पेट्रोल निर्यात पर टैक्स बढ़ा, डीजल पर भारी कटौती!

सरकार ने पेट्रोल के निर्यात पर विंडफॉल टैक्स दो रुपये प्रति लीटर बढ़ा दिया है जबकि डीजल पर शुल्क में 7.50 रुपये प्रति लीटर की कटौती की गई है।

इस संबंध में जारी केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) की अधिसूचना में कहा गया है कि निर्यात वाले पेट्रोल पर आज से 2.50 प्रति लीटर का उत्पाद शुल्क लगेगा जो पूरी तरह विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (एसएईडी) के रूप में होगा। पहले यह 50 पैसे प्रति लीटर था। इस प्रकार इसमें दो रुपये की बढ़ोतरी की गई है।

निर्यात वाले डीजल पर उत्पाद शुल्क 16 रुपये से घटाकर 8.50 रुपये प्रति लीटर किया गया है। यह भी पूरी तरह से एसएईडी के रूप में है। इस प्रकार इसमें 7.50 रुपये की कमी हुई है। वहीं निर्यात वाले विमान ईंधन पर शुल्क 10.50 रुपये प्रति लीटर पर स्थिर रखा गया है।

Also Read : रेवंत ने कृषि के लिए 20 दिनों तक बिना रुकावट बिजली आपूर्ति के दिये निर्देश

निर्यात वाले पेट्रोल, डीजल और विमान ईंधन पर लगने वाले उत्पाद शुल्क को विंडफॉल टैक्स के नाम से भी जाना जाता है। इसका उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमतों में अचानक आई उछाल में मुनाफाखोरी के लोभ में निर्यात में असामान्य वृद्धि को रोकना है, ताकि घरेलू खपत के लिए पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।

आधिकारिक जानकारी के अनुसार, आज से पेट्रोल, डीजल और विमान ईंधन पर विंडफॉल टैक्स की समीक्षा हर पखवाड़े की जाएगी। पहले इनकी नियमित समीक्षा हर महीने होती थी।

सरकार ने पश्चिम एशिया संकट के दौरान 27 मार्च 2026 से विंडफॉल टैक्स दोबारा लगाना शुरू किया था जो अबतक जारी है। उससे पहले दो साल से ज्यादा समय तक तीनों जीवाश्म ईंधनों पर कोई विंडफॉल टैक्स नहीं था।

Pic Credit : UNI

Gold ETF FoF में अब नहीं डाल सकेंगे पैसे! आज से बदल गई ये चीजें

Gold Investment: कुछ म्यूचुअल फंड हाउसेज ने अस्थायी तौर पर गोल्ड ईटीएफ फंड ऑफ फंड्स (FoFs) में नए निवेश पर अस्थायी तौर पर रोक लगा दी है। यह रोक आज 16 अक्टूबर से ही लागू हो चुकी है। आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड, एचडीएफसी म्यूचुअल फंड, आदित्य बिड़ला सन लाइफ म्यूचुअल फंड, इनवेस्को इंडिया म्यूचुअल फंड, डीएसपी म्यूचुअल फंड, टाटा म्यूचुअल फंड और श्रीराम म्यूचुअल फंड जैसे कई फंड हाउसों ने निवेशकों को नोटिस जारी कर के इसकी जानकारी भेज दी है। इस पाबंदी के बाद अब ये इन म्यूचुअल फंड्स के पास गोल्ड ईटीएफ FoF में नया एकमुश्त निवेश नहीं कर सकेंगे, नई एसआईपी नहीं शुरू कर सकेंगे और न ही मौजूदा एसआईपी में टॉप अप कर सकेंगे। कुछ में तो स्विच-इन ट्रांजैक्शन और नए सिस्टेमैटिक ट्रांसफर प्लान (STP) रजिस्ट्रेशन पर भी रोक लगाई गई है।

क्या है इन नोटिसों में

श्रीराम म्यूचुअल फंड ने नोटिस में कहा कि यह रोक सेबी के के निर्देशों के तहत लगाई गई हैं, जिसे AMFI (एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया) के जरिए सूचित किया गया है। हालांकि कोई वजह नहीं बताई गई है। फंड हाउस का कहना है कि 16 अक्टूबर से नए एकमुश्त निवेश, नए एसआईपी रजिस्ट्रेशन और मौजूदा एसआईपी में निवेश की राशि बढ़ाने यानी स्टेप-अप की मंजूरी नहीं होगी।

डीएसपी म्यूचुअल फंड ने 15 अक्टूबर के अपने नोटिस में कहा है कि 15 अक्टूबर को दोपहर 3 बजे के कट-ऑफ समय के बाद के सभी एप्लीकेशन खारिज हो सकते हैं और पैसा निवेशकों को वापस कर दिया जाएगा।

न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की 15 अक्टूबर की रिपोर्ट के मुताबिक कोटक महिंद्रा म्यूचुअल फंड, यूटीआई म्यूचुअल फंड और एचडीएफसी म्यूचुअल फंड समेत कई बड़े भारतीय म्यूचुअल फंडों ने गोल्ड ईडीएफ में बल्क सब्सक्रिप्शन यानी एक साथ भारी निवेश रोकने के लिए नोटिस जारी किए हैं।

दशहरा-दिवाली से ठीक पहले रोक

गोल्ड ईटीएफ एफओएफ में निवेश पर रोक दशहरा और दिवाली से ठीक पहले लगाई गई हैं, जब आमतौर पर सोने की मांग बढ़ जाती है। गोल्ड ईटीएफ एफओएफ म्यूचुअल फंड की वह स्कीम है, जिसका पैसा गोल्ड ईटीएफ में लगाया जाता है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले साल त्योहारी सीजन के दौरान गोल्ड और सिल्वर ETF में निवेश बढ़ा था, क्योंकि स्टॉक मार्केट से कमजोर रिटर्न मिलने के कारण सोने-चांदी का क्रेज बढ़ गया। वहीं इस साल मांग थोड़ी सुस्त पड़ी और भारत में सोने का आयात अगस्त के $230 करोड़ से घटकर सितंबर में $180 करोड़ रह गया।

SIP Calculator: सिर्फ ₹15,000 की मंथली SIP से ₹1 करोड़ का फंड! जानिए एक्सपर्ट्स की ये स्मार्ट पोर्टफोलियो स्ट्रेटेजी

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Gold Price Today: नवरात्रि के 6ठे दिन सोने में गिरावट, चांदी का भी हाल बेहाल

देश में सोने की कीमत में 16 अक्टूबर को भी गिरावट है। नवरात्रि के 6ठे दिन की सुबह राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 147580 रुपये प्रति 10 ग्राम पर है। एक दिन पहले दिल्ली के सराफा बाजार में 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत 900 रुपये घटी। रुपये में मजबूती और हाजिर मांग कमजोर रहने के कारण ऐसा हुआ। रुपये में मजबूती से डॉलर मूल्य वाली सोने-चांदी जैसी धातुओं का आयात सस्ता हो जाता है, जिससे घरेलू बाजार में उनकी कीमतों पर दबाव पड़ता है।

गुरुवार को रुपया लगातार पांचवें कारोबारी सत्र में मजबूत हुआ। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले यह 18 पैसे की बढ़त के साथ 94.99 पर बंद हुआ। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने घरेलू मुद्रा को मजबूती देने के उद्देश्य से बीते वीकेंड कई उपाय किए थे।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना 4,152.99 डॉलर प्रति औंस पर है। सोने और चांदी की देश के अंदर कीमतें डोमेस्टिक फैक्टर्स के साथ-साथ ग्लोबल फैक्टर्स से भी प्रभावित होती हैं।

देश के कुछ बड़े शहरों में गोल्ड रेट

दिल्ली में सोने की कीमत: दिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत 147580 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 135290 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

मुंबई और कोलकाता: मुंबई और कोलकाता में 22 कैरेट सोने की कीमत 135140 रुपये प्रति 10 ग्राम, जबकि 24 कैरेट सोने की कीमत 147430 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

चेन्नई में सोने की कीमत: 24 कैरेट सोने की कीमत 147430 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 135140 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

पुणे और बेंगलुरु में कीमत: इन दोनों शहरों में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 147430 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट गोल्ड की कीमत 135140 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

शहर22 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)24 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)
दिल्ली135290147580
मुंबई135140147430
अहमदाबाद135190147480
चेन्नई135140147430
कोलकाता135140147430
हैदराबाद135140147480
जयपुर135290147580
भोपाल135190148300
लखनऊ135290147580
चंडीगढ़135290147580

SIP Calculator: सिर्फ ₹15,000 की मंथली SIP से ₹1 करोड़ का फंड! जानिए एक्सपर्ट्स की ये स्मार्ट पोर्टफोलियो स्ट्रेटेजी

चांदी की कीमत

दूसरी कीमती धातु चांदी में भी गिरावट बरकरार है। 16 अक्टूबर की सुबह चांदी 229900 रुपये प्रति किलोग्राम पर है। एक दिन पहले दिल्ली के सराफा बाजार में चांदी की कीमत 6,000 रुपये गिरी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर चांदी यानि कि स्पॉट सिल्वर की कीमत 57.09 डॉलर प्रति औंस है।

Gold Silver Prices Today: दिल्ली में लगातार चौथे दिन फिसला सोना, चांदी एक दिन में ₹6000 गिरी

Gold Silver Prices Today: दिल्ली सर्राफा बाजार में 15 अक्तूबर को सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट आई। सोने में लगातार चौथे दिन गिरावट आई। यह 900 रुपये गिरकर 1,49,900 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। डॉलर के मुकाबले रुपये में मजबूती और कमजोर फिजिकल डिमांड का असर सोने की कीमतों पर पड़ा।

चांदी में 6000 रुपये की गिरावट 

दिल्ली सर्राफा बाजार में चांदी में भी बड़ी गिरावट आई। यह 6000 रुपये गिरकर 2.15 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई। सोने में भी लगातार चौथे दिन गिरावट आई। एचडीएफसी सिक्योरिटीज में सीनियर एनालिस्टस सौमिल गांधी ने कहा कि रुपये में मजबूती और कमजोर डिमांड की वजह से सोने की कीमतों में नरमी दिखी।

रुपया लगातार पांचवें दिन चढ़ा

डॉलर के मुकाबले रुपये में लगातार चौथे दिन मजबूती आई। यह 12 पैसे की मजबूती के साथ 95.05 के लेवल पर बंद हुआ। आरबीआई ने पिछले हफ्ते रुपये पर दबाव घटाने के लिए कई कदम उठाए थे। इसका असर रुपये पर दिख रहा है। रुपये में मजबूती से सोने की इंपोर्ट कॉस्ट घट जाती है, जिसका असर इसकी कीमतों पर पड़ता है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने में तेजी

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी में अच्छी रिकवरी दिखी। सोना 1.22 फीसदी चढ़कर 4,157 डॉलर प्रति औंस पर चल रहा था। चांदी 1.84 फीसदी की तेजी के साथ 56 डॉलर प्रति औंस पर थी। इससे पहले के सत्र में सोने और चांदी में गिरावट आई थी। खासकर चांदी में बड़ी गिरावट देखने को मिली थी।

डॉलर इंडेक्स में गिरावट से सोने को सपोर्ट

मिरै एसेट शेयरखान में कमोडिटीज हेड प्रवीण सिंह ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने में तेजी की वजह डॉलर इंडेक्स में गिरावट है। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी का असर डॉलर इंडेक्स पर पड़ा है। हालांकि, अमेरिका में रिटेल इनफ्लेशन बढ़ा है। इससे इस महीने के आखिर में इंटरेस्ट रेट बढ़ने की संभावना बढ़ी है।

यह भी पढ़ें: Gold Price Today: लगातार गिर रहा सोना, नवरात्रि के 5वें दिन दिल्ली में ₹136040 पर आया 22 कैरेट

बुलियन मार्केट की नजरें फेड की पॉलिसी पर 

इस महीने के अंत में फेडरल रिजर्व की मॉनेटरी पॉलिसी आने वाली है। इस बीच, क्रूड ऑयल की कीमतों में हल्की नरमी दिखी है। हालांकि, ब्रेट क्रूड अब भी 104 डॉलर प्रति बैरल पर है। बुलियन मार्केट की नजरें फेड की पॉलिसी पर लगी हैं। अगर फेड इंटरेस्ट रेट बढ़ाता है तो सोने पर दबाव बढ़ सकता है।

दुर्गा पूजा में खींचनी हैं शानदार तस्वीरें? ₹30,000 से कम में खरीदें ये 5 कैमरा स्मार्टफोन

Best Camera Smartphones Under ₹30,000: दुर्गा पूजा शुरू होते ही सड़कों पर रोशनी, जगमगाते दीये और लोगों की भीड़ देखने को मिलती है। ऐसे माहौल में अच्छी तस्वीरें खींचने के लिए एक बढ़िया कैमरा फोन होना जरूरी है। अगर आप ज्यादा पैसे खर्च किए बिना नया स्मार्टफोन खरीदना चाहते हैं, तो आपके लिए अच्छा मौका है। दरअसल, Amazon और Flipkart पर इन दिनों खास सेल चल रही है। इन सेल में ₹30,000 से कम कीमत वाले कई स्मार्टफोन पर छूट मिल रही है। इसके अलावा, ग्राहकों को बैंक ऑफर और पुराने फोन को एक्सचेंज करने पर अतिरिक्त छूट का फायदा भी मिल सकता है।

यहां कुछ ऐसे स्मार्टफोन दिए गए हैं जो खास तौर पर बेहतरीन कैमरा के लिए जाने जाते हैं। आप इस फेस्टिव सीजन में 30,000 रुपये से कम कीमत वाले इन स्मार्टफोन्स पर विचार कर सकते हैं।

Samsung Galaxy A56 5G

Samsung Galaxy A56 5G में तीन रियर कैमरे दिए गए हैं, जो अलग-अलग तरह की तस्वीरें खींचने में अच्छा प्रदर्शन करते हैं। यह फोन फ्रंट और रियर, दोनों कैमरों से 4K वीडियो रिकॉर्डिंग को सपोर्ट करता है। इसके 50MP के मेन कैमरे से साफ और शानदार रंगों वाली तस्वीरें मिलती हैं। साथ ही, यह कैमरा रोशनी और अंधेरे के बीच के अंतर को भी अच्छी तरह कैप्चर करता है।

फोन में 12MP का अल्ट्रावाइड कैमरा भी दिया गया है, जो मेन कैमरे जैसी ही अच्छी तस्वीरें खींचता है। वहीं, इसका 12MP का फ्रंट कैमरा सेल्फी में चेहरे को साफ दिखाता है और त्वचा के रंग को भी प्राकृतिक बनाए रखता है।

Vivo V60e 5G

Vivo V60e 5G भी ₹30,000 से कम कीमत में अच्छी फोटोग्राफी के लिए एक बढ़िया विकल्प है। इसकी सबसे बड़ी खासियत 200MP का प्राइमरी कैमरा है। इसमें OIS यानी ऑप्टिकल इमेज स्टेबिलाइजेशन का सपोर्ट भी मिलता है, जिससे रात में तस्वीरें खींचते और वीडियो रिकॉर्ड करते समय धुंधलापन कम होता है।

फोन में Vivo की खास रियर रिंग लाइट भी दी गई है, जो कम रोशनी में तस्वीरें खींचने और पोर्ट्रेट फोटो को बेहतर बनाने में मदद करती है। इसके अलावा, फोन में 50MP का सेल्फी कैमरा मिलता है। यह ग्रुप सेल्फी लेते समय भी लोगों के चेहरों पर फोकस बनाए रखने में मदद करता है।

Motorola Edge 70 Fusion

Motorola Edge 70 Fusion में एक संतुलित कैमरा सिस्टम दिया गया है, जिसमें मुख्य रूप से भरोसेमंद 50MP का सोनी LYTIA 710 प्राइमरी सेंसर लगा है। इस कीमत वाले अन्य स्मार्टफोन्स के मुकाबले, इसमें 13MP का हाई-रिजॉल्यूशन अल्ट्रावाइड सेंसर है, जो सामान्य 8MP अल्ट्रावाइड सेंसर की तुलना में कहीं अधिक स्पष्ट तस्वीरें देता है। हालांकि, इसमें कोई समर्पित टेलीफोटो सेंसर नहीं है, फिर भी इसके 2x जूम वाले शॉट्स जल्दी फोटो लेने के काम के लिए काफी अच्छे हैं। इसका 32MP का फ्रंट कैमरा तेज बैकग्राउंड कंट्रास्ट को भी आसानी से संभाल लेता है, जिससे तस्वीरें प्राकृतिक रंगों और एकसमान स्किन टोन के साथ आती हैं।

Vivo T5 Pro

हालांकि, Vivo T5 Pro अपनी बड़ी 9,020 mAh बैटरी के लिए सबसे ज्यादा जाना जाता है, लेकिन इसका कैमरा सिस्टम भी हर तरह की लाइटिंग में एक भरोसेमंद ‘पॉइंट-एंड-शूट’ सेटअप की तरह काम करता है। इस डिवाइस में 50MP का सोनी IMX882 प्राइमरी सेंसर है, जो बहुत ही शार्प और बेहतरीन तस्वीरें देता है। इसके अलावा, इसका 32MP का सेल्फी कैमरा बहुत ही शानदार क्लैरिटी देता है, जिसमें चेहरे की बारीक रेखाएं और बाल भी एकदम साफ दिखाई देते हैं। इन सभी खूबियों की वजह से, यह पूरे दिन फोटोग्राफी करने के लिए एक बेहतरीन फोन है—खासकर तब, जब इसकी मौजूदा कीमत 30,000 रुपये से भी कम है।

OnePlus Nord CE 6 Lite

OnePlus Nord CE 6 Lite, फोटोग्राफी के लिए 30,000 रुपये से कम कीमत में एक बेहतरीन विकल्प है। इसमें 50MP का प्राइमरी कैमरा और साथ ही 2MP का सेंसर दिया गया है। इसके अलावा, इस फोन में 32MP का फ्रंट कैमरा भी मौजूद है।

सीधी धूप में इस फोन से ली गई तस्वीरों में बारीक डिटेल्स साफ नजर आती हैं, साथ ही रंगों का सटीक रिप्रजेंटेशन और बेहतरीन सैचुरेशन देखने को मिलता है। पोर्ट्रेट मोड के लिए, 50MP का सेंसर और 2MP का डेप्थ सेंसर मिलकर काम करते हैं, जिससे एज डिटेक्शन (किनारों की पहचान) काफी सटीक रहती है। 8MP का फ्रंट कैमरा भी बेहतरीन सेल्फी अनुभव देता है, जिसमें रंगों का सटीक रिप्रजेंटेशन और शार्प फोकस मिलता है।

यह भी पढ़ें: Apple iPhone Duo की प्री-बुकिंग कल से, 23 अक्टूबर से शुरू होगी बिक्री, जानें बैंक ऑफर और फीचर्स

Yes Bank News: यस बैंक ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर तोड़ी चुप्पी, शेयर 14% क्रैश होने के बाद कही ये बात

Yes Bank News: प्राइवेट सेक्टर के यस बैंक के शेयरों में गुरुवार, 15 अक्टूबर को भारी गिरावट आई। कारोबार के दौरान स्टॉक करीब 14% तक टूट गया। मामला 8,415 करोड़ रुपये के AT-1 बॉन्ड से जुड़ा है। सुप्रीम कोर्ट ने इन बॉन्ड को राइट ऑफ करने का फैसला रद्द कर दिया है। इसके बाद बैंक ने कहा कि वह कोर्ट के फैसले और उसके असर की जांच कर रहा है।

बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) ने भी शेयर में गिरावट को लेकर बैंक से जवाब मांगा था। इसके बाद यस बैंक ने कहा कि वह फैसले की पूरी कॉपी हासिल कर रहा है। उसे पढ़ने और उसके असर को समझने के बाद बैंक जरूरत के मुताबिक आगे जानकारी देगा।

सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?

सुप्रीम कोर्ट ने 15 अक्टूबर को यस बैंक के 8,415 करोड़ रुपये के AT-1 बॉन्ड राइट ऑफ करने के फैसले को खारिज कर दिया। कोर्ट ने बॉम्बे हाई कोर्ट के 2023 के फैसले को बरकरार रखा। यस बैंक और दूसरे पक्षों की अपील भी खारिज कर दी गई।

कोर्ट के मुताबिक, बैंक के पुनर्गठन की अंतिम योजना में इन बॉन्ड को राइट ऑफ करने का साफ प्रावधान नहीं था। इसलिए बैंक के एडमिनिस्ट्रेशन को ऐसा करने का अधिकार नहीं था।

AT-1 बॉन्ड क्या होते हैं?

AT-1 बॉन्ड बैंकों के लिए पूंजी जुटाने का एक तरीका हैं। बैंक इनसे निवेशकों से पैसा जुटाते हैं और बदले में ब्याज देते हैं। लेकिन इनमें जोखिम भी ज्यादा होता है। बैंक की वित्तीय हालत बहुत खराब होने पर नियमों और शर्तों के तहत इन बॉन्ड की रकम घटाई या पूरी तरह खत्म की जा सकती है।

यस बैंक ने दिसंबर 2016 में 3,000 करोड़ रुपये के AT-1 बॉन्ड जारी किए थे। इसके बाद अक्टूबर 2017 में 5,415 करोड़ रुपये के और बॉन्ड जारी किए गए। इस तरह कुल रकम 8,415 करोड़ रुपये थी।

2020 में क्या हुआ था?

मार्च 2020 में यस बैंक गंभीर वित्तीय संकट में फंस गया था। उस समय केंद्र सरकार ने बैंक पर करीब एक महीने के लिए मोरेटोरियम लगाया था। यानी बैंक से पैसे निकालने पर कुछ समय के लिए पाबंदियां लगाई गई थीं। इसके बाद बैंक के पुनर्गठन की प्रक्रिया शुरू हुई।

इसी दौरान नियुक्त एडमिनिस्ट्रेशन ने AT-1 बॉन्ड को राइट ऑफ कर दिया। इसका मतलब था कि बॉन्डधारकों की निवेश रकम खत्म कर दी गई। बॉन्डधारकों ने इस फैसले को अदालत में चुनौती दी।

बॉन्डधारक कोर्ट क्यों पहुंचे?

मई 2020 में Axis Trustee Services ने बॉन्डधारकों की ओर से बॉम्बे हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की। इसमें बॉन्ड राइट ऑफ करने के फैसले को चुनौती दी गई। वहां बॉन्डधारकों के पक्ष में फैसला आया। मार्च 2023 में यह मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। सुप्रीम कोर्ट ने भी हाई कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा है।

अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद यस बैंक इसके कानूनी और वित्तीय असर की समीक्षा कर रहा है। बैंक ने कहा है कि फैसले के अलावा उसके पास ऐसी कोई दूसरी जानकारी नहीं है, जिसका खुलासा करना जरूरी हो।

यस बैंक का स्टॉक 14% क्रैश

यस बैंक का शेयर 14.53% गिरकर 18.12 रुपये पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 20% के लोअर सर्किट के साथ 16.96 रुपये तक फिसला था। हालांकि, बाद में थोड़ी रिकवरी हुई।

Q2 Results: आईटी कंपनी को ₹1586 करोड़ का मुनाफा, डिविडेंड और बोनस शेयर का ऐलान

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

बीएचयू में बन रहा ₹57.66 करोड़ का हाईटेक गर्ल्स हॉस्टल, 1200 छात्राओं को मिलेगा वाई-फाई, लिफ्ट और मिनी क्लिनिक का तोहफा

काशी हिंदू विश्वविद्यालय में गर्ल्स स्टूडेंट्स के लिए हाईटेक हॉस्टल तैयार किया जा रहा है। इस हॉस्टल में 1200 स्टूडेंट्स रह सकेंगे। हाईटेक सुविधाओं वाले इस हॉस्टल में डाइनिंग हॉल, वाई फाई, रीडिंग रूम, कैफेटेरिया सहित कई सुविधाएं होंगी। छात्राओं की सुरक्षा के लिहाज से यहां CCTV कैमरे भी लगाए जाएंगे। इसके अलावा इस हॉस्टल में लिफ्ट की सुविधा भी होगी। अगले साल यानी 2027 तक 1200 बेड की क्षमता वाले इस हॉस्टल का निर्माण काम पूरा हो जाएगा।

केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (CPWD) इसके निर्माण का काम कर रहा है। फिलहाल 1200 बेड वाले इस हॉस्टल का 76% काम पूरा भी हो गया है। बाकी बचे काम को भी तय समय में पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। बीएचयू में निर्माणधीन इस हॉस्टल पर 57.66 करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं। बताते चलें की फरवरी 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसकी आधारशिला रखी थी। वाराणसी के डीएम सतेन्द्र कुमार ने बताया की 1200 बेड वाले इस छात्रावास में 5 ब्लॉक होंगे। इसमें से 1 ब्लॉक और 1 डाइनिंग ब्लॉक का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो गया है। बाकी बचे 2 हॉस्टल ब्लॉक के निर्माण का काम भी अगले साल मार्च महीने तक पूरा हो जाएगा।

बड़े और हवादार कमरे

इस हॉस्टल में बड़े और हवादार कमरे होंगे। छात्राओं के अलावा उनके अभिभावक भी यहां रुक पाएं इसके लिए गेस्ट रूम का निर्माण भी होगा। इतना ही नहीं हॉस्टल में सोशल स्पेस और मिनी क्लिनिक की सुविधा भी होगी। ताकि इमरजेंसी के वक्त छात्राओं को चिकित्सीय सुविधाएं भी हॉस्टल के अंदर ही मिल सकें। महिला महाविद्यालय कैम्पस में निर्माणधीन यह महिला छात्रावास बीएचयू में मौजूद छात्रावासों से काफी हाईटेक होगा। जिसमें छात्र बेहतर फील कर पाएंगे।

हजारों छात्राओं को सीधा फायदा

इस हॉस्टल के निर्माण के बाद दूर दराज से यूनिवर्सिटी में पढ़ने आने वाली छात्राओं को कैम्पस के अंदर ही सुरक्षित और बेहतर आवासीय सुविधाएं मिलेंगी। बताते चलें कि फिलहाल हॉस्टल की कमी के कारण कई ऐसी छात्राएं हैं जो कैम्पस के बाहर निजी हॉस्टल में रहती है। इन हॉस्टल में उन्हें ज्यादा पैसे भी खर्च करने पड़ते है। एक आंकड़े के मुताबिक, यूनिवार्सिटी के आस पास के निजी हॉस्टल में रहने के लिए छात्राओं को 7000 से 9000 रुपये प्रति महीना खर्च करना होता है। हालांकि कैम्पस के अंदर वो आधे से कम कीमत पर बेहतर सुविधाओं का फायदा लें सकेंगी।

वाराणसी से अभिषेक जायसवाल की रिपोर्ट

Video: तीन साल तक ₹10 के सिक्के बचाए, फिर उन्हीं से खरीद ली 1.23 लाख की Honda Activa, 2 घंटे तक गिनते रहे शोरूम वाले!

भारत पर 100% टैरिफ का फैसला 10 दिन में संभव:अमेरिकी राजदूत बोले- रूस से तेल खरीदने पर प्रतिबंध लगाएं या नहीं, ट्रम्प तय करेंगे

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प भारत पर 100% टैरिफ लगाने को लेकर करीब 10 दिन में फैसला ले सकते हैं। यह बात अमेरिकी दूत सर्जियो गोर ने ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में कही। गोर ने कहा कि भारत को प्रतिबंधों से छूट मिलेगी या नहीं, यह भी ट्रम्प ही तय करेंगे। अमेरिकी संसद ने 18 सितंबर को रूस से तेल-गैस खरीदने वाले देशों पर 100% टैरिफ लगाने का बिल पास किया था। ट्रम्प ने भी इस कानून को मंजूरी दे दी है, लेकिन किसी देश पर प्रतिबंध नहीं लगाया है। हालांकि कानून पारित होने के 30 दिनों के भीतर फैसला लेना जरूरी है। गोर ने कहा कि इस कानून का मकसद किसी देश को सजा देना नहीं, बल्कि रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म कराने के लिए रूस पर आर्थिक दबाव बढ़ाना है। अमेरिका दूसरे देशों के साथ मिलकर रूस को युद्ध के लिए मिलने वाले पैसे को धीरे-धीरे कम करना चाहता है। कानून में प्रतिबंध लगाने के तीन आधार सर्जियो गोर ने कहा कि संसद ने प्रतिबंधों के तीन विकल्प दिए हैं। इनमें तेल, गैस और प्रतिबंधों से बचने में मदद करना शामिल है। उन्होंने कहा, “इन प्रतिबंधों का निशाना किसी एक देश पर नहीं है। कांग्रेस ने तीन अलग-अलग श्रेणियां तय की हैं। पहली तेल, दूसरी गैस और तीसरी प्रतिबंधों से बचने में मदद करना है।” गोर ने कहा कि इन श्रेणियों में शामिल लोगों की पहचान आंकड़ों के आधार पर की जाती है। उन्होंने कहा कि भारत भी कई अन्य देशों के साथ इनमें से एक श्रेणी में आता है। ट्रम्प अब खुद रूस से डीजल खरीद रहे ट्रम्प अब खुद रूस से डीजल खरीदने जा रहे हैं। उन्होंने रूस से डीजल खरीदने पर लगी रोक 7 अप्रैल 2027 तक हटा दी है। अमेरिका में ईरान जंग के बाद डीजल की कीमतें बढ़कर 6.28 डॉलर प्रति गैलन हो गई हैं। माना जा रहा है कि कीमतें कम करने के लिए ट्रम्प ने यह फैसला लिया है। अमेरिका में जंग से पहले डीजल करीब 3.70 डॉलर प्रति गैलन बिक रहा था। अब इसकी कीमत 6.28 डॉलर हो गई है। 3 नवंबर को होने वाले मिडटर्म चुनाव से पहले ईंधन की बढ़ती कीमतें ट्रम्प प्रशासन के लिए चुनौती बनी हुई हैं। ट्रम्प के मुताबिक, रूस तुरंत 3 लाख टन से ज्यादा डीजल भेजेगा। इसके बाद नवंबर में 5 लाख टन और फिर 10 लाख टन डीजल की आपूर्ति की जाएगी। आगे चलकर यह मात्रा 30 लाख टन तक पहुंच सकती है। भारत से ट्रेड डील पर भी बातचीत जारी गोर ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर कहा कि बातचीत में काफी प्रगति हुई है और बड़े मुद्दों पर सहमति बन चुकी है। अब कुछ छोटे मुद्दों पर चर्चा बाकी है। दोनों देशों के बीच करीब डेढ़ साल से बातचीत चल रही है। उन्होंने कहा कि अमेरिका भारत के साथ डिफेंस, आईटी, डेटा सेंटर और चिप मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाना चाहता है। गोर ने भारत को AI डेवलपमेंट का बड़ा केंद्र बनने के लिए उपयुक्त बताया। उनके मुताबिक, भारतीय और अमेरिकी टेक कंपनियों की साझेदारी से दोनों देशों को फायदा होगा।