भारत में विदेशी निवेश लाने के लिए सरकार ने पेश किया बिल, विदेशी निवेशकों को मिलेगी बड़ी राहत

भारत में विदेशी निवेश लाने के लिए सरकार ने संसद में बिल पेश किया है। सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक विदेशी निवेशकों और ग्लोबल इनवेस्टमेंट फंड को बड़ी राहत दी गई है। REIT और InvIT निवेशकों को भी बड़ा रिलीफ दिया गया है। इस पर ज्यादा जानकारी देते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के इकोनॉमिक पॉलिसी एडिटर लक्ष्मण रॉय ने सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अधार पर कहा कि संसद में टैक्स से जुड़ा Taxation And Other Laws (Amendment) बिल पेश किया गया है।

सूत्रों के मुताबिक FM की ओर से पेश बिल 3 थीम पर आधारित है। ये तीन थीम हैं FDI, मेक इन इंडिया और ईज ऑफ डूईंग बिजनेस। इसके तहत ग्लोबल इनवेस्टमेंट फंड निवेश शर्तों में कटौती का प्रस्ताव है। केवल दुरुपयोग रोकने के प्रावधान बिल में शामिल है। इसमें FPIs टैक्स से जुड़े स्पष्ट और स्थायी प्रावधान हैं। इसके तहत ग्लोबल फंड मैनेजर भारत में अपना फंड रीलोकेट कर सकेंगे।

इस बिल में REIT और InvIT निवेशकों को बड़ी राहत दी गई है। REIT-InvIT डिविडेंड पर टैक्स छूट जारी रहेगी। नई टैक्स व्यवस्था में भी टैक्स-फ्री डिविडेंड का प्रावधान है। अब टैक्स रिजीम बदलने से निवेशकों पर असर नहीं। सरकार का जोर छोटे निवेशकों के हित की रक्षा पर है। डेटा सेंटर सेक्टर को बड़ी टैक्स राहत देने की तैयारी है। डेटा सेंटर के लिए मंजूरी प्रक्रिया आसान होगी। सरकारी मंजूरी की कई शर्तें खत्म होंगी।

इसके अलावा सरकार ने टैक्सेशन एंड अदर लॉज़ (अमेंडमेंट) बिल के तहत,भारत में मौजूद इलेक्ट्रॉनिक्स कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरर्स को कैपिटल गुड्स,इक्विपमेंट और टूलिंग सप्लाई करने वाली विदेशी कंपनियों के लिए टैक्स छूट को FY31 से FY41 तक एक दशक तक बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है।

इस बिल के जरिए इनकम-टैक्स एक्ट,2025 के शेड्यूल IV में बदलाव किया जाएगा। जिसके तहत कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरर को कैपिटल गुड्स,इक्विपमेंट या टूलिंग देने वाली विदेशी कंपनियों को संबंधित इनकम पर टैक्स से छूट मिलती है,बशर्ते कंपनी के बनाए गए प्रोडक्टस भारत में ही इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग में इस्तेमाल हों।

 

Restaurant Brands का शेयर बना रॉकेट, 18% दौड़ा, क्या यह है खरीदारी का सही समय?

Restaurant Brands Asia Share Price: बर्गर किंग इंडिया की पैरेंट कंपनी रेस्टोरेंट ब्रांड्स एशिया (Restaurant Brands Asia) के शेयरों में मंगलवार 4 अगस्त को तेज छलांग लगाते नजर आए। शेयर इंट्राडे में 19 फीसदी से ज्यादा चढ़ा। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर, रेस्टोरेंट ब्रांड्स एशिया के शेयर की कीमत ₹84 के दिन के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई, जो पिछले क्लोजिंग प्राइस ₹70.76 से 18.56% ज़्यादा है। इस क्विक-सर्विस रेस्टोरेंट (QSR) स्टॉक में इस साल अब तक 28% की बढ़त हुई है।

शेयर में आज की तेज़ी इस स्मॉल-कैप स्टॉक को उसके 52-हफ़्ते के उच्चतम स्तर ₹87.65 के करीब ले आई है, जो पिछले साल सितंबर में बना था। वहीं, इसका 52-हफ़्ते का निचला स्तर ₹57.15 है।

कैसे रहे Q1 नतीजे

जून 2026 को समाप्त तिमाही के लिए, कंपनी ने ₹28.3 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट लॉस दर्ज किया, जबकि एक साल पहले इसी अवधि में यह नुकसान ₹48 करोड़ था। मैनेजमेंट ने कहा कि वे प्राइसिंग ऑप्टिमाइज़ेशन, मेन्यू में नए बदलाव और फिक्स्ड कॉस्ट (जिसमें यूटिलिटीज़ भी शामिल हैं) पर बेहतर नियंत्रण के ज़रिए मुनाफा बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।

इस बीच, समीक्षाधीन तिमाही के दौरान कंपनी के रेवेन्यू में साल-दर-साल (Y-o-Y) 18% की बढ़त हुई और यह ₹822.6 करोड़ हो गया। इसकी मुख्य वजह भारत के कारोबार में मज़बूत प्रदर्शन था, जबकि इंडोनेशिया का कारोबार कुल ग्रोथ पर दबाव डालता रहा।

कंपनी ने 13% की इंडस्ट्री-लीडिंग सेम-स्टोर सेल्स ग्रोथ (SSSG) बनाए रखी। इसे डाइन-इन और डिलीवरी दोनों चैनलों पर अच्छी मांग और वैल्यू ऑफरिंग से मदद मिली।

इसने Q1 में नौ स्टोर जोड़े और FY27 में 80 स्टोर खोलने की अपनी योजना को दोहराया। इंडोनेशिया में, इसकी टर्नअराउंड स्ट्रैटेजी पर काम चल रहा है और RBA लागत पर बेहतर नियंत्रण और ऑपरेशनल सुधारों के ज़रिए नुकसान कम करने पर ध्यान दे रही है।

क्या यह है खरीदारी की सही समय

घरेलू ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज (MOFSL) इस शेयर को लेकर पॉजिटिव बनी हुई है। कंपनी ने बेहतर मार्जिन को देखते हुए FY27 के लिए EBITDA (ब्याज, टैक्स, डेप्रिसिएशन और अमॉर्टाइजेशन से पहले की कमाई) के अनुमान को 5% और FY28 के लिए 8% बढ़ा दिया है।

MOFSL का कहना है कि जैसे-जैसे और स्टोर मैच्योर होंगे और नेटवर्क में नए आउटलेट्स का योगदान बेहतर होगा, उनसे मार्जिन रिकवरी में मदद मिलने की उम्मीद है। कंपनी को उम्मीद है कि इंडोनेशियाई बिजनेस में धीरे-धीरे सुधार होगा क्योंकि कंपनी ने खराब प्रदर्शन करने वाले स्टोर बंद करके अपने पोर्टफोलियो को बेहतर बनाया है। हालांकि, उसे उम्मीद है कि इंडोनेशिया में निकट भविष्य में चुनौतियां बनी रहेंगी।

ब्रोकरेज ने 125 रुपये के टारगेट प्राइस के साथ अपनी ‘BUY’ रेटिंग को दोहराया है, जो पिछले क्लोजिंग प्राइस से 75% की बढ़त का संकेत है।

Stock Market Live Update: सेंसेक्स 160 अंक टूटा, निफ्टी 24500 के नीचे, स्मॉलकैप शेयरों में तेजी

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Silver Price Today: फिर महंगी हुई चांदी, सावन के दूसरे दिन चढ़ा भाव, खरीदारी से पहले जान लें आपके अपने शहर के लेटेस्ट रेट

Silver Price Today: हफ्ते के दूसरे दिन चांदी की कीमतों में तेजी देखने को मिली। आज दिल्ली में चांदी का भाव ₹235 प्रति ग्राम और ₹2,35,000 प्रति किलोग्राम है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी का वायदा भाव 2630 रुपये चढ़कर 219477 पर ट्रेड कर रहा है जबकि पिछले कारोबारी सत्र में यह 2,16,746 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई थी।

ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के अनुसार दिल्ली में चांदी की कीमत बढ़कर 2,26,500 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी टैक्स सहित) हो गई। उधर गुडरिटर्न्स के मुताबिक 2,35,000 रुपये प्रति किलो पर है।

इंटरनेशनल मार्केट में कैसी है चाल

इंटरनेशनल मार्केट में भी सोने-चांदी की कीमतों में बढ़त बनी हुई है। कॉमैक्स पर चांदी भी 1.80 फीसदी चढ़कर 58.895 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड कर रहा है। सोने का भाव 0.53 फीसदी चढ़कर 4112 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा है।

चांदी के भाव में किस वजह से आई तेजी?

सोमवार के कारोबार में चांदी की कीमतों में तेजी देखने को मिली। कमजोर अमेरिकी डॉलर और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी के बाद निवेशकों ने इन मेटल्स में खरीदारी बढ़ाई, जिससे चांदी को भी सहारा मिला है। अमेरिकी डॉलर मिड जून के बाद अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया। साथ ही, जापानी येन को मजबूत करने के लिए अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद डॉलर पर दबाव बढ़ा, जिससे सोना और चांदी जैसी मेटल्स की मांग में इजाफा देखने को मिला।

अगर आप चांदी खरीदने की सोच रहे हैं, तो यहां जान लीजिए आपके अपने शहर का ताजा भाव

भारत के शहरों में चांदी के ताजा भाव

शहर10 ग्राम चांदी का भाव100 ग्राम चांदी का भाव1 किलो चांदी का भाव
दिल्ली₹2,350₹23,500₹2,35,000
कोलकाता₹2,350₹23,500₹2,35,000
मुंबई₹2,350₹23,500₹2,35,000
चेन्नई₹2,350₹23,500₹2,35,000
पटना₹2,350₹23,500₹2,35,000
लखनऊ₹2,350₹23,500₹2,35,000
मेरठ₹2,350₹23,500₹2,35,000
अयोध्या₹2,350₹23,500₹2,35,000
कानपुर₹2,350₹23,500₹2,35,000
गाजियाबाद₹2,350₹23,500₹2,35,000
नोएडा₹2,350₹23,500₹2,35,000
गुरुग्राम₹2,350₹23,500₹2,35,000
चंडीगढ़₹2,350₹23,500₹2,35,000
जयपुर₹2,350₹23,500₹2,35,000
लुधियाना₹2,350₹23,500₹2,35,000
गुवाहाटी₹2,350₹23,500₹2,35,000
इंदौर₹2,350₹23,500₹2,35,000
अहमदाबाद₹2,350₹23,500₹2,35,000
सूरत₹2,350₹23,500₹2,35,000
वडोदरा₹2,350₹23,500₹2,35,000
पुणे₹2,350₹23,500₹2,35,000
नागपुर₹2,350₹23,500₹2,35,000
नासिक₹2,350₹23,500₹2,35,000
बैंगलोर₹2,350₹23,500₹2,35,000
भुवनेश्वर₹2,350₹23,500₹2,35,000
रायपुर₹2,350₹23,500₹2,35,000
हैदराबाद₹2,350₹23,500₹2,35,000

 

पिछले दिन क्या रहा भाव

ऑल इंडिया सराफा एसोसिएशन के अनुसार दिल्ली में सोमवार को चांदी की कीमत शुक्रवार के 2,24,700 रुपये प्रति किलोग्राम के क्लोजिंग लेवल से 1,800 रुपये बढ़कर 2,26,500 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी टैक्स सहित) हो गई। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में स्पॉट चांदी की कीमत मामूली रूप से बढ़कर 57.97 डॉलर प्रति औंस हो गई।

क्या कहते है बाजार जानकार

बाजार जानकारों का कहना है कि आगे चलकर, मार्केट का ध्यान फेडरल रिजर्व की पॉलिसी पर रहेगा, जो बुलियन की कीमतों के लिए मुख्य कारक बनी हुई है। निवेशक फेड की ब्याज दरों की दिशा के बारे में नए संकेत पाने के लिए इस हफ्ते के US रोजगार डेटा – (जिसमें ADP रोजगार में बदलाव, नॉन-फार्म पेरोल और बेरोजगारी दर शामिल हैं ) पर भी बारीकी से नज़र रखेंगे। तकनीकी रूप से, MCX गोल्ड के निकट भविष्य में ₹1,42,000 से ₹1,45,000 की रेंज में ट्रेड करने की उम्मीद है।

Gold Silver price: सोने-चांदी की कीमतों में तेजी, जानें बढ़त की क्या है वजह और क्या करें निवेशक

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : ईरान डील की उम्मीद में अमेरिकी बाजारों में कल अच्छी तेजी रही। डाओ रिकॉर्ड ऊंचाई पर बंद हुआ। टेक शेयरों के दम पर नैस्डैक भी 2 फीसदी ऊपर रहा। 10 साल की बॉन्ड यील्ड में हल्की गिरावट आई है। हालांकि एशियाई बाजारों में दबाव है। जापान और कोरिया के बाजार नीचे आए हैं। इधर वीकली एक्सपायरी के दिन गिफ्ट निफ्टी में भी मामूली दबाव के साथ कामकाज हो रहा है।

करेंसी और इक्विटी बाजारों में आज क्या हो रहा है यह जानने के लिए मनीकंट्रोल के साथ बने रहें। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

3 अगस्त को भारतीय इक्विटी मार्केट में लगातार चौथे सेशन में बढ़त रही। निफ्टी 24,700 के ऊपर बंद हुआ। मीडिया स्टॉक्स को छोड़कर सभी सेक्टर्स में बड़े पैमाने पर खरीदारी की वजह से बाजार में तेजी आई। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 544.39 अंक या 0.70 फीसदी बढ़कर 78,639.03 पर और निफ्टी 390.70 अंक या 1.60 फीसदी बढ़कर 24,774.30 पर बंद हुआ। छोटे-मझोले शेयरों में भी खरीदारी दिखी। इसके चलते निफ्टी मिडकैप 100 और स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 1.2% की बढ़त हुई।

गिफ्ट निफ्टी

सुबह 07:25 बजे के आसपास गिफ्ट निफ्टी 23 अंक यानी 0.09 फीसदी की गिरावट के साथ 24,642 के आसपास कारोबार कर रहा था। ये सेंसेक्स-निफ्टी के लिए निगेटिव संकेत है।

एशियाई बाजार

एशियाई शेयर बाजारों में कमजोरी देखने को मिल रही है। जापान के निक्केई में 0.35 फीसदी की कमजोरी देखने को मिल रही है। हालांकि, स्ट्रेट टाइम्स में 0.25 फीसदी की तेजी दिख रही है। हैंग सेंग में 0.57 फीसदी और ताइवानी बाजार में 0.07 फीसदी की कमजोरी दिख रही है। लेकिन कोस्पी में करीब 0.83 फीसदी की बढ़त है। वहीं,शांघाई कंपोजिट में भी 0.08 फीसदी की हल्की बढ़त नजर आ रही है।

अमेरिकी बाजार

जुलाई में अमेरिकी विनिर्माण गतिविधि चार सालों से अधिक समय के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई हैं। जिससे डॉव जोन्स रिकॉर्ड हाई पर बंद हुआ। टेक शेयरों के दम पर नैस्डैक भी 2 फीसदी ऊपर बंद हुआ।

Market cues : हालिया रैली के बाद अब निफ्टी में हल्का कंसोलिडेशन मुमकिन, 24774 के ऊपर जाने पर ही बढ़ेगी तेजी

डॉलर इंडेक्स

येन के मुकाबले डॉलर 0.3% बढ़कर 157.625 येन पर आ गया है। यह पिछले हफ्ते येन को सहारा देने के लिए अमेरिकी और जापानी अधिकारियों के मिलकर किए गए दखल के बाद फिर से मजबूत हुआ है। छह करेंसी के मुकाबले डॉलर की ताकत मापने वाला US डॉलर इंडेक्स पिछले दो महीनों के सबसे निचले लेवल 99.99 के पास दिख रहा है।

US बॉन्ड यील्ड

अमेरिका में 10 ईयर ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड 0.2 बेसिस प्वाइंट बढ़कर 4.684% पर आ गई है।

एशियाई करेंसी

US डॉलर के मुकाबले अधिकांश एशियाई करेंसी नीचे ट्रेड कर रही हैं। साउथ कोरियन वॉन में सबसे ज़्यादा बढ़त हुई है। यह 0.40% बढ़ा है। इसके बाद इंडोनेशियाई रुपिया (+0.14%) और ताइवान डॉलर (+0.07%) का नंबर आता है।

उधर दूसरी तरफ जापानी येन सबसे कमजोर बना हुआ है। यह 0.23% गिरा है। जबकि सिंगापुर डॉलर,थाई बहत,चीनी रेनमिनबी,फिलीपीन पेसो और मलेशियन रिंगित भी नीचे आए हैं।

ईरान के पास सुलह का आखिरी मौका: ट्रंप

US-ईरान बातचीत को लेकर सस्पेंस कायम है। ट्रंप ने कहा है कि नया प्रस्ताव ईरान के पास सुलह का आखिरी मौका है। हलांकि ईरान का किसी भी सीधी बातचीत से इनकार है। ईरान ने कहा है कि हॉर्मूज से जहाजों की आवाजाही के लिए ओमान से बात चल रही है। ब्रेंट $84 के पास दिख रहा है।

CAS के कन्फ्यूजन पर NSE की सफाई

क्लोजिंग ऑक्शन सेसन यानी CAS पर को लेकर कल के कंफ्यूजन पर NSE ने देर रात सफाई जारी की। इसमें कहा गया कि SEBI के नियम के हिसाब से ट्रेडिंग हुई। प्री-ओपन से ज्यादा ट्रेडिंग मेंबर्स और यूनीक PAN से ऑर्डर आए।

आज नॉन रिटेल के लिए खुलेगा LIC का OFS

आज LIC का ऑफर फॉर सेल नॉन रिटेल के लिए खुल रहा है। इसके जरिए सरकार 2.5% हिस्सा बेचेगी। इसमें 4% का अतिरिक्त ग्रीन शू ऑप्शन भी मौजूद है। फ्लोर प्राइस करीब 11 फीसदी डिस्काउंट पर 382 रुपए प्रति शेयर है। OFS से सरकार करीब 31,000 करोड़ रुपए जुटा सकती है।

पेटीएम में आज 2002 करोड़ रुपए की ब्लॉक डील संभव

पेटीएम में आज 2002 करोड़ रुपए की ब्लॉक डील संभव है। शुरुआती निवेशक 2.3% हिस्सा बेच सकते हैं। फ्लोर प्राइस 5% डिस्काउंट पर करीब 1,340 रुपए प्रति शेयर तय की गई है। वहीं MEESHO में 1,900 करोड़ रुपए के बड़े सौदे हो सकते हैं। फ्लोर प्राइस 5% डिस्काउंट पर 182 रुपए प्रति शेयर तय की गई है।

डाबर को FSSAI से झटका

फूड रेगुलेटर FSSAI ने डाबर इंडिया को झटका दिया है। 100% दावों वाले फूड प्रोडक्ट्स की बिक्री तत्काल रोकने का आदेश दिया गया है। गाय का घी, कोकोनट वॉटर,कोकोनट मिल्क जैसे की प्रो़क्ट्स पर एक्शन लिया गया है। FSSAI ने कहा ‘100% Natural’ और ‘100% Pure’ जैसे दावे भ्रामक हैं।

DLF के नतीजे कमजोर,रेवेन्यू और मार्जिन घटा

चौथी तिमाही में DLF के नतीजे कमजोर रहे है। इसका मुनाफा 4 परसेंट बढ़ा है। लेकिन रेवेन्यू में 53 परसेंट की गिरावट दिखी है। मार्जिन पर भी दबाव दिखा है। वहीं KEI इंडस्ट्रीज का प्रॉफिट 40% बढ़ा है। मार्जिन में भी सुधार दिखा है। IREDA के मुनाफे में 37% की बढ़त दिखी है। इसकी ब्याज से होने वाली कमाई में 24% की ग्रोथ दिखी है।

भारती एयरटेल, ONGC के नतीजे आज

निफ्टी में शामिल भारती एयरटेल और ONGC के पहली तिमाही के नतीजे आज आएंगे। भारती एयरटेल का मुनाफा 20% बढ़ सकता है। इसका ARPU 1.5 फीसदी बढ़ सकता है। साथ ही BSE और गोदरेज प्रॉपर्टी समेत वायदा नतीजों की लंबी लिस्ट है जिनका आज इंतजार रहेगा।

डिजिटल पेमेंट पर लगने वाले चार्ज के नियमों में बदलाव हो सकता है। सरकार आज लोकसभा में बिल ला सकती है। FPIs को टैक्स छूट देने वाले अध्यादेश पर भी बिल पेश हो सकता है।

VIDEO: भारत में 30% और स्वीडन में 35% टैक्स देकर क्या मिलता है? युवती ने वीडियो में बताया दोनों देशों में क्या-क्या मिलती है सरकार सुविधा

स्वीडन में रहने वाली भारतीय मूल की एक युवती का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। भारतीय मूल के एक एचआर प्रोफेशनल ने वहां के टैक्स सिस्टम और लोगों को मिलने वाली सरकारी सुविधाओं की तुलना भारत से की है। वीडियो में उसने बताया कि, वहां लोग 30 से 35 प्रतिशत तक टैक्स देते हैं, लेकिन बदले में उन्हें अच्छी स्वास्थ्य सेवाएं, मुफ्त शिक्षा और कई दूसरी सरकारी सुविधाएं मिलती हैं। इस वीडियो के वायरल होने के बाद भारत और स्वीडन के टैक्स सिस्टम और सरकारी सुविधाओं को लेकर सोशल मीडिया पर लोगों के बीच चर्चा शुरू हो गई है।

एचआर प्रोफेशनल और डिजिटल क्रिएटर कृतिका साकोरिया हाल ही में स्वीडन के गोथेनबर्ग शहर में रहने गई हैं। उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर करते हुए बताया कि वहां 30 से 35 प्रतिशत तक इनकम टैक्स देना पड़ता है। इसके बदले लोगों को इतनी अच्छी सरकारी सुविधाएं मिलती हैं।

सरकार कैसे कर रहे पैसों का इस्तेमाल

वीडियो में कृतिका ने लिखा, “30 प्रतिशत टैक्स देना पहली नजर में बहुत ज्यादा लगता है, लेकिन जब आपको रोजमर्रा की जिंदगी में मिलने वाली सुविधाएं दिखाई देती हैं, तब इसकी अहमियत समझ आती है।” उन्होंने अपने वीडियो के कैप्शन में लिखा कि टैक्स को सिर्फ उसकी दर से नहीं, बल्कि उसके बदले मिलने वाली सरकारी सुविधाओं के आधार पर भी देखा जाना चाहिए। इस वीडियो पर उन्होंने लिखा, ‘भारत में 30% टैक्स देने के बाद’ वहीं कुछ देर बाद लिखा, स्वीडन में 35% टैक्स देने के बाद’।

कृतिका ने कहा, “हर देश की अपनी व्यवस्था होती है, लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि टैक्स के बदले लोगों को क्या मिलता है? टैक्स सिर्फ पैसे देने का नाम नहीं है, बल्कि यह भी मायने रखता है कि सरकार उन पैसों का इस्तेमाल समाज के लिए किस तरह करती है।”

 

क्या-क्या मिलती है सुविधाएं

कृतिका ने अपनी पोस्ट में लिखा, “स्वीडन में टैक्स देने के बाद मुझे ऐसी कई सुविधाएं मिलती हैं, जो मेरी रोजमर्रा की जिंदगी को बेहतर और आसान बनाती हैं।” कमेंट सेक्शन में लोगों के सवालों का जवाब देते हुए कृतिका ने बताया कि स्वीडन में टैक्स देने वालों को कई तरह की सुविधाएं मिलती हैं। इनमें कम खर्च में स्वास्थ्य सेवाएं, मुफ्त शिक्षा, माता-पिता के लिए सवेतन अवकाश, सामाजिक सुरक्षा, बच्चों के लिए आर्थिक सहायता, साफ-सुथरे सार्वजनिक स्थान, बेहतर सड़कें और अन्य बुनियादी सुविधाएं शामिल हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वहां लोगों को काम और निजी जीवन के बीच अच्छा संतुलन बनाए रखने का अवसर मिलता है।

लोगों ने किया कमेंट

इस वीडियो के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने भारत के टैक्स सिस्टम और सरकारी सुविधाओं को लेकर जमकर अपनी राय दी। कई यूजर्स ने कृतिका की बात से सहमति जताई। एक यूजर ने लिखा, “कुछ लोग भारत की मौजूदा व्यवस्था का बचाव करने में लगे रहते हैं, लेकिन जब तक कमियां स्वीकार नहीं की जाएंगी, बदलाव संभव नहीं है।” एक यूजर ने लिखा, “अगर वहां बेहतर सुविधाएं मिल रही हैं, तो वहीं रहो और वापस मत आना।” वहीं एक और यूजर ने लिखा, “सिर्फ 30 प्रतिशत नहीं, जीएसटी, सेस और दूसरे टैक्स जोड़ने के बाद लोगों पर टैक्स का बोझ और बढ़ जाता है।”

एक अन्य यूजर ने कहा, “आयकर के अलावा कैपिटल गेन टैक्स, कारों पर टैक्स और पेट्रोल-डीजल पर भारी टैक्स भी देना पड़ता है।” सोशल मीडिया पर लोगों ने कई तरह से कमेंट किए हैं।

(डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर यूज़र द्वारा शेयर किए गए कंटेंट पर आधारित है। मनीकंट्रोल इन दावों की न तो स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है और न ही इनका समर्थन करता है।)

विदेश में पढ़ाई के खर्चे पर अभिजीत दीपके ने बताया सच, कहा अब लोन चुकाना है

Abhijeet Deepke

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने अपनी अमेरिका में पढ़ाई के खर्चे को लेकर उठे सवालों का जवाब देते हुए स्पष्ट किया है कि उनकी बोस्टन यूनिवर्सिटी में एमएस (पब्लिक रिलेशंस) की डिग्री स्कॉलरशिप और एजुकेशन लोन से पूरी हुई। उन्होंने स्कॉलरशिप दस्तावेज भी सार्वजनिक रूप से दिखाने की पेशकश की है।

अभिजीत दीपके ने पत्रकार बरखा दत्त को दिए इंटरव्यू में कहा, “मैं बोस्टन यूनिवर्सिटी से स्कॉलरशिप प्राप्त की थी और बाकी खर्च के लिए एजुकेशन लोन लिया था, जिसे मुझे अभी चुकाना है।” उन्होंने डीन स्कॉलरशिप का दस्तावेज साझा करते हुए बताया कि यूनिवर्सिटी ने उन्हें प्रति सेमेस्टर 12,500 डॉलर की स्कॉलरशिप दी, जो तीन सेमेस्टर के लिए कुल 37,500 डॉलर (लगभग 30 लाख रुपये से अधिक) बनी।
 
विवाद की शुरुआत : विवाद तब शुरू हुआ जब सूरत के आरटीआई कार्यकर्ता अमित तिवारी ने अभिजीत दीपके के पिता भगवानराव दीपके (महाराष्ट्र सरकार के रिटायर्ड जूनियर इंजीनियर) की वित्तीय स्थिति की जांच की मांग की। तिवारी ने सवाल उठाया कि मासिक वेतन लगभग 60-65 हजार रुपए वाले रिटायर्ड कर्मचारी ने अमेरिका जैसी महंगी पढ़ाई का खर्च कैसे उठाया। उन्होंने चुनाव आयोग, इनकम टैक्स विभाग और महाराष्ट्र सरकार को पत्र लिखकर जांच की अपील की थी।

अभिजीत ने इस पर पलटवार करते हुए कहा कि वे अपना स्कॉलरशिप लेटर और एजुकेशन लोन दस्तावेज दिखाने को तैयार हैं। उन्होंने X (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट कर चुनौती दी, “मैं अपना स्कॉलरशिप लेटर और एजुकेशन लोन लेटर दिखाने को तैयार हूं। क्या सम्राट अपना डिग्री दिखाएंगे?” कितना खर्च आया पढ़ाई पर? अमेरिका की बोस्टन यूनिवर्सिटी में पब्लिक रिलेशंस के मास्टर कोर्स पर ट्यूशन फीस, रहन-सहन, स्वास्थ्य बीमा आदि मिलाकर कुल खर्च 30 लाख से 1 करोड़ रुपये तक हो सकता है। अभिजीत की स्कॉलरशिप ने काफी हिस्सा कवर किया, जबकि बाकी लोन से पूरा हुआ। उनके पिता ने पहले भी लोन लेकर बेटे को पढ़ाने की बात कही थी।

CJP की फंडिंग को लेकर भी सवाल : अभिजीत दीपके ने पुणे से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद वे अमेरिका गए और हाल ही में जून 2026 में भारत लौटकर बड़े प्रदर्शन आंदोलन का नेतृत्व किया। CJP की फंडिंग को लेकर भी सवाल उठे हैं, जिस पर उन्होंने क्राउडफंडिंग और पूर्ण पारदर्शिता का वादा किया है।यह मामला सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जहां लोग दीपके के जवाब और RTI कार्यकर्ता के सवालों पर अपनी राय रख रहे हैं। अभिजीत दीपके की स्पष्टता ने कई सवालों के जवाब दिए हैं, लेकिन राजनीतिक और सामाजिक बहस जारी है। अभिजीत दीपके ने बयान दिया है कि पढ़ाई का खर्च स्कॉलरशिप और लोन से हुआ। अब लोन चुकाना है।

बता दें कि अभिजीत दीपके कॉकरोच पार्टी बनाकर चर्चा में आए थे। पार्टी बनाने के बाद उन्‍होंने दिल्‍ली के जंतर मंतर में प्रोटेस्‍ट किया। बाद में ये प्रोटेस्‍ट जेंनजी प्रोटेस्‍ट बन गया। जिसका असर यह हुआ कि नीट पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्‍तीफा देना पडा।