अनार छोड़ शुरू की इस फसल की खेती, आज पैसे गिनते नहीं थकते किसान

भारत को कृषि प्रधान देश कहा जाता है, लेकिन आज खेती पहले जैसी आसान नहीं रही। मौसम की अनिश्चितता, बढ़ती उत्पादन लागत, कीटों और बीमारियों का बढ़ता खतरा तथा बाजार में कीमतों का उतार-चढ़ाव किसानों की कमाई पर सीधा असर डाल रहे हैं। ऐसे में कई किसान पारंपरिक फसलों पर निर्भर रहने के बजाय नई और कम लागत वाली फसलों की ओर रुख कर रहे हैं। सही योजना, आधुनिक तकनीक और बाजार की समझ के साथ ये किसान खेती को घाटे का सौदा नहीं, बल्कि मुनाफे का व्यवसाय बना रहे हैं। महाराष्ट्र के सोलापुर जिले के किसान सागर येलपले इसकी प्रेरणादायक मिसाल हैं। उन्होंने वर्षों से चली आ रही अनार की खेती छोड़कर सहजन (ड्रमस्टिक) की खेती अपनाई।

शुरुआत केवल एक एकड़ में प्रयोग के तौर पर हुई, लेकिन शानदार नतीजों ने उनकी सोच और किस्मत दोनों बदल दी। आज उनका 18 एकड़ का सहजन फार्म हर साल करोड़ों रुपये का कारोबार करता है और लाखों रुपये का शुद्ध मुनाफा देता है। उनकी सफलता आज हजारों किसानों के लिए प्रेरणा बन चुकी है।

महंगी पड़ रही थी अनार की खेती

सागर ने 2012 में पढ़ाई पूरी करने के बाद अपने पिता के साथ 10 एकड़ की खेती संभाली। परिवार कई पीढ़ियों से अनार उगा रहा था, लेकिन समय के साथ इसकी खेती महंगी होती चली गई। उनके अनुसार, अनार में बीमारियों का खतरा बढ़ गया था, कीटनाशकों और रसायनों पर भारी खर्च करना पड़ता था। एक एकड़ से करीब 3 लाख रुपये की कमाई होती थी, लेकिन लगभग आधी रकम खेती की लागत में ही चली जाती थी। ऊपर से फसल तैयार होने में छह महीने का इंतजार भी करना पड़ता था।

2017 में लिया जिंदगी बदलने वाला फैसला

इसी दौरान एक दोस्त ने उन्हें व्यावसायिक सहजन की खेती का सुझाव दिया। सागर ने बिना जोखिम लिए पहले सिर्फ एक एकड़ में इसकी खेती शुरू की। उन्होंने करीब 4,000 रुपये में 400 ग्राम बीज खरीदे, खेत में गोबर की सड़ी खाद डाली और जनवरी 2017 में बुवाई कर दी। सिर्फ पांच महीने बाद जून में पहली फसल तैयार हो गई।

पहली ही फसल ने बढ़ाया हौसला

एक एकड़ से लगभग 10 टन सहजन की पैदावार हुई। बाजार में 25 से 30 रुपये प्रति किलो के भाव से बिक्री हुई और पहली ही फसल से 3 लाख रुपये से ज्यादा की कमाई हुई। यहीं से सागर को भरोसा हो गया कि भविष्य सहजन की खेती में है।

धीरे-धीरे बदली पूरी खेती की तस्वीर

सागर ने एक साथ पूरी खेती बदलने की बजाय धीरे-धीरे अनार के बाग हटाकर सहजन लगाना शुरू किया। बाद में उन्होंने 8 एकड़ और जमीन जोड़ ली। आज उनके पास कुल 18 एकड़ में करीब 12,000 सहजन के पौधे हैं, जिनमें मुख्य रूप से ODC-3 और ODC-4 किस्में लगाई गई हैं।

हर साल 200 टन तक उत्पादन

शुरुआत में एक पेड़ से लगभग 25 किलो फल मिलता था, लेकिन सही देखभाल और नियमित छंटाई के कारण अब एक पेड़ से करीब 50 किलो तक उत्पादन हो रहा है। पूरे फार्म से हर साल 180 से 200 टन सहजन की पैदावार होती है।

बायोगैस प्लांट से घटाया खर्च

सागर ने खेत में बायोगैस प्लांट भी लगाया है, जिससे रोजाना 200 से 300 लीटर स्लरी निकलती है। यही स्लरी खेतों में जैविक खाद का काम करती है। इससे मिट्टी की गुणवत्ता बेहतर हुई, रासायनिक खाद का खर्च घटा और बायोगैस का इस्तेमाल घर में खाना बनाने के लिए भी होने लगा।

हैदराबाद बना सबसे बड़ा बाजार

अच्छी फसल के साथ सागर ने मजबूत बाजार भी तैयार किया। आज उनकी अधिकांश उपज लगभग 400 किलोमीटर दूर हैदराबाद भेजी जाती है, जहां व्यापारी पूरी फसल खरीद लेते हैं। पहले वे दुबई भी निर्यात करते थे, लेकिन अब हैदराबाद से ही इतनी मांग है कि पूरी उपज वहीं बिक जाती है।

मौसम बदलता है, मुनाफा नहीं

सर्दियों में सहजन की कीमत 200 रुपये प्रति किलो तक पहुंच जाती है, जबकि गर्मियों में यह 25 रुपये प्रति किलो तक आ जाती है। इसके बावजूद पूरे साल का औसत भाव करीब 50 रुपये प्रति किलो रहता है, जिससे खेती लगातार फायदे का सौदा बनी हुई है।

बीज बेचकर भी लाखों की कमाई

सिर्फ सहजन बेचकर ही नहीं, बल्कि सागर अब इसकी गुणवत्तापूर्ण बीज भी किसानों को बेचते हैं। वे करीब 10,000 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बीज बेचते हैं, जिससे सालाना लगभग 15 लाख रुपये की अतिरिक्त आय होती है।

1.15 करोड़ का कारोबार, 80 लाख तक मुनाफा

सहजन और बीज की बिक्री मिलाकर सागर का सालाना कारोबार करीब 1.15 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। इसमें से करीब 80 लाख रुपये का शुद्ध लाभ होता है।

दूसरे किसानों को क्या सलाह देते हैं सागर?

सागर का मानना है कि किसी भी नई फसल में सीधे पूरी खेती बदलने की बजाय पहले छोटे स्तर पर प्रयोग करना चाहिए। फसल की देखभाल, बाजार की मांग और खरीदारों की उपलब्धता को समझने के बाद ही बड़े स्तर पर निवेश करना बेहतर होता है। यही सोच उनके लिए सफलता की सबसे बड़ी कुंजी साबित हुई।

VIDEO: भारत में 30% और स्वीडन में 35% टैक्स देकर क्या मिलता है? युवती ने वीडियो में बताया दोनों देशों में क्या-क्या मिलती है सरकार सुविधा

स्वीडन में रहने वाली भारतीय मूल की एक युवती का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। भारतीय मूल के एक एचआर प्रोफेशनल ने वहां के टैक्स सिस्टम और लोगों को मिलने वाली सरकारी सुविधाओं की तुलना भारत से की है। वीडियो में उसने बताया कि, वहां लोग 30 से 35 प्रतिशत तक टैक्स देते हैं, लेकिन बदले में उन्हें अच्छी स्वास्थ्य सेवाएं, मुफ्त शिक्षा और कई दूसरी सरकारी सुविधाएं मिलती हैं। इस वीडियो के वायरल होने के बाद भारत और स्वीडन के टैक्स सिस्टम और सरकारी सुविधाओं को लेकर सोशल मीडिया पर लोगों के बीच चर्चा शुरू हो गई है।

एचआर प्रोफेशनल और डिजिटल क्रिएटर कृतिका साकोरिया हाल ही में स्वीडन के गोथेनबर्ग शहर में रहने गई हैं। उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर करते हुए बताया कि वहां 30 से 35 प्रतिशत तक इनकम टैक्स देना पड़ता है। इसके बदले लोगों को इतनी अच्छी सरकारी सुविधाएं मिलती हैं।

सरकार कैसे कर रहे पैसों का इस्तेमाल

वीडियो में कृतिका ने लिखा, “30 प्रतिशत टैक्स देना पहली नजर में बहुत ज्यादा लगता है, लेकिन जब आपको रोजमर्रा की जिंदगी में मिलने वाली सुविधाएं दिखाई देती हैं, तब इसकी अहमियत समझ आती है।” उन्होंने अपने वीडियो के कैप्शन में लिखा कि टैक्स को सिर्फ उसकी दर से नहीं, बल्कि उसके बदले मिलने वाली सरकारी सुविधाओं के आधार पर भी देखा जाना चाहिए। इस वीडियो पर उन्होंने लिखा, ‘भारत में 30% टैक्स देने के बाद’ वहीं कुछ देर बाद लिखा, स्वीडन में 35% टैक्स देने के बाद’।

कृतिका ने कहा, “हर देश की अपनी व्यवस्था होती है, लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि टैक्स के बदले लोगों को क्या मिलता है? टैक्स सिर्फ पैसे देने का नाम नहीं है, बल्कि यह भी मायने रखता है कि सरकार उन पैसों का इस्तेमाल समाज के लिए किस तरह करती है।”

 

क्या-क्या मिलती है सुविधाएं

कृतिका ने अपनी पोस्ट में लिखा, “स्वीडन में टैक्स देने के बाद मुझे ऐसी कई सुविधाएं मिलती हैं, जो मेरी रोजमर्रा की जिंदगी को बेहतर और आसान बनाती हैं।” कमेंट सेक्शन में लोगों के सवालों का जवाब देते हुए कृतिका ने बताया कि स्वीडन में टैक्स देने वालों को कई तरह की सुविधाएं मिलती हैं। इनमें कम खर्च में स्वास्थ्य सेवाएं, मुफ्त शिक्षा, माता-पिता के लिए सवेतन अवकाश, सामाजिक सुरक्षा, बच्चों के लिए आर्थिक सहायता, साफ-सुथरे सार्वजनिक स्थान, बेहतर सड़कें और अन्य बुनियादी सुविधाएं शामिल हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वहां लोगों को काम और निजी जीवन के बीच अच्छा संतुलन बनाए रखने का अवसर मिलता है।

लोगों ने किया कमेंट

इस वीडियो के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने भारत के टैक्स सिस्टम और सरकारी सुविधाओं को लेकर जमकर अपनी राय दी। कई यूजर्स ने कृतिका की बात से सहमति जताई। एक यूजर ने लिखा, “कुछ लोग भारत की मौजूदा व्यवस्था का बचाव करने में लगे रहते हैं, लेकिन जब तक कमियां स्वीकार नहीं की जाएंगी, बदलाव संभव नहीं है।” एक यूजर ने लिखा, “अगर वहां बेहतर सुविधाएं मिल रही हैं, तो वहीं रहो और वापस मत आना।” वहीं एक और यूजर ने लिखा, “सिर्फ 30 प्रतिशत नहीं, जीएसटी, सेस और दूसरे टैक्स जोड़ने के बाद लोगों पर टैक्स का बोझ और बढ़ जाता है।”

एक अन्य यूजर ने कहा, “आयकर के अलावा कैपिटल गेन टैक्स, कारों पर टैक्स और पेट्रोल-डीजल पर भारी टैक्स भी देना पड़ता है।” सोशल मीडिया पर लोगों ने कई तरह से कमेंट किए हैं।

(डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर यूज़र द्वारा शेयर किए गए कंटेंट पर आधारित है। मनीकंट्रोल इन दावों की न तो स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है और न ही इनका समर्थन करता है।)

Vijay Kedia : ₹80 का शेयर बना ₹16400, विजय केडिया ने बताया मल्टीबैगर स्टॉक का सीक्रेट

Vijay Kedia Investment Tips: कई निवेशक हमेशा सिर्फ मल्टीबैगर स्टॉक खोजने की कोशिश करते हैं। इसके चक्कर में कई बार ऐसे शेयरों में भी पैसे लगा बैठते हैं, जहां भारी नुकसान हो जाता है। दिग्गज निवेशक विजय केडिया का कहना है कि बड़ी कमाई करने का राज अगला मल्टीबैगर शेयर ढूंढने में नहीं, बल्कि अच्छे बिजनेस में लंबे समय तक टिके रहने में है।

उन्होंने कहा, “जब लोग 10, 20 या 50 गुना रिटर्न देने वाले शेयरों की बात करते हैं, तो मैं कभी यह सोचकर शेयर नहीं खरीदता कि यह मल्टीबैगर बनेगा। मुझे पहले से ये पता नहीं होता।”

टॉर्च की रोशनी जैसा है निवेश

केडिया निवेश की तुलना रात में टॉर्च लेकर चलने से करते हैं। उनका कहना है, ‘टॉर्च सिर्फ 25 मीटर आगे तक रास्ता दिखाती है। आप पहले उतना चलते हैं, फिर अगले 25 मीटर दिखाई देते हैं। निवेश भी बिल्कुल ऐसा ही है।’

उनके मुताबिक, निवेश से पहले वह सिर्फ एक सवाल पूछते हैं, ‘क्या मैं इस कंपनी के शेयर को अगले 10 साल तक अपने पास रख सकता हूं?’

एक निवेश की कहानी

केडिया ने अपने एक सफल निवेश का उदाहरण भी दिया। उन्होंने 2005 में करीब ₹80 के भाव पर एक कंपनी के शेयर खरीदे। अगले कई सालों में शेयर कभी ₹250 पहुंचा, फिर ₹50-60 तक गिर गया। इसके बाद यह ₹600, ₹1,000 और ₹1,500 तक गया और फिर गिरा।

कोविड-19 के दौरान भी शेयर करीब ₹4,200 से गिरकर ₹1,700 तक आ गया। लेकिन उन्होंने अपने शेयर नहीं बेचे।

सिर्फ डिविडेंड से निकल गई लागत

केडिया के मुताबिक, 16 साल में कंपनी ने करीब ₹250 प्रति शेयर का कुल डिविडेंड दिया। यानी उन्हें खरीद कीमत से तीन गुना ज्यादा डिविडेंड मिल चुका था। उन्होंने कहा, “एक तरह से मेरे शेयर मुफ्त हो गए थे।”

बाद में कंपनी ने 1:1 बोनस शेयर भी दिया। बोनस को शामिल करने के बाद केडिया ने करीब ₹16,400 प्रति शेयर के एडजस्टेड भाव पर अपना निवेश बेचा। यह उनके सबसे सफल निवेशों में शामिल रहा।

50-60% गिरावट भी झेली

केडिया का कहना है कि असली चुनौती मल्टीबैगर ढूंढना नहीं, बल्कि 50-60% की गिरावट के दौरान भी निवेश बनाए रखना है। उनके मुताबिक, “यही सबसे बड़ी समस्या है। ज्यादातर निवेशक गिरावट देखकर घबरा जाते हैं।”

ट्रेन यात्रा से समझाया निवेश

केडिया ने निवेश की तुलना मुंबई से अहमदाबाद जाने वाली ट्रेन से की। उन्होंने कहा, “अगर ट्रेन मुंबई से देर से निकले या दादर स्टेशन पर ज्यादा देर रुक जाए, तो मुझे फर्क नहीं पड़ता। मेरी नजर मंजिल पर होती है, हर स्टेशन पर नहीं।”

उनका कहना है कि शेयर अगर 50% भी गिर जाए, लेकिन बिजनेस पर भरोसा कायम हो, तो घबराने की जरूरत नहीं है। बल्कि जब शेयर फिर से खरीद कीमत तक लौटता है, तो उनका भरोसा और मजबूत हो जाता है।

केडिया के मुताबिक, मल्टीबैगर बनने का राज पहले से उसकी पहचान करना नहीं है, बल्कि सही बिजनेस में इतना लंबा टिके रहना है कि कंपाउंडिंग अपना कमाल दिखा सके।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

काशी विश्वनाथ धाम में VIP दर्शन के नाम पर ठगी, पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए वापस दिलाए पैसे

varansi : cheating on the name of vip darshan

सावन का महीना भगवान शिव की आराधना का सबसे पावन और महत्वपूर्ण माना जाता है। विशेषकर सावन के सोमवार पर श्री काशी विश्वनाथ धाम में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु बाबा विश्वनाथ के दर्शन-पूजन के लिए पहुंचते हैं। आस्था, श्रद्धा और भक्ति के इस महासंगम के बीच कुछ असामाजिक तत्व श्रद्धालुओं की भावनाओं का फायदा उठाकर ठगी करने से भी नहीं चूक रहे हैं।

 

ऐसा ही एक मामला सोमवार को श्री काशी विश्वनाथ धाम में सामने आया, जहां मैसूर से दर्शन करने आई एक महिला श्रद्धालु से आसानी के साथ वीआईपी दर्शन कराने का झांसा देकर एक ठग ने 4 हजार रुपये की ठगी कर ली। महिला ने आराम से जल्दी दर्शन मिलने की उम्मीद में रकम दे दी, लेकिन कुछ ही देर में उसे एहसास हुआ कि उसे दर्शन के नाम पर ठगा गया है।

 

भगवान के नाम पर ठगी का यह दृश्य जैसे ही ड्यूटी पर मौजूद एक पुलिसकर्मी की नजर में पहुंचा तो हड़कंप मच गया। उसने तत्काल प्रभाव से थाना सिगरा को सूचना दी। जानकारी मिलते ही इंस्पेक्टर शिवाकांत मिश्रा अपनी टीम के साथ श्री काशी विश्वनाथ धाम पहुंचे और पीड़ित महिला से पूरी जानकारी ली। इसके बाद आसपास के स्थानीय व्यापारियों और लोगों से पूछताछ की गई।

 

जांच के दौरान लोगों ने बताया कि ठगी करने वाले व्यक्ति का नाम बसंत पांडे है, जो चेतगंज क्षेत्र का निवासी है। आरोप है कि वह मैसूर से आई महिला सहित अन्य चार श्रद्धालुओं को भी शीघ्र दर्शन कराने का लालच देकर पैसे ऐंठने का प्रयास कर रहा था।

 

पुलिस टीम के पहुंचने की भनक लगते ही बसंत पांडे गेट नंबर-4 की ओर से भागने लगा, लेकिन पुलिस ने पीछा कर उसे पकड़ लिया और हिरासत में ले लिया। पुलिस की तत्परता से पीड़ित महिला के 4 हजार रुपये तत्काल ऑनलाइन वापस कराए गए, जिससे श्रद्धालु ने राहत की सांस ली।

 

आस्था से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं 

सावन के पहले सोमवार पर, जब श्री काशी विश्वनाथ धाम में आस्था का अभूतपूर्व जनसैलाब उमड़ा हुआ था, तब पुलिस की इस संवेदनशील और तुरंत कार्रवाई ने यह संदेश भी दिया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और उनकी आस्था के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

 

पुलिस टीम की इस सराहनीय कार्यशैली की हर तरफ प्रशंसा हो रही है। महिला श्रद्धालु को ऑनलाइन पैसे वापस दिलवाने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग वाराणसी पुलिस की मुक्तकंठ से सराहना कर रहे हैं। वहीं कर्नाटक (मैसूर) से आई महिला उत्तर प्रदेश राज्य की उज्ज्वल छवि को लेकर अपने प्रदेश वापस लौटेगी।

 

पुलिस-प्रशासन और मंदिर कमेटी ने श्रृद्धालुओं से अपील

पुलिस-प्रशासन और मंदिर कमेटी ने श्रृद्धालुओं से अपील की है कि श्री काशी विश्वनाथ धाम आने वाला कोई भी भक्त किसी भी अनजान व्यक्ति, दलाल या तथाकथित वीआईपी दर्शन कराने का दावा करने वाले लोगों के झांसे में न आएं। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों या प्रशासन को दें, ताकि आस्था के इस पावन पर्व की गरिमा बनी रहे।

‘राम मंदिर में चंदा चोरी से संतों का कोई वास्ता नहीं’; पप्पू यादव और राहुल गांधी से SP ने बनाई दूरी! राम गोपाल यादव भड़के

Pappu Yadav News: संसद परिसर में बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव के भगवा कपड़े पहनकर राम मंदिर चंदा चोरी का नुक्कड़ नाटक करने पर समाजवादी पार्टी (SP) के सीनियर नेता राम गोपाल यादव ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस नाटक को गलत ठहराते हुए कहा कि राम मंदिर में चोरी से संतों का कोई वास्ता नहीं है। सपा सांसद ने कहा कि पप्पू यादव ने गलत किया। उन्हें संसद परिसर में ऐसा नहीं करना चाहिए था। यादव ने कहा कि संतों का चंदा चोरी से कोई संबंध नहीं है। बता दें कि हाल ही में समाजवादी पार्टी के कई सांसद भी पप्पू यादव के साथ नाटक कर रहे थे।

न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, संसद परिसर में पप्पू यादव द्वारा भगवा कपड़े पहनकर नुक्कड़ नाटक पर सपा सांसद राम गोपाल यादव ने कहा, “वो गलत था क्योंकि राम मंदिर में चोरी से संतों का कोई वास्ता नहीं है। वो गलत चीज थी, ऐसा नहीं होना चाहिए था।” उन्होंने आगे कहा, “हम राम मंदिर चंदा चोरी का मामला सदन में उठाएंगे। ये गंभीर मामला है।”

राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने शुक्रवार को भगवा कपड़े पहनकर संसद परिसर में मकर द्वार के सामने अन्य विपक्षी सांसदों के साथ नाटक किया था। यह प्रदर्शन अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के विरोध में किया गया था। इस दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी समेत कांग्रेस और सपा के विभिन्न सांसदों ने दान पेटी में पैसे डाले। जबकि यादव ने राम मंदिर में हुई चोरी को दिखाने के लिए कथित रूप से पैसे अपनी जेब में रख लिए।

BJP ने विपक्ष से की माफी की मांग

भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने आरोप लगाया कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में संसद परिसर में नाटक करके हिंदू भावनाओं को ठेस पहुंचाई। भगवा पार्टी ने कहा कि उन्हें इसके लिए माफी मांगनी चाहिए। यादव ने हालांकि कहा कि वह सनातन की रक्षा के लिए विरोध कर रहे हैं। कितनी भी FIR दर्ज हो जाएं। लेकिन वह नहीं झुकेंगे।

BJP नेताओं ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की तरफ ध्यान खींचने के लिए संसद परिसर में नाटक करने को लेकर पप्पू यादव, राहुल गांधी और अयोध्या से समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद अवधेश प्रसाद के खिलाफ शनिवार को वाराणसी में शिकायत दर्ज करवाई। जबकि राष्ट्रीय राजधानी में दिल्ली पुलिस को तहरीर दी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने भी गांधी और यादव पर हमला करते हुए आरोप लगाया कि दोनों नेताओं ने संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन के जरिए सनातन धर्म का अपमान किया।

आखिर क्या हुआ था जिस पर मचा है बवाल?

दरअसल, भगवा कपड़े पहने पप्पू यादव ने शुक्रवार को संसद परिसर में ‘मकर द्वार’ के सामने विपक्ष के दूसरे सांसदों के साथ यह राम मंदिर चढ़ावा चोरी का नाटक किया। इस दौरान राहुल गांधी समेत अन्य सांसदों ने दान पेटी में पैसे डाले। जबकि राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी को दिखाने के लिए अपनी जेब में पैसे डाले। BJP के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने आरोप लगाया कि इस तरह के विरोध से लाखों राम भक्तों की भावनाओं को ठेस पहुंची है। यह सिर्फ राजनीतिक विरोध का काम नहीं था। बल्कि एक सोचा-समझा अपराध था।

चुघ ने न्यूज एजेंसी पीटीआई से कहा, “राहुल गांधी और इस काम में शामिल हर किसी को, चाहें वह समाजवादी पार्टी से हो या किसी दूसरी राजनीतिक पार्टी से, पूरे देश और दुनिया भर के हिंदुओं से सबके सामने माफी मांगनी चाहिए।” उन्होंने आरोप लगाया कि जिन नेताओं ने राम जन्मभूमि आंदोलन का विरोध किया था। राम मंदिर के निर्माण का बहिष्कार किया था, वे अब मंदिर से जुड़े प्रतीकों का मजाक उड़ा रहे हैं।

VHP नेता सुरेंदर गुप्ता ने भी गांधी और यादव की आलोचना की। इस विरोध को अश्लील प्रदर्शन बताया, जो सनातन धर्म और संतों का अपमान करता है। गुप्ता ने पीटीआई से बातचीत में कहा, “‘यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि देश की राजधानी में संसद के बाहर ऐसा अश्लील प्रदर्शन किया गया। जिस तरह से दो ‘पप्पुओं’ ने सनातन और संतों का अपमान किया। उससे संतों के साथ-साथ हिंदू समुदाय में भी बहुत गुस्सा है।”

पप्पू यादव की सफाई

इस बीच, पप्पू यादव ने कहा कि उन्होंने न तो किसी संत को गाली दी और न ही उनका अपमान किया। यादव ने पीटीआई से कहा, “मैंने किसी को गाली नहीं दी। मैंने किसी संत का नाम नहीं लिया और न ही उनका अपमान किया। सनातन और इस देश के सौ करोड़ लोगों की आस्था की रक्षा के लिए हम एक लाख बार कुर्बानी देने को तैयार हैं। आप हमारे खिलाफ जितने चाहें मुकदमे कर लें और जितना चाहें हमला कर लें।” यादव बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद हैं।

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Delhi Lakshmi Yojana: हर महीने खाते में आएंगे ₹2,500! 2 मिनट में समझें अप्लाई करने का पूरा प्रोसेस

Delhi Laxmi Yojna Registration Process: दिल्ली सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए ‘दिल्ली लक्ष्मी योजना’ की शुरुआत की है। योजना के तहत परिवार की सबसे वरिष्ठ महिला सदस्य को ₹2,500 प्रति माह की वित्तीय सहायता दी जाएगी।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने लक्ष्मी योजना का आधिकारिक पोर्टल लॉन्च कर दिया है, जिस पर आवेदन मिलने भी शुरू हो चुके हैं। योजना शुरू होने के महज दो दिनों के भीतर ही 1.47 लाख से अधिक पंजीकरण हो चुके हैं। सरकार ने इसके लिए ₹5,100 करोड़ का बजट आवंटित किया है। आइए आपको बताते हैं इस योजना का लाभ उठाने के लिए कौन पात्र है, किन दस्तावेजों की आवश्यकता होगी और ऑनलाइन आवेदन कैसे करना है।

एक साथ खाते में नहीं आएंगे ₹2,500

दिल्ली लक्ष्मी योजना एक अनोखी हाइब्रिड कैश-ट्रांसफर और सेविंग्स स्कीम है, जिसमें महिलाओं के लिए दो विकल्प दिए गए हैं:

विकल्प 1 (कैश + एफडी): ₹1,000 की राशि सीधे लाभार्थी महिला के बैंक खाते में भेजी जाएगी, जबकि शेष ₹1,500 की राशि को सरकार द्वारा ‘फिक्स्ड डिपॉजिट’ (FD) में निवेश किया जाएगा।

विकल्प 2 (पूरी एफडी): लाभार्थी चाहें तो पूरे ₹2,500 को फिक्स्ड डिपॉजिट में निवेश करने का विकल्प चुन सकती हैं।

इस FD पर 3 साल का लॉक-इन पीरियड लागू होगा, जिस पर राज्य सरकार सॉवरेन गारंटी प्रदान करेगी।

कौन कर सकता है आवेदन?

योजना का लाभ लेने के लिए महिला आवेदकों को ये शर्तें पूरी करनी होंगी:

  • परिवार की प्रमुख: आवेदक महिला परिवार की सबसे वरिष्ठ सदस्य होनी चाहिए।
  • आयु सीमा: महिला की उम्र 21 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
  • पारिवारिक आय: परिवार की कुल वार्षिक आय ₹2.5 लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए।
  • दिल्ली का निवासी होना: आवेदक, उसका पति या उसके माता-पिता कम से कम 10 वर्षों से दिल्ली के निवासी हों।
  • वोटर आईडी: आवेदक दिल्ली की पंजीकृत मतदाता होनी चाहिए।
  • बिजली खपत: पिछले 1 वर्ष के दौरान परिवार की वार्षिक बिजली खपत 2,400 यूनिट से अधिक नहीं होनी चाहिए।

किन्हें नहीं मिलेगा लाभ?

  1. जो परिवार इनकम टैक्स पेयर हैं या जीएसटी (GST) फाइल करते हैं।
  2. परिवार में कोई सदस्य सरकारी नौकरी, सार्वजनिक उपक्रम (PSU) या लोकल बॉडी में स्थायी/संविदा कर्मचारी है।
  3. जिनके पास चार पहिया वाहन है।
  4. आवेदक महिला के 3 से अधिक बच्चे नहीं होने चाहिए।
  5. आपराधिक रिकॉर्ड वाले लोग योजना के लिए पात्र नहीं होंगे।

आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज

पहचान व पते का प्रमाण: वोटर आईडी कार्ड (दिल्ली) और आधार कार्ड।

पासपोर्ट साइज फोटो और हस्ताक्षर: आवेदक की स्पष्ट फोटो और सिग्नेचर।

सांसद या विधायक का सिफारिश पत्र: क्षेत्र के सांसद (MP) या विधायक (MLA) का हस्ताक्षरित सिफारिश/समर्थन पत्र।

पते/बिजली खपत का प्रमाण: बिजली का बिल या गैस कनेक्शन का बिल।

उम्र का प्रमाण (कोई भी एक): जन्म प्रमाण पत्र, 10वीं की मार्कशीट, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, वोटर आईडी या आधार कार्ड।

बैंक खाता विवरण: डीबीटी के माध्यम से राशि प्राप्त करने के लिए बैंक पासबुक की कॉपी।

ऑनलाइन आवेदन का स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस

पात्र महिलाएं घर बैठे नीचे दिए गए आसान स्टेप्स को फॉलो करके रजिस्ट्रेशन कर सकती हैं:

स्टेप 1: आधिकारिक वेबसाइट https://dly.delhi.gov.in पर जाएं और ‘Apply for Scheme’ के बाद ‘Register Now’ पर क्लिक करें।

स्टेप 2: अपनी व्यक्तिगत जानकारी और बेसिक विवरण दर्ज करें।

स्टेप 3: परिवार के सभी सदस्यों का ब्योरा सही-सही भरें।

स्टेप 4: पैसे ट्रांसफर के लिए अपना चालू बैंक खाता दर्ज करें।

स्टेप 5: मांगे गए सभी आवश्यक दस्तावेजों को निर्धारित फॉर्मेट में अपलोड करें।

स्टेप 6: फॉर्म का प्रीव्यू ध्यान से जांचें और फाइनल सबमिट करें।

स्टेप 7: क्षेत्रीय MP या MLA द्वारा हस्ताक्षरित अनुशंसा की प्रति अपलोड करें।

स्टेप 8: आवेदन पूरा होने के बाद पावती रसीद डाउनलोड करके भविष्य के लिए सुरक्षित रख लें।

Advance Technoforge Listing ने दिया झटका, 1% डिस्काउंट पर एंट्री के बाद ₹95 का शेयर आया और नीचे

Advance Technoforge IPO Listing: फॉर्ज्ड और प्रिसिजन मशीन्ड पार्ट्स बनाने वाली एडवांस टेक्नोफॉर्ज की आज BSE SME पर डिस्काउंट पर एंट्री हुई। इसके आईपीओ को भी निवेशकों का मिला-जुला रिस्पांस मिला था और खुदरा निवेशकों के दम पर ही ओवरसब्सक्राइब हो पाया था। आईपीओ के तहत ₹95 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE SME पर इसकी ₹94.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को कोई लिस्टिंग गेन नहीं मिला बल्कि लिस्टिंग पर 1.05% पूंजी ही घट गई। आईपीओ निवेशकों को और झटका तब लगा, जब शेयर और नीचे आए। टूटकर यह ₹90.00 (Advance Technoforge Share Price) पर आ गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 5.26% घाटे में हैं।

Advance Technoforge IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

एडवांस टेक्नोफोर्ज का ₹24 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 27-29 जुलाई तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का मिला-जुला रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 2.68 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 0.43 गुना और खुदरा निवेशकों के लिए आरक्षित आधा हिस्सा 2.68 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 25,30,800 नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹7.19 करोड़ मौजूदा प्रेमिसेज में प्रिसिजन मशीन कंपोनेंट्स बनाने के लिए मशीनरी की खरीदारी और इंस्टॉलेशन, ₹7.25 करोड़ वर्किंग कैपिटल की जरूरतों, ₹2.40 करोड़ कर्ज हल्का करने और बाकी पैसे इश्यू से जुड़े खर्चों को भरने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

Advance Technoforge के बारे में

एडवांस टेक्नोफोर्ज फॉर्ज्ड और प्रिसिजन मशीन्ड पार्ट्स बनाकर सप्लाई करती है। इसके प्रोडक्ट्स ऑटोमोटिव, ऑयल एंड गैस इंडस्ट्रीज, अर्थ मूविंग इक्विपमेंट, रेलवे समेत अन्य सेक्टर्स में इस्तेमाल होते हैं। इसके प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में टो हुक असेंबली, रिटेनर प्लेट्स, क्रास मेंबर, कनेक्टिंग रॉड, बोडेन (एंड कैप) इत्यादि हैं। कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो वित्त वर्ष 2024-26 में इसका मुनाफा सालाना 54% से अधिक की रफ्तार से बढ़कर ₹4.06 करोड़ पर पहुंच गया। हालांकि इस दौरान कंपनी की टोटल इनकम में उठा-पटक दिखी। वित्त वर्ष 2024 में ₹48.24 करोड़ और वित्त वर्ष 2025 में ₹51.15 करोड़ से वित्त वर्ष 2026 में यह ₹50.73 करोड़ पर आ गई। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹17.29 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹7.19 करोड़ पड़े थे।

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

SIP vs Lumpsum: ₹2000 की SIP या ₹2 लाख का लंपसम? आपके बच्चे के लिए कौन-सा निवेश बेस्ट रहेगा, पूरा कैलकुलेशन समझिए

SIP vs Lumpsum: बच्चा जब छोटा होता है, तब उसकी पढ़ाई, कॉलेज या करियर की चिंता दूर की बात लगती है। लेकिन समय बहुत तेजी से निकलता है। आज जो बच्चा गोद में है, वही 15-20 साल बाद इंजीनियरिंग, मेडिकल, MBA या विदेश में पढ़ाई का सपना देख सकता है। ऐसे में अगर आपने समय रहते निवेश शुरू नहीं किया, तो एक साथ बड़ी रकम जुटाना आसान नहीं होगा।

यहीं से एक सवाल शुरू होता है। अगर आपके पास आज ₹2 लाख हैं, तो क्या उन्हें एक साथ निवेश कर देना चाहिए? या हर महीने ₹2,000 की SIP शुरू करना ज्यादा समझदारी होगी? दोनों के अपने फायदे हैं। आइए आसान भाषा और कैलकुलेशन से समझते हैं।

SIP और लंपसम में क्या अंतर है?

SIP यानी सिस्टमैटिक इनवेस्टमेंट प्लान में आप हर महीने एक तय रकम निवेश करते हैं। इससे निवेश की आदत बनती है और बाजार के उतार-चढ़ाव का असर भी कुछ हद तक संतुलित हो जाता है।

वहीं लंपसम में पूरी रकम एक साथ निवेश की जाती है। अगर निवेश लंबी अवधि का हो, तो पूरी रकम पहले दिन से ही कंपाउंडिंग का फायदा उठाने लगती है।

इसे उदाहरण से समझिए

अब मान लीजिए आपका बच्चा अभी छोटा है और आप उसके भविष्य के लिए निवेश शुरू करना चाहते हैं। दो विकल्प हैं। हर महीने ₹2,000 की SIP करें या आज ही ₹2 लाख का लंपसम निवेश कर दें। मान लेते हैं कि दोनों निवेशों पर औसतन 12% सालाना रिटर्न मिलता है।

15, 20 और 25 साल में कितना बनेगा पैसा?

निवेश का तरीका15 साल20 साल25 साल
₹2,000 की SIP का अनुमानित फंड₹10.09 लाख₹19.98 लाख₹37.95 लाख
आपका कुल SIP निवेश₹3.60 लाख₹4.80 लाख₹6.00 लाख
₹2 लाख का लंपसम निवेश₹10.95 लाख₹19.29 लाख₹34.00 लाख
लंपसम में अनुमानित मुनाफा₹8.95 लाख₹17.29 लाख₹32.00 लाख

नोट: यह कैलकुलेशन 12% सालाना अनुमानित रिटर्न पर आधारित है। म्यूचुअल फंड बाजार से जुड़े होते हैं। इसलिए वास्तविक रिटर्न इससे कम या ज्यादा हो सकता है।

दोनों रिटर्न में अंतर क्यों दिखता है?

15 साल में ₹2 लाख का लंपसम, ₹2,000 की SIP से थोड़ा आगे दिखता है। लेकिन जैसे-जैसे समय बढ़ता है, SIP का फंड बड़ा होता जाता है। इसकी वजह यह नहीं है कि SIP का रिटर्न ज्यादा है, बल्कि इसलिए क्योंकि SIP में हर महीने नया पैसा भी जुड़ता रहता है।

उदाहरण के लिए, 25 साल में SIP के जरिए आपने कुल ₹6 लाख निवेश किए हैं। वहीं, लंपसम में सिर्फ ₹2 लाख लगाए हैं। इसलिए दोनों की तुलना करते समय सिर्फ अंतिम रकम नहीं, बल्कि कुल निवेश को भी ध्यान में रखना चाहिए।

अगर आज ₹2 लाख पड़े हैं…

अब मान लीजिए आपको बोनस मिला है। कोई जमीन बिकी है। या FD मैच्योर हुई है। अगर इस पैसे की अगले 20-25 साल तक जरूरत नहीं है, तो उसे बैंक खाते में पड़ा रहने देने से बेहतर है कि लंबी अवधि के लिए निवेश कर दिया जाए। इससे पूरा पैसा पहले दिन से ही आपके लिए काम करना शुरू कर देगा।

अगर हर महीने बचत करना आसान है…

हर परिवार के पास ₹2 लाख एक साथ नहीं होते। लेकिन ₹2,000 महीने निकालना कई लोगों के लिए मुमकिन होता है। ऐसे में SIP बेहतर विकल्प है। इससे घर का बजट भी नहीं बिगड़ता और धीरे-धीरे अच्छा फंड तैयार हो जाता है।

अगर दोनों कर सकते हैं तो?

मान लीजिए आपके पास ₹2 लाख भी हैं और हर महीने ₹2,000 बचाने की क्षमता भी है। ऐसे में दोनों का फायदा उठाया जा सकता है।

आज ₹2 लाख निवेश कर दीजिए। फिर अगले महीने से ₹2,000 की SIP भी शुरू कर दीजिए। इससे एक तरफ बड़ी रकम लंबे समय तक कंपाउंड होगी और दूसरी तरफ हर महीने नया निवेश भी जुड़ता रहेगा।

सबसे बड़ा रोल समय निभाता है

अक्सर लोग सही म्यूचुअल फंड ढूंढने में महीनों लगा देते हैं, लेकिन निवेश शुरू नहीं करते। जबकि सच यह है कि अच्छे फंड से भी ज्यादा ताकत समय में होती है।

अगर बच्चा अभी 3 साल का है और आपने आज निवेश शुरू कर दिया, तो आपके पास 15 से 20 साल का समय है। यही समय छोटी-छोटी रकम को बड़े फंड में बदल देता है।

इसलिए अगर आज आप सोच रहे हैं कि अगले साल से शुरू करेंगे, तो शायद वही सबसे महंगी गलती होगी। चाहे शुरुआत ₹2,000 महीने से करें या ₹2 लाख एक साथ लगाएं, सबसे जरूरी बात यह है कि शुरुआत जितनी जल्दी होगी, भविष्य उतना ही आसान हो सकता है।

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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

Rashifal Today: कैसा होगा आपका 3 अगस्त का पूरा दिन, जानें अपना राशिफल

Aaj Ka Rashifal: अंक ज्योतिष के अनुसार, हर इंसान की जन्मतिथि का अपना खास महत्व होता है। ये न सिर्फ उनके स्वभाव और व्यक्तित्व को बताता है, बल्कि उनके भविष्य के बारे में भी संकेत देती है। आज के दिन आर्थिक मामलों में सोच-समझकर फैसले लेने का संकेत दे रहा है। अंक ज्योतिष के अनुसार आज लगभग सभी मूलांक के लोगों को अपनी आय, खर्च और भविष्य की वित्तीय योजनाओं पर ध्यान देने की जरूरत है। अनावश्यक खर्च से बचकर और सही योजना बनाकर आप आने वाले समय को अधिक सुरक्षित बना सकते हैं। आइए जानते हैं कैसा होगा मूलांक 1 से 9 तक के लोगों का दिन

मूलांक 1

अगर आपका जन्म 1, 10, 19 या 28 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक मामलों में जल्दबाजी से बचें। भविष्य को ध्यान में रखकर फैसले लें और अपनी आय-व्यय का सही हिसाब रखें। बिना जरूरत खर्च करने से बचें और अपनी मेहनत पर भरोसा रखें। आत्मनिर्भर बनने की कोशिश आपको आगे चलकर मजबूत आर्थिक स्थिति दे सकती है।

मूलांक 2

अगर आपका जन्म 2, 11, 20 या 29 तारीख को हुआ है, तो आज पैसों से जुड़े मामलों में सतर्क रहने की जरूरत है। बजट के अनुसार खर्च करें और किसी भी निवेश से पहले पूरी जानकारी जरूर लें। लंबी अवधि की आर्थिक योजना बनाना आपके लिए लाभदायक रहेगा। फिजूलखर्ची से दूरी बनाकर रखें।

मूलांक 3

अगर आपका जन्म 3, 12, 21 या 30 तारीख को हुआ है, तो आज अपनी आय और खर्च का सही आकलन करें। अगर कोई नया निवेश का मौका मिले तो जल्दबाजी न करें। पहले पूरी जानकारी जुटाएं, फिर फैसला लें। बदलती परिस्थितियों के अनुसार अपनी आर्थिक योजना में लचीलापन रखना आपके लिए फायदेमंद रहेगा।

मूलांक 4

अगर आपका जन्म 4, 13, 22 या 31 तारीख को हुआ है, तो घर और परिवार से जुड़े खर्च बढ़ सकते हैं। ऐसे में सोच-समझकर पैसे खर्च करें। भावनाओं में आकर खरीदारी करने से बचें। जरूरी जरूरतों को प्राथमिकता दें और बजट के अनुसार चलें। इससे आर्थिक संतुलन बना रहेगा।

मूलांक 5

अगर आपका जन्म 5, 14 या 23 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत मिल सकते हैं। खर्चों पर नियंत्रण रहेगा और नई वित्तीय योजनाओं पर काम करने का अच्छा समय है। यदि कोई नया अवसर मिले तो उसे समझदारी से परखें। लालच में आकर कोई फैसला न लें।

मूलांक 6

अगर आपका जन्म 6, 15 या 24 तारीख को हुआ है, तो आज धन से जुड़े मामलों में व्यवस्थित तरीके से काम करें। छोटी-छोटी बातों पर भी ध्यान दें क्योंकि यही आगे चलकर बड़ा लाभ दे सकती हैं। अपने आर्थिक लक्ष्य तय करें और उसी दिशा में आगे बढ़ें। सही वित्तीय योजना मानसिक शांति भी देगी।

मूलांक 7

अगर आपका जन्म 7, 16 या 25 तारीख को हुआ है, तो आज अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने पर ध्यान दें। बेवजह के खर्च कम करें और भविष्य के लिए बचत की आदत अपनाएं। सुरक्षित निवेश और लंबी अवधि की योजना आपके लिए लाभदायक साबित हो सकती है।

मूलांक 8

अगर आपका जन्म 8, 17 या 26 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक मामलों में संतुलन बनाए रखना जरूरी है। अपनी बचत, निवेश और बजट की समीक्षा करें। जरूरत और इच्छा के बीच अंतर समझकर खर्च करें। सही योजना भविष्य को सुरक्षित बना सकती है।

मूलांक 9

अगर आपका जन्म 9, 18 या 27 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक फैसले सोच-समझकर लें। कोई भी बड़ा निर्णय जल्दबाजी में न करें। अपनी वर्तमान वित्तीय योजना की समीक्षा करें और जहां जरूरत हो वहां सुधार करें। अनुशासित तरीके से बजट का पालन करने से आने वाले समय में अच्छे परिणाम मिल सकते हैं।

डिस्क्लेमर: इस लेख की सामग्री पूरी तरह से ज्योतिषीय भविष्यवाणियों पर आधारित है। हम इसकी सत्यता और सटीकता का पूरी तरह दावा नहीं करते। यहां दी गई किसी भी जानकारी के आधार पर कोई वित्तीय, स्वास्थ्य या व्यावसायिक निर्णय लेने से पहले योग्य विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।