Stock in Focus: सरकारी कंपनी को ₹3244 करोड़ का प्रोजेक्ट, शेयरों पर रहेगी नजर

Stock in Focus: सरकारी कंपनी Power Grid Corporation of India Ltd ने राजस्थान के रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट से बिजली निकालने के लिए बड़ा ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट हासिल किया है। कंपनी को राजस्थान के बाड़मेर कॉम्प्लेक्स से 6 GW सोलर पावर ट्रांसमिशन के लिए सफल बोलीदाता चुना गया है।

यह प्रोजेक्ट टैरिफ बेस्ड कॉम्पिटिटिव बिडिंग के तहत मिला है। कंपनी ने इसके लिए ₹3,244.33 करोड़ सालाना ट्रांसमिशन चार्ज की बोली लगाई है। POWERGRID को 2 सितंबर 2026 को लेटर ऑफ इंटेंट of Intent मिला है।

1,000 किमी लंबी HVDC लाइन बनेगी

प्रोजेक्ट के तहत राजस्थान के बाड़मेर-II में 6,000 MW की HVDC टर्मिनल स्थापित की जाएगी। महाराष्ट्र के साउथ कलांब में भी टर्मिनल बनेगी। दोनों जगहों पर ±800 kV HVDC सिस्टम लगाया जाएगा।

बाड़मेर-II से साउथ कलांब के बीच करीब 1,000 किमी लंबी ट्रांसमिशन लाइन बिछाई जाएगी। यह राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र से होकर गुजरेगी।

इसके अलावा राजस्थान में 400 kV की ट्रांसमिशन लाइन, जरूरी बे और दूसरे उपकरण भी लगाए जाएंगे। बाड़मेर-II पावर स्टेशन पर दो SynCon यूनिट भी स्थापित की जाएंगी।

BOOT मॉडल पर बनेगा प्रोजेक्ट

यह प्रोजेक्ट Build, Own, Operate and Transfer यानी BOOT मॉडल पर विकसित होगा। इसके तहत कंपनी प्रोजेक्ट बनाएगी, चलाएगी और तय अवधि के बाद इसे ट्रांसफर किया जाएगा।

हाल में गुजरात का भी प्रोजेक्ट मिला

पिछले महीने भी POWERGRID को गुजरात में रिन्यूएबल एनर्जी ट्रांसमिशन का बड़ा प्रोजेक्ट मिला था। इस प्रोजेक्ट के लिए कंपनी ने ₹822.91 करोड़ सालाना ट्रांसमिशन टैरिफ की बोली लगाई थी।

बुधवार को Power Grid Corporation का शेयर NSE पर 1.23% की तेजी के साथ ₹267.80 पर बंद हुआ।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Janmashtami Bank Holiday: 4 सितंबर को जन्माष्टमी पर बैंक बंद रहेंगे या खुलेंगे? देखिए RBI की पूरी बैंक हॉलिडे लिस्ट

Janmashtami Bank Holiday 2026: देशभर में श्री कृष्ण जन्माष्टमी का त्योहार धूमधाम से मनाया जाता है। इस साल 4 सितंबर, शुक्रवार को जन्माष्टमी के पावन अवसर पर देश के कई राज्यों में बैंकों की छुट्टी रहने वाली है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा जारी की गई आधिकारिक बैंक हॉलिडे लिस्ट के मुताबिक, कई सर्किलों में सरकारी और प्राइवेट दोनों तरह के बैंकों की शाखाओं में कामकाज नहीं होगा।

अगर आपको इस हफ्ते बैंक जाकर चेक क्लियरिंग, कैश डिपॉजिट या अन्य जरूरी काम निपटाने हैं, तो अपने शहर की हॉलिडे लिस्ट चेक करके ही घर से निकलें।

4 सितंबर को किन-किन राज्यों में बंद रहेंगे बैंक?

RBI की ‘नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट’ के तहत 4 सितंबर को देश के प्रमुख शहरों और सर्किलों में बैंक बंद रहेंगे:

  • उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड: लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, देहरादून और नोएडा।
  • राजस्थान और मध्य प्रदेश: जयपुर, भोपाल और इंदौर।
  • गुजरात और महाराष्ट्र: अहमदाबाद और मुंबई (कुछ क्षेत्रों में स्थानीय मान्यताओं के अनुसार)।
  • पूर्वी भारत: कोलकाता, पटना, गंगटोक और रांची।
  • दक्षिण भारत: चेन्नई, हैदराबाद और बेंगलुरु (चुनिंदा सर्किल)।

(नोट: जिन राज्यों या केंद्र शासित प्रदेशों में जन्माष्टमी का आधिकारिक अवकाश अधिसूचित नहीं है, वहां बैंक शाखाएं अपने सामान्य समय के अनुसार खुली रहेंगी।)

सितंबर 2026: बैंकों की छुट्टियों का कैलेंडर

4 सितंबर, शुक्रवार: श्री कृष्ण जन्माष्टमी- उत्तर प्रदेश, राजस्थान, एमपी, दिल्ली NCR आदि

12 सितंबर, शनिवार: दूसरा शनिवार- पूरे भारत में बैंक बंद रहेंगे

13 सितंबर, रविवार: साप्ताहिक अवकाश- पूरे भारत में बैंक बंद रहेंगे

26 सितंबर, शनिवार: चौथा शनिवार- पूरे भारत में बैंक बंद रहेंगे

बैंक बंद रहने पर भी चालू रहेंगी ये डिजिटल सेवाएं

बैंक शाखाएं बंद रहने के बावजूद ग्राहकों को वित्तीय लेनदेन में कोई परेशानी नहीं होगी। आप घर बैठे ऑनलाइन सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं। Google Pay, PhonePe, Paytm और भीम ऐप से पैसों का लेनदेन 24 घंटे चालू रहेगा। कैश निकालने और जमा करने के लिए एटीएम सेवाएं चालू रहेंगी। NEFT और RTGS के जरिए ऑनलाइन फंड ट्रांसफर आसानी से किया जा सकेगा।

2 सितंबर मौसम: यूपी-उत्तराखंड में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट, IMD ने दिल्ली-बिहार समेत 15+ राज्यों के लिए जारी की ये चेतावनी

Aaj Ka Mausam: देश भर में मानसून का असर लगातार बना हुआ है। इस बीच, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 2 सितंबर के लिए मौसम का ताजा बुलेटिन जारी कर दिया है। मौसम विभाग के मुताबिक देश के 15 से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मध्यम से लेकर मूसलाधार बारिश का दौर देखने को मिलेगा। कई राज्यों में आकाशीय बिजली चमकने, तेज आंधी-तूफान चलने और समुद्री इलाकों में खतरनाक तूफानी हवाएं चलने की चेतावनी जारी की गई है।

यूपी, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश में बहुत भारी बारिश का अलर्ट

उत्तर भारत और मध्य भारत के कुछ राज्यों में 2 सितंबर को मूसलाधार बारिश का सबसे ज्यादा असर देखने को मिलेगा। IMD के मुताबिक पूर्वी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश के अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की पूरी संभावना जताई गई है। इन राज्यों के कई जिलों में बारिश के साथ-साथ बादलों की गरज और बिजली कड़कने की घटनाएं भी देखने को मिल सकती हैं।

दिल्ली, बिहार, पंजाब और हरियाणा समेत 15 से ज्यादा राज्यों में भारी बारिश

देश के एक बड़े हिस्से में 2 सितंबर को भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, ओडिशा, विदर्भ, पश्चिम बंगाल, सिक्किम और पश्चिमी मध्य प्रदेश में अलग-अलग जगहों पर तेज बारिश दर्ज की जा सकती है। पूर्वोत्तर भारत के अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी कई जगहों पर मूसलाधार बारिश होने का अनुमान है।

आंधी-तूफान, बिजली और तेज हवाओं का अलर्ट

मौसम विभाग ने बारिश के साथ-साथ तेज आंधी और आकाशीय बिजली चमकने को लेकर भी चेतावनी जारी की है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, ओडिशा और रायलसीमा में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने और बिजली कड़कने का पूर्वानुमान है।

बिहार, झारखंड, गांगेय पश्चिम बंगाल और सिक्किम, तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, आंतरिक कर्नाटक, पूर्वी राजस्थान और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख के इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने के साथ बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, दिल्ली, पंजाब, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, मराठवाड़ा, विदर्भ और पूर्वोत्तर के राज्यों में भी अलग-अलग जगहों पर बिजली चमकने और आकाशीय बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया है। आंध्र प्रदेश, आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना में मजबूत सतही हवाएं चलने की भी संभावना है।

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समुद्र और तटीय इलाकों में तूफानी हवाएं, मछुआरों को चेतावनी

समुद्री क्षेत्रों में मौसम का मिजाज काफी खराब रहने वाला है। अरब सागर में सोमालिया और ओमान के तटों से सटे क्षेत्रों, पश्चिम-मध्य अरब सागर के बड़े हिस्सों, दक्षिण-पश्चिम और उत्तर व पूर्व-मध्य अरब सागर के कुछ हिस्सों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं। इनकी स्पीड बढ़कर 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

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इसी तरह बंगाल की खाड़ी में दक्षिण तमिलनाडु तट, मन्नार की खाड़ी के कुछ हिस्सों और दक्षिण श्रीलंका तट से सटे दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में भी 45 से 55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने और 65 किमी प्रति घंटे तक झोंके आने का अनुमान है। अंडमान सागर में भी 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी मौसम और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। इसे देखते हुए मछुआरों को इन इलाकों में न जाने की सलाह दी गई है।

कल का मौसम: 2 सितंबर को होगी मूसलाधार बारिश! IMD ने दिल्ली, यूपी, बिहार समेत 15 से ज्यादा राज्यों के लिए जारी किया अलर्ट

Weather update for September 2nd: देश के अलग अलग इलाकों में मानसून के एक्टिव होने की वजह से भारी बारिश का दौर देखने को मिल रहा है। इसी बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 2 सितंबर के लिए मौसम का ताजा पूर्वानुमान जारी किया है। IMD ने देश के 15 से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मध्यम से मूसलाधार बारिश का अलर्ट दिया है। कम दबाव के क्षेत्र और सक्रिय मानसूनी प्रणालियों के चलते देश के मैदानी, पहाड़ी और तटीय इलाकों में 2 सितंबर को बारिश, आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली कड़कने का खतरा बना रहेगा।

उत्तराखंड, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में बहुत भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग के मुताबिक 2 सितंबर को उत्तराखंड, छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश का प्रकोप सबसे अधिक रहेगा। IMD ने इन तीनों राज्यों में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की चेतावनी जारी की है। इसके साथ ही इन क्षेत्रों में बिजली कड़कने और गरज-चमक के साथ तेज बौछारें पड़ने की पूरी संभावना है। इसे देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

दिल्ली, यूपी, बिहार और झारखंड समेत मैदानी राज्यों का हाल

दिल्ली समेत उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में भी 2 सितंबर को बारिश की गतिविधियां तेजी पकड़ेंगी। मौसम विभाग ने दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, ओडिशा, विदर्भ और पश्चिमी मध्य प्रदेश में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया है। इसके अलावा बिहार, झारखंड, गांगेय पश्चिम बंगाल और पूर्वी राजस्थान में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं के साथ बिजली गिरने की आशंका व्यक्त की गई है।

पहाड़ी राज्यों और पूर्वोत्तर भारत में कैसा रहेगा मौसम

पहाड़ी क्षेत्रों की बात करें तो उत्तराखंड के अलावा हिमाचल प्रदेश तथा जम्मू-कश्मीर-लद्दाख के इलाकों में भारी बारिश के साथ-साथ 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी दी गई है। वहीं पूर्वोत्तर भारत में भी मानसूनी बारिश का तांडव जारी रहेगा। मौसम विभाग के मुताबिक अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश के साथ गरज-चमक का दौर बना रहेगा।

तटीय क्षेत्रों में तूफानी हवाओं की चेतावनी और समुद्र का हाल

दक्षिण भारत और तटीय इलाकों में भी मौसम का मिजाज बदला रहेगा। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, ओडिशा और रायलसीमा में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने और आकाशीय बिजली कड़कने का अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा तटीय आंध्र प्रदेश, आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं और मजबूत सतही हवाएं चलने का अनुमान है।

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समुद्री गतिविधियों को लेकर IMD ने बताया है कि अरब सागर में सोमालिया व ओमान के तटों के साथ-साथ पश्चिम-मध्य, दक्षिण-पश्चिम और उत्तर व पूर्व-मध्य अरब सागर में 45 से 55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं, जो बढ़कर 65 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं। इसी तरह बंगाल की खाड़ी में दक्षिण तमिलनाडु तट, मन्नार की खाड़ी और दक्षिण श्रीलंका से सटे दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में भी 45 से 55 किमी प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने की संभावना है। मौसम विभाग ने मछुआरों को इन तटीय और समुद्री क्षेत्रों में न जाने की सलाह दी है।

IMD Rain Alert: 1 सितंबर को मौसम का कहर! 17 राज्यों में होगी झमाझम बारिश, तेज आंधी के साथ बिजली-ओलों की भी चेतावनी

IMD Weather Update: देश के कई हिस्सों में आज भी बारिश का दौर जारी रह सकता है। मौसम विभाग (आईएमडी) के मुताबिक, 1 सितंबर को देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बिगड़ा हुआ रह सकता है। मौसम विभाग ने दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार समेत देश के कई राज्यों में तेज बारिश और आंधी को लेकर चेतावनी जारी की है। कुछ जगहों पर 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती है। वहीं कुछ इलाकों में बिजली गिरने और ओले पड़ने की भी संभावना जताई गई है। ऐसे में अगर आप घर से निकलने का प्लान कर रहे हैं तो पढ़े वेदर रिपोर्ट

पहाड़ों पर भी होगी तेज बारिश

मैदान के साथ पहाड़ी इलाकों में भी बारिश की वजह से लोगों को मुसीबत हो रही है। लगातार बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों में लैंडस्लाइड का खतरा बढ़ सकता है, जबकि नदियों का जलस्तर भी तेजी से बढ़ने की आशंका है। पूर्वोत्तर असम में चक्रवाती हवाओं का असर बना हुआ है। पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में तेज बारिश हो सकती है। वहीं, पश्चिम बंगाल, उत्तरी ओडिशा और बंगाल की खाड़ी के आसपास कम दबाव के कारण मौसम बदलने की संभावना है।

इन राज्यों में तेज बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने 1 सितंबर को देश के कई हिस्सों में खराब मौसम को लेकर अलर्ट जारी किया है। पूर्वी भारत के कुछ इलाकों में बारिश के दौरान बिजली गिरने का खतरा भी बना रहेगा। इस दौरान कई जगहों पर तेज हवाएं चल सकती हैं। आईएमडी ने दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, असम, सिक्किम और केरल में तेज बारिश के साथ आंधी चलने की संभावना जताई है।

कैसा होगा यूपी-दिल्ली का मौसम

दिल्ली और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम बदला हुआ नजर आ सकता है। दिल्ली में शाम के समय कुछ इलाकों में बारिश के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है। दिन का तापमान करीब 34 डिग्री और रात का तापमान 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। वहीं, उत्तर प्रदेश के कई जिलों में तेज बारिश और आंधी का असर देखने को मिल सकता है। कुछ जगहों पर हवाएं 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं।

कागजों में भगाए बंदर! राजस्थान संपर्क पोर्टल पर समस्या का ‘फर्जी समाधान’

कागजों में भगाए बंदर! राजस्थान संपर्क पोर्टल पर समस्या का 'फर्जी समाधान'

राजस्थान सरकार का 'संपर्क पोर्टल', जिसका मकसद जनता की समस्याओं का पारदर्शी और त्वरित समाधान करना है, चौमूं में प्रशासनिक लापरवाही का शिकार हो गया है। चौमू की कई कालोनियों में बंदरों का आतंक है। इसी संदर्भ में एक नागरिक ने जब पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई, तो उसे धरातल पर हल करने के बजाय अधिकारियों ने फर्जीवाड़ा कर कागजों में ही 'निस्तारित' दिखा दिया। हद तो तब हो गई जब समाधान पत्र पर ऐसे अधिकारी के नाम का लेटर अपलोड कर दिया गया, जो काफी समय पहले ही तबादला हो चुका है। 

 

दरअसल, चौमूं नगर परिषद क्षेत्र के अशोक विहार कॉलोनी निवासी रमेश कुमार रावत ने 25 अगस्त को बंदरों के बढ़ते आतंक से राहत पाने के लिए राजस्थान संपर्क पोर्टल पर परिवाद दर्ज कराया था। लेकिन समस्या दूर होना तो दूर, पोर्टल के कार्यशैली ने प्रशासनिक ढिलाई की पोल खोल कर रख दी। ALSO READ: चोमू शहर में बंदरों का आतंक! लोगों में दहशत, एक साल से फाइल में दबा ज्ञापन, राहत का इंतजार

एक ही दिन में बिना कार्रवाई कागजी समाधान

शिकायत दर्ज होने के 24 घंटे के भीतर ही पोर्टल पर दावा कर दिया गया कि समस्या का निवारण कर राहत प्रदान कर दी गई है। इसके प्रमाण के तौर पर पोर्टल पर दिलीप कुमार शर्मा (आयुक्त) के नाम से एक पत्र भी अपलोड कर दिया गया। मजेदार बात यह है कि दिलीप कुमार शर्मा लंबे समय से चौमूं नगर परिषद के आयुक्त हैं ही नहीं। वर्तमान में इस पद पर रामकिशोर मेहता कार्यरत हैं। इससे पहले ममता नागर महज एक दिन के लिए नियुक्त हुई थीं और फिर तबादला होने पर चली गई थीं। ऐसे में पदमुक्त अधिकारी के नाम का लेटर अपलोड होना गंभीर लापरवाही को दर्शाता है।

असंतोष जताया तो उपनिदेशक को भेजा मामला

पोर्टल की ओर से जब परिवादी रमेश रावत के पास कॉल और व्हाट्सएप मैसेज के जरिए फीडबैक लिया गया, तो उन्होंने स्पष्ट रूप से असंतुष्टि जताते हुए कहा कि बंदरों का आतंक ज्यों का त्यों बना हुआ है। शिकायतकर्ता की आपत्ति के बाद, 26 अगस्त को पोर्टल के डेटा एंट्री ऑपरेटर (सिटीजन कांटेक्ट सेंटर) ने मामला वापस नगर परिषद आयुक्त को भेजा। इसके बावजूद तय समय सीमा में कार्रवाई न होने पर 29 अगस्त को परिवाद को उच्च स्तर पर उपनिदेशक (जयपुर, स्वायत्त शासन) को प्रेषित कर दिया गया है।

मुख्यमंत्री की मंशा पर फिर रहा पानी

परिवादी रमेश कुमार रावत का कहना है कि राज्य के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा जहां एक ओर संपर्क पोर्टल के जरिए आमजन से सीधा संवाद कर राहत पहुंचाना चाहते हैं, वहीं दूसरी ओर जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारी बिना धरातल पर काम किए फर्जी निवारण पत्र अपलोड कर रहे हैं। इस तरह की गलतियां न केवल मुख्यमंत्री की मंशा पर पानी फेर रही हैं, बल्कि सरकारी पोर्टल की विश्वसनीयता और जनता के विश्वास के साथ खिलवाड़ भी हैं।

 

स्थानीय निवासियों ने मांग की है कि ऐसे गलत दस्तावेज अपलोड करने वाले दोषी कर्मचारियों और लापरवाह अधिकारियों पर उच्चाधिकारी तुरंत सख्त कार्रवाई करें, ताकि आमजन की समस्याओं का समयबद्ध समाधान हो सके।

NCR के बाहर ‘रियल एस्टेट बूम’: मेरठ से नौगांव तक क्यों आसमान छू रही हैं जमीन-मकान की कीमतें? जानिए पूरी इनसाइड स्टोरी

NCR Satellite Towns Real Estate Boom: मेरठ के रहने वाले प्रदीप चौधरी जब करीब ढाई साल पहले अपने शहर की एक पॉश कॉलोनी में 150 वर्ग गज के घर की जानकारी लेने गए थे, तब उसकी कीमत लगभग ₹1.1 करोड़ थी। हाल ही में उन्होंने वही प्रॉपर्टी ₹2.5 करोड़ में खरीदी।

प्रदीप बताते हैं, ‘अगर मैं ऐसा ही घर नोएडा में खरीदता तो ₹4-5 करोड़ लगते, और गुरुग्राम में तो रेट इससे भी कहीं ज्यादा हैं। मैं दिल्ली में नौकरी करता हूं, लेकिन दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और नमो भारत (RRTS) आने के बाद अब मेरठ से दिल्ली पहुंचने में सिर्फ 50 मिनट लगते हैं। यह सफर नोएडा या गुरुग्राम के कुछ इलाकों से भी ज्यादा आसान और तेज है। फिर मैं करोड़ों रुपये ज्यादा क्यों खर्च करूं?’

प्रदीप की यह कहानी अकेले उनकी नहीं है। यह दिल्ली-एनसीआर के रियल एस्टेट मार्केट में आ रहे एक ऐतिहासिक बदलाव की बानगी है। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे, नमो भारत (RRTS), गंगा एक्सप्रेसवे और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे जैसे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स ने दूरी और समय को इतना घटा दिया है कि लोग अब नोएडा, दिल्ली या गुरुग्राम जाने के बजाय मेरठ और नौगांव जैसे उभरते शहरों में घर और जमीन खरीदना ज्यादा पसंद कर रहे हैं।

मेरठ का रियल एस्टेट मार्केट: सिर्फ 2-3 साल में दोगुनी हुईं कीमतें

मेरठ इस इंफ्रास्ट्रक्चर बूम का सबसे बड़ा उदाहरण बनकर उभरा है। नमो भारत/RRTS और एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी ने मेरठ को दिल्ली-एनसीआर का एक प्रैक्टिकल ‘कम्यूटर हब’ बना दिया है।

रियल एस्टेट डेवलपर्स एसोसिएशन ऑफ मेरठ (REDAM) के अध्यक्ष अशोक गर्ग के मुताबिक, ‘पहले दिल्ली से दूरी और जाम मेरठ की सबसे बड़ी कमजोरी थी, लेकिन अब इंफ्रास्ट्रक्चर ने बाजी पलट दी है। पिछले 2 से 3 सालों में मेरठ में जमीन के रेट 100 फीसदी तक बढ़ चुके हैं। दिल्ली-नोएडा की तुलना में मेरठ में रहने का खर्च बहुत कम है, इसलिए लोग यहां रहकर दिल्ली में आराम से नौकरी कर रहे हैं।’

सरकार मोदीपुरम के पास एक विशेष विकास क्षेत्र विकसित कर रही है, जिससे यहां कमर्शियल और बिजनेस एक्टिविटीज को और बड़ा बूस्ट मिलेगा। मेरठ के पॉश इलाके साकेत में ढाई साल पहले जमीन ₹80,000 से ₹90,000 प्रति वर्ग गज थी, जो आज बढ़कर ₹2 लाख से ₹2.25 लाख प्रति वर्ग गज तक पहुंच गई है।

दिल्ली-NCR के मुकाबले क्यों लोगों की पसंद बन रहे हैं मेरठ जैसे शहर?

पहले जहां लोग नौकरी के सिलसिले में दिल्ली, नोएडा या गुरुग्राम में बसने का सपना देखते थे, वहीं अब महंगी प्रॉपर्टी और रोज के ट्रैफिक जाम के कारण वे अपने फैसले पर पुनर्विचार कर रहे हैं। दरअसल, मेरठ जैसे उभरते सैटेलाइट शहरों में ₹1.5 से ₹2.5 करोड़ में बड़ा विला या स्वतंत्र मकान मिल जाता है, जबकि नोएडा-गुरुग्राम में छोटे फ्लैट्स के लिए भी ₹4 से ₹6 करोड़ तक चुकाने पड़ते हैं।

इसके अलावा, एक्सप्रेसवे और नमो भारत (RRTS) की बदौलत अब मेरठ से दिल्ली का सफर ट्रैफिक जाम से बचकर महज 50 मिनट से 1 घंटे में पूरा हो जाता है, जो नोएडा या गुरुग्राम के कई इलाकों से भी तेज है। कम रहने का खर्च और बेहतर स्पेस मिलने की वजह से ही लोग अब इन नए शहरों का रुख कर रहे हैं।

नौगांव और बड़ौदा मेव: फार्महाउस और रिजॉर्ट्स का बूम

अगर मेरठ रोज की भागदौड़ और नौकरीपेशा लोगों की पहली पसंद बन रहा है, तो राजस्थान के अलवर क्षेत्र में स्थित नौगांव और बड़ौदा मेव वीकेंड होम्स और फार्महाउस के लिए हॉटस्पॉट बन चुके हैं।

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे ने इन इलाकों को गुरुग्राम और दिल्ली के बेहद करीब ला खड़ा किया है। स्थानीय डीलरों के अनुसार, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे बनने के बाद नौगांव और बड़ौदा मेव के अर्बन लोकल बॉडी इलाकों में जमीनों के दाम 30 से 40 फीसदी तक चढ़ चुके हैं।

राम रतन ग्रुप के चेयरमैन विजय राम रतन बताते हैं कि एक्सप्रेसवे ने दिल्ली-गुरुग्राम के लोगों के लिए वीकेंड ट्रैवल को बहुत आसान बना दिया है। नौगांव के आसपास होटल, फार्महाउस रिजॉर्ट्स और ग्लैंपिंग की बुकिंग्स में भारी उछाल आया है।

डेवलपर्स की नई रणनीति: हाइवे किनारे होर्डिंग्स की भरमार

दिल्ली-एनसीआर के बड़े बिल्डर्स अब पारंपरिक हब्स को छोड़कर इन नए रूटों का रुख कर रहे हैं। डेवलपर्स को इन नए इलाकों में बड़े भूखंड काफी सस्ते दामों पर मिल रहे हैं। दिल्ली-देहरादून कॉरिडोर के पास बागपत और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के पास नौगांव में बड़े बिल्डर्स प्लॉट्स, लग्जरी विला और गेटेड फार्म कम्युनिटीज ला रहे हैं।हाइवे किनारे लगे बड़े-बड़े बिलबोर्ड्स इस बात का सबूत हैं कि अब दूरी किलोमीटर से नहीं, बल्कि ‘मिनटों’ से नापी जा रही है।

कनेक्टिविटी ने पलट दिया पूरा गेम?

मेरठ और नौगांव भले ही दो अलग-अलग तरह के रियल एस्टेट मार्केट हों जहां मेरठ रोजाना दिल्ली आकर नौकरी करने वालों का नया ठिकाना बन रहा है, वहीं नौगांव वीकेंड गेटवे और लाइफस्टाइल फार्महाउस के रूप में उभर रहा है। लेकिन दोनों को जोड़ने वाली सबसे बड़ी कड़ी है एक्सप्रेसवे और हाई-स्पीड रेल कनेक्टिविटी। बेहतर कनेक्टिविटी ने यह साबित कर दिया है कि अगर सफर आसान हो, तो महंगे एनसीआर हब्स में करोड़ों रुपये फंसाने की बिल्कुल जरूरत नहीं है।

IMD Weather forecast: कल का मौसम: 5 सितंबर तक इन राज्यों में आफत की बारिश का अलर्ट, यूपी से उत्तराखंड तक मूसलाधार बरसात की चेतावनी

IMD Weather forecast: देश के कई हिस्सों में मानसून का असर लगातार बना हुआ है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के मुताबिक, आज यानी 30 अगस्त से 5 सितंबर के बीच उत्तर भारत से लेकर मध्य, पूर्वोत्तर, पश्चिम और दक्षिण भारत के कई राज्यों में बारिश का दौर जारी रहने की आशंका है। कई क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ आंधी, बिजली गिरने और तेज हवाओं को लेकर भी चेतावनी जारी की गई है।

सबसे ज्यादा चिंता उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान और ओडिशा को लेकर है। छत्तीसगढ़ में 31 अगस्त को कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं ओडिशा में 30 और 31 अगस्त को अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट है।

उत्तर प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट

वेदर बुलेटिन के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में अगले कई दिनों तक बारिश जारी रहने की संभावना है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 30-31 अगस्त और फिर 1 से 5 सितंबर तक बारिश का दौर रहने का अनुमान है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी 31 अगस्त से 5 सितंबर तक अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। वहीं, पूर्वी उत्तर प्रदेश में 31 अगस्त को कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश की भी संभावना है। इसके अलावा 30 अगस्त से 1 सितंबर तक कई इलाकों में गरज-चमक और बिजली गिरने का खतरा बना रहेगा।

आज भी कई इलाकों में जमकर बरसे बादल

पिछले 24 घंटे के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश में कई जगहों पर भारी बारिश दर्ज की गई। बांदा के बेबेरू में 22 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई। जबकि नरैनी में 10 सेमी और अतर्रा में 8 सेमी बारिश हुई। हरियाणा के कालका में भी 16 सेमी बारिश दर्ज की गई। ओडिशा के राजघाट में 16 सेमी, कुसुमी में 13 सेमी और झारखंड के सरयू में 13 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई। छत्तीसगढ़ के रामानुजगंज और रघुनाथनगर में 12-12 सेमी बारिश हुई। मध्य प्रदेश के रामनगर में भी 12 सेमी बारिश दर्ज की गई।

IMD फोरकास्ट के मुताबिक, इस दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश हुई। ओडिशा, झारखंड, हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली, पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की गई।

दिल्ली-NCR समेत उत्तर भारत में भी बारिश

हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 30 अगस्त से 5 सितंबर तक अलग-अलग स्थानों पर बारिश होने की संभावना है। पंजाब में भी इसी अवधि में बारिश का दौर जारी रह सकता है। वहीं, उत्तराखंड में 30 अगस्त से 5 सितंबर तक कई स्थानों पर व्यापक बारिश की संभावना है। 30 अगस्त से 1 सितंबर के बीच उत्तराखंड में कुछ जगहों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है।

हिमाचल प्रदेश में 31 अगस्त से 5 सितंबर तक व्यापक बारिश की संभावना जताई गई है। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और आसपास के क्षेत्रों में 31 अगस्त से 2 सितंबर के बीच कई स्थानों पर बारिश हो सकती है। 31 अगस्त और 1 सितंबर को कुछ इलाकों में भारी बारिश की संभावना भी है।

मध्य भारत में भी बिगड़ेगा मौसम

मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी बारिश का सिलसिला जारी रहने वाला है। छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश और विदर्भ में 30 अगस्त से 5 सितंबर तक कई स्थानों पर व्यापक बारिश की संभावना है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 1-2 सितंबर को भारी बारिश हो सकती है। जबकि 3 से 5 सितंबर के बीच कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश का अनुमान है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 1 से 3 सितंबर के बीच बहुत भारी बारिश हो सकती है।सबसे महत्वपूर्ण चेतावनी छत्तीसगढ़ के लिए 31 अगस्त को है। महीने के आखिरी दिन अलग-अलग स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

बिहार, झारखंड और ओडिशा में भी अलर्ट

पूर्वी भारत में बिहार, झारखंड और ओडिशा के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। बिहार में 31 अगस्त से 2 सितंबर तक कई स्थानों पर व्यापक बारिश हो सकती है। 31 अगस्त को कुछ इलाकों में बहुत भारी बारिश की संभावना है। झारखंड में 30 अगस्त से 2 सितंबर तक व्यापक बारिश का अनुमान है। वहीं, ओडिशा में 30 और 31 अगस्त को अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। 1 सितंबर को भी कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है।

पूर्वोत्तर में भी बारिश का दौर

मौसम विभाग के मुताबिक, पूर्वोत्तर राज्यों में भी मानसून सक्रिय रहेगा। अरुणाचल प्रदेश, असम-मेघालय और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम एवं त्रिपुरा में 30 अगस्त से 5 सितंबर तक कई स्थानों पर बारिश की संभावना है। अरुणाचल प्रदेश में 31 अगस्त को बहुत भारी बारिश हो सकती है। जबकि असम-मेघालय में 30 अगस्त को ऐसी ही आशंका है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 30-31 अगस्त को कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश का अनुमान है।

महाराष्ट्र और पश्चिमी तट पर भी बारिश

कोंकण और गोवा में 30 अगस्त से 5 सितंबर तक व्यापक बारिश की संभावना है। मध्य महाराष्ट्र में 4 सितंबर को कई स्थानों पर बारिश हो सकती है। जबकि गुजरात, मराठवाड़ा और सौराष्ट्र-कच्छ में भी 30 अगस्त से 5 सितंबर तक अलग-अलग स्थानों पर बारिश का अनुमान है।

दक्षिण भारत में आंधी-तूफान का खतरा

दक्षिण भारत के कई राज्यों में भी बारिश के साथ तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 30 अगस्त से 2 सितंबर के बीच गरज-चमक और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाएं चल सकती हैं। इनके झोंके 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।

आंध्र प्रदेश, यानम और रायलसीमा में भी 30 अगस्त से 3 सितंबर तक गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना है। केरल, कर्नाटक और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में भी तेज हवाओं को लेकर चेतावनी जारी की गई है।

मछुआरों के लिए भी चेतावनी

IMD ने समुद्र में खराब मौसम को देखते हुए मछुआरों को भी सावधानी बरतने की सलाह दी है। बंगाल की खाड़ी में दक्षिण तमिलनाडु तट, मन्नार की खाड़ी, श्रीलंका से लगे दक्षिण-पश्चिमी हिस्से और अंडमान सागर के कुछ क्षेत्रों में समुद्र की स्थिति प्रतिकूल रह सकती है।

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वहीं, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, उत्तरी आंध्र प्रदेश और बांग्लादेश के तटों के आसपास भी समुद्री गतिविधियों को लेकर चेतावनी जारी की गई है। अरब सागर में सोमालिया और ओमान के तटों के आसपास भी 4 सितंबर तक कुछ हिस्सों में खराब समुद्री परिस्थितियां रहने की संभावना है।

8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग की जयपुर में अहम बैठक! सैलरी और पेंशन पर हो सकता है ये बड़ा फैसला

8th Pay Commission Jaipur Meeting: 8वें केंद्रीय वेतन आयोग का काम अब तेजी से आगे बढ़ रहा है। सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतन, भत्तों और पेंशन में संशोधन की प्रक्रिया के तहत आयोग देश भर के विभिन्न संघों और संगठनों के साथ लगातार परामर्श कर रहा है।

इसी कड़ी में 8वां वेतन आयोग 31 अगस्त और 1 सितंबर को राजस्थान के जयपुर में हितधारकों और कर्मचारी यूनियनों के साथ आधिकारिक बैठकें करने वाला है। सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता वाला यह आयोग कर्मचारियों की समस्याओं, मांगों और कामकाजी परिस्थितियों का जायजा ले रहा है।

8वें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने से देश के 50 लाख से अधिक केंद्रीय कर्मचारियों और 65 लाख से अधिक पेंशनभोगियों को सीधा लाभ मिलेगा।

सितंबर और अक्टूबर में किन-किन शहरों का दौरा करेगा आयोग?

मार्च से ही आयोग विभिन्न राज्यों का दौरा कर आंकड़े और सुझाव जुटा रहा है। आगामी दिनों का शेड्यूल इस प्रकार है:

  • चेन्नई (तमिलनाडु): 7 से 8 सितंबर
  • पुडुचेरी: 9 सितंबर
  • चंडीगढ़: 16 से 18 सितंबर
  • बेंगलुरु (कर्नाटक): 7 से 8 अक्टूबर (अपॉइंटमेंट के लिए 18 सितंबर तक आवेदन खुला है।)
  • मुंबई (सेंट्रल रेलवे): रेलवे कर्मचारियों की कामकाजी स्थितियों का प्रत्यक्ष अनुभव लेने के लिए आयोग मुंबई में सेंट्रल रेलवे का दौरा भी करेगा।

जयपुर बैठक और राज्य दौरों का क्या है मुख्य एजेंडा?

हालांकि आयोग ने कोई आधिकारिक लिस्ट जारी नहीं की है, लेकिन कर्मचारी यूनियनों द्वारा सौंपे गए ज्ञापनों के आधार पर बैठकों में मुख्य रूप से इन मुद्दों पर चर्चा हो रही है:

फिटमेंट फैक्टर और बेसिक पे: बेसिक सैलरी में बढ़ोतरी और नए फिटमेंट फैक्टर का निर्धारण।

महंगाई के हिसाब से वेतन संशोधन: महंगाई दर और जीवन यापन की लागत के अनुकूल सैलरी स्ट्रक्चर तैयार करना।

भत्तों का पुनर्गठन: हाउस रेंट अलाउंस (HRA) और ट्रैवल अलाउंस (TA) में सुधार।

पेंशन सुधार: सेवानिवृत्ति के बाद वित्तीय सुरक्षा को बेहतर बनाना।

कर्मचारी कल्याण और कार्य परिस्थितियां: कर्मचारियों के मनोबल और कार्यस्थल की सुविधाओं में सुधार।

कब तक लागू होंगी 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें?

आयोग के गठन 3 नवंबर 2025 से 18 महीने के भीतर सिफारिशें सौंपनी हैं। इसका मतलब है कि आयोग फरवरी से मई 2027 के बीच अपनी आधिकारिक रिपोर्ट सरकार को सौंप सकता है।

पिछले वेतन आयोगों के रुझान को देखें तो सिफारिशें आने के बाद उनके अंतिम क्रियान्वयन में 2 से 3 साल का समय लग जाता है। यानी 2027 में होने वाली घोषणाओं का पूर्ण लाभ कर्मचारियों को 2029 या 2030 तक मिल सकता है।

Bank Holidays: सितंबर में 15 दिन बंद रहेंगे SBI-HDFC समेत सभी बैंक! ब्रांच जाने से पहले यहां देख लें पूरी लिस्ट

Bank Holidays September 2026: सितंबर के महीने में अगर आपको बैंक से जुड़ा कोई जरूरी काम निपटाना है, तो यह खबर आपके बेहद काम की है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा जारी छुट्टियों की सूची के अनुसार, सितंबर में अलग-अलग राज्यों और शहरों में त्योहारों, जयंती और क्षेत्रीय आयोजनों के कारण कई दिनों तक बैंक बंद रहेंगे।

इसके अलावा, हर महीने की तरह रविवार और दूसरे व चौथे शनिवार को भी देशभर के बैंकों में छुट्टी रहेगी। चूंकि राज्यों के हिसाब से बैंक हॉलीडे अलग-अलग होते हैं, इसलिए अपने राज्य की लिस्ट देखकर ही बैंक जाने की योजना बनाएं।

सितंबर में किस-किस दिन बंद रहेंगे बैंक?

भारतीय रिजर्व बैंक के हॉलीडे कैलेंडर के अनुसार सितंबर में छुट्टियों की तारीखें:

4 सितंबर: जन्माष्टमी (वैष्णव)/कृष्ण जयंती के अवसर पर गुजरात, मध्य प्रदेश, ओडिशा, तमिलनाडु, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड, तेलंगाना, केरल, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, झारखंड, हिमाचल प्रदेश और आंध्र प्रदेश समेत कई राज्यों में बैंक बंद रहेंगे।

11 सितंबर: जयपुर नगर निगम क्षेत्र में चुनाव के कारण राजस्थान के संबंधित क्षेत्रों में बैंक हॉलीडे रहेगा।

12 सितंबर: श्रीमंत शंकरदेव की तिरुभाव तिथि के उपलक्ष्य में असम में बैंक बंद रहेंगे।

14 सितंबर: गणेश चतुर्थी/विनायक चतुर्थी/गणेश पूजा के उपलक्ष्य में महाराष्ट्र, ओडिशा, कर्नाटक, तमिलनाडु, गुजरात, तेलंगाना, गोवा और आंध्र प्रदेश में बैंक बंद रहेंगे।

15 सितंबर: संवत्सरी (चतुर्थी पक्ष)/नुआखाई/गणेश चतुर्थी (दूसरा दिन) के अवसर पर गुजरात, ओडिशा और गोवा में बैंकों की छुट्टी रहेगी।

21 सितंबर: श्रीमंत शंकरदेव के जन्मोत्सव और श्री नारायण गुरु समाधि के कारण असम और केरल में बैंक बंद रहेंगे।

22 सितंबर: करमा पूजा के अवसर पर झारखंड में बैंक बंद रहेंगे।

23 सितंबर: महाराजा हरि सिंह जी की जयंती के उपलक्ष्य में जम्मू-कश्मीर में बैंक हॉलीडे रहेगा।

25 सितंबर: इंद्रजात्रा त्योहार के अवसर पर सिक्किम में बैंक बंद रहेंगे।

इसके अलावा रविवार की रेगुलर छुट्टी और दूसरे व चौथे शनिवार के ऑफ को जोड़ते हुए सितंबर के महीने में कुल 15 दिन बैंकों में कामकाज नहीं होगा। हालांकि ये छुट्टियां अलग-अलग सर्किलों में है जरूरी नहीं कि एक ही दिन सभी जगह बैंक बंद रहे।

क्या छुट्टियों के दौरान चालू रहेंगी डिजिटल बैंकिंग सेवाएं?

बैंक शाखाएं बंद रहने का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि आपकी बैंकिंग सेवाएं रुक जाएंगी। छुट्टियों के दौरान भी आप बिना किसी रुकावट के डिजिटल सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं। आप पैसों की निकासी या डिपॉजिट के लिए एटीएम का इस्तेमाल कर सकते हैं। Google Pay, PhonePe, Paytm या BHIM UPI के जरिए डिजिटल पेमेंट और फंड ट्रांसफर चालू रहेंगे। खाते से जुड़ी सामान्य सेवाएं, एनईएफटी (NEFT)/आईएमपीएस (IMPS) ट्रांसफर और बिल पेमेंट घर बैठे किए जा सकेंगे।