मोहनलाल स्टारर ‘L367’ का हुआ बड़ा ऐलान, नेशनल अवॉर्ड विनिंग डायरेक्टर विष्णु मोहन की फिल्म का नाम होगा ‘ऑपरेशन गंगा’

Operation Ganga: भारत की इंटरनेशनल बॉर्डर पर किए गए सबसे साहसी और दिलचस्प ऑपरेशन्स में से एक पर ‘ऑपरेशन गंगा – ए नेशन्स प्रॉमिस’ बनी है। मलयालम सुपरस्टार मोहनलाल इस फिल्म में लीड रोल में नजर आने वाले हैं, जबकि उनके साथ अर्जुन रामपाल, भाग्यश्री बोर्से, पार्थिबन और आदिल हुसैन भी स्क्रीन शेयर करते दिखेंगे। फिल्म का डायरेक्शन नेशनल अवॉर्ड विनर फिल्ममेकर विष्णु मोहन द्वारा किया जा रहा है।

मलयालम सुपरस्टार मोहनलाल स्टारर अप कमिंग फिल्म L367 के नाम से आखिरकार पर्दा उठ गया है। बता दें कि फिल्म का आधिकारिक नाम मेकर्स ने ‘ऑपरेशन गंगा’ रखा है। नेशनल अवॉर्ड जीत चुके डायरेक्टर विष्णु मोहन ने फिल्म के डायरेक्शन की कमान अपने हाथों में ली है। यह फिल्म अपने अनोखी टाइटल के साथ एक दिलचस्प कहानी कहने के लिए तैयार है जिसे कभी नहीं सुनाया गया है। फिल्म की कहानी बेहद खास है जिसे हर भारतीय को जरूर जानना चाहिए।

फिल्म का टाइटल भारत के एक बड़े रेस्क्यू मिशन पर रखा गया है। रेस्क्यू मिशन उन भारतीयों को देश वापस लाने को लेकर था जो रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद यूक्रेन में फंस गए थे। इन फंसे हुए लोगों में सबसे ज्यादा छात्र और कुछ वहां रहने वाले लोग थे और उन्हीं की वापसी के लिए इस अभियान को चलाया गया था। यह फिल्म एक ऐसी शानदार कहानी है, जो दर्शकों को भारत द्वारा किए गए एक अहम मिशन से रूबरू कराएगी। यह विदेशी धरती पर किया गया एक सफल मिशन है, जिसे ऐतिहासिक जीत के साथ पूरा किया गया।

इसके अलावा इस प्रोजेक्ट को सबसे खास बनाती है फिल्म मेकिंग से जुड़ी एक बहुत टैलेंटेड टीम। फिल्म की टेक्निकल क्रू की बात करे तो इसमें ‘पुष्पा 1’ और ‘पुष्पा 2’ के लिए जाने जानें वाले सिनेमैटोग्राफर मिरोस्लाव कुबा ब्रोजेक शामिल हैं। वहीं, ‘गोट’, ‘मेयाझगन’, ‘अमरन’ और ‘कथनार’ जैसी फिल्मों पर काम कर चुके राजीवन प्रोडक्शन डिजाइनर के रूप में प्रोजेक्ट में जुड़े हैं। जबकि एक्शन को अलग लेवल पर लाकर जाने के लिए एक्शन डायरेक्टर सी यंग ओह जुड़े हैं, जिन्होंने सुपर हिट फिल्म्स ‘धुरंधर’ और ‘किल’ के एक्शन को डायरेक्ट किया है।

फिल्म ‘ऑपरेशन गंगा’ को गोकुलम गोपालन द्वारा श्री गोकुलम मूवीज के बैनर तले प्रोड्यूस किया जा रहा है। फिल्म में मोहनलाल लीड रोल में हैं, जबकि अन्य कलाकारों की बात करें तो अर्जुन रामपाल, भाग्यश्री बोर्से, आदिल हुसैन और पार्थिबन भी अहम भूमिका निभाते नजर आने वाले हैं। सुपरहिट पैन-इंडियन फिल्म ‘धुरंधर’ में जबरदस्त म्यूजिक का तड़का लगाने वाले म्यूजिक कंपोजर शाश्वत सचदेव अब ‘ऑपरेशन गंगा’ का म्यूजिक कंपोज कर रहे हैं।

फिल्म की क्रू में एडिटर शमीर मोहम्मद, साउंड डिजाइनर बिश्वदीप चटर्जी शामिल हैं, जो ‘धुरंधर’, ‘उरी’, ‘3 इडियट्स’ और ‘पद्मावत’ के लिए जाने जाते हैं। वीएफएक्स सुपरवाइजर के. वी. संजीत ‘कांतारा’ के लिए जाने जाते हैं। मिलिट्री एडवाइजर स्क्वाड्रन लीडर वरलिन पंवार ने ‘सेफेद सागर’, ‘बॉर्डर 2’ और ‘फाइटर’ पर काम किया है। इसके अलावा लोका कॉस्ट्यूम डायरेक्टर मेल्वी जे, मेकअप आर्टिस्ट रोनेक्स जेवियर और प्रोडक्शन कंट्रोलर रिन्नी दिवाकर भी टीम का हिस्सा हैं।

फिल्म को गोकुलम गोपालन ने प्रोड्यूस किया है, जबकि बैजू गोपालन और वी. सी. प्रवीण इसके को-प्रोड्यूसर हैं, जबकि कृष्णमूर्ति ने एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर की कमान संभाली है।

Wealth Creation Tips: सिर्फ हाई सैलरी के भरोसे बैठे हैं तो धोखा खा जाएंगे, एक्सपर्ट ने बताए वेल्थ क्रिएशन के 5 तरीके

Wealth Creation Tips: वेल्थ क्रिएशन के लिए क्या ज्यादा सैलरी जरूरी है? आपकी इस बारे में क्या राय है? ज्यादातर लोग यह सोचते हैं कि इनवेस्टमेंट से मोटा पैसा बनाने के लिए ज्यादा सैलरी जरूरी है। वे सैलरी बढ़ने के इंतजार में इनवेस्टमेंट शुरू नहीं कर पाते, जबकि कम इनकम वाले लोग रेगुलर इनवेस्टमेंट से बड़ा फंड तैयार कर लेते हैं। आशीष कांचरला एंड एसोसिएट्स के फाउंडर और सीए ने बताया कि वेल्थ क्रिएशन के लिए मोटी सैलरी से ज्यादा जरूरी कुछ खास आदतें हैं।

पहले निवेश करें फिर खर्च

उन्होंने कहा कि वेल्थ क्रिएशन के आपके रास्ते में सबसे बड़ी बाधा रुपये-पैसे को लेकर आपकी पुरानी सोच है। हममें से ज्यादातर लोग पहले खर्च करने के बारे में सोचते हैं। पैसे बचने पर वे सेविंग्स के बारे में सोचते हैं। यह आदत वेल्थ क्रिएशन से आपको रोक देती है। अगर आप वेल्थ क्रिएट करना चाहते हैं तो पहले आपको सेविंग्स करनी होगी फिर बाकी पैसे से महीने का खर्च चलाना होगा। मान लीजिए आपकी सैलरी मंथली 1 लाख रुपये है तो आपको कम से कम हर महीने 20,000-30,000 रुपये सेविंग्स और निवेश के लिए इस्तेमाल करना होगा।

निवेश को बनाएं आदत

दूसरा, इनवेस्टमेंट किसी त्योहार की तरह नहीं है, जो साल में तीन बार या चार बार आता है। इसका नियमित होना जरूरी है। आपको हर महीने अनुशासित रूप से निवेश जारी रखना होगा। कई लोग निवेश शुरू तो करते हैं, लेकिन कुछ ही महीनों बाद उनके निवेश की गाड़ी पटरी से उतर जाती है। सबसे पहले आपको इनवेस्टमेंट अमाउंट सोच-समझकर तय करना होगा। अगर आप ज्यादा अमाउंट तय करेंगे तो फिर आपको उसे जारी रखने में दिक्कत आ सकती है।

 खर्च को नहीं बढ़ने दें

ज्यादातर लोगों का खर्च सैलरी बढ़ने के साथ ही बढ़ जाता है। यह वेल्थ क्रिएशन के लिए ठीक नहीं है। आपको अपने खर्च को सैलरी के हिसाब से बढ़ने से रोकना होगा। अगर आज आपकी सैलरी 1 लाख है, जो पांच साल बाद बढ़कर 2.5 लाख हो जाएगी तो इसका मतलब यह नहीं आपका खर्च भी 2.5 गुना हो जाना चाहिए। आपको बढ़ी हुई इनकम का इस्तेमाल इनवेस्टमेंट बढ़ाने के लिए करना चाहिए। इससे कम से ज्यादा वेल्थ आसानी से क्रिएट कर सकेंगे।

इंश्योरेंस सिर्फ प्रोटेक्शन के लिए

कई लोग इंश्योरेंस का मतलब ठीक तरह से नहीं समझते। एक्सपर्ट्स का कहना है कि बीमा का इस्तेमाल सिर्फ प्रोटेक्शन के लिए होना चाहिए, न कि इनवेस्टमेंट के लिए। अगर आप नौकरी करते हैं और आपकी फैमिली है, जिसमें बीवी और बच्चें हैं तो परिवार की फाइनेंशियल सिक्योरिटी आपकी पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। यहां इंश्योरेंस आपकी मदद करता है। टर्म पॉलिसी खरीदकर आप अपने परिवार को पर्याप्त फाइनेंशियल कवर दे सकते हैं। किसी अनहोनी की स्थिति में इंश्योरेंस से आपके परिवार को इतना पैसा मिल जाएगा कि उन्हें आर्थिक रूप से लाचार नहीं होना पड़ेगा। टर्म पॉलिसी का प्रीमियम एन्डॉमेंट पॉलिसी के प्रीमियम के मुकाबले काफी कम होता है।

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निवेश में डायवर्सिफिकेशन

सिर्फ निवेश करना पर्याप्त नहीं है। आप कहां अपने पैसे का निवेश कर रहे हैं, यह काफी मायने रखता है। पहला, आपके निवेश से मिलने वाला रिटर्न इनफ्लेशन रेट से काफी ज्यादा होना चाहिए। अगर ऐसा नहीं है तो आपके पैसे की वैल्यू लंबी अवधि में बढ़ने की जगह घटेगी। दूसरा, निवेश में डायवर्सिफिकेशन बहुत जरूरी है। आप कुछ पैसा अगर शेयर या म्यूचुअल फंड की स्कीम में लगा रहे हैं तो कुछ फिक्स्ड इनकम इंस्ट्रूमेंट्स में भी लगाना चाहिए। इसके अलावा आपके पोर्टफोलियो में कम से कम 10-15 फीसदी हिस्सेदारी बुलियन यानी गोल्ड और सिल्वर की होनी चाहिए। पीपीएफ, वीपीएफ, बैंक एफडी और बॉन्ड फंड्स फिक्स्ड इनकम के अच्छे ऑप्शंस हैं।

अकेले कचरे से भरी नदी साफ करने वाले ‘बिट्टू तबाही’ की बदली किस्मत, डच CEO ने दिया नौकरी का ऑफर

मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के ब्यावरा के 20 वर्षीय सुरेंद्र सिंह चौधरी, जिन्हें सोशल मीडिया पर ‘Bittu Tabahi’ के नाम से पहचान मिली है, इन दिनों अपनी मेहनत के कारण सुर्खियों में हैं। सुरेंद्र ने कचरे से भरी अजनार नदी की सफाई का बीड़ा खुद उठाया और कई महीनों तक लगातार वहां से प्लास्टिक, गंदगी और जमा मलबा हटाते रहे। उनके इस काम के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए, जिसके बाद उनकी कोशिशों की चर्चा दूर तक पहुंची। अब उनकी इसी पहल ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी ध्यान खींचा है।

नीदरलैंड की पर्यावरण संस्था The Ocean Cleanup के संस्थापक और CEO बॉयन स्लैट ने सोशल मीडिया पर सुरेंद्र के काम को देखते हुए उन्हें अपने साथ काम करने का सीधा ऑफर दिया है। इस खबर के सामने आने के बाद सुरेंद्र की कहानी को लेकर सोशल मीडिया पर लोग उत्साहित हैं। एक छोटे से शहर का यह युवा अब नदी सफाई के अपने जुनून के कारण वैश्विक मंच तक पहुंचने की ओर बढ़ रहा है।

सोशल मीडिया पोस्ट पर CEO ने कहा- हमारे साथ काम करो

अजनार नदी की सफाई के दौरान सुरेंद्र के काम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। एक यूजर ने X पर उनकी तस्वीरों के साथ पोस्ट शेयर की, जिसमें नदी की सफाई से पहले और बाद की तस्वीरें दिखाई गई थीं।

पोस्ट पर बॉयन स्लैट की नजर पड़ी। उन्होंने बिना ज्यादा कुछ कहे सीधे लिखा, “Come work for us.”

डच के CEO का यह छोटा-सा जवाब सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा का विषय बन गया।

लोगों ने कहा- जिंदगी का सबसे बड़ा मौका

बॉयैन स्लैट के ऑफर के बाद यूजर्स ने सुरेंद्र को बधाई देना शुरू कर दिया। कई लोगों ने इसे उनके लिए शानदार अवसर बताया। एक यूजर ने लिखा कि उम्मीद है यह ऑफर गंभीर है और सुरेंद्र को यह मौका जरूर हासिल करना चाहिए।

दूसरे यूजर ने इसे ‘ऑफर ऑफ ए लाइफटाइम’ तक बता दिया।

कौन हैं Bittu Tabahi?

सुरेंद्र सिंह चौधरी ब्यावरा, राजगढ़, मध्य प्रदेश से आते हैं। उनके सोशल मीडिया वीडियो में उन्हें अजनार नदी से प्लास्टिक, कचरा, गंदगी और जमा हुआ मलबा खुद निकालते देखा जा सकता है।बताया जाता है कि उन्होंने इस सफाई अभियान की शुरुआत जनवरी में की थी। लगातार मेहनत के बाद नदी के एक हिस्से का पूरा रूप बदल गया और वहां जमा कचरा काफी हद तक साफ हो गया।

सफाई अभियान में अपनी जेब से लगाए पैसे

एक डिजिटल कंटेंट क्रिएटर के मुताबिक, सुरेंद्र अब तक इस सफाई अभियान पर करीब ₹30,000 खर्च कर चुके हैं। यानी सोशल मीडिया पर लोकप्रियता हासिल करने से पहले उन्होंने इस काम में अपना समय, मेहनत और पैसा लगाया।

आनंद महिंद्रा भी कर चुके हैं तारीफ

सुरेंद्र के काम की चर्चा इससे पहले उद्योगपति आनंद महिंद्रा तक भी पहुंच चुकी है। उन्होंने मार्च में सोशल मीडिया पर सुरेंद्र की तारीफ करते हुए कहा था कि अगर सोशल मीडिया पर मिलने वाले ‘लाइक्स’ किसी अच्छे काम की वजह बनते हैं, तो इसमें कोई बुराई नहीं है।

उन्होंने सुरेंद्र को अपनी #MondayMotivation पोस्ट का हिस्सा भी बनाया था।

कौन हैं बॉयन स्लैट?

बॉयैन स्लैट नीदरलैंड के इनोवेटर और उद्यमी हैं और The Ocean Cleanup के संस्थापक हैं। उनकी संस्था समुद्रों और नदियों में जमा प्लास्टिक को हटाने के लिए तकनीकी समाधान विकसित करती है।

संस्था का लक्ष्य 2040 तक समुद्र में मौजूद तैरते प्लास्टिक का 90 फीसदी हिस्सा हटाना है। ऐसे में नदी की सफाई में जुटे एक युवा भारतीय को खुद CEO की ओर से मिला ऑफर उसके काम की अंतरराष्ट्रीय पहचान के तौर पर देखा जा रहा है।

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RBI ने 5 कंपनियों पर लगाया ₹27 लाख तक का जुर्माना; लिस्ट में ट्रांसयूनियन सिबिल, हिंदुजा लेलैंड फाइनेंस भी शामिल

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने नियमों के उल्लंघन को लेकर 5 कंपनियों पर जुर्माना लगाया है। लिस्ट में ट्रांसयूनियन सिबिल, CRIF हाई मार्क क्रेडिट इन्फॉर्मेशन सर्विसेज, इक्विफैक्स क्रेडिट इन्फॉर्मेशन सर्विसेज, सम्मान फिनसर्व और हिंदुजा लेलैंड फाइनेंस शामिल हैं। जुर्माने का अमाउंट 26.82 लाख रुपये तक है। RBI ने अलग-अलग बयानों में इस बारे में जानकारी दी है। शेयर की गई डिटेल के मुताबिक, केंद्रीय बैंक ने ट्रांसयूनियन सिबिल पर 26,82,800 रुपये का जुर्माना लगाया है।

इसी तरह CRIF हाई मार्क क्रेडिट इन्फॉर्मेशन सर्विसेज पर 6,89,600 रुपये, इक्विफैक्स क्रेडिट इन्फॉर्मेशन सर्विसेज पर 1,19,400 रुपये, सम्मान फिनसर्व पर 4.20 लाख रुपये और हिंदुजा लेलैंड फाइनेंस पर 6.20 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।

भारतीय रिजर्व बैंक ने कहा है कि ट्रांसयूनियन सिबिल, CRIF हाई मार्क क्रेडिट इन्फॉर्मेशन सर्विसेज और इक्विफैक्स क्रेडिट इन्फॉर्मेशन सर्विसेज निर्धारित अवधि के अंदर कुछ पात्र शिकायतकर्ताओं के बैंक खातों में मुआवजे की राशि जमा करने में विफल रहीं। इसके चलते उन पर यह मौद्रिक जुर्माना लगाया गया है।

बाकी 2 कंपनियों पर क्यों लगा जुर्माना

भारतीय रिजर्व बैंक के मुताबिक, सम्मान फिनसर्व ने अपने कर्जदार की ऋण संबंधी जानकारी सेंट्रल रिपॉजिटरी ऑफ इनफॉर्मेशन ऑन लार्ज क्रेडिट्स (CRILC) को नहीं दी थी। इसलिए उस पर जुर्माने का एक्शन हुआ। वहीं हिंदुजा लीलैंड फाइनेंस ने माइक्रोफाइनेंस लोन्स की प्राइसिंग को लेकर बोर्ड से मंजूर नीति लागू नहीं की।

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केंद्रीय बैंक ने यह भी कहा है कि जुर्माने की यह कार्रवाई रेगुलेटरी नियमों के पालन में कमियों पर बेस्ड है। इसका मकसद कंपनी और उसके ग्राहकों के बीच हुए किसी भी लेन-देन या समझौते की वैधता पर कोई राय देना नहीं है। साथ ही, यह मौद्रिक जुर्माना लगाने का मतलब यह नहीं है कि RBI कंपनी के खिलाफ कोई और कार्रवाई नहीं कर सकता।

विदेशी फिल्ममेकर ने पहली बार Vande Bharat में किया सफर, 8 घंटे बाद दिया ऐसा रिएक्शन

भारत घूमने आए इंटरनेशनल फिल्ममेकर माइक नून ने वंदे भारत एक्सप्रेस में सफर का अपना अनुभव सोशल मीडिया पर शेयर किया है। बेंगलुरु से हैदराबाद तक करीब आठ घंटे की यात्रा के बाद उन्होंने ट्रेन की जमकर तारीफ की। माइक ने कहा कि वह भारत में यात्रा का एक अलग अनुभव दिखाना चाहते थे, इसलिए उन्होंने वंदे भारत को चुना।

उन्होंने वीडियो में इसे भारत की सबसे शानदार पैसेंजर ट्रेन बताया और कहा कि आमतौर पर कंटेंट क्रिएटर्स भारत में यात्रा के मुश्किल या खराब अनुभव दिखाते हैं, लेकिन वह कुछ अलग दिखाना चाहते थे।

सीट से लेकर खाने तक, हर चीज ने खींचा ध्यान

यात्रा शुरू होते ही माइक को ट्रेन में मिलने वाली जानकारी वाली बुकलेट ने आकर्षित किया। इसमें अलग-अलग शहरों के मशहूर खाने के बारे में बताया गया था। हैदराबाद की बिरयानी, बेंगलुरु के कबाब और कोलकाता की मछली का भी जिक्र था। कोलकाता की मछली देखकर माइक ने मजाकिया अंदाज में कहा कि शायद बंगालियों को मछली पसंद है। उनके इस कमेंट ने बाद में सोशल मीडिया पर भी लोगों का ध्यान खींचा।

घूमने वाली सीट देखकर हुए इम्प्रेस

वंदे भारत की सीटों ने भी माइक को खासा प्रभावित किया। उन्होंने बताया कि सीटों को बाहर की तरफ घुमाया जा सकता है, जिससे यात्री खिड़की की ओर मुड़कर बाहर का नजारा आराम से देख सकते हैं।माइक ने अपने अंदाज में सीट पर बैठकर किताब पढ़ने को लेकर भी मजाक किया, जिससे वीडियो और हल्का-फुल्का हो गया।

खाने की तारीफ, सूप पर भी किया मजेदार कमेंट

सफर के दौरान यात्रियों को स्नैक्स और खाना परोसा गया। माइक ने खाने का स्वाद लेते हुए मजाक किया कि उनके चेहरे से ही पता चल रहा है कि खाना कितना अच्छा है। इसके बाद इंस्टेंट सूप भी सर्व किया गया। सूप के पैकेट पर रणवीर सिंह की तस्वीर देखकर उन्होंने फिर मजाकिया अंदाज में कहा कि पैकेट पर अभिनेता के चेहरे से ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि सूप कितना स्वादिष्ट होगा।

दक्षिण भारत के नजारों ने जीता दिल

खाने और आरामदायक सीटों के अलावा ट्रेन से बाहर दिख रहे दक्षिण भारत के खूबसूरत नजारे माइक को सबसे ज्यादा पसंद आए। उन्होंने कहा कि दक्षिण भारत के ग्रामीण इलाकों की खूबसूरती को शब्दों में बयां करना मुश्किल है। रास्ते के प्राकृतिक नजारे देखते हुए उनकी यात्रा और भी यादगार बन गई।

डिनर के बाद मिली आइसक्रीम, सफर हुआ पूरा

यात्रा के दौरान डिनर भी परोसा गया, जिसकी माइक ने तारीफ की। उन्हें लगा कि अब इससे बेहतर क्या हो सकता है, तभी आइसक्रीम भी सर्व कर दी गई।

करीब आठ घंटे की यात्रा के बाद ट्रेन हैदराबाद पहुंची। स्टेशन पर काफी भीड़ थी, लेकिन माइक के मुताबिक पूरा सफर इतना शानदार रहा कि वहां पहुंचने के बाद भी वह काफी संतुष्ट महसूस कर रहे थे।

उन्होंने वीडियो के अंत में वंदे भारत को धन्यवाद देते हुए कहा, “Thanks for the lift, Vande Bharat.”

सोशल मीडिया पर लोगों ने क्या कहा?

माइक के वीडियो पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं आईं। कई यूजर्स ने ट्रेन को आरामदायक और शानदार बताया। एक यूजर ने लिखा कि सफर काफी कूल और कंफर्टेबल लग रहा है। वहीं, एक अन्य यूजर ने उन्हें एर्नाकुलम से बेंगलुरु वाली वंदे भारत में सफर करने की सलाह दी।

बंगालियों और मछली वाले उनके मजाक पर भी लोगों ने प्रतिक्रिया दी। एक यूजर ने बताया कि बंगालियों के मछली और चावल खाने को लेकर यह एक आम धारणा है।

कुछ लोगों ने भविष्य में भारत में आने वाली बुलेट ट्रेन का जिक्र करते हुए माइक को दोबारा भारत आने का न्योता भी दिया।

वंदे भारत का सफर बना यादगार

माइक नून के लिए बेंगलुरु से हैदराबाद तक का यह सफर सिर्फ एक ट्रेन यात्रा नहीं रहा। आरामदायक सीटों, खाने और दक्षिण भारत के खूबसूरत नजारों ने उनके अनुभव को खास बना दिया। उनके वीडियो ने यह भी दिखाया कि भारत की आधुनिक रेल यात्रा विदेशी यात्रियों के लिए कितनी दिलचस्प हो सकती है।

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Market This Week :उतार-चढ़ाव के बीच बाजार लगातार चौथे हफ्ते गिरावट के साथ हुआ बंद, रुपये में जारी रही बढ़त

Market This Week : भारतीय शेयर बाजार लगातार चौथे हफ्ते गिरावट के साथ बंद हुए। इस हफ्ते बाजार में काफ़ी उतार-चढ़ाव रहा। पश्चिम एशिया में फिर से बढ़ रहे तनाव,कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, ग्लोबल बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और FII की लगातार बिकवाली के चलते बाजार पर दबाव दिखा। हालांकि,रुपये की मजबूती,DII की खरीदारी,अच्छे GST कलेक्शन और अगस्त में ऑटोमोबाइल की अच्छी बिक्री ने बाजार को सपोर्ट दिया। 4 सितंबर को खत्म हुए हफ्ते में BSE सेंसेक्स 749.08 अंक या 0.96% गिरकर 76,515.43 पर बंद हुआ। जबकि निफ़्टी 277.95 अंक या 1.14% की गिरावट के साथ 23,897.70 पर बंद हुआ।

निफ़्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 1.5% की गिरावट

इस हफ्ते निफ़्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 1.5% की गिरावट आई। इस गिरावट में KEI इंडस्ट्रीज, पॉलीकैब इंडिया, हैवेल्स इंडिया, KPIT टेक्नोलॉजीज़, ICICI प्रूडेंशियल एसेट मैनेजमेंट कंपनी, हीरो मोटोकॉर्प, नेशनल एल्युमीनियम कंपनी, 360 ONE WAM, लॉरस लैब्स, हिताची एनर्जी इंडिया और ट्यूब इन्वेस्टमेंट्स ऑफ़ इंडिया जैसी कंपनियों का योगदान रहा। दूसरी ओर, लेन्सकार्ट सॉल्यूशंस, LIC हाउसिंग फाइनेंस, IDFC फर्स्ट बैंक और टाटा कम्युनिकेशंस बढ़त वाली प्रमुख कंपनियों में शामिल रहीं।

निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स सपाट हुआ बंद

निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स ने हफ्ते के दौरान 20,187.80 का नया हाई छुआ, लेकिन आखिर में यह लगभग सपाट बंद हुआ। IFCI, वेल्सपन कॉर्प, कैप्रि ग्लोबल कैपिटल, RBL बैंक, ब्रिगेड एंटरप्राइजेज, अर्बन कंपनी और इंद्रप्रस्थ गैस उन कंपनियों में शामिल थीं जिनमें सबसे ज़्यादा बढ़त देखने को मिली। जबकि आरती इंडस्ट्रीज, केन्स टेक्नोलॉजी इंडिया, अमारा राजा एनर्जी एंड मोबिलिटी, स्वान कॉर्प और दीपक फर्टिलाइजर्स एंड पेट्रोकेमिकल्स कॉर्पोरेशन में सबसे ज़्यादा गिरावट आई।

सेक्टोरल इंडेक्सों पर एक नजर

सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो निफ्टी ऑटो इंडेक्स 4% और निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स इंडेक्स 2.6% नीचे रहा,जबकि निफ्टी मीडिया, निफ्टी हेल्थकेयर और निफ्टी FMCG में से हर एक में 2% की गिरावट आई। हालांकि,निफ्टी ऑयल एंड गैस में 1% की बढ़त हुई।

FIIs की बिकवाली रही जारी

विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने लगातार तीसरे हफ़्ते भी बिकवाली जारी रखी, हालांकि इसकी रफ़्तार धीमी रही। उन्होंने इस हफ़्ते 5,611.94 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने बाज़ार को मज़बूत सपोर्ट देना जारी रखा और हफ़्ते के दौरान 23,156.38 करोड़ रुपये का निवेश किया।

मार्केट कैपिटलाइज़ेशन 4.5 लाख करोड़ रुपये घटा

इस हफ़्ते BSE में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइज़ेशन 4.5 लाख करोड़ रुपये घट गया,जिसकी मुख्य वजह बड़ी कंपनियों के शेयरों में आई गिरावट थी। मार्केट वैल्यू में सबसे ज़्यादा कमी स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया की वजह से आई, इसके बाद भारती एयरटेल, मारुति सुज़ुकी इंडिया और महिंद्रा एंड महिंद्रा का नंबर रहा। दूसरी ओर इस हफ़्ते रिलायंस इंडस्ट्रीज, टाटा स्टील और एक्सिस बैंक ने सबसे ज़्यादा वेल्थ क्रिएट की।

अगले 1 महीने में बैंक निफ्टी में आ सकती है 5000 अंकों की तेजी, अगले 12 महीने में डबल हो सकता है सीएनएक्स आईटी

भारतीय रुपया लगातार दूसरे हफ्ते हुआ मजबूत

भारतीय रुपया लगातार दूसरे हफ्ते मजबूत हुआ और इस दौरान दो महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। इस हफ्ते अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 89 पैसे बढ़कर 94.49 रुपये पर बंद हुआ। जबकि, 21 अगस्त को रुपया 95.38 रुपये पर बंद हुआ था। इस हफ़्ते के दौरान,घरेलू मुद्रा 95.48 रुपये से 94.27 रुपये के दायरे में कारोबार करती रही।

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल, Network18 ग्रुप का हिस्सा है। Network18 को इंडिपेंडेंट मीडिया ट्रस्ट कंट्रोल करता है, और रिलायंस इंडस्ट्रीज इसकी एकमात्र बेनिफिशियरी है।)

 

NSE IPO: SEBI से ग्रीन सिग्नल, सितंबर में ही लिस्टिंग; अब तक और क्या चला है पता

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) को अपना IPO लाने के लिए के लिए कैपिटल मार्केट रेगुलेटर SEBI की मंजूरी मिल गई है। यह देश का अब तक का सबसे बड़ा IPO हो सकता है। इसका लंबे वक्त से इंतजार किया जा रहा है। NSE के बोर्ड ने इस साल फरवरी में IPO लाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। पब्लिक इश्यू का ड्राफ्ट जून 2026 में SEBI के पास जमा किया था। NSE, बाजार हिस्सेदारी के मामले में देश का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है। इसका IPO लगभग 10 सालों से पेंडिंग है।

NSE ने सबसे पहले दिसंबर 2016 में अपना IPO प्रॉस्पेक्टस दाखिल किया था। उस वक्त इरादा OFS के जरिए करीब 10,000 करोड़ रुपये जुटाने का था। लेकिन नियामकीय खामियों और को-लोकेशन मामले से जुड़ी चिंताओं के चलते सेबी ने मंजूरी लंबे समय तक रोक दी थी। लेकिन अब रास्ता साफ है। आइए जानते हैं NSE IPO के बारे में अब तक क्या पता चला है…

साइज और नेचर

NSE IPO करीब 30,000 करोड़ रुपये का है। यह पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) होगा। नए शेयर जारी नहीं होंगे। इसलिए शेयर बिक्री से मिला पैसा, OFS में शेयर बेचने वालों के पास जाएगा। NSE को कुछ नहीं मिलेगा।

OFS में कौन बेचेगा शेयर

एक्सचेंज के मौजूदा शेयरधारक 14.89 करोड़ शेयर यानि लगभग 6% हिस्से को बिक्री के लिए रखेंगे। OFS में टेमासेक होल्डिंग्स पीटीई., LIC, SBI और SBI कैपिटल मार्केट्स लिमिटेड शेयर बेच सकते हैं। SBI अपनी 0.65% हिस्सेदारी बेच सकता है। SBI कैपिटल मार्केट्स अपनी 0.35% हिस्सेदारी बेच सकती है। एमएस स्ट्रैटेजिक (मॉरीशस) लिमिटेड 1.60 करोड़ शेयरों की बिक्री कर सकती है।

शेयर बेचने वाले अन्य प्रमुख शेयरधारकों में कनाडा पेंशन प्लान इनवेस्टमेंट बोर्ड, टेमासेक की सब्सिडियरी अरांदा इनवेस्टमेंट्स (मॉरिशस) प्राइवेट लिमिटेड, बैंक ऑफ बड़ौदा, स्टॉक होल्डिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड, जनरल इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया, द न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी, नेशनल इंश्योरेंस कंपनी और यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी शामिल हैं।

ओपनिंग और लिस्टिंग की संभावित तारीख

इश्यू के 15 सितंबर को खुलने और 24 या 25 सितंबर को शेयर बाजार में लिस्ट होने की संभावना है। शेयर BSE पर लिस्ट होंगे।

नए सप्ताह में तय हो सकता है प्राइस बैंड

कहा जा रहा है कि NSE अगले सप्ताह IPO के लिए प्राइस बैंड, लॉट साइज और अन्य डिटेल्स की घोषणा कर सकता है।

कैसे होगा देश का अब तक का सबसे बड़ा IPO

भारत में अभी तक सबसे बड़ा पब्लिक इश्यू Hyundai Motor India का रहा है। यह अक्टूबर 2024 में आया था और इसका साइज 27,858.75 करोड़ रुपये या 294.97 करोड़ डॉलर रहा था। अब NSE का 30,000 करोड़ रुपये का IPO आ रहा है। हालांकि, सबसे बड़े IPO के तमगे को लेकर इसकी टक्कर जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड से है। जियो लगभग 37,700 करोड़ रुपये का IPO लाने की तैयारी में है। लेकिन इसके आने का समय अभी घोषित नहीं हुआ है।

IPOs This Week: 7 सितंबर से शुरू हफ्ते में प्राइमरी मार्केट में सुनामी, खुलेंगे 15 नए इश्यू; साथ में 9 लिस्टिंग

IPO के बाद टॉप 10 मोस्ट वैल्यूएबल कंपनियों में हो सकती है NSE की एंट्री

यह IPO NSE को बाजार पूंजीकरण के लिहाज से भारत की टॉप 10 मोस्ट वैल्यूएबल कंपनियों में शामिल कर सकता है। न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, सूत्रों का कहना है कि IPO से NSE का मार्केट कैप 5 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो सकता है।

NSE के प्रमुख शेयरहोल्डर

NSE के शेयरधारकों में घरेलू वित्तीय संस्थान, बीमा कंपनियां, विदेशी निवेशक और व्यक्तिगत निवेशक शामिल हैं। देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) 10.72 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ NSE की सबसे बड़ी शेयरधारक है। जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया और द न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी के पास भी हिस्सेदारी है। भारतीय स्टेट बैंक (SBI) और उसकी सब्सिडियरी SBI कैपिटल मार्केट्स की संयुक्त हिस्सेदारी करीब 7.5 प्रतिशत है। स्टॉक होल्डिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (SHCIL) की एक्सचेंज में 4.44 प्रतिशत हिस्सेदारी है। SHCIL में 50 प्रतिशत से ज्यादा ओनरशिप IFCI के पास है। विदेशी निवेशकों में टेमासेक की सब्सिडियरी अरांदा इन्वेस्टमेंट्स और कनाडा पेंशन प्लान इनवेस्टमेंट बोर्ड (CPPIB) की भी NSE में अच्छी खासी हिस्सेदारी है।

IPO के लिए 20 इनवेस्टमेंट बैंक किए गए थे शॉर्टलिस्ट

NSE ने मार्च 2026 की शुरुआत में IPO पर काम करने के लिए 20 इनवेस्टमेंट बैंकों को शॉर्टलिस्ट किया था। इनमें कोटक महिंद्रा कैपिटल, सिटी, JM फाइनेंशियल, जेपी मॉर्गन, HSBC सिक्योरिटीज, मॉर्गन स्टेनली भी शामिल हैं। इस मेगा इश्यू के लिए करीब 7 से 9 लॉ फर्म्स को भी शॉर्टलिस्ट किया गया, जिनमें सिरिल अमरचंद मंगलदास, Trilegal, और अमेरिका की Latham and Watkins भी शामिल हैं।

NSE की वित्तीय सेहत

NSE के लगभग 1.8 लाख शेयरहोल्डर हैं। अप्रैल-जून 2026 के दौरान एक्सचेंज का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 7 प्रतिशत बढ़कर 3,120 करोड़ रुपये हो गया। कुल आय 9 प्रतिशत बढ़कर 5,252 करोड़ रुपये हो गई। वित्त वर्ष 2025-26 में NSE का शुद्ध मुनाफा 15 प्रतिशत घटकर 10,302 करोड़ रुपये रह गया। कुल आय भी कम होकर 18,713 करोड़ रुपये पर आ गई।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

IPOs This Week: 7 सितंबर से शुरू हफ्ते में प्राइमरी मार्केट में सुनामी, खुलेंगे 15 नए इश्यू; साथ में 9 लिस्टिंग

7 सितंबर से शुरू हो रहे हफ्ते में IPO मार्केट में जबरदस्त एक्शन देखने को मिलेगा। ऐसा इसलिए क्योंकि 15 नए पब्लिक इश्यू खुलने जा रहे हैं। इनमें से 11 मेनबोर्ड सेगमेंट से हैं। अकेले 9 सितंबर को 9 IPO खुलने वाले हैं। इसके अलावा नए सप्ताह में पहले से खुले एक IPO में भी पैसे लगाने का मौका रहेगा। जहां तक स्टॉक मार्केट में नई लिस्ट होने वाली कंपनियों की बात है तो नए शुरू हो रहे सप्ताह में 9 कंपनियों के शेयर अपनी शुरुआत करने वाले हैं। इनमें से 3 कंपनियां मेनबोर्ड सेगमेंट की हैं। आइए जानते हैं डिटेल…

नए खुल रहे IPO

Pranav Constructions IPO: ₹351.03 करोड़ का इश्यू 7 सितंबर को खुलेगा और 9 सितंबर को बंद होगा। इसमें ₹118-₹124 प्रति शेयर के भाव पर बोली लगा सकते हैं। लॉट साइज 120 शेयर है। कंपनी की लिस्टिंग NSE और BSE पर 15 सितंबर को हो सकती है।

Apana Logistics IPO: ₹34.14 करोड़ का इश्यू 7 सितंबर को खुल रहा है। फाइनल इश्यू प्राइस ₹60 प्रति शेयर है। लॉट साइज 2000 शेयर है। इश्यू की क्लोजिंग 9 सितंबर को होगी। कंपनी के शेयर BSE SME पर 15 सितंबर को लिस्ट होंगे।

Kanohar Electricals IPO: कंपनी ₹1,055.74 करोड़ जुटाना चाहती है। IPO 8 सितंबर को ओपन होगा। इसमें 10 सितंबर तक ₹601-₹632 प्रति शेयर के भाव पर और 23 शेयरों के लॉट में 10 सितंबर तक पैसे लगा सकेंगे। कंपनी के शेयर NSE और BSE पर 16 सितंबर को लिस्ट होने की उम्मीद है।

Prasol Chemicals IPO: यह 8 सितंबर को खुलेगा और 10 सितंबर को बंद होगा। कंपनी का इरादा ₹500 करोड़ जुटाने का है। बोली लगाने के लिए प्राइस बैंड ₹643-₹676 प्रति शेयर और लॉट साइज 22 शेयर है। शेयर NSE और BSE पर 16 सितंबर को शुरुआत कर सकते हैं।

Glass Wall Systems IPO: ₹427.89 करोड़ का यह इश्यू भी 8 सितंबर को खुल रहा है। क्लोजिंग 10 सितंबर को होगी। इसमें ₹172-₹182 प्रति शेयर के भाव पर और 82 शेयरों के लॉट में निवेश कर सकते हैं। कंपनी NSE और BSE पर 16 सितंबर को लिस्ट हो सकती है।

Rentomojo IPO: ₹1,255.57 करोड़ का पब्लिक इश्यू 9 सितंबर को खुलेगा और 11 सितंबर को बंद होगा। प्राइस बैंड ₹384-₹404 प्रति शेयर और लॉट साइज 37 शेयर है। कंपनी NSE और BSE पर 17 सितंबर को लिस्ट होने वाली है।

Asset Reconstruction Company IPO: यह 9 सितंबर को ओपन होगा। प्राइस बैंड ₹132-₹139 प्रति शेयर है। लॉट साइज 107 शेयर है। इश्यू की क्लोजिंग 11 सितंबर को होने वाली है। कंपनी ₹732.97 करोड़ जुटाना चाहती है। शेयर NSE और BSE पर 17 सितंबर को लिस्ट होने की उम्मीद है।

Manipal Payment & Identity Solutions IPO: कंपनी ₹805 करोड़ जुटाना चाहती है। यह इश्यू भी 9 सितंबर को खुल रहा है और 11 सितंबर को बंद होगा। बोली ₹322-₹339 प्रति शेयर के भाव पर और 44 शेयरों के लॉट में लगा सकते हैं। कंपनी के शेयर NSE और BSE पर 17 सितंबर को शुरुआत कर सकते हैं।

LCC Projects IPO: यह इश्यू 9 सितंबर को खुल रहा है। साइज ₹427.14 करोड़ है। प्राइस बैंड ₹139-₹146 प्रति शेयर और लॉट साइज 102 शेयर है। इश्यू की क्लोजिंग 11 सितंबर को होगी, जिसके बाद शेयरों की लिस्टिंग NSE और BSE पर 17 सितंबर को होने वाली है।

Karamtara Engineering IPO: ₹875 करोड़ के इश्यू में 9 सितंबर से लेकर 11 सितंबर तक पैसे लगाए जा सकेंगे। निवेश ₹241-₹254 प्रति शेयर के भाव पर और 59 शेयरों के लॉट में कर सकते हैं। कंनी NSE और BSE पर 17 सितंबर को लिस्ट होगी।

Infrax Renewable IPO: यह 9 सितंबर को खुलेगा। फाइनल इश्यू प्राइस ₹104 प्रति शेयर और लॉट साइज 1,200 शेयर है। इश्यू का साइज ₹40.88 करोड़ रुपये है। 11 सितंबर को IPO बंद होने के बाद शेयर BSE SME पर 17 सितंबर को लिस्ट हो सकते हैं।

Amtech Esters IPO: कंपनी ₹17.88 करोड़ जुटाना चाहती है। यह IPO भी 9 सितंबर को खुलेगा और 11 सितंबर को बंद होगा। प्राइस बैंड ₹71-₹75 प्रति शेयर और लॉट साइज 1,600 शेयर है। BSE SME पर कंपनी की लिस्टिंग की तारीख 17 सितंबर है।

Vinod Texworld IPO: इश्यू ₹42.83 करोड़ का है। ओपनिंग 9 सितंबर को और क्लोजिंग 11 सितंबर को होगी। फाइनल इश्यू प्राइस ₹94 प्रति शेयर है। लॉट साइज 1,200 शेयर है। लिस्टिंग NSE SME पर होगी, जिसके लिए तारीख 17 सितंबर है।

Steamhouse IPO: 9 सितंबर को खुलने जा रहा यह इश्यू ₹414 करोड़ का है। इसके लिए अभी प्राइस बैंड तय नहीं हुआ है। इश्यू की क्लोजिंग 11 सितंबर को होगी, जिसके बाद शेयरों की लिस्टिंग NSE और BSE पर 17 सितंबर को होगी।

Veegaland Developers IPO: यह 10 सितंबर को खुलेगा। साइज ₹210 करोड़ है। 15 सितंबर तक ₹130-₹140 प्रति शेयर के प्राइस बैंड में निवेश कर सकेंगे। लॉट साइज 107 शेयर है। शेयर NSE और BSE पर 18 सितंबर को शुरुआत कर सकते हैं।

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पहले से खुला IPO

Qualiance International IPO: ₹45.11 करोड़ का पब्लिक इश्यू 4 सितंबर को खुला था। इसमें 8 सितंबर तक पैसे लगाने का मौका है। IPO अभी तक 13.78 गुना भरा है। प्राइस बैंड ₹120-₹127 प्रति शेयर और लॉट साइज 1,000 शेयर है। कंपनी NSE SME पर 11 सितंबर को लिस्ट हो सकती है।

इन कंपनियों की होगी लिस्टिंग

नए सप्ताह में 7 सितंबर को NSE और BSE पर Purple Style Labs के शेयर लिस्ट होंगे। इसी दिन NSE SME पर Ashutosh Fibre, Shanti Inorganics और BSE SME पर Phychem Technologies की लिस्टिंग हो सकती है। 8 सितंबर को NSE और BSE पर Deepa Jewellers, Rays of Belief के शेयर अपनी शुरुआत करेंगे। इसी दिन BSE SME पर Fly-Hi Maritime Travels और Farm Peace के शेयरों की लिस्टिंग होने की उम्मीद है। 11 सितंबर को NSE SME पर Qualiance International लिस्ट हो सकती है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

बच्चों के हाथ में मोबाइल सुविधा या खतरा! स्क्रीन टाइम से संस्कार तक बच्चों को डिजिटल दुनिया में ऐसे रखें सुरक्षित

बच्चे को स्मार्टफोन देना आजकल कई पैरेंट्स के लिए जरूरत बनता जा रहा है। पढ़ाई, ऑनलाइन क्लास, दोस्तों से बात या किसी जरूरी काम के लिए फोन काफी मददगार हो सकता है। लेकिन फोन बच्चे के हाथ में देने से पहले यह सोचना जरूरी है कि वह इसका सही तरीके से इस्तेमाल करने के लिए तैयार है या नहीं।

सिर्फ फोन खरीदकर बच्चे को दे देना काफी नहीं है। उसे स्क्रीन टाइम, ऑनलाइन सेफ्टी और अपनी प्राइवेट इन्फॉर्मेशन को सेफ रखने के बारे में भी समझाना जरूरी है। साथ ही घर में कुछ आसान रूल पहले से तय कर लें, ताकि बच्चा स्मार्टफोन को मनोरंजन के साथ-साथ जिम्मेदारी से इस्तेमाल करना भी सीखे।

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1. बच्चे की उम्र नहीं समझदारी देखें

स्मार्टफोन देने का फैसला सिर्फ बच्चे की उम्र देखकर न लें। पहले देखें कि वह रूल को समझता है या नहीं, अपनी चीजों का ध्यान रखता है और इंटरनेट के सही-गलत इस्तेमाल को समझने की कैपेसिटी रखता है या नहीं। बच्चा बिना समझे फोन का इस्तेमाल कर सकता है, तो पहले उसे डिजिटल सेफ्टी के बारे में समझाना जरूरी है।

 

 

2. फोन देने से पहले पैरेंटल कंट्रोल लगाएं

बच्चे को फोन देने से पहले उसमें जरूरी पैरेंटल कंट्रोल जरूर सेट करें। स्क्रीन टाइम की लिमिट, ऐप डाउनलोड करने की परमिशन और उम्र के हिसाब से कंटेंट फिल्टर जैसी सेटिंग पहले से कर सकते हैं। इससे बच्चा अनजाने में ऐसी चीजें देखने या डाउनलोड करने से बच सकता है, जो उसके लिए सही नहीं हैं।

 

 

 

3. नो-फोन जोन के स्ट्रिक्ट रूल

बच्चे को फोन देने से पहले घर के कुछ साफ नियम बना लें। जैसे पढ़ाई या होमवर्क के समय फोन का इस्तेमाल नहीं होगा, खाने की टेबल पर फोन नहीं आएगा और रात में फोन बेडरूम में नहीं रखा जाएगा। साथ ही यह भी तय करें कि बच्चा फोन का इस्तेमाल कितने समय तक और किन कामों के लिए कर सकता है। रूल जितने साफ होंगे, बच्चे के लिए उन्हें समझना उतना ही आसान होगा।

 

 

 

4. प्राइवेसी और ऑनलाइन सेफ्टी समझाएं

बच्चे को बताएं कि इंटरनेट पर अपनी निजी जानकारी किसी के साथ शेयर नहीं करनी चाहिए। घर का पता, फोन नंबर, स्कूल की इंफॉर्मेशन, लाइव लोकेशन या प्राइवेट फोटो किसी अनजान व्यक्ति को भेजने से बचना चाहिए। सोशल मीडिया या ऑनलाइन गेम में कोई परेशान करे, धमकाए या गलत बात करने की कोशिश करे, तो उसे छिपाने के बजाय तुरंत माता-पिता को बताना चाहिए।

 

 

 

5. साइबर बुलिंग बताएं

बच्चे को यह समझाना जरूरी है कि ऑनलाइन भी किसी के साथ गलत बिहेव नहीं करना चाहिए और कोई उसके साथ ऐसा करता है, तो उसे चुप रहने की जरूरत नहीं है। उसे समझाएं कि इंटरनेट पर शेयर की गई चीजें आगे फैल सकती हैं, इसलिए फोटो, कमेंट या मैसेज भेजने से पहले सोच लेना चाहिए। कोई परेशानी होने पर ब्लॉक, रिपोर्ट करने और माता-पिता से बात करने का तरीका भी बताएं।

 

 

6. फोन एंटरटेनमेंट नहीं जिम्मेदारी है समझाएं

बच्चे को यह बताएं कि स्मार्टफोन सिर्फ एंटरटेनमेंट की चीज नहीं है, बल्कि इसे जिम्मेदारी के साथ इस्तेमाल करना भी जरूरी है। बच्चा तय नियमों का पालन करता है, तो धीरे-धीरे उसे ज्यादा आजादी दी जा सकती है। जैसे-जैसे उसकी समझ और जिम्मेदारी बढ़े, वैसे-वैसे फोन से जुड़े नियम भी बदले जा सकते हैं।

 

 

7. बच्चे से खुलकर बात करते रहें

बच्चे के फोन की हर चीज पर छिपकर नजर रखने के बजाय उसके साथ खुलकर बात करना ज्यादा बेहतर है। समय-समय पर पूछें कि वह फोन पर क्या देखता है, किन ऐप्स का इस्तेमाल करता है और ऑनलाइन कोई उसे परेशान तो नहीं कर रहा। बच्चे को यह भरोसा दें कि अगर इंटरनेट पर उसके साथ कुछ गलत होता है, तो वह बिना डरे आपसे बात कर सकता है।

 

 

बच्चे के लिए स्मार्टफोन कई तरह से फायदेमंद हो सकता है, लेकिन इसे सही समय और सही तरीके से देना ज्यादा जरूरी है। पैरेंट्स का भरोसा, समझ और गाइडेंस बच्चे को टेक्नोलॉजी के साथ बेहतर तालमेल बनाने में मदद कर सकता है।

ट्रम्प ने ईरान के परमाणु-ठिकाने पर हमले की धमकी दी:कहा- ईरान को परमाणु हथियार नहीं बनाने देंगे, खुफिया निगरानी जारी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के बेहद सुरक्षित भूमिगत परमाणु ठिकाने पिकैक्स माउंटेन पर जल्द जोरदार हमला करने की चेतावनी दी है। ट्रम्प ने शुक्रवार को ओवल ऑफिस में पत्रकारों से कहा कि अगर इस जगह पर किसी तरह की गतिविधि दिखाई दी तो अमेरिका इसे निशाना बना सकता है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी खुफिया एजेंसियां इस ठिकाने पर होने वाली गतिविधियों पर नजर रख रही हैं। ट्रम्प ने ईरान के खिलाफ पिछले पांच महीने से चल रहे अमेरिकी सैन्य अभियान का बचाव किया। उन्होंने कहा कि अभियान का सबसे बड़ा मकसद ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकना है। जमीन के अंदर बेहद सुरक्षित है पिकैक्स माउंटेन पिकैक्स माउंटेन ईरान के नतांज यूरेनियम संवर्धन केंद्र के पास स्थित है। नतांज पर पहले ही भारी नुकसान हो चुका है। यह जमीन के अंदर बना बेहद मजबूत और सुरक्षित परिसर है। इसमें जमीन के काफी नीचे दो बड़े सुरंग सिस्टम बताए जाते हैं। द वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इजराइली खुफिया अधिकारियों का मानना है कि ईरान ने हजारों सेंट्रीफ्यूज इस गहरे भूमिगत ठिकाने पर पहुंचा दिए हैं। सेंट्रीफ्यूज का इस्तेमाल यूरेनियम को संवर्धित करने के लिए किया जाता है। पिकैक्स माउंटेन जमीन के काफी नीचे होने की वजह से सामान्य हवाई हमलों से इसे नुकसान पहुंचाना मुश्किल है। ऐसे में अगर अमेरिका इस ठिकाने पर हमला करता है तो यह ईरान के परमाणु ठिकानों के खिलाफ चल रहे अभियान को और बड़ा रूप दे सकता है। ट्रम्प बोले- अमेरिका ने बड़ा क्षेत्रीय युद्ध रोका ट्रम्प ने यह भी दावा किया कि अमेरिकी सैन्य कार्रवाई की वजह से पश्चिम एशिया में बड़ा युद्ध होने से बचा है। उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका ने कार्रवाई नहीं की होती तो इजराइल और पूरे पश्चिम एशिया को ज्यादा गंभीर खतरे का सामना करना पड़ता। ट्रम्प ने कहा, “अगर हम वहां नहीं जाते तो आज इजराइल नहीं होता, मध्य पूर्व नहीं होता और वे शायद इसके बाद यूरोप और हमारे शहरों को निशाना बनाते। लेकिन हमने उन्हें पांच महीने में परमाणु हथियार बनाने से रोक दिया।” ट्रम्प का दावा- ईरान के रडार दो बार तबाह किए ट्रम्प ने ईरान के रडार सिस्टम पर किए गए हालिया अमेरिकी हमलों के बारे में भी बात की। उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी सेना ने ईरान के बेहद आधुनिक रडार सिस्टम को दो बार नष्ट किया है। ट्रम्प ने कहा कि हालिया हमले से पहले कई दिनों तक कोई गोलीबारी नहीं हुई थी। लेकिन ईरान ने पहले रडार लगाए थे, जिन्हें अमेरिका ने नष्ट कर दिया था। इसके बाद ईरान ने फिर नए रडार लगाए और अमेरिका ने उन्हें भी नष्ट कर दिया। उन्होंने कहा कि लगातार हमलों के बाद ईरान शायद अब नए रडार लगाने से बच रहा है। अमेरिका ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर हमले ट्रम्प का यह बयान अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के उस बयान के कुछ दिन बाद आया है, जिसमें अमेरिकी सेना ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर नए हमले करने की जानकारी दी थी। CENTCOM के मुताबिक, पिछले हफ्ते किए गए हमलों में ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाया गया। इनमें एयर डिफेंस सिस्टम, रडार सिस्टम, समुद्री सैन्य उपकरण, समुद्र में बारूदी सुरंगें बिछाने की क्षमता और संचार से जुड़े ठिकाने शामिल थे। CENTCOM ने कहा कि ये हमले ईरान के IRGC की ओर से हाल में किए गए कथित हमले की कोशिशों के बाद हुए। अमेरिका के मुताबिक, इन कोशिशों में होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले व्यावसायिक जहाजों और अमेरिकी सैनिकों को निशाना बनाने की कोशिश शामिल थी। ईरान ने अमेरिकी हमलों की निंदा की ईरान ने अमेरिका के हालिया हमलों की कड़ी निंदा की है। ईरान ने अमेरिका पर उसकी संप्रभुता का उल्लंघन करने और कई प्रांतों में गैर-सैन्य बुनियादी ढांचे और नागरिक ठिकानों को निशाना बनाने का आरोप लगाया है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि उसकी सेना ने अमेरिका के खिलाफ जोरदार रक्षात्मक हमले किए हैं। ईरान के मुताबिक, पश्चिम एशिया में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकाने ही वे जगहें हैं, जहां से अमेरिकी हमलों की शुरुआत, मदद और तैयारी की जा रही थी। इन्हीं ठिकानों को उसके जवाबी हमलों में निशाना बनाया गया। —————— यह खबर भी पढ़ें… ईरान ने US को चिढ़ाया- ‘हबीबी अंकल सैम, ईरान आओ’: दूतावास ने होर्मुज में माइनस्वीपर गेम का वीडियो पोस्ट किया ईरान ने अमेरिका को चिढ़ाते हुए एक वीडियो शेयर किया है। सिएरा लियोन में ईरानी दूतावास ने 35 सेकेंड का वीडियो पोस्ट किया। इसके साथ लिखा- “हबीबी (अंकल सैम), ईरान आओ!” पूरी खबर पढ़ें…