VIDEO: ओडिशा के अस्पताल में फ्री इलाज कराकर गदगद हुआ अमेरिकी पर्यटक फिर बताया कि US में कितने होते खर्च

भारत में सस्ता और आसानी से मिलने वाला इलाज एक विदेशी नागरिक को काफी पसंद आया। ओडिशा के एक गांव में बीमार पड़ने पर एक विदेशी को सरकारी अस्पताल में मुफ्त इलाज मिला। इस अनुभव से वह काफी प्रभावित हुआ। उसने बताया कि अमेरिका में इसी इलाज के लिए उसे हजारों डॉलर खर्च करने पड़ सकते थे, जबकि भारत में उसका इलाज बिना किसी फीस के हो गया। इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए एक वीडियो में माइक ने भारत यात्रा के दौरान अपने अनुभव के बारे में बताया। सोशल मीडिया पर ये पोस्ट तेजी से वायरल हो रहा है।

उन्होंने कहा कि, ओडिशा से गुजरते समय ट्रिप के पांचवें दिन उनकी तबीयत अचानक खराब हो गई। वीडियो में उन्होंने बताया कि ज्यादा खाना खाने की वजह से उनकी तबीयत बिगड़ी और उन्हें गांव के एक अस्पताल में इलाज के लिए जाना पड़ा। वीडियो पर लिखा था, “ग्रामीण भारत में अमेरिकन हॉस्पिटलाइज्ड।”

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो

वीडियो की शुरुआत में माइक ने उस गांव के सरकारी अस्पताल के अंदर के दृश्य दिखाए, जहां उन्हें भर्ती कराया गया था। उन्होंने कहा, “हां, मैं एक गांव के सरकारी अस्पताल में भर्ती था, जहां मुझे सुइयां लगाई जा रही थीं और दीवारों पर लिखी भाषा भी मैं समझ नहीं पा रहा था।” उन्होंने आगे कहा, “अब आप सोच रहे होंगे कि मैं आखिर यहां कैसे पहुंच गया?” इसके बाद माइक ने बताया कि अस्पताल ले जाने से पहले करीब 12 घंटे तक उन्हें हर 15 मिनट में उल्टी हो रही थी।

क्यों खराब हुई तबीयत

माइक ने स्थानीय खाने के कुछ वीडियो भी दिखाए और स्पष्ट किया कि उनकी तबीयत फूड पॉइजनिंग की वजह से खराब नहीं हुई थी, बल्कि उन्होंने जरूरत से ज्यादा खाना खा लिया था। उन्होंने कहा, “रुको, रुको, रुको, मैं समझ सकता हूं कि आप क्या सोच रहे हैं। नहीं, यह फूड पॉइजनिंग नहीं थी। खाना इतना स्वादिष्ट था कि मैंने जरूरत से ज्यादा खा लिया और फिर मुझे इसका खामियाजा भुगतना पड़ा।”

अस्पताल ने नहीं लिया कोई पैसा

माइक ने मजाकिया अंदाज में बताया कि इलाज के दौरान उन्हें एक नहीं, बल्कि दो इंजेक्शन तक लगवाने पड़े। उन्होंने कहा कि अब उनकी तबीयत पहले से बेहतर है, लेकिन इलाज के बाद आने वाले मेडिकल बिल को लेकर उन्हें चिंता होने लगी थी। माइक ने कहा, “हालात जितने भी खराब थे, लेकिन मेडिकल बिल के बारे में सोचकर ही मैं डर गया था।” लेकिन उनको हैरानी तब हुई जब अस्पताल ने इलाज के लिए उनसे कोई पैसा नहीं लिया।

अमेरिका हेल्थकेयर से की तुलना

भारत और अमेरिका की स्वास्थ्य व्यवस्था की तुलना करते हुए माइक ने मजाकिया अंदाज में कहा, “अमेरिका में एक IV बैग, उल्टी रोकने की दवा और दो इंजेक्शन का खर्च आसानी से हजारों डॉलर तक पहुंच सकता है। लेकिन यहां मुझे इलाज के लिए एक भी पैसा नहीं देना पड़ा। यह देखकर मैं हैरान रह गया।” माइक के गांव के सरकारी अस्पताल में हुए इलाज के अनुभव की सोशल मीडिया पर काफी सराहना हुई।

सोशल मीडिया पर लोगों ने किया कमेंट

एक यूजर ने कहा, “यहां इलाज मुफ्त है। हां, दवाइयों के लिए थोड़ा खर्च करना पड़ सकता है, लेकिन यह रकम ज्यादा से ज्यादा 2 से 3 डॉलर के आसपास होगी।”एक अन्य यूजर ने मजाकिया अंदाज में कहा, “यह गर्व की बात है कि कोई विदेशी ओडिशा के सरकारी अस्पताल में मुफ्त इलाज की सुविधा की तारीफ कर रहा है। अमेरिका में इसी तरह के इलाज के लिए हजारों डॉलर खर्च करने पड़ सकते हैं और कई बार अपॉइंटमेंट के लिए भी कई दिनों तक इंतजार करना पड़ता है।” एक अन्य यूजर ने कहा, “पहले अपने शरीर को यहां के मसालों और खाने का आदी बनाइए, उसके बाद ही ज्यादा खाना खाइए। उम्मीद है कि आप जल्द ही पूरी तरह ठीक महसूस करेंगे।”

(डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर यूज़र द्वारा शेयर किए गए कंटेंट पर आधारित है। मनीकंट्रोल इन दावों की न तो स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है और न ही इनका समर्थन करता है।)

Stocks to Watch: सोमवार 17 अगस्त को 20 शेयरों पर रहेगी नजर, मिल सकता है तगड़ी कमाई का मौका

Stocks to Watch: सोमवार, 17 अगस्त को बाजार खुलते ही कई शेयरों में तगड़ी हलचल देखने को मिल सकती है। कुछ कंपनियों ने मजबूत तिमाही नतीजे दिए हैं, तो कुछ पर बड़े ऑर्डर, ब्लॉक डील और रेगुलेटरी अपडेट का असर रह सकता है। डिफेंस, बैंकिंग, रियल एस्टेट, FMCG और इंजीनियरिंग समेत कई सेक्टर फोकस में रहेंगे। ऐसे में इन 20 शेयरों पर निवेशकों की खास नजर रहेगी।

Cochin Shipyard

सरकारी शिपबिल्डिंग कंपनी Cochin Shipyard के नतीजे कमजोर रहे। नेट प्रॉफिट 27.7% घटकर ₹135.8 करोड़ रह गया। रेवेन्यू और EBITDA में भी गिरावट दर्ज हुई। कमजोर प्रदर्शन का असर शेयर पर पड़ सकता है।

Reliance Industries

तेल-टेलीकॉम से लेकर मैन्युफैक्चरिंग तक कारोबार करने वाली Reliance Industries ने ब्रिटेन की एयरोस्पेस कंपनी Rolls-Royce के साथ बड़ा समझौता किया है। दोनों कंपनियां भारत के AMCA फाइटर जेट प्रोग्राम के लिए स्वदेशी कॉम्बैट इंजन विकसित करने पर काम करेंगी। इसके लिए भारत में एक एयरोस्पेस गैस टर्बाइन कॉम्प्लेक्स बनाने की भी योजना है, जो पावर और प्रोपल्शन टेक्नोलॉजी का सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनेगा।

Voltas

एयर कंडीशनर और होम एप्लायंसेस बनाने वाली टाटा ग्रुप की कंपनी Voltas ने मजबूत तिमाही नतीजे दिए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹140 करोड़ से बढ़कर ₹214 करोड़ हो गया। रेवेन्यू भी 19% बढ़कर ₹4,674 करोड़ पहुंच गया। बेहतर नतीजों से शेयर में हलचल दिख सकती है।

Max Estates

रियल एस्टेट कंपनी Max Estates का पहली तिमाही में नेट प्रॉफिट 30% घटकर ₹8.35 करोड़ रह गया। रेवेन्यू लगभग स्थिर रहा और 0.85% बढ़कर ₹51.91 करोड़ पहुंचा। वहीं, EBITDA 41.6% गिरकर ₹8.12 करोड़ रहा। हालांकि पिछली तिमाही के मुकाबले कंपनी ने घाटे से मुनाफे में वापसी की है।

Texmaco Rail & Engineering

रेलवे और इंजीनियरिंग कंपनी Texmaco Rail & Engineering ने अपनी डिफेंस सब्सिडियरी Texmaco Defence Technologies में ₹200 करोड़ तक के निवेश के लिए समझौता किया है। पहले चरण में ₹100 करोड़ नए इक्विटी शेयर जारी करके लगाए जाएंगे। बाकी ₹100 करोड़ इक्विटी, डेट या अन्य वित्तीय साधनों के जरिए निवेश किए जाएंगे।

BEML

सरकारी इंजीनियरिंग कंपनी BEML को मॉरीशस से 6.65 मिलियन डॉलर (करीब ₹63.5 करोड़) का एक्सपोर्ट ऑर्डर मिला है। इसके तहत कंपनी BE220G हाइड्रोलिक एक्सकेवेटर अफ्रीका के कई देशों में सप्लाई करेगी। ऑर्डर की शुरुआत सिएरा लियोन में पायलट डिप्लॉयमेंट से होगी।

Ather Energy

इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर कंपनी Ather Energy के शेयरधारकों ने ₹1,200 करोड़ के प्रेफरेंशियल इश्यू को मंजूरी दे दी है। इससे पहले कंपनी ₹1,300 करोड़ का QIP भी पूरा कर चुकी है। दोनों को मिलाकर कंपनी ने करीब ₹2,500 करोड़ जुटाए हैं।

NMDC Steel

सरकारी स्टील कंपनी NMDC Steel ने पहली तिमाही में मजबूत ग्रोथ दिखाई। नेट प्रॉफिट 97.6% बढ़कर ₹50.51 करोड़ हो गया। रेवेन्यू भी 8.8% बढ़कर ₹3,661.84 करोड़ पहुंचा। बेहतर नतीजों से निवेशकों की नजर रहेगी।

Embassy Office Parks REIT

रियल एस्टेट इनवेस्टमेंट ट्रस्ट Embassy Office Parks REIT में Bain Capital की इकाई APAC Company XXIII Limited ने ब्लॉक डील लॉन्च की है। बेस ऑफर के तहत 4.42% हिस्सेदारी वाले 4.19 करोड़ यूनिट करीब ₹1,802 करोड़ में बेचे जाएंगे। अपसाइज विकल्प जोड़ने पर डील का आकार करीब ₹2,298 करोड़ तक पहुंच सकता है।

Patanjali

FMCG कंपनी पंतजलि ने शानदार तिमाही प्रदर्शन किया है। कंपनी का मुनाफा ₹180 करोड़ से बढ़कर ₹336 करोड़ हो गया। इसके साथ FY27 के लिए ₹0.80 और FY26 के लिए ₹1.50 प्रति शेयर अंतरिम डिविडेंड का ऐलान भी किया है।

IndusInd Bank

प्राइवेट सेक्टर के बैंक IndusInd Bank पर RBI ने ₹59.20 लाख का जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई नियमों के पालन में कमी के चलते हुई है। बैंक पर ब्याज दर और सिक्योरिटाइजेशन नियमों के उल्लंघन का मामला है।

PhysicsWallah

एडटेक कंपनी PhysicsWallah का घाटा कम हुआ है। नेट लॉस ₹120.5 करोड़ से घटकर ₹77.6 करोड़ रह गया। यानी कंपनी ने घाटे में करीब ₹42.9 करोड़ की कमी दर्ज की है।

PB Fintech

इंश्योरेंस और फिनटेक कंपनी PB Fintech की सब्सिडियरी Policybazaar को IRDAI से शो-कॉज नोटिस मिला है। यह नोटिस पिछले निरीक्षण के दौरान की गई टिप्पणियों से जुड़ा है। कंपनी ने तय समय में जवाब देने की बात कही है।

Dr. Reddy’s Laboratories

फार्मा कंपनी Dr. Reddy’s Laboratories की हैदराबाद स्थित FTO-3 यूनिट का USFDA निरीक्षण पूरा हो गया है। निरीक्षण के बाद अमेरिकी नियामक ने Form 483 जारी किया है। इसमें चार ऑब्जर्वेशन दर्ज किए गए हैं।

BMW Industries

स्टील प्रोसेसिंग कंपनी BMW Industries ने बेहतर तिमाही नतीजे दिए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट 25.8% बढ़कर ₹19.04 करोड़ हो गया। कुल आय भी 15% बढ़कर ₹176.68 करोड़ पहुंच गई।

NMDC

सरकारी माइनिंग कंपनी NMDC का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 2% बढ़कर ₹2,007 करोड़ हो गया। रेवेन्यू भी 2.4% बढ़कर ₹6,795 करोड़ रहा। मजबूत प्रदर्शन से शेयर पर नजर रहेगी।

Jupiter Wagons

रेलवे वैगन बनाने वाली कंपनी Jupiter Wagons का मुनाफा 13.6% घटकर ₹28.3 करोड़ रह गया। हालांकि, रेवेन्यू 46% बढ़कर ₹670.7 करोड़ पहुंचा। EBITDA में भी हल्की बढ़त दर्ज हुई।

Zaggle Prepaid

फिनटेक कंपनी Zaggle Prepaid का नेट प्रॉफिट 33% घटकर ₹17.5 करोड़ रह गया। इसके बावजूद रेवेन्यू 27.5% बढ़कर ₹423 करोड़ हो गया। मिले-जुले नतीजों पर बाजार की नजर रहेगी।

Borosil

ग्लासवेयर और किचनवेयर कंपनी Borosil का नेट प्रॉफिट 26.4% घटकर ₹13 करोड़ रह गया। रेवेन्यू 9% बढ़ा, लेकिन EBITDA में गिरावट दर्ज हुई। इससे शेयर में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

Schneider Electric

इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट कंपनी Schneider Electric के नतीजे कमजोर रहे। नेट प्रॉफिट करीब 70% घटकर ₹12 करोड़ रह गया। हालांकि, रेवेन्यू में हल्की बढ़त रही, लेकिन EBITDA और मार्जिन पर दबाव बना रहा।

Stocks to Buy: 5 शेयरों पर ब्रोकरेज बुलिश, 43% तक रिटर्न मिलने की उम्मीद

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

सुनील सिंघानिया ने इन 2 शेयरों से निकाला पूरा पैसा, इस नए स्टॉक में लगाई बड़ी बाजी; चेक करें पूरी लिस्ट

Sunil Singhania Abakkus MF Changes: दिग्गज निवेशक सुनील सिंघानिया के अबक्कस म्यूचुअल फंड ने जुलाई महीने में अपने पोर्टफोलियो में बड़ा फेरबदल किया है। फंड हाउस की दो प्रमुख इक्विटी स्कीम अबक्कस फ्लेक्सीकैप फंड और अबक्कस स्मॉल कैप फंड से सरकारी बैंक ‘बैंक ऑफ बड़ौदा’ को पूरी तरह बेच दिया है।

इसके अलावा, स्मॉल कैप फंड ने आईटी कंपनी Cyient से भी एग्जिट कर लिया है, जबकि आईजीआई (IGI) जैसे शेयरों में नई हिस्सेदारी खरीदी है। आइए जानते हैं जुलाई के महीने में सुनील सिंघानिया के फंड हाउस ने किन शेयरों में बिकवाली की और किन दिग्गजों पर भरोसा बढ़ाया है।

IGI में नई एंट्री, HDFC Bank और SBI पर बढ़ाया दांव

₹6,338 करोड़ के एसेट साइज वाले अबक्कस फ्लेक्सीकैप फंड ने जुलाई में अपने पोर्टफोलियो के 34 शेयरों में हिस्सेदारी बढ़ाई और 3 में घटाई। महीने के अंत तक इसके पोर्टफोलियो में कुल 45 शेयर थे।

फंड ने IGI में 0.6% हिस्सेदारी के साथ नई पोजीशन ली, जबकि जून में 2.7% वेटेज वाले Bank of Baroda को पूरी तरह से बेचकर एग्जिट कर लिया।

फंड ने HDFC Bank (4% से बढ़ाकर 4.72%), SBI (3.6% से 3.89%), L&T (1.5% से 3.2%), वेदांता एल्युमीनियम (2% से 2.65%) और M&M (2.6% से 2.84%) में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है।

टॉप-5 होल्डिंग्स: ICICI Bank (5.55%) फंड की सबसे बड़ी होल्डिंग है। इसके बाद HDFC Bank (4.72%), SBI (3.89%), रिलायंस इंडस्ट्रीज (3.10%) और डिविस लैबोरेटरीज (2.95%) का नंबर आता है।

सेक्टर आवंटन: बैंकिंग सेक्टर 17% हिस्सेदारी के साथ सबसे ऊपर है, जिसके बाद फार्मा (7.7%) और कैपिटल मार्केट्स (5.2%) हैं।

अबक्कस स्मॉल कैप फंड: Cyient से एग्जिट, BEML और मिसेज बेक्टर्स की एंट्री

₹2,113 करोड़ के अवाकस स्मॉल कैप फंड में जुलाई में जबरदस्त हलचल देखी गई। फंड ने 56 शेयरों में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई और महीने के अंत में कुल 62 शेयरों का पोर्टफोलियो मेंटेन किया।

नए शेयर शामिल किए: फंड ने BEML (1.5%), मिसेज बेक्टर्स फूड स्पेशलिटीज (1%) और इंडो-MIM (0.4%) को अपने पोर्टफोलियो में जगह दी।

इन दो शेयरों से पूरी तरह बाहर: स्मॉल कैप फंड ने Bank of Baroda (जून में 1.1% वेटेज) और Cyient (जून में 1.3% वेटेज) को पूरी तरह बेच दिया।

इनमें बढ़ाया निवेश: कॉनकॉर, किर्लोस्कर ऑयल इंजन, लीला पैलेसेस, एलेम्बिक फार्मा, पीजी इलेक्ट्रोप्लास्ट, तानला प्लेटफॉर्म्स और आईजीआई में एक्सपोजर बढ़ाया गया।

टॉप होल्डिंग्स: डॉ लाल पाथलैब्स (1.80%) और वेल्सपन कॉर्प (1.80%) फंड की सबसे बड़ी होल्डिंग्स हैं, जिसके बाद कैम्स (1.79%), आईजीआई (1.76%) और करूर वैश्य बैंक (1.74%) का स्थान है।

दोनों फंड्स का शानदार प्रदर्शन: बेंचमार्क इंडेक्स को पछाड़ा

सुनील सिंघानिया के इन दोनों फंड्स ने जुलाई महीने और बीते कुछ महीनों में अपने संबंधित बेंचमार्क इंडेक्स के मुकाबले बेहतरीन रिटर्न दिया है:

दोनों फंड्स का शानदार प्रदर्शन: बेंचमार्क इंडेक्स को पछाड़ा

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

नए हफ्ते में कैसी रहेगी निफ्टी की चाल, कौन से शेयरों में बन सकता है पैसा? एक्सपर्ट सुदीप शाह की ये है राय

भले ही मोमेंटम कमजोर हुआ है, लेकिन जब तक कोई नई नकारात्मक खबर नहीं आती, निफ्टी में 24,200-24,000 के सपोर्ट जोन से नीचे बड़ी गिरावट की संभावना कम है। ऐसा मानना है SBI सिक्योरिटीज में टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च के हेड सुदीप शाह का। उन्होंने नए शुरू हो रहे हफ्ते के लिए निफ्टी और बैंक निफ्टी को लेकर क्या उम्मीद जताई, नए सप्ताह के लिए उनके टॉप स्टॉक आइडियाज क्या हैं, आइए जानते हैं…

क्या आपको लगता है कि धीरे-धीरे आ रही कमजोरी अगले हफ्ते निफ्टी 50 को 24,200–24,000 के जोन से नीचे ले जाएगी?

इस समय, जब तक कोई नई नकारात्मक खबर या ट्रिगर सामने नहीं आता, निफ्टी के 24,200-24,000 के सपोर्ट जोन से नीचे जाने की संभावना कम ही लगती है। हालांकि मोमेंटम धीरे-धीरे कमजोर हो रहा है, लेकिन इस गिरावट में बड़ी गिरावट वाले लक्षण नहीं दिख रहे हैं। अगस्त की शुरुआत से ही निफ्टी 500 पॉइंट की एक सीमित ट्रेडिंग रेंज में फंसा हुआ है और उतार-चढ़ाव में भी काफी कमी आई है। डेली ATR (एवरेज ट्रू रेंज) गिरकर 192 पॉइंट पर आ गया है, जो जनवरी 2026 की शुरुआत के बाद से इसका सबसे निचला स्तर है। इंडेक्स में ज्यादातर सेशंस में एक जैसा पैटर्न देखा जा रहा है- शुरुआती घंटे में कुछ हलचल होती है और उसके बाद लंबे समय तक कंसोलिडेशन होता है। इससे पता चलता है कि किसी एक दिशा में लगातार मोमेंटम नहीं है।

टेक्निकल नजरिए से देखें तो निफ्टी अपने 20-दिन और 200-दिन के EMA (एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज) के आसपास घूम रहा है। लंबे समय तक कंसोलिडेशन के कारण ये दोनों ही फ्लैट हो गए हैं। डेली RSI (रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स) 52 के आसपास है और नीचे की ओर जा रहा है। यह अपसाइड मोमेंटम में कुछ कमी का संकेत देता है। हालांकि, यह अभी भी 50 के अहम स्तर से ऊपर बना हुआ है, जो बताता है कि मंदी का मोमेंटम (बेयरिश मोमेंटम) पूरी तरह हावी नहीं हुआ है।

आगे 24,200-24,150 का जोन एक मजबूत सपोर्ट एरिया के तौर पर काम कर सकता है। जब तक निफ्टी इस जोन के नीचे साफ तौर पर बंद नहीं होता, तब तक निचले स्तरों की ओर तेज गिरावट के बजाय कंसोलिडेशन जारी रहने की संभावना ज्यादा है। ऊपर की ओर 24,550-24,600 का स्तर इमीडिएट रेजिस्टेंस बैंड बना हुआ है।

इसलिए, मोमेंटम निश्चित रूप से कमजोर हुआ है, लेकिन मौजूदा टेक्निकल सेटअप 24,200-24,000 से नीचे बड़ी गिरावट के बजाय एक सीमित दायरे में घूमने वाले बाजार (रेंज-बाउंड मार्केट) का संकेत देता है। 24,150-24,600 की रेंज के किसी भी तरफ एक निर्णायक ब्रेक से निफ्टी की अगली अहम दिशा तय हो सकती है।

अगले हफ्ते के लिए आपके टॉप 2 स्टॉक आइडिया क्या हैं?

Hindustan Aeronautics: स्टॉक ने पिछले हफ्ते वीकली टाइमफ्रेम पर नीचे की ओर झुकी हुई ट्रेंडलाइन से ब्रेकआउट दिया, जिसके बाद इस हफ्ते एक मजबूत चाल देखने को मिली। वीकली RSI ने 4 मई के बाद पहली बार 60 के निशान को पार किया है, जो बुलिश मोमेंटम में अहम सुधार का संकेत है। डेली टाइमफ्रेम पर बढ़ता ADX, ट्रेंड की मजबूती और खरीदारी के बढ़ते भरोसे को दिखाता है। स्टॉक वीकली टाइमफ्रेम पर ऊपरी बोलिंगर बैंड के ऊपर भी बंद हुआ है। ऐसा अक्सर मजबूत ट्रेंड वाले दौर की शुरुआत में देखा जाता है।

कुल मिलाकर टेक्निकल सेटअप मजबूती (बुलिश) वाला बना हुआ है। स्टॉक में आगे और बढ़त का संकेत है। इसलिए ₹4,990-5,045 के जोन में ₹4,840 के स्टॉप-लॉस के साथ शेयर जमा करने (एक्युमुलेशन) की सलाह है। ऊपर की तरफ, इसके शॉर्ट टर्म में ₹5,400 के लेवल तक पहुंचने की संभावना है।

Mazagon Dock Shipbuilders: मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स ने 6 अगस्त को डेली टाइमफ्रेम पर नीचे की ओर झुकी हुई ट्रेंडलाइन से ब्रेकआउट दिया, जिसके बाद स्टॉक कंसोलिडेशन के दौर में चला गया। वीकली ADX पर DI+ ने DI- को पार कर लिया है, जो बताता है कि खरीदार धीरे-धीरे विक्रेताओं पर हावी हो रहे हैं। पिछले 6 ट्रेडिंग सेशंस में कंसोलिडेशन देखने के बावजूद, स्टॉक अहम शॉर्ट और लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेजेज के ऊपर ट्रेड कर रहा है। यह इसकी अंदरूनी मजबूती को दिखाता है।

कंसोलिडेशन रेंज से ब्रेकआउट बुलिश सेटअप को और मजबूत कर सकता है। इसलिए, ₹2,480 के स्टॉप-लॉस के साथ ₹2,560-2,590 के जोन में शेयर जमा करने की सलाह दी जाती है। ऊपर की ओर, यह शॉर्ट टर्म में ₹2,770 के लेवल को टेस्ट कर सकता है।

Bonus Share: हर शेयर पर 1 नया शेयर फ्री, 24 अगस्त से पहले बन जाएं शेयरहोल्डर; 6 महीनों में कीमत 40% मजबूत

क्या बैंक निफ्टी 24 जुलाई से 3 अगस्त तक की अपनी हालिया रैली के 50 प्रतिशत फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट लेवल को बचा पाएगा?

बैंक निफ्टी पिछले 9 हफ्तों से 58,706-56,023 की बड़ी रेंज में फंसा हुआ है, जिससे किसी साफ दिशा वाले ट्रेंड की कमी का पता चलता है। खास बात यह है कि पिछले तीन हफ्तों में ट्रेडिंग रेंज काफी कम हो गई है और इंडेक्स 1,576-पॉइंट के दायरे में सिमट गया है। कंसोलिडेशन के इस दौर में, इंडेक्स ने दोनों तरफ शैडो वाली छोटी बॉडी की कैंडल्स की एक सीरीज बनाई है। यह खरीदारों और विक्रेताओं के बीच लगातार बरकरार अनिश्चितता को दिखाती है।

लंबे समय तक एक ही रेंज में उतार-चढ़ाव के कारण मुख्य मूविंग एवरेज सपाट हो गए हैं। यह ट्रेंड की मजबूती की कमी का संकेत है। मोमेंटम इंडिकेटर भी सुस्त बने हुए हैं; डेली RSI पिछले 28 ट्रेडिंग सेशन से 60-44 जोन में घूम रहा है। डेली ADX गिरकर 8.99 पर आ गया है। यह मार्च 2019 के बाद से इसकी सबसे निचली रीडिंग है। इतनी कम ADX रीडिंग दिशात्मक मजबूती की भारी कमी की ओर इशारा करती है और बताती है कि इंडेक्स अभी गहरे कंसोलिडेशन के दौर में है।

आगे 58,000-58,100 का जोन बैंक निफ्टी के लिए एक अहम रुकावट का काम कर सकता है। नीचे की तरफ 57,200-57,100 का 50-दिन का EMA क्षेत्र एक अहम सपोर्ट एरिया बना हुआ है। किसी भी तरफ ब्रेकआउट होने से अगले ट्रेंडिंग मूव के लिए रास्ता बन सकता है।

क्या आप Apollo Hospitals पर बुलिश नजरिया बनाए हुए हैं?

अपोलो हॉस्पिटल्स ने डेली चार्ट पर अपने 50-दिन के EMA से जबरदस्त रिकवरी देखी है। RSI 40 से तेजी से ऊपर आया है, जो फिर से बुलिश मोमेंटम का संकेत है। स्टॉक बोलिंगर बैंड की मिडलाइन के ऊपर भी बंद हुआ है, जो शॉर्ट-टर्म बुलिश फेज की ओर शिफ्ट का संकेत देता है। ₹8,650–8,600 का जोन अहम सपोर्ट बना हुआ है।

Relaxo Footwears Stock Outlook: 27% तक लुढ़क सकता है शेयर! मोतीलाल ओसवाल ने दी बेचने की सलाह

क्या आप Bharti Airtel में नया निवेश करने की सलाह देंगे, जिसमें शुक्रवार को जबरदस्त तेजी आई थी?

भारती एयरटेल ने अपने 50-दिन के EMA से जबरदस्त रिकवरी देखी है। RSI ऊपर की ओर बढ़ा है, जो मजबूत बुलिश मोमेंटम का संकेत है। धीरे-धीरे बढ़ता ADX ट्रेंड की मजबूती में सुधार का संकेत देता है। MACD लाइन भी बुलिश क्रॉसओवर के करीब है। यह पॉजिटिव रुख को और मजबूत करता है। ₹1,940–1,930 का जोन अहम सपोर्ट बना हुआ है।

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एक गलती…और टूट गया 10 साल पुराना रिश्ता, पत्नी से धोखा मिलने के बाद पति ने खत्म किया रिश्ता, वायरल हुई कहानी

सोशल मीडिया पर एक महिला का पोस्ट तेजी से वायरल हो रहा है। पोस्ट में महिला ने बताया की एक गलती की वजह से उसके पति ने 10 साल पुरानी शादी तोड़ दिया। इस मामले के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर चर्चा शुरू हो गई। लोग इस बात पर बहस कर रहे हैं कि क्या एक बार किया गया धोखा इतने सालों के रिश्ते, प्यार और साथ को खत्म करने के लिए काफी है, या फिर टूटे भरोसे के बाद रिश्ते को बचाना मुश्किल हो जाता है। जानें क्या है पूरा मामला

महिला ने पति को दिया धोखा

X यूजर SamSiff ने एक महिला से जुड़ी पोस्ट शेयर की। पोस्ट में दावा किया गया कि, महिला ने अपने पति को धोखा दिया, जिसके बाद पति ने उसे तलाक दे दिया। बताया गया कि तलाक से पहले दोनों की शादी को 10 साल हो चुके थे। कहानी शेयर करते हुए यूजर ने लिखा, “उसने सिर्फ एक बार धोखा दिया, लेकिन पति ने 10 साल पुरानी शादी खत्म करने का फैसला कर लिया। अब लोग इस बात पर चर्चा कर रहे हैं कि क्या सिर्फ एक गलती की वजह से किसी रिश्ते के 10 साल को खत्म कर देना सही है?”

नहीं दिया सफाई का मौका

पोस्ट के साथ एक तस्वीर भी शेयर की गई थी, जिसमें महिला ने पूरे मामले को लेकर अपनी बात रखी थी। महिला ने दावा किया कि 10 साल की शादी में उसने सिर्फ एक बार पति को धोखा दिया, लेकिन पति ने उसे सफाई या रिश्ता सुधारने का मौका दिए बिना तलाक ले लिया। महिला ने अपनी बात रखते हुए लिखा, “मैंने शादी के 10 साल में सिर्फ एक बार अपने पति को धोखा दिया। यह मेरी एक गलती थी, लेकिन इसके बाद वह मुझसे पूरी तरह दूर हो गया, जैसे मैं उसके लिए सबसे बुरी इंसान हूं। उसने न तो मुझसे बात करने की कोशिश की, न रिश्ते को बचाने का कोई मौका दिया और न ही मेरी बात सुनी। इसके बजाय उसने तलाक के कागज मेरे सामने रख दिए।”

2 साल से मांद रही मांफी

महिला ने आगे बताया, “यह घटना दो साल पहले हुई थी। तब से मैं लगातार माफी मांगती रही, रोती रही और रिश्ता बचाने की कोशिश करती रही, लेकिन उसने मेरी कोई बात नहीं सुनी। हमने साथ मिलकर 10 साल की जिंदगी बिताई और कई यादें बनाई थीं। मुझे समझ नहीं आता कि कोई इंसान इतने सालों के रिश्ते और साथ को इतनी आसानी से कैसे भुला सकता है।” महिला का पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने कहा कि, रिश्ते की लंबी अवधि से ज्यादा जरूरी भरोसा होता है और एक बार विश्वास टूट जाने के बाद शादी को पहले जैसा बनाए रखना आसान नहीं होता।

लोगों ने किया कमेंट

एक यूजर ने महिला की आलोचना करते हुए लिखा, “बड़ी मेट्रो की लड़कियां और महिलाएं आखिर क्या उम्मीद कर रही हैं? एक बार धोखा देना हो या 20 बार, इससे क्या फर्क पड़ता है? अगर स्थिति उलट होती और पति ऐसा करता, तो शायद वह भी अपनी पत्नी की जिंदगी बर्बाद कर देता। उसे इस बात की गंभीरता समझनी चाहिए।”

एक और कमेंट करने वाले ने महिला पर कहानी को मैनिपुलेट करने की कोशिश करने का आरोप लगाते हुए कहा, “एलीट लेवल की गैसलाइटिंग। जो कोई भी उसके पक्ष में बात करता है या उसका सपोर्ट करता है, वह सबसे बुरे लोग हैं।” एक यूजर ने लिखा, “कितनी ऊपरी सोच है.. यह सिर्फ एक गलती नहीं है बल्कि भरोसा टूटना है.. धोखा तो धोखा है… बस। माफ नहीं किया जा सकता।”

Lincoln Pharmaceuticals Q1 Results: फार्मा कंपनी का मुनाफा 31% बढ़ा, तीन साल में ₹1000 करोड़ रेवेन्यू का टारगेट

Lincoln Pharmaceuticals Q1 Results: फार्मा कंपनी Lincoln Pharmaceuticals ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में मजबूत नतीजे दर्ज किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 30.9% बढ़कर ₹36.23 करोड़ हो गया। पिछले साल की इसी तिमाही में यह ₹27.68 करोड़ था।

कंपनी की कुल आय भी 19% बढ़कर ₹201.55 करोड़ पहुंच गई। एक साल पहले यह ₹169.34 करोड़ थी। वहीं, प्रति शेयर आय (EPS) बढ़कर ₹18.09 हो गई।

EBITDA में भी मजबूत बढ़त

Lincoln Pharmaceuticals का EBITDA 32.3% बढ़कर ₹51.70 करोड़ हो गया। पिछले साल की इसी तिमाही में यह ₹39.08 करोड़ था। इससे साफ है कि कंपनी की ऑपरेटिंग परफॉर्मेंस भी पहले से बेहतर रही।

FY26 में डिविडेंड की सिफारिश

कंपनी ने पूरे वित्त वर्ष 2026 में ₹87.89 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया। कुल आय ₹704.48 करोड़ रही और EBITDA ₹131.14 करोड़ पहुंच गया। बोर्ड ने FY26 के लिए 18% डिविडेंड यानी ₹10 फेस वैल्यू वाले हर शेयर पर ₹1.80 डिविडेंड की सिफारिश की है। हालांकि, इसे AGM में शेयरधारकों की मंजूरी मिलनी बाकी है।

तीन साल में ₹1,000 करोड़ रेवेन्यू का लक्ष्य

Lincoln Pharmaceuticals ने अगले तीन साल में ₹1,000 करोड़ रेवेन्यू हासिल करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए वह 15-18% सालाना ग्रोथ बनाए रखने की रणनीति पर काम कर रही है। कंपनी को कार्डियक, डायबिटीज, डर्मेटोलॉजी और ENT सेगमेंट से मजबूत ग्रोथ की उम्मीद है।

90 देशों तक पहुंच बढ़ाने की तैयारी

Lincoln Pharmaceuticals अभी 60 से ज्यादा देशों में अपने प्रोडक्ट एक्सपोर्ट करती है। कंपनी का लक्ष्य अगले 2-3 साल में यह संख्या बढ़ाकर 90 देशों तक पहुंचाने का है।

हाल ही में कंपनी ने कनाडा के बाजार में एंट्री की है। साथ ही उसे ऑस्ट्रेलिया के TGA और यूरोप के EU GMP से मंजूरी भी मिली है। कंपनी का कहना है कि इससे उसके ग्लोबल विस्तार को और रफ्तार मिलेगी।

Lincoln के शेयरों का हाल

कंपनी के शेयर पिछले कारोबारी सत्र में 1.19% की गिरावट के साथ 612.10 रुपये पर बंद हुए। इस साल अब तक स्टॉक 27.57% का रिटर्न दिया है। वहीं बीते 1 साल के दौरान इसमें करीब 12% की तेजी आई है। कंपनी का मार्केट कैप 1.22 हजार करोड़ रुपये है।

Lincoln Pharmaceuticals दवाइयां बनाने और बेचने वाली भारतीय फार्मा कंपनी है। यह कार्डियक, डायबिटीज, एंटीबायोटिक, डर्मेटोलॉजी, ENT और दर्द निवारक जैसी कई कैटेगरी में दवाइयां बनाती है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Molbio Diagnostics करेगा मालामाल या लगेगा शॉक! ग्रे मार्केट से मिल रहे ये संकेत

Molbio Diagnostics Listing: टेमासेक (Temasek) और मोतीलाल ओसवाल ग्रुप (Motilal Oswal Group) के निवेश वाली मोल्बियो डाइग्नॉस्टिक के आईपीओ को निवेशकों का शानदार रिस्पांस मिला। अब कल 17 अगस्त को इसके शेयर लिस्ट होने वाले हैं। ग्रे मार्केट से 15.49% के लिस्टिंग गेन के संकेत मिल रहे हैं। ग्रे मार्केट में इसकी GMP (ग्रे मार्केट प्रीमियम) इश्यू प्राइस से ₹125 यानी 15.49% प्रीमियम पर है। हालांकि मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक यह ग्रे मार्केट से मिले संकेतों की बजाय कंपनी की कारोबारी सेहत और लिस्टिंग के दिन मार्केट की परिस्थिति पर निर्भर रहेगा। इसके शेयर आईपीओ निवेशकों को ₹807 के भाव पर जारी हुए हैं। इसका अलॉटमेंट फाइनल हो चुका है जिसका स्टेटस बीएसई या रजिस्ट्रार केफिनटेक की साइट पर देख सकते हैं। शेयर मिले या नहीं, इसका चेक करने का स्टेपवाइज प्रोसेस नीचे दिया जा रहा है।

BSE की साइट पर ऐसे करें चेक

https://www.bseindia.com/investors/appli_check.aspx, इस लिंक पर जाएं।

इश्यू टाइप ‘Equity’ चुनें। इश्यू नाम Molbio Diagnostics चुनें।

एप्लीकेशन नंबर या पैन भरें।

फिर I’m not a robot पर क्लिक करें।

सर्च पर क्लिक करें।

शेयरों का अलॉटमेंट स्टेटस स्कीन पर दिखने लगा कि कितने शेयर अलॉट हुए।

रजिस्ट्रार की साइट पर ऐसे चेक करें स्टेटस

https://ipostatus.kfintech.com/, लिंक पर क्लिक करें।

सेलेक्ट आईपीओ पर क्लिक करके Molbio Diagnostics चुनें।

एप्लीकेशन नंबर, डीमैट अकाउंट या पैन में से कोई भी चुनें। फिर जो विकल्प चुना है, उसके मुताबिक डिटेल्स दें। जैसे कि पैन चुना है तो पैन भरें।

सबमिट करें।

शेयरों का अलॉटमेंट स्टेटस स्कीन पर दिखने लगा कि कितने शेयर अलॉट हुए।

Molbio Diagnostics IPO को मिला था तगड़ा रिस्पांस

मोब्लियो डाइग्नॉस्टिक्स न का ₹940 करोड़ का आईपीओ 10-12 अगस्त तक खुला था। इसे हर कैटेगरी के निवेशकों का अच्छा रिस्पांस मिला और ओवरऑल यह 70.27 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 186.39 गुना, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 49.80 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 12.97 गुना और एंप्लॉयीज का हिस्सा 13.28 गुना भरा था।

इस आईपीओ के तहत ₹200 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा ₹1 की फेस वैल्यू वाले 91.66 लाख शेयरों की ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिक्री हुई है। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹105.54 करोड़ आरएंडडी फैसिलिटी, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और कनेक्टेड ऑफिस स्पेस बनाने, ₹72.28 करोड़ गोवा यूनिट 1, गोवा यूनिट 2 और विशाखापत्तनम यूनिट के लिए प्लांट, मशीनरी और अन्य इक्विपमेंट की खरीदारी, ₹59.54 करोड़ आईपीओ से जुड़े खर्चों को भरने और ₹9.47 करोड़ आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

Molbio Diagnostics के बारे में

मोल्बियो डायग्नोस्टिक्स एक पॉइंट-ऑफ-केयर (POC) डायग्नोस्टिक्स कंपनी है। इसने ‘Truenat’ नाम से पीसीआर (PCR) प्लेटफॉर्म डेवलप किया है, जो 100 से अधिक देशों में पेटेंटेड है। यह तकनीक टीबी (TB), कोविड-19, हेपेटाइटिस B & C, एचआईवी (HIV) और एचपीवी (HPV) जैसी बीमारियों की जांच 1 घंटे के भीतर कर सकती है। प्रोग्नोसिस और ऑप्ट्रास्कैन जैसी सहायक कंपनियों के जरिए यह डिजिटल पैथोलॉजी, रेडियोलॉजी और ब्रेस्ट हेल्थ स्क्रीनिंग डिवाइस भी मुहैया कराती है। देश भर में इसके 6 मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटीज हैं और इसके ग्राहक 90 से अधिक देशों में हैं।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना 40% से अधिक की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹164.14 करोड़ और टोटल इनकम करीब 32% के सीएजीआर से ₹1,455.17 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹412.64 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹1,148.84 करोड़ पड़े थे।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

₹5 करोड़ vs ₹10 करोड़: रिटायरमेंट के बाद कितने फंड में मिलेगी असली आजादी? जानिए एक्सपर्ट्स का ‘नो रिस्क’ फॉर्मूला

Rs 5 Crore vs Rs 10 Crore Retirement Corpus: भारत में फाइनेंशियल इंडिपेंडेंस या अर्ली रिटायरमेंट का सपना देखने वाले ज्यादातर लोगों के दिमाग में एक ‘मैजिक नंबर’ होता है। अधिकतर भारतीय निवेशकों के लिए यह नंबर ₹5 करोड़ से ₹10 करोड़ के बीच झूलता रहता है। लेकिन सवाल यह है कि क्या ₹5 करोड़ का फंड जुटाने के बाद आपकी पैसों की चिंताएं पूरी तरह खत्म हो जाती हैं, या ₹10 करोड़ का कॉर्पस ही असली आजादी दिला पाता है?

फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इन दोनों पड़ावों के बीच का असली फर्क केवल पैसों का नहीं, बल्कि फ्लेक्सिबिलिटी, सुरक्षा और लाइफस्टाइल में मिलने वाले मार्जिन का है। आइए आसान भाषा में समझते हैं ₹5 करोड़ और ₹10 करोड़ के फंड का पूरा गणित।

क्या ₹5 करोड़ का फंड रिटायरमेंट के लिए काफी है?

आपकी उम्र, खर्च, निर्भर सदस्यों, मेडिकल जरूरतों और लाइफस्टाइल के आधार पर ₹5 करोड़ का फंड फाइनेंशियल फ्रीडम दिला सकता है। लेकिन इस लेवल पर आपको कड़े वित्तीय अनुशासन और सोच-समझकर पैसे निकालने की जरूरत होती है।

MIRA Money के इनवेस्टमेंट रिसर्च एनालिस्ट रोहन गोयल के अनुसार, अगर आप 4% के स्टैंडर्ड विड्रॉल रेट से पैसे निकालते हैं, तो ₹5 करोड़ के फंड से आपको सालाना ₹20 लाख या करीब ₹1.6 लाख महीना मिल सकता है (जो महंगाई के हिसाब से एडजस्ट होगा)।

यह रकम नौकरी छोड़ने, करियर से ब्रेक लेने या कम तनाव वाली नौकरी चुनने के लिए काफी है, लेकिन जोखिम भी है। अचानक आई मेडिकल इमरजेंसी, बच्चे की विदेश में पढ़ाई या शेयर बाजार में लंबी मंदी आपके पूरे प्लान को बिगाड़ सकती है। यही वजह है कि ₹5 करोड़ वाले लेवल पर ज्यादातर लोग कोई न कोई पैसिव इनकम या काम जारी रखते हैं।

कॉर्पस ₹10 करोड़ पहुंचने पर क्या-क्या बदल जाता है?

जब आपका कॉर्पस बढ़कर ₹10 करोड़ हो जाता है, तो 4% के नियम के हिसाब से आपकी सालाना आय दोगुनी होकर ₹40 लाख (लगभग ₹3.33 लाख महीना) हो जाती है। यह रकम आपको केवल आराम ही नहीं, बल्कि अनिश्चितताओं से निपटने की बड़ी ढाल भी देती है।

₹10 करोड़ के लेवल पर हेल्थकेयर, अंतरराष्ट्रीय यात्राएं या बच्चों/माता-पिता की मदद करना आपके बजट पर भारी नहीं पड़ता।

अगर रिटायरमेंट के शुरुआती सालों में ही शेयर बाजार गिर जाता है, तब भी आपके पोर्टफोलियो पर इसका असर कम पड़ता है क्योंकि आपका विड्रॉल रेट आपके कुल फंड के मुकाबले काफी सुरक्षित होता है।

क्या ₹10 करोड़ होने का मतलब ज्यादा फिजूलखर्ची करना है?

बिल्कुल नहीं। बड़ा कॉर्पस आपको तभी तक वित्तीय आजादी दे सकता है जब तक आपकी लाइफस्टाइल और खर्च नियंत्रण में रहें। वाइज फिनसर्व की डायरेक्टर और सीओओ चारू पहूजा चेतावनी देती हैं कि यहाँ ‘लाइफस्टाइल इन्फ्लेशन’ यानी अमीर होने के साथ खर्च बढ़ाने की आदत सबसे बड़ा खतरा बन सकती है। बड़ा घर, महंगी गाड़ियां और बार-बार महंगे वेकेशन आपके मंथली बजट को इतना बढ़ा सकते हैं कि ₹10 करोड़ का बड़ा फंड भी कम पड़ने लगे।

₹5 करोड़ और ₹10 करोड़ में सबसे बड़ा फर्क क्या है?

₹5 करोड़ और ₹10 करोड़ में सबसे बड़ा फर्क क्या है?

आपके लिए कौन सा आंकड़ा सही है?

फाइनेंशियल इंडिपेंडेंस का मतलब केवल पैसों का ढेर लगाना नहीं, बल्कि काम को मजबूरी के बजाय ‘अपनी पसंद’ बनाना है। ₹5 करोड़ आपको काम छोड़ने की आजादी दे सकता है, लेकिन ₹10 करोड़ आपको जिंदगी में किसी भी अनचाहे मोड़ या मंदी से बेफिक्र होने का सुकून देता है। सही कॉर्पस वही है जो आपकी मौजूदा लाइफस्टाइल को बनाए रखे और महंगाई को पछाड़ते हुए आपको कभी दोबारा मजबूरी में काम पर न लौटने दे।

डिस्क्लेमर: यह खबर वित्तीय विशेषज्ञों के विचारों और सैद्धांतिक कैलकुलेशन पर आधारित है। इसे व्यक्तिगत निवेश या रिटायरमेंट सलाह न माना जाए। अपनी उम्र और वित्तीय लक्ष्यों के हिसाब से सर्टिफाइड फाइनेंशियल प्लानर (CFP) से सलाह जरूर लें।

Nifty Outlook: बाजार का रुख कमजोर, 24000 तक फिसल सकता है निफ्टी? एक्सपर्ट्स से जानिए

Nifty Outlook: शेयर बाजार में पिछले हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को भी कमजोरी देखने को मिली। निफ्टी लगातार चौथे कारोबारी सत्र में गिरावट के साथ बंद हुआ। पूरे दिन बाजार सीमित दायरे में रहा और आखिर में निफ्टी 29 अंक टूटकर 24,366 पर बंद हुआ। पूरे हफ्ते में इंडेक्स 0.83% गिरा।

अब सोमवार, 17 अगस्त को निफ्टी की चाल कैसी रहेगी, इसे एक्सपर्ट्स से समझेंगे। लेकिन, पहले जान लेते हैं कि शुक्रवार को बाजार में क्या खास हुआ था।

किन शेयरों में सबसे ज्यादा हलचल रही?

निफ्टी 50 में Apollo Hospitals, Bharti Airtel और Adani Enterprises सबसे बड़े गेनर रहे। वहीं Tata Motors Passenger Vehicles, Jio Financial Services और ONGC सबसे ज्यादा टूटने वाले शेयर रहे।

सेक्टोरल इंडेक्स में मीडिया और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स को छोड़कर बाकी सभी सेक्टर लाल निशान में बंद हुए। सबसे ज्यादा कमजोरी फाइनेंशियल सर्विसेज, फार्मा और मेटल शेयरों में रही।

मिडकैप और स्मॉलकैप पर भी दबाव

ब्रॉडर मार्केट भी कमजोर रहा। Nifty Midcap 100 में 0.53% और Nifty Smallcap 100 में 0.69% की गिरावट आई। BSE पर एडवांस-डिक्लाइन रेशियो घटकर 0.84 पर आ गया, जो मुनाफावसूली बढ़ने का संकेत देता है।

डॉलर के मुकाबले रुपया भी दबाव में रहा। USD/INR 95.40-95.45 के दायरे में कारोबार करता रहा और रुपया करीब ₹95.43 प्रति डॉलर पर बंद हुआ।

अगले हफ्ते निफ्टी का आउटलुक

अब पहली तिमाही के नतीजों का सीजन लगभग खत्म हो चुका है। ऐसे में अगले हफ्ते बाजार की नजर ग्लोबल संकेतों और मैक्रो इकोनॉमिक घटनाक्रम पर रहेगी।

Motilal Oswal के सिद्धार्थ खेमका के मुताबिक, आगे बाजार में अहम खबरों के हिसाब से स्टॉक में मूवमेंट ज्यादा देखने को मिल सकती है। निवेशक कंपनियों की कमाई और घरेलू आर्थिक मजबूती का आकलन करेंगे।

पश्चिम एशिया के हालात, कच्चे तेल की कीमतें और वैश्विक जोखिम की धारणा बाजार की दिशा तय कर सकती हैं। अमेरिका-ईरान तनाव के बीच ब्रेंट क्रूड 87 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बना हुआ है।

एक्सपर्ट्स ने बताए अहम स्तर

HDFC Securities के नागराज शेट्टी के मुताबिक, निफ्टी में फिलहाल कंसोलिडेशन जारी रह सकता है। अगर गिरावट बढ़ती है, तो इंडेक्स 24,200-24,000 तक जा सकता है। वहीं 24,500 पहला बड़ा रेजिस्टेंस रहेगा।

SBI Securities के सुदीप शाह का मानना है कि 24,500-24,550 का स्तर पार होने पर निफ्टी 24,700 और फिर 24,850 तक जा सकता है। नीचे की ओर 24,230-24,200 का दायरा मजबूत सपोर्ट है।

LKP Securities के रूपक डे के अनुसार, बाजार का ओवरऑल सेंटीमेंट अभी कमजोर है और निफ्टी 24,180 तक फिसल सकता है। उनके मुताबिक 24,400 निकट अवधि का अहम रेजिस्टेंस रहेगा।

HDFC Securities के विनय राजानी ने कहा कि निफ्टी फिलहाल 20-डे DEMA (24,363) और 200-डे DEMA (24,385) के आसपास बंद हुआ है। ऐसे में 24,360-24,385 का जोन अगले कुछ सत्रों के लिए सबसे अहम रहेगा। उनके मुताबिक नीचे की ओर 24,265 और फिर 24,000 सपोर्ट है, जबकि ऊपर 24,630 और 24,750 अगले रेजिस्टेंस स्तर हो सकते हैं।

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जेब में अचानक गर्म हुआ Samsung Galaxy S26, कुछ ही पल बाद हुआ कथित धमाका; जानें पूरा मामला

सोशल मीडिया पर एक चौंकाने वाला दावा तेजी से चर्चा में है, जिसमें गाजियाबाद के एक व्यक्ति की जेब में कथित तौर पर Samsung Galaxy S26 के फटने की बात कही जा रही है। वायरल पोस्ट के अनुसार, फोन पहले अचानक बेहद गर्म हुआ और उससे धुआं निकलने लगा। इससे पहले कि व्यक्ति कुछ समझ पाता या फोन को जेब से बाहर निकाल पाता, कथित तौर पर उसमें जोरदार धमाका हो गया। दावा है कि इस घटना में उसके दोनों हाथों और शरीर के निचले हिस्से पर गंभीर जलने की चोटें आईं।

आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत उसकी मदद की और उसे अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज चलने की बात कही गई है। घटना की तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर शेयर की जा रही हैं, जिनमें फोन बुरी तरह जला और क्षतिग्रस्त दिखाई देता है। हालांकि, वायरल दावे और घटना की पूरी परिस्थितियों की अभी स्पष्ट रूप से पुष्टि नहीं हुई है।

सफर के दौरान अचानक गर्म होने लगा फोन

वायरल पोस्ट के अनुसार, मजीद नाम का व्यक्ति गाजियाबाद से दनकौर, ग्रेटर नोएडा स्थित अपने गांव जा रहा था। इसी दौरान उसे महसूस हुआ कि करीब एक महीने पुराना उसका स्मार्टफोन सामान्य से काफी ज्यादा गर्म हो रहा है। बताया गया कि फोन से धुआं निकलने लगा और इससे पहले कि वह उसे जेब से बाहर निकाल पाता, उसमें धमाका हो गया।

राहगीरों ने पहुंचाया अस्पताल

पोस्ट में दावा किया गया है कि घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत मजीद की मदद की और उसे नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। फिलहाल उसका इलाज चलने की बात कही गई है। सोशल मीडिया पर शेयर की गई तस्वीरों में फोन काफी जला हुआ नजर आ रहा है। कथित तौर पर बैटरी वाले हिस्से को भारी नुकसान पहुंचा है और फोन का पिछला पैनल भी पिघला हुआ दिखाई देता है।

एक महीने पहले खरीदा था फोन?

वायरल Reddit पोस्ट के मुताबिक, मजीद ने यह फोन करीब एक महीने पहले ग्रेटर नोएडा के The Grand Venice Mall स्थित DG Com से खरीदा था। पोस्ट में यह भी दावा किया गया कि घटना से पहले फोन सामान्य रूप से काम कर रहा था। हालांकि, इन दावों और घटना की परिस्थितियों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए फोन में खराबी या विस्फोट की वास्तविक वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं है।

Samsung से जवाब मांग रहे यूजर्स

ये दावा @Cartidise द्वारा X पर भी साझा किया गया, घटना की खबर सोशल मीडिया पर फैलते ही कई यूजर्स ने Samsung को टैग करते हुए कंपनी से जवाब और घायल व्यक्ति के इलाज में मदद की मांग की। कुछ लोगों ने सवाल उठाया कि अगर फोन खरीदने के कुछ ही समय बाद ऐसी घटना हुई है, तो निर्माता की जिम्मेदारी क्या बनती है। वहीं, कुछ यूजर्स ने इसे Samsung के पुराने Galaxy Note 7 बैटरी विवाद से जोड़ते हुए कंपनी की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए।

सोशल मीडिया पर छिड़ी फोन सेफ्टी की बहस

इस कथित घटना ने स्मार्टफोन की बैटरी और ओवरहीटिंग को लेकर एक बार फिर बहस छेड़ दी है। यूजर्स का कहना है कि महंगे फ्लैगशिप फोन से कम से कम इतनी उम्मीद जरूर होती है कि वे रोजमर्रा के इस्तेमाल में सुरक्षित रहें। हालांकि, फिलहाल यह केवल सोशल मीडिया पर वायरल दावा है और घटना के कारण, फोन की स्थिति तथा जिम्मेदारी तय करने के लिए आधिकारिक जांच की जानकारी सामने आना बाकी है।

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