OYO IPO: ओयो की पैरेंट कंपनी Prism नवंबर में ला सकती है IPO, ₹6650 करोड़ जुटाने की तैयारी

OYO IPO: ओयो की पैरेंट कंपनी Prism नवंबर में IPO लॉन्च कर सकती है। कंपनी फिलहाल निवेशकों से बातचीत कर रही है, ताकि शेयर बिक्री को लेकर उनकी दिलचस्पी का अंदाजा लगाया जा सके। यह जानकारी मनीकंट्रोल को सूत्रों ने दी है। सूत्रों के मुताबिक, IPO की तारीख अभी तय नहीं हुई है। यह फैसला निवेशकों की मांग, बाजार की स्थिति और जरूरी मंजूरियों पर निर्भर करेगा।

IPO से जुटाए पैसे का क्या करेगी कंपनी?

29 जून 2026 को जारी अपडेटेड ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) के मुताबिक, Prism फ्रेश शेयर जारी करके ₹6,650 करोड़ तक जुटाना चाहती है। इसमें मौजूदा शेयरधारक अपनी हिस्सेदारी नहीं बेचेंगे।

कंपनी ₹4,987.5 करोड़ अपनी सब्सिडियरी Oravel Stays Singapore में निवेश करेगी। इस रकम से कुछ कर्ज चुकाया जाएगा या उसका समय से पहले भुगतान किया जाएगा। बाकी पैसे का इस्तेमाल सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों के लिए होगा।

दिसंबर 2025 तक के नौ महीनों में कंपनी का फाइनेंस कॉस्ट ₹1,089.3 करोड़ रहा। यह मार्च 2025 में समाप्त पूरे वित्त वर्ष के ₹959.2 करोड़ से ज्यादा है।

35 से ज्यादा देशों में कारोबार

2012 में शुरू हुआ OYO अब सिर्फ बजट होटल तक सीमित नहीं है। इसका कारोबार होटल, छुट्टियों में किराये पर मिलने वाले घरों और प्रॉपर्टी लिस्टिंग तक फैला है। इसके ब्रांड्स में Townhouse, Sunday, Motel 6, Studio 6 और Belvilla शामिल हैं।

31 दिसंबर 2025 तक कंपनी के प्लेटफॉर्म पर 35 से ज्यादा देशों में 2.93 लाख से अधिक लिस्टिंग थीं। इनमें होटल, होम और सब्सक्रिप्शन आधारित प्रॉपर्टी लिस्टिंग शामिल हैं। विदेशों में विस्तार के लिए कंपनी ने G6, CheckMyGuest और MadeComfy जैसी कंपनियों का अधिग्रहण भी किया है।

मुनाफा बढ़ा, लेकिन टैक्स क्रेडिट का भी असर

वित्त वर्ष 2025 में OYO का रेवेन्यू 16% बढ़कर ₹6,252.8 करोड़ हो गया। वित्त वर्ष 2024 में यह ₹5,388.8 करोड़ था। नेट प्रॉफिट भी ₹229.6 करोड़ से बढ़कर ₹244.8 करोड़ पहुंच गया।

हालांकि, इस मुनाफे में ₹767.6 करोड़ के डिफर्ड टैक्स क्रेडिट की बड़ी भूमिका थी। कंपनी को वित्त वर्ष 2025 में ₹489.3 करोड़ का प्री-टैक्स नुकसान हुआ था।

दिसंबर 2025 तक के नौ महीनों में Prism ने ₹6,941 करोड़ का रेवेन्यू और ₹748.3 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया। इस दौरान ₹559.3 करोड़ का डिफर्ड टैक्स क्रेडिट भी मिला।

Bajaj Finance Q2 Results: बजाज की कंपनी को ₹6367 करोड़ का मुनाफा, NII में 23% का उछाल

Bajaj Finance Q2 Results: बजाज की कंपनी को ₹6367 करोड़ का मुनाफा, NII में 23% का उछाल

Bajaj Finance Q2 Results: दिग्गज नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनी (NBFC) बजाज फाइनेंस ने 19 अक्टूबर को सितंबर तिमाही के नतीजे जारी किए। नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 28.8% बढ़कर ₹6,367 करोड़ हो गया। ब्याज से होने वाली कमाई और लोन के कारोबार में बढ़ोतरी से नतीजों को मजबूती मिली।

ब्याज से होने वाली कमाई बढ़ी

बजाज फाइनेंस की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) दूसरी तिमाही में 23.6% बढ़कर ₹13,335 करोड़ हो गई। एक साल पहले यह ₹10,785 करोड़ थी। वहीं, कंपनी की कुल नेट इनकम भी 23% बढ़कर ₹15,974 करोड़ हो गई।

AUM बढ़कर ₹5.85 लाख करोड़ हुआ

30 सितंबर 2026 तक कंपनी का एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) 26% बढ़कर ₹5.85 लाख करोड़ हो गया। AUM का मतलब है कि कंपनी ने कुल कितने पैसे का लोन दे रखा है या मैनेज कर रही है। सितंबर तिमाही में इसमें ₹37,680 करोड़ जुड़े।

इस दौरान कंपनी ने 1.345 करोड़ नए लोन बांटे। यह एक साल पहले के मुकाबले 11% ज्यादा है। तिमाही में 44.2 लाख नए ग्राहक भी जुड़े। इसके साथ ही कंपनी के कुल ग्राहकों की संख्या बढ़कर 12.885 करोड़ हो गई। इसमें सालाना आधार पर 16% की बढ़ोतरी हुई।

लोन की वसूली कैसी रही?

सितंबर के अंत में बजाज फाइनेंस का ग्रॉस NPA 1.06% रहा। जून तिमाही में यह 0.96% था। वहीं, नेट NPA 0.39% से बढ़कर 0.42% हो गया। यानी पिछली तिमाही के मुकाबले खराब लोन का अनुपात थोड़ा बढ़ा। हालांकि, पिछले साल की समान तिमाही के मुकाबले स्थिति बेहतर रही। तब ग्रॉस NPA 1.24% और नेट NPA 0.60% था।

लोन के नुकसान की भरपाई के लिए कंपनी ने ₹2,166 करोड़ का प्रोविजन किया। यह पिछले साल से 4% ज्यादा है। इसमें आर्थिक जोखिमों को देखते हुए ₹337 करोड़ का अतिरिक्त प्रावधान भी शामिल है। इसे हटा दें तो लोन लॉस और प्रोविजन 12% घटकर ₹1,829 करोड़ रह जाते हैं।

आगे कंपनी की क्या योजना है?

Bajaj Finance को उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2026-27 में वह 6 करोड़ से 6.2 करोड़ नए लोन बांटेगी। कंपनी 1.8 करोड़ से 2 करोड़ नए ग्राहक जोड़ने की भी योजना बना रही है। इसके अलावा, वित्त वर्ष के दौरान 150 से 175 नई लोकेशन खोलने का लक्ष्य है।

दूसरी तिमाही में कंपनी के लिए फंड जुटाना भी सस्ता हुआ। फंड की लागत 9 बेसिस पॉइंट घटकर 7.31% रह गई। कंपनी को उम्मीद है कि वित्त वर्ष के दौरान कुल नेट इनकम के मुकाबले ऑपरेटिंग खर्च का अनुपात 25 से 40 बेसिस पॉइंट तक सुधर सकता है।

नतीजों से पहले शेयर गिरा

सोमवार को नतीजे आने से पहले Bajaj Finance का शेयर 2.5% गिरकर ₹957.35 पर बंद हुआ। इस साल अब तक शेयर 1.6% नीचे है। वहीं, पिछले 12 महीनों में इसमें 11% से ज्यादा की गिरावट आई है।

JIO Platforms के IPO को लेकर फुल जोश में मार्केट दिग्गज, 4 साल में मार्केट कैप डबल होने की जता रहे उम्मीद

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Muhurat Trading: दिवाली पर मुहूर्त ट्रेडिंग की टाइमिंग का हुआ ऐलान, दोपहर 2:20 बजे से खुलेगा बाजार

Diwali Muhurat Trading 2026: नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ने दिवाली के दिन होने वाले विशेष ‘मुहूर्त ट्रेडिंग’ सत्र की टाइमिंग का ऐलान कर दिया है। इस साल रविवार, 8 नवंबर 2026 को विशेष लाइव ट्रेडिंग सत्र आयोजित किया जाएगा। इस दिन भारतीय शेयर बाजार नए हिंदू वर्ष विक्रम संवत 2083 का स्वागत करेगा।

भारतीय शेयर बाजार में दिवाली के दिन मुहूर्त ट्रेडिंग की परंपरा दशकों पुरानी है। मान्यता है कि इस शुभ मुहूर्त में शेयर बाजार में निवेश करने से पूरे वर्ष सुख-समृद्धि और वित्तीय उन्नति बनी रहती है। आइए जानते हैं NSE द्वारा जारी मुहूर्त ट्रेडिंग का मिनट-टू-मिनट पूरा शेड्यूल।

मेन ट्रेडिंग सेशन

मुहूर्त ट्रेडिंग के दौरान मुख्य बाजार में कारोबार की समय-सारणी इस प्रकार रहेगी:

प्री-ओपन ऑर्डर एंट्री: दोपहर 2:05 बजे से 2:15 बजे तक (इसमें ऑर्डर दर्ज, संशोधित या रद्द किए जा सकते हैं)।

ऑर्डर मैचिंग व ट्रेड कन्फर्मेशन: दोपहर 2:15 बजे से 2:17 बजे तक।

प्री-ओपन बफर टाइम: दोपहर 2:17 बजे से 2:20 बजे तक।

कंटीन्यूअस ट्रेडिंग: दोपहर 2:20 बजे से शुरू होगा।

मार्केट क्लोजिंग टाइम: नॉन-क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) प्रतिभूतियों के लिए बाजार दोपहर 3:30 बजे बंद होगा, जबकि CAS सिक्योरिटीज के लिए सामान्य बाजार 3:15 बजे समाप्त होगा।

CAS और पोस्ट-क्लोज सेशन का शेड्यूल

क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) और उसके बाद के सत्रों की समय-सारणी इस प्रकार निर्धारित की गई है:

  • रेफरेंस प्राइस कैलकुलेशन: दोपहर 3:15 बजे से 3:20 बजे तक।
  • CAS ऑर्डर एंट्री पीरियड: दोपहर 3:20 बजे से 3:30 बजे तक।
  • ऑर्डर मैचिंग व ट्रेड कन्फर्मेशन: दोपहर 3:30 बजे से 3:35 बजे तक।
  • CAS ट्रांजिशन टाइम: दोपहर 3:35 बजे से 3:50 बजे तक।
  • पोस्ट-क्लोज सेशन: दोपहर 3:50 बजे से शाम 4:00 बजे तक।
  • ट्रेड मॉडिफिकेशन कट-ऑफ टाइम: शाम 4:15 बजे तक।

नोट: प्री-ओपन और CAS ऑर्डर एंट्री पीरियड के अंतिम 2 मिनट में सिस्टम-ड्रिवन रैंडम क्लोजर लागू रहेगा।

ब्लॉक डील, IPO और अन्य विशेष सत्र

ब्लॉक डील विंडो: दोपहर 1:50 बजे से 2:05 बजे तक खुलेगी।

IPO और री-लिस्टेड सिक्योरिटीज के लिए स्पेशल प्री-ओपन: दोपहर 2:05 बजे से 2:50 बजे तक (अंतिम 10 मिनट में रैंडम क्लोजर)।

स्पेशल प्री-ओपन वाली कंपनियों का नॉर्मल मार्केट: दोपहर 3:05 बजे से 3:30 बजे तक चलेगा।

कॉल ऑक्शन इलिक्विड सेशन: दोपहर 2:25 बजे से 3:10 बजे तक रहेगा।

NSE ने स्पष्ट किया है कि इस विशेष दिवाली मुहूर्त ट्रेडिंग सत्र के दौरान एग्जिक्यूटेड सभी सौदों के लिए सेटलमेंट दायित्व अनिवार्य रूप से लागू होंगे।

JIO Platforms के IPO को लेकर फुल जोश में मार्केट दिग्गज, 4 साल में मार्केट कैप डबल होने की जता रहे उम्मीद

Jio Platforms IPO : जियो प्लेटफार्म्स के IPO का काउंटडाउन शुरू हो गया है। आज यह इश्यू एंकर निवेशकों के लिए खुला। इसमें घरेलू और विदेशी कंपनियां बढ़ चढ़कर बोलियां लगा सकती हैं। बुधवार से यह IPO सभी निवेशकों के लिए खुलेगा। इसका प्राइस बैंड 1065 से 1119 रुपए प्रति शेयर के बीच है। Jio Platforms अपने 30000 करोड़ से ज्यादा के इश्यू साइज से भारतीय बाजार में एक नया इतिहास रचने जा रही है। डिजिटल इंडिया के इस पोस्टर BOY ने महज 10 सालों में देश में डिजिटल क्रांति की इबारत लिखी है। ये सिर्फ एक टेलीकॉम कंपनी नहीं, उससे कहीं बढ़कर है। यह देश का सबसे बड़ा डिजिटल और मोबाइल ब्रॉडबैंड नेटवर्क है।

JIO PLATFORMS के IPO को लेकर बाजार के दिग्गज फुल जोश में हैं। दिग्गज निवेशकों ने इसमें बढ़कर चढ़कर निवेश करने की सलाह दी है। एनाम ग्रुप के को-फाउंडर वल्लभ भंशाली ने कहा है। सिर्फ 10 साल में बेहतरीन कंपनी बनकर तैयार हुई है। रमेश दमानी ने कहा है कि जियो IPO को निवेशक हाथों हाथ लेंगे। उधर देवेन चोकसी ने कहा है कि कंपनी की ग्रोथ बेहतरीन है। इसका मार्केट कैप 4 साल में डबल हो जाएगा।

जियो प्लेटफॉर्म्स IPO पर उदय कोटक ने कहा कि यह दुनिया की अकेली ऐसी कंपनी है जिसके पास प्रोपराइटरी एंड-टू-एंड कनेक्टिविटी (Proprietary End-to-End Connectivity है। समय के साथ लगातार तेज ग्रोथ बनी हुई है।

फिच रेटिंग्स के डायरेक्टर, गिरीश मदान ने कहा है कि जियो प्लेटफॉर्म्स मार्केट लीडर है। आगे ARPU बढ़ाने की काफी गुंजाइश है। कंपनी की बैलेंस शीट दमदार है। कंपनी की नेट डेट टू EBITDA 1x से कम है। यह आगे और नीचे आएगा। कंपनी क्रेडिट प्रोफाइल मजबूत है।

JIO IPO पर मार्केट एक्सपर्ट राकेश बंसल ने कहा कि जियो IPO के लिए नए डीमैट अकाउंट खुल रहे हैं। वहीं, कंप्लीट सर्किल के गुरमीत चड्ढा ने कहा कि अच्छे वैल्युएशन पर, निवेशकों के लिए इसमें कमाई के अच्छे मौके हैं।

JIO IPO पर SMIFS की राय है कि इसमें निवेशक लंबे वक्त के लिए सब्सक्राइब करें। रेलिगेयर की भी इसमें सब्सक्राइब करने की सलाह है। मोतीलाल ओसवाल का भी JIO IPO पर पॉजिटिव व्यू है।

बोनांजा का कहना है का JIO IPO का वैल्युएशन वाजिब है। यह भारती से डिस्काउंट पर मिल रहा है। अर्निंग ग्रोथ और टैरिफ बढ़ने पर आगे ठीक-ठाक ग्रोथ देखने को मिलेगी। वहीं, मंगलदास केशव का कहना है कि JIO IPO उम्मीद से बेहतर वैल्युएशन पर आय है। IPO प्राइसिंग वाजिब नजर आ रही है।

JIO IPO पर वेंचुरा की राय है कि आगे टैरिफ बढ़ोतरी और प्रीमियमाइजेशन अहम फैक्टर का काम करेंगे। यह भारती के इंडिया टेलीकॉम कारोबार के मुकाबले प्रीमियम पर है।

दिग्गज निवेशकों की राय

इसके साथ ही बाजार के दिग्गज निवेशक भी जियो प्लेटफॉर्म जैसे बड़े IPO को भारतीय बाजार की मजबूती की कहानी कह रहे हैं। सभी ने एक लाइन में कहा निवेशक जियो IPO को हाथों हाथ लेंगे। BSE के मेंबर और बाजार के दिग्गज निवेश रमेश दमानी के मुताबिक जियो के IPO को निवेशक हाथों हाथ लेंगे। जियो के 55 करोड़ ग्राहक हैं जो एक तिहाई भारतीयों को सेवा दे रही है। सिर्फ 10 साल में मुकेश अंबानी ने जियो को IPO के लिए तैयार कर दिया। हैरानी होती है कि भारत में जियो जैसी इतनी बड़ी कंपनी है। मुकेश अंबानी हर बड़े प्रोजेक्ट को समय पर पूरा करते हैं। मुकेश अंबानी ने 10 साल में जियो को IPO के लिए तैयार किया। निवेशक जियो IPO को हाथों हाथ लेंगे।

HDFC AMC के MD नवनीत मुनोत ने कहा कि भारतीय बाजार में बड़े IPO आ रहे हैं। बड़े IPOs बाजार की मजबूती बता रहे हैं। कंपनियां अरबों डालर जुटाने में कामयाब हो रही हैं। भारतीय बाजार में काफी मजबूती है।10 साल पहले जियो ने बड़ी शुरुआत की। जियो प्लेटफॉर्म अब बड़ी रकम जुटा रहा है।

DRChoksey FinServ के MD,देवेन चौकसी ने कहा कि JIO IPO निवेशकों के लिए बेहतर मौका है। कंपनी का मार्केट कैप 10 लाख करोड़ रुपए है। पिछले कुछ साल में EBITDA ग्रोथ 18% रही। अगले कुछ साल में 20% CAGR ग्रोथ की उम्मीद। अगले 4 साल में इसका EBITDA दोगुना हो सकता है। कंपनी का मार्केट कैप 10 लाख करोड़ रुपए से बढ़कर 20 लाख करोड़ रुपए हो सकता है।

Elixir Equities के डायरेक्टर दीपन मेहता के मुताबिक जियो के IPO का वैल्युएशन काफी अच्छा है और लिस्टिंग पर अच्छे रिटर्न मिलने की उम्मीद है। AI और डाटा सेंटर इंडस्ट्री इसके लिए ग्रोथ का अहम ट्रिगर होंगे। डाटा कंजम्प्शन बढ़ने से इंडस्ट्री ग्रोथ को सपोर्ट मिलेगा। जियो IPO को लेकर आउटलुक पॉजिटिव है।

 

 

(डिस्क्लेमर: नेटवर्क 18 मीडिया एंड इनवेस्टमेंट लिमिटेड पर इंडिपेंडेंट मीडिया ट्रस्ट का मालिकाना हक है। इसकी बेनफिशियरी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।)

 

 

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Sugar Stocks: शुगर स्टॉक्स में भारी गिरावट, गन्ने-चीनी से एथेनॉल बनाने पर सरकारी रोक का दिखा असर

Sugar Stocks: चीनी कंपनियों के शेयरों में 19 अक्टूबर को भारी बिकवाली दिखी। कई शेयर 7% तक टूट गए। इसकी वजह एथेनॉल की खरीद से जुड़ा सरकार का फैसला है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार ने नए टेंडर से चीनी से बनने वाले एथेनॉल की खरीद को बाहर कर दिया है। इससे चीनी कंपनियों की कमाई पर असर पड़ सकता है।

इन शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट

Bajaj Hindusthan Sugar का शेयर 5.59% गिरकर ₹20.08 पर आ गया। Shree Renuka Sugars में 7% की गिरावट रही। वहीं, Balrampur Chini Mills का शेयर 3.33% और EID Parry का शेयर 3.22% टूट गया। Triveni Engineering and Industries में 1.54% की गिरावट रही। Dhampur Sugar का शेयर भी 4% से ज्यादा गिरा।

सरकार ने क्या फैसला लिया?

सरकारी तेल कंपनियों ने नवंबर 2026 से अक्टूबर 2027 तक के लिए एथेनॉल खरीद का नया टेंडर जारी किया है। BPCL ने 16 अक्टूबर को यह टेंडर निकाला था। इसमें गन्ने के रस, चीनी के सिरप और बी-हैवी मोलासेस से बने एथेनॉल की खरीद शामिल नहीं है।

इसके अलावा, मक्का से बनने वाले एथेनॉल की खरीद कीमत भी घटा दी गई है। इसे ₹71.86 से कम करके ₹68.86 प्रति लीटर कर दिया गया है। टेंडर में करीब 1,100 करोड़ लीटर एथेनॉल खरीदने के लिए बोलियां मांगी गई हैं।

चीनी कंपनियों को क्यों होगा नुकसान?

चीनी कंपनियां गन्ने से चीनी के साथ एथेनॉल भी बनाती हैं। इससे उन्हें कमाई का एक और रास्ता मिलता है। कई कंपनियों ने एथेनॉल बनाने की क्षमता बढ़ाने में पैसा भी लगाया है।

अब चीनी से बनने वाले एथेनॉल की सरकारी खरीद टेंडर में शामिल नहीं होने से कंपनियों की मुश्किल बढ़ सकती है। उनकी उत्पादन क्षमता का पूरा इस्तेमाल करना चुनौती बन सकता है। इससे मुनाफे पर भी दबाव पड़ने की आशंका है।

सरकार ने यह फैसला क्यों लिया?

सरकार चाहती है कि घरेलू बाजार में चीनी की कमी न हो और कीमतें काबू में रहें। त्योहारी सीजन में चीनी की कीमतें 10% से ज्यादा बढ़ चुकी हैं। वहीं, प्रमुख चीनी उत्पादक राज्यों में कमजोर बारिश से उत्पादन घटने की आशंका है।

भारत पेट्रोल में 20% एथेनॉल मिलाने का लक्ष्य रखता है। अब इस जरूरत को पूरा करने के लिए मक्का और दूसरे अनाज से बनने वाले एथेनॉल की भूमिका बढ़ सकती है।

एथेनॉल ब्लेंडिंग पर क्या असर होगा?

ऑल इंडिया शुगर ट्रेड एसोसिएशन (AISTA) के चेयरमैन प्रफुल्ल विठलानी का कहना है कि सरकार ने पेट्रोल में 20% एथेनॉल मिलाने का लक्ष्य रखा है। लेकिन इस सीजन इसे पूरा करना मुश्किल हो सकता है। चीनी से बनने वाले एथेनॉल का उत्पादन घटने के साथ मक्के की कमी भी इसकी बड़ी वजह है।

प्रफुल्ल विठलानी के मुताबिक, पिछले सीजन में एथेनॉल सप्लाई में चीनी की हिस्सेदारी 25% थी। अब यह घटकर सिर्फ 2% के आसपास रह सकती है।

क्या चीनी की कीमतें बढ़ेंगी?

उत्पादन को लेकर चिंता के बावजूद फिलहाल चीनी की कीमतों में बड़ी हलचल की उम्मीद नहीं है। विठलानी के मुताबिक, सरकार ने कोटा जारी करके बाजार में सप्लाई को संभाला है। त्योहारों की मांग पूरी करने के लिए भी पर्याप्त स्टॉक मौजूद है।

ज्यादातर चीनी मिलों में नवंबर की शुरुआत तक पेराई शुरू होने की उम्मीद है। सरकार के सप्लाई प्रबंधन से अगले दो महीने तक कीमतें स्थिर रह सकती हैं। इसके बाद बाजार की चाल इस बात पर निर्भर करेगी कि चीनी का असल उत्पादन कितना रहता है और फसल की स्थिति कैसी रहती है।

Market Outlook : बाजार की तेजी को लगा ब्रेक, जानिए 21 अक्टूबर को कैसी रह सकती है सेंसेक्स-निफ्टी की चाल

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Dollar Vs Rupee : अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 3 पैसे गिरकर 94.92 पर हुआ बंद, जानिए आगे कैसी रह सकती है रुपए की चाल

Dollar Vs Rupee : सोमवार, 19 अक्टूबर को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया अपनी शुरुआती बढ़त गंवाते हुए 3 पैसे की गिरावट के साथ 94.92 के स्तर पर बंद हुआ। घरेलू शेयर बाजारों में भारी गिरावट और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के कारण रुपये पर दबाव पड़ा। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की निकासी और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के लगातार बने दबाव के बीच, रुपये की लगातार 6 सेशन की तेजी का सिलसिला टूट गया और यह गिरावट के साथ बंद हुआ।

इंटरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 94.90 पर खुला। दिन के कारोबार के दौरान, यह 94.75 के हाई और 94.97 के निचले स्तर तक गया। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया आज 94.92 पर बंद हुआ जो पिछले बंद भाव से 3 पैसे कम है।

शुक्रवार को, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा डॉलर की हाजिर मांग को नियंत्रित करने के उपायों के चलते, रुपया लगातार छठे सत्र में मजबूत हुआ था और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 10 पैसे की बढ़त के साथ 94.89 पर बंद हुआ।

16 अक्टूबर को खत्म हुए हफ्ते के दौरान, डॉलर की मांग को नियंत्रित करने के लिए RBI द्वारा उठाए गए कदमों की मदद से भारतीय रुपये में लगभग 2 प्रतिशत की मजबूती आई थी।

लेमन (Lemonn) के रिसर्च हेड, गौरव गर्ग ने कहा कि RBI के कदम शॉर्ट टर्म में करेंसी के उतार-चढ़ाव को नियंत्रित करने में मदद कर सकते हैं, लेकिन इसमें कोई टिकाऊ सुधार तेल की कीमतों में नरमी, विदेशी पूंजी की निकासी रुकने और बाहरी दबावों में कमी पर आने पर निर्भर करेगा।

गर्ग ने आगे कहा कि हालांकि रुपये में सुधार उत्साहजनक है, लेकिन यह इस बात पर निर्भर करेगा कि क्या RBI के सपोर्ट के साथ-साथ ग्लोबल और घरेलू बुनियादी हालात (फंडामेंटल्स) भी बेहतर होते हैं।

इस बीच छह बड़ी मुद्राओं के एक बॉस्केट के मुकाबले डॉलर की मजबूती को मापने वाला डॉलर इंडेक्स 0.09 प्रतिशत की बढ़त के साथ 101.93 पर कारोबार कर रहा है। ग्लोबल ऑयल बेंचमार्क, ब्रेंट क्रूड, वायदा कारोबार (फ्यूचर्स ट्रेड) में 1.17 प्रतिशत की गिरावट के साथ 108.58 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है।

मिरे एसेट शेरखान के रिसर्च एनालिस्ट अनुज चौधरी का कहना है कि डॉलर में कमजोरी और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में नरमी के चलते उम्मीद है कि रुपया पॉजिटिव रुख के साथ कारोबार करेगा। हालांकि, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और FII की निकासी इसमें बड़ी तेजी को सीमित कर सकती हैं।

HDFC सिक्योरिटीज में रिसर्च एनालिस्ट, दिलीप परमार का कहना है कि भारतीय रुपया लगातार सातवें सत्र में भी मजबूत हुआ। हालांकि, दिन के दौरान हुई अधिकांश बढ़त गंवाने के बाद, यह मामूली तेजी के साथ बंद हुआ। कच्चे तेल की कीमतों में सुधार और मंगलवार को बाजार में छुट्टी होने से पहले घरेलू शेयरों में मुनाफावसूली (प्रॉफिट बुकिंग) के कारण, रुपये की तेजी सीमित रही। वहीं, RBI के दखल और अमेरिकी डॉलर के स्थिर रहने से रुपये को सहारा मिला। तकनीकी रूप से देखें तो स्पॉट USDINR के लिए 94.70 के स्तर पर सपोर्ट मिलने की उम्मीद है, जबकि 95.50 के स्तर पर रेजिस्टेंस है।

घरेलू इक्विटी बाजार में, सेंसेक्स 876.37 अंक गिरकर 73,852.90 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 257.20 अंक गिरकर 22,888.95 पर आ गया। एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, शुक्रवार को विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) खरीदार बन गए और उन्होंने कुल 1,165.92 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। इस बीच, शुक्रवार को जारी RBI के आंकड़ों के अनुसार, 9 अक्टूबर को समाप्त सप्ताह के दौरान भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 8.578 अरब डॉलर घटकर 7.26 अरब डॉलर रह गया।

ब्रिकवर्क रेटिंग्स के हेड ऑफ रिसर्च, राजीव शरण का कहना है कि सोमवार को रुपया लगातार सातवें सत्र में मजबूत हुआ। शुरुआती कारोबार में यह 94.8 के स्तर को छू गया और डॉलर के मुकाबले 94.95 के आसपास बना रहा। इस तरह, महीने की शुरुआत में 97 के स्तर से आई इसकी जोरदार रिकवरी कायम रही। शुक्रवार को जारी RBI के आंकड़ों से पता चलता है कि इसकी कीमत भी चुकानी पड़ी है। 9 अक्टूबर को खत्म हुए हफ्ते में विदेशी मुद्रा भंडार 8.6 अरब डॉलर घटकर 7.26 अरब डॉलर रह गया। इस तरह, सितंबर की शुरुआत से अब तक कुल 60 अरब डॉलर की कमी आई है। यह एक अहम आंकड़ा है क्योंकि केंद्रीय बैंक ने केवल करेंसी सट्टेबाजों को चेतावनी ही नहीं दी, बल्कि अपने नियमों को सख्त करने से पहले एक ‘कृत्रिम आधार’ (artificial floor) बनाने के लिए भारी रकम भी खर्च की।

हालांकि शुक्रवार को विदेशी निवेशकों ने 1,166 करोड़ रुपये की खरीदारी की, लेकिन ब्रेंट क्रूड का 110 डॉलर प्रति बैरल की ओर बढ़ना यह बताता है कि RBI हमेशा के लिए बाजार में शांति नहीं बनाए रख सकता। अब बाजार के बुनियादी कारकों (market fundamentals) को ही स्थिति संभालनी होगी।

 

Market Outlook : बाजार की तेजी को लगा ब्रेक, जानिए 21 अक्टूबर को कैसी रह सकती है सेंसेक्स-निफ्टी की चाल

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करोड़ों की प्रॉपर्टी देखने पहुंचे अशनीर ग्रोवर, रियल एस्टेट कारोबारी ने दे डाला नौकरी का ऑफर

भारतपे के पूर्व को-फाउंडर अशनीर ग्रोवर अपने बेबाक अंदाज के लिए जाने जाते हैं, लेकिन इस बार वह खुद एक मजेदार सोशल मीडिया पोस्ट का हिस्सा बन गए हैं। गुरुग्राम के एक रियल एस्टेट कारोबारी ने उनकी प्रॉपर्टी विजिट पर चुटकी लेते हुए उन्हें नौकरी तक ऑफर कर दी। मामला गुरुग्राम के महंगे रिहायशी प्रोजेक्ट DLF Camellias का है, जहां अशनीर की विजिट के दौरान फ्लैट के बजाय क्लब, सुविधाओं और हरियाली को दिखाए जाने पर कारोबारी ने सवाल उठाए। उनकी पोस्ट अब सोशल मीडिया पर चर्चा में है।

फ्लैट देखने पहुंचे अशनीर

गुरुग्राम के रियल एस्टेट कारोबारी अभिषेक भारद्वाज ने X पर एक पोस्ट साझा करते हुए अशनीर ग्रोवर की साइट विजिट पर मजाकिया टिप्पणी की। उन्होंने बताया कि अशनीर की यह विजिट उनकी पत्नी के चैनल पर शेयर किए गए एक वीडियो में दिखाई गई थी, जिसका शीर्षक ‘Home Beyond the Price Tag’ है। अभिषेक के मुताबिक, फ्लैट में किरायेदार होने और दरवाजा नहीं खुलने की स्थिति में विजिट के दौरान क्लब, दूसरी सुविधाएं और हरियाली दिखाई गई। उन्होंने इस अनुभव की तुलना प्रॉपर्टी ब्रोकरों के उस आम तरीके से की, जिसमें फ्लैट नहीं दिखा पाने पर खरीदार को आसपास की सुविधाएं दिखाकर व्यस्त रखा जाता है।

‘क्लब दिखा दिया, हरियाली दिखा दी, फ्लैट की बात ही नहीं की’

200 से ज्यादा प्रॉपर्टी डील करने का अनुभव रखने वाले अभिषेक ने कहा कि गुरुग्राम के प्रीमियम रिहायशी प्रोजेक्ट्स में कई खरीदारों के लिए फ्लैट के साथ उसका पता और सोसायटी भी काफी मायने रखती है। ऐसी जगहों पर उपलब्ध फ्लैट कम होने के कारण खरीदार कई बार प्रॉपर्टी देखने से पहले ही उसमें दिलचस्पी दिखाने लगते हैं।

हालांकि, अभिषेक का मानना है कि अच्छी साइट विजिट में खरीदार को असली फ्लैट दिखाना जरूरी है। उन्होंने मजाक में कहा कि अगर किरायेदार दरवाजा नहीं खोल रहा हो, तो वह उसके साथ एक घंटे बैठकर चाय पीने को भी तैयार हैं, लेकिन खरीदार को फ्लैट दिखाए बिना वापस नहीं जाने देंगे।

अशनीर ग्रोवर को दे दी फील्ड एसोसिएट की नौकरी

अभिषेक ने अपनी पोस्ट में अशनीर पर तंज कसते हुए लिखा कि उन्होंने साइट विजिट बिल्कुल उसी अंदाज में की, जैसा प्रॉपर्टी इंडस्ट्री में कई बार देखने को मिलता है। उन्होंने कहा, ‘क्लब दिखा दिया, हरियाली दिखा दी, फ्लैट की बात ही नहीं की।’ इसके बाद कारोबारी ने अशनीर को फील्ड एसोसिएट की नौकरी का ऑफर दे दिया। उन्होंने बताया कि वह फिलहाल साइट विजिट के लिए लोगों की तलाश कर रहे हैं और अशनीर ने तो पहली विजिट में ही इंडस्ट्री का तरीका दिखा दिया।

सोशल मीडिया पर चर्चा में आई पोस्ट

अभिषेक ने अपनी पोस्ट के आखिर में अशनीर से मजाकिया अंदाज में पूछा, ‘इंटरव्यू कब दे रहे हो?’ उनकी इस टिप्पणी ने प्रॉपर्टी विजिट के तरीके और महंगी सोसायटी में घर खरीदने के अनुभव को लेकर चर्चा छेड़ दी है। हालांकि, यह पूरा मामला कारोबारी की सोशल मीडिया पोस्ट में किए गए दावों और व्यंग्य पर आधारित है।

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SBI की धांसू स्कीम! बिना किसी रिस्क के मिलेगी पक्की मंथली इनकम, मैच्योरिटी पर 110% रिफंड भी!

SBI Life Smart Platina Plus: एसबीआई लाइफ का ‘स्मार्ट प्लैटिनम प्लस’ एक नॉन-लिंक्ड सेविंग्स प्लान है, जो बिना किसी मार्केट रिस्क के गारंटीड रिटर्न और लाइफ कवर देता है। सुरक्षित और तयशुदा इनकम के जरिए अपने लॉन्ग-टर्म फाइनेंशियल गोल्स को पूरा करने के लिए यह एक बेहतरीन विकल्प है।

अगर आप बिना किसी मार्केट रिस्क के एक तयशुदा और सुरक्षित इनकम का जरिया तलाश रहे हैं, तो यह प्लान आपके फाइनेंशियल गोल्स को पूरा करने में बेहद मददगार साबित हो सकता है।

SBI Life स्मार्ट प्लैटिनम प्लस की मुख्य विशेषताएं

इस पॉलिसी की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसके रिटर्न पूरी तरह फिक्स और कॉन्ट्रैक्टुअल होते हैं, यानी शेयर बाजार की चाल का इस पर कोई असर नहीं पड़ता है। आइए जानते हैं इसके जरूरी नियम और फीचर्स:

प्लान टाइप: यह एक नॉन-लिंक्ड और नॉन-पार लाइफ इंश्योरेंस सेविंग्स प्लान है।

इनकम विकल्प: इसमें दो मुख्य विकल्प मिलते हैं- पहला ‘गारंटीड इनकम ऑप्शन’ (रेगुलर फिक्स इनकम के लिए) और दूसरा ‘लाइफ इनकम ऑप्शन’ (पेआउट पीरियड के दौरान रेगुलर गारंटीड इनकम)।

प्रीमियम भुगतान अवधि (PPT): पॉलिसीधारक अपनी सुविधा के अनुसार 6, 7, 8 या 10 साल के लिए प्रीमियम का भुगतान चुन सकते हैं।

न्यूनतम वार्षिक प्रीमियम: इस योजना का लाभ उठाने के लिए न्यूनतम सालाना प्रीमियम ₹50,000 तय किया गया है।

न्यूनतम सम एश्योर्ड: प्लान के तहत न्यूनतम बीमा राशि ₹5,50,000 है।

पेआउट फ्रीक्वेंसी: निवेशक अपनी जरूरत के हिसाब से इनकम का भुगतान सालाना, छमाही, तिमाही या मासिक आधार पर ले सकते हैं।

मैच्योरिटी और डेथ बेनिफिट्स

मैच्योरिटी बेनिफिट: पॉलिसी की अवधि पूरी होने पर, निवेशक को कुल चुकाए गए प्रीमियम का 110% हिस्सा रिफंड कर दिया जाता है।

डेथ बेनिफिट: पॉलिसी अवधि के दौरान पॉलिसीधारक की दुर्भाग्यपूर्ण मृत्यु होने पर नॉमिनी को एकमुश्त डेथ बेनिफिट मिलता है। इसके अलावा, गारंटीड इनकम विकल्प के तहत कमेंसमेंट के बाद भी पेआउट मिलने का प्रावधान जारी रह सकता है।

पॉलिसी लोन सुविधा: वित्तीय आपातकाल के समय पॉलिसीधारक सरेंडर वैल्यू जो कम से कम 2 साल के पूरे प्रीमियम भुगतान के बाद मिलती है उसके 50% तक का लोन ले सकते हैं।

ऑप्शनल राइडर्स: सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए इसमें एसबीआई लाइफ एक्सीडेंटल बेनिफिट राइडर (एक्सीडेंटल डेथ / आंशिक विकलांगता) और एसबीआई लाइफ वेवर ऑफ प्रीमियम राइडर जैसे विकल्प भी उपलब्ध हैं।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Muhurat Trading: क्या इस दिवाली भी दोपहर में होगी मुहूर्त ट्रेडिंग? ब्रोकर्स और अन्य मार्केट पार्टिसिपेंट्स ने स्टॉक एक्सचेंजों से की अपील

पिछले साल की तरह इस बार भी दिवाली पर ‘मुहूर्त ट्रेडिंग’ का आयोजन दिन के समय किया जाए। ऐसा अनुरोध स्टॉक ब्रोकरों और अन्य मार्केट पार्टिसिपेंट्स ने एक बार फिर स्टॉक एक्सचेंजों से किया है। ब्रोकरों ने ‘ब्रोकर्स इंडस्ट्री स्टैंडर्ड्स फोरम’ (BISF) के माध्यम से एक्सचेंजों को एक प्रस्ताव सौंपा है। पिछले साल दिवाली पर मुहूर्त ट्रेडिंग को शाम के पारंपरिक समय के बजाय दोपहर 1:45 बजे से 2:45 बजे के बीच आयोजित किया गया था। इससे पहले भी साल 2012 में एक बार मुहूर्त ट्रेडिंग सेशन दोपहर 3:45 बजे से शाम 5:00 बजे के बीच रखा गया था। ऐसा शुभ समय को देखते हुए किया गया था।

मनीकंट्रोल को ब्रोकरों से पता चला है कि इस साल 8 नवंबर को दिवाली पर शुभ मुहूर्त का समय दोपहर 1:47 बजे से 3:12 बजे के बीच है। उन्होंने दोपहर 2 बजे से 3 बजे के बीच ट्रेडिंग सत्र आयोजित करने का प्रस्ताव दिया है। भारतीय शेयर बाजारों में दिवाली पर मुहूर्त ट्रेडिंग की परंपरा कई सालों से चली आ रही है।

निवेशक इस विशेष सत्र में एक प्रतीकात्मक शुरुआत के तौर पर हिस्सा लेते हैं, जिसे हिंदू परंपरा में देवी लक्ष्मी की पूजा से जोड़कर देखा जाता है और यह धन-समृद्धि लाने का प्रतीक माना जाता है। यह सत्र विक्रम संवत कैलेंडर के अनुसार नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत का भी प्रतीक है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) ने 1957 में ‘मुहूर्त ट्रेडिंग’ की परंपरा शुरू की थी।

दोपहर 2:20 बजे से 3:20 बजे के बीच हो सकती है मुहूर्त ट्रेडिंग

आमतौर पर, ट्रेडिंग शेड्यूल और छुट्टियों को अंतिम रूप देने से पहले एक्सचेंज आपस में परामर्श करते हैं। इन चर्चाओं के पूरा होने के बाद ही मुहूर्त ट्रेडिंग के फाइनल शेड्यूल की घोषणा होने की उम्मीद है। सूत्रों के अनुसार, एक्सचेंज इस अनुरोध पर विचार कर रहे हैं। शुरुआती योजना के तहत, मुहूर्त ट्रेडिंग दोपहर 2:20 बजे से 3:20 बजे के बीच हो सकती है। इससे पहले दोपहर 1:50 बजे से 2:05 बजे तक ‘ब्लॉक डील विंडो’ और उसके बाद 2:05 बजे से 2:20 बजे तक ‘प्री-ओपनिंग सेशन’ हो सकता है। हालांकि, अभी तक कोई आधिकारिक सर्कुलर जारी नहीं किया गया है।

ब्रोकरों का तर्क है कि दोपहर में मुहूर्त ट्रेडिंग सत्र होने से ब्रोकरेज फर्मों, स्टॉक एक्सचेंजों, क्लियरिंग कॉरपोरेशंस, डिपॉजिटरीज, कस्टोडियंस, बैंकों और बाजार से जुड़े अन्य संस्थानों में काम करने वाले हजारों कर्मचारी अपना काम समय पर पूरा कर सकेंगे। इससे वे शाम के शुभ समय में अपने परिवारों के साथ दिवाली मना सकेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया है कि उनका उद्देश्य नियमों में कोई ढील मांगना नहीं है, बल्कि मार्केट प्रोफेशनल्स को अपने परिवारों के साथ त्योहार मनाने में मदद करना है। साथ ही यह सुनिश्चित करना है कि बाजार का कामकाज सुचारू रूप से चलता रहे।

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ANMI ने भी किया अनुरोध

‘एसोसिएशन ऑफ NSE मेंबर्स ऑफ इंडिया’ (ANMI) ने भी अलग से एक्सचेंजों से दोपहर में मुहूर्त ट्रेडिंग कराने के प्रस्ताव पर विचार करने का आग्रह किया है। उन्होंने इसके पीछे ‘परंपरा, समावेशिता और वर्क-लाइफ बैलेंस’ का तर्क दिया है। ANMI के नेशनल प्रेसिडेंट कमलेश श्रॉफ का कहना है, “इससे हमारी बाजार की पुरानी परंपरा भी बनी रहेगी और ब्रोकरों, कर्मचारियों व उनके परिवारों को देर शाम तक चलने वाले ट्रेडिंग सत्र के दबाव के बिना, साथ में दिवाली मनाने का मौका मिलेगा।”

ब्रोकरों ने ‘मुहूर्त ट्रेडिंग’ के बाद पूरी की जाने वाली अनुपालन (Compliance) जरूरतों का भी जिक्र किया है। उन्होंने सुझाव दिया है कि कुछ प्रक्रियाओं, जैसे कि सिक्योरिटीज के ‘अर्ली पे-इन’ और फंड एलोकेशन को अगले कारोबारी दिन पूरा करने की इजाजत दी जाए। अन्य सुझावों में इस स्थिति के कारण होने वाली ‘पीक मार्जिन’ की कमी पर लगने वाले जुर्माने को माफ करना, और ‘एंड-ऑफ-डे’ (EOD) एलोकेशन को अगले कारोबारी दिन सुबह 9 बजे से पहले पूरा करने की छूट देना शामिल है। मौजूदा शेड्यूल के कारण स्टॉक एक्सचेंज और क्लियरिंग कॉर्पोरेशन जैसी संस्थाओं के कर्मचारियों को अपने परिवारों के साथ त्योहार मनाने के लिए बहुत कम समय मिल पाता है।

अनुपालन की बढ़ती जरूरतों और रिपोर्टिंग की सख्त समय-सीमाओं के कारण, कर्मचारियों को अक्सर फंड एलोकेशन और सिक्योरिटीज के ‘अर्ली पे-इन’ जैसी पोस्ट-ट्रेड प्रक्रियाओं को पूरा करने के लिए देर तक रुकना पड़ता है। जब तक वे अपना काम खत्म करके घर पहुंचते हैं, तब तक दिवाली मनाने का आनंद खत्म हो चुका होता है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Salman Khan: टाइगर श्रॉफ पर हमले के बाद सलमान खान के घर के बाहर सुरक्षा बढ़ाई गई, सामने आया वीडियो

Salman Khan: रविवार शाम मुंबई में अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई गोलीबारी की घटना के बाद बांद्रा स्थित गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। IANS द्वारा शेयर किए गए एक वीडियो में सलमान खान के घर के बाहर बुलेटप्रूफ जैकेट पहने पुलिसकर्मी और अतिरिक्त पुलिस गाड़ियां देखी गईं। यह घटना तब हुई जब 18 अक्टूबर को शाम करीब 7 बजे, जुहू इलाके में एक फुटबॉल ग्राउंड से निकलते समय कुछ अज्ञात हमलावरों ने टाइगर श्रॉफ की गाड़ी पर गोलियां चला दीं।

बांद्रा में सलमान खान के घर के बाहर सुरक्षा बढ़ाई गई

NDTV के अनुसार, मुंबई पुलिस ने बांद्रा स्थित सलमान खान के गैलेक्सी अपार्टमेंट वाले घर के बाहर सुरक्षा कड़ी कर दी है। एहतियात के तौर पर, वे इस इलाके से गुजरने वाली हर गाड़ी की जांच कर रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक टाइगर श्रॉफ को सीधे गोली नहीं लगी, लेकिन उनके ड्राइवर और वहां मौजूद एक राहगीर को गोली लग गई। बताया जा रहा है कि घायल हुए दोनों लोग अब खतरे से बाहर हैं।

टाइगर श्रॉफ पर गोलीबारी का मामला- तीनों आरोपी गिरफ्तार

इस बीच एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (ATF) और राजस्थान पुलिस ने सोमवार को तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। 17, 18 और 22 साल के ये आरोपी मुंबई के जुहू इलाके में टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई गोलीबारी की घटना के बाद से फरार थे। इन आरोपियों को राजस्थान के कोटा रेलवे स्टेशन पर एक ट्रेन से पकड़ा गया, जब वे मुंबई से दिल्ली की ओर जा रहे थे।

ATF राजस्थान से मिली जानकारी के अनुसार जब ट्रेन कोटा रेलवे स्टेशन पहुंची तो तीनों आरोपियों को पकड़ लिया गया। बताया जा रहा है कि फायरिंग की घटना के बाद भागने की कोशिश में ये हमलावर वसई से ट्रेन में सवार हुए थे, लेकिन कोटा पुलिस ने उन्हें दबोच लिया।

बिश्नोई गैंग से जुड़े एक गैंगस्टर ने टाइगर श्रॉफ के मामले में हुई फायरिंग की जिम्मेदारी ली

इस घटना ने मुंबई की जानी-मानी फिल्मी हस्तियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट भी सामने आई है, जिसमें लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर इस हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया गया है। हालांकि PTI की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने अभी तक इस पोस्ट की सच्चाई की पुष्टि नहीं की है।

हमले के कुछ घंटों बाद अनिल पंडित नाम के एक गैंगस्टर की सोशल मीडिया पोस्ट सामने आई। जिम्मेदारी लेते हुए रिकॉर्डिंग में बोलने वाले व्यक्ति ने कहा- “मैं अनिल पंडित हूं, लॉरेंस बिश्नोई का छोटा भाई।” उसने आगे दावा किया- “आज मुंबई में टाइगर श्रॉफ के साथ जो हुआ, उसकी जिम्मेदारी मैं, अनिल पंडित और मेरा बड़ा भाई हरमन संधू लेते हैं।”

बोलने वाले व्यक्ति ने यह भी दावा किया कि टाइगर श्रॉफ को पहले ही चेतावनी दी गई थी। उसने कहा- “हमने उसे समझाया था, लेकिन वह नहीं समझा।”उस व्यक्ति ने कहा, “फिल्म इंडस्ट्री में जो कोई भी हमसे अलग होकर काम करेगा या सलमान खान के साथ मिलकर काम करेगा, हम उसे मार डालेंगे। यह पहली और आखिरी चेतावनी है।”

इस ऑडियो की सच्चाई और इसमें सुनाई दे रही आवाज़ किसकी है, इसकी अभी तक स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। इससे पहले 14 अप्रैल 2024 को गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर हुई एक और फायरिंग की घटना के बाद सलमान खान की सुरक्षा को लेकर चिंताएं सामने आई थीं। उस घटना में मोटरसाइकिल पर आए दो हमलावरों ने उनके घर के बाहर कई राउंड फायरिंग की थी। इसके बाद पुलिस ने लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े होने के शक में जांच की थी। उस हमले के बाद सलमान खान के घर पर सुरक्षा के इंतजाम और कड़े कर दिए गए थे।