कल का मौसम: IMD ने केरल-तमिलनाडु में जारी किया भारी बारिश का अलर्ट, दिल्ली-NCR और उत्तराखंड में चलेंगी तेज हवाएं

Weather Tomorrow: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शनिवार, 10 अक्टूबर को देश के कई हिस्सों में बारिश होने का अनुमान जताया है। इनमें जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, बिहार और दक्षिण भारत के कुछ इलाकों शामिल हैं। इसके अलावा, कई राज्यों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की भी संभावना है। वहीं, केरल, माहे, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में भी भारी बारिश हो सकती है।

दिल्ली-NCR में भी दिन के दौरान कुछ जगहों पर हल्की से लेकर छिटपुट बारिश हो सकती है। साथ ही, शनिवार और रविवार को दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की उम्मीद है।

वहीं, उत्तराखंड में भी बारिश का अनुमान है। मौसम विभाग ने शुक्रवार को राज्य के कुछ इलाकों में भारी बारिश होने की आशंका जताई है।

शनिवार के लिए IMD का अलर्ट

IMD ने शनिवार को जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद में काफी ज्यादा से लेकर व्यापक बारिश का अनुमान लगाया है। ओडिशा, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल समेत पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में भी इस दौरान बारिश होने की संभावना है।

शनिवार को केरल और माहे में काफी ज्यादा से लेकर व्यापक बारिश होने की उम्मीद है, जबकि तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, तटीय कर्नाटक, रायलसीमा और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में कहीं-कहीं या छिटपुट बारिश हो सकती है।

इसके अलावा, देश के कई हिस्सों में आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और तेज हवाएं चलने की भी संभावना है। दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने और 50 किमी/घंटा तक के तेज झोंके आने का अनुमान है, जबकि दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में हवा के झोंके और भी तेज हो सकते हैं।

कल दिल्ली-NCR का मौसम

दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ में 9 से 14 अक्टूबर के बीच कुछ जगहों पर बारिश हो सकती है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, 10 और 11 अक्टूबर को इन इलाकों में कुछ जगहों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की भी संभावना है।

शनिवार को दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ में 30-40 किमी/घंटा की रफ़्तार से हवाएं चलने और इनके झोंके 50 किमी/घंटा तक पहुंचने की संभावना है। पंजाब में भी मौसम के ऐसे ही हालात रहने की उम्मीद है।

कल यूपी का मौसम

शनिवार को पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश, दोनों ही इलाकों में कहीं-कहीं बारिश होने की संभावना है। IMD ने 9 और 10 अक्टूबर को पूर्वी उत्तर प्रदेश में बारिश का अनुमान लगाया है, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 9 से 11 अक्टूबर के बीच बारिश हो सकती है।

वीकेंड पर राज्य के कुछ हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की उम्मीद है, हालांकि ताजा अनुमान में इस दौरान उत्तर प्रदेश के लिए भारी बारिश की कोई चेतावनी नहीं दी गई है।

उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और राजस्थान का मौसम

उत्तराखंड में 10 से 14 अक्टूबर के बीच कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। शनिवार को राज्य में 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने और इनके झोंके 50 किमी/घंटा तक पहुंचने की भी उम्मीद है। IMD ने शुक्रवार, 9 अक्टूबर को उत्तराखंड में कहीं-कहीं भारी बारिश का अनुमान लगाया है।

हिमाचल प्रदेश में 13 और 14 अक्टूबर को कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। शनिवार को जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में काफी बड़े इलाके में बारिश होने की संभावना है, साथ ही कुछ जगहों पर आंधी-तूफान और बिजली गिरने की भी आशंका है।

पश्चिमी राजस्थान में 11 और 12 अक्टूबर को कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि पूर्वी राजस्थान में 12 अक्टूबर को बारिश होने की संभावना है। रविवार को पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों में आंधी-तूफान, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने का भी अनुमान है।

झारखंड, बिहार और ओडिशा का मौसम

शनिवार को झारखंड, बिहार और ओडिशा में कहीं जगहों पर छिटपुट बारिश होने की संभावना है और आने वाले दिनों में इस इलाके के कुछ हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की उम्मीद है।

शुक्रवार को बिहार में आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है, जिनकी गति झोंकों के साथ 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। IMD ने शुक्रवार को झारखंड और ओडिशा में भी 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और झोंकों के साथ इनकी गति 50 किमी प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान लगाया है।

शनिवार को गंगा के मैदानी इलाकों वाले पश्चिम बंगाल में भी कहीं-कहीं या छिटपुट बारिश होने की संभावना है, जबकि उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में शुक्रवार को कई जगहों पर बारिश होने का अनुमान है। इसके बाद 10 और 11 अक्टूबर को भी कुछ इलाकों में बारिश हो सकती है।

इसके अलावा, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 10 और 11 अक्टूबर को काफी बड़े इलाके में या व्यापक रूप से बारिश होने की संभावना है।

पूर्वोत्तर में मौसम का पूर्वानुमान

अरुणाचल प्रदेश में शुक्रवार और शनिवार को कई जगहों पर बारिश होने की संभावना है। असम और मेघालय में 9 से 11 अक्टूबर के बीच भी ऐसी ही स्थिति रह सकती है, और 13 व 14 अक्टूबर को बारिश का एक और दौर आने की उम्मीद है।

नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 9 से 14 अक्टूबर के बीच कहीं-कहीं बारिश हो सकती है। शुक्रवार को पूर्वोत्तर के कुछ हिस्सों में भी आंधी-तूफान और बिजली गिरने का भी अनुमान है।

मध्य भारत का मौसम पूर्वानुमान

पूर्वी मध्य प्रदेश में शनिवार को कुछ जगहों पर बारिश होने की संभावना है। यहां 11 अक्टूबर तक बारिश का दौर जारी रह सकता है। वहीं, छत्तीसगढ़ में शुक्रवार को कुछ इलाकों में बारिश होने का अनुमान है।

शुक्रवार को पूर्वी मध्य प्रदेश में आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने (जिनकी गति 50 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है) की संभावना है; 11 अक्टूबर को भी ऐसे ही हालात रहने का अनुमान है।

दक्षिण भारत का मौसम

शनिवार को दक्षिण भारत के कई हिस्सों में बारिश और आंधी-तूफान की संभावना है; केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक के कुछ इलाकों में मौसम के सक्रिय रहने का अनुमान है।

केरल और माहे में 10 अक्टूबर को कई जगहों पर बारिश हो सकती है। वहीं, शुक्रवार और शनिवार को कुछ इलाकों में भारी बारिश होने का अनुमान है। इस दौरान गरज-चमक के साथ बिजली गिर सकती है और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। हवा के तेज झोंकों की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 9 से 14 अक्टूबर के बीच कुछ जगहों पर बारिश होने की संभावना है। शुक्रवार और शनिवार को इन इलाकों में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। वहीं, 12 अक्टूबर तक आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और 40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। हवा के झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।

आने वाले दिनों में तटीय आंध्र प्रदेश और यनम के साथ-साथ रायलसीमा में भी कहीं-कहीं या छिटपुट बारिश हो सकती है। शुक्रवार और शनिवार को इन इलाकों में आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और 40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है, जिनकी गति कभी-कभी 60 किमी/घंटा तक पहुंच सकती है। जमीन के पास तेज हवाएं चलने का भी अनुमान है।

दक्षिण अंदरूनी कर्नाटक में कहीं-कहीं बारिश होने की संभावना है, साथ ही शुक्रवार को कुछ जगहों पर भारी बारिश, आंधी-तूफान और बिजली गिरने की भी आशंका है। तटीय कर्नाटक में भी 14 अक्टूबर तक कुछ जगहों पर बारिश हो सकती है।

इसके अलावा, लक्षद्वीप में शुक्रवार और शनिवार को कई जगहों पर बारिश हो सकती है। इस दौरान गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की संभावना है। हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है, जबकि तेज झोंकों में यह 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

गर्म और उमस भरे मौसम की चेतावनी

IMD ने शुक्रवार और शनिवार को कोंकण और गोवा में गर्म और उमस भरे मौसम का अनुमान लगाया है। इन इलाकों में रहने वाले लोगों को मौजूदा मौसम की वजह से परेशानी हो सकती है।

अगले कुछ दिनों के लिए IMD का ताजा अनुमान

आने वाले दिनों में भारत के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की उम्मीद है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, ओडिशा, पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों, पूर्वोत्तर और दक्षिण के कई राज्यों में और बारिश होने की संभावना है।

उत्तर-पश्चिम भारत में, दिल्ली-NCR, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश होने की उम्मीद है। साथ ही, 10 और 11 अक्टूबर को दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में कहीं-कहीं आंधी-तूफान और तेज हवाएं चलने की संभावना है।

दक्षिण भारत में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है, खासकर केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल और कर्नाटक व आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में। इस दौरान केरल, माहे, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है।

यह भी पढ़ें: बंगाल की खाड़ी में बन रहा नया लो-प्रेशर सिस्टम! केरल, तमिलनाडु, यूपी, दिल्ली-NCR समेत इन राज्यों में बारिश और आंधी का अलर्ट

न सेटअप बिगड़ा, न मार्केट चकमा दिया… फिर भी एक ही दिन में गंवा दिए ₹61 लाख! गलती ऐसी की हैरान रह जाएंगे आप

Stock Market Viral Story: शेयर बाजार के F&O सेगमेंट से एक बेहद हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। जहां एक ट्रेडर को न तो खराब टेक्निकल चार्ट्स की वजह से नुकसान हुआ और न ही बाजार की चाल ने उसे चकमा दिया, बल्कि एक छोटी सी चूक की वजह से उसके ₹61 लाख साफ हो गए।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर मयंक राज नाम के इस ट्रेडर ने अपनी आपबीती साझा करते हुए लिखा, ‘मैंने कभी नहीं सोचा था कि देर तक सो जाना मुझे इतना महंगा पड़ जाएगा।’ दरअसल, 9 अक्टूबर को समय पर नींद न खुलने की वजह से वे अपना स्टॉप-लॉस नहीं लगा सके और एक झटके में उनका लाखों की पोजीशन लाल निशान में चला गया।

मयंक ने अपनी पोस्ट में बताया कि, ‘कल मैंने कॉल ऑप्शंस शॉर्ट किए थे, लेकिन आज सुबह मैं समय पर नहीं उठ सका। जब मैं आखिरकार उठा और अपनी ओपन पोजीशन चेक की, तो मुझे बहुत बड़ा नुकसान हो चुका था। यह नुकसान मेरे ट्रेड सेटअप की गलती से ज्यादा अनुशासन की कमी के कारण हुआ। अगर मैं समय पर उठ जाता, तो अपने तय स्टॉप-लॉस के अनुसार ₹15-20 लाख के आसपास नुकसान सीमित करके बाहर निकल जाता।’

कैसे हुआ नुकसान और कैसे रिकवर हुए 10 लाख?

ट्रेडर ने अपने X अकाउंट पर अपने ट्रेडिंग डैशबोर्ड का एक स्क्रीनशॉट भी शेयर किया, जिसमें 13 अक्टूबर की एक्सपायरी वाले Nifty 22,000 Call को शॉर्ट करने पर ₹71 लाख का घाटा दिखाई दे रहा था। वैसे उसने उसी एक्सपायरी के Nifty 22,500 Call को खरीदकर ₹10 लाख का मुनाफा कमाया, जिससे उसका कुल शुद्ध नुकसान घटकर ₹61 लाख रह गया।

मयंक ने आगे लिखा, ‘लेकिन कोई बात नहीं। मैंने पिछले हफ्ते कुछ अच्छा मुनाफा कमाया था, हालांकि इस नुकसान ने अब मेरे अक्टूबर महीने के कुल P&L को लाल निशान में धकेल दिया है। देखते हैं बाकी महीना कैसा रहता है। अब मेरा ध्यान धीरे-धीरे रिकवरी करने, अनुशासित रहने और अक्टूबर को हरे निशान में बंद करने पर होगा। मैं अपनी यह यात्रा आपके साथ साझा करता रहूंगा।’

सोशल मीडिया पर नेटीजंस ने दी ये सलाह

इस पोस्ट पर सोशल मीडिया यूजर्स की भारी प्रतिक्रिया देखने को मिली। कई यूजर्स और अनुभवी ट्रेडर्स ने मयंक को भविष्य में BTST ट्रेड्स से बचने की सलाह दी। यूजर्स ने कहा कि ओवरनाइट पोजीशन ले जाते समय सिस्टम में पहले से स्टॉप लॉस सेट कर देना चाहिए, ताकि खुद मौजूद न रहने पर भी भारी नुकसान से बचा जा सके। एक X यूजर ने लिखा कि 8 अक्टूबर को जब निफ्टी 1.5% गिरा था, तब इतने निचले स्तर पर मार्केट को शॉर्ट करना ही एक बड़ी गलती थी।

9 अक्टूबर को कैसी रही बाजार की चाल

भारतीय शेयर बाजार शुक्रवार, 9 अक्टूबर को बढ़त के साथ बंद हुए और पिछले 25 वर्षों में अपनी सबसे लंबी साप्ताहिक गिरावट की श्रृंखला को तोड़ दिया। Nifty 50 1.3% की बढ़त के साथ 22,520.45 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं Sensex 1.23% उछलकर 72,472.33 के स्तर पर पहुंचा।

बाजार में इस रिकवरी की मुख्य वजह आईटी (IT) शेयर रहे। दिग्गज कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के मजबूत तिमाही नतीजों, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी कमाई में बढ़ोतरी और अंतरराष्ट्रीय कारोबार में मजबूत वृद्धि ने शेयर बाजार की बढ़त की कमान संभाली।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Sarva Pitru Amavasya 2026: कल शनि अमावस्या के साथ विदा होंगे पितृ, जानें सर्व पितृ अमावस्या पर तर्पण और श्राद्ध का मुहूर्त

Sarva Pitru Amavasya 2026: अश्विन अमावस्या से पितरों श्राद्ध और तर्पण की अवधि, जिसे पितृ पक्ष कहते हैं, समाप्त हो जाती है। सर्व पितृ अमावस्या के दिन उन पूर्वजों का श्राद्ध और तर्पण किया जाता है, जिनका निधन किसी भी माह की अमावसया तिथि को हुआ था और जिनकी मृत्यु की तारीख ज्ञात नहीं है। इस दिन श्राद्ध, तर्पण और दान के बाद पितृ लोक से आए पितृ विदा हो जाते हैं।

सर्व पितृ अमावस्या तारीख और समय?

आश्विन अमावस्या तिथि शुक्रवार, 9 अक्टूबर रात 9 बजकर 35 मिनट से शनिवार रात 9 बजकर 19 मिनट तक रहेगी। पितरों के लिए तर्पण और श्राद्ध कार्य दोपहर के समय करते हैं। उदयातिथि के आधार पर सर्व पितृ अमावस्या 10 अक्टूबर शनिवार को है। शनिवार की अमावस्या होने की वजह से यह शनि अमावस्या भी है और आश्विन अमावस्या भी।

सर्व पितृ अमावस्या 2026 मुहूर्त

सर्व पितृ अमावस्या पर ज्ञात और अज्ञात सभी पितरों के लिए तर्पण और श्राद्ध होता है। सर्व पितृ अमावस्या पर पितरों के लिए तर्पण और श्राद्ध कुतुप मुहूर्त या रौहिण मुहूर्त में कर देते हैं।

कुतुप मुहूर्त : 11:45 ए एम से 12:31 पी एम

रौहिण मुहूर्त : 12:31 पी एम से 01:18 पी एम

अपराह्न काल : 01:18 पी एम से 03:37 पी एम

सर्व पितृ अमावस्या पर पितरों को विदा करने की विधि

सर्व पितृ अमावस्या को आप विधि विधान से सही मुहूर्त में पितरों के लिए तर्पण और श्राद्ध कर लें। उसके बाद जब सूर्यास्त हो तो पितरों की विदाई का कार्यक्रम करें। उनके लिए चार मुख वाला तेल का एक दीप जलाएं। यह दीपक दक्षिण दिशा में रखना है। जब पितर धरती से विदा होंगे तो उस दीपक की वजह से उनके मार्ग में उजाला रहेगा।

पितरों को विदा करें मोक्ष प्राप्ति की कामना

दीपक जलाने के बाद आप पितरों को स्मरण करें और दोनों हाथों को जोड़कर उनको प्रणाम करते हुए कहें— हे सभी पितृ देव! पितृ पक्ष के समय में आपके लिए तर्पण, श्राद्ध, पंचबलि कर्म, दान, ब्राह्मण भोज आदि अपनी क्षमता के अनुसार किया, आप सभी मेरे इन कार्यों से तृप्त और संतुष्ट हों। भगवान विष्णु की कृपा से आप सभी को मोक्ष की प्राप्ति हो। आप सभी अपने मार्ग से अपनी दिशा की ओर प्रस्थान करें और पूरे परिवार को सुख, समृद्धि और उन्नति का आशीर्वाद दें।

NPPA Cancer Drug Pricing: कैंसर की दवाओं के दाम पर सरकार का बड़ा फैसला, 70% तक सस्ती हो सकती हैं दवाएं

दिल्ली प्रोटेस्ट पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, मेट्रो चलने पर नहीं लगाई जाएगी पूरी रोक, कहा- सेवाएं बंद करने के बजाय रेगुलेट करें

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को केंद्र और अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे यह पक्का करें कि 10 अक्टूबर को CJP के विरोध प्रदर्शन के कारण दिल्ली मेट्रो और राजधानी आने वाली ट्रेनों की आवाजाही पर पूरी तरह रोक न लगे। क्योंकि सब कुछ पूरी तरह से ठप नहीं कर सकते।

भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्य कांत और जस्टिस बागची और वी. मोहना की बेंच ने केंद्र से कहा कि यात्रियों को कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। इसी कारण से सेवाओं को नियंत्रित तरीके से चलने दिया जाए। बेंच ने इस बात पर जोर दिया कि पूरी तरह रोक लगाने और सेवाओं को नियंत्रित तरीके से चलने देने में फर्क है।

बेंच ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता की बात पर ध्यान दिया कि वे अधिकारियों से रोक पर फिर से विचार करने और मेट्रो ट्रेनों व अन्य रेलवे सेवाओं को उचित रूप से नियंत्रित तरीके से चलने देने के लिए कहेंगे ताकि आम जनता को कोई असुविधा न हो और आनुपातिकता के सिद्धांत का ध्यान रखा जा सके।

उन्होंने कहा कि हम यह साफ करते हैं कि मेट्रो ट्रेनों की आवाजाही पर पूरी तरह रोक नहीं लगाई जाएगी।” बेंच ने आगे कहा, “हम निर्देश देते हैं कि मेट्रो ट्रेनों और अन्य रेलवे सेवाओं की उचित रूप से नियंत्रित तरीके से आवाजाही के बारे में अधिकारियों द्वारा लिए गए सोच-समझकर किए गए फैसले का उचित प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि आम जनता को होने वाली असुविधा कम से कम हो।”

बेंच ने ये भी कहा कि दिल्ली में ट्रैफिक की आवाजाही के संबंध में भी इसी तरह के विज्ञापन जारी किए जाने चाहिए। बेंच ने कहा कि सड़कों पर बैरिकेडिंग के मामले पर भी फिर से विचार किया जाना चाहिए और वैकल्पिक रास्तों का उचित प्रचार-प्रसार किया जाना चाहिए।

बता दें कि  दिल्ली में 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन होने वाला है। प्रदर्शन से पहले मेट्रो स्टेशनों को बंद करने और कई ट्रेनों को रद्द करने का सरकार ने फैसला किया था। इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका को दाखिल किया गया था। CPI(M) के महासचिव और पूर्व राज्यसभा सांसद एमए बेबी ने याचिका दाखिल कर कोर्ट से इस फैसले में दखल देने को कहा गया था। प्रदर्शन मतदाता सूची में बदलाव की प्रक्रिया (SIR) और चुनाव आयोग के खिलाफ किया जाने वाला है। इसके चलते दिल्ली पुलिस ने 8 अक्टूबर को दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) को पत्र लिखकर 57 मेट्रो स्टेशनों के एंट्री और एग्जिट गेट बंद रखने का ऐलान किया था। यह बंद  9 अक्टूबर की रात 9 बजे से शुरू होकर हालात सामान्य होने तक जारी रखने के लिए कहा गया है।

Crude Oil: महंगे क्रूड के लिए रहें तैयार, कीमतें जल्द नीचे आने की उम्मीद नहीं

Crude Oil: क्रूड ऑयल की कीमतों में 9 अक्टूबर को नरमी दिखी। ब्रेंट क्रूड गिरकर 102 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। एक दिन पहले यह 105 डॉलर के पार चला गया था। पिछले कई हफ्तों से ब्रेंट क्रूड का प्राइस ज्यादातर 100 डॉलर के ऊपर बना रहा है। इसके हाई लेवल पर बने रहने का अनुमान है।

दिसंबर तक क्रूड की कीमतें हाई लेवल पर बनी रह सकती हैं

कई ब्रोकरेज फर्मों का कहना है कि क्रूड ऑयल की कीमतें दिसंबर तक हाई लेवल पर बनी रह सकती हैं। इसकी वजह यह है कि अमेरिका और ईरान के बीच टेंशन बना हुआ है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों को हमले का डर सता रहा है। मैक्सिको की खाड़ी में उत्पादन में बाधा आ रही है। इसका असर सप्लाई पर पड़ रहा है।

ब्रेंट क्रूड 105 डॉलर प्रति बैरल के पार जाने के बाद थोड़ा नरम

8 अक्टूबर को ब्रेंट क्रूड में 5.5 डॉलर का उछाल आया था। इससे प्राइस कुछ समय के लिए 105 डॉलर प्रति बैरल के पार चल गया था। हालांकि, कुछ समय बाद यह 103-104 डॉलर तक आ गया। क्रूड में नरमी की वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का यह बयान है कि अमेरिका ईरान के साथ सकारात्मक बातचीत के लिए तैयार है। उन्होंने यह भी कहा कि 3 नवंबर में मिड टर्म इलेक्शंस से पहले अमेरिका ईरान पर हमले नहीं करेगा।

नए प्रतिबंधों से ईरान की ऑयल एक्सपोर्ट क्षमता पर असर 

इस बीच, अमेरिका ने कुछ ईरानी नागरिकों, कंपनियों, पेट्रोकेमिकल्स और दूसरे प्रोडक्ट्स पर नए प्रतिबंध लगाए हैं। इसका असर क्रूड एक्सपोर्ट करने की ईरान की क्षमता पर पड़ा है। कुछ बैंकों और ब्रोकरेज फर्मों का मानना है कि दिसंबर तिमाही में ब्रेंट क्रूड का प्राइस 89 से 100 डॉलर प्रति बैरल रह सकता है। हालांकि, अगले साल यह 80-90 डॉलर प्रति बैरल तक आ सकता है।

मैक्सिको की खाड़ी में क्रूड और गैस का उत्पादन प्रभावित

मैक्सिको की खाड़ी में फिलहाल 25 फीसदी क्रूड ऑयल और 16 फीसदी नेचुरल गैस का प्रोडक्शन ठप पड़ा हुआ है। प्रोडक्शन में रुकावट के बीच कमोडिटी ट्रेडर वितोल (Vitol) ने कहा है कि अगर सऊदी अरब या ईरान शिप-टू-शिप ट्रांसफर में बाधा आती है तो क्रूड ऑयल का भाव दोगुना यानी 200 डॉलर प्रति बैरल तक जा सकता है। उन्होंने कहा कि फ्रेट कॉस्ट पहले ही 2 डॉलर से बढ़कर 35 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया है।

यह भी पढ़ें: Petrol Diesel Price Today: देशभर में पेट्रोल-डीजल की कीमतों का नया अपडेट, जानें कहां कितना है भाव

क्रूड के हाई लेवल पर बने रहने से बढ़ेगी भारत की मुश्किल

क्रूड प्राइस का हाई लेवल पर बने रहना भारत के लिए अच्छी खबर नहीं है। भारत अपनी जरूरत का 85 फीसदी क्रूड इंपोर्ट करता है। क्रूड की कीमतें बढ़ने पर भारत का इंपोर्ट बिल बढ़ जाता है। पहले से ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को कॉस्ट से कम प्राइस पर पेट्रोल और डीजल बेचने से रोजाना करोड़ों डॉलर का नुकसान उठाना पड़ रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच लड़ाई शुरू होने के बाद ऑयल मार्केटिंग कंपनियां पहले ही चार बार पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ा चुकी हैं।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

Stock Market Rally: फैब फ्राइडे, सेंसेक्स 879 अंक चढ़ा; निफ्टी 22500 के पार, निवेशकों की दौलत ₹3 लाख करोड़ बढ़ी

2 दिन की गिरावट के बाद शुक्रवार, 9 अक्टूबर को भारतीय शेयर बाजारों में शानदार तेजी लौटी। सेंसेक्स 879.09 अंकों या 1.23 प्रतिशत की बढ़त के साथ 72,472.33 पर बंद हुआ। निफ्टी 288.65 अंकों या 1.3 प्रतिशत के उछाल के साथ 22,520.45 पर बंद हुआ। इस बीच BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 3 लाख करोड़ रुपये बढ़ गया। दिन में सेंसेक्स पिछली क्लोजिंग से 1,075.96 अंक तक चढ़कर 72,669.20 के हाई तक गया। इसी तरह निफ्टी भी पिछली क्लोजिंग से 348.95 अंक तक चढ़कर 22,580.75 के हाई तक गया।

गुरुवार को शेयर मार्केट बंद होने पर BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 462.33 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा रहा था। शुक्रवार को मार्केट बंद होने के बाद यह 465.33 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया। यानि कि 3 लाख करोड़ रुपये की बढ़ोतरी। IT स्टॉक्स में तेजी, कच्चे तेल की कीमत में गिरावट, रुपये में बढ़त जैसे फैक्टर्स के चलते बाजार में तेजी आई।

निफ्टी पर ऑयल एंड गैस को छोड़कर दूसरे सभी सेक्टोरल इंडेक्स हरे निशान में बंद हुए हैं। सबसे ज्यादा 3 प्रतिशत की तेजी IT इंडेक्स में दिखी। निफ्टी पर अपोलो हॉस्पिटल्स एंटरप्राइज, ITC, आयशर मोटर्स, TCS और HCL टेक्नोलॉजीस टॉप गेनर रहे। वहीं BSE, रिलायंस इंडस्ट्रीज, JSW स्टील और सिप्ला टॉप लूजर रहे।

एक दिन पहले क्या रहा था हाल

गुरुवार, 8 अक्टूबर को घरेलू शेयर बाजार में लगातार दूसरे दिन गिरावट रही थी। यह काफी तगड़ी थी। सेंसेक्स 1,045.46 अंक या 1.44 प्रतिशत का गोता लगाकर ढाई साल से अधिक के निचले स्तर 71,593.24 पर बंद हुआ था। कारोबार के दौरान एक समय यह 1,310.95 अंक तक लुढ़क गया था। निफ्टी 371.25 अंक या 1.64 प्रतिशत की गिरावट के साथ 21 महीने के निचले स्तर 22,231.80 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान निफ्टी 423.15 अंक तक लुढ़का था।

कच्चे तेल के दाम में तेजी और घरेलू व वैश्विक स्तर पर मौद्रिक नीति के और सख्त होने की आशंका के चलते ऐसा हुआ। भारतीय रिजर्व बैंक ने अक्टूबर की मॉनेटरी पॉलिसी रिव्यू मीटिंग में रेपो रेट को 0.25 प्रतिशत बढ़ाकर 5.50 प्रतिशत कर दिया है।

Vedanta Share Price: डिविडेंड के ऐलान के बाद माइनिंग कंपनी का शेयर 4% तक चढ़ा, एक साल में 50% मजबूत

रुपये की चाल

शुक्रवार को भारतीय करेंसी रुपये में तेजी रही। यह अमेरिकी मुद्रा डॉलर के मुकाबले 16 पैसे चढ़कर 96.72 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर बंद हुआ। एक दिन पहले रुपया, अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले 13 पैसे की गिरावट के साथ 96.88 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था। वैश्विक स्तर पर डॉलर की मजबूती और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों समेत लगातार बने व्यापक आर्थिक दबाव के कारण रुपये में गिरावट आई।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Gold Silver Price: MCX पर सोने-चांदी में बढ़त, क्या आज की तेजी हालिया गिरावट को करेगी खत्म, एक्सपर्ट्स से जानें अब क्या करें निवेश

Gold Silver Price: घरेलू वायदा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में आई तेजी, US ट्रेजरी यील्ड में कमी और कमजोर डॉलर से कीमतों को सपोर्ट मिला है । हालांकि, महंगाई की चिंताएं और US फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों को लेकर नजरिया निवेशकों के लिए अहम बातें बनी हुई हैं।

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर, दिसंबर गोल्ड फ्यूचर्स ₹1,690 या 1.13% बढ़कर ₹1.51 लाख प्रति 10 ग्राम हो गया। दिसंबर सिल्वर फ्यूचर्स ₹3,626 या 1.64% बढ़कर ₹2.24 लाख प्रति किलोग्राम हो गया।

PTI के अनुसार, इंटरनेशनल बाजारों में गोल्ड फ्यूचर्स 1.43% बढ़कर $4,191.51 प्रति औंस हो गया, जबकि सिल्वर फ्यूचर्स 2.16% बढ़कर $60.44 प्रति औंस हो गया।

कीमतों में तेजी क्यों?

शुक्रवार को US ट्रेजरी यील्ड में कमी और डॉलर में गिरावट से कीमती धातुओं को सहारा मिला। सोने पर कोई ब्याज नहीं मिलता है, इसलिए जब बॉन्ड यील्ड बढ़ती है तो यह कम आकर्षक होता है और जब यील्ड कम होती है तो यह अधिक आकर्षक हो जाता है।

आनंद राठी शेयर एंड स्टॉक ब्रोकर्स में कमोडिटीज और करेंसी की रिसर्च एनालिस्ट वेदिका नार्वेकर ने कहा कि US में 30 साल के ट्रेजरी बॉन्ड की नीलामी से लॉन्ग-टर्म यील्ड ऊंचे स्तरों से नीचे आ गई, जिससे सोने की कीमतों को राहत मिली।

उन्होंने ईरान पर संभावित हमले को टालने और बातचीत को प्रोडक्टिव बताने के बारे में US राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टिप्पणियों के बाद तेल की कीमतों में नरमी का भी जिक्र किया। तेल की कीमतें बुलियन मार्केट के लिए मायने रखती हैं क्योंकि एनर्जी की लागत महंगाई की उम्मीदों और ब्याज दरों के फैसलों पर असर डाल सकती है।

निवेश की मांग से भी अतिरिक्त सहारा मिला है। नार्वेकर ने कहा कि इस हफ्ते ग्लोबल गोल्ड ETF होल्डिंग्स में 0.3% की बढ़ोतरी हुई, जिससे उनकी बढ़त लगातार 12वें हफ्ते भी जारी रह सकती है। सेंट्रल बैंक की खरीदारी से भी सहारा मिला है।

क्या सोना अपनी रिकवरी बनाए पाएगा?

सोना $4,100 प्रति औंस के स्तर से सुधरा है, जिसे नार्वेकर ने एक अहम सपोर्ट लेवल बताया था। हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि अगर महंगाई की चिंताएं बनी रहती हैं, तो यह तेजी कम समय के लिए हो सकती है। उन्होंने $4,220 प्रति औंस (जो घरेलू स्तर पर लगभग ₹1,52,000 के बराबर है) के आसपास तुरंत रेजिस्टेंस और $4,300 प्रति औंस (या लगभग ₹1,55,400) के पास मज़बूत रेजिस्टेंस की पहचान की।

VT मार्केट्स के सीनियर मार्केट एनालिस्ट (APAC) जस्टिन खू ने कहा कि सितंबर की फेडरल ओपन मार्केट कमेटी की मीटिंग के मिनट्स से पता चला है कि 18 में से 16 अधिकारियों को उम्मीद थी कि 2026 में ब्याज दरों में और बढ़ोतरी होगी, ताकि महंगाई को फेडरल रिज़र्व के 2% के लक्ष्य से लगातार ऊपर जाने से रोका जा सके।

हालांकि, खू ने कहा कि उम्मीद से कम पर्सनल कंजम्पशन एक्सपेंडिचर (PCE) महंगाई और कमज़ोर रोज़गार डेटा ने अक्टूबर में तुरंत ब्याज दरें बढ़ने की संभावना को कम कर दिया है। 14 अक्टूबर को आने वाली सितंबर की US कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) रिपोर्ट से महंगाई और फेड के अगले कदम के बारे में और संकेत मिलेंगे।

ब्याज दरें बढ़ने से सोने पर दबाव पड़ सकता है क्योंकि इससे बिना रिटर्न देने वाली एसेट को रखने की अपॉर्चुनिटी कॉस्ट बढ़ जाती है। इसलिए, निवेशक महंगाई के डेटा और बॉन्ड यील्ड पर नज़र रखेंगे ताकि यह पता चल सके कि शुक्रवार की रिकवरी जारी रह सकती है या नहीं।

चांदी में निवेश के लिए किन बातों का रखें ध्यान

शुक्रवार को चांदी की कीमतों में भी तेज़ी आई, लेकिन इसकी कीमतों में उतार-चढ़ाव ज़्यादा हो सकता है क्योंकि यह मेटल निवेश की मांग और औद्योगिक इस्तेमाल, दोनों से प्रभावित होता है।

Giottus.com के CEO विक्रम सुब्बुराज ने ₹2.19 लाख–₹2.20 लाख प्रति किलोग्राम को एक अहम सपोर्ट ज़ोन और ₹2.24 लाख को चांदी के रिकवर करने के लिए पहला ज़रूरी लेवल बताया। शुक्रवार की तेज़ी ने कॉन्ट्रैक्ट को उस लेवल से ऊपर पहुंचा दिया।

गुरुवार (8 अक्टूबर) को कीमतों में इंट्राडे के दौरान जो तेज़ी से उतार-चढ़ाव देखे गए, वे भी अस्थिरता के जोखिम को दिखाते हैं। रिकवरी के दौरान चांदी में तेज़ी से उछाल आ सकता है, लेकिन निवेशकों को उतनी ही तेज़ी से गिरावट की संभावना को भी ध्यान में रखना चाहिए।

रुपये का घरेलू कीमतों पर क्या असर पड़ सकता है?

भारत में सोने और चांदी की कीमतें न केवल अंतरराष्ट्रीय दरों पर, बल्कि रुपये-डॉलर एक्सचेंज रेट पर भी निर्भर करती हैं। रुपया कमज़ोर होने से डॉलर में कीमत वाली चीज़ों को आयात करने की लागत बढ़ जाती है और इससे घरेलू कीमतों में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है। लेमन (Lemonn) में रिसर्च हेड गौरव गर्ग ने कहा कि रुपये की कमजोरी से इम्पोर्ट की गई चीज़ों की घरेलू लागत बढ़ रही है। 9 अक्टूबर के उनके मार्केट अपडेट में यह भी बताया गया कि डॉलर की मजबूती में कमी कीमती धातुओं के लिए मददगार साबित हो रही है, जबकि तेल बाज़ार में अभी भी अनिश्चितता बनी हुई है।

अब निवेशकों को क्या करना चाहिए?

सिर्फ़ शुक्रवार की बढ़त से यह साबित नहीं होता कि बुलियन (सोने-चांदी) में हालिया कमजोरी खत्म हो गई है। सोने के लिए, अहम सपोर्ट लेवल से ऊपर बने रहना और नार्वेकर द्वारा बताए गए रेजिस्टेंस लेवल को पार करना ज़रूरी होगा। चांदी में निवेश करने वालों को इसके सपोर्ट ज़ोन और कीमतों में होने वाले बड़े उतार-चढ़ाव पर खास ध्यान देना चाहिए।

जो लोग योजना बनाकर फिजिकल सोना खरीद रहे हैं, वे एक ही ट्रेडिंग सेशन के आधार पर फैसला लेने के बजाय समय के साथ-साथ खरीदारी करने पर विचार कर सकते हैं। जो निवेशक गोल्ड और सिल्वर ETF का इस्तेमाल कर रहे हैं, उन्हें अपने पोर्टफोलियो एलोकेशन, निवेश की अवधि और उतार-चढ़ाव सहने की क्षमता का आकलन करना चाहिए।

Silver Price Today: ₹2700 और महंगी हुई चांदी, खरीदारी से पहले जानें आपके अपने शहर का ताजा भाव

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Nobel Peace Prize 2026: भारतीय मूल की नावी पिल्लई को मिला शांति का नोबेल, जानें कौन हैं और क्यों चुनी गईं

दक्षिण अफ्रीका में रंगभेद के दौर से निकलकर अंतरराष्ट्रीय न्याय के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाने वाली  नावी पिल्लई  को 2026 का नोबेल शांति पुरस्कार देने का ऐलान किया गया है। नॉर्वे की नोबेल समिति ने शुक्रवार, 9 अक्टूबर को नवनेथम ‘नावी’ पिल्लई को शांति और अंतरराष्ट्रीय कानून को बढ़ावा देने के उनके प्रयासों के लिए चुना। भारतीय तमिल मूल के परिवार में जन्मीं पिल्ले ने अपने करियर में भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाई और मानवाधिकारों की रक्षा के लिए काम किया। उनका सफर इस बात की मिसाल है कि कानून के जरिए भी अन्याय के खिलाफ बड़ी लड़ाई लड़ी जा सकती है।

रंगभेद के दौर में शुरू हुआ संघर्ष

नावी पिल्लई का जन्म दक्षिण अफ्रीका के डरबन शहर में एक भारतीय तमिल मूल के परिवार में हुआ था। उस समय देश में रंगभेद की व्यवस्था लागू थी, जिसमें नस्ल के आधार पर लोगों के अधिकार और अवसर तय होते थे। ऐसे माहौल में पिल्ले ने कानून का रास्ता चुना और वकील के रूप में उन लोगों के अधिकारों की पैरवी की, जिन्हें भेदभाव और सामाजिक बहिष्कार का सामना करना पड़ता था।

उनके करियर का एक अहम हिस्सा रंगभेद का विरोध करने वाले लोगों को कानूनी सहायता देना रहा। उन्होंने नेल्सन मंडेला और अन्य रंगभेद-विरोधी कार्यकर्ताओं के समर्थन में काम किया। आगे चलकर उनका योगदान दक्षिण अफ्रीका तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय न्याय और मानवाधिकारों के क्षेत्र तक पहुंचा।

अंतरराष्ट्रीय न्याय और जवाबदेही पर जोर

नोबेल समिति के अनुसार, नवी पिल्ले ने अपने लंबे करियर में हिंसा और संघर्ष से प्रभावित लोगों को न्याय दिलाने की दिशा में काम किया। उन्होंने सरकारों और राष्ट्रीय नेताओं को जवाबदेह ठहराने के प्रयास किए। उनके काम में अंतरराष्ट्रीय कानून के महत्व और मानवाधिकारों की रक्षा पर खास जोर रहा।

गाजा पर संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट को लेकर भी चर्चा में रहीं

नावी पिल्लई संयुक्त राष्ट्र के उस जांच आयोग की अध्यक्ष भी रहीं, जिसने फिलिस्तीनी क्षेत्र में इजरायल की कार्रवाई की जांच की थी। आयोग ने पिछले साल अपनी रिपोर्ट में निष्कर्ष निकाला कि इजरायल ने गाजा में नरसंहार किया है। हालांकि, इजरायल ने इस रिपोर्ट को खारिज करते हुए इसे ‘निंदनीय’ बताया था। इस मामले ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापक बहस को जन्म दिया।

कब मिलेगा नोबेल शांति पुरस्कार और कितनी है इनामी राशि?

नावी पिल्लई को यह सम्मान 10 दिसंबर 2026 को नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में प्रदान किया जाएगा। यह तारीख स्वीडिश उद्योगपति अल्फ्रेड नोबेल की पुण्यतिथि है, जिन्होंने अपनी वसीयत के जरिए इन पुरस्कारों की शुरुआत की थी।

नोबेल शांति पुरस्कार के साथ 12 मिलियन स्वीडिश क्रोनर यानी लगभग 12 लाख अमेरिकी डॉलर की राशि दी जाती है।  नावी पिल्लई का चयन मानवाधिकारों, न्याय और अंतरराष्ट्रीय कानून के क्षेत्र में उनके योगदान को वैश्विक पहचान देता है।

25 लाख सालाना कमाने वाला शख्स अब बेच रहा ऑनलाइन प्रोडक्ट, कमल टोलानी ने बताया बिजनेस का पहला महीने का हिसाब

जंतर-मंतर पर ही क्यों होता है प्रदर्शन? कब और कैसे मिलती है प्रोटेस्ट की मंजूरी? नियमों के साथ जानिए कल का लेटेस्ट अपडेट

Delhi Jantar Mantar Protest Rules Explained: कल 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर बड़ा प्रदर्शन होने वाला है। इस प्रदर्शन का ऐलान ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) और देश के तमाम छात्र संगठनों ने किया है। यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आयोजित किया जा रहा है। इससे पहले दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार, 9 अक्टूबर को ही इस प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। पुलिस ने अनुमति न देने के पीछे आवेदन देने में हुई देरी और पुराने प्रदर्शनों के दौरान नियमों के उल्लंघन की वजह बताई है।

अनुमति खारिज होने के बावजूद राजधानी में समर्थकों की भारी भीड़ जुटने की आशंका है। इसे देखते हुए प्रशासन ने पूरी दिल्ली में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। ऐसे में आइए आसान भाषा में समझते हैं कि जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन करने के क्या नियम हैं और पुलिस का इस पर क्या कहना है।

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की शुरुआत कैसे हुई?

1980 के दशक के उत्तरार्ध से पहले दिल्ली में इंडिया गेट के पास बॉट क्लब किसी भी प्रदर्शन का मुख्य ठिकाना हुआ करता था। उस समय किसानों के एक विशाल आंदोलन के कारण बॉट क्लब के आसपास का पूरा इलाका ठप हो गया था। इसके बाद सरकार को प्रदर्शन का स्थान बदलना पड़ा। साल 1993 में जंतर-मंतर को प्रदर्शनों के लिए नए स्थान के रूप में चुना गया। तब से लोग अपनी मांगें उठाने और सरकार से सवाल पूछने के लिए यहां जुटते आए हैं।

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने के क्या नियम हैं?

दिल्ली पुलिस के नए दिशानिर्देशों के अनुसार, प्रदर्शन की इजाजत के लिए कम से कम 10 दिन पहले डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (DCP, नई दिल्ली जिला) को आवेदन देना होता है। जंतर-मंतर पर एक समय में अधिकतम 1,000 लोग ही प्रदर्शन में शामिल हो सकते हैं।

साथ ही आयोजकों को भीड़ प्रबंधन, सार्वजनिक सुरक्षा और शांति बनाए रखने की शर्तों का पालन करना अनिवार्य है। सेंट्रल विस्टा, इंडिया गेट और इसके आसपास के लॉन पूरी तरह प्रतिबंधित क्षेत्र हैं। यहां प्रदर्शन की अनुमति नहीं है।

दिल्ली में कल क्या-क्या रहेगा बंद? मेट्रो, ट्रेन से लेकर शराब दुकानें तक, जानिए हर बड़ा अपडेट

अगर 1,000 से ज्यादा लोग हों, तो कहां होगा प्रदर्शन?

अगर प्रदर्शन में शामिल होने वाले लोगों की संख्या 1,000 से अधिक और 50,000 तक है, तो इसके लिए रामलीला मैदान तय किया गया है। भीड़ अगर 50,000 से भी अधिक होती है, तो प्रदर्शन केवल बुराड़ी के मैदान में ही आयोजित किया जा सकता है।

दिल्ली पुलिस ने अनुमति क्यों नहीं दी?

नई दिल्ली रेंज की जॉइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस नूपुर प्रसाद ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्थिति साफ की। उन्होंने बताया कि CJP ने प्रदर्शन के लिए 7 अक्टूबर को आवेदन किया था, जो कार्यक्रम से सिर्फ 3 दिन पहले मिला। नियमों के अनुसार आवेदन कम से कम 10 दिन पहले मिलना चाहिए था। इसके अलावा, संगठन द्वारा पिछले प्रदर्शनों में नियमों का उल्लंघन भी किया गया था। इसी कारण सुरक्षा और समय सीमा के नियमों के तहत इस प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई।

क्या है आज की स्थिति? ट्रेन और मेट्रो को लेकर ये आदेश जारी

10 अक्टूबर, शनिवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन और सुरक्षा स्थिति को देखते हुए राजधानी में कड़े प्रशासनिक आदेश लागू किए गए हैं। रेलवे बोर्ड के आदेशानुसार, शनिवार सुबह 4 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन पहुंचने वाली कई प्रमुख मेल, एक्सप्रेस व लोकल ट्रेनों को उनके शुरुआती स्टेशनों से ही रद्द कर दिया गया है।

दिल्ली पुलिस के निर्देश पर DMRC ने 9 अक्टूबर रात 9 बजे से राजीव चौक, कश्मीरी गेट, नई दिल्ली और केंद्रीय सचिवालय सहित करीब 57 प्रमुख मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश व निकास गेट बंद रखने और ट्रेनों की फ्रीक्वेंसी घटाने का फैसला किया है।

बंगाल की खाड़ी में बन रहा नया लो-प्रेशर सिस्टम! केरल, तमिलनाडु, यूपी, दिल्ली-NCR समेत इन राज्यों में बारिश और आंधी का अलर्ट

IMD Weather Alert: देश के विभिन्न हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी की प्रक्रिया जारी रहने के बावजूद देश के मौसम में बड़े बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा शुक्रवार 9 अक्टूबर की दोपहर जारी मौसम बुलेटिन के मुताबिक अगले 3 से 4 दिनों में पूर्वी भारत, उत्तरी प्रायद्वीप और पूर्वोत्तर भारत के कई और हिस्सों से मानसून पूरी तरह विदा हो जाएगा। इस बीच बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर में एक नया कम दबाव का क्षेत्र (Low-Pressure Area) आकार लेने जा रहा है। इससे आने वाले दिनों में देश के समुद्री, पूर्वी और दक्षिणी इलाकों में बारिश की गतिविधियां और तेज होंगी। इसके साथ ही उत्तर भारत में बने चक्रवाती परिसंचरणों और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में आंधी-तूफान के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

बीते 24 घंटों के मौसम की बात करें तो तमिलनाडु, अरुणाचल प्रदेश, असम और नागालैंड में अलग-अलग स्थानों पर 7 से 11 सेमी तक भारी बारिश दर्ज की गई है।

बंगाल की खाड़ी में बनेगा नया लो-प्रेशर सिस्टम, अंडमान में भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग के मुताबिक थाईलैंड की खाड़ी पर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है। इसके 11 अक्टूबर के आसपास अंडमान सागर में प्रवेश करने की संभावना है। इसके असर से 13 अक्टूबर के आसपास दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक नया कम दबाव का क्षेत्र बनने के आसार हैं। इस वजह से अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 10 और 11 अक्टूबर को व्यापक बारिश होगी, जबकि 13 और 14 अक्टूबर को वहां मूसलाधार बारिश दर्ज की जा सकती है।

उत्तर भारत में बदलेगा मौसम: दिल्ली-NCR, यूपी और पंजाब में 60 kmph की आंधी का अलर्ट

उत्तर भारत के आसमान पर कई प्रणालियां एक साथ असर दिखा रही हैं। उत्तर पाकिस्तान के ऊपर पश्चिमी विक्षोभ चक्रवाती परिसंचरण के रूप में सक्रिय है। इसके अलावा दक्षिण हरियाणा और पूर्वी उत्तर प्रदेश पर निचले क्षोभमंडल में चक्रवाती हवाओं के क्षेत्र बने हुए हैं। इन प्रणालियों के प्रभाव से उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में मौसमी गतिविधियों में तेजी आएगी। हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 10 से 12 अक्टूबर के दौरान आकाशीय बिजली कड़कने के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे) की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चलने और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। पंजाब में भी 10 से 12 अक्टूबर तक 30 से 40 किमी/घंटे की गति से झोंकेदार हवाएं चलेंगी।

पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 9 अक्टूबर को आंधी और बिजली चमकने के साथ बारिश होने का अनुमान है। पश्चिमी राजस्थान में 10 व 11 अक्टूबर और पूर्वी राजस्थान में 10 अक्टूबर को झोंकेदार हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। उत्तराखंड में 9 अक्टूबर को बारिश होगी और 40 से 50 किमी/घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलेंगी। 10 अक्टूबर को भी राज्य में आंधी का असर रहेगा। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में 10 और 13 अक्टूबर को और हिमाचल प्रदेश में 9 से 15 अक्टूबर के बीच हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जाएगी।

केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक में भारी मूसलाधार बारिश का अलर्ट

दक्षिण भारत के राज्यों में मन्नार की खाड़ी से उत्तरी आंतरिक कर्नाटक तक एक ट्रफ रेखा फैली हुई है। इसके असर से दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के राज्यों में भारी बारिश का दौर जारी रहेगा। केरल व माहे और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में 9 और 10 अक्टूबर को भारी मूसलाधार बारिश दर्ज की जा सकती है। केरल में 9 से 15 अक्टूबर तक व्यापक रूप से बारिश का सिलसिला बना रहेगा। दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 9 अक्टूबर को भारी बारिश की प्रबल संभावना है।

केरल, तमिलनाडु और लक्षद्वीप में 9 और 10 अक्टूबर को गरज-चमक के साथ 40 से 50 किमी/घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे) की गति से तूफानी हवाएं चलेंगी। तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में 9 से 13 अक्टूबर के दौरान दिन भर तेज सतही हवाएं चलती रहेंगी।

बिहार, बंगाल और पूर्वोत्तर राज्यों का मौसम हाल

पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में भी अलग-अलग परिसंचरण सक्रिय हैं। उत्तरी बांग्लादेश और पूर्वी असम के ऊपर निचले स्तर पर चक्रवाती हवाओं के क्षेत्र बने हुए हैं। इसके प्रभाव से बिहार, गांगेय पश्चिम बंगाल और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 9 अक्टूबर को आकाशीय बिजली चमकने और 30 से 40 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है। झारखंड और ओडिशा में 9 और 10 अक्टूबर को आंधी का असर रहेगा। पूर्वोत्तर भारत में अरुणाचल प्रदेश में 9 अक्टूबर को व्यापक बारिश होगी और भारी बारिश हबो सकती है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 13 अक्टूबर को पृथक स्थानों पर भारी बारिश होने का अनुमान है।

तटीय इलाकों में चिपचिपी गर्मी की मार

पश्चिम और दक्षिण भारत के तटीय क्षेत्रों में आर्द्रता बढ़ने की वजह से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ सकती है। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है कि 9 और 10 अक्टूबर के दौरान तटीय कर्नाटक और महाराष्ट्र के कोंकण एवं गोवा क्षेत्र में मौसम बेहद गर्म और उमस भरा बना रहने का अनुमान है।

यह भी पढ़ें: Heavy Rain Alert: उत्तराखंड, केरल और तमिलनाडु समेत इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, जानिए 9 अक्टूबर को कैसा रहेगा मौसम