L&T Target Price: मैनेजमेंट से मुलाकात के बाद JPMorgan ने सबसे बड़ा टारगेट दिया, 30% चढ़ सकता है स्टॉक

L&T Target Price: ब्रोकरेज फर्म JPMorgan ने दिग्गज इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी Larsen and Toubro यानी L&T के शेयर पर ‘Overweight’ रेटिंग बरकरार रखी है। ब्रोकरेज ने शेयर का टारगेट प्राइस ₹5,060 रखा है। इस टारगेट के हिसाब से मौजूदा स्तर से शेयर में करीब 30% की तेजी की गुंजाइश है।

मंगलवार को L&T का शेयर 0.7% गिरकर ₹3,877 पर बंद हुआ। इस साल अब तक शेयर करीब 6% नीचे है। JPMorgan का ₹5,060 का टारगेट L&T के लिए सबसे ऊंचे टारगेट में शामिल है।

पश्चिम एशिया में प्रोजेक्ट्स पर बड़ा अपडेट

JPMorgan ने L&T के मैनेजमेंट से मुलाकात की। इसके बाद ब्रोकरेज ने अपनी रिपोर्ट जारी की। मैनेजमेंट के मुताबिक पश्चिम एशिया में कंपनी के प्रोजेक्ट्स का काम अभी भी बिना किसी बड़ी रुकावट के चल रहा है।

पश्चिम एशिया में संघर्ष के कारण लागत बढ़ी है। हालांकि, कंपनी के ग्राहकों ने बड़े स्तर पर इस बढ़ी हुई लागत को स्वीकार किया है। L&T ने इस मुश्किल दौर में ग्राहकों के साथ अपने मजबूत रिश्ते बनाए रखने पर फोकस जारी रखने की बात कही है।

भारत में सरकारी खर्च बढ़ने की उम्मीद

L&T के मुताबिक भारत में सरकारी कैपेक्स कुछ समय तक सुस्त रहने के बाद फिर बढ़ सकता है। वहीं, निजी कंपनियों का कैपेक्स भी अब रफ्तार पकड़ रहा है। इसमें थर्मल पावर सेक्टर में मिले बड़े ऑर्डर की अहम भूमिका है।

कंपनी ने आगे के लिए कई नए क्षेत्रों पर भी फोकस किया है। इनमें डेटा सेंटर, ग्रीन एनर्जी और इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग शामिल हैं।

इसके अलावा L&T ने 2031 तक अपने डिफेंस कारोबार से होने वाले रेवेन्यू को दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। कंपनी का फोकस रिटर्न ऑन इक्विटी, कैश फ्लो और शेयरधारकों को मिलने वाले रिटर्न पर भी बना रहेगा।

मिड-टीन्स ग्रोथ की उम्मीद

JPMorgan के मुताबिक पश्चिम एशिया का संघर्ष L&T के शेयर के लिए एक जोखिम बना हुआ है। इसके बावजूद कंपनी के कारोबार को पारंपरिक और नए क्षेत्रों में मिड-टीन्स यानी सालाना करीब 13-16% की ग्रोथ के लिए तैयार किया जा रहा है।

ब्रोकरेज के मुताबिक कंपनी के रिटर्न ऑन इक्विटी में भी मजबूती बनी हुई है। JPMorgan ने यह भी कहा कि L&T का वैल्यूएशन 25 गुना से कम P/E पर है। ब्रोकरेज ने इसे आकर्षक बताया है।

₹5,000 के ऊपर टारगेट देने वाले ब्रोकरेज

JPMorgan के अलावा दो और ब्रोकरेज ने L&T के लिए ₹5,000 या उससे ज्यादा का टारगेट दिया है। Jefferies और ICICI Direct दोनों ने शेयर का टारगेट ₹5,000 रखा है।

L&T को कुल 32 एनालिस्ट कवर कर रहे हैं। इनमें 26 ने शेयर पर ‘Buy’, 5 ने ‘Hold’ और 1 एनालिस्ट ने ‘Sell’ रेटिंग दी है।

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निफ्टी के 10 बड़े शेयर औसतन 20% टूटे, मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में अभी भी अच्छे मौके

कच्चे तेल के उबाल और ईरान-US टेंशन से बाजार पस्त नजर आ रहा है। आज लगातार तीसरे दिन गिरावट है। निफ्टी ने इंट्रा डे में 23500 का लेवल तोड़ा है। बैंक निफ्टी भी 56500 के करीब है। मिडकैप-स्मॉलकैप में भी बिकवाली है। कच्चा तेल 100 डॉलर के करीब पहुंच गया है। बाजार पर अपनी राय साझा करते हुए सीएनबीसी-आवाज के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि बाजार इस समय मंदड़ियों के कंट्रोल में है। लगातार हमारा नजरिया रहा है,बाजार में शॉर्ट रहें। कल भी 3:30 पर शॉर्ट कैरी करने का नजरिया लिया था। निफ्टी साफ दिखा रहा है कि 23,500 खतरे में है और 23,100-23,300 की भी संभावना ज्यादा है।

कच्चा तेल $100 के करीब है, लेकिन भारतीय बास्केट $106 पर है। अब भारतीय क्रूड बास्केट जुलाई के निचले स्तर से 30% ऊपर है। एक अच्छी बात ये है कि इंडेक्स खराब है,शेयर नहीं। मिडकैप इंडेक्स ऑल टाइम हाई से सिर्फ 2% नीचे है और स्मॉलकैप इंडेक्स तो लाइफ टाइम हाई पर है। इसलिए ये कहना कि बाजार खराब है, ठीक नहीं है। लार्जकैप इंडेक्स में दबाव है और इसी वजह से निफ्टी नीचे है। निफ्टी के 10 सबसे बड़े शेयरों में 1 भी तेजी में नहीं है।

बाजार: क्यों गिर रहे हैं हम?

बाजार की दिक्कत ये है कि सभी बड़े शेयर गिरावट में हैं। निफ्टी,भारत के सबसे बड़े शेयरों का सिर्फ एक झांकी भर है। सबसे बड़े 10% शेयर औसतन 20% नीचे हैं। सबसे बड़े शेयरों की जोरदार पिटाई हुई है। रिलायंस अपने हाई से 20 फीसदी नीचे है। इसी तरह HDFC बैंक 31 फीसदी, ICICI बैंक 5.5 फीसदी, SBI 18 फीसदी, TCS 33 फीसदी, L&T में 11 फीसदी और इंफोसिस में 37 फीसदी की गिरावट आई है। यही कारण है कि निफ्टी अपने हाई से 10% से ज्यादा नीचे है। इन 10 बड़े शेयरों को छोड़ दें तो बाजार खराब नहीं है।

बाजार: आज के संकेत

कच्चा तेल $100 के करीब है, लेकिन भारतीय क्रूड बास्केट $106 पर है। अब भारतीय क्रूड बास्केट जुलाई के निचले स्तर से 30% ऊपर है। US बाजार में गिरावट को हम जितना पचाकर गए थे उससे ज्यादा गिरे हैं। सेमीकंडक्टर शेयरों में खरीदारी ने नैस्डेक की गिरावट को सीमित रखा। आज फिर IT शेयरों में दबाव रह सकता है।

बाजार: कहां तक गिर सकता है निफ्टी?

निफ्टी में इस साल 2 बड़े बॉटम बने थे। युद्ध के तुरंत बाद 22,331 और मई में 23,123 (क्लोजिंग लेवल)। क्लोजिंग के हिसाब से हम 24,774 तक चले थे। मई के स्तर से जो रैली हुई उसका हम 60% गिर चुके हैं। अगर 23,750 के नीचे बंद हुए तो 61.8% रिट्रेसमेंट होगी। ऐसे में वापस 23,100-23,200 जाने का रिस्क होगा। युद्ध के बाद वाले लो की रैली का भी हम 41% रिट्रेस हो चुके हैं और उसका 50% retracement लेवल आएगा करीब 23,550 पर। यानी कि कुल मिला कर 23,200-23,500 का रास्ता अब शायद खुल चुका है।

बाजार: आज कहां हो नजर?

कल हमने हिंद जिंक, हिंद कॉपर पर पॉजिटिव नजरिया लिया। वो ट्रेड आज भी थोड़ा और चल सकती है। कॉपर और जिंक की कीमतों में आज भी तेजी है। हालांकि चांदी में गिरावट से हिंद जिंक में मुनाफावसूली संभव है। एल्यूमीनियम कीमतें भी 4 हफ्ते के उच्च स्तर पर। हैरानी की बात ये कि दरों में बढ़ोतरी की 65% संभावना पर भी मेटल शेयर चल रहे हैं। इसका मतलब है कि मेटल शायद अब एक Structural Bull Market में आ रहे हैं। IT वापस बाजार की सबसे कमजोर कड़ी बन चुका है। अपने हालिया उच्च स्तर से IT इंडेक्स 2000 अंक गिर चुका है। कैपिटल गुड्स से जुड़े कुछ शेयर आज भी चल सकते हैं। बैंक निफ्टी ने भी कल 56,800 का अहम लेवल तोड़ा है।

एक साथ 6 IPOs खुले हैं, जो 1996 के बाद पहली बार हुआ है। IPOs में जबरदस्त पैसा बन रहा है। इसलिए सेंकडरी मार्केट की काफी लिक्विडिटी वहां जा रही है। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में अभी भी अच्छे मौके हैं।

 

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Stocks to Watch: 2 सितंबर को फोकस में रहेंगे ये 13 स्टॉक्स, दिख सकता है तगड़ा एक्शन

Stocks to Watch: बुधवार 2 सितंबर को कई बड़ी कंपनियों के शेयरों पर नजर रहेगी। अगस्त की सेल्स, नए ऑर्डर और बड़े बिजनेस अपडेट सामने आए हैं। रिन्यूएबल एनर्जी, FMCG, IT और मेटल सेक्टर की कंपनियां फोकस में रहेंगी। यहां 13 ऐसे स्टॉक्स हैं, जिनमें बुधवार को हलचल देखने को मिल सकती है।

Hero MotoCorp

देश की सबसे बड़ी टू-व्हीलर कंपनी Hero MotoCorp की घरेलू बिक्री अगस्त में 4.5% बढ़कर 5.42 लाख यूनिट रही। स्कूटर की बिक्री बढ़ने से मोटरसाइकिल की बिक्री में आई गिरावट का असर कम हुआ। कुल बिक्री और एक्सपोर्ट मिलाकर डिस्पैच 2.6% बढ़कर 5.68 लाख यूनिट रहे।

Coal India

सरकारी कोयला कंपनी Coal India ने अगस्त के ई-ऑक्शन में 210.66 लाख टन कोयला ऑफर किया। इसमें से 82.76 लाख टन की एलोकेशन हुई। यानी करीब 39% कोयला बिका। खास बात यह रही कि औसत कीमत नोटिफाइड प्राइस से 59% ज्यादा रही।

NMDC

सरकारी खनन कंपनी NMDC ने अगस्त में उत्पादन बढ़ने की जानकारी दी है। कंपनी का कुल उत्पादन बढ़कर 40.7 लाख टन हो गया। एक साल पहले अगस्त में यह 33.7 लाख टन था। वहीं, बिक्री 35.8 लाख टन रही, जो पिछले साल 33.9 लाख टन थी।

Ujjivan Small Finance Bank

स्मॉल फाइनेंस बैंक Ujjivan Small Finance Bank ने बताया कि RBI ने कैरल फर्टाडो को अंतरिम CEO बनाने की मंजूरी दे दी है। उनकी नियुक्ति 1 सितंबर 2026 से प्रभावी होगी। वह तीन महीने तक इस पद पर रहेंगी।

Gland Pharma

फार्मा कंपनी Gland Pharma की विशाखापट्टनम स्थित API फैसिलिटी में US FDA ने 24 अगस्त से 1 सितंबर 2026 के बीच GMP इंस्पेक्शन किया। कंपनी के मुताबिक, इस इंस्पेक्शन के बाद फैसलिटी को US FDA से कोई आपत्ति नहीं मिली है। इसे कंपनी के लिए बड़ा पॉजिटिव अपडेट माना जा रहा है।

Adani Green Energy

रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी Adani Green Energy की सब्सिडियरी ने गुजरात के खावड़ा में 139 MW का सोलर प्रोजेक्ट चालू कर दिया है। इसके बाद कंपनी की कुल ऑपरेशनल रिन्यूएबल एनर्जी कैपेसिटी बढ़कर 20,280.8 MW हो गई है।

Reliance Industries

तेल से रिटेल तक कारोबार करने वाली Reliance Industries की सब्सिडियरी RCPL ने आइसक्रीम बाजार में एंट्री कर ली है। कंपनी ने ‘Bombay Creamery’ नाम से नया ब्रांड लॉन्च किया है। इसकी शुरुआती कीमत ₹10 रखी गई है। आइसक्रीम को रियल डेयरी क्रीम से तैयार किया जाएगा।

ARSS Infrastructure Projects

इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी ARSS Infrastructure Projects को ईस्ट कोस्ट रेलवे से करीब ₹104.06 करोड़ का वर्क ऑर्डर मिला है। यह ऑर्डर हावड़ा-विशाखापट्टनम मुख्य रेल लाइन पर दो रोड ओवर ब्रिज बनाने से जुड़ा है।

Ashiana Housing

रियल एस्टेट कंपनी Ashiana Housing ने अगस्त 2026 में 1.67 लाख वर्ग फुट एरिया की बुकिंग की। इसकी वैल्यू ₹165.93 करोड़ रही। अगस्त तक कंपनी की YTD बुकिंग 11.30 लाख वर्ग फुट तक पहुंच गई, जिसकी कुल वैल्यू ₹1,025.34 करोड़ है।

L&T Finance

फाइनेंशियल सर्विसेज कंपनी L&T Finance को IRDAI से कॉरपोरेट एजेंट के तौर पर Perpetual Registration मिल गया है। कंपनी का नया सर्टिफिकेट 31 अगस्त 2026 से लागू हो गया है। इससे कंपनी को इंश्योरेंस प्रोडक्ट्स के डिस्ट्रीब्यूशन से जुड़े कारोबार को बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

ITC

FMCG कंपनी ITC की सब्सिडियरी ITC Infotech के साथ Blazeclan Technologies और Cloudlytics Technologies के मर्जर को NCLT की कोलकाता और मुंबई बेंच से मंजूरी मिल गई है। यह मंजूरी ITC Infotech के डिजिटल और क्लाउड कारोबार को मजबूत कर सकती है।

Wipro

IT कंपनी Wipro ने ABB के साथ अपने ग्लोबल डिजिटल वर्कप्लेस सर्विसेज एंगेजमेंट को आगे बढ़ाया है। इस समझौते के तहत डिजिटल वर्कप्लेस सर्विसेज को बेहतर बनाने और उन्हें आगे डेवलप करने पर काम होगा।

Defence Stocks: रिलायंस, टाटा से अदाणी तक… विदेशी दिग्गजों के साथ मिलकर हथियार बनाएंगी ये 5 भारतीय कंपनियां

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DRDO Missile: सरकार ने टेक्नोलॉजी ट्रांसफर को मंजूरी दी, इन 7 डिफेंस स्टॉक्स पर रखें नजर

DRDO Missile: भारत के डिफेंस सेक्टर के लिए 25 अगस्त का दिन अहम रहा। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने DRDO की डेवलप सभी पारंपरिक मिसाइल सिस्टम्स की टेक्नोलॉजी भारतीय कंपनियों को ट्रांसफर करने को मंजूरी दे दी। इससे देश में मिसाइलों का प्रोडक्शन बढ़ाने और विदेशी हथियारों पर निर्भरता घटाने का रास्ता खुलेगा।

इसका फायदा सिर्फ मिसाइल बनाने वाली कंपनियों तक सीमित नहीं रहेगा। रडार, इलेक्ट्रॉनिक्स, लॉन्चर, गाइडेंस सिस्टम और दूसरे उपकरण बनाने वाली कंपनियों को भी नए ऑर्डर मिल सकते हैं। हालांकि, हर कंपनी को टेक्नोलॉजी या ऑर्डर मिलेगा, यह अभी तय नहीं है। कंपनियों को योग्यता और दूसरी जरूरी शर्तें पूरी करनी होंगी।

Bharat Dynamics

इस खबर से सबसे सीधा जुड़ा नाम सरकारी डिफेंस कंपनी भारत डायनेमिक्स यानी BDL है। कंपनी पहले से DRDO की कई मिसाइलों का उत्पादन करती है। आकाश, नाग, अस्त्र और MRSAM जैसी मिसाइल प्रणालियों से इसका कारोबार जुड़ा है।

देश में मिसाइल उत्पादन बढ़ता है तो BDL को नए ऑर्डर मिलने का फायदा हो सकता है। कंपनी के पास पहले से जरूरी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता और अनुभव भी है। हालांकि, निजी कंपनियों की एंट्री से आगे प्रतिस्पर्धा बढ़ सकती है।

Bharat Electronics

सरकारी कंपनी BEL सिर्फ मिसाइल नहीं बनाती। मिसाइल सिस्टम में रडार, इलेक्ट्रॉनिक्स और कंट्रोल सिस्टम भी जरूरी होते हैं। इस हिस्से में BEL की मजबूत मौजूदगी है।

आकाश और MRSAM जैसे सिस्टम में कंपनी की अहम भूमिका है। इसलिए मिसाइल उत्पादन बढ़ने के साथ रडार और इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम की मांग बढ़ी तो BEL को भी फायदा मिल सकता है।

L&T

प्राइवेट सेक्टर में L&T बड़ा नाम है। कंपनी मिसाइल सिस्टम, लॉन्चर, रडार और एयर डिफेंस सिस्टम से जुड़े काम करती है। आकाश मिसाइल के लिए भी कंपनी कई अहम हिस्सों का उत्पादन कर चुकी है।

सरकार अगर प्राइवेट कंपनियों की हिस्सेदारी बढ़ाती है तो L&T मजबूत दावेदार हो सकती है। कंपनी के पास बड़े डिफेंस प्रोजेक्ट संभालने का अनुभव और क्षमता दोनों हैं।

Bharat Forge

भारत फोर्ज का डिफेंस कारोबार तेजी से बढ़ रहा है। Kalyani Strategic Systems के जरिए कंपनी हथियार, गोला-बारूद, एयर डिफेंस और दूसरे डिफेंस सिस्टम पर काम करती है।

मिसाइल और एयर डिफेंस का उत्पादन बढ़ा तो कंपनी को नए मौके मिल सकते हैं। इसे सीधे मिसाइल कंपनी की बजाय बड़े डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग प्ले के तौर पर देखना बेहतर होगा।

Solar Industries

प्राइवेट सेक्टर की Solar Industries डिफेंस में प्रोपेलेंट, विस्फोटक और दूसरे हाई-एनर्जी मटेरियल बनाती है। कंपनी ब्रह्मोस मिसाइल के लिए प्रोपेलेंट से जुड़े काम में भी रही है।

मिसाइलों का प्रोडक्शन बढ़ेगा तो उनके लिए जरूरी सामग्री की मांग भी बढ़ सकती है। इसलिए Solar को मिसाइल सप्लाई चेन के एक अहम खिलाड़ी के तौर पर देखा जा सकता है।

Data Patterns

डेटा पैटर्न्स डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक्स पर काम करती है। कंपनी रडार, गाइडेंस सिस्टम, टेस्टिंग सिस्टम और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बनाती है।

मिसाइलों में लगे सीकर और गाइडेंस सिस्टम काफी अहम होते हैं। इसलिए मिसाइल उत्पादन बढ़ने पर ऐसे इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम की मांग बढ़ सकती है।

Astra Microwave

Astra Microwave रडार और रेडियो फ्रीक्वेंसी सिस्टम बनाती है। मिसाइल और एयर डिफेंस सिस्टम में इनकी अहम भूमिका होती है।

इसलिए मिसाइल उत्पादन बढ़ने का फायदा सीधे न सही, लेकिन डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक्स की बढ़ती मांग के जरिए कंपनी को मिल सकता है।

एक नजर में

कंपनीमुख्य फायदा
भारत डायनेमिक्समिसाइल उत्पादन
भारत इलेक्ट्रॉनिक्स
रडार और इलेक्ट्रॉनिक्स

L&T
मिसाइल और एयर डिफेंस

भारत फोर्जडिफेंस मैन्युफैक्चरिंग
Solar Industriesप्रोपेलेंट और विस्फोटक
Data Patternsमिसाइल इलेक्ट्रॉनिक्स
Astra Microwaveरडार और रेडियो फ्रीक्वेंसी

निवेशकों के लिए जरूरी बात

अभी इसे सीधे शेयर खरीदने का संकेत नहीं मानना चाहिए। सरकार ने टेक्नोलॉजी ट्रांसफर को मंजूरी दी है। आगे कंपनियों का चयन होगा। फिर प्रोडक्शन और ऑर्डर की तस्वीर साफ होगी।

फिलहाल BDL, BEL, L&T, भारत फोर्ज, Solar Industries, Data Patterns और Astra Microwave पर नजर रखी जा सकती है। असली फायदा किसे मिलेगा, यह आने वाले ऑर्डर और उनके असर से कंपनी की कमाई पर पता चलेगा।

Market Mantra : कंप्लीट सर्किल के गुरमीत चड्ढा से जाने, किन सेक्टर्स और शेयरों पर फोकस करना बेहतर

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

सुनील सिंघानिया ने इन 2 शेयरों से निकाला पूरा पैसा, इस नए स्टॉक में लगाई बड़ी बाजी; चेक करें पूरी लिस्ट

Sunil Singhania Abakkus MF Changes: दिग्गज निवेशक सुनील सिंघानिया के अबक्कस म्यूचुअल फंड ने जुलाई महीने में अपने पोर्टफोलियो में बड़ा फेरबदल किया है। फंड हाउस की दो प्रमुख इक्विटी स्कीम अबक्कस फ्लेक्सीकैप फंड और अबक्कस स्मॉल कैप फंड से सरकारी बैंक ‘बैंक ऑफ बड़ौदा’ को पूरी तरह बेच दिया है।

इसके अलावा, स्मॉल कैप फंड ने आईटी कंपनी Cyient से भी एग्जिट कर लिया है, जबकि आईजीआई (IGI) जैसे शेयरों में नई हिस्सेदारी खरीदी है। आइए जानते हैं जुलाई के महीने में सुनील सिंघानिया के फंड हाउस ने किन शेयरों में बिकवाली की और किन दिग्गजों पर भरोसा बढ़ाया है।

IGI में नई एंट्री, HDFC Bank और SBI पर बढ़ाया दांव

₹6,338 करोड़ के एसेट साइज वाले अबक्कस फ्लेक्सीकैप फंड ने जुलाई में अपने पोर्टफोलियो के 34 शेयरों में हिस्सेदारी बढ़ाई और 3 में घटाई। महीने के अंत तक इसके पोर्टफोलियो में कुल 45 शेयर थे।

फंड ने IGI में 0.6% हिस्सेदारी के साथ नई पोजीशन ली, जबकि जून में 2.7% वेटेज वाले Bank of Baroda को पूरी तरह से बेचकर एग्जिट कर लिया।

फंड ने HDFC Bank (4% से बढ़ाकर 4.72%), SBI (3.6% से 3.89%), L&T (1.5% से 3.2%), वेदांता एल्युमीनियम (2% से 2.65%) और M&M (2.6% से 2.84%) में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है।

टॉप-5 होल्डिंग्स: ICICI Bank (5.55%) फंड की सबसे बड़ी होल्डिंग है। इसके बाद HDFC Bank (4.72%), SBI (3.89%), रिलायंस इंडस्ट्रीज (3.10%) और डिविस लैबोरेटरीज (2.95%) का नंबर आता है।

सेक्टर आवंटन: बैंकिंग सेक्टर 17% हिस्सेदारी के साथ सबसे ऊपर है, जिसके बाद फार्मा (7.7%) और कैपिटल मार्केट्स (5.2%) हैं।

अबक्कस स्मॉल कैप फंड: Cyient से एग्जिट, BEML और मिसेज बेक्टर्स की एंट्री

₹2,113 करोड़ के अवाकस स्मॉल कैप फंड में जुलाई में जबरदस्त हलचल देखी गई। फंड ने 56 शेयरों में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई और महीने के अंत में कुल 62 शेयरों का पोर्टफोलियो मेंटेन किया।

नए शेयर शामिल किए: फंड ने BEML (1.5%), मिसेज बेक्टर्स फूड स्पेशलिटीज (1%) और इंडो-MIM (0.4%) को अपने पोर्टफोलियो में जगह दी।

इन दो शेयरों से पूरी तरह बाहर: स्मॉल कैप फंड ने Bank of Baroda (जून में 1.1% वेटेज) और Cyient (जून में 1.3% वेटेज) को पूरी तरह बेच दिया।

इनमें बढ़ाया निवेश: कॉनकॉर, किर्लोस्कर ऑयल इंजन, लीला पैलेसेस, एलेम्बिक फार्मा, पीजी इलेक्ट्रोप्लास्ट, तानला प्लेटफॉर्म्स और आईजीआई में एक्सपोजर बढ़ाया गया।

टॉप होल्डिंग्स: डॉ लाल पाथलैब्स (1.80%) और वेल्सपन कॉर्प (1.80%) फंड की सबसे बड़ी होल्डिंग्स हैं, जिसके बाद कैम्स (1.79%), आईजीआई (1.76%) और करूर वैश्य बैंक (1.74%) का स्थान है।

दोनों फंड्स का शानदार प्रदर्शन: बेंचमार्क इंडेक्स को पछाड़ा

सुनील सिंघानिया के इन दोनों फंड्स ने जुलाई महीने और बीते कुछ महीनों में अपने संबंधित बेंचमार्क इंडेक्स के मुकाबले बेहतरीन रिटर्न दिया है:

दोनों फंड्स का शानदार प्रदर्शन: बेंचमार्क इंडेक्स को पछाड़ा

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : बाजार के लिए मिले-जुले संकेत हैं। गिफ्ट निफ्टी में हल्की नरमी देखने को मिल रही है। FIIs की कैश और वायदा मिलाकर 720 करोड़ की बिकवाली देखने को मिली है। FIIs की नेट शॉर्ट पोजिशन भी बढ़ी है। उधर स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज का मुद्दा सुलझाने की डिप्लोमैटिक कोशिशों की बीच कच्चे तेल में करीब दो फीसदी की गिरावट आई है। इसके भाव 87 डॉलर के नीचे आ गए हैं।

यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

13 अगस्त को उतार-चढ़ाव भरे सेशन में निचले स्तरों पर खरीदारी से बेंचमार्क इंडेक्स दिन के निचले स्तरों से उबर कर लगभग सपाट बंद हुए। निफ्टी 24,400 के स्तर के आसपास बंद हुआ। बैंकिंग,मेटल और फार्मा शेयरों में बिकवाली के दबाव की भरपाई FMCG,ITऔर रियल्टी शेयरों में खरीदारी से काफी हद तक हो गई। कारोबारी सेशन के अंत में सेंसेक्स 113.61 अंक या 0.15% बढ़कर 78,079.96 पर बंद हुआ। जबकि निफ्टी 40.10 अंक या 0.16% गिरकर 24,395.85 पर बंद हुआ। ब्रॉडर मार्केट ने बेहतर प्रदर्शन किया और निफ्टी मिडकैप व स्मॉलकैप,दोनों इंडेक्स मामूली बढ़त के साथ बंद हुए।

अमेरिकी बाजारों में अच्छी तेजी, एशिया में भी रौनक

टेक शेयरों में खरीदारी से अमेरिकी बाजारों में कल अच्छी तेजी दिखी। S&P 500 नए शिखर पर पहुंच गया। डाओ जोंस भी इंट्राडे में 54000 के ऊपर निकल गया। मेटा, माइक्रॉन और Netflix जैसे शेयरों में अच्छी खरीदारी से नैस्डैक ने आउटपरफॉर्म किया। उधर सुबह एशियाई बाजारों में भी रौनक देखने को मिली कोस्पी और निक्केई में करीब एक फीसदी की बढ़त के साथ कारोबार हो रहा है।

सोने और चांदी की तेजी पर ब्रेक, US बॉन्ड यील्ड में भी नरमी

फेडरल रिजर्व की ओर से सितंबर में ब्याज बढ़ोतरी की उम्मीदें कम होने से सोने और चांदी की तेजी पर ब्रेक लगा है। कल के शिखर से सोने और चांदी में तीन फीसदी की गिरावट आई है। उधर अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में भी नरमी दिखी है। डॉलर इंडेक्स 100 के करीब आ गया है।

टाटा मोटर्स PV के नतीजे मिलेजुले

टाटा मोटर्स PV के पहली तिमाही के नतीजे मिलेजुले रहे हैं। JLR के कमजोर प्रदर्शन के बावजूद आय 9 फीसदी बढ़ी है। लेकिन ऊंची रॉ मटेरियल कॉस्ट से मार्जिन 230 बेसिस प्वाइंट्स घटकर 6.5% पर रहे हैं। कंपनी को इस अवधि में 150 करोड़ का फॉरेक्स घाटा भी हुआ है। कंपनी के मैनेजमेंट ने कहा है कि EV मांग बढ़ने से कुल घरेलू डिमांड बहुत मजबूत रही है।

मैक्स फाइनेंशियल के Q1 नतीजे अच्छे

पहली तिमाही में मैक्स फाइनेंशियल ने अच्छे नतीजे पेश किए हैं। VNB यानी वैल्यू फॉर न्यू बिजनेस में उम्मीद से ज्यादा 33 फीसदी का उछाल देखने को मिला है। VNB मार्जिन भी अनुमान अधिक 20.1फीसदी से बढ़कर 23 फीसदी के पार निकल गया है। वहीं, इसकी AUM 2 लाख करोड़ रुपए पर पहुंच गई है।

वायदा की 8 कंपनियों के नतीजे आज

अशोक लेलैंड,वोल्टास,NMDC समेत वायदा की 8 कंपनियों के नतीजे आज आएंगे। वोल्टास का मुनाफा 59 फीसदी बढ़ सकता है। मार्जिन में भी सुधार की उम्मीद है।

पीरामल फार्मा में 1750 करोड़ रुपए की ब्लॉक डील संभव

पीरामल फार्मा में आज बड़ी ब्लॉक डील हो सकती है। 6% हिस्सेदारी के लिए 1750 करोड़ का सौदा हो सकता है।

 रेयर अर्थ मैग्नेट मैन्युफैक्चरिंग स्कीम को अच्छा रिस्पॉस

सरकार की 7,280 करोड़ रुपए की रेयर अर्थ मैग्नेट मैन्युफैक्चरिंग स्कीम को अच्छा रिस्पॉन्स मिला है। इसमें L&T और कोल इंडिया समेत 20 कंपनियों ने बोली लगाई है। इस योजना के जरिए हर साल 6,000 मीट्रिक टन इंटीग्रेटेड रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट (Integrated Rare Earth Permanent Magnet) बनाने की क्षमता विकसित करने का लक्ष्य है।

FII और DII फंड फ्लो

FIIs ने लगातार दूसरे सेशन में भी बिकवाली जारी रखी और 510 करोड़ रुपये के शेयर बेचे,जबकि DIIs ने भारतीय इक्विटी मार्केट में खरीदारी का सिलसिला तीसरे दिन भी जारी रखा और 4,353 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

 

Rare Earth Magnet Scheme: ₹7280 करोड़ की सरकारी योजना, L&T और कोल इंडिया समेत 20 कंपनियों ने बोली लगाई

Rare Earth Magnet Scheme: सरकार की ₹7,280 करोड़ की रेयर अर्थ मैग्नेट मैन्युफैक्चरिंग योजना को कंपनियों का जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला है। Larsen & Toubro (L&T), Coal India, ReNew, Attero Recycling और Lohum Magnets & Energy Solutions समेत 20 कंपनियों ने इस योजना के लिए बोली लगाई है।

भारी उद्योग मंत्रालय ने गुरुवार को इसकी जानकारी दी। तकनीकी बोलियां 13 अगस्त को खोली गईं। आवेदन जमा करने की आखिरी तारीख 12 अगस्त थी।

कौन-कौन सी कंपनियां दौड़ में हैं?

इस योजना में भारतीय कंपनियों के साथ विदेशी कंपनियों ने भी हिस्सा लिया है। इनमें NEO Performance Materials (Singapore) और जापान की Proterial की भारतीय इकाई Proterial India भी शामिल हैं।

इसके अलावा 20 Microns, N.A.N. Magnetech, PrNd Metal and Magnets, Prozeal Green Energy और Ramp Metals & Minerals जैसी कंपनियों ने भी बोली लगाई है।

सरकार की योजना क्या है?

सरकार इस योजना के तहत भारत में हर साल 6,000 मीट्रिक टन सिंटर्ड NdFeB रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट बनाने की क्षमता चाहती है। इस बंटवारा 5 कंपनियों के बीच किया जाएगा। हर कंपनी को अधिकतम 1,200 मीट्रिक टन सालाना क्षमता मिल सकती है।

केंद्रीय कैबिनेट ने नवंबर 2025 में इस योजना को मंजूरी दी थी। योजना की अवधि 7 साल होगी। इसमें पहले 2 साल फैक्ट्री लगाने के लिए होंगे। इसके बाद 5 साल तक बिक्री के आधार पर इंसेंटिव मिलेगा।

रेयर अर्थ मैग्नेट इतने अहम क्यों हैं?

रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट का इस्तेमाल इलेक्ट्रिक व्हीकल, विंड टरबाइन, हाई-एंड इलेक्ट्रॉनिक्स, एयरोस्पेस और डिफेंस सिस्टम में होता है। सरकार का लक्ष्य भारत में NdPr ऑक्साइड से लेकर तैयार मैग्नेट तक पूरी वैल्यू चेन विकसित करना है।

चीन पर निर्भरता घटाने की तैयारी

इस सेक्टर में चीन का दबदबा है। भारत अभी रेयर अर्थ मैग्नेट के लिए काफी हद तक आयात पर निर्भर है। साल 2025 में चीन के एक्सपोर्ट प्रतिबंधों से सप्लाई प्रभावित हुई थी। इससे कई उद्योगों में कमी देखने को मिली। सरकार अब घरेलू उत्पादन बढ़ाकर आयात पर निर्भरता कम करना और सप्लाई को सुरक्षित बनाना चाहती है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।