Delhi Protest: IGI एयरपोर्ट पर अभिजीत दीपके के प्लेन में घुसी दिल्ली पुलिस, CJP ने लगाया हिरासत में लेने का आरोप

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने शनिवार को दावा किया कि दिल्ली पुलिस ने उसके नेताओं अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को राष्ट्रीय राजधानी में उनका प्लेन उतरने के बाद हिरासत में ले लिया। सोशल मीडिया पर प्लेन के वीडियो वायरल हो रहे हैं। वीडियो में दिल्ली पुलिस कह रही है कि यह गिरफ्तारी नहीं है। CJP ने एक बयान जारी कर कथित रूप से हिरासत में लिए जाने की निंदा की है। दावा किया कि है यह उसके नेताओं को प्रस्तावित प्रदर्शन स्थल तक पहुंचने से रोकने के लिए पहले से बनाई गई योजना का हिस्सा है।

CJP के नेता मुंबई से दिल्ली पहुंचे थे। पार्टी ने इस कार्रवाई को बेरोकटोक आवाजाही की स्वतंत्रता का उल्लंघन बताते हुए तीनों नेताओं को तत्काल और बिना किसी शर्त के रिहा करने की मांग की। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने शनिवार, 10 अक्टूबर को राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध-प्रदर्शन का आह्वान किया है।

ज्ञानेश कुमार पर मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की आड़ में मतदाता सूचियों में गड़बड़ी करने का आरोप लगा है। साथ ही वोटर रजिस्ट्रेशन के दस्तावेज ‘फॉर्म 6’ में बदलाव के लिए दो सहयोगी निर्वाचन आयुक्तों की आपत्ति को दरकिनार करने के आरोप भी हैं। इसी मुद्दे को लेकर CJP ने विरोध-प्रदर्शन का आह्वान किया है।

“…मैं यहां गिरफ्तार होने ही आया हूं”

अभिजीत दीपके की फ्लाइट कुछ ही मिनट पहले इंदिरा गांधी इंटरनेशनल (IGI) एयरपोर्ट पर उतरी है। वीडियो में अभिजीत दीपके दिल्ली पुलिस से कहते हुए दिख रहे हैं, “…मैं यहां गिरफ्तार होने ही आया हूं; कर लीजिए गिरफ्तार।” वहीं दिल्ली पुलिस के जवान कह रहे हैं कि “नहीं, यह गिरफ्तारी नहीं है। कृपया सहयोग करें।”

ध्रुव राठी को लिया हिरासत में

News18 की रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली पुलिस इस विरोध प्रदर्शन में शामिल होने आए मशहूर यूट्यूबर और सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर ध्रुव राठी को भी हिरासत में ले चुकी है। पुलिस ने राठी को शनिवार सुबह गुरुग्राम स्थित उनके आवास से हिरासत में लिया। सुबह करीब 7:48 बजे पुलिस सेक्टर 56 के सेंट्रल पार्क विहार में उनके घर पहुंची। शुक्रवार देर रात से ही उनके आवास के बाहर लगभग 50 पुलिसकर्मी तैनात हो गए थे। शनिवार सुबह सिविल ड्रेस और पुलिस की वर्दी में पहुंचे लगभग 50 पुलिसकर्मियों ने औपचारिक रूप से ध्रुव राठी को हिरासत में ले लिया।

Delhi Traffic Advisory Today: जंतर-मंतर प्रदर्शन पर दिल्ली पुलिस का बड़ा एक्शन, उन 31 पॉइंट्स की लिस्ट जहां ट्रैफिक डायवर्जन लागू

200 प्रदर्शनकारी हिरासत में

दिल्ली में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और प्रदर्शन को रोकने के लिए चलाए जा रहे इस व्यापक अभियान के तहत पुलिस ने कई अन्य लोगों को भी हिरासत में लिया है। जंतर-मंतर पहुंचने की कोशिश कर रहे लगभग 200 प्रदर्शनकारियों को दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को हिरासत में ले लिया। नई दिल्ली के पूरे इलाके में पुलिस प्रदर्शन स्थल तक पहुंचने की कोशिश कर रहे लोगों की आवाजाही पर नजर रखने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल कर रही है। न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, पुलिस सूत्रों का कहना है कि एहतियाती उपायों के तहत राष्ट्रीय राजधानी के सभी 15 जिलों में आपराधिक रिकॉर्ड वाले 600 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है।

Delhi Protest: रात के अंधेरे में भी रिकॉर्डिंग करने वाले बॉडी कैमरों से लैस हुए दिल्ली पुलिस के जवान, समझिए क्या है तैयारी

जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित विरोध-प्रदर्शन को देखते हुए शनिवार 10 अक्टूबर को पूरी राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था के कड़े और हाई-टेक इंतजाम किए गए हैं। इस बार प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात दिल्ली पुलिस के जवान आधुनिक नाइट-विजन बॉडी-वॉर्न कैमरों (BWCs) से लैस नजर आ रहे हैं। यह विशेष बॉडी कैमरे जवानों की यूनिफॉर्म पर लगाए गए हैं, जो दिन के उजाले के साथ-साथ रात के घने अंधेरे में भी हाई क्वॉलिटी की वीडियो और ऑडियो रिकॉर्डिंग करने में सक्षम हैं।

यह कैमरे हमारी और जनता दोनों की सुरक्षा के लिए हैं: जवान ने समझाई उपयोगिता

ANI की एक एक्स पोस्ट में दिल्ली में तैनात पुलिस जवान अपनी यूनिफॉर्म पर यह कैमरे पहने हुए दिखाई दिए। सुरक्षा में तैनात दिल्ली पुलिस के जवान दीपक चौधरी ने इन कैमरों की कार्यप्रणाली और उपयोगिता के बारे में बताते हुए कहा कि यह बॉडी कैमरे जवानों के साथ-साथ आम जनता और प्रदर्शनकारियों दोनों की सुरक्षा के लिए लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन या हाथापाई की स्थितियों में अक्सर दिल्ली पुलिस के ऊपर एकतरफा आरोप लगा दिए जाते हैं। ऐसे में यह बॉडी कैमरे निष्पक्ष सबूत के तौर पर काम करेंगे और यह साबित करेंगे कि पुलिस ने किसी के साथ कुछ गलत किया है या नहीं। यह कैमरे मौके पर होने वाली हर एक गतिविधि को लगातार रिकॉर्ड करेंगे।

दिल्ली हाईकोर्ट ने खारिज की थी अनिवार्य बॉडी कैमरे लगाने वाली याचिका

बॉडी कैमरों की यह तैनाती ऐसे समय में देखने को मिली है, जब कुछ ही दिन पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने प्रदर्शनों के दौरान पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के जवानों के लिए बॉडी-वॉर्न कैमरों का अनिवार्य और लगातार इस्तेमाल करने की मांग वाली जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई से इनकार कर दिया था। 7 अक्टूबर को एक्टिंग चीफ जस्टिस नितिन सांबरे की अध्यक्षता वाली पीठ ने इस याचिका को केंद्र सरकार के समक्ष एक प्रतिवेदन के रूप में विचार करने को कहा था। अदालत ने न्यायिक हस्तक्षेप की जरूरत पर सवाल उठाते हुए टिप्पणी की थी कि इस मामले में ऐसा कोई कानूनी पेंच नहीं है जहां कोर्ट को निर्देश जारी करने की जरूरत पड़े। अदालत ने कहा था कि जब भी विधायिका की कोई मंशा होती है, वे वैधानिक प्रावधानों में नियम तय कर देते हैं।

जुलाई में हुए प्रदर्शन का हवाला देकर दायर की गई थी याचिका

यह याचिका एडवोकेट चाहत राघव द्वारा भारत सरकार, दिल्ली पुलिस आयुक्त, सीआरपीएफ के महानिदेशक और बीपीआरएंडडी के खिलाफ दायर की गई थी। इस याचिका में मांग की गई थी कि प्रदर्शनों और भीड़ नियंत्रण में तैनात अधिकारियों के लिए कैमरे पहनना और उन्हें चालू रखना अनिवार्य किया जाए। साथ ही रिकॉर्डिंग को सुरक्षित रखने, डेटा सुरक्षा और सबूत के तौर पर उसके इस्तेमाल के लिए सख्त मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) बनाई जाए।

याचिका में जुलाई 2026 में जंतर-मंतर पर CJP और एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक के प्रदर्शनों का जिक्र किया गया था। याचिकाकर्ता का तर्क था कि उस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़प के अधिकांश वीडियो आम जनता या राहगीरों के मोबाइल फोन से सामने आए थे, न कि किसी आधिकारिक पुलिस रिकॉर्डिंग सिस्टम से। याचिका में कहा गया था कि 21 जुलाई की घटनाओं में पुलिसकर्मियों और प्रदर्शनकारियों दोनों को चोटें आई थीं, जबकि 23 जुलाई की समीक्षा बैठक में आरएएफ के महानिरीक्षक (IG) ने कथित तौर पर माना था कि इस्तेमाल किए गए बल के कुछ तरीके तय मानकों के अनुरूप नहीं थे।

1,500 कैमरों के लिए टेंडर और कानूनी प्रावधानों की मांग

याचिका में कहा गया था कि वर्ष 2020 की बॉडी-वॉर्न कैमरों से जुड़ी एडवाइजरी सिर्फ एक सिफारिश थी, जो अधिकारियों के लिए कैमरे चालू रखना अनिवार्य नहीं बनाती। याचिकाकर्ता ने दिल्ली पुलिस द्वारा गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (GeM) के जरिए लगभग ₹7.4 करोड़ की अनुमानित लागत से 1500 बॉडी कैमरों की खरीद के लिए निकाले गए टेंडर का भी जिक्र किया था, जिसमें प्रति कैमरा लागत करीब ₹49333 बैठती है।

याचिका में मांग की गई थी कि कैमरों की रिकॉर्डिंग को सुरक्षित सर्वर पर अपलोड किया जाए जिसे कोई जवान बदल न सके, साथ ही भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 63 के तहत प्रमाणीकरण और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 के प्रावधानों का पालन हो। याचिकाकर्ता का कहना था कि यह कैमरे किसी भीड़ पर चेहरा पहचानने वाला जाल नहीं, बल्कि पुलिस और नागरिकों के बीच संवाद का एक पारदर्शी रिकॉर्ड हैं जो बैरिकेड के दोनों तरफ मौजूद लोगों की सुरक्षा करते हैं।

छावनी में तब्दील हुई दिल्ली: 25,000 जवान, मेट्रो पाबंदी और इंटरनेट बंद

शनिवार को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के आह्वान को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने पहले ही अनुमति देने से इनकार कर दिया था। इसके बावजूद कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी दिल्ली में कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था संभालने के लिए पुलिस और पैरामिलिट्री के लगभग 25,000 जवानों को तैनात किया गया है। केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) की 120 से अधिक कंपनियां सुरक्षा में लगाई गई हैं। शनिवार सुबह 6:00 बजे से ही कनॉट प्लेस, मंडी हाउस, जंतर-मंतर, पटेल चौक समेत 30 से ज्यादा पॉइंट्स पर सख्त ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया गया है। दिल्ली की सभी सीमाओं पर गाड़ियों की सघन चेकिंग की जा रही है।

पब्लिक ट्रांसपोर्ट पर असर

सुरक्षा कारणों से दिल्ली मेट्रो के 45 स्टेशनों पर एंट्री और एग्जिट बैन लागू है, नमो भारत के दो स्टेशन बंद हैं और ट्रेन सेवाओं पर भी असर पड़ा है। राजधानी के संवेदनशील इलाकों में एहतियात के तौर पर 24 घंटे के लिए मोबाइल इंटरनेट सेवाएं निलंबित कर दी गई हैं। आपको बता दें कि यह पूरा विवाद मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में अनियमितताओं के आरोपों से जुड़ा है, जिसके विरोध में मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर यह प्रदर्शन बुलाया गया है।

Jio Platforms IPO: ₹1065-₹1119 रह सकता है प्राइस बैंड, 21 अक्टूबर से ओपनिंग; 10 पॉइंट में जानें अहम डिटेल

रिलायंस इंडस्ट्रीज से जुड़ी जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड के IPO का बेसब्री से इंतजार हो रहा है। और हो भी क्यों न, लगभग दो दशकों यानि कि 20 साल बाद रिलायंस इंडस्ट्रीज ग्रुप की किसी कंपनी का IPO आ रहा है। यह देश का अब तक का सबसे बड़ा पब्लिक इश्यू साबित हो सकता है। Jio Platforms IPO पर ताजा अपडेट इसके प्राइस बैंड को लेकर है। यह कितना रहने वाला है, इस बारे में ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट में जानकारी दी गई है। आइए जानते हैं जियो IPO को लेकर अब तक सामने आईं खास बातें…

संभावित प्राइस बैंड और साइज

ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट में मामले की जानकारी रखने वालों के हवाले से कहा गया है कि Jio Platforms Ltd. के प्रस्तावित IPO के लिए प्राइस बैंड 1065-1119 रुपये प्रति शेयर रहने वाला है। ब्लूमबर्ग की कैलकुलेशन के अनुसार, प्राइस बैंड के ऊपरी स्तर पर Jio के IPO से लगभग 30200 करोड़ रुपये जुटाए जाएंगे। इससे यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा IPO बन सकता है।

वैल्यूएशन

रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी 10.3 लाख करोड़ रुपये तक की मार्केट वैल्यू का लक्ष्य रख रही है। लेकिन बातचीत अभी जारी है और प्राइस बैंड, वैल्यूएशन और टाइमिंग सहित अन्य डिटेल अभी भी बदल सकती हैं। IPO का ड्राफ्ट कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास इस साल जून में जमा किया गया था। मंजूरी अगस्त में मिली।

IPO कब खुलेगा और कब लिस्ट होगा

यह पब्लिक इश्यू 21 अक्टूबर को खुल सकता है। एंकर निवेशक 19 अक्टूबर को बोली लगा सकते हैं। 20 अक्टूबर को शेयर बाजार में दशहरा की छुट्टी है। कंपनी के शेयर 28 अक्टूबर को शेयर बाजारों में लिस्ट हो सकते हैं। जियो प्लेटफॉर्म्स के कारोबार में टेलिकॉम, डिजिटल सर्विसेज, उद्यम समाधान और उभरते टेक्नोलॉजी इनीशिएटिव शामिल हैं। इसकी टेलिकॉम यूनिट रिलायंस जियो इंफोकॉम लिमिटेड देश में सबसे बड़ी टेलिकॉम कंपनियों में से एक है।

Jio IPO में कितने नए शेयर

19 जून 2026 को रिलायंस इंडस्ट्रीज की 49वीं सालाना आम बैठक के दौरान चेयरमैन मुकेश अंबानी ने घोषणा की कि Jio Platforms को अपने प्रस्तावित IPO के लिए बोर्ड की मंजूरी मिल गई है। रिलायंस इंडस्ट्रीज के मुताबिक, इश्यू में 10 रुपये फेस वैल्यू वाले 27 करोड़ तक नए शेयर जारी करने की योजना है।

बुक रनिंग लीड मैनेजर

ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) में Jio Platforms ने घोषणा की कि उसने IPO के लिए 19 इनवेस्टमेंट बैंकों को बुक रनिंग लीड मैनेजर (BRLM) के तौर पर नियुक्त किया है। इस ऑफर के लिए BRLM हैं- कोटक महिंद्रा कैपिटल कंपनी, मॉर्गन स्टेनली इंडिया कंपनी प्राइवेट लिमिटेड, BofA सिक्योरिटीज इंडिया, एक्सिस कैपिटल, BNP पारिबा, सिटीग्रुप ग्लोबल मार्केट्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, CLSA इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, DAM कैपिटल एडवाइजर्स, गोल्डमैन सैक्स (इंडिया) सिक्योरिटीज प्राइवेट लिमिटेड, HDFC बैंक, HSBC सिक्योरिटीज एंड कैपिटल मार्केट्स (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड, ICICI सिक्योरिटीज, IIFL कैपिटल सर्विसेज (पहले IIFL सिक्योरिटीज), जेफरीज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, JM फाइनेंशियल, JP मॉर्गन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, SBI कैपिटल मार्केट्स, UBS सिक्योरिटीज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और 360 ONE WAM।

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कैसे बन सकता है देश का सबसे बड़ा IPO

भारत में अभी तक सबसे बड़ा पब्लिक इश्यू Hyundai Motor India का रहा है। यह अक्टूबर 2024 में आया था और इसका साइज 27,858.75 करोड़ रुपये या 294.97 करोड़ डॉलर रहा था। अब जियो का IPO 30000 करोड़ रुपये से ज्यादा का रहने वाला है।

रिजर्व हिस्से पर क्या अपडेट

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, पता चला है कि IPO में जियो प्लेटफॉर्म्स, रिलायंस इंडस्ट्रीज और जियो प्लेटफॉर्म्स की सब्सिडियरीज के स्थायी कर्मचारियों के लिए शेयर रिजर्व होंगे। इसके बाद नेट इश्यू का 50 प्रतिशत हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIBs) के लिए, 15 प्रतिशत हिस्सा नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NIIs) के लिए और 35 प्रतिशत हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व रहेगा। QIB के हिस्से में से 60 प्रतिशत तक हिस्सा एंकर निवेशकों को अलॉट किया जा सकता है। इसमें से कुछ हिस्सा विशेष रूप से म्यूचुअल फंड्स, बीमा कंपनियों और पेंशन फंड्स के लिए रिजर्व होगा।

IPO के पैसे कैसे होंगे इस्तेमाल

जियो प्लेटफॉर्म्स के मुताबिक, IPO में नए शेयरों को जारी कर हासिल होने वाले पैसों का इस्तेमाल मुख्य रूप से कंपनी की टेलिकॉम यूनिट रिलायंस जियो इंफोकॉम के कर्ज को कुछ हद तक या पूरी तरह चुकाने के लिए और सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।

अंतरराष्ट्रीय रोड शो कंप्लीट

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, सूत्रों का कहना है कि जियो प्लेटफॉर्म्स ने अमेरिका, ब्रिटेन, दुबई, हांगकांग और सिंगापुर में अपने अंतरराष्ट्रीय रोडशो पूरे कर लिए हैं। अब वह 12 अक्टूबर से शुरू होने वाले सप्ताह में सेबी के पास IPO का फाइनल ड्राफ्ट जमा कर सकती है। कंपनी भारत में भी IPO रोडशो आयोजित कर सकती है। IPO के मामले में रोड शो का मतलब है- संबंधित कंपनी के मैनेजमेंट की ओर से इनवेस्टर्स के साथ मीटिंग और रिप्रेजेंटेशंस। मीटिंग्स में IPO ला रही कंपनी के अधिकारी संभावित निवेशकों से बातचीत करते हैं और उन्हें समझाते हैं कि उनके IPO में निवेश करना क्यों उचित है।

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जियो प्लेटफॉर्म्स की वित्तीय सेहत

वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का रेवेन्यू 14.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 1.47 लाख करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 15.1 प्रतिशत बढ़ोतरी के साथ 30,000 करोड़ रुपये रहा। EBITDA 18.8 प्रतिशत बढ़कर 76,255 करोड़ रुपये हो गया। वित्त वर्ष 2025-26 में Jio के ग्राहकों की संख्या 52.44 करोड़ रही। जियो 5G के सब्सक्राइबर्स की संख्या 26.8 करोड़ है।

Jio Platforms में किसके पास कितनी हिस्सेदारी

रिलायंस इंडस्ट्रीज के पास जियो प्लेटफॉर्म्स में 66.43 प्रतिशत हिस्सेदारी है। मेटा के पास 9.99 प्रतिशत हिस्सेदारी है। वहीं गूगल की 7.73 प्रतिशत, सऊदी अरेबिया वेल्थ फंड्स की 2.31 प्रतिशत, विस्टा इक्विटी पार्टनर्स की 2.31 प्रतिशत, सिल्वर लेक की 1.88 प्रतिशत, मुबादला की 1.85 प्रतिशत, जीए सिंगापुर की 1.34 प्रतिशत, अबुधाबी इनवेस्टमेंट अथॉरिटी की 1.16 प्रतिशत और टीपीजी कैपिटल की 0.93 प्रतिशत हिस्सेदारी है।

Disclaimer:मनीकंट्रोल, नेटवर्क18 ग्रुप का हिस्सा है। नेटवर्क18 का नियंत्रण इंडिपेंडेट मीडिया ट्रस्ट करता है, जिसकी एकमात्र लाभार्थी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Delhi Traffic Advisory Today: जंतर-मंतर प्रदर्शन पर दिल्ली पुलिस का बड़ा एक्शन, उन 31 पॉइंट्स की लिस्ट जहां ट्रैफिक डायवर्जन लागू

नई दिल्ली: दिल्ली के जंतर-मंतर पर शनिवार 10 अक्टूबर को प्रस्तावित बड़े विरोध-प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस और ट्रैफिक पुलिस ने राजधानी भर में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी है। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा बुलाए गए इस प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने एडवाइजरी जारी की है। पुलिस प्रशासन ने साफ किया है कि यह बिना अनुमति का प्रदर्शन है, इसलिए कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए 30 से अधिक प्रमुख स्थानों पर ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया जाएगा।

शनिवार सुबह 6:00 बजे से ही ट्रैफिक डायवर्जन की व्यवस्था लागू कर दी गई है। अगर आप आज दिल्ली की सड़कों, विशेषकर मध्य दिल्ली और लुटियंस जोन की तरफ निकलने वाले हैं, तो ट्रैफिक पाबंदियों और डायवर्जन पॉइंट्स की यह पूरी सूची जरूर देख लें।

इन 31 प्रमुख जगहों पर प्रभावित रहेगा ट्रैफिक, लागू होगा डायवर्जन

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की एडवाइजरी के अनुसार, स्थिति और भीड़ के दबाव को देखते हुए शहर की इन 31 प्रमुख जगहों और उनसे जुड़ी सड़कों पर आवाजाही रोकी जा सकती है या ट्रैफिक का मार्ग बदला जा सकता है:

शंकर रोड गोलचक्कर–वंदे मातरम ‘टी’ पॉइंट (नई दिल्ली की ओर)

धौला कुआं फ्लाईओवर

झंडेवालान गोलचक्कर

पंचकुइयां गोलचक्कर

मंडी हाउस गोलचक्कर

डॉ. दिनेश नंदिनी डालमिया चौक (डब्ल्यू-पॉइंट)

राम चरण अग्रवाल चौक (ए-पॉइंट)

मिंटो रोड / दीनदयाल उपाध्याय मार्ग

गुरु नानक चौक

चेम्सफोर्ड रोड पर कनॉट प्लेस आउटर सर्कल टी-पॉइंट

भैरों रोड पर एमजी मार्ग (रिंग रोड) टी-पॉइंट

लोधी रोड फ्लाईओवर

नीला गुंबद गोलचक्कर

मदरसा टी-पॉइंट

सम्राट होटल गोलचक्कर

सरदार पटेल मार्ग–पंचशील मार्ग क्रॉसिंग

भीकाजी कामा प्लेस अंडरपास

मोती बाग फ्लाईओवर अंडरपास

रिंग रोड–सैन मार्टिन मार्ग टी-पॉइंट

अशोका रोड–जंतर मंतर रोड गोलचक्कर

विंडसर पैलेस गोलचक्कर

टॉलस्टॉय–जनपथ क्रॉसिंग

रेल भवन गोलचक्कर

जय सिंह रोड–संसद मार्ग क्रॉसिंग

कनॉट प्लेस आउटर सर्कल–बाराखंबा रोड टी-पॉइंट

गोल डाक खाना गोलचक्कर

पटेल चौक गोलचक्कर

जय सिंह रोड–अशोका रोड टी-पॉइंट

आरएमएल (RML) अस्पताल गोलचक्कर

कनॉट प्लेस आउटर सर्कल–संसद मार्ग टी-पॉइंट

सेंट्रल दिल्ली और लुटियंस जोन से जुड़ने वाले अन्य मुख्य रास्ते

दिल्ली मेट्रो के 45 स्टेशनों पर एंट्री-एग्जिट बंद

सड़क ट्रैफिक के अलावा सार्वजनिक परिवहन पर भी बड़ा असर पड़ा है। सुरक्षा कारणों के चलते दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने भी 9 अक्टूबर रात 9:00 बजे से 10 अक्टूबर शाम 6:00 बजे तक दिल्ली मेट्रो के 45 प्रमुख स्टेशनों पर यात्रियों के प्रवेश और निकास को बंद रखने की घोषणा की है। हालांकि बंद स्टेशनों पर मेट्रो बदलने की सुविधा उपलब्ध रहेगी।

बिना जरूरी काम के निकलने से बचें, स्टेशन और एयरपोर्ट जाने वाले रखें अतिरिक्त समय

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने आम जनता और यात्रियों के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं। जो लोग नई दिल्ली, सेंट्रल दिल्ली या आसपास के रास्तों से होकर रेलवे स्टेशनों, अंतरराज्यीय बस अड्डों (ISBT) या आईजीआई (IGI) एयरपोर्ट जाने वाले हैं, वे घर से अतिरिक्त समय लेकर निकलें ताकि जाम में फंसने की स्थिति में फ्लाइट या ट्रेन न छूटे। जिन इलाकों में ट्रैफिक डायवर्जन या पुलिस की बैरिकेडिंग लागू है, वहां बेहद जरूरी काम न होने पर जाने से बचें। ट्रैफिक पुलिस का कहना है कि ग्राउंड पर स्थिति के हिसाब से पाबंदियों में ढील दी जाएगी या उन्हें सख्त किया जाएगा।

कैसे चेक करें दिल्ली ट्रैफिक का पल-पल का अपडेट?

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने यात्रियों की सहूलियत के लिए रियल-टाइम अपडेट पाने के आधिकारिक माध्यम भी साझा किए हैं। यात्री सड़क पर निकलने से पहले इन प्लेटफॉर्म्स पर जाकर वैकल्पिक रास्तों की जानकारी ले सकते हैं:

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Netflix Layoffs: OTT प्लेटफॉर्म में फिर होगी छंटनी! 5% कर्मचारियों की जा सकती है नौकरी

नेटफ्लिक्स (Netflix) में एक बार फिर छंटनी होने जा रही है। इस बार लगभग 5 प्रतिशत कर्मचारियों को नौकरी से निकाला जा सकता है। इसकी घोषणा अगले हफ्ते तक हो सकती है। यह बात पक न्यूज (Puck News) की एक रिपोर्ट में मामले की जानकारी रखने वाले लोगों के हवाले से कही गई है। पिछले साल के आखिर में नेटफ्लिक्स के पास लगभग 16,000 फुल-टाइम कर्मचारी थे। कंपनी एक ऑन डिमांड ओवर द टॉप स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म है। सब्सक्रिप्शन के जरिए इस प्लेटफॉर्म पर टीवी शो, फिल्म, डॉक्युमेंट्री, गेम्स, एनीमे, गेम्स आदि का मजा लिया जा सकता है।

स्ट्रीमिंग मार्केट में कॉम्पिटीशन तेजी से बढ़ रहा है। मीडिया कंपनियां कंसोलिडेटेड हो रही हैं और यूट्यूब (YouTube) व्यूअरशिप और विज्ञापन पर होने वाले खर्च का एक बड़ा हिस्सा हासिल कर रहा है। नेटफ्लिक्स अपने रेवेन्यू के सोर्स बढ़ाने के लिए सब्सक्रिप्शन बिजनेस से आगे बढ़कर विज्ञापन, लाइव प्रोग्रामिंग और गेमिंग में भी निवेश कर रही है।

2022 में निकाले थे सैकड़ों कर्मचारी

इससे पहले नेटफ्लिक्स ने साल 2022 में बड़े पैमाने पर छंटनी की थी। उस वक्त कंपनी ने धीमी ग्रोथ और सब्सक्राइबर घटने के कारण सैकड़ों नौकरियां खत्म कर दी थीं। एक दशक से ज्यादा समय में पहली बार नेटफ्लिक्स के ग्राहकों में भारी गिरावट देखी गई थी।

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Amazon ने लगभग 1000 लोगों को निकाला

ई-कॉमर्स कंपनी एमेजॉन ने भी एक बार फिर छंटनी की है। हाल ही में रॉयटर्स की एक रिपोर्ट में कहा गया कि कंपनी ने कुछ नौकरियां कम की हैं, खासकर अपनी ‘स्टोर्स’ यूनिट में। यह यूनिट मुख्य ई-कॉमर्स वेबसाइट को देखती है। इंटरनल स्लैक चैनल से सामने आया है कि कस्टमर सर्विस और सेलिंग पार्टनर सर्विसेज समेत स्टोर्स के कई डिवीजन पर छंटनी का असर पड़ा है। हो सकता है कि एमेजॉन की दूसरी यूनिट्स के कर्मचारी भी इस जॉब कट से प्रभावित हुए हों।

नौकरी गंवाने वालों में अमेरिका, भारत और यूके के कर्मचारी शामिल हैं। इस बार एमेजॉन द्वारा निकाले गए व्हाइट-कॉलर कर्मचारियों की संख्या 1,000 से कम बताई जा रही है। पिछले साल कंपनी ने बड़े पैमाने पर छंटनी की थी और 30,000 नौकरियां कम की थीं। यह सिलसिला इस साल जनवरी तक चला था।

Petrol Diesel Price Today: पेट्रोल-डीजल के नए रेट जारी, जानें 10 अक्टूबर को आपके शहर में क्या है कीमत

Petrol Diesel Price Today: हर दिन की शुरुआत सिर्फ सूरज की किरणों से नहीं होती, बल्कि पेट्रोल और डीजल की नई कीमतों से भी होती है, जो आम आदमी की जेब पर सीधा असर डालती हैं। सुबह 6 बजे देश की तेल विपणन कंपनियां (OMCs) ताजा दरें जारी करती हैं, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर-रुपए की विनिमय दर में आए बदलावों पर आधारित होती हैं। ये बदलाव रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करते हैं, चाहे वो ऑफिस जाने वाला व्यक्ति हो या फल-सब्जी बेचने वाला व्यापारी।

ऐसे में हर दिन की कीमतों की जानकारी रखना सिर्फ जरूरी ही नहीं, बल्कि समझदारी भी है। सरकार की यह प्रणाली पारदर्शिता सुनिश्चित करती है ताकि उपभोक्ताओं को किसी तरह की भ्रमित जानकारी न मिले।

आपके शहर में आज का पेट्रोल-डीजल का भाव

ये रहे 10 अक्टूबर 2026 के प्रमुख शहरों के पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट

नई दिल्ली: पेट्रोल ₹102.12 प्रति लीटर और डीजल ₹95.20 प्रति लीटर।

मुंबई: पेट्रोल ₹111.18 और डीजल ₹97.83 प्रति लीटर।

कोलकाता: पेट्रोल ₹113.47 जबकि डीजल ₹99.82 प्रति लीटर।

चेन्नई: पेट्रोल ₹107.77 और डीजल ₹99.55 प्रति लीटर।

गुरुग्राम: पेट्रोल ₹102.77 तथा डीजल ₹95.44 प्रति लीटर।

नोएडा: पेट्रोल ₹102.12 और डीजल ₹95.56 प्रति लीटर।

बेंगलुरु: पेट्रोल ₹110.93 जबकि डीजल ₹98.80 प्रति लीटर।

भुवनेश्वर: पेट्रोल ₹109.92 और डीजल ₹100.92 प्रति लीटर।

चंडीगढ़: पेट्रोल ₹98.10 तथा डीजल ₹86.09 प्रति लीटर।

हैदराबाद: पेट्रोल ₹115.69 और डीजल ₹103.82 प्रति लीटर।

जयपुर: पेट्रोल ₹112.66 जबकि डीजल ₹97.78 प्रति लीटर।

लखनऊ: पेट्रोल ₹102.05 और डीजल ₹95.55 प्रति लीटर।

पटना: पेट्रोल ₹113.35 तथा डीजल ₹99.36 प्रति लीटर।

तिरुवनंतपुरम: पेट्रोल ₹115.49 और डीजल ₹104.40 प्रति लीटर।

पिछले दो साल से स्थिर क्यों हैं कीमतें?

मई 2022 के बाद से केंद्र और कई राज्यों द्वारा टैक्स में कटौती की गई, जिसके बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता देखी जा रही है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव होता रहता है, फिर भी भारतीय उपभोक्ताओं के लिए कीमतें तुलनात्मक रूप से स्थिर बनी हुई हैं।

किन कारणों से तय होती हैं ईंधन की कीमतें?

  1. कच्चे तेल की कीमतें:

पेट्रोल और डीजल का उत्पादन मुख्य रूप से कच्चे तेल से होता है। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका असर सीधे भारतीय बाजार पर पड़ता है।

  1. डॉलर के मुकाबले रुपया:

भारत अधिकतर कच्चा तेल आयात करता है, और यह डॉलर में खरीदा जाता है। यदि रुपया कमजोर होता है, तो ईंधन महंगा हो जाता है।

  1. सरकारी टैक्स और शुल्क:

केंद्र और राज्य सरकारें पेट्रोल-डीजल पर भारी टैक्स लगाती हैं, जो खुदरा मूल्य का बड़ा हिस्सा होते हैं। यही कारण है कि राज्यों में कीमतों में अंतर होता है।

  1. रिफाइनिंग की लागत:

कच्चे तेल को इस्तेमाल लायक बनाने की प्रक्रिया (रिफाइनिंग) में भी खर्च होता है। ये लागत कच्चे तेल की गुणवत्ता और रिफाइनरी की क्षमता पर निर्भर करती है।

  1. मांग और आपूर्ति का संतुलन:

बाजार में ईंधन की मांग अगर बढ़ जाती है, तो कीमतें भी ऊपर जाने लगती हैं। खासकर त्योहारों, गर्मी या सर्दी के मौसम में ईंधन की खपत ज्यादा होती है।

कैसे करें अपने शहर की कीमतें SMS से चेक?

अगर आप मोबाइल से ईंधन की कीमत जानना चाहते हैं, तो ये प्रक्रिया आसान है:

Indian Oil ग्राहक: अपने शहर का कोड टाइप करें और उसे “RSP” के साथ 9224992249 पर भेजें।

BPCL ग्राहक: “RSP” लिखकर 9223112222 पर भेजें।

HPCL ग्राहक: “HP Price” लिखकर 9222201122 पर भेजें।

पनामा में 7.7 तीव्रता के भूकंप से मची तबाही, धरती कांपते ही घरों और दफ्तरों से बाहर भागे लोग

मध्य अमेरिकी देश पनामा में शुक्रवार को 7.7 तीव्रता का तेज भूकंप आया। धरती हिलते ही लोग घरों और दफ्तरों से निकलकर सड़कों पर आ गए। भूकंप से कई इमारतों को नुकसान पहुंचा और छह प्रांतों में बिजली चली गई। हवाई अड्डे पर उड़ानें रोक दी गईं और मेट्रो सेवा भी प्रभावित हुई। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार, भूकंप जमीन से 12.6 किलोमीटर नीचे आया। इसके बाद 40 से ज्यादा बार हल्के झटके महसूस किए गए। फिलहाल किसी की मौत या घायल होने की खबर नहीं है। अधिकारी नुकसान का पता लगा रहे हैं।

घर अपना, लेकिन दीवारों से लगने लगा डर

भूकंप के बाद की तस्वीरें बताती हैं कि प्राकृतिक आपदा का डर केवल इमारतों के गिरने तक सीमित नहीं रहता। हेर्रेरा प्रांत में 74 वर्षीय रिकार्डो ब्राउन का घर भी क्षतिग्रस्त हो गया। उन्होंने समाचार एजेंसी रॉयटर्स से कहा कि घर में दरारें पड़ने के बाद उन्हें डर है कि कहीं छत या दीवार उनके ऊपर न गिर जाए। घर में दो बुजुर्गों के रहने के कारण उनकी चिंता और बढ़ गई है।

कई इलाकों में लोग आफ्टरशॉक के डर से इमारतों के भीतर जाने से बचते रहे। पेनोनोमे शहर के वीडियो में एक चर्च को नुकसान पहुंचा दिखाई दिया, जबकि आसपास की कुछ इमारतें भी प्रभावित हुईं।

बिजली, विमान और मेट्रो थमे; शहर की जिंदगी बेपटरी

भूकंप का असर जनजीवन पर भी व्यापक रहा। छह प्रांतों में बिजली आपूर्ति बाधित हुई और टोकेमेन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उड़ानें रोकनी पड़ीं। पनामा सिटी में दफ्तरों ने कर्मचारियों को जल्दी छुट्टी दे दी, जबकि स्कूलों में कक्षाएं स्थगित कर विद्यार्थियों को घर भेजा गया। मेट्रो सेवा भी प्रभावित हुई।

हालांकि, देश की अर्थव्यवस्था के लिए अहम पनामा नहर का संचालन सामान्य बना रहा। करीब 90 मालवाहक जहाज, टैंकर और कंटेनर जहाज नहर के दोनों छोर पर पारगमन या बंदरगाह सुविधाओं की प्रतीक्षा कर रहे थे।

सुनामी का खतरा टला, अब तैयारी की बारी

विशेषज्ञों ने भूकंप के पीछे अज़ुएरो-सोना भ्रंश प्रणाली में जमा दबाव को संभावित कारण बताया। USGS ने आर्थिक नुकसान पनामा की GDP के 1 से 10 प्रतिशत तक होने का अनुमान जताया है। शुरुआती सुनामी चेतावनी बाद में हटा ली गई।

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भारत सबसे ज्यादा प्रभावित है

ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध का असर वैसे तो पूरी दुनिया पर पड़ा है लेकिन भारत सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। इसका कारण यह है कि भारत अपनी ईंधन जरुरतों के लिए पूरी तरह से आयात पर निर्भर है। पहले भी 2019 में जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल में ईरान पर पाबंदी लगाई तो भारत ने उसे छोड़ कर रूस से तेल खरीदना शुरू किया। अब रूस के ऊपर भी पाबंदी का खतरा मंडरा रहा है। उधर ईरान और अमेरिका में युद्ध छिड़ जाने से होर्मुज की खाड़ी बंद हो गई और पश्चिम एशिया के दूसरे देशों से होने वाली आपूर्ति भी प्रभावित हुई। भारत अभी रूस से तेल खरीद कर और अमेरिका से एलएनजी व एलपीजी खरीद कर काम चला रहा है। वेनेजुएला का तेल भी सबसे ज्यादा भारत पहुंच रहा है। दुनिया के किसी भी देश के मुकाबले भारत का आयात ज्यादा है। रूस से भी आयात ऑल टाइम हाई पर है। असल में भारत अपनी जरुरत का 90 फीसदी ईंधन आयात कर रहा है।

सोचें, प्रधानमंत्री बनने के करीब दो साल के बाद सात फरवरी 2016 को ओडिशा के पारादीप में इंडियन ऑयल की एक रिफाइनरी का उद्घाटन करते हुए नरेंद्र मोदी ने कहा था कि भारत ईंधन की जरुरतों के लिए आयात पर निर्भरता कम करेगा। उन्होंने वही पर लक्ष्य तय किया था कि भारत जब अपनी आजादी की 75वीं वर्षगांठ मनाएगा तब ईंधन आयात में 10 फीसदी की कमी हो जानी चाहिए। इसके मुताबिक 2022 तक भारत को अपने आयात में 10 फीसदी की कटौती करनी थी। आज स्थिति यह है कि भारत के आयात में 10 फीसदी की बढ़ोतरी हो गई है। पहले भारत अपनी जरुरत का 80 फीसदी आयात करता था और 20 फीसदी के करीब स्वंय उत्पादित करता था। आज अपनी जरुरत का 90 फीसदी आयात करता है। भारत ने न तो उत्पादन की क्षमता बढ़ाई है और न स्टोरेज की क्षमता में कोई उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। ध्यान रहे चीन के पास 10 महीने से एक साल तक की जरुरत का कच्चा तेल जमा है, जबकि भारत की स्टोरेज क्षमता 45 दिन की है।

दुनिया के बड़े देशों के बात करें तो उनमें से किसी के यहां ईंधन या उर्वरक का संकट वैसा नहीं है, जैसा भारत में है। चीन भी अपनी जरुरत का ज्यादातर ईंधन आयात करता है लेकिन उसने एक तो भारत की तरह सरेंडर नहीं किया और दूसरे उसके पास स्टोरेज की क्षमता बहुत बड़ी है। ध्यान रहे अमेरिका ने ईरान पर पाबंदी लगाई तो भारत ने पूरी निष्ठा से उस पाबंदी का पालन किया और तेल खरीदना बंद कर दिया लेकिन चीन तेल खरीदता रहा। अमेरिकी पाबंदी के बावजूद उसका 90 फीसदी तेल चीन ने खरीदा। चीन बहुत सस्ता तेल रूस से भी खरीदता रहा। इन दोनों देशों से सस्ता कच्चा तेल खरीद कर उसने स्टोर किया। उसके पास 10 महीने से लेकर एक साल तक की स्टोरेज क्षमता है। चीन की तरह ही रूस के सामने भी कोई समस्या नहीं है और वह भूराजनीतिक स्थितियों से अप्रभावित है। उधर अमेरिका पहले से दुनिया का सबसे बड़ा तेल उत्पादक देश था और अब तो उसने वेनेजुएला के तीन सौ अरब बैरल तेल के रिजर्व पर भी कब्जा कर लिया है।

Gold Price Today: सोना हुआ और महंगा, दिल्ली में ₹150720 पर 24 कैरेट; वैश्विक कीमत एक सप्ताह में 1.3% मजबूत

देश में सोने की कीमत में तेजी बरकरार है। 10 अक्टूबर की सुबह राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 150870 रुपये प्रति 10 ग्राम है। मुंबई में भाव 150720 रुपये प्रति 10 ग्राम है। एक दिन पहले दिल्ली के सराफा बाजार में 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत 1,900 रुपये बढ़ी। डॉलर में गिरावट से निवेशकों की धारणा मजबूत होने के कारण सोने की कीमत में तेजी रही।

सोने और चांदी की देश के अंदर कीमतें डोमेस्टिक फैक्टर्स के साथ-साथ ग्लोबल फैक्टर्स से भी प्रभावित होती हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना 4,194.36 डॉलर प्रति औंस पर है। एक सप्ताह में वैश्विक बाजार में सोने की कीमत 1.3 प्रतिशत मजबूत हुई है।

मिरे एसेट शेयरखान में कमोडिटी मामलों के प्रमुख प्रवीण सिंह का मानना है कि आने वाले समय में सोने की कीमत सीमित दायरे में रह सकती है और इनमें मामूली तेजी बनी रह सकती है। हालांकि, उन्होंने आगाह किया कि तेल की कीमतों में अचानक तेजी आने से सोने की कीमतों पर दबाव पड़ सकता है।

देश के कुछ बड़े शहरों में गोल्ड रेट

दिल्ली में सोने की कीमत: दिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत 150870 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 138310 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

मुंबई और कोलकाता: मुंबई और कोलकाता में 22 कैरेट सोने की कीमत 138160 रुपये प्रति 10 ग्राम, जबकि 24 कैरेट सोने की कीमत 150720 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

चेन्नई में सोने की कीमत: 24 कैरेट सोने की कीमत 150720 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 138160 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

पुणे और बेंगलुरु में कीमत: इन दोनों शहरों में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 150720 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट गोल्ड की कीमत 138160 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

शहर22 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)24 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)
दिल्ली138310150870
मुंबई138160150720
अहमदाबाद138210150770
चेन्नई138160150720
कोलकाता138160150720
हैदराबाद138160150720
जयपुर138310150870
भोपाल138210150770
लखनऊ138310150870
चंडीगढ़138310150870

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चांदी का भाव

दूसरी कीमती धातु चांदी की कीमत में गिरावट है। 10 अक्टूबर की सुबह चांदी 234900 रुपये प्रति किलोग्राम पर है। एक दिन पहले दिल्ली के सराफा बाजार में चांदी में 4,500 रुपये की तेजी दर्ज की गई। इस साल जनवरी में चांदी की कीमत 4 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गई थी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर चांदी यानि कि स्पॉट सिल्वर की कीमत 60.77 डॉलर प्रति औंस है।

राष्ट्रपति मुर्मू से मुलाकात के बाद राहुल गांधी बोले- उन्होंने ‘वोट चोरी’ के आरोपों को खारिज नहीं किया, सबूत मांगे

राष्ट्रपति मुर्मू से मुलाकात के बाद राहुल गांधी बोले- उन्होंने 'वोट चोरी' के आरोपों को खारिज नहीं किया, सबूत मांगे

rahul gandhi

INDIA गठबंधन के नेताओं ने शुक्रवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर अपनी चिंताएं रखीं। मुलाकात के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने दावा किया कि राष्ट्रपति ने विपक्ष के ‘वोट चोरी’ के आरोपों को खारिज नहीं किया, बल्कि उनसे सबूत देने को कहा। राहुल गांधी ने कहा कि वे सोमवार को सुप्रीम कोर्ट जाएंगे। विपक्षी नेताओं ने चुनाव में कथित अनियमितताओं की जांच और चुनाव प्रक्रिया में बदलाव की मांग भी उठाई।

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राहुल गांधी के मुताबिक, विपक्षी नेताओं ने राष्ट्रपति को एक ज्ञापन सौंपा। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भारतीय लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाने की साजिश का आरोप लगाया गया। ये विपक्ष की ओर से लगाए गए आरोप हैं; इन्हें स्वतंत्र रूप से प्रमाणित तथ्य के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

 

राहुल गांधी बोले- पूरे देश को पता है कि ‘वोट चोरी’ हुई

 

राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद राहुल गांधी ने कहा कि यह बैठक उनके लिए काफी असाधारण रही। उन्होंने बताया कि विपक्ष ने ज्ञापन में चुनावी प्रक्रिया को लेकर अपनी चिंताएं विस्तार से रखीं।

 

राहुल गांधी के अनुसार, राष्ट्रपति ने विपक्ष के आरोपों का सीधे तौर पर खंडन नहीं किया, लेकिन उनसे चुनाव में कथित गड़बड़ी के सबूत मांगे। राहुल गांधी ने कहा कि उनके अनुसार चुनाव में कथित ‘वोट चोरी’ के सबूत पूरे देश में चर्चा का विषय हैं और विपक्ष अलग-अलग राज्यों के चुनावों में अनियमितताओं का आरोप लगा रहा है।

 

उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव को लेकर भी सवाल उठाए। हालांकि, चुनाव में धांधली के आरोपों पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए संबंधित सबूतों और आधिकारिक जांच के नतीजों को देखना जरूरी होगा।

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ममता बनर्जी बोलीं- राष्ट्रपति ने जांच का भरोसा दिया

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने भी राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा और चुनाव प्रक्रिया से जुड़ी चिंताओं को सामने रखा।

 

ममता बनर्जी के मुताबिक, राष्ट्रपति ने मामले की जांच करने और दिए गए विवरणों को देखने की बात कही। उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति ने सबूत उपलब्ध कराने को कहा है और विपक्ष की ओर से संबंधित सामग्री भेजने की बात कही गई है। ममता बनर्जी ने कहा कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवालों पर उचित ध्यान देना जरूरी है।

 

खरगे ने की बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग

 

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि INDIA गठबंधन के नेताओं ने राष्ट्रपति को चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका को लेकर अपनी चिंताओं से अवगत कराया।

 

खरगे के मुताबिक, विपक्ष ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के बजाय बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग रखी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ने कथित वोट चोरी के मामलों के सबूत मांगे हैं और विपक्षी दल फिलहाल संबंधित प्रमाण जुटा रहे हैं। खरगे ने कहा कि विपक्ष उपलब्ध सामग्री राष्ट्रपति को सौंपेगा।

 

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह के कदमों से लोकतंत्र को नुकसान पहुंच रहा है। ये खरगे के राजनीतिक आरोप हैं। उनके मुताबिक, राष्ट्रपति ने उनकी बातें ध्यान से सुनीं और मामले की पड़ताल करने तथा संबंधित पक्षों से विचार-विमर्श करने की बात कही।

 

प्रियंका गांधी ने मेट्रो बंद करने के कदम पर उठाया सवाल

 

दिल्ली में प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन से पहले मेट्रो सेवाओं पर लगाए गए प्रतिबंधों को लेकर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “इसे ही डर कहते हैं।” विपक्षी नेताओं ने राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर अपनी मांगें दोहराईं। उनकी प्रमुख मांगों में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और चुनाव प्रक्रिया से जुड़ी कथित अनियमितताओं की जांच का मुद्दा शामिल है।

 

अब सबूतों और आगे की कार्रवाई पर नजर

राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद विपक्ष ने कहा है कि वह कथित चुनावी अनियमितताओं से जुड़े सबूत और अन्य विवरण सौंपेगा। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि विपक्ष कौन-से दस्तावेज या प्रमाण प्रस्तुत करता है और संबंधित संवैधानिक संस्थाएं इन आरोपों पर क्या कार्रवाई करती हैं।