Electric Scooter : महंगे पेट्रोल से मिलेगा छुटकारा, बाजार में आया सस्ता इलेक्ट्रिक स्कूटर, 3kWh बैटरी और USB पोर्ट

Electric Scooter : महंगे पेट्रोल से मिलेगा छुटकारा, बाजार में आया सस्ता इलेक्ट्रिक स्कूटर, 3kWh बैटरी और USB पोर्ट

BGauss Oowah

भारत में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स की मांग लगातार बढ़ रही है। इसी बढ़ती डिमांड को देखते हुए कंपनियां नए-नए इलेक्ट्रिक स्कूटर बाजार में उतार रही हैं। अब BGauss ने भारतीय बाजार में अपना नया इलेक्ट्रिक स्कूटर Oowah लॉन्च किया है। कंपनी ने इसे खास तौर पर शहरों के युवाओं को ध्यान में रखकर तैयार किया है। इसकी कीमत ₹1.22 लाख (एक्स-शोरूम) रखी गई है।

 

3kWh बैटरी और 145KM तक की रेंज

 

BGauss Oowah में 3kWh की रिमूवेबल लिथियम-आयन फॉस्फेट बैटरी दी गई है। कंपनी के मुताबिक, यह बैटरी स्कूटर को एक बार चार्ज करने पर 145 किलोमीटर तक की रेंज देने में सक्षम है। रिमूवेबल बैटरी होने की वजह से इसे आसानी से निकालकर चार्ज किया जा सकता है।

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मिलते हैं ये फीचर्स

 

BGauss Oowah को चार कलर ऑप्शन में पेश किया गया है। इलेक्ट्रिक स्कूटर में LED लाइट्स, USB पोर्ट, पर्याप्त स्टोरेज स्पेस, रिवर्स असिस्ट, Distance to Empty Display और साइड स्टैंड सेंसर जैसे फीचर्स दिए गए हैं। कंपनी का कहना है कि Oowah को खास तौर पर शहरों के युवाओं की जरूरतों और उनकी बदलती पसंद को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। इसका डिजाइन आधुनिक होने के साथ-साथ इसे रोजमर्रा के इस्तेमाल के लिए व्यावहारिक बनाने की कोशिश की गई है।

 

BGauss ने क्या कहा?

 

लॉन्च के मौके पर BGauss के फाउंडर हेमंत काबरा ने कहा कि भारत में टू-व्हीलर खरीदने वाले ग्राहकों की पसंद तेजी से बदल रही है। खास तौर पर Gen Z ऐसे प्रोडक्ट पसंद कर रही है जो उनकी पर्सनैलिटी को दर्शाने के साथ आधुनिक और इस्तेमाल में मजेदार हों।

 

उन्होंने कहा कि Oowah के जरिए कंपनी बोल्ड डिजाइन और भरोसेमंद इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को एक साथ लाने की कोशिश कर रही है। कंपनी के मुताबिक, यह स्कूटर राइडर की अलग पहचान को दर्शाने के साथ जरूरी और व्यावहारिक फीचर्स भी उपलब्ध कराता है।

₹1.22 लाख है कीमत

BGauss Oowah की भारत में एक्स-शोरूम कीमत ₹1.22 लाख रखी गई है। 3kWh बैटरी और 145 किलोमीटर तक की रेंज के साथ कंपनी ने इसे भारतीय इलेक्ट्रिक स्कूटर बाजार में युवाओं को ध्यान में रखकर उतारा है।

Cristiano Ronaldo: कभी सेल्सगर्ल का करती थीं काम…आज हजारों करोड़ की मालकिन, कौन है क्रिस्टियानो रोनाल्डो की पत्नी जॉर्जीना रोड्रिगेज?

फुटबॉल स्टार क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने अपनी लंबे समय से पार्टनर जॉर्जिना रोड्रिग के साथ शादी कर ली है। दोनों ने 11 अगस्त 2026 को पुर्तगाल के कास्केस में एक प्राइवेट सिविल समारोह में शादी की। इस खास मौके पर सिर्फ उनके करीबी परिवार के लोग मौजूद रहे और शादी को पूरी तरह प्राइवेट रखा गया। क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने सोशल मीडिया पर एक तस्वीर शेयर कर अपनी शादी की जानकारी दी है। इंस्टाग्राम पर शेयर की गई तस्वीर में दोनों के हाथ में शादी की अंगूठी नजर आ रही है। इस फोटो के कैप्शन में लिखा “C G” है।

शादी की खबर सामने आने के बाद फैंस उन्हें लगातार बधाई दे रहे हैं। इसके साथ ही लोगों में रोनाल्डो की पत्नी जॉर्जिना रोड्रिग को लेकर भी काफी दिलचस्पी बढ़ गई है और फैंस उनके बारे में जानना चाहते हैं। आइए जानते हैं कौन है क्रिस्टियानो रोनाल्डो की वाइफ जॉर्जिना रोड्रिग

कौन है जॉर्जिना रोड्रिग

खबरों के मुताबिक, जॉर्जिना रोड्रिग का जन्म अर्जेंटीना के ब्यूनस आयर्स में हुआ था। उनके पिता जॉर्ज रोड्रिग अर्जेंटीना से थे, जबकि उनकी मां स्पेन की रहने वाली थीं। जॉर्जिना ने अपने बचपन के कुछ साल अर्जेंटीना में बिताए और बाद में अपनी मां के साथ स्पेन चली गईं। मनीकंट्रोल इंग्लिश की रिपोर्ट के अनुसार, जॉर्जिना रोड्रिग को बचपन से ही डांस का शौक था और उन्होंने सिर्फ चार साल की उम्र में बैले सीखना शुरू कर दिया था। लेकिन, परिवार की आर्थिक परेशानियों के कारण उन्हें कुछ समय बाद डांस की ट्रेनिंग छोड़नी पड़ी।

 

गुच्ची स्टोर में हुई थी मुलाकात

18 साल की उम्र में जॉर्जिना मैड्रिड चली गईं, जहां उन्होंने हफ्ते के दिनों में रिटेल स्टोर में काम किया और वीकेंड पर एक बार में नौकरी की। कुछ समय बाद जॉर्जिना रोड्रिग को मैड्रिड के एक गुच्ची स्टोर में सेल्स असिस्टेंट की नौकरी मिल गई। यहीं करीब 2016 में उनकी मुलाकात क्रिस्टियानो रोनाल्डो से हुई। गुच्ची स्टोर में हुई ये मुलाकात आगे चलकर जॉर्जिना की निजी जिंदगी के साथ-साथ उनके करियर के लिए भी एक अहम मोड़ साबित हुई। मुलाकात के बाद दोनों की नजदीकियां बढ़ने लगीं और कुछ समय बाद वे साथ में सार्वजनिक जगहों पर भी नजर आने लगे। उस समय रोनाल्डो फुटबॉल की दुनिया के बड़े सितारों में शामिल हो गए थे।

जनवरी 2017 में ज्यूरिख में हुए बेस्ट FIFA फुटबॉल अवॉर्ड्स के दौरान दोनों ने साथ में एक अहम सार्वजनिक उपस्थिति दर्ज कराई। इसके बाद रोनाल्डो ने सोशल मीडिया पर जॉर्जिना के साथ तस्वीर शेयर कर अपने रिश्ते को खुलकर सामने रखा।

बिजनेसवुमन के तौर पर बना चुकी है पहचान

आज जॉर्जिना रोड्रिग एक मशहूर मॉडल, सोशल मीडिया पर्सनैलिटी और बिजनेसवुमन के रूप में अपनी पहचान बना चुकी हैं। वह नेटफ्लिक्स की रियलिटी सीरीज ‘आई एम जॉर्जिना’ में भी नजर आईं, जिसमें उनकी निजी जिंदगी, परिवार और रोजमर्रा की लाइफस्टाइल को दिखाया गया। इस सीरीज में उन्हें प्रोड्यूसर के तौर पर भी क्रेडिट मिला था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, जॉर्जिना रोड्रिग की कुल संपत्ति करीब 10 मिलियन डॉलर आंकी जाती है, जो भारतीय मुद्रा में 90 करोड़ रुपये से अधिकहै।

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Retail Inflation : लगातार चौथे महीने महंगाई बढ़ी, रिटेल इंफ्लेशन जुलाई में 4.45% हुई; RBI के लिए बढ़ेगी मुश्किल

Retail Inflation : रिटेल महंगाई जुलाई में लगातार चौथे महीने बढ़ी है। कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) आधारित महंगाई सालाना आधार पर बढ़कर 4.45% हो गई। जून में यह 4.38% थी। खाने-पीने की चीजों की कीमतों में बढ़ोतरी इसका बड़ा कारण रही।

जुलाई में महंगाई लगातार दूसरे महीने RBI के 4% के लक्ष्य से ऊपर रही। अप्रैल में महंगाई 3.48% थी। इसके बाद मई में 3.93%, जून में 4.38% और जुलाई में 4.45% हो गई। यानी अप्रैल से अब तक महंगाई करीब 1 प्रतिशत अंक बढ़ चुकी है।

खाने-पीने की चीजों ने बढ़ाई महंगाई

जुलाई में Consumer Food Price Index (CFPI) आधारित महंगाई 5.52% रही। जून में यह 5.32% थी। ग्रामीण इलाकों में खाने-पीने की महंगाई ज्यादा रही। यहां यह 5.79% रही। शहरी इलाकों में यह 5.05% थी।

इसी वजह से आने वाले महीनों में भी महंगाई बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। ICRA के मुताबिक, अगस्त में रिटेल महंगाई 4.7% तक पहुंच सकती है।

गांवों में महंगाई का ज्यादा दबाव

ग्रामीण भारत में कुल रिटेल महंगाई जुलाई में 4.84% रही। जून में यह 4.74% थी। वहीं, शहरी महंगाई 3.93% से मामूली बढ़कर 3.96% हो गई। खाने-पीने की चीजों के अलावा कपड़े और जूते भी ग्रामीण इलाकों में ज्यादा महंगे हुए। ग्रामीण क्षेत्रों में इनकी महंगाई 3.97% रही। शहरी क्षेत्रों में यह 2.41% थी।

कुछ सेवाओं की कीमतों में भी तेज बढ़ोतरी हुई। जुलाई में रेस्टोरेंट और होटल से जुड़ी सेवाओं की महंगाई 7.72% रही। ट्रांसपोर्ट की महंगाई 4.43% और पर्सनल केयर, सोशल प्रोटेक्शन, अन्य सेवाओं की महंगाई 14.77% रही।

अदरक, लहसुन और प्याज ने रुलाया

रसोई में इस्तेमाल होने वाली कुछ चीजें जुलाई में काफी महंगी हुईं। अदरक की कीमतों में सालाना आधार पर 83.62% की बढ़ोतरी हुई। जून में यह 50.41% थी। लहसुन की महंगाई भी 17.93% से बढ़कर 35.36% हो गई। प्याज की कीमतें भी तेजी से बढ़ीं। प्याज की महंगाई जून के 4.73% से बढ़कर जुलाई में 22.54% हो गई।

हालांकि, कुछ सब्जियों ने राहत दी। जुलाई में टमाटर की कीमत सालाना आधार पर 4.59% घटी। जून में टमाटर 31.92% महंगा था। आलू की कीमत 16.56% और भिंडी की कीमत 5.52% घटी।

सोना-चांदी भी महंगे

महंगाई के आंकड़ों में कीमती धातुओं की कीमतों में भी तेज बढ़ोतरी दिखी। जुलाई में चांदी के आभूषणों की कीमत सालाना आधार पर 109.84% बढ़ी। सोने, हीरे और प्लैटिनम के आभूषण भी महंगे हुए। इनकी कीमतों में क्रमशः 32.98% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

आगे ब्याज दरों पर क्या होगा?

महंगाई बढ़ने से RBI के लिए ब्याज दरों को लेकर फैसला थोड़ा मुश्किल हो सकता है। RBI ने हाल में रेपो रेट को 5.25% पर बरकरार रखा था। कोटक महिंद्रा बैंक की चीफ इकोनॉमिस्ट उपासना भारद्वाज के मुताबिक, बारिश, कच्चे तेल की कीमत और इनपुट लागत पर नजर रखना जरूरी होगा। उनका मानना है कि वित्त वर्ष 2027 की तीसरी तिमाही से महंगाई 5% के ऊपर जा सकती है।

ICRA की चीफ इकोनॉमिस्ट अदिति नायर ने कहा कि वित्त वर्ष 2027 में औसत CPI महंगाई करीब 5% रह सकती है। पश्चिम एशिया में तनाव और मानसून इसके लिए बड़े जोखिम हैं। अगर महंगाई का दबाव दूसरी चीजों तक भी फैलता है, तो दिसंबर 2026 की बैठक में RBI ब्याज दर बढ़ाने पर विचार कर सकता है।

तेलंगाना में सबसे ज्यादा महंगाई

राज्यों की बात करें तो जुलाई में तेलंगाना में महंगाई सबसे ज्यादा 6.32% रही। इसके बाद आंध्र प्रदेश में 5.72% और तमिलनाडु में 5.44% रही। वहीं, मिजोरम में महंगाई सबसे कम 1.84% रही। मेघालय में यह 2.31% और त्रिपुरा में 2.32% रही। दिल्ली में भी महंगाई अपेक्षाकृत कम 2.68% रही।

कुल मिलाकर, जुलाई के आंकड़े बताते हैं कि महंगाई का दबाव धीरे-धीरे बढ़ रहा है। अभी इसकी बड़ी वजह खाने-पीने की चीजें और कुछ सप्लाई से जुड़ी समस्याएं हैं। अगर यह दबाव आगे भी बना रहता है, तो इसका असर RBI की ब्याज दरों की अगली रणनीति पर पड़ सकता है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

कोलंबिया भूकंप के 2 दिन बाद मलबे में मिला नवजात:5 मंजिला इमारत गिरी थी, रेस्क्यू टीम को आवाज देकर बोला शख्स- यहां बच्चे के साथ हूं

साउथ अमेरिकी देश कोलंबिया में सोमवार रात आए 7.4 तीव्रता के भूकंप के करीब 48 घंटे बाद मलबे से एक बच्चे को जिंदा निकाला गया। बच्चा एक गिरी हुई पांच मंजिला रिहायशी इमारत के मलबे में फंसा था। उसके साथ एक आदमी भी दबा हुआ था। यह रेस्क्यू बुधवार को भूकंप के बाद चल रहे तीसरे दिन के सर्च ऑपरेशन के दौरान हुआ। CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, रेस्क्यू टीम ने बताया कि उन्हें मलबे के नीचे से एक आदमी की आवाज सुनाई दी। आदमी ने कहा- ‘हां, मैं यहीं हूं। मैं एक बच्चे के साथ हूं।’ इसके बाद मौके पर मौजूद रेस्क्यू टीम और बाकी लोगों ने तुरंत हाथों से मलबा हटाना शुरू कर दिया। एक भारी कंक्रीट स्लैब के नीचे एक शख्स और नवजात बच्चा फंसा हुआ था। लोगों ने स्लैब को उठाया और दोनों को बचाया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बच्चे का सिर बैंगनी जैसा पड़ गया था, क्योंकि उसे सांस लेने में परेशानी हो रही थी। भारत बोला- हम हर संभव मदद के लिए तैयार भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मंगलवार को सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि कोलंबिया में जान-माल के नुकसान से वे बेहद दुखी हैं। उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई और घायलों के जल्द ठीक होने की कामना की। उन्होंने कहा कि भारत जरूरत पड़ने पर कोलंबिया को हर संभव मदद देने के लिए तैयार है। भूकंप से जुड़ी 5 फोटोज बेघर लोगों को आर्थिक मदद देगा कोलंबिया कोलंबिया के राष्ट्रपति अबेलार्डो डे ला एस्प्रिएला ने प्रभावित इलाकों का दौरा कर राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने रिसाराल्दा प्रांत में प्रभावित लोगों को 3 महीने तक घरेलू सेवाओं के बिल से राहत देने का आदेश दिया है। जिन लोगों के घर पूरी तरह तबाह हो गए हैं, उन्हें अस्थायी आवास के लिए आर्थिक मदद दी जाएगी। बाद में घरों की मरम्मत और दोबारा निर्माण में भी सहायता दी जाएगी। परेरा में सबसे ज्यादा मौतें परेरा शहर में अकेले 60 लोगों की मौत हुई है। करीब 5 लाख की आबादी वाला यह शहर भूकंप के केंद्र से 64 किलोमीटर से भी कम दूरी पर है। राजधानी बोगोटा समेत कई शहरों में भी तेज झटके महसूस किए गए। एहतियात के तौर पर लोग इमारतों से बाहर निकलकर सड़कों पर आ गए। चोको और रिसाराल्डा में भारी नुकसान अमेरिकी भूगर्भीय सर्वेक्षण (USGS) के मुताबिक, भूकंप सोमवार सुबह करीब 7:34 बजे आया। इसका केंद्र चोको इलाके में सैन जोसे डेल पालमार के पास था। भूकंप की गहराई 107 किलोमीटर थी। कोलंबिया में ज्यादा भूकंप क्यों आते हैं कोलंबिया दुनिया के सबसे ज्यादा भूकंप प्रभावित देशों में से एक है। यहां हर साल हजार से ज्यादा छोटे-बड़े भूकंप आते हैं। कोलंबिया में बार-बार भूकंप आने की सबसे बड़ी वजह इसकी भौगोलिक स्थिति है। यह देश ‘रिंग ऑफ फायर’ नाम के भूकंप और ज्वालामुखी वाले क्षेत्र में आता है। यहां नाजका, कोकोस और दक्षिण अमेरिकी जैसी कई बड़ी टेक्टोनिक प्लेटें आपस में टकराती हैं। इनमें से एक प्लेट दूसरी के नीचे धंसती रहती है। इसी वजह से जमीन के अंदर लगातार हलचल होती रहती है, जिससे अक्सर तेज भूकंप और ज्वालामुखी विस्फोट होते हैं। ———————— यह खबर भी पढ़ें… कोलंबिया में 7.4 तीव्रता का भूकंप, 100 से ज्यादा मौतें:कई लोग मलबे में दबे, सैकड़ों घायल; इमारतें खाली कराई गईं दक्षिण अमेरिकी देश कोलंबिया में 7.4 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया। इसमें अब तक 100 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई हैं। भूकंप स्थानीय समय के मुताबिक सोमवार सुबह करीब 7 बजे आया। लोग घबराकर घरों से बाहर निकल आए। कई इमारतें खाली कराई गई हैं। सैकड़ों लोगों के घायल होने की खबर है। पूरी खबर पढ़ें…

भारत के खिलाफ पहले टेस्ट के 3 दिन पहले श्रीलंका ने घोषित की टीम

INDvsSL भारत के खिलाफ शनिवार से शुरू होने वाले पहले टेस्ट के लिए श्रीलंका की 16 सदस्यीय टीम में विकेटकीपर-बल्लेबाज निरोशन डिकवेला की तीन साल बाद श्रीलंका की टेस्ट टीम में वापसी हुई है, जबकि ऑफ स्पिनर केशारा नुवांथा को पहली बार राष्ट्रीय टीम में शामिल किया गया है।

धनंजय डी सिल्वा टीम की कप्तानी करेंगे जबकि अनुभवी हरफनमौला कामिंदु मेंडिस उपकप्तान की भूमिका निभाएंगे।डिकवेला ने अपना पिछला टेस्ट 2023 में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेला था। नियमित विकेटकीपर कुसल मेंडिस के चोटिल होने के कारण अब उनके पास टेस्ट टीम में वापसी का मौका है।

नुवांथा के अलावा नये बल्लेबाज पसिंदु सूरियाबंदारा और बाएं हाथ के तेज गेंदबाज दिलशान मदुशंका को भी टीम में जगह मिली है। श्रीलंका की टीम में इस बार चार विशेषज्ञ तेज गेंदबाज शामिल किए गए हैं।

मदुशंका की वापसी से तेज गेंदबाजी आक्रमण को और मजबूती मिली है। उनके साथ असिथा फर्नांडो, लाहिरू कुमारा और विश्वा फर्नांडो तेज गेंदबाजी की जिम्मेदारी संभालेंगे, जबकि हरफनमौला मिलान रत्नायके भी तेज गेंदबाजी में विकल्प होंगे।

घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन करने वाले दाएं हाथ के ऑफ स्पिनर केशारा नुवांथा के टेस्ट पदार्पण की संभावना है। स्पिन विभाग में उनका साथ बाएं हाथ के स्पिनर अनुभवी प्रभात जयसूर्या और रमेश मेंडिस देंगे।

भारत के खिलाफ पहले टेस्ट के लिए श्रीलंका की टीम:धनंजय डी सिल्वा (कप्तान), लाहिरू उदाना, निशान मदुश्का, कामिंदु मेंडिस (उपकप्तान), दिनेश चांदीमल, पसिंदू सूरियाबंदारा, सोनल दिनुशा, निरोशन डिकवेला (विकेटकीपर), रमेश मेंडिस, प्रभात जयसूर्या, केशारा नुवांथा, मिलान रत्नायके, असिथा फर्नांडो, लाहिरू कुमारा, विश्वा फर्नांडो और दिलशान मदुशंका।

कल का मौसम: 13 अगस्त को यूपी समेत 20 राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट! इन 2 इलाकों में IMD ने जारी की रेड कलर वॉर्निंग

Weather Update 13 August: दक्षिण-पश्चिम मानसून देश के बड़े हिस्से में सक्रिय बना हुआ है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के आंकड़ों के मुताबिक पिछले 24 घंटे के दौरान पूर्वी राजस्थान और पश्चिमी मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश दर्ज की गई है। इस बीच आईएमडी ने 13 अगस्त के मौसम को लेकर भी एक विस्तृत चेतावनी बुलेटिन जारी किया है। इसके मुताबिक देश के उत्तरी, पूर्वी, मध्य, पश्चिमी और दक्षिण-प्रायद्वीपीय हिस्सों में बादलों की तगड़ी आवाजाही के बीच मूसलाधार बारिश का दौर देखने को मिलेगा।

IMD के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार देश के 20 से अधिक राज्यों में तेज से बहुत तेज बारिश और वज्रपात की आशंका जताई गई है। इस मानसूनी बारिश के बीच सबसे गंभीर स्थिति पूर्वी भारत के दो राज्यों में देखने को मिल सकती है। इन राज्यों में अत्यधिक भारी बारिश को ध्यान में रखते हुए मौसम विभाग ने रेड कलर वार्निंग जारी की है।

गंगीय पश्चिम बंगाल और ओडिशा के लिए रेड वार्निंग

मौसम विभाग के बुलेटिन के अनुसार 13 अगस्त को गंगीय पश्चिम बंगाल और ओडिशा के अलग-अलग जगहों पर मूसलाधार से भी बेहद भारी बारिश यानी अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना है। इसी परिस्थिति को देखते हुए इन दोनों इलाकों के लिए रेड कलर वार्निंग जारी की गई है। इसका सीधा मतलब है कि स्थानीय प्रशासन और नागरिक स्थिति को लेकर पूरी तरह सतर्क रहें और आवश्यक कदम उठाएं। बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने मौसम प्रणालियों के प्रभाव से तटीय इलाकों में तेज बारिश के साथ-साथ निचले इलाकों में जलजमाव की समस्या पैदा हो सकती है।

छत्तीसगढ़ में बहुत भारी बारिश का अनुमान

मध्य भारत के राज्य छत्तीसगढ़ के मौसम में भी 13 अगस्त को खासा असर देखने को मिलेगा। मौसम विभाग ने छत्तीसगढ़ के अलग-अलग हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई है। इसके साथ ही राज्य के कई इलाकों में मेघगर्जन और बिजली चमकने का अंदेशा भी जताया गया है, जिससे नदी-नालों में उफान और ग्रामीण तथा शहरी इलाकों में दैनिक जीवन प्रभावित हो सकता है।

उत्तर प्रदेश और पहाड़ी राज्यों समेत 20 से अधिक राज्यों में भारी बारिश

देश के एक बड़े हिस्से में 13 अगस्त को भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। उत्तर भारत में पूर्वी उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख के कई स्थानों पर भारी बारिश की प्रबल संभावना है। पश्चिमी भारत और उससे सटे क्षेत्रों में राजस्थान, गुजरात क्षेत्र, कोंकण एवं गोवा तथा मध्य महाराष्ट्र के इलाकों में भी तेज बौछारें पड़ सकती हैं।

मध्य और पूर्वी भारत की बात करें तो पश्चिम मध्य प्रदेश, विदर्भ, झारखंड, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में मूसलाधार बारिश का पूर्वानुमान है। पूर्वोत्तर राज्यों की स्थिति भी चिंताजनक बनी हुई है, जहां अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। दक्षिण भारत में तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, केरल व माहे, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल और अंडमान व निकोबार द्वीप समूह के इलाकों में भी भारी बारिश होने का अलर्ट जारी किया गया है।

तेज आंधी, बिजली चमकने और हवाओं की रफ्तार का अलर्ट

बारिश के साथ-साथ कई राज्यों में आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली गिरने का खतरा बना रहेगा। आंध्र प्रदेश, गंगीय पश्चिम बंगाल, आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल के कई इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बिजली चमकने की आशंका है।

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इसी तरह अंडमान व निकोबार द्वीप समूह, तटीय कर्नाटक, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, झारखंड, मध्य प्रदेश, राजस्थान, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम और तेलंगाना में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति वाली हवाओं के साथ बिजली कड़कने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, छत्तीसगढ़, गुजरात राज्य, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा, पूरे उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और विदर्भ में भी बिजली चमकने के साथ वज्रपात का अलर्ट दिया गया है। आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में सतह पर तेज हवाएं चलने का अनुमान है।

समंदर में तूफानी हलचल और मछुआरों के लिए चेतावनी

अरब सागर में मानसूनी हवाओं के प्रभाव से मौसम काफी उग्र रहने की संभावना है। सोमालिया और ओमान तट के पास और उससे दूर, पश्चिमी-मध्य अरब सागर के अधिकांश हिस्सों तथा दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के कुछ हिस्सों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं, जो बढ़कर 65 किलोमीटर प्रति घंटे की झोंकेदार रफ्तार तक पहुंच सकती हैं। समुद्र में ऊंची लहरें उठने और प्रतिकूल मौसम को देखते हुए मौसम विभाग ने मछुआरों को इन क्षेत्रों तथा गहरे समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी है।

वंदे भारत ट्रेनों के लिए पार्ट्स बनाने वाली कंपनी लाएगी ₹1350 करोड़ का IPO

वंदे भारत के लिए पार्ट्स बनाने वाली निफा 1,350 करोड़ रुपये का आईपीओ लाने का प्लान बना रही है। मामले से जुड़े लोगों ने यह जानकारी दी। निफा कोलकाता की कंपनी है। इसने इश्यू के प्रबंधन के लिए नोमुरा और एक्सिस कैपिटल को एडवाइजर नियुक्त किया है। शेयर बाजार का सेंटीमेंट बेहतर हुआ है। इससे आईपीओ बाजार में हलचल बढ़ी है।

आईपीओ के पैसे का इस्तेमाल उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए

Nipha के आईपीओ में नए शेयर इश्यू करने की संभावना है। कंपनी इश्यू से मिले पैसे का इस्तेमाल उत्पादन क्षमता बढ़ाने, कर्ज चुकाने और बिजनेस से जुड़ी दूसरी जरूरतों के लिए करेगी। अभी इश्यू के बारे में बातचीत जारी है। इससे बाद में इश्यू के साइज और दूसरी चीजों में बदलाव हो सकता है।

आधुनिकीकरण पर रेलवे के फोकस से होगा फायदा 

आईपीओ के प्लान की जानकारी रखने वाले एक व्यक्ति ने बताया, “इनवेस्टर्स के बीच मैन्युफैक्चरिंग बिजनेस की अच्छी डिमांड है। रेलवे के आधुनिकीकरण के लिए पूंजीगत खर्च बढ़ा है। इसका फायदा निफा जैसी कंपनियों को मध्यम से लंबी अवधि में मिलेगा।”

कंपनी की 10 मैन्युफैक्चरिंग इकाइयां हैं

निफा की 10 मैन्युफैक्चरिंग इकाइयां हैं। इनमें से 9 पश्चिम बंगाल में है और एक हरियाणा में है। कंपनी रेलवे के अलावा एग्रीकल्चर, इलेक्ट्रिकल-स्विच गियर और इंजीनियरिंग इंडस्ट्रीज को प्रोडक्ट्स सप्लाई करती है। आईपीओ के प्लान के बारे में जानने के लिए कंपनी को भेजे गए ईमेल का जवाब नहीं मिला।

कंपनी के रेलवे पोर्टफोलियो में कई प्रोडक्ट्स शामिल

कंपनी वंदे भारत के लिए कंपोनेंट्स की सप्लाई के साथ ही रेलवे को LHB कोच और EMU सप्लाई करती है। इसके रेलवे पोर्टफोलियो में लोकोमोटिव कास्टिंग्स, ट्रैक और पर्मानेंट-वे कंपोनेंट्स, ट्रेन कपलिंग और ड्राफ्ट सिस्टम्स, फ्रेट रेल प्रोडक्ट्स और रेल-व्हील सेट्स शामिल हैं।

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2030 तक वंदे भारत ट्रेनों की संख्या बढ़ाकर 800 करने का प्लान

आधुनिकीकरण पर रेलवे के फोकस का फायदा निफा को मिलेगा। सरकार वंदे भारत ट्रेनों की संख्या बढ़ाना चाहती है। दिसंबर 2025 तक वंदे भारत ट्रेनों की संख्या 164 थी। सरकार का प्लान 2030 तक इसे बढ़ाकर 800 और 20247 तक 4,500 करने का प्लान है। FY26 में निफा का प्रदर्शन अच्छा रहा। कंपनी का कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू बढ़कर 634 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले यह 475 करोड़ रुपये था। इसका ऑपरेटिंग मार्जिन करीब 19 फीसदी था।

सोना ₹1.54 लाख के पार, चांदी ₹3600 चढ़ी, निवेशकों को अब किस बात पर करना चाहिए फोकस!

Gold Silver Price: ग्लोबल बाजार में सोने-चांदी की कीमतों में बढ़त के चलते भारत में बुधवार 12 अगस्त को सोने-चांदी की कीमतों में तेजी जारी रही। हालांकि अब निवेशक जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता, तेल की बढ़ती कीमतों और अमेरिकी ब्याज दरों के भविष्य पर नजर बनाए हुए थे। MCX पर अक्टूबर डिलीवरी वाले सोने के वायदा 0.66% बढ़कर ₹1.54 लाख प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड कर रहे थे, जबकि सितंबर डिलीवरी वाली चांदी के वायदा 1.50% बढ़कर ₹2.39 लाख प्रति किलोग्राम हो गए।

घरेलू बुलियन मार्केट में यह बढ़त ग्लोबल स्तर पर सोने और चांदी की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण आई। जियोपॉलिटिकल तनाव के बीच ‘सेफ-हेवन’ (सुरक्षित निवेश) के तौर पर सोने की मांग बनी रही, जबकि चांदी को औद्योगिक मांग की उम्मीदों से अतिरिक्त सहारा मिला।

कीमतों को क्या दे रहा सहारा

सोना निवेशकों के फोकस में बना हुआ है क्योंकि वे जियोपॉलिटिकल जोखिमों का आकलन कर रहे हैं और फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति के बारे में संकेत पाने के लिए अमेरिका के लेटेस्ट महंगाई के आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं।

पश्चिम एशिया और उसके आसपास शिपिंग से जुड़े नए तनाव ने तेल की कीमतों को बढ़ा दिया है, जिससे ग्लोबल मार्केट में अनिश्चितता बढ़ गई है। ब्रेंट क्रूड $90 प्रति बैरल की ओर बढ़ गया, जबकि अमेरिकी क्रूड $83 प्रति बैरल से ऊपर ट्रेड कर रहा था।

जियोपॉलिटिकल और आर्थिक अनिश्चितता के समय में अक्सर सोने की मांग बढ़ती है क्योंकि निवेशक इस धातु का इस्तेमाल वैल्यू स्टोर करने और पोर्टफोलियो में विविधता लाने के लिए करते हैं।

आज आने वाले अमेरिकी कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) के आंकड़ों पर कड़ी नजर रखी जाएगी, क्योंकि इनका अमेरिकी मॉनेटरी पॉलिसी की उम्मीदों पर असर पड़ सकता है। महंगाई के आंकड़े कम रहने से आसान मॉनेटरी स्थितियों की उम्मीदें मजबूत हो सकती हैं, जबकि उम्मीद से ज्यादा आंकड़े आने पर ब्याज दरों को लेकर अधिक सतर्क रुख अपनाने की संभावना बढ़ सकती है।

सोने से ज्यादा चांदी में बढ़त

बुधवार (12 अगस्त) के घरेलू कारोबार में चांदी ने सोने से बेहतर प्रदर्शन किया, जिसमें MCX पर सितंबर वायदा में 1.50% की बढ़त देखी गई।

चांदी की मांग दो तरह की होती है । पहला निवेश की मांग के साथ-साथ औद्योगिक कामों में भी इसका इस्तेमाल होता है। इससे चांदी को सोने की तरह ‘सेफ-हेवन’ वाले कारकों के अलावा मांग का एक अतिरिक्त सहारा भी मिलता है।

और कितनी तेजी संभव

एस्पेक्ट बुलियन एंड रिफाइनरी के CEO दर्शन देसाई ने कहा, “सोने और चांदी को लगातार मजबूत सहारा मिल रहा है, जो कीमती धातुओं में निवेशकों के मजबूत भरोसे को दर्शाता है।” देसाई के अनुसार, कीमतें अधिक होने के बावजूद दोनों धातुओं की फिजिकल मांग अच्छी बनी हुई है। उन्होंने कहा कि निवेश की दिलचस्पी और लगातार औद्योगिक मांग के कारण चांदी में भी तेजी आई है। साथ ही, देसाई ने चेतावनी दी कि बुलियन की कीमतों में ज़बरदस्त तेज़ी के बाद, कुछ समय के लिए कंसोलिडेशन और प्रॉफ़िट-बुकिंग की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है।

गोल्ड और सिल्वर ETF में निवेश का प्रवाह पॉज़िटिव है, लेकिन इसकी रफ़्तार धीमी है।एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड (ETF) के ज़रिए निवेश का प्रवाह भी मददगार रहा है, हालांकि इसकी रफ़्तार धीमी हुई है।

मिरे एसेट इन्वेस्टमेंट मैनेजर्स के जुलाई के आंकड़ों के अनुसार, गोल्ड और सिल्वर ETF में निवेश का प्रवाह पॉज़िटिव बना रहा, जबकि जुलाई में सिल्वर ETF में निवेश का प्रवाह लगभग ₹1,285 करोड़ रहा, जो जून में ₹4,286 करोड़ था।

इस धीमी रफ़्तार से पता चलता है कि निवेश की मांग खत्म नहीं हुई है, लेकिन नए निवेश की रफ़्तार पिछले महीने की तुलना में कम हुई है।

भारतीय निवेशकों के लिए, घरेलू स्तर पर ऊंची कीमतें, दुनिया भर में भू-राजनीतिक घटनाक्रम, तेल की कीमतें और अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर बदलती उम्मीदें – ये सभी बातें आने वाले समय में बुलियन की कीमतों के लिए अहम रहेंगी।

Gold Silver Price: सोने-चांदी की कीमतों में बढ़त, आगे क्या हो सकता है असर?

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

जेब में ₹0 कैश, फिर भी घूमेंगे विदेश! देखें कहां काम करेगा भारतीय UPI

कभी भी अब्रॉड ट्रैवल में सबसे बड़ी परेशानी होती है पेमेंट करना। पहले लोगों को कैश बदलवाना पड़ता था या इंटरनेशनल कार्ड साथ रखना पड़ता था। लेकिन अब भारत के लोगों के लिए यह काम काफी आसान हो गया है। कई देशों में UPI से सीधे मोबाइल के जरिए पेमेंट की सुविधा मिलने लगी है, जिससे शॉपिंग करना, होटल का बिल पेमेंट या रेस्टोरेंट में पेमेंट करना पहले से कहीं ज्यादा आसान हो गया है।

स्पेन की तैयारी 

जल्दी ही स्पेन भी अब वह देश होगा, जहां जाकर भारत के लोग UPI से आसानी से पेमेंट कर सकेंगे। होटल, रेस्टोरेंट, कैफे और दुकानों पर सिर्फ QR कोड स्कैन करके पेमेंट करना आसान हो जाएगा। इससे कैश रखने की जरूरत नहीं पड़ेगी और ट्रैवल पहले से ज्यादा आसान होगा।

नेपाल और भूटान 

नेपाल और भूटान घूमने जाने वाले भारतीयों के लिए UPI काफी काम की फैसिलिटी है। यहां कई दुकानों, होटलों और आउटलेट पर UPI से पेमेंट किया जा सकता है। इससे करेंसी चेंज करने की परेशानी कम हो जाती है और मोबाइल से कुछ ही सेकंड में पेमेंट हो जाता है।

ग्रीस 

ग्रीस भी कुछ समय पहले UPI फैसिलिटी अपनाने वाले देशों में जुड़ चूका है। अगर आप एथेंस की हिस्टोरिक साइट देखने जाएं या सेंटोरिनी और माइकोनोस आइलैंड की सैर करें, तो कई जगहों पर डिजिटल पेमेंट करने की फैसिलिटी मिल सकती है। इससे शॉपिंग करना और घूमना दोनों आसान हो जाते हैं।

सिंगापुर

सिंगापुर उन देशों में है, जहां भारतीय UPI को अपनाया गया। यहां टूरिस्ट शॉपिंग मॉल, कैफे, रेस्टोरेंट और कई जगहों पर आसानी से मोबाइल से पेमेंट कर सकते हैं। इससे बार-बार कैश निकालने या पैसे बदलवाने की जरूरत नहीं पड़ती।

कतर और यूएई

कतर, दुबई और अबू धाबी वाले पॉपुलर टूरिस्ट डेस्टिनेशन पर भी UPI का इस्तेमाल धीरे-धीरे बढ़ रहा है। कई रिटेल स्टोर, एयरपोर्ट, रेस्टोरेंट और कुछ टूरिस्ट डेस्टिनेशन पर QR कोड स्कैन करके आसानी से पेमेंट किया जा सकता है। इससे ट्रैवल में पेमेंट करना पहले से ज्यादा आसान हो गया है।

फ्रांस, मॉरिशस और श्रीलंका

फ्रांस यूरोप का पहला देश था, जिसने UPI पेमेंट की शुरुआत की। इसके बाद मॉरिशस और श्रीलंका ने भी यह फैसिलिटी शुरू कर दी थी। अब इन देशों में कई होटल, लोकल मार्केट, बीच, रेस्टोरेंट पर टूरिस्ट आसानी से डिजिटल पेमेंट कर सकते हैं। इससे घूमने-फिरने का एक्सपीरियंस आसान बन जाता है।

टूरिस्ट बेनिफिट 

दुनिया के कई देशों में UPI की सुविधा मिलने से भारत के लोग का काम पहले से कहीं ज्यादा आसान हो गया है। अब हर बार फॉरेन करेंसी साथ रखने या इंटरनेशनल कार्ड रखने की जरूरत नहीं पड़ती। जहां UPI अवेलेबल है, वहां मोबाइल से QR कोड स्कैन करके कुछ ही सेकंड में पेमेंट किया जा सकता है। जो भी देश इस फैसिलिटी को अपना रहे हैं, वहां ट्रैवल करना अब आसान और सेफ होता जा रहा है।