Tempsens IPO Listing: 111% का लिस्टिंग गेन, पैसा डबल, ₹300 का शेयर ₹634 पर लिस्ट

Tempsens IPO Listing: आईपीओ को 184 गुना से अधिक बोली मिलने के बाद अब टेंपसेंस इंस्ट्रूमेंट्स के शेयरों की आज घरेलू मार्केट में धांसू एंट्री हुई और आईपीओ निवेशकों का पैसा डबल से ज्यादा हो गया। इसके आईपीओ के तहत निवेशकों को ₹300 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE पर इसकी ₹634.00 और NSE पर ₹631.20 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को करीब 111% का लिस्टिंग गेन (Tempsens Listing Gain) मिला। हालांकि आईपीओ निवेशकों की खुशी थोड़ी ही देर में हल्की फीकी हो गई जब शेयर टूट गए। मुनाफावसूली के चलते टूटकर BSE पर यह ₹600.10 (Tempsens Share Price)  पर आ गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 100.03% मुनाफे में हैं।

Tempsens IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

टेंपसेंस का ₹650 करोड़ का आईपीओ 20-24 अगस्त तक खुला था। इसे हर कैटेगरी के निवेशकों का जबरदस्त रिस्पांस मिला और ओवरऑल यह 184.22 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 302.88 गुना, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 314.44 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 61.00 गुना और एंप्लॉयीज का हिस्सा 124.95 गुना भरा था।

इस आईपीओ के तहत ₹95 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा ₹4 की फेस वैल्यू वाले 1.85 करोड़ शेयरों की ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिक्री हुई है। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹18.13 करोड़ कर्ज हल्का करने कैपिटल एक्सपेंडिचर, ₹55.00 करोड़ कर्ज हल्का करने, ₹14.18 करोड़ आम कॉरपोरेट उद्देश्यों और ₹50.65 करोड़ आईपीओ से जुड़े एक्सपेंसेज पर खर्च होंगे।

Tempsens Instruments के बारे में

टेंपसेंस इंस्ट्रूमेंट्स फैक्ट्रियों और बड़ी इंडस्ट्रीज के लिए तापमान से जुड़े प्रोडक्ट्स बनाती है। यह तापमान नापने वाले सेंसर, मशीनों/प्रोसेस को गर्म करने वाले हीटर और खास तरह के इंडस्ट्रियल केबल बनाती है। मार्च 2026 में टेंपरेचर सेंसर सेगमेंट में इसकी करीब 10.5% हिस्सेदारी है। रेवेन्यू के हिसाब से यह देश में कॉन्टैक्ट और नॉन-कॉन्टैक्ट टेंपरेचर सेंसर बनाने वाली सबसे बड़ी कंपनी है तो इलेक्ट्रिकल हीटर्स के मामले में सबसे बड़ी कंपनियों में शुमार है। यह MRO (मेटेंनेंस, रिपेयर एंड ऑपरेशंस) का भी काम देखती है। इसका कारोबार भारत के अलावा 80 से अधिक देशों में फैला हुआ है।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना करीब 32% की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹71.07 करोड़ और टोटल इनकम करीब 28% के सीएजीआर से ₹455.86 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹77.95 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹465.16 करोड़ पड़े थे।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Rahul Gandhi : राहुल गांधी का मोदी सरकार पर निशाना, सुभाष चंद्रा के NCLT मामले पर उठाए सवाल, बोले- देश में 2 सिस्टम

Rahul Gandhi : राहुल गांधी का मोदी सरकार पर निशाना, सुभाष चंद्रा के NCLT मामले पर उठाए सवाल, बोले- देश में 2 सिस्टम

कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया है कि देश में आम लोगों और चुनिंदा अरबपतियों के लिए अलग-अलग व्यवस्थाएं हैं। राहुल गांधी ने किसानों, नौकरीपेशा लोगों और गरीब छात्रों की आर्थिक परेशानियों का जिक्र करते हुए सरकार पर चुनिंदा उद्योगपतियों के प्रति अलग रवैया अपनाने का आरोप लगाया।

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राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि यदि कोई किसान 50 हजार रुपये नहीं चुका पाता है तो उसकी जमीन नीलाम कर दी जाती है। वहीं, कोई वेतनभोगी व्यक्ति एक भी ईएमआई चूक जाए तो बैंक उसके घर पहुंच जाता है। उन्होंने कहा कि गरीब छात्रों के लिए शिक्षा ऋण हासिल करना भी मुश्किल है।

 

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि इसके विपरीत चुनिंदा ‘दोस्तों’ के लिए बैंक का पैसा निजी संपत्ति की तरह है और वे जितना चाहें पैसा निकाल सकते हैं तथा अपनी सुविधा के अनुसार उसे वापस कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने देश में दो व्यवस्थाएं बना दी हैं—एक मुट्ठीभर अरबपतियों के लिए और दूसरी बाकी सभी लोगों के लिए।

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सुभाष चंद्रा के मामले में NCLT का बड़ा फैसला

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राहुल गांधी के बयान के बीच मीडिया कारोबारी और जी समूह के संस्थापक सुभाष चंद्रा से जुड़ा व्यक्तिगत दिवाला मामला भी चर्चा में है। राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (NCLT) ने सुभाष चंद्रा की व्यक्तिगत दिवाला समाधान प्रक्रिया में करीब ₹22,006.57 करोड़ के स्वीकृत कर्ज दावों के मुकाबले ₹6.5 करोड़ के भुगतान वाली पुनर्भुगतान योजना को मंजूरी दी है। इसका मतलब है कि स्वीकृत दावों की तुलना में कर्जदाताओं को करीब 0.03 प्रतिशत की वसूली होगी।

 

हालांकि, इस मामले में यह स्पष्ट करना जरूरी है कि ये दावे सुभाष चंद्रा द्वारा व्यक्तिगत रूप से लिए गए कर्ज नहीं थे। चंद्रा के अनुसार, उन्होंने विभिन्न कंपनियों के कर्ज के लिए पर्सनल गारंटर के तौर पर गारंटी दी थी। उनके मुताबिक, जिन संस्थाओं के कर्ज की उन्होंने व्यक्तिगत गारंटी दी थी, वे करीब ₹45,000 करोड़ की बकाया राशि में से लगभग ₹43,000 करोड़ का भुगतान कर चुकी हैं।

 

80.81 प्रतिशत वोट से पास हुआ था प्लान

NCLT के सामने पेश की गई पुनर्भुगतान योजना को नवंबर 2024 में हुई लेनदारों की बैठक में 80.814 प्रतिशत वोटिंग शेयर का समर्थन मिला था। यह IBC के तहत जरूरी तीन-चौथाई सीमा से अधिक था। कुछ प्रमुख कर्जदाताओं ने योजना का विरोध किया था, जिनमें LIC Housing Finance, HDFC Bank, Axis Bank, Canara Bank, RBL Bank और Union Bank शामिल थे।

 

मामले में मूल दो सदस्यीय NCLT पीठ के बीच मतभेद के बाद तीसरे सदस्य के रूप में Nilesh Sharma को शामिल किया गया। उन्होंने योजना को मंजूरी देने के पक्ष में फैसला दिया। NCLT ने कहा कि विरोध करने वाले कर्जदाताओं के पास 20 प्रतिशत से कम वोटिंग शेयर था और व्यक्तिगत संपत्ति के मूल्यांकन को देखते हुए योजना को खारिज करने पर बेहतर वसूली की संभावना नहीं दिखती थी।

22 हजार करोड़ के दावे पर सिर्फ 6.5 करोड़ का भुगतान

NCLT के फैसले के अनुसार, स्वीकृत योजना में ₹22,006.57 करोड़ के दावों के मुकाबले ₹6.5 करोड़ का भुगतान होगा। इस आधार पर कर्जदाताओं को करीब 99.97 प्रतिशत का ‘हेयरकट’ स्वीकार करना पड़ेगा। आसान भाषा में कहें तो प्रत्येक ₹100 के दावे पर करीब तीन पैसे की वसूली होगी।

 

ट्रिब्यूनल ने यह भी कहा कि योजना मंजूर होने के बाद वह IBC की धारा 115 के तहत सभी संबंधित कर्जदाताओं पर बाध्यकारी होगी, चाहे उन्होंने योजना के पक्ष में मतदान किया हो या विरोध में।

 

राहुल गांधी के बयान से फिर गरम हुई बहस

सुभाष चंद्रा मामले में NCLT के फैसले और राहुल गांधी के बयान के बाद बैंक कर्ज, कॉरपोरेट देनदारी, व्यक्तिगत गारंटी और दिवाला समाधान प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो सकती है। हालांकि, सुभाष चंद्रा का मामला एक व्यक्तिगत गारंटर की दिवाला समाधान प्रक्रिया से जुड़ा है और इसे सीधे तौर पर उनके द्वारा स्वयं लिए गए ₹22,006 करोड़ के कर्ज के रूप में प्रस्तुत करना सही नहीं होगा।

लिस्टिंग पर पैसा डबल! 90x से ज्यादा सब्सक्राइब हुआ ये IPO, आज है दांव लगाने का आखिरी मौका

Hy-Tech Engineers IPO Subscription: हाइड्रोलिक फिटिंग बनाने वाली कंपनी हाई-टेक इंजीनियर्स के आईपीओ को निवेशकों ने पैसों की बारिश कर दी है। अगर आप भी इस आईपीओ में दांव लगाने की सोच रहे हैं, तो आज, 27 अगस्त पैसे लगाने का आखिरी मौका है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के आंकड़ों के मुताबिक, बोली के चौथे और अंतिम दिन दोपहर तक यह आईपीओ 90 गुना सब्सक्राइब हो चुका है।

NII और रिटेल निवेशकों का भारी उत्साह

कंपनी के ₹136 करोड़ के आईपीओ में ऑफर पर मौजूद 1.81 करोड़ शेयरों के मुकाबले कुल 158.32 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां मिल चुकी हैं:

नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII): इस कैटेगरी में सबसे ज्यादा मांग देखी गई और यह हिस्सा 177.30 गुना भरा है।

रिटेल निवेशक: रिटेल कैटेगरी में आईपीओ 95.27 गुना सब्सक्राइब हुआ है।

IPO से जुड़ी मुख्य बातें 

इश्यू साइज: ₹136 करोड़ (₹60 करोड़ का फ्रेश इश्यू + प्रमोटर्स द्वारा ₹75.73 करोड़ का ऑफर फॉर सेल)

अंतिम तिथि: 27 अगस्त, शाम 5 बजे तक

अलॉटमेंट: 28 अगस्त

लिस्टिंग डेट: 1 सितंबर को BSE और NSE पर लिस्ट होंगे।

एंकर इन्वेस्टर्स से जुटाए ₹40.72 करोड़

पब्लिक इश्यू खुलने से पहले कंपनी ने 8 एंकर इन्वेस्टर्स से ₹40.72 करोड़ जुटाए थे। कंपनी ने ₹53 प्रति शेयर के भाव पर 76.83 लाख शेयर अलॉट किए हैं। दिग्गज निवेशक प्रशांत खेमका के व्हाइटओक कैपिटल ने कुल एंकर अलॉटमेंट का 43% हिस्सा अकेले हासिल किया है।

फाइनेंशियल परफॉर्मेंस और फंड्स का इस्तेमाल

वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) में शानदार प्रदर्शन किया है। कंपनी का मुनाफा साल-दर-साल 15.15% बढ़कर ₹22.6 करोड़ रहा। ऑपरेशंस से मिलने वाला रेवेन्यू 17.4% बढ़कर ₹189.4 करोड़ पर पहुंच गया।

फ्रेश इश्यू से मिलने वाले फंड में से ₹29.96 करोड़ का इस्तेमाल कवठे, शिरवल और पीथमपुर यूनिट्स में मशीनरी खरीदने और विस्तार के लिए किया जाएगा। वहीं ₹16 करोड़ का इस्तेमाल कर्ज चुकाने के लिए होगा, जबकि बाकी रकम सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों में खर्च होगी।

GMP में आया बंपर उछाल

ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) पर नजर रखने वाली वेबसाइट ‘InvestorGain’ के मुताबिक, 27 अगस्त की सुबह हाय-टेक इंजीनियर्स का शेयर ₹44 के जीएमपी पर ट्रेड कर रहा है। ₹53 के अपर प्राइस बैंड के हिसाब से यह शेयर ग्रे मार्केट में 83% के प्रीमियम पर कारोबार कर रहा है। यानी लिस्टिंग पर निवेशकों का पैसा डबल हो सकता है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Deepa Jewellers IPO: त्योहारी सीजन से पहले ज्वैलरी सेक्टर के इस मेगा आईपीओ में पैसे लगाने का बढ़िया मौका! प्राइस बैंड ₹168-177 तय

Deepa Jewellers IPO: त्योहारी सीजन शुरू होने से पहले एक और ज्वैलरी सेक्टर की कंपनी अपना आईपीओ ला रही है। हैदराबाद बेस्ड 22-कैरेट हॉलमार्क गोल्ड ज्वैलरी प्रोसेस करने और सप्लाई करने वाली कंपनी दीपा ज्वेलर्स ने अपने आईपीओ के लिए प्राइस बैंड का ऐलान कर दिया है। कंपनी इस पब्लिक इश्यू के जरिए ₹460 करोड़ जुटाने की प्लानिंग में हैं।

फ्रेश इश्यू और OFS का गणित

दीपा ज्वेलर्स मार्केट से कुल ₹459.7 करोड़ जुटाने की तैयारी में है। प्राइस बैंड के ऊपरी स्तर पर कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन करीब ₹1,701.4 करोड़ आंका गया है। कंपनी ₹250 करोड़ मूल्य के नए शेयर जारी करेगी। साथ ही कंपनी के प्रमोटर्स ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए ₹209.7 करोड़ के 1.18 करोड़ इक्विटी शेयर बेचेंगे।

IPO की पूरी डिटेल्स

  • प्राइस बैंड: ₹168 से ₹177 प्रति शेयर
  • एंकर बुक ओपनिंग: 31 अगस्त
  • आईपीओ ओपनिंग-क्लोजिंग डेट: 1- 3 सितंबर 2026
  • अलॉटमेंट: 4 सितंबर
  • लिस्टिंग: 8 सितंबर
  • न्यूनतम निवेश: अपर प्राइस बैंड पर न्यूनतम ₹14,868 के निवेश की जरूरत होगी।

कंपनी का बिजनेस मॉडल और फंड्स का उपयोग

दीपा ज्वेलर्स एक संगठित बिजनेस-टू-बिजनेस(B2B) कंपनी है। यह 41 कारीगरों के नेटवर्क के जरिए आउटसोर्स मैन्युफैक्चरिंग मॉडल पर ज्वैलरी डिजाइन और प्रोसेस करवाती है। कंपनी तेलंगाना, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और केरल में रिटेल चेन्स और स्टोर्स को अपनी सप्लाई देती है।

फ्रेश इश्यू से मिलने वाले ₹250 करोड़ में से ₹215 करोड़ का इस्तेमाल वर्किंग कैपिटल की जरूरतों और इन्वेंट्री बढ़ाने के लिए किया जाएगा, जबकि बाकी बची रकम सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों में खर्च होगी।

दमदार फाइनेंशियल परफॉर्मेंस: 158% उछला मुनाफा

वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का प्रदर्शन वित्तीय मोर्चे पर काफी शानदार रहा है। 31 मार्च 2026 को समाप्त वित्त वर्ष में कंपनी का नेट प्रॉफिट 158.2% बढ़कर ₹104.8 करोड़ पर पहुंच गया, जो बीते वर्ष (FY25) में ₹40.6 करोड़ था। इस दौरान कंपनी की कुल आय 37.9% की बढ़त के साथ ₹1,926.7 करोड़ रही, जो पिछले साल ₹1,397 करोड़ थी।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Upcoming IPO: पैसे कर लें तैयार, 31 अगस्त से खुलेगा मधुसूदन केला के निवेश वाली कंपनी पर्पल स्टाइल का IPO, जानिए सभी डिटेल्स

Purple Style Labs IPO: लक्जरी फैशन प्लेटफॉर्म पर्निया पॉप-अप शॉप की पैरेंट कंपनी पर्पल स्टाइल लैब्स अपना आईपीओ लेकर आ रही है। कंपनी ने ₹680 करोड़ के इस आईपीओ के लिए ₹546 से ₹575 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है।

आकाश भंसाली, मधुसूदन केला और मुकुल महावीर अग्रवाल जैसे दिग्गज निवेशकों के समर्थन वाली इस कंपनी का आईपीओ 31 अगस्त को खुलकर 2 सितंबर 2026 को बंद होगा।

आईपीओ से जुड़ी जरूरी बातें

  • आईपीओ खुलने और बंद होने की तारीख: 31 अगस्त- 2 सितंबर 2026
  • एंकर बुक इश्यू: 28 अगस्त 2026
  • इश्यू साइज: ₹680 करोड़ (पूरा फ्रेश इश्यू)
  • प्राइस बैंड: ₹546 से ₹575 प्रति शेयर
  • न्यूनतम निवेश (1 लॉट): ₹14,950 (26 शेयर)

आईपीओ के फंड का कहां होगा इस्तेमाल?

कंपनी इस आईपीओ से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल मुख्य रूप से अपने विस्तार और मार्केटिंग में करेगी:

₹371.1 करोड़: सब्सिडियरी कंपनी PSL रिटेल में निवेश किया जाएगा, ताकि भारत में एक्सपीरियंस सेंटर्स और बैक-एंड ऑफिसों के लीज पेमेंट पूरे किए जा सकें।

₹138.9 करोड़: सेल्स और मार्केटिंग गतिविधियों पर खर्च किए जाएंगे।

बाकी रकम: सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों में इस्तेमाल होगी।

कंपनी का कारोबार और दिग्गज निवेशकों की हिस्सेदारी

पर्पल स्टाइल लैब्स भारत में लक्जरी फैशन, खासतौर पर वेडिंग और ओकेजन वियर का बड़ा क्यूरेटेड प्लेटफॉर्म चलाती है। कंपनी के पास देश भर में 12 एक्सपीरियंस सेंटर्स और 2 बैक-एंड ऑफिस हैं। प्रमुख निवेशकों की हिस्सेदारी:

  • आकाश भंसाली (Volrado Venture Partners Fund II): 2.41% हिस्सेदारी
  • मधुसूदन केला (Singularity AMC): 1.60% हिस्सेदारी
  • मुकुल महावीर अग्रवाल: 1.18% हिस्सेदारी

कैसी है कंपनी की माली हालत?

कंपनी की वित्तीय सेहत पर नजर डालें तो पिछले कुछ सालों में राजस्व में उतार-चढ़ाव और घाटे में बढ़ोतरी देखी गई है। फाइनेंशियल ईयर 2026 में कंपनी का कुल घाटा बढ़कर ₹285.3 करोड़ हो गया है। वित्त वर्ष 2025 में घाटा ₹188.3 करोड़ था। साथ ही कंपनी का राजस्व 13.9% बढ़कर ₹557.8 करोड़ रहा, जो वित्त वर्ष 2025 में 2.9% घटकर ₹489.9 करोड़ रह गया था।

पर्पल स्टाइल लैब्स का ब्रांड नेम और इसमें दिग्गजों का निवेश इसे आकर्षक बनाता है, लेकिन पिछले कुछ वित्तीय वर्षों में बढ़ता घाटा निवेशकों के लिए चिंता का विषय रह सकता है। इस आईपीओ के बुक रनिंग लीड मैनेजर्स एक्सिस कैपिटल और आईआईएफएल कैपिटल सर्विसेज हैं।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Mopshop IPO Listing: खुदरा निवेशकों ने खूब खरीदे थे ₹138 के शेयर, अब लिस्टिंग पर झटका

Mopshop IPO Listing: साफ-सफाई से जुड़े प्रोडक्ट्स मुहैया कराने वाली मॉपशॉप डिस्ट्रीब्यूशन के शेयरों की BSE SME पर डिस्काउंट पर एंट्री हुई। आईपीओ की बात करें तो खुदरा निवेशकों के दम पर इसे ओवरऑल डेढ़ गुना से अधिक बोली मिली थी। आईपीओ के तहत ₹138 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE SME पर इसकी ₹137.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को कोई लिस्टिंग गेन नहीं मिला बल्कि 0.72% पूंजी ही घट गई। आईपीओ निवेशकों को और झटका तब लगा, जब शेयर में फिलहाल कोई मूवमेंट नहीं आया। फिलहाल यह ₹137.00 (Mopshop Share Price)  पर आ गया यानी कि आईपीओ निवेशक 0/72% घाटे में हैं।

Mopshop IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

मॉपशॉप का ₹27 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 19-21 अगस्त तक खुला था। खुदरा निवेशकों के दम पर यह आईपीओ ओवरऑल 1.59 गुना सब्सक्राइब हुआ था। वहीं नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा आधा भी नहीं भर पाया और 0.27 गुना सब्सक्राइब हुआ जबकि खुदरा निवेशकों का हिस्सा 2.91 गुना भरा था।

इस आईपीओ के तहत ₹22 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा ₹10 की फेस वैल्यू वाले 3.75 लाख शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिके हैं। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹11.98 करोड़ कर्ज हल्का करने, ₹2.60 करोड़ कमर्शियल गाड़ियों की खरीदारी, ₹1.05 करोड़ रूफटॉप ग्रिड सोलर पावर प्लांट के सेटअप, ₹3.31 करोड़ आम कॉरपोरेट उद्देश्यों और 3.13 करोड़ आईपीओ से जुड़े एक्सपेंसेज पर खर्च होंगे।

Mopshop के बारे में

मॉपशॉप डिस्ट्रीब्यूशन फैसिलिटी मैनेजमेंट सप्लाईज (FMS) मुहैया करने के बिजनेस में है। इसके प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में माइक्रोफाइबर कपड़े, सर्फेस डिसइंफेक्ट्स, सेंसर वाले डिस्पेंसर्स, बॉयो-डिग्रेडेबल गार्बेज बैग, टिश्यू पेपर, पेडल बिन्स, रिंजर बकेट्स, वैक्यूम क्लीनर्स, एयर फ्रेशनर्स, टूल किट्स और इनसे जुड़ी एक्सेसरीज हैं।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2023-25 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना करीब 75% की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹2.48 करोड़ और टोटल इनकम 18% के सीएजीआर से ₹42.00 करोड़ पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्षष 2026 की बात करें तो 11 महीने में इसे ₹5.18 करोड़ का नेट प्रॉफिट और ₹44.66 करोड़ का टोटल इनकम हासिल हुआ था। फरवरी 2026 के आखिरी में कंपनी पर ₹12.21 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹6.32 करोड़ पड़े थे।

Gaja IPO Listing: 15% का लिस्टिंग गेन, आईपीओ को 33 गुना बोली के बाद शेयरों की मार्केट में धाकड़ एंट्री

Dhanwel Seeds लिस्ट होते ही लोअर सर्किट पर, ₹99 के शेयरों ने खुदरा निवेशकों को इस कारण दिया अधिक शॉक

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Rashifal Today: आज जल्दबाजी में ना लें कोई फैसला वरना हो सकता है नुकसान! जानें कैसा होगा आपका दिन

Aaj Ka Rashifal: अंक ज्योतिष के अनुसार, हर इंसान की जन्मतिथि का अपना खास महत्व होता है। 26 अगस्त 2026 का दिन आर्थिक मामलों के लिहाज से कई लोगों के लिए खास रह सकता है। अंक ज्योतिष के अनुसार कुछ मूलांक वाले लोगों को निवेश और बचत में फायदा मिल सकता है, जबकि कुछ लोगों के लिए जल्दबाजी से बचना बेहतर रहेगा। आइए जानते हैं मूलांक 1 से 9 तक के लोगों के लिए आज का दिन कैसा रहने वाला है।

मूलांक 1

अगर आपका जन्म 1, 10, 19 या 28 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने पर ध्यान देने का दिन है। अपने बजट और निवेश की दोबारा जांच करें। बिना सोचे-समझे खर्च करने से बचें और भविष्य के लिए पैसे बचाने की कोशिश करें। लंबे समय की योजना बनाना आपके लिए फायदेमंद रहेगा।

मूलांक 2

अगर आपका जन्म 2, 11, 20 या 29 तारीख को हुआ है, तो आज पैसों के मामले में दिन अच्छा रह सकता है। नए अवसरों की तलाश कर सकते हैं, खासकर तकनीक या नए काम से जुड़े क्षेत्रों में। हालांकि, किसी भी निवेश में जल्दबाजी न करें। फैसला लेने से पहले भविष्य के लक्ष्यों को ध्यान में रखें।

मूलांक 3

अगर आपका जन्म 3, 12, 21 या 30 तारीख को हुआ है, तो आज बड़े आर्थिक फैसले लेने के बजाय अपनी योजनाओं पर विचार करना बेहतर रहेगा। पुराने वित्तीय लक्ष्यों की समीक्षा करें और देखें कि वे आपकी भविष्य की जरूरतों से मेल खाते हैं या नहीं। किसी भी आकर्षक ऑफर के पीछे तुरंत भागने से बचें।

मूलांक 4

अगर आपका जन्म 4, 13, 22 या 31 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक मामलों में आज का दिन सकारात्मक रह सकता है। बजट और निवेश की समीक्षा करके भविष्य की तैयारी करें। बेवजह खर्च करने से बचना आपकी आर्थिक स्थिति को मजबूत कर सकता है। सही योजना से आगे चलकर अच्छा लाभ मिल सकता है।

मूलांक 5

अगर आपका जन्म 5, 15 या 23 तारीख को हुआ है, तो आज पैसों से जुड़े नए अवसर सामने आ सकते हैं। तकनीक और नए आइडिया से जुड़े क्षेत्रों में फायदा मिलने की संभावना है। निवेश करते समय आत्मविश्वास रखें, लेकिन पूरी जानकारी के बाद ही फैसला लें। लंबे समय के निवेश पर ध्यान देना बेहतर रहेगा।

मूलांक 6

अगर आपका जन्म 6, 15 या 25 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक मामलों में सोच-विचार करने का दिन है। बड़े निवेश या खर्च से फिलहाल बचें। अपने बजट और भविष्य के वित्तीय लक्ष्यों को दोबारा देखें। किसी भी फैसले से पहले पूरी तैयारी करना आपके लिए फायदेमंद रहेगा।

मूलांक 7

अगर आपका जन्म 7, 16 या 25 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक मामलों में आज सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। कोई नया निवेश अवसर सामने आ सकता है। आपकी मेहनत का असर आर्थिक स्थिति पर दिखाई दे सकता है। हालांकि, किसी भी बड़े फैसले में जल्दबाजी न करें और पैसों का सही प्रबंधन बनाए रखें।

मूलांक 8

अगर आपका जन्म 8, 17 या 26 तारीख को हुआ है, तो आज आपको खर्चों पर खास नजर रखने की जरूरत है। आमदनी सामान्य रह सकती है, लेकिन अतिरिक्त कमाई के नए रास्ते तलाशना फायदेमंद होगा। पुराने बकाये या कर्ज की रकम वापस मिलने की संभावना है। निवेश से पहले पूरी जानकारी जरूर लें।

मूलांक 9

अगर आपका जन्म 9, 18 या 27 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक मामलों में आज का दिन अच्छा रह सकता है। पुराने निवेश से अचानक फायदा मिलने की संभावना है। इससे आपका आत्मविश्वास बढ़ सकता है। फिर भी पैसों से जुड़े फैसले सोच-समझकर लें। परिवार के किसी सदस्य से आर्थिक सहयोग भी मिल सकता है।

डिस्क्लेमर: इस लेख की सामग्री पूरी तरह से ज्योतिषीय भविष्यवाणियों पर आधारित है। हम इसकी सत्यता और सटीकता का पूरी तरह दावा नहीं करते। यहां दी गई किसी भी जानकारी के आधार पर कोई वित्तीय, स्वास्थ्य या व्यावसायिक निर्णय लेने से पहले योग्य विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।

Varanium Cloud और प्रमोटर साबले पर SEBI का बड़ा एक्शन, ₹33 करोड़ का जुर्माना; 7 साल के लिए बाजार से बाहर

SEBI ने मंगलवार को SME कंपनी Varanium Cloud, उसके प्रमोटर हर्षवर्धन हनमंत साबले (Harshawardhan Hanmant Sabale) और सात अन्य लोगों पर कुल ₹33.08 करोड़ का जुर्माना लगाया है। मामला कंपनी के वित्तीय आंकड़ों को गलत तरीके से पेश करने और IPO से जुटाए गए पैसे के डायवर्जन से जुड़ा है।

SEBI ने Varanium Cloud और साबले को 7 साल के लिए सिक्योरिटीज मार्केट से प्रतिबंधित कर दिया है। साबले को किसी भी लिस्टेड कंपनी या SEBI-रजिस्टर्ड इंटरमीडियरी में डायरेक्टर के तौर पर जुड़े रहने से भी 7 साल के लिए रोक दिया गया है।

₹62.51 करोड़ वापस लाने का आदेश

SEBI ने Varanium Cloud को ₹62.51 करोड़ वापस लाने का आदेश दिया है। रेगुलेटर के मुताबिक, यह रकम कंपनी से डायवर्ट की गई थी। इसके साथ संबंधित तारीखों से 12% सालाना ब्याज भी देना होगा।

वहीं साबले को ₹128.77 करोड़ के अवैध लाभ को वापस करने का निर्देश दिया गया है। इस रकम पर भी शेयरों की बिक्री की तारीख से जमा होने तक 12% सालाना ब्याज देना होगा।

IPO और राइट्स इश्यू का पैसा डायवर्ट

SEBI के 155 पेज के आदेश में कहा गया है कि Varanium Cloud, साबले, विनायक वसंत जाधव, मुकुंदन राघवन और फहीम शेख ने कंपनी के प्रॉस्पेक्टस में गलत जानकारी देने में भूमिका निभाई।

रेगुलेटर ने यह भी पाया कि कंपनी ने लेटर ऑफ ऑफर में चल रहे मुकदमों की जानकारी नहीं दी। इसके अलावा पब्लिक इश्यू से जुटाए गए पैसों में से ₹18.98 करोड़ और राइट्स इश्यू से जुटाए गए ₹43.53 करोड़ को दूसरी जगह डायवर्ट किया गया। यानी दोनों इश्यू से कुल ₹62.51 करोड़ की रकम डायवर्ट की गई।

साबले ने शेयरों से कमाया ₹128.77 करोड़

SEBI के मुताबिक साबले का कंपनी के IPO और राइट्स इश्यू से मिले पैसों की आवाजाही पर पूरा कंट्रोल था। उन्होंने फंड ट्रांसफर को मंजूरी दी थी। रेगुलेटर के अनुसार, डायवर्ट की गई ₹62.51 करोड़ की रकम में से ₹32.73 करोड़ साबले से जुड़े ट्रांसफर में गए।

SEBI ने यह भी पाया कि साबले ने Varanium Cloud के शेयरों में ट्रेडिंग की। इससे करीब ₹128.77 करोड़ का अवैध लाभ कमाया।

दो अन्य लोगों पर भी कार्रवाई

SEBI के मुताबिक Athos Capital Advisors और BM Traders के प्रोपराइटर राज जगतानी को भी Varanium Cloud और साबले से रकम मिली। रेगुलेटर ने कहा कि इन दोनों ने भी इस मामले में महत्वपूर्ण लाभ कमाया।

SEBI के होलटाइम मेंबर अमरजीत सिंह ने अपने आदेश में कहा कि साबले ने IPO और राइट्स इश्यू से मिले पैसों की आवाजाही पर पूरा नियंत्रण रखा और फंड ट्रांसफर को मंजूरी दी।

*पीटीआई से इनपुट के साथ

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

बांके बिहारी मंदिर के चढ़ावे पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, कहा- दान का हर पैसा दान पेटी या ऑनलाइन खाते में ही जमा हो

बांके बिहारी मंदिर के चढ़ावे पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, कहा- दान का हर पैसा दान पेटी या ऑनलाइन खाते में ही जमा हो

shri banke bihari temple

वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर में दान की रकम की कथित हेराफेरी पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने निर्देश दिया कि दान का हर पैसा दान पेटी या ऑनलाइन खाते में ही जमा हो और मंदिर की आय-व्यय व्यवस्था में पूरी पारदर्शिता रखी जाए। ALSO READ: तरुण तेजपाल को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका, उत्पीड़न मामले में आत्मसमर्पण से छूट की याचिका खारिज

 

क्या है पूरा मामला? 

सुप्रीम कोर्ट ठाकुर श्री बांके बिहारी जी महाराज मंदिर की मैनेजमेंट कमेटी की याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी। मंदिर में कथित चंदा चोरी को लेकर सीनियर एडवोकेट मनिंदर सिंह ने हाई पावर कमेटी की एक स्टेटस रिपोर्ट पेश की। उन्होंने तस्वीरें पेश करते हुए कहा कि मामले बहुत गंभीर हैं और इसमें तुरंत कार्रवाई की जरूरत है। उन्होंने कहा कि एक वीडियो है। तीन लोग 'गोलक' (पारंपरिक दान पेटी) के सामने खड़े होकर भक्तों से पैसे इकट्ठा कर रहे हैं और उन्हें अपनी पॉलीथीन की थैलियों में डाल रहे हैं। ALSO READ: मध्यप्रदेश में रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार के भंवर में खाकी, कटनी के बाद इंदौर में पुलिस कर्मियों पर केस दर्ज

 

सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम निर्देश देते हैं कि दान का हर पैसा दान पेटी या ऑनलाइन खाते में ही आना चाहिए। 'सेवायत' या किसी और की तरफ से इसमें कोई भी रुकावट डालने को बहुत गंभीरता से लिया जाएगा। मैनेजमेंट कमेटी को मंदिर के खजाने के लिए एक पारदर्शी सिस्टम लागू करना चाहिए।

 

शीर्ष अदालत ने कहा कि सेवायतों या किसी अन्य व्यक्ति की ओर से दान की इस व्यवस्था में किसी भी तरह की बाधा को 'बहुत गंभीरता से' लिया जाएगा। अदालत ने मंदिर की प्रबंधन समिति को दान की पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए एक ऐसी व्यवस्था लागू करने का निर्देश दिया, जिससे किसी भी तरह की अनियमितता या गड़बड़ी को रोका जा सके।

 

सुप्रीम कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि मंदिर के पैसे से संपत्ति खरीदने के प्रस्तावों को लेन-देन पूरा होने से पहले अदालत के सामने रखा जाए।

योगी सरकार का बड़ा एक्शन प्लान, IIT कानपुर, BHU और रुड़की को सौंपी कमान! यूपी में ₹100 करोड़ से बड़े प्रोजेक्ट्स का यूं होगा ऑडिट

UP News: उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की क्वालिटी सुधारने के लिए बड़ा फैसला लिया है। अब 100 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली सड़क, पुल, सीवरेज और जलापूर्ति परियोजनाओं की क्वालिटीकी जांच देश के प्रतिष्ठित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (IIT) संस्थानों के एक्सपर्ट्स करेंगे। सरकार ने इसके लिए थर्ड पार्टी क्वालिटी ऑडिट (TPQA) की व्यवस्था लागू करने का फैसला किया है। इस नई व्यवस्था में IIT कानपुर, IIT-BHU वाराणसी और IIT रुड़की जैसे प्रमुख संस्थान बड़ी परियोजनाओं की टेक्निकल क्वालिटी की निगरानी करेंगे।

इसका मकसद यह है कि निर्माण में किसी भी तरह की तकनीकी कमी, घटिया सामग्री या सुरक्षा से जुड़ी समस्या का पता परियोजना पूरी होने के बाद नहीं। बल्कि निर्माण के दौरान ही चल जाए। थर्ड-पार्टी क्वालिटी ऑडिट (TPQA) में सड़कें, पुल, सीवरेज सिस्टम और पानी की सप्लाई वाले प्रोजेक्ट्स शामिल होंगे।

प्रोजेक्ट की शुरुआत से लेकर आखिर तक होगी जांच 

एक्सपर्ट्स हर प्रोजेक्ट की शुरुआत से लेकर आखिर तक जांच करेंगे। इसमें उसका डिजाइन, बनाने का तरीका, इस्तेमाल होने वाली सामग्री और जरूरी मानकों का पालन हो रहा है या नहीं, जैसे सभी कारण शामिल होगा। IIT की टीमें निर्माण के अलग-अलग चरणों की भी निगरानी करेंगी ताकि काम पूरा होने के बाद के बजाय शुरुआती दौर में ही किसी भी समस्या का पता लगाया जा सके।

शुरुआत से अंत तक होगी जांच

IIT के विशेषज्ञ केवल तैयार सड़क या पुल की जांच नहीं करेंगे, बल्कि परियोजना के अलग-अलग चरणों की निगरानी करेंगे। इसका उद्देश्य निर्माण पूरा होने के बाद खामियां मिलने के बजाय उन्हें समय रहते पहचानकर ठीक करना है। इसमें मुख्य रूप से-

  • प्रोजेक्ट के डिजाइन की जांच
  • निर्माण में अपनाई जा रही तकनीक
  • इस्तेमाल होने वाली निर्माण सामग्री की गुणवत्ता
  • निर्धारित तकनीकी मानकों का पालन
  • निर्माण की सुरक्षा
  • काम की अलग-अलग स्टेज पर गुणवत्ता की जांच शामिल होगी।

IIT कानपुर को 8 डिवीजन की जिम्मेदारी

‘हिंदुस्तान टाइम्स’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सरकारी व्यवस्था के तहत IIT कानपुर को उत्तर प्रदेश के 8 डिवीजन में प्रोजेक्ट की क्वालिटी जांच की जिम्मेदारी दी गई है। इनमें कानपुर, लखनऊ, बांदा, प्रयागराज, अयोध्या, आगरा, झांसी और देवीपाटन शामिल हैं। इन क्षेत्रों में ₹100 करोड़ से अधिक लागत वाले संबंधित इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की तकनीकी जांच IIT कानपुर की टीम करेगी।

IIT-BHU के जिम्मे ये इलाके

IIT-BHU वाराणसी को भी कई महत्वपूर्ण डिवीजन की जिम्मेदारी दी गई है। इसके तहत बस्ती, गोरखपुर, आजमगढ़, वाराणसी और मिर्जापुर में बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की गुणवत्ता की निगरानी की जाएगी। वहीं IIT रुड़की को सहारनपुर, मुरादाबाद, बरेली, मेरठ और अलीगढ़ समेत पांच डिवीजन की जिम्मेदारी दी गई है।

₹100 करोड़ से ज्यादा के प्रोजेक्ट पर खास नजर

नई व्यवस्था के तहत ₹100 करोड़ से अधिक लागत वाले प्रमुख प्रोजेक्ट जांच के दायरे में आएंगे। टेक्निकल एक्सपर्ट निर्माण की क्वालिटी के साथ-साथ इस्तेमाल की जा रही सामग्री और परियोजना की सुरक्षा का भी परीक्षण करेंगे। सरकार का मानना है कि बाहरी और एक्सपर्ट्स संस्थानों से ऑडिट कराने से निर्माण एजेंसियों पर गुणवत्ता बनाए रखने का दबाव बढ़ेगा। साथ ही सरकारी पैसे से तैयार होने वाली बड़ी परियोजनाओं की विश्वसनीयता बेहतर होगी।

‘उन्नाव एक्सप्रेसवे’ हादसे के बाद बड़ा फैसला

उत्तर प्रदेश सरकार का यह कदम ऐसे समय आया है जब उन्नाव में ग्रीनफील्ड नेशनल एलिवेटेड एक्सप्रेसवे के एक हिस्से के उद्घाटन के कुछ ही दिनों बाद ढहने की खबर सामने आई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, करीब ₹4,200 करोड़ की लागत से तैयार इस एक्सप्रेसवे का उद्घाटन 13 जुलाई को हुआ था।

इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी मौजूद थे। इसके करीब 12 दिन बाद एक्सप्रेसवे के एक हिस्से के ढहने की खबर ने निर्माण की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।

अब निर्माण के दौरान ही पकड़ में आएंगी खामियां

नई TPQA व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा यह हो सकता है कि किसी परियोजना के पूरा होने के बाद सामने आने वाली तकनीकी खामियों को निर्माण के दौरान ही पकड़ा जा सकेगा। सरकार की कोशिश है कि बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट केवल समय और बजट के भीतर पूरे न हों। बल्कि उनकी गुणवत्ता, मजबूती और सुरक्षा भी सुनिश्चित हो। यानी अब यूपी में ₹100 करोड़ से बड़े प्रोजेक्ट पर सिर्फ सरकारी विभागों की नजर नहीं होगी। बल्कि IIT के टेक्निकल एक्सपर्ट भी निर्माण की क्वालिटी का हिसाब रखेंगे।

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