Refurbished Phone खरीदने से पहले ये 8 चीजें जरूर चेक करें, वरना हो सकता है बड़ा नुकसान

Refurbished Phone: भारत और दूसरे ग्लोबल मार्केट में मेमोरी चिप की बढ़ती कीमतों की वजह से स्मार्टफोन महंगे हो रहे हैं, इसलिए ज्यादा खरीदार Refurbished स्मार्टफोन की ओर रुख कर रहे हैं। हमेशा की तरह, Apple और Samsung के पहले इस्तेमाल किए गए डिवाइस की बहुत ज्यादा मांग है। आमतौर पर इन फोन्स को दोबारा बेचने से पहले अच्छी तरह जांच, टेस्ट और जरूरत पड़ने पर रिपेयर किया जाता है। रिफर्बिश्ड फोन खरीदने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि आप कम कीमत में बेहतर या नया हार्डवेयर वाला फोन ले सकते हैं। यानी नए फोन की पूरी कीमत चुकाने के बजाय, आप हाल ही में लॉन्च हुए किसी मॉडल को कम दाम में खरीद सकते हैं। हालांकि, Refurbished फोन खरीदने में कई जोखिम भी होते हैं। खरीदने से पहले यूजर्स को कई बातों की अच्छी तरह जांच करनी चाहिए, जैसे कि सेलर की  विश्वसनीयता, डिवाइस के हार्डवेयर फीचर्स, वारंटी वगैरह।

सुरक्षित Refurbished फोन सेलर कैसे चुनें

अपने इस्तेमाल के लिए Refurbished स्मार्टफोन मॉडल चुनने से पहले ही, आपको एक भरोसेमंद सेलर चुनना होगा। क्योंकि सिर्फ एक भरोसेमंद सेलर ही फोन की हालत, उसकी हिस्ट्री, वारंटी और रिटर्न पॉलिसी के बारे में सही जानकारी दे सकता है।

आमतौर पर सबसे बेहतर विकल्प कंपनी से सर्टिफाइड Refurbished फोन खरीदना होता है। Samsung जैसी बड़ी स्मार्टफोन कंपनियां अपने सर्टिफाइड Refurbished फोन कम कीमत पर बेचती हैं। Samsung के Certified Re-Newed प्रोग्राम से यूजर्स Galaxy S25 Ultra और Galaxy S25 जैसे मॉडल कम कीमत पर पा सकते हैं।

ब्रांड्स की तरफ से सीधे बेचे जाने वाले पुराने (pre-owned) फोन्स की इन-हाउस जांच, फंक्शनल टेस्टिंग और सॉफ्टवेयर वैलिडेशन की जाती है। कई ब्रांड्स तो बिक्री के लिए लिस्ट करने से पहले डेटा हटा देते हैं और खराब पार्ट्स को ओरिजिनल स्पेयर पार्ट्स से बदल भी देते हैं। इसके अलावा, आप मैन्युफैक्चरर की वेबसाइट पर जाकर उनके ऑफिशियल रिफर्बिश्ड प्रोग्राम के बारे में पता कर सकते हैं और यह पक्का कर सकते हैं कि डिवाइस के साथ वैलिड वारंटी मिल रही है या नहीं। कुछ कंपनियां Refurbished फोन्स खरीदने वालों को अतिरिक्त फायदे और डिस्काउंट भी देती हैं।

इसके अलावा, कोई ऐसा भरोसेमंद रिटेलर भी चुना जा सकता है जो लंबे समय से रिफर्बिश्ड फोन बेचने का काम कर रहा हो। लेकिन खरीदारी करने से पहले रिटेलर से फोन की कंडीशन, ग्रेड और वारंटी के बारे में पूरी जानकारी जरूर लें। फोन खरीदने के बाद उसका इनवॉइस संभालकर रखना भी जरूरी है, ताकि भविष्य में जरूरत पड़ने पर इसका इस्तेमाल किया जा सके। साथ ही फोन खरीदने से पहले रिटेलर की रिटर्न और रिप्लेसमेंट पॉलिसी भी अच्छी तरह पढ़ लें।

जो खरीदार पैसे देने से पहले फोन को अच्छी तरह देखना-परखना चाहते हैं, वे Refurbished फोन बेचने वाले स्टोर पर जा सकते हैं। स्टोर पर जाकर आप हैंडसेट, डिस्प्ले, कैमरा और फोन की कुल हालत की जांच कर सकते हैं। साथ ही, खरीदारों को वारंटी, रिटर्न की अवधि और Refurbished के दौरान इस्तेमाल किए गए पार्ट्स की जांच अच्छे से कर लेनी चाहिए। इसके अलावा, ऐसे सेलर से सावधान रहें जो IMEI नंबर या खरीद का बिल देने से मना करते हैं।

Refurbished फोन खरीदने से पहले क्या-क्या चेक करें

खरीद पूरी करने से पहले, फोन को ध्यान से देखें और उसकी पहचान वेरिफाई करें। डिवाइस पर दिख रहे IMEI नंबर को चेक करें और अगर मुमकिन हो, तो उसे बॉक्स या इनवॉइस पर लिखे IMEI नंबर से मिलाएं। भारत में खरीदार ‘Sanchar Saathi CEIR’ सर्विस के जरिए IMEI स्टेटस चेक कर सकते हैं।

वहीं, iPhone खरीदने वालों को यह पक्का करना चाहिए कि सेलर ने अपने Apple अकाउंट से साइन आउट कर लिया है या नहीं। जबकि Android खरीदने वालों को यह चेक करना चाहिए कि पुराना Google अकाउंट हटा दिया गया है या नहीं।

अब अगर आप iPhone खरीद रहे हैं, तो Settings में जाकर Battery Health जरूर चेक करें। Android फोन में भी Settings के अंदर बैटरी की क्षमता की जानकारी मिलती है, लेकिन अलग-अलग कंपनियों के फोन में यह विकल्प अलग हो सकता है।

Refurbished फोन खरीदने से पहले आप इन चीजों को भी जरूर चेक करें:

  • डिस्प्ले पर स्क्रैच या वर्टिकल लाइन तो नहीं है, यह ध्यान से देखें।
  • कैमरा, स्पीकर और माइक्रोफोन को अच्छी तरह चेक करें।
  • सभी बटन, फिंगरप्रिंट सेंसर या Face ID सही तरीके से काम कर रहे हैं या नहीं, यह जांचें।
  • फोन आपके SIM को सपोर्ट करता है या नहीं और आपके लिए जरूरी नेटवर्क बैंड्स को सपोर्ट करता है या नहीं, यह जरूर देखें।
  • सुनिश्चित करें कि फोन को ठीक से रीसेट किया गया है और पिछले मालिक का कोई डेटा उसमें मौजूद नहीं है।
  • फोन खरीदते समय बिल और वारंटी जरूर मांगें।

खरीदार क्लासिफाइड लिस्टिंग और व्यक्तिगत विक्रेताओं पर तभी विचार कर सकते हैं जब वे फोन को खुद देख-परख सकें। पेमेंट करने से पहले, यह पक्का कर लें कि चुना गया फोन अकाउंट-लॉक न हो या उसके खोने या चोरी होने की रिपोर्ट न हो। साथ ही, यूजर्स को सलाह दी जाती है कि वे ऐसे फोन के लिए पहले से पेमेंट न करें जिसे वे देख-परख नहीं सकते, खासकर तब जब विक्रेता कोई वैध इनवॉइस या मालिकाना हक का सबूत न दे सके।

यह भी पढ़ें: iPhone 18 Pro Max में क्या होगा खास? जानें कीमत, कैमरा, कलर और स्पेसिफिकेशन्स की पूरी डिटेल

सुभाष चंद्रा की मुश्किल बढ़ी, अब CBI ने लोन फ्रॉड मामले में केस दर्ज किया

एस्सेल ग्रुप के फाउंडर और चेयरमैन सुभाष चंद्रा की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। अब सीबीआई ने एक लोन फ्रॉड मामले में उनके और दूसरे लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। यह मामला 1,322 करोड़ रुपये से ज्यादा का है। 31 अगस्त को फाइल एफआईआर के मुताबिक, यह लोन एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस ने दिया था।

पहले LIC HF ने मामले में की थी शिकायत

इस मामले में पहले LIC Housing Finance ने शिकायत की थी। इसमें उसने आरोप लगाया था कि चंद्रा, लोन लेने वाली कंपनियों और उनके डायरेक्टर्स ने लोन लेने के लिए फर्जी डॉक्युमेंट्स इस्तेमाल किए। इतना ही नहीं उन्होंने ऐसे डॉक्युमेंट्स पेश किए जिनमें चंद्रा का नेटवर्थ बढ़ा-चढ़ाकर दिखाए गए थे। अब CBI ने आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और क्रिमिनल ब्रीच ऑफ ट्रस्ट सहित दूसरे आरोपों में मामला दर्ज किया है।

LIC HF ने चंद्रा की गारंटी पर दिए थे लोन

LIC Housing Finance ने मार्च 2018 में वसंत सागर प्रॉपर्टीज प्राइवेट लिमिटेड और पैन इंडिया इंफ्राप्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड को बिजनेस के विस्तार से लिए 500 करोड़ रुपये का लोन दिया था। इस लोन के लिए चंद्रा ने पर्सनल गारंटी दी थी। अगस्त 2018 में LICHF ने और 480 करोड़ रुपये का लोन Digital Subscriber Management and Consultancy Services और Spririt Infrapower and Multiventures को एक रेंटल डिस्काउंटिंग फैसिलिटी के तहत दिया। इस लोन के लिए भी चंद्रा ने अपनी पर्सनल गारंटी दी थी।

नेटवर्थ बढ़ाकर दिखाने के लिए फर्जी डॉक्युमेंट्स का इस्तेमाल

शिकायत में यह कहा गया है कि पहला लोन आंशिक रूप से नेटवर्थ सर्टिफिकेट के आधार पर मंजूर किया गया था। चंद्रा ने यह सर्टिफिकेट पेश किया था, जिसमें उनका नेटवर्थ 31 मार्च, 2017 को 59,113 करोड़ रुपये बताया गया था। दूसरा लोन आंशिक रूप से दूसरे सर्टिफिकेट के आधार पर मंजूर किया गया था। इस सर्टिफिकेट में नेटवर्थ 40,562 करोड़ रुपये बताया गया था।

LIC HF के दोनों लोन पर कंपनियों ने किए डिफॉल्ट

बाद में दोनों ही लोन पर कंपनियों ने डिफॉल्ट किया। वसंत सागर के लोन में 570.50 करोड़ रुपये आउटस्टैंडिंग अमाउंट (बकाया पैसा) है, जबकि दूसरे लोन में आउटस्टैंडिंग अमाउंट 507.25 करोड़ रुपये है। LIC Housing Finance ने अपनी शिकायत में यह कहा है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि चंद्रा ने बाद में पर्सनल इनसॉल्वेंसी प्रोसिडिंग्स के दौरान सर्टिफिकेट में बताए गए अपने नेटवर्थ को मानने से इनकार कर दिया।

यह भी पढ़ें: Volkswagen Layoffs: और 50000 लोगों की छंटनी को मंजूरी, भारतीय यूनिट 12% नौकरियों पर चलाएगी कैंची

चंद्रा ने खुद अपने नेटवर्थ को मानने से इनकार कर दिया

शिकायत के मुताबिक, चंद्रा ने कहा कि 2024 में उनका नेटवर्थ 31.79 करो़ड़ रुपये था और यहां तक कि 2017-18 में भी यह 40,000 करोड़ रुपये से ज्यादा नहीं था। LICHF ने कहा है कि चंद्रा ने लोन लेने वाली कंपनियों, उनके डायरेक्टर्स और अधिकारियों के साथ मिलकर यह फ्रॉड किया। नेटवर्थ बढ़ाकर दिखाने के लिए फर्जी डॉक्युमेंट्स इस्तेमाल किए गए। बाद में लोन लेने वाली कंपनियों ने लोन के पैसे का दुरुपयोग किया।

Wealth Creation Tips: सिर्फ हाई सैलरी के भरोसे बैठे हैं तो धोखा खा जाएंगे, एक्सपर्ट ने बताए वेल्थ क्रिएशन के 5 तरीके

Wealth Creation Tips: वेल्थ क्रिएशन के लिए क्या ज्यादा सैलरी जरूरी है? आपकी इस बारे में क्या राय है? ज्यादातर लोग यह सोचते हैं कि इनवेस्टमेंट से मोटा पैसा बनाने के लिए ज्यादा सैलरी जरूरी है। वे सैलरी बढ़ने के इंतजार में इनवेस्टमेंट शुरू नहीं कर पाते, जबकि कम इनकम वाले लोग रेगुलर इनवेस्टमेंट से बड़ा फंड तैयार कर लेते हैं। आशीष कांचरला एंड एसोसिएट्स के फाउंडर और सीए ने बताया कि वेल्थ क्रिएशन के लिए मोटी सैलरी से ज्यादा जरूरी कुछ खास आदतें हैं।

पहले निवेश करें फिर खर्च

उन्होंने कहा कि वेल्थ क्रिएशन के आपके रास्ते में सबसे बड़ी बाधा रुपये-पैसे को लेकर आपकी पुरानी सोच है। हममें से ज्यादातर लोग पहले खर्च करने के बारे में सोचते हैं। पैसे बचने पर वे सेविंग्स के बारे में सोचते हैं। यह आदत वेल्थ क्रिएशन से आपको रोक देती है। अगर आप वेल्थ क्रिएट करना चाहते हैं तो पहले आपको सेविंग्स करनी होगी फिर बाकी पैसे से महीने का खर्च चलाना होगा। मान लीजिए आपकी सैलरी मंथली 1 लाख रुपये है तो आपको कम से कम हर महीने 20,000-30,000 रुपये सेविंग्स और निवेश के लिए इस्तेमाल करना होगा।

निवेश को बनाएं आदत

दूसरा, इनवेस्टमेंट किसी त्योहार की तरह नहीं है, जो साल में तीन बार या चार बार आता है। इसका नियमित होना जरूरी है। आपको हर महीने अनुशासित रूप से निवेश जारी रखना होगा। कई लोग निवेश शुरू तो करते हैं, लेकिन कुछ ही महीनों बाद उनके निवेश की गाड़ी पटरी से उतर जाती है। सबसे पहले आपको इनवेस्टमेंट अमाउंट सोच-समझकर तय करना होगा। अगर आप ज्यादा अमाउंट तय करेंगे तो फिर आपको उसे जारी रखने में दिक्कत आ सकती है।

 खर्च को नहीं बढ़ने दें

ज्यादातर लोगों का खर्च सैलरी बढ़ने के साथ ही बढ़ जाता है। यह वेल्थ क्रिएशन के लिए ठीक नहीं है। आपको अपने खर्च को सैलरी के हिसाब से बढ़ने से रोकना होगा। अगर आज आपकी सैलरी 1 लाख है, जो पांच साल बाद बढ़कर 2.5 लाख हो जाएगी तो इसका मतलब यह नहीं आपका खर्च भी 2.5 गुना हो जाना चाहिए। आपको बढ़ी हुई इनकम का इस्तेमाल इनवेस्टमेंट बढ़ाने के लिए करना चाहिए। इससे कम से ज्यादा वेल्थ आसानी से क्रिएट कर सकेंगे।

इंश्योरेंस सिर्फ प्रोटेक्शन के लिए

कई लोग इंश्योरेंस का मतलब ठीक तरह से नहीं समझते। एक्सपर्ट्स का कहना है कि बीमा का इस्तेमाल सिर्फ प्रोटेक्शन के लिए होना चाहिए, न कि इनवेस्टमेंट के लिए। अगर आप नौकरी करते हैं और आपकी फैमिली है, जिसमें बीवी और बच्चें हैं तो परिवार की फाइनेंशियल सिक्योरिटी आपकी पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। यहां इंश्योरेंस आपकी मदद करता है। टर्म पॉलिसी खरीदकर आप अपने परिवार को पर्याप्त फाइनेंशियल कवर दे सकते हैं। किसी अनहोनी की स्थिति में इंश्योरेंस से आपके परिवार को इतना पैसा मिल जाएगा कि उन्हें आर्थिक रूप से लाचार नहीं होना पड़ेगा। टर्म पॉलिसी का प्रीमियम एन्डॉमेंट पॉलिसी के प्रीमियम के मुकाबले काफी कम होता है।

यह भी पढ़ें: Gold Price Outlook: बदलेगी सोने की चाल! तो क्या 1.60 लाख रुपये पर पहुंच जाएगा सोना?

निवेश में डायवर्सिफिकेशन

सिर्फ निवेश करना पर्याप्त नहीं है। आप कहां अपने पैसे का निवेश कर रहे हैं, यह काफी मायने रखता है। पहला, आपके निवेश से मिलने वाला रिटर्न इनफ्लेशन रेट से काफी ज्यादा होना चाहिए। अगर ऐसा नहीं है तो आपके पैसे की वैल्यू लंबी अवधि में बढ़ने की जगह घटेगी। दूसरा, निवेश में डायवर्सिफिकेशन बहुत जरूरी है। आप कुछ पैसा अगर शेयर या म्यूचुअल फंड की स्कीम में लगा रहे हैं तो कुछ फिक्स्ड इनकम इंस्ट्रूमेंट्स में भी लगाना चाहिए। इसके अलावा आपके पोर्टफोलियो में कम से कम 10-15 फीसदी हिस्सेदारी बुलियन यानी गोल्ड और सिल्वर की होनी चाहिए। पीपीएफ, वीपीएफ, बैंक एफडी और बॉन्ड फंड्स फिक्स्ड इनकम के अच्छे ऑप्शंस हैं।

Taapsee Pannu: हम और पैसे कैसे कमाएंगे? फिल्मों में महिलाओं को ‘ऑब्जेक्ट’ की तरह दिखाए जाने पर बोलीं तापसी पन्नू

Taapsee Pannu: तापसी पन्नू ने भारतीय सिनेमा में महिलाओं के किरदारों को लेकर हो रही चर्चा पर अपनी राय रखी है। हाल ही में राम चरण की ‘पेड्डी’ और यश की ‘टॉक्सिक’ जैसी दो बड़े बजट की फिल्मों में महिला किरदारों को दिखाए जाने के तरीके की ऑनलाइन काफी आलोचना हुई। इस विवाद पर बात करते हुए तापसी ने कहा कि फिल्म इंडस्ट्री अक्सर यह कहकर आलोचना से बचती है कि ऐसा कंटेंट सिर्फ दर्शकों की मांग पर बनाया जाता है।

जूम टीवी के साथ बातचीत में तापसी ने बताया कि इंडस्ट्री अक्सर ऐसे किरदारों के लिए दर्शकों को जिम्मेदार ठहराती है और इसे एक ऐसी लड़ाई बताया जिसे एक्टर्स दर्शकों के सपोर्ट के बिना नहीं जीत सकते। “आप चाहे कितना भी शोर मचा लें, आपको सोशल मीडिया पर उतने ही लोग मिल जाएंगे जो वही तस्वीर इस्तेमाल कर रहे होंगे, उसे जूम कर रहे होंगे, अजीब एंगल से अलग-अलग तरह के वीडियो और तस्वीरें बना रहे होंगे और उसे वायरल कर रहे होंगे। तो सोशल मीडिया पर इसके लिए दर्शक मौजूद हैं।”

इस पूरी प्रक्रिया को “मांग और आपूर्ति” (demand and supply) बताते हुए तापसी ने कहा, “लोगों को लगता है कि जनता मांग रही है तो हमें देना चाहिए, वरना हम पैसे कैसे कमाएंगे? इसलिए कला पीछे छूट जाती है, हुनर ​​पीछे छूट जाता है। कोविड से पहले हमने काफी तरक्की की थी और हम बेहतरीन फिल्मों के स्तर तक पहुंच रहे थे। लेकिन अब हम फिर से पीछे छूट रहे हैं। सभी मेकर्स दर्शकों पर दोष मढ़ देंगे और यहीं पर हम सभी एक्टर्स कोई ठोस जवाब नहीं दे पाते। यह एक ऐसी लड़ाई है जिसे हम हार जाएंगे, और सिर्फ दर्शक ही हमें इसे जीतने में मदद कर सकते हैं।”

तापसी की ये बातें ‘पेड्डी’ और ‘टॉक्सिक’ दोनों फिल्मों को लेकर सोशल मीडिया पर हो रही आलोचना के बीच सामने आईं। फिल्म में जाह्नवी कपूर के किरदार के बहुत ज़्यादा hypersexualised चित्रण की आलोचना हुई। सोशल मीडिया यूज़र्स ने कैमरा वर्क, रोमांटिक सीन और जाह्नवी के किरदार की असलियत के बजाय उसके शारीरिक दिखावे पर ज़्यादा ज़ोर देने को लेकर सवाल उठाए। बाद में डायरेक्टर ने फ़िल्म से ये सीन हटा दिए और माफ़ी भी मांगी।

दूसरी ओर, ‘टॉक्सिक ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स’ में महिलाओं के चित्रण को लेकर फ़िल्म के रिलीज़ होने से पहले ही बहस शुरू हो गई थी। रिलीज़ के बाद आलोचना और बढ़ गई। कुछ दर्शकों ने मेकर्स पर महिला किरदारों को सिर्फ़ एक ‘वस्तु’ (object) की तरह दिखाने और उन्हें सिर्फ़ ग्लैमर, कामुकता और मुख्य पुरुष किरदार के साथ उनके रिश्तों के ज़रिए पेश करने का आरोप लगाया।

तापसी पन्नू हाल ही में नेटफ़्लिक्स फ़िल्म ‘गांधारी’ में नज़र आईं। देवाशीष मखीजा की डायरेक्ट की गई इस एक्शन थ्रिलर फ़िल्म में इशवाक सिंह, छाया कदम, स्वस्तिका मुखर्जी और मीता वशिष्ठ भी अहम भूमिकाओं में हैं। यह फ़िल्म अभी नेटफ़्लिक्स पर स्ट्रीम हो रही है।

Samay Raina: समय रैना ने वरुण धवन को ‘बॉर्डर 2’ के लिए किया ट्रोल, एक्टर ने दिया करारा जवाब

Samay Raina: समय रैना ने ‘इंडियाज गॉट लेटेंट 2’ के हालिया एपिसोड में वरुण धवन का मजाक उड़ाया और उन पर ‘बॉर्डर 2’ को बर्बाद करने का आरोप लगाया। यह सब तब शुरू हुआ जब एक कंटेस्टेंट ने जजों से 1 से 5 के बीच कोई नंबर चुनने को कहा। वरुण ने 1 चुना और कहा, “मुझे 1 पसंद है।”

समय ने एक्टर की बात बीच में काटी और उन पर तंज कसते हुए कहा, “फिर तुमने ‘बॉर्डर 2’ क्यों खराब की?” वरुण जोर-जोर से हंस पड़े, लेकिन उन्होंने फिल्म का बचाव किया और बताया कि फिल्म ने पैसे कमाए थे। उन्होंने कहा, “यार, वो फिल्म चली थी।” इसके बाद, समय ने वरुण से उनकी पिछली फिल्म ‘है जवानी तो इश्क होना है’ का नाम बताने को कहा। स्टैंड-अप कॉमेडियन ने फिल्म के नाम को एक मजेदार मोड़ देते हुए कहा, “है पापा डायरेक्टर तो एक्टर तो होना ही है।”

‘बॉर्डर 2’ के बारे में

अनुराग सिंह द्वारा निर्देशित ‘बॉर्डर 2’ 23 जनवरी, 2026 को रिलीज हुई। फिल्म में सनी देओल, वरुण धवन, अहान शेट्टी और दिलजीत दोसांझ हैं और यह 1997 की वॉर क्लासिक फिल्म ‘बॉर्डर’ का सीक्वल है। फिल्म को भूषण कुमार, कृष्ण कुमार, जेपी दत्ता और निधि दत्ता ने प्रोड्यूस किया है और इसे गुलशन कुमार और टी-सीरीज ने जेपी फिल्म्स के साथ मिलकर पेश किया है। फिल्म को मिले-जुले रिव्यू मिले और बॉक्स ऑफिस पर इसने ठीक-ठाक प्रदर्शन किया। इसका लाइफटाइम कलेक्शन लगभग 465 करोड़ रुपये रहा।

वरुण धवन के IGL में आने पर समय का मजाक

शो के दौरान, समय रैना ने वरुण धवन पर एक और तंज कसा और याद दिलाया कि कैसे पिछले साल के विवाद के बाद आलिया भट्ट भी उनके शो में आई थीं। उन्होंने कहा, “FIR के बाद मुझे इतने बड़े स्टार्स मिले हैं – आलिया भट्ट और अब वरुण धवन, शो का स्तर गिरता जा रहा है।”

शेरोन वर्मा ने भी वरुण के पिछले एक बयान पर मजाक किया। उन्होंने कहा, “मैं आपकी बहुत बड़ी फैन हूं वरुण। मेरा पसंदीदा परफॉर्मेंस वो है जब आपने कहा था कि ‘दिलवाले’ फिल्म ‘इंसेप्शन’ जैसी है।” हालांकि, वरुण ने साफ किया कि उन्होंने यह बात मजाक में कही थी। इन सबके बीत बता दें कि राखी सावंत ‘इंडियाज गॉट लेटेंट 2’ के आने वाले एपिसोड में जजों के पैनल में शामिल होंगी।

Market This Week :उतार-चढ़ाव के बीच बाजार लगातार चौथे हफ्ते गिरावट के साथ हुआ बंद, रुपये में जारी रही बढ़त

Market This Week : भारतीय शेयर बाजार लगातार चौथे हफ्ते गिरावट के साथ बंद हुए। इस हफ्ते बाजार में काफ़ी उतार-चढ़ाव रहा। पश्चिम एशिया में फिर से बढ़ रहे तनाव,कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, ग्लोबल बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और FII की लगातार बिकवाली के चलते बाजार पर दबाव दिखा। हालांकि,रुपये की मजबूती,DII की खरीदारी,अच्छे GST कलेक्शन और अगस्त में ऑटोमोबाइल की अच्छी बिक्री ने बाजार को सपोर्ट दिया। 4 सितंबर को खत्म हुए हफ्ते में BSE सेंसेक्स 749.08 अंक या 0.96% गिरकर 76,515.43 पर बंद हुआ। जबकि निफ़्टी 277.95 अंक या 1.14% की गिरावट के साथ 23,897.70 पर बंद हुआ।

निफ़्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 1.5% की गिरावट

इस हफ्ते निफ़्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 1.5% की गिरावट आई। इस गिरावट में KEI इंडस्ट्रीज, पॉलीकैब इंडिया, हैवेल्स इंडिया, KPIT टेक्नोलॉजीज़, ICICI प्रूडेंशियल एसेट मैनेजमेंट कंपनी, हीरो मोटोकॉर्प, नेशनल एल्युमीनियम कंपनी, 360 ONE WAM, लॉरस लैब्स, हिताची एनर्जी इंडिया और ट्यूब इन्वेस्टमेंट्स ऑफ़ इंडिया जैसी कंपनियों का योगदान रहा। दूसरी ओर, लेन्सकार्ट सॉल्यूशंस, LIC हाउसिंग फाइनेंस, IDFC फर्स्ट बैंक और टाटा कम्युनिकेशंस बढ़त वाली प्रमुख कंपनियों में शामिल रहीं।

निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स सपाट हुआ बंद

निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स ने हफ्ते के दौरान 20,187.80 का नया हाई छुआ, लेकिन आखिर में यह लगभग सपाट बंद हुआ। IFCI, वेल्सपन कॉर्प, कैप्रि ग्लोबल कैपिटल, RBL बैंक, ब्रिगेड एंटरप्राइजेज, अर्बन कंपनी और इंद्रप्रस्थ गैस उन कंपनियों में शामिल थीं जिनमें सबसे ज़्यादा बढ़त देखने को मिली। जबकि आरती इंडस्ट्रीज, केन्स टेक्नोलॉजी इंडिया, अमारा राजा एनर्जी एंड मोबिलिटी, स्वान कॉर्प और दीपक फर्टिलाइजर्स एंड पेट्रोकेमिकल्स कॉर्पोरेशन में सबसे ज़्यादा गिरावट आई।

सेक्टोरल इंडेक्सों पर एक नजर

सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो निफ्टी ऑटो इंडेक्स 4% और निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स इंडेक्स 2.6% नीचे रहा,जबकि निफ्टी मीडिया, निफ्टी हेल्थकेयर और निफ्टी FMCG में से हर एक में 2% की गिरावट आई। हालांकि,निफ्टी ऑयल एंड गैस में 1% की बढ़त हुई।

FIIs की बिकवाली रही जारी

विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने लगातार तीसरे हफ़्ते भी बिकवाली जारी रखी, हालांकि इसकी रफ़्तार धीमी रही। उन्होंने इस हफ़्ते 5,611.94 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने बाज़ार को मज़बूत सपोर्ट देना जारी रखा और हफ़्ते के दौरान 23,156.38 करोड़ रुपये का निवेश किया।

मार्केट कैपिटलाइज़ेशन 4.5 लाख करोड़ रुपये घटा

इस हफ़्ते BSE में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइज़ेशन 4.5 लाख करोड़ रुपये घट गया,जिसकी मुख्य वजह बड़ी कंपनियों के शेयरों में आई गिरावट थी। मार्केट वैल्यू में सबसे ज़्यादा कमी स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया की वजह से आई, इसके बाद भारती एयरटेल, मारुति सुज़ुकी इंडिया और महिंद्रा एंड महिंद्रा का नंबर रहा। दूसरी ओर इस हफ़्ते रिलायंस इंडस्ट्रीज, टाटा स्टील और एक्सिस बैंक ने सबसे ज़्यादा वेल्थ क्रिएट की।

अगले 1 महीने में बैंक निफ्टी में आ सकती है 5000 अंकों की तेजी, अगले 12 महीने में डबल हो सकता है सीएनएक्स आईटी

भारतीय रुपया लगातार दूसरे हफ्ते हुआ मजबूत

भारतीय रुपया लगातार दूसरे हफ्ते मजबूत हुआ और इस दौरान दो महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। इस हफ्ते अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 89 पैसे बढ़कर 94.49 रुपये पर बंद हुआ। जबकि, 21 अगस्त को रुपया 95.38 रुपये पर बंद हुआ था। इस हफ़्ते के दौरान,घरेलू मुद्रा 95.48 रुपये से 94.27 रुपये के दायरे में कारोबार करती रही।

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल, Network18 ग्रुप का हिस्सा है। Network18 को इंडिपेंडेंट मीडिया ट्रस्ट कंट्रोल करता है, और रिलायंस इंडस्ट्रीज इसकी एकमात्र बेनिफिशियरी है।)

 

IPOs This Week: 7 सितंबर से शुरू हफ्ते में प्राइमरी मार्केट में सुनामी, खुलेंगे 15 नए इश्यू; साथ में 9 लिस्टिंग

7 सितंबर से शुरू हो रहे हफ्ते में IPO मार्केट में जबरदस्त एक्शन देखने को मिलेगा। ऐसा इसलिए क्योंकि 15 नए पब्लिक इश्यू खुलने जा रहे हैं। इनमें से 11 मेनबोर्ड सेगमेंट से हैं। अकेले 9 सितंबर को 9 IPO खुलने वाले हैं। इसके अलावा नए सप्ताह में पहले से खुले एक IPO में भी पैसे लगाने का मौका रहेगा। जहां तक स्टॉक मार्केट में नई लिस्ट होने वाली कंपनियों की बात है तो नए शुरू हो रहे सप्ताह में 9 कंपनियों के शेयर अपनी शुरुआत करने वाले हैं। इनमें से 3 कंपनियां मेनबोर्ड सेगमेंट की हैं। आइए जानते हैं डिटेल…

नए खुल रहे IPO

Pranav Constructions IPO: ₹351.03 करोड़ का इश्यू 7 सितंबर को खुलेगा और 9 सितंबर को बंद होगा। इसमें ₹118-₹124 प्रति शेयर के भाव पर बोली लगा सकते हैं। लॉट साइज 120 शेयर है। कंपनी की लिस्टिंग NSE और BSE पर 15 सितंबर को हो सकती है।

Apana Logistics IPO: ₹34.14 करोड़ का इश्यू 7 सितंबर को खुल रहा है। फाइनल इश्यू प्राइस ₹60 प्रति शेयर है। लॉट साइज 2000 शेयर है। इश्यू की क्लोजिंग 9 सितंबर को होगी। कंपनी के शेयर BSE SME पर 15 सितंबर को लिस्ट होंगे।

Kanohar Electricals IPO: कंपनी ₹1,055.74 करोड़ जुटाना चाहती है। IPO 8 सितंबर को ओपन होगा। इसमें 10 सितंबर तक ₹601-₹632 प्रति शेयर के भाव पर और 23 शेयरों के लॉट में 10 सितंबर तक पैसे लगा सकेंगे। कंपनी के शेयर NSE और BSE पर 16 सितंबर को लिस्ट होने की उम्मीद है।

Prasol Chemicals IPO: यह 8 सितंबर को खुलेगा और 10 सितंबर को बंद होगा। कंपनी का इरादा ₹500 करोड़ जुटाने का है। बोली लगाने के लिए प्राइस बैंड ₹643-₹676 प्रति शेयर और लॉट साइज 22 शेयर है। शेयर NSE और BSE पर 16 सितंबर को शुरुआत कर सकते हैं।

Glass Wall Systems IPO: ₹427.89 करोड़ का यह इश्यू भी 8 सितंबर को खुल रहा है। क्लोजिंग 10 सितंबर को होगी। इसमें ₹172-₹182 प्रति शेयर के भाव पर और 82 शेयरों के लॉट में निवेश कर सकते हैं। कंपनी NSE और BSE पर 16 सितंबर को लिस्ट हो सकती है।

Rentomojo IPO: ₹1,255.57 करोड़ का पब्लिक इश्यू 9 सितंबर को खुलेगा और 11 सितंबर को बंद होगा। प्राइस बैंड ₹384-₹404 प्रति शेयर और लॉट साइज 37 शेयर है। कंपनी NSE और BSE पर 17 सितंबर को लिस्ट होने वाली है।

Asset Reconstruction Company IPO: यह 9 सितंबर को ओपन होगा। प्राइस बैंड ₹132-₹139 प्रति शेयर है। लॉट साइज 107 शेयर है। इश्यू की क्लोजिंग 11 सितंबर को होने वाली है। कंपनी ₹732.97 करोड़ जुटाना चाहती है। शेयर NSE और BSE पर 17 सितंबर को लिस्ट होने की उम्मीद है।

Manipal Payment & Identity Solutions IPO: कंपनी ₹805 करोड़ जुटाना चाहती है। यह इश्यू भी 9 सितंबर को खुल रहा है और 11 सितंबर को बंद होगा। बोली ₹322-₹339 प्रति शेयर के भाव पर और 44 शेयरों के लॉट में लगा सकते हैं। कंपनी के शेयर NSE और BSE पर 17 सितंबर को शुरुआत कर सकते हैं।

LCC Projects IPO: यह इश्यू 9 सितंबर को खुल रहा है। साइज ₹427.14 करोड़ है। प्राइस बैंड ₹139-₹146 प्रति शेयर और लॉट साइज 102 शेयर है। इश्यू की क्लोजिंग 11 सितंबर को होगी, जिसके बाद शेयरों की लिस्टिंग NSE और BSE पर 17 सितंबर को होने वाली है।

Karamtara Engineering IPO: ₹875 करोड़ के इश्यू में 9 सितंबर से लेकर 11 सितंबर तक पैसे लगाए जा सकेंगे। निवेश ₹241-₹254 प्रति शेयर के भाव पर और 59 शेयरों के लॉट में कर सकते हैं। कंनी NSE और BSE पर 17 सितंबर को लिस्ट होगी।

Infrax Renewable IPO: यह 9 सितंबर को खुलेगा। फाइनल इश्यू प्राइस ₹104 प्रति शेयर और लॉट साइज 1,200 शेयर है। इश्यू का साइज ₹40.88 करोड़ रुपये है। 11 सितंबर को IPO बंद होने के बाद शेयर BSE SME पर 17 सितंबर को लिस्ट हो सकते हैं।

Amtech Esters IPO: कंपनी ₹17.88 करोड़ जुटाना चाहती है। यह IPO भी 9 सितंबर को खुलेगा और 11 सितंबर को बंद होगा। प्राइस बैंड ₹71-₹75 प्रति शेयर और लॉट साइज 1,600 शेयर है। BSE SME पर कंपनी की लिस्टिंग की तारीख 17 सितंबर है।

Vinod Texworld IPO: इश्यू ₹42.83 करोड़ का है। ओपनिंग 9 सितंबर को और क्लोजिंग 11 सितंबर को होगी। फाइनल इश्यू प्राइस ₹94 प्रति शेयर है। लॉट साइज 1,200 शेयर है। लिस्टिंग NSE SME पर होगी, जिसके लिए तारीख 17 सितंबर है।

Steamhouse IPO: 9 सितंबर को खुलने जा रहा यह इश्यू ₹414 करोड़ का है। इसके लिए अभी प्राइस बैंड तय नहीं हुआ है। इश्यू की क्लोजिंग 11 सितंबर को होगी, जिसके बाद शेयरों की लिस्टिंग NSE और BSE पर 17 सितंबर को होगी।

Veegaland Developers IPO: यह 10 सितंबर को खुलेगा। साइज ₹210 करोड़ है। 15 सितंबर तक ₹130-₹140 प्रति शेयर के प्राइस बैंड में निवेश कर सकेंगे। लॉट साइज 107 शेयर है। शेयर NSE और BSE पर 18 सितंबर को शुरुआत कर सकते हैं।

NSE के आईपीओ को सेबी की हरी झंडी, जानें किस तारीख को लिस्ट होंगे शेयर

पहले से खुला IPO

Qualiance International IPO: ₹45.11 करोड़ का पब्लिक इश्यू 4 सितंबर को खुला था। इसमें 8 सितंबर तक पैसे लगाने का मौका है। IPO अभी तक 13.78 गुना भरा है। प्राइस बैंड ₹120-₹127 प्रति शेयर और लॉट साइज 1,000 शेयर है। कंपनी NSE SME पर 11 सितंबर को लिस्ट हो सकती है।

इन कंपनियों की होगी लिस्टिंग

नए सप्ताह में 7 सितंबर को NSE और BSE पर Purple Style Labs के शेयर लिस्ट होंगे। इसी दिन NSE SME पर Ashutosh Fibre, Shanti Inorganics और BSE SME पर Phychem Technologies की लिस्टिंग हो सकती है। 8 सितंबर को NSE और BSE पर Deepa Jewellers, Rays of Belief के शेयर अपनी शुरुआत करेंगे। इसी दिन BSE SME पर Fly-Hi Maritime Travels और Farm Peace के शेयरों की लिस्टिंग होने की उम्मीद है। 11 सितंबर को NSE SME पर Qualiance International लिस्ट हो सकती है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Rashifal Today: आज के दिन किस मूलांक के लोगों की चमकेगी किस्मत, जानें क्या कहते हैं आपके सितारे

Aaj Ka Rashifal: अंक ज्योतिष के अनुसार 4 सितंबर का दिन आर्थिक मामलों में योजना बनाने और पैसों को सही तरीके से संभालने का संकेत दे रहा है। आज आर्थिक मामलों में संतुलन बनाए रखना जरूरी है। नए अवसर सामने आ सकते हैं, लेकिन तुरंत फैसला लेने के बजाय पूरी जानकारी जुटाएं। अपने पुराने आर्थिक लक्ष्यों की समीक्षा करें और जरूरत पड़ने पर उनमें बदलाव करें। आइए जानते हैं मूलांक 1 से 9 तक के लिए आज का दिन कैसा रहेगा।

मूलांक 1

अगर आपका जन्म 1, 10, 19 या 28 तारीख को हुआ है, तो आज का दिन पैसों के मामले में सावधानी बरतने वाला रहेगा। आर्थिक स्थिति सामान्य रह सकती है, इसलिए खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी है। मन में बड़े निवेश की योजना बन सकती है, लेकिन फिलहाल छोटे और सुरक्षित निवेश पर ध्यान देना बेहतर रहेगा। कोई आर्थिक प्रस्ताव मिले तो उसे अच्छी तरह सोचने के बाद ही स्वीकार करें। लेन-देन में साफ-सफाई रखें। आपकी किसी खास क्षमता से कमाई का नया रास्ता भी मिल सकता है।

मूलांक 2

अगर आपका जन्म 2, 11, 20 या 29 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक मामलों में दिन अच्छा रहेगा। आप समझदारी और धैर्य के साथ फैसले ले पाएंगे। बड़े निवेश की योजना बनाने के लिए समय अनुकूल है। किसी पुराने आर्थिक मामले का समाधान होने से राहत मिल सकती है। खर्च कम करके बचत पर ध्यान दें। परिवार या दोस्तों से आर्थिक योजनाओं पर चर्चा करने से आपको नए विचार मिल सकते हैं।

मूलांक 3

अगर आपका जन्म 3, 12, 21 या 30 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी। आज आप अपनी पुरानी वित्तीय योजनाओं की दोबारा समीक्षा कर सकते हैं। इससे भविष्य में फायदा होगा। जोखिम वाले निवेश से फिलहाल दूरी बनाकर रखें। छोटे-छोटे खर्चों पर नजर रखें, क्योंकि ये बजट बिगाड़ सकते हैं। किसी अनुभवी व्यक्ति की सलाह लेकर ही पैसे से जुड़ा बड़ा फैसला करें।

मूलांक 4

अगर आपका जन्म 4, 13, 22 या 31 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक मामलों में दिन सामान्य रहेगा। योजनाओं में बदलाव के कारण बजट पर दोबारा विचार करना पड़ सकता है। नए निवेश के मौके मिल सकते हैं, लेकिन फैसला सोच-समझकर लें। किसी पुराने आर्थिक विवाद को सुलझाने का यह अच्छा समय है। जल्दबाजी से बचें और बड़े खर्चों पर नियंत्रण रखें।

मूलांक 5

अगर आपका जन्म 5, 15 या 23 तारीख को हुआ है, तो आज का दिन आर्थिक रूप से अच्छा रहने वाला है। कमाई के नए स्रोत मिल सकते हैं और पुराने निवेश से लाभ होने की संभावना है। आपकी आर्थिक समझ और व्यापार से जुड़े फैसले अच्छे साबित हो सकते हैं। किसी जानकार की सलाह भी फायदेमंद रहेगी। हालांकि साझेदारी में कारोबार करते समय सावधानी रखें और धीरे-धीरे मुनाफा बढ़ाने पर ध्यान दें।

मूलांक 6

अगर आपका जन्म 6, 15 या 25 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक मामलों में सकारात्मक दिन रहेगा। आपकी मेहनत और बनाई गई योजनाओं का अच्छा परिणाम मिल सकता है। निवेश का कोई अच्छा मौका सामने आ सकता है, लेकिन पहले पूरी जानकारी जुटाएं। परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार से मन को शांति मिलेगी। पुराना कर्ज या आर्थिक विवाद खत्म होने की संभावना है। भविष्य के लिए बचत और सुरक्षित निवेश को प्राथमिकता दें।

मूलांक 7

अगर आपका जन्म 7, 16 या 25 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी। खर्चों पर नियंत्रण रखना और बजट के अनुसार चलना जरूरी है। नए निवेश के मौके मिलने पर तुरंत फैसला न लें। किसी करीबी दोस्त या परिवार के सदस्य की सलाह मददगार हो सकती है। इस समय आर्थिक जोखिम लेने से बचना आपके लिए बेहतर रहेगा।

मूलांक 8

अगर आपका जन्म 8, 17 या 26 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक मामलों में दिन सकारात्मक रहेगा। मेहनत का अच्छा परिणाम मिल सकता है और आपकी योजनाएं सफल हो सकती हैं। नया निवेश भविष्य में फायदा दे सकता है। हालांकि किसी की सलाह पर आंख बंद करके भरोसा न करें। अनावश्यक खर्च से बचें। अगर कोई आर्थिक विवाद चल रहा है तो उसे बातचीत के जरिए सुलझाने का यह अच्छा समय है।

मूलांक 9

अगर आपका जन्म 9, 18 या 27 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक मामलों में संतुलन बनाए रखना जरूरी है। नए अवसर सामने आ सकते हैं, लेकिन तुरंत फैसला लेने के बजाय पूरी जानकारी जुटाएं। अपने पुराने आर्थिक लक्ष्यों की समीक्षा करें और जरूरत पड़ने पर उनमें बदलाव करें। सोच-समझकर लिया गया फैसला आपकी आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में मदद कर सकता है।

डिस्क्लेमर: इस लेख की सामग्री पूरी तरह से ज्योतिषीय भविष्यवाणियों पर आधारित है। हम इसकी सत्यता और सटीकता का पूरी तरह दावा नहीं करते। यहां दी गई किसी भी जानकारी के आधार पर कोई वित्तीय, स्वास्थ्य या व्यावसायिक निर्णय लेने से पहले योग्य विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।

Stock Market Rise: 4 दिन बाद बाजार ग्रीन, जन्माष्टमी पर सेंसेक्स 362 अंक चढ़ा; फिर भी निवेशकों के ₹40894 करोड़ साफ

शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला शुक्रवार को कृष्ण जन्माष्टमी पर टूट गया। 4 दिन गिरावट में बंद होने के बाद 4 सितंबर को बाजार ने हरे निशान में क्लोजिंग की। सेंसेक्स 362.57 अंक चढ़कर 76,515.43 पर और निफ्टी 24.25 अंकों की बढ़त के साथ 23,897.70 पर बंद हुआ। लेकिन इस बीच BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 40894 करोड़ रुपये घट गया।

3 सितंबर को शेयर मार्केट बंद होने पर BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 4,88,71,693.344 करोड़ रुपये रहा था। शुक्रवार को मार्केट बंद होने पर यह 4,88,30,799.53 करोड़ रुपये रह गया। यानि कि 40,893.814 करोड़ रुपये की कमी। दिन में सेंसेक्स पिछली क्लोजिंग से 730 अंक तक चढ़कर 76,883.14 के हाई तक गया। निफ्टी भी पिछली क्लोजिंग से 132 अंकों की बढ़त के साथ 24,005.75 के हाई तक गया।

मार्केट बंद होने पर NSE पर SBI लाइफ इंश्योरेंस कंपनी, टाटा स्टील, HDFC लाइफ इंश्योरेंस कंपनी, रिलायंस इंडस्ट्रीज और ट्रेंट टॉप गेनर रहे। वहीं HCL टेक्नोलॉजीज, भारती एयरटेल, मारुति सुजुकी इंडिया, बजाज फिनसर्व और मैक्स हेल्थकेयर इंस्टीट्यूट टॉप लूजर रहे।

रुपया और मजबूत

4 सितंबर को अमेरिकी मुद्रा डॉलर के मुकाबले भारतीय करेंसी रुपया 2 पैसे बढ़कर 94.49 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर बंद हुआ। एक दिन पहले डॉलर के मुकाबले रुपया 22 पैसे की मजबूती के साथ 94.51 पर बंद हुआ था। विदेशी मुद्रा जमा में उम्मीद से काफी अधिक राशि जुटने से देश के भुगतान संतुलन की स्थिति में सुधार होने से रुपये को सपोर्ट मिला। भारतीय रिजर्व बैंक ने बुधवार को कहा कि 31 अगस्त तक फॉरेन करेंसी नॉन-रेजिडेंट (बैंक) या FCNR(B) जमा के तौर पर देश में 127.226 अरब अमेरिकी डॉलर का निवेश आया।

PC Jeweller Share Price: एक और बैंक का कर्ज चुकता, कंपनी इसी महीने बन सकती है डेट-फ्री; शेयर में 14% की तूफानी तेजी

एक दिन पहले कैसा रहा था बाजार

3 सितंबर को शेयर बाजार में पहले तेजी और बाद में गिरावट दिखी थी। बाजार लगातार चौथे दिन लाल निशान में बंद हुआ था। सेंसेक्स 417.49 अंक टूटकर 76,152.86 पर और निफ्टी 41 अंक फिसलकर 23,873.45 पर बंद हुआ। इससे पहले दिन में सेंसेक्स पिछली क्लोजिंग से 354.13 अंक तक उछलकर 76,924.48 के हाई तक गया था। निफ्टी भी पिछली क्लोजिंग से करीब 111 अंकों की बढ़त के साथ 24,025.40 के हाई तक गया।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Rentomojo IPO 9 सितंबर से, ₹384-₹404 रहेगा प्राइस बैंड; ग्रे मार्केट में अभी से चढ़ा शेयर

फर्नीचर, अप्लायंसेज किराए पर देने वाली कंपनी रेंटोमोजो का ₹1,255.57 करोड़ का IPO 9 सितंबर को खुलने वाला है। इसके लिए प्राइस बैंड ₹384-₹404 प्रति शेयर तय किया गया है। लॉट साइज 37 शेयर है। इस इश्यू में ₹150 करोड़ के 37.15 लाख नए शेयर जारी होंगे। साथ ही ₹1,105.57 करोड़ के 2.74 करोड़ शेयरों का ऑफर फॉर सेल (OFS) रहेगा। OFS में कंपनी के प्रमोटर गीतांश बामनिया के साथ-साथ एक्सेल इंडिया IV (मॉरीशस), एडलवाइस डिस्कवरी फंड-सीरीज I, IDG वेंचर्स इंडिया फंड III LLC, वैल्यू क्वेस्ट S.C.A.L.E. फंड, मैडिसन इंडिया, चिराटे वेंचर्स, GMO पेमेंट गेटवे समेत कई निवेशक शेयरों को बिक्री के लिए रखेंगे।

IPO में एंकर निवेशक 8 सितंबर को बोली लगा सकेंगे। इश्यू की क्लोजिंग 11 सितंबर को होगी, जिसके बाद अलॉटमेंट 15 सितंबर को फाइनल होगा। कंपनी के शेयर NSE और BSE पर 17 सितंबर को लिस्ट हो सकते हैं। इश्यू के लिए मोतीलाल ओसवाल इनवेस्टमेंट एडवाइजर्स, एक्सिस कैपिटल और IIFL कैपिटल सर्विसेज बुक रनिंग लीड मैनेजर हैं। रजिस्ट्रार Kfin Technologies Ltd. है।

रेंटोमोजो ग्राहकों को घर के फर्नीचर और अप्लायंसेज के लिए किफायती, फ्लेक्सिबल और लॉन्ग टर्म सब्सक्रिप्शन प्लान उपलब्ध कराती है। इसके प्रोडक्ट्स में घर की जरूरी चीजें जैसे बेड, गद्दे, वॉशिंग मशीन, रेफ्रिजरेटर, अलमारी, सोफा, टेलीविजन, वॉशिंग मशीन, वॉटर प्योरिफायर आदि शामिल हैं। IPO में 50 प्रतिशत हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए, 35 प्रतिशत हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए और 15 प्रतिशत हिस्सा नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व है।

IPO के पैसे कैसे होंगे इस्तेमाल

रेंटोमोजो अपने पब्लिक इश्यू में नए शेयर जारी कर हासिल होने वाले पैसों का इस्तेमाल कर्ज चुकाने के लिए, वेयरहाउस और एक्सपीरियंस स्टोर्स के लिए लीज रेंटल/लाइसेंस फीस का पेमेंट करने के लिए और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए करेगी। ग्रे मार्केट में कंपनी का शेयर 8.17 प्रतिशत प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है।

ESDS Software Solution Listing: ब्लॉकबस्टर एंट्री, शेयर 76% तक बढ़त में लिस्ट

Rentomojo की वित्तीय सेहत

कंपनी का वित्त वर्ष 2025-26 में रेवेन्यू 45 प्रतिशत बढ़कर 394 करोड़ रुपये हो गया। शुद्ध मुनाफा 142 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 104.30 करोड़ रुपये रहा। इस बीच कंपनी पर 187.59 करोड़ रुपये की उधारी थी। एक साल पहले रेवेन्यू 271.96 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 43.11 करोड़ रुपये रहा था।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।