Stocks to Watch: 7 अक्टूबर को इन 11 शेयरों पर रहेगी नजर, टाइटन से अदाणी पोर्ट्स तक शामिल

Stocks to Watch: बुधवार, 7 अक्टूबर के कारोबार में कई कंपनियों के शेयर फोकस में रहेंगे। इनमें टाइटन, एशियन पेंट्स और अदाणी पोर्ट्स जैसे बड़े नाम शामिल हैं। वहीं, कुछ कंपनियों ने नए निवेश और कारोबार विस्तार की जानकारी दी है।

HCLTech

आईटी सेक्टर की HCLTech ने लखनऊ में HCL IT City के विस्तार के लिए 500 करोड़ रुपये के निवेश का ऐलान किया है। कंपनी ने 1,000 छात्रों के लिए AI अपस्किलिंग पहल भी शुरू की है। इससे लखनऊ में कंपनी की मौजूदगी और टेक्नोलॉजी से जुड़े कामकाज को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

Asian Paints

पेंट सेक्टर की Asian Paints 29 अक्टूबर को होने वाली बोर्ड मीटिंग में FY27 के अंतरिम डिविडेंड पर फैसला करेगी। डिविडेंड घोषित होने पर 4 नवंबर रिकॉर्ड डेट होगी। इसी बैठक में 30 सितंबर 2026 को खत्म हुई तिमाही और छमाही के वित्तीय नतीजों पर भी विचार होगा।

JSW Cement

सीमेंट सेक्टर की JSW Cement ने राजस्थान के नागौर में 1 MTPA की नई सीमेंट ग्राइंडिंग यूनिट शुरू की है। इसके साथ कंपनी की कुल सीमेंट ग्राइंडिंग क्षमता बढ़कर 25.1 MTPA हो गई है। नई यूनिट से कंपनी की प्रोडक्शन कैपेसिटी और बढ़ेगी।

Titan Company

ज्वेलरी और वॉच सेक्टर की Titan Company के घरेलू कारोबार में Q2 में 22% की ग्रोथ हुई। इंटरनेशनल कारोबार 97% बढ़ा। कंज्यूमर कारोबार 25% बढ़ा। ज्वेलरी 21%, वॉच 30% और आईकेयर कारोबार 28% बढ़ा।

Godrej Consumer Products

FMCG सेक्टर की Godrej Consumer Products ने इंडोनेशिया में अपनी नई मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी के पहले चरण की शुरुआत की है। यह प्लांट इंडोनेशिया के Kendal Special Economic Zone में है। कंपनी इस देश में 500 बिलियन IDR यानी करीब 250 करोड़ रुपये निवेश कर रही है।

Adani Ports and Special Economic Zone

पोर्ट और लॉजिस्टिक्स सेक्टर की Adani Ports and Special Economic Zone ने Paradip Mahanadi Terminal Ltd नाम से एक नई पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी बनाई है। इसका गठन ओडिशा के पारादीप पोर्ट पर दो ड्राई बल्क बर्थ के डेवलपमेंट और ऑपरेशन के लिए किया गया है।

Zaggle Prepaid Ocean Services

फिनटेक सेक्टर की Zaggle Prepaid Ocean Services अब विदेशों में अपना कारोबार बढ़ाने की तैयारी में है। कंपनी अबू धाबी ग्लोबल मार्केट में एक सब्सिडियरी बनाएगी। इसके जरिए टेक्नोलॉजी और वित्तीय सेवाओं में नए कारोबारी मौके तलाशे जाएंगे।

Utkarsh Small Finance Bank

स्मॉल फाइनेंस बैंकिंग सेक्टर के Utkarsh Small Finance Bank ने सितंबर तिमाही में 3,525 करोड़ रुपये के कुल डिस्बर्समेंट की जानकारी दी है। यह पिछले साल की समान तिमाही के 2,275 करोड़ रुपये से 54.9% ज्यादा है।

Apollo Tyres

टायर सेक्टर की Apollo Tyres के CFO गौरव कुमार ने कंपनी से इस्तीफा दे दिया है। उनका इस्तीफा 6 अक्टूबर 2026 से प्रभावी हो गया है।

Kanohar Electricals

इलेक्ट्रिकल सेक्टर की Kanohar Electricals का सितंबर तिमाही में मुनाफा 11.4 करोड़ रुपये से बढ़कर 27.3 करोड़ रुपये हो गया। इनकम 67.4 करोड़ रुपये से बढ़कर 137 करोड़ रुपये और EBITDA 15.4 करोड़ से बढ़कर 38.8 करोड़ रुपये रहा। EBITDA मार्जिन भी 22.81% से बढ़कर 28.27% हो गया।

Marsons

पावर ट्रांसफॉर्मर सेक्टर की Marsons ने Cleanhill Partners के साथ जॉइंट वेंचर बनाने का ऐलान किया है। इसका फोकस नॉर्थ अमेरिका में पावर ट्रांसफॉर्मर की मैन्युफैक्चरिंग बढ़ाने पर रहेगा।

Titan Q2 Update: टाटा की कंपनी के ज्वेलरी, वॉच और आईकेयर बिजनेस में तगड़ी ग्रोथ, 78 नए स्टोर जोड़े

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

पश्चिमी विक्षोभ का बड़ा असर! IMD ने दिल्ली-यूपी से लेकर पहाड़ों तक दिया बारिश का अलर्ट, जानें कैसा रहेगा आपके राज्य का मौसम

IMD Rain Forecast: देश भर से दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई की प्रक्रिया के बीच एक नया और मजबूत पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) उत्तर भारत के मौसम में भारी उथल-पुथल मचा रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा मंगलवार 6 अक्टूबर की दोपहर जारी वेदर बुलेटिन के मुताबिक इस पश्चिमी विक्षोभ के असर से 10 अक्टूबर तक पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी जारी रह सकती है। इसके साथ ही दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के मैदानी इलाकों में बारिश और तेज आंधी का सिलसिला शुरू हो चुका है।

बीते 24 घंटों के दौरान मौसम के मिजाज की बात करें तो तमिलनाडु में अलग-अलग जगहों पर 12 से 20 सेमी तक अत्यधिक भारी बारिश हुई है। इसके अलावा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, केरल, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, रायलसीमा और बिहार में 7 से 11 सेमी तक भारी बारिश हुई है।

उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ का असर: दिल्ली, यूपी और पंजाब में 60 kmph की आंधी

मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ मध्य और ऊपरी क्षोभमंडलीय पछुआ हवाओं में ट्रफ रेखा के रूप में बना हुआ है। इसके साथ ही दक्षिण हरियाणा पर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है, जबकि एक अन्य चक्रवाती परिसंचरण दक्षिण-पूर्व उत्तर प्रदेश पर सक्रिय है। इन मौसमी प्रणालियों के असर से जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में 6 अक्टूबर को भारी बारिश और बर्फबारी का अनुमान है, जबकि 7 से 12 अक्टूबर के दौरान छिटपुट बारिश जारी रहेगी। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 6 से 12 अक्टूबर तक बारिश और बर्फबारी के आसार हैं। हिमाचल, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड में 6 और 7 अक्टूबर को आकाशीय बिजली चमकने के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे) की गति से तूफानी हवाएं चलेंगी।

मैदानी इलाकों की बात करें तो पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 6 से 7 अक्टूबर के दौरान और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 6 से 8 अक्टूबर तक 40 से 50 किमी/घंटे की गति से झोंकेदार हवाएं चलने और बारिश होने का अलर्ट है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 6 अक्टूबर को दक्षिण-पूर्व उत्तर प्रदेश में पृथक स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। 11 और 12 अक्टूबर को पश्चिमी राजस्थान तथा 12 अक्टूबर को पूर्वी राजस्थान में भी हल्की बारिश हो सकती है।

मध्य भारत और पूर्वी राज्यों में भारी बारिश और तूफानी हवाएं

मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के इलाकों में भी मौसमी चक्र सक्रिय है। 6 अक्टूबर को पूर्वोत्तर मध्य प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके अलावा पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 6 से 10 अक्टूबर के दौरान गरज-चमक के साथ बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी। 6 और 7 अक्टूबर को मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में बिजली कड़कने के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं।

पूर्वी भारत में बिहार और झारखंड में 6 से 10 अक्टूबर के दौरान और ओडिशा में 6 से 12 अक्टूबर तक बारिश होने की संभावना है। बिहार में 6 और 7 अक्टूबर को आकाशीय बिजली चमकने और 40 से 50 किमी/घंटे की गति से हवाएं चलने का अनुमान है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 8 अक्टूबर को भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।

पूर्वोत्तर भारत और तटीय इलाकों में उथल-पुथल

पूर्वोत्तर के राज्यों में भी बारिश तेज रहेगी। अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में 6 अक्टूबर को भारी बारिश होने का अलर्ट जारी किया गया है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 6 और 7 अक्टूबर को भारी बारिश के साथ बादलों की तेज गड़गड़ाहट और बिजली कड़कने की आशंका जताई गई है।पश्चिम भारत की बात करें तो कोंकण व गोवा और मध्य महाराष्ट्र में 6 और 7 अक्टूबर को बारिश और बिजली कड़कने की संभावना है, जिसके बाद मौसम में सुधार देखने को मिलेगा।

दक्षिण भारत में जारी रहेगा मूसलाधार बारिश का दौर

दक्षिण भारत के राज्यों में समुद्र और धरातल के ऊपर एक साथ कई चक्रवाती हवाओं के क्षेत्र सक्रिय हैं। एक चक्रवाती परिसंचरण दक्षिण केरल तट के पास दक्षिण-पूर्व अरब सागर पर और दूसरा उत्तरी तमिलनाडु पर बना हुआ है। इसके साथ ही मन्नार की खाड़ी से मध्य महाराष्ट्र तक एक ट्रफ रेखा फैली हुई है। इनके असर से केरल व माहे में 6 से 11 अक्टूबर के दौरान काफी बारिश होगी।

केरल और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में 6 अक्टूबर और 8 से 10 अक्टूबर के दौरान भारी बारिश का नया दौर आएगा। दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भी 6 अक्टूबर को भारी बारिश दर्ज हो सकती है। तमिलनाडु, केरल और लक्षद्वीप में 6 से 10 अक्टूबर के दौरान आकाशीय बिजली चमकने के साथ 40 से 50 किमी/घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलेंगी। तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में 6 से 8 अक्टूबर तक दिन भर तेज सतही हवाएं चलती रहेंगी।

Navratri 2026: ‘भगवान ने बनाया, हम उनका रूप गढ़ते हैं…’; नवरात्रि से पहले मूर्तिकारों की दुनिया, 1500 रुपये रोज कमाई और बढ़ती लागत की पूरी कहानी

Shardiya Navratri 2026: नवरात्रि शुरू होने से पहले नोएडा के सेक्टर-21 मुख्य मार्ग पर मां दुर्गा और शेरावाली माता की मूर्तियां तैयार करने का काम तेजी से चल रहा है। सड़क के किनारे कई जगह झुग्गी झोपड़ी में कारीगर दिन-रात मूर्तियों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। यहां धान की फसल से निकलने वाले अपशिष्ट यानी पराली, मिट्टी और बांस की मदद से मूर्तियों का ढांचा तैयार किया जा रहा है। इसके बाद मिट्टी लगाकर शरीर और चेहरे का आकार दिया जाता है। फिर रंग, कपड़े और श्रृंगार से मूर्ति को अंतिम रूप दिया जाता है। मूर्तिकार विश्वजीत पिछले 12 साल से यह काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि उन्होंने यह हुनर अपने क्षेत्र से सीखने के बाद कोलकाता जाकर भी सीखा और अब खुद मूर्तियां तैयार करते हैं।

किसी मूर्ति के चेहरा का रूप देने में है सबसे बड़ी कला

एक मूर्ति को तैयार करने में करीब एक सप्ताह का समय लग जाता है। इसमें सबसे पहले ढांचा और फ्रेम तैयार किया जाता है। फिर घास बांधकर उसके ऊपर मिट्टी लगाई जाती है। इसके बाद चेहरे का काम, रंग-रोगन और अंतिम सजावट की जाती है। विश्वजीत ने MoneyControl हिंदी टीम को बताते हुए कहा कि मूर्ति का चेहरा तैयार करने के लिए सांचे का इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन अगर चेहरा उम्मीद के मुताबिक नहीं बनता तो उसे दोबारा तोड़कर तैयार करना पड़ता है। उनका कहना है कि मूर्ति को बेहतर रूप देने के लिए काफी सोच-समझकर काम करना पड़ता है। अलग-अलग कारखानों में मूर्तियों को अलग शैली और बेहतर फिनिश देने की कोशिश की जाती है।

1500 रूपये तक हर कमा लेते हैं मूर्तिकार

मूर्तिकारों के मुताबिक, पिछले कुछ वर्षों में मूर्ति बनाने में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल की कीमत बढ़ी है। विश्वजीत ने बताया कि जिस घास की कीमत पहले करीब 500 रुपये प्रति क्विंटल थी, वह अब करीब 1000 से 1500 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गई है। मिट्टी की कीमत भी बढ़ी है। पहले करीब 1000 रुपये में 15 बोरी मिट्टी मिल जाती थी। जबकि अब इसके लिए 2000 से 2500 रुपये देने पड़ते है। मूर्तियों में इस्तेमाल होने वाला रंग, कपड़ा और श्रृंगार का सामान पश्चिम बंगाल से मंगाया जाता है। महंगे कच्चे माल के बीच कारीगरों की कमाई भी मौसम पर निर्भर है। विश्वजीत ने बताया कि उन्हें कारीगर के तौर पर करीब 1000 से 1500 रुपये प्रतिदिन मिल जाते हैं। लेकिन मूर्ति बनाने का काम मुख्य रूप से सीजन पर निर्भर रहता है।

शंकर अपने परिवार के साथ 20 साल से बना रहे हैं मूर्तियां

वहीं, शंकर पिछले करीब 20 साल से मूर्ति बनाने का काम कर रहे हैं। वह मूल रूप से राजस्थान जोधपुर जिले के रहने वाले हैं। वह अपनी पत्नी के साथ मिलकर खुद मूर्तियां तैयार करते हैं। उनके मुताबिक 5 फीट की एक मूर्ति को बनाने में करीब 10 से 15 दिन तक लग सकते हैं, अगर पूरा ध्यान एक ही मूर्ति पर दिया जाए।

शंकर ने बताया कि नवरात्रि के लिए मूर्तियों की मांग काफी बढ़ गई है। ग्राहक नोएडा के अलग-अलग इलाकों के साथ दूर-दराज से भी यहां पहुंचते हैं। उनके मुताबिक इस सीजन में तैयार की गई ज्यादातर मूर्तियां बिक जाती हैं। हालांकि, बढ़ती लागत के बावजूद आमदनी इतनी नहीं है कि बड़ी बचत हो सके। उनका कहना है कि मूर्ति बनाने से बस बच्चों का पालन-पोषण और परिवार का गुजारा चल जाता है। कच्चे माल और मेहनत की लागत काफी बढ़ गई है। लेकिन उसके हिसाब से भुगतान नहीं बढ़ा है।

सौभाग्य के साथ जुड़ी है परिवारों की रोजी रोटी

नवरात्रि से पहले अब इन मूर्तिकारों के पास लगातार काम का दबाव है। कुछ कारीगरों ने नए ऑर्डर लेना बंद कर दिया है, क्योंकि पहले से मिले ऑर्डर को समय पर पूरा करना जरूरी है। सेक्टर-21 मुख्य मार्ग पर एक तरफ बांस और पराली से मूर्तियों के शुरुआती ढांचे तैयार हो रहे हैं, तो दूसरी तरफ कई मूर्तियां पूरी तरह बनकर बिक्री के लिए तैयार खड़ी हैं। माता शेरावाली की इन मूर्तियों को नवरात्रि शुरू होने के साथ लोग अपने घरों और पूजा स्थलों के लिए खरीदकर ले जाएंगे।

इन मूर्तियों के पीछे सिर्फ धार्मिक आस्था ही नहीं, बल्कि कारीगरों की कई दिनों की मेहनत और पूरे परिवार की रोजी-रोटी भी जुड़ी हुई है। विश्वजीत के लिए भगवान की मूर्ति बनाना सिर्फ रोजगार नहीं, बल्कि सौभाग्य की बात है। उनका कहना है कि जिस भगवान ने इंसान को बनाया, उनका रूप बनाने का अवसर मिलना अपने आप में बहुत अच्छी और सौभाग्य वाली बात है।

(नोएडा से पवन गुप्ता की रिपोर्ट)

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पानी की भारी किल्लत, पिछले साल के मुकाबले आधे रह गए जलाशय, क्या प्यासा रहेगा देश?

देश के कई राज्यों में कम बारिश का असर अब जलाशयों पर दिख रहा है। 1 अक्टूबर तक देश के प्रमुख जलाशयों में 71.84% पानी था। पिछले साल इसी समय यह 90.31% था, जबकि सामान्य स्तर 81.79% है। यानी इस बार जलाशयों में पानी पिछले साल के मुकाबले काफी कम है।

पानी की कमी का असर महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तेलंगाना, राजस्थान और तमिलनाडु में ज्यादा दिख रहा है। कई इलाकों में खेती के लिए पानी कम पड़ रहा है और फसलों को भी नुकसान हो रहा है।

आंध्र प्रदेश में तेजी से घटा पानी का लेवल

आंध्र प्रदेश में जलाशयों का पानी काफी कम हो गया है। 1 अक्टूबर तक यहां सिर्फ 35.14% पानी बचा था। पिछले साल इसी समय यह 88.60% था, जबकि सामान्य स्तर 71.85% है। कम बारिश और फसल खराब होने से राज्य के आधे से ज्यादा हिस्से में सूखा घोषित किया गया है।

कर्नाटक में सूखे जैसे हालात

1 अक्टूबर तक कर्नाटक के जलाशयों में 59.98% पानी था। पिछले साल इसी समय यह 89.16% और सामान्य स्तर 80.42% था।

पानी का स्तर कम होने से राज्य में सिंचाई और खेती को लेकर चिंता बढ़ रही है। सूखे जैसे हालात का असर किसानों पर भी दिखाई दे रहा है।

महाराष्ट्र में मराठवाड़ा और विदर्भ की हालत खराब

5 अक्टूबर तक महाराष्ट्र के जलाशयों में 74.29% पानी था। पिछले साल इसी तारीख को यह 89.22% था। मराठवाड़ा और विदर्भ में कई जलाशयों की स्थिति इससे भी ज्यादा खराब है।

• छत्रपति संभाजीनगर में पानी का भंडार 43.55% था, जबकि पिछले साल 82.96% था।

• अमरावती में इस बार 62.92% पानी रहा, जो पिछले साल 85.87% था।

• नागपुर में पानी का स्तर 72.02% रहा, जबकि पिछले साल यह 89.08% था।

कई इलाकों में फसलें खराब हुई हैं। अगर अगले फसल सीजन तक पानी की स्थिति नहीं सुधरी, तो किसानों और गांवों में रहने वाले परिवारों की मुश्किल बढ़ सकती है।

राजस्थान में कई इलाकों में सूखे का असर

5 अक्टूबर तक राजस्थान के जलाशयों में 61.93% पानी था। जोधपुर में हालात ज्यादा खराब हैं। यहां सिर्फ 15.72% पानी बचा है, जबकि पिछले साल इसी समय 80.25% पानी था।

पाली, जालौर और जैसलमेर में सूखे की स्थिति का जायजा लिया जा रहा है। जोधपुर, बांसवाड़ा, भीलवाड़ा, बालोतरा, राजसमंद, उदयपुर और सिरोही भी प्रभावित इलाकों में शामिल हैं।

कम बारिश का असर बाजरा, मोठ, सोयाबीन, मूंग और दूसरी खरीफ फसलों पर भी पड़ा है। राज्य सरकार ने कुछ इलाकों में सूखे से राहत के लिए कदम उठाए हैं।

तेलंगाना में सूखा घोषित करने की मांग

तेलंगाना के जलाशयों में भी पानी काफी कम है। 1 अक्टूबर तक यहां 40.75% पानी था, जबकि पिछले साल इसी समय 86.10% था। सामान्य स्तर 78.95% है।

कम बारिश और फसल के नुकसान को देखते हुए विपक्षी दल सूखा घोषित करने की मांग कर रहे हैं। पानी का स्तर कम होने से आने वाले समय में खेती और पीने के पानी को लेकर चिंता बढ़ सकती है।

तमिलनाडु में भी बड़ा अंतर

तमिलनाडु में 1 अक्टूबर तक जलाशयों में 37.27% पानी था। पिछले साल इसी समय यह 91.96% था। राज्य का सामान्य स्तर 66% है।

यानी इस बार पानी का भंडार पिछले साल के मुकाबले काफी नीचे है। इससे सिंचाई और आने वाले फसल सीजन को लेकर चिंता बढ़ सकती है।

केरल की स्थिति सामान्य से नीचे

केरल में जलाशयों का स्टोरेज 59.88% था। पिछले साल यह 76.06% और सामान्य स्तर 69.75% था। यहां भी पानी का भंडार पिछले साल और सामान्य स्तर दोनों से कम है।

कम पानी से बढ़ सकती है ये परेशानियां

• जलाशयों में पानी कम होने का सीधा असर सिंचाई और पीने के पानी पर पड़ सकता है। इसके साथ ही पनबिजली उत्पादन पर भी दबाव आ सकता है।

• सूखे की स्थिति लंबे समय तक बनी रही तो किसानों की फसल और कमाई प्रभावित हो सकती है। ग्रामीण इलाकों में काम के मौके घटने से लोगों के दूसरे जगहों पर जाने का खतरा भी बढ़ सकता है।

• महाराष्ट्र की महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे ने यह भी चेतावनी दी है कि सूखे के दौरान बाल विवाह के मामले बढ़ सकते हैं।

आने वाले कुछ हफ्ते काफी अहम हैं। अच्छी बारिश हुई तो जलाशयों में पानी बढ़ सकता है और खेती की परेशानी कुछ कम हो सकती है। लेकिन बारिश कम हुई तो पानी की कमी और फसल के नुकसान से किसानों और ग्रामीण परिवारों की मुश्किल बढ़ सकती है।

Weather Update: नए वेस्टर्न डिस्टर्बेंस से उत्तर भारत के मौसम में खलबली! साउथ से लेकर नॉर्थ तक इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

Weather Update: देश भर में मौसमी गतिविधियों में एक बार फिर से बेहद उतार-चढ़ाव वाला दौर दिखने की संभावना बन रही है। एक ओर जहां दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी हो रही है। वहीं दूसरी ओर एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) उत्तर भारत के मौसम में बड़ी हलचल पैदा करने जा रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा सोमवार 5 अक्टूबर को जारी वेदर बुलेटिन के मुताबिक नए वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के असर से उत्तर भारत के पहाड़ी क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी होगी जबकि मैदानी इलाकों में बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी। दक्षिण और पूर्वी भारत के कई राज्यों में बहुत भारी बारिश और तेज तूफानी हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है।

बीते 24 घंटों के आंकड़ों की बात करें तो उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में 12 से 20 सेमी तक बहुत भारी बारिश दर्ज की गई है। इसके अलावा असम, अरुणाचल प्रदेश, बिहार, केरल और तटीय व आंतरिक कर्नाटक में भारी बारिश (7 से 11 सेमी) दर्ज हुई।

उत्तर भारत में नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय: जानें बारिश, बर्फबारी और आंधी का हाल

मौसम विज्ञानियों के मुताबिक एक नया पश्चिमी विक्षोभ ट्रफ रेखा के रूप में सक्रिय हो गया है। इसके असर से 6 से 10 अक्टूबर के दौरान उत्तर-पश्चिम भारत के मौसम में बड़ा बदलाव आएगा। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में 6 और 9 अक्टूबर को व्यापक बारिश और बर्फबारी होने की संभावना है। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 5 से 11 अक्टूबर के बीच रुक-रुक कर बारिश और बर्फबारी की गतिविधियां बनी रहेंगी।

पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 6 से 11 अक्टूबर के दौरान हल्की बारिश का अनुमान है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 6 से 10 अक्टूबर और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 5 से 10 अक्टूबर के बीच छिटपुट बारिश दर्ज की जा सकती है। इसके अलावा 11 अक्टूबर को पश्चिमी राजस्थान में हल्की बारिश हो सकती है।

हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में 6 अक्टूबर को 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे) की गति से तेज तूफानी हवाएं चलने और बिजली चमकने का अलर्ट है। पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और चंडीगढ़ में भी 6 व 7 अक्टूबर को आंधी-तूफान के साथ तेज हवाएं चलेंगी।

दक्षिण भारत में भारी से बहुत भारी बारिश का बड़ा अलर्ट

दक्षिण भारत के राज्यों में निचले क्षोभमंडल में कई चक्रवाती परिसंचरण और ट्रफ रेखाएं फैली हुई हैं। उत्तरी आंतरिक कर्नाटक के ऊपर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है जबकि कोमोरिन क्षेत्र से तमिलनाडु और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक होते हुए एक ट्रफ रेखा गुजर रही है। इनके असर से दक्षिण में मौसम काफी उग्र रहेगा। तटीय कर्नाटक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में आज, 5 अक्टूबर को भारी से बहुत भारी बारिश होने की गंभीर चेतावनी दी गई है।

केरल व माहे और तमिलनाडु, पुडुचेरी एवं कराइकल में 5 और 6 अक्टूबर को भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। केरल में 9 और 10 अक्टूबर को फिर से भारी बारिश का दौर देखने को मिलेगा। तमिलनाडु, केरल और लक्षद्वीप में 5 व 6 अक्टूबर को 40 से 50 किमी/घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलेंगी। तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा में 5 से 8 अक्टूबर के दौरान दिन भर तेज सतही हवाएं चलती रहेंगी।

पूर्व और पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश और आकाशीय बिजली की चेतावनी

पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में भी मौसमी प्रणालियों का व्यापक असर बना रहेगा। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 5 अक्टूबर को भारी वर्षा का अनुमान है। गांगेय पश्चिम बंगाल में 5 से 8 अक्टूबर के दौरान आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी दी गई है। बिहार, झारखंड और ओडिशा में 5 से 9 अक्टूबर के दौरान गरज-चमक के साथ 30 से 40 किमी/घंटे की गति से हवाएं चलेंगी।

असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में 5 अक्टूबर को पृथक स्थानों पर भारी बारिश होने का अनुमान है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 5 और 6 अक्टूबर को बादलों की तेज गर्जना और आकाशीय बिजली कड़कने की संभावना जताई गई है।

तटीय महाराष्ट्र में उमस भरा मौसम

पश्चिम भारत की बात करें तो कोंकण व गोवा और मध्य महाराष्ट्र में 5 से 7 अक्टूबर के दौरान छिटपुट बारिश और बिजली कड़कने की संभावना है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 5 अक्टूबर को तटीय महाराष्ट्र यानी कोंकण और गोवा में मौसम बेहद गर्म और उमस भरा बना रहेगा।

D-Mart Share Price: Q2 में अच्छे बिजनेस के बावजूद शेयर 6% तक फिसला, क्या अभी भी खरीदने लायक है स्टॉक

दिग्गज निवेशक राधाकिशन दमानी की कंपनी एवेन्यू सुपरमार्ट्स के शेयरों में 5 अक्टूबर को दिन में 6 प्रतिशत तक की गिरावट दिखाई दी। BSE पर शेयर 3,574.40 रुपये के लो तक गया। जुलाई-सितंबर 2026 तिमाही में कंपनी का बिजनेस अच्छा रहने के बावजूद शेयर में बिकवाली का दबाव है। कंपनी D-Mart सुपरमार्केट चेन की ओनर है। शनिवार को इसने शेयर बाजारों को बताया कि सितंबर 2026 तिमाही में स्टैंडअलोन बेसिस पर ऑपरेशंस से रेवेन्यू सालाना आधार पर 18.4 प्रतिशत बढ़कर 19,206.18 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले यह 16,218.79 करोड़ रुपये था।

एक्सचेंज फाइलिंग के मुताबिक, तिमाही आधार पर कंपनी का रेवेन्यू सितंबर 2026 तिमाही में 4.7 प्रतिशत बढ़ा। जून तिमाही में यह 18,343.49 करोड़ रुपये था। एवेन्यू सुपरमार्ट्स ने यह भी बताया कि 30 सितंबर 2026 तक इसके D-Mart स्टोर्स की कुल संख्या 518 थी। इस आंकड़े में महाराष्ट्र के नवी मुंबई स्थित सानपाड़ा का स्टोर भी शामिल है। यह स्टोर रीकंस्ट्रक्शन के कारण फिलहाल ग्राहकों के लिए बंद है।

D-Mart के स्टोर महाराष्ट्र, गुजरात, आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश, कर्नाटक, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR), तमिलनाडु, पंजाब और राजस्थान में हैं। इन स्टोर्स में रोजमर्रा के घरेलू सामान और व्यक्तिगत इस्तेमाल के प्रोडक्ट्स समेत कई तरह के सामान मिलते हैं।

Avenue Supermarts का शेयर 6 महीनों में 17 प्रतिशत कमजोर

एवेन्यू सुपरमार्ट्स का मार्केट कैप 2.35 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। यह BSE 100 इंडेक्स का हिस्सा है। शेयर 3 महीनों में 9 प्रतिशत और 6 महीनों में 17 प्रतिशत गिरा है। 2 साल में 24 प्रतिशत नीचे आया है। शेयर का BSE पर 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 4,642 रुपये और एडजस्टेड लो 3,528.65 रुपये है। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 74.48 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।

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शेयर पर ब्रोकरेज की राय

D-Mart के शेयर को ट्रैक करने वाले 32 एनालिस्ट्स में से 10 ने ‘बाय’ रेटिंग दी है। 13 ने ‘होल्ड’ और 9 ने ‘सेल’ की सलाह दी है। ब्रोकरेज फर्म CLSA ने एवेन्यू सुपरमार्ट्स के शेयर के लिए 5,723 रुपये के प्राइस टारगेट के साथ ‘हाई कन्विक्शन आउटपरफॉर्म’ रेटिंग दी है। बर्नस्टीन ने 5,000 रुपये के प्राइस टारगेट के साथ ‘आउटपरफॉर्म’ रेटिंग दी है। ब्रोकरेज ने कहा कि निवेशक आगे चलकर बिल-कट ग्रोथ और कंपनी के ग्रॉस मार्जिन प्रोफाइल पर नजर रखेंगे। यह भी उम्मीद जताई कि कंपनी FY27 में भी FY26 जैसी ही स्टोर खोलने की रफ्तार बरकरार रखेगी और सितंबर 2026 तिमाही के मार्जिन उम्मीद से बेहतर होंगे।

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561 वर्ष पुरानी सैन्य इकाई: तनोट माता की रक्षा से 1971 की निर्णायक जीत तक 13 ग्रेनेडियर्स का गौरवशाली इतिहास

3 अक्टूबर को जशपुर में 13 ग्रेनेडियर्स ‘गंगा जैसलमेर रीसाला’ ने अपने गौरवशाली इतिहास को याद किया। 1465 से चली आ रही 561 वर्ष पुरानी यह सैन्य इकाई भारतीय सेना की सबसे पुरानी और अनुभवी सैन्य टुकड़ियों में से एक है। इसके सैनिकों में बड़ी संख्या राजस्थान के सीकर, झुंझुनू और नागौर जिलों से आती है। इस सैन्य इकाई की शुरुआत ऊंटों पर सवार होकर रेगिस्तानी युद्ध लड़ने वाली टुकड़ी के रूप में हुई थी। समय के साथ इसका स्वरूप बदला और आज यह भारतीय सेना की एक सशक्त स्टैंडर्ड इन्फेंट्री बटालियन के रूप में सेवा दे रही है।

1965 के भारत-पाक युद्ध में इस बटालियन ने तनोट माता मंदिर की रक्षा करते हुए सांचू और साधेवाला की महत्वपूर्ण चौकियां कब्जे में लीं। 1971 के युद्ध में बटालियन ने पाकिस्तान के करीब 300 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र पर कब्जा कर रणहाल और बिजनोट जैसे महत्वपूर्ण स्थान अपने नियंत्रण में लिए।

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इस अवसर पर सैनिक कल्याण मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ को बटालियन द्वारा विशेष रूप से आमंत्रित किया गया। राठौड़ का इस बटालियन से पारिवारिक जुड़ाव भी रहा है—उनकी तीन पीढ़ियों ने इस गौरवशाली रीसाले में सेवा दी है, प्रथम और द्वितीय विश्व युद्ध से लेकर 1965 और 1971 के भारत-पाक युद्धों तक। कर्नल राठौड़ ने बटालियन के शौर्य, परंपरा और बलिदान को नमन करते हुए कहा कि ऐसी सैन्य विरासत केवल इतिहास नहीं, आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा है।

यूक्रेन में भारतीय कारोबारी की फार्मा फैक्ट्री पर हमला:रूस ने ड्रोन से निशाना बनाया, 1 की मौत; 400 करोड़ का नुकसान

रूस ने यूक्रेन के सूमी शहर में भारतीय कारोबारी राजीव गुप्ता की दवा बनाने वाली फैक्ट्री पर ड्रोन से हमला किया। हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हुए हैं। फैक्ट्री की मुख्य इमारत को भारी नुकसान पहुंचा और इसका ज्यादातर हिस्सा तबाह हो गया। शुरुआती अनुमान के मुताबिक, कंपनी को कम से कम 400 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। हमले के बाद फैक्ट्री वाले इलाके से धुएं का बड़ा गुबार उठता दिखाई दिया। अधिकारियों ने बताया कि मृतकों और घायलों की संख्या आगे बदल सकती है। यह फैक्ट्री रूस की सीमा से करीब 23 किलोमीटर दूर है। 1990 के दशक में यूक्रेन गए थे राजीव गुप्ता यह फैक्ट्री कुसुम ग्रुप की है। कंपनी को भारतीय नागरिक राजीव गुप्ता चलाते हैं। वे 1990 के दशक में यूक्रेन गए थे और वहीं उन्होंने कुसुम ग्रुप का कारोबार खड़ा किया। कंपनी ने 1994 में भारत की दवाओं को यूक्रेन भेजने वाली डिस्ट्रीब्यूटर कंपनी के तौर पर काम शुरू किया था। 1996 में इसे यूक्रेन में औपचारिक तौर पर कंपनी के रूप में स्थापित किया गया। कुसुम ग्रुप का मुख्यालय यूक्रेन की राजधानी कीव में है। इसे यूक्रेन में काम करने वाली प्रमुख भारतीय फार्मा कंपनियों में माना जाता है। पहले दूसरी कंपनियों की दवाएं बेचती थी कंपनी 2002 में कुसुम ग्रुप ने दूसरी कंपनियों की दवाएं बेचने का काम बंद कर दिया और अपने ब्रांड की दवाओं की मार्केटिंग शुरू की। इसके बाद कंपनी ने खुद दवाएं बनाना शुरू किया। 2007 में भारत में प्लांट शुरू किया गया। 2009 में यूक्रेन के सूमी में दवा बनाने की फैक्ट्री शुरू की गई। इसके बाद भारत में दो और उत्पादन सुविधाएं शुरू की गईं। कुसुम ग्रुप 50 से ज्यादा जेनेरिक दवाओं के ब्रांड बनाता है। इनमें टैबलेट, कैप्सूल और लिक्विड दवाएं शामिल हैं। कंपनी के उत्पाद यूक्रेन के अलावा उज्बेकिस्तान, कजाकिस्तान, फिलीपींस और दूसरे देशों में भी बिकते हैं। कंपनी का कारोबार 9 से ज्यादा देशों में है। भारत में कंपनी की उत्पादन सुविधाएं राजस्थान के भिवाड़ी और मध्य प्रदेश के पीथमपुर इंदौर में भी हैं। कुसुम ग्रुप खुद को भारतीय जड़ों वाली यूक्रेनी कंपनी बताता है। कंपनी का कारोबार भारत की दवाओं के डिस्ट्रीब्यूशन से शुरू हुआ था और बाद में उसने यूक्रेन में खुद दवाओं का उत्पादन शुरू किया। युद्ध के दौरान भी चलता रहा सूमी का प्लांट रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध शुरू होने के बाद भी सूमी की यह फैक्ट्री काम करती रही थी। अब रूसी ड्रोन हमले में इसकी मुख्य इमारत को भारी नुकसान पहुंचा है और फैक्ट्री का मुख्य काम रुक गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, गर्मियों से रूस यूक्रेन में रोज बड़ी संख्या में शहीद ड्रोन भेज रहा है। ये ड्रोन जेट इंजन से चलते हैं और अपेक्षाकृत कम कीमत के हैं। यूक्रेन की एयर डिफेंस टीमों को इन्हें रोकने में मुश्किल हो रही है, क्योंकि इन्हें रोकने केलिए इस्तेमाल किए जाने वाले इंटरसेप्टर ड्रोन शहीद ड्रोन से धीमे हैं। इसी बीच यूक्रेन ने इस सप्ताह अपनी घरेलू बैलिस्टिक मिसाइल FP-7 का पहली बार युद्ध में इस्तेमाल करने का ऐलान किया है। इसकी मारक क्षमता करीब 250 किलोमीटर बताई गई है।

कल का मौसम 4 October: रविवार को इन राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी! IMD ने जारी किया ये अलर्ट

Weather forecast for October 4: मौसम विभाग ने कल यानी 4 अक्टूबर के लिए वेदर का लेटेस्ट बुलेटिन जारी कर दिया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, अगले 24 घंटे के दौरान दक्षिण भारत के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बिगड़ सकता है। केरल और माहे तथा तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है। वहीं, तमिलनाडु में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने का भी अलर्ट है।

IMD बुलेटिन के मुताबिक, दक्षिण भारत के केरल, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में कल बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है। जबकि पूर्वोत्तर राज्यों में बिजली चमकने की संभावना बनी हुई है। बता दें कि भारत में जून से सितंबर के बीच इस साल 87.4 प्रतिशत बारिश हुई है। यह 2001 के बाद मानसून के मौसम में चौथी सबसे कम बारिश है।

केरल और तमिलनाडु में भारी बारिश की चेतावनी

  • मौसम विभाग ने चार अक्टूबर को केरल एवं माहे और तमिलनाडु, पुडुचेरी तथा कराईकल में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की आशंका जताई है। बारिश के दौरान स्थानीय स्तर पर जलभराव और यातायात प्रभावित होने जैसी स्थिति बन सकती है।

तमिलनाडु में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

  • IMD के मुताबिक, रविवार को तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में कुछ स्थानों पर बिजली चमकने और गरज के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।
  • लोगों को मौसम खराब होने के दौरान खुले इलाकों में सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।

आंध्र प्रदेश और केरल में भी आंधी-बारिश का अलर्ट

  • आंध्र प्रदेश तथा केरल और माहे में कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
  • आंध्र प्रदेश में कुछ इलाकों में तेज सतही हवाएं चलने की भी आशंका है।

पूर्वोत्तर राज्यों में बिजली गिरने का खतरा

  • मौसम विभाग ने असम और मेघालय, साथ ही नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी कुछ स्थानों पर गरज के साथ बिजली चमकने की चेतावनी जारी की है।
  • ऐसे में लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे जाने से बचने की सलाह दी जाती है।

कोंकण-गोवा में गर्म और उमस भरा मौसम

  • दूसरी ओर, कोंकण और गोवा में कुछ स्थानों पर गर्म और उमस भरा मौसम बने रहने की संभावना है। दिन के समय उमस के कारण लोगों को परेशानी महसूस हो सकती है।
  • IMD की ओर से जारी बुलेटिन में मछुआरों के लिए किसी तरह की चेतावनी जारी नहीं की गई है।

2001 के बाद मानसून के दौरान चौथी बार सबसे कम बारिश 

भारत में जून से सितंबर के बीच इस साल 87.4 प्रतिशत बारिश हुई, जो 2001 के बाद मानसून के मौसम में चौथी सबसे कम बारिश है। IMD ने अपने मासिक पूर्वानुमान में कहा कि इस मानसून में बारिश की कमी का एक प्रमुख कारण प्रशांत क्षेत्र में जून में उभरी अल नीनो की स्थिति थी, जो उसके बाद से मजबूत होती गई। आईएमडी ने कहा कि फिलहाल अल नीनो की स्थिति मजबूत है। इसके मार्च 2027 तक बने रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, इस मानसून देश में 759.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। जबकि सामान्य बारिश 868.6 मिलीमीटर होती है। यह सामान्य से 13 प्रतिशत कम है।

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IMD के महानिदेशक मौसम विज्ञान डॉ. मृत्युंजय महापात्र ने एक बयान में कहा कि यदि कम दबाव की प्रणालियों के कारण अतिरिक्त बारिश नहीं हुई होती तो देश में बारिश की कमी और अधिक हो सकती थी। उन्होंने कहा कि इस मौसम में 14 कम दबाव की प्रणालियां बनीं और कुल 77 दिन कम दबाव की प्रणालियां सक्रिय रहीं। जबकि सामान्य तौर पर यह अवधि 57 दिन होती है। मानसून की वापसी के बारे में महापात्र ने कहा कि अब तक पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और पूरी दिल्ली से मानसून की वापसी हो चुकी है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश और गुजरात के कुछ हिस्सों से भी मानसून लौट चुका है।

D-Mart Q2 Business Update: स्टैंडअलोन रेवेन्यू 18% बढ़ा, स्टोर हुए 518; सोमवार को फोकस में रहेगा शेयर

दिग्गज निवेशक राधाकिशन दमानी की कंपनी एवेन्यू सुपरमार्ट्स ने जुलाई-सितंबर 2026 तिमाही में बिजनेस कैसा रहा, इसका अपडेट जारी किया है। कंपनी D-Mart सुपरमार्केट चेन की ओनर है। इसने शेयर बाजारों को बताया है कि सितंबर 2026 तिमाही में स्टैंडअलोन बेसिस पर ऑपरेशंस से रेवेन्यू सालाना आधार पर 18.4 प्रतिशत बढ़कर 19,206.18 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले यह 16,218.79 करोड़ रुपये था।

एक्सचेंज फाइलिंग के मुताबिक, तिमाही आधार पर कंपनी का रेवेन्यू सितंबर 2026 तिमाही में 4.7 प्रतिशत बढ़ा। जून तिमाही में यह 18,343.49 करोड़ रुपये था। इस अपडेट के जारी होने के बाद सोमवार, 5 अक्टूबर को शेयर की चाल पर नजर रहेगी। एवेन्यू सुपरमार्ट्स के शेयर की कीमत वर्तमान में बीएसई पर 3809.70 रुपये है।

D-Mart स्टोर्स की कुल संख्या हुई 518

एवेन्यू सुपरमार्ट्स के मुताबिक, 30 सितंबर 2026 तक इसके D-Mart स्टोर्स की कुल संख्या 518 थी। इस आंकड़े में महाराष्ट्र के नवी मुंबई स्थित सानपाड़ा का स्टोर भी शामिल है। यह स्टोर रीकंस्ट्रक्शन के कारण फिलहाल ग्राहकों के लिए बंद है। D-Mart के स्टोर महाराष्ट्र, गुजरात, आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश, कर्नाटक, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR), तमिलनाडु, पंजाब और राजस्थान में हैं। इन स्टोर्स में रोजमर्रा के घरेलू सामान और व्यक्तिगत इस्तेमाल के प्रोडक्ट्स समेत कई तरह के सामान मिलते हैं।

Stock Split: 10 टुकड़ों में टूटेगा पेंट कंपनी का शेयर, 22 अक्टूबर रिकॉर्ड डेट

Avenue Supermarts का शेयर 3 महीनों में 12 प्रतिशत कमजोर

एवेन्यू सुपरमार्ट्स का मार्केट कैप 2.48 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। यह BSE 100 इंडेक्स का हिस्सा है। शेयर 3 महीनों में 12 प्रतिशत गिरा है। 2 साल में 23 प्रतिशत नीचे आया है। शेयर का BSE पर 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 4,642 रुपये और एडजस्टेड लो 3,528.65 रुपये है। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 74.48 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।

अप्रैल-जून 2026 तिमाही में कंपनी का शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 11.33 प्रतिशत बढ़कर 860.61 करोड़ रुपये रहा था। ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू लगभग 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 18,794.53 करोड़ रुपये दर्ज किया गया था। EBITDA 1499 करोड़ रुपये और EBITDA मार्जिन 8 प्रतिशत रहा था। जून 2026 तिमाही के दौरान डी-मार्ट ने 3 नए स्टोर जोड़े, जिसके बाद स्टोर्स की कुल संख्या 503 हो गई थी।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।