कौन है बिट्टू तबाही? 20 साल की उम्र में ही साफ कर डाली नदी, लोग बोले- हीरो है

नदी के पहले और बाद की तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं। हालांकि, कुछ यूजर्स ने शुरुआती तस्वीरों को एआई-जनरेटेड तक बता दिया, लेकिन बाद में बिट्टू द्वारा शेयर किए गए रोजाना के अपडेट्स ने सच सामने ला दिया।

Trading plan :ये बाजार पोजीशन लेकर जाने वाला नहीं, अपनी पोजिशन्स समेटें और सोमवार को नया नजरिया लेंगे

Trading plan :बाजार फिर ऊपरी स्तरों पर फिर अटक गया है। रिलांयस के सपोर्ट के बावजूद निफ्टी 24000 पार करने में संघर्ष कर रहा है। बैंक निफ्टी भी 58000 के जोन पर फंसा हुआ है। ब्रॉडर मार्केट में सुस्ती है। कच्चा तेल 95 डॉलर प्रति बैरल पर बरकरार,हालांकि इंडिया VIX 3 परसेंट नीचे है। केबल इंडस्ट्री में आदित्या बिड़ला ग्रुप की एंट्री से दूसरे कंपनियों के शेयरों को जोर का झटका लगा है। KEI, पॉलीकैब और हैवेल्स में 5-8 परसेंट की तेज गिरावट आई है। तीनों शेयर वायदा के टॉप लूजर्स में शामिल हैं।

आज डिफेंस शेयर दम दिखा रहे हैं। निफ्टी डिफेंस इंडेक्स करीब एक परसेंट ऊपर है। GE एयरोस्पेस से 3 इंजन की डिलिवरी मिलने और गोल्डमैन सैक्स की बुलिश रिपोर्ट से HAL भागा है। यह शेयर करीब 4 परसेंट उछलकर वायदा के टॉप गेनर्स में शुमार है। कोचिन शिपयार्ड और गार्डनरीच में भी तेजी आई है। फाइनेंशियल और कैपिटल मार्केट शेयरों में भी खरीदारी आई है। दोनों इंडेक्स करीब एक परसेंट मजबूत हुए हैं। साथ ही चुनिंदा तेल-गैस, मेटल, सरकारी और प्राइवेट बैंकों में भी रौनक है। लेकिन फार्मा, रियल्टी और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में दबाव है।

बाजार: फिर वही कहानी

सीएनबीसी-आवाज के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि बाजार में रैली आई लेकिन ऊपरी स्तरों पर नहीं टिका। निफ्टी, बैंक निफ्टी फिर से रजिस्टेंस जोन में आ कर रुके अच्छी बात ये कि दोनों अभी भी ग्रीन में हैं। मिडकैप, स्मॉलकैप में आज अंडरपरफॉर्मेंस है। केबल & वायर शेयरों में बड़ी गिरावट है। कैपिटल मार्केट शेयरों में बड़ी तेजी। रिलायंस ने बुल्स के लिए लीडरशिप ली है। इंश्योरेंस शेयरों में अच्छी तेजी है। NSE के IPO से जुड़े शेयरों में भी तेजी है। चुनिंदा ऑटो शेयरों में आज भी कमजोरी

बाजार: अब क्या?

बाजार वापस दायरे में फंस गया है। बाजार के पास चलने के ट्रिगर्स नहीं हैं। ग्लोबल संकेत अच्छे हैं, लेकिन कच्चे तेल की तेजी ने कैप लगा दिया है। बड़ी तेजी के लिए कच्चे तेल का गिरना जरूरी है। बाजार में अभी भी रैली फेल होने पर बेच कर पैसा बना है। लेकिन अच्छी बात ये है कि बाजार गिरने को तैयार नहीं है जब तक 23,800 बचा है, बाजार में शायद ज्यादा गिरावट शायद ना हो। लेकिन 23,800 टूटा तो बड़ी गिरावट का रिस्क होगा। बैंक निफ्टी बार-बार 57,800 टेस्ट कर रहा है। अगर 57,800-58,000 पार हुआ तो बड़ा पॉजिटिव होगा।

निफ्टी-बैंक निफ्टी पर रणनीति

अनुज सिंघल ने कहा कि निफ्टी के लिए 23,800-23,850 पर सपोर्ट और 24,000-24,050 पर रेजिस्टेंस है। वहीं, बैंक निफ्टी के लिए 57,300-57,500 पर सपोर्ट और 57,800-58,000 पर रेजिस्टेंस हैं।

प्री-CAS रणनीति

ये बाजार पोजीशन लेकर जाने वाला नहीं है। आज शाम को US का बेहद अहम Payroll डाटा आएगा। Payroll डाटा के बाद बॉन्ड यील्ड में बड़ा मूव आ सकता है। इसलिए अपनी पोजिशन्स समेटें और सोमवार को नया नजरिया लेंगे।

CAS पर CNBC-आवाज़: ट्रेडर्स के साथ

CAS पर CNBC-आवाज़ की मुहिम का असर देखने को मिला है। SEBI ने कहा है कि कैश मार्केट में CAS के नतीजों की समीक्षा जारी है। CAS में बदलाव का प्रस्ताव लाया जा सकता है। सेटलमेंट प्राइस तय करने के तरीके बदल सकते हैं। F&O सेटलमेंट प्राइस के तरीके में बदलाव संभव है। एक हफ्ते के भीतर कंस्लटेशन पेपर ला सकते हैं।

CAS पर मुहिम, रिटेल ट्रेडर्स के सुझाव

सभी शेयरों की क्लोजिंग एक जैसी हो। यह 3:15 या 3:30 PM हो सकती है। कैश, फ्यूचर्स की अलग-अलग क्लोजिंग से भ्रम रहता है। प्राइस रेंज को ±3% की बजाय 0-0.3% तक छोटा करें। प्राइस रेंज छोटी होने से ऑक्शन रेंज भी घटेगी। इससे CAS में प्राइसिंग ज्यादा अच्छी तरह निकलेगी। छोटे प्राइस बैंड से बड़े प्राइस स्विंग से बचेंगे। इससे ऑप्शन राइटर्स का जोखिम भी घटेगा। वॉल्यूम बढ़ने तक रेंज को छोटा रखना अच्छा। डेली सेटलमेंट को 3:15 बजे ही किया जाए।

एक्सपायरी के दिन एक्सपायर होने वाले ऑप्शन को CAS से बाहर रखें। अगर आज एक्सपायरी है तो एक्सपायरी ENDING TIME पर ऑप्शन सेटल हों। CAS का उद्देश्य प्राइस डिस्कवरी हो, ज्यादा उतार-चढ़ाव नहीं। प्री-ओपन की तरह टर्मिनल पर CAS के भाव भी दिखें। ऑप्शंस एक्सपायरी को CAS से डीलिंक किया जाए। ऑप्शंस की एक्सपायरी 3:15 पर कर दी जाए। 3:25 से 3:28 के बीच HFTs को ऑर्डर कैंसिल करने से रोका जाए। पहले की तरह 3:30 तक सामान्य ट्रेडिंग हो, बाद में 10 मिनट का CAS हो। हर ब्रोकर के टर्मिनल पर इंडिकेटिव भाव दिखने चाहिए।

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Physicswallah में है बहुत जान, बुल केस में दिख सकता है 82% तक उछाल; मोतीलाल ओसवाल बुलिश

एडटेक प्लेटफॉर्म फिजिक्सवाला के शेयर की कीमत आगे 82 प्रतिशत तक बढ़ने की उम्मीद है। ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल ने शेयर के लिए ‘बाय’ रेटिंग के साथ कवरेज शुरू किया है। टारगेट प्राइस 200 रुपये प्रति शेयर रखा है। यह पिछली क्लोजिंग से 66 प्रतिशत ज्यादा है। बुल केस में टारगेट प्राइस 220 रुपये है, जो शेयर के पिछले बंद भाव से करीब 82.5 प्रतिशत ज्यादा है। ब्रोकरेज का व्यू सामने आने के बाद फिजिक्सवाला के शेयर में 4 सितंबर को दिन में 8.5 प्रतिशत तक की बढ़त दिखी। बीएसई पर शेयर 130.85 रुपये के हाई तक गया।

ब्रोकरेज का कहना है कि फिजिक्सवाला भारत के सबसे बड़े एजुकेशन प्लेटफॉर्म्स में से एक है। इसे भारतीय एडटेक में सबसे ज्यादा कैपिटल-एफिशिएंट (पूंजी के लिहाज से कुशल) बिजनेस मॉडल में से एक पर बनाया गया है। कंपनी ने YouTube के जरिए एक बड़ा ‘फ्री-टू-पेड’ फनल बनाया है। इससे वह कम लागत पर स्टूडेंट्स को जोड़ पाती है और ऑनलाइन, हाइब्रिड और ऑफलाइन ऑफरिंग्स के जरिए उनसे कमाई कर पाती है। मोतीलाल ओसवाल के मुताबिक, अभी कंपनी के पास भारत की सबसे बड़ी एजुकेशन कम्युनिटीज में से एक है। इसके 10 करोड़ से ज्यादा YouTube सब्सक्राइबर हैं। फिजिक्सवाला ने वित्त वर्ष 2023-2026 के दौरान रेवेन्यू में 74% की कंपाउंडेड ग्रोथ हासिल की है।

ब्रोकरेज ने कहा कि फिजिक्सवाला का ऑनलाइन बिजनेस ही इसकी वैल्यू का मुख्य आधार है। अनुमान है कि पेड-यूजर ग्रोथ, कैटेगरी के विस्तार और AI-बेस्ड मॉनेटाइजेशन की मदद से कंपनी का ऑनलाइन रेवेन्यू FY26-30 के दौरान 28% CAGR (कंपाउंडेड एनुअल ग्रोथ रेट) से बढ़ेगा। कंपनी का ऑफलाइन बिजनेस, ऑनलाइन बिजनेस के मुकाबले प्रति यूजर ज्यादा औसत रेवेन्यू (ARPU) वाली मॉनेटाइजेशन लेयर उपलब्ध कराता है। ब्रोकरेज को उम्मीद है कि FY26-30 के दौरान ऑफलाइन रेवेन्यू 20% CAGR से बढ़ेगा और मुनाफे में भी सुधार होगा।

बुल केस

बुल केस सिनेरियो में, मोतीलाल ओसवाल ने फिजिक्सवाला के शेयर के लिए टारगेट प्राइस ₹220 प्रति शेयर दिया है। इस मामले में ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी का ऑनलाइन रेवेन्यू FY26-37 के दौरान 22% CAGR से बढ़ सकता है। इसकी वजह है ऐसे मार्केट में लगातार मार्केट शेयर बढ़ना, जहां अभी बहुत कम पहुंच है। Physicswallah प्लेटफॉर्म 48.7 लाख स्टूडेंट्स को सर्विस देता है। ब्रोकरेज ने कहा कि ऑनलाइन ग्रोथ, वॉल्यूम और प्राइसिंग दोनों से बढ़ेगी। FY26-37 के दौरान यूनीक ट्रांजेक्शन करने वाले यूजर्स के मामले में 14% की CAGR दिखेगी। प्रति यूजर औसत लागत (ACPU) में 7% की CAGR दिखेगी। सेंटर्स के ज्यादा इस्तेमाल और नेटवर्क के लगातार विस्तार से ऑफलाइन रेवेन्यू FY26-37 के दौरान 17.5% की CAGR से बढ़ेगा।

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बेयर केस

बेयर केस सिनेरियो में मोतीलाल ओसवाल ने ₹110 प्रति शेयर का टारगेट प्राइस दिया है। यह शेयर की पिछली क्लोजिंग से 9% कम है। ब्रोकरेज ने कहा कि इस सिनेरियो में फिजिक्सवाला का ऑनलाइन रेवेन्यू FY26-37 के दौरान 16.7% CAGR से बढ़ेगा। रेवेन्यू पर डिजिटल-फर्स्ट एडटेक प्लेयर्स, ऑफलाइन इंस्टीट्यूट्स और AI-बेस्ड पर्सनलाइज्ड लर्निंग से कॉम्पिटिशन का असर पड़ेगा। बेयर केस सिनेरियो में FY26-37 के दौरान कंपनी का ऑफलाइन रेवेन्यू 15.7% CAGR से बढ़ने की संभावना है।

Physicswallah के लिए मुख्य जोखिम

  • कॉम्पिटिशन बढ़ना
  • ऑफलाइन कामकाज और सेंटर्स के इस्तेमाल में कमजोरी
  • फैकल्टी के ज्यादा संख्या में नौकरी छोड़ने से छात्रों के नतीजों और ब्रांड की इमेज पर असर
  • कोचिंग संस्थानों, विज्ञापन या डेटा प्राइवेसी से जुड़े नियमों में प्रतिकूल बदलाव

शेयर 6 महीनों में 60 प्रतिशत मजबूत

Physicswallah के शेयर को फिलहाल 8 एनालिस्ट कवर कर रहे हैं। इनमें से 7 ने “बाय” की सलाह दी है। एक ने “होल्ड” रेटिंग दी है। कंपनी की शुरुआत 2016 में एक YouTube चैनल के तौर पर हुई थी। शेयर की फेस वैल्यू 1 रुपये है। कंपनी नवंबर 2025 में लिस्ट हुई थी। IPO 3480 करोड़ रुपये का था। शेयर 6 महीनों में 60 प्रतिशत और 3 महीनों में 20 प्रतिशत चढ़ा है। कंपनी की सालाना आम बैठक 25 सितंंबर 2026 को होने वाली है।

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Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

विजय के ‘पीएम दांव’ पर सियासत गर्माई : DMK और कांग्रेस का तंज, क्या 2029 में विजय बनेंगे प्रधानमंत्री?

विजय के 'पीएम दांव' पर सियासत गर्माई : DMK और कांग्रेस का तंज, क्या 2029 में विजय बनेंगे प्रधानमंत्री?

CM Vijay Thalapathy

TVK Vijay Prime Minister Demand: तमिलनाडु की राजनीति में हाल में हुए बड़े बदलाव के बाद अब एक नया सियासी भूचाल खड़ा हो गया है। अभिनेता से नेता बने सी. जोसेफ विजय (Thalapathy Vijay) की पार्टी तमिलगा वेत्री कज़गम (TVK) ने राज्य विधानसभा चुनाव में इतिहास रचते हुए 108 विधानसभा सीटों पर जीत दर्ज की और अकेले दम पर 35% वोट शेयर हासिल किया। लगभग 60 सालों से चले आ रहे डीएमके (DMK) और एआईएडीएमके (AIADMK) के बारी-बारी के शासन को खत्म कर विजय तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बन चुके हैं।

 

35% वोट शेयर का यह आंकड़ा तमिलनाडु के पूर्व लोकप्रिय मुख्यमंत्री एमजी रामचंद्रन (MGR) को मिले वोट शेयर से भी 2 प्रतिशत अधिक है। बिना किसी गठबंधन के अकेले चुनाव लड़कर इतना बड़ा जनादेश हासिल करने का दावा करते हुए टीवीके समर्थक अब एक कदम आगे बढ़ गए हैं और विजय को 'भारत का अगला प्रधानमंत्री' प्रोजेक्ट करने लगे हैं। ALSO READ: परिसीमन पर तमिलनाडु CM विजय ने PM मोदी को लिखा पत्र, लोकसभा सीटों की संख्या 543 पर स्थायी रूप से तय करने की मांग

विधानसभा में उठा 'दक्षिण का पीएम' का मुद्दा

हाल ही में तमिलनाडु विधानसभा के सत्र के दौरान टीवीके के वरिष्ठ नेता और मंत्री आधव अर्जुन (Aadhav Arjuna) ने यह कहकर नया विवाद छेड़ दिया कि 'दक्षिण भारत के किसी तमिल नेता को देश का अगला प्रधानमंत्री बनना चाहिए'।

 

इसके बाद से पूरे तमिलनाडु में टीवीके कार्यकर्ताओं और विजय के प्रशंसकों ने जगह-जगह पोस्टर्स और होर्डिंग्स लगा दिए हैं, जिनमें विजय को 2029 के लोकसभा चुनाव के लिए प्रधानमंत्री पद के चेहरे के रूप में पेश किया जा रहा है। सोशल मीडिया पर भी इस बहस से जुड़े रील्स और वीडियो तेज़ी से वायरल हो रहे हैं।

कांग्रेस भड़की : 'दिल्ली में राहुल गांधी ही पीएम चेहरा'

टीवीके के इस नए दांव ने उनकी सहयोगी कांग्रेस के प्रदेश नेतृत्व को असहज और नाराज कर दिया है।

 

कांग्रेस नेताओं का रुख : तमिलनाडु कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने स्पष्ट किया है कि भले ही विजय तमिलनाडु में एक बड़ा राजनीतिक चेहरा हैं, लेकिन राष्ट्रीय स्तर और दिल्ली की राजनीति में राहुल गांधी ही विपक्ष के प्रधानमंत्री पद के एकमात्र उम्मीदवार हैं।

 

कांग्रेस का कहना है कि 2029 के आम चुनाव में राहुल गांधी के नेतृत्व में ही लड़ा जाएगा, इसलिए टीवीके कार्यकर्ताओं का विजय को पीएम पद का दावेदार बताना जल्दबाजी और अनुचित है। विजय के मंत्रिमंडल में शामिल 2 विधायकों ने भी इसका खुला विरोध किया है और मंत्री पद से इस्तीफे की धमकी भी दी है। 

 

दूसरी ओर, राज्य के अन्य विपक्षी दलों ने विजय को प्रधानमंत्री बनाने की बात को 'एक बड़ा मज़ाक' करार देते हुए खारिज कर दिया है और कहा है कि ऐसा होने की कोई व्यावहारिक संभावना नहीं है। ALSO READ: तमिलनाडु CM विजय के यू-टर्न पर भड़के CJP नेता अभिजीत दीपके, कहा डर लग रहा है तो सुधारो व्यवस्था

DMK प्रवक्ता टीकेएस एलंगोवन का तीखा तंज

इस पूरे राजनीतिक घमासान के बीच डीएमके के मुख्य प्रवक्ता और कम्यूनिकेशन टीम के अध्यक्ष टीकेएस एलंगोवन (TKS Elangovan) ने टीवीके और विजय पर जोरदार कटाक्ष किया है।

 

“टीवीके को तमिलनाडु में स्पष्ट बहुमत (118 सीटें) खुद नहीं मिला था। विजय केवल कांग्रेस और वीसीके (VCK) जैसी पार्टियों के समर्थन के बल पर सरकार चला रहे हैं। जब राज्य में ही उनकी सरकार दूसरों के बैसाखियों पर टिकी है, तो वे पूरे देश के प्रधानमंत्री कैसे बन सकते हैं?”

 

उन्होंने आगे तंज कसते हुए कहा- “एक दौर था जब हमने मांग की थी कि तमिलनाडु को एक अलग देश बनाया जाए। अगर तमिलनाडु कभी एक अलग देश बनता है, तो शायद विजय वहां के प्रधानमंत्री जरूर बन सकते हैं!”

2029 के लिए क्या हैं सियासी मायने?

तमिलनाडु में सत्ता में आते ही टीवीके द्वारा राष्ट्रीय राजनीति में अपनी महत्वाकांक्षा जाहिर करना इस बात का संकेत है कि पार्टी खुद को सिर्फ राज्य तक सीमित नहीं रखना चाहती। हालांकि, कांग्रेस के साथ उभरते मतभेद और डीएमके का हमला यह दर्शाता है कि विजय के लिए राष्ट्रीय स्तर पर अपनी धाक जमाना और क्षेत्रीय सहयोगियों को साधे रखना एक बड़ी चुनौती साबित होने वाला है।

ESDS Software Solution: लिस्टिंग के दिन डबल से भी ज्यादा हुआ IPO निवेशकों का पैसा, अब क्या स्ट्रैटेजी- बाय, सेल या होल्ड?

ESDS सॉफ्टवेयर सॉल्यूशन के IPO में शेयर पाने वाले निवेशक इस वक्त सातवें आसमान पर हैं। कारण है कि लिस्टिंग के दिन ही उनका पैसा डबल से भी ज्यादा हो गया है। 4 सितंबर को कंपनी का शेयर BSE पर करीब 74 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 746.30 रुपये और NSE पर 76.4 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 757 रुपये पर लिस्ट हुआ। इसके बाद इसमें 20 प्रतिशत का उछाल आया और BSE पर 895.55 रुपये व NSE पर 908.40 रुपये पर अपर सर्किट लगा। इस तरह शेयर फाइनल इश्यू प्राइस 429 रुपये प्रति शेयर से 111.75 प्रतिशत तक ऊपर पहुंच गया है।

ESDS सॉफ्टवेयर सॉल्यूशन का 720 करोड़ रुपये का IPO 1 सितंबर को बंद हुआ था। इसे कुल 142.88 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 274.97 गुना, नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 202.87 गुना और रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 41.68 गुना भरा था।

कंपनी AI-इनेबल्ड क्लाउड, मैनेज्ड सर्विसेज, डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर और सॉफ्टवेयर सॉल्यूशंस मुहैया कराती है। कंपनी इंफ्रास्ट्रक्चर-एज-अ-सर्विस (IaaS), मैनेज्ड सर्विसेज और सॉफ्टवेयर-एज-अ-सर्विस (SaaS) जैसी एंड-टू-एंड सर्विसेज देती है।

ESDS Software Solution पर ब्रोकरेज की राय

स्वास्तिका इन्वेस्टस्मार्ट में वेल्थ हेड शिवानी न्याति का कहना है, ‘हमारी रिपोर्ट के अनुसार, भारत में क्लाउड कंप्यूटिंग, डेटा-सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर, साइबर-सिक्योरिटी और डिजिटलाइजेशन की मांग बढ़ रही है। यह ESDS के लिए लंबे समय में ग्रोथ का एक अच्छा मौका दे रही है। इसके चलते लिस्टिंग के बाद भी मीडियम से लॉन्ग टर्म के लिए सकारात्मक नजरिया बना हुआ है।’

आगे कहा, “लिस्टिंग के दिन हुए गेन को देखते हुए कुछ समय के लिए मुनाफावसूली हो सकती है क्योंकि वैल्यूएशन, फंडामेंटल से आगे निकल गए हैं। जिन्हें शेयर अलॉट हुए हुए हैं, वे मौजूदा स्तरों पर कुछ हद तक मुनाफा बुक करने और बाकी होल्डिंग पर ₹650–680 के आसपास स्टॉप लॉस लगाने पर विचार कर सकते हैं। जिन निवेशकों को शेयर नहीं मिले हैं, उनके लिए बेहतर होगा कि वे फ्रेश एंट्री के बारे में सोचने से पहले ₹600–650 की ओर गिरावट का इंतजार करें।”

मास्टर कैपिटल सर्विसेज के चीफ रिसर्च ऑफ़िसर डॉ. रवि सिंह का कहना है कि लंबे समय के लिए निवेश करने वालों को कंपनी का बिजनेस अभी भी काम का लग सकता है। इसकी वजह है कि आने वाले सालों में क्लाउड, डेटा सेंटर और AI इंफ्रास्ट्रक्चर की बढ़ती मांग से कंपनी की ग्रोथ को बढ़ावा मिल सकता है। जिन निवेशकों को शेयर मिले हैं, वे थोड़ा मुनाफा बुक कर सकते हैं और बाकी शेयर लंबे समय के लिए होल्ड कर सकते हैं। वहीं जिन्हें IPO में शेयर नहीं मिले, वे कीमत कम होने पर इन्हें खरीद सकते हैं।

NSE IPO की संभावित डेट आते ही रॉकेट बने IFCI और New India Assurance Company के शेयर

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

NSE के आईपीओ की संभावित डेट आते ही रॉकेट बने IFCI और New India Assurance Company के शेयर

न्यू इंडिया एश्योरेंस और आईएफसीआई के शेयर 4 सितंबर को रॉकेट बन गए। इसकी वजह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के आईपीओ से जुड़ी एक बड़ी खबर है। खबर के मुताबिक, एनएसई 25 सितंबर को अपने शेयर लिस्ट कराना चाहता है। सीएनबीसी-टीवी18 की रिपोर्ट में बताया गया है कि सेबी से एनएसई के आईपीओ को अगले हफ्ते मंजूरी मिल सकती है।

11 सितंबर को हो सकता है प्राइस बैंड का ऐलान 

इस रिपोर्ट के मुताबिक, एप्रूवल के बाद NSE सेबी के पास अपडेटेट ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) फाइल करेगा। इस खबर में यह भी बताया गया है कि एनएसई 11 सितंबर को आईपीओ में शेयर के प्राइस बैंड का ऐलान कर सकता है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज अपने शेयर की लिस्टिंग 25 सितंबर को चाहता है। इस खबर में कहा गया है कि एक्सचेंज ने सेबी को इस बारे में लिखा है। वह जवाब का इंतजार कर रहा है।

New India Assurance का शेयर 16 फीसदी उछला

इस खबर का 4 सितंबर को IFCI और New India Assurance के शेयरों पर असर दिखा। आईएफसीआई का शेयर एक समय 11 फीसदी तक चढ़ गया था। बाद में तेजी थोड़ी सुस्त पड़ी। 12:45 बजे यह शेयर 8.43 फीसदी चढ़कर 104 रुपये पर चल रहा था। New India Assurance का शेयर 16.29 फीसदी चढ़कर 227 रुपये पर चल रहा था। दोनों कंपनियों की एनएसई में हिस्सेदारी है। एनएसई देश का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है।

अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ पेश करेगा NSE

IFCI सरकार की कंपनी है। यह एक एनबीएफसी है। इसकी स्टॉक होल्डिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (SHCIL) में 52 फीसदी हिस्सेदारी है, जिसकी NSE में 4.4 फीसदी हिस्सेदारी है। न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी की NSE में 1.42 फीसदी हिस्सेदारी है। एनएसई का आईपीओ देश का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ होगा। करीब 55 अरब डॉलर की वैल्यूएशन पर एनएसई आईपीओ में 6 फीसदी हिस्सेदारी बेचती है तो इश्यू का साइज 31,500 करोड़ रुपये रह सकता है।

अभी सबसे बड़ा आईपीओ पेश करने का रिकॉर्ड ह्युंडई के नाम

अभी सबसे बड़ा आईपीओ पेश करने का रिकॉर्ड ह्यूंडई मोटर इंडिया के नाम है। उसने 27,870 करोड़ रुपये का आईपीओ 2024 में पेश किया था। इससे पहले LIC ने करीब 21000 करोड़ रुपये का आईपीओ 2022 में पेश किया था। ह्युंडई ने सबसे बड़े आईपीओ के एलआईसी का रिकॉर्ड तोड़ा था।

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4 सितंबर को बीएसई के शेयरों में भी दिखी तेजी 

NSE का मुकाबला बीएसई से है। बीएसई एशिया का सबसे पुराना एक्सचेंज है। लेकिन, ट्रेडिंग वॉल्यूम के लिहाज से यह एनएसई से काफी पीछे है। बीएसई के शेयर पहले से एनएसई में सूचीबद्ध हैं। 4 सितंबर को बीएसई के शेयरों में तेजी दिखी। 1 बजे शेयर का भाव 3.23 फीसदी चढ़कर 3,413 रुपये पर चल रहा था।

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पीएम मोदी ने मेलोनी को बधाई दी:सबसे लंबे समय तक इटली की प्रधानमंत्री रहने का रिकॉर्ड, लगातार 1413 दिन से सत्ता में

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को सबसे लंबे समय तक लगातार प्रधानमंत्री रहने पर बधाई दी है। मोदी ने सोशल मीडिया पोस्ट में मेलोनी को अपनी मित्र बताते हुए कहा कि उनकी यह उपलब्धि इटली के लोगों के उनके नेतृत्व पर भरोसे और विश्वास को दिखाती है। उन्होंने कहा कि मेलोनी की दोस्ती भारत और इटली के बीच विशेष रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने में भी अहम रही है। मोदी ने दोनों देशों के लोगों के बेहतर भविष्य के लिए आगे भी मिलकर काम करने की उम्मीद जताई। प्रधानमंत्री ने मेलोनी को आने वाले वर्षों में सफलता के लिए शुभकामनाएं भी दीं। मेलोनी के लगातार सत्ता में 1,413 दिन पूरे जॉर्जिया मेलोनी की सरकार ने शुक्रवार को लगातार 1,413 दिन सत्ता में रहकर इटली में नया रिकॉर्ड बनाया। 1946 में इटली गणराज्य बनने के बाद यह किसी एक कैबिनेट का सबसे लंबा लगातार कार्यकाल है। मेलोनी ने पूर्व प्रधानमंत्री सिल्वियो बर्लुस्कोनी की दूसरी सरकार का रिकॉर्ड तोड़ा है। बर्लुस्कोनी की दूसरी कैबिनेट 2001 से 2005 तक 1,412 दिन सत्ता में रही थी। मेलोनी 22 अक्टूबर 2022 को इटली की पहली महिला प्रधानमंत्री बनी थीं। वे दक्षिणपंथी पार्टी ‘ब्रदर्स ऑफ इटली’ की प्रमुख भी हैं। इटली में सरकारें औसतन 13 महीने ही चलती हैं इटली में पिछले कई दशकों से सरकारों के बार-बार बदलने और राजनीतिक अस्थिरता का इतिहास रहा है। 80 साल पहले गणराज्य बनने के बाद से देश में 68 सरकारें बन चुकी हैं। इन सरकारों का औसत कार्यकाल करीब 13 महीने रहा है। ऐसे में मेलोनी की तीन दक्षिणपंथी और कंजरवेटिव पार्टियों वाली गठबंधन सरकार का करीब 4 साल तक टिकना बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। मेलोनी की पार्टी जश्न मनाएगी मेलोनी ने अपनी सरकार के लंबे कार्यकाल को बड़ी कामयाबी के तौर पर पेश किया है। उनकी पार्टी शुक्रवार शाम दक्षिणी शहर बारी में रैली करने वाली है। मेलोनी भी इस रैली में भाषण देंगी। हालांकि, आलोचकों का कहना है कि मेलोनी सरकार ने लंबे समय तक सत्ता में रहने को ही अपनी उपलब्धि बना लिया है। मोदी ने मेलोनी को ‘मेलोडी’ टॉफी दी थी मई 2026 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इटली के दौरे पर गए थे। इस दौरान उन्होंने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को मेलोडी टॉफी का पैकेट गिफ्ट किया था। मेलोनी ने बाद में इसका वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया और मोदी को गिफ्ट के लिए धन्यवाद दिया था। मोदी और मेलोनी की साथ की तस्वीरों के बाद सोशल मीडिया पर #Melodi काफी लोकप्रिय हुई थी। खबर अपडेट हो रही है…

Rentomojo IPO 9 सितंबर से, ₹384-₹404 रहेगा प्राइस बैंड; ग्रे मार्केट में अभी से चढ़ा शेयर

फर्नीचर, अप्लायंसेज किराए पर देने वाली कंपनी रेंटोमोजो का ₹1,255.57 करोड़ का IPO 9 सितंबर को खुलने वाला है। इसके लिए प्राइस बैंड ₹384-₹404 प्रति शेयर तय किया गया है। लॉट साइज 37 शेयर है। इस इश्यू में ₹150 करोड़ के 37.15 लाख नए शेयर जारी होंगे। साथ ही ₹1,105.57 करोड़ के 2.74 करोड़ शेयरों का ऑफर फॉर सेल (OFS) रहेगा। OFS में कंपनी के प्रमोटर गीतांश बामनिया के साथ-साथ एक्सेल इंडिया IV (मॉरीशस), एडलवाइस डिस्कवरी फंड-सीरीज I, IDG वेंचर्स इंडिया फंड III LLC, वैल्यू क्वेस्ट S.C.A.L.E. फंड, मैडिसन इंडिया, चिराटे वेंचर्स, GMO पेमेंट गेटवे समेत कई निवेशक शेयरों को बिक्री के लिए रखेंगे।

IPO में एंकर निवेशक 8 सितंबर को बोली लगा सकेंगे। इश्यू की क्लोजिंग 11 सितंबर को होगी, जिसके बाद अलॉटमेंट 15 सितंबर को फाइनल होगा। कंपनी के शेयर NSE और BSE पर 17 सितंबर को लिस्ट हो सकते हैं। इश्यू के लिए मोतीलाल ओसवाल इनवेस्टमेंट एडवाइजर्स, एक्सिस कैपिटल और IIFL कैपिटल सर्विसेज बुक रनिंग लीड मैनेजर हैं। रजिस्ट्रार Kfin Technologies Ltd. है।

रेंटोमोजो ग्राहकों को घर के फर्नीचर और अप्लायंसेज के लिए किफायती, फ्लेक्सिबल और लॉन्ग टर्म सब्सक्रिप्शन प्लान उपलब्ध कराती है। इसके प्रोडक्ट्स में घर की जरूरी चीजें जैसे बेड, गद्दे, वॉशिंग मशीन, रेफ्रिजरेटर, अलमारी, सोफा, टेलीविजन, वॉशिंग मशीन, वॉटर प्योरिफायर आदि शामिल हैं। IPO में 50 प्रतिशत हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए, 35 प्रतिशत हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए और 15 प्रतिशत हिस्सा नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व है।

IPO के पैसे कैसे होंगे इस्तेमाल

रेंटोमोजो अपने पब्लिक इश्यू में नए शेयर जारी कर हासिल होने वाले पैसों का इस्तेमाल कर्ज चुकाने के लिए, वेयरहाउस और एक्सपीरियंस स्टोर्स के लिए लीज रेंटल/लाइसेंस फीस का पेमेंट करने के लिए और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए करेगी। ग्रे मार्केट में कंपनी का शेयर 8.17 प्रतिशत प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है।

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Rentomojo की वित्तीय सेहत

कंपनी का वित्त वर्ष 2025-26 में रेवेन्यू 45 प्रतिशत बढ़कर 394 करोड़ रुपये हो गया। शुद्ध मुनाफा 142 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 104.30 करोड़ रुपये रहा। इस बीच कंपनी पर 187.59 करोड़ रुपये की उधारी थी। एक साल पहले रेवेन्यू 271.96 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 43.11 करोड़ रुपये रहा था।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

ईरान ने US को चिढ़ाया- ‘हबीबी अंकल सैम, ईरान आओ’:दूतावास ने होर्मुज में माइनस्वीपर गेम का वीडियो पोस्ट किया

ईरान ने अमेरिका को चिढ़ाते हुए एक वीडियो शेयर किया है। सिएरा लियोन में ईरानी दूतावास ने 35 सेकेंड का वीडियो पोस्ट किया। इसके साथ लिखा- “हबीबी (अंकल सैम), ईरान आओ!” वीडियो में होर्मुज स्ट्रेट का 3D नक्शा दिखता है। इस पर ‘माइन्सवीपर’ गेम खेला जा रहा है। इस गेम में खिलाड़ी को छिपी हुई समुद्री माइन्स (बारुदी सुरंगो) से बचना होता है। ईरान ने यह वीडियो ऐसे समय पोस्ट किया है, जब होर्मुज स्ट्रेट में समुद्री माइन्स बिछाने को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ा हुआ है। अमेरिका ने ईरान के रॉकेट लॉन्चर को निशाना बनाया अमेरिका ने रविवार को होर्मुज के एक द्वीप पर ईरान के रॉकेट लॉन्चरों पर हमला किया था। अमेरिका का कहना था कि ईरान इनका इस्तेमाल समुद्र में माइन्स डालने के लिए कर सकता है। अमेरिका ने पिछले हफ्ते ही होर्मुज के अंतरराष्ट्रीय जहाज मार्गों से मुद्री माइन्स हटाई थीं। इसके बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने चेतावनी दी थी कि अगर ईरान ने दोबारा समुद्री माइन्स बिछाईं तो उन्हें बिछाने वाले जहाज और बोट को नष्ट कर दिया जाएगा। शादी समारोह पर अमेरिकी हमले में 5 की मौत मंगलवार रात ईरान के सिरिक में अमेरिकी हवाई हमले के दौरान एक शादी समारोह पर मिसाइल गिरने से 5 लोग मारे गए। मृतकों में 4 साल का एक बच्चा भी शामिल है। अमेरिकी सेना ने सिरिक, खुजस्तान, केशम द्वीप और बंदर अब्बास में मिसाइल और ड्रोन से हमले किए थे। इन हमलों में ईरान में कुल 19 लोगों की मौत और 68 लोग घायल हुए हैं। अमेरिका का कहना है कि उसकी सेना ने केवल ईरानी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। अमेरिकी सेना ने नागरिकों को जानबूझकर निशाना बनाने से इनकार किया है। ईरान ने अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइलें दागीं अमेरिकी हमले के जवाब में ईरान ने जॉर्डन में दो अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। ईरान ने भारी नुकसान का दावा किया। वहीं, जॉर्डन की सेना ने कहा कि उसने 8 मिसाइलों को रोक दिया। इसके बाद अमेरिका ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर फिर हमला किया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक, इन हमलों में ईरान के एयर डिफेंस, रडार, समुद्री ठिकानों, खदानें बिछाने की क्षमता और संचार केंद्रों को निशाना बनाया गया। खबर अपडेट हो रही…

स्वतंत्र भारद्वाज के वायरल वीडियो पर बवाल, निशु आजाद के पिता पर हमले को लेकर CJP ने घेरा थाना

स्वतंत्र भारद्वाज के वायरल वीडियो पर बवाल, निशु आजाद के पिता पर हमले को लेकर CJP ने घेरा थाना

swatantra bhardwaj and nishu azad

जंतर-मंतर पर निशु आजाद के पिता पर हुए हमले के मामले में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं आशुतोष रांका और सौरव दास ने पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन पहुंचकर आरोपियों की गिरफ्तारी और हत्या की धारा लगाने की मांग की है। ALSO READ: 'डरो मत, मैं साथ हूं': पिता पर हमले के बाद निशु आजाद के समर्थन में आए राहुल गांधी

 

CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान हमारी साथी निशु के पिता संजय के साथ मारपीट हुई, उनका सिर फोड़ा गया। खुलेआम ये घटना हुई। लगातार हमारी टीम सौरव और हमारी पूरी टीम दिल्ली पुलिस से मांग करती रही कि इन गुंडों को आप गिरफ्तार करें, इन पर हत्या के प्रयास का चार्ज लगाएं लेकिन दिल्ली पुलिस सोती रही। 
 

उन्होंने कहा कि अब देश की राजधानी में हालात ऐसे हो गए हैं कि गुंडे ये खुलेआम कबूल कर रहे हैं कि उन्होंने संजय का सिर फोड़ा, पूरी कोशिश थी उन्हें जान से मारने की। खुद कबूल कर रहे हैं कि उस पर हत्या के प्रयास का केस बनता था लेकिन दिल्ली पुलिस ने कपिल मिश्रा और भाजपा के गुंडों की शय पर उस व्यक्ति के साथ कुछ नहीं किया।

रांका ने कहा कि आज देश के लिए, हमारे लोकतंत्र के लिए शर्मनाक दिन है जहां पर खुलेआम गुंडागर्दी करने वाले लोग दावा करते हैं कि उन्होंने किसी को जान से मारने का प्रयास किया लेकिन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। हमारी पूरी टीम निशु और उनके पिता, संजय के साथ पहले दिन से खड़ी रही है। हम दिल्ली पुलिस से मांग करेंगे कि इन गुंडों को, जिन्होंने खुद की पहचान बताई है, उन्हें गिरफ्तार किया जाए, उन पर हत्या के प्रयास की धाराएं लगाई जाएं, जितनी भी संगीन धाराएं उन पर लगती हैं, लगाई जाएं।

 

गौरतलब है कि कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के दौरान जंतर-मंतर पर निशु आजाद के पिता संजय कुमार पर हुए हमले का मामला फिर से सुर्खियों में है। 23 जून 2026 को जंतर-मंतर पर CJP के प्रदर्शन के दौरान हुई हाथापाई में गाजियाबाद के रहने वाले संजय कुमार के सिर में चोट लग गई थी। सोशल मीडिया पर वायरल पॉडकास्ट क्लिप में स्वतंत्र भारद्वाज ने यह दावा किया कि उसने ही निशु के पिता संजय कुमार का सिर फोड़ा था और राजनीतिक रसूख के चलते वह बिना किसी बड़ी कानूनी कार्रवाई के बच निकला।

स्वतंत्र भारद्वाज ने दी सफाई

जंतर-मंतर पर CJP के विरोध-प्रदर्शन के दौरान CJP कार्यकर्ता निशु आजाद के पिता पर हमले को लेकर एक पॉडकास्ट के दौरान किए दावे पर कार्यकर्ता स्वतंत्र भारद्वाज ने कहा कि लोग जिसे हमला कह रहे हैं, वह असल में आत्मरक्षा था। अगर मैंने आत्मरक्षा में ऐसा नहीं किया होता, तो भीड़ मुझे पीट-पीटकर मार सकती थी या मेरी हत्या हो सकती थी। मेरे पास वीडियो सबूत हैं। मुझे 10-15 लोगों ने घेर लिया था। जब मैंने आत्मरक्षा में कदम उठाया, तो उनके सिर पर चोट लग गई।

स्वतंत्र भारद्वाज ने दावा किया कि राहुल गांधी और अन्य लोगों द्वारा सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा पॉडकास्ट क्लिप नकली है। जो लोग कह रहे हैं कि मुझे कपिल मिश्रा के प्रभाव के कारण छोड़ा गया, उनसे मैं कहना चाहता हूं कि कपिल मिश्रा और चिराग पासवान मेरे भाइयों की तरह हैं। लोगों को समझना चाहिए कि क्या बात व्यंग्य में कही गई थी।