कोलकाता चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल हादसा, 49 सेकंड के वीडियो में दिखा भगदड़ का भयानक मंजर!

कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में शनिवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। चोरेबागान दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ में 19 लोगों की मौत हो गई। इस हादसे में 25 लोग घायल हैं, जिसमें से कुछ की हालत गंभीर भी बताई जा रहा है। वहीं पश्चिम बंगाल सरकार ने इस हादसे के जांच के आदेश दिए हैं। जांच के दौरान हादसे के कारणों और उस समय की परिस्थितियों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। इसी बीच इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है।

अनाउंसमेंट बनी 19 मौतों की वजह!

सामने आई एक ऑडियो रिकॉर्डिंग में अनाउंसर लोगों से बार-बार पंडाल से बाहर जाने वाले रास्ते का इस्तेमाल करने की अपील करता सुनाई दे रहा है। बताया जा रहा है कि उस समय तेज बारिश हो रही थी, जिसके चलते बड़ी संख्या में लोगों ने बारिश से बचने के लिए पंडाल के अंदर शरण ली थी। इसके बाद वहां भीड़ बढ़ गई और लोगों को बाहर निकलने के लिए रास्ते का इस्तेमाल करने की हिदायत दी जाने लगी। पंडाल के बाहर खड़े लोगों को अंदर मौजूद लोगों से अलग निर्देश दिए जा रहे थे। बाहर इंतजार कर रहे लोगों को पंडाल के पास आने से रोका जा रहा था और अनाउंसमेंट के जरिए बताया जा रहा था कि पंडाल का एक हिस्सा गिरने का खतरा है।

 

इसके बावजूद बारिश से बचने और पंडाल में एंट्री करने के लिए लोगों की कतार आगे बढ़ती रही और भीड़ का दबाव बढ़ गया। जहां बाहर खड़े लोग अंदर जाने की कोशिश कर रहे थे, वहीं पंडाल के अंदर मौजूद लोग बाहर निकलना चाहते थे। इस स्थिति के कारण वहां अफरा-तफरी मच गई और हालात खतरनाक हो गए।

49 सेकेंड के वीडियो में दिखा ये नजारा

करीब 49 सेकंड के एक अन्य वीडियो में देखा जा सकता कि एक संकरी गली में बड़ी संख्या में लोग फंसे हुए हैं। गली की छत नीची है और चारों तरफ बैरिकेड्स लगे हुए हैं। वीडियो में महिलाएं और बच्चे मदद के लिए आवाज लगाते सुनाई दे रहे हैं। भीड़ इतनी ज्यादा है कि लोगों के पास हिलने-डुलने तक की जगह नहीं बची और कुछ लोग बैलेंस बनाए रखने के लिए दीवारों का सहारा लेते नजर आए। वहीं, एक दूसरे वीडियो में बारिश के बीच लोग छाते लेकर पंडाल की ओर जाते दिखाई दे रहे हैं।

पुलिस कर रही जांच

पुलिस अब उस अनाउंसमेंट की जांच कर रही है, जिसमें पंडाल के गिरने का खतरा बताया गया था। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक, ये पता लगाया जा रहा कि यह घोषणा किसने की और इसके पीछे क्या वजह थी। जांच के दौरान पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज जुटाए हैं और चश्मदीदों के साथ-साथ आसपास रहने वाले लोगों के बयान भी दर्ज किए हैं। अब तक मिली जानकारी से संकेत मिलता है कि पंडाल में भीड़ को संभालने के लिए किए गए इंतजामों में गंभीर कमियां थीं।

बता दें कि, शनिवार को सप्तमी के मौके पर पंडाल में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जमा हो गई थी। दुर्गा पूजा के दस दिवसीय उत्सव में इस दिन का खास महत्व होने के कारण बड़ी संख्या में लोग दर्शन करने पहुंचे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, उस समय तेज बारिश हो रही थी और रोशनी भी कम थी। इसके अलावा, लोगों को पंडाल में प्रवेश करने के लिए करीब 90 मिनट तक कतार में इंतजार करना पड़ा, जिससे भीड़ की परेशानी और बढ़ गई।

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Modi With Olympians

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को मेजर ध्यान चंद स्टेडियम में आइची-नागोया एशियाई खेलों में पदक जीतने वाले भारतीय खिलाड़ियों से मुलाकात करके कहा कि यह सफलता अकेले उनकी नहीं बल्कि करोड़ों देशवासियों की है।इस मौके पर एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय पुरूष और महिला हॉकी और क्रिकेट टीमों ने अपने हस्ताक्षर वाली जर्सी प्रधानमंत्री को भेंट की।

प्रधानमंत्री मोदी ने खिलाड़ियों की सराहना करते हुए कहा, ‘‘इतने सारे पदकवीर से एक साथ मिलना मामूली बात नहीं है। आप सभी युवा एथलीट इस बात का उदाहरण है कि जुनून जब जीत में बदलता है तो कैसे पदक के साथ चेहरे की चमक भी लेकर आता है। ’’प्रधानमंत्री मोदी ने महिला हॉकी टीम की प्रशंसा करते हुए कहा, ‘‘महिला हॉकी टीम ने एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक लाकर 44 साल के लंबे इंतजार को खत्म किया है। ’’

उन्होंने कहा, ‘‘संकल्प और सपने एक दिन में पूरे नहीं होते बल्कि इसके लिए वर्षों का धैर्य और लगातार परिश्रम अनिवार्य होता है। देश में बदलाव उसी भावना से आया है जिसकी बदौलत आपने सफलता हासिल की है।’’

उन्होंने कहा,‘‘ बीते दस बारह वर्षों में देश ने लगन और निष्ठा से लगातार प्रयास किए हैं। आज हर खिलाड़ी को यह भरोसा रहता है कि उसके पूरे सफर में देश उसके साथ है और इसकी वजह से वह देश के लिए क्या करके दिखाता है, आप सभी इसके उत्तम उदाहरण हैं। ’’भारत ने आइची नागोया एशियाई खेलों में 21 स्वर्ण समेत 85 पदक जीतकर चौथा स्थान हासिल किया।

जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियाई खेलों में भारत ने पदक तालिका में चौथा स्थान हासिल किया और 21 स्वर्ण, 27 रजत तथा 37 कांस्य सहित कुल 85 पदक जीते। यह एशियाई खेलों में लगातार दूसरी बार शीर्ष पांच देशों में जगह बनाने का प्रमाण है, जो विभिन्न खेल विधाओं में देश की बढ़ती प्रतिस्पर्धात्मकता को दर्शाता है।

Hyundai to invest USD 15.5 billion in India by 2032

Hyundai to invest USD 15.5 billion in India by 2032
Hyundai

Hyundai has announced plans to invest USD 15.5 billion in India between 2026 and 2032. The investment will cover research and development, manufacturing capacity, local supplier development and businesses such as electric vehicle charging and automotive financing. The announcement follows a meeting between prime minister Narendra Modi and Hyundai Motor Group executive chair Euisun Chung in New Delhi on October 13.

“India remains one of Hyundai Motor Group’s most important and strategic markets globally. The past 30 years have been defined by our commitment to India. This investment reaffirms our commitment to India for the next 30 years and beyond,” Chung said.

Hyundai investment: R&D and manufacturing plans

The company plans to invest around USD 700 million in its Indian R&D centre, including a vehicle testing track. The investment is intended to expand engineering facilities and support the development of automotive technologies and local talent.

The group also plans to increase manufacturing capacity across Hyundai and Kia. Their combined annual production capacity in India currently exceeds 1.4 million vehicles, across Hyundai’s facilities in Chennai and Pune, and Kia’s plant in Anantapur.

Capacity at Hyundai’s Pune facility is scheduled to increase in phases. The group is also assessing a third manufacturing location to meet its longer-term requirements. 

Our sister publication, Autocar Professional reported on September 29 that Chhatrapati Sambhaji Nagar in Maharashtra and Sanand in Gujarat were among the locations under consideration. According to people familiar with the plans, the proposed facility could eventually add around 500,000 units of annual capacity, with investment potentially exceeding USD 2 billion over time. The plant could come up around 2030, with capacity added in phases over five to seven years. The October 13 announcement did not confirm the location, investment schedule or additional capacity.

The company will also invest in local suppliers and regional partners to increase parts localisation and strengthen its supply chain. It plans to establish a dedicated investment entity in India to oversee the programme and identify suppliers, technology partners and investment opportunities.

Hyundai to explore new mobility businesses

Beyond vehicle manufacturing, Hyundai Motor Group plans to explore automotive financing, EV charging infrastructure and end-of-life vehicle recycling. It also intends to support promising start-ups and expand into mobility services linked to its vehicle business.

Hyundai is developing electric three-wheelers with TVS Motor Company under a joint development agreement. The partnership is aimed at commercialising electric three-wheelers for India and other markets.

The group said the investment programme is expected to create employment in manufacturing, R&D, engineering and supply chains, including through suppliers and new mobility businesses. It currently employs more than 24,000 people across India.

Hyundai Motor Group has not disclosed how the USD 15.5 billion investment will be divided between Hyundai and Kia, or how much will be allocated to individual projects.

‘जनसेवा से राष्ट्रसेवा’ तक PM मोदी के 25 साल, वाराणसी से वडनगर सेवा यात्रा का भव्य समापन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जनसेवा और समर्पण के 25 साल पूरे होने के मौके पर ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत निकाली गई ‘वाराणसी से वडनगर सेवा यात्रा’ का बुधवार को वडनगर में समापन हुआ। इस अवसर पर वडनगर में गौरवपूर्ण समापन समारोह आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी और उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी मौजूद रहे। इस दौरान अलग-अलग राज्यों से पहुंचे बाइकर्स और सेवा यात्रियों का स्वागत किया गया और उन्हें सम्मानित भी किया गया।

सीएम ने क्या कहा

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने ‘वाराणसी से वडनगर सेवा यात्रा’ के समापन अवसर पर कहा कि, “7 अक्टूबर, 2001 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर सेवा दायित्व संभाला था। आज प्रधानमंत्री ने लगातार 25 वर्षों तक जनसेवा और सुशासन का दायित्व निभाकर देश में सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले जननायक बनने का गौरव हासिल किया है। ” सीएम ने आगे कहा, “प्रधानमंत्री ने सत्ता को पद के बजाय सेवा का माध्यम माना और गरीबों, मध्यम वर्ग, किसानों, महिलाओं और युवाओं के विकास पर जोर दिया।”

भारत की ताकत दुनिया के सामने मजबूत

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने आगे कहा कि, “गुजरात में वाइब्रेंट गुजरात समिट, स्टैच्यू ऑफ यूनिटी, बुलेट ट्रेन, GIFT City और सेमीकंडक्टर हब जैसे बड़े प्रोजेक्ट मोदी के विकास के विजन को दिखाते हैं। पीएम मोदी के नागरिक-केंद्रित शासन के चलते देश में करीब 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए हैं और भारत दुनिया की पांच बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो गया है।” उन्होंने कहा कि, “कोरोना के दौरान वैक्सीन की मदद, ग्रीन एनर्जी के लक्ष्यों, अनुच्छेद 370 हटाने, आतंकवाद के खिलाफ सख्त नीति और अंतरिक्ष व रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता जैसे कदमों से भारत की ताकत दुनिया के सामने मजबूत हुई है। पटेल ने प्रधानमंत्री को जनसेवा के 25 साल पूरे होने पर बधाई दी और कहा कि विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को पूरा करने में गुजरात की युवा शक्ति अहम भूमिका निभाएगी।”

देश की सेवा में एक भी दिन नहीं किया आराम

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 7 अक्टूबर को ऐतिहासिक दिन बताते हुए कहा कि इसी दिन 2001 में नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में अपनी जनसेवा की शुरुआत की थी। उन्होंने कहा कि, “पीएम मोदी ने पिछले 25 वर्षों में बिना एक भी दिन आराम किए देश के विकास और गरीबों के कल्याण के लिए काम किया।” चौहान ने कोरोना संकट और आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई के दौरान प्रधानमंत्री के नेतृत्व की भी सराहना की।” उन्होंने कहा कि, “नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत तेजी से दुनिया में अपनी मजबूत पहचान बना रहा है और विश्वगुरु बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। वाराणसी से वडनगर तक बाइक रैली के जरिए पहुंचे युवाओं की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि देश के युवाओं में देशभक्ति और राष्ट्रसेवा की भावना होनी चाहिए और उन्हें विकास के रास्ते पर आगे बढ़ना चाहिए।”

मद् भगवद् गीता के श्लोकों का उल्लेख करते हुए केंद्रीय मंत्री ने प्रधानमंत्री के व्यक्तित्व की सराहना करते हुए कहा कि गीता में बताए गए ‘सात्विक कर्ता’ के सभी गुण प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी में दिखाई देते हैं। वे राग-द्वेष और अहंकार से परे रहकर धैर्य के प्रतीक बन गए हैं।

पश्चिम बंगाल के सीएम ने क्या कहा

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने वडनगर पहुंचने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जन्मभूमि को नमन करते हुए कहा कि, इस धरती ने देश को एक दूरदर्शी नेता दिया है। उन्होंने कहा कि, प्रधानमंत्री के नेतृत्व में ‘राष्ट्र प्रथम’ और गरीब कल्याण को ध्यान में रखते हुए देश में विकास और सुशासन को बढ़ावा मिला। अधिकारी के मुताबिक, किसान कल्याण, ग्रामीण विकास, सड़क और रेलवे के विस्तार, पीएम आवास योजना, पीएम किसान सम्मान निधि और उड़ान योजना जैसी योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंच रहा है।

उन्होंने कहा कि 2047 तक विकसित भारत बनाने के लक्ष्य को पूरा करने के लिए देशभर के लोग एकजुट होकर आगे बढ़ रहे हैं। अधिकारी ने वाराणसी से वडनगर तक निकाली गई सेवा यात्रा को देश की एकता, सामाजिक सद्भाव और सांस्कृतिक जुड़ाव को मजबूत करने वाला प्रयास बताया।

सेवा यात्रा के समापन कार्यक्रम में गुजरात बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष और निकोल विधायक जगदीश विश्वकर्मा ने देश के अलग-अलग हिस्सों से पहुंचे बाइकर्स और युवाओं का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि, “7 अक्टूबर 2001 को नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभाली थी और अब उनकी जनसेवा के 25 साल पूरे हो गए हैं। इस यात्रा के दौरान युवाओं को सरकार की अलग-अलग योजनाओं के लाभार्थियों से सीधे बातचीत करने का मौका मिला।” विश्वकर्मा ने कहा कि, “मोदी का 25 साल का सार्वजनिक जीवन ‘जनसेवा और राष्ट्रसेवा’ के प्रति समर्पण का उदाहरण है। उनके नेतृत्व में देश के विकास, सुशासन और आर्थिक मजबूती के लिए कई महत्वपूर्ण काम हुए हैं, जिससे भारत की वैश्विक पहचान भी मजबूत हुई है।

पीएम मोदी के 25 साल के जनसेवा का सफर

‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 साल के जनसेवा के सफर को लोगों तक पहुंचाने के लिए वाराणसी से वडनगर तक सेवा यात्रा निकाली गई। इस यात्रा में 500 बाइकर्स और कई युवा शामिल हुए, जिन्होंने 10 राज्यों के गांवों और शहरों में पहुंचकर सफाई अभियान, पौधारोपण, नशामुक्ति और लोगों से संवाद जैसे सामाजिक काम किए। अभियान से बड़ी संख्या में लोग जुड़े और पीएम नरेंद्र मोदी ने भी ऑनलाइन युवाओं का उत्साह बढ़ाया। यात्रा के दौरान वडनगर के शर्मिष्ठा तालाब का जल काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचाया गया, जबकि वाराणसी से लाए गए पवित्र जल से वडनगर के हाटकेश्वर महादेव मंदिर में अभिषेक किया गया। इस पहल के जरिए वाराणसी और वडनगर के बीच आध्यात्मिक और सांस्कृतिक जुड़ाव को भी दर्शाया गया।

कौन-कौन था मौजूद

सेवा यात्रा के समापन समारोह में राज्य सरकार के मंत्री सर्व ऋषिकेशभाई पटेल, कौशिकभाई वेकरिया, प्रवीणभाई माली, कमलेशभाई पटेल, गुजरात प्रदेश प्रभारी तरुण चुग, सांसद सर्व हरिभाई पटेल, मयंक नायक, राजेंद्रभाई शुक्ल, मध्य प्रदेश के सांसद वी.डी. शर्मा, मेहसाणा जिला पंचायत अध्यक्ष नितिनभाई पटेल, विधायक सर्व किरीटभाई पटेल, मुकेशभाई पटेल, सरदारभाई चौधरी, सुखाजी ठाकोर, राजेश चावड़ा, पूर्व उप मुख्यमंत्री नितिनभाई पटेल, मेहसाणा दूध सागर डेयरी के चेयरमैन अशोकभाई चौधरी, मेहसाणा डिस्ट्रिक्ट बैंक के चेयरमैन विनोदभाई पटेल, वडनगर नगर पालिका अध्यक्ष, सेवा संकल्प अभियान गुजरात प्रदेश प्रभारी और पूर्व मंत्री ब्रिजेश मेरजा, भाजपा प्रदेश महामंत्री प्रशांतभाई कोराट, उपाध्यक्ष नटुजी ठाकोर, अग्रणी भरतभाई पंड्या, सीताबेन पटेल, गिरीशभाई राजगोर, मेहसाणा जिला प्रभारी भरतभाई डांगर सहित बाइकर्स, प्रबुद्ध नागरिक और बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

‘2047 तक विकसित भारत, हम करके दिखाएंगे’ जनसेवा के 25 साल पूरे होने पर PM मोदी का बड़ा संकल्प

PM Modi: राजनीति में लंबा सफर तय करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को जनसेवा में अपने 25 साल पूरे किए। इस मौके पर उन्होंने पीछे मुड़कर उपलब्धियों को याद करने के बजाय भारत के विकास के लक्ष्य को दोहराते हुए कहा “2047 तक विकसित भारत, हम इसे करके दिखाएंगे!”

दिल्ली में आयोजित ‘विकसित भारत संकल्प सभा’ को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने विकसित और आत्मनिर्भर भारत बनाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। साथ ही उन्होंने देश के लोगों का लगातार भरोसा और समर्थन देने के लिए आभार भी जताया।

पीएम मोदी ने कार्यक्रम में कहा, “2047 तक विकसित भारत, हम इसे करके दिखाएंगे! इसके साथ ही उन्होंने आत्मनिर्भर भारत, भारत को ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने, ओलंपिक की मेजबानी करने और अंतरिक्ष के क्षेत्र में आगे बढ़ने जैसे लक्ष्यों का जिक्र किया। पीएम मोदी ने कहा कि इन लक्ष्यों को लेकर देश में जो ऊर्जा और आत्मविश्वास दिखाई दे रहा है, वह बेहद खास है।

प्रधानमंत्री की ये बातें तब सामने आईं जब उन्होंने सरकार के प्रमुख के तौर पर 25 साल पूरे किए। यह सफर 7 अक्टूबर, 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेने के साथ शुरू हुआ था। इसके बाद, 2014 में वे प्रधानमंत्री बने और तब से अब तक तीन कार्यकाल पूरे कर चुके हैं।

पीएम मोदी ने कहा, “जब मैंने 7 अक्टूबर, 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली थी, तो मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं कभी इस मुकाम तक पहुंचूंगा।”

उन्होंने कहा, “आज मैंने लगातार 25 वर्षों की सेवा पूरी कर ली है। यह लोगों के निरंतर आशीर्वाद और समर्थन का परिणाम है।”

‘मैं अपने देश के लोगों के सामने सिर झुकाता हूं’

पीएम मोदी ने अपनी 25 साल की यात्रा में लोगों को सबसे अहम माना और कहा कि यह उपलब्धि उनकी अपनी कामयाबी नहीं, बल्कि नागरिकों से मिले भरोसे और आशीर्वाद का नतीजा है।

पीएम मोदी ने कहा, “मैं देश के सभी लोगों का शुक्रिया अदा करता हूं।” उन्होंने आगे कहा, “मैं अपने देश के लोगों के सामने सिर झुकाता हूं।”

प्रधानमंत्री ने समर्थन के लिए NDA की सभी पार्टियों का भी धन्यवाद किया।

अपने राजनीतिक सफर के दौरान हुए चुनावों को याद करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि लोगों ने बार-बार उन्हें सेवा करने का मौका दिया।

उन्होंने कहा, “इस दौरान, चाहे विधानसभा चुनाव हों या लोकसभा चुनाव, लोगों ने मुझे अपनी सेवा करने के लिए चुना। आज मैं भारत के लोकतंत्र और संविधान को नमन करता हूं।”

प्रधानमंत्री ने उन लोगों का भी जिक्र किया जिन्होंने उनका विरोध किया था। उन्होंने कहा कि उन लोगों ने उन्हें लोकतंत्र की ताकत समझने में मदद की।

उन्होंने कहा, “जिन लोगों ने मेरा विरोध किया, उन्होंने मुझे लोकतंत्र की ताकत दिखाई।”

‘मेरी जिंदगी में जो कुछ भी हुआ, वह बेकार नहीं गया’

अपनी यात्रा को याद करते हुए PM मोदी ने कहा कि हर अनुभव ने उन्हें कुछ न कुछ सिखाया है।

उन्होंने कहा, “मेरी जिंदगी में जो कुछ भी हुआ, वह बेकार नहीं गया। हर अनुभव ने मुझे कुछ न कुछ सिखाया है।”

उन्होंने यह भी कहा कि अगर उनका मकसद चुनावों के जरिए मशहूर होना होता, तो वे बहुत पहले ही चुनावी राजनीति में आ सकते थे।

PM मोदी ने कहा, “अगर मैं चुनावी राजनीति में चमकना चाहता, तो मैं बहुत पहले ही राजनीति के मैदान में उतर सकता था।”

इसके बजाय, उन्होंने सार्वजनिक जीवन में अपने नजरिए को एक मिशन और कर्तव्य के तौर पर बताया।

उन्होंने कहा, “मैं महत्वाकांक्षा के लिए नहीं, बल्कि एक मिशन के लिए जीने वाला व्यक्ति हूं।”

पीएम मोदी ने आगे कहा, “मेरा ध्यान हमेशा कर्म पर रहता है,” और साथ ही यह भी कहा, “मेरा कर्तव्य ही मेरा धर्म है।” उन्होंने यह भी साफ किया कि वे 25 साल पूरे होने को कोई व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं मानते।

पीएम मोदी ने कहा, “मेरे 25 साल पूरे होने का पड़ाव व्यक्तिगत नहीं है।”

श्री विनायक मंदिर में पूजा-अर्चना

दिन की शुरुआत में, प्रधानमंत्री मोदी ने नई दिल्ली के सरोजिनी नगर स्थित श्री विनायक मंदिर में पूजा-अर्चना की। यह अवसर उनके सरकार के प्रमुख के तौर पर पहली बार कार्यभार संभालने के 25 साल पूरे होने का था।

इस कार्यक्रम में बोलते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने देश, 140 करोड़ भारतीयों और खुद के लिए प्रार्थना की है।

उन्होंने कहा कि उन्होंने देश के लिए और अधिक ऊर्जा के साथ काम करने और साथी नागरिकों की सेवा करने की शक्ति और क्षमता के लिए प्रार्थना की।

प्रधानमंत्री मोदी ने ‘सेवा ज्योति यात्रा’ में भाग लेने वाले नागरिकों को भी बधाई और शुभकामनाएं दीं।

उन्होंने कहा, “आज मैं जो कुछ भी हूं, जहां भी हूं और जिस भी भूमिका में सेवा कर रहा हूं, उसमें सबसे बड़ा योगदान ‘जनता जनार्दन’ का है।”

पीएम मोदी ने आगे कहा की, “मेरे लिए जनता ही ईश्वर का रूप है।”

उन्होंने कहा कि करोड़ों नागरिकों का भरोसा और पार्टी के लाखों कार्यकर्ताओं की अथक मेहनत ही उनकी सबसे बड़ी ताकत रही है।

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गुलमर्ग, कोणार्क और येऊर… स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति को गिफ्ट की गईं ये 3 स्पेशल इंडियन Cheese, जानिए क्या खास है इनमें

स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गाइ परमेलिन तीन दिवसीय भारत दौरे पर है। इस दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में राष्ट्रपति गाइ परमेलिन से मुलाकात की। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति भारत में बनी एक खास चीज (Cheese) गिफ्ट की है। ये तीनों खास चीजें(Cheese) गुलमर्ग, कोणार्क और येऊर है। स्विट्जरलैंड अपनी बेहतरीन चीज की कई किस्मों के लिए दुनियाभर में जाना जाता है।

वहीं भारत भी अब चीज बनाने के क्षेत्र में अपनी पहचान बना रहा है। इन खास भारतीय चीजों के जरिए देश की समृद्ध और तेजी से बढ़ती चीज बनाने की परंपरा की झलक मिलती है। आइए जानते हैं क्या खास है इन तीनों चीज में

गुलमर्ग, फ्रेंच-स्टाइल ब्री

गुलमर्ग की फ्रेंच-स्टाइल ब्री चीज ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खास पहचान बनाई है। यह दिल के आकार की नरम और क्रीमी चीज है, जिसे पाश्चुराइज्ड गाय के दूध से तैयार किया जाता है। इसके ऊपर सफेद रंग की परत होती है और इसका स्वाद हल्का मिट्टी और मशरूम जैसा लगता है। इस चीज को 2026 में आयोजित मुंडियाल डो क्वेजो डो ब्रासिल प्रतियोगिता में सुपर गोल्ड अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है।

कोणार्क, फ्रेंच टॉम-स्टाइल चीज

कोणार्क फ्रेंच टॉम-स्टाइल चीज अपनी खास बनावट और स्वाद के लिए जानी जाती है। इसका छिलका प्राकृतिक और थोड़ा पारंपरिक (देहाती) अंदाज का होता है। ये चीज अंदर से यह नरम होती है। वहीं इसका स्वाद हल्के मिट्टी और नमक जैसा होता है और अंत में नींबू जैसी ताजगी महसूस होती है। इस चीज ने 2023 में नॉर्वे में हुए वर्ल्ड चीज अवॉर्ड्स में गोल्ड और 2025 में स्विट्जरलैंड में सिल्वर मेडल हासिल किया था।

येऊर, माउंटेन-स्टाइल चीज

येऊर एक माउंटेन-स्टाइल चीज़ है, जिसे स्विस ग्रुयेरे चीज़ से प्रेरणा लेकर बनाया गया है। इसे करीब 8-9 महीने तक तैयार किया जाता है, जिससे इसमें हल्का मीठा, नट्स जैसा और जड़ी-बूटियों वाला स्वाद आता है। इसके छिलके को गुलाब की पंखुड़ियों और सौंफ से सजाया जाता है, जो इसे अलग पहचान देता है। ये चीज आसानी से पिघल जाती है, इसलिए इसे फोंडू और ग्रिल की गई डिशेज में इस्तेमाल किया जा सकता है।

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Smit Machchhar: जिस पायलट ने आसमान में टाली तबाही, उसे नेतन्याहू का आया खास न्योता; कैप्टन स्मित संग PM मोदी भी होंगे साथ!

Captain Smit Machchhar: फ्लाईदुबई विमान में हुए हाई-स्टेक्स मिड-एयर हमले के बाद इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर से खास बातचीत की। इस दौरान नेतन्याहू ने संकट की घड़ी में कैप्टन मच्छर के अदम्य साहस और सूझबूझ की जमकर सराहना की। उन्होंने कैप्टन मच्छर और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इजरायल के आगामी स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल होने का औपचारिक न्योता भी दिया। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से शनिवार (3 अक्तूबर) रात फोन पर बातचीत के दौरान कैप्टन स्मित मच्छार ने बताया कि हमले से पहले को-पायलट ने प्रार्थना करने की इच्छा जताई थी। उसका सम्मान करते हुए वह दूसरी ओर मुड़ गए थे।

मच्छार ने बताया कि कुछ मिनट बाद उन्हें सिर के पीछे जोरदार प्रहार महसूस हुआ और इसके बाद उन पर लगातार हमले किए गए। नेतन्याहू ने उनसे कहा कि इतनी कठिन परिस्थितियों में उनके साहस और संयम बनाए रखने की क्षमता से वह हैरान हैं। उन्होंने कहा, “आपने इतनी सारी जानें बचाईं… आपने दुनिया की आत्मा को बचाया।”

उन्होंने कहा, “मैं आपको और मेरे प्रिय मित्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हमारे अगले स्वतंत्रता दिवस पर जश्न की मशाल जलाने के लिए आमंत्रित करना चाहता हूं। आप भारत और इज़राइल के बहादुर लोगों के सच्चे हीरो हैं। आप पूरी दुनिया के हीरो हैं। मैं आपके जल्द और पूरी तरह से ठीक होने की कामना करता हूं।”

नेतन्याहू ने आगे कहा, “आम तौर पर यह सम्मान इज़राइली नागरिकों को ही दिया जाता है। लेकिन मुझे लगता है कि इस मामले में इजरायल के सभी नागरिक आपका स्वागत करेंगे। इसलिए हमें उम्मीद है कि आप जल्द ही इजरायल आएंगे… मैं आपको यहां फिर से देखने के लिए उत्सुक हूं। लेकिन मौजूदा हालात को देखते हुए मुझे लगता है कि यह यात्रा यादगार और ऐतिहासिक होगी।”

कॉकपिट में अचानक हुआ हमला

कैप्टन स्मित मच्छार ने नेतन्याहू को उस खौफनाक घटना के बारे में बताया, जब फ्लाईदुबई की उड़ान सामान्य रूप से आगे बढ़ रही थी। इसी दौरान उनके को-पायलट ने प्रार्थना करने की अनुमति मांगी। मच्छार ने बताया कि स्थानीय क्रू सदस्यों के लिए यह सामान्य बात थी, इसलिए उन्होंने पेशेवर रवैया अपनाते हुए अपना ध्यान उड़ान पर बनाए रखा। लेकिन करीब चार-पांच मिनट बाद उनके सिर के पीछे जोरदार हमला हुआ।

उन्होंने कहा कि शुरुआत में उन्हें लगा कि शायद विमान में कोई गंभीर तकनीकी खराबी हुई है। लेकिन जल्द ही उन्हें एहसास हुआ कि कॉकपिट के अंदर ही उन पर हमला किया जा रहा है। हमले के बाद उनकी आंखों के सामने धुंध छाने लगी और वह बुरी तरह भ्रमित हो गए। इसी दौरान विमान तेजी से नीचे की ओर जाने लगा। कॉकपिट के फर्श पर पड़े होने के बावजूद उन पर लगातार वार किए जाते रहे।

‘अगर दरवाजा नहीं खोलता तो मेरी मौत हो जाती’

कैप्टन मच्छर ने बताया कि उस वक्त उन्हें एहसास हुआ कि विमान को बचाने का एकमात्र रास्ता कॉकपिट का दरवाजा खोलना था। उन्होंने अपनी बची हुई ताकत जुटाई और दरवाजे की तरफ बढ़ने का फैसला किया। उन्होंने कहा, “मेरे अंदर बस एक आखिरी लड़ाई बाकी थी। आप इसे निजी लड़ाई कहें या लोगों के लिए लड़ाई। लेकिन मैंने सोचा कि अगर मैंने ऐसा नहीं किया तो मैं मर जाऊंगा। इसके बाद मैंने अपनी पूरी ताकत लगाई और दरवाजे की तरफ गया और उसे खोल दिया।”

नेतन्याहू ने पूछा- सुरक्षित कॉकपिट का दरवाजा कैसे खोला?

बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कैप्टन मच्छार से पूछा कि आखिर इतनी गंभीर स्थिति में उन्होंने कॉकपिट का सुरक्षित दरवाजा कैसे खोला? इस पर मच्छार ने कॉकपिट डोर की पूरी कार्यप्रणाली समझाई। उन्होंने बताया कि बाहर से कॉकपिट में एंट्री के लिए सिक्योरिटी कोड की जरूरत होती है।

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स्मित ने बताया कि विमान के अंदर मौजूद क्रू को उस समय प्रवेश करने से रोका गया था। हालांकि, कॉकपिट के अंदर की तरफ से दरवाजा एक सामान्य मैनुअल टर्न-नॉब के जरिए खोला जा सकता है। इसी व्यवस्था का फायदा उठाते हुए कैप्टन मच्छार ने अपनी जान जोखिम में डालकर दरवाजा खोला और विमान को एक संभावित बड़ी त्रासदी से बचाने की कोशिश की।

यह बातचीत फ्लाईदुबई विमान में हुई उस भयावह घटना के बाद हुई है, जिसमें कॉकपिट के भीतर हिंसा के बावजूद कैप्टन मच्छार ने कंट्रोल बनाए रखा और विमान में सवार यात्रियों की सुरक्षा के लिए आखिरी क्षण तक संघर्ष किया। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने कैप्टन स्मित मच्छार के लिए ‘अशोक चक्र’ की मांग की है।

Smit Machchhar: ‘हिंदुस्तानी ने 9/11 होने से बचा लिया…’; पीएम मोदी ने कैप्टन स्मित मच्छार के परिवार से की बात, पायलट की बहादुरी की जमकर की तारीफ

Smit Machchhar: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार (1 अक्टूबर) को 174 लोगों की जान बचाने वाले भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार की पत्नी और माता-पिता से फोन पर बात की। इस दौरान उनकी बहादुरी की जमकर सराहना की। कैप्टन मच्छार ने ‘फ्लाईदुबई’ विमान को दुर्घटनाग्रस्त करने की अपने सह-पायलट की कोशिश को नाकाम कर दिया था, जिससे सैकड़ों लोगों की जान बची। पायलट की पत्नी और उनके माता-पिता के साथ फोन पर बातचीत में पीएम मोदी ने यह भी कहा कि भारतीय मिशन घायल पायलट को हर संभव मदद मुहैया करा रहे हैं। पायलट का सऊदी अरब के एक अस्पताल में इलाज किया जा रहा है।

सरकारी सूत्रों ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया कि फोन पर बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने पायलट की बहादुरी की तारीफ की, जिसकी वजह से सैकड़ों लोगों की जान बची। इससे पहले, पीएम मोदी ने भारतीय पायलट की प्रशंसा करते हुए उन्हें नायक बताया था। उन्होंने कहा था कि देश को उनकी बहादुरी पर गर्व है। पीएम मोदी ने कहा कि हिंदुस्तानी ने 9/11 होने से बचा लिया।

PM मोदी ने कैप्टन मच्छार की सराहना करते हुए कहा कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने सैकड़ों लोगों की जान बचाने में मदद की और बड़ी त्रासदी टाली। दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान एफजेड1073 ने बुधवार को इमरजेंसी अलर्ट भेजे थे। इसके बाद विमान 34,000 फुट की ऊंचाई से तेजी से 17,000 फुट से अधिक नीचे आ गया। बाद में उसका रूट सऊदी अरब के तबूक शहर स्थित प्रिंस सुल्तान बिन अब्देल अजीज एयरपोर्ट की ओर मोड़ दिया गया। विमान में 27 बच्चों समेत 174 यात्री सवार थे।

‘स्मित मच्छार एक नायक हैं’

PM मोदी ने X पर एक पोस्ट में कहा, “कैप्टन स्मित मच्छार एक नायक हैं। सबसे गंभीर खतरे का सामना करते हुए और गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने दूसरों की जान बचाने के लिए अदम्य साहस और अटूट संकल्प दिखाया। उनके साहस ने सैकड़ों लोगों की जान बचाने में मदद की और बड़ी त्रासदी टाली।” प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को कैप्टन मच्छार पर गर्व है। उन्होंने कहा, “मैं उनके जल्द स्वस्थ होने और अच्छे स्वास्थ्य की कामना करता हूं।”

‘भारत ने 9/11 होने से बचा लिया’

इसके अलावा प्रधानमंत्री मोदी ने गुरुवार को ‘भारत मंडपम’ में UPSC के शताब्दी समारोह के दौरान भी भारतीय पायलट की तारीफ की। पीएम मोदी ने कहा, “कल एक घटना घटी थी जिसमें भारत के कैप्टन स्मित ने धैर्य, सूझबूझ और साहस का परिचय दिया है। कल इजरायल के प्रधानमंत्री ने कहा है कि भारत ने 9/11 होने से बचा लिया है। उनका यह पराक्रम हमें गौरव से भर देता है… आज पूरी दुनिया पर गर्व कर रही है। हम सभी स्मित की दीर्घायु के लिए प्रार्थना करें और उनका अभिनंदन करें।”

नेतन्याहू ने भी की तारीफ

बुधवार रात इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी मच्छार की सराहना करते हुए उन्हें सच्चा नायक बताया। नेतन्याहू ने कहा, “चाकू से हमला किए जाने और गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने मुकाबला किया, हमलावर का प्रतिरोध किया तथा कॉकपिट का दरवाजा खोला, जिससे यात्री तथा चालक दल के सदस्य हमलावर को काबू में कर पाए। इससे हवा में एक भयावह दुर्घटना टल गई।”

इजरायली प्रधानमंत्री ने कहा, “उन्होंने इजराइली नागरिकों और अन्य देशों के नागरिकों समेत 174 लोगों की जान बचाई। मैं कैप्टन मच्छार के जल्द और पूरी तरह स्वस्थ होने की कामना करता हूं। वह सच्चे नायक हैं।” उन्होंने कहा, “असाधारण बहादुरी दिखाने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार को मेरा सलाम।” सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में पायलट खून से लथपथ, ऑक्सीजन मास्क पहने और विमान की गैली में पीठ के बल लेटे हुए दिखाई दे रहे हैं।

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अपने पहले के बयान में नेतन्याहू ने कहा था कि एक इजरायली यात्री ने उन्हें बताया कि विमान तेजी से घूमने लगा और नीचे उतरने लगा। इसके बाद यात्री और चालक दल का एक सदस्य कॉकपिट में घुसने में कामयाब रहा और दोनों ने मिलकर उस पायलट पर काबू पाया, जिसने विमान की प्रणाली को नुकसान पहुंचाने की कोशिश के दौरान मच्छार पर चाकू से हमला किया था। नेतन्याहू के अनुसार, चालक दल का एक अन्य सदस्य इसके बाद कॉकपिट में पहुंचा और विमान को स्थिर करने में मदद की।

Chintan Shivir: पीएम मोदी आज से शुरू करेंगे केंद्रीय मंत्रियों का ‘चिंतन शिविर’; ‘विकसित भारत 2047’ और बड़े सुधारों पर होगा मंथन

Chintan Shivir: केंद्रीय मंत्रियों की दो दिवसीय चिंतन बैठक आज यानी बुधवार (23 सितंबर) से शुरू होगी। इसमें सुधारों पर विशेष रूप से ध्यान केंद्रित करते हुए शासन और नीति-निर्माण के महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा होने की उम्मीद है। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि 23 और 24 सितंबर को सेवा तीर्थ में मंथन सत्र आयोजित किया जाएगा। इसमें पूरी मंत्रिपरिषद शामिल होगी। सेवा तीर्थ में ही प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) स्थित है।

विचार-विमर्श करने के लिए छह समूह गठित

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में सरकारी योजनाओं की प्रगति, नीतियों के कार्यान्वयन, समय प्रबंधन, मंत्रालयों के बीच तालमेल और जन-सेवाएं प्रदान करने जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है। कार्यक्रमों (योजनाओं) के समयबद्ध कार्यान्वयन और शासन से जुड़े अन्य मुद्दों पर विचार-विमर्श करने के लिए छह समूह गठित किए गए हैं, जिनमें से प्रत्येक में आठ मंत्री होंगे।

ये समूह पहले ही कई बैठकें कर चुके हैं, जिनमें चिंतन बैठक में की जाने वाली मुद्दों पर चर्चा की गई थी। सूत्रों के अनुसार, कुछ मंत्रियों द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में सुधार को आगे बढ़ाने के लिए उनके मंत्रालयों द्वारा अपनाई गई नीतियों और उपायों पर प्रस्तुतियां देने की संभावना है।

इन विभिन्न सुधारों पर जोर

प्रधानमंत्री, विभिन्न सुधारों पर जोर देते रहे हैं। उन्होंने पहले भी अपने मंत्रिमंडल सहयोगियों से कहा था कि लोगों की समस्याओं का समाधान करना और जीवन को आसान बनाना सरकार का मुख्य ध्येय होना चाहिए। सूत्रों के मुताबिक, चिंतन बैठक में होने वाली चर्चाओं में इन मुद्दों को उठाये जाने की उम्मीद है।

मंत्रियों की प्रस्तुतियों में नीति-निर्माण की प्रक्रिया को अधिक असरदार और प्रभावकारी बनाने के तरीकों पर ध्यान केंद्रित किया जा सकता है। इसी तरह की एक चिंतन बैठक 21 अक्टूबर 2021 को भी हुई थी। उस समय बातचीत का मुख्य विषय शासन और नीति निर्माण था तथा इस कवायद का उद्देश्य मंत्रियों को सरकार के समक्ष पेश आ रही चुनौतियों को बेहतर ढंग से समझने में मदद करना है।

क्या है मकसद?

इसे शासन की समीक्षा करने, मंत्रालयों के बीच तालमेल बेहतर बनाने और सरकार का भविष्य का एजेंडा तैयार करने के तौर पर देखा जा रहा है। इस महीने की शुरुआत में, प्रधानमंत्री ने सभी मंत्रियों से मंत्रालयों और विभागों की आधिकारिक वेबसाइट को अधिक से अधिक उपयोगकर्ता-अनुकूल बनाने पर काम करने के लिए कहा था।

नए सुधारों पर रहेगा जोर

केंद्रीय मंत्रियों के बुधवार से शुरू हो रहे दो दिवसीय चिंतन शिविर में मुख्य रूप से सरकार के कामकाज की समीक्षा की जाएगी। साथ ही भविष्य की योजना बनाने और नए विचारों एवं सुधारों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इस बैठक में पूरी सरकार के कामकाज का जायजा लिया जाएगा। साथ ही भविष्य की योजना, जारी कार्यों की समीक्षा और ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को हासिल करने के लिए नए विचारों, सुधारों और प्राथमिकताओं की पहचान पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

‘विकसित भारत’ और ‘विजन 2047’

‘विकसित भारत’ की कवायद 2021 से चल रही है। ‘विजन 2047’ और इसके लघु अवधि एवं दीर्घ अवधि के रोडमैप को तैयार करने के लिए सचिवों के 10 क्षेत्र-आधारित समूह बनाए गए हैं। सूत्रों के मुताबिक, इस कवायद के लिए हितधारकों के साथ व्यापक स्तर पर परामर्श भी किया गया। तब से, ‘विकसित भारत 2047’ के विभिन्न पहलुओं पर मंत्रिपरिषद के समक्ष आठ प्रस्तुतियां और चर्चाएं हो चुकी हैं।

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मौजूदा चिंतन शिविर इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाता है। यह सचिवों, मंत्रालयों और विभागों, कैबिनेट सचिवालय और नीति आयोग के समूहों द्वारा किए जा रहे काम को एक मंच पर लाता है, जिनमें सुधार, जीवन को आसान बनाना, नियमों के पालन को सहज करना और शासन से जुड़ी अन्य प्राथमिकताएं शामिल हैं। सूत्रों के मुताबिक, बैठक में होने वाली चर्चाओं में इन मुद्दों को उठाये जाने की उम्मीद है।

Project Rhino: प्रोजेक्ट चीता के बाद अब देश में शुरू होगा प्रोजेक्ट राइनो, वर्ल्ड राइनो डे पर पीएम मोदी ने किया ऐलान

Project Rhino: प्रोजेक्ट चीता के चार साल बाद और इसकी सफलता के बाद देश में एक ओर वन्यजीव संरक्षण अभियान शुरू किया जा रहा है। प्रोजेक्ट चीता की पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की थी। इसके बाद अब एक सींग वाले गैंडों के संरक्षण के लिए एक बार फिर पीएम ने प्रोजेक्ट राइनो की घोषणा की है। आज विश्व गैंडा दिवस पर प्रधानमंत्री ने इस प्रोजेक्ट को शुरू करने का ऐलान किया। इस प्रोग्राम का मकसद एक सींग वाले बड़े गैंडों की सुरक्षा, रहने और फलने-फूलने की पर्याप्त व्यवस्था और संरक्षण के लिए रेंज राज्यों को वित्तीय और तकनीकी सहायता देना है।

पीएम मोदी ने एक्स पर की घोषणा

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर सरकार की गैंडों के संरक्षण की पहल की घोषणा करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा, “देश में प्रजातियों के संरक्षण को आगे बढ़ाते हुए, मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि रेंज राज्यों को सुरक्षा, हैबिटैट मैनेजमेंट, जेनेटिक सुधार और पॉपुलेशन डायनामिक्स समझने के लिए वित्तीय और तकनीकी मदद देने के लिए प्रोजेक्ट राइनो शुरू किया गया है।”

प्रधानमंत्री ने गैंडों की लोकप्रिय प्रजाति के लिए खुशी जताई और वन्यजीव सुरक्षा में सबसे आगे रहने वाले वनकर्मियों और कंजर्वेशनिस्ट की लगातार कोशिशों की तारीफ की। PM मोदी ने अपने पोस्ट लिखा, “वर्ल्ड राइनो डे पर, हम शानदार एक सींग वाले बड़े गैंडे का जश्न मनाते हैं और इसकी सुरक्षा में सबसे आगे रहने वाले सभी लोगों की तारीफ करते हैं।” प्रधानमंत्री ने दुनिया भर में गैंडों के संरक्षण में असम की अहम भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “असम में अब दुनिया की लगभग 80% गैंडों की आबादी है और गैंडों के शिकार को खत्म करने के लिए काजीरंगा की कोशिशों की बहुत तारीफ हुई है।”

एक्स पर पोस्ट अपने संदेश में पीएम ने ने दूसरे भारतीय राज्यों में गैंडों के संरक्षण और उनकी प्रजाति को लाने में हुई तरक्की पर भी जोर दिया। साथ ही, उन्होंन उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल में सफल कोशिशों की ओर इशारा किया। उन्होंने आगे कहा, “एक तरफ, बिहार और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में गैंडे या तो वापस आ गए हैं या पूरी तरह सुरक्षित हैं। दूसरी ओर, दुधवा (उत्तर प्रदेश) में गैंडों को फिर से लाने की सफलता इतिहास बना रही है। यह दिखाता है कि हमारे लोग जानवरों की सुरक्षा और रेंज वाले राज्यों में सक्रिय वन्यजीव प्रबंधन के लिए कितना प्रतिबद्ध हैं।”

यह प्रोजेक्ट भारत के वन्यजीव प्रबंधन ढांचे को मजबूत बनाता है और उसे विस्तार देता है। यह असम पश्चिम बंगाल, बिहार और उत्तर प्रदेश के दुधवा में सफल एक सींग वाले गैंडों के पुन: दाखिल होने के प्रोग्राम सहित रेंज राज्यों में सफल संरक्षण पहलों पर आगे बढ़ता है।

टूथपेस्ट से लेकर नहाने के साबुन तक, हर सामान पर लगाना होगा वेज और नॉन वेज का निशान