38 साल की उम्र में पुणे के इस कपल ने बनाया अपना रिटायरमेंट प्लान, इस एक चीज ने डिसाइड किया इनका FIRE फॉर्म्युला

पुणे के रहने वाले 38 साल के एक कपल ने कुल मिलाकर लगभग 11.5 करोड़ रुपये की संपत्ति जमा कर ली है। वे अगले दो-तीन साल और काम करने के बाद जल्दी रिटायर होने के बारे में सोच रहे हैं, क्योंकि काम का बढ़ता दबाव और सेहत की चिंताएं उन्हें अपनी फाइनेंशियल प्राथमिकताओं पर फिर से सोचने के लिए मजबूर कर रही हैं।

इस कपल की कोई संतान नहीं है और वे अभी अपनी जीवनशैली पर सालाना लगभग 22 लाख रुपये खर्च करते हैं। उनकी संपत्ति रियल एस्टेट, भारतीय इक्विटी और म्यूचुअल फंड, अमेरिकी स्टॉक, कैश और रिटायरमेंट सेविंग्स में बंटी हुई है। उनकी मौजूदा संपत्ति के बंटवारे में रियल एस्टेट में लगभग 3.2 करोड़ रुपये, भारतीय स्टॉक और म्यूचुअल फंड में 1.8 करोड़ रुपये, अमेरिकी स्टॉक में 5 करोड़ रुपये और कैश व रिटायरमेंट सेविंग्स में 1.5 करोड़ रुपये शामिल हैं।

कपल रिटायरमेंट का फैसला लेने से पहले अगले दो-तीन साल तक काम जारी रखने की योजना बना रहा है। 30 के दशक के आखिर में होने वाले कई अन्य जोड़ों के विपरीत, उन्हें बच्चों की उच्च शिक्षा, शादी या परिवार पालने से जुड़े अन्य बड़े खर्चों के लिए रिटायरमेंट फंड नहीं बनाना है।

हालांकि, उनकी फाइनेंशियल जिम्मेदारियां खत्म नहीं हुई हैं। उनके माता-पिता रिटायर हो चुके हैं और उन पर निर्भर हैं, जिसका मतलब है कि कपल इतनी फाइनेंशियल सिक्योरिटी बनाए रखना चाहता है कि अगर वे जल्दी काम करना छोड़ भी दें, तो भी वे अपने माता-पिता की आराम से मदद कर सकें।

X पर शेयर की गई जानकारी के अनुसार, सबसे बड़ी चिंता उनकी अपनी सेहत है। उनकी नौकरियों में लंबे समय तक काम करना, लगातार दबाव और काम से बहुत कम छुट्टी मिलना शामिल हो गया है। इस कपल को अपनी जीवनशैली के कारण सेहत पर असर भी दिखने लगा है, जिससे वे यह सोचने पर मजबूर हो गए हैं कि क्या इतनी तेज़ी से और ज़्यादा पैसा कमाते रहना सही है।

अब चर्चा इस बात पर हो रही है कि “हम और कितना कमा सकते हैं?” के बजाय “कितना पैसा काफ़ी है?” पत्नी की बात को पोस्ट में इस तरह बताया गया- “हमने अपनी जवानी का समय पैसा बनाने में बिताया। शायद अब समय आ गया है कि हम इसमें से कुछ पैसा अपनी ज़िंदगी पर खर्च करें।”

यह जानकारी X पर अमित अरोड़ा नाम के यूज़र ने शेयर की। उन्होंने कपल की आर्थिक स्थिति को तो शानदार बताया, लेकिन सवाल उठाया कि क्या उनका असली मकसद ज़्यादा नेट वर्थ (कुल संपत्ति) बनाना होना चाहिए या ज़्यादा आज़ादी पाना।

“38 साल की उम्र में ऐसी स्थिति में होना शानदार है। दिलचस्प बात यह है कि वे आज़ादी चाहते हैं या ज़्यादा पैसा। ऐसी क्या चीज़ है जो उन्हें रिटायरमेंट में देरी करने पर मजबूर कर सकती है?” इस पोस्ट ने एक बहस छेड़ दी है कि क्या 11.5 करोड़ रुपये का फंड इस कपल के लिए 30 के दशक के आखिर में काम बंद करने के लिए काफ़ी है, खासकर उनके सालाना खर्च, माता-पिता की मदद करने की संभावना और निवेश के कई दशकों तक चलने की ज़रूरत को देखते हुए।

एक कमेंट करने वाले ने कपल की लोकेशन के हिसाब से उनके जमा किए गए पैसे (कॉर्पस) के साइज़ पर सवाल उठाया और उनकी इनकम के बारे में पूछा- “38 साल की उम्र में 11.5 करोड़ की नेट वर्थ बहुत बड़ी बात है… वो भी पुणे में… वहां की सैलरी देखकर सुखद आश्चर्य हुआ… क्या उनकी सालाना इनकम पता चल सकती है ताकि मैं यह देख सकूं कि मेरा बेंचमार्क कितना खराब रहा है?”

दूसरों ने कपल के बच्चे न करने के फ़ैसले और आगे चलकर उनकी ज़िंदगी कैसी होगी, इस पर ध्यान दिया। एक कमेंट में लिखा था- “जब वे बूढ़े हो जाएंगे, तो उनसे बात करने के लिए कुत्ते होंगे।” एक और कमेंट करने वाले ने सवाल उठाया कि क्या कपल की मौजूदा फाइनेंशियल स्थिति उन्हें बिना नौकरी के अगले चार दशकों तक सहारा देने के लिए काफ़ी होगी और उनकी इन्वेस्टमेंट स्ट्रेटेजी पर चिंता जताई।

“मौजूदा आंकड़े बिना काम किए अगले 40 साल गुज़ारने के लिए ठीक नहीं हैं और एसेट एलोकेशन वेटेज और एस्टेट प्लानिंग पर फिर से काम करने की ज़रूरत है।” एक ज़्यादा आलोचनात्मक प्रतिक्रिया में सवाल उठाया गया कि क्या कपल को बाद में बच्चे न होने का पछतावा हो सकता है और तर्क दिया गया कि उन्हें जल्दी रिटायर होने के बजाय काम करते रहना चाहिए। “रिटायर होने के बाद वे क्या करेंगे? बच्चे न होने का पछतावा? जितना कम समय इसके लिए होगा, उतना ही अच्छा है। इसलिए उन्हें कड़ी मेहनत करते रहना चाहिए ताकि वे अपने उस भयानक फ़ैसले के बारे में न सोचें।” यह बहस FIRE (फाइनेंशियल इंडिपेंडेंस, रिटायर अर्ली) अप्रोच से जुड़े एक बड़े सवाल को सामने लाती है, जिसमें लोग इतनी संपत्ति और इन्वेस्टमेंट इनकम जमा करने का लक्ष्य रखते हैं कि पेड एम्प्लॉयमेंट (नौकरी) ज़रूरी न रहे।

कल का मौसम: 15 अगस्त को दिल्ली-UP समेत कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, इन 3 इलाकों में IMD ने जारी की ऑरेंज कलर वॉर्निंग

देश के स्वतंत्रता दिवस यानी 15 अगस्त दिन देशभर में मानसूनी गतिविधियां सुपर एक्टिव रहने वाली हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अपने ताजा वेदर बुलेटिन में बताया है कि स्वतंत्रता दिवस के दिन दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब और हरियाणा समेत देश के कई राज्यों में मूसलाधार बारिश दर्ज की जा सकती है। ध्वजारोहण समारोह से लेकर विभिन्न राज्यों में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों पर बारिश का असर देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने तीन प्रमुख राज्यों में बारिश की तीव्रता को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि दो दर्जन से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए येलो अलर्ट की चेतावनी जारी की गई है।

इन तीन इलाकों में रहेगा ऑरेंज अलर्ट, अति भारी बारिश का अनुमान

मौसम विभाग के मुताबिक मध्य भारत और पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश की रफ्तार सबसे अधिक रहने वाली है। छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश और उत्तराखंड में मूसलाधार से अति मूसलाधार बारिश का अनुमान जताया गया है। IMD ने इन तीनों क्षेत्रों के लिए ऑरेंज वॉर्निंग जारी की है। यहां कई स्थानों पर जलभराव, नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी और पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन की आशंका जताई गई है। इन इलाकों के निवासियों और यात्रियों को स्वतंत्रता दिवस के दिन सतर्क रहने और बेवजह यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।

दिल्ली, यूपी, बिहार समेत उत्तर और पूर्वोत्तर भारत में झमाझम बारिश

देश के मैदानी इलाकों और पूर्वोत्तर राज्यों में भी बादलों का डेरा रहेगा। दिल्ली, चंडीगढ़, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में 15 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, पश्चिमी मध्य प्रदेश, विदर्भ, मध्य महाराष्ट्र और गुजरात क्षेत्र में भी मध्यम से तेज बारिश की संभावना है। पूर्वोत्तर के राज्यों अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है, जिससे स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रमों में खलल पड़ सकता है।

30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी तूफानी हवाएं

बारिश के साथ-साथ कई राज्यों में तेज हवाएं चलने और बिजली चमकने का अंदेशा जताया गया है। अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, गांगेय पश्चिम बंगाल, आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चल सकती हैं। वहीं बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, राजस्थान, ओडिशा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, तेलंगाना और विदर्भ में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने और बिजली कड़कने की संभावना है। आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक के आंतरिक इलाकों में दिन के समय सतह पर तेज हवाएं चलने की उम्मीद है।

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समुद्री क्षेत्रों के लिए एडवाइजरी जारी, मछुआरों को सतर्क रहने के निर्देश

मौसम विभाग ने अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में खराब मौसम को देखते हुए समुद्री तटों पर विशेष सतर्कता बरतने की हिदायत दी है। सोमालिया और ओमान तट के पास, मध्य-पश्चिम अरब सागर के अधिकांश हिस्सों और दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के कुछ इलाकों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जिनकी गति बढ़कर 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। बंगाल की खाड़ी में भी इसी तरह की तूफानी परिस्थितियां बनी रहेंगी। मौसम विभाग ने मछुआरों को सलाह दी है कि वे 15 अगस्त को गहरे समुद्र में जाने से परहेज करें।

Vodafone Idea share Price: 3 दिन में 11% चढ़ा वोडाफोन आइडिया का शेयर, क्या आपको खरीदना चाहिए?

Vodafone Idea share Price: वोडाफोन आइडिया का शेयर तीन दिन में करीब 11 फीसदी चढ़ा है। 14 अगस्त को यह 4.37 फीसदी उछलकर 14.10 रुपये पर पहुंच गया। शेयरों में तेजी की वजह कंपनी के टैरिफ बढ़ाने की चर्चा है। दरअसल, भारती एयरटेल ने हाल में अपनी कई स्कीम के टैरिफ बढ़ाए हैं। इससे यह माना जा रहा है कि वोडाफोन आइडिया भी टैरिफ बढ़ा सकती है।

वोडाफोन आइडिया की सेहत में दिख रहा सुधार

अगर वोडाफोन आइडिया टैरिफ बढ़ाती है तो उसका प्रति यूजर औसत रेवेन्यू (ARPU) बढ़ जाएगा। मास्टर कैपिटल सर्विसेज में एवीपी विष्णु कांत उपाध्याय ने कहा कि वोडाफोन आइडिया के टैरिफ बढ़ाने से उसका रेवेन्यू भी बढ़ेगा। वोडाफोन आइडिया की वित्तीय सेहत में सुधार दिख रहा है। इसका असर उसके शेयरों पर दिखा है। बीते एक साल में यह शेयर 129 फीसदी चढ़ा है।

शेयरों में तेजी जारी रहने का अनुमान 

उपाध्याय ने कहा, “निवेशकों को वोडाफोन आइडिया के शेयर अपने पास बनाए रखना चाहिए। इसकी वजह यह है कि कंपनी की स्थिति अब बदल रही है।” उनका मानना है कि यह शेयर 15 रुपये तक जा सकता है। उसके बाद यह 15.50 रुपये की तरफ बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि निवेशकों को कंपनी के एग्जिक्यूशन, सब्सक्राइबर ग्रोथ और प्रॉफिटेबिलिटी पर नजर रखनी चाहिए।

टैरिफ बढ़ाने से बढ़ सकता है रेवेन्यू 

IIFL का कहना है कि वोडाफोन आइडिया के लिए दो संभावनाएं दिख रही हैं। पहला, अगर यह टैरिफ बढ़ाती है तो इसका ARPU FY27 में करीब 4 रुपये बढ़ सकता है। दूसरा, अगर यह टैरिफ नहीं बढ़ाती है तो इसके सस्ते प्लान में यूजर्स की दिलचस्पी बढ़ सकती है। इसका मतलब है कि दोनों ही स्थितियों में वोडाफोन आइडिया को फायदा होगा।

18.70 रुपये तक जा सकता है शेयर 

ब्रोकरेज फर्म एंबिट कैपिटल ने बताया कि वोडाफोन आइडिया का शेयर 18.70 रुपये तक जा सकता है। जून तिमाही में कंपनी के सब्सक्राइबर्स की संख्या 3 लाख बढ़ी है। लंबे समय बाद कंपनी के यूजर्स की संख्या बढ़ी है। एंबिट का कहना है कि कंपनी दिसंबर 2026 तक टैरिफ 15 फीसदी तक बढ़ा सकती है।

कंपनी का तीन साल में 45000 करोड़ निवेश का प्लान

कंपनी पहले ही डबल डिजिट रेवेन्यू ग्रोथ हासिल करने का ऐलान कर चुकी है। इसके लिए वह अगले तीन साल में अपने नेटवर्क में 45,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। कंपनी के सीईओ अभिजीत किशोर ने कहा था कि प्रमोटर्स से मिलता सहयोग और बैंकों से फंड के लिए चल रही बातचीत से हमारा आत्मविश्वास बढ़ा है।

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सरकार की हिस्सेदारी बढ़कर 50 फीसदी हुई

वोडाफोन आइडिया देश की तीसरी सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी है। पहले नंबर पर रिलायंस जियो है। दूसरे नंबर पर भारती एयरटेल है। तीसरे पर वोडाफोन आइडिया है। रिलायंस जियो शेयर बाजार में सूचीबद्ध नहीं है। वोडाफोन में सरकार की हिस्सेदारी बढ़कर करीब 50 फीसदी हो गई है।

7 नई अमृत भारत एक्सप्रेस को रेलवे ने दी मंजूरी! इन शहरों को जोड़ेंगी ट्रेनें, देखें पूरी रूट लिस्ट

भारतीय रेलवे ने देश में रेल कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए सात नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनें चलाने की मंजूरी दी है। इन ट्रेनों का मुख्य उद्देश्य कम और मध्यम आय वाले यात्रियों को कम किराए में आरामदायक सफर की सुविधा देना है। इन ट्रेनों का किराया प्रीमियम ट्रेनों की तुलना में कम रखा जाएगा, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग लंबी दूरी की यात्रा आसानी से कर सकें।

नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनें उत्तर, मध्य, पश्चिम और दक्षिण भारत के कई शहरों को आपस में जोड़ेंगी। इन ट्रेनों के कई रूट लंबी दूरी के होंगे और रास्ते में कई प्रमुख स्टेशनों पर ठहराव दिया जाएगा। प्रस्तावित सात ट्रेनों और उनके निर्धारित स्टॉप की जानकारी इस प्रकार है:

धनबाद-कोयंबटूर अमृत भारत एक्सप्रेस

रेलवे बोर्ड ने धनबाद और कोयंबटूर के बीच नई अमृत भारत एक्सप्रेस चलाने को मंजूरी दे दी है। इस ट्रेन के नंबर 22363/22364 होंगे। यह ट्रेन झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के कई प्रमुख शहरों को जोड़ेगी।

धनबाद से चलने वाली यह ट्रेन गोमो, पारसनाथ, हजारीबाग रोड, कोडरमा, गया, अनुग्रह नारायण रोड, डेहरी ऑन सोन, सासाराम, भभुआ रोड, पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन, मिर्जापुर और प्रयागराज छिवकी जैसे स्टेशनों पर रुकेगी।

इसके बाद ट्रेन कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, पिपरिया, इटारसी, बैतूल, नागपुर, चंद्रपुर, बल्हारशाह, सिरपुर कागजनगर, मंचेरियल, पेद्दापल्ली, वारंगल, महबूबाबाद, खम्मम और विजयवाड़ा होते हुए आगे बढ़ेगी।

दक्षिण भारत में इसके ठहराव ओंगोल, नेल्लोर, गुडूर, रेनिगुंटा, तिरुत्तानी, काटपाडी, जोलारपेट्टई, सलेम, इरोड और तिरुपुर में होंगे। इसके बाद ट्रेन अपने अंतिम गंतव्य कोयंबटूर पहुंचेगी।

प्रयागराज-लोकमान्य तिलक टर्मिनस अमृत भारत एक्सप्रेस

रेलवे बोर्ड ने प्रयागराज और लोकमान्य तिलक टर्मिनस के बीच अमृत भारत एक्सप्रेस चलाने को भी मंजूरी दे दी है। इस ट्रेन के नंबर 20436/20435 होंगे। यह ट्रेन सप्ताह में एक दिन चलेगी और रास्ते में प्रयागराज, सतना, जबलपुर, इटारसी, भुसावल और कल्याण स्टेशनों पर रुकेगी। ट्रेन उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के प्रमुख शहरों को आपस में जोड़ेगी।

सूबेदारगंज-लोकमान्य तिलक टर्मिनस अमृत भारत एक्सप्रेस

रेल मंत्रालय ने सूबेदारगंज और लोकमान्य तिलक टर्मिनस के बीच नई अमृत भारत एक्सप्रेस चलाने को मंजूरी दे दी है। इस ट्रेन के नंबर 14121/14122 होंगे और यह सप्ताह में एक दिन चलेगी।

यह ट्रेन सूबेदारगंज, फतेहपुर, गोविंदपुरी, भरुआ सुमेरपुर, रागौल, बांदा, चित्रकूटधाम कर्वी, सतना, मैहर, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, पिपरिया, इटारसी, खंडवा, भुसावल, नासिक रोड, कल्याण और ठाणे स्टेशनों पर रुकेगी। इस ट्रेन के शुरू होने से उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के बीच सफर करने वाले यात्रियों को काफी सुविधा मिलेगी।

गोरखपुर-दिल्ली अमृत भारत एक्सप्रेस

रेलवे बोर्ड ने गोरखपुर और दिल्ली के बीच भी नई अमृत भारत एक्सप्रेस चलाने को मंजूरी दी है। इस ट्रेन के नंबर 15095/15096 होंगे और यह सप्ताह में एक दिन चलेगी।

गोरखपुर से दिल्ली के बीच चलने वाली यह ट्रेन गोरखपुर, खलीलाबाद, बस्ती, गोंडा, बुढ़वल, सीतापुर, बरेली, मुरादाबाद, गाजियाबाद और दिल्ली स्टेशनों पर रुकेगी। इससे पूर्वी उत्तर प्रदेश के यात्रियों को दिल्ली आने-जाने के लिए एक और सुविधाजनक रेल सेवा मिल सकेगी।

प्रयागराज-उधना अमृत भारत एक्सप्रेस

रेलवे बोर्ड ने प्रयागराज और उधना के बीच भी एक नई अमृत भारत एक्सप्रेस चलाने की मंजूरी दी है। इस ट्रेन के नंबर 20437/20438 होंगे और यह भी सप्ताह में एक दिन चलेगी।

यह ट्रेन प्रयागराज, फतेहपुर, गोविंदपुरी, इटावा, टूंडला, ईदगाह आगरा, बयाना, हिंडौन सिटी, गंगापुर सिटी, सवाई माधोपुर, कोटा, रामगंज मंडी, भवानी मंडी, रतलाम, वडोदरा और उधना स्टेशनों पर रुकेगी। इससे उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश और गुजरात के कई शहरों के बीच रेल यात्रा आसान होगी।

गोरखपुर-बांद्रा अमृत भारत एक्सप्रेस

एक अन्य  साप्ताहिक ट्रेन गोरखपुर-बांद्रा टर्मिनस अमृत भारत एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 15085/15086) है।

ट्रेन गोरखपुर, खलीलाबाद, बस्ती, गोंडा, बादशाहनगर, ऐशबाग, कानपुर सेंट्रल, टूंडला, आगरा किला, बयाना, गंगापुर सिटी, कोटा, भवानी मंडी, शामगढ़, रतलाम, वडोदरा, सूरत, वलसाड, वापी, पालघर, बोरीवली और बांद्रा टर्मिनस पर रुकेगी।

चरलापल्ली-गोरखपुर अमृत भारत एक्सप्रेस

सातवीं ट्रेन चारलापल्ली-गोरखपुर अमृत भारत एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 22075/22076) है।

यह प्रस्तावित सर्विस चार्लापल्ली, काज़ीपेट, पेड्डापल्ली, मंचिरयाल, बल्हारशाह, चंद्रपुर, नागपुर, बैतूल, इटारसी, भोपाल, बीना, वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी, उरई, पोखरायां, कानपुर सेंट्रल, ऐशबाग, लखनऊ सिटी, गोमतीनगर, बाराबंकी, गोंडा और गोरखपुर में रुकेगी।

16 अगस्त से खुल रहा है राष्ट्रपति भवन का खूबसूरत अमृत उद्यान! बिल्कुल फ्री मिलेगी एंट्री, ऐसे करें ऑनलाइन बुकिंग!

भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने 14 अगस्त अमृत उद्यान समर एनुअल्स एडिशन, 2026 का उद्घाटन किया। राष्ट्रपति भवन परिसर में स्थित यह विश्व प्रसिद्ध और बेहद खूबसूरत उद्यान 16 अगस्त से आम जनता के दर्शन के लिए खोला जा रहा है। अगर आप भी प्राकृतिक सुंदरता, मौसमी फूलों और ऐतिहासिक स्थापत्य कला का आनंद लेना चाहते हैं तो 15 सितंबर 2026 तक अमृत उद्यान घूमने जा सकते हैं। खास बात यह है कि यहां एंट्री बिल्कुल फ्री है। आइए आपको यहां जाने की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से बताते हैं-

जानिए कब और किस समय मिलेगी एंट्री

राष्ट्रपति भवन द्वारा जारी समय सारणी के मुताबिक अमृत उद्यान 16 अगस्त से 15 सितंबर 2026 तक जनता के लिए खुला रहेगा। उद्यान सुबह 10:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक खुलेगा। दर्शकों को शाम 5 बजे तक ही अंतिम प्रवेश दिया जाएगा। रखरखाव के लिए सारे सोमवार को अमृत उद्यान आम जनता के लिए बंद रहेगा। यहां आने वाले लोगों की एंट्री और एग्जिट नॉर्थ एवेन्यू रोड के पास स्थित गेट नंबर 35 से होगा।

फ्री में मिलेगी एंट्री, लेकिन ऑनलाइन बुकिंग है अनिवार्य

अमृत उद्यान में प्रवेश पूरी तरह से निःशुल्क है। हालांकि यहां आने वाले दर्शकों के लिए अग्रिम ऑनलाइन बुकिंग कराना अनिवार्य किया गया है। दर्शकों को राष्ट्रपति भवन की आधिकारिक वेबसाइट visit.rashtrapatibhavan.gov.in पर जाकर अपना स्लॉट पहले से बुक करना होगा। किसी खास दिन के भ्रमण के लिए स्लॉट की बुकिंग उस दिन से ठीक एक दिन पहले सुबह 10:00 बजे बंद हो जाएगी। ध्यान रहे कि ऑन द स्पॉट कोई भी बुकिंग सुविधा यहां उपलब्ध नहीं है, इसलिए बिना ऑनलाइन स्लॉट बुक किए न जाएं।

अमृत उद्यान की खास बनावट के बारे में जानिए

राष्ट्रपति भवन की मुख्य इमारत से सटा 15 एकड़ में फैला अमृत उद्यान वास्तुकला का अद्भुत नमूना है। इस उद्यान को तीन टेरेस के रूप में डिजाइन किया गया है:

1- आयताकार उद्यान

मुख्य इमारत से सटे इस हिस्से में उत्तर से दक्षिण और पूर्व से पश्चिम की ओर जाने वाली दो-दो समानांतर जल नहरें इसे वर्गाकार ग्रिड में बांटती हैं। नहरों के क्रॉसिंग पर बने कमल के पत्तों के आकार के तीन-स्तरीय बलुआ पत्थरों के फव्वारों से पानी बहता है। दिन के एक खास समय में इन जल नहरों में राष्ट्रपति भवन की भव्य इमारत और खिलते फूलों का प्रतिबिंब दिखाई देता है। यह हिस्सा मौलसिरी, सरू, चाइना ऑरेंज और गार्डेनिया से सदाबहार दिखता है।

2- लंबा उद्यान

मुख्य उद्यान के पश्चिम में मौजूद यह लंबा उद्यान उस केंद्रीय मार्ग के दोनों ओर फैला है जो सर्कुलर गार्डन की ओर जाता है। यह करीब 12 फीट ऊंची दीवारों से घिरा हुआ है, जिसमें छोटी झाड़ियों से सजी गुलाब की क्यारियां हैं। दीवारों पर चाइना ऑरेंज के सजावटी फल लगे हैं जो पत्तियों से भी अधिक संख्या में दिखते हैं।

3- वृत्ताकार उद्यान

इसे पर्ल, बटरफ्लाई या सनकेन गार्डन भी कहा जाता है। यह सबसे पश्चिमी हिस्से में स्थित है और यहां सुगंधित किस्म के फूल लगाए गए हैं। इसके चारों ओर ऊंची दीवारें हैं और एम्फीथिएटर की तरह उतरती हुई सीढ़ियां हैं। इसके केंद्र में एक जल कुंड और फव्वारे मौजूद हैं।

अमृत उद्यान की तीनों छते और पूरे परिसर के अन्य उद्यान इस समय गर्मियों के मौसमी फूलों, झाड़ियों, लताओं और पुष्पित वृक्षों के शानदार रंगों से सजे हुए हैं। देशी पेड़-पौधे, फव्वारे और पानी की नहरें वातावरण में शीतलता बढ़ाती हैं। शाम के समय मोर यहां आराम से टहलते हुए देखे जा सकते हैं।

Investment Mantra : एक्सिस निफ्टी एनर्जी इंडेक्स फंड दे रहा एनर्जी कंपनियों में निवेश का सीधा मौका, जानिए क्या है खासियत

Investment Mantra : एनर्जी और सोना-चांदी दोनों इस वक्त बाजार के फोकस में हैं। एक तरफ जहां क्रूड में तेज उतार-चढ़ाव से एनर्जी सेक्टर सीधे रडार पर है और सोने-चांदी करेक्शन के बाद बुलियन सभी को लुभा रहा है। लेकिन क्या अभी एनर्जी और सोने-चांदी में निवेश का मौका है? यहां हम आपकी यही मुश्किल दूर करने की कोशिश करेंगे। लेकिन पहले हम आपको बता दें कि बाजार में इन दिनों Axis Nifty Energy Index Fund का NFO खुला हुआ है। क्या इसमें निवेश करके एनर्जी सेक्टर में एक्सपोजर बनाना चाहिए? इन्हीं सब बातों पर चर्चा करने के लिए हमारे साथ हैं मनीफ्रंट (Moneyfront) के CEO और को-फाउंडर मोहित गर्ग।

आइए पहले जान लेते हैं निफ्टी एनर्जी इंडेक्स के बारे में

निफ्टी एनर्जी इंडेक्स में एक्सपोजर की बात करें तो इसमें ऑयल एंड गैस, पावर जेनरेशन, ट्रांसमिशन एंड डिस्ट्रीब्यूशन, रिन्यूएबल एनर्जी, एनर्जी इक्विपमेंट और एनर्जी से जुड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल है।

निफ्टी एनर्जी इंडेक्स की खासियत यह है कि इसमें 500 में से अधिकतम 40 शेयरों पर फोकस है। किसी भी एक शेयर का वेटेज 10% से ज्यादा नहीं है। वहीं, किसी एक सेक्टर का वेटेज 25% से ज्यादा नहीं है। साल में दो बार मार्च और सितंबर में रीकंस्ट्रक्शन होता है।

निफ्टी एनर्जी इंडेक्स:टॉप 10 होल्डिंग्स

इसकी कोल इंडिया में 10%, रिलायंस इंडस्ट्रीज में 9.9%, ONGC में 9.5%, NTPC में 5.9%, GAIL में 4.9%, पावर ग्रिड में 4.6%, सुजलॉन एनर्जी में 4.2%, CG पावर में 3.9%, GE वर्नोवा में 3.6% और BHEL में 3.6% होल्डिंग है।

निफ्टी एनर्जी इंडेक्स: इन सेक्टर्स में निवेश

हेवी इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट में 25.5%, रिफाइनिंग में 15%, ऑयल एक्सप्लोरेशन में 11.8%, पावर जेनरेशन में 11.8% और कोल में 10% निवेश है।

निफ्टी एनर्जी इंडेक्स: निवेश कटेगरी

इसका लार्जकैप 72%, मिडकैप में 23% और स्मॉलकैप में 6% निवेश है।

निफ्टी एनर्जी में रिटर्न जोरदार

निफ्टी एनर्जी ने 1 साल में 10.1% रिटर्न दिया है। जबकि, निफ्टी ने इसी अवधि में 1.7 फीसदी रिटर्न दिया है। इसने तीन साल में 18.8% रिटर्न दिया है। इसी अवधि में निफ्टी ने 12.9 फीसदी रिटर्न दिया है। 5 साल में इसने 16.7% और निफ्टी ने 12.4% रिटर्न दिया है। 5 साल में इसने 18.7% और निफ्टी ने 13.9% रिटर्न दिया है। 25 साल में इसने 17.8% और निफ्टी ने 16.5% रिटर्न दिया है।

एक्सिस निफ्टी एनर्जी इंडेक्स फंड को जाने

एक्सिस निफ्टी एनर्जी इंडेक्स फंड एक इक्विटी इंडेक्स फंड है। इसका बेंचमार्क निफ्टी एनर्जी TRI है। इसका NFO खुला 7 अगस्त को खुला है जो 21 अगस्त को बंद होगा। इसमें न्यूनतम 100 रुपए का निवेश किया जा सकता है। इसका NFO NAV 10 रुपए है। इसमें रिस्क काफी हाई है। इस फंड मैनेजर्स नंदिक मलिक और रोहित गौतम हैं। एक्सिस निफ्टी एनर्जी इंडेक्स फंड का एक्जिट लोड 15 दिन के भीतर 0.25% और 15 दिन के बाद निल है।

एक्सिस निफ्टी एनर्जी इंडेक्स फंड: एनर्जी में बड़ा मौका

अगले दशक में भारत में 580+ GW पावर जेनरेशन का अनुमान है। इसमें रिन्यूएबल एनर्जी की बड़ी हिस्सेदारी होगी। अगले दशक में ट्रांसमिशन,स्टोरेज,नेचुरल गैस इंफ्रा में निवेश बढ़ेगा। अगले दशक में ग्रिड मॉडर्नाइजेशन में भी निवेश बढ़ेगा।

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

 

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Rakesh Jhunjhunwala Death Anniversary: राकेश झुनझुनवाला के 10 निवेश मंत्र, इन्हें हर इनवेस्टर को जानना चाहिए

Rakesh Jhunjhunwala Death Anniversary: दिग्गज इनवेस्टर राकेश झुनझुनवाला की आज पुण्यतिथि है। उनका देहांत 14 अगस्त, 2022 को हार्ट अटैक से हुआ था। उन्होंने शेयरों में निवेश से अकूत पैसा कमाया। उनकी खास बात यह थी कि निवेश के अपने अनुभव के बारे में वह हमेशा बताते रहते थे। वह निवेश में हुई गलतियों के बारे में भी बताने से नहीं हिचकते थे। इस वजह से लाखों निवेशक उनकी बातों को बड़े गौर से सुनते थे। आज भी निवेश से जुड़े उनके मंत्र उतने ही प्रासंगिक हैं, जितने वे कई साल पहले थे। हर निवेशक को निवेश से जुड़े उनके बुनियादी सिद्धातों के बारे में जरूरत जानना चाहिए।

1. निवेश में धैर्य बहुत जरूरी है

वह निवेश से मोटी कमाई के लिए धैर्य को जरूरी मानते थे। उनका मानना था कि शेयरों की कीमतों में उतार-चढ़ाव होता रहता है। इसलिए निवेशकों को रोजाना होने वाले उतार-चढ़ाव की जगह लंबी अवधि के आउटलुक पर फोकस करना चाहिए। उन्होंने खुद अच्छी कंपनियों के शेयरों में निवेश कर लंबी अवधि में काफी पैसा कमाया था।

2. निवेश के लिए बॉटम का इंतजार नहीं करें

झुनझुनवाला का कहना था कि निवेश के लिए हर समय सही होता है। दरअसल कई इनवेस्टर्स निवेश के लिए मार्केट के बॉटम का इंतजार करते हैं। ऐसा करना सही नहीं है। झुनझुनवाला कहते थे कि मार्केट के बॉटम यानी सबसे निचला स्तर और पीक यानी सबसे हाई लेवल के बारे में अनुमान लगाना मुश्किल है।

3. निवेश से पहले वैल्यूएशन को देखें

कई इनवेस्टर्स किसी शेयर में इसलिए निवेश करते हैं, क्योंकि उसकी कीमतें चढ़ रही होती हैं। झुनझुनवाला का कहना था कि किसी शेयर पर हाई वैल्यूएशन पर निवेश करना समझदारी नहीं है। निवेश से पहले इनवेस्टर को खुद से यह पूछना चाहिए कि वह जिस कीमत पर शेयर खरीद रहा है, क्या वह कीमत सही है।

4. रिस्क और निवेश का अटूट रिश्ता है

झुनझुनवाला का मानना था कि शेयरों में निवेश से पैसे कमाने के लिए रिस्क लेना ही पड़ता है। अगर आप शेयर में निवेश कर रहे हैं तो आपको लॉस बर्दाश्त करने के लिए तैयार रहना चाहिए। उनकी सलाह थी कि निवेश से पहले निवेशक को यह पता होना चाहिए कि वह कितना रिस्क लेने जा रहा है। कपैसिटी से ज्यादा रिस्क लेना खतरनाक हो सकता है।

5. अपनी गलतियों से सीखें

निवेश में गलती होना स्वाभाविक है। झुनझुनवाला कहते थे कि ऐसा कोई इनवेस्टर नहीं है, जिससे गलती नहीं हुई है। उनका कहना था कि गलतियों से सीखना चाहिए। आपसे एक गलती दोबारा नहीं होनी चाहिए। गलती होने का अगर आपको डर है तो आप कभी निवेश नहीं कर पाएंगे।

6. निवेश के लिए कभी उधार न लें

कई लोग निवेश से फटाफट मुनाफा कमाने के लिए पैसे उधार तक ले लेते हैं। झुनझुनवाला इसके खिलाफ थे। उनका मानना था कि उधार के पैसे से निवेश करने में बड़ा रिस्क है। अगर निवेश किया गया पैसा डूब गया तो इनवेस्टर्स मुश्किल में फंस जाएगा।

7. फटाफट कमाई के बारे में न सोचें

शेयर मार्केट में निवेश से काफी पैसा बनाया जा सकता है। लेकिन, ऐसा एक दिन में नहीं हो सकता। इसमें समय लगता है। झुनझुनवाला कहते थे कि शेयर बाजार से फटाफट कमाई का लालच आपको मुश्किल में डाल सकता है। कुछ महीने या कुछ साल में पैसा डबल करने के टारगेट के साथ शेयरों में निवेश नहीं किया जा सकता।

8. मार्केट और निवेश की समझ बढ़ाते रहें

शेयरों में निवेश करने के लिए ज्ञान यानी नॉलेज जरूरी है। आपकी नॉलेज जितनी ज्यादा होगी, निवेश के फैसले लेने में आपको उतनी आसानी होगी। फाइनेंशियल स्टेटमेंट, वैल्यूएशन, पीई रेशियो, बुक वैल्यू जैसी चीजों के बारे में हर निवेशक को जानना चाहिए।

9. ‘भाव भगवान है’-कीमत का सम्मान करें

झुनझुनवाला हमेशा कहा करते थे-‘भाव भगवान है।’ इसका मतलब है कि शेयर की कीमत बहुत अहम है। आप जिस भाव पर शेयर खरीद रहे हैं, वह बहुत मायने रखता है। अगर आपने ज्यादा भाव पर शेयर खरीदा है तो आपको मुनाफे के लिए लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।

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10. जब दूसरे बेच रहे हों तो आपको खरीदना चाहिए

आम तौर पर जब शेयर बाजार में तेजी होती है तो शेयर खरीदने में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ जाती है। इसके उलट जब बाजार गिरता है तो निवेशक शेयर बेचने लगते हैं। यह समझदारी नहीं है। बाजार में तेजी आने पर शेयर महंगे हो जाते हैं, ऐसे में निवेश करने से ज्यादा प्रॉफिट कमाने की संभावना कम हो जाती है। झुनझुनवाला का कहना था कि जब सब बेच रहे हों तो आपको खरीदना चाहिए। तब शेयर सस्ते होते हैं।

Share Market Fall: निफ्टी में लगातार चौथे दिन गिरावट, सेंसेक्स 71 अंक टूटा; निवेशकों की दौलत ₹1.97 लाख करोड़ घटी

शेयर बाजार में शुक्रवार, 14 अगस्त को बिकवाली का आलम रहा। स्वतंत्रता दिवस से एक दिन पहले सेंसेक्स 70.71 अंकों की गिरावट के साथ 78,009.25 पर और निफ्टी 29.85 अंकों की गिरावट के साथ 24,366 पर बंद हुआ। इस बीच BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 1.97 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा घट गया। दिन में सेंसेक्स पिछले बंद भाव से 395.66 अंक तक टूटकर 77,684.37 के लो तक गया। इसी तरह निफ्टी भी पिछली क्लोजिंग से 99 अंक तक टूटकर 24,296.80 के लो तक गया। निफ्टी में लगातार चौथे कारोबारी सत्र में गिरावट रही।

गुरुवार, 13 अगस्त को शेयर मार्केट बंद होने पर BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 4,94,13,560.799 करोड़ रुपये रहा था। शुक्रवार को यह घटकर 4,92,16,152.08 करोड़ रुपये रह गया। यानि कि 1,97,408.719 करोड़ रुपये की कमी।

मार्केट बंद होने पर NSE पर अपोलो हॉस्पिटल्स एंटरप्राइज, भारती एयरटेल, अदाणी पोर्ट्स, अदाणी एंटरप्राइजेज और ICICI Bank टॉप गेनर रहे। दूसरी ओर टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स, जियो फाइनेंशियल सर्विसेज, एशियन पेंट्स, हिंडाल्को इंडस्ट्रीज और ONGC टॉप लूजर रहे।

गुरुवार को कैसा रहा था कारोबार

गुरुवार को कारोबार के अंतिम घंटे में हुई बाइंग से सेंसेक्स 113.61 अंक या 0.15 प्रतिशत की बढ़त के साथ 78,079.96 पर बंद हुआ था। वहीं, निफ्टी 40.10 अंक या 0.16 प्रतिशत टूटकर 24,395.85 पर बंद हुआ था। BSE मिडकैप सेलेक्ट सूचकांक में 0.53 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई, जबकि स्मॉलकैप सेलेक्ट में 0.35 प्रतिशत का लाभ रहा।

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वैश्विक बाजारों का हाल

एशियाई बाजारों में हेंग सेंग, SET कंपोजिट और ताइवान वेटेड में गिरावट है। वहीं कॉस्पी, निक्केई 225, शंघाई कंपोजिट और जकार्ता कंपोजिट बढ़त में हैं। यूरोपीय बाजार हरे निशान में हैं। अमेरिकी बाजार गुरुवार को बढ़त के साथ बंद हुए थे।

रुपये में आई 3 पैसे की मजबूती

विदेशी बाजारों में अमेरिकी डॉलर के कमजोर रुख के बीच रुपया शुक्रवार को 3 पैसे की बढ़त के साथ 95.42 प्रति डॉलर (अस्थायी) पर बंद हुआ। घरेलू शेयर बाजार से विदेशी पूंजी की निकासी और वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण रुपये पर दबाव बना रहा। रुपया गुरुवार को 12 पैसे की गिरावट के साथ 95.45 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

इटली में भारतीय फोटोग्राफरों का 40 लाख रुपये का कैमरा गियर चोरी, पुलिस बोली- संडे है, कल आना!

दो भारतीय फ़ोटोग्राफ़रों की इटली यात्रा तब बुरे सपने में बदल गई, जब 40 लाख रुपये से ज़्यादा कीमत का उनका प्रोफ़ेशनल कैमरा इक्विपमेंट चोरी हो गया। उन्होंने आरोप लगाया कि शाम के समय एक शॉपिंग आउटलेट की पार्किंग में उनकी किराए की कार का शीशा तोड़कर चोरी की गई। उन्होंने पुलिस में शिकायत तो की, लेकिन रविवार होने के कारण उन्हें कोई मदद नहीं मिली।

गणेश बागल नाम के फ़ोटोग्राफ़र ने इंस्टाग्राम पर इस घटना की जानकारी दी। यह घटना 9 अगस्त को नोवेंता डि पियावे में मैकआर्थरग्लेन डिज़ाइनर आउटलेट की फ़्री पार्किंग एरिया में हुई थी। उन्होंने अपनी किराए की कार दोपहर करीब 3:30 बजे पार्क की थी और 1 घंटे 40 मिनट बाद वापस लौटे थे।

तब तक गाड़ी की पिछली खिड़की तोड़ी जा चुकी थी और कार से उनके कैमरे के बैग और सामान गायब थे। उन्होंने बताया कि चोरी हुआ सामान उन दोनों का था और उसकी कीमत 40 लाख रुपये (यानी 40,000 यूरो) से ज़्यादा थी; इसमें कई प्रोफेशनल सोनी कैमरा बॉडी और लेंस शामिल थे। अच्छी बात यह थी कि उनके कुछ सामान में ट्रैकिंग डिवाइस लगे हुए थे।

रविवार होने के कारण पुलिस ने मदद करने से मना कर दिया

उन्होंने कहा, “हम सबसे पहले पुलिस के पास गए, उन्हें ट्रैकर की लोकेशन दिखाई और मदद मांगी। चूंकि रविवार था और शाम के करीब 7 बज रहे थे, इसलिए हमें बताया गया कि वे हमारे साथ नहीं जा सकते।” लाइव ट्रैकर की जानकारी से पता चला कि उनका सामान एक इंडस्ट्रियल एरिया में ले जाया गया था। पुलिस से मनाही मिलने के बाद, उन्होंने खुद उस जगह जाने का फैसला किया, भले ही वे किसी दूसरे देश में थे और भाषा की दिक्कत भी थी।

उन्होंने लिखा, “यह एक जोखिम भरा काम था,” और बताया कि उन्हें यह फैसला इसलिए लेना पड़ा क्योंकि चोरी हुआ सामान वापस मिलने की उम्मीद अभी भी थी। जब वे उस जगह पहुंचे, तो उन्हें अपने दो पासपोर्ट, सामान, कई निजी चीज़ें और एक खाली कैमरा बैग वहां पड़ा हुआ मिला। कैमरे और लेंस गायब थे।

उन्होंने कहा, “सबसे निराशाजनक बात यह थी कि हमारे पास ऐसी जानकारी थी जिस पर तुरंत कार्रवाई की जा सकती थी। हमारे पास एक ट्रैकर था जो एक खास जगह दिखा रहा था जहां हमारा चोरी हुआ सामान ले जाया गया था। उस जगह खुद जाने से पहले हम पुलिस के पास गए, उन्हें ट्रैकर की जानकारी दिखाई और मदद मांगी।”

उन्होंने बताया कि सबसे ज़्यादा निराशाजनक बात क्या थी

फ़ोटोग्राफ़र ने आगे कहा, “हम समझते हैं कि पुलिस की प्रक्रियाएं और कानूनी सीमाएं होती हैं, और हम यह दावा नहीं कर रहे हैं कि हमें पता है कि अधिकारी कानूनी तौर पर क्या कर सकते थे या क्या नहीं। लेकिन एक पर्यटक के तौर पर, हमारे लिए यह समझना बहुत मुश्किल था कि हाल ही में हुई चोरी से जुड़ी लाइव ट्रैकर लोकेशन के बावजूद तुरंत मदद क्यों नहीं मिल सकी। हमारे लिए सबसे बड़ी निराशा सिर्फ़ चोरी की घटना नहीं थी। बल्कि कीमती समय का नुकसान होना था, जबकि चोरी हुए सामान को वापस पाने की अभी भी संभावना थी।”

फ़ोटोग्राफ़रों ने कहा कि वे पूरे इटली को दोष नहीं दे रहे हैं, बल्कि वे अपना अनुभव इसलिए साझा करना चाहते हैं ताकि दूसरों को आगाह कर सकें। उन्होंने इटली, भारत और फ़ोटोग्राफ़ी समुदाय के लोगों से यह भी अपील की है कि अगर चोरी हुआ सामान बिक्री के लिए पेश किया जाए या सर्विसिंग के लिए भेजा जाए, तो वे सतर्क रहें।

इस घटना पर इंटरनेट पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं

इस घटना पर लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आई हैं। कुछ लोग मामले की जांच न करने के लिए इटैलियन पुलिस की आलोचना कर रहे हैं, जबकि दूसरों का कहना है कि उन्हें अपने सामान के प्रति ज़्यादा सावधान रहना चाहिए था। एक यूज़र ने कहा, “दोस्त, अगर आप 40,000 यूरो का सामान लेकर यात्रा कर रहे हैं, तो सलाह यह नहीं है कि ‘ट्रैकर का इस्तेमाल करें’, बल्कि सलाह यह होनी चाहिए कि ‘सामान अपने साथ रखें और उसे पार्क की हुई कार में न छोड़ें!!’ और यह बात दुनिया भर में लागू होती है।”

एक और यूज़र ने तंज कसते हुए कहा, “संक्षेप में कहें तो यही इटैलियन सिस्टम है। दुख की बात है कि इटैलियन पुलिस उतनी ही काम की है जितना कि किसी सुनसान जगह पर गैस स्टेशन के टॉयलेट में रखा टॉयलेट ब्रश। साथ ही, अगर आपकी कार की खिड़कियों पर टिंटेड ग्लास नहीं है, तो अपना सामान कभी भी कार में न छोड़ें… यह बात दुनिया में कहीं भी लागू होती है; अच्छी बात यह है कि कम से कम आपके डॉक्यूमेंट्स तो वापस मिल गए।”

एक व्यक्ति ने मज़ाक में कहा, “इटली में आपका स्वागत है। एक इटैलियन होने के नाते, मुझे इसके लिए खेद है। दुर्भाग्य से, हमारे लिए यह कोई नई बात नहीं है।” किसी और ने टिप्पणी की, “यह पढ़कर काफी डर और दुख होता है। इटली और कुछ अन्य यूरोपीय संघ के देशों में भी ऐसे मामले सुने हैं, जहाँ ट्रैकर उपलब्ध होने के बावजूद पुलिस मदद करने को तैयार नहीं थी।”

El Nino Impact: अल नीनो का कहर! 2026 बन सकता है अब तक का सबसे गर्म साल, रिकॉर्ड गर्मी से क्या बदलेगा बारिश का पैटर्न?

El Nino & Monsoon update: प्रशांत महासागर में तेजी से मजबूत हो रहे अल नीनोके असर से साल 2026 के इतिहास का सबसे गर्म साल बनने की संभावना बेहद बढ़ गई है। अमेरिका के नॉन प्रॉफिट रिसर्च ग्रुप बर्कले अर्थ के ग्लोबल वेदर के मंथली एनालिसिस के मुताबिक अल नीनो के शक्तिशाली रूप लेने के कारण 2026 के सबसे गर्म साल बनने की संभावना जुलाई में दर्ज 12 फीसदी से बढ़कर अगस्त में सीधे 69 फीसदी पर पहुंच गई है। रिसर्चर्स का मानना है कि इसके अलावा साल 2027 में गर्मी के नए रिकॉर्ड बनने की पूरी उम्मीद है।

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक बर्कले अर्थ के चीफ साइंटिस्ट रॉबर्ट रोडे ने इसे लेकर चेतावनी देते हुए कहा है कि अगले एक साल या उससे थोड़े अधिक समय में हम कुछ बहुत ही नाटकीय बदलाव देख सकते हैं। यह हमें ऐसी मौसमी स्थितियां देगा जिसकी उम्मीद हम आम तौर पर एक दशक या उससे अधिक समय बाद करते हैं। यह एक बहुत बड़ी घटना साबित होने वाली है।

क्या होता है अल नीनो और कैसे बदलेगा बारिश का पैटर्न?

अल नीनो महीनों तक चलने वाला एक रिकरिंग वेदर फेज है। इसके ग्लोबल लेबल पर गंभीर असर होते हैं। अल नीनो के असर से दुनिया के कई हिस्सों में सूखा पड़ता है। इसका सबसे ज्यादा प्रतिकूल असर भारत, पश्चिमी और दक्षिणी अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया जैसे क्षेत्रों में देखने को मिलता है। अल नीनो की वजह से इन इलाकों में बारिश की कमी हो जाती है। वहीं दूसरी ओर अल नीनो की वजह से कुछ दूसरे क्षेत्रों में अत्यधिक बारिश होती है। उदाहरण के लिए इसके असर से दक्षिणी अमेरिका के इलाकों में भारी बारिश की संभावना बढ़ जाती है।

कितना शक्तिशाली है यह अल नीनो?

वैज्ञानिक पूर्वी उष्णकटिबंधीय प्रशांत महासागर के एक विशिष्ट क्षेत्र में समुद्र की सतह के तापमान से अल नीनो की ताकत का आकलन करते हैं। अनुमान बताते हैं कि प्रशांत महासागर के उस विशिष्ट हिस्से में समुद्र की सतह का तापमान सामान्य से 4 डिग्री सेल्सियस तक असाधारण रूप से अधिक बढ़ जाएगा। इसकी तुलना में 2015 से 2016 के अल नीनो के दौरान समुद्र का तापमान सामान्य से 2.75 डिग्री सेल्सियस अधिक बढ़ा था। इससे यह साफ पता चल रहा है कि मौजूदा अल नीनो कितना खतरनाक है।

यह अल नीनो इस साल जून में शुरू हुआ था। हालांकि इस साल देर वसंत और शुरुआती गर्मियों में पड़ी भीषण गर्मी के लिए अल नीनो जिम्मेदार नहीं था क्योंकि तब तक इसका असर इतना तेज नहीं हुआ था।

जून-जुलाई में टूटे गर्मी के रिकॉर्ड

बर्कले अर्थ के मुताबिक प्रमुख जलवायु डेटासेट के मुताबिक बीता जुलाई का महीना अब तक दर्ज किया गया सबसे गर्म या दूसरा सबसे गर्म जुलाई रहा। जुलाई के महीने में भीषण गर्मी की वजह से फ्रांस और स्पेन में विनाशकारी जंगलों की आग भड़क उठी जबकि अमेरिका के कई हिस्से हीट डोम की वजह से झुलस गए। अमेरिका के मुख्य भूभाग में जुलाई का औसत अधिकतम तापमान 90 साल पुराने उस रिकॉर्ड को तोड़ गया जो डस्ट बाउल के दौर में बना था। वैज्ञानिक रोडे ने चुटकी लेते हुए कहा कि दुनिया का इतना बड़ा हिस्सा झुलस रहा है कि उन जगहों का नाम लेना आसान है जो गर्म नहीं हैं, अंटार्कटिका में इस बार बहुत ही अत्यधिक ठंड वाली सर्दियां रही हैं।

ग्लोबल इकॉनमी और व्यापार पर अल नीनो की मार

कई देशों विशेष रूप से उभरते बाजारों में अल नीनो द्वारा लाई गई भीषण गर्मी और मूसलाधार बारिश ईरान युद्ध के कारण उपजे आर्थिक संकट को और बढ़ा सकती है। उदाहरण के लिए समुद्र के पानी के गर्म होने की वजह से पेरू में एंकोवी मछली के शिकार/पकड़ने पर पूरी तरह से रोक लग गई है।

ग्रीनहाउस गैसों का स्थायी असर

बर्कले अर्थ के वैज्ञानिक ज़ेक हॉसफादर ने अल नीनो की तुलना एक बड़े हथौड़े से करते हुए कहा कि अल नीनो एक विशाल हथौड़े की तरह है जिससे जलवायु पर प्रहार होता है इसलिए यह बहुत सी अलग-अलग चीजों को अस्त-व्यस्त कर देगा। वैज्ञानिकों का कहना है कि हालांकि अल नीनो किसी एक महीने या साल के तापमान को नाटकीय रूप से प्रभावित कर सकता है लेकिन ग्रीनहाउस गैसों के प्रदूषण से होने वाली ग्लोबल वार्मिंग हमेशा मौजूद रहती है और लगातार बढ़ रही है।