Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : GIFT Nifty के संकेतों को देखते हुए लगता है कि 11 सितंबर को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स में गैप-डाउन शुरुआत हो सकती है। GIFT Nifty शुरुआती कारोबार में 23,356.50 के आसपास कमजोर के साथ ट्रेड कर रहा था। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

10 सितंबर को भारतीय इक्विटी इंडेक्स में तीन दिन से जारी गिरावट थमती दिखी और सीमित दायरे में कारोबार के बीच सेंसेक्स-निफ्टी बढ़त के साथ बंद हुए। मीडिया और फाइनेंशियल शेयरों में खरीदारी के चलते निफ्टी 23,400 के स्तर के ऊपर बंद होने में कामयाब रहा। धीमी शुरुआत के बाद,मिडिल ईस्ट में जारी जियोपॉलिटिकल तनाव और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के चलते निवेशकों के सतर्क रहने से बाज़ार पूरे सेशन के दौरान सीमित दायरे में ही रहा। अमेरिका के महंगाई के आंकड़ों से पहले बाज़ार का मूड भी सुस्त रहा, हालांकि आखिरी घंटे में हुई खरीदारी से दिन भर के सारे नुकसान भरपाई हो गई और बाज़ार बढ़त के साथ बंद हुआ। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 138.36 अंक या 0.19 प्रतिशत बढ़कर 74,902.59 पर और निफ्टी 46.30 अंक या 0.20 प्रतिशत बढ़कर 23,477.80 पर बंद हुआ।

GIFT निफ्टी

शुरुआती कारोबार में GIFT निफ्टी लगभग 23,356.50 के निचले स्तर पर ट्रेड कर रहा था,जो घरेलू इक्विटी मार्केट में कमजोर शुरुआत का संकेत है।

एशियाई इक्विटी

तेल की कीमतों में उछाल के कारण अमेरिकी बाजारों में बिकवाली आई है। अधिकांस एशियाई शेयर बाजारों में गिरावट आई है। वहीं,महंगाई के ताजा आंकड़ों ने फेडरल रिजर्व द्वारा जल्द ही ब्याज दरें बढ़ाने की उम्मीदों को और मजबूत कर दिया है।

अमेरिकी बाजार

गुरुवार को US के शेयर बाज़ार गिरावट के साथ बंद हुए। S&P 500 में 0.58% की गिरावट आई और यह 7,591.75 पर बंद हुआ। नैस्डैक (Nasdaq) 0.65% गिरकर 26,081.73 पर आ गया,जबकि डाओ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 0.60% गिरकर 52,064.10 पॉइंट्स पर बंद हुआ।

डॉलर इंडेक्स सपाट

शुक्रवार को एशियाई ट्रेडिंग की शुरुआत में डॉलर पिछले हफ़्ते के अपने सबसे ऊंचे स्तर के आस-पास बना रहा और येन लगातार दूसरे दिन नीचे आया। मिडिल ईस्ट में एनर्जी सप्लाई में रुकावट की नई आशंकाओं के कारण बॉन्ड यील्ड और तेल की कीमतें बढ़ गईं। फिलहाल US डॉलर इंडेक्स 99.04 पर दिख रहा है।

US बॉन्ड यील्ड

शुक्रवार को ग्लोबल बॉन्ड यील्ड नए हाई पर पहुंच गए है और शेयर बाजार गिर गए हैं। तेल की बढ़ती कीमतों ने महंगाई का खतरा बढ़ा दिया है। इससे दुनिया भर के सेंट्रल बैंकों की ओर से पॉलिसी को और सख्त किए जाने की आशंका के चलते निवेशक घबराए दिख रहे हैं।

अमेरिका में 10 ईयर ट्रेजरी यील्ड बढ़कर 5% के लेवल के करीब पहुच गई है। 30-साल के यील्ड 2007 के बाद के सबसे ऊंचे स्तर पर हैं और 2-साल के यील्ड 4.5% से ऊपर चले गए हैं। बाज़ार में इस बात की उम्मीदें बढ़ गई हैं कि महंगाई को काबू में करने के लिए US फ़ेडरल रिज़र्व को इस महीने ब्याज दरें बढ़ानी पड़ेंगी। अभी इसकी संभावना 72% मानी जा रही है। इसी के चलते ट्रेजरी यील्ड में बढ़त हुई है।

एशियन करेंसी

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले एशियाई करेंसीज में मिला-जुला कारोबार दिख रहा है। दक्षिण कोरियाई वॉन में सबसे ज़्यादा 0.32% की बढ़त हुई है। इसके बाद सिंगापुर डॉलर और जापानी येन में 0.06% की मज़बूती आई है। दूसरी ओर फिलीपीन पेसो में 0.34% की गिरावट आई है। जबकि ताइवान डॉलर, मलेशियाई रिंगित और इंडोनेशियाई रुपिया में 0.24%, 0.22% और 0.21% की गिरावट दर्ज की गई है। चीनी रेनमिनबी और थाई बहत में भी मामूली गिरावट आई है।

क्रूड में उबाल, ब्रेंट $108/bbl के पार

कच्चे तेल और बॉन्ड यील्ड का आज भी रेड अलर्ट है। वेस्ट एशिया टेंशन से क्रूड में जुलाई के बाद सबसे बड़ा उछाल आया है। यह 6 फीसदी चढ़कर 108 डॉलर के पार निकल गया है। गिफ्ट निफ्टी करीब 125 प्वाइंट फिसला है। एशिया में भी गिरावट है। अमेरिकी बाजारों में भी लगातार चौथे दिन गिरावट रही। 4 दिनों में डाओ 1600 अंक लुढ़का है।

सोना-चांदी में तेज गिरावट

अमेरिका में इंफ्लेशन की भी टेंशन है। अगस्त होलसोल महंगाई अनुमान से ज्यादा निकली है। इससे 0.25% ब्याज दरें बढ़ने की आशंका 72% पर पहुंच गई है। सोने-चांदी में बड़ी गिरावट आई है। गोल्ड 2 फीसदी तो चांदी 6 फीसदी लुढ़की। अब बाजार की नजरें आज आने वाले अमेरिकी रिटेल महंगाई आंकड़ों पर है।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी

10 सितंबर को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने भारतीय बाज़ार में 438 करोड़ रुपये के शेयर बेचे,जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने इस दौरान 1,000 करोड़ रुपये से ज़्यादा के शेयर खरीदे।

NSE IPO का प्राइस बैंड 1700-1785/Sh तय

NSE IPO का प्राइस बैंड 1700-1785 रुपए प्रति शेयर तय किया गया है। यह आईपीओ 17 सितंबर से 21 सितंबर तक खुलेगा। यह 4.42 लाख करोड़ के वैल्युएशन में आएगा। आज ढ़ाई बजे कंपनी की प्रेस कॉन्फ्रेंस है।

HDFC बैंक को बहरीन कोर्ट से बड़ी राहत मिली

HDFC बैंक की बड़ी कानूनी जीत हुई है। इसे Credit Suisse AT1 बॉन्ड मामले में बहरीन कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने निवेशकों के सभी 7 दावे खारिज कर दिए हैं।

ग्रेन्यूल्स इंडिया में 1,500 करोड़ रुपए की ब्लॉक डील संभव

ग्रेन्यूल्स इंडिया में आज 1,500 करोड़ रुपए की ब्लॉक डील संभव है। प्रोमोटर कृष्ण प्रसाद 6.9% हिस्सेदारी बेच सकते हैं। 2.5 फीसदी डिस्काउंट पर करीब 872 रुपए प्रति शेयर फ्लोर प्राइस तय की गई है।

BRICS समिट के लिए दिल्ली पहुंचे रूसी राष्ट्रपति पुतिन

BRICS समिट के लिए रूसी राष्ट्रपति पुतिन दिल्ली पहुंच गए हैं। आज PM मोदी से उनकी मुलाकात होगी। भारत-रुस के बीच बड़े रक्षा समझौते हो सकते हैं। उधर चीन के राष्ट्रपति शी चिनपिंग ने भी भारत आने की पुष्टि की है। कल से दिल्ली में BRICS समिट शुरू होगा।

 

Market cues : मार्केट पर मंदड़ियों का कंट्रोल कायम, 23070 के लेवल तक गिर सकता है निफ्टी

Petrol Diesel Price Today: क्रूड ऑयल 108 डॉलर पार, पेट्रोल-डीजल खरीदने से पहले चेक करें आज के नए भाव, अपने शहर की पूरी प्राइज लिस्ट देखें

Petrol Diesel Price Today: 11 सितंबर को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में एक बार फिर बड़ा उछाल देखने को मिल रहा है. मिडिल ईस्ट के प्रमुख के ट्रेड रूट्स खासकर समंदर से होने वाले कारोबार पर बढ़ते हमलों और सप्लाई में संभावित रुकावट की वजह से ग्लोबल बाजार में ब्रेंट क्रूड 108 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है. रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक करीब चार महीनों में पहली बार दोनों प्रमुख ग्लोबल बेंचमार्क हफ्ते का अंत 100 डॉलर से ऊपर रहकर करने की ओर बढ़ रहे हैं.

वैसे राहत की बात यह है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आई इस बड़ी तेजी के बावजूद भारतीय बाजार में आज पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं. देश की सरकारी तेल विपणन कंपनियां रोजाना सुबह 6 बजे पेट्रोल और डीजल के नए रेट जारी करती हैं.

पहले जानिए क्रूड ऑयल में तेजी क्यों?

रॉयटर्स के आंकड़ों के मुताबिक, ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स $1.05 या 1 फीसदी चढ़कर $108.68 प्रति बैरल पर पहुंच गया है. वहीं, यूएस वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड भी 95 सेंट यानी 1 फीसदी बढ़कर $103.45 प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है. साप्ताहिक आधार पर दोनों बेंचमार्क में लगभग 13 फीसदी की जोरदार बढ़त दर्ज की गई है। ये 17 जुलाई के बाद की सबसे बड़ी साप्ताहिक बढ़त है.

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव की वजह से लाल सागर के रास्तों पर खतरा बढ़ गया है. यमन के मोचा बंदरगाह पर हूती विद्रोहियों का नियंत्रण होने और स्ट्रैट ऑफ हॉर्मुज में तेल टैंकरों पर हमले तेज होने से रीजनल ऑयल सप्लाई बाधित होने की आशंका गहरा गई है. यमन से सऊदी ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हुए हमलों ने तनाव को और बढ़ा दिया है। इससे वैश्विक बाजार में कच्चे तेल के दाम चढ़ रहे हैं.

दिल्ली, नोएडा, मुंबई समेत प्रमुख शहरों में आज के पेट्रोल-डीजल के भाव

देश के अलग अलग शहरों में वैट और स्थानीय टैक्स की अलग-अलग दरों के कारण पेट्रोल और डीजल की कीमतें अलग अलग होती हैं. 11 सितंबर को प्रमुख शहरों में ताजा दरें इस प्रकार हैं:

दिल्ली: दिल्ली में आज 1 लीटर पेट्रोल की कीमत ₹102.12और डीजल ₹95.20 प्रति लीटर बिक रहा है. वहीं, प्रीमियम XP95 ₹109.24 और हाई-ऑक्टेन XP100 ₹167.35 प्रति लीटर पर उपलब्ध है.

नोएडा: नोएडा में पेट्रोल ₹101.77  प्रति लीटर और डीजल ₹95.26 प्रति लीटर है.

गुरुग्राम: गुरुग्राम में पेट्रोल ₹102.97और डीजल ₹95.64 प्रति लीटर के भाव पर मिल रहा है.

फरीदाबाद: फरीदाबाद में आज पेट्रोल ₹103.28 और डीजल ₹95.94 प्रति लीटर दर्ज किया गया है.

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में पेट्रोल ₹101.89 और डीजल ₹95.36 प्रति लीटर बिक रहा है.

पटना: बिहार के पटना में पेट्रोल ₹113.37 प्रति लीटर और डीजल ₹99.36 प्रति लीटर के स्तर पर है.

रांची: झारखंड की राजधानी रांची में पेट्रोल ₹105.26 और डीजल ₹100.49 प्रति लीटर है.

भोपाल: मध्य प्रदेश के भोपाल में पेट्रोल ₹114.57, डीजल ₹99.64, XP95 ₹123.88 और XG ₹104.90 प्रति लीटर के भाव पर उपलब्ध है.

जयपुर: राजस्थान के जयपुर में 1 लीटर पेट्रोल ₹112.69 और डीजल ₹97.78 में मिल रहा है.

देहरादून: उत्तराखंड के देहरादून में पेट्रोल ₹100.55 प्रति लीटर और डीजल ₹95.93 प्रति लीटर है.

शिमला: हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में पेट्रोल ₹103.25, डीजल ₹95.21 और प्रीमियम XP95 ₹111.90 प्रति लीटर बिक रहा है.

भारत में कौन से फैक्टर तैय करते हैं पेट्रोल-डीजल की कीमतें

भारत में पेट्रोल और डीजल की रिटेल वैल्यू को कई चीजें प्रभावित करती हैं. पहला है कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमत. पेट्रोल और डीजल का उत्पादन कच्चे तेल से होता है. जब अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क में कच्चे तेल के दाम बढ़ते हैं, तो तेल रिफाइनरियों की लागत बढ़ जाती है. डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया की स्थिति का भी असर पड़ता है. भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है, जिसका भुगतान अमेरिकी डॉलर में किया जाता है. अगर डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर होता है, तो क्रूड आयात करना महंगा हो जाता है.

पेट्रोल-डीजल की खुदरा कीमत में केंद्र सरकार की एक्साइज ड्यूटी और राज्य सरकारों का वैट (VAT) शामिल होता है, जिसके कारण हर राज्य में दरें अलग होती हैं. क्रूड ऑयल को पेट्रोल और डीजल में बदलने की रिफाइनिंग लागत और उसे देशभर के पेट्रोल पंपों तक पहुंचाने का मालभाड़ा भी अंतिम कीमत में जोड़ा जाता है. बाजार में ईंधन की खपत और आपूर्ति का संतुलन भी कीमतों को प्रभावित करता है. त्योहारों या मौसम के बदलाव के समय मांग बढ़ने पर भी इसका असर पड़ता है.

अपने मोबाइल पर SMS से ऐसे चेक करें अपने शहर के ताजा रेट

अगर आप अपने शहर में पेट्रोल और डीजल की नई दरें एसएमएस के जरिए जानना चाहते हैं, तो यह प्रक्रिया बेहद आसान है-

Indian Oil (IOCL) ग्राहक: अपने मोबाइल से RSP <शहर का कोड> टाइप करें और इसे 9224992249 पर भेज दें.

Bharat Petroleum (BPCL) ग्राहक: मैसेज बॉक्स में RSP लिखकर 9223112222 पर भेजें.

Hindustan Petroleum (HPCL) ग्राहक: HP Price लिखकर 9222201122 पर भेजें.

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

BRICS 2026: दिल्ली में स्ट्रीट वेंडर्स के स्टॉल नहीं लगेंगे:यूपी-एमपी समेत 7 राज्यों के फ्लाइंग ट्रेनिंग सेंटर्स पर रोक, DGCA बोला- 3 दिन कोई विमान न उड़ाएं

दिल्ली में होने वाले BRICS समिट के दौरान उत्तर प्रदेश से काम करने वाले फ्लाइंग ट्रेनिंग ऑर्गनाइजेशन (FTOs) को उड़ान भरने की इजाजत नहीं होगी। DGCA ने ट्रेनिंग सेंटर्स को भेजे एक मैसेज में कहा है कि ये पाबंदियां 11 सितंबर की सुबह 7 बजे से 13 सितंबर की रात 11 बजे तक लागू रहेंगी। इस आदेश के तहत हल्के/माइक्रो-लाइट एयरक्राफ्ट, हैंग ग्लाइडर, हेलीकॉप्टर वगैरह समेत किसी भी एयरक्राफ्ट को उड़ान भरने या शुरू करने की परमिशन नहीं होगी। उत्तर प्रदेश के अलावा यह पाबंदी पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश में मौजूद ट्रेनिंग सेंटर्स पर भी लागू होगी। BRICS समिट 12-13 सितंबर को नई दिल्ली के भारत मंडपम में होने वाली है। इस साल की थीम “बिल्डिंग फॉर रेजिलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन एंड सस्टेनेबिलिटी” है। दिल्ली में सजावट और सुरक्षा, 4 तस्वीरें… स्ट्रीट वेंडर्स को स्टॉल न लगाने का निर्देश नेशनल एसोसिएशन ऑफ स्ट्रीट वेंडर्स ऑफ इंडिया (NASVI) का दावा है कि ब्रिक्स समिट से पहले दिल्ली के कई इलाकों में स्ट्रीट वेंडर्स से अपना काम रोकने के लिए कहा जा रहा है। संगठन ने अधिकारियों से अपील की है कि वे यह पक्का करें कि सुरक्षा इंतजामों की वजह से वेंडर्स की रोजी-रोटी पर असर न पड़े। NASVI के मुताबिक, इंडिया गेट, मदनगीर, भीकाजी कामा प्लेस, वसंत विहार, साकेत और आरके पुरम जैसे इलाकों में वेंडर्स ने बताया है कि पुलिस वालों ने उनसे अपने स्टॉल न लगाने या अपना काम न करने के लिए कहा है। एक्सपर्ट की राय- साझा सिद्धांतों पर अमल हुआ तो भारत को मिलेंगे ब्रिक्स के 10 नए बाजार काजिम रिजवी (डिजिटल और आईटी एक्सपर्ट) के मुताबिक ये सभी राय दिए गए है। BRIC से BRICS तक ऐसे बढ़ा समूह BRICS की शुरुआत ब्राजील, रूस, भारत और चीन के BRIC गठबंधन के तौर पर हुई थी। इन देशों के विदेश मंत्रियों की पहली बैठक 2006 में न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान हुई थी। इसके बाद 2009 में रूस के येकातेरिनबर्ग में BRIC का पहला शिखर सम्मेलन हुआ। दक्षिण अफ्रीका के 2011 में शामिल होने के बाद इसका नाम BRICS हो गया। जनवरी 2024 में मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब और UAE को पूर्ण सदस्य बनाया गया। इसके बाद जनवरी 2025 में इंडोनेशिया भी पूर्ण सदस्य बना। अब BRICS में 11 पूर्ण सदस्य देश हैं। इसके साथ साझेदार देशों की संख्या भी बढ़ रही है। यह समूह वैश्विक आर्थिक और कूटनीतिक मामलों में महत्वपूर्ण प्रभाव रखता है। ——————–
ये खबर भी पढ़ें… ब्रिक्स देश डिजिटल करेंसी से कारोबार की तैयारी में: छोटे कारोबारियों को बड़ी राहत; बिना कुछ गिरवी रखे ब्रिक्स देशों में कारोबार कर पाएंगे भारत ब्रिक्स समिट के दौरान डिजिटल करेंसी को आपस में जोड़ने वाले एक पायलट प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है। चीन और रूस,भारत के साथ मिलकर इसका ट्रायल करेंगे। इसका मकसद ब्रिक्स देशों के बीच कारोबार में अमेरिकी डॉलर जैसी किसी तीसरी करेंसी पर निर्भरता कम करना है। यानी देश आपस में सीधे अपनी-अपनी करेंसी में पेमेंट कर सकें। हालांकि कोई नई साझा करेंसी शुरू नहीं की जाएगी। पढ़ें पूरी खबर…

Gold Investment: आज सोने में लगाए ₹50,000 तो 2036 में कितने हो जाएंगे? समझिए 10 साल के रिटर्न का पूरा गणित

Gold Price Return Projection 2026 to 2036: भारतीय परिवारों में सोना हमेशा से सिर्फ गहने के तौर पर ही नहीं, बल्कि सबसे भरोसेमंद वेल्थ के रूप में पसंद किया जाता रहा है। रिकॉर्ड ऊंचाइयों को छूने के बाद आज हर निवेशक के मन में एक ही सवाल है अगर आज सोने में ₹50,000 लगाए जाएं, तो अगले 10 साल में यानी 2036 तक इसकी वैल्यू कितनी हो सकती है?

वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के आंकड़ों और ऐतिहासिक रिटर्न को आधार बनाकर आइए आसान भाषा में समझते हैं कि अलग-अलग सालाना रिटर्न (CAGR) के हिसाब से आपका ₹50,000 का निवेश 2036 तक कितना बन सकता है।

पिछले 10 सालों में सोने ने दिया बंपर रिटर्न

भविष्य के अनुमान से पहले यह देखना जरूरी है कि पिछले एक दशक में सोने की कीमतें कितनी तेजी से बढ़ी हैं। साल 2016 में कीमत 10 ग्राम (24 कैरेट) सोने का औसत भाव करीब ₹28,623 था। 2026 में यह बढ़कर लगभग ₹1,53,250 प्रति 10 ग्राम हो चुका है।

पिछले 10 सालों में सोने की कीमतें करीब 5.35 गुना बढ़ी हैं, यानी लगभग 18.6% का सालाना रिटर्न दर्ज किया गया है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के मुताबिक अकेले 2025 में ही सोने ने 60% से ज्यादा का रिटर्न दिया था। आपको बता दें कि मौजूदा दरों पर ₹50,000 में करीब 3.26 ग्राम सोना मिलेगा।

आज सोने में लगाया गया ₹50,000 साल 2036 में कितने का होगा?

वैसे इतिहास का 18.6% वाला रिटर्न हर साल मिले, यह जरूरी नहीं है। इसलिए अलग-अलग सालाना रिटर्न के हिसाब से 2036 की संभावित वैल्यू नीचे दी गई है:

2036 में कितना होगा ₹50,000? अलग-अलग सिनेरियो का गणित

वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के GLTER मॉडल के मुताबिक 2025 से 2040 के बीच सोने का औसत अनुमानित रिटर्न 5.2% प्रति वर्ष रहने का अनुमान है।

किन वजहों से घटती-बढ़ती हैं सोने की कीमतें?

सोने के दाम कभी भी एक सीधी रेखा में नहीं बढ़ते। इसमें उतार-चढ़ाव बना रहता है। सोने की चाल को मुख्य रूप से ये कारक तय करते हैं:

  • अमेरिकी फेडरल रिजर्व (US Fed) के ब्याज दर संबंधी फैसले।
  • अमेरिकी डॉलर (USD) की मजबूती या कमजोरी।
  • वैश्विक स्तर पर महंगाई और जियोपॉलिटिकल तनाव (युद्ध/विवाद)।
  • दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों द्वारा सोने की खरीदारी।

फिजिकल गोल्ड खरीदने से पहले रखें इन खर्चों का ध्यान

अगर आप केवल निवेश के मकसद से फिजिकल सोना (गहने या सिक्के) खरीद रहे हैं, तो वास्तविक रिटर्न कम हो सकता है। क्योंकि इसमें:

  • 3% GST लागू होता है।
  • मेकिंग चार्ज और वेस्टेज का खर्च जुड़ता है।
  • बाय-सेल स्प्रेड यानी खरीदते और बेचते वक्त की कीमतों में अंतर होता है।

स्मार्ट इनवेस्टमेंट टिप: अगर आपका उद्देश्य केवल निवेश से रिटर्न कमाना है, तो फिजिकल गोल्ड के बजाय Gold ETF, डिजिटल गोल्ड या गोल्ड म्युचुअल फंड्स जैसे पेपर/डिजिटल विकल्पों पर विचार करना अधिक फायदेमंद हो सकता है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

यूपी का मतलब अल्टीमेट पोटेंशियल, टेक्सटाइल सेक्टर बनेगा नई औद्योगिक ताकत : CM योगी

यूपी का मतलब अल्टीमेट पोटेंशियल, टेक्सटाइल सेक्टर बनेगा नई औद्योगिक ताकत : CM योगी

UP Textiles Conclave 2026

UP Textiles Conclave 2026: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यूपी का मतलब अप यानी ‘अल्टीमेट पोटेंशियल’ है। उत्तर प्रदेश के पास विरासत, हुनर, मानव संसाधन, उद्योग, उद्यमिता और देश का सबसे बड़ा बाजार है। दुनिया की सबसे युवा वर्कफोर्स भी हमारे पास है। अब इसी ताकत के सहारे उत्तर प्रदेश को ग्लोबल टेक्सटाइल हब बनाना है। हमारा लक्ष्य फाइबर से यार्न, यार्न से फैब्रिक, फैब्रिक से गारमेंट और गारमेंट से ब्रांड होते हुए ग्लोबल मार्केट तक पूरी वैल्यू चेन प्रदेश में विकसित करने का है।

 

मुख्यमंत्री योगी मंगलवार को दो दिवसीय यूपी टेक्सटाइल्स कॉन्क्लेव-2026 के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने यूपी टेक मित्र पोर्टल लॉन्च करने के साथ हथकरघा बुनकर समृद्धि योजना का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में टेक्सटाइल सेक्टर में 5,196 करोड़ रुपये के नए निवेश प्रस्तावों के एमओयू किए गए। साथ ही 163 करोड़ रुपये के लेटर ऑफ कम्फर्ट और 60 करोड़ रुपये की सब्सिडी का वितरण किया गया। मुख्यमंत्री ने देशभर से आए टेक्सटाइल सेक्टर के प्रतिष्ठित उद्यमियों, निवेशकों, निर्यातकों, प्रदेश के परंपरागत बुनकरों, हथकरघा संचालकों और इस क्षेत्र में भविष्य तलाश रहे युवाओं का स्वागत और अभिनंदन किया।

फैब्रिक सेक्टर में यूपी चौथा सबसे बड़ा निर्यातक राज्य

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश की टेक्सटाइल पहचान हजारों वर्षों पुरानी है। वैदिक साहित्य से लेकर रामायण और महाभारत तक में काशी के रेशमी वस्त्रों का उल्लेख मिलता है। वाराणसी की सिल्क साड़ी, भदोही का कारपेट, लखनऊ की चिकनकारी, बरेली की जरी, कानपुर का टेक्सटाइल इकोसिस्टम और मेरठ में टेक्निकल टेक्सटाइल की संभावनाएं प्रदेश की विरासत और औद्योगिक क्षमता का प्रमाण हैं।

 

प्रदेश में दो लाख हैंडलूम और पांच लाख से अधिक पावरलूम बुनकर इस सेक्टर की असली ताकत हैं। कृषि के बाद सर्वाधिक रोजगार का सृजन वस्त्र उद्योग करता है। उत्तर प्रदेश फैब्रिक मैन्युफैक्चरिंग में देश में तीसरे स्थान पर है और कुल फैब्रिक उत्पादन में उसकी हिस्सेदारी 13 से 14 प्रतिशत है। पिछले छह वर्षों में प्रदेश के वस्त्र, परिधान और हस्तशिल्प निर्यात में करीब 56 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। यूपी इस सेक्टर में देश का चौथा सबसे बड़ा निर्यातक राज्य बन गया है। वर्ष 2025-26 में 21 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निर्यात के साथ गौतमबुद्ध नगर देश के प्रमुख निर्यातक जिलों में दूसरे स्थान पर पहुंचा है।

यूपी के 17 टेक्सटाइल उत्पादों को जीआई टैग

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने 2030 तक 350 बिलियन अमेरिकी डॉलर की टेक्सटाइल एवं अपैरल इकोनॉमी और 100 बिलियन डॉलर के निर्यात का लक्ष्य रखा है। इस राष्ट्रीय संकल्प में उत्तर प्रदेश अपनी पूरी क्षमता से भागीदारी करेगा। ओडीओपी के माध्यम से प्रदेश के 35 से अधिक जिलों के वस्त्र और हैंडलूम उत्पादों को नई पहचान मिली है। प्रदेश के 17 टेक्सटाइल उत्पादों को जीआई टैग मिल चुका है। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से लाखों महिलाएं भी इस सेक्टर से जुड़कर आत्मनिर्भर हो रही हैं। दुनिया की सबसे युवा वर्कफोर्स प्रदेश में उपलब्ध है, जो टेक्सटाइल सेक्टर को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

2017 से पहले वसूली की पर्ची लेकर लौट जाते थे निवेशक

मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों पर हमला करते हुए कहा कि 2017 से पहले प्रदेश की पहचान ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन माफिया’ की बन गई थी। हर जनपद में माफिया की समानांतर सरकार चलती थी। कानून व्यवस्था चौपट थी। माफिया जहां हाथ रख देता, वह जमीन उसकी हो जाती और तत्कालीन सरकार मौन बनी रहती थी। निवेशक व्यापार का सपना लेकर आता था और वसूली की पर्ची लेकर लौट जाता था। दंगे, कर्फ्यू, गुंडा टैक्स और माफिया के कारण उद्योग लगाना मुश्किल था। बिजली और विकास एक परिवार तक सीमित था। आज यूपी कर्फ्यू, दंगा, माफिया और उपद्रव से मुक्त है। अब किसी ने बेटी, व्यापारी या निवेशक की सुरक्षा में सेंध लगाने का दुस्साहस किया तो उसके लिए दो ही जगह होंगी- जेल या जहन्नुम। अब कोई यूपी में खुलेआम पिस्टल लहरा कर नहीं चल सकता।

यूपी का नाम सुनकर दूरी बना लेते थे लोग

सीएम ने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश के नागरिकों के सामने पहचान का संकट पैदा हो गया था। यूपी का नाम सुनकर प्रदेश के बाहर लोग यहां के नागरिकों को किराये पर मकान देने और होटल में कमरा देने तक से कतराते थे। किसी समाज और नागरिक के लिए इससे बड़ी त्रासदी क्या हो सकती है। यूपी का परिचय देने पर व्यक्ति को कई बार सामाजिक रूप से दूरी का सामना करना पड़ता था। यहां कोई पर्व और त्योहार शांतिपूर्ण तरीके से नहीं गुजरता था। उत्सव से पहले ही उपद्रव शुरू हो जाता था। पूरे प्रदेश में लोग दंगों की आग में झुलसते थे। बरेली, मथुरा के कोसीकलां, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर जैसे स्थानों पर बड़े दंगे हुए। व्यापक पैमाने पर पलायन हुआ और महीनों तक कर्फ्यू लगा रहा।

अराजकता का शिकार बनीं कानपुर की ऐतिहासिक कपड़ा मिलें

मुख्यमंत्री ने कहा कि कानपुर की ऐतिहासिक कपड़ा मिलें भी इसी अराजक व्यवस्था की शिकार बनीं। मगहर की कताई मिल 1977 में बनी और 1997 में बंद हो गई। बुनकरों और छोटे टेक्सटाइल उद्यमियों को बैंक से ऋण मिलने में भी कठिनाई होती थी। डीबीटी की व्यवस्था के अभाव में सरकारी योजनाओं का लाभ न तो नागरिकों तक पहुंचता था और न ही उद्यमियों तक। 2017 के बाद उत्तर प्रदेश में बड़ा बदलाव आया है। अब यहां कानून का राज है।

यूपी के पास हैं 36 सेक्टोरल पॉलिसी

सीएम ने कहा कि कानून व्यवस्था में बदलाव और निवेश अनुकूल नीतियों का परिणाम है कि आज प्रदेश के पास 36 सेक्टोरल पॉलिसी हैं। देश के 55 प्रतिशत मोबाइल और 60 प्रतिशत इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट का उत्पादन यूपी में हो रहा है। यूपी डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के 6 स्ट्रेटेजिक नोड में 35 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। प्रदेश में एमएसएमई के 12 प्लेज पार्क भी तैयार हो रहे हैं।

 

पिछले 9 वर्ष में यूपी पर कैपिटा इनकम तीन गुना करने और वूमेन वर्कफोर्स की भागीदारी भी तीन गुना बढ़ाने में सफल रहा है। यूपी पिछले 6 वर्षों से रेवेन्यू सरप्लस स्टेट है। यह निवेशकों का भरोसा है कि हमें पिछले 9 वर्षों में 50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिसमें 15 लाख करोड़ रुपये के प्रस्ताव धरातल पर उतर चुके हैं। 65 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार दिलाने में सफलता मिली है। हमने हर एमएसएमई को 5 लाख रुपये की सोशल सिक्योरिटी गारंटी दी है। आज यूपी में सर्वाधिक 96 लाख एमएसएमई यूनिट हैं।

नोएडा बन रहा है अपैरल सिटी

उन्होंने कहा कि टेक्सटाइल इंडस्ट्री अब केवल धागे, कपड़े और फैशन तक सीमित नहीं है। डिफेंस, हेल्थकेयर, कृषि और स्पोर्ट्स जैसे क्षेत्रों में टेक्निकल टेक्सटाइल तेजी से उभर रहा है। इसलिए उत्तर प्रदेश को ट्रेडिशनल टेक्सटाइल से आगे बढ़कर टेक्निकल टेक्सटाइल में भी अपनी ताकत बढ़ानी होगी। पीएम मित्र पार्क और संत कबीर टेक्सटाइल पार्क जैसी पहल इसी दिशा में आगे बढ़ रही हैं। वाराणसी, अमरोहा, बरेली, संतकबीरनगर और बिजनौर में परियोजनाओं के लिए भूमि आरक्षित की गई है। सीतापुर, मऊ, कानपुर, झांसी और रायबरेली में टेक्सटाइल एवं अपैरल पार्क के लिए भूमि चिन्हित करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। नोएडा को अपैरल सिटी के रूप में विकसित किया जा रहा है।

ग्लोबल वैल्यू चेन पार्टनर बनें एमएसएमई

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार चाहती है कि एमएसएमई केवल सब-कॉन्ट्रैक्टर नहीं, ग्लोबल वैल्यू चेन के पार्टनर बनें। युवा केवल जॉब सीकर नहीं, टेक्सटाइल एंटरप्रेन्योर और इनोवेटर बनें तथा कारीगर केवल सप्लायर नहीं, अपने ब्रांड के मालिक बनें। ‘डिजाइन इन यूपी, मेड इन यूपी और एक्सपोर्टेड फ्रॉम यूपी’ के मंत्र से प्रदेश के हुनर को वैश्विक पहचान मिले। निफ्ट रायबरेली और उत्तर प्रदेश टेक्सटाइल टेक्नोलॉजी इंस्टीट्यूट कानपुर युवाओं को आधुनिक जरूरतों के अनुरूप तैयार कर रहे हैं। यूपी आज पॉलिसी, इन्फ्रास्ट्रक्चर, टैलेंट और मार्केट हर स्तर पर तैयार है। अब प्रदेश की सांस्कृतिक पूंजी को आर्थिक पूंजी में बदलना है। बुनकर का हुनर, उद्यमी का कारोबार, युवाओं का रोजगार, महिलाओं की भागीदारी, निवेश और निर्यात बढ़ाकर उत्तर प्रदेश को दुनिया के प्रमुख टेक्सटाइल केंद्रों में स्थापित किया जाएगा।

 

कार्यक्रम में खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम, हथकरघा एवं वस्त्र उद्योग मंत्री राकेश सचान, उत्तर प्रदेश ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन के सीईओ मनोज कुमार सिंह, प्रमुख सचिव वस्त्र उद्योग अनिल कुमार सागर सहित देशभर के प्रमुख उद्यमी, निवेशक, निर्यातक और टेक्सटाइल सेक्टर के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

सीएम डॉ. मोहन यादव ने की शराफ ग्रुप के प्रेसिडेंट के साथ मीटिंग, एमपी के शिपिंग-लॉजिस्टिक्स में मिल सकता है सपोर्ट

सीएम डॉ. मोहन यादव ने की शराफ ग्रुप के प्रेसिडेंट के साथ मीटिंग, एमपी के शिपिंग-लॉजिस्टिक्स में मिल सकता है सपोर्ट

भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दुबई में आयोजित 'एआईएम कांग्रेस-2026' (Annual Investment Meeting) के तीसरे दिन 8 सितंबर को ताज दुबई में शराफ ग्रुप के प्रेसिडेंट-सीईओ श्याम कपूर से अहम मुलाकात की। दोनों के बीच शिपिंग-लॉजिस्टिक्स, सप्लाई चेन सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की। बैठक में मध्यप्रदेश के हर सेक्टर में निवेश की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कपूर को अगले साल होने वाली ग्लोबल इंवेस्टर समिट (GIS) 2027 के लिए आमंत्रित किया। 

 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शराफ ग्रुप के प्रेसिडेंट-सीईओ श्याम कपूर के बीच हुई बैठक में मध्यप्रदेश में रेल-साइडिंग युक्त लॉजिस्टिक्स पार्क स्थापित करने के प्रस्ताव पर चर्चा हुई। इसके लिए लगभग 30-50 मिलियन अमेरिकी डॉलर (250-450 करोड़ रुपये) के निवेश का प्रस्ताव है। इस परियोजना से लगभग 300-600 लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है। बैठक में बताया गया कि कंपनी इंदौर और पीथमपुर क्षेत्र में निवेश करने के लिए इच्छुक है। साथ ही, मध्यप्रदेश के अन्य संभावित स्थानों पर भी निवेश की संभावनाएं तलाशने के लिए तैयार है।

 

बैठक में इस प्रस्ताव पर हुई चर्चा-बैठक में मल्टीमोडल लॉजिस्टिक्स पार्क, आधुनिक वेयरहाउसिंग और रीजनल डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर्स का विकास किए जाने पर चर्चा हुई। बैठक में कहा गया कि कंपनी एग्रीकल्चर, फूड, फार्मास्यूटिकल्स और ऑर्गनाइज़्ड रिटेल सप्लाई चेन के लिए कोल्ड-चेन इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करेगी। मध्यप्रदेश के उत्पादों के लिए एक्सपोर्ट-ओरिएंटेड कार्गो कंसॉलिडेशन और इंटरनेशनल डिस्ट्रीब्यूशन तय करेगी। प्रमुख कमर्शियल और डेस्टिनेशन लोकेशन्स में रिटेल, हॉस्पिटैलिटी और टूरिज़्म इन्वेस्टमेंट पर ध्यान देगी। कंपनी कुशल लॉजिस्टिक्स ऑपरेशन्स के लिए सप्लाई-चेन टेक्नोलॉजी और वर्कफोर्स डेवलपमेंट पार्टनरशिप करेगी। साथ ही, स्थानीय ट्रांसपोर्टर्स, वेंडर्स और सर्विस प्रोवाइडर्स को ग्रुप के लॉजिस्टिक्स इकोसिस्टम से जोड़ेगी।

 

कंपनी के पास कई स्टोरेज यार्ड-कंपनी के प्रेसिडेंट कपूर ने बैठक में बताया कि कंपनी भारत में अपनी भारतीय सहायक कंपनी हिंद टर्मिनल्स प्राइवेट लिमिटेड (HTPL) के माध्यम से मौजूद है। कंपनी मल्टी-मॉडल एग्री-लॉजिस्टिक्स पार्कों की स्थापना एवं संचालन, रेल-रोड परिवहन तथा थर्ड-पार्टी लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में कार्यरत है। एचटीपीएल इनलैंड कंटेनर डिपो के संचालन के साथ-साथ ताजे कृषि उत्पादों के संरक्षण के लिए कोल्ड-चेन समाधान भी उपलब्ध कराती है। कंपनी भारत में 35 मालवाहक ट्रेनों और लगभग 900 ट्रकों का संचालन कर रही है। कंपनी मध्यप्रदेश में अपना संचालन एवं प्रतिष्ठान स्थापित करने के लिए विशेष रूप से इच्छुक है। कंपनी के पास देश में पर्याप्त स्टोरेज यार्ड उपलब्ध हैं। कंपनी 69 देशों में काम कर रही है। उसका मुख्यालय दुबई है। कंपनी शिपिंग-लॉजिस्टिक्स, सप्लाई चेन, रिटेल, ट्रैवल एवं टूरिज्म, इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, फायनेंशियल सर्विसेज, हॉस्पिटेलिटी और रियल इस्टेट सेक्टर में काम करती है।

CM डॉ. यादव की लूलू ग्रुप चेयरमैन युसूफ अली से अहम मुलाकात, MP के गेहूं-प्याज और सब्जियों की दुबई में सीधी खरीद पर बनी सहमति

CM डॉ. यादव की लूलू ग्रुप चेयरमैन युसूफ अली से अहम मुलाकात, MP के गेहूं-प्याज और सब्जियों की दुबई में सीधी खरीद पर बनी सहमति

cm mohan yadav

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को दुबई के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर में आयोजित प्रतिष्ठित 'एआईएम कांग्रेस-2026' में शिरकत की। इस अंतरराष्ट्रीय मंच पर मुख्यमंत्री ने मध्य प्रदेश में निवेश के अपार अवसरों, सुदृढ़ औद्योगिक नीति और अनुकूल व्यावसायिक माहौल को वैश्विक निवेशकों के समक्ष प्रस्तुत किया। दौरे के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव और लूलू ग्रुप के चेयरमैन श्री युसूफ अली के बीच एक महत्वपूर्ण वन-टू-वन बैठक संपन्न हुई।

अबू धाबी मुख्यालय वाले इस बहुराष्ट्रीय समूह के साथ बैठक में मध्य प्रदेश में मॉर्डन रिटेल, सुपरमार्केट डवपलपमेंट, एग्री प्रिक्योरमेंट एंड एक्सपोर्ट, फूड प्रोसेसिंग इंफ्रा, कोल्ड चेन, लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग के क्षेत्र में विस्तार की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया गया। श्री युसूफ अली ने मध्यप्रदेश में लोकेशन सर्वे के लिए आने का भरोसा दिलाया। 

 

मध्य प्रदेश के कृषि उत्पादों की प्रत्यक्ष खरीद पर केंद्रित रही चर्चा

बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु प्रदेश के किसानों और कृषि क्षेत्र को वैश्विक बाजार से जोड़ना रहा। मुख्यमंत्री ने लूलू ग्रुप के विशाल वैश्विक रिटेल नेटवर्क के माध्यम से मध्य प्रदेश से गेहूं, प्याज, सब्जियों और अन्य कृषि उपजों की प्रत्यक्ष खरीद को बढ़ावा देने पर विशेष बल दिया, जिससे प्रदेश के किसानों को उनकी उपज का बेहतर व अंतरराष्ट्रीय मूल्य प्राप्त हो सके।

 

लूलू ग्रुप का वैश्विक प्रभाव और भारत में उपस्थिति

वर्ष 2000 में स्थापित लूलू ग्रुप वर्तमान में एशिया, मिडिल ईस्ट और यूनाइटेड किंगडम में 250 से अधिक हाइपरमार्केट और सुपरमार्केट संचालित करता है, जिसमें 65,000 से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं। भारत में केरल, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, गुजरात और तमिलनाडु में समूह की व्यापक मौजूदगी है। वित्तीय वर्ष 2025 में 7.93 बिलियन अमेरिकी डॉलर (लगभग 69,100 करोड़ रुपये) का टर्नओवर दर्ज करने वाला यह समूह अब मध्य प्रदेश के साथ अपनी आपूर्ति श्रृंखला को सशक्त करने की दिशा में अग्रसर है।

Gold Price Outlook: बदलेगी सोने की चाल! तो क्या 1.60 लाख रुपये पर पहुंच जाएगा सोना?

Gold Price Outlook: गोल्ड की कीमतों में 4 सितंबर को मिलाजुला रुख दिखा। दिल्ली सर्राफा बाजार सोना लगातार दूसरे दिन चढ़कर बंद हुआ। उधर, अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी दोनों में नरमी दिखी। इससे पहले इस हफ्ते गोल्ड चढ़कर 4,550 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया था। कुल मिलाकर यह हफ्ता सोने के लिए काफी उतार-चढ़ाव वाला रहा।

गोल्ड फ्यूचर्स के लिए 1.60 लाख रुपये पर बड़ी बाधा

एनालिस्ट्स का कहना है कि टेक्निकली कमोडिटी एक्सचेंज एमसीएक्स में 1.60 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के लेवल पर गोल्ड फ्यूचर्स के लिए बड़ी बाधा है। अगर यह इस लेवल को पार कर लेता है तो यह 1.65 लाख से 1.70 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम तक जा सकता है। 1.50 से 1.52 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर गोल्ड फ्यूचर्स के लिए सपोर्ट है। हालांकि, अगर गोल्ड फ्यूचर्स 1.48 लाख रुपये से नीचे गया तो इसमें गिरावट आ सकती है।

इन फैक्टर्स का पड़ेगा गोल्ड की कीमतों का असर 

गोल्ड की कीमतों पर फिलहाल पांच चीजों का असर पड़ सकता है। इनवेस्टर्स को इन पर करीबी नजर रखने की जरूरत है। इनमें अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की पॉलिसी, अमेरिकी डॉलर और बॉन्ड यील्ड, यूएस इकोनॉमी के डेटा, केंद्रीय बैंकों की सोने की खरीदारी और रुपये की चाल शामिल हैं।

अगस्त का इनफ्लेशन का डेटा गोल्ड के लिए अहम

फेड गवर्नर क्रिस्टोफर वॉलर ने संकेत दिया है कि अगर इनफ्लेशन के डेटा से यह पता चलता है कि यह बढ़ नहीं रहा है तो वह 15-16 सितंबर की फेडरल रिजर्व की मीटिंग में इंटरेस्ट रेट में किसी तरह का बदलाव नहीं करने का समर्थन करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि अगस्त के इनफ्लेशन के डेटा काफी अहम हैं। इंटरेस्ट रेट बढ़ने पर सोने की कीमतों पर निगेटिव असर पड़ता है। इंटरेस्ट रेट घटने पर सोने की चमक बढ़ती है।

डॉलर यील्ड पर भी रखनी होगी करीबी नजर 

जापानी येन में करीब 2 फीसदी तेजी से डॉलर भी मजबूत हुआ है। डॉलर में कमजोरी और बॉन्ड यील्ड घटने से डॉलर की कीमतों को सपोर्ट मिलता है। बॉन्ड यील्ड में उछाल और डॉलर में मजबूती का गोल्ड की कीमतों पर निगेटिव असर पड़ता है। पिछले कुछ समय से अमेरिका में 10 साल के बॉन्ड यील्ड में उछाल दिखा है। हालांकि, फेड और सरकार इसे कंट्रोल में रखने के उपाय कर रहे हैं।

फेड का फोकस फिलहाल इनफ्लेशन कंट्रोल करने पर 

अगले हफ्ते अमेरिका में इनफ्लेशन के डेटा आने वाले हैं। इसका सीधा असर 16 सितंबर को फेड की पॉलिसी पर पड़ सकता है। फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वॉर्श पहले ही कह चुके हैं कि उनका फोकस फिलहाल इनफ्लेशन को कंट्रोल में रखने पर होगा। फेड ने इनफ्लेशन के लिए 2 फीसदी का टारगेट तय किया है। फेड इस टारगेट को हासिल करने के लिए जरूरी कदम उठा सकता है।

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केंद्रीय बैंकों की खरीदारी से सोने को मिल रहा है सपोर्ट

दुनिया के कई देशों के केंद्रीय बैंक सोना खरीद रहे हैं। इससे सोने को सपोर्ट मिल रहा है। गोल्डमैन सैक्स का मानना है कि केंद्रीय बैंक इस साल हर महीने औसतन 50 टन सोना खरीद सकते हैं। उसने इस साल के अंत तक सोने के सिए 4,900 रुपये का टारगेट भी दिया है। वैश्विक अर्थव्यवस्था में बढ़ती अनिश्चितता ने केंद्रीय बैंकों को सोने में निवेश बढ़ाने के लिए प्रेरित किया है।

Market This Week :उतार-चढ़ाव के बीच बाजार लगातार चौथे हफ्ते गिरावट के साथ हुआ बंद, रुपये में जारी रही बढ़त

Market This Week : भारतीय शेयर बाजार लगातार चौथे हफ्ते गिरावट के साथ बंद हुए। इस हफ्ते बाजार में काफ़ी उतार-चढ़ाव रहा। पश्चिम एशिया में फिर से बढ़ रहे तनाव,कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, ग्लोबल बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और FII की लगातार बिकवाली के चलते बाजार पर दबाव दिखा। हालांकि,रुपये की मजबूती,DII की खरीदारी,अच्छे GST कलेक्शन और अगस्त में ऑटोमोबाइल की अच्छी बिक्री ने बाजार को सपोर्ट दिया। 4 सितंबर को खत्म हुए हफ्ते में BSE सेंसेक्स 749.08 अंक या 0.96% गिरकर 76,515.43 पर बंद हुआ। जबकि निफ़्टी 277.95 अंक या 1.14% की गिरावट के साथ 23,897.70 पर बंद हुआ।

निफ़्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 1.5% की गिरावट

इस हफ्ते निफ़्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 1.5% की गिरावट आई। इस गिरावट में KEI इंडस्ट्रीज, पॉलीकैब इंडिया, हैवेल्स इंडिया, KPIT टेक्नोलॉजीज़, ICICI प्रूडेंशियल एसेट मैनेजमेंट कंपनी, हीरो मोटोकॉर्प, नेशनल एल्युमीनियम कंपनी, 360 ONE WAM, लॉरस लैब्स, हिताची एनर्जी इंडिया और ट्यूब इन्वेस्टमेंट्स ऑफ़ इंडिया जैसी कंपनियों का योगदान रहा। दूसरी ओर, लेन्सकार्ट सॉल्यूशंस, LIC हाउसिंग फाइनेंस, IDFC फर्स्ट बैंक और टाटा कम्युनिकेशंस बढ़त वाली प्रमुख कंपनियों में शामिल रहीं।

निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स सपाट हुआ बंद

निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स ने हफ्ते के दौरान 20,187.80 का नया हाई छुआ, लेकिन आखिर में यह लगभग सपाट बंद हुआ। IFCI, वेल्सपन कॉर्प, कैप्रि ग्लोबल कैपिटल, RBL बैंक, ब्रिगेड एंटरप्राइजेज, अर्बन कंपनी और इंद्रप्रस्थ गैस उन कंपनियों में शामिल थीं जिनमें सबसे ज़्यादा बढ़त देखने को मिली। जबकि आरती इंडस्ट्रीज, केन्स टेक्नोलॉजी इंडिया, अमारा राजा एनर्जी एंड मोबिलिटी, स्वान कॉर्प और दीपक फर्टिलाइजर्स एंड पेट्रोकेमिकल्स कॉर्पोरेशन में सबसे ज़्यादा गिरावट आई।

सेक्टोरल इंडेक्सों पर एक नजर

सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो निफ्टी ऑटो इंडेक्स 4% और निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स इंडेक्स 2.6% नीचे रहा,जबकि निफ्टी मीडिया, निफ्टी हेल्थकेयर और निफ्टी FMCG में से हर एक में 2% की गिरावट आई। हालांकि,निफ्टी ऑयल एंड गैस में 1% की बढ़त हुई।

FIIs की बिकवाली रही जारी

विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने लगातार तीसरे हफ़्ते भी बिकवाली जारी रखी, हालांकि इसकी रफ़्तार धीमी रही। उन्होंने इस हफ़्ते 5,611.94 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने बाज़ार को मज़बूत सपोर्ट देना जारी रखा और हफ़्ते के दौरान 23,156.38 करोड़ रुपये का निवेश किया।

मार्केट कैपिटलाइज़ेशन 4.5 लाख करोड़ रुपये घटा

इस हफ़्ते BSE में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइज़ेशन 4.5 लाख करोड़ रुपये घट गया,जिसकी मुख्य वजह बड़ी कंपनियों के शेयरों में आई गिरावट थी। मार्केट वैल्यू में सबसे ज़्यादा कमी स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया की वजह से आई, इसके बाद भारती एयरटेल, मारुति सुज़ुकी इंडिया और महिंद्रा एंड महिंद्रा का नंबर रहा। दूसरी ओर इस हफ़्ते रिलायंस इंडस्ट्रीज, टाटा स्टील और एक्सिस बैंक ने सबसे ज़्यादा वेल्थ क्रिएट की।

अगले 1 महीने में बैंक निफ्टी में आ सकती है 5000 अंकों की तेजी, अगले 12 महीने में डबल हो सकता है सीएनएक्स आईटी

भारतीय रुपया लगातार दूसरे हफ्ते हुआ मजबूत

भारतीय रुपया लगातार दूसरे हफ्ते मजबूत हुआ और इस दौरान दो महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। इस हफ्ते अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 89 पैसे बढ़कर 94.49 रुपये पर बंद हुआ। जबकि, 21 अगस्त को रुपया 95.38 रुपये पर बंद हुआ था। इस हफ़्ते के दौरान,घरेलू मुद्रा 95.48 रुपये से 94.27 रुपये के दायरे में कारोबार करती रही।

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल, Network18 ग्रुप का हिस्सा है। Network18 को इंडिपेंडेंट मीडिया ट्रस्ट कंट्रोल करता है, और रिलायंस इंडस्ट्रीज इसकी एकमात्र बेनिफिशियरी है।)

 

Stock Market Rise: 4 दिन बाद बाजार ग्रीन, जन्माष्टमी पर सेंसेक्स 362 अंक चढ़ा; फिर भी निवेशकों के ₹40894 करोड़ साफ

शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला शुक्रवार को कृष्ण जन्माष्टमी पर टूट गया। 4 दिन गिरावट में बंद होने के बाद 4 सितंबर को बाजार ने हरे निशान में क्लोजिंग की। सेंसेक्स 362.57 अंक चढ़कर 76,515.43 पर और निफ्टी 24.25 अंकों की बढ़त के साथ 23,897.70 पर बंद हुआ। लेकिन इस बीच BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 40894 करोड़ रुपये घट गया।

3 सितंबर को शेयर मार्केट बंद होने पर BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 4,88,71,693.344 करोड़ रुपये रहा था। शुक्रवार को मार्केट बंद होने पर यह 4,88,30,799.53 करोड़ रुपये रह गया। यानि कि 40,893.814 करोड़ रुपये की कमी। दिन में सेंसेक्स पिछली क्लोजिंग से 730 अंक तक चढ़कर 76,883.14 के हाई तक गया। निफ्टी भी पिछली क्लोजिंग से 132 अंकों की बढ़त के साथ 24,005.75 के हाई तक गया।

मार्केट बंद होने पर NSE पर SBI लाइफ इंश्योरेंस कंपनी, टाटा स्टील, HDFC लाइफ इंश्योरेंस कंपनी, रिलायंस इंडस्ट्रीज और ट्रेंट टॉप गेनर रहे। वहीं HCL टेक्नोलॉजीज, भारती एयरटेल, मारुति सुजुकी इंडिया, बजाज फिनसर्व और मैक्स हेल्थकेयर इंस्टीट्यूट टॉप लूजर रहे।

रुपया और मजबूत

4 सितंबर को अमेरिकी मुद्रा डॉलर के मुकाबले भारतीय करेंसी रुपया 2 पैसे बढ़कर 94.49 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर बंद हुआ। एक दिन पहले डॉलर के मुकाबले रुपया 22 पैसे की मजबूती के साथ 94.51 पर बंद हुआ था। विदेशी मुद्रा जमा में उम्मीद से काफी अधिक राशि जुटने से देश के भुगतान संतुलन की स्थिति में सुधार होने से रुपये को सपोर्ट मिला। भारतीय रिजर्व बैंक ने बुधवार को कहा कि 31 अगस्त तक फॉरेन करेंसी नॉन-रेजिडेंट (बैंक) या FCNR(B) जमा के तौर पर देश में 127.226 अरब अमेरिकी डॉलर का निवेश आया।

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एक दिन पहले कैसा रहा था बाजार

3 सितंबर को शेयर बाजार में पहले तेजी और बाद में गिरावट दिखी थी। बाजार लगातार चौथे दिन लाल निशान में बंद हुआ था। सेंसेक्स 417.49 अंक टूटकर 76,152.86 पर और निफ्टी 41 अंक फिसलकर 23,873.45 पर बंद हुआ। इससे पहले दिन में सेंसेक्स पिछली क्लोजिंग से 354.13 अंक तक उछलकर 76,924.48 के हाई तक गया था। निफ्टी भी पिछली क्लोजिंग से करीब 111 अंकों की बढ़त के साथ 24,025.40 के हाई तक गया।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।