Market Outlook : बढ़त के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए 7 सितंबर को कैसी रह सकती है इसकी चाल

Market Outlook : कारोबारी हफ्ते के आखिरी दिन बाजार ने सीमित दायरे में कारोबार किया। सेंसेक्स और निफ्टी बढ़त पर बंद हुए। हालांकि,मिडकैप शेयरों पर दबाव देखने को मिला और मिडकैप इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुआ। वहीं,निफ्टी बैंक में लगभग फ्लैट क्लोजिंग रही। आज सेंसेक्स 363 प्वाइंट चढ़कर 76,515 पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 24 प्वाइंट चढ़कर 23,898 पर बंद हुआ। कैपिटल मार्केट और मेटल शेयरों में खरीदारी रही। रियल्टी,फार्मा और IT शेयरों पर दबाव रहा।

बैंक निफ्टी 11 प्वाइंट गिरकर 57,370 पर बंद हुआ। वहीं, मिडकैप 156 प्वाइंट गिरकर 63,079 पर बंद हुआ। निफ्टी के 50 में से 28 शेयरों में बिकवाली रही। सेंसेक्स के 30 में से 19 शेयरों में खरीदारी दिखी। बैंक निफ्टी के 14 में से 9 शेयरों में बिकवाली रही। रुपया बिना किसी बदलाव के 94.49/$ पर बंद हुआ।

बाजार पर एक्सपर्ट्स की राय

कोटक सिक्योरिटीज के हेड इक्विटी रिसर्च,श्रीकांत चौहान का कहना है कि शुक्रवार को भारतीय बेंचमार्क निफ्टी 50 और बीएसई सेंसेक्स ने लगातार चार दिनों की गिरावट का सिलसिला तोड़ा और मामूली रिकवरी की। पूरे हफ्ते बाजार का प्रदर्शन मिला-जुला रहा। निफ्टी मिडकैप 100 गिरावट के साथ बंद हुआ। जबकि निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स ने बेहतर मजबूती दिखाई। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते जियोपॉलिटिकल तनाव के कारण ग्लोबल इक्विटी मार्केट में बिकवाली का दबाव देखा गया। ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें बढ़ीं। इससे भारत के लिए फिस्कल और महंगाई से जुड़े जोखिम और बढ़ गए।

इसी दौरान,ग्लोबल बॉन्ड मार्केट में भारी बिकवाली हुई,जिससे सॉवरेन बॉन्ड यील्ड कई सालों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई। US ट्रेजरी यील्ड में हुई इस बढ़ोतरी ने भारत समेत दुनिया भर के इक्विटी मार्केट में उतार-चढ़ाव को बढ़ावा दिया।

घरेलू मैक्रो-इकोनॉमिक मोर्चे पर भारत की Q1FY27 रियल GDP ग्रोथ शानदार 7.8% पर रही। इसने एक्सपोर्ट और इन्वेस्टमेंट में मजबूत ग्रोथ के दम पर बाजार की उम्मीदों को पीछे छोड़ दिया। हालांकि हाई-फ्रीक्वेंसी इंडिकेटर्स उत्साहजनक बने हुए हैं,लेकिन त्योहारों के बाद की रफ्तार अहम बनी रहेगी।

इस हफ्ते भारतीय रुपये ने क्रूड ऑयल और यील्ड के दबाव के बावजूद मजबूती दिखाई,जिसे फॉरेन करेंसी नॉन-रेसिडेंट (FCNR) डिपॉजिट इनफ्लो का सहारा मिला।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ़ रिसर्च,विनोद नायर का कहना है कि अमेरिकी फ़ेडरल रिज़र्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की आशंका कम होने से भारतीय शेयर बाज़ार में तेजी रही। हालांकि,ऊंचे स्तरों पर मुनाफ़ा वसूली और मध्य पूर्व में जारी भू-राजनीतिक तनाव के कारण तेज़ी सीमित रही। निवेशकों की नज़र आज आने वाले अमेरिकी रोज़गार के आंकड़ों पर है,जबकि ब्याज दरों की आगे की चाल का अंदाज़ा लगाने के लिए अगले हफ़्ते आने वाले अमेरिकी CPI के आंकड़े अहम होंगे।

अगस्त में कोर महंगाई में मामूली गिरावट की उम्मीदों से फेड द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने में कुछ समय के लिए रोक लगने की संभावना मजबूत हो सकती है और इससे बॉन्ड यील्ड में उतार-चढ़ाव को काबू में रखने में मदद मिल सकती है।

घरेलू स्तर पर,पूरे बाजार में खास शेयरों और सेक्टरों में खरीदारी देखी गई और स्मॉल-कैप इंडेक्स ने इंट्राडे में अब तक के नए उच्चतम स्तर को छुआ। मजबूत अर्निंग ग्रोथ, टिकाऊ आर्थिक विकास और घरेलू स्तर पर मजबूत मांग से ब्रॉडर मार्केट में निवेशकों का भरोसा बना हुआ है।

निफ्टी टेक्निकल व्यू

SBI सिक्योरिटीज में टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च हेड सुदीप शाह का कहना है कि शुक्रवार को निफ्टी में 107 अंको की सीमित ट्रेडिंग रेंज देखी गई और यह 0.10% की बढ़त के साथ सपाट स्तर पर बंद हुआ। डेली टाइमफ्रेम पर इंडेक्स ने अपर शैडो के साथ एक छोटी बॉडी वाली बेयरिश कैंडल बनाई। यह बाजार में अनिश्चितता और किसी स्पष्ट दिशा के बारे में पक्के संकेत न होने का इशारा है। पिछले पांच सेशन में निफ्टी लगभग 348 अंको की रेंज में ट्रेड कर रहा है। यह जब तक कि किसी भी तरफ कोई निर्णायक ब्रेकआउट न हो जाए तब तक लगातार कंसोलिडेशन होने के संकेत दे रहा है।

टेक्निकल नजरिए से निफ्टी अभी भी अपने 20-डे और 50-डे EMA के नीचे ट्रेड कर रहा है,जिससे निकट अवधि का स्ट्रक्चर सतर्कता वाला बना हुआ है। डेली RSI 30–50 ज़ोन में बना हुआ है,जो स्पष्ट मोमेंटम की कमी को दिखाता है। जबकि MACD ज़ीरो लाइन के नीचे ट्रेड कर रहा है,जिससे नेगेटिव रुझान बना हुआ है। वहीं,बढ़ता ADX ट्रेंड की तेजी में धीरे-धीरे बढ़ोतरी का संकेत है,जिससे पता चलता है कि उतार-चढ़ाव अधिक रह सकता है और दोनों तरफ के उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है।

आगे 23750–23700 का जोन जो 61.8% फिबोनाची रिट्रेसमेंट लेवल के बराबर है, निफ्टी के लिए एक अहम सपोर्ट एरिया का काम कर सकता है। अगर यह लेवल 23700 टूटता है तो 23600–23570 के लेवल तक और गिरावट आ सकती है। ऊपर की तरफ,24050–24080 तत्काल रेजिस्टेंस का काम करेगा। लगातार 24080 के ऊपर बने रहने पर निफ्टी में 24200 के लेवल तक वापसी हो सकती है।

बैंक निफ्टी टेक्निकल व्यू

सुदीप शाह का कहना है कि बैंक निफ्टी लगभग 24 सेशन से एक ही दायरे में बना हुआ है,जिससे पता चलता है कि इसमें किसी खास दिशा में बढ़ने की गति की कमी है। इंडेक्स 0.02% की मामूली गिरावट के साथ बंद हुआ और डेली चार्ट पर एक छोटी बॉडी वाली ‘बेयरिश कैंडल’ बनाई,जिसके दोनों तरफ विक्स (wicks) थीं। यह बाजार में अनिश्चितता का संकेत है। डेली RSI 50 के स्तर के आसपास न्यूट्रल बना रहा, जो मजबूत डायरेक्शनल मोमेंटम की कमी को दिखाता है।

आगे 56900–56800 का जोन एक अहम सपोर्ट एरिया के तौर पर काम कर सकता है। अगर यह इस स्तर से ऊपर बना रहता है तो मौजूदा कंसोलिडेशन का दौर जारी रह सकता है। ऊपर की तरफ,57800–57900 का जोन तत्काल रेजिस्टेंस एरिया का काम कर सकता है। इस जोन से ऊपर ब्रेकआउट या 56800 से नीचे ब्रेकडाउन मौजूदा कंसोलिडेशन के दौर को खत्म कर सकता है और किसी खास दिशा में बड़ी चाल की शुरुआत हो सकती है।

 

Trading plan :ये बाजार पोजीशन लेकर जाने वाला नहीं, अपनी पोजिशन्स समेटें और सोमवार को नया नजरिया लेंगे

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

TBZ Share Price: ज्वेलरी कंपनी में खरीद का तूफान, 20% बढ़त के साथ अपर सर्किट; प्रमोटर बेचेंगे 74% हिस्सा

जेम्स एंड ज्वेलरी कंपनी त्रिभुवनदास भीमजीदास झवेरी (TBZ) के शेयरहोल्डर्स के लिए 1 सितंबर का दिन बेहद शानदार रहा। शेयर 20 प्रतिशत उछला और बीएसई पर 366.50 रुपये पर अपर सर्किट लगा। यह शेयर का 52 सप्ताह का नया उच्च स्तर भी है। दरअसल GRT ज्वेलर्स इंडिया, TBZ के प्रमोटर्स से कंपनी में 74.12 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीद रही है। इसके लिए एक शेयर परचेज एग्रीमेंट साइन किया गया है। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 74.12 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।

शेयर बाजारों को दी गई जानकारी के मुताबिक, यह खरीद 209 रुपये प्रति शेयर के भाव पर की जाएगी। इसके चलते डील की वैल्यू 1,033.71 करोड़ रुपये रहेगी। इस खरीद के पूरा होने के बाद GRT ज्वेलर्स TBZ के पब्लिक शेयरहोल्डर्स से लगभग 26 प्रतिशत की अतिरिक्त हिस्सेदारी की खरीद के लिए एक ओपन ऑफर भी लेकर आएगी। इस हिस्सेदारी को 249.60 रुपये प्रति शेयर के भाव पर खरीदा जाएगा। GRT Jewellers के अभी भारत में 68 स्टोर हैं। एक स्टोर सिंगापुर में भी है।

TBZ का शेयर 3 महीनों में 111 प्रतिशत मजबूत

शेयर में आई तेजी के बाद त्रिभुवनदास भीमजीदास झवेरी का मार्केट कैप बढ़कर 2400 करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया है। शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। शेयर एक सप्ताह में 30 प्रतिशत, 2 सप्ताह में 46 प्रतिशत और 3 महीनों में 111 प्रतिशत चढ़ा है। 6 महीनों में शेयर की कीमत करीब 150 प्रतिशत और 2 साल में 212 प्रतिशत उछली है।

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कंपनी की वित्तीय सेहत

त्रिभुवनदास भीमजीदास झवेरी का अप्रैल-जून 2026 तिमाही में स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 840.97 करोड़ रुपये रहा। इस बीच शुद्ध मुनाफा 32.85 करोड़ रुपये और प्रति शेयर अर्निंग करीब 5 करोड़ रुपये दर्ज की गई। पूरे वित्त वर्ष 2026 के दौरान कंपनी का स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 3,202.95 करोड़ रुपये, शुद्ध मुनाफा 200.49 करोड़ रुपये और प्रति शेयर अर्निंग 30 करोड़ रुपये रही। वित्त वर्ष 2026 तक TBZ पर 886 करोड़ रुपये का कर्ज था और फाइनेंस कॉस्ट 77 करोड़ रुपये थी।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Dividend Stock: हर शेयर पर ₹50 का डिविडेंड देगी ऑटोमोबाइल कंपनी, रिकॉर्ड डेट 9 सितंबर; 2 साल में पैसे हुए डबल

ऑटोमोबाइल कंपनी फोर्स मोटर्स के शेयरहोल्डर्स को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 50 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड मिलने वाला है। रिकॉर्ड डेट 9 सितंबर है। इस तारीख तक जिन लोगों के नाम शेयरों के लाभार्थी मालिकों के तौर पर रजिस्टर ऑफ मेंबर्स ऑफ द कंपनी या डिपॉजिटरीज के रिकॉर्ड्स में दर्ज होंगे, वे डिविडेंड के हकदार होंगे। इस डिविडेंड की घोषणा अप्रैल महीने में की गई थी।

16 सितंबर को कंपनी की सालाना आम बैठक में फाइनल डिविडेंड पर शेयरहोल्डर्स की मंजूरी ली जाएगी। इसके बाद 30 दिनों के अंदर इसका पेमेंट किया जाएगा। फोर्स मोटर्स ने वित्त वर्ष 2025 के लिए 40 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड दिया था। कंपनी के शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है।

फोर्स मोटर्स का शेयर 31 अगस्त को BSE पर 17550 रुपये पर बंद हुआ। कंपनी का मार्केट कैप 22800 करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर BSE 500 इंडेक्स का हिस्सा है। BSE पर 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 26,485.95 रुपये और एडजस्टेड लो 14,911.45 रुपये है।

Force Motors का शेयर 5 साल में 1100 प्रतिशत चढ़ा

फोर्स मोटर्स का शेयर 2 साल में निवेशकों का पैसा डबल कर चुका है। 3 साल में कीमत 411 प्रतिशत मजबूत हुई है। 5 साल में शेयर 1100 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी देख चुका है। वहीं 6 महीनों में 28 प्रतिशत की गिरावट दर्ज कर चुका है। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 61.63 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।

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कंपनी की वित्तीय सेहत

फोर्स मोटर्स का अप्रैल-जून 2026 तिमाही में स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 2,439.89 करोड़ रुपये रहा। शुद्ध मुनाफा 212 करोड़ रुपये और प्रति शेयर अर्निंग 160.95 करोड़ रुपये रही। पूरे वित्त वर्ष 2026 के दौरान कंपनी का स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 9,056.54 करोड़ रुपये, शुद्ध मुनाफा 1,211.26 करोड़ रुपये और प्रति शेयर अर्निंग 919.28 करोड़ रुपये दर्ज की गई।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Daily Voice: मौजूदा भाव पर नए न्यू एज स्टॉक्स लग रहे महंगे, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स,रियल्टी और डिफेंस शेयरों को लेकर भी रहें सतर्क

Daily Voice : मार्केट कंसोलिडेशन के इस दौर में अनुशासित और लंबे समय के लिए निवेश करने वालों के लिए निवेश का अच्छा मौका है। इस समय अच्छे भाव पर मिल रहे बेहतरीन ग्रोथ वाले शेयरों में पैसा लगाया जा सकता है। इस समय न्यू एज स्टाक्स काफी महंगे दिख रहे हैं। ऐसे में इनमें अभी पैसा डालना बेहतर विकल्प नहीं होगा। हालांकि,आगे कई सालों में इनमें अच्छी ग्रोथ देखने को मिल सकती है। ये बातें ओमनीसाइंस कैपिटल (OmniScience Capital) के अश्विनी शामी ने मनीकंट्रोल के साथ हुई एक बातचीत में कही हैं। यहां हम आपके लिए इसी बातचीत का संपादित अंश पेश कर रहे हैं।

उन्होंने बाजार पर अपनी राय साझा करते हुए आगे कहा कि निवेशकों को इस सेक्टर में बहुत सोच-समझकर निवेश करना चाहिए। रिस्क-रिवॉर्ड के नजरिए से न्यू एज कंपनियों में उन्हें प्योर-प्ले ई-कॉमर्स,क्विक कॉमर्स और हार्डवेयर टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म के बजाय चुनिंदा फिनटेक कंपनियां ज्यादा पसंद हैं।

अश्विनी शामी मौजूदा मार्केट कंसोलिडेशन के दौर को अनुशासित और लॉन्ग-टर्म निवेशकों के लिए एक अच्छे मौके के तौर पर देखते हैं। ऐसे निवेशकों के लिए इस समय अच्छे भाव पर उपलब्ध बेहतरीन ग्रोथ वाले शेयरों में निवेश का अच्छा मौका नजर आ रहा है।

उनका यह भी मानना ​​है कि साल की दूसरी छमाही (H2)में अर्निंग में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। इसके साथ ही FPI निवेश भी बढ़ता दिखेगा। इससे मार्केट को अच्छा सपोर्ट मिल सकता है।

क्या आपको उम्मीद है कि सितंबर तिमाही के बाद से 15 प्रतिशत से ज्यादा अर्निंग ग्रोथ वाली निफ्टी 500 कंपनियों का संख्या और बढ़ेगी?

हालांकि कच्चे तेल और कमोडिटी की ऊंची कीमतें उन सेक्टर के मार्जिन पर दबाव डालती हैं जहां इनपुट लागत अधिक होती है,लेकिन BFSI,हेल्थकेयर,कंज्यूमर और बिनेस सर्विसे जैसे एसेट-लाइट सेक्टर में अर्निंग ग्रोथ मजबूत बनी रहने और उसमें सुधार होने की उम्मीद है। वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में कैपिटल गुड्स,इंफ्रास्ट्रक्चर और फाइनेंशियल सर्विस (जिसमें बड़े बैंक भी शामिल हैं) सेक्टर में कैपिटल एक्सपेंडिचर में तेजी,बढ़ती मांग और ऑपरेटिंग लेवरेज के मिले-जुले असर के चलते अर्निंग में मजबूत ग्रोथ की उम्मीद है।

क्या आपको लगता है कि बेंचमार्क से बेहतर प्रदर्शन करने वाले मिड और स्मॉलकैप शेयरों का बढ़ा भाव अब सही लेवल पर आ गया है?

निफ्टी मिडकैप 150 और निफ्टी स्मॉलकैप 250 इंडेक्स लगभग 30 गुना और 34 गुना के ट्रेलिंग प्राइस-टू-अर्निंग्स (P/E) मल्टीपल पर ट्रेड कर रहे हैं, इसलिए हम यह नहीं कह सकते कि छोटे-मझोले शेयरों के वैल्यूएशन काफी कम हुए है। इसके विपरीत 20 गुना P/E मल्टीपल के आसपास ट्रेड कर रहे निफ्टी 100 इंडेक्स में अच्छे भाव वाले शेयरों में निवेश के ज्यादा अच्छे मौके हैं।

हालांकि कुछ खास मिड-कैप और स्मॉल-कैप सेक्टर में अर्निंग ग्रोथ, बेंचमार्क से ज्यादा बनी हुई है,लेकिन तेजी से बढ़ने वाले इन अधिकांश सेक्टर में वैल्यूएशन अभी भी बहुत ज्यादा हैं।

क्या आपको मौजूदा भाव पर नए जमाने के स्टॉक्स (new-age stocks) अच्छे लगते हैं?

कुल मिलाकर कहें तो मौजूदा स्तरों पर नए जमाने के स्टॉक्स निवेश के लिए बहुत अच्छे विकल्प नहीं है। अगले कई सालों के अच्छे ग्रोथ आउटलुक के बावजूद इनका वैल्यूएशन बहुत ज्यादा है। निवेशकों को इस सेक्टर में बहुत सोच-समझकर निवेश करना चाहिए। रिस्क-रिवॉर्ड के नजरिए से न्यू एज कंपनियों में उन्हें प्योर-प्ले ई-कॉमर्स,क्विक कॉमर्स और हार्डवेयर टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म के बजाय चुनिंदा फिनटेक कंपनियां ज्यादा पसंद हैं।

क्या आपको लगता है कि फ्री ट्रेड एग्रीमेंट से होने वाले फायदे को देखते हुए ऑटो एंसिलरी कंपनियों के शेयरों में और तेजी आ सकती है?

FTA और EV (इलेक्ट्रिक व्हीकल) की ओर होने वाले बदलाव से फायदा उठाने वाली ऑटो एंसिलरी कंपनियों के शेयर ज्यादातर अपने सही कीमत पर या कुछ मामलों में जरूरत से ज्यादा महंगे (overvalued) बिक रहे हैं,जिससे इनमें और तेजी की गुंजाइश कम है। EV पावरट्रेन,इलेक्ट्रिकल असेंबली और खास तरह कलपुर्जे (precision components) बनाने वाली और तेज ग्रोथ वाली सप्लायर कंपनियां 35x–70x P/E मल्टीपल पर ट्रेड कर रही हैं, जिनमें आने वाले कई सालों के कामकाज का असर पहले ही शामिल हो चुका है।

इस सेक्टर में निवेश करते समय ऑटो सेक्टर के उतार-चढ़ाव,पश्चिमी OEMs के वॉल्यूम ग्रोथ ट्रेंड्स और कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का ध्यान रखना जरूरी है,क्योंकि इन सभी का असर इनकी अर्निंग ग्रोथ पर पड़ सकता है।

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आप किन तीन सेक्टर को लेकर सबसे ज़्यादा सतर्क हैं?

इस समय कंज्यूमर ड्यूरेबल्स,रियल्टी और प्योर-प्ले डिफेंस(साथ ही कुछ खास हाई-मल्टीपल हेल्थकेयर सेगमेंट)को लेकर सतर्क हैं,क्योंकि इनमें कुछ जगहों पर बहुत ज्यादा ओवरवैल्यूएशन है।

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market Outlook : बढ़त के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए 31 अगस्त को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

Market Outlook : अमेरिकी डॉलर में आई गिरावट और अच्छे ग्लोबल संकेतों के बीच सेंसेक्स और निफ्टी ने अपनी दो दिन की गिरावट का सिलसिला तोड़ दिया। सेंसेक्स आज 331 अंक या 0.43 फीसदी बढ़कर 77,264.51 पर बंद हुआ,जबकि निफ्टी 85 अंक या 0.35% की बढ़त के साथ 24,175.65 पर बंद हुआ। चौतरफा खरीदारी के दम पर मिड-कैप और स्मॉल-कैप सेगमेंट में भी तेजी आई। BSE 150 मिडकैप 0.16% चढ़ा,जबकि 250 स्मॉलकैप में 0.33% की बढ़त हुई।

बाजार की इस तेजी की मुख्य वजह चुनिंदा IT और बैंकिंग सेक्टर की बड़ी कंपनियों में आई जोरदार खरीदारी रही। सेंसेक्स की बढ़त में इन्फोसिस और HDFC बैंक का सबसे बड़ा योगदान रहा। हालांकि,ICICI बैंक ने इंडेक्स पर सबसे ज्यादा दबाव डाला।

TCS,इन्फोसिस,टेक महिंद्रा,HCL टेक और टाइटन सेंसेक्स की सबसे ज्यादा बढ़त दर्ज करने वाली कंपनियां रहीं। दूसरी ओर ICICI बैंक,अल्ट्राटेक सीमेंट,एशियन पेंट्स और ITC इंडेक्स में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज करने वाली कंपनियां रहीं।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ़ रिसर्च,विनोद नायर का कहना है कि IT शेयरों में जबरदस्त तेजी की वजह से आज भारतीय शेयर बाजार बढ़त के साथ बंद हुए। इस सेक्टर को Nvidia की शानदार कमाई और बेहतर आउटलुक से सहारा मिला। इससे AI से जुड़े निवेश के जारी रहने को लेकर भरोसा बढ़ा और एंटरप्राइज़ AI डिप्लॉयमेंट और वर्कफ़्लो इंटीग्रेशन से जुड़ी कंपनियों को फायदा हुआ। हालांकि,निवेशकों की भागीदारी चुनिंदा शेयरों में रही क्योंकि बाजार जैक्सन होल सिम्पोजियम में फेड चेयर की टिप्पणियों पर नजरें बनाए हुए हैं। इससे US में ब्याज दरों के आउटलुक और ग्लोबल लिक्विडिटी की स्थिति के बारे में ज्यादा साफ जानकारी मिल सकती है।

घरेलू स्तर पर, Q1FY27 के नतीजों का दौर काफी हद तक अच्छे नतीजों के साथ खत्म हो रहा है,इसलिए अब बाजार का फोकस धीरे-धीरे बदलती ग्लोबल मैक्रो-इकोनॉमिक स्थितियों के बीच अर्निंग ग्रोथ पर रहेगा।

हालांकि घरेलू लिक्विडिटी की अच्छी स्थिति बाजार को स्थिरता दे रही है,लेकिन वेस्ट एशिया में तनाव और कच्चे तेल की ऊंची कीमतें अभी भी चिंता के विषय हैं,जिससे निवेशक ग्रोथ और कॉर्पोरेट मुनाफे से जुड़े जोखिमों को लेकर सतर्क हैं।

ओमनीसाइंस कैपिटल के प्रेसिडेंट और चीफ पोर्टफोलियो मैनेजर,अश्विनी शमी ने कहा कि अमेरिका में 10 ईयर ट्रेजरी यील्ड के 4.6%–4.7% के 1-साल के हाई के करीब रहने के बावजूद,हाल के हफ्तों में FII का निवेश थोड़ा पॉजिटिव रहा है। हालांकि US में रिस्क-फ्री रेट्स बढ़ने से आमतौर पर उभरते बाजारों में निवेश पर असर पड़ता है। लेकिन निवेश में यह बढ़ोतरी 2 साल से ज्यादा समय तक बाजार के कंसोलिडेशन के बाद भारतीय इक्विटी की ओर धीरे-धीरे बढ़ते रुझान को दिखाती है। घरेलू रिटेल और DII का मजबूत निवेश बाजार में गिरावट को संभालने में मदद कर रहा है।

बेंचमार्क इंडेक्स एक दायरे में बने हुए हैं। लार्ज-कैप निफ्टी 100 (~20x P/E) की तुलना में स्मॉल और मिड-कैप इंडेक्स (~34x और 30x P/E) का वैल्यूएशन प्रीमियम काफी ज्यादा है,जो अच्छे बॉटम-अप मौके देता है। निकट भविष्य में बाजार का फोकस दूसरी छमाही (H2) की अर्निंग, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और RBI के लिक्विडिटी रुख पर रहने की उम्मीद है। अच्छे वैल्यूएशन के कारण BFSI और फाइनेंशियल सर्विसेज के चुनिंदा शेयरों निवेश के मौके हैं। साथ ही इंफ्रास्ट्रक्चर,पावर और बिजनेस सर्विसेज में भी निवेश के मौके नजर आ रहे हैं, जिन्हें कैपेक्स (capex) में सुधार और ऑपरेटिंग लेवरेज से फायदा मिल रहा है।

PL कैपिटल में एडवाइजरी और डीलिंग के चीफ बिजनेस ऑफिसर विक्रम कसाट का कहना है कि लगातार दो सेशन में गिरावट के बाद आज भारतीय शेयर बाजार में रिकवरी दिखी। IT शेयरों में खरीदारी और ग्लोबल मार्केट से मिले-जुले लेकिन पॉजिटिव संकेतों के चलते सेंसेक्स और निफ्टी बढ़त के साथ ट्रेड कर करते दिखे। हालांकि,कच्चे तेल की ऊंची कीमतों,US बॉन्ड यील्ड और जैक्सन होल में फेडरल रिजर्व के पॉलिसी आउटलुक को लेकर अनिश्चितता के कारण बाजार का मूड सतर्क बना हुआ है।

कल मंथली एक्सपायरी के दिन क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) के दौरान दिखी भारी उतार-चढ़ाव ने भी निवेशकों को दिन के आखिर में होने वाली हलचल को लेकर और सतर्क कर दिया।

आगे चलकर बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना है। ग्लोबल संकेत,कच्चे तेल की कीमतें और इंस्टीट्यूशनल फ्लो बाजार की अगली चाल तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।

रेलिगेयर ब्रोकिंग के SVP,रिसर्च,अजीत मिश्रा ने कहा कि आज शुक्रवार को बाजार में सुस्ती रही और मिले-जुले संकेतों के बीच मामूली बढ़त के साथ कारोबार बंद हुआ। सपाट शुरुआत के बाद,निफ्टी पूरे सेशन के दौरान एक सीमित दायरे में घूमता रहा और आखिर में 0.35% की बढ़त के साथ 24,175.65 पर बंद हुआ,जबकि सेंसेक्स 0.43% ऊपर 77,264.51 पर बंद हुआ।

अलग-अलग सेक्टर का प्रदर्शन मिला-जुला रहा। Nvidia के शानदार तिमाही नतीजों और रेवेन्यू के अच्छे आउटलुक के बाद ग्लोबल टेक्नोलॉजी शेयरों में आई तेजी के दम पर IT सेक्टर सबसे आगे रहा। फार्मा और मेटल सेक्टर भी बढ़त के साथ बंद हुए,जबकि FMCG और ऑटो सेक्टर पर दबाव बना रहा। ब्रॉडर मार्केट में भी सुस्ती रही, जो निवेशकों की सतर्कता को दिखाता है।

ग्लोबल बाजार से मिले-जुले संकेतों और जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता के बीच निवेशकों का मूड सतर्क बना रहा। अब सबकी नजरें जैक्सन होल सिम्पोजियम में फेडरल रिज़र्व के चेयरमैन केविन वॉर्श के बयान पर टिकी हैं।

टेक्निकल तौर पर निफ्टी के लिए 24,100-24,000 के जोन के आसपास की खींचतान बनी हुई है। अगर यह लेवल टूटता है और गिरावट जारी रहती है तो इंडेक्स 23,800–23,650 तक गिर सकता है। ऊपर की तरफ, 24,200 का लेवल तत्काल रुकावट का काम कर सकता है और उसके बाद 24,300–24,400 का जोन अहम रेजिस्टेंस लेवल होगा।

मौजूदा अनिश्चितता और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के बीच ट्रेडरों को सलाह है कि इंडेक्स को लेकर सतर्क रुख अपनाएं और चुनिंदा शेयरों पर फोकस करें। निवेशकों को मज़बूत शेयरों और सेक्टर को प्राथमिकता देनी चाहिए और साथ ही रिस्क और पोजीशन मैनेजमेंट में अनुशासन बनाए रखना चाहिए।

 

 

Defense export : डिफेंस सेक्टर को बड़ी राहत, आसान हुए डिफेंस ओपन जनरल एक्सपोर्ट लाइसेंस के नियम

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market Insight : बाजार में तेजी-मंदी को जानने के लिए निफ्टी सही पैरामीटर नहीं, छोटे-मझोले शेयरों में बनेगा अच्छा पैसा-मनीष सोंथालिया

Market Insight : पहली तिमाही के अर्निंग सीजन के बाद हमको लग रहा था कि बाजार को लेकर एक अच्छा क्लियर विज़न मिलेगा और हमारे लिए यह जानना आसान होगा कि किसको पिक करना है और किसको अवॉइड करना है। लेकिन एक बार फिर से बाजार पर क्रूड की चिंताएं,यूएस मार्केट से जुड़ी दिक्कतें,जिओपॉलिटिकल टेंशंस और बॉन्ड यील्ड ये सब कुछ हावी हो गए हैं। ऐसे में बाजार की चाल पर बात करते हुए एमके इन्वेस्टमेंट (Emkay Investment) के CIO मनीष सोंथालिया ने कहा कि पहली तिमाही के नतीजे काफी अच्छे रहे हैं। निफ्टी की बात करें तो इस पर दबाव है लेकिन निफ्टी से बाहर निकल कर ब्रॉडर मार्केट पर नजर डालें तो वहां स्थिति इतनी खराब नहीं है। यह हम कह सकते हैं कि वहां पर मंदी का माहौल नहीं है।

अगर आप निफ्टी मिड कैप की देखें तो वहां पर पहली तिमाही में अर्निंग्स ग्रोथ 25-26% रही है। स्माल कैप में देखें तो यहां भी 30-32% की अर्निंग्स ग्रोथ रही है। अगर NFTY 500 को भी देखें तो यहाँ पर 15% की अर्निंग्स ग्रोथ रही है। ऐसे में हम कह सकते हैं कि बाजार में तेजी-मंदी का अंदाजा लगाने के लिए निफ्टी 50 सही पैरामीटर नहीं है।

उन्होंने आगे कहा कि जब तक निफ्टी में हैवी वेटेज रखने वाले बैंकिंग सेक्टर नहीं चलेंगे तब तक आपको निफ्टी में बहुत हल्की बढ़त ही देखने को मिलेगी। रही बात क्रूड की तो इसके लिए 90 डॉलर का लेवल लक्ष्मण रेखा है। अगर क्रूड इस लेवल से ऊपर गया तो भारत के लिए परेशानी पैदा होगी। वहीं, अगर यह 90 डॉलर के नीचे रहा तो इंडिया के लिए न्यूट्रल रहेगा। इसको पॉजिटिव भी कह सकते हैं, क्योंकि हम तो 120 डॉलर का स्तर भी देख चुके हैं। दूसरी बड़ी बात यह है कि हमारा एफसीएआरबी अब 70 बिलियन हो गया। इसका कॉस्ट ऑफ डिपॉजिट पर पॉजिटिव असर होगा। हमारे यील्ड भी गिर गए हैं। लेकिन आरबीआई सिस्टम में कितनी लिक्विडिटी रहने देता है या सीआरआर बढ़ा देता है या ओपन मार्केट ऑपरेशंस करता है, यह सब देखने वाली बात होगी।

आज की डेट में भारत के नजरिए से देखें ज्यादा कुछ नेगेटिव है नहीं। इमर्जिंग मार्केट इंडेक्स में भारत के वेटेज में भी थोड़ा बहुत इजाफा हो रहा है। ऐसे में मोटा-मोटी भारत में मंदी का माहौल तो नहीं दिख रहा है। हां निफ्टी 50 आपको जरूर रेड टिक दिखा रहा है। लेकिन आउटसाइड निफ्टी अच्छा खासा एक्शन है।

मिड और स्मॉल कैप पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि चार-पांच सेक्टरों में बहुत मजबूत कन्विक्शन है। यहां आप अपने वैल्यू्यूएशन कंफर्ट के हिसाब से फैसले ले सकते हैं। एडवांस टेक्नोलॉजी शेयरों में दम दिख रहा है। इनमें डेटा सेंटर,एआई एडवांस टेक्नोलॉजी,डिफेंस,एरोस्पेस,सेमीकंडक्टर और एनर्जी ट्रांजक्शन की पूरी वैल्यू चेन और हेल्थ केयर से जुड़े शेयर शामिल है। इनमें अगले तीन से पांच साल तक अच्छी-खासी तेजी रहेगी। प्लेटफार्म कंपनीज में भी अच्छी खासी तेजी देखने को मिल सकती है। इनके नतीजे भी काफी बेहतरीन रहे हैं।

आईटी सेक्टर पर बात करते हुए मनीष सोंथालिया ने कहा की आगे एआई और डेटा सेंटर से जुड़ी कंपनियां अच्छा प्रदर्शन करेंगी। बड़ी आईटी कंपनियों के एआई ट्रांजिशन में लंबा समय लग सकता है। लेकिन छोटी आईटी कंपनिंया तेजी से एआई ट्रांजिशन कर सकती है। इस समय इनका वैल्यूएशन भी अच्छा है। उन्होंने आगे कहा कि पोर्टफोलियो में हमेशा 10 फीसदी एलोकेशन प्रेशियस मेटल्स का होना चाहिए। लंबे नजरिए से देखें तो गोल्ड में 9-10 फीसदी सालाना रिटर्न मिल सकता है।

 

Market Outlook : बढ़त के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए 26 अगस्त को कैसी रह सकती है सेंसेक्स-निफ्टी की चाल

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें

Vishal Mega Mart Share Price: गिरते बाजार में हाइपरमार्केट चेन का शेयर 11% भागा, MD गुनेंदर कपूर के रीअपॉइंटमेंट से ​निवेशक खुश

हाइपरमार्केट चेन विशाल मेगा मार्ट के शेयरहोल्डर्स के लिए 24 अगस्त का दिन बेहद अच्छा बीत रहा है। शेयर की कीमत में दिन में 11 प्रतिशत तक की बढ़त दर्ज की गई। बीएसई पर भाव 115.40 रुपये के हाई तक गया। कंपनी ने शुक्रवार, 21 अगस्त को बाजार बंद होने के बाद जानकारी दी थी कि उसके मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) और चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) गुनेंदर कपूर को अगले 5 सालों के लिए रीअपॉइंट किया गया है। उनका नया कार्यकाल 1 सितंबर 2026 से शुरू होगा और 31 अगस्त 2031 तक रहेगा।

कंपनी ने एक्सचेंज फाइलिंग में कहा कि कपूर को 27 जून 2024 को 3 साल के लिए विशाल मेगा मार्ट का MD और CEO नियुक्त किया गया था। उनका मौजूदा कार्यकाल 26 जून 2027 को खत्म हो रहा है। उनके रीअपॉइंटमेंट पर अभी शेयरहोल्डर्स की मंजूरी लिया जाना बाकी है।

शेयर एक साल में 25 प्रतिशत गिरा

विशाल मेगा मार्ट दिसंबर 2024 में शेयर बाजारों में लिस्ट हुई थी। इसका IPO 8000 करोड़ रुपये का था। कंपनी का मार्केट कैप 52900 करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। यह BSE 200 इंडेक्स का हिस्सा है। शेयर एक साल में 25 प्रतिशत नीचे आया है। साल 2026 में अब तक यह 16 प्रतिशत की गिरावट देख चुका है। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 40.09 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। शेयर का BSE पर 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 157.75 रुपये और निचला स्तर 98.70 रुपये है।

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कंपनी की वित्तीय सेहत

कंपनी का अप्रैल-जून 2026 तिमाही में स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 1,887.31 करोड़ रुपये रहा। शुद्ध मुनाफा 173.19 करोड़ रुपये और प्रति शेयर अर्निंग 37 लाख रुपये दर्ज की गई। वित्त वर्ष 2026 के दौरान विशाल मेगा मार्ट का स्टैंडअलोन रेवेन्यू 6,631.38 करोड़ रुपये, शुद्ध मुनाफा 656 करोड़ रुपये और प्रति शेयर अर्निंग 1.41 करोड़ रुपये रही।

जून तिमाही में विशाल मेगा मार्ट ने 24 नए स्टोर खोले, जिससे इसके कुल स्टोर्स की संख्या 819 हो गई। कंपनी ने अपनी क्विक-कॉमर्स पहल का विस्तार 520 शहरों में 767 स्टोर तक किया है। इसके रजिस्टर्ड यूजर्स की संख्या 1.41 करोड़ है।

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

7 Financial Rules: अमीर बनने के 7 ‘सीक्रेट’ रूल्स! तेजी से बढ़ेगा आपका बैंक बैलेंस

Personal Finance Tips: क्या आप भी हर महीने अच्छी सैलरी कमाने के बाद भी बैंक बैलेंस खाली होने से परेशान रहते हैं? सच यह है कि वेल्दी बनने के लिए सिर्फ ज्यादा कमाना काफी नहीं होता, बल्कि कमाए हुए पैसे को सही तरीके से मैनेज, सेव और इन्वेस्ट करना भी उतना ही जरूरी है।

अगर आपकी बचत नहीं हो पा रही है और महीने के अंत में पैसे खत्म हो जाते हैं, तो ये 7 आसान और असरदार फाइनेंशियल हैबिट्स आपके काम आ सकती हैं। इन्हें अपनाकर आप अपनी फाइनेंशियल सिक्योरिटी मजबूत कर सकते हैं और लंबी अवधि में बड़ा फंड तैयार कर सकते हैं।

1. सबसे पहले बनाएं इमरजेंसी फंड

जिंदगी में नौकरी जाने, अचानक बीमारी या किसी अन्य इमरजेंसी का सामना कभी भी करना पड़ सकता है। ऐसे समय में इमरजेंसी फंड ही आपका सबसे बड़ा सहारा बनता है। कम से कम 3 से 6 महीने के जरूरी खर्चों के बराबर राशि इमरजेंसी फंड में रखें।इसे किसी सेविंग्स अकाउंट या लिक्विड म्यूचुअल फंड में रखें ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत निकाला जा सके।

2. सैलरी आते ही फॉलो करें ‘Pay Yourself First’ रूल

ज्यादातर लोग महीने भर खर्च करने के बाद बचे हुए पैसे को सेव करने की कोशिश करते हैं और अंत में कुछ नहीं बचता। सैलरी अकाउंट से बचत या म्यूचुअल फंड SIP के लिए ऑटो-ट्रांसफर सेट करें। सैलरी क्रेडिट होते ही तय रकम अपने आप सेव हो जाएगी और आपके पास गैर-जरूरी खर्चों का विकल्प नहीं बचेगा।

3. डेली खर्चों को ट्रैक करना शुरू करें

अक्सर छोटी-छोटी खरीदारी और बेवजह के खर्चे महीने के बजट को बिगाड़ देते हैं।किसी बजटिंग ऐप, एक्सेल शीट या डायरी में रोज के छोटे-बड़े खर्चों को नोट करें।इससे आपको पता चलेगा कि आपका पैसा कहां बेकार जा रहा है, जैसे कि वे ओवर-सब्सक्रिप्शन या बेवजह की ऑनलाइन शॉपिंग जिन्हें बंद किया जा सकता है।

4. क्रेडिट कार्ड का समझदारी से इस्तेमाल करें

क्रेडिट कार्ड एक बेहतरीन टूल है, लेकिन इसका गलत इस्तेमाल आपको कर्ज के जाल में फंसा सकता है। हमेशा ड्यू डेट से पहले पूरे बिल का भुगतान करें। इससे भारी-भरकम ब्याज और पेनल्टी से बचाव होगा और आपका सिबिल स्कोर भी मजबूत रहेगा।

5. कम उम्र में शुरू करें इन्वेस्टमेंट

जितनी जल्दी आप निवेश की शुरुआत करेंगे, कम्पाउंडिंग का फायदा उतना ही ज्यादा मिलेगा। शुरुआत के लिए कम लागत वाले इंडेक्स फंड्स या इक्विटी म्यूचुअल फंड्स बेहतर विकल्प माने जाते हैं। अपने फाइनेंशियल गोल्स और रिस्क लेने की क्षमता के हिसाब से ही सही विकल्प चुनें।

6. अपनी स्किल्स को अपग्रेड करें

आपकी सबसे बड़ी एसेट आप खुद हैं। प्रोफेशनल स्किल्स में सुधार करने से आपकी अर्निंग पोटेंशियल बढ़ती है। नए सर्टिफिकेशन्स, ट्रेनिंग या वर्कशॉप के जरिए अपनी स्किल बढ़ाएं। अच्छी स्किल्स आपको बेहतर जॉब और ज्यादा सैलरी पाने में मदद करेगी, जिससे निवेश के लिए ज्यादा पैसा बचेगा।

7. सैलरी नेगोशिएशन में न हिचकिचाएं

आपकी मौजूदा सैलरी ही आपकी भविष्य की बोनस, सेविंग्स और रिटायरमेंट फंड की नींव तय करती है। अपनी जॉब रोल और इंडस्ट्री के हिसाब से मिलने वाले सही पे-स्केल की जानकारी रखें। जॉब ऑफर या अप्रेजल के समय अपने काम और वैल्यू के हिसाब से सही सैलरी मांगने में बिल्कुल संकोच न करें।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।