गन्ने की नई किस्म CoS.23232 की भारी डिमांड, 5 मिनट में खत्म हुआ पूरा स्टॉक; जानें क्यों है खास

लखनऊ : PTI के अनुसार, उत्तर प्रदेश के गन्ना किसानों में इन दिनों गन्ने की नई किस्म CoS.23232 को लेकर जबरदस्त उत्साह है। बुकिंग शुरू होने के महज पांच मिनट के भीतर ही इसका पूरा शुरुआती स्टॉक बुक हो गया, जिससे बड़ी संख्या में किसान बीज हासिल करने से चूक गए। इस नई किस्म को उत्तर प्रदेश की लोकप्रिय गन्ना किस्म Co.0238 के संभावित विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है।

5 मिनट में 2 लाख Buds खत्म, क्यों मची लूट?

उत्तर प्रदेश गन्ना शोध परिषद (UPCSR) ने 9 अक्टूबर को अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर इस नई वैरायटी की ऑनलाइन बुकिंग शुरू की थी। परिषद ने सिर्फ 2 लाख single buds बुकिंग के लिए रखे थे। वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अरविंद कुमार के मुताबिक, बुकिंग खुलते ही 5 मिनट के अंदर पूरा स्टॉक बुक हो गया। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि किसानों में इस वैरायटी को लेकर कितनी डिमांड है।

CoS.23232 में ऐसा क्या है खास?

किसानों की इस दीवानगी की 3 बड़ी वजह हैं:

1. 10% ज्यादा पैदावार: फील्ड ट्रायल में इस वैरायटी का औसत उत्पादन 95.56 टन प्रति हेक्टेयर रहा है, जो Co.0238 से 9.44% ज्यादा है। इसका गन्ना लंबा और मोटा है, जिससे प्रति क्विंटल वजन 10% ज्यादा बैठता है।

2. Red Rot से छुटकारा: UP में पिछले कुछ सालों में Co.0238 में रेड रॉट बीमारी लगने से पैदावार आधी हो गई थी। राज्य का चीनी उत्पादन 126 लाख टन से गिरकर 89 लाख टन पर आ गया था। CoS.23232 रेड रॉट रोधी है।

3. जल्दी पकने वाली किस्म: ये अगेती (early-maturing) वैरायटी है। किसान इसे जल्दी काटकर मिल में भेज सकते हैं, जिससे उन्हें पेमेंट भी जल्दी मिलेगा और चीनी मिलों को रिकवरी भी ज्यादा मिलेगी।

10 साल की मेहनत के बाद तैयार हुई वैरायटी

ये कोई रातों-रात तैयार बीज नहीं है। वैज्ञानिकों को इसे बनाने में 10-12 साल लगे हैं। इसे Coimbatore में CoS.8119 (Female) और Co.775 (Male) को क्रॉस करके बनाया गया है। इसके बाद सालों तक इसकी मिठास, पैदावार और बीमारी से लड़ने की क्षमता को परखा गया है। यूपी सरकार ने 29 सितंबर को ही इसे खेती के लिए मंजूर किया था। परिषद अब टिश्यू कल्चर और सिंगल बड तकनीक से इसका बीज तेजी से बढ़ा रहा है। अक्टूबर में होने वाले ‘मिठास मेला 2026’ में किसानों को इसके मिनी किट भी बांटे जाएंगे।

Silver vs Gold Prices: सोने के मुकाबले चांदी में ज्यादा गिरावट, शिखर से 50% टूटी; अब आगे कैसी रहेगी चाल?

Silver vs Gold Prices: सोना और चांदी दोनों पिछले कुछ महीनों से दबाव में हैं। हालांकि, हालिया गिरावट में चांदी को ज्यादा नुकसान हुआ है। चांदी में गिरावट का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि 29 जनवरी को 121 डॉलर प्रति औंस का रिकॉर्ड स्तर छूने के बाद यह करीब 50% टूट चुकी है। इसके मुकाबले सोना अपने शिखर से करीब 25% नीचे है। यानी हालिया गिरावट में चांदी पर सोने के मुकाबले दोगुना दबाव पड़ा है।

हालांकि लंबी अवधि की तस्वीर अलग है। पिछले एक साल में चांदी ने 23.80% रिटर्न दिया, जबकि सोने का रिटर्न 3.81% रहा। पांच साल में चांदी 167.71% और सोना 138.77% चढ़ा। दस साल में भी चांदी ने 249.72% रिटर्न दिया, जबकि सोने का रिटर्न 233.98% रहा।

Silver vs Gold: अलग-अलग अवधि में रिटर्न

अवधिचांदी का रिटर्नसोने का रिटर्नबेहतर प्रदर्शन
1 महीना-8.14%-3.83%सोना
6 महीने-20.14%-12.19%सोना
इस साल अब तक-16.53%-3.14%सोना
1 साल0.2380.0381चांदी
5 साल1.67711.3877चांदी
10 साल2.49722.3398चांदी

सोर्स: TradingView, 9 अक्टूबर तक। 

चांदी में ज्यादा गिरावट क्यों?

सोने की तुलना में चांदी की कीमतों में ज्यादा उतार-चढ़ाव आता है। इसकी बड़ी वजह है कि चांदी का इस्तेमाल निवेश के साथ-साथ इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन में भी होता है। इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिक गाड़ियों और सोलर पैनल जैसे क्षेत्रों में इसकी मांग रहती है। इसलिए ग्लोबल इकोनॉमी की रफ्तार धीमी होने की आशंका चांदी पर ज्यादा असर डालती है।

Augmont की चीफ रिसर्च ऑफिसर डॉ. रेनीशा चैनानी के मुताबिक, चांदी में पहले तेज तेजी आई थी। इसके बाद निवेशकों की बिकवाली और मार्जिन बढ़ने से गिरावट तेज हुई। सोलर सेक्टर में चांदी की खपत घटने की आशंका भी कीमतों पर दबाव बना रही है।

सोने को केंद्रीय बैंकों का सहारा

सोने को दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों की खरीदारी से सपोर्ट मिलता है। पिछले तीन वर्षों में केंद्रीय बैंकों ने औसतन हर साल 1,000 टन से ज्यादा सोना खरीदा है। चांदी को इस तरह का संस्थागत सहारा नहीं मिलता।

इसके अलावा, चांदी का बाजार सोने के मुकाबले छोटा है। इसलिए कम मात्रा में बिकवाली भी इसकी कीमतों में बड़ा उतार-चढ़ाव ला सकती है।

चांदी की कीमतों पर आगे क्या असर पड़ेगा?

J.P. Morgan ने चांदी की औसत कीमत का अनुमान 84 डॉलर प्रति औंस से घटाकर 70 डॉलर कर दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, सोलर सेक्टर में मांग घटने से चांदी की खपत प्रभावित हो सकती है। Silver Institute ने भी 2026 में इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर से चांदी की मांग में करीब 10% गिरावट का अनुमान लगाया है।

अहर महंगाई, ऊंची बॉन्ड यील्ड और कमजोर औद्योगिक मांग का दबाव बना रहा, तो चांदी में और गिरावट मुमकिन है। वहीं, इन परिस्थितियों में सुधार आने पर चांदी में तेज रिकवरी भी देखने को मिल सकती है।

Retiring at 45: जल्द रिटायरमेंट की तैयारी! नौकरी छोड़ने से पहले कर लें ये कैलकुलेशन

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

अफ्रीकी देश जिबूती के पास नाव डूबी, 109 की मौत:116 लापता, 350 लोग सवार थे; इथियोपिया के 80 से ज्यादा नागरिक बचाए गए

अफ्रीकी देश जिबूती के तट के पास प्रवासियों से भरी नाव डूबने से 109 लोगों की मौत हो गई, जबकि 116 लोग लापता हैं। नाव में करीब 350 लोग सवार थे। हादसे में 80 से ज्यादा लोगों को बचा लिया गया है। संयुक्त राष्ट्र की अंतरराष्ट्रीय प्रवासन संस्था (IOM) के मुताबिक, सभी जीवित बचे लोग इथियोपिया के नागरिक हैं। हादसा 8 और 9 अक्टूबर की दरमियानी रात जिबूती के ओबॉक शहर के उत्तर में हुआ। IOM के मुताबिक, हादसे के बाद अब तक 109 शव बरामद किए गए हैं। इनमें 52 पुरुष, 42 महिलाएं और 15 बच्चे शामिल हैं। बच्चों में 9 लड़कियां और 6 लड़के हैं। जिबूती से यमन से जा रही थी नाव हादसे में बचे लोगों ने बताया कि नाव जिबूती से यमन जा रही थी। इसी दौरान वह समुद्र में पलट गई। लापता लोगों की तलाश और प्रभावित परिवारों की मदद के लिए IOM की टीमें जिबूती के अधिकारियों के साथ काम कर रही हैं। जिबूती में IOM के मिशन प्रमुख एलेक्जेंडर कोइसाक ने कहा कि यह जानमाल का बेहद दुखद नुकसान है। उन्होंने कहा कि उनकी संवेदनाएं उन परिवारों के साथ हैं, जिन्होंने अपने लोगों को खोया है या अब भी उनकी खबर का इंतजार कर रहे हैं। बेहतर जिंदगी की तलाश में खतरनाक समुद्री रास्ता अपनाते हैं लोग IOM के मुताबिक, गरीबी, असुरक्षा और जलवायु परिवर्तन के बढ़ते असर के कारण कई लोग रोजगार और बेहतर जिंदगी की तलाश में यह खतरनाक समुद्री रास्ता अपनाते हैं। प्रवासी जिबूती से बाब-अल-मंदेब स्ट्रेट पार करके यमन पहुंचने की कोशिश करते हैं। इसके बाद उनका लक्ष्य खाड़ी देशों तक पहुंचना होता है। इस रास्ते पर समुद्र में नाव डूबने और जान जाने का खतरा बना रहता है। IOM ने कहा कि मध्य पूर्व में अस्थिरता के बावजूद लोग बेहतर आर्थिक अवसरों की तलाश में यह जोखिम भरी यात्रा कर रहे हैं।

Delhi CJP Protest: दिल्ली में सभी मेट्रो स्टेशन खुले! रेल और इंटरनेट सेवाएं भी बहाल, बैरिकेडिंग और पुलिस हिरासत पर भी सुप्रीम कोर्ट सख्त

Delhi CJP Protest News: राजधानी दिल्ली में 10 अक्टूबर को हुए विरोध-प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई, मेट्रो और रेल सेवाओं पर प्रतिबंध, इंटरनेट सेवाएं बंद करने तथा लोगों को हिरासत में लिए जाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने रविवार (11 अक्टूबर) को अहम निर्देश जारी किए। सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि शांतिपूर्ण ढंग से इकट्ठा होने वाले लोगों को गैर-कानूनी तरीके से हिरासत में नहीं लिया जा सकता। अदालत ने कहा, “ऐसे लोगों को अवैध रूप से हिरासत में न लिया जाए।” साथ ही शीर्ष अदालत ने मेट्रो और रेल सेवाओं को सामान्य रूप से चलाने, कानून के मुताबिक इंटरनेट सेवाएं बिना किसी रुकावट के जारी रखने और लोगों एवं ट्रैफिक की आवाजाही की अनुमति देने का आदेश दिया है। कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के बाहर लगी धारा 163 का बोर्ड हटाने का भी निर्देश दिया, ताकि न्याय तक पहुंच को लेकर कोई आशंका न रहे।

दिल्ली में मेट्रो-ट्रेन और इंटरनेट चालू रहेंगी

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कानून-व्यवस्था की स्थिति को ध्यान में रखते हुए मेट्रो, रेल और इंटरनेट सेवाएं सामान्य रूप से जारी रहनी चाहिए। शीर्ष अदालत ने उसके निर्देश के उल्लंघन के आरोप में अधिकारियों के खिलाफ अवमानना ​​कार्यवाही शुरू करने के अनुरोध वाली याचिका पर केंद्र को नोटिस जारी किया है। अदालत ने कहा कि वकीलों को उनके पेशेवर कर्तव्यों का निर्वहन करने में किसी तरह की बाधा नहीं पहुंचायी जानी चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को निर्देश दिया कि शांतिपूर्ण तरीके से जुटने वालों को अवैध रूप से हिरासत में न लिया जाए। शीर्ष अदालत ने ट्रैफिक नियमों के अधीन लोगों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही बैरिकेड्स लगाने की जरूरत की समीक्षा करने को कहा। उच्चतम न्यायालय ने कहा, “कानून-व्यवस्था की स्थिति को ध्यान में रखते हुए मेट्रो, रेल और इंटरनेट सेवाएं सामान्य रूप से जारी रहनी चाहिए।”

केंद्र सरकार को नोटिस जारी

अदालत ने केंद्र सरकार को उस याचिका पर नोटिस भी जारी किया, जिसमें दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन के कारण मेट्रो और ट्रेन सेवाओं पर पूरी तरह रोक नहीं लगाने संबंधी न्यायालय के निर्देश के कथित उल्लंघन को लेकर अधिकारियों के खिलाफ अवमानना की कार्यवाही शुरू करने का अनुरोध किया गया है। जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने विशेष सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से यह सुनिश्चित करने को कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जरूरत को ध्यान में रखते हुए दिल्ली मेट्रो अपनी सामान्य शेड्यूल के अनुसार चले और इंटरनेट सेवाएं बाधित न हों।

पीठ ने कहा, “9 अक्टूबर 2026 के हमारे पिछले आदेश के उल्लंघन और 10 अक्टूबर को दिल्ली में बड़ी संख्या में लोगों को अवैध रूप से हिरासत में लिए जाने के आरोपों वाली तत्काल सुनवाई की याचिकाओं के मद्देनजर न्यायालय ने विशेष सुनवाई की।”

‘निर्देशों का खुले तौर पर उल्लंघन किया गया’

सुप्रीम कोर्ट ने कहा, “वरिष्ठ वकीलों ने दलील दी कि निर्देशों का खुले तौर पर उल्लंघन किया गया। मेट्रो रेल सेवा संचालित नहीं हो रही थी। नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन बंद रहे। ट्रैफिक संबंधी कोई एडवाइजरी जारी नहीं किया गया। बड़ी संख्या में लोगों को अनुचित रूप से परेशान किया गया। लोगों को अवैध रूप से हिरासत में लिया गया। जिन स्थानों पर यह सब हुआ, उनमें वे इलाके भी शामिल थे, जो भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 की धारा 163 के तहत जारी निषेधाज्ञा के दायरे में नहीं आते थे।”

पत्रकारों को लेकर पुलिस को निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने मेहता से यह सुनिश्चित करने को भी कहा कि वकीलों, पत्रकारों और अन्य लोगों को अपने पेशेवर कर्तव्यों का निर्वहन करने से न रोका जाए। सुनवाई के दौरान मेहता ने कहा कि 10 अक्टूबर को मेट्रो नेटवर्क के कुल 303 स्टेशन में से केवल 45 पर एंट्री और एग्जिट प्रतिबंधित था। याचिका में सुप्रीम कोर्ट के नौ अक्टूबर के आदेश का उल्लेख किया गया है। यह आदेश दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर 57 मेट्रो स्टेशन को बंद करने और दिल्ली आने वाली ट्रेनों को रद्द किए जाने के खिलाफ दायर एक अन्य याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार तक सरकार से जवाब मांगा है।

निर्वाचन आयोग के कामकाज में कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ CJP और कुछ छात्र संगठनों ने प्रदर्शन का ऐलान किया था। सरकार ने शनिवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था करके और 7,000 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर जंतर-मंतर पर प्रस्तावित बड़े प्रदर्शन को रोक दिया। हिरासत में लिए गए लोगों में CJP नेता अभिजीत दीपके, विपक्ष के कई नेता और यूट्यूबर ध्रुव राठी भी शामिल थे।

ये भी पढ़ें- CJP Protest News: दिल्ली में इस प्रोटेस्टर को जिन 4 ने पीटा उनकी पहचान हुई और पुलिस ने ट्रेस भी कर लिया! अब होगा ये एक्शन

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश की मुख्य बातें

  • दिल्ली मेट्रो और रेलवे सेवाएं सामान्य रूप से चलनी चाहिए। पाबंदियां तभी लगाई जा सकती हैं जब वे आर्टिकल 19(2) के तहत सही ठहराई जा सकें।
  • कानूनी पाबंदियां लगाने की वैधानिक शक्तियों पर असर डाले बिना, कानून के अनुसार इंटरनेट सेवाएं चालू रहनी चाहिए।
  • दिल्ली में लोगों और गाड़ियों की आवाजाही में बेवजह रुकावट नहीं आनी चाहिए। कानून-व्यवस्था और ट्रैफिक की जरूरतों के आधार पर बैरिकेड्स की तुरंत समीक्षा की जानी चाहिए।
  • किसी को भी गैर-कानूनी तरीके से हिरासत में नहीं लिया जा सकता। किसी भी हिरासत के मामले में कानून द्वारा तय प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए।
  • कानून के अनुसार शांतिपूर्ण सभाओं की अनुमति दी जानी चाहिए, खासकर उन इलाकों के बाहर जहां धारा 163 BNSS के तहत सख्ती लागू है।
  • सुप्रीम कोर्ट और अन्य अदालतों तक बिना रुकावट पहुंच सुनिश्चित करने के लिए सुप्रीम कोर्ट के पास धारा 163 की पाबंदियों वाला कोई भी नोटिस बोर्ड अगर अभी भी लगा है, तो उसे हटा दिया जाना चाहिए।
  • सुप्रीम कोर्ट ने इस आश्वासन को दर्ज किया कि वकीलों, पत्रकारों और अन्य पेशेवरों को अपना काम करने में नहीं रोका जाएगा।
  • शीर्ष अदालत के 9 अक्टूबर के आदेश के उल्लंघन के आरोप में अवमानना ​​की कार्यवाही के तहत नोटिस जारी किया गया। अधिकारियों को मंगलवार, 13 अक्टूबर तक अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करनी होगी, जिसमें मेट्रो पाबंदियों और रेलवे की सलाहों का विवरण शामिल हो।
  • बड़े पैमाने पर हिरासत और उससे जुड़े अन्य मामलों के आरोपों वाली ‘हेबियस कॉर्पस’ (बंदी प्रत्यक्षीकरण) याचिकाओं पर 13 अक्टूबर को मुख्य मामलों के साथ सुनवाई होगी।
  • अदालत ने कहा कि राज्य को कथित हिरासत के हालात, तरीके और कानूनी आधार के बारे में बताना होगा, क्योंकि आर्टिकल 32 के तहत मौलिक अधिकारों की रक्षा और उन्हें लागू करना कोर्ट का कर्तव्य है।

ट्रम्प बोले- यूक्रेन को नए राष्ट्रपति की जरूरत:पुतिन शांति चाहते हैं; जेलेंस्की ने अमेरिका-रूस के बीच डीजल डील का विरोध किया था

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शनिवार को कहा कि यूक्रेन को नया राष्ट्रपति चुनना चाहिए। उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए दावा किया कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन यूक्रेन के साथ युद्ध खत्म करने के लिए शांति समझौता करना चाहते हैं, लेकिन यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की बातचीत के मौके गंवा रहे हैं। यह बयान ऐसे समय आया है, जब ट्रम्प ने शुक्रवार को बताया कि अमेरिका अब रूस से डीजल खरीदेगा। जेलेंस्की ने इस फैसले का विरोध किया। उन्होंने कहा था कि इससे रूस को युद्ध जारी रखने के लिए और पैसा मिलेगा। रूस की तेल रिफाइनरियों पर हमलों से ट्रम्प नाराज ट्रम्प ने यूक्रेन की ओर से रूस की तेल रिफाइनरियों पर किए जा रहे हमलों की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि इन हमलों से दुनिया में ईंधन की समस्या बढ़ सकती है। यूक्रेन रूस की तेल से जुड़ी सुविधाओं को निशाना बना रहा है। इससे रूस की तेल से होने वाली कमाई और उसकी सेना तक ईंधन पहुंचाने की व्यवस्था को नुकसान पहुंचा है। रूस ने फरवरी 2022 में यूक्रेन पर बड़े पैमाने पर हमला शुरू किया था। तब से दोनों देशों के बीच युद्ध जारी है। अमेरिका ने रूस से डीजल खरीदने पर पाबंदी हटाई ईरान-अमेरिका और इजराइल के युद्ध के कारण इस साल ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। इसी बीच अमेरिका ने रूसी डीजल के निर्यात पर लगी पाबंदियां अगले साल अप्रैल तक हटा दीं है। इस फैसले से रूस के लिए अमेरिका और दूसरे देशों को डीजल बेचने का रास्ता खुल गया है। जेलेंस्की ने इस फैसले को कमजोर कदम बताया। उनका कहना है कि रूस को तेल और डीजल बेचने की छूट मिलने से उसकी कमाई बढ़ेगी और वह इस पैसे का इस्तेमाल युद्ध जारी रखने में कर सकेगा। मियामी में युद्ध रोकने की बातचीत बेनतीजा रही अमेरिका और यूक्रेन के अधिकारियों के बीच 9 अक्टूबर को मियामी में युद्ध रोकने को लेकर करीब 6 घंटे बातचीत हुई थी। लेकिन कोई ठोस नतीजा नहीं निकला। बैठक में ट्रम्प के दूत जेरेड कुशनर और स्टीव विटकॉफ भी शामिल थे। जेलेंस्की ने कहा था कि यूक्रेन की टीम बातचीत के लिए गई थी, लेकिन इसके बाद रूस को राहत देने वाला फैसला कर लिया गया। यूक्रेन का मानना है कि रूस पर दबाव बनाए बिना युद्ध खत्म करना मुश्किल है। रूस को मनाने के लिए अमेरिका ने आर्थिक प्रस्ताव रखे थे सितंबर के आखिर में संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक के दौरान अमेरिका ने रूस से युद्ध रोकने का समझौता कराने के लिए कुछ प्रस्तावों पर चर्चा की थी। इसके बदले रूस को आर्थिक राहत देने के विकल्प रखे गए थे। इनका मकसद ऊर्जा से जुड़ी जगहों और समुद्र में हमले रुकवाना था। प्रस्तावों में पश्चिमी देशों में जब्त रूस की सरकारी संपत्ति का कुछ हिस्सा लौटाना, रूसी कंपनी लुकोइल की कुछ संपत्तियां मध्य-पूर्व के निवेशकों को बेचने की इजाजत देना और बेलारूस को पोटाश (खाद बनाने में इस्तेमाल होता है) बेचने की छूट देना शामिल था। यूक्रेन इन प्रस्तावों के पूरी तरह खिलाफ नहीं था। लेकिन उसने कहा कि अगर रूस युद्ध रोकने का समझौता तोड़ता है, तो उसे इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी। यूक्रेन ने यह सुझाव भी दिया कि रूस की जब्त संपत्ति से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल यूक्रेन की मदद के लिए किया जाए। ——————– यह खबर भी पढ़ें… अमेरिकी चुनाव से पहले डीजल महंगा, ट्रम्प रूस से खरीदेंगे:इसी वजह से भारत पर 100% टैरिफ की धमकी अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने रूसी डीजल खरीदने पर लगी रोक 7 अप्रैल 2027 तक हटा दी है। अब अमेरिका रूस से डीजल खरीद सकेगा। रूस ने 2022 में यूक्रेन पर हमला किया था। इसके बाद अमेरिका ने रूसी तेल पर प्रतिबंध लगा दिए थे। पूरी खबर पढ़ें…

DMart का शेयर, Q2 नतीजे के बाद होगा रिकवर या इस बात पर आएगा और नीचे?

DMart Share Price: डीमार्ट की पैरेंट कंपनी एवेन्यू सुपरमार्ट्स (Avenue Supermarts Share Price) के शेयर एक कारोबारी दिन पहले खरीदारी के माहौल में भी इंट्रा-डे में टूटकर एक साल के निचले स्तर पर आ गए थे। सितंबर तिमाही के नतीजे आने से पहले की इसके शेयरों की गिरावट अब नतीजे आने के बाद थमेगी या नहीं, इसका खुलासा अब 12 अक्टूबर को मार्केट खुलने पर होगा। सितंबर तिमाही में कंपनी का मुनाफा 8% से अधिक तो रेवेन्यू 17% से अधिक बढ़ गया लेकिन मार्जिन घट गया तो अब शेयरों पर नजर रहेगी। अभी की बात करें तो एक कारोबारी दिन पहले 9 अक्टूबर को बीएसई पर यह ₹3520.00 पर बंद हुआ था।

इंट्रा-डे में यह 2.78% टूटकर एक साल के निचले स्तर ₹3,499.90 तक आ गया था। वहीं घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो शुक्रवार को सेंसेक्स (Sensex) 879.09 प्वाइंट्स यानी 1.22% की बढ़त के साथ 72.472.33 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 288.65 प्वाइंट्स यानी 1.29% के उछाल के साथ 22,520.45 पर बंद हुआ था।

DMart की Avenue Supermarts के लिए कैसी रही सितंबर तिमाही

एवेन्यू सुपरमार्ट्स का कंसालिडेटेड नेट प्रॉफिट सितंबर तिमाही में सालाना आधार पर 8.5% उछलकर ₹743.5 करोड़ पर पहुंच गया।

10 अक्टूबर को एक्सचेंज फाइलिंग में दी गई जानकारी के मुताबिक इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू 17.8% बढ़कर ₹19,644 करोड़ पर पहुंच गया।

ऑपरेटिंग लेवल पर ईबीआईटीडी भी इस दौरान 15% बढ़कर ₹1,394 करोड़ हो गया लेकिन मार्जिन 7.3% से 7% पर आ गया।

डीमार्ट के ब्रिक-एंड-मोर्टार बिजनेस को लेकर कंपनी के एमडी और सीईओ अंशुल अश्व का कहना है कि दो या इससे पुराने स्टोर्स की संख्या सितंबर तिमाही में सालाना आधार पर 6.8% से बढ़कर 9.5% हो गई

सितंबर तिमाही में कंपनी ने 15 नए स्टोर खोले और अब इसके कुल 518 स्टोर्स हो गए। इसमें नवी मुंबई का वह स्टोर भी है, जो फिलहाल रीकंस्ट्रक्शन के चलते ग्राहकों के लिए बंद है।

एक साल में कैसी रही शेयरों की चाल

डीमार्ट के शेयरों ने निवेशकों को तगड़ा शॉक दिया है। 17 अप्रैल 2026 को बीएसई पर यह एक साल के हाई 4,642.00 पर था। इस हाई लेवल से छह ही महीने में 24.60% टूटकर 9 अक्टूबर 2026 को ₹3,499.90 पर आ गया, जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है।

GDP ग्रोथ रेट 7% से ज्यादा, फिर लगातार क्यों गिर रहा भारत का शेयर बाजार?

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

अमेरिका में अंधाधुंध फायरिंग, बच्चों समेत 9 की मौत:आरोपी ने खुद को भी गोली मारी, इस साल मास शूटिंग में 320 से ज्यादा मौतें

अमेरिका के पेंसिल्वेनिया राज्य में शुक्रवार शाम हुई अंधाधुंध फायरिंग में बच्चों समेत 9 लोगों की मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, संदिग्ध हमलावर भी मृत मिला। आशंका है कि उसने खुद को गोली मारी। घटना एरी शहर की पेरी स्ट्रीट पर हुई। अमेरिकी न्यूज चैनल WCVB के मुताबिक, 24 सितंबर तक इस साल अमेरिका में मास शूटिंग की 343 घटनाएं दर्ज की गई थीं। इन घटनाओं में 320 से ज्यादा लोगों की मौत हुई। पुलिस को सड़क पर दो महिलाओं के शव मिले NBC फिलाडेल्फिया की रिपोर्ट के मुताबिक 9 अक्टूबर को शाम करीब 5 बजे पुलिस को एरी शहर की पेरी स्ट्रीट पर गोलीबारी की सूचना मिली। चश्मदीदों ने बताया कि एक व्यक्ति ने घर के बाहर गोलियां चलाईं और फिर अंदर चला गया। मौके पर पहुंची पुलिस को सड़क पर दो महिलाओं के शव मिले। रिपोर्ट के मुताबिक इनमें से एक महिला गर्भवती थी। इसके बाद पुलिस और खास कमांडो टीम (SWAT) ने घर को घेर लिया। इसी दौरान घर के अंदर से और गोलियां चलने की आवाजें सुनाई दीं। बाद में जब पुलिस घर के अंदर दाखिल हुई, तो वहां सात और लोगों के शव मिले। इनमें बच्चे भी शामिल थे। संदिग्ध हमलावर भी घर के अंदर मृत मिला। पुलिस ने आरोपी की पहचान नहीं बताई पुलिस मामले की जांच में जुटी है। फिलहाल आरोपी की पहचान उजागर नहीं की है। गोलीबारी क्यों की गई इसकी वजह भी अभी सामने नहीं आई है। अधिकारियों के मुताबिक, जांच जारी है। फिलहाल घटना के पीछे की वजह को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है। इस साल अमेरिका में हुई गोलीबारी की बड़ी घटनाएं 1 मार्च – टेक्सास: ऑस्टिन में एक बार के बाहर गोलीबारी हुई। इस घटना में 3 लोगों की मौत हुई और 14 लोग घायल हुए। 19 अप्रैल – लुइसियाना: एक व्यक्ति ने दो घरों में गोलीबारी कर 8 बच्चों की हत्या कर दी। बाद में पुलिस के साथ मुठभेड़ के दौरान उसकी भी मौत हो गई। 23 अगस्त – मोंटाना: एक व्यक्ति ने परिवार के साथ रविवार का खाना खाते समय गोलीबारी की। इसमें 8 रिश्तेदारों की मौत हो गई, जिनमें 4 बच्चे थे। बाद में घर में आग लग गई। आरोपी की भी मौत हो गई। 4 अक्टूबर – जॉर्जिया: एक पार्टी के दौरान गोलीबारी में 2 लोगों की मौत हो गई और करीब 35 लोग घायल हुए। ——————– यह खबर भी पढ़ें… अमेरिका में पहली बार टीवी पर सजा-ए-मौत लाइव: 16 साल पहले जहां 13 लोगों की जान ली अमेरिका में पहली बार मौत की सजा को लाइव टीवी पर दिखाया जाएगा। पूर्व आर्मी मेजर निदाल हसन को गोली मारकर मौत की सजा दी जाएगी। पूरी खबर पढ़ें…

अब आयुष डॉक्टरों को मिलेगी इमरजेंसी और वेलनेस की स्पेशल ट्रेनिंग, भारत-UK मिलकर जानिए क्या करेंगे

भारत और UK के बीच हेल्थकेयर सेक्टर में सहयोग बढ़ाने के लिए एक नई पहल की घोषणा की गई है। इस पहल के तहत, आयुष डॉक्टरों को अस्पतालों में मरीजों की देखभाल करने, इमरजेंसी प्रबंधन और बीमारी की रोकथाम के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए ट्रेनिंग दी जाएगी। आयुष मंत्रालय के साथ मिलकर मारिंगो एशिया हॉस्पिटल्स और BAPIO ट्रेनिंग एकेडमी ने इस पहल को शुरू करने की घोषणा की। इसका मकसद डॉक्टरों की क्लिनिकल स्किल्स को बेहतर बनाना और मरीजों की देखभाल में उनकी भूमिका को मजबूत करना है। यह घोषणा 9 अक्टूबर, 2026 को दिल्ली में हुए इंडो-UK हेल्थकेयर कॉन्क्लेव के दूसरे एडिशन में की गई। इस इवेंट का उद्घाटन केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री प्रतापराव गणपतराव जाधव ने किया। दो दिन के इस कॉन्क्लेव में भारत और UK के हेल्थकेयर एक्सपर्ट, डॉक्टर, एकेडमिक्स और पॉलिसीमेकर्स एक साथ आए।

6 महीने के होंगे दो सर्टिफिकेट प्रोग्राम

इस पहल के तहत, आयुष ग्रेजुएट और पोस्टग्रेजुएट डॉक्टरों के लिए छह महीने के दो सर्टिफिकेट प्रोग्राम बनाए गए हैं। पहला प्रोग्राम एक्यूट केयर और इमरजेंसी सपोर्ट के लिए है, और दूसरा लाइफस्टाइल हेल्थ और वेल-बीइंग काउंसलिंग और प्रैक्टिस के लिए है। ये प्रोग्राम अस्पतालों में स्पेशलिस्ट की देखरेख में एकेडमिक और प्रैक्टिकल दोनों तरह की ट्रेनिंग देंगे। पहला प्रोग्राम इमरजेंसी और क्रिटिकल केयर की जरूरतों पर फोकस करेगा। डॉक्टरों को हालत बिगड़ने के शुरुआती लक्षणों को पहचानने, सीनियर स्पेशलिस्ट को तुरंत बताने और जरूरत पड़ने पर मरीजों को सही इलाज के लिए रेफर करने जैसी स्किल्स सिखाई जाएंगी। इसके अलावा, मरीज की सुरक्षा, मेडिकल रिकॉर्ड बनाए रखने, हेल्थकेयर वर्कर्स के साथ कोऑर्डिनेट करने और अस्पताल में इमरजेंसी से जुड़े कामों में मदद करने की ट्रेनिंग दी जाएगी।

बीमारियों से बचाव और लाइफस्टाइल पर भी फोकस

दूसरा सर्टिफिकेट प्रोग्राम लोगों को हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाने के लिए जागरूक करने पर फोकस करेगा। इसमें डाइट, रोजाना की फिजिकल एक्टिविटी, अच्छी नींद, स्ट्रेस मैनेजमेंट और हेल्थ चेकअप जैसे टॉपिक शामिल होंगे। यह प्रोग्राम डॉक्टरों को मरीजों को सही हेल्थ जानकारी देने और उनकी आदतों में जरूरी बदलाव करने में गाइड करने के लिए ट्रेन करेगा। यह जरूरत पड़ने पर मरीजों को संबंधित स्पेशलिस्ट के पास रेफर करने पर भी फोकस करेगा। इस ट्रेनिंग का मकसद हॉस्पिटल के वेलनेस डिपार्टमेंट, बीमारी से बचाव के प्रोग्राम और कम्युनिटी हेल्थ सर्विस में डॉक्टरों की भूमिका को बेहतर बनाना है।

मरीजों की देखभाल बेहतर बनाने पर जोर

यूनियन मिनिस्टर ऑफ स्टेट AYUSH, प्रतापराव गणपतराव जाधव ने कहा कि भारत के पास पारंपरिक चिकित्सा व्यवस्था में बहुत अनुभव है, जबकि UK के पास मरीज सुरक्षा, इलाज की गुणवत्ता और सिस्टमैटिक हॉस्पिटल प्रोसेस में विशेषज्ञता है। दोनों देशों के बीच सहयोग से स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर हो सकती हैं।

मैरिंगो एशिया हॉस्पिटल्स के ग्रुप मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO डॉ. राजीव सिंघल के मुताबिक, इस साझेदारी का मेन मकसद ट्रेनिंग और जानकारी के आदान-प्रदान के जरिए स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना है। BAPIO ट्रेनिंग एकेडमी के CEO प्रो. पराग सिंघल ने कहा कि दोनों देशों के बीच शेयर्ड ट्रेनिंग और असेसमेंट से डॉक्टरों की स्किल्स को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है। इस पहल से हॉस्पिटल्स में ट्रेनिंग, एजुकेशन और क्लिनिकल काम से जुड़े अनुभव शेयर किए जाएंगे। इसका मकसद डॉक्टरों की काबिलियत को बढ़ाना और पेशेंट्स को सेफ और एफिशिएंट हेल्थकेयर देने में कंट्रीब्यूट करना है।

दिल्ली से शुभांगी तिवारी की रिपोर्ट

रेलवे को भारी पड़ी रिजर्व कोच से यात्री के सामान की चोरी, दिल्ली के कंज्यूमर कमिशन ने सुनाया 1.45 लाख रुपये हर्जाना देने का आदेश

Reliance Digital Sale: iPhone 15, 16 और 17 पर बंपर ऑफर, जानें किसकी कितनी है कीमत

Reliance Digital Sale: अगर आप नया iPhone खरीदने का प्लान बना रहे हैं, तो आपके लिए अच्छी खबर है। Reliance Digital की ‘Festival of Electronics’ सेल में Apple के चुनिंदा iPhone मॉडल्स पर खास ऑफर मिल रहे हैं। इस सेल में iPhone 17 को 68,899 रुपये की प्रभावी कीमत पर खरीदा जा सकता है। वहीं, iPhone 15 और iPhone 16 भी कम कीमत पर खरीदने का मौका मिल रहा है।

कंपनी के मुताबिक, ये ऑफर 9 अक्टूबर से शुरू हो चुके हैं और फिलहाल सिर्फ Reliance Digital के स्टोर्स पर उपलब्ध हैं। सेल में iPhone 15 (128GB) की प्रभावी कीमत 55,399 रुपये और iPhone 16 (128GB) की कीमत 65,399 रुपये है। वहीं, iPhone 17 (256GB) को 68,899 रुपये में खरीदा जा सकता है।

ध्यान देने वाली बात यह है कि ये प्रभावी कीमतें बैंक कैशबैक और पुराने फोन को एक्सचेंज करने पर मिलने वाले बोनस को जोड़कर बताई गई हैं। ऐसे में आपको वास्तव में कितनी कीमत चुकानी होगी, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि आप किन ऑफर्स का फायदा उठा सकते हैं और आपके पुराने फोन की एक्सचेंज वैल्यू कितनी है।

Reliance Digital पर iPhone 17 की कीमत

Reliance Digital पर 256GB स्टोरेज वाले iPhone 17 की खास कीमत ₹79,899 है। ग्राहक इस फोन पर ₹3,000 का बैंक कैशबैक और ₹8,000 तक का एक्सचेंज बोनस पा सकते हैं, जिससे इसकी असरदार कीमत घटकर ₹68,899 हो जाएगी।

iPhone 17 में ProMotion टेक्नोलॉजी और 120Hz तक के रिफ्रेश रेट वाला 6.3-इंच का डिस्प्ले है। यह Apple की A19 चिप पर चलता है और इसमें दो 48MP कैमरों वाला डुअल रियर कैमरा सिस्टम है।

Reliance Digital पर iPhone 16 की कीमत

Reliance Digital की सेल में iPhone 16 भी एक अच्छा विकल्प हो सकता है। कंपनी के स्टोर पर इसके 128GB वेरिएंट की कीमत 69,899 रुपये है। हालांकि, बैंक कैशबैक और पुराने फोन को एक्सचेंज करने पर मिलने वाले बोनस का फायदा उठाकर इसे कम कीमत में खरीदा जा सकता है।

इस स्मार्टफोन में Apple की A18 चिप लगी है और इसमें 6.1-इंच का Super Retina XDR डिस्प्ले है। इसके कैमरा सेटअप में 48MP का फ्यूजन मेन कैमरा और 12MP का अल्ट्रा-वाइड कैमरा शामिल है। iPhone 16 में Apple इंटेलिजेंस फीचर्स भी मिलते हैं, जो सॉफ्टवेयर और इलाके के हिसाब से उपलब्ध होंगे।

Reliance Digital पर iPhone 15 की कीमत

128GB स्टोरेज वाले iPhone 15 की कीमत ₹59,899 रखी गई है। ग्राहक ₹1,500 का बैंक कैशबैक और ₹3,000 तक का एक्सचेंज बोनस पा सकते हैं, जिससे इसकी प्रभावी कीमत ₹55,399 हो जाती है।

iPhone 15 में 6.1-इंच का सुपर रेटिना XDR डिस्प्ले है और यह Apple की A16 बायोनिक चिप पर चलता है। इसमें डुअल रियर कैमरा सिस्टम है, जिसमें 48MP का मेन कैमरा और 12MP का अल्ट्रा-वाइड कैमरा शामिल है।

क्या आपको सेल के दौरान iPhone खरीदना चाहिए?

तीनों में से iPhone 15 सबसे कम कीमत वाला ऑप्शन है, जबकि iPhone 16 में नया प्रोसेसर और Apple Intelligence का सपोर्ट मिलता है। iPhone 17 में 256GB स्टोरेज और 120Hz डिस्प्ले है, जो इसे नया हार्डवेयर चाहने वाले खरीदारों के लिए एक अच्छा ऑप्शन बनाता है।

यह भी पढ़ें: Amazon Great Indian Festival Sale: ₹60,000 से कम में मिल रहे ये धांसू स्मार्टफोन्स, फीचर्स में हैं दमदार