समय रैना का YouTube पर फूटा गुस्सा, नए View Count सिस्टम पर उठाए सवाल

मशहूर यूट्यूबर और कॉमेडियन समय रैना ने YouTube की खुलकर आलोचना की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि प्लेटफॉर्म ने अपने व्यू-काउंटिंग सिस्टम में ऐसे बदलाव किए हैं जिनसे क्रिएटर्स पर बुरा असर पड़ सकता है और यह पता लगाना भी मुश्किल हो सकता है कि दर्शक किसी कंटेंट को कितना पसंद कर रहे हैं।

इस मुद्दे पर बात करते हुए रैना ने कहा कि YouTube ने वीडियो व्यूज को रिकॉर्ड करने का तरीका बदल दिया है, जिससे व्यू काउंट पहले के मुकाबले कम मायने रखते हैं। उनके मुताबिक, यह बदलाव तब सामने आया जब वह ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ (India’s Got Latent) के हालिया एपिसोड की परफॉर्मेंस देख रहे थे।

रैना ने बताया कि शो के पिछले कई एपिसोड के मुकाबले इस नए एपिसोड को ज्यादा व्यूज मिले थे, फिर भी लाइक्स की संख्या काफी कम थी। उन्होंने कहा कि इस अंतर को देखकर ही उन्होंने यह पता लगाने की कोशिश की कि प्लेटफॉर्म अभी व्यूअरशिप को कैसे मापता है।

समय रैना ने यूट्यूब पर लगाए आरोप

इस बदलाव के बारे में अपनी समझ बताते हुए, रैना ने आरोप लगाया कि पहले YouTube किसी वीडियो पर ‘व्यू’ तभी गिनता था जब कोई यूजर उसे कुछ समय तक (लगभग 30 सेकंड) देखता था। उन्होंने दावा किया कि नए सिस्टम के तहत, अगर कोई दर्शक वीडियो पर क्लिक करता है और उसे बस एक पल के लिए देखकर छोड़ देता है, तब भी ‘व्यू’ गिना जा सकता है। इस अपडेट को प्लेटफॉर्म के सबसे खराब फैसलों में से एक बताते हुए, रैना ने तर्क दिया कि इससे दर्शकों की असली दिलचस्पी का पता चले बिना ही ‘व्यू काउंट’ बढ़ जाता है।

कॉमेडियन ने आगे कहा कि हो सकता है YouTube, Meta के इकोसिस्टम से आइडिया ले रहा हो, जहां वीडियो व्यूज को अक्सर पारंपरिक लंबे वीडियो वाले प्लेटफॉर्म से अलग तरह से गिना जाता है। उनके नजरिए से, इस बदलाव से ‘व्यू काउंट’ की उस अहमियत के कम होने का खतरा है जो दर्शकों के जुड़ाव (engagement) का एक भरोसेमंद पैमाना माना जाता है।

रैना ने तर्क दिया कि क्रिएटर्स हमेशा से वॉच टाइम, लाइक्स और ऑडियंस रिटेंशन जैसे पैमानों पर निर्भर रहे हैं, ताकि यह समझ सकें कि दर्शकों को उनका कंटेंट पसंद आ रहा है या नहीं। उन्होंने कहा कि अगर बहुत कम समय के इंटरैक्शन से भी व्यूज मिल सकते हैं, तो किसी वीडियो के असल असर का अंदाजा लगाने के लिए यह संख्या बहुत कम काम की रह जाएगी।

समय रैना ने अपने ‘Still Alive’ के आंकड़ों का दिया उदाहरण

अपने ही चैनल का उदाहरण देते हुए, रैना ने कहा कि अगर प्लेटफॉर्म के गिनती के तरीके बदल गए हैं, तो उनके सबसे ज्यादा देखे गए कुछ वीडियो अब शायद दर्शकों की असल दिलचस्पी को सही ढंग से न दिखा पाएं। उन्होंने सवाल उठाया कि YouTube ऐसी दिशा में क्यों बढ़ रहा है, जिससे उनके मुताबिक क्रिएटर्स के लिए अपने कंटेंट के असल परफॉर्मेंस का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है।

इस यूट्यूबर ने प्लेटफॉर्म के फैसलों और क्रिएटर्स की जरूरतों के बीच बढ़ती दूरी को लेकर भी निराशा जताई। अपनी बात रखते हुए, रैना ने इस मामले को संभालने के YouTube के तरीके की कड़ी आलोचना की और कहा कि ऐसे बदलावों से आखिरकार उन क्रिएटर्स को नुकसान हो सकता है जो बढ़ा-चढ़ाकर दिखाए गए व्यू काउंट के बजाय असल जुड़ाव (meaningful engagement) पर निर्भर करते हैं।

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Samay Raina: ‘अब इस पर बोलो…’, समय रैना ने ‘इंडियाज़ गॉट लेटेंट’ शो में कश्मीरी पंडितों का जिक्र कर मुनव्वर फारूकी से मांगा रिएक्शन

Samay Raina: ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ के सिर्फ मेंबर्स के लिए बने एक एपिसोड में समय रैना ने अपनी कश्मीरी जड़ों का जिक्र किया। यह बातचीत तब शुरू हुई जब कंटेस्टेंट वानिका रैक्ता से पूछा गया कि क्या वह किसी अमीर परिवार से हैं। वानिका ने बताया कि उनके परिवार के पास शिमला में सेब के बाग हैं। उन्होंने आगे कहा कि भले ही उनके भाई ने जमीन का कुछ हिस्सा बेच दिया हो, फिर भी उनके पास कई बाग हैं, और उनके माता-पिता दोनों सरकारी टीचर हैं।

सेब के बागानों के बारे में सुनने के बाद, राघव जुयाल ने समय की ओर रुख किया और कहा, “तुम्हारा भी तो था ना सेब का बगीचा कश्मीर में?” समय ने जवाब दिया, “हमारा तो बहुत कुछ था।” यह कमेंट उग्रवाद के दौरान घाटी से कश्मीरी पंडितों के विस्थापन को संदर्भित करती प्रतीत होती है, एक ऐसा अनुभव जिसके बारे में समय ने पहले भी सार्वजनिक रूप से बात की है।

जब राघव ने धीरे से समय की पीठ थपथपाई, तो समय ने पैनल में शामिल मुनव्वर फारूकी की ओर मुड़कर मजाक में कहा, “अब इस पर बोलो?”मुनव्वर ने तुरंत जवाब दिया, “मैं नहीं था,” जिससे पैनल में मौजूद लोग हंस पड़े। समय पहले भी कश्मीरी पंडितों के पलायन के बारे में बात कर चुके हैं

यह पहली बार नहीं है जब समय ने कश्मीर से अपने परिवार के जुड़ाव के बारे में बात की है। इस साल की शुरुआत में, अपने स्टैंड-अप स्पेशल में उन्होंने बताया था कि उग्रवाद बढ़ने के बाद उनके परिवार को घाटी छोड़नी पड़ी थी। उन्होंने कहा कि वे जान बचाने के लिए वहां से भागे थे। ‘दोस्तकास्ट’ पॉडकास्ट पर उन्होंने 1990 में कश्मीरी पंडितों के पलायन के बारे में विस्तार से बात हुए बताया कि कैसे उनका परिवार रातों-रात घाटी से निकल गया और इसका उन पर कितना गहरा असर पड़ा।

समय ने अपने परिवार को बचाने का श्रेय कश्मीरी मुसलमानों को दिया था। पॉडकास्ट पर उन्होंने याद करते हुए कहा, “मेरी आंटी बहुत हिम्मत वाली थीं। वह चुपचाप उस क्लिनिक में गईं जहां मेरे दादाजी काम करते थे। किस्मत से, उनकी इतनी अच्छी छवि थी कि वहां के कश्मीरी मुसलमानों ने उन्हें और परिवार को वहां से निकलने में मदद की। उन्होंने कहा कि उन्हें कुछ नहीं होगा, क्योंकि उन्होंने लोगों के लिए बहुत कुछ किया था। कश्मीरी मुसलमानों ने ही मेरे दादाजी को उस स्थिति से बाहर निकलने में मदद की थी।”

‘इंडियाज़ गॉट लेटेंट’ का दूसरा सीज़न नेटफ़्लिक्स और समय रैना के यूट्यूब चैनल पर स्ट्रीम होता है। 20 जून, 2026 को प्रीमियर होने के बाद से ही यह शो हर दो हफ़्ते में आने वाले फ़ॉर्मेट को फ़ॉलो कर रहा है, जिसमें हर एपिसोड में नए कंटेस्टेंट और सेलिब्रिटी पैनलिस्ट शामिल होते हैं।

Samay Raina: ‘असली डॉक्टर क्यों नहीं बन जाती…’, ‘इंडियाज गॉट लेटेंट 2’ में नीट पेपर लीक पर बोले समय रैना

Samay Raina: समय रैना ने ‘इंडियाज़ गॉट लेटेंट’ के लेटेस्ट एपिसोड में NEET (नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट) पेपर लीक के मुद्दे पर बात की। यह सब तब शुरू हुआ जब शो में गेनी कामकी नाम की एक कंटेस्टेंट ने अपनी सिंगिंग का हुनर ​​दिखाया। अपनी परफॉर्मेंस के बाद, उन्होंने बताया कि वह गुवाहाटी से हैं और होम्योपैथी की स्टूडेंट हैं।

बातचीत के दौरान, कामकी ने बताया कि भले ही वह पहली बार मुंबई आई थीं, लेकिन कॉलेज में अटेंडेंस की वजह से उन्हें अगले ही दिन वापस जाना था। इस पर समय ने मजeक में उनसे एलोपैथी की पढ़ाई करने के लिए कहा। उन्होंने NEET पेपर लीक से जुड़े विवाद की ओर इशारा करते हुए कहा, “आप असली डॉक्टर क्यों नहीं बन जाते? अभी तो पेपर भी लीक हो गए हैं।”

एपिसोड का वह खास क्लिप सोशल मीडिया पर सामने आते ही, कई लोगों ने एक अहम मुद्दे पर बात करने के लिए समय की तारीफ की। एक यूजर ने लिखा, “कम से कम किसी सेलिब्रिटी में तो हिम्मत है।” दिलचस्प बात यह है कि समय रैना का यह कमेंट ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के फाउंडर अभिजीत दिपके द्वारा कॉमेडियन की आलोचना करने और उन्हें ‘प्रिविलेज्ड’ (विशेषाधिकार प्राप्त) कहे जाने के कुछ दिनों बाद आया है। जानकारी के लिए बता दें कि CJP राष्ट्रीय राजधानी में NEET पेपर लीक विवाद को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए विरोध-प्रदर्शन कर रही है।

दिपके ‘अनफिल्टर्ड बाय समदीश’ शो में आए थे, जहां उन्होंने कहा, “मैं ‘इंडियाज़ गॉट लेटेंट’ में नहीं जाऊंगा। मुझे यह पसंद नहीं है। क्योंकि इसमें यह सोच है कि ‘हम क्यों लड़ें? हमें आसान रास्ता अपनाकर निकल जाना चाहिए’। आप इसलिए निकल पाते हैं क्योंकि आप प्रिविलेज्ड (सुविधा-संपन्न) हैं।”

वहीं, समय रैना पिछले महीने अपने विवादित शो ‘इंडियाज़ गॉट लेटेंट’ के दूसरे सीज़न के साथ लौटे। पहले एपिसोड में आलिया भट्ट और शरवरी शामिल थीं। शुक्रवार को रिलीज़ हुए दूसरे एपिसोड में हर्ष लिम्बाचिया, कीकू शारदा और चंदन प्रभाकर गेस्ट के तौर पर आए थे। ‘इंडियाज़ गॉट लेटेंट 2’ नेटफ्लिक्स और यूट्यूब पर उपलब्ध है।