Vedanta Group कंपनियों के शेयरों को लगे पंख, वेदांता ऑयल एंड गैस सबसे ज्यादा 7% उछला

वेदांता ग्रुप की कंपनियों के लिए बुधवार यानी 26 अगस्त का दिन खास रहा। ग्रुप की करीब सभी कंपनियों के शेयरों में जबर्दस्त तेजी दिखी। शेयर बाजार में गिरावट के बावजूद ये शेयर अच्छी तेजी के साथ बंद हुए। इससे एक दिन में समूह की कंपनियों के मार्केट कैपिटलाइजेशन में 18,120 करोड़ रुपये का इजाफा हुआ।

मार्केट कैपिटलाइजेशन बढ़कर 3.38 लाख करोड़ रुपये पहुंचा

Vedanta Group की प्रमुख कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन एक दिन में 5.66 फीसदी बढ़कर 3.38 लाख करोड़ रुपये हो गया। सबसे ज्यादा 7.27 फीसदी का उछाल वेदांता ऑयल एंड गैस के शेयरों में दिखा। इससे इसका भाव 41.78 रुपये पर पहुंच गया। बीते एक महीने में यह शेयर करीब 20 फीसदी चढ़ा है।

वेदांता एल्युमीनियम के शेयरों को खरीदने की सलाह

Vedanta Aluminium Metal के शेयरों में 3.33 फीसदी की तेजी आई। इससे इसका भाव 462.75 रुपये पर क्लोज हुआ। इस शेयर में तेजी की वजह ब्रोकरेज फर्म मोतोलाल ओसवाल की रिपोर्ट है। उसने शेयर पर ‘बाय’ की अपनी रेटिंग बनाए रखी है। उसने शेयर के लिए 540 रुपये का टारेगट प्राइस दिया है। उसने कहा है कि आगे कंपनी की ग्रोथ स्ट्रॉन्ग रहने के आसार हैं। यह शेयर बीते एक महीने में करीब 6 फीसदी चढ़ा है।

वेदांता आयरन के शेयरों में करीब 5 फीसदी उछाल

वेदांता ऑयरन एंड स्टील के शेयर में 4.98 फीसदी उछाल आया। इससे इसका भाव 38.78 रुपये पर क्लोज हुआ। बीते एक महीने में यह शेयर करीब 28 फीसदी उछला है। वेदांता का शेयर 4.36 फीसदी चढ़कर 287 रुपये पर बंद हुआ। यह शेयर बीते एक महीने में 8.45 फीसदी चढ़ा है। ग्रुप की मार्केट वैल्यू बढ़ाने में सबसे ज्यादा 10,731 करोड़ रुपये का योगदान वेदांता एल्युमीनियम का रहा। वेदांता लिमिटेड का 4,891 करोड़ रुपये का योगदान रहा।

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हिंदुस्तान जिंक के शेयरों का टारगेट प्राइस 750 करोड़ रुपये

हिंदुस्तान जिंक के शेयरों में भी तेजी दिखी। यह शेयर 6.29 फीसदी चढ़कर 629.85 रुपये पर बंद हुआ। तेजी की वजह सरकार की तरफ से आया एक स्पष्टीकरण है। सरकार ने साफ किया है कि फिलहाल उसका हिंदुस्तान जिंक में हिस्सेदारी बेचने का प्लान नहीं है। इस, कंपनी में सरकार की 27.92 फीसदी हिस्सेदारी है, जबकि वेदांता की 60.71 फीसदी हिस्सेदारी है। इस बीच, जेफरीज ने हिंदुस्तान जिंक के शेयरों का टारगेट प्राइस बढ़ाया है। उसने टारगेट प्राइस बढ़ाकर 750 रुपये कर दिया है।

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Cyient Share Price: इन्वेस्टर डे के बाद शेयर 4% उछला, जेपी मॉर्गन ने दिया ₹1,050 का टारगेट

Cyient Share Price: IT सर्विस कंपनी Cyient के शेयरों में 26 अगस्त को जोरदार तेजी देखने को मिली। शेयर 4 फीसदी से ज्यादा की बढ़त के साथ ट्रेड कर रहा है। शेयर में तेजी कंपनी द्वारा’इन्वेस्टर डे’ पर कंपनी के ग्रोथ और मार्जिन से जुड़ी जानकारी और ब्रोकरेज फर्मों ने रिकवरी की रफ्तार को लेकर मिक्स राय के बाद आई है।

Cyient ने कहा कि ग्रोथ को फिर से तेज करना उसकी शॉर्ट टर्म की प्राथमिकता है। कंपनी का लक्ष्य FY28-29 तक सालाना आधार पर डबल-डिजिट रेवेन्यू ग्रोथ और तिमाही-दर-तिमाही स्थिर ग्रोथ हासिल करना है।

शॉर्ट टर्म में, कंपनी का लक्ष्य 15% से अधिक EBIT मार्जिन हासिल करना है, जबकि मध्यम से लंबी अवधि में उसका लक्ष्य इंडस्ट्री में सबसे अच्छी ग्रोथ के साथ-साथ 16% से अधिक EBIT मार्जिन हासिल करना है।

कंपनी ने कहा कि उसकी ‘गो-टू-मार्केट’ (GTM) टीम अब बड़े सौदे करने और बिजनेस को प्रोजेक्ट-आधारित काम से हटाकर एन्युइटी-आधारित कॉन्ट्रैक्ट्स की ओर ले जाने के लिए तैयार है, जिनसे रेवेन्यू का बेहतर अनुमान लगाया जा सकता है। अभी प्रोजेक्ट-आधारित काम कंपनी के कुल बिजनेस का लगभग 40% है।

मैनेजमेंट ने बताया कि Cyient की ‘लार्ज-डील पाइपलाइन’ (बड़े सौदों की संभावित सूची) अभी रिकॉर्ड ऊंचाई पर है। इसमें 9 ऐसे सौदे शामिल हैं जिनकी कुल कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू लगभग 300 मिलियन डॉलर है।कंपनी ने FY26 को कई रणनीतिक बदलावों के बाद स्थिरता का साल बताया है और उम्मीद है कि FY27 और FY28 में उसकी नई रणनीति से रिकवरी शुरू होगी।

मार्जिन के मामले में Cyient ने पहले ही प्रगति की है; Q1 FY27 में EBIT मार्जिन बढ़कर 13.2% हो गया, जो पहले लगभग 12.2% था। मैनेजमेंट का लक्ष्य AI-आधारित रेवेन्यू ग्रोथ और ऑपरेटिंग कॉस्ट में दक्षता के जरिए मध्यम अवधि में 15% का लक्ष्य हासिल करना है।

JPMorgan के अनुसार, मैनेजमेंट जिन मुख्य पैमानों पर नजर रखेगा, उनमें खास तौर पर बड़े सौदों से ऑर्डर आने में डबल-डिजिट ग्रोथ और मार्जिन का 15% तक बढ़ना शामिल है।

शेयर पर क्या है ब्रोकरेज की राय

JPMorgan ने Cyient के लिए ‘ओवरवेट’ रेटिंग दी है और इसके लिए ₹1,050 प्रति शेयर का प्राइस टारगेट तय किया है। ब्रोकरेज का कहना है कि Cyient की नई रणनीति सही दिशा में आगे बढ़ती दिख रही है, लेकिन स्टॉक की री-रेटिंग के लिए इसे सही ढंग से लागू करना अहम होगा। JPMorgan ने ‘इन्वेस्टर डे’ पर कंपनी के बड़े सौदों पर फोकस, एन्युइटी-आधारित रेवेन्यू की ओर बदलाव और मार्जिन बढ़ाने की योजनाओं को मुख्य सकारात्मक बातें बताया।

इस बीच, मोतीलाल ओसवाल ने Cyient पर अपनी ‘Sell’ रेटिंग को दोहराया है और इसका प्राइस टारगेट ₹740 रखा है। इसका मतलब है कि मंगलवार की क्लोजिंग कीमत से इसमें लगभग 24% की गिरावट आ सकती है।

ब्रोकरेज का कहना है कि वह कंपनी के काम करने के तरीके (एग्जीक्यूशन) के बारे में बेहतर सबूत मिलने का इंतज़ार करेगा, क्योंकि रिकवरी में अभी समय लगेगा और FY27 में ऑर्गेनिक ग्रोथ के मोटे तौर पर स्थिर रहने की उम्मीद है।

हालांकि मोतीलाल ओसवाल Cyient के सेमीकंडक्टर से जुड़े मौकों को लेकर पॉजिटिव है, लेकिन उसका कहना है कि इस बिज़नेस को बड़ी वैल्यूएशन देने से पहले वह ‘प्रूफ ऑफ़ कॉन्सेप्ट’ का इंतज़ार करेगा।

इधर Emkay Global ने Cyient पर अपनी ‘Reduce’ रेटिंग बनाए रखी है और इसका प्राइस टारगेट ₹900 तय किया है। ब्रोकरेज का कहना है कि ऐसा लगता है कि मैनेजमेंट ने कंपनी की ग्रोथ में आने वाली मुख्य रुकावटों को दूर कर लिया है और अब उनके पास सही स्ट्रैटेजी और ज़रूरी साधन मौजूद हैं। हालांकि, उसने यह भी कहा कि उसकी राय और रेटिंग में बदलाव इस बात पर निर्भर करेगा कि कंपनी अपनी योजनाओं को कितनी अच्छी तरह लागू करती है।

Cyient पारंपरिक इंजीनियरिंग रिसर्च एंड डेवलपमेंट (ER&D) सर्विसेज़ से हटकर ज़्यादा बड़े ‘लाइफसाइकिल इंजीनियरिंग सर्विसेज़’ मॉडल की ओर बढ़ रही है। कंपनी का अनुमान है कि उसका एड्रेसेबल मार्केट पारंपरिक ER&D के लगभग $80-100 बिलियन के मौके से बढ़कर $2.4-3.2 ट्रिलियन के पूरे इंजीनियरिंग लाइफसाइकिल मौके तक फैल सकता है।

मंगलवार को Cyient के शेयर 4.54% बढ़कर ₹1022.15 पर बंद हुए और पिछले एक महीने में इस स्टॉक में 18% से ज़्यादा की बढ़त हुई है।

 

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हिंदुस्तान कॉपर के शेयर में OFS के बाद फिर आ सकती है तेजी, आनंद राठी ने ₹715 का टारगेट दिया

सरकारी कंपनी Hindustan Copper के शेयर में मंगलवार को काफी दबाव देखने को मिला है। इसकी बड़ी वजह सरकार की हिस्सेदारी बिक्री यानी OFS है। इसके बावजूद घरेलू ब्रोकरेज फर्म Anand Rathi ने शेयर पर Buy रेटिंग बरकरार रखी है। ब्रोकरेज ने ₹715 का टारगेट प्राइस दिया है। यह मंगलवार के बंद भाव से 34.65% अधिक है। OFS की वजह से स्टॉक 7.45% गिरकर 531.40 रुपये पर बंद हुआ।

Anand Rathi Institutional Equities के वाइस प्रेसिडेंट पार्थिव झोंसा का मानना है कि कंपनी के फंडामेंटल मजबूत हैं। बढ़ता प्रोडक्शन, कॉपर की ऊंची कीमत और कमाई में सुधार की उम्मीद शेयर को सपोर्ट कर सकती है।

OFS के बाद दबाव कम हो सकता है

झोंसा के मुताबिक, OFS के बाद कुछ समय तक शेयर में दबाव रह सकता है। लेकिन अगले कुछ महीनों में ₹490-500 के स्तर से रिकवरी देखने को मिल सकती है।

उनका कहना है कि सरकार की हिस्सेदारी बिक्री से कंपनी के फंडामेंटल नहीं बदले हैं। कारोबार की बुनियाद अब भी मजबूत है। इसलिए OFS को कंपनी की कमाई या ऑपरेशन में बदलाव के तौर पर नहीं देखना चाहिए।

कॉपर प्रोडक्शन-प्राइस बनेगा बड़ा ट्रिगर

Anand Rathi के मुताबिक, आगे शेयर के लिए सबसे बड़ा ट्रिगर प्रोडक्शन वॉल्यूम होगा। Hindustan Copper की कमाई पर कॉपर की कीमत का सीधा असर पड़ता है। कॉपर की कीमत मजबूत रहने से कंपनी की कमाई को सपोर्ट मिल सकता है।

इसके अलावा रुपये में कमजोरी भी कंपनी के लिए फायदेमंद हो सकती है। यही वजह है कि ब्रोकरेज को आने वाले वर्षों में कंपनी की कमाई में अच्छी बढ़त की उम्मीद है।

वैल्यूएशन पर क्या कहना है?

Hindustan Copper अभी दो साल के फॉरवर्ड EV/EBITDA के आधार पर करीब 16-18 गुना पर ट्रेड कर रहा है। यह वैल्यूएशन पहली नजर में ज्यादा लग सकती है।

लेकिन Anand Rathi का कहना है कि दुनियाभर की कॉपर माइनिंग कंपनियां भी कॉपर के मजबूत लॉन्ग टर्म आउटलुक की वजह से ऊंची वैल्यूएशन पर कारोबार कर रही हैं।

सरकार की हिस्सेदारी बड़ी चिंता नहीं

झोंसा को सरकार की बची हुई हिस्सेदारी से ज्यादा परेशानी नहीं दिखती। पूरे OFS के बाद भी सरकार के पास Hindustan Copper की 60% से ज्यादा हिस्सेदारी रहेगी।

वहीं पब्लिक फ्लोट बढ़ने से शेयर में लिक्विडिटी बेहतर हो सकती है। ज्यादा निवेशकों के लिए शेयर में ट्रेडिंग और निवेश करना आसान होगा।

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IT Stock: ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म यूबीएस ने इन भारतीय IT कंपनियों की बढ़ाई रेटिंग, क्या आप करेंगे इनमें निवेश

IT Stock:  UBS ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) भारतीय IT कंपनियों के लिए ग्रोथ के नए मौके बना रहा है, लेकिन AI से होने वाली कमाई अभी इतनी कम है कि यह तय नहीं किया जा सकता कि क्या यह पारंपरिक IT सर्विस पर पड़ने वाले कीमतों में गिरावट के दबाव (deflationary pressure) की भरपाई कर पाएगी या नहीं। ब्रोकरेज कंपनी अभी भी सोच-समझकर निवेश करने की सलाह दे रही है और बड़ी Tier-1 कंपनियों के मुकाबले Tier-2 कंपनियों को ज़्यादा पसंद कर रही है।

यह ताज़ा आकलन उन ब्रोकरेज रिपोर्टों की कड़ी में एक और रिपोर्ट है जो भारत के IT सर्विस सेक्टर पर AI के असर को समझने की कोशिश कर रही हैं। हाल ही में CLSA और कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज़ ने भी इस सेक्टर में सोच-समझकर निवेश करने की सलाह दी थी। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया था कि भले ही AI नई कमाई के मौके बना रहा है, लेकिन इससे पारंपरिक सर्विस की कीमतों में गिरावट का जोखिम भी पैदा हो रहा है।

बड़ी IT कंपनियों में, UBS ने टेक महिंद्रा की रेटिंग ‘न्यूट्रल’ से बढ़ाकर ‘Buy’  कर दी और इसका टारगेट प्राइस ₹1,460 से काफी बढ़ाकर ₹1,865 कर दिया। इसके उलट, HCLTech के शेयर में हालिया तेज़ी के बाद उसने इसकी ‘Buy’ रेटिंग को बदलकर ‘न्यूट्रल’ कर दिया, हालांकि इसका टारगेट प्राइस ₹1,390 से बढ़ाकर ₹1,415 कर दिया। UBS ने पर्सिस्टेंट सिस्टम्स की रेटिंग भी ‘Buy’ से घटाकर ‘न्यूट्रल’ कर दी, जिसकी मुख्य वजह वैल्यूएशन थी, जबकि इसका टारगेट प्राइस ₹5,995 से बढ़ाकर ₹6,250 कर दिया।

इसने कोफोर्ज (Coforge) की रेटिंग ‘न्यूट्रल’ से बढ़ाकर ‘Buy’ कर दी और इसका टारगेट प्राइस ₹1,505 से काफी बढ़ाकर ₹2,400 कर दिया। Mphasis की रेटिंग भी ‘न्यूट्रल’ से बढ़ाकर ‘Buy’ कर दी गई और इसका टारगेट ₹2,440 से बढ़ाकर ₹2,980 कर दिया गया।

Tier-1 कंपनियों में, UBS का सबसे बड़ा रेटिंग बदलाव टेक महिंद्रा के लिए था। ब्रोकरेज ने शेयर की रेटिंग ‘न्यूट्रल’ से बढ़ाकर ‘Buy’ कर दी और इसका टारगेट ₹1,460 से बढ़ाकर ₹1,865 कर दिया।

UBS ने इन्फोसिस पर ‘बाय’ रेटिंग बनाए रखी और इसका टारगेट प्राइस ₹1,425 से बढ़ाकर ₹1,445 कर दिया। TCS पर ‘न्यूट्रल’ रेटिंग बनी रही और इसका टारगेट ₹2,545 से थोड़ा बढ़ाकर ₹2,565 कर दिया गया, जबकि विप्रो पर भी ‘न्यूट्रल’ रेटिंग बनी रही और इसका टारगेट ₹200 तय किया गया। LTM लिमिटेड (LTIMindtree) की रेटिंग भी ‘न्यूट्रल’ बनी रही, हालांकि UBS ने इसका टारगेट प्राइस ₹4,080 से काफी बढ़ाकर ₹4,995 कर दिया।

AI के मौके बनाम पुराने बिज़नेस में गिरावट

UBS का कहना है कि इन्वेस्टर्स अब IT सर्विस सेक्टर को लेकर मंदी वाले कुछ बुनियादी तर्कों पर सवाल उठाने लगे हैं। उनका कहना है कि भारतीय IT सेक्टर पर तेज़ी का रुख अपनाने के लिए अभी भी पर्याप्त सबूत नहीं हैं। पूरे सेक्टर की कमाई में AI से होने वाली कमाई का हिस्सा अभी भी बहुत कम है।

इससे एक अहम सवाल अनसुलझा रह जाता है। क्या AI से मिलने वाले मौके इतने बड़े होंगे कि वे पुरानी सर्विस (लेगेसी सर्विस) में होने वाली गिरावट की भरपाई कर सकें? ब्रोकरेज उन कंपनियों को प्राथमिकता देती है जो उनके फ्रेमवर्क पर अच्छा स्कोर करती हैं और काम को तेज़ी से आगे बढ़ा रही हैं।

भारतीय IT सेक्टर को लेकर ब्रोकरेज अभी भी चुनिंदा रुख अपना रही हैं

UBS का यह आकलन CLSA और कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज़ द्वारा भारतीय IT सेक्टर पर सावधानी भरा या चुनिंदा रुख अपनाने के कुछ दिनों बाद आया है। इन सभी ने AI के असर और मौजूदा कंपनियों व नई कंपनियों की संभावनाओं पर बार-बार चर्चा की है।

CLSA ने TCS, इंफोसिस और टेक महिंद्रा की रेटिंग को ‘होल्ड’ (बनाए रखें) और विप्रो व एमफेसिस की रेटिंग को ‘अंडरपरफॉर्म’ (कमज़ोर प्रदर्शन) कर दिया है, जबकि कोफोर्ज और पर्सिस्टेंट सिस्टम्स जैसी मिड-टियर कंपनियों को प्राथमिकता दी है। उनका कहना है कि बड़ी IT कंपनियों को पुरानी मैनेज्ड सर्विस में AI के कारण गिरावट और मैक्रो-इकोनॉमिक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, हालांकि AI का वॉल्यूम अंततः FY30 तक इस गिरावट के असर की भरपाई कर सकता है। इसके बाद कोटक ने कहा कि IT शेयरों में हालिया निचले स्तर से 15-35 प्रतिशत की तेज़ी के बाद इस सेक्टर का रिस्क-रिवॉर्ड (जोखिम-लाभ) आकर्षक से बदलकर संतुलित हो गया है।

UPL Share Price: $5 बिलियन के मार्केट कैप वाली इस केमिकल कंपनी के शेयर में 25% का उछाल संभव, जेफरीज बुलिश

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

TCS Share Price: पोर्शे के साथ बड़ी डील के बाद भी क्यों गिरा TCS का शेयर? सिटी और HSBC ने जताई ये बड़ी चिंता

TCS MHP Deal Porsche: टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के शेयर में मंगलवार सुबह शुरुआती बढ़त के बाद गिरावट देखने को मिली। पोर्शे की कंसल्टिंग सहायक कंपनी MHP के 320 मिलियन यूरो यानी करीब ₹3573 करोड़ के अधिग्रहण के बाद वैश्विक ब्रोकरेज फर्मों ने सतर्क रुख अपनाया है।

एनालिस्ट का मानना है कि इस डील से यूरोप के ऑटोमोटिव सेक्टर में TCS की पकड़ मजबूत होगी, लेकिन MHP के घटते रेवेन्यू और इंटीग्रेशन की चुनौतियों को लेकर ब्रोकरेज हाउस काफी चिंतित हैं।

आज 25 अगस्त, मंगलवार को मार्केट खुलने के साथ ही  TCS के शेयरों में गिरावट देखने को मिली। शेयर NSE पर 0.7% गिरकर ₹2,268 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। साल 2026 में अब तक TCS का शेयर करीब 29.2% टूट चुका है।

डील में क्या-क्या है शामिल?

TCS ने जर्मन लग्जरी कार निर्माता पोर्शे की कंपनी MHP Management- und IT-Beratung GmbH की 100% हिस्सेदारी करीब ₹3573 करोड़ में खरीदी है। इस अधिग्रहण के साथ ही पोर्शे ने MHP और TCS के साथ 5 साल के लिए करीब ₹14000 करोड़ का रणनीतिक समझौता भी किया है।

ब्रोकरेज हाउसेस का क्या है कहना?

अधिग्रहण की खबर के बाद प्रमुख वैश्विक ब्रोकरेज फर्मों ने TCS के शेयर पर अपनी रेटिंग और टारगेट प्राइस जारी किए हैं:

सिटी ने TCS के शेयरों को बेचना की सलाह बरकरार रखी है, जो इसके करेंट भाव से करीब 20% की गिरावट का संकेत देता है। ब्रोकरेज का कहना है कि MHP का रेवेन्यू साल 2024 के 830 मिलियन यूरो से घटकर 2025 में 742 मिलियन यूरो रह गया है। गिरता रेवेन्यू TCS के लिए जोखिम बन सकता है। Citi का टारगेट प्राइस ₹1825 का है।

वहीं HSBC ने निवेशकों को TCS के शेयर होल्ड करने की सलाह दी है। ब्रोकरेज का कहना है कि इस डील से TCS की यूरोप के ऑटोमोटिव सेक्टर में मौजूदगी तो बढ़ेगी, लेकिन कंपनी के प्रति शेयर आय पर तुरंत कोई बड़ा असर नहीं दिखेगा। साथ ही दोनों कंपनियों का विलय चुनौतीपूर्ण हो सकता है। HSBC का टारगेट प्राइस ₹2350 का है।

क्या करती है MHP कंपनी?

MHP एक ऑटोमोटिव और इंडस्ट्रियल कंसल्टिंग कंपनी है, जिसके पास 4,500 से अधिक कर्मचारी हैं। यह कंपनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), सॉफ्टवेयर-डिफाइंड मोबिलिटी, SAP और मैन्युफैक्चरिंग डिजिटलाइजेशन के क्षेत्र में काम करती है।

आईटी सेक्टर के लिए क्या हैं चुनौतियां?

यह डील ऐसे समय में हुई है जब पूरी भारतीय आईटी इंडस्ट्री टेक खर्च में सुस्ती और जेनेरिक एआई के कारण आ रहे बदलावों से जूझ रही है। MHP के कम वैल्युएशन पर मिलने की मुख्य वजह भी इसके घटते रेवेन्यू का रिस्क ही है।

एक्सपर्ट्स का मानना है कि भले ही पोर्शे के साथ लंबी अवधि के सौदे से TCS को भविष्य में रेवेन्यू का सपोर्ट मिलेगा, लेकिन MHP के गिरते बिजनेस को वापस पटरी पर लाना और इसका TCS के साथ तालमेल बिठाना कंपनी प्रबंधन के लिए एक बड़ी परीक्षा होगी।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Gold Price Today: चारों महानगरों में सबसे महंगा गोल्ड दिल्ली में, चेक करें 10 शहरों में 24 से 18 कैरट सोना कहां सबसे सस्ता

Gold Rate Today in India: कमजोर अमेरिकी डॉलर और ग्लोबल बाजार में तेजी के चलते गोल्ड की चमक आज लगातार दूसरे दिन मजबूत हुई है तो इंडस्ट्रियल डिमांड में नरमी से चांदी पर दबाव दिखा। गोल्ड की बात करें तो एक दिन की स्थिरता के बाद लगातार दो दिनों में 10 ग्राम 24 कैरट वाला गोल्ड ₹890 और 22 कैरट वाला ₹810 महंगा हुआ है। 23 अगस्त की स्थिरता से पहले लगातार तीन दिनों में 10 ग्राम 24 कैरट की शुद्धता वाला गोल्ड ₹8120 और 22 कैरट वाला ₹7450 महंगा हुआ है। अब आज की बात करें तो राजधानी दिल्ली में आज 24 कैरट और 22 कैरट वाला 10 ग्राम गोल्ड ₹10 मजबूत हुआ है। चांदी की बात करें तो आज इसकी चमक फीकी हुई है। लगातार तीन दिनों की स्थिरता के बाद आज इसके भाव नीचे आए हैं। एक किलो चांदी आज ₹100 सस्ती हुई है।

सिटीवाइज गोल्ड के भाव

देश के 10 बड़े शहरों में 18 कैरट, 22 कैरट और 24 कैरट शुद्धता वाले 10 ग्राम सोने की कीमत क्या है, आइए जानते हैं…

शहर 24 कैरट 10 ग्राम गोल्ड भाव 22 कैरट 10 ग्राम गोल्ड भाव 18 कैरट 10 ग्राम गोल्ड भाव
दिल्ली₹1,64,130₹1,50,460₹1,23,090
मुंबई₹1,63,980 ं₹1,50,310₹1,22,940
कोलकाता₹1,63,980₹1,50,310₹1,22,940
चेन्नई₹1,63,980₹1,50,310₹1,28,010
बेंगलुरू₹1,63,980₹1,50,310₹1,22,940
हैदराबाद₹1,63,980₹1,50,310₹1,22,940
लखनऊ₹1,64,130₹1,50,460₹1,23,090
पटना₹1,64,030₹1,50,360₹1,22,990
जयपुर₹1,64,130₹1,50,460₹1,23,090
अहमदाबाद₹1,64,030₹1,50,360₹1,22,990

तीन दिनों की स्थिरता के बाद फिसली चांदी

चांदी की बात करें तो लगातार तीन दिनों की स्थिरता के बाद आज इसके भाव कम हुए हैं। इन तीन दिनों की स्थिरता से पहले लगातार दो दिनों में एक किलो चांदी ₹10,500 ऊपर चढ़ी थी तो उससे भी एक दिन पहले 19 अगस्त को एक किलो चांदी ₹5000 नीचे आई थी। अब आज की बात करें तो दिल्ली में एक किलो चांदी ₹100 सस्ती होकर ₹2,59,900 के भाव में बिक रही है। बाकी अहम महानगरों की बात करें तो मुंबई और कोलकाता में भी यह इसी भाव पर बिक रही है। हालांकि चेन्नई में एक किलो चांदी का भाव ₹2,75,100 है यानी कि चारों बड़े महानगरों में सबसे महंगी चांदी चेन्नई में बिक रही है।

क्या कहना है एक्सपर्ट का

लेमन मार्केट्स डेस्क के रिसर्च हेड गौरव गर्ग का कहना है कि कमजोर अमेरिकी डॉलर और सुरक्षित निवेश की मांग के चलते घरेलू बाजार में सोना तेजी से ऊपर चढ़ा। अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ने से निवेशकों का रुझान सुरक्षित एसेट्स की तरफ बढ़ा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने की कीमत बढ़ी है। स्पॉट गोल्ड $42.45 यानी करीब 1% बढ़कर प्रति औंस $4,646.54 पर पहुंच गया। वहीं चांदी प्रति औंस करीब $69 पर स्थिर रही।

एनालिस्ट्स के मुताबिक अब गोल्ड की चाल सिर्फ जियो-पॉलिटिकल टेंशन से नहीं तय होगी बल्कि महंगाई और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के रुख पर भी बाजार की नजर रहेगी। कोटक सिक्योरिटीज में कमोडिटी रिसर्च की एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट (AVP) कायनात चेनवाला का कहना है कि पश्चिमी एशिया में तनाव के कारण अगर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो फेडरल रिजर्व के सामने महंगाई को लेकर चुनौती बढ़ सकती है। मार्केट की नजर इस बात पर रहेगी कि फेड इस बढ़ोतरी को अस्थायी मानता है या इससे महंगाई का बड़ा रिस्क पैदा होता है।

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Tata Group Stock: टाटा ग्रुप के स्टॉक में 42% कमाई का मौका! मोतीलाल ओसवाल ने ₹1500 का टारगेट दिया

Tata Group Stock: टाटा ग्रुप की FMCG कंपनी Tata Consumer Products के शेयर को लेकर ब्रोकरेज हाउस Motilal Oswal काफी पॉजिटिव है। ब्रोकरेज ने शेयर पर Buy रेटिंग दी है। साथ ही इसका टारगेट प्राइस ₹1,500 रखा है। अभी शेयर करीब ₹1,057.90 पर है। यानी मौजूदा भाव से शेयर में करीब 42% की तेजी की गुंजाइश है।

₹1,500 तक क्यों जा सकता है शेयर?

टाटा कंज्यूमर अब सिर्फ चाय और नमक की कंपनी नहीं रही। कंपनी लगातार नए कारोबार में उतर रही है। Tata Sampann, Tata Soulfull, Organic India और Capital Foods जैसे ब्रांड तेजी से बढ़ रहे हैं। इससे कंपनी का ग्रोथ पोर्टफोलियो मजबूत हो रहा है।

कंपनी नए प्रोडक्ट भी तेजी से लॉन्च कर रही है। FY25 में 41 नए प्रोडक्ट आए थे। FY26 में यह संख्या बढ़कर 80 हो गई। इनमें 55% प्रोडक्ट हेल्थ और वेलनेस से जुड़े थे। यानी कंपनी अब इस सेगमेंट पर खास जोर दे रही है।

ऑनलाइन बिक्री बनी बड़ा सहारा

Tata Consumer के लिए ई-कॉमर्स और क्विक कॉमर्स भी तेजी से बढ़ रहे हैं। FY22 में भारत के कारोबार में इन चैनलों की हिस्सेदारी 19% थी। FY26 में यह बढ़कर 41% हो गई। ई-कॉमर्स और क्विक कॉमर्स से मिलकर कंपनी को 19% रेवेन्यू मिल रहा है।

कंपनी की पहुंच भी बढ़ी है। FY26 में कंपनी 45 लाख आउटलेट तक पहुंच चुकी थी। इसका फायदा नए प्रोडक्ट को तेजी से बाजार में उतारने में मिल सकता है।

कमाई बढ़ने का अनुमान

Motilal Oswal को उम्मीद है कि FY26 से FY28 के बीच कंपनी का रेवेन्यू करीब 10% CAGR से बढ़ेगा। EBITDA में 16% और मुनाफे में 21% CAGR का अनुमान है। इसी उम्मीद के आधार पर ब्रोकरेज ने ₹1,500 का टारगेट दिया है।

टाटा कंज्यूमर के इंटरनेशनल कारोबार पर कॉफी की महंगी कीमतों का असर पड़ा था। अब इसमें राहत मिल रही है। FY27 की पहली तिमाही में Arabica की कीमत 6% और Robusta की कीमत 9% तिमाही आधार पर घटी। इससे खासकर अमेरिकी कारोबार के मार्जिन में सुधार की उम्मीद है।

टाटा कंज्यूमर के शेयर

टाटा कंज्यूमर का शेयर सोमवार को 0.85% की बढ़त के साथ 1,057.90 रुपये पर बंद हुए। पिछले 6 महीने में यह 10.20% टूटा है। वहीं, 1 साल में 2.19% गिरा है। कंपनी का मार्केट कैप 1.05 लाख करोड़ रुपये है।

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Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Vishal Mega Mart Share Price: गिरते बाजार में हाइपरमार्केट चेन का शेयर 11% भागा, MD गुनेंदर कपूर के रीअपॉइंटमेंट से ​निवेशक खुश

हाइपरमार्केट चेन विशाल मेगा मार्ट के शेयरहोल्डर्स के लिए 24 अगस्त का दिन बेहद अच्छा बीत रहा है। शेयर की कीमत में दिन में 11 प्रतिशत तक की बढ़त दर्ज की गई। बीएसई पर भाव 115.40 रुपये के हाई तक गया। कंपनी ने शुक्रवार, 21 अगस्त को बाजार बंद होने के बाद जानकारी दी थी कि उसके मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) और चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) गुनेंदर कपूर को अगले 5 सालों के लिए रीअपॉइंट किया गया है। उनका नया कार्यकाल 1 सितंबर 2026 से शुरू होगा और 31 अगस्त 2031 तक रहेगा।

कंपनी ने एक्सचेंज फाइलिंग में कहा कि कपूर को 27 जून 2024 को 3 साल के लिए विशाल मेगा मार्ट का MD और CEO नियुक्त किया गया था। उनका मौजूदा कार्यकाल 26 जून 2027 को खत्म हो रहा है। उनके रीअपॉइंटमेंट पर अभी शेयरहोल्डर्स की मंजूरी लिया जाना बाकी है।

शेयर एक साल में 25 प्रतिशत गिरा

विशाल मेगा मार्ट दिसंबर 2024 में शेयर बाजारों में लिस्ट हुई थी। इसका IPO 8000 करोड़ रुपये का था। कंपनी का मार्केट कैप 52900 करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। यह BSE 200 इंडेक्स का हिस्सा है। शेयर एक साल में 25 प्रतिशत नीचे आया है। साल 2026 में अब तक यह 16 प्रतिशत की गिरावट देख चुका है। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 40.09 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। शेयर का BSE पर 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 157.75 रुपये और निचला स्तर 98.70 रुपये है।

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कंपनी की वित्तीय सेहत

कंपनी का अप्रैल-जून 2026 तिमाही में स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 1,887.31 करोड़ रुपये रहा। शुद्ध मुनाफा 173.19 करोड़ रुपये और प्रति शेयर अर्निंग 37 लाख रुपये दर्ज की गई। वित्त वर्ष 2026 के दौरान विशाल मेगा मार्ट का स्टैंडअलोन रेवेन्यू 6,631.38 करोड़ रुपये, शुद्ध मुनाफा 656 करोड़ रुपये और प्रति शेयर अर्निंग 1.41 करोड़ रुपये रही।

जून तिमाही में विशाल मेगा मार्ट ने 24 नए स्टोर खोले, जिससे इसके कुल स्टोर्स की संख्या 819 हो गई। कंपनी ने अपनी क्विक-कॉमर्स पहल का विस्तार 520 शहरों में 767 स्टोर तक किया है। इसके रजिस्टर्ड यूजर्स की संख्या 1.41 करोड़ है।

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

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होम सर्विसेज देने वाली अर्बन कंपनी के शेयरों में 24 अगस्त को अच्छी तेजी है। BSE पर शेयर की कीमत शुरुआती कारोबार में पिछले बंद भाव से 6.8 प्रतिशत तक उछलकर 169.45 रुपये के हाई तक गई। कंपनी का मार्केट कैप बढ़कर 25900 करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया है। इस उछाल की अहम वजह है- कंपनी और केंट RO सिस्टम के बीच हुए विवाद का नतीजा और UBS की ओर से ‘बाय’ रेटिंग के साथ शुरू किया गया कवरेज। दरअसल अर्बन कंपनी ने केंट RO सिस्टम के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में मानहानि और अपमानजनक प्रचार का केस दायर किया था।

कंपनी का आरोप था कि Kent RO के विज्ञापनों और सोशल मीडिया कंटेंट में उसके ‘Native’ वॉटर प्योरिफायर्स के बारे में गलत और गुमराह करने वाले दावे किए गए। मुकदमेबाजी के बाद केंट ने कहा है कि वह ‘Native’ वॉटर प्योरिफायर के बारे में अपमानजनक विज्ञापन हटा लेगी।

Urban Company ने शेयर बाजारों को बताया है कि उसने 11 अगस्त को यह केस दायर किया था। आरोप लगाया कि Kent RO का विज्ञापन कैंपेन उसके ‘Native’ M0, M1, M2, M1 Pro और M2 Pro वॉटर प्योरिफायर की दो साल की फिल्टर लाइफ और दो साल की सर्विस लाइफ वाली खूबियों को निशाना बना रहा है। Kent RO के विज्ञापनों में इन खूबियों को “मार्केटिंग का हथकंडा” बताया गया और दावा किया गया कि ग्राहकों के लिए ‘Native’ वॉटर प्योरिफायर का इस्तेमाल असुरक्षित और जोखिम भरा है।

12 अगस्त को हुई हाई कोर्ट में सुनवाई

इस मामले की सुनवाई 12 अगस्त को हाई कोर्ट में हुई। Kent RO से कहा गया कि वह 15 दिनों के अंदर विवादास्पद विज्ञापन और सोशल मीडिया कंटेंट हटा ले। इसके बाद Kent RO ने कहा कि वह केस से जुड़े विज्ञापनों को हटा लेगी और ऐसे ही या मिलते-जुलते दावे करने वाले दूसरे विज्ञापन या प्रमोशनल कंटेंट नहीं चलाएगी।

अर्बन कंपनी भारत, UAE, सिंगापुर और सऊदी अरब में एक मल्टी कैटेगरी होम सर्विस प्लेटफॉर्म के तौर पर काम करती है। इसके प्लेटफॉर्म पर क्लीनिंग, प्लंबिंग, इलेक्ट्रिक वर्क, अप्लायंसेज रिपेयर, ब्यूटी ट्रीटमेंट और मसाज थेरेपी जैसी सर्विसेज मिलती हैं। इसका InstaHelp वर्टिकल बुकिंग के 10-15 मिनट के अंदर सफाई, बर्तन धोने, कपड़े धोने और खाना बनाने के लिए लोग मुहैया कराने जैसी सर्विसेज देता है।

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UBS ने Urban Company पर दी ‘बाय’ रेटिंग

अर्बन कंपनी 17 सितंबर 2025 को ​लिस्ट हुई थी। इसका IPO 1,900.24 करोड़ रुपये का था। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 19.02 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। ब्रोकरेज फर्म UBS ने इस शेयर पर कवरेज शुरू किया है और इसे “बाय” रेटिंग दी है। टारगेट प्राइस 180 रुपये प्रति शेयर रखा है। मॉर्गन स्टेनली ने स्टॉक की रेटिंग को “अंडरवेट” से डबल अपग्रेड कर सीधा “ओवरवेट” कर दिया है। टारगेट प्राइस 128 रुपये से बढ़ाकर 165 रुपये प्रति शेयर कर दिया है।

अप्रैल-जून 2026 तिमाही में कंपनी को कंसोलिडेटेड बेसिस पर 92.12 करोड़ रुपये का घाटा हुआ। एक साल पहले कंपनी 6.94 करोड़ रुपये के मुनाफे में थी। जून 2026 तिमाही में ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू सालाना आधार पर 43.85 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 528.34 करोड़ रुपये रहा।

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।