Share Market Fall: डे-हाई से Sensex टूटा 600 प्वाइंट्स, Nifty आया 22600 के नीचे

Share Market Fall: घरेलू स्टॉक मार्केट में आज मिला-जुला रुझान दिखा। सेंसेक्स और निफ्टी रेड से ग्रीन और ग्रीन से रेड जोन में झूलने लगे। एक तरफ विदेशी निवेशकों की बिकवाली सुस्त होने और टैक्सेशन में राहत की उम्मीद इसे ऊपर ले जाने की कोशिश में है तो दूसरी तरफ मुनाफावसूली और तेल की महंगाई इसे नीचे खींच रही। हालांकि शुरुआती सुस्ती के बाद सेंसेक्स डे-हाई से 600 प्वाइंट्स से अधिक टूट गया तो निफ्टी भी फिसलकर 22600 के नीचे आ गया। हालांकि ब्रोडर लेवल पर रौनक है और निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में हल्की बढ़त है।

फिलहाल 01:07 PM पर सेंसेक्स (Sensex) 313.37 प्वाइंट्स यानी 0.43% की गिरावट के साथ 72,720.41 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 116.45 प्वाइंट्स यानी 0.51% की फिसलन के साथ 22,605.50 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 161.48 प्वाइंट्स चढ़कर 73,195.26 तक पहुंचा था लेकिन शुरुआती हल्की उठा-पटक के बाद यह एक तरफ फिसलता चला गया और डे-हाई से प्वाइंट्स टूटकर 616.51 प्वाइंट्स गिरकर 72,578.75 तक आ गया तो दूसरी तरफ निफ्टी भी पहले 36.00 प्वाइंट्स चढ़कर 22,757.95 तक पहुंचा जिससे यह 199.00 प्वाइंट्स फिसलकर 22,558.95 तक आ गया।

किन वजहों से मार्केट आ रहा नीचे

मुनाफावसूली

एक कारोबारी दिन पहले मार्केट में शानदार रौनक रही। सेंसेक्स और निफ्टी डेढ़-डेढ़ फीसदी से अधिक मजबूत हुए। ऐसे में ऊपरी स्तरों पर मुनाफावसूली से मार्केट पर दबाव बना और यह नीचे फिसलने लगा।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली

एक कारोबारी दिन पहले 13 अक्टूबर को विदेशी निवेशकों ने लगातार 13वें दिन खरीदारी से अधिक बिकवाली की। 13 अक्टूबर मंगलवार को FIIs ने करीब ₹1305 करोड़ के शेयरों की नेट बिक्री की।

तेल की कीमतों में उछाल

हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब के बीच लड़ाई ने सप्लाई की चिंताएं बढ़ाई हैं और कच्चे तेल में उबाल आया तो मार्केट में इसकी आंच महसूस हुई। ग्लोबल ऑयल बेंचमार्क ब्रेंट क्रू़ड उछलकर प्रति बैरल $107 के करीब पहुंच गया।

India VIX में उछाल

मार्केट की घबराहट को मापने वाले वोलैटिलिटी इंडेक्स India VIX में उछाल से मार्केट पर दबाव बढ़ा है। फिलहाल यह 2.33% की तेजी के साथ 14.45 पर है। इसके अधिक होने का मतलब शॉर्ट टर्म में वोलैटिलिटी बढ़ने की आशंका और कम होने का मतलब शॉर्ट टर्म में उठा-पटक कम होने की संभावना है।

किन वजहों से मार्केट को मिल रहा सपोर्ट

LTCG और STT पर सरकार के नजरिए से सपोर्ट

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का कहना है कि सरकार लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) टैक्स और सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) पर सभी पक्षों की राय सुनना चाहेगी। इसने मार्केट में जोश भर दिया। वित्त मंत्री ने मंगलवार, 13 अक्टूबर को नई दिल्ली में ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में कहा कि बजट की तैयारी शुरू हो चुकी है। इसलिए अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि सरकार किन सुझावों पर विचार करेगी।

RBI की कोशिशों से FIIs की बिकवाली सुस्त

विदेशी निवेशकों ने लगातार 13वें दिन घरेलू मार्केट में बिकवाली की। हालांकि जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वीके विजयकुमार का कहना है कि करेंसी मार्केट में सट्टेबाजी को रोकने के लिए आरबीआई के उपायों से पिछले दो ट्रेडिंग सेशन में रुपये में 1.5% की मजबूती आई है, जिससे मार्केट में FIIs की बिकवाली को काफी कम करने में मदद मिली है।

टेक्निकल वजह

एनालिस्ट्स के मुताबिक बुलिश रुझान के लिए निफ्टी को 22,750 के पार जाना होगा। कोटक नियो के इक्विटी रिसर्च हेड श्रीकांत चौहान का कहना है कि निफ्टी/सेंसेक्स के लिए 22,480/72,500 अहम सपोर्ट लेवल है और ऊपर की तरफ 22,850/73,500 का लेवल तत्काल रेजिस्टेंस के तौर पर काम कर रहा है। श्रीकांत के मुताबिक 22,850/73,500 के ऊपर सफल ब्रेकआउट के बाद मार्केट 23,000/74,000 की तरफ बढ़ सकता है लेकिन अगर नीचे की तरफ 22,480/72,500 का लेवल टूटटा है तो बिकवाली की आंधी चल सकती है।

चॉइस ब्रोकिंग का कहना है कि नियर टर्म में आउटलुक पॉजिटिव है लेकिन उतार-चढ़ाव की आशंका बनी हुई है। ब्रोकरेज फर्म के मुताबिक पिछले कारोबारी सत्र में जबरदस्त रिकवरी से मार्केट का सेंटिमेंट बेहतर हुआ है लेकिन विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली इस दबाव भी डाल रही है। घरेलू संस्थागत निवेशकों की खरीदारी से मार्केट को सपोर्ट मिल रहा है लेकिन बीच-बीच में प्रॉफिट बुकिंग से मार्केट में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।

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Nifty 4-5 महीने में 26000-26500 पर होगा, एक्सपर्ट ने किया बड़ा दावा

आप क्या शेयरों से निवेश निकालने या सिप बंद करने के बारे में सोच रहे हैं? यह गलती आपको जोरदार मुनाफा कमाने से रोक सकती है। ब्रोकरेज फर्म मोनार्क नेटवर्थ कैपिटल ने निफ्टी के लिए 26,000-26,500 का टारगेट दिया है। उसका कहना है कि अगले 4-5 महीनों में निफ्टी नया ऑल-टाइम हाई बना सकता है। 13 अक्टूबर को निफ्टी 1.60 फीसदी चढ़कर 22,721 पर बंद हुआ।

भारत को लेकर विदेशी निवेशकों का रुख बदलेगा

मोनार्क नेटवर्थ कैपिटल के सीईओ गौरव भंडारी को उम्मीद है कि वैश्विक आर्थिक स्थितियां जल्द बदलेंगी। इसके बाद बाजार में रिकवरी शुरू होगी। उन्होंने अमेरिका में बॉन्ड यील्ड घटने, डॉलर में कमजोरी और विदेशी निवेशकों की भारतीय बाजार में वापसी की उम्मीद जताई। इससे भारतीय बाजार में तेजी आएगी। ब्रोकरेज फर्म ने निफ्टी के लिए जो टारगेट दिया है, उसका मतलब है कि सूचकांक करीब 17 फीसदी चढ़ सकता है।

अमेरिका में बॉन्ड यील्ड जल्द घटने की उम्मीद 

भंडारी का कहना है कि अमेरिकी बॉन्ड की यील्ड मौजूदा लेवल पर लंबे समय तक नहीं रह सकती। अमेरिका में 10 साल की बॉन्ड यील्ड 5.35 फीसदी तक पहुंच गई है। इस साल यील्ड 110 बेसिस प्वाइंट्स उछली है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी यील्ड में गिरावट आने पर विदेशी निवेश भारतीय बाजार में आएगा। डॉलर के भी कमजोर होने की उम्मीद है। इन दोनों वजहों से विदेशी निवेशकों के रुख में बदलाव आएगा।

भारतीय बाजार में विदेशी निवेशकों की शॉर्ट पोजीशन

उन्होंने कहा कि विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार में फ्यूचर्स में काफी शॉर्ट पोजीशन बनाई है। वैश्विक स्थितियां बदलते ही उन्हें शॉर्ट कवरिंग करनी पड़ सकती है। उन्होंने निवेशकों को बाजार से दूरी बनाने की जगह अच्छी क्वालिटी के शेयरों में निवेश की सलाह दी। विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली के बीच घरेलू संस्थागत निवेशकों ने अपनी खरीदारी से बाजार को काफी सहारा दिया है। अगर आगे भारतीय बाजार को लेकर विदेशी निवेशकों का रुख बदलता है तो बाजार में बड़ी तेजी दिख सकती है।

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बीते एक साल में निफ्टी करीब 10 फीसदी गिरा है

बीते एक साल में निफ्टी और सेंसेक्स में 10 फीसदी से ज्यादा गिरावट आई है। इससे शेयरों में निवेश करने वाले लोग निराश हैं। म्यूचुअल फंड की इक्विटी स्कीमों में निवेश करने वाले लोग भी मायूस हैं, क्योंकि उनका पैसा इस दौरान बढ़ने की जगह घटा है। बाजार में रिकवरी आने पर उन निवेशकों को बड़ा फायदा होगा, जिन्होंने गिरावट के बीच भी सिप से अपना निवेश जारी रखा है।

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HCL Tech shares Price: Q2 नतीजों के बाद शेयर बना रॉकेट, 5% से ज्यादा चढ़कर बना निफ्टी का टॉप गेनर, एक्सपर्ट्स से जानें अब खरीदें , बेचें या रहे बनें

HCL Tech shares Price: आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी एचसीएल टेक (HCLTech) के शेयर में 13 अक्टूबर को जोरदार बढत देखने को मिली। शेयर इंट्राडे में 5 फीसदी से ज्यादा की छलांग लगाते हुए निफ्टी का टॉप गेनर बन गया । IT सर्विस देने वाली इस बड़ी कंपनी के शेयरों में बढ़त की वजह कंपनी द्वारा दूसरी तिमाही में अच्छी कमाई, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से रेवेन्यू में अच्छी ग्रोथ और बड़ी डील जीतने के बाद आई है।

कंपनी ने FY27 में रेवेन्यू ग्रोथ के अपने अनुमान को भी बढ़ा दिया, हालांकि ब्रोकरेज अभी भी स्टॉक के ऊपर जाने की संभावना को लेकर बंटे हुए हैं। HCLTech के शेयर सोमवार के 1,223 रुपये के क्लोजिंग प्राइस के मुकाबले 5.55 फीसदी चढ़कर 1,288 रुपये पर पहुंच गया। मंगलवार की तेजी के बावजूद, 2026 में अब तक स्टॉक 22.2 फीसदी नीचे है, जबकि निफ्टी 50 में 14.2 फीसदी की गिरावट आई है। कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन 3.45 लाख करोड़ रुपये रहा।

कैसे रहे तिमाही नतीजे

HCLTech ने सोमवार को सितंबर तिमाही के लिए 5,132 करोड़ रुपये का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफ़िट बताया, जो साल-दर-साल 21.2 परसेंट ज़्यादा है, जबकि रेवेन्यू 11.5 परसेंट बढ़कर 35,620 करोड़ रुपये हो गया। ऑपरेटिंग मार्जिन लगातार 131 बेसिस पॉइंट्स बढ़कर 18.2 परसेंट हो गया।

क्या है शेयर पर ब्रोकरेज फर्मों की राय

नतीजों के बाद ब्रोकरेज ने HCLTech के आउटलुक के बारे में मिली-जुली राय दी। नोमुरा ने 1,330 रुपये के टारगेट प्राइस के साथ अपनी Buy रेटिंग बनाए रखी, जिसमें मजबूत सर्विस परफॉर्मेंस, बढ़ते AI रेवेन्यू और कंपनी की AI स्ट्रैटेजी में प्रोग्रेस का हवाला दिया गया।

जेफरीज ने HCLTech को अपनी पिछली “अंडरपरफॉर्म” रेटिंग से अपग्रेड करके “होल्ड” कर दिया है, और इसका प्राइस टारगेट पहले के ₹1,070 से बढ़ाकर ₹1,150 कर दिया है।

HSBC ने भी HCLTech पर अपनी “होल्ड” रेटिंग बनाए रखी है और प्राइस टारगेट ₹1,225 रखा है। इसने कंपनी के आउटलुक कमेंट्री को पॉजिटिव बताया क्योंकि पिछले कुछ हफ्तों में डिमांड में सुधार हुआ है, हालांकि फर्म ने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि इसका सस्टेनेबिलिटी एक चिंता का विषय है।HSBC ने बताया कि HCLTech अपने कॉम्पिटिटर के मुकाबले मीडियम आउटपरफॉर्मेंस और कम मार्जिन के लिए प्रीमियम वैल्यूएशन मल्टीपल पर ट्रेड कर रही है।

सिटी ने HCLTech पर ₹1,050 के प्राइस टारगेट के साथ “सेल” करने की सलाह दी है। फर्म ने मार्जिन बीट के बाद अपने फाइनेंशियल ईयर 2027-2029 EPS अनुमानों को भी 1% से 3% तक बढ़ा दिया है। हालांकि, सिटी ने कहा है कि मार्जिन का सस्टेनेबिलिटी अहम होगा क्योंकि HCLTech पहले से ही आम सहमति के अनुमानों के आधार पर TCS और इंफोसिस जैसे अपने कॉम्पिटिटर के मुकाबले 20% से 25% प्रीमियम पर ट्रेड कर रही है।

HCLTech पर 45 एनालिस्ट की कवरेज है, जिनमें से 18 ने स्टॉक को “बाय” रेटिंग दी है, 16 ने “होल्ड” कहा है, और 11 ने स्टॉक को “सेल” रेटिंग दी है। प्राइस टारगेट के आम अनुमानों से पता चलता है कि मौजूदा लेवल से सिर्फ़ 2.1% की बढ़त की संभावना है।

 

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Gold Price Today: नवरात्र में सोना ₹1400 सस्ता हुआ, चांदी भी फिसली; जानिए आगे कैसी रहेगी चाल

Gold Price Today: सोने और चांदी की कीमतों में सोमवार को गिरावट आई। दिल्ली में सोना 1,400 रुपये सस्ता हो गया। अब 10 ग्राम सोने का भाव 1.53 लाख रुपये रह गया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कमजोरी और रुपये में मजबूती से सोने की कीमतों पर दबाव पड़ा।

ऑल इंडिया सराफा एसोसिएशन के मुताबिक, 24 कैरेट वाले सोने का भाव शुक्रवार को 1,54,400 रुपये प्रति 10 ग्राम था। सोमवार को यह घटकर 1,53,000 रुपये पर आ गया।

चांदी भी सस्ती हुई। इसकी कीमत 2,000 रुपये गिरकर 2,26,500 रुपये प्रति किलो रह गई। शुक्रवार को यह 2,28,500 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई थी।

रुपये की मजबूती से सोने को झटका

HDFC Securities के सीनियर एनालिस्ट सौमिल गांधी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार से कमजोर संकेत मिले। इसके अलावा, रुपये में मजबूती ने भी सोने और चांदी की कीमतों पर दबाव बढ़ाया।

सोमवार को रुपया डॉलर के मुकाबले 96 पैसे मजबूत होकर 95.75 पर बंद हुआ। छह महीने से ज्यादा समय में रुपये की यह एक दिन की सबसे बड़ी बढ़त थी। इससे पहले भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने रुपये को संभालने के लिए कई कदम उठाए थे।

गांधी के मुताबिक, घरेलू बाजार में सोने की मांग फिलहाल मिली-जुली है। कीमतें बढ़ने के बाद खरीदारी कमजोर पड़ी है। हालांकि, चीन में छुट्टियों के बाद सोने की मांग बढ़ने की उम्मीद है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी गिरा सोना

विदेशी बाजार में भी सोने की कीमत नीचे आई। हाजिर सोना 17.36 डॉलर यानी 0.41% गिरकर 4,176.88 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। चांदी भी मामूली गिरावट के साथ 60.66 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी।

ब्रोकरेज प्लेटफॉर्म Lemonn के हेड ऑफ रिसर्च गौरव गर्ग ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना करीब 4,179 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी के बावजूद अमेरिकी डॉलर इंडेक्स 18 महीने के ऊंचे स्तर के करीब बना हुआ है। इससे सोने की कीमतों में तेजी पर दबाव पड़ रहा है।

उन्होंने बताया कि रूस से ऊर्जा की सप्लाई बढ़ने की उम्मीद से कच्चे तेल की सप्लाई को लेकर चिंता कुछ कम हुई है। हालांकि, पश्चिम एशिया में तनाव और समुद्री रास्तों पर जोखिम के कारण तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी है।

आगे कैसी रहेगी सोने की चाल?

निवेश प्लेटफॉर्म Giottus.com के CEO विक्रम सुब्बुराज के मुताबिक, फिलहाल सोने का आउटलुक चांदी के मुकाबले मजबूत दिख रहा है। वहीं, चांदी की धीमी बढ़त को देखते हुए निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत है।

आने वाले दिनों में बाजार की नजर अमेरिकी डॉलर, बॉन्ड यील्ड और रुपये की चाल पर रहेगी। अमेरिका के महंगाई के आंकड़े भी अहम होंगे। इनसे ब्याज दरों को लेकर संकेत मिल सकते हैं। इसके आधार पर सोने और चांदी की कीमतों में आगे की दिशा तय हो सकती है।

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VA Tech Wabag Share Price: एनालिस्ट शेयर पर हुआ बुलिश, 30% रिटर्न संभव, क्या आप करेंगे निवेश

VA Tech Wabag Share Price: इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी VA Tech Wabag के शेयर पर ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल बुलिश नजर आ रहा है। ब्रोकरेज फर्म ने स्टॉक पर Buy रेटिंग की राय दी है और इसके लिए 2529 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। शेयर आज 1.29 फीसदी की बढ़त के साथ 1961.80 रुपये के स्तर पर क्लोज हुआ।

मोतीलाल ओसवाल ने कहा कि कंपनी लगातार ग्रोथ के लिए अच्छी स्थिति में है। इसे रेगुलर ऑर्डर मिलने और प्रोजेक्ट्स के सामान्य रूप से पूरे होने से मदद मिल रही है, जिसमें युद्ध से प्रभावित वेस्ट एशिया क्षेत्र भी शामिल है। VA Tech Wabag की मौजूदा ऑर्डर बुक ₹20,000 करोड़ की है, जो इसके FY26 के रेवेन्यू का पांच गुना है। ब्रोकरेज का कहना है कि इससे और मजबूत बिड पाइपलाइन से अगले तीन से चार वर्षों में 20% रेवेन्यू ग्रोथ की उम्मीद है।

इसने आगे कहा कि VA Tech Wabag का फोकस प्रॉफिटेबल ग्रोथ और विदेशी बाजार पर बना हुआ है।FY21-26 के दौरान रेवेन्यू में 7%, EBITDA में 17% और टैक्स के बाद एडजस्टेड प्रॉफिट (APAT) में 28% की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) दर्ज करने के बाद, मोतीलाल ओसवाल को उम्मीद है कि FY26-28 के दौरान ये आंकड़े क्रमशः 19%, 26% और 23% की CAGR से बढ़ेंगे।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि मजबूत फ्री कैश फ्लो जेनरेशन, ₹1,000 करोड़ की नेट कैश पोजीशन और बेहतर होते रिटर्न रेश्यो इस स्टॉक को FY28 के अनुमानित प्राइस-टू-अर्निंग्स रेश्यो के 21 गुना पर आकर्षक बनाते हैं।

लगातार ऑर्डर मिलना

मोतीलाल ओसवाल ने कहा कि पिछले छह महीनों में, VA Tech Wabag ने भारत और विदेशी बाजारों में कई तरह के कामों के लिए कई बेहतरीन ऑर्डर हासिल किए हैं।

हाल ही में इसने जामनगर में रिलायंस इंडस्ट्रीज से EPT काम के लिए ₹250 करोड़ का रिपीट ऑर्डर जीता है, और कुवैत तथा UAE के बाजारों में क्रमशः ₹100 करोड़ और ₹600 करोड़ के ऑर्डर हासिल करके प्रवेश किया है। भारत में, VA Tech Wabag ने नए ऑर्डर हासिल करके BWSSB और DJB के साथ अपने पुराने रिश्तों को और मजबूत किया है। वहीं यूरोप में, कंपनी ने ऑस्ट्रिया में Donauinsel Water Works से एक प्रोजेक्ट हासिल किया है। Motilal Oswal ने यह भी बताया कि चेन्नई का डिसेलिनेशन (खारे पानी को मीठा बनाने का) प्रोजेक्ट भी धीरे-धीरे पूरा होने की ओर बढ़ रहा है।

कंपनी ने कहा कि विदेशी प्रोजेक्ट्स से कंपनी का 50% रेवेन्यू आता है और ऑर्डर बुक में भी इनका बड़ा हिस्सा है। ब्रोकरेज का कहना है कि डिसेलिनेशन प्लांट की अहमियत और उनकी ज़रूरत को देखते हुए, कंपनी का कामकाज बिना किसी रुकावट के चलता रहेगा।

मुनाफे के साथ ग्रोथ और कैश फ्लो

कंपनी ने कहा कि भारतीय प्रोजेक्ट्स की तुलना में वेस्ट एशिया और दूसरे विदेशी प्रोजेक्ट्स वर्किंग कैपिटल साइकिल और कैश फ्लो जेनरेशन के मामले में बेहतर स्थिति में हैं।

Motilal Oswal ने कहा कि VA Tech Wabag का EP, इंडस्ट्रियल और ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस जैसे ज़्यादा मार्जिन वाले सेगमेंट में बड़े प्रोजेक्ट्स को पूरा करने पर ज़्यादा ध्यान देना मार्जिन के लिए अच्छा संकेत है।

स्टॉक पर असर

VA Tech Wabag पर नज़र रखने वाले सभी 13 एनालिस्ट ने इसे “खरीदने” (buy) की सलाह दी है। इस साल अब तक स्टॉक में 50% की बढ़त हुई है, लेकिन यह अभी भी अपने रिकॉर्ड हाई ₹2,319 से 15% नीचे है, जो इस साल 15 सितंबर को बना था।

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CarTrade Share Price : ब्रोकरेज की बुलिश रिपोर्ट के बाद करीब 9% भागा शेयर, जानिए UBS का टारगेट प्राइस

CarTrade Share Price : सोमवार, 12 अक्टूबर को CarTrade Tech के शेयरों में लगभग 8% की बढ़त देखने को मिली है। UBS ने इस स्टॉक पर अपना नजरिया बनाए रखते हुए इसका टारगेट प्राइस ₹4,000 तय किया गया है। ब्रोकरेज ने OLX India बिज़नेस की ग्रोथ की संभावनाओं पर फोकस करते हुए क है कि CarTrade Tech के शेयरों में लगभग 36% की बढ़त की संभावना है। UBS ने इस स्टॉक को “Buy” रेटिंग दी है। ब्रोकरेज का कहना है कि बाज़ार OLX के ग्रोथ के मौकों और उसके संभावित मार्केट के साइज़ को कम करके आंक रहा है।

ब्रोकरेज फर्म ने कहा कि OLX इंडिया को पिछली ओनरशिप के दौरान लागत से जुड़ी असफलता,खराब इन्वेंट्री मॉडल,फर्जी खरीदारों और गैर-भरोसेमंद विक्रेताओं जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा था। UBS ने कहा कि इस बिज़नेस को खरीदने के बाद से CarTrade के मैनेजमेंट ने इनमें से ज़्यादातर समस्याओं को हल किया है, यूज़र एक्सपीरियंस को बेहतर बनाया है और मुनाफो में बढ़त हासिल की है। ब्रोकरेज ने इस सुधार के सबूत के तौर पर OLX के 30% से ज्यादा के ऑपरेटिंग मार्जिन का हवाला दिया है।

OLX की ग्रोथ से हो सकती है इसकी री-रेटिंग

UBS का मानना ​​है कि OLX के पास अपने कोर बिज़नेस के अलावा कमाई के कई और स्रोत हैं। इसमें सेलर और बॉयर सब्सक्रिप्शन, डीलर पार्टनरशिप, फाइनेंसिंग, एस्क्रो सर्विस, लॉजिस्टिक्स और एडवरटाइजिंग शामिल हैं। ब्रोकरेज का अनुमान है कि अगर सब कुछ अच्छा रहा तो OLX अगले पांच सालों में अपनी कमाई पांच गुना बढ़ा सकती है,जबकि बेस केस में इसी अवधि में 3.8 गुना ग्रोथ का अनुमान लगाया गया है।

UBS का मानना ​​है कि अगर इस मौके का सही तरीके से इस्तेमाल किया गया तो यह CarTrade के लिए ‘री-रेटिंग’ का एक बड़ा कारण बन सकता है,क्योंकि मार्केट OLX बिजनेस की ग्रोथ की क्षमता को पहचानने लगा है। ब्रोकरेज का यह पॉजिटिव नज़रिया OLX के प्लेटफ़ॉर्म से और ज़्यादा कमाई करने की संभावना और CarTrade के मालिकाना हक में हुए ऑपरेशनल सुधारों पर आधारित है।

स्टॉक पर मार्केट की राय

बता दें की यह स्टॉक 10 एनालिस्ट के कवरेज में शामिल है। इनमें से आठ ने स्टॉक के लिए buy रेटिंग दी है और दो ने sell की सलाह दी है। प्राइस टारगेट का आम अनुमान बताता है कि शुक्रवार की क्लोजिंग के मुकाबले इसमें 8.9% की बढ़त की गुंजाइश है। पिछले 12 महीनों में इस स्टॉक ने 25.9% का रिटर्न दिया है। UBS का ₹4,000 का टारगेट प्राइस आम अनुमान से काफी ज़्यादा है,जो CarTrade की ग्रोथ की संभावनाओं पर ज़्यादा पॉजिटिव नज़रिए को दिखाता है।

 

IRB Infra Share Price: कमजोर बाजार में हीरो बना शेयर, दे सकता है 90% का रिटर्न, जानिए तेजी के पीछे की वजह

 

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Lenskart Block Deal: एक झटके में बिके ₹1895 करोड़ के शेयर, कीमत 5% लुढ़की

चश्मे बनाने वाली कंपनी लेंसकार्ट सॉल्यूशंस के शेयरों में 12 अक्टूबर को सुबह के कारोबार में 5 प्रतिशत तक की गिरावट दिखाई दी। BSE पर शेयर 643.80 रुपये के लो तक गया। ब्लॉक डील के जरिए कंपनी के 2.93 करोड़ शेयरों की बिक्री हुई है। ये शेयर कंपनी की 1.67 प्रतिशत इक्विटी के बराबर हैं। शेयरों को 647 रुपये प्रति शेयर के भाव पर बेचा गया है। इन शेयरों की कुल वैल्यू 1,895 करोड़ रुपये है। शेयरों को किसने बेचा और किसने खरीदा, इस बारे में अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

वीकेंड पर CNBC-TV18 ने सूत्रों के हवाले से बताया था कि अल्फा वेव वेंचर्स LP, लेंसकार्ट सॉल्यूशंस में 1,691 करोड़ रुपये की 1.6 प्रतिशत तक इक्विटी 640 रुपये प्रति शेयर के फ्लोर प्राइस पर बेच सकती है। शेयर बेचने वालों को आगे और हिस्सेदारी बेचने के लिए 30 दिन के लॉक-इन पीरियड का पालन करना होगा। स्टॉक एक्सचेंज के डेटा के अनुसार, जून 2026 तिमाही के आखिर तक लेंसकार्ट में प्रमोटर एंटिटीज की हिस्सेदारी 17.53 प्रतिशत थी।

Alpha Wave Ventures ने अगस्त में भी बेचा था हिस्सा

इससे पहले Alpha Wave Ventures LP ने अगस्त महीने में ब्लॉक डील के जरिए लेंसकार्ट के 2.95 करोड़ शेयर या 1.7 प्रतिशत इक्विटी 1,857 करोड़ रुपये में बेची थी। खरीदारों में नेशनल पेंशन सिस्टम, ICICI प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड और व्हाइटओक कैपिटल म्यूचुअल फंड शामिल थे। 3 दिन पहले लेंसकार्ट में सॉफ्टबैंक विजन फंड (SVF) II लाइटबल्ब केमैन ने BSE पर ब्लॉक डील के जरिए 641.75 रुपये प्रति शेयर की औसत कीमत पर 2,887.9 करोड़ रुपये के 4.5 करोड़ शेयर बेचे थे। सोसाइटे जेनरल ODI ने 688.92 करोड़ रुपये के 1.07 करोड़ शेयर खरीदे।

21 सितंबर 2026 को लेंसकार्ट सॉल्यूशंस में ब्लॉक डील्स के जरिए 3.6 करोड़ शेयरों की बिक्री हुई थी। ट्रांजेक्शन 688 रुपये प्रति शेयर के भाव पर हुआ और डील की कुल वैल्यू 2,468 करोड़ रुपये रही। डील से पहले CNBC-TV18 ने सूत्रों के हवाले से कहा था कि प्लेटिनम जैस्मीन ए 2018 ट्रस्ट लेंसकार्ट में हिस्सेदारी बेच सकती है। प्लेटिनम जैस्मीन, अबू धाबी इनवेस्टमेंट अथॉरिटी (ADIA) का एक इनवेस्टमेंट व्हीकल है।

अगस्त और जून में भी सॉफ्टबैंक ने बेचे थे Lenskart के शेयर

इस साल अगस्त में सॉफ्टबैंक विजन फंड (SVF) II लाइटबल्ब (केमैन) लिमिटेड ने लेंसकार्ट में 2.58% हिस्सेदारी ब्लॉक डील के जरिए बेची थी। 4.5 करोड़ शेयर ₹2,887.87 करोड़ में बेचे गए थे। खरीदारों में सोसाइटे जेनरल ओडीआई, गोल्डमैन सैक्स, मोतीलाल ओसवाल म्यूचुअल फंड, वैनगार्ड ग्रुप, मॉर्गन स्टेनली, SBI म्यूचुअल फंड, निप्पॉन इंडिया, HDFC म्यूचुअल फंड जैसे कई घरेलू और वैश्विक निवेशक शामिल थे।

12 अक्टूबर से शुरू हफ्ते में SBI Funds Management समेत 14 कंपनियों का लॉक इन खत्म, ₹2931 करोड़ के शेयर होंगे फ्री

जून में भी सॉफ्टबैंक समूह ने SVF II लाइटबल्ब (केमैन) के जरिए लेंसकार्ट में 3.25% हिस्सेदारी बेची थी। उस वक्त 5,65,00,000 शेयर बेचे गए थे और ट्रांजेक्शन की वैल्यू ₹2,873.30 करोड़ रही थी। व्हाइटओक कैपिटल म्यूचुअल फंड (MF), मिरे एसेट MF, कोटक MF, केनरा रोबेको MF, ICICI प्रूडेंशियल MF, HDFC लाइफ इंश्योरेंस कंपनी, ICICI प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस, सोसाइटी जेनरल, मेट्जलर एसेट मैनेजमेंट, गोल्डमैन सैक्स, फिडेलिटी, कॉप्थॉल मॉरीशस इनवेस्टमेंट, इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड, और डेंडाना इनवेस्टमेंट्स (मॉरीशस) लिमिटेड खरीदार रहे थे।

नवंबर 2025 में हुई थी लिस्ट

लेंसकार्ट ने 10 नवंबर, 2025 को शेयर बाजार में एंट्री की थी। इसका IPO 7278.02 करोड़ रुपये का था। कंपनी का मार्केट कैप 1.12 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर की फेस वैल्यू 2 रुपये है। यह BSE 200 इंडेक्स का हिस्सा है। शेयर साल 2026 में अब तक लगभग 50 प्रतिशत चढ़ा है।

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

12 अक्टूबर से शुरू हफ्ते में SBI Funds Management समेत 14 कंपनियों का लॉक इन खत्म, ₹2931 करोड़ के शेयर होंगे फ्री

12 अक्टूबर से शुरू हफ्ते में 14 कंपनियों का शेयरहोल्डर लॉक-इन खत्म हो रहा है। ट्रेड के लिए फ्री होने वाले शेयरों की कुल वैल्यू शुक्रवार, 9 अक्टूबर के क्लोजिंग प्राइस के आधार पर 2,931 करोड़ रुपये है। नुवामा अल्टरनेटिव एंड क्वांटिटेटिव रिसर्च के अनुसार, जिन कंपनियों की लिस्टिंग पिछले एक से तीन महीनों में हुई है, उनमें से ज्यादातर का लॉक-इन इस मौजूदा हफ्ते में खत्म हो रहा है। 14 कंपनियों में से 6 कंपनियों का लॉक-इन सोमवार, 12 अक्टूबर को और 6 का गुरुवार, 15 अक्टूबर को खत्म होगा। बाकी दो कंपनियों का लॉक-इन शुक्रवार, 16 अक्टूबर को खत्म होगा।

ध्यान रहे कि शेयरहोल्डर लॉक-इन पीरियड खत्म होने का मतलब यह नहीं है कि फ्री होने वाले सभी शेयर ओपन मार्केट में बेच ही दिए जाएंगे। वे बस ट्रेडिंग के लिए पात्र हो जाते हैं।

12 अक्टूबर को खत्म होने रहे लॉक-इन्स

सोमवार को कनोहर इलेक्ट्रिकल्स, प्रसोल केमिकल्स, ग्लास वॉल सिस्टम्स, प्रणव कंस्ट्रक्शन्स, लेजर पावर एंड इंफ्रा और कुसुमगर का लॉक-इन खत्म हो रहा है। इसके बाद इन कंपनियों के 779.5 करोड़ रुपये के शेयर ट्रेड के लिए फ्री हो जाएंगे।

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15 अक्टूबर को खत्म होने रहे लॉक-इन्स

15 अक्टूबर को रेंटोमोजो, करमतारा इंजीनियरिंग, एलसीसी प्रोजेक्ट्स, स्टीमहाउस इंडिया, मणिपाल पेमेंट्स और एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी के शेयरहोल्डर्स के लिए लॉक-इन खत्म होने वाला है। इसके बाद 900 करोड़ रुपये से ज्यादा के शेयर ट्रेड के लिए पात्र हो जाएंगे।

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16 अक्टूबर

SBI फंड्स मैनेजमेंट का 3 महीने का शेयरहोल्डर लॉक-इन 16 अक्टूबर को खत्म हो रहा है। नुवामा अल्टरनेटिव के अनुसार, इसके बाद कंपनी के 2.32 करोड़ शेयर ट्रेड किए जाने के लिए पात्र हो जाएंगे। शुक्रवार के क्लोजिंग प्राइस के आधार पर, इन शेयरों की वैल्यू 1,160 करोड़ रुपये है। SBI फंड्स मैनेजमेंट के अलावा 16 अक्टूबर को वीगालैंड डेवलपर्स के 30 करोड़ रुपये के शेयरों का भी एक महीने का लॉक इन खत्म होगा।

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Suzlon Energy Share Price: ये 6 बातें तय करेंगी शेयरों की चाल, समझ लें सुजलॉन में निवेश से पहले

Suzlon Energy Share Price: 8 अक्टूबर को एक साल के निचले स्तर पर आने के बाद से विंट टर्बाईन बनाने वाली सुजलॉन एनर्जी के शेयरों ने शानदार वापसी की है। ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल के बुलिश रुझान से इसे और सपोर्ट मिला और यह 3% से अधिक उछल पड़ा। मोतीलाल ओसवाल ने ₹65 के टारगेट प्राइस के साथ इसकी खरीदारी की रेटिंग को बरकरार रखा है। ओवरऑल इसे कवर करने वाले 12 एनालिस्ट्स में से 10 ने इसे खरीदारी और 2 ने होल्ड रेटिंग दी है। किसी भी एनालिस्ट ने इसे बेचने की सलाह नहीं दी है। अब शेयरों की बात करें तो फिलहाल बीएसई पर यह 1.84% की बढ़त के साथ ₹38.27 पर है। इंट्रा-डे में यह 3.14% उछलकर ₹38.76 तक पहुंच गया था।

Suzlon पर Motilal Oswal को भरोसा क्यों कायम?

तीन महीने में सुजलॉन एनर्जी के शेयर 31% नीचे आए। इस गिरावट के साथ अब यह वित्त वर्ष 2028 की प्रति शेयर कमाई (EPS) के मुकाबले 17.5 गुना पर है जोकि इसके एक साल के औसत फारवर्ड P/E से करीब 20% डिस्काउंट पर है। ऐसे में सुजलॉन का शेयरों का वैल्यूएशन काफी आकर्षक हो गया। ब्रोकरेज फर्म के मुताबिक सुजलॉन की कमाई वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में अधिक होती रही है और कंपनी के सालाना EBITDA में इसकी 60-65% हिस्सेदारी रहती है। ऐसे में इस बार भी वित्त वर्ष 2027 की दूसरी छमाही में ऐसी ही मजबूती के आसार हैं क्योंकि डिलीवरी पहली छमाही में 1.2 गीगावाट से बढ़कर दूसरी छमाही में 2.1 गीगावाट पहुंच सकती है।

जून तिमाही के आखिरी में सुजलॉन एनर्जी की ऑर्डर बुक 5.9 GW थी, जिससे वित्त वर्ष 2028 की तीसरी तिमाही तक डिलीवरी की तस्वीर साफ दिख रही है। ब्रोकरेज फर्म को उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2026-2028 के दौरान सुजलॉन एनर्जी का EBITDA सालाना 22% की रफ्तार यानी CAGR से बढ़ेगा।

इस वित्त वर्ष 2027 की पहली छमाही में देश की विंड कैपेसिटी 3 गीगावाट बढ़ी और ब्रोकरेज फर्म के मुताबिक अब तक दूसरी छमाही में पहली की तुलना में डेढ़ गुना इंस्टॉलेशन होता रहा है तो इस बार दूसरी छमाही में करीब 4.5 गीगावाट के इंस्टॉलेशन की उम्मीद है जोकि सुजलॉन जैसी विंड टर्बाईन बनाने वाली कंपनियों के लिए पॉजिटिव है। सरकार ने इस वित्त वर्ष 2027 में 7.5–8 GW नई पवन ऊर्जा क्षमता जोड़ने का लक्ष्य तय किया हुआ है।

मोतीलाल ओसवाल का कहना है कि शाम के समय बिजली की बढ़ती मांग से विंड-सोलर हाइब्रिड और FDRE (फर्म एंड डिस्पैचेबल रिन्यूएबल एनर्जी) प्रोजेक्ट्स के जरिए विंड कैपेसिटी बढ़ोतरी को सपोर्ट मिल सकता है और यह सुजलॉन एनर्जी के लिए पॉजिटिव है।

मोतीलाल ओसवाल के मुताबिक सुजलॉन एनर्जी को तीन वजहों- DevCo को अच्छे रिस्पांस, निर्यात और पुराने टर्बाईनों को बदलने के मौके से मजबूत सपोर्ट मिल सकता है। डेवको मॉडल की बात करें तो इस वित्त वर्ष के शुरुआती चार महीनों में ही 600 MW से अधिक के ऑर्डर मिले, जो कुल ऑर्डर का 60% हिस्सा हैं।

मोतीलाल ओसवाल के मुताबिक सुजलॉन को सरकार के स्थानीय प्रोत्साहन से मजबूत सपोर्ट मिल रहा है।

एक साल में कैसी रही शेयरों की चाल

सुजलॉन एनर्जी के शेयरों ने निवेशकों को तगड़ा शॉक दिया है। पिछले साल 6 नवंबर, 2025 को बीएसई पर यह ₹61.45 के भाव पर था, जो इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है। इस हाई लेवल से 11 महीने में यह 40.93% टूटकर 8 अक्टूबर 2026 को यह एक साल के निचले स्तर ₹36.30 पर आ गया।

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