Amazon Great Freedom Sale 2026: Samsung, Sony, LG और Xiaomi TV पर भारी छूट, ऑफर देखकर रह जाएंगे दंग

Amazon Great Freedom Sale 2026: Amazon की Great Freedom Sale 2026 की शुरुआत 7 अगस्त से होने वाली है। इस सेल में स्मार्टफोन, स्मार्ट टीवी, लैपटॉप, वियरेबल्स और अन्य इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट्स पर भारी डिस्काउंट मिलने वाला है। सेल शुरू होने से पहले ही Amazon ने Samsung, TCL, Xiaomi, Sony और LG जैसे ब्रांड्स के कई स्मार्ट टीवी की कीमतों का खुलासा कर दिया है।

इन ऑफर्स में अलग-अलग स्क्रीन साइज वाले LED, QLED, Mini LED और Crystal 4K मॉडल शामिल हैं। खरीदार बैंक और एक्सचेंज ऑफर्स का इस्तेमाल करके इनकी असल कीमत और कम कर सकते हैं।

Amazon Great Freedom Sale 2026: स्मार्ट टीवी पर बेहतरीन डील्स का खुलासा

Amazon ने ‘Great Freedom Sale’ से पहले कई स्मार्ट टीवी पर छूट की घोषणा की है। खास ऑफर्स में, 55-इंच वाला Xiaomi X 4K Smart Google LED TV 31,249 रुपये में मिलेगा, जबकि इसकी लिस्टेड कीमत 48,999 रुपये है।

वहीं, Samsung का 55-इंच Mini LED 4K Vision AI TV भी 59,990 रुपये के बजाय 41,990 रुपये में मिलेगा। इसके अलावा, 65-इंच वाला TCL 4K QD-Mini LED Google TV 61,999 रुपये में उपलब्ध होगा, जबकि इसकी लिस्टेड कीमत 1,52,990 रुपये है।

Sony का 65 इंच BRAVIA 3 4K LED Google TV भी Amazon Great Freedom Sale में बड़े डिस्काउंट के साथ मिलेगा। इसकी कीमत घटकर ₹82,240 हो जाएगी, जबकि इसकी लिस्टेड कीमत ₹1,64,900 है। यानी ग्राहकों को इस टीवी पर काफी बड़ी बचत का मौका मिलेगा।

इसके अलावा, LG का 55 इंच 4K webOS LED TV भी सेल में सस्ते दाम पर उपलब्ध होगा। इसकी कीमत ₹38,490 रखी गई है, जबकि इसकी सामान्य कीमत ₹85,990 है।

Amazon ने 43-इंच Samsung Crystal 4K Vision AI TV पर भी एक ऑफर की झलक दिखाई है, हालांकि इसकी फाइनल सेल कीमत अभी तक नहीं बताई गई है। लेकिन टीजर से पता चलता है कि सेल के दौरान यह TV डिस्काउंट वाली कीमत पर उपलब्ध होगा।

सेल के दौरान ग्राहक बैंक कार्ड ऑफर का इस्तेमाल करके स्मार्ट टीवी की कीमत को और कम कर सकते हैं। Amazon ने चुनिंदा क्रेडिट कार्ड और EMI ट्रांजैक्शन पर 10 प्रतिशत तक का इंस्टेंट डिस्काउंट और ₹10,000 तक के ऑफर की घोषणा की है। इसके अलावा, ग्राहकों को कई अन्य फायदे भी मिलेंगे। इनमें पहली खरीदारी पर फ्री डिलीवरी, पे ऑन डिलीवरी और योग्य प्रोडक्ट्स पर आसान रिटर्न सुविधा शामिल हैं।

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Hariyali Amavasya 2026 Date: हरियाली अमावस्या पर गौरी और गजकेसरी योग का दुर्लभ संयोग, जानें सही तारीख और शुभ मुहूर्त

Hariyali Amavasya 2026 Date: हरियाली अमावस्या श्रावण मास में मनाई जाती है। यह पर्व भगवान शिव की भक्ति और प्रकृति के प्रति आभार व्यक्त करने का विशेष अवसर है। सावन का महीना शिव जी को अति प्रिय है। ऐसे में हरियाली अमावस्या के दिन शिव-पार्वती की पूजा करने से सुख, समृद्धि और वैवाहिक जीवन में खुशहाली आती है। बारिश के इस मौसम में धरती पर चारों ओर हरियाली छा जाती है। इस दिन पौधे (जैसे नीम, पीपल, बरगद, तुलसी, आंवला आदि) लगाना बेहद शुभ माना जाता है और इसे पुण्य कर्म माना गया है। हरियाली अमावस्या को पितरों की शांति के लिए स्नान, दान और तर्पण करना बहुत फलदायी होता है।

हरियाली अमावस्या कब है ?

पंचांग के अनुसार, सावन मास की अमावस्या तिथि का आरंभ 11 अगस्त, मंगलवार के दिन रात में 1 बजकर 54 मिनट से होगा। वहीं, अगले दिन यानी 12 अगस्त, बुधवार को रात में 11 बजकर 7 मिनट तक अमावस्या तिथि व्याप्त रहेगी। उदया तिथि के अनुसार, 12 अगस्त के दिन हरियाली अमावस्या का व्रत व पितृकर्म करना शास्त्र सम्मत होगा। इस दिन पवित्र नदी में स्नान करने के बाद दोपहर के समय पितरों की पूजा आदि कार्य किए जाते हैं।

हरियाली अमावस्या पर गौरी और गजकेसरी योग का संयोग

हरियाली अमावस्या के दिन पुष्य नक्षत्र का संयोग भी बन रहा है और साथ ही, इसी दिन चंद्रमा अपनी स्वराशि कर्क में रहेंगे। इसके चलते गौरी योग और गजकेसरी योग का शुभ संयोग भी बनेगा। इस शुभ संयोग में व्रत और पितृकर्म करने वाले श्रद्धालुओं के लिए हरियाली अमावस्या विशेष रूप से फलदायी रहने वाली है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन फल देने वाले वृक्ष लगाने से उत्तम फल प्राप्त होता है।

हरियाली अमावस्या शुभ मुहूर्त

सूर्योदय : सुबह 5 बजकर 48 मिनट पर

लाभ चौघड़िया : सुबह 5 बजकर 48 मिनट से लेकर 7 बजकर 27 मिनट तक

अमृत चौघड़िया : सुबह 7 बजकर 27 मिनट से लेकर 9 बजकर 7 मिनट तक

शुभ चौघड़िया : सुबह 10 बजकर 46 मिनट से लेकर दोपहर के 12 बजकर 26 मिनट तक

लाभ चौघड़िया : शाम को 5 बजकर 24 मिनट से लेकर 7 बजकर 3 मिनट तक

हरियाली अमावस्या 2026 पूजा विधि

स्नान व संकल्प : सुबह जल्दी उठकर किसी पवित्र नदी में स्नान करें या घर पर ही पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान करें।

शिव पूजन : शिवलिंग पर जल, दूध, शहद, बेलपत्र, धतूरा और सफेद फूल अर्पित करें। “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करें।

वृक्षारोपण : घर के आंगन या किसी सार्वजनिक स्थान/बगीचे में कम से कम एक पौधा अवश्य लगाएं।

पीपल पूजा : पीपल के वृक्ष में जल चढ़ाएं और सरसों के तेल का दीपक जलाकर परिक्रमा करें।

दान-पुण्य : गरीबों या जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र या फल का दान करें।

भारत में लॉन्च हुई 2026 Mahindra Scorpio-N, मिलेगा 540° कैमरा, बड़ी स्क्रीन और प्रीमियम फीचर्स, जानें कितनी है कीमत

2026 Mahindra Scorpio-N: Mahindra & Mahindra ने भारत में 2026 Mahindra Scorpio-N को कई नए फीचर्स के साथ लॉन्च कर दिया है। कंपनी ने इस बार SUV को पहले से ज्यादा प्रीमियम, आरामदायक और टेक्नोलॉजी से लैस बनाने की कोशिश की है। नई Scorpio-N में कई नए कम्फर्ट, कन्वीनियंस और सेफ्टी फीचर्स जोड़े गए हैं। जबकि, इसके पेट्रोल और डीजल इंजन में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

Mahindra Scorpio-N की शुरुआती कीमत पेट्रोल वेरिएंट के लिए ₹13.69 लाख (एक्स-शोरूम) है और टॉप-एंड डीजल ऑटोमैटिक 4WD वर्जन (जिसमें लेवल 2 ADAS है) के लिए यह ₹25.49 लाख (एक्स-शोरूम) तक जाती है।

बता दें कि 2022 में लॉन्च होने के बाद से अब तक Mahindra Scorpio-N की 3.8 लाख से ज्यादा यूनिट्स बिक चुकी हैं। वहीं, कंपनी समय-समय पर नए वेरिएंट और फीचर अपडेट्स के जरिए इस SUV को बेहतर बनाती रही है। ताजा अपडेट के साथ Scorpio-N अपने सेगमेंट में पहले से भी ज्यादा मजबूत दावेदार बनकर सामने आई है।

नई Scorpio-N में पैनोरमिक सनरूफ और 540-डिग्री कैमरा मिलेगा

नई Scorpio-N की सबसे बड़ी खासियतें हैं पैनोरमिक सनरूफ और ब्लाइंड व्यू मॉनिटर के साथ 540-डिग्री सराउंड व्यू सिस्टम। ये फीचर्स इस SUV में पहली बार दिए जा रहे हैं और इनसे केबिन का अनुभव और पार्किंग की सुविधा, दोनों ही बेहतर होने की उम्मीद है।

Mahindra ने नए डिजाइन वाले 18-इंच डायमंड-कट अलॉय व्हील्स भी पेश किए हैं। इसके अलावा, Scorpio-N में वही जानी-पहचानी सीधी (अपराइट) स्टाइलिंग, बोल्ड फ्रंट ग्रिल, LED प्रोजेक्टर हेडलैम्प्स, C-शेप के LED डे-टाइम रनिंग लैम्प्स, सीक्वेंशियल टर्न इंडिकेटर्स और मस्कुलर लुक को बरकरार रखा गया है।

यानी इस बार Mahindra ने Scorpio-N के बाहरी लुक में बदलाव करने के बजाय नई टेक्नोलॉजी, आधुनिक फीचर्स और बेहतर सुविधा देने पर ज्यादा ध्यान दिया है, ताकि ग्राहकों को पहले से अधिक प्रीमियम अनुभव मिल सके।

बड़ी डिस्प्ले और ज्यादा कनेक्टेड टेक्नोलॉजी

केबिन के अंदर, Mahindra Scorpio-N फेसलिफ्ट में एक नए डिजाइन वाला डैशबोर्ड दिया गया है, जिसमें 31.24 cm की फ्लोटिंग HD टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम है और इसमें छह फिजिकल शॉर्टकट बटन भी हैं। SUV में 26.03 cm का नया HD पूरी तरह से डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर भी मिलता है, जिसमें तीन डिस्प्ले मोड और फुल-स्क्रीन नेविगेशन सपोर्ट है।

नई Scorpio-N का इंफोटेनमेंट सिस्टम Qualcomm 6155 चिपसेट पर चलता है और इसमें वायर्ड और वायरलेस Android Auto व Apple CarPlay दोनों का सपोर्ट मिलता है।

इंफोटेनमेंट सिस्टम क्वालकॉम के 6155 चिपसेट पर चलता है और वायर्ड के साथ-साथ वायरलेस Android Auto और Apple CarPlay को भी सपोर्ट करता है।

Mahindra ने इसमें Adventure Statistics नाम का नया फीचर भी जोड़ा है, जो इंजन परफॉर्मेंस, कंपास, रोल और पिच एंगल, G-फोर्स और अल्टीमीटर जैसी गाड़ी की जानकारी देता है।

इस SUV में पहले की तरह Adrenox कनेक्टेड कार टेक्नोलॉजी मिलती है, जिसमें 70 से ज्यादा कनेक्टेड फीचर्स, Alexa का इन-बिल्ट सपोर्ट और रिमोट व्हीकल फंक्शंस शामिल हैं। इसके अलावा, अपडेटेड मॉडल की फ्रंट रो में एक नया 65W USB Type-C फास्ट चार्जिंग पोर्ट भी दिया गया है, जबकि इसके ऊंचे वेरिएंट्स में सेकंड रो के लिए भी यही चार्जिंग सुविधा मिलती है।

कंफर्ट और सेफ्टी फीचर्स हुए पहले से बेहतर

2026 Mahindra Scorpio-N में वेंटिलेटेड फ्रंट सीट्स, एक्टिव कूलिंग के साथ वायरलेस फोन चार्जर, Sony का 12-स्पीकर ऑडियो सिस्टम, ऑटो होल्ड के साथ इलेक्ट्रॉनिक पार्किंग ब्रेक, फ्रेमलेस ऑटो-डिमिंग इनसाइड रियर-व्यू मिरर, डुअल-जोन क्लाइमेट कंट्रोल, पावर्ड ड्राइवर सीट और ऊंचे वेरिएंट्स में लेदरेट अपहोल्स्ट्री जैसे फीचर्स मिलते रहेंगे।

सेफ्टी फीचर्स की बात करें तो, इसमें ऊंचे ट्रिम्स पर छह एयरबैग, फ्रंट पार्किंग सेंसर, टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम, ड्राइवर की नींद का पता लगाने वाला सिस्टम और टॉप-स्पेक Z8L वेरिएंट पर लेवल 2 ADAS शामिल हैं।

कोई मैकेनिकल बदलाव नहीं

2026 Mahindra Scorpio-N में पहले जैसे ही इंजन ऑप्शन मिलते रहेंगे। खरीदार 2.0-लीटर mStallion टर्बो-पेट्रोल इंजन और 2.2-लीटर mHawk डीजल इंजन में से चुन सकते हैं।

टर्बो-पेट्रोल इंजन 149.14 kW (लगभग 203 hp) की पावर और 380 Nm तक का पीक टॉर्क देता है, जबकि डीजल इंजन 128.6 kW (लगभग 175 hp) की पावर और 400 Nm तक का टॉर्क देता है। दोनों इंजन में छह-स्पीड मैनुअल और छह-स्पीड ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन के ऑप्शन मिलते हैं।

इसके अलावा, डीजल वेरिएंट्स में चुनिंदा मॉडल्स के साथ Mahindra का 4XPLOR फोर-व्हील-ड्राइव (4WD) सिस्टम भी मिलता है, जो खराब और ऊबड़-खाबड़ रास्तों पर बेहतर ड्राइविंग में मदद करता है।

SUV में पहले की तरह Zip, Zap और Zoom ड्राइव मोड्स भी दिए गए हैं। इनकी मदद से ड्राइवर सड़क और ड्राइविंग कंडीशन के अनुसार वाहन की परफॉर्मेंस को आसानी से बदल सकता है।

Mahindra Scorpio-N की कीमत और वैरिएंट्स

Mahindra Scorpio-N, Z2, Z4, Z6, Z8S, Z8, Z8T और Z8L वेरिएंट्स में उपलब्ध है। इसकी कीमतें पेट्रोल Z2 मैनुअल के लिए ₹13.69 लाख (एक्स-शोरूम) से शुरू होती हैं और डीजल Z8L 4WD ऑटोमैटिक के लिए ₹25.49 लाख (एक्स-शोरूम) तक जाती हैं।

खरीदार वेरिएंट के आधार पर पेट्रोल और डीजल इंजन, मैनुअल और ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन, और साथ ही रियर-व्हील-ड्राइव और फोर-व्हील-ड्राइव कॉन्फिगरेशन में से चुन सकते हैं।

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August 12 Total Solar Eclipse: इस देश में 100 साल बाद दिखेगा सूर्य ग्रहण का दुर्लभ नजारा, भारत में नहीं दिखेगा ग्रहण

August 12 Total Solar Eclipse: साल 2026 में दो सूर्य और दो चंद्र ग्रहण होने हैं। पहला सूर्य और चंद्र ग्रहण फरवरी और मार्च में हो चुका है। अब अगस्त के महीने में इस साल आखिरी सूर्य और चंद्र ग्रहण लगेगा। भारतीय पंचांग के अनुसार, इस साल का अंतिम सूर्य ग्रहण जहां सावन की अमावस्या के दिन 12 अगस्त को लगेगा, वहीं चंद्र ग्रहण सावन की पूर्णिमा को 28 अगस्त को होगा। यह दोनों ही ग्रहण भारत में नजर नहीं आएंगे, इसलिए इनका धार्मिक प्रभाव नहीं होगा। लेकिन ज्योतिष की दृष्टि से यह अहम होगा।

सूर्य, चंद्रमा और पृथ्वी जब एक सीध में आते हैं ग्रहण होता है। ग्रहण एक दुर्लभ खगोलीय घटना है, जो एक निश्चित अंतराल पर होती है। इस साल का दूसरा और अंतिम सूर्य ग्रहण में कुछ ही दिनों का समय बचा है। यह पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा और इसमें 2 मिनट के लिए सूर्य को चंद्रा पूरी तरह ढक लेगा। इस ग्रहण का सबसे दुर्लभ और दिलचस्प नजारा स्पेन में दिखाई देगा। यहां 1905 के बाद पहली बार पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा।

स्पेन में 100 साल पर दिन में पूरी तरह छाएगा अंधेरा

12 अगस्त को लग रहा सूर्य ग्रहण वर्ष 2026 का दूसरा और अत्यंत महत्वपूर्ण पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा। इस ग्रहण के दौरान मुख्य रूप से स्पेन में लगभग 100 साल (1905 के बाद) बाद दिन के समय ही पूरी तरह अंधेरा छा जाएगा। इस ग्रहण में डायमंड का रिंग का नजारा भी देखने को मिल सकता है।

सूर्य ग्रहण तिथि, समय और सूतक काल

तिथि : 12 अगस्त 2026 (अमावस्या तिथि)

शुरुआत : 12 अगस्त 2026, रात लगभग 09:04 बजे

समाप्ति : 13 अगस्त 2026, सुबह लगभग 04:25 बजे

पूर्ण सूर्य ग्रहण 2026 सूतक काल

सूर्य ग्रहण का सूतक काल ग्रहण शुरू होने से 12 घंटे पहले प्रारंभ होकर ग्रहण समाप्ति तक रहता है। 12 अगस्त 2026 को लग रहा पूर्ण सूर्य ग्रहण भारत में दृश्यमान नहीं होगा, इसलिए भारत में इसका सूतक काल मान्य नहीं रहेगा। मंदिरों के कपाट खुले रहेंगे और नियमित पूजा-पाठ होगा।

कहां देखा जा सकता सूर्य ग्रहण

स्पेन (उत्तरी व मध्य हिस्से जैसे मैड्रिड, वालेंसिया, बेलिएरिक द्वीप समूह), आइसलैंड (पश्चिमी तट व रेक्याविक), ग्रीनलैंड, रूस के सुदूर उत्तरी/आर्कटिक क्षेत्र तथा उत्तरी अटलांटिक महासागर में पूर्ण सूर्य ग्रहण दिखाई देगा। जबकि पश्चिमी यूरोप, कनाडा और उत्तरी अफ्रीका के कई देशों में आंशिक सूर्य ग्रहण का नजारा दिखाई देगा।

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Premier Energies Q1 Results: सोलर कंपनी का मुनाफा 50% बढ़ा, ₹5000 करोड़ जुटाने की तैयारी

Premier Energies Q1 Results: सोलर इक्विपमेंट बनाने वाली Premier Energies ने गुरुवार, 6 अगस्त को जून तिमाही (Q1 FY27) के नतीजे जारी किए। कंपनी का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 50.4% बढ़कर 463.1 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल की समान तिमाही में यह 307.8 करोड़ रुपये था।

कंपनी की ऑपरेशंस से रेवेन्यू 35.3% बढ़कर 2,462.6 करोड़ रुपये रही, जो एक साल पहले 1,820.7 करोड़ रुपये थी। वहीं, EBITDA 30.3% बढ़कर 714.4 करोड़ रुपये हो गया। हालांकि, EBITDA मार्जिन 30.1% से घटकर 29% रह गया।

₹5,000 करोड़ जुटाने की तैयारी

Premier Energies ने कहा कि वह 5,000 करोड़ रुपये तक जुटाने के लिए शेयरधारकों की मंजूरी मांगेगी। कंपनी यह रकम क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP), इक्विटी शेयर, नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCD), वारंट या अन्य इक्विटी में बदलने योग्य सिक्योरिटीज जारी करके जुटा सकती है।

मैनेजमेंट में फिर भरोसा

कंपनी सुरेंद्रपाल सिंह सलूजा को 19 दिसंबर 2026 से 18 दिसंबर 2031 तक फिर से चेयरमैन और होल-टाइम डायरेक्टर नियुक्त करने के लिए भी शेयरधारकों की मंजूरी मांगेगी।

इसके अलावा, चिरंजीव सिंह सलूजा को भी अगले पांच साल के लिए मैनेजिंग डायरेक्टर के पद पर दोबारा नियुक्त करने का प्रस्ताव रखा जाएगा। यह फैसला कंपनी की नॉमिनेशन एंड रेम्यूनरेशन कमेटी की सिफारिश पर लिया गया है।

Premier Energies के शेयर

Premier Energies का शेयर गुरुवार को 1.01% की बढ़त के साथ 1,045 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में स्टॉक 30.85% चढ़ा है। कंपनी का मार्केट कैप 47.08 हजार करोड़ रुपये है।

Premier Energies का बिजनेस

यह देश की प्रमुख सोलर कंपनियों में से एक है। कंपनी सोलर सेल और सोलर मॉड्यूल बनाती है, जिनका इस्तेमाल घरों, उद्योगों और बड़े सोलर पावर प्रोजेक्ट्स में होता है।

इसके अलावा, कंपनी EPC सेवाएं भी देती है, यानी सोलर प्लांट लगाने से लेकर उसे चालू करने तक का काम करती है। भारत में बढ़ती रिन्यूएबल एनर्जी की मांग और सरकारी सोलर योजनाओं से कंपनी के कारोबार को लगातार फायदा मिल रहा है।

LIC Q1 Results: प्रॉफिट 23% बढ़कर 13492 करोड़ रुपये, कुल इनकम 237848 करोड़

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

श्रीलंका टीम को बड़ा झटका, पहले टेस्ट से यह अनुभवी बल्लेबाज हो सकता है बाहर

INDvsSL 15 अगस्त से शुरु होने वाले पहले टेस्ट के लिए श्रीलंका ने अभी तक टीम घोषित नहीं की। मीडिया सूत्रो से मिल रही खबर के अनुसार श्रीलंका के कुसल मेंडिस चोटिल हैं और शायद पहला टेस्ट नहीं खेल पाएंगे।राष्ट्रीय प्रदर्शन केंद्र में वह अभी स्वास्थय सुधार कर रहे हैं। उनको यह चोट 19 जुलाई को कोलंबो कैप्स के लिए खेलते वक्त लगी थी।

श्रीलंका के लिए यह बड़ा नुकसान है क्योंकि हाल ही में वह वेस्टइंडीज के खिलाफ एक टेस्ट मैच हारकर आई थी। विश्व टेस्ट चैंपियनशिप में श्रीलंका भारत के ठीक नीचे छठवें स्थान पर है और उसका जीत प्रतिशत 41 है, वहीं भारत का जीत प्रतिशत 48 है।

ऐसे में अगर कुसल मेंडिस जैसा अनुभवी बल्लेबाज श्रीलंका के बल्लेबाजी क्रम में नहीं होता है तो टीम के लिए एक बड़ा झटका साबित होगा। कुसल मेंडिस अपने नाम के अनुसार साझेदारियां बुनने में कुशल हैं। हालांकि हालिया फॉर्म उनके साथ नहीं है लेकिन उनका पहले टेस्ट में ना होना श्रीलंका के लिए अच्छी खबर नहीं है।

कुसल मेंडिस के करियर पर नजर डालें तो 75 टेस्ट मैचों में उन्होंने 4836 रन बनाए हैं। इनमें से 10 टेस्ट शतक हैं और 23 अर्धशतक हैं।

नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में मध्यप्रदेश देश का अग्रणी राज्य : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दिल्ली में आयोजित 7वें अंतर्राष्ट्रीय नवकरणीय ऊर्जा सम्मेलन में भाग लेते हुए कहा कि मध्यप्रदेश वर्ष 2030 तक देश के 500 गीगा वॉट गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता के राष्ट्रीय लक्ष्य की प्राप्ति के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य नवकरणीय ऊर्जा, ऊर्जा भंडारण तथा हरित औद्योगिक विकास के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। म.प्र. आज देश के अग्रणी राज्यों में अपनी विशिष्ट पहचान बना चुका है।

 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सम्मेलन में शामिल होने के लिए एयरपोर्ट से दिल्ली मेट्रो की एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन के माध्यम से शिवाजी स्टेडियम तक यात्रा कर स्वच्छ एवं पर्यावरण-अनुकूल सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने का संदेश दिया। दिल्ली मेट्रो अपने संचालन में बड़े पैमाने पर सौर ऊर्जा का उपयोग करती है, इसलिए मुख्यमंत्री ने हरित ऊर्जा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के प्रतीक के रूप में मेट्रो से यात्रा की।

 

मध्यप्रदेश के ऊर्जा क्षेत्र की उपलब्धियों का दिया प्रेजेंटेशन-नई दिल्ली में आयोजित 7वें अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा सम्मेलन एवं प्रदर्शनी-2026 में मध्यप्रदेश ने स्वच्छ एवं नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में अपनी उपलब्धियों और भविष्य की कार्य योजना का प्रभावी प्रेजेंटेशन दिया। सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में केंद्रीय नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रह्लाद जोशी, केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री एचडी कुमार स्वामी तथा भूटान के ऊर्जा एवं प्राकृतिक संसाधन मंत्री एच.ई. ल्योनपो जेम त्शेरिंग तथा श्रीलंका के ऊर्जा मंत्री अनुरा करुणाथिलका, अपर मुख्य सचिव नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा म.प्र.  मनु श्रीवास्तव सहित देश-विदेश के ऊर्जा क्षेत्र के विशेषज्ञ, नीति-निर्माता और उद्योग जगत के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश वर्ष 2030 तक 500 गीगावॉट GW गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता के राष्ट्रीय लक्ष्य की प्राप्ति के लिए पूर्ण प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य में निवेश-अनुकूल नीतियों, सुदृढ़ आधारभूत संरचना और पर्याप्त प्राकृतिक संसाधनों की उपलब्धता से मध्यप्रदेश देश के अग्रणी ग्रीन एनर्जी हब के रूप में तेजी से उभर रहा है। सम्मेलन में ऊर्जा सुरक्षा, हरित प्रौद्योगिकी, नवाचार, निवेश और अन्तर्राष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देने पर विशेष बल दिया गया। यह आयोजन स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में वैश्विक साझेदारी को मजबूत करने तथा सतत विकास के लक्ष्यों की दिशा में महत्वपूर्ण पहल सिद्ध होगा।

 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में मध्यप्रदेश की नवकरणीय ऊर्जा क्षमता 438 मेगावॉट से बढ़कर 11,000 मेगावाट हो गई है, जो लगभग 25 गुना वृद्धि है। पिछले 2 वर्षों में राज्य सरकार ने नवकरणीय ऊर्जा, पंप्ड हाइड्रो ऊर्जा भंडारण तथा बायोमास नीतियां लागू कर निवेश और नवाचार को नई दिशा दी है। उन्होंने कहा कि 750 मेगावाट रीवा अल्ट्रा मेगा सौर परियोजना ने देश में पहली बार सौर ऊर्जा का टैरिफ कोयला आधारित विद्युत से भी कम स्थापित किया। इस परियोजना को वर्ल्ड बैंक ग्रुप प्रेसिडेन्ट्स अवार्ड फॉर एक्सीलेंस प्राप्त हुआ तथा इसकी केस स्टडी हावर्ड युनिवर्सिटी में पढ़ाई जाती है। वहीं 1,500 मेगावाट आगर-शाजापुर-नीमच सौर परियोजना में 2.14 रूपये प्रति यूनिट का रिकॉर्ड न्यूनतम सौर टैरिफ प्राप्त हुआ है और इससे भारतीय रेलवे को 8 राज्यों में हरित ऊर्जा उपलब्ध कराई जा रही है।

 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि 278 मेगावॉट क्षमता की देश की सबसे बड़ी फ्लोटिंग सोलर परियोजना का लोकार्पण 25 दिसंबर 2025 को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा किया गया। इसके साथ ही 'सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना' के अंतर्गत लगभग 14,900 मेगावॉट क्षमता के प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनमें किसानों और एमएसएमई क्षेत्र की उल्लेखनीय भागीदारी रही है।

 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ऊर्जा सुरक्षा और ग्रिड स्थिरता को मजबूत करने के लिए राज्य में बैटरी ऊर्जा भंडारण परियोजनाओं का तेजी से विकास किया जा रहा है। मुरैना की 440 मेगावाट सौर ऊर्जा एवं 880 मेगावाट-घंटा बैटरी ऊर्जा भंडारण परियोजना प्रदेश की पहली ऐसी परियोजना है, जिसमें प्रतिस्पर्धी दर पर विद्युत क्रय अनुबंध किए गए हैं। साथ ही 4 घंटे, 6 घंटे और 24 घंटे की सौर-सह-ऊर्जा भंडारण परियोजनाओं पर भी कार्य प्रगति पर है।

 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रूफटॉप सोलर योजना अंतर्गत 1,300 शासकीय भवनों पर 48 मेगावाट क्षमता विकसित की जा रही है, जबकि प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के तहत प्रदेश के लगभग 1.5 लाख घरों में 566 मेगावॉट क्षमता के रूफटॉप सौर संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं।

 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम दावोस सहित विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मंचों पर मध्यप्रदेश की निवेश-अनुकूल नीतियों, हरित ऊर्जा की अपार संभावनाओं और औद्योगिक क्षमताओं को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि मध्यप्रदेश आने वाले वर्षों में स्वच्छ ऊर्जा, ऊर्जा सुरक्षा और सतत विकास के क्षेत्र में देश का अग्रणी केंद्र बनेगा।

 

केंद्रीय नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा तथा शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि देश जल्द ही 300 GW स्थापित गैर-जीवाश्म विद्युत क्षमता का आंकड़ा पार करेगा तथा प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना से 50 लाख से अधिक परिवार रूफटॉप सोलर का लाभ ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सहित कई राज्यों ने नवकरणीय ऊर्जा क्षमता बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है और सभी राज्यों से सस्टेनेबल डेवलपमेंट, ऊर्जा दक्षता, पर्यावरण संरक्षण तथा स्वच्छ ऊर्जा के व्यापक उपयोग पर विशेष ध्यान देने का आह्वान किया।

 

प्रेजेंटेशन के मुख्य बिन्दु

4 घंटे बैटरी ऊर्जा भंडारण : ऐसी परियोजनाएँ जो सौर ऊर्जा को संग्रहित कर सायंकालीन पीक मांग के समय विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करती हैं तथा ग्रिड की विश्वसनीयता बढ़ाती हैं।

6 घंटे बैटरी ऊर्जा भंडारण : ये परियोजनाएँ अधिक अवधि तक ऊर्जा आपूर्ति प्रदान कर नवकरणीय ऊर्जा के बेहतर एकीकरण, मांग प्रबंधन एवं ग्रिड स्थिरता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

24 घंटे नवकरणीय ऊर्जा एवं भंडारण परियोजनाएँ : सौर ऊर्जा एवं दीर्घावधि ऊर्जा भंडारण के संयोजन से विकसित ये परियोजनाएँ चौबीसों घंटे स्वच्छ एवं विश्वसनीय विद्युत उपलब्ध कराने में सक्षम हैं, जिससे उद्योगों, वितरण कंपनियों तथा डेटा सेंटर जैसे उच्च मांग वाले उपभोक्ताओं को ऊर्जा सुरक्षा प्राप्त होगी।

एनआरईडी  की भूमिका : नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग, मध्य प्रदेश शासन राज्य में नवकरणीय ऊर्जा नीति निर्माण, निवेश प्रोत्साहन, परियोजना विकास तथा ऊर्जा संक्रमण से संबंधित कार्यक्रमों के समन्वय हेतु प्रमुख विभाग है। विभाग प्रदेश को स्वच्छ, सुरक्षित एवं सतत ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी बनाने के लिए कार्यरत है।

रूम्सल की भूमिका : रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर लिमिटेड, मध्य प्रदेश ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड एवं सोलर एनर्जी कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (SECI) का संयुक्त उपक्रम है। रूम्सल राज्य में बड़े पैमाने पर सौर ऊर्जा, फ्लोटिंग सोलर, हाइब्रिड नवकरणीय ऊर्जा तथा बैटरी ऊर्जा भंडारण परियोजनाओं के विकास एवं क्रियान्वयन हेतु नोडल एजेंसी के रूप में कार्य कर रहा है। रूम्सल द्वारा विकसित नवाचार आधारित परियोजनाएँ मध्य प्रदेश को देश में ऊर्जा भंडारण एवं चौबीसों घंटे नवकरणीय ऊर्जा आपूर्ति के क्षेत्र में अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित कर रही हैं।

Deepfake पर सरकार का बड़ा एक्शन, AI कंटेंट पर लेबल जरूरी, गैरकानूनी सामग्री अब 3 घंटे में हटानी होगी, नए नियम जान लें वरना पछताएंगे

ai aur deeffake

कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) से तैयार होने वाले डीपफेक और अन्य हानिकारक कंटेंट से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने नियामक व्यवस्था को और सख्त किया है। सरकार ने AI से तैयार कंटेंट पर स्पष्ट लेबल और पहचान योग्य मेटाडेटा उपलब्ध कराना अनिवार्य किया है। साथ ही, सरकारी या न्यायालय के आदेश के आधार पर गैरकानूनी जानकारी हटाने की समयसीमा 36 घंटे से घटाकर 3 घंटे कर दी गई है। यह जानकारी केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने 5 अगस्त 2026 को लोकसभा में दी।

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AI से बने कंटेंट की पहचान होगी आसान

 

सरकार के अनुसार, 10 फरवरी 2026 को आईटी नियम, 2021 में संशोधन कर कृत्रिम रूप से उत्पन्न सूचना (SGI), जिसमें डीपफेक और AI-जनित कंटेंट शामिल हैं, से होने वाले नुकसान से निपटने के लिए नियामक ढांचे को मजबूत किया गया। नए प्रावधानों के तहत मध्यस्थों को AI-जनित सामग्री के लिए स्पष्ट लेबलिंग और ट्रेस किए जा सकने वाले मेटाडेटा की व्यवस्था करनी होगी। इसका उद्देश्य यूजर्स को यह समझने में मदद करना है कि कोई सामग्री वास्तविक है या कृत्रिम रूप से तैयार की गई है और इसके जरिए धोखाधड़ी तथा दुरुपयोग को रोकना है।

 

36 घंटे की जगह अब 3 घंटे में हटानी होगी गैरकानूनी सामग्री

 

नए नियमों में कंटेंट हटाने की समयसीमा को भी कम किया गया है। सरकार के अनुसार, गैरकानूनी जानकारी हटाने की समयसीमा 36 घंटे से घटाकर 3 घंटे कर दी गई है। वहीं कुछ संवेदनशील शिकायतों के निपटारे की समयसीमा भी कम की गई है।

 

डीपफेक बनाने और फैलाने पर भी नियम सख्त

 

आईटी नियमों के तहत मध्यस्थों को ऐसी जानकारी को होस्ट, प्रदर्शित, अपलोड, प्रकाशित या साझा करने से रोकने के लिए उचित सावधानी बरतनी होगी, जिसमें AI के जरिए किसी अन्य व्यक्ति का रूप धारण करना, जानबूझकर गलत या भ्रामक जानकारी देना, निजता का उल्लंघन करना या राष्ट्रीय सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था के लिए खतरा पैदा करना शामिल है।

 

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि AI से तैयार बाल यौन शोषण सामग्री, बिना सहमति की अंतरंग तस्वीरें, प्रतिरूपण और अन्य हानिकारक सामग्री के खिलाफ प्लेटफॉर्म को रोकथाम और तत्काल कार्रवाई करनी होगी।

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किन कानूनों के तहत हो सकती है कार्रवाई?

 

डीपफेक और AI से जुड़े अपराधों पर आईटी एक्ट, 2000 के अलावा भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 के तहत भी कार्रवाई का प्रावधान है। BNS की धारा 319 प्रतिरूपण के जरिए धोखाधड़ी से संबंधित है, जबकि धारा 336 में धोखाधड़ी के लिए झूठे इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड बनाने जैसे कृत्य शामिल हैं। धारा 353 गलत या भ्रामक बयान, अफवाह या रिपोर्ट के जरिए गलत सूचना और दुष्प्रचार फैलाने से जुड़े मामलों पर लागू हो सकती है। संगठित साइबर अपराधों पर धारा 111 के तहत भी कार्रवाई की जा सकती है।

 

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की भी बढ़ी जिम्मेदारी

 

भारत में 50 लाख या उससे अधिक पंजीकृत यूजर्स वाले महत्वपूर्ण सोशल मीडिया मध्यस्थों (SSMI) पर अतिरिक्त जिम्मेदारियां हैं। इनमें गैरकानूनी कंटेंट का पता लगाने और उसके प्रसार को सीमित करने के लिए स्वचालित तकनीकी उपकरणों का इस्तेमाल, अनुपालन रिपोर्ट प्रकाशित करना और भारत में संबंधित अधिकारियों की नियुक्ति जैसी जिम्मेदारियां शामिल हैं।

 

डीपफेक की शिकायत कहां करें?

 

सरकार के अनुसार, नागरिक National Cyber Crime Reporting Portal के जरिए डीपफेक, वित्तीय धोखाधड़ी और कंटेंट के दुरुपयोग की शिकायत कर सकते हैं। इसके लिए cybercrime.gov.in पोर्टल उपलब्ध है और 1930 हेल्पलाइन भी संचालित है। अगर किसी मध्यस्थ के शिकायत अधिकारी से समस्या का समाधान नहीं होता है, तो उपयोगकर्ता Grievance Appellate Committee (GAC) के माध्यम से ऑनलाइन अपील कर सकते हैं।

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सरकार ने डीपफेक डिटेक्शन पर भी बढ़ाया फोकस

 

IndiaAI Mission के तहत सुरक्षित और भरोसेमंद AI को बढ़ावा देने के लिए 13 जिम्मेदार AI परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। इनमें डीपफेक का पता लगाने से जुड़ी परियोजनाएं भी शामिल हैं। IIT जोधपुर और IIT मद्रास द्वारा विकसित मल्टी-एजेंट फ्रेमवर्क तथा IIT खड़गपुर की रियल-टाइम वॉयस डीपफेक डिटेक्शन सिस्टम जैसी पहलें इसमें शामिल हैं।

Tata Sons IPO: टाटा संस को IPO लाना ही होगा? RBI से राहत नहीं मिली, अपर लेयर NBFC लिस्ट में बरकरार

Tata Sons IPO: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 6 अगस्त को अपर लेयर NBFC (NBFC-UL) की नई लिस्ट जारी की। इसमें टाटा संस का नाम बरकरार रखा गया है। इसका मतलब है कि RBI ने अभी तक टाटा संस को NBFC-UL फ्रेमवर्क से बाहर निकलने की मंजूरी नहीं दी है।

RBI ने कहा कि कोर इन्वेस्टमेंट कंपनी (CIC) के तौर पर अपना रजिस्ट्रेशन रद्द कराने के लिए टाटा संस ने जो आवेदन दिया है, वह अभी जांच के दौर में है। केंद्रीय बैंक ने साफ किया कि अपर लेयर लिस्ट में टाटा संस को शामिल करने का मतलब यह नहीं है कि उसकी डीरजिस्ट्रेशन अर्जी खारिज हो गई है। उस पर अलग से फैसला लिया जाएगा।

अपर लेयर NBFC क्या है?

RBI ने कहा कि अपर लेयर में उन NBFC को रखा जाता है, जिन पर ज्यादा नियामकीय निगरानी की जरूरत होती है। फिलहाल इसके लिए 1 लाख करोड़ रुपये की एसेट सीमा तय है। हालांकि, RBI समय-समय पर इस सीमा की समीक्षा करता है और हर तीन साल में इसे दोबारा देखा जाएगा।

केंद्रीय बैंक ने यह भी कहा कि अगर कोई NBFC एक बार अपर लेयर में आ जाती है, तो उसे कम से कम 5 साल तक इसी श्रेणी के कड़े नियमों का पालन करना होगा। भले ही बाद के वर्षों में वह तय मानदंडों पर खरी न उतरे।

किन कंपनियों के नाम हैं लिस्ट में?

नई लिस्ट में REC, PFC, IRFC, PNB Housing Finance, Sammaan Capital समेत कुल 17 NBFC शामिल हैं। RBI ने पहले नियमों में बदलाव करते हुए सरकारी मालिकाना हक वाली योग्य NBFC को भी अपर लेयर में शामिल करने की अनुमति दी थी।

हालांकि, सरकारी NBFC के लिए एक राहत है। उन्हें शेयर बाजार में लिस्ट होना जरूरी नहीं होगा। लेकिन निजी कंपनियों को अपर लेयर NBFC बनने के तीन साल के भीतर शेयर बाजार में लिस्ट होना पड़ता है।

टाटा संस के लिए यह मामला क्यों अहम?

टाटा ग्रुप की होल्डिंग कंपनी टाटा संस एक Core Investment Company (CIC) के रूप में रजिस्टर्ड है। 31 मार्च 2026 तक कंपनी के पास करीब 1.75 लाख करोड़ रुपये की एसेट थीं। यानी यह RBI की तय सीमा से काफी ऊपर है।

टाटा संस ने अपना CIC लाइसेंस रद्द कराने के लिए आवेदन किया था। ऐसा इसलिए, क्योंकि अगर कंपनी NBFC नहीं रहती, तो उसे शेयर बाजार में लिस्ट होने की अनिवार्यता से राहत मिल सकती है।

टाटा संस लिस्टिंग से क्यों बचना चाहती है?

टाटा संस को 2022 में पहली बार अपर लेयर NBFC में शामिल किया गया था। नियमों के मुताबिक, उसे 2025 तक शेयर बाजार में लिस्ट होना था। इसी वजह से कंपनी ने CIC लाइसेंस रद्द करने का आवेदन दिया था।

जून में टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा ने RBI को पत्र लिखकर संभावित लिस्टिंग का विरोध किया था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने कहा कि अगर टाटा संस की लिस्टिंग होती है, तो इससे टाटा ग्रुप की होल्डिंग कंपनी का लंबी अवधि स्वरूप बदल सकता है। साथ ही टाटा ट्रस्ट्स के परोपकारी उद्देश्यों पर भी असर पड़ सकता है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Top 10 bestselling cars in H1 2026 by powertrain type

Bestselling cars in H1 2026 by powertrain type

During the first half of calendar 2026, the Indian passenger vehicle market recorded total sales of over 25.91 lakh units across petrol, diesel, EV, CNG, and strong hybrid powertrains. Compared to the 21.88 lakh units sold in H1 2025, that’s a healthy YoY increase of around 18.4 percent. Below, we’ve sorted and listed the 10 bestselling cars of each powertrain type in H1 2026 to give you a more in-depth look at the data.

10 bestselling petrol cars in H1 2026

ModelH1 2026 salesYoY change (%)
Maruti Baleno83,552+19
Maruti Swift81,0460
Tata Punch61,701+29
Maruti Fronx61,565-6
Maruti Alto K1059,165+38
Hyundai Venue55,750+26
Maruti Dzire50,865-1
Tata Nexon50,240+31
Maruti Brezza49,096-14
Hyundai Creta49,094-8

The Baleno ascended to the top spot in petrol car sales during H1 2026, followed closely by the Swift, volumes for which interestingly remained flat YoY. However, thanks to the introduction of the updated Punch at the onset of 2026, the subcompact SUV recorded a substantial 29 percent increase in sales and jumped to third position.

Other notable highlights include a 38 percent YoY uptick for the Alto K10, indicating a renewed interest in the entry-level segment, along with a 4 percent drop for the midsize SUV sales champion, the Creta. However, its younger compact SUV sibling, the Venue, did see a 26 percent YoY bump on account of the second-gen model’s launch late last year.

10 bestselling diesel cars in H1 2026

ModelH1 2026 salesYoY change (%)
Mahindra Scorpio N+Classic86,403+7
Mahindra Bolero+Neo58,457+16
Mahindra XUV 7XO42,190+29
Hyundai Creta40,116-4
Mahindra Thar Roxx37,945+19
Mahindra Thar23,860+35
Kia Seltos22,906+54
Tata Sierra22,764N/A
Toyota Innova Crysta18,498-5
Kia Sonet18,290+67

Though diesel offerings remain limited in the Indian mass market, buyers continue to show up for them. All three diesel bestsellers in H1 2026 were made by Mahindra, and all three recorded a YoY growth in sales, with the XUV 7XO achieving the highest uptick among them at 29 percent. The Thar and Thar Roxx also managed to outperform their H1 2025 sales by healthy margins.

In fact, six out of the 10 diesel bestsellers experienced double-digit YoY sales growth, with only the Creta and Innova Crysta undergoing downturns. The Sierra also made it onto this list, but doesn’t rank even among the top 20 petrol bestsellers of H1 2026, suggesting a large chunk of buyers opted for the midsize SUV’s diesel variants. Its direct rival, the Seltos, edged past by fewer than 150 units, but the other Kia SUV here, the Sonet, clocked a whopping 67 percent boost.

10 bestselling CNG cars in H1 2026

ModelH1 2026 salesYoY change (%)
Maruti Ertiga78,764+23
Maruti Dzire75,339+69
Maruti Wagon R54,267+5
Tata Punch41,919+43
Tata Nexon41,355+38
Maruti Brezza39,871+8
Maruti Victoris38,806N/A
Maruti Eeco36,075+31
Hyundai Aura35,089+29
Maruti Fronx33,876+49

CNG cars put up the most impressive performance on the sales charts, with the top 10 achieving substantial YoY gains in volumes during H1 2026. The Dzire led the pack in this regard with a staggering 69 percent surge in sales, followed by the Fronx at 49 percent and then the Punch at 43 percent.

Seven of the top 10 CNG bestsellers are Maruti Suzuki models, two are from Tata, and only one is a Hyundai, reflecting Maruti’s dominance in this space. A likely reason behind the stellar performance is the uncertainty around ethanol blending in petrol, which could be shifting buyers towards CNG.

10 bestselling EV cars in H1 2026

ModelH1 2026 salesYoY change (%)
MG Windsor EV19,080-10
Mahindra XEV 9S18,074N/A
Tata Nexon EV16,567+78
Tata Punch EV15,683+108
Mahindra XEV 9e11,242-14
Tata Harrier EV10,499+2,110
Maruti e Vitara8,572N/A
Tata Curvv EV7,281+212
Mahindra BE 66,849+13
Tata Tiago EV6,816-19

The Windsor remains untouched as the top selling EV in H1 2026, though it did record a 10 percent YoY drop in sales. Impressively, the XEV 9S finished in second place with over 18,000 units sold – far ahead of the XEV 9e and BE 6. Nexon EV and Punch EV sales saw strong upticks, especially the latter’s whopping 108 percent YoY surge due to its 2026 facelift.

However, the Tiago EV experienced a 19 percent drop in sales despite also being updated this year. It’s worth noting that while the Harrier EV’s 2,110 percent YoY increase looks bonkers, it is a result of the SUV being launched in June 2025 and thereby counted from a relatively miniscule initial figure. Interestingly, the Curvv EV more than tripled its sales YoY, likely due to discounts and the SeriesX variant rejig in 2026.

Bestselling strong hybrid cars in H1 2026

ModelH1 2026 salesYoY change (%)
Toyota Innova Hycross27,812-6
Toyota Hyryder18,577+23
Maruti Grand Vitara4,086-54
Maruti Victoris3,231N/A
Maruti Invicto1,418-26
Toyota Camry1,188-1
Toyota Vellfire914+60
Honda City659+22

Only one new strong hybrid car went on sale in India between H1 2025 and H1 2026, the Maruti Victoris, which slotted in fourth position overall. The Innova Hycross continues to be the highest selling strong hybrid car, but did slip 6 percent YoY in sales. Notably, the Innova Hycross’ rebadged sibling, the Invicto, saw a more substantial 26 percent drop.

A similar phenomenon occurred for the Hyryder and Grand Vitara, where the Toyota SUV’s sales grew 23 percent YoY, but the Maruti’s slid by 54 percent. The City hybrid also looks to have piqued buyer interest courtesy of the facelift, recording a 22 percent YoY growth but still selling in the triple digits. Interestingly, the highest YoY sales uptick was achieved by the most expensive strong hybrid here, the Vellfire, showing the growth of the luxury MPV segment.

Combined car sales in H1 2026 by powertrain type

 H1 2026 salesYoY change (%)
Petrol13,42,304+10
Diesel4,56,076+15
CNG5,96,236+40
EV1,39,065+65
Strong hybrid57,8850
Total25,91,566+18.4

While petrol cars remain the largest chunk of the Indian passenger vehicle market by a huge margin, and even clocked a respectable 10 percent YoY growth in H1 2026, CNG saw much bigger gains during the same timeframe and even recorded the highest absolute volume increase among all powertrain types. The electric segment continues to expand at a healthy rate thanks to a proliferation of capable EVs across different price points, which can’t be said for strong hybrids as they barely receive any subsidies or tax breaks. Diesel car sales impressively keep growing too, despite higher upfront costs over equivalent petrol or CNG models.