Share Market Fall: 15 साल में सबसे लंबी गिरावट, Sensex लाल, 5 वजहों से Nifty आया 22500 के पास

Share Market Crash: बॉन्ड यील्ड में उछाल का दबाव ढीला नहीं हो पा रहा। आज सेंसेक्स की वीकली एक्सपायरी के दिन मार्केट में बिकवाली का दबाव दिखा। इस महीने के पहले और इस हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन आज सेंसेक्स 293 प्वाइंट्स टूट गया तो निफ्टी भी फिसलकर 22500 के करीब आ गया। ब्रोडर लेवल पर भी बिकवाली का दबाव है और निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 लाल हैं।

अब घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें फिलहाल 10:23 AM पर सेंसेक्स (Sensex) 72.33 प्वाइंट्स यानी 0.10% की गिरावट के साथ 72,407.96 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 57.45 प्वाइंट्स यानी 0.25% की फिसलन के साथ 22,563.00 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 292.67 प्वाइंट्स टूटकर 72,187.62 और निफ्टी 112.40 गिरकर 22,508.05 तक आ गया था।

Share Market Crash: ये है वजह

मजबूत बॉन्ड यील्ड

10-साल के अमेरिकी ट्रेजरी की यील्ड 5% के पार बनी हुई है, जिससे मार्केट पर दबाव भी बना हुआ है।

FIIs की तेज बिकवाली

बॉन्ड यील्ड की मजबूती और जियो-पॉलिटिकल अस्थिरता पर विदेशी निवेशकों ने बुधवार 30 सितंबर को भी भारतीय इक्विटी मार्केट में तेज बिकवाली की और ₹10,148.41 करोड़ के शेयरों की नेट बिक्री की जिससे मार्केट पर दबाव पड़ा है। इस बिकवाली के साथ लगातार पांच कारोबारी दिनों में विदेशी निवेशकों यानी एफआईआई ने ₹34,203.14 करोड़ भारतीय शेयर बाजार से निकाल लिए।

ऑटो सेक्टर का भारी दबाव

सितंबर महीने की बिक्री के आंकड़े आने से पहले ऑटो सेक्टर के शेयरों में बिकवाली का तेज दबाव दिखा और इसका निफ्टी इंडेक्स 2% से अधिक टूट गया। निफ्टी मेटल भी करीब 1% कमजोर है। वहीं दूसरी तरफ आईटी और बैंकिंग शेयर मार्केट को ऊपर खींचने की कोशिश कर रहे। निफ्टी आईटी डेढ़ फीसदी से अधिक तो निफ्टी प्राइवेट बैंक 1% मजबूत है। निफ्टी पीएसयू बैंक में भी करीब आधे फीसदी की बढ़त है।

India VIX में नरमी

मार्केट की घबराहट को मापने वाले वोलैटिलिटी इंडेक्स India VIX में उछाल से मार्केट पर दबाव बना है। फिलहाल यह 0.94% की तेजी के साथ 13.62 पर है। इसके अधिक होने का मतलब शॉर्ट टर्म में वोलैटिलिटी बढ़ने की आशंका और कम होने का मतलब शॉर्ट टर्म में उठा-पटक कम होने की संभावना है।

Sensex की एक्सपायरी

आज सेंसेक्स के डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स की वीकली एक्सपायरी है, जिसका मार्केट पर असर दिख रहा है। एक्सपायरी का मतलब 1 अक्टूबर को एक्सपायर होने वाले F&O (फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस) को आज स्क्वॉयर ऑफ करना है।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Sensex-Nifty Recovery: इस लेवल से वापस घूमा मार्केट, 460 प्वाइंट्स चढ़ा सेंसेक्स, 4 वजहों से निफ्टी ग्रीन

Share Market Recovery: निचले स्तर पर खरीदारी यानी वैल्यू बाइंग के दम पर सेंसेक्स और निफ्टी ने निचले स्तर पर अच्छी रिकवरी की। निचले स्तर से सेंसेक्स 460.00 प्वाइंट्स रिकवर हुआ तो निफ्टी भी 22750 के पार पहुंच गया। ब्रोडर लेवल पर भी रौनक छाई हुई है और स्मॉलकैप स्पेस में अधिक। निफ्टी स्मॉलकैप 100 में करीब आधे फीसदी की बढ़त है तो निफ्टी मिडकैप 100 भी ग्रीन है। अब इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्स की बात करें फिलहाल 12:03 PM पर सेंसेक्स (Sensex) 317.24 प्वाइंट्स यानी 0.44% की बढ़त के साथ 72846.31 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 30.25 प्वाइंट्स यानी 0.13% की मजबूती के साथ 22746.45 पर है।

इंट्रा-डे में सेंसेक्स 89.02 प्वाइंट्स टूटकर 72,440.05 तक आया जिससे यू-टर्न लेकर यह 459.59 प्वाइंट्स ऊपर चढ़ा और 72,899.64 तक पहुंच गया तो दूसरी तरफ 56.40 टूटकर 22,659.80 तक आने के बाद निफ्टी 112.00 प्वाइट्स रिकवर हुआ और 22,771.80 तक पहुंचा।

Sensex-Nifty Recovery: ये है वजह

वैल्यू बाइंग

निचले स्तर पर खरीदारी यानी वैल्यू बाइंग से मार्केट को सपोर्ट मिला।

India VIX में नरमी

मार्केट की घबराहट को मापने वाले वोलैटिलिटी इंडेक्स India VIX की नरमी से मार्केट पाने की कोशिश कर रहा है। फिलहाल यह 0.76% की गिरावट के साथ 13.31 पर है। इसके अधिक होने का मतलब शॉर्ट टर्म में वोलैटिलिटी बढ़ने की आशंका और कम होने का मतलब शॉर्ट टर्म में उठा-पटक कम होने की संभावना है।

बैंकिंग और आईटी स्टॉक्स का मजबूत सपोर्ट

फार्मा और मेटल स्टॉक्स मार्केट को तोड़ने की कोशिश में हैं लेकिन बैंकिंग और आईटी शेयर इसे संभालने की कोशिश में हैं। निफ्टी फार्मा में डेढ़ फीसदी से अधिक कमजोरी है और निफ्टी मेटल भी करीब 1% टूटा है तो दूसरी तरफ सरकारी और प्राइवेट बैंकों के साथ-साथ आईटी सेक्टर के निफ्टी इंडेक्स 1-1% से अधिक मजबूत दिख रहे हैं।

तकनीकी वजह

एनालिस्ट्स के मुताबिक आगे और बेयरेश सेंटिमेंट तभी दिखेगा, जब निफ्टी 22,650 के नीचे आता है। कोटक सिक्योरिटीज के इक्विटी रिसर्च हेड श्रीकांत चौहान का कहना है कि मार्केट का शॉर्ट-टर्म रुझान कमजोर बना हुआ है लेकिन पुलबैक रैली की भी संभावना बनी हुई है। श्रीकांत के मुताबिक डे-ट्रेडर्स के लिए 22,600/72,200 एक अहम सपोर्ट जोन बना हुआ है। इस लेवल के ऊपर बने रहने से निफ्टी 22,850–23,000 और सेंसेक्स 73,000–73,500 की तरफ बढ़ सकता है। हालांकि अगर सपोर्ट जोन टूटा तो बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है और इंडेक्स 22,500–22,300/72,000–71,400 की तरफ खिसक सकते हैं। इसका मतलब हुआ कि मार्केट में उठा-पटक की संभावना बनी हुई है।

बजाज ब्रोकिंग के डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट (रिसर्च) पबित्रो मुखर्जी का कहना है कि मार्केट की कमजोरी बनी रहती है तो यह 22,400 के अहम सपोर्ट एरिया की तरफ फिसल सकता है। यह एरिया पिछले दो वर्षों के अहम निचले स्तरों को जोड़ने वाली ट्रेंडलाइन सपोर्ट और 200-हफ्ते के EMA को जोड़ने वाला प्वाइंट है। उनका कहना है कि 22,830 के ऊपर जाने पर 23,000 के लेवल की तरफ पुलबैक का संकेत मिलेगा। हालांकि इसके लिए जरूरी होगा कि निफ्टी लगातार हायर हाई-हायर लो स्ट्रक्चर बनाना होगा और 23,000-23,100 का लेवल फिर से हासिल करना होगा। अगर यह 23,100 के ऊपर लगातार बना रहा तो गिरावट थमने का संकेत मिल सकता है। उनका कहना है कि डेली स्टॉकेस्टिक 13 पर आ गया है जोकि ओवरसोल्ड टेरिटरी में है यानी कि तेज रिकवरी की सभावना बनी हुई है।

चॉइस ब्रोकिंग प्राइवेट लिमिटेड के टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट हितेश टेलर का कहना है कि हालिया गिरावट के बाद अहम टेक्निकल लेवल पर खरीदारी के दम पर सेंसेक्स और निफ्टी ऊपर आ सकता है। हालांकि FIIs यानी विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली चिंता की बात बनी हुई है और इससे रिकवरी सीमित हो सकती है। निफ्टी और बैंक निफ्टी के अहम सपोर्ट जोन के करीब होने के कारण इंट्रा-डे प्राइस एक्शन सतर्कता के साथ एक दायरे में रह सकता है।

स्टॉक मार्केट में आज की लाइव हलचल के लिए यहां जुड़ें

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stocks to Watch: 9 लिस्टिंग्स समेत 28 स्टॉक्स फोकस में; Tata Steel, JSW Cement और KSB हैं लिस्ट में

Stocks to Watch: एशियाई बाजारों से मिले-जुले रुझानों के बीच गिफ्ट निफ्टी से आज घरेलू स्टॉक मार्केट में फ्लैट शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी फिलहाल 16.00 प्वाइंट्स यानी 0.07% की गिरावट के साथ 22,814.00 पर है। एक कारोबारी दिन पहले 29 सितंबर को निफ्टी और बैंक निफ्टी एक्सपायरी के दिन सेंसेक्स (Sensex) 242.65 प्वाइंट्स यानी 0.33% की गिरावट के साथ 72,529.07 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 64.05 प्वाइंट्स यानी 0.28% की फिसलन के साथ 22,716.20 पर बंद हुआ था। अब आज इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो अपनी खास कॉरपोरेट एक्टिविटीज के चलते कुछ स्टॉक्स में तेज हलचल दिख सकती है। यहां इन शेयरों के बारे में डिटेल्स दी जा रही है।

Stocks to Watch: आज इन स्टॉक्स पर फोकस

Avalon Technologies

सीएनबीसी-टीवी18 को सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक प्रमोटर ग्रुप भास्कर श्रीनिवासन, BBS फैमिली ट्रस्ट और KBS फैमिली ट्रस्ट ब्लॉक डील के जरिए एवलॉन टेक्नोलॉजीज में 6% तक की हिस्सेदारी बेच सकते हैं। ₹861.9 करोड़ के इस ऑफर के तहत ₹2,150–₹2,302 के भाव में शेयरों की बिक्री हो सकती है।

Power Mech Projects

पावर मेक प्रोजेक्ट्स को अदाणी ग्रुप के 2×600 MW मॉक्सी पावर जेनरेशन तूतीकोरिन TPP में ₹549.37 करोड़ का O&M (ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस) सर्विस ऑर्डर मिला है।

Ganesh Benzoplast

गणेश बेंजोप्लास्ट ने अपने लिक्विड स्टोरेज टैंक और रेलवे नेटवर्क बिजनेस को सिस्टर्निना लॉजिस्टिक्स को ₹1,154 करोड़ में बेचने के लिए डेफिनिटिव एग्रीमेंट किए हैं।

KSB

केएसबी को डैनगोट प्रोजेक्ट्स फ्री जोन एंटरप्राइज से बॉयलर फीड पंप पैकेज की सप्लाई के लिए ₹118 करोड़ तक का बड़ा एक्सपोर्ट ऑर्डर मिला है। इससे इंटरनेशनल फर्टिलाइजर और एनर्जी सेक्टर में कंपनी की मौजूदगी और मजबूत होगी।

ArisInfra Solutions

एरिसइंफ्रा की सब्सिडियरी एरिसयूनिटर्न आरई सॉल्यूशंस को मुंबई के कलिना में एक रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट ट्रांसकॉन यूनो को DaaS सर्विसेज देने का ऑर्डर मिला है। कंपनी की यह ऑर्डर ट्रांसकॉन ग्रुप की एक एसपीवी (स्पेशल पर्पज वेईकल) ट्रांसकॉन बेलावियू प्राइवेट लिमिटेड से मिला है। इसकी अनुमानित ग्रास डेवलपमेंट वैल्यू ₹400 करोड़ है।

Endurance Technologies

एंड्योरेंस टेक की इटैलियन सब्सिडियरी एंड्योरेंस ओवरसीज ने स्टोफर्ले की एंटिटीज स्टोफर्ले ऑटोमोटिव और स्टोफर्ले में बची हुई 32% हिस्सेदारी 1.8 करोड़ यूरो में खरीदने के लिए शेयर पर्चेज एग्रीमेंट में बदलाव किया है।

NLC India

एनएलसी इंडिया ने नालको के साथ-साथ आधी-आधी हिस्सेदारी के साथ एक ज्वाइंट वेंचर बनाने का ऐलान किया है। इसका उद्देश्य नालको की कैप्टिव पावर की जरूरतों को पूरा करने के लिए चरणबद्ध तरीके से 270-270 मेगावाट के चार यानी 1080 मेगावाट के थर्मल कैप्टिव पावर प्लांट बनाना है और साथ ही इसकी रिन्यूएबल एनर्जी की जरूरतों के लिए लॉन्ग-टर्म PPA (पावर पर्चेज एग्रीमेंट) के विकल्पों पर विचार करना है।

Prestige Estates Projects

प्रेस्टिज एस्टेट प्रोजेक्ट्स ने हैदराबाद में दो रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट पूरे किए हैं और 1,047 घरों की डिलीवरी कर दी है। इनमें प्रेस्टिज क्लेयरमोंट में 928 घर और बेलाजियो में 119 विला शामिल हैं। वहीं कनाडा पेंशन प्लान इंवेस्टमेंट बोर्ड (CPP इंवेस्टमेंट्स) ने प्रेस्टिज हॉस्पिटैलिटी वेंचर्स ने ₹3 हजार करोड़ के निवेश का ऐलान किया है, जिससे कंपनी में इसकी करीब 27% हिस्सेदारी हो जाएगी।

STL Networks

रेलटेल के ₹249.8 करोड़ के ऑर्डर के लिए एसटीएळ नेटवर्क्स ने सबसे कम बोली लगाई है। इसमें रेलटेल के डेटा सेंटर और डिजास्टर रिकवरी साइट पर क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर सॉल्यूशन लगाने का काम है।

JSW Cement

बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर्स ने शिवा सीमेंट को जेएसडब्ल्यू सीमेंट में मिलाने की योजना को मंज़ूरी दे दी है।

Tata Steel

टाटा स्टील ने टी स्टील होल्डिंग्स के 393.51 करोड़ इक्विटी शेयर $34 करोड़ (₹3,260.32 करोड़) में खरीदे हैं।

Axiscades Technologies

जून 2026 तक एक्सिसकेड्स में जुपिटर कैपिटल की 58.03% थी। इसमें से 10.69% हिस्सेदारी यानी 45.48 लाख शेयर जुपिटर कैपिटल ने मंगलवार को ₹829.72 करोड़ में चार इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स को प्रति शेयर ₹1,824 के भाव पर बेच दिए। इसमें से 12.88 लाख शेयर (3.03% होल्डिंग) एबेकस एसेट मैनेजर ने, 20.83 लाख शेयर (4.89% हिस्सेदारी) कोटक महिंद्रा म्यूचुअल फंड ने ₹380 करोड़ में, 3 लाख शेयर ₹54.72 करोड़ में वनजा सुंदर ने और 8.77 लाख शेयर ₹160 करोड़ में स्वधा इंडिया इमर्जिंग अपॉर्चुनिटीज स्कीम 1 ने खरीदे।

Cube Highways Trust

अबू धाबी के सॉवरेन वेल्थ फंड मुबाडाला इन्वेस्टमेंट कंपनी की मालिकाना हक वाली सेवेंटी सेकंड इन्वेस्टमेंट कंपनी LLC ने क्यूब हाईवेज ट्रस्ट के 4.49 करोड़ यूनिट (3.34% हिस्सेदारी) ₹689.46 करोड़ में बेच दी। जून 2026 तक इसकी कंपनी में 6% हिस्सेदारी थी। इसने जो यूनिट बेचे हैं, वह नौ निवेशकों को प्रति यूनिट ₹153.30 के भाव पर बेचे गए हैं। एलएंडटी ने ₹150 करोड़ में 97.84 लाख यूनिट और कोटक महिंद्रा लाइफ इंश्योरेंस कंपनी ने ₹40 करोड़ में 26.09 लाख यूनिट के अलावा बिड़ला म्यूचुअल फंड, HSBC म्यूचुअल फंड, कोटक महिंद्रा म्यूचुअल फंड और मैक्स न्यूयॉर्क लाइफ इंश्योरेंस में से हर एक ने ₹40 करोड़ में 26.09 लाख यूनिट खरीदी हैं। इसके अलावा HDFC स्टैंडर्ड लाइफ इंश्योरेंस और ICICI प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस कंपनी ने ₹104.73 करोड़ में 68.31 लाख यूनिट्स तो व्हाइट ओक कैपिटल म्यूचुअल फंड ने ₹130 करोड़ में 84.8 लाख यूनिट्स खरीदी हैं।

Honasa Consumer

सिकोइया कैपिटल ग्लोबल ग्रोथ फंड III-US/इंडिया एनेक्स फंड LP ने होनासा कंज्यूमर के 25.02 लाख शेयर (0.76% होल्डिंग) ₹450 के भाव पर ₹112.6 करोड़ तो पीक XV पार्टनर्स इन्वेस्टमेंट्स VI ने ₹1.07 करोड़ शेयर (3.3% हिस्सेदारी) ₹450.22 के भाव पर ₹484.23 करोड़ में बेचे। जून 2026 तक होनासा कंज्यूमर में सिकोइया कैपिटल ग्लोबल फंड की हिस्सेदारी 3.44% और पीक XV पार्टनर्स की 14.8% थी। वहीं दूसरी तरफ ICICI प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस कंपनी ने ₹80 करोड़ में होनासा कंज्यूमर के अतिरिक्त 17.77 लाख शेयर, फ्रैंकलिन टेम्पलटन म्यूचुअल फंड ने प्रति शेयर ₹450 के भाव पर ₹150 करोड़ में अतिरिक्त 33.33 लाख शेयर खरीदे। जून 2026 तक ICICI प्रूडेंशियल लाइफ की कंपनी में 6.26% और फ्रैंकलिन टेम्पलटन म्यूचुअल फंड की 1.22% हिस्सेदारी थी।

BSE

गोल्डमैन सैक्स इन्वेस्टमेंट्स मॉरीशस I ने बीएसई के 23.81 लाख शेयर ₹3,200 के भाव पर ₹762.1 करोड़ में तो बीएनपी पारिबास फाइनेंशियल मार्केट्स ने 44.51 लाख शेयर ₹3,199.54 के भाव पर ₹1,424.33 करोड़ में बेचे। इन दोनों सौदों से कुल मिलाकर 1.67% हिस्सेदारी ₹2,186.4 करोड़ में बिकी। वहीं दूसरी तरफ यूटीआई म्यूचुअल फंड ने बीएसई के 27.12 लाख शेयर ₹868.14 करोड़ में और निप्पॉन इंडिया म्यूचुअल फंड ने 25.29 लाख अतिरिक्त शेयर ₹809.45 करोड़ में खरीदे। इन दोनों ने कुल मिलाकर 1.28% हिस्सेदारी ₹1,677.6 करोड़ में प्रति शेयर ₹3,200 के भाव पर खरीदी।

360 ONE WAM

द रीजेंट्स ऑफ द यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया-स्टेट स्ट्रीट ग्लोबल एडवाइजर्स ने 360 वन डब्ल्यूएएम के 36.33 लाख शेयर (0.89% हिस्सेदारी) ₹374.3 करोड़ में प्रति शेयर ₹1030.08 के भाव पर बेचे। जून 2026 तक कंपनी में इसकी हिस्सेदारी 1.87% थी।

Capital Small Finance Bank

ओमान इंडिया जॉइंट इन्वेस्टमेंट फंड II ने कैपिटल स्मॉल फाइनेंस बैंक के 11.02 लाख शेयर (2.42% हिस्सेदारी) ₹30.86 करोड़ में बेचे, तो फिडेलिटी इंस्टीट्यूशनल फंड्स ICVC-इमर्जिंग मार्केट्स फंड ने लगभग इतने ही शेयर खरीद लिए। इनकी खरीद-बिक्री प्रति शेयर ₹280 के भाव पर हुई। जून 2026 तक ओमान इंडिया जॉइंट इन्वेस्टमेंट फंड की इस स्मॉल फाइनेंस बैंक में 2.52% हिस्सेदारी थी।

Kajaria Ceramics

प्रमोटर एंटिटी चेतन कजारिया फैमिली प्राइवेट ट्रस्ट ने कजारिया सिरेमिक्स के 18 लाख शेयर (1.13% हिस्सेदारी) ₹214.2 करोड़ में प्रति शेयर ₹1,190.01 के भाव पर बेच दिए। वहीं पुणे की सेजवन इन्वेस्टमेंट मैनेजर्स एलएलपी ने कजारिया सिरेमिक्स के 10.5 लाख शेयर (0.65% हिस्सेदारी) ₹124.95 करोड़ में प्रति शेयर ₹1,190 के भाव पर खरीदे।

Centum Electronics

मोतीलाल ओसवाल म्यूचुअल फंड ने सेंटम इलेक्ट्रॉनिक्स के 1.04 लाख शेयर (0.7% हिस्सेदारी) ₹51.52 करोड़ में प्रति शेयर ₹4,928.89 के भाव पर खरीदे।

Elevate Campuses, ArMee Infotech, Swastika Infra, Adroit Industries (India)

आज एलीवेट कैंपसेज, एर्मी इंफोटेक, स्वास्तिक इंफ्रा और एड्रायट इंडस्ट्रीज के शेयरों की बीएसई और एनएसई पर एंट्री होगी।

Pooja Logistics, Coreintegra Consulting Services, Liqvd Digital India, S K Offset, Unitec Fibres

पूजा लॉजिस्टिक्स और कोरइंटीग्रा कंसल्टिंग सर्विसेज के शेयर आज एनएसई एसएमई पर लिस्ट होंगे तो लिकवीडी डिजिटल इंडिया, एसके ऑफसेट और यूनीटेक फाइबर्स के शेयर बीएसई एसएमई पर लिस्ट होंगे।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Nifty Outlook: सितंबर में 1600 अंक से ज्यादा टूटा निफ्टी, क्या अब 22600 का अहम लेवल बचेगा?

Nifty Outlook: सितंबर एक्सपायरी के दिन शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव रहा। Nifty50 मंगलवार को 64 अंक गिरकर 22,716 पर बंद हुआ। पूरे सितंबर में इंडेक्स 1,600 अंक से ज्यादा यानी करीब 6.5% टूट चुका है।

मंगलवार को Nifty की शुरुआत गैप-डाउन हुई। शुरुआती कारोबार में बिकवाली तेज रही और इंडेक्स काफी नीचे चला गया। हालांकि, दिन के निचले स्तर से रिकवरी आई और Nifty ने शुरुआती नुकसान का बड़ा हिस्सा कम कर लिया।

एक्सपायरी के चलते बाजार में उतार-चढ़ाव ज्यादा रहा। आखिर में Nifty 0.28% की गिरावट के साथ 22,716 पर बंद हुआ। सेक्टरों की बात करें तो IT, Realty और FMCG में गिरावट जारी रही। हालांकि, मेटल और फार्मा शेयरों में खरीदारी देखने को मिली।

200-वीक मूविंग एवरेज तक पहुंचा निफ्टी

गिरावट के साथ Nifty अपने 200-वीक मूविंग एवरेज के करीब पहुंच गया है। यह लेवल अभी करीब 22,600 है। कोविड के समय बाजार में आई बड़ी गिरावट के बाद पहली बार Nifty इस लंबे समय के टेक्निकल सपोर्ट तक पहुंचा है।

यही वजह है कि अब 30 सितंबर को 22,600 का स्तर बाजार के लिए काफी अहम माना जा रहा है। इसके आसपास इंडेक्स का अगला रुख तय हो सकता है।

मिडकैप और स्मॉलकैप में भी दबाव

बड़े शेयरों के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयर भी दबाव में रहे। Nifty Midcap 100 इंडेक्स 0.99% गिरा। वहीं Nifty Smallcap 100 में 0.81% की गिरावट आई।

बाजार में कमजोरी का असर अब सिर्फ बड़े शेयरों तक सीमित नहीं है। व्यापक बाजार में भी बिकवाली का दबाव दिख रहा है।

लगातार आठवें हफ्ते बाजार गिरा

हाल की गिरावट के बाद भारतीय शेयर बाजार छह महीने के निचले स्तर पर पहुंच गया है। Nifty में करीब 6.8% की गिरावट दर्ज हुई है। इसके साथ ही इंडेक्स लगातार आठवें हफ्ते गिरा है।

2020 के बाद यह Nifty की सबसे लंबी साप्ताहिक गिरावट है। हालांकि, घरेलू अर्थव्यवस्था से जुड़े कुछ आंकड़े अभी राहत दे रहे हैं।

इकोनॉमी से मिले कुछ अच्छे संकेत

अगस्त में भारत की इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन ग्रोथ 8% रही। यह दो महीने में सबसे तेज बढ़त है। कंज्यूमर ड्यूरेबल्स की मांग में भी सुधार के संकेत मिले हैं। इससे शहरी इलाकों में लोगों के खर्च में सुधार की उम्मीद बढ़ी है। GDP ग्रोथ भी बाजार के लिए एक सपोर्टिव फैक्टर बनी हुई है।

कच्चे तेल की कीमत, रुपये की चाल और ग्लोबल बॉन्ड यील्ड भी महत्वपूर्ण रहेंगी। होर्मुज स्ट्रेट से जुड़े घटनाक्रम पर अमेरिका की प्रतिक्रिया भी बाजार के लिए अहम होगी।

22,550 के नीचे गिरावट पर दबाव

HDFC Securities के नागराज शेट्टी के मुताबिक निफ्टी का ट्रेंड अभी कमजोर है। उनका कहना है कि 22,900 से 23,000 के बीच आने वाली तेजी ज्यादा टिक नहीं सकती। इस स्तर पर बिकवाली देखने को मिल सकती है।

उनके मुताबिक, अगर निफ्टी 22,550 के नीचे जाता है तो 22,200 तक गिरावट बढ़ सकती है।

22,570-22,550 का जोन अहम

SBI Securities के सुदीप शाह के मुताबिक 22,570 से 22,550 का जोन Nifty के लिए तत्काल सपोर्ट है। इसके नीचे गिरावट आने पर 22,400 तक दबाव बढ़ सकता है।

ऊपर की तरफ 22,900 से 22,930 का स्तर अहम रेजिस्टेंस रहेगा। अगर Nifty इस रेंज के ऊपर टिकता है तो रिकवरी 23,050 तक जा सकती है।

22,600 के ऊपर टिकना जरूरी

LKP Securities के रूपक डे के मुताबिक 22,600 के नीचे निर्णायक गिरावट आने पर बिकवाली तेज हो सकती है। वहीं, अगर Nifty इस स्तर के ऊपर बना रहता है तो रिकवरी की गुंजाइश रहेगी।

उनके मुताबिक 22,600 फिलहाल अहम सपोर्ट है। वहीं 22,800 तत्काल रेजिस्टेंस का काम कर सकता है।

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Varmora IPO Listing: जीरो GMP के बाद 4% का लिस्टिंग गेन, ढहते मार्केट में चमका ₹148 का टाइल शेयर

Varmora Granito IPO Listing: प्रीमियम टाइल कंपनी वरमोरा ग्रेनिटो के शेयरों की आज घरेलू मार्केट में प्रीमियम एंट्री हुई। इसके आईपीओ को निवेशकों का मिला-जुला रिस्पांस मिला था और हर कैटेगरी के लिए आरक्षित हिस्सा पूरा भर नहीं पाया था। आईपीओ के तहत ₹148 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE पर इसकी ₹152.00 और NSE पर ₹155.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 4% से अधिक तक का लिस्टिंग गेन (Varmora Listing Gain) मिला। लिस्टिंग के बाद शेयर और ऊपर चढ़े। उछलकर BSE पर यह ₹159.35 (Varmora Share Price) के अपर सर्किट पर पहुंच गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 7.67% मुनाफे में हैं। मार्केट में माहौल की बात करें तो शुरुआती कारोबार में आज हाहाकार मच गया और सेंसेक्स (Sensex) और निफ्टी 50 (Nifty 50) आधे-आधे फीसदी से अधिक टूट गए।

Varmora Granito IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

वरमोरा ग्रेनिटो का ₹708 करोड़ का आईपीओ 22-24 सितंबर तक खुला था। इसे निवेशकों का मिला-जुला रिस्पांस मिला और ओवरऑल यह 1.60 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 3.10 गुना, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 0.94 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 1.02 गुना भरा था।

इस आईपीओ के तहत ₹320 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा ₹2 की फेस वैल्यू वाले ₹388 करोड़ के 2,62,17,634 शेयरों की ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिक्री हुई है। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹245.00 करोड़ कंपनी और इसकी सब्सिडियरीज का कर्ज हल्का करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

Varmora Granito के बारे में

वरमोरा ग्रेनिटो सेरामिक और विट्रीफाइड टाइल बनाती है। इसके प्रोडक्ट्स में ग्लेज्ड विट्रीफाइड टाइल्स (GVT), पॉलिश्ड विट्रीफाइड टाइल्स (PVT) और सेरामिक टाइल्स हैं। इसका फोकस प्रीमियम, टेक-ड्रिवेन टाइल्स पर बढ़ा है और वित्त वर्ष 2026 के रेवेन्यू में जीवीटी और टेक्निकल टाइल्स की हिस्सेदारी लगभग 84% थी।

कंपनी सिर्फ बाहर से टाइल्स खरीदकर नहीं बेच रही है बल्कि इसका बड़ा हिस्सा खुद यह बनाती है। इसके पास आठ मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटीज हैं, जिसकी वित्त वर्ष 2026 के रेवेन्यू में 81.72% हिस्सेदारी है। कंपनी ने इनोवेटिव और प्रीमियम टाइल्स को लेकर इटली की SACMI के साथ तकनीकी साझेदारी की है और IST (इंटीग्रेटेड स्टोन टेक्नोलॉजी) को अपनाया है। इसके डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क में 305 एक्स्लूसिव ब्रांड आउटलेट्स और 2758 मल्टी-ब्रांड आउटलेट्स हैं। यह भारत के साथ-साथ विदेशी में भी बिक्री करती है और बिल्डर्स, कॉन्ट्रैक्टर्स और डेवलपर्स को बी2बी सेल्स करती है। साथ ही यह सरकारी संस्थाओं को भी अपने माल बेचती है।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो वित्त वर्ष 2024 में ₹44.94 करोड़ और वित्त वर्ष 2025 में ₹30.77 करोड़ से इसका शुद्ध मुनाफा वित्त वर्ष 2026 में ₹55.09 करोड़ पर पहुंच गया। हालांकि इस दौरान कंपनी की टोटल इनकम लगातार बढ़ी और सालाना 3% की रफ्तार यानी सीएजीआर से बढ़कर ₹1,562.53 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹357.95 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹765.70 करोड़ पड़े थे।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Hero Motors Share Price: 10% के लोअर सर्किट पर शेयर, लेकिन लिस्टिंग प्राइस से अब भी यह 56% ऊपर

Hero Motors Share Price: फीके लिस्टिंग के बाद से लगातार तीन दिनों तक ऊपर चढ़ने के बाद हीरो मोटर्स के शेयर आज 28 सितंबर को धड़ाम हो गए। टूटकर यह लोअर सर्किट पर आ गया यानी कि मार्केट में इसके शेयरों का कोई खरीदार नहीं बचा। हालांकि फिर इसने रिकवरी की लेकिन अब भी यह काफी कमजोर है। लगातार तीन दिनों में आईपीओ प्राइस से करीब 69% मजबूत होने के बाद आज कमजोर मार्केट सेंटिमेंट में मुनाफावसूली के चलते यह 10% के लोअर सर्किट ₹127.67 पर आ गया, जोकि आईपीओ प्राइस से 52% ऊपर है। निचले स्तर पर खरीदारी के साथ फिलहाल बीएसई पर यह 6.15% की गिरावट के साथ ₹133.12 पर है। मार्केट में माहौल की बात करें तो घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज सेंसेक्स (Sensex) और निफ्टी 50 (Nifty 50) आज 1-1% से अधिक नीचे आए।

अब तक कैसी रही हीरो मोटर्स के शेयरों की चाल

हीरो मोटर्स के ₹1000 करोड़ के आईपीओ के तहत आईपीओ निवेशकों को ₹84 के भाव पर शेयर जारी हुए थे, जिसकी पिछले हफ्ते 23 सितंबर, 2026 को 2% डिस्काउंट पर एंट्री हुई थी। हालांकि फिर इसने रिकवरी की और लगातार तीन कारोबारी दिनों में यह करीब 69% मजबूत हुआ। इसके बाद आज जब मार्केट खुला तो शेयरों की चाल ही पलट गई और टूटकर यह लोअर सर्किट पर आ गया। हालांकि यह लोअर सर्किट भी आईपीओ प्राइस से 52% और लिस्टिंग प्राइस से 56% प्रीमियम पर रहा।

Hero Motors IPO को कैसा मिला था रिस्पांस

ऑटो कंपोनेंट्स और एडवांस्ड मोबिलिटी मैन्युफैक्चरर हीरो मोटर्स ₹1000 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 16-18 सितंबर तक खुला था जो ओवरऑल 7.01 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इस आईपीओ के तहत ₹600 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं और बाकी ₹400 करोड़ के शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिके हैं, जिसे प्रमोटर्स- ओपी मुंजाल होल्डिंग्स और हीरो साइकिल्स ने बेचे थे। कंपनी के सेहत की बात करें तो पिछले तीन वित्त वर्षों यानी FY2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना 55% और टोटल इनकम 6% की रफ्तार से बढ़ा है।

NSE का शेयर टूटकर आया आईपीओ प्राइस के नीचे, खरीदारी का मौका या फटाफट बेच डालें होल्डिंग?

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stocks to Watch: सात हफ्ते टूटकर संभलेगा मार्केट! आज 3 लिस्टिंग्स और Fortis समेत 11 शेयर फोकस में

Stocks to Watch: एशियाई बाजारों से मिले-जुले रुझानों के बीच गिफ्ट निफ्टी से आज 28 सितंबर को घरेलू स्टॉक मार्केट में लाल शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी फिलहाल 76.00 प्वाइंट्स यानी 0.33% की गिरावट के साथ 23,112.00 पर है। एक कारोबारी दिन पहले 25 सितंबर को सेंसेक्स (Sensex) 315.20 प्वाइंट्स यानी 0.43% की बढ़त के साथ 73,895.74 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 77.40 प्वाइंट्स यानी 0.34% की तेजी के साथ 23,140.50 पर बंद हुआ था। अब आज इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो अपनी खास कॉरपोरेट एक्टिविटीज के चलते कुछ स्टॉक्स में तेज हलचल दिख सकती है। यहां इन शेयरों के बारे में डिटेल्स दी जा रही है।

Stocks to Watch: आज इन स्टॉक्स पर फोकस

Clean Max Enviro Energy Solutions

सीएनबीसी-टीवी18 की सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट के मुताबिक ऑगमेंट इंडिया I होल्डिंग्स एलएलसी क्लीन मैक्स एंवायरों एनर्जी सॉल्यूशंस के 85 लाख शेयर (7.25% हिस्सेदारी) बेच सकती है। इस ऑफर का साइज ₹1,062.8 करोड़ और फ्लोर प्राइस प्रति शेयर ₹1,250 तय किया गया है। जून 2026 तक कंपनी में ऑगमेंट इंडिया की हिस्सेदारी 9.5% थी।

Unichem Laboratories

अमेरिकी दवा नियामक एफडीए ने यूनिकेम लैब की गोवा के पिलर्ने में स्थित फॉर्म्यूलेशन फैसिलिटी की 21-26 सितंबर, 2026 के बीच जांच की, जिसके बाद पांच ऑब्जर्वेशन जारी हुए।

Zydus Lifesciences

अमेरिकी दवा नियामक एफडीए ने अमेरिका के न्यू जर्सी में जाइडस लाइफसाइंसेज के ऑफिस में फार्माकोविजिलेंस और पोस्ट-मार्केटिंग सर्विलांस सिस्टम का ऑन-साइट इंस्पेक्शन किया। यह इंस्पेक्शन 22 से 25 सितंबर, 2026 के बीच हुआ और इसमें कोई ऑब्जर्वेशन नहीं मिला

Wheels India

व्हील्स इंडिया ने 25 सितंबर को अपना क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) इश्यू बंद किया और प्रति शेयर ₹2,088 के भाव पर 11.97 लाख शेयरों के अलॉटमेंट को मंजूरी दी। इश्यू प्राइस प्रति शेयर ₹2,197.10 के फ्लोर प्राइस से ₹109.10 डिस्काउंट पर है। इस इश्यू के तहत आदिक्य बिड़ला सनलाइफ एएमसी, एसबीआई म्यूचुअल फंड, व्हाइटओक कैपिटल और अशोक इंडिया इक्विटी इंवेस्टमेंट ट्रस्ट जैसे निवेशकों ने पैसे डाले।

Aequs

एक्वस के बोर्ड ने प्रमोटर ग्रुप के सदस्य मेलवुड ट्रस्टी सर्विसेज को 2.8 करोड़ तक के वारंट के प्रेफरेंशियल इश्यू को मंजूरी दी है, जिसकी कुल वैल्यू लगभग ₹650 करोड़ है। इसमें से ₹325 करोड़ तो वारंट के अलॉटमेंट के समय तुरंत चुकाने होंगे, जो इश्यू साइज का 50% और रेगुलेटरी मिनिमम का दोगुना है। बाकी रकम वारंट के इस्तेमाल यानी एक्सरसाइज के समय चुकानी होगी।

Signatureglobal (India)

सिग्नेचरग्लोबल ने गुरुग्राम के फर्रुखनगर में लगभग 194.22 एकड़ जमीन हासिल की। इससे उसके डेवलपमेंट पाइपलाइन में लगभग 67.7 करोड़ स्क्वेयर फुट का डेवलप करने लायक एरिया जुड़ गया है। इस प्रोजेक्ट की अनुमानित ग्रॉस डेवलपमेंट वैल्यू (GDV) लगभग ₹5,500-₹6,000 करोड़ है।

Prestige Estates Projects

प्रेस्टीज एस्टेट्स प्रोजेक्ट्स की सब्सिडियरी प्रेस्टीज हॉस्पिटैलिटी वेंचर्स (PHVL) ने रणनीतिक कारणों और मार्केट की अनिश्चित स्थितियों का हवाला देते हुए अपने आईपीओ का ड्राफ्ट यानी ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) वापस लेने का फैसला किया है। बाद में यह फिर आईपीओ के लिए सेबी के पास नया ड्राफ्ट दाखिल करने पर विचार कर सकती है।

Fortis Healthcare

फोर्टिस हेल्थकेयर ने दाइची सैंक्यो और सिंह ब्रदर्स के बीच चल रहे कानूनी विवाद में अपना पक्ष रखा है। कंपनी का कहना है कि वह इस विवाद से पूरी तरह अनजान थी और पुराने प्रमोटरों की हिस्सेदारी कम होने के मामले में उसकी कोई भूमिका नहीं थी। फोर्टिस के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट ने 25 सितंबर के अपने आदेश में कंपनी की स्पेशल लीव पिटीशन (SLP) का निपटारा कर दिया और स्वतंत्र रूप से फोरेंसिक ऑडिट का आदेश दिया है।

लिस्टिंग

आज एफएक्स मल्टीटेक, रोबोकिड्ज एडुवेंचर्स और विवेकानंद कॉटस्पिन के शेयर बीएसई एसएमई पर लिस्ट होंगे।

Stocks to Watch: इन पर भी रहेगी नजर

आज इन कंपनियों के आएंगे रिजल्ट: दीपा ज्वैलर्स, रेज ऑफ बिलीफ, प्रसोल केमिकल्स

एक्स-बोनस: आस्था स्पिंटेक्स

F&O बैन: आज कीन्स टेक्नोलॉजी इंडिया, मणप्पुरम फाइनेंस, एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस, SAIL

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

बाजार में आ सकती है बड़ी गिरावट, Nifty 22,600 तक गिर सकता है

शेयर बाजारों में 24 सितंबर को आई बड़ी गिरावट ने मार्केट का सेंटिमेंट खराब कर दिया है। 8 जुलाई के बाद सेंसेक्स और निफ्टी में इतनी बड़ी गिरावट देखने को मिली। इस गिरावट में विदेश से आने वाली खबरों के साथ ही घरेलू खबरों का हाथ रहा। रुपये में भी गिरावट देखने को मिली। ब्रेंट क्रूड एक बार फिर 105 डॉलर के पार हो गया। इधर, आईआरडीईए के इंश्योरेंस डिस्ट्रिब्यूशन कमीशन घटाने के प्रस्ताव से फाइनेंशियल कंपनियों के शेयरों में बड़ी गिरावट आई।

निफ्टी के 23000 से नीचे जाने पर बड़ी गिरावट

एचडीएफसी सिक्योरिटीज के नागराज शेट्टी ने कहा कि शॉर्ट टर्म ट्रेंड काफी ज्यादा निगेटिव हो गया है। अगर निफ्टी 23,000 से नीचे जाता है तो यह गिरकर 22,600 तक फिसल सकता है। तेजी की स्थिति में इसे 23,300 पर रेसिस्टेंस का सामना करना पड़ेगा। इसी ब्रोकरेज फर्म के नंदीश शाह का कहना है कि ब्रेकडाउन ने निफ्टी को 23,100-23,600 की कंसॉलिडेशन रेंज के निचले स्तर तक धकेल दिया है।

22700 पर मिल सकता है सपोर्ट

शाह ने कहा कि पोजीशनल सपोर्ट 22,700 पर है, जबकि 23,300 अगला रेसिस्टेंस लेवल है। अब 23,500-23,600 का जोन बड़ा रेसिस्टेंस साबित हो सकता है। एलकेपी सिक्योरिटीज के रूपक डे ने कहा कि आज बाजार में बिकवाली के दबाव की बड़ी वजह 10 साल के अमेरिकी बॉन्ड की यील्ड है। क्रूड की कीमतों में उछाल ने आग में घी का काम किया।

करीब सभी सूचकांकों पर बिकवाली का दबाव

मार्केट के बेयरिश ट्रेंड का अंदाजा इस बात से लग जाता है कि बाजार के करीब सभी सूचकांकों में गुरुवार को बड़ी गिरावट दिखी। निफ्टी मिडकैप 100 2.25 फीसदी, निफ्टी स्मॉलकैप 100 1.53 फीसदी और निफ्टी माइक्रोकैप सूचकांक 1.48 फीसदी गिर गया। इसका मतलब है कि छोटे-बड़े सभी शेयरों पर बिकवाली का दबाव है। नजरें अब अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और क्रूड की कीमतों पर टिकी हैं।

भारत के लिए क्रूड ऑयल की कीमतें काफी अहम

एक्सिस डायरेक्ट में सीनियर रिसर्च एनालिस्ट हेमंग गोर ने कहा, “भारत के लिए क्रूड की कीमतें काफी अहम हैं। कुछ समय तक 100 डॉलर से नीचे जाने के बाद फिर से क्रूड में उछाल दिख रहा है। इससे क्रूड की सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ी है, जिसका असर बाजार की रिकवरी पर पड़ा है।” उन्होंने कहा कि निफ्टी जब तक 23,500 से नीचे बना रहता है, मार्केट का ट्रेंड बेयरिश बना रहेगा।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

Invest ₹10 Lakh: हाथ में हैं ₹10 लाख? जानें पैसा बढ़ाने की 5 सबसे सेफ और स्मार्ट स्ट्रेटेजी

₹10 Lakh Investment Options & Strategies: जीवन में ₹10 लाख का फंड बनाना हर किसी के लिए एक बड़ा फाइनेंशियल माइलस्टोन होता है। चाहे यह रकम वर्षों की कड़ी मेहनत और सैलरी की बचत से जुड़ी हो, सालभर के परफॉर्मेंस बोनस, बिजनेस के मुनाफे या फिर किसी पुश्तैनी जायदाद को बेचकर मिली हो। हाथ में ₹10 लाख आते ही सबसे पहला विचार यही आता है कि इस पैसे को कहां लगाया जाए ताकि बिना बड़ा जोखिम उठाए इससे ज्यादा से ज्यादा रिटर्न और बड़ी वेल्थ बनाई जा सके।

वित्तीय सलाहकारों और वेल्थ मैनेजर्स का स्पष्ट मानना है कि निवेश की दुनिया में ‘वन साइज फिट्स ऑल’ यानी एक ही नियम सभी निवेशकों पर लागू नहीं होता। हर व्यक्ति का रिस्क लेने का सामर्थ्य, उम्र और वित्तीय लक्ष्य अलग-अलग होते हैं।

अगर आपके पास भी ₹10 लाख की बड़ी रकम है और आप उसे सही जगह निवेश करना चाहते हैं, तो जानिए वे 5 सबसे सेफ और स्मार्ट स्ट्रेटेजी जो आपके पैसे को सुरक्षित रखते हुए तेजी से बढ़ा सकती हैं:

1. निवेश की शुरुआत से पहले: निपटाएं ये 3 बेहद जरूरी काम

₹10 लाख को सीधा शेयर बाजार या किसी म्यूचुअल फंड में लगाने की जल्दबाजी कभी न करें। किसी भी सफल पोर्टफोलियो की नींव तीन बुनियादी बातों पर टिकी होती है:

इमरजेंसी फंड तैयार करें: क्या आपके पास अपने और परिवार के कम से कम 6 महीने के अनिवार्य खर्चों (किराया, राशन, ईएमआई) के बराबर फंड मौजूद है? अगर नहीं, तो ₹10 लाख में से एक हिस्सा निकालकर सेविंग्स अकाउंट, लिक्विड म्यूचुअल फंड या बैंक एफडी में सुरक्षित रख लें।

पर्याप्त हेल्थ इंश्योरेंस लें: परिवार के लिए कम से कम 10 से 15 लाख रुपये का फैमिली फ्लोटर हेल्थ कवर जरूर लें। किसी अचानक आई मेडिकल इमरजेंसी में आपकी सालों की जमा-पूंजी और निवेश को डूबने से बचाने के लिए बीमा बेहद जरूरी है।

महंगे कर्जों से मुक्ति पाएं: अगर आप पर क्रेडिट कार्ड का बकाया, पर्सनल लोन या कोई अन्य अधिक ब्याज (12% से 24%) वाला लोन चल रहा है, तो निवेश से पहले उस कर्ज को चुकता करें। कर्ज का ब्याज आपके निवेश के रिटर्न से हमेशा ज्यादा महंगा पड़ता है।

2. एकमुश्त पैसा न लगाएं: STP का स्मार्ट जरिया अपनाएं

शेयर बाजार में लगातार उतार-चढ़ाव बना रहता है। ऐसे में अगर आप पूरा ₹10 लाख एक ही दिन में इक्विटी मार्केट या म्यूचुअल फंड में लगा देंगे और अगले ही दिन बाजार गिर गया, तो आपको भारी नुकसान का सामना करना पड़ सकता है।

क्या है स्मार्ट तरीका: अपने पूरे ₹10 लाख को सबसे पहले किसी सुरक्षित लिक्विड फंड या आर्बिट्राज फंड में जमा करें।

सिस्टमैटिक ट्रांसफर प्लान(STP) चालू करें: वहां से हर महीने एक तय राशि (जैसे ₹50,000 या ₹80,000) को अगले 6 से 12 महीनों के दौरान चुनिंदा इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में ट्रांसफर करने का निर्देश दें।

फायदा: इससे आपको बाजार के हर चढ़ाव-उतार का औसतन लाभ मिलेगा और आपका रिस्क काफी हद तक घट जाएगा।

3. टाइम होराइजन के हिसाब से पैसों का बंटवारा करें

₹10 लाख का निवेश करते समय अपने वित्तीय लक्ष्यों की समय सीमा तय करना बहुत आवश्यक है:

A. शॉर्ट टर्म गोल्स (1 से 3 साल): अगर आपको अगले 2-3 सालों में बच्चे की स्कूल/कॉलेज फीस देनी है, कार खरीदनी है या घर की डाउन पेमेंट करनी है, तो पैसे को बिल्कुल भी हाई-रिस्क एसेट में न डालें। इसके लिए ये विकल्प सबसे सुरक्षित हैं:

  • बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) / कॉर्पोरेट एफडी
  • डेट म्यूचुअल फंड्स (Short Duration or Banking & PSU Funds)
  • आर्बिट्राज फंड्स (Arbitrage Funds)

B. लॉन्ग टर्म गोल्स (5 साल या उससे अधिक): रिटायरमेंट, बच्चों की उच्च शिक्षा या बड़ी वेल्थ बनाने जैसे दूरगामी लक्ष्यों के लिए जोखिम लिया जा सकता है और लंबी अवधि में इक्विटी से बेहतर रिटर्न कोई एसेट क्लास नहीं देता। इसके लिए चुनें:

  • फ्लेक्सी कैप और लार्ज/मिड कैप इक्विटी म्यूचुअल फंड्स
  • नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS)
  • डायरेक्ट इक्विटी या इंडेक्स फंड्स (Nifty 50 / Sensex)

4. एसेट एलोकेशन और डाइवर्सिफिकेशन का सुनहरा नियम

वित्तीय विशेषज्ञ हमेशा सलाह देते हैं, ‘अपने सभी अंडे एक ही टोकरी में न रखें।’ ₹10 लाख का सही इस्तेमाल करने के लिए एसेट क्लास (Equity, Debt, Gold) में पैसे को बांटना अनिवार्य है।

एसेट एलोकेशन तय करने के लिए ‘100 माइनस ऐज’ का सीधा फॉर्मूला अपनाएं:

जैसे अगर आपकी उम्र 30 साल है, तो 100 – 30 = 70%। यानी आप अपने ₹10 लाख का 70% हिस्सा (₹7 लाख) इक्विटी/म्यूचुअल फंड्स में लगा सकते हैं।

बाकी 20% से 25% हिस्सा (₹2 लाख से ₹2.5 लाख) सुरक्षित डेट इंस्ट्रूमेंट्स (FD, PPF, Debt Funds) में रखें।

शेष 5% से 10% हिस्सा (₹50,000 से ₹1 लाख) हेजिंग के लिए गोल्ड (Sovereign Gold Bond या Gold ETF) में निवेश करें।

5. पोर्टफोलियो की रेगुलर समीक्षा और रीबैलेंसिंग

₹10 लाख का निवेश करने के बाद रोज-रोज न्यूज चैनलों के हेडलाइंस देखने या बाजार के रोजमर्रा के उतार-चढ़ाव से पैनिक होने की कोई जरूरत नहीं है।

SIP जारी रखें: अगर आपकी कोई पुरानी एसआईपी चल रही है, तो उसे बंद न करें और अनुशासन बनाए रखें।

सालाना समीक्षा: साल में सिर्फ एक या दो बार अपने पोर्टफोलियो की समीक्षा करें।

रीबैलेंसिंग: मान लीजिए कि बाजार में भारी तेजी की वजह से आपके पोर्टफोलियो में इक्विटी का हिस्सा 70% से बढ़कर 80% हो गया है, तो एक्स्ट्रा प्रॉफिट को निकालकर सुरक्षित डेट फंड या गोल्ड में शिफ्ट कर दें। इससे आपका तय एसेट एलोकेशन हमेशा संतुलित रहेगा।

₹10 लाख का फंड एक बेहतरीन मौका है जो आपकी आर्थिक स्थिति को एक नई मजबूती दे सकता है। इसे सिर्फ बैंक के बचत खाते में पड़ा न रहने दें, क्योंकि महंगाई आपके पैसे की ताकत को धीरे-धीरे कम कर देती है। सही रणनीति, अनुशासित एसेट एलोकेशन और सिस्टमैटिक ट्रांसफर प्लान (STP) के रास्ते पर चलकर आप इस ₹10 लाख से भविष्य में करोड़ों रुपये का फंड आसानी से तैयार कर सकते हैं।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।