Himachal Cabinet decisions: आंगनबाड़ी वर्कर्स और वन मित्रों का मानदेय बढ़ाने को मिली कैबिनेट की मंजूरी, 12,000 नई नौकरियों को भी मिली हरी झंडी

Himachal Cabinet decisions: हिमाचल प्रदेश में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आज कैबिनेट बैठक आयोजित की गई, जिसमें कई अहम फैसले लिए गए। प्रदेशवासियों के लिए सौगातों का पिटारा खोलते हुए सुक्खू सरकार ने राज्य सरकार के लगभग सभी विभागों और सार्वजनिक उपक्रमों में 12,000 पद सृजित करने और उनको भरने की मंजूरी दे दी। साथ ही, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और वन मित्रों का मानदेय बढ़ाने को भी स्वीकृति प्रदान की।

मुख्यमंत्री सुक्खू की अध्यक्षता में हुई बैठक में, कैबिनेट ने जल शक्ति विभाग में पैरा पंप ऑपरेटर, पैरा फिटर और मल्टीपर्पस वर्कर समेत 4,090 पैरा-वर्कर को रखने को मंजूरी दी। कैबिनेट ने सहायक वन रक्षक नियुक्त करने की योजना को भी मंजूरी दी। इससे वन विभाग में 500 पद भरने का रास्ता साफ हो गया। हिमाचल कैबिनेट ने 100 और स्कूलों को सीबीएसई से जोड़ने का फैसला किया, जिसके लिए एक नई स्कीम तैयार की जाएगी। एक बयान में कहा गया कि नई योजना आधारित भर्ती के तहत इन स्कूलों में 3,900 टीचिंग और 900 नॉन-टीचिंग पोस्ट भरने को भी मंजूरी दी गई है।

कैबिनेट ने आंगनवाड़ी वर्कर्स का महीने का मानदेय 10,500 रुपये से बढ़ाकर 11,500 रुपये, आंगनवाड़ी सहायकों का 5,800 रुपये से बढ़ाकर 6,800 रुपये और वन मित्रों का 10,000 रुपये से बढ़ाकर 12,000 रुपये करने को मंजूरी दी। प्रदेश कैबिनेट ने सीमावर्ती क्षेत्रों में तैनात विशेष पुलिस अधिकारियों (SPOs) का मानदेय भी 500 रुपये प्रति महीना बढ़ाएने और 100% डिसेबिलिटी वाले लोगों की महीने की पेंशन 1 अप्रैल, 2026 से बढ़ाकर 3,000 रुपये करने को भी स्वीकृति प्रदान की।

कैबिनेट ने 33 छोटे हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर प्रोजेक्ट्स, जिनमें से हर एक की इंस्टॉल्ड कैपेसिटी 5 MW से कम है, के अलॉटमेंट को कैंसिल करने को मंज़ूरी दी, क्योंकि डेवलपर्स उन्हें आगे बढ़ाने को लेकर सीरियस नहीं थे। कैबिनेट बैठक में कांगड़ा जिले की बोह वैली में आपदा प्रभावित परिवारों को एक विशेष राहत पैकेज देने का फैसला किया। उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की अध्यक्षता में एक उप समिति भी बनाई गई, जो राज्य सरकार के कर्मचारियों के उनके होम डिस्ट्रिक्ट और उसी डिस्ट्रिक्ट के अंदर ट्रांसफर को नियमित करने के लिए पूरी गाइडलाइन्स बनाएगी। कैबिनेट ने एम्बुलेंस लिंक रोड्स के डिजाइन, कंस्ट्रक्शन और सर्टिफिकेशन के लिए गाइडलाइन्स को मंजूरी दी, और उन्हें फॉर्मली एक अलग कैटेगरी के तौर पर मान्यता दी ताकि रोड कनेक्टिविटी को जितना हो सके उतना आसान बनाया जा सके।

CJP के ‘जंतर-मंतर 2.0’ प्रदर्शन से पहले दिल्ली में बड़ी कार्रवाई, 500 से ज्यादा लोग हिरासत में

दिल्ली पुलिस ने शनिवार को जंतर-मंतर पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए अलग-अलग राज्यों से राजधानी आए 500 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया है। यह कार्रवाई प्रदर्शन से पहले दिल्ली में बढ़ाई गई सुरक्षा के बीच की गई है। यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग के लिए बुलाया गया है, जिन पर मतदाता सूची के ‘विशेष गहन संशोधन’ (SIR) से जुड़े आरोप लगे हैं।

न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली में 35,000 से ज्यादा पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवानों को तैनात किया गया है। प्रशासन ने यह कदम बिना अनुमति भीड़ जुटने से रोकने और राजधानी में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाया है।

इस तैनाती में सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्सेज (CAPF) की 120 से ज्यादा कंपनियां शामिल हैं, जिनके जवानों को अहम चौराहों, ट्रांसपोर्ट हब और दूसरी संवेदनशील जगहों पर तैनात किया गया है।

इसके अलावा, निगरानी को मजबूत करने के लिए नई दिल्ली जिले को 20 जोन में बांटा गया है, जिसमें जॉइंट कमिश्नर, डिप्टी कमिश्नर और एडिशनल डिप्टी कमिश्नर को सुपरविजन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अलग-अलग यूनिट के हेड स्पेशल कमिश्नर भी सुरक्षा इंतजामों की देखरेख कर रहे हैं।

वहीं, सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए उत्तर प्रदेश और हरियाणा से महिला पुलिसकर्मियों को भी दिल्ली बुलाया गया है। इसके अलावा, किसी भी तरह की गड़बड़ी से निपटने की तैयारी जांचने के लिए मॉक ड्रिल भी की गई है।

ANI के अनुसार, पुलिस टीमों को निर्देश दिया गया है कि वे किसी भी जगह पर बिना इजाजत प्रदर्शन करने की कोशिश करने वाले किसी भी व्यक्ति को हिरासत में लें।

प्रदर्शन के दौरान तैनात केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) के जवानों को हथियार साथ न रखने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, दिल्ली पुलिस के जवान लाठी और डंडे लेकर तैनात रह सकते हैं। पुलिस अधिकारियों को प्रदर्शनकारियों के साथ बहस करने से भी बचने की सलाह दी गई है। इसकी एक वजह यह चिंता है कि पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत या बहस के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो सकते हैं।

सुरक्षा के लिए बॉडी कैमरे, ड्रोन और फेस रिकग्निशन सिस्टम तैनात

सुरक्षा इंतजामों में टेक्नोलॉजी को शामिल किया गया है। पुलिस हालात पर नजर रखने के लिए रिकॉर्डिंग डिवाइस का इस्तेमाल कर रही है और हवा व छतों से निगरानी कर रही है।

विरोध-प्रदर्शन की ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी अपनी यूनिफॉर्म पर बॉडी कैमरे पहने हुए हैं। ये डिवाइस कम रोशनी में भी फुटेज रिकॉर्ड कर सकते हैं, जिससे पुलिस अधिकारियों और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई बातचीत का रिकॉर्ड रखने में मदद मिलती है।

एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि अगर बदसलूकी के आरोप लगते हैं, तो ये रिकॉर्डिंग सच का पता लगाने में मदद कर सकती हैं।

पुलिसकर्मी ने कहा, “ये बॉडी कैमरे हमारी और दूसरों की सुरक्षा के लिए हैं। बदसलूकी की स्थिति में दिल्ली पुलिस पर आरोप लगाए जाते हैं। इसलिए, ये बॉडी कैमरे साबित करेंगे कि हमने किसी के साथ कुछ किया या नहीं। यह सब कुछ रिकॉर्ड करेगा…”

ANI के अनुसार, सुरक्षा योजना में सेंट्रल दिल्ली में फेशियल रिकग्निशन सिस्टम, अतिरिक्त CCTV कैमरे, ड्रोन और छतों पर तैनात स्पॉटर्स भी शामिल हैं।

इसके अलावा, पुलिस सोशल मीडिया पर भी नजर रख रही है। प्रस्तावित प्रदर्शन से जुड़ी ऑनलाइन गतिविधियों की जांच की जा रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, 200 से ज्यादा कंटेंट क्रिएटर्स भी पुलिस की निगरानी में हैं। अधिकारी ऐसे पोस्ट और मैसेज की जांच कर रहे हैं, जिनके जरिए लोगों को प्रदर्शन में शामिल होने के लिए जुटाने की कोशिश की जा सकती है।

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भूकंप में जान दांव पर लगाकर शराब की बातलें बचाईं:पनामा में 7.6 तीव्रता का भूकंप, अब तक 100 से ज्यादा बार धरती कांपी

पनामा में भूकंप के दौरान एक शख्स जान की परवाह किए बिना शराब की बोतलें बचाता नजर आया। भूकंप के झटकों से दुकान का सामान हिलने लगा, लेकिन वह बोतलों को संभालने में जुटा रहा। इस दौरान कुछ बोतलें गिर कर टूट गईं। पनामा में स्थानीय समय के मुताबिक शुक्रवार दोपहर करीब 1 बजे 7.6 तीव्रता का भूकंप आया था। इसका केंद्र राजधानी पनामा सिटी से करीब 200 किलोमीटर दूर अजुएरो प्रायद्वीप में था। भूकंप में अब तक 27 लोगों के घायल होने की खबर हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया है। पिछले 18 घंटे में यहां 100 से आफ्टरशॉक (झटके) आ चुके हैं। पनामा में आए भूकंप से जुड़ी 3 तस्वीरें चर्च का घंटाघर गिरा, सड़कों पर आईं दरारें पनामा की नागरिक सुरक्षा एजेंसी के मुताबिक, वेरागुआस, हेरेरा और लॉस सैंटोस समेत कई प्रांतों में नुकसान हुआ। पेनोनोमे शहर में एक चर्च का घंटाघर गिर गया और कई इमारतें क्षतिग्रस्त हुईं। वेरागुआस में सड़कों पर दरारें आने की खबरें भी सामने आईं। नागरिक सुरक्षा सेवा के अधिकारी के मुताबिक, कई लोग घायल हुए हैं। इनमें एक व्यक्ति पेनोनोमे में मलबे की चपेट में आने से घायल हुआ। सुनामी का अलर्ट भी जारी हुआ था भूकंप के बाद मध्य और दक्षिण अमेरिका के कई तटीय इलाकों के लिए सुनामी का अलर्ट जारी किया गया। पनामा, कोस्टा रिका, अल सल्वाडोर, पेरू, मैक्सिको, ग्वाटेमाला, निकारागुआ, कोलंबिया और इक्वाडोर के तटीय क्षेत्रों में संभावित खतरे की चेतावनी दी गई। एसोसिएटेड प्रेस (AP) के मुताबिक, बाद में पनामा, कोलंबिया, इक्वाडोर, निकारागुआ और ग्वाटेमाला के तटों के लिए सुनामी की चेतावनी हटा ली गई। अल सल्वाडोर और चिली के ईस्टर आइलैंड के लिए जारी अलर्ट भी हटा दिए गए। पनामा यूनिवर्सिटी के नेस्टर लुके ने बताया कि इस्ला कानास और लॉस सैंटोस के दक्षिणी तट के पास 1 से 3 मीटर ऊंची लहरें उठने की आशंका थी। इस्ला कानास में समुद्र का पानी कुछ घरों तक पहुंचने की खबर भी सामने आई। दो मेट्रो लाइनों के साथ एयरपोर्ट कुछ घंटे बंद रहा भूकंप के बाद जांच के लिए राजधानी की दो मेट्रो लाइनें बंद कर दी गईं। स्कूलों में भी छुट्टी कर दी गई। टोकुमेन इंटरनेशनल एयरपोर्ट को कुछ घंटों के लिए बंद रखा गया। शुक्रवार दोपहर बाद एयरपोर्ट पर उड़ानें फिर शुरू हो गईं। पनामा नहर में जहाजों की आवाजाही पर भूकंप का असर नहीं पड़ा। नहर का काम सामान्य रूप से चलता रहा। हालांकि, भूकंप से कहीं नुकसान तो नहीं हुआ, इसकी जांच के लिए टीमें तैनात की गईं। भूकंप के कारण छह प्रांतों में भी बिजली की सप्लाई रुक गई थी। ——————– यह खबर भी पढ़ें… अमेरिका में फ्लोरिडा के तट से टकराया इसायस तूफान: 170 किमी की रफ्तार से हवाएं चल रहीं अमेरिका के मेक्सिको की खाड़ी से लगे तटीय इलाकों में शुक्रवार को इसायस तूफान टकराया। फ्लोरिडा और अलबामा में 170 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं। पूरी खबर पढ़ें…

मुंबई से दिल्ली पहुंचे सीजेपी नेताओं को विमान से ही लिया हिरासत मेंं

मतदाता सूचियों में कथित गड़बड़ी के आरोपों को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग पर शनिवार को जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले पुलिस ने कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रमुख नेताओं अभिजीत दीपके, सौरभ दास और आशुतोष रांका को हिरासत में ले लिया। तीनों नेताओं को विमान के दिल्ली पहुंचने के बाद इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर हिरासत में लिया गया।

सीजेपी ने तीनों नेताओं के हिरासत में लिए जाने की जानकारी देते हुए इसकी निंदा की। सीजेपी की ओर से विमान का एक वीडियो साझा किया गया है जिसके अनुसार, विमान के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर उतरने के बाद कुछ महिला पुलिस अधिकारी विमान के अंदर पहुंचीं और तीनों नेताओं से बातचीत कर उन्हें प्रदर्शन में शामिल नहीं होने के लिए समझाने का प्रयास किया। 

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हालांकि, बातचीत से बात नहीं बनी और पुलिस ने अभिजीत दीपके, सौरभ दास तथा आशुतोष रांका को हिरासत में ले लिया। इस दौरान अभिजीत दीपके ने पुलिस से कहा कि देखो देश कहाँ जा रहा है, यह तानाशाही है। हम गिरफ्तार होने के लिए ही आए हैं, कर लो गिरफ्तार।

सीजेपी ने यह भी दावा किया है कि यूट्यूबर और सोशल एक्टिविस्ट ध्रुव राठी को गुरुग्राम स्थित उनके घर से हिरासत में लिया गया है। पार्टी ने एक पोस्ट में कहा कि “युवा लोगों के सवाल पूछने और गलत कामों के खिलाफ आवाज उठाने से सरकार डरी हुई है।” इसी तरह पार्टी ने अपनी लीगल अफेयर्स हेड रत्ना सिंह को भी हिरासत में लिए जाने का दावा किया है। वहीं प्रदर्शन में शामिल होने के लिए आने वालों को लगातार पुलिस हिरासत में ले रही है। हालांकि, हिरासत में लिए गए लोगों की संख्या और कार्रवाई को लेकर पुलिस की ओर से आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।

उल्लेखनीय है कि दिल्ली पुलिस ने पहले ही स्पष्ट किया था कि निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए बिना प्रस्तावित प्रदर्शन को अनुमति नहीं दी गई है। प्रदर्शन के मद्देनजर जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

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Delhi Protest: दिल्ली में CJP प्रदर्शन से पहले वकीलों की हिरासत पर बवाल, SCAORA और SCBA ने चीफ जस्टिस सूर्यकांत से की ये अपील

सुप्रीम कोर्ट के पास शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने के लिए जुटे वकीलों को हिरासत में लिए जाने की खबर ने न्यायिक व्यवस्था और विरोध-प्रदर्शन की आजादी को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस मामले में लॉयर एसोसिएशन फॉर कॉन्स्टिट्यूशन (LAFC) ने भी चिंता जताई है। एसोसिएशन ने सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA), सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट्स-ऑन-रिकॉर्ड एसोसिएशन (SCAORA) और बॉम्बे लॉयर्स एसोसिएशन के साथ मिलकर शनिवार (10 अक्टूबर) को दिल्ली में पुलिस की कार्रवाई और प्रदर्शन पर लगाई गई पाबंदियों पर चिंता जताई है।

CJI सूर्यकांत से दखल देने की अपील

10 अक्टूबर को जारी एक प्रेस रिलीज में LAFC ने भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत से इस मामले में तुरंत दखल देने की अपील की है। एसोसिएशन ने कहा कि हिरासत में लिए गए वकीलों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, उन्हें कानूनी मदद दी जाए और जिन वकीलों को गैरकानूनी तरीके से हिरासत में लिया गया है, उन्हें तुरंत रिहा किया जाए।

एसोसिएशन ने कहा, “शांतिपूर्ण विरोध का जवाब ताकत, गोपनीयता या अंधाधुंध हिरासत से नहीं दिया जा सकता।” साथ ही, एसोसिएशन ने कानून के मुताबिक जवाबदेही तय करने की भी मांग की।

इसके साथ ही LAFC ने हिरासत में लिए गए हर वकील के नाम, उनके ठिकाने, सुरक्षा और उन्हें हिरासत में लेने के कानूनी आधार की जानकारी मांगी। एसोसिएशन ने उन वकीलों को रिहा करने की मांग की जिन्हें हिरासत में लेने का कोई ठोस और कानूनी आधार नहीं था। इसके अलावा, उन्हें वकील, परिवार के सदस्यों और जरूरी मेडिकल मदद तक पहुंच देने की भी मांग की।

पुलिस कार्रवाई से जुड़े सबूत सुरक्षित रखने की मांग

एसोसिएशन ने विरोध-प्रदर्शन, कथित बल प्रयोग और उसके बाद की हिरासत से जुड़े CCTV फुटेज, बॉडी-कैमरा रिकॉर्डिंग, पुलिस स्टेशन के रिकॉर्ड, हिरासत रजिस्टर और अन्य सबूतों को सुरक्षित रखने की मांग की। एसोसिएशन ने बल प्रयोग की खबरों—खासकर महिला वकीलों के खिलाफ—की एक तय समय-सीमा वाली, स्वतंत्र जांच की भी मांग की, और जहां भी गैर-कानूनी कार्रवाई साबित हो, वहां जवाबदेही तय करने और उचित राहत देने की बात कही।

प्रदर्शन करने पर वकीलों को परेशान न किया जाए

LAFC ने यह भी मांग की है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल होने के कारण किसी वकील के खिलाफ बदले की भावना से FIR दर्ज न की जाए। वकीलों को डराने-धमकाने या उनके पेशेवर काम पर असर डालने वाली कार्रवाई से भी सुरक्षा मिलनी चाहिए।

इसके अलावा, एसोसिएशन ने सुप्रीम कोर्ट परिसर के आसपास भविष्य में होने वाले शांतिपूर्ण प्रदर्शनों के लिए स्पष्ट और पारदर्शी नियम बनाने की मांग की है, ताकि प्रदर्शन करने वालों के अधिकारों और सुरक्षा का ध्यान रखा जा सके।

इस बीच, बॉम्बे लॉयर्स एसोसिएशन ने भी एक प्रस्ताव पास करके केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा सार्वजनिक विरोध-प्रदर्शनों और लोगों की आवाजाही पर लगाई गई पाबंदियों को तुरंत हटाने की मांग की। एसोसिएशन ने मौजूदा हालात को “अघोषित इमरजेंसी” करार देते हुए कहा कि ये हालात इमरजेंसी के दिनों की याद दिलाते हैं।

प्रस्ताव में कहा गया, “यह तय किया गया है कि केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा सार्वजनिक विरोध-प्रदर्शन पर लगाई गई मौजूदा पाबंदियों को तुरंत हटाया जाए। लोगों की आवाजाही पर लगाई गई सभी पाबंदियां भी फौरन हटाई जाएं, क्योंकि ये मौजूदा सरकार की असंवैधानिक और गैर-कानूनी गतिविधियां हैं।”

एसोसिएशन ने बताया कि यह प्रस्ताव 10 अक्टूबर को हुई एक आपातकालीन बैठक में सर्वसम्मति से पास किया गया। साथ ही, एसोसिएशन ने इस प्रस्ताव की एक कॉपी बॉम्बे बार एसोसिएशन और एडवोकेट्स एसोसिएशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया के अध्यक्षों को भेजने का भी फैसला किया।

सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट्स-ऑन-रिकॉर्ड एसोसिएशन (SCAORA) ने भी मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत को पत्र लिखकर वकीलों को हिरासत में लिए जाने का मुद्दा उठाया है। एसोसिएशन ने कहा कि ऐसी खबरें सामने आई हैं कि पुलिस ने वरिष्ठ और युवा वकीलों के साथ-साथ महिला वकीलों को भी हिरासत में लिया। आरोप है कि हिरासत में लेने वाले कुछ पुलिसकर्मियों ने अपनी वर्दी पर बैज भी नहीं लगा रखे थे।

एसोसिएशन ने हिरासत में लिए गए लोगों के ठिकाने का पता बताने, उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने और उन्हें वकीलों व परिवार के सदस्यों से मिलने की सुविधा देने की मांग की। साथ ही, यह भी कहा कि अगर हिरासत में रखने का कोई कानूनी आधार नहीं है, तो उन्हें तुरंत रिहा किया जाए।

इसी तरह, SCBA ने भी CJI से अनुरोध किया कि वे अधिकारियों के साथ इस मामले पर बात करें, हिरासत में लिए गए वकीलों का पता लगाएं और हिरासत में लेने की परिस्थितियों व कथित बल प्रयोग की जांच करें। इस प्रस्ताव पर मानद सचिव प्रज्ञा बघेल ने हस्ताक्षर किए।

ये मांगें ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के प्रस्तावित “जंतर-मंतर 2.0” प्रदर्शन के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सामने आई हैं। यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग के लिए बुलाया गया है, जिन पर मतदाता सूची में गड़बड़ी और ‘विशेष गहन संशोधन प्रक्रिया’ (Special Intensive Revision process) से जुड़े आरोप हैं।

मेट्रो पर लगी पाबंदियों को लेकर अवमानना ​​याचिका

इसके अलावा, वकील शैलेंद्र मणि त्रिपाठी ने सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार, दिल्ली पुलिस और दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) के खिलाफ अवमानना ​​की कार्रवाई की मांग करते हुए याचिका दायर की। उन्होंने आरोप लगाया कि कोर्ट के 9 अक्टूबर के निर्देशों का पालन नहीं किया गया।

10 अक्टूबर को सुबह 8.17 बजे डायरी नंबर 63801/2026 के तहत दायर इस याचिका में केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन, दिल्ली पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार और DMRC की चेयरपर्सन डी. थारा को प्रतिवादी बनाया गया है। इसमें संविधान के अनुच्छेद 129 और ‘कंटेम्प्ट ऑफ कोर्ट्स एक्ट, 1971’ की धारा 12 का हवाला दिया गया है।

त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि कोर्ट के इस स्पष्टीकरण के बावजूद कि सेवाओं को रेगुलेट किया जा सकता है लेकिन पूरी तरह से रोका नहीं जा सकता, मेट्रो स्टेशन के गेट बंद रखे गए। बता दें कि 9 अक्टूबर को CJI सूर्य कांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की बेंच ने कहा था कि “मेट्रो ट्रेनों की आवाजाही पर पूरी तरह से रोक नहीं लगाई जाएगी” और अधिकारियों को निर्देश दिया था कि वे ट्रांसपोर्ट से जुड़े नियमों का प्रचार करें और चार दिनों के भीतर अनुपालन रिपोर्ट सौंपें।

लगभग 500 लोगों को हिरासत में लिया गया

ANI के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने एहतियाती उपायों के तहत समूहों में आ रहे लगभग 500 लोगों को हिरासत में लिया और आपराधिक बैकग्राउंड वाले करीब 50 लोगों को पकड़ा। बता दें कि नई दिल्ली को 20 जोन में बांटा गया था और स्टेडियमों में डिटेंशन सेंटर बनाए गए थे। पुलिस सूत्रों के अनुसार, कनॉट प्लेस में हिरासत में लिए गए लोगों की संख्या लगभग 200 थी।

मुंबई से आने के बाद CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके और नेता सौरव दास और आशुतोष रांका को हिरासत में ले लिया गया। पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि उसकी कानूनी टीम की प्रमुख रत्ना सिंह और तीन अन्य वकीलों को बिना कारण बताए हिरासत में ले लिया गया। पार्टी ने गुरुग्राम स्थित आवास से ध्रुव राठी को हिरासत में लिए जाने की भी निंदा की।

सुरक्षा के लिए RAF और CRPF की तैनाती

सुरक्षा व्यवस्था में रैपिड एक्शन फोर्स, दिल्ली पुलिस पिंक फोर्स और CRPF शामिल थे। साथ ही मोहन एस्टेट में ड्रोन, मजबूत बैरिकेड्स और स्पाइक स्ट्रिप्स भी तैनात किए गए थे। इस दौरान CJP ने प्रदर्शन में शामिल होने वाले लोगों के लिए 12-सूत्रीय एडवाइजरी जारी कर हिंसा, तोड़फोड़, आगजनी, नफरत फैलाने वाले भाषण और अफवाहों से बचने, आपातकालीन रास्तों को खाली रखने, कानूनी निर्देशों का पालन करने और हिरासत में लिए जाने पर कानूनी सहायता लेने का आग्रह किया है।

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साधना ग्रुप के राकेश गुप्ता को ईडी ने किया गिरफतार, देर रात करीब दो बजे कोर्ट में हुई पेशी

साधना टीवी और अन्य मीडिया नेटवर्क के मालिकाना अधिकार वाले साधना ग्रुप के सीएमडी राकेश गुप्ता को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 168 करोड़ रुपये के मनी लॉन्डरिंग मामले में आज गिरफ्तार कर लिया है। दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने राकेश गुप्ता को ईडी की 7 दिन की रिमांड में देने का आदेश दिया है। प्रवर्तन निदेशालय ने आरोपी से मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूछताछ और कथित हवाला लेनदेन की जांच के लिए हिरासत की मांग की थी।

गुप्ता को शुक्रवार, 9 अक्टूबर, 2026 की रात 10.25 बजे दिल्ली के वसंत कुंज स्थित ईश्वर फार्म्स से गिरफ्तार किया गया था। जांच एजेंसी के मुताबिक, गिरफ्तारी के बाद गुप्ता को 10 अक्टूबर की रात करीब 2:03 बजे ड्यूटी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया। इसके बाद अदालत में रिमांड आवेदन पर सुनवाई हुई। ड्यूटी मजिस्ट्रेट ने कहा कि, गुप्ता की उम्र और दिखाए गए खास कामों को देखते हुए, सात दिन के बजाय पांच दिन की ईडी कस्टडी सही है। अपने आदेश में अतिरिक्त सत्र जज सौरभ प्रताप सिंह लालेर ने कहा कि 63 वर्षीय गुप्ता को 15 अक्टूबर को शाम 4 बजे फिर से अदालत में पेश करना होगा।

क्या है पूरा मामला?

ईडी की जांच मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले पर आधारित है। यह एफआईआर भारतीय न्याय संहिता (BNS) के बजाय भारतीय दंड संहिता (IPC) की विभिन्न धाराओं, 406, 409, 420, 468, 471, 477A और 120-B, के तहत दर्ज की गई थी। इनमें धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, जालसाजी और आपराधिक साजिश से संबंधित आरोप शामिल हैं। जांच एजेंसी का आरोप है कि गुप्ता ने साधना ग्रुप की कंपनी साधना मीडिया प्राइवेट लिमिटेड (SMPL) को दिवालिया प्रक्रिया में पहुंचाने की साजिश रची।

संबंधित लेनदारों के पास कंपनी की 99.41% हिस्सेदारी होने के बावजूद कंपनी को दिवालिया प्रक्रिया में धकेला गया। जांच अधिकारी के अनुसार, इस प्रक्रिया के कारण करीब 110.10 करोड़ रुपये का आयकर मांग का भुगतान नहीं हुआ। वहीं, आरोपी पर SMPL और Aryan TV के दोबारा बिक्री सौदों के जरिए 2.50 करोड़ से 2.82 करोड़ रुपये नकद प्राप्त करने का आरोप है। एजेंसी का दावा है कि इससे जुड़ी रकम का इस्तेमाल कनेक्टेड कंपनियों को भुगतान करने में किया गया।

ईडी ने क्यों मांगी हिरासत?

ईडी ने अदालत को बताया कि आरोपी से पूछताछ के दौरान कई अहम पहलुओं की जांच करनी है। इनमें कथित हवाला के जरिए भेजी गई रकम, शार्पलाइन ब्रॉडकास्ट लिमिटेड में रखे गए 2.99 करोड़ रुपये और सरोज कंस्ट्रक्शन एंड ग्राफिक्स को कथित तौर पर देय 8.98 करोड़ रुपये शामिल हैं। जांच एजेंसी के मुताबिक, आरोपी के iPhone 13 Pro और iPad Pro से मिले डेटा की जांच के साथ-साथ सह-आरोपियों के बयानों का भी विश्लेषण करना है। एजेंसी दुबई और सिडनी में टेलीकास्ट की रसीदों, क्रिप्टोकरेंसी/हवाला से जुड़े कथित लेनदेन और गोल मार्केट स्थित कार्यालय में रखे बैंक बुक व डीमैट रिकॉर्ड की जांच करना चाहती है। जांच एजेंसी ने अदालत को यह भी बताया कि गवाह आरोपी के कर्मचारी और रिश्तेदार हैं, इसलिए गवाहों को प्रभावित किए जाने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

आरोपी के वकील की दलील

आरोपी के वकील ने रिमांड का विरोध करते हुए कहा कि गिरफ्तारी दिल्ली में हुई, जबकि आरोपी को कौशांबी, गाजियाबाद स्थित कैंप कार्यालय में पेश किया गया। बचाव पक्ष ने आयकर विभाग की शिकायत नहीं होने और संबंधित कर मांग के भुगतान का भी हवाला दिया। हालांकि, अदालत ने गिरफ्तारी से जुड़े दस्तावेजों, गिरफ्तारी के आधार और अन्य रिकॉर्ड की जांच की। आदेश में कहा गया कि गिरफ्तारी के आधार लिखित रूप में दिए गए थे और आरोपी को उनकी जानकारी दी गई थी। अदालत ने यह भी दर्ज किया कि गिरफ्तारी मेमो पर दो गवाहों के हस्ताक्षर थे और आरोपी के बेटे गौरव गुप्ता को गिरफ्तारी की सूचना दी गई थी।

Delhi Protest: ‘गिरफ्तार होने ही आया हूं…’, अभिजीत दीपके हिरासत में; IGI एयरपोर्ट पर प्लेन में घुसी दिल्ली पुलिस

जंतर-मंतर विरोध-प्रदर्शन के बीच अभिजीत दीपके की दादी का निधन, अभी हिरासत में हैं CJP फाउंडर

मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने शनिवार, 10 अक्टूबर को राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध-प्रदर्शन का आह्वान किया है। इस बीच खबर है कि CJP के फाउंडर अभिजीत दीपके की दादी का उनके पैतृक गांव में निधन हो गया। वह पिछले कुछ दिनों से बीमार थीं। दीपके इस विरोध-प्रदर्शन के लिए मुंबह से दिल्ली आए हैं।

दिल्ली पुलिस ने अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को राष्ट्रीय राजधानी में उनका प्लेन उतरते ही हिरासत में ले लिया। दीपके का पैतृक गांव महाराष्ट्र के हिंगोली जिले में संतुक पिंपरी है। दीपके का परिवार छत्रपति संभाजीनगर में रहता है। लेकिन दादी पैतृक गांव में ही रह रही थीं और शनिवार सुबह वहीं उनका निधन हो गया। वह पिछले कुछ दिनों से बीमार थीं।

दीपके के माता-पिता हिंगोली जाने की तैयारी कर रहे हैं, लेकिन यह अभी साफ नहीं है कि दादी के निधन के बाद दिल्ली पुलिस दीपके को उनके पैतृक गांव जाने की इजाजत कब देगी। CJP ने एक बयान जारी कर अभिजीत दीपके को हिरासत में लिए जाने की निंदा की है। दावा किया कि है यह उसके नेताओं को प्रस्तावित प्रदर्शन स्थल तक पहुंचने से रोकने के लिए पहले से बनाई गई योजना का हिस्सा है।

CJP ने कहा है कि जब तक दीपके, दास और रांका हिरासत में रहेंगे, तब तक पार्टी के संगठन प्रभारी अजिंक्य शिंदे जंतर-मंतर पर प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व करेंगे। CEC ज्ञानेश कुमार पर मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की आड़ में मतदाता सूचियों में गड़बड़ी करने का आरोप लगा है। साथ ही वोटर रजिस्ट्रेशन के दस्तावेज ‘फॉर्म 6’ में बदलाव के लिए दो सहयोगी निर्वाचन आयुक्तों की आपत्ति को दरकिनार करने के आरोप भी हैं।

आकाशवाणी भवन के निकट पुलिस पर पथराव, दो पुलिसकर्मी घायल

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, CJP के प्रदर्शन के दौरान शनिवार को प्रदर्शनकारियों ने अवरोधकों को लांघने के बाद आकाशवाणी भवन के निकट इम्तियाज अली मार्ग पर सुरक्षाकर्मियों पर कथित तौर पर पथराव किया। इसमें दो पुलिसकर्मी घायल हो गए। दोपहर में 25 से 30 प्रदर्शनकारियों ने इम्तियाज अली मार्ग पर लगे अवरोधकों को पार कर सुरक्षाकर्मियों पर पथराव किया। इस दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है और कार्रवाई के दौरान दो पुलिसकर्मी घायल हुए हैं।

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन शनिवार सुबह साढ़े 10 बजे शुरू होना था, लेकिन पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवानों ने प्रदर्शनकारियों को तय स्थल तक पहुंचने से रोक दिया। नई दिल्ली जिले में निषेधाज्ञा लागू है। कनॉट प्लेस सहित कई स्थानों से कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है, जबकि कई अन्य को लौटा दिया गया। इससे पहले पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया था और जंतर-मंतर के पास किसी भी जमावड़े को रोकने के लिए प्रमुख चौराहों व संपर्क मार्गों पर पुलिसबल तैनात कर दिया।

सीजेपी के प्रदर्शन पर पुलिस की सख्त कार्रवाई, कई नेता हिरासत में

कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे सहित अन्य मांगों में शनिवार को राजधानी दिल्ली के जंतर मंतर पर पहुंचने की आशंका को देखते हुए दिल्ली पुलिस तथा अन्य सुरक्षा बलों ने कड़ी कार्रवाई करते हुए राष्ट्रीय स्तर के कई नेताओं माकपा के एमए बेबी, तृणमूल कांग्रेस की ममता बनर्जी, आम आदमी पार्टी के अरविंद केजरीवाल और सैकड़ों की संख्या में प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया।

जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने इससे पहले कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रमुख नेताओं अभिजीत दीपके, सौरभ दास और आशुतोष रांका को दिल्ली पहुंचने के बाद इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर हिरासत में लिया गया। दिल्ली पुलिस ने बार्डर सहित कई इलाकों में पहरा सख्त करते हुए कई जगह पर बैरिकेडिंग लगा दी और सुबह से ही यातायात पर कड़ी पाबंदियां लागू कर दी गईं।

वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करने और स्थिति पर निगरानी रखने के लिए प्रमुख चौराहों पुलिस बल तैनात किया गया है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने कनॉट प्लेस, मंडी हाउस, जंतर-मंतर, पटेल चौक और मध्य दिल्ली के अन्य हिस्सों में यातायात जाम और रूट डायवर्जन की चेतावनी देते हुए एडवाइजरी जारी की। पुलिस की सख्ती के बावजूद बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जगह जगह पहुंचे। इनमें मिंटो ब्रिज, दिल्ली रेलवे स्टेशन, प्रभावित चौराहों और मार्गों में अशोक रोड-जंतर-मंतर रोड गोल चक्कर, टॉलस्टॉय मार्ग-जनपथ क्रॉसिंग, जय सिंह रोड-संसद मार्ग क्रॉसिंग, रेल भवन गोल चक्कर, गोल डाकखाना और विंडसर प्लेस शामिल हैं।

पुलिस ने सीजेपी संस्थापक सर्वश्री दीपके, दास और रांका को राष्ट्रीय राजधानी में तब हिरासत में ले लिया जब वे मुंबई से यहां आए हवाई जहाज से उतरने वाले थे। दिल्ली पुलिस ने उनको विमान के भीतर से अपनी हिरासत में ले लिया। इस घटना के बाद पार्टी ने सोशल मीडिया पर बताया कि इन नेताओं के हिरासत में लिए जाने के बाद संगठन प्रभारी अजिंक्य शिंदे शनिवार को जंतर-मंतर पर होने वाले प्रदर्शन का नेतृत्व करेंगे।

श्री दीपके ने एक पूर्व रिकार्डेड मैसेज से यह जानकारी देते हुए कहा कि शीर्ष नेतृत्व की हिरासत के बावजूद यह प्रदर्शन जारी रहेगा तथा श्री कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को वापस लेने की मांग पर आंदोलन पूरी दृढ़ता से आगे बढ़ाया जाएगा। इस बीच यह भी जानकारी सामने आई कि श्री दीपके की दादी का निधन हो गया। पार्टी ने एक बयान जारी कर कहा कि नेताओं की इस तरह की गई हिरासत कार्यकर्ताओं के हौसलों को नहीं डिगा सकती और यह लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए एक निर्णायक संघर्ष है।

बयान में कहा गया जब राज्य सत्ता लोकतांत्रिक असंतोष को दबाने के लिए बड़े पैमाने पर गिरफ्तारियों का सहारा लेती है, तो लोकतंत्र को बचाने के लिए जनता को स्वयं कमान संभालनी होगी । इसके अलावा खुफिया एजेंसियों के सूत्रों के अनुसार, शनिवार सुबह एक संयुक्त अभियान के तहत दिल्ली और गुरुग्राम पुलिस ने गुरुग्राम के एक आवासीय फ्लैट से चर्चित यूट्यूबर ध्रुव राठी को हिरासत में लेकर अज्ञात स्थान पर भेज दिया है। श्री राठी ऐसे वीडियोज के लिए जाने जाते हैं जिनमें केंद्र सरकार की कठोर आलोचना की जाती है।

इस विरोध प्रदर्शन को रोकने के लिए मध्य दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों में सुरक्षा बलों और पुलिसकर्मियों को भारी संख्या में तैनात किया गया है। निर्धारित प्रदर्शन स्थल के पास एकत्र हुए प्रदर्शनकारियों को पुलिस द्वारा हिरासत में लेकर बसों में भरकर अन्य स्थानों पर ले जाया गया। सुरक्षा उपायों के तहत दिल्ली पुलिस अधिनियम की धारा 65 के अंतर्गत बड़े पैमाने पर कार्रवाई करते हुए अब तक हजारों लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है। दिल्ली पुलिस ने सीजेपी के इस प्रदर्शन की अनुमति देने से यह कहते हुए इनकार कर दिया था कि पार्टी द्वारा प्रस्तुत सूचना कोई औपचारिक आवेदन नहीं थी, क्योंकि नियमों के अनुसार जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के लिए कम से कम 10 दिन पहले आवेदन देना अनिवार्य होता है।

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने भी सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासन को दिल्ली पुलिस के साथ समन्वय स्थापित करने और राजधानी की ओर प्रदर्शनकारियों के आने को रोकने के लिए एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए थे। एहतियात के तौर पर अधिकारियों ने दिल्ली के कुछ हिस्सों में इंटरनेट सेवाओं पर पाबंदियां लगाई हैं, बाजारों और मेट्रो स्टेशनों को बंद रखने के आदेश दिए हैं तथा शहर में आने वाली कई ट्रेनों को रद्द कर दिया है। दिल्ली के लोकप्रिय दिल्ली हाट से छात्रों की भीड़ का नेतृत्व करने की कोशिश कर रही वामपंथी छात्र नेता नेहा बोरा को भी “सरफ़रोशी की तमन्ना” कविता गाते हुए देर दोपहर हिरासत में ले लिया गया।

ममता बनर्जी और उनके सांसदों और समर्थकों का एक समूह प्रतिबंध का उल्लंघन करने के कारण हिरासत में लिए जाने से पहले अपने साउथ एवेन्यू स्थित आवास के बाहर तख्तियां लेकर धरने पर बैठा था। ममता बनर्जी ने एक पुलिस वाहन में ले जाए जाते समय संवाददाताओं से कहा देश में क्या चल रहा है, सबको पता है । दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी ने शनिवार को विपक्ष पर अपना हमला तेज करते हुए राहुल गांधी और अरविंद केजरीवाल सहित अन्य नेताओं पर देश में तनाव भड़काने की कोशिश करने का आरोप लगाया। भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा कि सरकार उनके द्वारा अशांति भड़काने के प्रयासों से सख्ती से निपटेगी।

उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी नेता बार-बार की चुनावी हार के बाद हताश होकर काम कर रहे हैं और चेतावनी दी कि पार्टी तथा उसके समर्थक उनके इन प्रयासों का विरोध करेंगे। उन्होंने कहा भारत सरकार आपके द्वारा तनाव पैदा करने के लिए किए जा रहे प्रयासों से सख्ती से निपटेगी । कांग्रेस ने सत्तारूढ़ पार्टी और सरकार पर राष्ट्रीय राजधानी को “किले” में तब्दील करने का आरोप लगाया, जिसके तहत पार्टी के महासचिव जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर लिखा राष्ट्रीय राजधानी को एक किले में बदल दिया गया है, जहाँ हर तरफ सशस्त्र सुरक्षाकर्मी तैनात हैं ।कांग्रेस अध्यक्ष एवं राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने मोदी सरकार पर आरोप लगाया है कि सरकार से सवाल करने वालों को हिरासत में लेकर उनकी आवाज दबायी जा रही है और देश को ‘खामोश लोकतंत्र’ में बदला जा रहा है।

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श्री खरगे ने सोशल मीडिया एक्स पर कहा कि युवाओं, छात्रों, वकीलों, पत्रकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, किसान संगठनों के नेताओं, यूट्यूबरों और कंटेंट क्रिएटरों सहित सरकार से सवाल करने वाले सभी लोगों को हिरासत में लिया जा रहा है। उन्होंने कहा “भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की कायरता आज पूरी तरह सामने आ गयी है। हिरासत, गिरफ्तारियां, जेल, लाठियां और पैलेट भी भारत के लोगों को रोक नहीं सकते। स्वतंत्रता संग्राम के समय से ही युवा देश की नियति तय करने में अग्रणी भूमिका निभाते रहे हैं । कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि उनकी पार्टी एकजुट विपक्ष के साथ मिलकर इस तानाशाही शासन के खिलाफ पूरी ताकत से लड़ती रहेगी। भारत की आजादी के लिए खून बहाने वाली कांग्रेस लोकतंत्र, संविधान और प्रत्येक भारतीय के मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगी। समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुये कहा कि जनता की आवाज को ताकत के बल पर दबाने की कोशिश सरकार की बड़ी भूल साबित होगी।

श्री यादव ने ‘एक्स’ पर कहा किसी के रोकने से नहीं रुकेगा, अब दिल्ली में देश जुटेगा । उन्होंने कहा कि देश की युवा ऊर्जा उनके साथ है। भाजपा सरकार अगर यह समझ रही है कि वह ताकत के बल पर जनता को रोक लेगी, तो यह उसकी और भी बड़ी भूल साबित होगी। श्री यादव ने कहा कि ‘जंतर-मंतर’ अब केवल एक जगह का नाम नहीं, बल्कि नई चेतना और जागरण का प्रतीक बन गया है। पुलिस ने सुबह ही जंतर-मंतर पर आयोजित प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के शीर्ष नेताओं समेत कई नेताओं को हिरासत में ले लिया। हिरासत में लिए गए नेताओं में माकपा महासचिव एमए बेबी, पूर्व मुख्यमंत्री एवं केरलम विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष पिनराई विजयन, केरलम के पूर्व वित्त मंत्री केएन. बालगोपाल, राज्यसभा सांसद जॉन ब्रिटास, मणिकंतन वी. गोविंदान, श्रीमती, वृंदा करात, के के शैलजा और पी राजीव शामिल हैं।

श्रीमती करात ने फेसबुक पेज पर लिखा मोदी और उनकी सरकार को यह समझ लेना चाहिए कि भारत के लोग उठ खड़े हुए हैं और वे उन्हें रोक नहीं सकते। दिल्ली का दिल उसके सभी लोगों का है। ये दबाने वाले तरीके हमें नहीं रोक पाएंगे! चलो जंतर-मंतर की ओर!”

केरलम भवन से बाहर निकलते ही पुलिस ने वामपंथी नेताओं को जंतर-मंतर की ओर मार्च करने से रोक दिया और उन्हें हिरासत में ले लिया। शुरुआत में पुलिस ने श्री विजयन, श्री ब्रिटास और श्री केएन बालगोपाल को छोड़कर अन्य नेताओं को हिरासत में लिया था लेकिन जब ये तीनों नेता जंतर-मंतर की ओर बढ़ने लगे तो पुलिस के साथ उनकी तीखी बहस हुई और पुलिस ने उन्हें भी हिरासत में ले लिया। हिरासत में लिए जाने के दौरान मीडिया से बात करते हुए श्री विजयन ने इस कार्रवाई को ‘लोकतंत्र की हत्या’ करार दिया। उन्होंने कहा कि नागरिकों से उनकी सरकार चुनने का अधिकार छीना जा रहा है और 13 करोड़ से अधिक मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह काम मुख्य चुनाव आयुक्त ने सरकार के इशारे पर किया है और सरकार अब उन्हें बचाने के लिए गैर-कानूनी तरीके अपना रही है लेकिन यह विरोध आज खत्म नहीं होगा। श्री विजयन ने कहा कि भारत देश कोई पुलिस राज्य नहीं, बल्कि एक लोकतांत्रिक देश है और सत्ताधारी दल के मन में लोकतंत्र के प्रति कोई सम्मान न होने के कारण ऐसी कार्रवाई की जा रही है।

वहीं, सांसद जॉन ब्रिटास ने स्पष्ट किया कि वे किसी भी दबाव के आगे नहीं झुकेंगे। इसी बीच, सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने सुप्रीम कोर्ट क्षेत्र में शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान वकीलों के खिलाफ बल प्रयोग किए जाने और उनकी हिरासत की खबरों पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। एसोसिएशन ने विशेष रूप से महिला अधिवक्ताओं सहित वरिष्ठ और युवा वकीलों की कथित हिरासत का मुद्दा उठाया है। उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत को दिए गए एक ज्ञापन में एसोसिएशन ने हस्तक्षेप की मांग करते हुए हिरासत में लिए गए वकीलों की सुरक्षा और उनके ठिकाने का पता लगाने का आग्रह किया है। इसके साथ ही, बिना किसी कानूनी आधार के रोके गए वकीलों को तत्काल कानूनी सहायता प्रदान करने, उनकी रिहाई सुनिश्चित करने और पूरी घटना की निष्पक्ष जांच के बाद उचित कानूनी कार्रवाई करने की मांग की गई है।

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने जा रहे आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल समेत पार्टी के कई नेताओं को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया है। हिरासत में लिए गए नेताओं में आप के राज्यसभा सांसद संजय सिंह, दिल्ली के पूर्व मंत्री सौरभ भारद्वाज और विधायक दुर्गेश पाठक भी शामिल हैं।आप विधायक कुलदीप कुमार ने आज दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि अरविंद केजरीवाल और आप सांसद संजय सिंह को पुलिस मोदी सरकार के आदेश पर हिरासत में लेकर जा रही है। उन्होंने कहा कि पार्टी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन करने पहुंच रही थी और इसी दौरान पुलिस ने नेताओं को हिरासत में लिया।

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केटी जकारिया व्हाइट हाउस की नई प्रेस सेक्रेटरी बनीं:ट्रम्प बोले- वे मेरी वफादर; 7 बार से इस पद पर महिला चुनी गईं

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने केटी जकारिया को व्हाइट हाउस का नया सेक्रेटरी बनाया है। उन्होंने कैरोलिन लेविट की जगह ली है, जिन्होंने अगस्त में यह पद छोड़ दिया था। 41 साल की जकारिया वकील रह चुकी हैं और फिलहाल ट्रम्प मीडिया एंड टेक्नोलॉजी ग्रुप में सलाहकार हैं। यह कंपनी ट्रम्प के सोशल मीडिया मंच ट्रुथ सोशल को चलाती है। ट्रम्प ने शुक्रवार को उनकी नियुक्ति का ऐलान करते हुए कहा कि वह उनकी बहुत वफादार हैं और उनका रिकॉर्ड बेदाग है। केटी जकारिया से पहले लगातार 6 महिलाएं इस पद की जिम्मेदारी संभाल चुकी हैं। आखिरी पुरुष प्रेस सेक्रेटरी शॉन स्पाइसर थे, जिन्होंने 2017 में ट्रम्प के पहले कार्यकाल की शुरुआत में यह पद संभाला था। ट्रम्प ने TV पर देखकर पसंद किया था 42 साल की केटी जकारिया कैलिफोर्निया से हैं और उनके चार बच्चे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रम्प ने जकारिया को टीवी पर देखने के बाद पसंद किया। जकारिया एक्सपर्ट के रूप में लगातार टीवी पर आती रही हैं। ट्रम्प TV पर उनके बात रखने के अंदाज से काफी प्रभावित हुए थे। ट्रम्प ने यह फैसला लेने से पहले अपने कई करीबी सलाहकारों से बात की थी। इनमें पूर्व प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिना लेविट भी शामिल थीं। लेविट ने अपने दूसरे बच्चे को जन्म देने के बाद अगस्त के आखिर में प्रशासन छोड़ दिया था। उनकी जगह लेने के लिए CNN के कंजर्वेटिव कमेंटेटर स्कॉट जेनिंग्स, ट्रम्प की पूर्व वकील अलीना हब्बा और डिप्टी प्रेस सेक्रेटरी एना केली के नाम भी चर्चा में थे। पिछले कार्यकाल में ट्रम्प के 4 प्रेस सेक्रेटरी रहे ट्रम्प के पहले कार्यकाल के दौरान चार लोगों ने व्हाइट हाउस के प्रेस सेक्रेटरी का पद संभाला था। सबसे पहली सीन स्पाइसर को छह महीने बाद ही पद से हटा दिया गया था। उन्होंने 2017 में ट्रम्प के शपथ ग्रहण समारोह को सबसे ज्यादा देखे जाने का झूठा दावा किया था। इसके बाद साराह सैंडर्स ने पद संभाला। ट्रम्प ने उनके काम की काफी तारीफ भी की। स्टेफनी ग्रिशम तीसरी प्रेस सेक्रेटरी बनीं, जिन्होंने ट्रम्प के कहने पर कभी प्रेस ब्रीफिंग नहीं की। 6 जनवरी 2021 को ट्रम्प समर्थकों के व्हाइट हाउस घेराव के बाद ग्रिसम ने पद छोड़ दिया था। अब ग्रिशम ट्रम्प विरोधी हैं। कैली मैकनेनी ट्रम्प कार्यकाल में व्हाइट हाउस की आखिरी प्रेस सेक्रेटरी रही। अब वे फॉक्स न्यूज के लिए काम करती हैं।

मैथ्यू हम्फ्रीज नामीबिया वनडे दौरे के लिए आयरलैंड टीम में लौटे

अगले साल होने वाले वर्ल्ड कप क्वालिफ़ायर की तैयारी के तहत, आयरलैंड इस महीने के आखिर में पांच वनडे मैचों की सीरीज के लिए नामीबिया का दौरा करेगा। इसके लिए आयरलैंड ने अपनी टीम में बाएं हाथ के स्पिनर मैथ्यू हम्फ्रीज को शामिल किया है।

आयरलैंड पिछली दो 50-ओवर की वर्ल्ड कप प्रतियोगिताओं में जगह नहीं बना पाया था, लेकिन 2027 वर्ल्ड कप में उपलब्ध चार जगहों में से एक पर कब्ज़ा करने के इरादे से, वह अगले साल फरवरी-मार्च में 10 टीमों वाले क्वालिफ़ायर के लिए दक्षिण अफ्रीका और नामीबिया का दौरा करेगा। आयरलैंड ने नामीबिया और जिम्बाब्वे दौरे के लिए अपनी टीमें की घोषणा कर दी है।

सीनियर टीम विंडहोक में पांच वनडे मैच खेलेगी। इसके बाद, आयरलैंड वॉल्व्स की टीम (जिसमें कई खिलाड़ी वही होंगे) नवंबर में जिम्बाब्वे का दौरा करेगी, जहां वे दो चार-दिवसीय और पांच वनडे मैच खेलेंगे। यरलैंड ने पहले कभी नामीबिया के खिलाफ पुरुषों का वनडे मैच नहीं खेला है। हाल ही में शारजाह में हुए 2021 टी-20 वर्ल्ड कप में उनका सामना नामीबिया से एक अंतरराष्ट्रीय मैच में हुआ था।

आयरलैंड के हाई-परफॉर्मेंस डायरेक्टर ग्रीम वेस्ट ने एक बयान में कहा, “ये दौरे हमारे खिलाड़ियों को वहां के हालात और संभावित प्रतिद्वंद्वियों को समझने का शानदार मौका देते हैं।”

अगस्त में आयरलैंड को अपने घरेलू मैदान पर अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज में 4-0 से हार का सामना करना पड़ा था, लेकिन नामीबिया दौरे के लिए चयनकर्ताओं ने लगभग वही टीम चुनी है। एकमात्र बदलाव बाएं हाथ के स्पिनर मैथ्यू हम्फ्रीज को शामिल किया है। टी-20 अंतरराष्ट्रीय में सफल होने के बावजूद उन्होंने फरवरी 2025 के बाद से कोई वनडे मैच नहीं खेला है।

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क्रिकेट आयरलैंड और एमिरेट्स क्रिकेट बोर्ड के बीच हुए समझौते के तहत, हाल ही में आईएल टी-20 नीलामी में आयरलैंड के छह खिलाड़ियों – लोर्कन टकर, हैरी टेक्टर, रॉस और मार्क अडायर, कर्टिस कैम्फर और जॉर्ज डॉकरेल – को चुना गया था। यह टूर्नामेंट 21 नवंबर से शुरू होने वाला है।

एंडी बालबर्नी और एंडी मैकब्राइन को छोड़कर, नामीबिया वनडे सीरीज वाली टीम के बाकी खिलाड़ी वॉल्व्स दौरे के लिए जिम्बाब्वे जाएंगे। मार्क अडायर भी रेड-बॉल वाले हिस्से के लिए टीम में शामिल होंगे, जबकि आईएल टी-20 में खेलने वाले बाकी पांच खिलाड़ी यूएई जाने से पहले थोड़ा आराम करेंगे।

आयरलैंड पुरुष टीम का नामीबिया दौरा:

स्क्वाड: मार्क अडायर, एंड्रयू बालबर्नी, बेन कैलिट्ज़, कर्टिस कैम्फर, केड कारमाइकल, जॉर्ज डॉकरेल, गैविन होए, मैथ्यू हम्फ्रीज़, एंडी मैकब्राइन, लियाम मैकार्थी, बायरन मैकडोनो, जय मूंद्रा, जॉर्डन नील, पॉल स्टर्लिंग (कप्तान), हैरी टेक्टर, लोर्कन टकर (उप-कप्तान/विकेटकीपर)

आयरलैंड वॉल्व्स का ज़िम्बाब्वे दौरा:

स्क्वाड: मार्क अडायर (सिर्फ़ रेड-बॉल), बेन कैलिट्ज़, केड कारमाइकल, डेविड डेलानी (सिर्फ़ व्हाइट-बॉल), गैरेथ डेलानी (सिर्फ़ व्हाइट-बॉल), क्रिस डीफ्रीटस, स्टीफन डोहेनी, जेक ईगन (सिर्फ़ रेड-बॉल), मैथ्यू हॉलार्ड, गैविन होए, मैथ्यू हम्फ्रीज़, जोश लिटिल (सिर्फ़ व्हाइट-बॉल), लियाम मैकार्थी, बायरन मैकडोनो, जय मूंद्रा, जॉर्डन नील, टिम टेक्टर, रूबेन विल्सन (सिर्फ़ रेड-बॉल)।

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