कल का मौसम: IMD ने 8 राज्यों में आंधी-तूफान, बिजली गिरने और बारिश का जताया अनुमान; उत्तराखंड के 8 जिलों में येलो अलर्ट जारी

IMD Weather Forecast: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कई राज्यों में गरज-चमक के साथ बारिश, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने का अनुमान जताया है। उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश समेत कई इलाकों में बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के मुताबिक, अगले कुछ दिनों तक मौसम का मिजाज बदला हुआ रह सकता है।

8 अक्टूबर को कैसा रहेगा दिल्ली का मौसम?

दिल्ली में 8 अक्टूबर को आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं। इस दौरान तापमान 34 डिग्री सेल्सियस से 22 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है।

इसके बाद 9 अक्टूबर को अधिकतम तापमान में थोड़ी गिरावट आ सकती है और यह 32 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। 10 और 11 अक्टूबर को भी दिल्ली में आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है। इन दोनों दिनों में तापमान 32 से 33 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है।

उत्तराखंड का मौसम

IMD ने उत्तराखंड के 8 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है और अगले पांच दिनों में मध्यम बारिश का अनुमान लगाया है। इस अलर्ट में देहरादून, हरिद्वार, टिहरी, पौड़ी गढ़वाल, अल्मोड़ा, नैनीताल, चंपावत और उधम सिंह नगर शामिल हैं।

इन जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। अगले पांच दिनों के दौरान सभी जिलों में कुछ जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। 4,200 मीटर से ज्यादा ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी भी हो सकती है।

मौसम विभाग ने कहा कि पिछले शनिवार को राज्य से मॉनसून के लौटने के बाद मौसम में यह बदलाव आया है और अब एक वेस्टर्न डिस्टर्बेंस (पश्चिमी विक्षोभ) मौसम को प्रभावित कर रहा है।

हिमाचल प्रदेश का मौसम

हिमाचल प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक मौसम खराब रह सकता है। मौसम विभाग के मुताबिक, राज्य के कई हिस्सों में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की संभावना है। राज्य में रविवार तक बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।

जम्मू-कश्मीर का मौसम

जम्मू-कश्मीर में आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और तेज हवाएं चलने के साथ-साथ आने वाले दिनों में बारिश होने की भी संभावना है।

लद्दाख का मौसम

लद्दाख में अगले कुछ दिनों तक मौसम बदला हुआ रह सकता है। यहां आंधी-तूफान और बिजली कड़कने की संभावना है। इसके अलावा कई इलाकों में बारिश भी हो सकती है।

उत्तर प्रदेश का मौसम

उत्तर प्रदेश में आंधी-तूफान और बिजली कड़कने की संभावना है, और राज्य के कुछ हिस्सों में बारिश भी हो सकती है।

हरियाणा और चंडीगढ़ का मौसम

हरियाणा और चंडीगढ़ में आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और तेज हवाएं चलने के साथ-साथ मौसम के अस्थिर रहने की उम्मीद है। और रविवार तक बारिश व आंधी-तूफान की संभावना बनी रहेगी।

पंजाब का मौसम

आने वाले दिनों में पंजाब में आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और तेज़ हवाएं चलने की संभावना है।

दक्षिण भारत का मौसम

आने वाले दिनों में तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, रायलसीमा, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, दक्षिण अंदरूनी कर्नाटक, केरल, माहे और लक्षद्वीप में बारिश जारी रहने की संभावना है।

IMD का ताजा अनुमान

ताजा अनुमान के मुताबिक, अगले कुछ दिनों तक देश के कई हिस्सों में मौसम खराब बना रहेगा और अलग-अलग इलाकों में बारिश, आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और तेज हवाएं चलने की उम्मीद है।

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दिन में दिखेगा रात जैसा नजारा! इस तारीख को कुछ मिनटों के लिए गायब हो जाएगा सूरज

12 अगस्त को आसमान एक ऐसे दुर्लभ नजारे का गवाह बनने वाला है, जिसे देखने के लिए दुनियाभर के लोग इंतजार कर रहे हैं। कुछ देशों में दिन के उजाले में कुछ मिनटों के लिए अंधेरा छा जाएगा। यही वजह है कि इस खगोलीय घटना को बेहद खास माना जा रहा है।

 

खगोलीय घटना

पूर्ण सूर्य ग्रहण तब होता है, जब चंद्रमा पृथ्वी और सूर्य के बीच आकर सूर्य को पूरी तरह ढक लेता है। इस दौरान कुछ समय के लिए दिन में भी शाम जैसा अंधेरा महसूस होता है। कई जगहों पर तापमान थोड़ा कम हो जाता है और वातावरण भी सामान्य दिनों से अलग दिखाई देता है। यह एक दुर्लभ खगोलीय घटना मानी जाती है।

 

 

दिखाई देने वाली जगहें

यह पूर्ण सूर्य ग्रहण सबसे पहले उत्तरी रूस में दिखाई देगा। इसके बाद ग्रीनलैंड, आइसलैंड, स्पेन और पुर्तगाल के उत्तर-पूर्वी हिस्सों से होकर गुजरेगा। इसके अलावा यूरोप के कई देशों, कनाडा, अमेरिका के उत्तरी क्षेत्रों और उत्तर-पश्चिम अफ्रीका में सूर्य ग्रहण देखा जा सकेगा। भारत में यह सूर्य ग्रहण दिखाई नहीं देगा।

 

 

भारत पर असर

चूंकि यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए यहां सूतक काल मान्य नहीं माना जाएगा। ऐसे में भारत में सामान्य दिनचर्या पर इसका कोई प्रभाव नहीं रहेगा। जो लोग धार्मिक मान्यताओं का पालन करते हैं, वे अपनी आस्था के अनुसार नियमों का पालन कर सकते हैं।

 

 

ग्रहण का समय

स्पेन में पूर्ण सूर्य ग्रहण सूर्यास्त से ठीक पहले दिखाई देगा और इसकी अवधि दो मिनट से भी कम होगी। बर्गोस शहर में करीब 1 मिनट 48 सेकंड तक पूरा अंधेरा रहेगा। वहीं, कुछ अन्य देशों में भी पूर्ण ग्रहण ढाई मिनट से कम समय तक दिखाई देगा। लेकिन आंशिक सूर्य ग्रहण लगभग 1 घंटा 45 मिनट तक देखा जा सकेगा।

 

 

दुर्लभ नजारा

पूर्ण सूर्य ग्रहण हर साल हर जगह दिखाई नहीं देता। यह केवल पृथ्वी की एक संकरी पट्टी से ही गुजरता है। कई क्षेत्रों में ऐसा नजारा दोबारा देखने के लिए दशकों या सैकड़ों साल तक इंतजार करना पड़ सकता है। यही वजह है कि इसे बेहद दुर्लभ और खास खगोलीय घटना माना जाता है।

 

 

धार्मिक महत्व

हिंदू धर्म में सूर्य ग्रहण का विशेष महत्व माना जाता है। ग्रहण के समय कई लोग पूजा-पाठ, मंत्र जाप और भगवान का स्मरण करते हैं। कुछ लोग ग्रहण के दौरान भोजन बनाने या खाने से भी परहेज करते हैं। ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान और घर की सफाई करने की परंपरा भी कई जगहों पर निभाई जाती है।

 

 

रखें ये सावधानियां

सूर्य ग्रहण को कभी भी नंगी आंखों से नहीं देखना चाहिए, क्योंकि इससे आंखों को गंभीर नुकसान हो सकता है। साधारण धूप का चश्मा, काला शीशा या एक्स-रे फिल्म भी सेफ नहीं माने जाते। ग्रहण देखने के लिए हमेशा सोलर व्यूइंग ग्लास या फिल्टर का ही इस्तेमाल करना चाहिए।