Ranbir Kapoor-Alia Bhatt: रणबीर कपूर-आलिया भट्ट ने PM मोदी को दिया जन्मदिन का तोहफा, मुंबई के 20 स्कूलों का कराएंगे कायाकल्प

Ranbir Kapoor-Alia Bhatt: आलिया भट्ट ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनके 76वें जन्मदिन पर बधाई दी। एक्ट्रेस ने यह भी घोषणा करते हुए कहा कि वह और उनके पति- एक्टर रणबीर कपूर 20 स्कूलों को बेहतर बनाने का संकल्प लेकर #SevaSankalpAbhiyaan का समर्थन करेंगे।

पीएम मोदी के लिए जन्मदिन का संदेश शेयर करते हुए आलिया ने लिखा, “हमारे माननीय प्रधानमंत्री @narendramodi जी को जन्मदिन की बधाई! आने वाला साल आपके लिए सेहतमंद और खुशियों भरा हो। #SevaSankalpAbhiyaan की भावना सामूहिक प्रयास और समाज को कुछ वापस देने की शानदार सोच को दिखाती है। इस दिन को मनाने और इस नेक काम में सहयोग करने के लिए रणबीर और मैं @mybmc की सिफारिशों के अनुसार 20 स्कूलों को बेहतर बनाने का संकल्प ले रहे हैं, ताकि हमारे बच्चों को सीखने और आगे बढ़ने के लिए बेहतर और अच्छी सुविधाओं वाली जगहें मिल सकें।”

आलिया का यह पोस्ट तब आया जब कई मशहूर हस्तियों ने पीएम मोदी को उनके जन्मदिन पर बधाई दी।

सेलेब्स ने पीएम मोदी को बधाई दी

X पर सलमान खान ने लिखा, “माननीय पीएम साहब, आपको जन्मदिन मुबारक हो। नरेंद्र भाई मोदी आपको जन्मदिन की बहुत-बहुत बधाई। जय हिंद।” शाहरुख खान ने भी अपने X हैंडल से PM मोदी को जन्मदिन की बधाई दी। उन्होंने लिखा, “माननीय PM @narendramodi जी, आपको जन्मदिन की बहुत-बहुत बधाई। आप हमेशा अच्छी सेहत, खुशी और संतुष्टि के साथ रहें। देश को प्रेरित करने की ताकत और सकारात्मकता आपमें हमेशा बनी रहे।”

अक्षय कुमार ने X पर लिखा, “आज हमारे सम्मानित प्रधानमंत्री जी का जन्मदिन है और यह दिन सेवा के संकल्प के साथ मनाया जा रहा है। मेरा मानना ​​है कि जन्मदिन मनाने का इससे बेहतर तरीका और कोई नहीं हो सकता।”

उन्होंने आगे कहा, “हम किसी की सेवा करें, किसी जरूरतमंद की मदद करें, किसी के चेहरे पर मुस्कान लाएं… बस यही एक साधारण सा संकल्प। जन्मदिन मुबारक हो @narendramodi जी। हमारे महान देश को प्रेरित करते रहें। जय भारत। जय महाकाल।”

मोहनलाल ने X पर लिखा, “हमारे माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी को जन्मदिन की बहुत-बहुत बधाई। देश की तरक्की के लिए आपका अथक समर्पण लाखों लोगों को प्रेरित करता रहता है। यह साल आपके लिए अच्छी सेहत, ताकत और देश की सेवा में लगातार सफलता लेकर आए।”एक्टर और MP कंगना रनौत ने PM मोदी के साथ एक तस्वीर शेयर की और दिल से एक नोट लिखा। जैकी श्रॉफ ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर PM मोदी के साथ तस्वीर शेयर की और लिखा, “हमारे माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी को जन्मदिन की बहुत-बहुत बधाई!”

पीएम मोदी के जन्मदिन पर बीजेपी उनके 25 साल के जन-सेवा कार्य के उपलक्ष्य में ‘सेवा संकल्प अभियान’ शुरू करेगी। इससे पहले 9 सितंबर को बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने पार्टी मुख्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए घोषणा की थी कि पीएम मोदी 7 अक्टूबर को जन-सेवा के 25 साल पूरे करेंगे और इस मौके पर बीजेपी एक महीने तक चलने वाला विशेष अभियान ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाएगी।

BRICS Summit 2026: ‘हम साथ मिलकर काम करें’, भारत आए शी जिनपिंग ने PM मोदी से कही ये बड़ी बात

पूरी दुनिया की नजर इस समय राजधानी दिल्ली पर है। शनिवार 12 सितंबर को दिल्ली में 18वें ब्रिक्स समिट की शुरुआत हो गई है। वहीं समिट के पहले दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच मुलाकात हुई। दोनों नेताओं ने भारत और चीन के रिश्तों को बेहतर बनाने पर चर्चा की। भारत की ओर से साफ किया गया कि दोनों देशों के बीच मतभेद हो सकते हैं, लेकिन उन्हें विवाद में बदलने से बचना चाहिए। इस बैठक को दोनों देशों के रिश्तों में सुधार की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

बता दें कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से इतर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ द्विपक्षीय बैठक की। इस दौरान भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के दौरान चीन से मिले समर्थन और सहयोग के लिए मैं आभार व्यक्त करता हूं। वहीं, राष्ट्रपति जिनपिंग ने कहा कि भारत और चीन एक-दूसरे की ताकत से सीख सकते हैं और शेयर विकास हासिल कर सकते हैं।

साथ मिलकर काम करने पर जोर

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा कि मौजूदा मुश्किल अंतरराष्ट्रीय माहौल में भारत और चीन की बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि दोनों देश दुनिया में सबसे ज्यादा आबादी वाले देशों में शामिल हैं और ग्लोबल साउथ के अहम सदस्य हैं। ऐसे में दोनों को अपने लोगों के हित और पूरी मानवता के भविष्य को ध्यान में रखते हुए मिलकर काम करना चाहिए। शी ने कहा कि BRICS के मंच के जरिए भारत और चीन को बेहतर और मजबूत सहयोग को आगे बढ़ाना चाहिए। साथ ही दोनों देशों को समानता और व्यवस्थित बहुध्रुवीय दुनिया के साथ ऐसे आर्थिक वैश्वीकरण का समर्थन करना चाहिए, जिसमें सभी देशों को साथ लेकर चला जाए और सभी को फायदा मिले। इससे दुनिया में शांति, स्थिरता, विकास और समृद्धि को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।

सात साल बाद भारत आए शी जिनपिंग

वहीं दोनों नेताओं ने मुलाकात के बाद भारत के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा, “प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि सीमा क्षेत्रों में शांति और स्थिरता दोनों देशों के बीच रिश्तों को लगातार मजबूत और बेहतर बनाने के लिए जरूरी आधार है।” बता दें कि, करीब सात साल बाद चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, राजधानी दिल्ली पहुंचे हैं। इससे पहले वह 2019 में भारत आए थे और उस दौरान तमिलनाडु के महाबलीपुरम गए थे। इसके बाद गलवान घाटी में हुई सैन्य झड़प के कारण भारत और चीन के रिश्तों में तनाव बढ़ गया था।

बेहतर हो रहे  भारत-चीन के  रिश्तों 

पीएम मोदी और शी जिनपिंग ने अगस्त 2025 में तियानजिन में हुई पिछली मुलाकात के बाद भारत-चीन रिश्तों में हो रही लगातार प्रगति का स्वागत किया। विदेश मंत्रालय ने बताया कि दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि दोनों देशों को अपने रिश्तों को लंबे समय और रणनीतिक नजरिए से देखना चाहिए। नेताओं ने कहा कि आपसी मतभेदों को विवाद में नहीं बदलना चाहिए। प्रधानमंत्री मोदी ने जोर दिया कि भारत और चीन के रिश्ते आपसी सम्मान, एक-दूसरे की संवेदनशीलता को समझने और दोनों देशों के हितों को ध्यान में रखकर आगे बढ़ने चाहिए।

 

बैठक के दौरान भारत और चीन के बीच सीमा विवाद पर भी चर्चा हुई। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने बॉर्डर से जुड़े मुद्दे का ऐसा समाधान निकालने पर सहमति जताई, जो दोनों देशों के लिए उचित हो और आपसी बातचीत से स्वीकार किया जा सके। दोनों नेताओं ने सीमा से जुड़े मामलों को बातचीत और समझदारी के साथ सुलझाने की दिशा में आगे बढ़ने की प्रतिबद्धता दोहराई।

भारत-चीन सीमा को लेकर को लेकर भी हुई बात

भारत-चीन सीमा को लेकर भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच बातचीत हुई। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, दोनों नेताओं ने सीमा विवाद का ऐसा समाधान निकालने की इच्छा जताई, जो सही, व्यावहारिक और दोनों देशों को स्वीकार हो। इससे पहले दोनों नेताओं की मुलाकात अगस्त 2025 में चीन के तियानजिन में SCO समिट के दौरान हुई थी। अब एक बार फिर हुई इस बैठक को भारत-चीन रिश्तों में सुधार और सीमा से जुड़े मुद्दों पर बातचीत आगे बढ़ाने के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

BRICS देशों ने की पहलगाम आतंकी हमले की कड़ी निंदा, दिल्ली डिक्लेरेशन हुआ जारी

BRICS देशों ने पिछले साल हुए जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले को लेकर सख्त रुख अपनाया है। नई दिल्ली डिक्लेरेशन में 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए हमले की कड़ी निंदा की गई। इस आतंकी हमले में 26 लोगों की जान गई थी। BRICS देशों ने हमले को बेहद गंभीर और गलत बताते हुए आतंकवाद के खिलाफ सख्त रुख दिखाया। बयान में आतंकवाद की हर तरह की गतिविधि की निंदा करते हुए इसे अपराध और गलत बताया गया। BRICS समिट के दौरान सदस्य देशों ने नई दिल्ली डिक्लेरेशन को मंजूरी दे दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को BRICS दिल्ली डिक्लेरेशन को मंजूरी मिलने की जानकारी दी।

पीएम ने कहा कि, BRICS अब एक मजबूत और परिपक्व समूह बन चुका है। पीएम मोदी के मुताबिक, अब जरूरत इस बात की है कि सभी सदस्य देशों की एकता और आपसी सहमति को वैश्विक स्तर पर ऐसे कामों में बदला जाए, जिनका ठोस फायदा दिखाई दे।

पहलगाम आतंकी हमले पर अपनाया सख्त रुख

BRICS देशों की ओर से जारी साझा बयान में पहलगाम आतंकी हमले को लेकर सख्त रुख अपनाया गया। बयान में कहा गया, “हम 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर में हुए आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा करते हैं, जिसमें 26 लोगों की मौत हुई और कई लोग घायल हुए। हम आतंकवाद के सभी रूपों के खिलाफ लड़ने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हैं, जिसमें आतंकवादियों की सीमा पार आवाजाही, आतंकवाद के लिए फंडिंग और उन्हें सुरक्षित ठिकाने मुहैया कराना शामिल है।”

 

इस ग्रुप ने “आतंकवाद के लिए जीरो टॉलरेंस” की नीति अपनाने की बात कही। साथ ही आतंकवादी गतिविधियों और उन्हें समर्थन देने वालों की जवाबदेही तय करने और “UN द्वारा घोषित सभी आतंकियों और आतंकी संगठनों के खिलाफ मिलकर कार्रवाई करने” की मांग की।

मिडिल ईस्ट में तनाव पर जताई चिंता

BRICS देशों ने मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव को लेकर भी गहरी चिंता जताई। बयान में कहा गया, “हम मिडिल ईस्ट/वेस्ट एशिया में लगातार बढ़ते तनाव को लेकर चिंतित हैं। हम सभी पक्षों से ज्यादा से ज्यादा संयम बरतने और ऐसे कदमों से बचने की अपील करते हैं, जिससे स्थिति और खराब हो सकती है।” BRICS देशों ने इस दौरान आम लोगों और नागरिकों से जुड़ी जरूरी सुविधाओं और बुनियादी ढांचे की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी अपील की।

 

बयान में आगे कहा गया, “हम बातचीत और कूटनीति के जरिए लंबे समय तक चलने वाले समाधान की दिशा में प्रयास बढ़ाने का समर्थन करते हैं, जिससे इस क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और स्थिरता कायम हो सके। हम अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत वैश्विक व्यापार, सप्लाई चेन और ऊर्जा की सुचारू आवाजाही बनाए रखने के लिए मिलकर काम करने की जरूरत पर भी जोर देते हैं।” इसके अलावा, डिक्लेरेशन में जरूरी वैश्विक मुद्दों पर सभी देशों के विचारों और रुख का सम्मान करते हुए मिलकर काम करने की बात कही गई है। BRICS देशों ने बातचीत, आपसी सलाह और कूटनीति के जरिए अंतरराष्ट्रीय विवादों को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।

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4 देशों से 21 देशों तक… BRICS के 20 साल पर PM Modi ने बिजनेस फोरम में बताई समूह की ताकत

BRICS Summit 2026: दिल्ली में आज से 18वें BRICS समिट की शुरुआत हो गई है। ऐसे में आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिक्स (BRICS) बिजनेस फोरम के लीडर्स सेशन में विदेशों से आएं प्रतिनिधियों को संबोधित किया। पीएम मोदी ने कहा, “ब्रिक्स बिजनेस फोरम में आप सभी का बहुत-बहुत स्वागत है। इस साल हम ब्रिक्स के 20 साल मना रहे हैं। जब 2006 में यह ग्रुप शुरू हुआ था, तब इसमें सिर्फ चार देश थे। आज, ब्रिक्स के सदस्यों और पार्टनर देशों को मिलाकर हमारा परिवार 21 देशों का है।”

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, आज BRICS के देश दुनिया की 50 प्रतिशत जनसंख्या, 40 प्रतिशत GDP और 25 प्रतिशत से अधिक ट्रेड को प्रदर्शित करते हैं। इतना ही नहीं, इन वर्षों में जहां ग्लोबल GDP करीब ढाई गुना हुई है, वहीं BRICS देशों की कंबाइन GDP करीब साढ़े चार गुना हुई है।

BRICS देश ग्लोबल इनोवेशन और सॉल्यूशन का अहम केंद्र बन रहे

उन्होंने कहा, BRICS देश ग्लोबल इनोवेशन और सॉल्यूशन के लिए अहम केंद्र के तौर पर भी बन रहे हैं। हमारे देशों में इनोवेशन के लिए नई संभावनाएं आकार ले रही हैं, जिनमें जमीनी स्तर की पहलों से लेकर अत्याधुनिक तकनीकें तक शामिल हैं। ब्रिक्स का बढ़ता दायरा, रफ्तार और उम्मीदें हम सबके बीच साफ तौर पर दिखाई देती हैं। पीएम मोदी ने कहा कि भारत में आयोजित यह फोरम अब तक का सबसे बड़ा ब्रिक्स बिजनेस फोरम है।

BRICS की थीम पर PM मोदी का जोर

अपने संबोधन में पीएम मोदी ने आगे कहा कि “भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता का विषय ‘मजबूती, इनोवेशन, सहयोग और सस्टेनेबिलिटी के लिए निर्माण’ है। पिछले 12 वर्षों में, भारत ने इस मंत्र को अपनी आर्थिक और व्यापारिक नीतियों का आधार बनाया है। उन्होंने कहा, मजबूती (resilience) के मामले में, भारत ने ऊर्जा से लेकर टेक्नोलॉजी तक के क्षेत्रों में सप्लाई चेन को अधिक विविध और भरोसेमंद बनाया है। इसी मजबूती का नतीजा है कि आज वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भी भारत विकास और स्थिरता का भरोसा देता है।

इंफ्रास्ट्रक्चर और टेक्नोलॉजी पर जोर

प्रधानमंत्री ने ब्रिक्स (BRICS) बिजनेस फोरम में इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा, हम तेजी से अपनी सड़कों, रेलवे, बंदरगाहों और हवाई अड्डों का विस्तार कर रहे हैं। साथ ही, हम जहाज निर्माण, सेमीकंडक्टर, क्वांटम टेक्नोलॉजी, महत्वपूर्ण खनिजों और बायोटेक्नोलॉजी जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में नई क्षमताएं विकसित कर रहे हैं।”

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PM Modi & Putin Meeting: 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने भारत आए रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की द्विपक्षीय मुलाकात के दौरान भारतीय संस्कृति और साहित्य की अनूठी झलक देखने को मिली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुतिन को तमिल साहित्य के महान और कालजयी ग्रंथ तिरुक्कुरल (Thirukkural) का विशेष रूप से तैयार किया गया रूसी अनुवाद भेंट किया। भारत और रूस के बीच सांस्कृतिक संबंधों को प्रगाढ़ करने वाले इस तोहफे के बाद एक बार फिर महान तमिल ग्रंथ तिरुक्कुरल और इसके रचयिता संत तिरुवल्लुवर की चर्चा पूरी दुनिया में शुरू हो गई है।

क्या है तिरुक्कुरल ग्रंथ?

तिरुक्कुरल (तमिल में इसका अर्थ पवित्र दोहे या संक्षेप में ‘कुरल’ है) तमिल साहित्य की सबसे महत्वपूर्ण और असरदार मानी जाने वाली कालजयी रचना है। इस महान ग्रंथ का तमिल संस्कृति, जीवनशैली और दर्शन पर गहरा प्रभाव रहा है। यह ग्रंथ कुल 1330 संक्षिप्त दोहों (कुरल) का एक अद्वितीय संग्रह है। ये दोहे जीवन के अलग-अलग पहलुओं जैसे कि नैतिकता, सुशासन, प्रेम, अर्थ और आध्यात्मिकता पर कालातीत विजडम यानी कि ज्ञान देते हैं। इसके दोहे बहुत ही संक्षिप्त, सटीक और काव्यात्मक रूप में लिखे गए हैं। इस वजह से इन्हें आसानी से याद रखा जा सकता है और जीवन में उतारा जा सकता है।

तीन प्रमुख खंडों में विभाजित है ग्रंथ की संरचना

तिरुक्कुरल को मुख्य रूप से तीन प्रमुख भागों या पुस्तकों में विभाजित किया गया है। इन्हें अराम’, ‘पोरुल’ और ‘इन्बम’ कहा जाता है।

अराम (Aram – धर्म/सद्गुण): इस खंड में धार्मिकता, सत्य, कृतज्ञता और करुणा जैसे मानवीय मूल्यों और सद्गुणों पर विस्तार से चर्चा की गई है। यह हर परिस्थिति में नैतिक मूल्यों का पालन करने और धर्म परायण जीवन जीने के महत्व पर जोर देता है।

पोरुल (Porul – अर्थ/धन और शासन): यह भाग सांसारिक मामलों, शासन कला, अर्थव्यवस्था और मित्रता के बारे में प्रैक्टिकल इनसाइट है। इसमें धन प्रबंधन, कुशल प्रशासन और अच्छे संग के महत्व के बारे में बताया गया है।

इन्बम (Inbam – काम/प्रेम): यह खंड मानवीय भावनाओं, प्रेम और पारिवारिक जीवन की जटिलताओं और सुंदरता की गहराई में ले जाता है।

कौन थे संत तिरुवल्लुवर?

संत तिरुवल्लुवर को तमिल संस्कृति और इतिहास के सबसे प्रमुख और आदरणीय साहित्यिक शख्सियतों में से एक माना जाता है। माना जाता है कि संत तिरुवल्लुवर ईसा पूर्व दूसरी शताब्दी से लेकर पांचवीं शताब्दी के बीच तमिल साहित्य के स्वर्ण काल यानी संगम काल के दौरान थे। उनका जन्म मायलापुर (मौजूदा चेन्नई का हिस्सा) के एक साधारण परिवार में हुआ था। तिरुवल्लुवर को सिर्फ एक कवि ही नहीं, बल्कि एक महान दार्शनिक और संत के रूप में भी जाना जाता है। उनके द्वारा लिखा गया ‘तिरुक्कुरल’ आज भी दुनिया भर के लोगों को सही जीवन जीने और सुशासन का मार्ग दिखाता है।

आपको बता दें कि पीएम मोदी अक्सर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की समृद्ध भाषाई और सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देते हैं। इससे पहले भी वह विश्व नेताओं को भगवद्गीता, उपनिषद और तमिल ग्रंथ भेंट कर चुके हैं। ऐसे में पुतिन को उनकी यह भेंट दोनों देशों के बीच न सिर्फ रणनीतिक और आर्थिक बल्कि गहरे सांस्कृतिक और बौद्धिक संबंधों की ओर भी इशारा करती है।

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Brics Summit: भारत की मेजबानी में 12 और 13 सितंबर 2026 को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित हो रहे 18वें ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन के दौरान जबर्दस्त कूटनीतिक हलचल दिखने वाली है। इस ऐतिहासिक सम्मेलन में भाग लेने के लिए दुनियाभर से 11 सदस्य देशों, 10 पार्टनर देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के शीर्ष नई दिल्ली पहुंच चुके हैं या पहुंच रहे हैं।

इस सम्मेलन के ग्लोबल एजेंडे के इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 11 से 13 सितंबर के दौरान वैश्विक नेताओं के साथ बड़े पैमाने पर द्विपक्षीय मुलाकातें करेंगे। इस बीच पीएम मोदी ने X पर पोस्ट करते हुए इस सम्मेलन में दुनिया भर की भलाई को ध्यान में रखते हुए सार्थक चर्चा होने की उम्मीद भी जताई है।

आइए जानते हैं ब्रिक्स सम्मेलन के संदर्भ में 11 से 13 सितंबर के बीच पीएम मोदी और राष्ट्रपति मुर्मू की द्विपक्षीय बैठकों का पूरा शेड्यूल क्या है और किन दिग्गज नेताओं से मुलाकात होने वाली है-

11 सितंबर: बैठकों के पहले दिन का शेड्यूल

सम्मेलन के औपचारिक आगाज से एक दिन पहले ही 11 सितंबर से उच्चस्तरीय द्विपक्षीय बैठकों का दौर शुरू हो रहा है

पुतिन के साथ बैठक: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच द्विपक्षीय वार्ता।

पेजशिकियान के साथ बैठक: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान के बीच मुलाकात।

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख से मुलाकात: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरस की बैठक।

12 सितंबर: शी जिनपिंग समेत दिग्गज नेताओं से मुलाकात

12 सितंबर को ब्रिक्स सम्मेलन के मेन सेशन के साथ-साथ पीएम मोदी और राष्ट्रपति मुर्मू कई राष्ट्रप्रमुखों से महत्वपूर्ण द्विपक्षीय चर्चा करेंगे-

इथियोपिया: पीएम नरेंद्र मोदी की इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद अली के साथ बैठक।

मलेशिया: पीएम मोदी की मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के साथ बातचीत।

यूएई (अबू धाबी): पीएम मोदी और अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नहयान की मुलाकात।

वियतनाम: पीएम मोदी की वियतनाम के प्रधानमंत्री ले मिन्ह हंग के साथ बैठक।

ईरान: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान की औपचारिक मुलाकात।

चीन: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच बहुप्रतीक्षित द्विपक्षीय बैठक।

13 सितंबर: आखिरी दिन की कूटनीतिक मैराथन

सम्मेलन के अंतिम दिन यानी 13 सितंबर को भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वैश्विक नेताओं के साथ बैक-टू-बैक बैठकों का दौर जारी रहेगा-

कजाकिस्तान: पीएम मोदी की कजाकिस्तान के राष्ट्रपति कासिम-जोमार्ट तोकायेव के साथ बैठक।

फिलिपिंस: पीएम मोदी और फिलिपिंस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड आर. मार्कोस जूनियर की मुलाकात।

मिस्र: पीएम मोदी की मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फत्ताह अल-सिसी के साथ चर्चा।

दक्षिण अफ्रीका: पीएम मोदी और दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति मातामेला सिरिल रामाफोसा की बैठक।

बुरुंडी: पीएम मोदी की बुरुंडी के राष्ट्रपति एवरिस्ट नदाहिशिमिये के साथ बातचीत।

नाइजीरिया: पीएम मोदी और नाइजीरिया के उपराष्ट्रपति सेनेटर कासिम शेट्टिमा की मुलाकात।

युगांडा: पीएम मोदी की युगांडा की उपराष्ट्रपति जेसिका अलुपो के साथ द्विपक्षीय बैठक।

11 से 13 सितंबर तक चलने वाली इन मैराथन मुलाकातों के जरिए भारत फूड और एनर्जी सिक्योरिटी, सप्लाई चेन को मजबूत बनाने, व्यापार, प्रौद्योगिकी और ग्लोबल गवर्नेंस में सुधार जैसे मुद्दों पर दुनिया के प्रमुख देशों के साथ आपसी सहयोग को नई दिशा देने की तैयारी में है।

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BRICS सम्मेलन के लिए पहुंच गए पुतिन, इस बीच 11-13 सितंबर की ट्रैफिक एडवाइजरी जानिए, दिल्ली में क्या-क्या बंद रहेगा?

BRICS updates: भारत की अध्यक्षता में आयोजित हो रहे 18वें ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन शुक्रवार तड़के दिल्ली पहुंच गए हैं। दिल्ली के भारत मंडपम में 12 और 13 सितंबर को होने वाले इस दो दिवसीय सम्मेलन के लिए ग्लोबल लीडर्स का आना शुरू हो चुका है। इस हाई प्रोफाइल आयोजन को देखते हुए दिल्ली पुलिस और ट्रैफिक पुलिस ने शहर भर में कड़े सुरक्षा इंतजाम और व्यापक ट्रैफिक डायवर्जन लागू किए हैं।

राष्ट्रपति पुतिन का तीन दिवसीय भारत दौरा और सम्मेलन का शेड्यूल

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी दी कि विदेश राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने हवाई अड्डे पर राष्ट्रपति पुतिन का गर्मजोशी से स्वागत किया। फरवरी 2022 में यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद रूस से बाहर किसी ब्रिक्स सम्मेलन में पुतिन की यह पहली व्यक्तिगत उपस्थिति है।

आइए अब आपको ब्रिक्स सम्मेलन के तहत 11 से 13 सितंबर तक का पूरा शेड्यूल बताते हैं।

11 सितंबर (शुक्रवार): राष्ट्रपति पुतिन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच द्विपक्षीय वार्ता होगी। इसमें रक्षा, ऊर्जा, व्यापार, प्रौद्योगिकी और फार्मास्यूटिकल्स पर चर्चा होने की उम्मीद है। दोनों नेता ‘इनोप्रोम’ (INNOPROM) प्रदर्शनी में भाग लेंगे। इसके अलावा पुतिन ब्रिक्स बिजनेस फोरम के पूर्ण सत्र को संबोधित करेंगे।

12 सितंबर (शनिवार): दोपहर 2:35 बजे से ‘समावेशी वैश्विक शासन और मल्टीलैटरिज्म को मजबूत करने’ पर क्लोज डोर सेशन के साथ मुख्य सम्मेलन की शुरुआत होगी। इसके बाद भारत इनोवेट्स प्रदर्शनी, फैमिली फोटो, वृक्षारोपण और रात 7:30 बजे पीएम मोदी द्वारा आयोजित गाला डिनर होगा।

13 सितंबर (रविवार): सुबह 10:50 बजे से उद्घाटन सत्र शुरू होगा। इसका विषय Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability रखा गया है। सम्मेलन का समापन ‘नई दिल्ली घोषणापत्र’ (New Delhi Declaration) के साथ होगा।

इस सम्मेलन में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा, इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो, मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फत्ताह अल-सिसी, मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम, यूएई (अबू धाबी) के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन जायद अल नहयान, इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद और वियतनाम के प्रधानमंत्री ले मिन्ह हंग समेत कई देशों के राष्ट्रप्रमुख और संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरस भाग ले रहे हैं।

ट्रैफिक एडवाइजरी: किन रास्तों पर रहेगा असर और कौन सी सड़कें रहेंगी बंद?

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सम्मेलन के दौरान पूरी दिल्ली बंद नहीं रहेगी, लेकिन वीवीआईपी काफिले की आवाजाही के समय अस्थायी रूप से यातायात रोका जा सकता है। शहर में 35 से अधिक प्रमुख सड़कों और 22 डायवर्जन पॉइंट्स पर पाबंदियां लागू की गई हैं। मथुरा रोड, सरदार पटेल मार्ग, शांति पथ, जनपथ, अशोका रोड, बाराखंबा रोड, टॉलस्टॉय मार्ग, अफ्रीका एवेन्यू रोड, नीति मार्ग, पंचशील मार्ग और एपीजे अब्दुल कलाम रोड पर ट्रैफिक रेगुलेशन की पाबंदियां देखने को मिलेंगी। नोएडा से मध्य दिल्ली, पूर्वी दिल्ली से मध्य दिल्ली, तथा द्वारका व पश्चिमी दिल्ली से धौला कुआं, हवाई अड्डे व दक्षिणी दिल्ली की ओर जाने वाले यात्रियों को अधिक समय लग सकता है।

दिल्ली में क्या खुला रहेगा और क्या रहेगा बंद?

न्यू दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन (NDTA) ने स्पष्ट किया है कि कनॉट प्लेस मार्केट 11 से 13 सितंबर के दौरान पूरी तरह खुला रहेगा। लोग नियमित समय पर खरीदारी और खान-पान के लिए जा सकते हैं, हालांकि उन्हें ट्रैफिक एडवाइजरी का पालन करना होगा। सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन पर स्थित दिल्ली मेट्रो म्यूजियम 11 से 13 सितंबर तक बंद रहेगा। 14 सितंबर को सोमवार की साप्ताहिक छुट्टी होने के कारण यह अब 15 सितंबर को खुलेगा। मेट्रो सेवाएं सामान्य रूप से चलती रहेंगी। हालांकि, सुरक्षा कारणों से कुछ स्टेशनों या प्रवेश-निकास द्वारों पर अस्थायी पाबंदियां लगाई जा सकती हैं।

डीटीसी और सिटी बसें चलती रहेंगी, लेकिन प्रभावित इलाकों से गुजरने वाले रूटों में बदलाव किया जा सकता है। ऑटो, टैक्सी और ऐप-आधारित कैब सेवाएं चालू रहेंगी, लेकिन प्रतिबंधित या नियंत्रित क्षेत्रों में पिक-अप और ड्रॉप-ऑफ पॉइंट बनाने की अनुमति नहीं होगी। दूध, दवाइयों और अन्य जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति को छूट दी जाएगी। हालांकि, भारी वाहनों और ट्रकों के प्रवेश के समय और रास्तों पर विशेष प्रतिबंध लागू रहेंगे।

छात्रों, मरीजों और आम यात्रियों के लिए सलाह

ट्रैफिक पुलिस ने यूपीएससी (UPSC), एनडीए (NDA), सीडीएस (CDS) और अन्य परीक्षाओं में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को अपने परीक्षा केंद्रों के रास्ते पहले से जांचने, एडमिट कार्ड और पहचान पत्र साथ रखने तथा पर्याप्त समय पहले घर से निकलने की सलाह दी है। अस्पताल जाने वाले मरीजों को भी अतिरिक्त समय लेकर चलने की सलाह दी गई है। किसी भी गंभीर मेडिकल इमरजेंसी की स्थिति में तुरंत नजदीकी ट्रैफिक पुलिसकर्मी से संपर्क करने को कहा गया है। पुलिस ने सोशल मीडिया पर ‘दिल्ली बंद’ से जुड़ी फर्जी अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक अपडेट पर भरोसा करने की अपील की है।

BRICS Summit 2026: दिल्ली में मौजूद रहेंगे दुनिया के ये ताकतवर नेता, ब्रिक्स सम्मेलन के लिए कौन-कौन आ रहा, ये रही पूरी लिस्ट

BRICS Summit 2026: दुनिया भर में बढ़ते व्यापारिक तनाव के बीच, भारत शनिवार से शुरू हो रहे दो दिन के ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन का इस्तेमाल इस समूह को आर्थिक विकास के एक सहयोगी इंजन के तौर पर पेश करने के लिए कर रहा है। साथ ही, भारत ‘ग्लोबल साउथ’ की विकास से जुड़ी मुख्य प्राथमिकताओं—खासकर खाद्य, ऊर्जा और सप्लाई चेन की सुरक्षा—की वकालत भी कर रहा है।

बता दें कि नई दिल्ली में शिखर सम्मेलन की तैयारियां पूरी हो रही हैं, और चीन ने राष्ट्रपति शी जिनपिंग के इसमें शामिल होने की पुष्टि भी कर दी है। करीब सात साल बाद यह उनकी भारत यात्रा होगी।

इस अहम बैठक में शामिल होने वाले अन्य शीर्ष नेताओं में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो शामिल हैं।

भारत के शीर्ष अधिकारियों ने गुरुवार को कहा कि भारत ‘ग्लोबल साउथ’ की मुख्य विकास प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने के लिए ब्रिक्स (BRICS) समूह को एक अहम और पूरक मंच के तौर पर आगे बढ़ा रहा है।

उन्होंने कहा कि वैश्विक व्यापार विवादों और भू-राजनीतिक बदलावों से पैदा हो रही आर्थिक चुनौतियों के बीच, हम खाद्य सुरक्षा, ऊर्जा स्थिरता और मजबूत सप्लाई चेन से जुड़ी अहम कमजोरियों को दूर करने पर ध्यान दे रहे हैं।

BRICS Summit के बीच ग्लोबल इकोनॉमी के सामने बड़ी चुनौतियां

बता दें कि नई दिल्ली में यह शिखर सम्मेलन ऐसे समय में हो रहा है जब वैश्विक अर्थव्यवस्था रूस-यूक्रेन युद्ध, पश्चिम एशिया संकट (खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकेबंदी) और ट्रंप प्रशासन की व्यापार व टैरिफ नीतियों के बुरे असर का सामना कर रही है।

समिट शुरू होने में बस दो दिन बचे हैं, लेकिन यह साफ नहीं है कि ग्रुप के सदस्य देश किसी साझा बयान पर सहमत हो पाए हैं या नहीं, क्योंकि पश्चिम एशिया संकट को लेकर ईरान और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के बीच मतभेद बने हुए हैं। यह ग्रुप आम सहमति के आधार पर काम करता है।

BRICS में शुरू में ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ़्रीका शामिल थे। 2024 में इसका विस्तार हुआ और इसमें मिस्र, इथियोपिया, ईरान, संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब को शामिल किया गया, जबकि इंडोनेशिया 2025 में इसमें शामिल होगा।

पिछले साल बेलारूस, बोलीविया, कज़ाकिस्तान, क्यूबा, ​​मलेशिया, नाइजीरिया, थाईलैंड, युगांडा, उज्बेकिस्तान और वियतनाम BRICS के पार्टनर देश बने।

वैश्विक अर्थव्यवस्था में BRICS का बढ़ता दबदबा

ध्यान दे कि BRICS एक प्रभावशाली ग्रुप के तौर पर उभरा है, क्योंकि यह दुनिया की 11 बड़ी उभरती अर्थव्यवस्थाओं को एक साथ लाता है। ये देश दुनिया की लगभग 49.5 प्रतिशत आबादी, लगभग 40 प्रतिशत GDP और लगभग 26 प्रतिशत व्यापार का प्रतिनिधित्व करते हैं।

भारत की BRICS की अध्यक्षता चार मुख्य स्तंभों— मजबूती (resilience), इनोवेशन, सहयोग और सस्टेनेबिलिटी पर आधारित है।

अधिकारियों ने बताया कि मजबूती वाले हिस्से के तहत, भारत स्वास्थ्य, कृषि, भोजन, ऊर्जा, आपदा जोखिम कम करने और सप्लाई चेन जैसे क्षेत्रों में सामूहिक सहयोग को मजबूत करने पर ध्यान दे रहा है।

उन्होंने कहा कि व्यापार, निवेश, कनेक्टिविटी और हाई टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाना भी समिट के एजेंडे में अहम होगा।

भारत की BRICS अध्यक्षता का थीम क्या है?

भारत की BRICS अध्यक्षता का थीम है: ‘मजबूती, इनोवेशन, सहयोग और सस्टेनेबिलिटी के लिए निर्माण’। यह थीम लोगों पर केंद्रित उस नजरिए को दिखाता है जो “मानवता सबसे पहले” की भावना पर आधारित है।

विदेश मंत्रालय (MEA) के अनुसार, इन मुद्दों के अलावा BRICS देशों के नेता आपसी प्राथमिकताओं पर सहयोग मजबूत करने को लेकर भी चर्चा करेंगे। साथ ही, वे दुनिया और अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े ऐसे मुद्दों पर अपने विचार साझा करेंगे, जो सभी देशों के लिए महत्वपूर्ण हैं।

इस साल भारत की अध्यक्षता में BRICS को मजबूत करने के लिए देश के 25 से ज्यादा शहरों में 350 से अधिक बैठकें और बड़े स्तर की चर्चाएं आयोजित की गई हैं। इनका मकसद BRICS की रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करना है। यह साझेदारी तीन मुख्य क्षेत्रों पर आधारित है—राजनीतिक और सुरक्षा, आर्थिक और वित्तीय, तथा सांस्कृतिक और लोगों के बीच आपसी संपर्क।

भारत चौथी बार संभाल रहा BRICS की कमान

भारत BRICS का संस्थापक सदस्य है। इससे पहले भारत 2012, 2016 और 2021 में BRICS की अध्यक्षता कर चुका है। 1 जनवरी 2026 को भारत ने चौथी बार BRICS की अध्यक्षता संभाली है।

बंद कमरे की बैठक से लेकर फैमिली फोटो तक, ऐसा रहेगा पहला दिन

विदेश मंत्रालय (MEA) के अनुसार, शिखर सम्मेलन की शुरुआत शनिवार को दोपहर 2:35 बजे BRICS सदस्य देशों के लिए ‘समावेशी वैश्विक शासन और बहुपक्षवाद को मजबूत करना’ (Inclusive Global Governance and Strengthening Multilateralism) विषय पर एक बंद कमरे में होने वाले सत्र (closed-door session) के साथ होगी।

इस सत्र के बाद, नेता ‘भारत इनोवेट्स प्रदर्शनी’ (Bharat Innovates Exhibition) का दौरा करेंगे, जिसका उद्घाटन शाम 4:25 बजे होना है। शाम 5:05 बजे, नेता ‘भारत मंडपम’ – जो शिखर सम्मेलन का स्थल है – के लॉन में एक ‘फैमिली फोटो’ (सामूहिक तस्वीर) के लिए इकट्ठा होंगे, जिसके बाद संयुक्त रूप से वृक्षारोपण समारोह होगा। पहले दिन के कार्यक्रमों का समापन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शाम 7:30 बजे आयोजित एक भव्य रात्रिभोज (gala dinner) के साथ होगा।

रविवार को BRICS के सदस्य देशों, पार्टनर देशों और आमंत्रित देशों के नेता सुबह 9:55 बजे से भारत मंडपम पहुंचना शुरू करेंगे। इसके बाद सुबह 10:35 बजे आधिकारिक ग्रुप फोटो ली जाएगी।

विदेश मंत्रालय (MEA) द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, ‘रेजिलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन एंड सस्टेनेबिलिटी: शेपिंग द फ्यूचर फॉर इंक्लूसिव ग्लोबल ग्रोथ’ (लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता: समावेशी वैश्विक विकास के लिए भविष्य को आकार देना) विषय पर उद्घाटन सत्र सुबह 10:50 बजे शुरू होगा।

यह शिखर सम्मेलन ‘नई दिल्ली घोषणापत्र’ (New Delhi Declaration) जारी होने के साथ संपन्न होगा।

दक्षिण अफ्रीका की एंट्री से BRIC बना BRICS

2006 में संयुक्त राष्ट्र महासभा में औपचारिक रूप से गठित BRIC ने अपना पहला शिखर सम्मेलन 2009 में रूस के येकातेरिनबर्ग में आयोजित किया था।

2010 में UNGA के विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान दक्षिण अफ्रीका को शामिल करने पर सहमति बनने के बाद यह समूह BRICS बन गया, और दक्षिण अफ्रीका ने 2011 में सान्या में हुए अपने पहले शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया।

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3 दिन की बजाय 12 घंटे में पहुंचेगा सामान! जानिए वेस्टर्न फ्रेट कॉरिडोर यूपी के दादरी से जवाहरलाल नेहरू पोर्ट तक क्या-क्या बदलेगा

उत्तर प्रदेश के दादरी से नवी मुंबई के जवाहरलाल नेहरू पोर्ट को जोड़ने वाला 1600 किलोमीटर लंबा वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर अब पूरी तरह से बनकर तैयार हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को वडोदरा दौरे के दौरान वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के तीन प्रमुख हिस्सों का उद्घाटन कर इस महत्वाकांक्षी परियोजना के पूरा होने का औपचारिक ऐलान किया। इस बीच नवी मुंबई के उरण में पत्रकारों से बात करते हुए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि यह कॉरिडोर देश के लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में एक बड़ी क्रांति लाएगा। इससे भारत की लॉजिस्टिक्स लागत घटकर करीब 7 फीसदी रह जाएगी। इससे भारत चीन को सीधी टक्कर दे सकेगा और ग्लोबल सप्लाई चेन का ज्यादा मजबूत हिस्सा बन सकेगा।

लॉजिस्टिक्स लागत घटेगी, चीन से मुकाबला होगा आसान

पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक सीएम देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि पहले भारत की लॉजिस्टिक्स लागत करीब 14 प्रतिशत थी जबकि चीन में यह 7 प्रतिशत थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कोशिशों से भारत की लॉजिस्टिक्स लागत 14 प्रतिशत से घटकर 10 प्रतिशत पर आई थी। अब इस डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के चालू होने से यह लागत घटकर करीब 7 प्रतिशत रह जाएगी। इससे भारतीय उद्योग अधिक प्रतिस्पर्धी बनेंगे और वैश्विक बाजार में चीन का मुकाबला आसानी से कर सकेंगे।

3 दिन का सफर अब महज 12 घंटे में होगा पूरा

फडणवीस ने दावा किया है कि इस फ्रेट कॉरिडोर के चालू होने से माल ढुलाई के समय में भारी गिरावट आएगी। सड़क के रास्ते जिस सामान को दादरी से जेएनपीटी तक पहुंचाने में करीब तीन दिन का समय लगता था, वही सामान अब फ्रेट कॉरिडोर के जरिए सिर्फ 12 घंटे में अपनी मंजिल तक पहुंच जाएगा। इस कॉरिडोर पर डबल-स्टैक कंटेनर ट्रेनें (एक कंटेनर के ऊपर दूसरा कंटेनर रखकर) दौड़ेंगी। इस तरह की एक ट्रेन 250 ट्रकों के बराबर माल एक बार में ले जा पाएंगी। इस पूरे कॉरिडोर में इलेक्ट्रिक ट्रेनों चलेंगी। इससे पेट्रोल और डीजल की भारी बचत होगी। इसके अलावा पर्यावरण प्रदूषण में भी बड़ी गिरावट आएगी।

महाराष्ट्र और JNPT को मिलेगा सबसे बड़ा फायदा

कई राज्यों से होकर गुजरने वाले इस 1600 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर का अंतिम स्टेशन नवी मुंबई का जेएनपीटी है। सीएम फडणवीस ने कहा कि इसका सबसे अधिक लाभ महाराष्ट्र को मिलेगा। जेएनपीटी अगले दो सालों के भीतर 1 मिलियन से अधिक TEUs (ट्वेंटी-फुट इक्विवेलेंट यूनिट) कंटेनर कार्गो को हैंडल करने वाला देश का पहला बंदरगाह बनने जा रहा है। इस परियोजना से आयात-निर्यात पर निर्भर उद्योगों की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी, व्यापार को गति मिलेगी और महाराष्ट्र में बड़े पैमाने पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस ऐतिहासिक परियोजना को पूरा करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, भारत सरकार और फाइनेंशियल मदद देने वाली जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (JICA) के साथ जापान सरकार का आभार भी जताया है।

PM Modi: पीएम मोदी ने दिल्ली बिल्डिंग हादसे पर जताया दुख, अब तक तीन लोगों की हुई मौत

दिल्ली के सत्य निकेतन में रविवार दोपहर को एक 5 मंजिला बिल्डिंग गिर गई। हादसे में अब तक कम से कम तीन लोगों की मौत की खबर है। वहीं कई छात्रों के मलबे में दबे होने की आशंका है। इस इमारत का इस्तेमाल छात्रों के लिए PG के तौर पर किया जा रहा था। वहीं इस हादसे के बाद से राहत-बचाव काम जारी है। इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना पर दुख जताया है। उन्होंने हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। प्रधानमंत्री ने रविवार को X पर पोस्ट कर इस घटना को बेहद दुखद बताया।

पीएम ने जताया दुख

प्रधानमंत्री ने कहा कि, हादसे से प्रभावित लोगों की मदद के लिए अधिकारी मौके पर राहत और बचाव कार्य में जुटे हुए हैं। सोशल मीडिया X पर किए पोस्ट में पीएम ने लिखा, “दिल्ली के सत्य निकेतन में एक बिल्डिंग का गिरना दुखद है। जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खो दिया है, उनके प्रति संवेदना। घायलों के जल्दी ठीक होने की प्रार्थना। अधिकारी मौके पर काम कर रहे हैं और हादसे में प्रभावित लोगों की मदद कर रहे हैं।”

अबतक 3 लोगों की हुई मौत

जानकारी के अनुसार, दिल्ली के सत्य निकेतन मार्केट में इमारत गिरने की घटना में अब तक तीन लोगों की जान जा चुकी है। वहीं नौ लोगों को मलबे से सुरक्षित बाहर निकाला गया है। हादसे के बाद राहत और बचाव टीमें लगातार मौके पर काम कर रही हैं और प्रभावित लोगों को निकालने की कोशिश जारी है। इसी दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी घटना पर दुख जताया और घायलों के जल्द ठीक होने की कामना की।

40-50 साल पुरानी है इमारत

दिल्ली पुलिस ने बताया कि, साउथ कैंपस थाने में दोपहर करीब 1:34 बजे इमारत गिरने की सूचना मिली थी। जानकारी मिलते ही पुलिस, NDRF, दिल्ली फायर सर्विस और DDMA की टीमें फायर टेंडर और एंबुलेंस के साथ मौके पर पहुंच गईं। इसके बाद मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए तुरंत राहत और बचाव अभियान शुरू किया गया। वहीं जांच के दौरान सामने आया कि सत्य निकेतन की यह इमारत करीब 40 से 50 साल पुरानी थी और इसमें बेसमेंट के अलावा पांच मंजिलें थीं। बिल्डिंग का इस्तेमाल PG के रूप में किया जा रहा था और हादसे के समय बेसमेंट में मरम्मत का काम चल रहा था।

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