सूर्य ग्रहण को लेकर बड़ी खबर, 12 अगस्त को इन देशों में कुछ देर के लिए सूरज हो जाएगा पूरी तरह गायब

आसमान में जल्द ही एक बेहद खास खगोलीय घटना देखने को मिलने वाली है। 12 अगस्त को सूर्य ग्रहण के दौरान चंद्रमा कुछ समय के लिए सूर्य के सामने आ जाएगा और उसकी रोशनी को ढक देगा। इस नजारे को लेकर दुनिया के कई हिस्सों में लोगों के बीच उत्सुकता है। खास बात यह है कि करीब 1.5 करोड़ लोग उस इलाके में होंगे, जहां सूर्य पूरी तरह चंद्रमा के पीछे छिपा दिखाई देगा। स्पेन, आइसलैंड के साथ ग्रीनलैंड, रूस और पुर्तगाल के कुछ हिस्सों में पूर्ण सूर्य ग्रहण देखा जा सकेगा।

वहीं, यूरोप और उत्तरी अफ्रीका के कई इलाकों में इसका आंशिक प्रभाव नजर आएगा। कुछ शहरों में सूर्य का 90 फीसदी से ज्यादा हिस्सा ढका रहेगा, जिससे आसमान का नजारा काफी अलग दिखाई देगा। हालांकि, ग्रहण देखने के लिए आंखों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखना जरूरी होगा।

स्पेन में मिलेगा सबसे शानदार नजारा

पूर्ण सूर्य ग्रहण देखने के लिए उत्तरी और पूर्वी स्पेन को सबसे बेहतर जगहों में माना जा रहा है। लियोन, वलाडोलिड, जारागोजा, तेरुएल और वेलेंसिया पूर्ण ग्रहण के दायरे में आएंगे। पश्चिमी स्पेन में पूर्ण ग्रहण की शुरुआत करीब 18:27 GMT यानी स्थानीय समयानुसार रात 8:27 बजे होगी। अलग-अलग स्थानों के आधार पर पूर्ण ग्रहण करीब 110 सेकंड तक रह सकता है। हालांकि स्पेन की राजधानी मैड्रिड और बार्सिलोना पूर्ण ग्रहण की पट्टी से थोड़ा बाहर रहेंगे। इसके बावजूद वहां रहने वाले लोग सूर्य का 99 फीसदी से ज्यादा हिस्सा ढका हुआ देख सकेंगे।

यूरोप के कई शहरों में दिखेगा आंशिक ग्रहण

पूर्ण सूर्य ग्रहण का नजारा भले ही सीमित इलाकों में दिखे, लेकिन आंशिक ग्रहण का दायरा काफी बड़ा होगा। यूरोप के ज्यादातर हिस्सों में शाम के समय सूर्य आंशिक रूप से ढका नजर आएगा। पेरिस में करीब 92 फीसदी, लंदन में 91 फीसदी और बर्लिन में लगभग 85 फीसदी सूर्य ढका रहेगा। यूरोप के पूर्वी हिस्सों में समस्या यह होगी कि कई जगह सूर्य ग्रहण के अपने अधिकतम स्तर पर पहुंचने से पहले ही सूरज डूब जाएगा। यानी वहां लोग ग्रहण का सबसे गहरा चरण नहीं देख पाएंगे।

उत्तरी अफ्रीका में भी दिखेगा ग्रहण

उत्तरी अफ्रीका के कुछ हिस्सों में भी आंशिक सूर्य ग्रहण दिखाई देगा। अल्जीयर्स में करीब 98 फीसदी और कैसाब्लांका में लगभग 87 फीसदी सूर्य ढका नजर आएगा। हालांकि इन दोनों शहरों में भी सूर्य के पूरी तरह अस्त होने के कारण ग्रहण का आखिरी हिस्सा दिखाई नहीं देगा।

अमेरिका और कनाडा में कितना दिखेगा?

अटलांटिक के दूसरी तरफ स्थिति कुछ अलग होगी। वहां ग्रहण सुबह और दोपहर के समय दिखाई देगा, लेकिन उत्तरी अमेरिका पूर्ण ग्रहण की मुख्य पट्टी से काफी दूर रहेगा। कनाडा के सेंट जॉन्स में करीब 53 फीसदी, मॉन्ट्रियल में 18 फीसदी और टोरंटो में लगभग 8 फीसदी सूर्य ढका दिखाई देगा। अमेरिका में अलास्का के कुछ हिस्सों में करीब 37 फीसदी तक ग्रहण देखा जा सकेगा। वहीं बाकी इलाकों में इसका असर काफी कम रहेगा। उत्तर-पूर्वी मेन में करीब 28 फीसदी, न्यूयॉर्क में लगभग 10 फीसदी और मिडवेस्ट के कई हिस्सों में लगभग नगण्य ग्रहण दिखाई देगा।

अगला पूर्ण सूर्य ग्रहण कब?

अगर 12 अगस्त का ग्रहण आपके इलाके में दिखाई नहीं देता, तो अगला बड़ा मौका ज्यादा दूर नहीं है। 2 अगस्त 2027 को अगला पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा, जिसकी पट्टी दक्षिणी स्पेन, उत्तरी अफ्रीका और यमन से होकर गुजरेगी। सूर्य ग्रहण के दौरान सीधे सूर्य की ओर देखना आंखों के लिए खतरनाक हो सकता है, इसलिए इसे देखने के लिए उचित प्रमाणित सोलर-व्यूइंग चश्मे या सुरक्षित उपकरण का इस्तेमाल करना जरूरी है।

12 अगस्त को आसमान में दिखेगा अद्भुत नजारा! पूर्ण सूर्य ग्रहण में दिन में छा जाएगा अंधेरा, जानें कहां-कहां दिखेगा 

12 अगस्त 2026 को पूर्ण सूर्य ग्रहण लगेगा। इस दौरान कुछ समय के लिए दिन में अंधेरा छा जाएगा। ऐसा तब होता है जब चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी के बीच आ जाता है और सूर्य की रोशनी को कुछ समय के लिए ढक देता है। यह पूर्ण सूर्य ग्रहण पृथ्वी के केवल कुछ हिस्सों से ही दिखाई देगा। वहीं, इससे कहीं बड़े इलाके में लोगों को सूर्य का केवल कुछ हिस्सा ही चंद्रमा के पीछे छिपता हुआ नजर आएगा।

इस सूर्य ग्रहण का रास्ता ग्रीनलैंड, आइसलैंड, उत्तरी स्पेन, पुर्तगाल के कुछ हिस्सों और उत्तरी रूस से होकर गुजरेगा। इन इलाकों की एक संकरी पट्टी में रहने वाले लोग पूर्ण सूर्य ग्रहण देख सकेंगे। इस दौरान चंद्रमा पूरी तरह सूर्य को ढक लेगा और सूर्य के बाहरी हिस्से यानी कोरोना को देखा जा सकेगा।

भारत में नहीं दिखाई देगा सूर्य ग्रहण

भारत इस सूर्य ग्रहण के दिखाई देने वाले क्षेत्र में शामिल नहीं है। इसलिए 12 अगस्त का यह पूर्ण सूर्य ग्रहण भारत के किसी भी शहर या देश के दूसरे हिस्सों से नहीं देखा जा सकेगा। यानी भारत में रहने वाले लोगों को इस खगोलीय घटना का न तो पूर्ण और न ही आंशिक सूर्य ग्रहण दिखाई देगा।

पूर्ण सूर्य ग्रहण 2026: इन देशों में दिखेगा पूरा ग्रहण

जो लोग 2026 का पूर्ण सूर्य ग्रहण देखना चाहते हैं, उन्हें उस संकरे इलाके में मौजूद होना होगा, जहां चंद्रमा की पूरी छाया पड़ेगी। इसी क्षेत्र में सूर्य कुछ समय के लिए पूरी तरह चंद्रमा के पीछे छिप जाएगा।

पूर्ण सूर्य ग्रहण देखने वाले प्रमुख देश और इलाके हैं:

  • ग्रीनलैंड
  • आइसलैंड
  • उत्तरी स्पेन
  • उत्तरी रूस
  • पुर्तगाल के कुछ हिस्से

इनमें स्पेन सूर्य ग्रहण देखने वालों के लिए खास जगह बन सकता है। यहां कई ऐसे स्थान हैं, जहां से ग्रहण के पूर्ण चरण वाले रास्ते तक आसानी से पहुंचा जा सकता है। पूर्ण ग्रहण के दौरान चंद्रमा सूर्य को पूरी तरह ढक लेगा और कुछ समय के लिए सूर्य का बाहरी हिस्सा यानी कोरोना दिखाई देगा।

पूर्ण सूर्य ग्रहण 2026: कब होगा ग्रहण?

पूर्ण सूर्य ग्रहण 12 अगस्त 2026, बुधवार को होगा। इस दौरान चंद्रमा सूर्य के सामने आ जाएगा और कुछ समय के लिए सूर्य की रोशनी को ढक देगा। यह ग्रहण कई घंटों तक चलेगा, क्योंकि चंद्रमा की छाया अलग-अलग इलाकों से होकर आगे बढ़ेगी। हालांकि, किसी एक जगह से देखने वालों के लिए ग्रहण का सबसे खास चरण, जिसे ‘पूर्णता’ (टोटैलिटी) कहा जाता है, बहुत कम समय के लिए दिखाई देगा।

पूर्णता कितनी देर तक दिखाई देगी, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि आप ग्रहण के रास्ते में किस जगह मौजूद हैं। सबसे अच्छी जगहों पर पूर्ण ग्रहण करीब दो मिनट तक दिखाई देने की उम्मीद है। यानी पूरे ग्रहण की अवधि लंबी होगी, लेकिन किसी एक स्थान से सूर्य के पूरी तरह ढकने का नजारा सिर्फ थोड़ी देर के लिए ही देखने को मिलेगा।

पूर्ण सूर्य ग्रहण 2026: ग्रहण के दौरान क्या दिखाई देगा?

जब चंद्रमा पूरी तरह सूर्य को ढक लेगा, तो दिन के समय आसमान अचानक काफी अंधेरा हो जाएगा। इस दौरान चंद्रमा के चारों ओर सूर्य का कोरोना, यानी सूर्य का बाहरी वायुमंडल, दिखाई देगा। यही पूर्ण सूर्य ग्रहण की सबसे खास बात है। आंशिक सूर्य ग्रहण में सूर्य का कुछ हिस्सा दिखाई देता रहता है, जबकि पूर्ण ग्रहण के दौरान कुछ समय के लिए सूर्य पूरी तरह चंद्रमा के पीछे छिप जाता है।

सूर्य ग्रहण को सुरक्षित तरीके से कैसे देखें?

सूर्य ग्रहण के आंशिक चरण को देखते समय आंखों की सुरक्षा का खास ध्यान रखना जरूरी है। इसके लिए सोलर व्यूइंग ग्लास या मंजूरशुदा सोलर फिल्टर का इस्तेमाल करना चाहिए। सामान्य धूप के चश्मे से सूर्य ग्रहण नहीं देखना चाहिए। ये आंखों को सूर्य की हानिकारक किरणों से पर्याप्त सुरक्षा नहीं देते। हालांकि, पूर्ण सूर्य ग्रहण के दौरान एक खास स्थिति होती है। जो लोग पूर्ण ग्रहण के रास्ते में मौजूद हैं, वे उस समय बिना सुरक्षा के चश्मे के पूरी तरह ढके हुए सूर्य को देख सकते हैं। लेकिन जैसे ही सूर्य की चमकदार डिस्क का थोड़ा सा हिस्सा भी दोबारा दिखाई देने लगे, आंखों की सुरक्षा के लिए सोलर ग्लास या फिल्टर तुरंत लगा लेना चाहिए।

August 12 Total Solar Eclipse: इस देश में 100 साल बाद दिखेगा सूर्य ग्रहण का दुर्लभ नजारा, भारत में नहीं दिखेगा ग्रहण

August 12 Total Solar Eclipse: साल 2026 में दो सूर्य और दो चंद्र ग्रहण होने हैं। पहला सूर्य और चंद्र ग्रहण फरवरी और मार्च में हो चुका है। अब अगस्त के महीने में इस साल आखिरी सूर्य और चंद्र ग्रहण लगेगा। भारतीय पंचांग के अनुसार, इस साल का अंतिम सूर्य ग्रहण जहां सावन की अमावस्या के दिन 12 अगस्त को लगेगा, वहीं चंद्र ग्रहण सावन की पूर्णिमा को 28 अगस्त को होगा। यह दोनों ही ग्रहण भारत में नजर नहीं आएंगे, इसलिए इनका धार्मिक प्रभाव नहीं होगा। लेकिन ज्योतिष की दृष्टि से यह अहम होगा।

सूर्य, चंद्रमा और पृथ्वी जब एक सीध में आते हैं ग्रहण होता है। ग्रहण एक दुर्लभ खगोलीय घटना है, जो एक निश्चित अंतराल पर होती है। इस साल का दूसरा और अंतिम सूर्य ग्रहण में कुछ ही दिनों का समय बचा है। यह पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा और इसमें 2 मिनट के लिए सूर्य को चंद्रा पूरी तरह ढक लेगा। इस ग्रहण का सबसे दुर्लभ और दिलचस्प नजारा स्पेन में दिखाई देगा। यहां 1905 के बाद पहली बार पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा।

स्पेन में 100 साल पर दिन में पूरी तरह छाएगा अंधेरा

12 अगस्त को लग रहा सूर्य ग्रहण वर्ष 2026 का दूसरा और अत्यंत महत्वपूर्ण पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा। इस ग्रहण के दौरान मुख्य रूप से स्पेन में लगभग 100 साल (1905 के बाद) बाद दिन के समय ही पूरी तरह अंधेरा छा जाएगा। इस ग्रहण में डायमंड का रिंग का नजारा भी देखने को मिल सकता है।

सूर्य ग्रहण तिथि, समय और सूतक काल

तिथि : 12 अगस्त 2026 (अमावस्या तिथि)

शुरुआत : 12 अगस्त 2026, रात लगभग 09:04 बजे

समाप्ति : 13 अगस्त 2026, सुबह लगभग 04:25 बजे

पूर्ण सूर्य ग्रहण 2026 सूतक काल

सूर्य ग्रहण का सूतक काल ग्रहण शुरू होने से 12 घंटे पहले प्रारंभ होकर ग्रहण समाप्ति तक रहता है। 12 अगस्त 2026 को लग रहा पूर्ण सूर्य ग्रहण भारत में दृश्यमान नहीं होगा, इसलिए भारत में इसका सूतक काल मान्य नहीं रहेगा। मंदिरों के कपाट खुले रहेंगे और नियमित पूजा-पाठ होगा।

कहां देखा जा सकता सूर्य ग्रहण

स्पेन (उत्तरी व मध्य हिस्से जैसे मैड्रिड, वालेंसिया, बेलिएरिक द्वीप समूह), आइसलैंड (पश्चिमी तट व रेक्याविक), ग्रीनलैंड, रूस के सुदूर उत्तरी/आर्कटिक क्षेत्र तथा उत्तरी अटलांटिक महासागर में पूर्ण सूर्य ग्रहण दिखाई देगा। जबकि पश्चिमी यूरोप, कनाडा और उत्तरी अफ्रीका के कई देशों में आंशिक सूर्य ग्रहण का नजारा दिखाई देगा।

Kamika Ekadashi 2026: सावन की पहली एकादशी होती है कामिका एकादशी, सुख-समृद्धि और भाग्य को मजबूत बनाने के लिए जरूर करें ये 5 उपाय

दिन में दिखेगा रात जैसा नजारा! इस तारीख को कुछ मिनटों के लिए गायब हो जाएगा सूरज

12 अगस्त को आसमान एक ऐसे दुर्लभ नजारे का गवाह बनने वाला है, जिसे देखने के लिए दुनियाभर के लोग इंतजार कर रहे हैं। कुछ देशों में दिन के उजाले में कुछ मिनटों के लिए अंधेरा छा जाएगा। यही वजह है कि इस खगोलीय घटना को बेहद खास माना जा रहा है।

 

खगोलीय घटना

पूर्ण सूर्य ग्रहण तब होता है, जब चंद्रमा पृथ्वी और सूर्य के बीच आकर सूर्य को पूरी तरह ढक लेता है। इस दौरान कुछ समय के लिए दिन में भी शाम जैसा अंधेरा महसूस होता है। कई जगहों पर तापमान थोड़ा कम हो जाता है और वातावरण भी सामान्य दिनों से अलग दिखाई देता है। यह एक दुर्लभ खगोलीय घटना मानी जाती है।

 

 

दिखाई देने वाली जगहें

यह पूर्ण सूर्य ग्रहण सबसे पहले उत्तरी रूस में दिखाई देगा। इसके बाद ग्रीनलैंड, आइसलैंड, स्पेन और पुर्तगाल के उत्तर-पूर्वी हिस्सों से होकर गुजरेगा। इसके अलावा यूरोप के कई देशों, कनाडा, अमेरिका के उत्तरी क्षेत्रों और उत्तर-पश्चिम अफ्रीका में सूर्य ग्रहण देखा जा सकेगा। भारत में यह सूर्य ग्रहण दिखाई नहीं देगा।

 

 

भारत पर असर

चूंकि यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए यहां सूतक काल मान्य नहीं माना जाएगा। ऐसे में भारत में सामान्य दिनचर्या पर इसका कोई प्रभाव नहीं रहेगा। जो लोग धार्मिक मान्यताओं का पालन करते हैं, वे अपनी आस्था के अनुसार नियमों का पालन कर सकते हैं।

 

 

ग्रहण का समय

स्पेन में पूर्ण सूर्य ग्रहण सूर्यास्त से ठीक पहले दिखाई देगा और इसकी अवधि दो मिनट से भी कम होगी। बर्गोस शहर में करीब 1 मिनट 48 सेकंड तक पूरा अंधेरा रहेगा। वहीं, कुछ अन्य देशों में भी पूर्ण ग्रहण ढाई मिनट से कम समय तक दिखाई देगा। लेकिन आंशिक सूर्य ग्रहण लगभग 1 घंटा 45 मिनट तक देखा जा सकेगा।

 

 

दुर्लभ नजारा

पूर्ण सूर्य ग्रहण हर साल हर जगह दिखाई नहीं देता। यह केवल पृथ्वी की एक संकरी पट्टी से ही गुजरता है। कई क्षेत्रों में ऐसा नजारा दोबारा देखने के लिए दशकों या सैकड़ों साल तक इंतजार करना पड़ सकता है। यही वजह है कि इसे बेहद दुर्लभ और खास खगोलीय घटना माना जाता है।

 

 

धार्मिक महत्व

हिंदू धर्म में सूर्य ग्रहण का विशेष महत्व माना जाता है। ग्रहण के समय कई लोग पूजा-पाठ, मंत्र जाप और भगवान का स्मरण करते हैं। कुछ लोग ग्रहण के दौरान भोजन बनाने या खाने से भी परहेज करते हैं। ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान और घर की सफाई करने की परंपरा भी कई जगहों पर निभाई जाती है।

 

 

रखें ये सावधानियां

सूर्य ग्रहण को कभी भी नंगी आंखों से नहीं देखना चाहिए, क्योंकि इससे आंखों को गंभीर नुकसान हो सकता है। साधारण धूप का चश्मा, काला शीशा या एक्स-रे फिल्म भी सेफ नहीं माने जाते। ग्रहण देखने के लिए हमेशा सोलर व्यूइंग ग्लास या फिल्टर का ही इस्तेमाल करना चाहिए।