों के लाभार्थी मालिकों के तौर पर रजिस्टर ऑफ मेंबर्स ऑफ द कंपनी या डिपॉजिटरीज के रिकॉर्ड्स में दर्ज होंगे, वे डिविडेंड के हकदार होंगे। इस डिविडेंड की घोषणा अप्रैल महीने में की गई थी।

16 सितंबर को कंपनी की सालाना आम बैठक में फाइनल डिविडेंड पर शेयरहोल्डर्स की मंजूरी ली जाएगी। इसके बाद 30 दिनों के अंदर इसका पेमेंट किया जाएगा। फोर्स मोटर्स ने वित्त वर्ष 2025 के लिए 40 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड दिया था। कंपनी के शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है।

फोर्स मोटर्स का शेयर 31 अगस्त को BSE पर 17550 रुपये पर बंद हुआ। कंपनी का मार्केट कैप 22800 करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर BSE 500 इंडेक्स का हिस्सा है। BSE पर 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 26,485.95 रुपये और एडजस्टेड लो 14,911.45 रुपये है।

Force Motors का शेयर 5 साल में 1100 प्रतिशत चढ़ा

फोर्स मोटर्स का शेयर 2 साल में निवेशकों का पैसा डबल कर चुका है। 3 साल में कीमत 411 प्रतिशत मजबूत हुई है। 5 साल में शेयर 1100 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी देख चुका है। वहीं 6 महीनों में 28 प्रतिशत की गिरावट दर्ज कर चुका है। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 61.63 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।

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कंपनी की वित्तीय सेहत

फोर्स मोटर्स का अप्रैल-जून 2026 तिमाही में स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 2,439.89 करोड़ रुपये रहा। शुद्ध मुनाफा 212 करोड़ रुपये और प्रति शेयर अर्निंग 160.95 करोड़ रुपये रही। पूरे वित्त वर्ष 2026 के दौरान कंपनी का स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 9,056.54 करोड़ रुपये, शुद्ध मुनाफा 1,211.26 करोड़ रुपये और प्रति शेयर अर्निंग 919.28 करोड़ रुपये दर्ज की गई।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।